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Weather Update: उत्तर भारत में बारिश से राहत, राजस्थान में धूल भरी आंधी का अलर्ट

Weather Update: उत्तर भारत में बदला मौसम का मिजाज, गर्मी से राहत लेकिन राजस्थान में नया खतरा

कई दिनों से भीषण गर्मी और हीटवेव की मार झेल रहे उत्तर भारत के लोगों को आखिरकार राहत मिलने लगी है। राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली और आसपास के कई इलाकों में तेज हवाओं, धूल भरी आंधी और हल्की बारिश ने तापमान में गिरावट दर्ज कराई है। मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के प्रभाव से अगले कुछ दिनों तक मौसम में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। राजस्थान के कई जिलों में शुक्रवार और शनिवार को अचानक मौसम बदला। कई जगहों पर धूल भरी आंधी चली, जबकि कुछ क्षेत्रों में बारिश और बादल छाए रहने से लोगों को तपती गर्मी से राहत मिली। राजस्थान में धूल भरे तूफान ने बढ़ाई चिंता राजस्थान के बीकानेर, चूरू और आसपास के इलाकों में धूल भरे तूफान ने जनजीवन को प्रभावित किया। कई स्थानों पर दृश्यता लगभग शून्य तक पहुंच गई। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में आसमान पीले और काले रंग की धूल से ढका नजर आया। मौसम विभाग ने राज्य के कई हिस्सों में तेज हवाओं, गरज-चमक और बारिश की संभावना जताई है। कुछ जिलों में ओलावृष्टि की भी चेतावनी जारी की गई है। हीटवेव से मिलेगी राहत पिछले सप्ताह राजस्थान के श्रीगंगानगर सहित कई शहरों में तापमान 47 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया था। लेकिन अब बारिश और बादलों की वजह से तापमान में गिरावट देखने को मिल रही है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले 2-3 दिनों में उत्तर-पश्चिम भारत के अधिकांश हिस्सों में हीटवेव का असर कम हो सकता है। IMD ने लोगों को दी ये सलाह किन राज्यों में रहेगा असर? मौसम विभाग के अनुसार राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक तेज हवाएं, गरज-चमक और हल्की से मध्यम बारिश देखने को मिल सकती है।
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E-2 अरेरा कॉलोनी

Clean Bhopal Campaign: E-2 अरेरा कॉलोनी के रहवासियों ने गजानंद पार्क में चलाया स्वच्छता अभियान

भोपाल के E-2 अरेरा कॉलोनी स्थित गजानंद पार्क में E -2 हाउस ओनर्स एसोसियेशन ने स्वच्छता अभियान चलाया। बच्चों, महिलाओं और पुरुषों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लेकर साफ-सफाई का संदेश दिया। भोपाल के E-2 अरेरा कॉलोनी स्थित गजानंद पार्क में रविवार को E -2 हाउस ओनर्स एसोसियेशन द्वारा विशेष स्वच्छता अभियान चलाया गया। इस अभियान में बच्चों, महिलाओं और पुरुषों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हुए पार्क और आसपास के क्षेत्र की सफाई की। E -2 हाउस ओनर्स एसोसियेशन ने साफ-सफाई के साथ लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक भी किया। कॉलोनीवासियों का कहना है कि जनभागीदारी और सामूहिक प्रयासों से ही भोपाल को स्वच्छता में देश का नंबर वन शहर बनाए रखने का लक्ष्य पूरा किया जा सकता है। अभियान के दौरान बच्चों में भी खास उत्साह देखने को मिला। महिलाओं ने स्वच्छता का संदेश देते हुए नियमित रूप से ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने की बात कही। स्थानीय लोगों ने इसे समाज के लिए प्रेरणादायक पहल बताया।
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E85 Petrol, Ethanol Fuel India, E85 Fuel India News, Petrol Ethanol Blend, Flex Fuel Vehicle India, E100 Fuel, Petrol Price India, Biofuel India

