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Bank Of Baroda की कंपनी में 2049 पदों पर भर्ती

Bank Of Baroda की कंपनी में 2049 पदों पर भर्ती

बैंकिंग सेक्टर में नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। Bank Of Baroda से जुड़ी कंपनी में 2049 पदों पर भर्ती निकली है। इस भर्ती में ग्रेजुएट्स के साथ-साथ इंजीनियर, चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) और अन्य योग्य उम्मीदवारों को भी मौका दिया गया है। खास बात यह है कि इन पदों के लिए उम्मीदवारों का चयन बिना लिखित परीक्षा के किया जाएगा। ऐसे में बैंकिंग और कॉर्पोरेट सेक्टर में करियर बनाने की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए यह भर्ती एक अच्छा अवसर हो सकती है। किन पदों पर होगी भर्ती? इस भर्ती अभियान के तहत अलग-अलग विभागों और पदों के लिए नियुक्तियां की जाएंगी। इनमें विभिन्न स्तर के अधिकारी और प्रोफेशनल पद शामिल हैं। योग्यता के अनुसार ग्रेजुएट, इंजीनियर, CA और संबंधित क्षेत्र में विशेषज्ञता रखने वाले उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। बिना परीक्षा होगा चयन भर्ती की सबसे खास बात इसका चयन प्रक्रिया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार उम्मीदवारों को लिखित परीक्षा की बजाय शॉर्टलिस्टिंग और इंटरव्यू/चयन प्रक्रिया के आधार पर मौका दिया जाएगा। यानी योग्य उम्मीदवारों के लिए यह भर्ती परीक्षा के लंबे चरण से बचने का अवसर भी देती है। कौन कर सकता है आवेदन? पद के अनुसार शैक्षणिक योग्यता अलग-अलग निर्धारित की गई है। सामान्य तौर पर संबंधित पद के लिए ग्रेजुएशन, इंजीनियरिंग, CA या अन्य निर्धारित प्रोफेशनल योग्यता रखने वाले उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। उम्मीदवारों को सलाह है कि आवेदन करने से पहले संबंधित पद की योग्यता और अनुभव की शर्तें जरूर जांच लें। युवाओं के लिए अच्छा मौका बैंकिंग और फाइनेंस सेक्टर में नौकरी का सपना देखने वाले युवाओं के लिए यह भर्ती खास हो सकती है। खासकर उन उम्मीदवारों के लिए जो परीक्षा के बजाय अपनी शैक्षणिक योग्यता और प्रोफेशनल अनुभव के आधार पर नौकरी का अवसर तलाश रहे हैं। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे आवेदन की अंतिम तारीख, आयु सीमा, पदवार योग्यता, वेतन और चयन प्रक्रिया की पूरी जानकारी आधिकारिक भर्ती नोटिफिकेशन से जरूर देख लें। आवेदन करते समय सभी जरूरी दस्तावेज और जानकारी सही तरीके से भरें। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Railway में 4471 पदों पर भर्ती, फ्रेशर्स को भी मौका

Railway में 4471 पदों पर भर्ती, फ्रेशर्स को भी मौका

Railway में नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। रेलवे ने 4471 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। खास बात यह है कि इन पदों के लिए फ्रेशर्स भी आवेदन कर सकते हैं। चयन प्रक्रिया में लिखित परीक्षा और इंटरव्यू नहीं होगा, जिससे युवाओं के लिए सरकारी नौकरी पाने का यह अच्छा अवसर बन गया है। 4471 पदों पर होगी भर्ती इस भर्ती के तहत रेलवे में अलग-अलग ट्रेड में अप्रेंटिस के पद भरे जाएंगे। 10वीं पास और संबंधित ट्रेड में ITI की योग्यता रखने वाले उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। भर्ती में युवाओं को रेलवे के विभिन्न कार्यों और तकनीकी क्षेत्रों में प्रशिक्षण का अवसर भी मिलेगा। फ्रेशर्स भी कर सकते हैं आवेदन इस भर्ती की सबसे खास बात यह है कि इसमें पहले से नौकरी का अनुभव होना जरूरी नहीं है। यानी फ्रेशर्स भी अपनी योग्यता के आधार पर आवेदन कर सकते हैं। ऐसे युवा जो ITI करने के बाद सरकारी क्षेत्र में करियर शुरू करना चाहते हैं, उनके लिए यह भर्ती काफी उपयोगी हो सकती है। बिना परीक्षा और इंटरव्यू होगा चयन उम्मीदवारों का चयन मेरिट के आधार पर किया जाएगा। इसके लिए लिखित परीक्षा या इंटरव्यू आयोजित नहीं किया जाएगा। 10वीं और ITI में प्राप्त अंकों के आधार पर मेरिट लिस्ट तैयार की जाएगी। इसके बाद दस्तावेज सत्यापन और मेडिकल प्रक्रिया पूरी की जाएगी। आवेदन से पहले जरूर जांचें नियम उम्मीदवार आवेदन करने से पहले रेलवे की आधिकारिक भर्ती अधिसूचना में पदों की संख्या, आयु सीमा, शैक्षणिक योग्यता, आवेदन शुल्क और अंतिम तिथि से जुड़ी जानकारी जरूर देख लें। आवेदन करते समय सभी जरूरी दस्तावेज सही तरीके से अपलोड करना भी जरूरी है। रेलवे में करियर बनाने का सपना देख रहे युवाओं के लिए यह भर्ती एक अच्छा मौका हो सकती है। खासकर ITI पास फ्रेशर्स बिना परीक्षा और इंटरव्यू के मेरिट के आधार पर चयन प्रक्रिया में शामिल हो सकते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Bank Of India में 205 पदों पर भर्ती, 42 साल तक के उम्मीदवार कर सकते हैं आवेदन

Bank Of India में 205 पदों पर भर्ती, 42 साल तक के उम्मीदवार कर सकते हैं आवेदन

Bank Of India (BOI) ने विभिन्न पदों पर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। इस भर्ती अभियान के तहत कुल 205 पदों को भरा जाएगा। खास बात यह है कि इन पदों के लिए अधिकतम आयु सीमा 42 वर्ष तक रखी गई है। चयनित उम्मीदवारों को पद के अनुसार करीब 1.20 लाख रुपए तक मासिक वेतन मिल सकता है। ऐसे में बैंकिंग सेक्टर में करियर बनाने की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए यह एक अच्छा मौका हो सकता है। 205 पदों पर होगी भर्ती बैंक ऑफ इंडिया की इस भर्ती में अलग-अलग विभागों और पदों के लिए नियुक्तियां की जाएंगी। उम्मीदवारों का चयन निर्धारित पात्रता और चयन प्रक्रिया के आधार पर किया जाएगा। 42 साल तक के उम्मीदवार कर सकते हैं आवेदन भर्ती में पद के अनुसार आयु सीमा अलग-अलग हो सकती है। अधिकतम आयु सीमा 42 वर्ष तक रखी गई है। आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को सरकारी नियमों के अनुसार आयु सीमा में छूट का लाभ मिलेगा। 1.20 लाख रुपए तक मिलेगी सैलरी चयनित उम्मीदवारों को पद के अनुसार वेतन दिया जाएगा। इस भर्ती में अधिकतम वेतन 1 लाख 20 हजार रुपए तक बताया गया है। बैंकिंग सेक्टर में बेहतर वेतन और करियर की संभावनाओं को देखते हुए यह भर्ती उम्मीदवारों के लिए खास हो सकती है। आवेदन से पहले जरूर देखें पात्रता उम्मीदवार आवेदन करने से पहले संबंधित पद की शैक्षणिक योग्यता, आयु सीमा, आवेदन शुल्क और चयन प्रक्रिया की पूरी जानकारी जरूर पढ़ लें। अलग-अलग पदों के लिए पात्रता की शर्तें अलग हो सकती हैं। बैंक की भर्ती में आवेदन करने वाले उम्मीदवारों को सलाह है कि वे अंतिम तारीख का इंतजार न करें और समय रहते अपना आवेदन पूरा कर लें। आवेदन से पहले आधिकारिक भर्ती नोटिफिकेशन को ध्यान से पढ़ना जरूरी है, ताकि किसी तरह की गलती न हो। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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LNCT

