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JEE Main 2027

JEE Main 2027 NTA ने जारी की Exam Dates, 22 जनवरी से शुरू होगा पहला Session

JEE Main 2027 की तैयारी कर रहे लाखों छात्रों के लिए जरूरी अपडेट सामने आया है। National Testing Agency (NTA) ने JEE Main 2027 के पहले Session की परीक्षा तारीखों का ऐलान कर दिया है। परीक्षा जनवरी 2027 में आयोजित होगी और इसके लिए कुल 6 तारीखें तय की गई हैं। NTA के शेड्यूल के मुताबिक JEE Main 2027 Session 1 की परीक्षा 22, 23, 24, 28, 29 और 30 जनवरी 2027 को होगी। इसके अलावा 31 जनवरी को Buffer Date के तौर पर रखा गया है। 6 Dates पर होगी JEE Main 2027 परीक्षा इस बार JEE Main Session 1 की परीक्षा जनवरी में अलग-अलग दिनों में कराई जाएगी। उम्मीदवारों को परीक्षा की तारीख उनके Application और Exam City से जुड़ी जानकारी के आधार पर पता चलेगी। JEE Main 2027 Session 1 का शेड्यूल इस तरह है: Registration Date का अभी इंतजार परीक्षा की तारीखों की घोषणा हो चुकी है, लेकिन JEE Main 2027 Registration की शुरुआत को लेकर छात्रों को अभी आधिकारिक अपडेट का इंतजार है। NTA की ओर से Application Form जारी होने के बाद ही आवेदन की अंतिम तारीख और फीस समेत बाकी जानकारी साफ होगी। छात्रों को सलाह है कि वे केवल NTA की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी होने वाली सूचना को ही अंतिम मानें। सोशल मीडिया या दूसरी वेबसाइटों पर चल रही संभावित तारीखों पर पूरी तरह भरोसा न करें। JEE Main 2027 Session 2 कब होगा? JEE Main का आयोजन दो Sessions में किया जाता है। पहला Session जनवरी 2027 में प्रस्तावित है, जबकि दूसरा Session अप्रैल 2027 में आयोजित किया जाना है। Session 2 की सटीक तारीखों का ऐलान बाद में किया जाएगा। दोनों Sessions में शामिल होने वाले छात्रों को अपने Score और तैयारी के हिसाब से दोनों मौके का इस्तेमाल करने का अवसर मिलेगा। छात्रों के लिए अभी सबसे जरूरी काम परीक्षा की तारीख सामने आने के बाद तैयारी कर रहे छात्रों के लिए अब टाइम मैनेजमेंट और भी अहम हो गया है। अगर Syllabus पूरा हो चुका है तो अब केवल पढ़ने के बजाय Revision, Previous Year Questions और Mock Tests पर ज्यादा ध्यान देना फायदेमंद रहेगा। खासकर कमजोर Topics को दोबारा देखना और नियमित Mock Test देकर अपनी Speed और Accuracy सुधारना तैयारी को बेहतर बना सकता है। JEE Main 2027 को लेकर छात्रों को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि NTA की ओर से जारी विस्तृत Information Bulletin में Eligibility, Registration, Exam Pattern, Application Fee, Admit Card और दूसरे जरूरी नियमों की पूरी जानकारी दी जाएगी। ऐसे में उम्मीदवारों को सलाह है कि वे NTA के Official Updates पर नजर बनाए रखें और Application Form जारी होते ही जरूरी दस्तावेजों के साथ आवेदन प्रक्रिया पूरी करें। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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MPPSC Assistant Professor Exam: इंदौर में 30 Centers पर 12 हजार Candidates, Three-Layer Security में परीक्षा

MPPSC Assistant Professor Exam: इंदौर में 30 Centers पर 12 हजार Candidates, Three-Layer Security में परीक्षा

इंदौर में MPPSC Assistant Professor Exam का आयोजन किया गया। परीक्षा के लिए शहर में कुल 30 परीक्षा केंद्र बनाए गए, जहां करीब 12 हजार अभ्यर्थी शामिल हुए। परीक्षा को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से कराने के लिए केंद्रों पर सुरक्षा के खास इंतजाम किए गए। परीक्षा में शामिल होने वाले कई अभ्यर्थी निर्धारित समय से करीब डेढ़ घंटे पहले ही परीक्षा केंद्रों पर पहुंच गए। सुबह से ही केंद्रों के बाहर उम्मीदवारों की आवाजाही देखने को मिली। 30 परीक्षा केंद्रों पर करीब 12 हजार अभ्यर्थी MPPSC Assistant Professor परीक्षा के लिए इंदौर में 30 केंद्र निर्धारित किए गए थे। इन केंद्रों पर लगभग 12 हजार अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। दूर-दराज के इलाकों से आने वाले कई उम्मीदवारों ने समय से पहले पहुंचना बेहतर समझा, ताकि ट्रैफिक या किसी अन्य वजह से परीक्षा केंद्र पहुंचने में परेशानी न हो। Three-Layer Security में निगरानी परीक्षा को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा की तीन स्तर की व्यवस्था की। केंद्रों पर अभ्यर्थियों की जांच और निगरानी के लिए अलग-अलग स्तर पर व्यवस्था रखी गई। परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश से पहले जरूरी जांच की गई। अधिकारियों और सुरक्षा कर्मचारियों ने परीक्षा के दौरान भी व्यवस्थाओं पर नजर बनाए रखी। डेढ़ घंटे पहले पहुंचने लगे Students परीक्षा शुरू होने से काफी पहले ही अभ्यर्थी केंद्रों पर पहुंचने लगे थे। कई स्टूडेंट्स ने बताया कि वे किसी तरह की देरी का जोखिम नहीं लेना चाहते थे। केंद्रों के बाहर उम्मीदवारों में परीक्षा को लेकर उत्सुकता और तैयारी का माहौल दिखाई दिया। समय से पहले पहुंचने के कारण अभ्यर्थियों को प्रवेश प्रक्रिया पूरी करने में भी सुविधा मिली।
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LNCT

LNCT Tiranga Yatra: हाथों में तिरंगा, दिल में देशभक्ति; वंदे भारत यात्रा में दिखा जोश

