देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 Exam Leak मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने ऐसा खुलासा किया है, जिसने पूरे शिक्षा तंत्र पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच एजेंसी के मुताबिक, महाराष्ट्र के लातूर में एक कोचिंग सेंटर संचालक के पास से बरामद 136 हस्तलिखित प्रश्नों में से 111 प्रश्न हूबहू NEET-UG 2026 की परीक्षा में पूछे गए। इस खुलासे के बाद साफ हो गया है कि यह मामला केवल संदेह तक सीमित नहीं था, बल्कि परीक्षा से पहले ही प्रश्नों की पहुंच कुछ लोगों तक हो चुकी थी।
CBI की जांच में क्या सामने आया?
CBI ने इस मामले में लातूर के रेणुकाई केमिस्ट्री क्लासेस के संचालक शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर को गिरफ्तार किया है। एजेंसी का दावा है कि आरोपी के मोबाइल फोन से केमिस्ट्री विषय के हस्तलिखित प्रश्नों की कई तस्वीरें मिलीं। जब इन सवालों का मिलान राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के मास्टर प्रश्नपत्र से किया गया, तो 136 में से 111 प्रश्न पूरी तरह मेल खाते पाए गए।
जांच अधिकारियों के अनुसार, यह अब तक का सबसे मजबूत डिजिटल और दस्तावेजी सबूत माना जा रहा है।
परीक्षा से पहले ही पहुंच गया था प्रश्नपत्र
CBI की जांच में सामने आया कि आरोपी के मोबाइल में मौजूद इन तस्वीरों की तारीख 23 अप्रैल 2026 की है, जबकि NEET-UG परीक्षा 3 मई 2026 को आयोजित हुई थी। यानी परीक्षा से करीब 10 दिन पहले ही ये प्रश्न आरोपी के पास मौजूद थे।
जांच एजेंसी का कहना है कि इससे यह संकेत मिलता है कि प्रश्नपत्र आधिकारिक परीक्षा से पहले ही लीक हो चुका था।
कैसे चला पूरा खेल?
जांच के मुताबिक, प्रश्नपत्र कथित तौर पर NTA से जुड़े एक पैनल सदस्य और अनुवादक के माध्यम से बाहर पहुंचा। इसके बाद इसे चुनिंदा लोगों तक पहुंचाया गया और हस्तलिखित नोट्स तैयार कर छात्रों को याद करवाया गया।
CBI को यह भी जानकारी मिली है कि कुछ अभ्यर्थियों को कथित तौर पर लीक प्रश्नपत्र और उत्तर परीक्षा से पहले उपलब्ध कराए गए थे। पूरे मामले में कई राज्यों में फैले नेटवर्क की भूमिका की जांच जारी है।
Telegram के जरिए लाखों रुपये में हुई डील
जांच में यह भी सामने आया है कि लीक प्रश्नपत्र की PDF फाइलें कथित तौर पर Telegram के माध्यम से बेची गईं। इसके अलावा करीब 150 पन्नों का एक गेस पेपर भी कुछ छात्रों तक पहुंचाया गया, जिसमें सैकड़ों प्रश्न शामिल थे। जांच के दौरान इनमें से बड़ी संख्या में सवाल वास्तविक परीक्षा में पूछे गए पाए गए।
CBI अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल थे तथा कितने छात्रों को इसका फायदा पहुंचाया गया।
अब तक कई गिरफ्तारियां
पेपर लीक मामले में अब तक 13 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इनमें कोचिंग संस्थानों से जुड़े लोग, छात्र और परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े कुछ अन्य आरोपी शामिल हैं। जांच एजेंसी लगातार डिजिटल रिकॉर्ड, मोबाइल डेटा और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सबूतों की फोरेंसिक जांच कर रही है।
CBI का मानना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।
छात्रों की मेहनत पर उठे सवाल
NEET परीक्षा हर साल लाखों छात्रों के मेडिकल कॉलेज में प्रवेश का सपना तय करती है। ऐसे में पेपर लीक जैसे मामलों ने छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। जो विद्यार्थी महीनों तक ईमानदारी से तैयारी करते हैं, उनके लिए ऐसी घटनाएं पूरी परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करती हैं।
फिलहाल मामले की सुनवाई अदालत में जारी है और CBI पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी हुई है। जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि इस पेपर लीक में कितने लोग शामिल थे और इसके पीछे कितना बड़ा संगठित गिरोह काम कर रहा था।
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