अब पेट्रोल में होगा बड़ा बदलाव! गाड़ियां चलेंगी ‘शराब वाले फ्यूल’ से

भारत सरकार ने पेट्रोल में 85% तक एथेनॉल मिलाने (E85 Fuel) का ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी किया है। जानिए इसका आपकी गाड़ी, माइलेज और जेब पर क्या असर पड़ेगा। E85 Petrol: देश में फ्यूल सिस्टम बदलने की तैयारी भारत में अब पेट्रोल का खेल बदलने वाला है। केंद्र सरकार ने पेट्रोल में एथेनॉल की मात्रा बढ़ाकर E85 (85% एथेनॉल + 15% पेट्रोल) करने का बड़ा कदम उठाया है। इसके लिए सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इस प्रस्ताव के तहत न सिर्फ E85 बल्कि E100 (100% एथेनॉल) फ्यूल को भी शामिल करने की तैयारी है, यानी आने वाले समय में गाड़ियां पूरी तरह “अल्कोहल बेस्ड फ्यूल” पर चल सकती हैं। क्या है E85 Fuel? (Simple भाषा में समझें) अब तक देश में E20 लागू हो चुका है, लेकिन सरकार इससे आगे बढ़कर E85 की दिशा में काम कर रही है। सरकार ऐसा क्यों कर रही है? इस फैसले के पीछे कई बड़े कारण हैं: 👉 तेल आयात पर निर्भरता कम करना👉 पेट्रोल खर्च घटाना👉 पर्यावरण को कम नुकसान (कम कार्बन उत्सर्जन)👉किसानों को फायदा (एथेनॉल गन्ना/मक्का से बनता है) भारत पहले ही E20 लक्ष्य हासिल कर चुका है और अब अगला कदम E85 है। क्या आपकी गाड़ी में चलेगा E85? यह सबसे बड़ा सवाल है 👇 ❌ अभी की ज्यादातर गाड़ियां E85 के लिए तैयार नहीं हैं✔ इसके लिए Flex Fuel Vehicles (FFV) चाहिए होंगी✔ कंपनियों को नई टेक्नोलॉजी लानी पड़ेगी यानी तुरंत बदलाव नहीं होगा, लेकिन आने वाले सालों में नई गाड़ियां इस हिसाब से डिजाइन होंगी। क्या होंगे इसके असर? गाड़ियों पर असर पेट्रोल पंप पर बदलाव आपकी जेब पर असर Auto कंपनियों की चिंता भी बढ़ी ऑटो इंडस्ट्री इस बदलाव को लेकर पूरी तरह तैयार नहीं है। कंपनियों का कहना है कि: आगे क्या होगा? E85 Fuel भारत के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है।लेकिन सच यह भी है कि यह बदलाव धीरे-धीरे ही लागू होगा। 👉 अभी के लिए घबराने की जरूरत नहीं👉 लेकिन भविष्य में गाड़ी खरीदते समय “Flex Fuel” जरूर ध्यान में रखें
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Delhi

Delhi Heatwave Alert Temperature पहुँचा 49°C, IMD ने Orange Alert जारी किया

दिल्ली (Delhi) और एनसीआर (NCR) क्षेत्र इन दिनों भीषण गर्मी (Severe Heatwave) की चपेट में है। सोमवार को राजधानी में तापमान (Temperature) का feels-like effect 49 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया गया। इस खतरनाक गर्मी के बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने Orange Alert जारी किया है, जो कम से कम 12 जून तक प्रभाव में रहेगा। Delhi Temperature Updates: गर्मी ने तोड़े रिकॉर्ड Air Quality और Pollution Update Delhi NCR Weather Impact: पड़ोसी जिलों का हाल Relief कब मिलेगी? IMD का Forecast हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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World Environment Day 2025

World Environment Day 2025 भारत ने उठाया बड़ा कदम, थीम है “Plastic Pollution ko Khatam Karo”

5 जून 2025 को World Environment Day 2025 (विश्व पर्यावरण दिवस) के मौके पर भारत समेत पूरी दुनिया में पर्यावरण सुरक्षा को लेकर एक नई चेतना दिखाई दी। इस वर्ष की थीम थी — “Plastic Pollution ko Khatam Karo”, यानी Say No to Single Use Plastic और साफ-सुथरा पर्यावरण अपनाओ। South Korea बना Global Host, पर India भी नहीं रहा पीछे इस साल South Korea ने वर्ल्ड एनवायरनमेंट डे का ग्लोबल आयोजन किया, लेकिन भारत ने भी प्लास्टिक प्रदूषण के खिलाफ जंग में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई। सरकारी कोशिशें: सिंगल यूज़ प्लास्टिक पर बैन और EPR लागू भारत सरकार ने पिछले कुछ सालों में Plastic Waste Management Rules के ज़रिए सिंगल यूज़ प्लास्टिक पर रोक लगाई है। इसके अलावा Extended Producer Responsibility (EPR) लागू की गई है जिससे कंपनियों को उनके बनाए प्लास्टिक प्रोडक्ट्स के निपटान की ज़िम्मेदारी दी गई है। बेंगलुरु से बरेली तक – लोग खुद उठाने लगे हैं ज़िम्मेदार आज के दिन देश के कोने-कोने में छोटे-बड़े इवेंट्स हुए।बेंगलुरु में RWAs ने rainwater harvesting, solar panels और eco-friendly products को अपनाने की मिसाल दी। वहीं उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में स्कूलों, कॉलेजों और NGOs ने प्लास्टिक मुक्त रैलियाँ और सफाई अभियान चलाए। बच्चों और युवाओं का बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेना World Environment Day 2025 में बच्चों ने पौधे लगाए, निबंध प्रतियोगिताएं हुईं और प्रदर्शनी के ज़रिए बताया गया कि कैसे हम छोटे कदमों से बड़े बदलाव ला सकते हैं।युवाओं ने सोशल मीडिया पर campaigns चलाकर प्लास्टिक से होने वाले नुकसान को उजागर किया। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Monsoon

Monsoon Alert 2025: केरल-कर्नाटक में Red Alert Mumbai-Goa-Andhra में Heavy Rain का कहर

भारत में 2025 का मानसून (Monsoon) पूरे जोश में दस्तक दे चुका है और इसका असर अब देशभर में दिखाई दे रहा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने केरल (Kerala) और कर्नाटक (Karnataka) में रेड अलर्ट (Red Alert) जारी किया है, जबकि मुंबई, गोवा और आंध्र प्रदेश समेत कई राज्यों में भारी बारिश (Heavy Rainfall) की चेतावनी दी गई है। आइए जानते हैं किस राज्य में कैसा है मौसम का हाल: Kerala में Monsoon का कहर: 11 जिलों में Red Alert केरल में मानसून की समय से पहले और जबरदस्त शुरुआत के कारण लगातार भारी बारिश हो रही है। Karnataka के Coastal इलाकों में 5 दिन का Red Alert कर्नाटक के तटीय जिलों – Dakshina Kannada और Udupi – में लगातार बारिश से जलभराव और भूस्खलन की स्थिति बनी हुई है। Mumbai में Record बारिश, Flights Cancel 26 मई को मुंबई में रिकॉर्ड 295 मिमी बारिश दर्ज की गई। Goa में भी Red Alert, Flash Flood की चेतावनी IMD ने North Goa में रेड अलर्ट जारी किया है। Andhra Pradesh: Coastal क्षेत्रों में Thunderstorm Alert हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Monsoon 2025