देशभक्ति सिर्फ शब्दों में नहीं, बल्कि उसे महसूस करने और दूसरों तक पहुंचाने में भी है। इसी भावना को सामने रखते हुए LNCT परिवार ने “वंदे भारत तिरंगा यात्रा” का आयोजन किया। हाथों में लहराता तिरंगा, चेहरे पर उत्साह और दिल में देश के लिए सम्मान—यात्रा के दौरान ऐसा ही माहौल देखने को मिला। इस आयोजन में LNCT परिवार से जुड़े विद्यार्थियों, शिक्षकों और अन्य सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। तिरंगे के साथ आगे बढ़ती यात्रा ने लोगों का ध्यान खींचा और पूरे वातावरण में राष्ट्रप्रेम की भावना नजर आई। तिरंगे के साथ एकता और राष्ट्रप्रेम का संदेश “वंदे भारत तिरंगा यात्रा” का उद्देश्य लोगों के बीच देशभक्ति, राष्ट्रीय एकता और तिरंगे के सम्मान की भावना को मजबूत करना रहा। यात्रा में शामिल प्रतिभागियों ने राष्ट्रीय ध्वज को देश की आन, बान और शान बताते हुए एकजुटता का संदेश दिया। यात्रा के दौरान विद्यार्थियों में खास उत्साह देखने को मिला। युवाओं की भागीदारी ने कार्यक्रम को ऊर्जा दी और यह भी दिखाया कि नई पीढ़ी देश के प्रति अपने कर्तव्यों और जिम्मेदारियों को लेकर जागरूक है। युवाओं ने बढ़ाया कार्यक्रम का उत्साह LNCT परिवार के विद्यार्थियों ने यात्रा में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। हाथों में तिरंगा लेकर आगे बढ़ते युवाओं के चेहरों पर देश के प्रति गर्व साफ दिखाई दिया। इस दौरान देश की एकता और अखंडता से जुड़े संदेश भी लोगों तक पहुंचाए गए। आयोजन से जुड़े लोगों का मानना है कि इस तरह के कार्यक्रम युवाओं को देश के इतिहास, राष्ट्रीय प्रतीकों और नागरिक जिम्मेदारियों से जोड़ने का काम करते हैं। साथ ही, सामूहिक रूप से मनाए जाने वाले ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा भी पैदा करते हैं। लोगों ने भी दिखाई सहभागिता तिरंगा यात्रा के दौरान आम लोगों में भी उत्साह नजर आया। यात्रा को देखने के लिए कई लोग रुके और राष्ट्रध्वज के प्रति सम्मान व्यक्त किया। इस पूरे आयोजन ने देशभक्ति की भावना को एक सामूहिक अनुभव में बदल दिया। यात्रा का संदेश साफ था—देश की ताकत उसकी एकता में है और तिरंगा इस एकता का सबसे बड़ा प्रतीक है। LNCT परिवार ने दिया राष्ट्रहित का संदेश “वंदे भारत तिरंगा यात्रा” LNCT परिवार के लिए सिर्फ एक आयोजन नहीं, बल्कि विद्यार्थियों और समाज के बीच राष्ट्रप्रेम और जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करने का प्रयास रहा। कार्यक्रम के जरिए यह संदेश दिया गया कि देश के प्रति सम्मान और जिम्मेदारी हर नागरिक के जीवन का हिस्सा होनी चाहिए। तिरंगे के साथ निकली इस यात्रा ने लोगों के बीच देशभक्ति का माहौल बनाया और युवाओं को राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका समझने का संदेश दिया। यही इस आयोजन की सबसे बड़ी खासियत रही। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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NCERT

NCERT-CBSE Jobs: हजारों पद खाली, संसदीय समिति ने भर्ती तेज करने को कहा

देश की स्कूली शिक्षा व्यवस्था से जुड़े दो बड़े संस्थानों NCERT और CBSE में बड़ी संख्या में पद खाली पड़े हैं। सामने आई जानकारी के मुताबिक, NCERT में 1,596 और CBSE में 933 पद रिक्त हैं। यानी दोनों संस्थानों को मिलाकर 2,529 पदों पर नियुक्तियां बाकी हैं। इतनी बड़ी संख्या में vacancies को लेकर संसदीय समिति ने चिंता जाहिर की है। NCERT में 1,596 पद खाली राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) देश की स्कूली शिक्षा के लिए पाठ्यक्रम, किताबों, शिक्षक प्रशिक्षण और शैक्षणिक शोध जैसे महत्वपूर्ण काम करता है। ऐसे संस्थान में बड़ी संख्या में पद खाली रहना चिंता का विषय माना जा रहा है। NCERT Vacancy के आंकड़े बताते हैं कि यहां 1,596 पदों पर नियुक्तियां नहीं हुई हैं। लंबे समय तक रिक्तियां बनी रहने से संस्थान के रोजमर्रा के काम के साथ-साथ शैक्षणिक और शोध संबंधी गतिविधियों पर भी दबाव बढ़ सकता है। CBSE में 933 पदों पर भर्ती बाकी दूसरी ओर, Central Board of Secondary Education (CBSE) में भी 933 पद खाली हैं। CBSE देशभर के संबद्ध स्कूलों, बोर्ड परीक्षाओं और विद्यार्थियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्यों की जिम्मेदारी संभालता है। ऐसे में यहां स्टाफ की कमी का असर प्रशासनिक कामकाज पर पड़ने की आशंका स्वाभाविक है। खासकर परीक्षा और परिणाम जैसे संवेदनशील कार्यों के दौरान पर्याप्त कर्मचारियों की जरूरत और भी बढ़ जाती है। संसदीय समिति ने उठाया सवाल NCERT और CBSE में खाली पदों की संख्या पर संसदीय समिति ने गंभीर चिंता व्यक्त की है। समिति का मानना है कि शिक्षा व्यवस्था के इन अहम संस्थानों में पर्याप्त मानव संसाधन होना जरूरी है। रिक्त पद लंबे समय तक खाली रहने से काम का बोझ मौजूदा कर्मचारियों पर बढ़ सकता है। समिति ने रिक्तियों को जल्द भरने की जरूरत पर जोर दिया है, ताकि संस्थानों का कामकाज बिना किसी अनावश्यक बाधा के चलता रहे। 2,529 Vacancies ने बढ़ाई चिंता NCERT और CBSE को मिलाकर 2,529 पद खाली होना इस पूरे मामले की गंभीरता को दिखाता है। ये दोनों संस्थान सीधे तौर पर स्कूली शिक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण काम संभालते हैं। इसलिए इन पदों पर समय रहते नियुक्तियां करना जरूरी माना जा रहा है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि इन NCERT और CBSE Vacancies को भरने के लिए भर्ती प्रक्रिया कब पूरी होती है। अगर रिक्त पद जल्द भरे जाते हैं तो इससे संस्थानों की कार्यक्षमता बढ़ाने और शिक्षा से जुड़े कामों को बेहतर तरीके से आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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NEET Paper Leak Case

NEET Paper Leak Case में बड़ा खुलासा, NTA Experts पर सवाल; WhatsApp-Telegram से फैला पेपर