LNCT Tiranga Yatra: हाथों में तिरंगा, दिल में देशभक्ति; वंदे भारत यात्रा में दिखा जोश

देशभक्ति सिर्फ शब्दों में नहीं, बल्कि उसे महसूस करने और दूसरों तक पहुंचाने में भी है। इसी भावना को सामने रखते हुए LNCT परिवार ने “वंदे भारत तिरंगा यात्रा” का आयोजन किया। हाथों में लहराता तिरंगा, चेहरे पर उत्साह और दिल में देश के लिए सम्मान—यात्रा के दौरान ऐसा ही माहौल देखने को मिला। इस आयोजन में LNCT परिवार से जुड़े विद्यार्थियों, शिक्षकों और अन्य सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। तिरंगे के साथ आगे बढ़ती यात्रा ने लोगों का ध्यान खींचा और पूरे वातावरण में राष्ट्रप्रेम की भावना नजर आई। तिरंगे के साथ एकता और राष्ट्रप्रेम का संदेश “वंदे भारत तिरंगा यात्रा” का उद्देश्य लोगों के बीच देशभक्ति, राष्ट्रीय एकता और तिरंगे के सम्मान की भावना को मजबूत करना रहा। यात्रा में शामिल प्रतिभागियों ने राष्ट्रीय ध्वज को देश की आन, बान और शान बताते हुए एकजुटता का संदेश दिया। यात्रा के दौरान विद्यार्थियों में खास उत्साह देखने को मिला। युवाओं की भागीदारी ने कार्यक्रम को ऊर्जा दी और यह भी दिखाया कि नई पीढ़ी देश के प्रति अपने कर्तव्यों और जिम्मेदारियों को लेकर जागरूक है। युवाओं ने बढ़ाया कार्यक्रम का उत्साह LNCT परिवार के विद्यार्थियों ने यात्रा में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। हाथों में तिरंगा लेकर आगे बढ़ते युवाओं के चेहरों पर देश के प्रति गर्व साफ दिखाई दिया। इस दौरान देश की एकता और अखंडता से जुड़े संदेश भी लोगों तक पहुंचाए गए। आयोजन से जुड़े लोगों का मानना है कि इस तरह के कार्यक्रम युवाओं को देश के इतिहास, राष्ट्रीय प्रतीकों और नागरिक जिम्मेदारियों से जोड़ने का काम करते हैं। साथ ही, सामूहिक रूप से मनाए जाने वाले ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा भी पैदा करते हैं। लोगों ने भी दिखाई सहभागिता तिरंगा यात्रा के दौरान आम लोगों में भी उत्साह नजर आया। यात्रा को देखने के लिए कई लोग रुके और राष्ट्रध्वज के प्रति सम्मान व्यक्त किया। इस पूरे आयोजन ने देशभक्ति की भावना को एक सामूहिक अनुभव में बदल दिया। यात्रा का संदेश साफ था—देश की ताकत उसकी एकता में है और तिरंगा इस एकता का सबसे बड़ा प्रतीक है। LNCT परिवार ने दिया राष्ट्रहित का संदेश “वंदे भारत तिरंगा यात्रा” LNCT परिवार के लिए सिर्फ एक आयोजन नहीं, बल्कि विद्यार्थियों और समाज के बीच राष्ट्रप्रेम और जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करने का प्रयास रहा। कार्यक्रम के जरिए यह संदेश दिया गया कि देश के प्रति सम्मान और जिम्मेदारी हर नागरिक के जीवन का हिस्सा होनी चाहिए। तिरंगे के साथ निकली इस यात्रा ने लोगों के बीच देशभक्ति का माहौल बनाया और युवाओं को राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका समझने का संदेश दिया। यही इस आयोजन की सबसे बड़ी खासियत रही। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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NCERT

NCERT-CBSE Jobs: हजारों पद खाली, संसदीय समिति ने भर्ती तेज करने को कहा

देश की स्कूली शिक्षा व्यवस्था से जुड़े दो बड़े संस्थानों NCERT और CBSE में बड़ी संख्या में पद खाली पड़े हैं। सामने आई जानकारी के मुताबिक, NCERT में 1,596 और CBSE में 933 पद रिक्त हैं। यानी दोनों संस्थानों को मिलाकर 2,529 पदों पर नियुक्तियां बाकी हैं। इतनी बड़ी संख्या में vacancies को लेकर संसदीय समिति ने चिंता जाहिर की है। NCERT में 1,596 पद खाली राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) देश की स्कूली शिक्षा के लिए पाठ्यक्रम, किताबों, शिक्षक प्रशिक्षण और शैक्षणिक शोध जैसे महत्वपूर्ण काम करता है। ऐसे संस्थान में बड़ी संख्या में पद खाली रहना चिंता का विषय माना जा रहा है। NCERT Vacancy के आंकड़े बताते हैं कि यहां 1,596 पदों पर नियुक्तियां नहीं हुई हैं। लंबे समय तक रिक्तियां बनी रहने से संस्थान के रोजमर्रा के काम के साथ-साथ शैक्षणिक और शोध संबंधी गतिविधियों पर भी दबाव बढ़ सकता है। CBSE में 933 पदों पर भर्ती बाकी दूसरी ओर, Central Board of Secondary Education (CBSE) में भी 933 पद खाली हैं। CBSE देशभर के संबद्ध स्कूलों, बोर्ड परीक्षाओं और विद्यार्थियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्यों की जिम्मेदारी संभालता है। ऐसे में यहां स्टाफ की कमी का असर प्रशासनिक कामकाज पर पड़ने की आशंका स्वाभाविक है। खासकर परीक्षा और परिणाम जैसे संवेदनशील कार्यों के दौरान पर्याप्त कर्मचारियों की जरूरत और भी बढ़ जाती है। संसदीय समिति ने उठाया सवाल NCERT और CBSE में खाली पदों की संख्या पर संसदीय समिति ने गंभीर चिंता व्यक्त की है। समिति का मानना है कि शिक्षा व्यवस्था के इन अहम संस्थानों में पर्याप्त मानव संसाधन होना जरूरी है। रिक्त पद लंबे समय तक खाली रहने से काम का बोझ मौजूदा कर्मचारियों पर बढ़ सकता है। समिति ने रिक्तियों को जल्द भरने की जरूरत पर जोर दिया है, ताकि संस्थानों का कामकाज बिना किसी अनावश्यक बाधा के चलता रहे। 2,529 Vacancies ने बढ़ाई चिंता NCERT और CBSE को मिलाकर 2,529 पद खाली होना इस पूरे मामले की गंभीरता को दिखाता है। ये दोनों संस्थान सीधे तौर पर स्कूली शिक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण काम संभालते हैं। इसलिए इन पदों पर समय रहते नियुक्तियां करना जरूरी माना जा रहा है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि इन NCERT और CBSE Vacancies को भरने के लिए भर्ती प्रक्रिया कब पूरी होती है। अगर रिक्त पद जल्द भरे जाते हैं तो इससे संस्थानों की कार्यक्षमता बढ़ाने और शिक्षा से जुड़े कामों को बेहतर तरीके से आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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NEET Paper Leak Case

NEET Paper Leak Case में बड़ा खुलासा, NTA Experts पर सवाल; WhatsApp-Telegram से फैला पेपर