दक्षिण-पश्चिम Monsoon 2025 ने केरल में दी समय से पहले दस्तक Monsoon in Kerala

24 मई 2025: भारत में Monsoon 2025 ने इस साल समय से पहले दस्तक दी है। दक्षिण-पश्चिम Monsoon 2025 ने आज 24 मई को केरल में प्रवेश कर लिया, जो कि सामान्य तिथि 1 जून से 8 दिन पहले है। यह 2009 के बाद सबसे जल्दी मानसून की एंट्री है, जबकि सबसे जल्दी रिकॉर्डेड आगमन 1990 में 19 मई को हुआ था। IMD का अलर्ट: भारी बारिश की चेतावनी भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने केरल और माहे में अत्यधिक भारी वर्षा (Extreme Heavy Rainfall) की चेतावनी जारी की है। अगले 2–3 दिनों में कुछ स्थानों पर 24 घंटे में 205 मिमी से अधिक बारिश हो सकती है। कर्नाटक, तमिलनाडु और लक्षद्वीप में भी Monsoon Rain Alerts जारी किए गए हैं। कृषि के लिए वरदान है समय से पहले Monsoon समय से पहले मानसून का आगमन किसानों के लिए खुशखबरी लेकर आया है। धान, कपास, मक्का, गन्ना, सोयाबीन जैसी प्रमुख फसलों की समय पर बुवाई शुरू हो सकेगी। इससे फसलों की पैदावार और उत्पादकता में इज़ाफा होने की संभावना है। मानसून 2025: सामान्य से अधिक बारिश का पूर्वानुमान IMD के अनुसार, इस वर्ष भारत में औसत से अधिक बारिश (Above Normal Rainfall) होने की संभावना है। पूरे मौसम में 105% LPA (Long Period Average) वर्षा का अनुमान है, ±5% के उतार-चढ़ाव के साथ। राज्य सरकारें अलर्ट मोड पर केरल, कर्नाटक, और तमिलनाडु की सरकारों ने आपदा प्रबंधन बलों को तैयार कर लिया है। भूस्खलन, जलभराव और तेज हवाओं से निपटने के लिए हर जिले में आपातकालीन नियंत्रण कक्ष सक्रिय कर दिए गए हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Conocarpus tree Harmful Effects-भोपाल स्मार्ट सिटी पार्क में लगा ‘खतरनाक’ कॉनोकर्पस पेड़! इंसानी सेहत और पर्यावरण के लिए बड़ा खतरा, तीन राज्यों में पहले ही लग चुका है बैन

भोपाल, देश हरपल।राजधानी भोपाल के श्यामला हिल्स स्थित स्मार्ट सिटी पार्क में लगे पेड़ अब विवाद का कारण बनते जा रहे हैं। यहां बड़े पैमाने पर लगाए गए कॉनोकर्पस (Conocarpus) नामक पेड़ को लेकर विशेषज्ञों ने गंभीर चिंता जताई है। बताया जा रहा है कि यह पेड़ मानव स्वास्थ्य, पर्यावरण और जैव विविधता के लिए बेहद हानिकारक है। यही वजह है कि इस पेड़ को गुजरात, महाराष्ट्र और तेलंगाना जैसे राज्यों में प्रतिबंधित कर दिया गया है। लेकिन भोपाल जैसे शहर में इसे बड़े पैमाने पर लगाया जा रहा है, जो एक बड़ा सवाल खड़ा करता है। क्या है कॉनोकर्पस? कॉनोकर्पस एक विदेशी प्रजाति का पेड़ है, जो मूल रूप से खाड़ी देशों और अमेरिका में पाया जाता है। इसे इसकी तेज़ बढ़त और कम समय में हरियाली देने की क्षमता के कारण भारत के कई हिस्सों में लगाया गया था। परंतु विशेषज्ञों के अनुसार यह केवल दिखावटी हरियाली है, इसकी जड़ें बेहद आक्रामक होती हैं और यह जमीन के नीचे की पाइपलाइनों, सीवरेज सिस्टम और यहां तक कि भवनों की नींव को भी नुकसान पहुंचा सकती हैं। क्यों है खतरनाक? पर्यावरणविदों और विशेषज्ञों की चेतावनी पर्यावरणविदों का कहना है कि स्मार्ट सिटी जैसी परियोजनाओं में कॉनोकर्पस जैसे पेड़ लगाना पूरी तरह गलत और खतरनाक फैसला है। भोपाल जैसे शहर, जो झीलों और प्राकृतिक विविधता के लिए जाना जाता है, वहां इस तरह की पेड़ लगाने से भविष्य में गंभीर पारिस्थितिक संकट खड़ा हो सकता है। सरकार और नगर निगम की चुप्पी सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जब यह पेड़ पहले से ही तीन राज्यों में प्रतिबंधित हो चुका है, तब भी भोपाल में इसका बड़े पैमाने पर रोपण किया जा रहा है। इससे यह सवाल उठता है कि क्या नगर निगम और स्मार्ट सिटी मिशन के अधिकारी इस प्रजाति के पेड़ के खतरों से अनजान हैं या जानबूझकर इसे नजरअंदाज कर रहे हैं? क्या हो अगला कदम? देश हरपल की अपील:भोपाल के नागरिकों और पर्यावरण प्रेमियों को चाहिए कि वे इस विषय में स्वर उठाएं और प्रशासन से जवाब मांगें। केवल दिखावटी हरियाली नहीं, बल्कि स्थायी और सुरक्षित हरियाली ही स्मार्ट सिटी की असली पहचान होनी चाहिए।
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छत्तीसगढ़ राज्योत्सव में सारंग हेलिकॉप्टर टीम दिखाएगी हवाई करतब, रायपुर पहुंचा वायुसेना का दल

रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026 में भारतीय वायुसेना की सारंग हेलिकॉप्टर डिस्प्ले टीम आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहेगी। टीम सोमवार को रायपुर पहुंच गई। राज्योत्सव के दौरान नवा रायपुर अटल नगर के सेंध लेक क्षेत्र के ऊपर हेलिकॉप्टरों से रोमांचक हवाई करतब दिखाए जाएंगे। तीन दिवसीय आयोजन में होने वाला यह प्रदर्शन दर्शकों के लिए खास आकर्षण रहेगा। स्वदेशी ध्रुव हेलिकॉप्टरों से दिखेगा वायुसेना का कौशल पब्लिक रिलेशन ऑफिसर विंग कमांडर देबर्थो धर ने बताया कि सारंग टीम स्वदेशी एडवांस्ड लाइट हेलिकॉप्टर (ALH) ध्रुव के जरिए प्रदर्शन करती है। टीम हवा में सटीक उड़ान, हेलिकॉप्टरों के बीच बेहतरीन तालमेल और एक साथ अलग-अलग आकृतियां बनाने के लिए जानी जाती है। प्रदर्शन के दौरान वायुसेना के जवान अपने कौशल, अनुशासन और टीमवर्क का प्रदर्शन करेंगे। इसके साथ ही स्वदेशी हेलिकॉप्टरों की क्षमताओं को भी प्रदर्शित किया जाएगा। मोर के रंगों से प्रेरित है सारंग टीम की पहचान सारंग हेलिकॉप्टर डिस्प्ले टीम के हेलिकॉप्टरों की रंग योजना भारत के राष्ट्रीय पक्षी मोर से प्रेरित है। टीम का ध्येय वाक्य ‘इंस्पायर थ्रू एक्सीलेंस’ है, जिसका अर्थ उत्कृष्टता के जरिए प्रेरित करना है। सारंग टीम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में भारतीय वायुसेना का प्रतिनिधित्व करती है। अपने समन्वित हवाई प्रदर्शन के जरिए टीम भारतीय वायुसेना की पेशेवर क्षमता और स्वदेशी तकनीक को प्रदर्शित करती है। युवाओं को विमानन में करियर बनाने की मिलेगी प्रेरणा राज्योत्सव में सारंग टीम का प्रदर्शन आम लोगों के साथ विद्यार्थियों और युवाओं के लिए भी खास रहेगा। दर्शकों को हेलिकॉप्टरों की उड़ान और विमानन की दुनिया को करीब से देखने का अवसर मिलेगा। इस प्रदर्शन के जरिए युवाओं को विमानन क्षेत्र में करियर बनाने और देश की सेवा के लिए प्रेरित करने का प्रयास किया जाएगा। राज्योत्सव में सारंग टीम की मौजूदगी आयोजन के रोमांच और आकर्षण को और बढ़ाएगी।

ग्वालियर में पटवारी भर्ती के नाम पर 7 युवाओं से 50 लाख की ठगी, फर्जी सिलेक्शन लिस्ट और जॉइनिंग लेटर थमाए