NEET Paper Leak Case को लेकर CBI की जांच में एक के बाद एक गंभीर बातें सामने आने का दावा किया गया है। जांच एजेंसी के मुताबिक, कथित पेपर लीक की साजिश परीक्षा से काफी पहले शुरू हो गई थी। आरोप है कि परीक्षा से जुड़े कुछ लोगों ने प्रश्नपत्र तैयार होने के दौरान ही सवालों को याद किया और बाद में इन्हें छात्रों तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई। CBI की जांच में यह भी सामने आने का दावा किया गया है कि पेपर से जुड़े सवालों को छात्रों तक पहुंचाने के लिए WhatsApp और Telegram जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया गया। इस पूरे मामले ने देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा की गोपनीयता और व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पेपर तैयार होने के दौरान सवाल याद करने का आरोप जांच से जुड़े दावों के अनुसार, कथित तौर पर परीक्षा प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया से जुड़े कुछ NTA एक्सपर्ट्स ने सवालों को याद कर लिया था। इसके बाद इन सवालों को आगे पहुंचाने की कोशिश की गई। CBI का मानना है कि यह कोई अचानक हुई घटना नहीं थी, बल्कि इसके पीछे पहले से बनाई गई योजना हो सकती है। एजेंसी इसी कड़ी को जोड़ते हुए यह पता लगाने में जुटी है कि प्रश्नपत्र से संबंधित जानकारी किस स्तर पर बाहर निकली और किन लोगों के बीच इसका आदान-प्रदान हुआ। WhatsApp और Telegram बने कथित जरिया जांच में डिजिटल माध्यमों की भूमिका भी महत्वपूर्ण बताई जा रही है। आरोप है कि प्रश्नपत्र से संबंधित सवालों या उनकी जानकारी को WhatsApp और Telegram के जरिए छात्रों तक पहुंचाया गया। सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल से ऐसी जानकारी को कम समय में कई लोगों तक पहुंचाना आसान हो जाता है। यही वजह है कि जांच एजेंसियां डिजिटल चैट, मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सबूतों की भी जांच कर रही हैं। छात्रों और अभिभावकों के बीच बढ़ी चिंता NEET जैसी परीक्षा लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ी होती है। मेडिकल कॉलेज में दाखिले की उम्मीद लेकर विद्यार्थी महीनों और कई बार वर्षों तक तैयारी करते हैं। ऐसे में पेपर लीक या परीक्षा में गड़बड़ी की कोई भी खबर छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा देती है। इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर प्रश्नपत्र की गोपनीय जानकारी वास्तव में परीक्षा से पहले बाहर गई थी, तो वह सुरक्षा व्यवस्था को पार करके बाहर कैसे पहुंची और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे। CBI जांच में आगे क्या? CBI इस मामले में कथित पेपर लीक की पूरी कड़ी को समझने की कोशिश कर रही है। जांच का फोकस यह पता लगाने पर है कि प्रश्नपत्र से जुड़ी जानकारी किसने हासिल की, उसे किस तरह सुरक्षित रखा गया और फिर छात्रों तक कैसे पहुंचाया गया। जांच एजेंसी डिजिटल सबूतों के साथ-साथ आरोपियों और अन्य संबंधित लोगों से पूछताछ के जरिए पूरे नेटवर्क की भूमिका सामने लाने की कोशिश कर रही है। फिलहाल जांच से सामने आए दावों को अंतिम निष्कर्ष नहीं माना जा सकता। मामले में अदालत की कार्यवाही और CBI की आगे की जांच से ही यह स्पष्ट होगा कि कथित पेपर लीक की पूरी साजिश किस तरह काम कर रही थी और इसमें कौन-कौन लोग वास्तव में शामिल थे। NEET Paper Leak Case ने एक बार फिर यह सवाल जरूर खड़ा कर दिया है कि देश की महत्वपूर्ण प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रश्नपत्र की गोपनीयता और सुरक्षा को और मजबूत करने की जरूरत है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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NEET PG

NEET PG 2026 में बड़ा बदलाव: Single Shift Exam से लेकर Home के पास Centre तक

मेडिकल पीजी की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए परीक्षा से जुड़ी व्यवस्था में इस बार कई अहम बदलाव देखने को मिल सकते हैं। NEET PG को लेकर सामने आई जानकारी के मुताबिक परीक्षा एक ही शिफ्ट में कराने और उम्मीदवारों को घर के नजदीक Exam Centre उपलब्ध कराने की तैयारी है। दूसरी तरफ परीक्षा की गोपनीयता और सुरक्षा को लेकर भी NTA ने बड़ा कदम उठाया है। पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था से जुड़े विवादों के बाद अब National Testing Agency (NTA) अपनी सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। रिपोर्ट के मुताबिक एजेंसी ने अपने कार्यालयों और परीक्षा सामग्री की सुरक्षा के लिए करीब 7.5 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया है। Single Shift में होगी NEET PG परीक्षा NEET PG 2026 में सबसे बड़ा बदलाव परीक्षा की शिफ्ट को लेकर है। इस बार परीक्षा को अलग-अलग शिफ्ट में कराने के बजाय Single Shift में आयोजित करने की योजना है। इसका सीधा फायदा यह होगा कि सभी अभ्यर्थी एक ही समय में परीक्षा देंगे और शिफ्ट के हिसाब से कठिनाई के अंतर को लेकर उठने वाले सवालों की गुंजाइश कम होगी। मेडिकल प्रवेश परीक्षा में लाखों उम्मीदवार शामिल होते हैं। ऐसे में एक ही शिफ्ट में परीक्षा कराने का फैसला परीक्षा प्रक्रिया को ज्यादा समान और पारदर्शी बनाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। घर के पास मिलेगा Exam Centre परीक्षा देने के लिए दूसरे शहर या बहुत दूर जाने की परेशानी भी कम करने की तैयारी है। उम्मीदवारों को उनके घर के आसपास या नजदीकी शहर में Exam Centre देने पर जोर दिया जा रहा है। इस बदलाव से छात्रों और उनके परिवारों को यात्रा, रहने और आने-जाने के खर्च में राहत मिल सकती है। खासकर उन उम्मीदवारों के लिए यह सुविधा महत्वपूर्ण होगी, जिन्हें परीक्षा के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। Exam Pattern में भी बदलाव NEET PG के पेपर को लेकर भी बदलाव की जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार प्रश्नों की संख्या कम की गई है, जबकि परीक्षा की कुल अवधि में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया है। इसका मतलब यह हो सकता है कि उम्मीदवारों के पास प्रत्येक प्रश्न को पढ़ने और जवाब देने के लिए अपेक्षाकृत ज्यादा समय रहेगा। हालांकि परीक्षा के अंतिम पैटर्न और विस्तृत नियमों के लिए उम्मीदवारों को आधिकारिक सूचना का इंतजार करना होगा। Paper Leak के बाद NTA ने बढ़ाई Security परीक्षा व्यवस्था में बदलाव के साथ-साथ NTA ने सुरक्षा को लेकर भी बड़ा कदम उठाया है। रिपोर्ट के मुताबिक एजेंसी ने अपने कार्यालयों और परीक्षा से जुड़ी संवेदनशील सामग्री की सुरक्षा के लिए करीब ₹7.5 करोड़ का टेंडर जारी किया है। इस योजना के तहत संबंधित स्थानों पर 24 घंटे Security उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाएगा। परीक्षा से जुड़े दस्तावेज और अन्य संवेदनशील सामग्री अनधिकृत पहुंच से सुरक्षित रहें, इसके लिए निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। क्यों जरूरी है 24×7 Security? NEET PG जैसी परीक्षा में देशभर से बड़ी संख्या में मेडिकल उम्मीदवार शामिल होते हैं। ऐसे में प्रश्नपत्र और परीक्षा सामग्री की सुरक्षा सीधे परीक्षा की विश्वसनीयता से जुड़ी होती है। पिछले कुछ समय में प्रतियोगी परीक्षाओं की व्यवस्था और पेपर की सुरक्षा को लेकर लगातार चर्चा हुई है। ऐसे माहौल में NTA की ओर से सुरक्षा पर ज्यादा ध्यान देना छात्रों के भरोसे के लिहाज से अहम माना जा रहा है। छात्रों के लिए क्या बदलेगा? NEET PG 2026 की नई व्यवस्था को आसान शब्दों में समझें तो उम्मीदवारों के लिए तीन बातें सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण हैं—Single Shift Exam, नजदीकी Exam Centre और मजबूत Security System। NEET PG 2026 के बड़े बदलाव छात्रों को अब क्या करना चाहिए? अभ्यर्थियों को परीक्षा की तैयारी के साथ-साथ NTA की ओर से जारी होने वाले Official Notice पर भी नजर रखनी चाहिए। Exam Centre, परीक्षा का पैटर्न, समय और अन्य नियमों से जुड़ी अंतिम जानकारी आधिकारिक घोषणा के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट होगी। फिलहाल NEET PG 2026 को लेकर सामने आ रहे ये बदलाव छात्रों के लिए राहत देने वाले नजर आते हैं। एक तरफ नजदीकी सेंटर और Single Shift से परीक्षा प्रक्रिया आसान बनाने की कोशिश है, वहीं दूसरी तरफ NTA की नई Security व्यवस्था का मकसद परीक्षा की गोपनीयता और भरोसा कायम रखना है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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NEET UG Result

