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CM रेखा गुप्ता

Satya Niketan हादसे पर CM रेखा गुप्ता का बड़ा फैसला, Deputy Commissioner समेत 5 Suspend

दिल्ली के सत्य निकेतन में हुए दर्दनाक बिल्डिंग हादसे ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है। पांच मंजिला इमारत के अचानक गिरने से अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है। हादसे के बाद CM रेखा गुप्ता ने जिम्मेदारी तय करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। MCD के साउथ जोन के डिप्टी कमिश्नर समेत 5 अधिकारियों को Suspend कर दिया गया है। सरकार के इस एक्शन के बाद नगर निगम के कामकाज और इमारतों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मामले में सख्त रुख अपनाते हुए अधिकारियों को लापरवाही सामने आने पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। हादसे के बाद MCD में बड़ा Action सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना के बाद MCD ने पांच अधिकारियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की है। इनमें साउथ जोन के डिप्टी कमिश्नर सहित इंजीनियरिंग विभाग से जुड़े अधिकारी शामिल हैं। जांच का मुख्य फोकस इस बात पर है कि इमारत की हालत को लेकर पहले कोई शिकायत या नोटिस जारी हुआ था या नहीं और निर्माण या मरम्मत के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन किया जा रहा था या नहीं। PG के तौर पर इस्तेमाल हो रही थी इमारत बताया जा रहा है कि जिस बिल्डिंग का हिस्सा ढहा, उसका इस्तेमाल PG accommodation के तौर पर किया जा रहा था। हादसे के समय वहां कई लोग मौजूद थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, इमारत गिरते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई। धूल का गुबार उठ गया और लोग मदद के लिए मौके पर पहुंचने लगे। इसके बाद दिल्ली फायर सर्विस, NDRF और अन्य बचाव दलों ने मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालने का काम शुरू किया। 7 लोगों की मौत, कई घायल रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान मलबे से कई लोगों को बाहर निकाला गया। हादसे में अब तक 7 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि घायलों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। हादसे के बाद आसपास के लोगों में भी डर का माहौल है। स्थानीय स्तर पर दूसरी पुरानी और कमजोर इमारतों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। Building Owner भी पुलिस की गिरफ्त में मामले में पुलिस ने बिल्डिंग के मालिक हरिराम के खिलाफ केस दर्ज किया है। पुलिस ने उसकी तलाश के लिए कई टीमें लगाई थीं। बाद में उसे भिवाड़ी से गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई। पुलिस अब हादसे से जुड़े दस्तावेज, बिल्डिंग की स्थिति और निर्माण या मरम्मत से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है। जांच के आधार पर आगे और लोगों पर कार्रवाई हो सकती है। आसपास की इमारतों की भी जांच सत्य निकेतन हादसे के बाद MCD ने आसपास की इमारतों की स्थिति को लेकर भी जांच शुरू की है। अधिकारियों की नजर खास तौर पर उन भवनों पर है जो पुराने हैं या जिनमें निर्माण और मरम्मत का काम चल रहा है। इस घटना ने दिल्ली में old buildings, PG और construction safety को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर इमारत में पहले से कोई खामी थी, तो उसे समय रहते क्यों नहीं रोका गया? सरकार के Action से उठे कई सवाल MCD के पांच अधिकारियों का निलंबन सरकार की ओर से उठाया गया बड़ा कदम माना जा रहा है। हालांकि, असली तस्वीर जांच पूरी होने के बाद ही साफ होगी। सत्य निकेतन की इस घटना ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि जांच में हादसे की असली वजह क्या सामने आती है और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ आगे क्या कार्रवाई होती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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TMC