ग्वालियर। मध्यप्रदेश में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का मामला सामने आया है। ग्वालियर में सात बेरोजगार युवाओं को पटवारी बनवाने का झांसा देकर करीब 50 लाख रुपए वसूलने का आरोप है। आरोपियों ने खुद को व्यापमं का कर्मचारी और STF का अधिकारी बताकर युवाओं को भरोसे में लिया। इसके बाद उन्हें फर्जी सिलेक्शन लिस्ट और जॉइनिंग लेटर दिए गए। नौकरी नहीं मिलने और पैसे वापस न लौटाने पर मामला पुलिस तक पहुंचा। पुलिस ने शिकायत के आधार पर अरविंद नरवरिया, गोवर्धन तोमर और प्रदीप गौतम के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें तलाश में जुटी हैं। जीवाजी यूनिवर्सिटी के कर्मचारी के जरिए हुई मुलाकात मामले के मुताबिक, जीवाजी यूनिवर्सिटी की लॉ शाखा से जुड़े कर्मचारी राजवीर सिंह तोमर निवासी महलगांव ने सात युवाओं को मुख्य आरोपी अरविंद नरवरिया से मिलवाया था। इनमें रवि शर्मा, शत्रुघ्न शर्मा, पवन कौरव, दिव्यांश शर्मा, जितेंद्र गुर्जर, नागेंद्र चौहान और सतेन्द्र सिंह शामिल हैं। आरोप है कि अरविंद युवाओं को भोपाल ले गया। वहां उसने प्रदीप गौतम का नाम बताते हुए उसे व्यापमं का कर्मचारी बताया और पटवारी की नौकरी लगवाने का भरोसा दिलाया। कुछ दिन बाद गोवर्धन सिंह तोमर का नाम सामने आया, जिसे STF का अधिकारी बताया गया। प्रति अभ्यर्थी 12 लाख रुपए में हुई थी डील युवाओं को पटवारी की सरकारी नौकरी दिलाने के लिए प्रति अभ्यर्थी 12 लाख रुपए में सौदा तय होने का आरोप है। इसके बाद किसी से दो लाख तो किसी से चार लाख रुपए एडवांस लिए गए। पीड़ितों के मुताबिक, अलग-अलग किस्तों में फोन-पे और बैंक खातों के जरिए रकम जमा कराई गई। कुल मिलाकर करीब 50 लाख रुपए लेने का आरोप है। आरोपियों ने युवाओं को जबलपुर और भोपाल ले जाकर परीक्षा कराने की बात कही। इससे युवाओं को लगा कि भर्ती की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। फर्जी सिलेक्शन लिस्ट और जॉइनिंग लेटर दिए युवाओं को भरोसे में लेने के लिए आरोपियों ने कथित तौर पर फर्जी चयन सूची और जॉइनिंग लेटर भी दिए। वेरिफिकेशन के नाम पर उन्हें कभी भोपाल, कभी जबलपुर और कभी भिंड ले जाया गया। आरोप है कि भिंड कलेक्ट्रेट परिसर स्थित एक सेवा केंद्र पर युवाओं के दस्तावेजों का वेरिफिकेशन भी कराया गया और उनके हस्ताक्षर लिए गए। इस घटनाक्रम के बाद वहां किसी कर्मचारी की भूमिका को लेकर भी आशंका जताई गई है। हालांकि, इस संबंध में जांच के निष्कर्ष सामने आना बाकी है। पैसे वापस मांगे तो नहीं मिली राहत पीड़ितों के मुताबिक, लंबे समय तक इंतजार करने के बाद भी उन्हें पटवारी की नौकरी नहीं मिली। जब उन्होंने आरोपियों से पैसे वापस मांगे, तो रकम लौटाने से इनकार कर दिया गया। युवाओं ने धमकियां मिलने का आरोप भी लगाया है। बताया गया है कि यह मामला 16 दिसंबर 2023 से अब तक की अवधि से जुड़ा है। ठगी का मामला सामने आने के बाद युवाओं ने जीवाजी यूनिवर्सिटी के कर्मचारी राजवीर सिंह तोमर से भी रकम वापस दिलाने की मांग की। तीन लोगों के खिलाफ FIR दर्ज शिकायत के बाद ग्वालियर के थाटीपुर थाने में सोमवार को मामला दर्ज किया गया। पुलिस के अनुसार, केस में तीन आरोपियों के नाम सामने आए हैं: थाटीपुर थाना प्रभारी विपेन्द्र सिंह चौहान के मुताबिक, शिकायत के आधार पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच और साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।