NEET UG Result 2026: Aryan Gupta-Panshul Bansal बने Topper, 715/720 Score से चमकाया नाम

NEET UG 2026 Result: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2026 का रिजल्ट जारी हो गया है। लाखों मेडिकल उम्मीदवारों के लिए यह दिन बेहद खास रहा। लंबे समय की मेहनत, तैयारी और इंतजार के बाद अब छात्रों को अपने स्कोर और रैंक की जानकारी मिल गई है। इस साल 11.21 लाख से ज्यादा उम्मीदवारों ने NEET UG परीक्षा में सफलता हासिल की है। रिजल्ट जारी होते ही देशभर में सफल छात्रों के चेहरों पर खुशी देखने को मिली। कई छात्रों ने अपनी मेहनत के दम पर शानदार स्कोर हासिल किया और मेडिकल कॉलेज में दाखिले की ओर अपना पहला कदम बढ़ाया। Punjab-Haryana के छात्रों का दबदबा, 715/720 अंक के साथ बने Topper NEET UG 2026 में इस बार टॉप रैंक पर पंजाब और हरियाणा के छात्रों ने अपनी जगह बनाई है। Punjab के Aryan Gupta और Haryana के Panshul Bansal ने संयुक्त रूप से पहला स्थान हासिल किया है। दोनों छात्रों ने 720 में से 715 अंक प्राप्त कर देशभर में शानदार प्रदर्शन किया। टॉपर्स की इस सफलता के पीछे उनकी लगातार मेहनत, बेहतर टाइम मैनेजमेंट और परीक्षा की सही रणनीति को अहम वजह माना जा रहा है। उनकी उपलब्धि NEET की तैयारी कर रहे लाखों छात्रों के लिए प्रेरणा बन गई है। 690+ Score करने वाले छात्रों की संख्या भी रही शानदार NEET UG 2026 के परिणामों में हाई स्कोर करने वाले उम्मीदवारों की संख्या भी काफी अधिक रही। इस बार 138 छात्रों ने 690 या उससे ज्यादा अंक हासिल किए हैं। वहीं कई उम्मीदवारों ने 700 से अधिक अंक प्राप्त कर अपनी मजबूत तैयारी का प्रदर्शन किया। 720 अंकों की परीक्षा में इतने बड़े स्कोर हासिल करना छात्रों के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा और कठिन मेहनत को दिखाता है। 11 लाख से ज्यादा छात्रों का Medical College Admission का रास्ता साफ NEET UG परीक्षा के जरिए देशभर के मेडिकल कॉलेजों में MBBS, BDS और अन्य मेडिकल कोर्स में एडमिशन मिलता है। रिजल्ट जारी होने के बाद अब सफल उम्मीदवारों को आगे की प्रक्रिया यानी Counselling और Seat Allotment का इंतजार रहेगा। काउंसलिंग के दौरान छात्रों को उनकी रैंक, कैटेगरी और उपलब्ध सीटों के आधार पर मेडिकल कॉलेज चुनने का मौका मिलेगा। Students की मेहनत का मिला फल, परिवारों में खुशी का माहौल NEET जैसी कठिन परीक्षा को पास करना हर मेडिकल उम्मीदवार का सपना होता है। कई छात्रों ने सोशल मीडिया पर अपनी सफलता की कहानी साझा की और बताया कि लगातार पढ़ाई, धैर्य और परिवार के सहयोग ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया। वहीं, जिन छात्रों को उम्मीद के मुताबिक अंक नहीं मिले हैं, उनके लिए भी आगे कई अवसर मौजूद हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि एक परीक्षा किसी छात्र की पूरी क्षमता तय नहीं करती। Result Highlights NEET UG 2026: लाखों युवाओं के डॉक्टर बनने की राह हुई आसान NEET UG का रिजल्ट सिर्फ एक परीक्षा का परिणाम नहीं है, बल्कि उन लाखों छात्रों की मेहनत का नतीजा है जिन्होंने डॉक्टर बनने का सपना देखा है। टॉपर्स की सफलता से लेकर लाखों छात्रों की खुशी तक, इस बार का रिजल्ट कई यादगार कहानियां लेकर आया है। अब सभी सफल उम्मीदवारों की नजर मेडिकल कॉलेज एडमिशन और नई शुरुआत पर है। आने वाले दिनों में काउंसलिंग प्रक्रिया के साथ छात्रों के डॉक्टर बनने के सफर की अगली शुरुआत होगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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NEET Exam Leak

NEET Exam Leak: CBI Investigation में बड़ा खुलासा, लातूर Coaching से जुड़ा पूरा Paper Leak Network

देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 Exam Leak मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने ऐसा खुलासा किया है, जिसने पूरे शिक्षा तंत्र पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच एजेंसी के मुताबिक, महाराष्ट्र के लातूर में एक कोचिंग सेंटर संचालक के पास से बरामद 136 हस्तलिखित प्रश्नों में से 111 प्रश्न हूबहू NEET-UG 2026 की परीक्षा में पूछे गए। इस खुलासे के बाद साफ हो गया है कि यह मामला केवल संदेह तक सीमित नहीं था, बल्कि परीक्षा से पहले ही प्रश्नों की पहुंच कुछ लोगों तक हो चुकी थी। CBI की जांच में क्या सामने आया? CBI ने इस मामले में लातूर के रेणुकाई केमिस्ट्री क्लासेस के संचालक शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर को गिरफ्तार किया है। एजेंसी का दावा है कि आरोपी के मोबाइल फोन से केमिस्ट्री विषय के हस्तलिखित प्रश्नों की कई तस्वीरें मिलीं। जब इन सवालों का मिलान राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के मास्टर प्रश्नपत्र से किया गया, तो 136 में से 111 प्रश्न पूरी तरह मेल खाते पाए गए। जांच अधिकारियों के अनुसार, यह अब तक का सबसे मजबूत डिजिटल और दस्तावेजी सबूत माना जा रहा है। परीक्षा से पहले ही पहुंच गया था प्रश्नपत्र CBI की जांच में सामने आया कि आरोपी के मोबाइल में मौजूद इन तस्वीरों की तारीख 23 अप्रैल 2026 की है, जबकि NEET-UG परीक्षा 3 मई 2026 को आयोजित हुई थी। यानी परीक्षा से करीब 10 दिन पहले ही ये प्रश्न आरोपी के पास मौजूद थे। जांच एजेंसी का कहना है कि इससे यह संकेत मिलता है कि प्रश्नपत्र आधिकारिक परीक्षा से पहले ही लीक हो चुका था। कैसे चला पूरा खेल? जांच के मुताबिक, प्रश्नपत्र कथित तौर पर NTA से जुड़े एक पैनल सदस्य और अनुवादक के माध्यम से बाहर पहुंचा। इसके बाद इसे चुनिंदा लोगों तक पहुंचाया गया और हस्तलिखित नोट्स तैयार कर छात्रों को याद करवाया गया। CBI को यह भी जानकारी मिली है कि कुछ अभ्यर्थियों को कथित तौर पर लीक प्रश्नपत्र और उत्तर परीक्षा से पहले उपलब्ध कराए गए थे। पूरे मामले में कई राज्यों में फैले नेटवर्क की भूमिका की जांच जारी है। Telegram के जरिए लाखों रुपये में हुई डील जांच में यह भी सामने आया है कि लीक प्रश्नपत्र की PDF फाइलें कथित तौर पर Telegram के माध्यम से बेची गईं। इसके अलावा करीब 150 पन्नों का एक गेस पेपर भी कुछ छात्रों तक पहुंचाया गया, जिसमें सैकड़ों प्रश्न शामिल थे। जांच के दौरान इनमें से बड़ी संख्या में सवाल वास्तविक परीक्षा में पूछे गए पाए गए। CBI अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल थे तथा कितने छात्रों को इसका फायदा पहुंचाया गया। अब तक कई गिरफ्तारियां पेपर लीक मामले में अब तक 13 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इनमें कोचिंग संस्थानों से जुड़े लोग, छात्र और परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े कुछ अन्य आरोपी शामिल हैं। जांच एजेंसी लगातार डिजिटल रिकॉर्ड, मोबाइल डेटा और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सबूतों की फोरेंसिक जांच कर रही है। CBI का मानना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। छात्रों की मेहनत पर उठे सवाल NEET परीक्षा हर साल लाखों छात्रों के मेडिकल कॉलेज में प्रवेश का सपना तय करती है। ऐसे में पेपर लीक जैसे मामलों ने छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। जो विद्यार्थी महीनों तक ईमानदारी से तैयारी करते हैं, उनके लिए ऐसी घटनाएं पूरी परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करती हैं। फिलहाल मामले की सुनवाई अदालत में जारी है और CBI पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी हुई है। जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि इस पेपर लीक में कितने लोग शामिल थे और इसके पीछे कितना बड़ा संगठित गिरोह काम कर रहा था। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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CBSE