NEET Paper Leak Case को लेकर CBI की जांच में एक के बाद एक गंभीर बातें सामने आने का दावा किया गया है। जांच एजेंसी के मुताबिक, कथित पेपर लीक की साजिश परीक्षा से काफी पहले शुरू हो गई थी। आरोप है कि परीक्षा से जुड़े कुछ लोगों ने प्रश्नपत्र तैयार होने के दौरान ही सवालों को याद किया और बाद में इन्हें छात्रों तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई। CBI की जांच में यह भी सामने आने का दावा किया गया है कि पेपर से जुड़े सवालों को छात्रों तक पहुंचाने के लिए WhatsApp और Telegram जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया गया। इस पूरे मामले ने देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा की गोपनीयता और व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पेपर तैयार होने के दौरान सवाल याद करने का आरोप जांच से जुड़े दावों के अनुसार, कथित तौर पर परीक्षा प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया से जुड़े कुछ NTA एक्सपर्ट्स ने सवालों को याद कर लिया था। इसके बाद इन सवालों को आगे पहुंचाने की कोशिश की गई। CBI का मानना है कि यह कोई अचानक हुई घटना नहीं थी, बल्कि इसके पीछे पहले से बनाई गई योजना हो सकती है। एजेंसी इसी कड़ी को जोड़ते हुए यह पता लगाने में जुटी है कि प्रश्नपत्र से संबंधित जानकारी किस स्तर पर बाहर निकली और किन लोगों के बीच इसका आदान-प्रदान हुआ। WhatsApp और Telegram बने कथित जरिया जांच में डिजिटल माध्यमों की भूमिका भी महत्वपूर्ण बताई जा रही है। आरोप है कि प्रश्नपत्र से संबंधित सवालों या उनकी जानकारी को WhatsApp और Telegram के जरिए छात्रों तक पहुंचाया गया। सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल से ऐसी जानकारी को कम समय में कई लोगों तक पहुंचाना आसान हो जाता है। यही वजह है कि जांच एजेंसियां डिजिटल चैट, मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सबूतों की भी जांच कर रही हैं। छात्रों और अभिभावकों के बीच बढ़ी चिंता NEET जैसी परीक्षा लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ी होती है। मेडिकल कॉलेज में दाखिले की उम्मीद लेकर विद्यार्थी महीनों और कई बार वर्षों तक तैयारी करते हैं। ऐसे में पेपर लीक या परीक्षा में गड़बड़ी की कोई भी खबर छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा देती है। इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर प्रश्नपत्र की गोपनीय जानकारी वास्तव में परीक्षा से पहले बाहर गई थी, तो वह सुरक्षा व्यवस्था को पार करके बाहर कैसे पहुंची और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे। CBI जांच में आगे क्या? CBI इस मामले में कथित पेपर लीक की पूरी कड़ी को समझने की कोशिश कर रही है। जांच का फोकस यह पता लगाने पर है कि प्रश्नपत्र से जुड़ी जानकारी किसने हासिल की, उसे किस तरह सुरक्षित रखा गया और फिर छात्रों तक कैसे पहुंचाया गया। जांच एजेंसी डिजिटल सबूतों के साथ-साथ आरोपियों और अन्य संबंधित लोगों से पूछताछ के जरिए पूरे नेटवर्क की भूमिका सामने लाने की कोशिश कर रही है। फिलहाल जांच से सामने आए दावों को अंतिम निष्कर्ष नहीं माना जा सकता। मामले में अदालत की कार्यवाही और CBI की आगे की जांच से ही यह स्पष्ट होगा कि कथित पेपर लीक की पूरी साजिश किस तरह काम कर रही थी और इसमें कौन-कौन लोग वास्तव में शामिल थे। NEET Paper Leak Case ने एक बार फिर यह सवाल जरूर खड़ा कर दिया है कि देश की महत्वपूर्ण प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रश्नपत्र की गोपनीयता और सुरक्षा को और मजबूत करने की जरूरत है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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NEET PG

NEET PG 2026 में बड़ा बदलाव: Single Shift Exam से लेकर Home के पास Centre तक

मेडिकल पीजी की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए परीक्षा से जुड़ी व्यवस्था में इस बार कई अहम बदलाव देखने को मिल सकते हैं। NEET PG को लेकर सामने आई जानकारी के मुताबिक परीक्षा एक ही शिफ्ट में कराने और उम्मीदवारों को घर के नजदीक Exam Centre उपलब्ध कराने की तैयारी है। दूसरी तरफ परीक्षा की गोपनीयता और सुरक्षा को लेकर भी NTA ने बड़ा कदम उठाया है। पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था से जुड़े विवादों के बाद अब National Testing Agency (NTA) अपनी सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। रिपोर्ट के मुताबिक एजेंसी ने अपने कार्यालयों और परीक्षा सामग्री की सुरक्षा के लिए करीब 7.5 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया है। Single Shift में होगी NEET PG परीक्षा NEET PG 2026 में सबसे बड़ा बदलाव परीक्षा की शिफ्ट को लेकर है। इस बार परीक्षा को अलग-अलग शिफ्ट में कराने के बजाय Single Shift में आयोजित करने की योजना है। इसका सीधा फायदा यह होगा कि सभी अभ्यर्थी एक ही समय में परीक्षा देंगे और शिफ्ट के हिसाब से कठिनाई के अंतर को लेकर उठने वाले सवालों की गुंजाइश कम होगी। मेडिकल प्रवेश परीक्षा में लाखों उम्मीदवार शामिल होते हैं। ऐसे में एक ही शिफ्ट में परीक्षा कराने का फैसला परीक्षा प्रक्रिया को ज्यादा समान और पारदर्शी बनाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। घर के पास मिलेगा Exam Centre परीक्षा देने के लिए दूसरे शहर या बहुत दूर जाने की परेशानी भी कम करने की तैयारी है। उम्मीदवारों को उनके घर के आसपास या नजदीकी शहर में Exam Centre देने पर जोर दिया जा रहा है। इस बदलाव से छात्रों और उनके परिवारों को यात्रा, रहने और आने-जाने के खर्च में राहत मिल सकती है। खासकर उन उम्मीदवारों के लिए यह सुविधा महत्वपूर्ण होगी, जिन्हें परीक्षा के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। Exam Pattern में भी बदलाव NEET PG के पेपर को लेकर भी बदलाव की जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार प्रश्नों की संख्या कम की गई है, जबकि परीक्षा की कुल अवधि में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया है। इसका मतलब यह हो सकता है कि उम्मीदवारों के पास प्रत्येक प्रश्न को पढ़ने और जवाब देने के लिए अपेक्षाकृत ज्यादा समय रहेगा। हालांकि परीक्षा के अंतिम पैटर्न और विस्तृत नियमों के लिए उम्मीदवारों को आधिकारिक सूचना का इंतजार करना होगा। Paper Leak के बाद NTA ने बढ़ाई Security परीक्षा व्यवस्था में बदलाव के साथ-साथ NTA ने सुरक्षा को लेकर भी बड़ा कदम उठाया है। रिपोर्ट के मुताबिक एजेंसी ने अपने कार्यालयों और परीक्षा से जुड़ी संवेदनशील सामग्री की सुरक्षा के लिए करीब ₹7.5 करोड़ का टेंडर जारी किया है। इस योजना के तहत संबंधित स्थानों पर 24 घंटे Security उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाएगा। परीक्षा से जुड़े दस्तावेज और अन्य संवेदनशील सामग्री अनधिकृत पहुंच से सुरक्षित रहें, इसके लिए निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। क्यों जरूरी है 24×7 Security? NEET PG जैसी परीक्षा में देशभर से बड़ी संख्या में मेडिकल उम्मीदवार शामिल होते हैं। ऐसे में प्रश्नपत्र और परीक्षा सामग्री की सुरक्षा सीधे परीक्षा की विश्वसनीयता से जुड़ी होती है। पिछले कुछ समय में प्रतियोगी परीक्षाओं की व्यवस्था और पेपर की सुरक्षा को लेकर लगातार चर्चा हुई है। ऐसे माहौल में NTA की ओर से सुरक्षा पर ज्यादा ध्यान देना छात्रों के भरोसे के लिहाज से अहम माना जा रहा है। छात्रों के लिए क्या बदलेगा? NEET PG 2026 की नई व्यवस्था को आसान शब्दों में समझें तो उम्मीदवारों के लिए तीन बातें सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण हैं—Single Shift Exam, नजदीकी Exam Centre और मजबूत Security System। NEET PG 2026 के बड़े बदलाव छात्रों को अब क्या करना चाहिए? अभ्यर्थियों को परीक्षा की तैयारी के साथ-साथ NTA की ओर से जारी होने वाले Official Notice पर भी नजर रखनी चाहिए। Exam Centre, परीक्षा का पैटर्न, समय और अन्य नियमों से जुड़ी अंतिम जानकारी आधिकारिक घोषणा के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट होगी। फिलहाल NEET PG 2026 को लेकर सामने आ रहे ये बदलाव छात्रों के लिए राहत देने वाले नजर आते हैं। एक तरफ नजदीकी सेंटर और Single Shift से परीक्षा प्रक्रिया आसान बनाने की कोशिश है, वहीं दूसरी तरफ NTA की नई Security व्यवस्था का मकसद परीक्षा की गोपनीयता और भरोसा कायम रखना है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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NEET UG Result