रूस में नौकरी की तलाश में गया बिलासपुर का युवक लापता, युद्ध में शामिल करने के लिए दबाव बनाने का आरोप

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले का रहने वाला विनीत कुमार दुबे रूस में लापता हो गया है। वह नौकरी की तलाश में रूस गया था, लेकिन परिवार के मुताबिक 7 अक्टूबर के बाद से उससे संपर्क नहीं हो पा रहा है। विनीत की बहन ने आरोप लगाया है कि उसे रूस में बंधक बनाकर रखा गया और युद्ध में शामिल होने से इनकार करने पर उसके साथ मारपीट की गई है। परिवार ने बिलासपुर कलेक्टर और एसएसपी से मुलाकात कर युवक की सुरक्षित वापसी के लिए मदद मांगी है। मामले में बिलासपुर पुलिस ने रूसी दूतावास और भारत के विदेश मंत्रालय को पत्र लिखकर विनीत की स्थिति का पता लगाने और उसकी सुरक्षित वापसी में सहयोग मांगा है। टेलीग्राम ग्रुप के जरिए मिली थी नौकरी की जानकारी विनीत कुमार दुबे बिल्हा का रहने वाला है और उसने दसवीं तक पढ़ाई की है। परिवार के मुताबिक, उसे टेलीग्राम के एक ग्रुप के जरिए रूस में नौकरी की जानकारी मिली थी। इसके बाद वह 1 अक्टूबर को मॉस्को पहुंचा था। परिजनों का आरोप है कि रूस पहुंचने के बाद विनीत की मुश्किलें बढ़ने लगीं। उसे भारतीय दूतावास जाने नहीं दिया गया और मॉस्को के एक होटल में रोककर रखा गया। इसके बाद उसे वोल्गोग्राद भेज दिया गया, जहां उसे एक अपार्टमेंट में रखा गया था। कार में बैठाकर ले गए, फिर टूट गया संपर्क विनीत की बहन आशी दुबे के मुताबिक, 7 अक्टूबर की सुबह करीब 7 बजे कुछ लोग उसके भाई को कार में बैठाकर किसी अज्ञात स्थान पर ले गए। इसके बाद से परिवार का उससे संपर्क टूट गया। बहन का आरोप है कि विनीत पर रेजिडेंसी हासिल करने और युद्ध में शामिल होने का दबाव बनाया जा रहा था। इनकार करने पर उसके साथ मारपीट की गई और उसे भूखा रखकर परेशान किया गया। परिवार ने यह भी आरोप लगाया है कि विनीत को ड्रग्स से जुड़े एक मामले में फंसाने की धमकी देकर स्थानीय लोगों की बात मानने के लिए मजबूर किया जा रहा है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र या आधिकारिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है। व्हाट्सएप के जरिए परिवार को मिली जानकारी परिवार के मुताबिक, विनीत के साथ हुई घटनाओं की जानकारी उन्हें किशोर नाम के एक युवक के जरिए मिली। किशोर ने व्हाट्सएप पर परिवार से संपर्क किया था। इसके बाद से परिजन विनीत की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। परिवार ने बिलासपुर कलेक्टर और एसएसपी से मुलाकात कर पूरे मामले में हस्तक्षेप करने और विनीत को सुरक्षित भारत वापस लाने की मांग की है। परिजनों ने केंद्र सरकार और भारतीय दूतावास से भी मदद की अपील की है। रूसी दूतावास और विदेश मंत्रालय को पुलिस ने लिखा पत्र परिवार की शिकायत के बाद बिलासपुर पुलिस ने रूसी दूतावास और भारत के विदेश मंत्रालय को पत्र भेजा है। पुलिस संबंधित एजेंसियों से विनीत की स्थिति की जानकारी जुटाने और उसकी सुरक्षित वापसी में सहयोग की मांग कर रही है। फिलहाल विनीत कुमार दुबे कहां है और उसकी हालत कैसी है, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। परिवार को उम्मीद है कि संबंधित एजेंसियों की मदद से जल्द उसका पता लगाया जा सकेगा और उसे सुरक्षित भारत लाया जाएगा।
MPWPCL