CBSE Education Rule 2026: Third Language Assessment में फेल हुए तो नहीं मिलेगा 10वीं का Certificate

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने कक्षा 9 और 10 के छात्रों के लिए भाषा शिक्षा से जुड़ा एक बड़ा बदलाव किया है। नए नियम के तहत अब छात्रों को Class 10 Pass Certificate पाने के लिए Third Language (तीसरी भाषा) में भी सफल होना जरूरी होगा। हालांकि, थर्ड लैंग्वेज की बोर्ड परीक्षा नहीं होगी, लेकिन स्कूल द्वारा कराए जाने वाले Internal Assessment में पास होना अनिवार्य रहेगा। यह नया नियम उन छात्रों पर लागू होगा जो Academic Session 2026-27 में Class 9 में प्रवेश लेंगे और 2027-28 में Class 10 Board Exam देंगे। CBSE का यह फैसला राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत छात्रों में बहुभाषी शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लिया गया है। CBSE Third Language Rule: क्या बदला है? अब तक कई छात्र तीसरी भाषा को केवल एक अतिरिक्त विषय के रूप में देखते थे, लेकिन नए नियम के बाद इसकी अहमियत बढ़ जाएगी। CBSE के अनुसार, कक्षा 9 और 10 के छात्रों को तीन भाषाओं का अध्ययन करना होगा। नए नियम की मुख्य बातें: Third Language में Fail होने पर क्या होगा? CBSE ने छात्रों को राहत देते हुए यह भी स्पष्ट किया है कि अगर कोई छात्र Third Language Internal Assessment में सफल नहीं हो पाता है, तो उसे सुधार का मौका दिया जाएगा। ऐसी स्थिति में: NEP 2020 के तहत क्यों आया यह बदलाव? CBSE का मानना है कि आज के समय में भाषा का ज्ञान केवल परीक्षा तक सीमित नहीं होना चाहिए। नई शिक्षा नीति 2020 में छात्रों को कई भाषाओं को समझने और सीखने पर जोर दिया गया है। Third Language को अनिवार्य करने का उद्देश्य है कि छात्र: Students और Parents के लिए जरूरी जानकारी नए नियम को लेकर छात्रों और अभिभावकों के मन में कई सवाल हैं। उन्हें ध्यान रखना होगा कि: CBSE Education System में बड़ा बदलाव CBSE का यह फैसला स्कूल शिक्षा प्रणाली में भाषा सीखने के तरीके को बदल सकता है। अब छात्रों को केवल मुख्य विषयों पर ही नहीं, बल्कि भाषा कौशल पर भी ध्यान देना होगा। छात्रों के लिए यह जरूरी है कि वे Third Language को बोझ न समझें, बल्कि इसे नई भाषा सीखने और अपनी क्षमता बढ़ाने के अवसर के रूप में देखें।
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Study Abroad अब India में: 15 International Universities को मिली मंजूरी, अगस्त से शुरू हो सकता है पहला बैच

Study Abroad अब India में: 15 International Universities को मिली मंजूरी, अगस्त से शुरू हो सकता है पहला बैच

भारत की higher education system में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। अब छात्रों को विदेश जाकर पढ़ाई करने की जरूरत पहले जैसी नहीं रहेगी। सरकार और UGC ने करीब 15 विदेशी यूनिवर्सिटियों को भारत में कैंपस खोलने की मंजूरी दे दी है। यह कदम NEP 2020 के तहत education को global बनाने की दिशा में काफी अहम माना जा रहा है। अगले कुछ महीनों में कई कैंपस की शुरुआत होने वाली है और रिपोर्ट्स के मुताबिक अगस्त 2026 से पहले बैच की पढ़ाई भी शुरू हो सकती है। भारत में Global Education का नया दौर शुरू अब UK, Australia और अन्य देशों की टॉप यूनिवर्सिटियां भारत में अपने independent campuses खोलेंगी। इसका मतलब यह है कि छात्रों को: सरल शब्दों में कहें तो, “अब विदेश वाली पढ़ाई भारत में ही”। सबसे बड़ा फायदा: कम खर्च में Foreign Degree इस फैसले का सबसे बड़ा फायदा middle-class families को मिलने वाला है। विदेश जाकर पढ़ाई करने की तुलना में: यानी quality education अब ज्यादा affordable हो जाएगी। किन शहरों में खुल सकते हैं कैंपस? हालांकि final list हर university के हिसाब से अलग होगी, लेकिन शुरुआती संकेतों के मुताबिक major cities में campuses आने की संभावना है: कुछ universities पहले ही groundwork शुरू कर चुकी हैं। कौन-कौन सी यूनिवर्सिटियां आ सकती हैं? सूत्रों और रिपोर्ट्स के मुताबिक कुछ बड़ी international universities शामिल हैं: इनका focus mainly professional और industry-oriented courses पर होगा। छात्रों को क्या-क्या मिलेगा? इस बदलाव से students को कई बड़े फायदे मिलेंगे: International Degree in India अब भारत में रहकर ही foreign degree हासिल की जा सकेगी। Global Curriculum AI, Data Science, Business, Engineering जैसे modern courses। Industry Exposure Internships और practical learning पर ज्यादा focus। Safe & Affordable Option विदेश जाने का risk और cost दोनों कम हो जाएंगे। कब से शुरू होगा एडमिशन? भारत के लिए इसका मतलब क्या है? यह सिर्फ education reform नहीं है, बल्कि एक बड़ा shift है: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Gold