NEET UG Result 2026: Aryan Gupta-Panshul Bansal बने Topper, 715/720 Score से चमकाया नाम

NEET UG 2026 Result: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2026 का रिजल्ट जारी हो गया है। लाखों मेडिकल उम्मीदवारों के लिए यह दिन बेहद खास रहा। लंबे समय की मेहनत, तैयारी और इंतजार के बाद अब छात्रों को अपने स्कोर और रैंक की जानकारी मिल गई है। इस साल 11.21 लाख से ज्यादा उम्मीदवारों ने NEET UG परीक्षा में सफलता हासिल की है। रिजल्ट जारी होते ही देशभर में सफल छात्रों के चेहरों पर खुशी देखने को मिली। कई छात्रों ने अपनी मेहनत के दम पर शानदार स्कोर हासिल किया और मेडिकल कॉलेज में दाखिले की ओर अपना पहला कदम बढ़ाया। Punjab-Haryana के छात्रों का दबदबा, 715/720 अंक के साथ बने Topper NEET UG 2026 में इस बार टॉप रैंक पर पंजाब और हरियाणा के छात्रों ने अपनी जगह बनाई है। Punjab के Aryan Gupta और Haryana के Panshul Bansal ने संयुक्त रूप से पहला स्थान हासिल किया है। दोनों छात्रों ने 720 में से 715 अंक प्राप्त कर देशभर में शानदार प्रदर्शन किया। टॉपर्स की इस सफलता के पीछे उनकी लगातार मेहनत, बेहतर टाइम मैनेजमेंट और परीक्षा की सही रणनीति को अहम वजह माना जा रहा है। उनकी उपलब्धि NEET की तैयारी कर रहे लाखों छात्रों के लिए प्रेरणा बन गई है। 690+ Score करने वाले छात्रों की संख्या भी रही शानदार NEET UG 2026 के परिणामों में हाई स्कोर करने वाले उम्मीदवारों की संख्या भी काफी अधिक रही। इस बार 138 छात्रों ने 690 या उससे ज्यादा अंक हासिल किए हैं। वहीं कई उम्मीदवारों ने 700 से अधिक अंक प्राप्त कर अपनी मजबूत तैयारी का प्रदर्शन किया। 720 अंकों की परीक्षा में इतने बड़े स्कोर हासिल करना छात्रों के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा और कठिन मेहनत को दिखाता है। 11 लाख से ज्यादा छात्रों का Medical College Admission का रास्ता साफ NEET UG परीक्षा के जरिए देशभर के मेडिकल कॉलेजों में MBBS, BDS और अन्य मेडिकल कोर्स में एडमिशन मिलता है। रिजल्ट जारी होने के बाद अब सफल उम्मीदवारों को आगे की प्रक्रिया यानी Counselling और Seat Allotment का इंतजार रहेगा। काउंसलिंग के दौरान छात्रों को उनकी रैंक, कैटेगरी और उपलब्ध सीटों के आधार पर मेडिकल कॉलेज चुनने का मौका मिलेगा। Students की मेहनत का मिला फल, परिवारों में खुशी का माहौल NEET जैसी कठिन परीक्षा को पास करना हर मेडिकल उम्मीदवार का सपना होता है। कई छात्रों ने सोशल मीडिया पर अपनी सफलता की कहानी साझा की और बताया कि लगातार पढ़ाई, धैर्य और परिवार के सहयोग ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया। वहीं, जिन छात्रों को उम्मीद के मुताबिक अंक नहीं मिले हैं, उनके लिए भी आगे कई अवसर मौजूद हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि एक परीक्षा किसी छात्र की पूरी क्षमता तय नहीं करती। Result Highlights NEET UG 2026: लाखों युवाओं के डॉक्टर बनने की राह हुई आसान NEET UG का रिजल्ट सिर्फ एक परीक्षा का परिणाम नहीं है, बल्कि उन लाखों छात्रों की मेहनत का नतीजा है जिन्होंने डॉक्टर बनने का सपना देखा है। टॉपर्स की सफलता से लेकर लाखों छात्रों की खुशी तक, इस बार का रिजल्ट कई यादगार कहानियां लेकर आया है। अब सभी सफल उम्मीदवारों की नजर मेडिकल कॉलेज एडमिशन और नई शुरुआत पर है। आने वाले दिनों में काउंसलिंग प्रक्रिया के साथ छात्रों के डॉक्टर बनने के सफर की अगली शुरुआत होगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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NEET Exam Leak

NEET Exam Leak: CBI Investigation में बड़ा खुलासा, लातूर Coaching से जुड़ा पूरा Paper Leak Network

देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 Exam Leak मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने ऐसा खुलासा किया है, जिसने पूरे शिक्षा तंत्र पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच एजेंसी के मुताबिक, महाराष्ट्र के लातूर में एक कोचिंग सेंटर संचालक के पास से बरामद 136 हस्तलिखित प्रश्नों में से 111 प्रश्न हूबहू NEET-UG 2026 की परीक्षा में पूछे गए। इस खुलासे के बाद साफ हो गया है कि यह मामला केवल संदेह तक सीमित नहीं था, बल्कि परीक्षा से पहले ही प्रश्नों की पहुंच कुछ लोगों तक हो चुकी थी। CBI की जांच में क्या सामने आया? CBI ने इस मामले में लातूर के रेणुकाई केमिस्ट्री क्लासेस के संचालक शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर को गिरफ्तार किया है। एजेंसी का दावा है कि आरोपी के मोबाइल फोन से केमिस्ट्री विषय के हस्तलिखित प्रश्नों की कई तस्वीरें मिलीं। जब इन सवालों का मिलान राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के मास्टर प्रश्नपत्र से किया गया, तो 136 में से 111 प्रश्न पूरी तरह मेल खाते पाए गए। जांच अधिकारियों के अनुसार, यह अब तक का सबसे मजबूत डिजिटल और दस्तावेजी सबूत माना जा रहा है। परीक्षा से पहले ही पहुंच गया था प्रश्नपत्र CBI की जांच में सामने आया कि आरोपी के मोबाइल में मौजूद इन तस्वीरों की तारीख 23 अप्रैल 2026 की है, जबकि NEET-UG परीक्षा 3 मई 2026 को आयोजित हुई थी। यानी परीक्षा से करीब 10 दिन पहले ही ये प्रश्न आरोपी के पास मौजूद थे। जांच एजेंसी का कहना है कि इससे यह संकेत मिलता है कि प्रश्नपत्र आधिकारिक परीक्षा से पहले ही लीक हो चुका था। कैसे चला पूरा खेल? जांच के मुताबिक, प्रश्नपत्र कथित तौर पर NTA से जुड़े एक पैनल सदस्य और अनुवादक के माध्यम से बाहर पहुंचा। इसके बाद इसे चुनिंदा लोगों तक पहुंचाया गया और हस्तलिखित नोट्स तैयार कर छात्रों को याद करवाया गया। CBI को यह भी जानकारी मिली है कि कुछ अभ्यर्थियों को कथित तौर पर लीक प्रश्नपत्र और उत्तर परीक्षा से पहले उपलब्ध कराए गए थे। पूरे मामले में कई राज्यों में फैले नेटवर्क की भूमिका की जांच जारी है। Telegram के जरिए लाखों रुपये में हुई डील जांच में यह भी सामने आया है कि लीक प्रश्नपत्र की PDF फाइलें कथित तौर पर Telegram के माध्यम से बेची गईं। इसके अलावा करीब 150 पन्नों का एक गेस पेपर भी कुछ छात्रों तक पहुंचाया गया, जिसमें सैकड़ों प्रश्न शामिल थे। जांच के दौरान इनमें से बड़ी संख्या में सवाल वास्तविक परीक्षा में पूछे गए पाए गए। CBI अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल थे तथा कितने छात्रों को इसका फायदा पहुंचाया गया। अब तक कई गिरफ्तारियां पेपर लीक मामले में अब तक 13 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इनमें कोचिंग संस्थानों से जुड़े लोग, छात्र और परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े कुछ अन्य आरोपी शामिल हैं। जांच एजेंसी लगातार डिजिटल रिकॉर्ड, मोबाइल डेटा और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सबूतों की फोरेंसिक जांच कर रही है। CBI का मानना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। छात्रों की मेहनत पर उठे सवाल NEET परीक्षा हर साल लाखों छात्रों के मेडिकल कॉलेज में प्रवेश का सपना तय करती है। ऐसे में पेपर लीक जैसे मामलों ने छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। जो विद्यार्थी महीनों तक ईमानदारी से तैयारी करते हैं, उनके लिए ऐसी घटनाएं पूरी परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करती हैं। फिलहाल मामले की सुनवाई अदालत में जारी है और CBI पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी हुई है। जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि इस पेपर लीक में कितने लोग शामिल थे और इसके पीछे कितना बड़ा संगठित गिरोह काम कर रहा था। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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CBSE