MPWPCL Achievement: 9,000 महिला एवं जनजातीय किसानों से जुड़े संगठन को मिली नई पहचान

मध्य प्रदेश महिला पोल्ट्री उत्पादक कंपनी लिमिटेड (MPWPCL) के लिए गर्व की बात है। कंपनी से जुड़े डॉ. मृदु पवन हजारिका ,MVSc, मुख्य तकनीकी सलाहकार (Chief Technical Advisor) प्रतिनिधि को जबलपुर स्थित नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय (NDVSU) डॉ. मृदु पवन हजारिका को सलाहकार MPWPCL में सदस्य के रूप में मनोनीत किया गया है। इस उपलब्धि को ग्रामीण महिलाओं, जनजातीय किसानों और सहकारिता के जरिए रोजगार के नए अवसर तैयार करने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की पहचान माना जा रहा है। यह मनोनयन ऐसे समय में सामने आया है, जब ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और उन्हें आधुनिक तकनीक से जोड़ने पर लगातार जोर दिया जा रहा है। उम्मीद है कि इस जिम्मेदारी के जरिए विश्वविद्यालय और जमीनी स्तर पर काम करने वाले किसान संगठनों के बीच सहयोग को और मजबूती मिलेगी। MPWPCL से जुड़ी हैं करीब 9,000 महिला एवं जनजातीय किसान मध्य प्रदेश महिला पोल्ट्री उत्पादक कंपनी लिमिटेड की शुरुआत ग्रामीण गरीब परिवारों को आजीविका के बेहतर अवसर देने के उद्देश्य से हुई थी। मध्य प्रदेश शासन की जिला गरीबी उन्मूलन पहल (DPIP) के तहत शुरू हुए इस प्रयास में महिला किसानों और जनजातीय समुदायों को खास तौर पर पोल्ट्री व्यवसाय से जोड़ने पर ध्यान दिया गया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, MPWPCL के नेटवर्क में 16 सदस्य सहकारी समितियों एवं उत्पादक कंपनियों सहित कुल 17 संगठन शामिल हैं। इस नेटवर्क से करीब 9,000 महिला एवं जनजातीय किसान जुड़े हुए हैं। इसके अलावा, यह व्यवस्था लगभग 1,000 लोगों को रोजगार देने में भी योगदान करती है। कंपनी का सालाना कारोबार ₹500 करोड़ से अधिक बताया गया है। यह आंकड़ा दिखाता है कि सही मार्गदर्शन, संगठित प्रयास और बाजार से जुड़ाव के जरिए ग्रामीण स्तर पर शुरू की गई पहल किस तरह बड़े व्यवसाय का रूप ले सकती है। NDVSU की Extension Council में क्यों अहम है यह जिम्मेदारी? नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय, जबलपुर पशु चिकित्सा और पशुपालन से संबंधित शिक्षा, अनुसंधान तथा तकनीकी जानकारी के प्रसार के लिए जाना जाता है। विश्वविद्यालय की विस्तार परिषद में MPWPCL से जुड़े डॉ. मृदु पवन हजारिका का मनोनयन ग्रामीण किसानों और शैक्षणिक संस्थानों के बीच बेहतर तालमेल बनाने का अवसर प्रदान कर सकता है। पोल्ट्री व्यवसाय में बेहतर उत्पादन, पशु स्वास्थ्य, वैज्ञानिक तरीके और व्यावसायिक प्रबंधन की जानकारी काफी मायने रखती है। ऐसी जानकारी समय पर मिलने से किसानों को अपने काम में सुधार करने और कारोबार को लंबे समय तक टिकाऊ बनाने में मदद मिल सकती है। इसलिए विश्वविद्यालय और किसान संगठनों के बीच संवाद बढ़ाना केवल संस्थागत उपलब्धि नहीं, बल्कि ग्रामीण स्तर पर काम करने वाले लोगों के लिए भी उपयोगी साबित हो सकता है। विद्यार्थियों को भी मिल रहा है Practical Experience MPWPCL से वर्ष 2004 से जुड़े रहे प्रतिनिधि के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों में तकनीकी जानकारी और व्यावसायिक प्रबंधन को पहुंचाना इस पहल का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। इसी दिशा में NDVSU के सहयोग से MPWPCL और केसला पोल्ट्री सहकारी समिति (KPS) में विद्यार्थियों के लिए इंटर्नशिप कार्यक्रम शुरू किए जाने की जानकारी दी गई है। इस कार्यक्रम के जरिए विद्यार्थियों को पोल्ट्री व्यवसाय की वास्तविक कार्यप्रणाली, सहकारी संस्थाओं के प्रबंधन और किसानों के साथ सीधे काम करने का अनुभव मिल सकता है। कक्षा में पढ़ाई गई बातों को जमीन पर समझने का मौका विद्यार्थियों के लिए काफी उपयोगी होता है। वहीं, ग्रामीण संगठनों को भी नई पीढ़ी के साथ काम करने और तकनीकी जानकारी साझा करने का अवसर मिलता है। महिला सशक्तीकरण और ग्रामीण रोजगार को मिलेगी नई दिशा ग्रामीण महिलाओं के लिए आर्थिक आत्मनिर्भरता का मतलब सिर्फ कमाई करना नहीं, बल्कि अपने परिवार और व्यवसाय से जुड़े फैसलों में अधिक भागीदारी निभाना भी है। MPWPCL जैसे संगठन महिलाओं को सामूहिक रूप से व्यवसाय चलाने, बाजार से जुड़ने और अपनी आजीविका को मजबूत करने का अवसर देते हैं। विस्तार परिषद में मनोनयन से इस तरह के अनुभवों को शैक्षणिक और तकनीकी स्तर पर साझा करने की संभावनाएं बढ़ सकती हैं। इससे ग्रामीण जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार करने और किसानों तक उपयोगी जानकारी पहुंचाने में मदद मिल सकती है। हालांकि, इस मनोनयन से जुड़ी उपलब्ध जानकारी में प्रतिनिधि का नाम और परिषद में उनकी विशिष्ट जिम्मेदारियों का पूरा विवरण नहीं दिया गया है। इसलिए इन जानकारियों की आधिकारिक पुष्टि के बाद ही उन्हें प्रकाशित करना उचित होगा। MPWPCL के लिए गर्व, ग्रामीण महिलाओं के लिए नई उम्मीद NDVSU की विस्तार परिषद में सदस्य के रूप में डॉ. मृदु पवन हजारिका मनोनयन MPWPCL से जुड़े किसानों, कर्मचारियों और सहकारी संगठनों के सामूहिक प्रयासों को पहचान दिलाने वाला कदम है। करीब 9,000 महिला एवं जनजातीय किसानों से जुड़ा नेटवर्क ग्रामीण आजीविका के क्षेत्र में संगठित प्रयासों की अहमियत को सामने लाता है। आने वाले समय में विश्वविद्यालय और किसान संगठनों के बीच सहयोग मजबूत होता है, तो वैज्ञानिक पशुपालन, कौशल विकास और ग्रामीण उद्यमिता को नई दिशा मिल सकती है। इसका सबसे बड़ा फायदा उन महिलाओं और परिवारों को मिल सकता है, जो पोल्ट्री व्यवसाय के जरिए अपनी आर्थिक स्थिति बेहतर बनाने की कोशिश कर रहे हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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ODI Records: सचिन से गिल तक, एक साल में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले टॉप-5 भारतीय बल्लेबाज