Gold Price Today: सोने के दाम में बड़ी गिरावट, 10 ग्राम का भाव ₹1.43 लाख पर

सोना (Gold) और चांदी (Silver) खरीदने का इंतजार कर रहे लोगों के लिए राहत की खबर है। पिछले तीन दिनों में दोनों कीमती धातुओं के भाव में अच्छी-खासी गिरावट आई है। सोना करीब ₹3,000 और चांदी लगभग ₹9,000 तक सस्ती हुई है। ऐसे में शादी-ब्याह के लिए गहने खरीदने या निवेश की योजना बना रहे लोगों की नजर अब बाजार के अगले रुख पर है। 22 अक्टूबर 2026 के बाजार अपडेट के मुताबिक, 10 ग्राम सोने की कीमत करीब ₹1.43 लाख और चांदी का भाव लगभग ₹2.01 लाख प्रति किलो बताया जा रहा है। हालांकि, अलग-अलग बाजारों में कीमतों का अंतर हो सकता है। Gold Rate Today: ₹1.43 लाख पर पहुंचा 10 ग्राम सोना Gold Price में आई गिरावट से खरीदारों को कुछ राहत जरूर मिली है। बीते तीन दिनों में भाव करीब ₹3,000 नीचे आने से उन लोगों के लिए खरीदारी का मौका बन सकता है, जो लंबे समय से कीमतें कम होने का इंतजार कर रहे थे। हालांकि, सोना खरीदने से पहले अपने शहर का ताजा भाव जरूर पता कर लें। 24 कैरेट सोने की कीमत और गहने बनाने में इस्तेमाल होने वाले 22 कैरेट सोने के भाव में अंतर होता है। इसके अलावा ज्वेलरी खरीदते समय मेकिंग चार्ज और GST भी देना पड़ता है। Silver Rate Today: चांदी ₹9,000 तक हुई सस्ती सोने के साथ चांदी की कीमतों में भी गिरावट देखने को मिली है। पिछले तीन दिनों में चांदी करीब ₹9,000 तक सस्ती हुई है और इसका भाव लगभग ₹2.01 लाख प्रति किलो के स्तर पर बताया जा रहा है। चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर उन ग्राहकों पर भी पड़ता है, जो त्योहारों पर चांदी के सिक्के, बर्तन या दूसरे सामान खरीदते हैं। हालांकि, खरीदारी से पहले स्थानीय बाजार में चांदी का ताजा भाव और शुद्धता की जानकारी लेना जरूरी है। सोना-चांदी के दाम क्यों गिर रहे हैं? Gold or Silver की कीमतें केवल घरेलू मांग से तय नहीं होतीं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में होने वाले बदलाव, डॉलर की चाल, रुपये की स्थिति और ब्याज दरों को लेकर निवेशकों की उम्मीदें भी इनके भाव पर असर डालती हैं। जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने-चांदी की कीमतें कमजोर होती हैं, तो भारतीय बाजार में भी इसका असर दिखाई दे सकता है। इसके अलावा मुनाफावसूली के कारण भी कीमतों में गिरावट आ सकती है। हालांकि, बाजार में आई गिरावट की किसी एक वजह को जिम्मेदार ठहराना सही नहीं होगा। कीमतों की चाल कई आर्थिक और वैश्विक कारकों पर निर्भर करती है। क्या अभी सोना और चांदी खरीदना सही रहेगा? अगर आप शादी या त्योहार के लिए गहने खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो मौजूदा गिरावट आपके लिए राहत की बात हो सकती है। लेकिन केवल तीन दिन की गिरावट देखकर यह मान लेना ठीक नहीं है कि आगे भी भाव लगातार कम होंगे। खरीदारी से पहले अलग-अलग ज्वेलर्स के रेट की तुलना करें। सोने पर हॉलमार्क और शुद्धता की जांच करें तथा बिल में मेकिंग चार्ज और GST का पूरा विवरण देखें। निवेश के लिहाज से भी जल्दबाजी करने के बजाय अपने बजट और जोखिम उठाने की क्षमता को ध्यान में रखना बेहतर है। आगे Gold-Silver Price में क्या बदलाव हो सकता है? आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार का रुख, अमेरिकी डॉलर, ब्याज दरों से जुड़ी खबरें और रुपये की चाल सोने-चांदी की कीमतों को प्रभावित कर सकती हैं। ऐसे में भाव में फिर तेजी आने या गिरावट जारी रहने, दोनों की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। कुल मिलाकर, तीन दिनों में सोने और चांदी के दाम में आई गिरावट ने खरीदारों को थोड़ी राहत दी है। अगर आप आज खरीदारी करने जा रहे हैं, तो पहले अपने शहर का ताजा भाव जरूर जांच लें, क्योंकि बाजार भाव और ज्वेलरी की अंतिम कीमत में अंतर हो सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Amit Shah

Amit Shah Statement: धरने से कुछ नहीं होगा, जनता के बीच जाएं- विपक्ष को शाह की सलाह

