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PM Modi की Saudi Arabia यात्रा 22-23 April को, Strategic Ties और Trade Cooperation पर होगी चर्चा: MEA

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 22-23 अप्रैल 2025 को Saudi Arabia की दो दिवसीय यात्रा पर जाएंगे। यह यात्रा क्राउन प्रिंस और प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन सलमान के निमंत्रण पर हो रही है। यह मोदी जी की सऊदी अरब की तीसरी यात्रा होगी, इससे पहले वे 2016 और 2019 में वहां गए थे।​

🇮🇳 भारत-Saudi Arabia रणनीतिक साझेदारी: एक नया अध्याय

प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा सितंबर 2023 में क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की भारत यात्रा के बाद हो रही है, जब उन्होंने G20 शिखर सम्मेलन में भाग लिया और भारत-सऊदी अरब रणनीतिक साझेदारी परिषद की पहली बैठक की सह-अध्यक्षता की। इस परिषद की स्थापना 2019 में हुई थी, जिसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच ऊर्जा, रक्षा, व्यापार, स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देना है।

प्रमुख एजेंडा: ऊर्जा, सुरक्षा और व्यापार

इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के नेता ऊर्जा सुरक्षा, रक्षा सहयोग, व्यापार और निवेश, स्वास्थ्य देखभाल और खाद्य सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करेंगे। इसके अलावा, भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे (IMEC) की प्रगति पर भी विचार किया जाएगा, जो सितंबर 2023 में G20 शिखर सम्मेलन के दौरान घोषित किया गया था। ​

भारतीय प्रवासी समुदाय की भूमिका

सऊदी अरब में भारतीय प्रवासी समुदाय इस यात्रा को लेकर उत्साहित है। रियाद और जेद्दा में भारतीय समुदाय के संगठनों द्वारा प्रधानमंत्री मोदी के स्वागत के लिए कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इससे पहले, 2024 में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर सऊदी अरब में भारतीय दूतावास और सऊदी खेल मंत्रालय के सहयोग से योग कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जिसमें सऊदी महिला प्रशिक्षकों ने भी भाग लिया था।

आर्थिक संबंधों में वृद्धि

भारत और सऊदी अरब के बीच द्विपक्षीय व्यापार 2022-2023 में $52.8 बिलियन से अधिक रहा। दोनों देश ऊर्जा, पेट्रोलियम भंडारण, नवीकरणीय ऊर्जा, हाइड्रोजन उत्पादन, और डिजिटल कनेक्टिविटी जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा भारत और सऊदी अरब के बीच रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का अवसर प्रदान करेगी। इससे न केवल द्विपक्षीय संबंध मजबूत होंगे, बल्कि क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर भी दोनों देशों की भूमिका सुदृढ़ होगी।

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