CBSE Education Rule 2026: Third Language Assessment में फेल हुए तो नहीं मिलेगा 10वीं का Certificate

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने कक्षा 9 और 10 के छात्रों के लिए भाषा शिक्षा से जुड़ा एक बड़ा बदलाव किया है। नए नियम के तहत अब छात्रों को Class 10 Pass Certificate पाने के लिए Third Language (तीसरी भाषा) में भी सफल होना जरूरी होगा। हालांकि, थर्ड लैंग्वेज की बोर्ड परीक्षा नहीं होगी, लेकिन स्कूल द्वारा कराए जाने वाले Internal Assessment में पास होना अनिवार्य रहेगा। यह नया नियम उन छात्रों पर लागू होगा जो Academic Session 2026-27 में Class 9 में प्रवेश लेंगे और 2027-28 में Class 10 Board Exam देंगे। CBSE का यह फैसला राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत छात्रों में बहुभाषी शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लिया गया है। CBSE Third Language Rule: क्या बदला है? अब तक कई छात्र तीसरी भाषा को केवल एक अतिरिक्त विषय के रूप में देखते थे, लेकिन नए नियम के बाद इसकी अहमियत बढ़ जाएगी। CBSE के अनुसार, कक्षा 9 और 10 के छात्रों को तीन भाषाओं का अध्ययन करना होगा। नए नियम की मुख्य बातें: Third Language में Fail होने पर क्या होगा? CBSE ने छात्रों को राहत देते हुए यह भी स्पष्ट किया है कि अगर कोई छात्र Third Language Internal Assessment में सफल नहीं हो पाता है, तो उसे सुधार का मौका दिया जाएगा। ऐसी स्थिति में: NEP 2020 के तहत क्यों आया यह बदलाव? CBSE का मानना है कि आज के समय में भाषा का ज्ञान केवल परीक्षा तक सीमित नहीं होना चाहिए। नई शिक्षा नीति 2020 में छात्रों को कई भाषाओं को समझने और सीखने पर जोर दिया गया है। Third Language को अनिवार्य करने का उद्देश्य है कि छात्र: Students और Parents के लिए जरूरी जानकारी नए नियम को लेकर छात्रों और अभिभावकों के मन में कई सवाल हैं। उन्हें ध्यान रखना होगा कि: CBSE Education System में बड़ा बदलाव CBSE का यह फैसला स्कूल शिक्षा प्रणाली में भाषा सीखने के तरीके को बदल सकता है। अब छात्रों को केवल मुख्य विषयों पर ही नहीं, बल्कि भाषा कौशल पर भी ध्यान देना होगा। छात्रों के लिए यह जरूरी है कि वे Third Language को बोझ न समझें, बल्कि इसे नई भाषा सीखने और अपनी क्षमता बढ़ाने के अवसर के रूप में देखें।
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Ujjain

Ujjain में बनेगी Malakhamb Academy, 111 करोड़ के Project से खिलाड़ियों को मिलेंगी World-Class सुविधाएं

मध्यप्रदेश के मलखंब खिलाड़ियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। प्रदेश सरकार Ujjain में एक ऐसी Malakhamb और Gymnastics Academy विकसित करने की तैयारी में है, जहां खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण के साथ आधुनिक सुविधाएं भी मिलेंगी। खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग के प्रयासों से तैयार किए गए प्रस्ताव के मुताबिक, करीब 20 एकड़ जमीन पर इस अकादमी को विकसित किया जाएगा। अकादमी में खिलाड़ियों के लिए खेल अधोसंरचना, हॉस्टल, आधुनिक उपकरण, फिटनेस सेंटर, फिजियोथेरेपी और खेल विज्ञान से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है। इसका मकसद प्रदेश की युवा मलखंब प्रतिभाओं को कम उम्र से ही बेहतर ट्रेनिंग देकर उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए तैयार करना है। 111 करोड़ रुपये से ज्यादा का प्रस्ताव प्रस्तावित मलखंब एवं जिम्नास्टिक अकादमी के निर्माण पर करीब 86 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। वहीं वर्ष 2026-27 से 2028-29 तक अकादमी के संचालन के लिए लगभग 25.33 करोड़ रुपये का प्रावधान प्रस्तावित किया गया है। इस तरह निर्माण और संचालन को मिलाकर परियोजना की कुल प्रस्तावित लागत करीब 111.33 करोड़ रुपये बताई गई है। खिलाड़ियों को सिर्फ Training नहीं, पूरी सुविधा मिलेगी इस अकादमी की खास बात यह होगी कि खिलाड़ियों को केवल मलखंब की ट्रेनिंग तक सीमित सुविधाएं नहीं मिलेंगी। यहां हॉस्टल, आधुनिक खेल उपकरण, फिटनेस, फिजियोथेरेपी और Sports Science आधारित प्रशिक्षण की व्यवस्था भी प्रस्तावित है। सरकार का जोर ऐसे Training Environment पर है, जहां खिलाड़ियों की तकनीक के साथ उनकी फिटनेस और खेल प्रदर्शन पर भी लगातार काम किया जा सके। 70 खिलाड़ियों को मिलेगा मौका प्रस्ताव के अनुसार अकादमी में कुल 70 खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इनमें: शामिल होंगे। यानी कुल 50 खिलाड़ी बोर्डिंग और 20 खिलाड़ी डे-बोर्डिंग व्यवस्था में रहेंगे। खिलाड़ियों का चयन Talent Search के माध्यम से किए जाने का प्रस्ताव है। Academy शुरू होने से पहले उज्जैन में शुरू होगी Training स्थायी अकादमी की इमारत तैयार होने में समय लगने के दौरान भी खिलाड़ियों की ट्रेनिंग को रोका नहीं जाएगा। वर्ष 2026-27 और 2027-28 में अकादमी को राजमाता खेल परिसर, तानाखेड़ा, उज्जैन में डे-बोर्डिंग मॉडल पर संचालित करने का प्रस्ताव है। इस शुरुआती चरण में कुल 40 खिलाड़ियों को प्रवेश देने की योजना है। इनमें 30 बालक और 10 बालिकाएं शामिल होंगी। उज्जैन से बाहर के चयनित खिलाड़ियों के लिए विभाग की ओर से आवास की व्यवस्था करने का भी प्रस्ताव है। Expert Coaches के साथ Sports Science पर रहेगा फोकस नई अकादमी में खिलाड़ियों को आधुनिक और उच्च तकनीकी प्रशिक्षण देने की तैयारी है। इसके लिए उच्च तकनीकी सलाहकार और विशेषज्ञ प्रशिक्षकों की सेवाएं अनुबंध के आधार पर लेने का प्रावधान प्रस्तावित किया गया है। डे-बोर्डिंग व्यवस्था में खिलाड़ियों को प्रशिक्षकों के साथ फिजियोथेरेपिस्ट और मसाजर की सुविधा भी उपलब्ध कराने की योजना है। इसमें एक महिला फिजियोथेरेपिस्ट और दो मसाजर—एक महिला तथा एक पुरुष—का प्रावधान प्रस्तावित है। मंत्री विश्वास सारंग बोले- प्रतिभाओं को मिलेगा बड़ा मंच खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग के मुताबिक मध्यप्रदेश में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है। जरूरत सिर्फ इतनी है कि इन खिलाड़ियों को सही समय पर आधुनिक सुविधाएं, विशेषज्ञ मार्गदर्शन और बेहतर अवसर मिलें। उन्होंने कहा कि मलखंब मध्यप्रदेश की गौरवशाली खेल परंपरा का हिस्सा है और प्रदेश के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा साबित की है। प्रस्तावित अकादमी के जरिए खिलाड़ियों को शुरुआती उम्र से वैज्ञानिक और तकनीकी प्रशिक्षण देने पर जोर रहेगा। मंत्री के अनुसार लक्ष्य यह है कि मध्यप्रदेश के खिलाड़ी राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी प्रदेश और देश का नाम रोशन करें। Khelo India में MP के Malakhamb खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन मलखंब अकादमी की जरूरत इसलिए भी महसूस की गई क्योंकि मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों ने हाल के वर्षों में राष्ट्रीय स्तर पर अच्छा प्रदर्शन किया है। Khelo India Youth Games 2025, बिहार में मध्यप्रदेश के मलखंब खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 10 पदक जीते। इनमें 7 Gold, 2 Silver और 1 Bronze Medal शामिल रहे। इस प्रदर्शन ने एक बार फिर दिखाया कि प्रदेश में मलखंब की प्रतिभाओं की मजबूत नींव मौजूद है। अब नई अकादमी के जरिए इन खिलाड़ियों को लगातार और बेहतर प्रशिक्षण देने की दिशा में काम किया जा रहा है। उज्जैन बन सकता है Malakhamb Talent Hub अकादमी के संचालन और निगरानी की जिम्मेदारी जिला खेल एवं युवा कल्याण अधिकारी, उज्जैन को देने का प्रस्ताव है। शुरुआत में विभाग में उपलब्ध स्टाफ के जरिए अकादमी की दैनिक गतिविधियां संचालित की जाएंगी। उज्जैन जिले के लिए कुल 12 पद स्वीकृत किए गए हैं। इनमें संभागीय खेल एवं युवा कल्याण अधिकारी, जिला खेल एवं युवा कल्याण अधिकारी, लेखापाल, सहायक ग्रेड-2, सहायक ग्रेड-3 और भृत्य के पद शामिल हैं। खिलाड़ियों के लिए नई उम्मीद उज्जैन में प्रस्तावित Malakhamb Academy सिर्फ एक नई खेल सुविधा नहीं, बल्कि प्रदेश की युवा प्रतिभाओं के लिए आगे बढ़ने का बड़ा रास्ता बन सकती है। अभी जहां खिलाड़ी अलग-अलग स्थानों पर प्रशिक्षण लेते हैं, वहीं भविष्य में उन्हें एक ही जगह पर ट्रेनिंग, फिटनेस, आवास और Sports Science जैसी सुविधाएं मिलने की उम्मीद है। अगर प्रस्तावित योजना अपने स्वरूप में आगे बढ़ती है, तो उज्जैन आने वाले समय में मध्यप्रदेश की मलखंब प्रतिभाओं की नई नर्सरी और प्रमुख Training Hub के रूप में अपनी पहचान बना सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
India-Belgium