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने कांग्रेस और विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि सिर्फ धरना-प्रदर्शन करने से जनता का भरोसा नहीं जीता जा सकता। अगर विपक्ष को राजनीति में आगे बढ़ना है, तो उसे जनता के बीच जाकर काम करना होगा। शाह ने कांग्रेस को लेकर दावा किया कि पार्टी अगले 30 साल तक सत्ता में नहीं लौट पाएगी। उन्होंने अपने बयान में राहुल गांधी का नाम नहीं लिया, लेकिन उनकी राजनीति और विपक्ष के विरोध प्रदर्शनों पर सवाल उठाए। अमित शाह का यह बयान ऐसे समय आया है, जब देश में चुनाव प्रक्रिया, मतदाता सूची और कथित वोट चोरी को लेकर भाजपा और विपक्ष के बीच सियासी टकराव जारी है। कांग्रेस लगातार चुनाव आयोग से जवाब मांग रही है, जबकि भाजपा विपक्ष के आरोपों को राजनीतिक हताशा से जोड़ रही है। Amit Shah Statement: कांग्रेस पर क्यों बरसे गृह मंत्री? अमित शाह ने अपने संबोधन में कांग्रेस की राजनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि चुनाव जीतने के लिए केवल विरोध प्रदर्शन करना काफी नहीं है। राजनीतिक दलों को जनता की समस्याओं को समझना और उनके समाधान के लिए काम करना चाहिए। शाह के मुताबिक, विपक्ष को अपनी चुनावी हार की वजहों पर विचार करना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस की राजनीतिक रणनीति पर निशाना साधते हुए दावा किया कि पार्टी की मौजूदा राजनीति उसे लंबे समय तक सत्ता से दूर रख सकती है। हालांकि, कांग्रेस के अगले 30 साल तक सत्ता में नहीं आने का बयान अमित शाह का राजनीतिक दावा है। इसे किसी निश्चित चुनावी नतीजे के तौर पर नहीं देखा जा सकता। Rahul Gandhi का नाम लिए बिना क्या बोले अमित शाह? अमित शाह ने राहुल गांधी का नाम लिए बिना विपक्ष के धरने और प्रदर्शनों पर टिप्पणी की। उनके बयान को कांग्रेस और राहुल गांधी की ओर से चुनाव आयोग के खिलाफ उठाए जा रहे सवालों के जवाब के रूप में देखा जा रहा है। शाह का कहना है कि विपक्ष को जनता के बीच जाकर अपना समर्थन बढ़ाना चाहिए। केवल आरोप लगाने या सड़कों पर उतरने से चुनावी राजनीति में सफलता नहीं मिलती। दूसरी तरफ, कांग्रेस का तर्क है कि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखना जरूरी है। पार्टी और INDIA गठबंधन के नेता मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को लेकर सवाल उठाते रहे हैं। Vote Chori और SIR पर भाजपा-विपक्ष में टकराव देश की राजनीति में वोट चोरी और SIR यानी Special Intensive Revision का मुद्दा लगातार चर्चा में है। राहुल गांधी समेत कई विपक्षी नेताओं ने मतदाता सूची में नाम हटाए जाने और चुनावी प्रक्रिया से जुड़ी कथित अनियमितताओं पर सवाल उठाए हैं। विपक्ष का कहना है कि इन मामलों में स्पष्ट जवाब मिलना चाहिए। वहीं, भाजपा इन आरोपों को खारिज करती रही है और विपक्ष पर चुनावी हार के बाद संस्थाओं पर सवाल उठाने का आरोप लगाती है। इस विवाद में दोनों पक्षों के अपने-अपने दावे हैं। मतदाता सूची से जुड़े आरोपों की सच्चाई समझने के लिए आधिकारिक आंकड़ों, चुनाव आयोग के जवाब और उपलब्ध प्रमाणों को देखना जरूरी है। चुनाव आयोग को लेकर भी जारी है सियासी लड़ाई मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग को लेकर कांग्रेस तथा अन्य विपक्षी दलों का विरोध पहले भी सामने आ चुका है। विपक्ष ने मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों पर जवाब मांगा है। वहीं, भाजपा का कहना है कि चुनावी नतीजों को लेकर बेबुनियाद आरोप लगाने के बजाय विपक्ष को अपनी रणनीति पर ध्यान देना चाहिए। इस मुद्दे ने भाजपा और INDIA गठबंधन के बीच राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है। आने वाले समय में यह विवाद चुनावी भाषणों और विपक्षी अभियानों में भी अहम भूमिका निभा सकता है। Amit Shah ने AAP पर भी साधा निशाना अमित शाह ने अपने संबोधन में आम आदमी पार्टी (AAP) की राजनीति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने विपक्षी दलों को सलाह दी कि वे आरोप-प्रत्यारोप से आगे बढ़कर जनता के लिए काम करें। दिल्ली की राजनीति में भाजपा और आम आदमी पार्टी के बीच लंबे समय से टकराव रहा है। ऐसे में शाह का बयान विपक्ष पर राजनीतिक दबाव बनाने के साथ-साथ भाजपा के चुनावी संदेश को मजबूत करने की कोशिश के रूप में भी देखा जा रहा है। आगे क्या होगा? कांग्रेस के सामने क्या चुनौती है? अमित शाह के बयान से साफ है कि भाजपा कांग्रेस और दूसरे विपक्षी दलों के विरोध प्रदर्शनों को लेकर आक्रामक रुख अपनाए हुए है। दूसरी ओर, कांग्रेस चुनाव आयोग और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर जवाब मांगने की अपनी रणनीति पर कायम है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि विपक्ष अपने आरोपों के समर्थन में क्या तथ्य सामने रखता है और चुनाव आयोग इन सवालों पर क्या जवाब देता है। साथ ही, यह भी देखना होगा कि इन मुद्दों का आने वाले चुनावों में मतदाताओं पर कितना असर पड़ता है। फिलहाल, अमित शाह का 30 साल वाला बयान राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है। लेकिन आखिरकार चुनाव में किसे जनता का समर्थन मिलेगा, इसका फैसला मतदाता ही करेंगे। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Ranbir Kapoor

Ranbir Kapoor Controversy: सच्चाई और अच्छाई पर गलत बोल गए रणबीर, अब मांगी माफी

बॉलीवुड एक्टर रणबीर कपूर (Ranbir Kapoor) अपने एक बयान को लेकर चर्चा में हैं। दशहरे के मौके पर कोलकाता में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने सच्चाई और अच्छाई को लेकर कुछ ऐसा कह दिया, जिस पर सोशल मीडिया पर सवाल उठने लगे। वीडियो वायरल हुआ तो लोगों ने उन्हें ट्रोल करना शुरू कर दिया। अब रणबीर कपूर ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए माफी मांगी है। उन्होंने सफाई दी कि बोलते समय उनकी जुबान फिसल गई थी और वह कुछ और कहना चाहते थे। दशहरे पर क्या बोल गए रणबीर कपूर? दरअसल, दशहरे के मौके पर Ranbir Kapoor कोलकाता में एक कार्यक्रम में शामिल हुए थे। इस दौरान वह बुराई पर अच्छाई की जीत के संदेश के बारे में बात कर रहे थे। लेकिन अपनी बात रखते समय वह ‘सच्चाई और अच्छाई की जीत’ की जगह उनके अंत होने जैसी बात कह गए। उनके इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। इसके बाद कई यूजर्स ने उनके शब्दों पर सवाल उठाए, तो कुछ ने मजाकिया अंदाज में प्रतिक्रिया दी। मामला इसलिए भी चर्चा में आया क्योंकि रणबीर कपूर अपनी आगामी फिल्म ‘रामायण’ में भगवान राम की भूमिका निभा रहे हैं। ट्रोलिंग के बाद Ranbir Kapoor ने मांगी माफी बयान को लेकर विवाद बढ़ने के बाद रणबीर कपूर ने चेन्नई में आयोजित ‘रामायण’ के म्यूजिकल इवेंट में इस पर सफाई दी। उन्होंने माना कि उस समय बोलते हुए उनकी जुबान फिसल गई थी। Ranbir ने बताया कि वह कहना चाहते थे कि बुराई कितनी भी ताकतवर क्यों न हो, आखिरकार जीत सच्चाई और अच्छाई की ही होती है। लेकिन शब्दों के गलत इस्तेमाल के कारण उनकी बात का अर्थ बदल गया। उन्होंने अपनी गलती के लिए माफी भी मांगी। अभिनेता ने हल्के-फुल्के अंदाज में यह भी समझाया कि कभी-कभी वह कहना कुछ चाहते हैं, लेकिन उनके मुंह से कुछ और निकल जाता है। उनकी इस सफाई के बाद यह साफ हुआ कि उनका इरादा दशहरे के संदेश के उलट बात कहने का नहीं था। Social Media पर क्यों होने लगे Ranbir Kapoor ट्रोल? Ranbir Kapoor का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। कुछ लोगों ने इसे जुबान फिसलने की सामान्य गलती बताया, जबकि कुछ यूजर्स ने सार्वजनिक मंच पर बोलते समय ज्यादा सावधानी बरतने की बात कही। फिल्म ‘रामायण’ में भगवान राम का किरदार निभाने की वजह से भी यह बयान लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया। हालांकि, रणबीर ने ज्यादा देर तक इस मामले पर चुप रहने के बजाय अपनी बात स्पष्ट की और गलती स्वीकार कर ली। Ranbir Kapoor की अपकमिंग फिल्म Ramayana भी चर्चा में रणबीर कपूर इन दिनों निर्देशक नितेश तिवारी की फिल्म ‘रामायण’ को लेकर भी सुर्खियों में हैं। फिल्म में साई पल्लवी माता सीता, यश रावण, सनी देओल हनुमान और रवि दुबे लक्ष्मण की भूमिका में नजर आएंगे। फिल्म के पहले भाग की रिलीज 5 नवंबर 2026 को तय बताई गई है। ऐसे में फिल्म के प्रमोशन के दौरान रणबीर कपूर के बयान ने भी लोगों का ध्यान खींचा है। Ranbir Kapoor Controversy: क्या है पूरा मामला? इस पूरे विवाद की शुरुआत दशहरे के कार्यक्रम में बोले गए गलत शब्दों से हुई। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद रणबीर कपूर को आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। इसके बाद उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि उनकी जुबान फिसल गई थी और वह अच्छाई व सच्चाई की जीत की बात कर रहे थे। फिलहाल, रणबीर कपूर की माफी के बाद इस मामले में उनकी सफाई सामने आ चुकी है। अब दर्शकों की नजर उनकी फिल्म ‘रामायण’ पर है, जिसे लेकर पहले से ही काफी उत्सुकता बनी हुई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

