नई कार खरीदते समय हर ग्राहक की उम्मीद होती है कि उसे लंबे समय तक बिना किसी परेशानी के बेहतर ड्राइविंग अनुभव मिलेगा। लेकिन एक E20 Car मालिक के लिए यह सपना जल्द ही परेशानी में बदल गया। नई गाड़ी खरीदने के कुछ ही दिनों बाद कार बार-बार चलते-चलते बंद होने लगी। कई बार सर्विस सेंटर के चक्कर लगाने और शिकायत दर्ज कराने के बावजूद समस्या खत्म नहीं हुई। आखिरकार मामला उपभोक्ता आयोग (Consumer Court) पहुंचा, जहां ग्राहक के पक्ष में ऐसा फैसला आया, जो भविष्य में दूसरे वाहन खरीदारों के लिए भी मिसाल बन सकता है।
क्या था पूरा मामला?
जानकारी के मुताबिक, ग्राहक ने कंपनी की नई E20 Compatible Car खरीदी थी। शुरुआत में सब कुछ सामान्य रहा, लेकिन कुछ समय बाद कार में तकनीकी दिक्कतें आने लगीं। वाहन अचानक बंद हो जाता था और ड्राइविंग के दौरान कई बार इंजन से जुड़ी समस्याएं सामने आईं।
ग्राहक ने अधिकृत सर्विस सेंटर पर कई बार कार दिखाई। हर बार मरम्मत की गई, लेकिन कुछ दिनों बाद वही खराबी दोबारा सामने आ जाती थी। लगातार हो रही इस परेशानी से ग्राहक का भरोसा टूट गया और आखिरकार उसने न्याय के लिए Consumer Court का दरवाजा खटखटाया।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने क्या माना?
मामले की सुनवाई के दौरान आयोग ने रिकॉर्ड, सर्विस हिस्ट्री और दोनों पक्षों की दलीलों का अध्ययन किया। आयोग ने माना कि यदि नई कार में एक ही तरह की खराबी बार-बार आती रहे और कंपनी कई प्रयासों के बाद भी उसे स्थायी रूप से ठीक न कर पाए, तो इसे सेवा में कमी (Deficiency in Service) माना जाएगा।
कोर्ट ने साफ कहा कि ग्राहक को केवल बार-बार सर्विस सेंटर भेजना समाधान नहीं है। नई गाड़ी खरीदने वाला व्यक्ति भरोसेमंद उत्पाद पाने का अधिकार रखता है।
कोर्ट ने दिया बड़ा आदेश
उपभोक्ता आयोग ने कंपनी को निर्देश दिया कि वह ग्राहक को नई E20 कार उपलब्ध कराए या फिर वाहन की पूरी कीमत वापस करे। इसके अलावा, आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि कंपनी गुणवत्ता के अनुरूप उत्पाद उपलब्ध नहीं करा सकती, तो ग्राहक को आर्थिक नुकसान उठाने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता।
वाहन खरीदारों के लिए क्यों अहम है यह फैसला?
यह फैसला सिर्फ एक ग्राहक की जीत नहीं माना जा रहा, बल्कि उन लाखों लोगों के लिए भी राहत की खबर है जो नई गाड़ी खरीदने के बाद लगातार तकनीकी समस्याओं से जूझते हैं।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यदि किसी वाहन में बार-बार एक जैसी खराबी आती है और कंपनी उसे ठीक करने में नाकाम रहती है, तो उपभोक्ता कानून के तहत ग्राहक नई गाड़ी, रिफंड या अन्य उचित मुआवजे की मांग कर सकता है।
E20 Car क्या होती है?
E20 Car ऐसे इंजन के साथ तैयार की जाती है जो 20 प्रतिशत एथेनॉल और 80 प्रतिशत पेट्रोल के मिश्रण वाले ईंधन पर चल सकती है। सरकार पर्यावरण संरक्षण और आयातित ईंधन पर निर्भरता कम करने के उद्देश्य से E20 Fuel को बढ़ावा दे रही है।
हालांकि, इस मामले का संबंध E20 तकनीक से नहीं, बल्कि वाहन में लगातार आई तकनीकी खराबी और कंपनी की सेवा से जुड़ा है।
अगर आपकी नई कार में भी ऐसी दिक्कत आए तो क्या करें?
यदि नई कार बार-बार खराब हो रही है, तो हर सर्विस का जॉब कार्ड, बिल, शिकायत नंबर और कंपनी के साथ हुई बातचीत का रिकॉर्ड सुरक्षित रखें। जरूरत पड़ने पर यही दस्तावेज Consumer Court में आपके सबसे मजबूत सबूत साबित हो सकते हैं।
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