India-Belgium Partnership: जोरावर Tank बना नई दोस्ती की पहचान, कई अहम MoU पर सहमति

India-Belgium के रिश्तों में गुरुवार को एक अहम पड़ाव जुड़ गया। बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर भारत दौरे पर पहुंचे, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक हुई। बातचीत के बाद दोनों देशों ने Defence, Clean Energy, Critical Minerals, Semiconductor, Maritime Cooperation और व्यापार जैसे कई क्षेत्रों में साझेदारी को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बैठक के बाद कहा कि भारत और बेल्जियम के संबंध अब केवल पारंपरिक व्यापार तक सीमित नहीं हैं। दोनों देश अब Defence और Clean Energy जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में भी तेजी से साथ आ रहे हैं। इसी दौरान पीएम मोदी ने जोरावर Tank का भी जिक्र किया। जोरावर Tank ने बढ़ाया Defence Cooperation भारत के लिए पहाड़ी और कठिन इलाकों में इस्तेमाल होने वाला हल्का जोरावर टैंक Defence Sector का अहम प्रोजेक्ट है। पीएम मोदी ने भारत-बेल्जियम सहयोग का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों देश आधुनिक रक्षा उपकरणों के क्षेत्र में साथ काम कर रहे हैं। दोनों देशों के बीच Military Exchanges और Training Cooperation बढ़ाने पर भी सहमति बनी है। इससे भारतीय और बेल्जियम की सेनाओं के बीच संपर्क और अनुभव साझा करने के अवसर बढ़ेंगे। हालांकि, जोरावर टैंक को लेकर इसे सीधे तौर पर कोई अलग Tank Purchase Deal कहना सही नहीं होगा। इस प्रोजेक्ट का उल्लेख दोनों देशों के बढ़ते Defence और Technology Cooperation के उदाहरण के तौर पर किया गया है। Clean Energy में भी नई Partnership Defence के साथ-साथ Green Energy भारत-बेल्जियम सहयोग का एक और बड़ा क्षेत्र बनकर सामने आया है। दोनों देशों ने Renewable Energy के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए समझौता किया है। पीएम मोदी ने आंध्र प्रदेश के काकीनाडा में विकसित हो रहे Green Ammonia Project का भी जिक्र किया। भारत की बढ़ती Clean Energy जरूरतों और बेल्जियम की तकनीकी क्षमता को देखते हुए यह Partnership आने वाले समय में काफी अहम हो सकती है। Critical Minerals और Semiconductor पर नजर आज की Technology Economy में Critical Minerals और Semiconductor की भूमिका लगातार बढ़ रही है। ऐसे में भारत और बेल्जियम ने इन क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ाने का फैसला किया है। दोनों देश Critical Minerals की Processing और Recycling में मिलकर काम करने की दिशा में आगे बढ़ेंगे। वहीं Semiconductor Sector में बेल्जियम की तकनीकी विशेषज्ञता और भारत के बड़े Manufacturing Ecosystem को जोड़ने पर जोर दिया गया है। खास तौर पर बेल्जियम के प्रसिद्ध Research Institute IMEC और भारत के Semiconductor Ecosystem के बीच सहयोग बढ़ाने की संभावना को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 5 साल में Double हो सकता है Bilateral Trade बैठक में आर्थिक रिश्तों को लेकर भी बड़ा लक्ष्य सामने आया। भारत और बेल्जियम अगले पांच वर्षों में Bilateral Trade को दोगुना करने की दिशा में काम करेंगे। भारत और बेल्जियम के बीच व्यापार में Diamond Industry की लंबे समय से बड़ी भूमिका रही है। बेल्जियम का एंटवर्प शहर दुनिया के प्रमुख Diamond Trading Hubs में शामिल है और यहां भारतीय कारोबारियों की भी मजबूत मौजूदगी है। अब दोनों देश इस पुराने व्यापारिक रिश्ते को Defence, Technology, Energy और Critical Minerals जैसे नए क्षेत्रों से जोड़ना चाहते हैं। Maritime और Startup Sector में भी बढ़ेगा सहयोग भारत और बेल्जियम के बीच सहयोग का दायरा केवल Defence और Trade तक नहीं रहेगा। दोनों देशों ने Maritime Sector में Capacity Building और Startups के बीच संपर्क बढ़ाने पर भी सहमति जताई है। इसके अलावा Cybercrime से मुकाबला, Diplomatic Training और अन्य क्षेत्रों में भी सहयोग को मजबूत करने के लिए समझौते किए गए हैं। दोनों देश Migration and Mobility Partnership Agreement को जल्द पूरा करने की दिशा में भी आगे बढ़ रहे हैं। इससे दोनों देशों के बीच छात्रों, Professionals और लोगों के आवागमन से जुड़े अवसरों को बढ़ावा मिल सकता है। Terrorism पर भारत-बेल्जियम का एक सुर बैठक में आतंकवाद और दुनिया में चल रहे विभिन्न संघर्षों पर भी चर्चा हुई। भारत और बेल्जियम ने आतंकवाद के सभी रूपों के खिलाफ अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। पीएम मोदी ने कहा कि दोनों देश Dialogue और Diplomacy के जरिए विवादों के शांतिपूर्ण समाधान में विश्वास रखते हैं। वैश्विक स्तर पर बढ़ती अस्थिरता के बीच भारत और बेल्जियम के बीच रणनीतिक सहयोग को और मजबूत करने पर जोर दिया गया। भारत-बेल्जियम रिश्तों की पुरानी कहानी पीएम मोदी ने दोनों देशों के ऐतिहासिक रिश्तों का भी जिक्र किया। प्रथम विश्व युद्ध के दौरान बेल्जियम में भारतीय सैनिकों के योगदान और बलिदान को याद करते हुए उन्होंने कहा कि भारत और बेल्जियम के संबंध काफी पुराने हैं। बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर की यह पहली आधिकारिक भारत यात्रा है। एंटवर्प के मेयर के तौर पर उनका भारत और भारतीय समुदाय से पहले भी संपर्क रहा है। अब Diamond Trade से आगे बढ़ रही दोस्ती भारत और बेल्जियम की दोस्ती की पहचान लंबे समय तक Diamond Trade से जुड़ी रही है। लेकिन बदलती दुनिया में दोनों देशों के रिश्ते अब एक बड़े दायरे में फैल रहे हैं। जोरावर Tank से Defence Cooperation, Green Energy से Critical Minerals और Semiconductor से Bilateral Trade तक, भारत और बेल्जियम कई नए क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। पीएम मोदी और बार्ट डी वेवर की बैठक को इसी बदलती Partnership की एक अहम कड़ी माना जा रहा है। आने वाले वर्षों में अगर इन समझौतों और सहयोग योजनाओं को जमीन पर तेजी से उतारा जाता है, तो भारत-बेल्जियम संबंध आर्थिक रिश्तों से आगे बढ़कर एक मजबूत Strategic Partnership का रूप ले सकते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Tibet