छत्तीसगढ़ में परीक्षा में नकल और गड़बड़ी के मामलों की सुनवाई के लिए 3 स्पेशल कोर्ट गठित

छत्तीसगढ़ में प्रतियोगी परीक्षाओं और अन्य सार्वजनिक परीक्षाओं में नकल व गड़बड़ी से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए तीन स्पेशल कोर्ट बनाई गई हैं। राज्य शासन ने रायपुर, बिलासपुर और कोरिया के डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस कोर्ट को विशेष अदालत के रूप में नामित किया है। कोरिया जिले की स्पेशल कोर्ट बैकुंठपुर में होगी। इस संबंध में कानून एवं विधायी कार्य विभाग ने अधिसूचना जारी की है। इन अदालतों में सार्वजनिक परीक्षाओं के दौरान नकल और अनुचित तरीकों के इस्तेमाल से जुड़े मामलों की सुनवाई की जाएगी। 2024 के कानून के तहत गठित हुईं विशेष अदालतें राज्य में यह व्यवस्था पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) एक्ट, 2024 के तहत की गई है। अधिसूचना में कानून की धारा 12-क की उपधारा (2) का उल्लेख किया गया है। इसी प्रावधान के तहत राज्य शासन ने तीन जिलों के डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस कोर्ट को स्पेशल कोर्ट के रूप में नामित किया है। इसका उद्देश्य सार्वजनिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए विशेष न्यायिक व्यवस्था उपलब्ध कराना है। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस से परामर्श के बाद जारी हुई अधिसूचना छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश कृष्ण राम महापात्र से परामर्श के बाद राज्य शासन ने यह अधिसूचना जारी की है। हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल रजनीश श्रीवास्तव ने संबंधित जिलों के डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जजों को अधिसूचना की प्रतियां भेजकर आवश्यक निर्देश दिए हैं। तीनों विशेष अदालतें अपने-अपने न्यायिक क्षेत्राधिकार में आने वाले परीक्षा संबंधी गड़बड़ी के मामलों की सुनवाई करेंगी। इस व्यवस्था के तहत प्रतियोगी परीक्षाओं और अन्य सार्वजनिक परीक्षाओं में नकल या अनुचित तरीकों के इस्तेमाल से जुड़े मामलों को निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के अनुसार सुना जाएगा।
Akhilesh Yadav

Akhilesh Yadav Rampur Visit: रामपुर जेल पहुंचे अखिलेश, आजम खान से करेंगे मुलाकात

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) गुरुवार, 22 अक्टूबर को रामपुर जिला जेल पहुंचे। यहां उनकी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान से मुलाकात होनी है। इस दौरे पर राजनीतिक गलियारों की नजरें टिकी हैं। इसकी वजह सिर्फ दोनों नेताओं की मुलाकात नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले बदलते राजनीतिक समीकरण भी हैं। Akhilesh Yadav के रामपुर पहुंचने के बाद अब सबकी नजर इस बात पर है कि आजम खान से बातचीत के बाद वह क्या कहते हैं और इस मुलाकात से पार्टी के भीतर क्या संदेश जाता है। Akhilesh Yadav कैसे रामपुर पहुंचे ? निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक, अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) लखनऊ से निजी विमान के जरिए बरेली पहुंचे। इसके बाद हेलीकॉप्टर से रामपुर स्थित जौहर विश्वविद्यालय पहुंचे और वहां से जिला जेल के लिए रवाना हुए। कार्यक्रम में आजम खान से मुलाकात के साथ उनके परिवार से मिलने की योजना भी शामिल है। आजम खान की तबीयत और उनके हालात जानने को इस दौरे की अहम वजह बताया गया है। Azam Khan से मुलाकात क्यों है खास? आजम खान समाजवादी पार्टी के पुराने और प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते हैं। रामपुर और आसपास के इलाकों में उनकी राजनीतिक पहचान लंबे समय से रही है। ऐसे में अखिलेश यादव का उनसे मिलने पहुंचना पार्टी के कार्यकर्ताओं और समर्थकों के लिए भी महत्वपूर्ण है। पिछले कुछ समय से आजम खान और सपा नेतृत्व के संबंधों को लेकर राजनीतिक चर्चाएं होती रही हैं। उनकी पत्नी तजीन फातिमा की अखिलेश यादव से मुलाकात के बाद रामपुर आने का कार्यक्रम भी चर्चा में रहा। अब दोनों नेताओं की मुलाकात से यह देखने की उत्सुकता है कि उनके बीच किन मुद्दों पर बात होती है और आगे पार्टी की ओर से क्या संदेश दिया जाता है। UP Politics: 2027 चुनाव से पहले बढ़ी हलचल उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले सभी प्रमुख दल अपने राजनीतिक समीकरण मजबूत करने में जुटे हैं। ऐसे समय में आजम खान से अखिलेश यादव की मुलाकात को पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति के नजरिए से भी देखा जा रहा है। हालांकि, इस मुलाकात में चुनावी रणनीति या संगठन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी या नहीं, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। इसलिए इसे किसी बड़े राजनीतिक फैसले से जोड़कर देखना अभी जल्दबाजी होगी। Asaduddin Owaisi के दौरे के बाद चर्चा तेज रामपुर में एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के दौरे और समाजवादी पार्टी पर उनकी राजनीतिक टिप्पणियों के बाद भी इस मुलाकात को लेकर चर्चा हो रही है। ओवैसी मुस्लिम राजनीति और सपा के नेतृत्व को लेकर सवाल उठाते रहे हैं। ऐसे में अखिलेश यादव और आजम खान की मुलाकात पर राजनीतिक दलों की नजर होना स्वाभाविक है। हालांकि, दोनों नेताओं के बीच बातचीत का वास्तविक एजेंडा सामने आने के बाद ही इसके राजनीतिक मायने स्पष्ट होंगे। Om Prakash Rajbhar के बयान से भी गरमाई सियासत उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने भी अखिलेश यादव के रामपुर दौरे को लेकर टिप्पणी की है। इस बयानबाजी के बीच सपा प्रमुख का आजम खान से मिलना राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है। फिलहाल, इस दौरे को लेकर अलग-अलग राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। लेकिन अखिलेश यादव और आजम खान की बातचीत के बाद ही यह साफ होगा कि मुलाकात में किन मुद्दों पर चर्चा हुई। मुलाकात के बाद क्या होगा अगला कदम? अखिलेश यादव के रामपुर पहुंचने के बाद अब आजम खान से मुलाकात और उनके परिवार से बातचीत पर सबकी नजर है। समर्थकों को उम्मीद है कि इस मुलाकात से दोनों नेताओं के बीच संवाद को लेकर स्थिति और स्पष्ट होगी। फिलहाल, किसी नई चुनावी रणनीति या बड़े फैसले की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मुलाकात के बाद अखिलेश यादव का बयान और समाजवादी पार्टी की आगे की गतिविधियां इस दौरे की अहमियत को समझने में मदद करेंगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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