क्रिकेट में हर खिलाड़ी का सपना होता है कि वह अपनी बल्लेबाजी से टीम को जीत दिलाए और ऐसा रिकॉर्ड बनाए, जिसे लंबे समय तक याद रखा जाए। भारतीय क्रिकेट में सचिन तेंदुलकर से लेकर विराट कोहली तक कई दिग्गज बल्लेबाजों ने अपने प्रदर्शन से फैंस का दिल जीता है। लेकिन जब बात एक कैलेंडर ईयर में सबसे ज्यादा ODI रन बनाने की आती है, तो कहानी थोड़ी दिलचस्प हो जाती है। इस रिकॉर्ड में सचिन तेंदुलकर सबसे आगे हैं। वहीं, सौरव गांगुली और राहुल द्रविड़ ने भी एक ही साल में शानदार रन बनाकर इतिहास रचा था। नई पीढ़ी के बल्लेबाज शुभमन गिल ने 2023 में अपने बल्ले से ऐसा कमाल किया कि वह भी इस खास सूची में शामिल हो गए। दिलचस्प बात यह है कि विराट कोहली का नाम इस रिकॉर्ड की टॉप-5 लिस्ट में नहीं आता। ODI Cricket: एक कैलेंडर ईयर में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले टॉप-5 भारतीय बल्लेबाज पुरुषों के ODI क्रिकेट में एक कैलेंडर ईयर के दौरान सबसे ज्यादा रन बनाने वाले भारतीय बल्लेबाजों की सूची में ये पांच प्रदर्शन शामिल हैं। रैंक भारतीय बल्लेबाज साल रन 1 सचिन तेंदुलकर 1998 1,894 2 सौरव गांगुली 1999 1,767 3 राहुल द्रविड़ 1999 1,761 4 सचिन तेंदुलकर 1996 1,611 5 शुभमन गिल 2023 1,584 यहां कैलेंडर ईयर का मतलब 1 जनवरी से 31 दिसंबर के बीच खेले गए ODI मैचों में बनाए गए रन हैं। इस सूची में सचिन तेंदुलकर का दो बार शामिल होना उनके शानदार करियर की एक बड़ी उपलब्धि है। 1. सचिन तेंदुलकर: 1998 में बनाए 1,894 रन इस सूची में सबसे ऊपर मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर का नाम है। उन्होंने 1998 में 34 ODI मैचों में 1,894 रन बनाए थे। इस दौरान उन्होंने नौ शतक और सात अर्धशतक लगाए। सचिन के लिए 1998 बेहद खास साल रहा। उनकी बल्लेबाजी का अंदाज ऐसा था कि विरोधी टीमों के गेंदबाजों के सामने लगातार चुनौती बनी रहती थी। आज भी एक कैलेंडर ईयर में बनाए गए उनके 1,894 रन ODI क्रिकेट के सबसे बड़े रिकॉर्ड्स में गिने जाते हैं। 2. सौरव गांगुली: 1999 में 1,767 रन भारतीय क्रिकेट के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने 1999 में 1,767 रन बनाए थे। उन्होंने उस साल चार शतक और दस अर्धशतक लगाए। गांगुली की बल्लेबाजी में आक्रामकता और आत्मविश्वास साफ नजर आता था। उन्होंने कई मौकों पर टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई। एक ही साल में इतने रन बनाकर उन्होंने भारतीय ODI क्रिकेट में अपनी खास जगह बनाई। 3. राहुल द्रविड़: 1999 में 1,761 रन राहुल द्रविड़ ने भी 1999 में अपने बल्ले से शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने 1,761 रन बनाए और इस सूची में तीसरा स्थान हासिल किया। द्रविड़ को उनकी तकनीक, धैर्य और मुश्किल परिस्थितियों में टिककर खेलने के लिए जाना जाता है। सौरव गांगुली के साथ उनका एक ही साल में इस सूची में शामिल होना भारतीय क्रिकेट के लिए यादगार उपलब्धि है। 4. सचिन तेंदुलकर: 1996 में भी दिखाया दम सचिन तेंदुलकर ने 1996 में भी शानदार बल्लेबाजी की थी। उस साल उनके बल्ले से 1,611 ODI रन निकले, जिसमें छह शतक और नौ अर्धशतक शामिल थे। एक बल्लेबाज का अलग-अलग वर्षों में इस सूची में जगह बनाना आसान नहीं होता। सचिन ने यह उपलब्धि हासिल करके दिखाया कि उनकी निरंतरता कितनी खास थी। 5. शुभमन गिल: 2023 में 1,584 रन नई पीढ़ी के बल्लेबाज शुभमन गिल ने 2023 में 1,584 ODI रन बनाए थे। उन्होंने उस साल पांच शतक और नौ अर्धशतक लगाए। उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 208 रन रहा, जो उन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ बनाया था। गिल का 2023 का प्रदर्शन इसलिए भी खास था, क्योंकि उन्होंने बड़े स्कोर बनाने के साथ-साथ तेज गति से रन भी जुटाए। ICC के आंकड़ों के मुताबिक, उस साल उनका ODI औसत 63.36 रहा। <Cite refs={[“turn447195news5”]}/> Virat Kohli टॉप-5 में क्यों नहीं हैं? विराट कोहली का नाम इस सूची में टॉप-5 में नहीं है, लेकिन इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं कि उनका प्रदर्शन कम रहा है। कोहली ने 2017 में 1,460 ODI रन बनाए थे और उस साल उनका बल्लेबाजी औसत 76.84 रहा था। <Cite refs={[“turn447195search2”]}/> विराट की सबसे बड़ी ताकत लगातार रन बनाना और दबाव वाले मुकाबलों में जिम्मेदारी संभालना रही है। 2023 के वनडे वर्ल्ड कप में भी उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया था। टूर्नामेंट में उनके नाम 765 रन रहे, जो पुरुषों के ODI वर्ल्ड कप के एक संस्करण में किसी बल्लेबाज का सबसे बड़ा व्यक्तिगत रन-स्कोर है। <Cite refs={[“turn447195news5”]}/> यहां एक बात समझना जरूरी है: वर्ल्ड कप में बनाए गए रन और पूरे कैलेंडर ईयर में बनाए गए ODI रन अलग-अलग रिकॉर्ड हैं। इसी वजह से किसी बड़े टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करने के बावजूद बल्लेबाज इस सूची के टॉप-5 में शामिल न हो, ऐसा संभव है। सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड आज भी क्यों है खास? सचिन तेंदुलकर का 1998 में बनाया गया 1,894 रन का रिकॉर्ड लंबे समय से कायम है। एक पूरे साल में इतने रन बनाने के लिए न सिर्फ अच्छी फॉर्म, बल्कि फिटनेस, निरंतरता और लगातार अच्छा प्रदर्शन करने की जरूरत होती है। सौरव गांगुली और राहुल द्रविड़ ने 1999 में इस रिकॉर्ड के करीब पहुंचकर अपनी छाप छोड़ी। वहीं, शुभमन गिल ने 2023 में दिखाया कि नई पीढ़ी के बल्लेबाज भी इस स्तर का प्रदर्शन कर सकते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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