Nepal Flood के बीच बड़ा Earthquake: Tibet में 5.1 Magnitude के झटके, अब तक 1,273 लोगों की मौत

Nepal-Tibet Flood हिमालयी इलाके में पिछले एक हफ्ते से जारी तबाही के बीच गुरुवार को एक और झटका महसूस किया गया। चीन के तिब्बत (Tibet) क्षेत्र में 5.1 तीव्रता का भूकंप आया। भूकंप ऐसे वक्त आया है, जब नेपाल और तिब्बत में भीषण Flood और Landslide के बाद हजारों लोग लापता हैं और राहत-बचाव अभियान लगातार चल रहा है। 26 अगस्त को नेपाल-चीन सीमा के पास आई विनाशकारी बाढ़ ने देखते ही देखते कई इलाकों की तस्वीर बदल दी थी। घर, सड़कें, पुल और Hydropower Projects मलबे और पानी की चपेट में आ गए। अब तक इस आपदा में नेपाल और तिब्बत को मिलाकर 1,273 लोगों की मौत हो चुकी है। Tibet में 5.1 तीव्रता का Earthquake जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज (GFZ) के अनुसार गुरुवार को तिब्बत में 5.1 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। भूकंप करीब 10 किलोमीटर की गहराई पर आया और इसका क्षेत्र नेपाल तथा भारत की सीमाओं के आसपास बताया गया है। हालांकि शुरुआती रिपोर्टों में इस भूकंप से बड़े पैमाने पर नए नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन पहले से तबाह इलाके में इसके झटके ने लोगों और Rescue Teams की चिंता जरूर बढ़ा दी है। एक हफ्ते पहले आई बाढ़ ने मचाई थी भारी तबाही 26 अगस्त को Bhote Koshi River के आसपास अचानक आई बाढ़ ने नेपाल-चीन सीमा क्षेत्र में भारी तबाही मचाई। अधिकारियों और विशेषज्ञों के मुताबिक इस आपदा के पीछे ग्लेशियर और चट्टानों के खिसकने से पैदा हुआ भारी मलबा और पानी प्रमुख वजह रहा। बाढ़ का तेज बहाव अपने साथ मिट्टी, चट्टान और मलबा लेकर नीचे की ओर आया और रास्ते में आने वाले घरों, सड़कों और पुलों को तबाह करता चला गया। नेपाल के विदेश मंत्रालय ने इस घटना को बेहद असाधारण बताते हुए इसे ‘Himalayan Tsunami’ तक कहा है। तिब्बत की ओर Gyirong Port भी बुरी तरह प्रभावित हुआ था। संपर्क मार्गों को नुकसान पहुंचने से शुरुआती दौर में राहत सामग्री और भारी मशीनरी को प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचाना बड़ी चुनौती बन गया। Nepal-Tibet Disaster में 1,273 लोगों की मौत 3 सितंबर तक सामने आए आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार नेपाल में 1,252 लोगों की मौत हो चुकी है और कम से कम 4,216 लोग अब भी लापता हैं। वहीं चीन के तिब्बत क्षेत्र में 21 लोगों की मौत और 541 लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आई है। इस तरह दोनों क्षेत्रों में मृतकों की संख्या 1,273 हो गई है। नेपाल में सबसे ज्यादा मौतें चितवन, नवलपरासी पूर्व, नवलपरासी पश्चिम और नुवाकोट जैसे जिलों में दर्ज हुई हैं। कई शवों की पहचान अभी बाकी है, जिससे परिवारों की बेचैनी और बढ़ गई है। हजारों लोग अब भी Missing, Tunnel में फंसे लोगों की तलाश सबसे बड़ी चिंता उन लोगों को लेकर है, जिनका अभी तक कोई पता नहीं चल पाया है। नेपाल में हजारों लोगों के लापता होने के अलावा कई Hydropower Projects में काम करने वाले कर्मचारियों के भी फंसे होने की आशंका है। करीब 900 Hydropower workers के अब भी लापता होने की बात सामने आई है। कुछ लोगों के सुरंगों में फंसे होने की आशंका के चलते Rescue Teams भारी मशीनों और अन्य उपकरणों की मदद से मलबा हटाने में जुटी हैं। नेपाल सरकार के मुताबिक भारत, चीन और दक्षिण कोरिया की Tunnel Rescue Teams नेपाली सेना के साथ मिलकर अभियान चला रही हैं। ड्रोन, भारी मशीनरी और अन्य राहत उपकरणों की मदद भी ली जा रही है। हजारों घर हुए तबाह, सामने बड़ी Rebuilding Challenge बाढ़ ने सिर्फ लोगों की जान नहीं ली, बल्कि हजारों परिवारों से उनका घर और रोजी-रोटी भी छीन ली। Reuters की रिपोर्ट के मुताबिक नेपाल में करीब 7,500 घर पूरी तरह तबाह हो चुके हैं और लगभग 20,000 घरों को दोबारा बनाने की जरूरत पड़ सकती है। सड़क और पुल टूटने के कारण कई इलाकों में राहत पहुंचाना अभी भी मुश्किल है। कुछ जगहों पर लोगों को नदी पार करने के लिए अस्थायी साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है। Rescue Operation के बीच नया भूकंप चिंता की वजह राहत और बचाव दल पहले ही बारिश, मलबे, तेज बहाव और अस्थिर पहाड़ी ढलानों से जूझ रहे हैं। ऐसे में तिब्बत में आया नया भूकंप हालात को और संवेदनशील बना सकता है। फिलहाल अधिकारियों की प्राथमिकता लापता लोगों की तलाश और प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाना है। नेपाल सरकार के मुताबिक Search and Rescue Operation अभी भी पूरी क्षमता के साथ जारी है। हिमालयी क्षेत्र की इस त्रासदी ने एक बार फिर दिखाया है कि पहाड़ी इलाकों में प्राकृतिक आपदाएं कितनी तेजी से बड़े संकट में बदल सकती हैं। बाढ़ के बाद भूकंप के झटके ने प्रभावित लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं, लेकिन Rescue Teams अब भी मलबे के बीच जिंदगी की तलाश में जुटी हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

जन्माष्टमी और गोगा नवमी पर इंदौर में ट्रैफिक व्यवस्था बदली, राजबाड़ा जाने से पहले जान लें ये रूट

इंदौर। जन्माष्टमी और गोगा नवमी के दौरान राजबाड़ा और आसपास के इलाकों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए इंदौर यातायात पुलिस ने 4 और 5 सितंबर को विशेष ट्रैफिक व्यवस्था लागू की है। इस दौरान कई प्रमुख मार्गों पर वाहनों की आवाजाही और पार्किंग पर रोक रहेगी, जबकि कुछ रास्तों पर ट्रैफिक डायवर्ट किया जाएगा। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे भीड़भाड़ वाले इलाकों में वाहन लेकर जाने से बचें और निर्धारित पार्किंग स्थलों का ही इस्तेमाल करें। 4 सितंबर को मंदिरों में उमड़ेगी भीड़ जन्माष्टमी के मौके पर 4 सितंबर को राजबाड़ा क्षेत्र के बांके बिहारी मंदिर, गोपाल मंदिर और यशोदा माता मंदिर सहित अन्य धार्मिक स्थलों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इसके अलावा नरसिंह बाजार स्थित द्वारकाधीश मंदिर, गोराकुंड चौराहे के जानकीनाथ मंदिर और छीपाबाकल क्षेत्र में मटकी फोड़ प्रतियोगिताओं का आयोजन होगा। इन कार्यक्रमों में प्रतियोगियों और दर्शकों की भीड़ को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने विशेष इंतजाम किए हैं। 5 सितंबर को गोगा नवमी के चलते भी राजबाड़ा और आसपास के क्षेत्रों में यातायात का दबाव बढ़ सकता है। राजबाड़ा क्षेत्र में इन रास्तों पर रहेगा प्रतिबंध सिटी बसों के रूट में भी बदलाव मृगनयनी और फ्रूट मार्केट की ओर से राजबाड़ा आने वाली सिटी बसें शाम 5 बजे के बाद राजबाड़ा नहीं जा सकेंगी। इनका संचालन संजय सेतु की ओर से किया जाएगा। वहीं कलेक्ट्रेट और हरसिद्धि की ओर से आने वाली सिटी बसें हरसिद्धि मंदिर चौराहे से आगे राजबाड़ा की ओर नहीं जा सकेंगी। बड़ा गणपति से एमजी रोड होते हुए राजबाड़ा जाने वाले वाहन चालकों को सुभाष मार्ग का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है। एयरपोर्ट जाने वालों के लिए ये रास्ते रहेंगे बेहतर त्योहार के दौरान राजबाड़ा क्षेत्र में ट्रैफिक दबाव को देखते हुए एयरपोर्ट जाने वाले यात्री वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल कर सकते हैं। कलेक्ट्रेट- महूनाका-गंगवाल-एयरपोर्ट मार्ग के अलावा विजयनगर-सुपर कॉरिडोर-बिजासन मार्ग से भी एयरपोर्ट पहुंचा जा सकता है। इन रास्तों से भी कर सकते हैं आवाजाही नगर निगम की ओर से आने वाले वाहन चालक शिवालय-भागीरथपुरा टी-पोलो ग्राउंड होते हुए परिवर्तित मार्ग का उपयोग कर सकते हैं। नंदलालपुरा, गुरुद्वारा चौराहा और अन्य भीड़भाड़ वाले इलाकों में जाने से बचने की सलाह दी गई है। जरूरत के अनुसार ट्रैफिक को संजय सेतु-चंद्रभागा-हरसिद्धि-जेएनबी-महू नाका मार्ग से संचालित किया जा सकता है। व्यावसायिक वाहनों पर भी रहेगी रोक बाजारों में भीड़ और ट्रैफिक दबाव को देखते हुए दोपहर बाद से व्यावसायिक वाहन, सिटी बस और ऑटो रिक्शा राजबाड़ा से सुभाष चौक, सराफा और बर्तन बाजार की ओर नहीं जा सकेंगे। निर्धारित पार्किंग स्थल श्रद्धालुओं के लिए प्रमुख पार्किंग स्थल इस प्रकार हैं: आपातकालीन सेवाओं से जुड़े वाहनों पर यह प्रतिबंध लागू नहीं होगा। जरूरत के अनुसार बदले जा सकते हैं रूट यातायात पुलिस के मुताबिक भीड़ और ट्रैफिक की स्थिति को देखते हुए समय-समय पर व्यवस्था में बदलाव किया जा सकता है। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त डायवर्शन भी लागू किया जाएगा। यातायात पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे धार्मिक आयोजनों के दौरान अनावश्यक रूप से वाहन लेकर भीड़ वाले क्षेत्रों में न जाएं, निर्धारित पार्किंग का इस्तेमाल करें और ट्रैफिक व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करें।

बिलासपुर हिंसा मामले में फरार राम सिंह का वीडियो आया सामने, कहा- जल्द करूंगा सरेंडर

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में हुई हिंसा के मामले में पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। पुलिस दोनों पक्षों के आरोपियों की तलाश कर रही है और अब तक 20 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इसी बीच मामले में फरार आरोपी राम सिंह का सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आया है। वीडियो में राम सिंह ने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा है कि वह अपने धर्म के लिए लड़ने की वजह से आरोपी बनाया जा रहा है। उसने यह भी कहा कि वह जल्द ही पुलिस के सामने सरेंडर करेगा। साथ ही राम सिंह ने जेल में अपनी जान को खतरा होने की आशंका भी जताई है। राम सिंह ने वीडियो में पुलिस पर उसे टारगेट करने का आरोप लगाया है। हालांकि, उसके इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। दोनों पक्षों के 20 आरोपी गिरफ्तार पुलिस के मुताबिक, मामले में अब तक दोनों पक्षों के 20 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें सोहेल खान गुट के 17 और ठाकुर राम सिंह गुट के 3 आरोपी शामिल हैं। कुछ आरोपी अभी भी फरार हैं, जिनकी तलाश के लिए पुलिस की टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। यह पूरा मामला सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र का है। पुलिस CCTV फुटेज और सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो की भी जांच कर रही है, ताकि हिंसा, पथराव, मारपीट, तोड़फोड़ और भीड़ को उकसाने में शामिल लोगों की पहचान की जा सके। CCTV में कट्टा लहराते नजर आया सोहेल पुलिस ने हिंसा के मामले में गिरफ्तार आरोपी सोहेल खान समेत 6 आरोपियों का पैदल जुलूस निकाला था। इसी बीच सोहेल का एक CCTV फुटेज सामने आया है, जिसमें वह हाथ में हथियार लहराते हुए दिखाई दे रहा है। पुलिस का कहना है कि फुटेज में सोहेल द्वारा हवाई फायरिंग किए जाने की भी बात सामने आई है। इस वीडियो की जांच पुलिस द्वारा की जा रही है। सोहेल से एयर पिस्टल और देशी कट्टा बरामद गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने सोहेल खान, अब्दुल रज्जाक मकवाना, अरबाज खान, नुमान अली, शेख सुल्तान और मोहम्मद मुस्तकीन से पूछताछ की। पुलिस के अनुसार, सोहेल की निशानदेही पर उसके घर से एयर पिस्टल और देशी कट्टा बरामद किया गया है। पुलिस के मुताबिक, सोहेल के खिलाफ पहले से कई मामले दर्ज हैं। एसएसपी रजनेश सिंह ने बताया कि कोतवाली थाना क्षेत्र के निगरानी बदमाश सोहेल के खिलाफ 20 मामले दर्ज हैं। राम सिंह और उसके भाई के घर पुलिस की दबिश राम सिंह और उसके भाई की तलाश में पुलिस ने देर रात उनके घरों पर भी दबिश दी। हालांकि, पुलिस को दोनों जगहों से कोई सुराग नहीं मिला। पुलिस को आशंका है कि राम सिंह और उसके साथी बिलासपुर, रायपुर या आसपास के ग्रामीण इलाकों में छिपे हो सकते हैं। उनकी तलाश में पुलिस की टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर कार्रवाई कर रही हैं। अब राम सिंह के सोशल मीडिया वीडियो के बाद उसके सरेंडर करने की बात सामने आई है। पुलिस की नजर उसकी अगली गतिविधियों पर है और उसके ठिकाने की तलाश भी जारी है।

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