TMC MP Nadimul Haque पर ED Action, कोलकाता से दिल्ली तक 7 ठिकानों पर Raid

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राज्यसभा सांसद मोहम्मद नदीमुल हक से जुड़े ठिकानों पर सोमवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने छापेमारी की। मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ी जांच के तहत एजेंसी की टीमों ने कोलकाता, दिल्ली और रांची में 7 ठिकानों पर एक साथ तलाशी ली। ED की इस कार्रवाई से पश्चिम बंगाल की राजनीति में भी हलचल बढ़ गई है। तलाशी के दायरे में नदीमुल हक से जुड़े परिसरों के अलावा उर्दू अखबार ‘अखबार-ए-मशरिक’ से जुड़े ठिकाने भी बताए जा रहे हैं। ‘अखबार-ए-मशरिक’ से जुड़े मामले में जांच मोहम्मद नदीमुल हक ‘अखबार-ए-मशरिक’ का संचालन करने वाली कंपनी से जुड़े बताए जाते हैं। ED की जांच में कथित तौर पर कंपनी के वित्तीय लेन-देन और फंडिंग से जुड़े रिकॉर्ड को खंगाला जा रहा है। रिपोर्टों के मुताबिक, मामले की शुरुआत पश्चिम बंगाल के बिधाननगर पुलिस कमिश्नरेट में दर्ज FIR से हुई थी। इसके बाद ED ने मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच आगे बढ़ाई। तीन राज्यों में ED की छापेमारी ED की टीमों ने कोलकाता के साथ-साथ दिल्ली और रांची में भी संबंधित परिसरों की तलाशी ली। कोलकाता के पार्क सर्कस इलाके में स्थित अखबार के कार्यालय में भी एजेंसी के अधिकारियों के पहुंचने की जानकारी सामने आई है। तलाशी के दौरान वित्तीय दस्तावेज, लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड और अन्य जरूरी कागजात की जांच किए जाने की बात कही जा रही है। हालांकि, ED को कार्रवाई में क्या मिला, इसकी पूरी जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं हुई है। फंडिंग और वित्तीय लेन-देन पर नजर जांच एजेंसी कथित तौर पर संदिग्ध वित्तीय लेन-देन और फंडिंग के स्रोतों की पड़ताल कर रही है। जांच का मकसद यह पता लगाना है कि संबंधित पैसों का स्रोत क्या था और उनका इस्तेमाल किस तरह किया गया। मामले में अखबार से जुड़े कुछ अन्य आरोपों की भी जांच की जा रही है। हालांकि, इन आरोपों को अभी जांच का हिस्सा माना जाना चाहिए। किसी भी आरोप के आधार पर संबंधित व्यक्ति को दोषी नहीं माना जा सकता। नदीमुल हक के लिए बढ़ सकती है मुश्किल ED की यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब राजनीतिक गलियारों में केंद्रीय जांच एजेंसियों की कार्रवाई को लेकर पहले से ही बहस चल रही है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि तलाशी के बाद ED आगे क्या कदम उठाती है। फिलहाल जांच जारी है और एजेंसी की ओर से बरामदगी या आगे की कार्रवाई को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी का इंतजार है। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, मामले से जुड़े वित्तीय लेन-देन और आरोपों की तस्वीर भी साफ होने की उम्मीद है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Nepal Flood : 11वें दिन मलबे और सुरंग से मिली जिंदगी, 2 लोग जिंदा रेस्क्यू

Nepal में आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। हादसे के 11वें दिन उस वक्त लोगों की उम्मीद फिर जगी, जब बचाव दल ने दो लोगों को जिंदा बाहर निकाल लिया। इनमें एक 64 साल की महिला भी शामिल है, जो अपने घर के मलबे के नीचे फंसी हुई थी। बचाव दल ने एक चीनी नागरिक को भी सुरक्षित बाहर निकाला। वह करीब 740 फीट लंबी सुरंग में फंसा हुआ था। कई दिनों तक सुरंग के अंदर जिंदगी और मौत के बीच जूझने के बाद आखिरकार उसे सुरक्षित निकाल लिया गया। मलबे में दबी थी 64 साल की महिला बचाव अभियान के दौरान टीम को एक घर के मलबे में महिला के जिंदा होने का पता चला। करीब 64 साल की महिला को काफी मशक्कत के बाद मलबे से बाहर निकाला गया। इतने दिनों तक मलबे के बीच जिंदा रहने की खबर ने बचावकर्मियों और आसपास मौजूद लोगों को भावुक कर दिया। महिला को बाहर निकालने के बाद तुरंत प्राथमिक उपचार दिया गया और अस्पताल पहुंचाया गया। उसकी हालत पर डॉक्टर लगातार नजर बनाए हुए हैं। 740 फीट लंबी सुरंग में फंसा था चीनी नागरिक बाढ़ और भूस्खलन के कारण कई इलाकों में रास्ते और सुरंगें बंद हो गई थीं। इसी दौरान एक चीनी नागरिक करीब 740 फीट लंबी सुरंग में फंस गया था। बचाव दल ने लंबे और चुनौतीपूर्ण अभियान के बाद उसे सुरंग से बाहर निकाल लिया। रेस्क्यू के दौरान टीम को कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा, लेकिन लगातार प्रयास जारी रहे। आखिरकार बचाव अभियान सफल हुआ और उसकी जान बचाई जा सकी। 11 दिन बाद भी जारी है जिंदगी की तलाश नेपाल में प्राकृतिक आपदा के बाद कई परिवार अपनों की तलाश में हैं। ऐसे में 11वें दिन दो लोगों का जिंदा मिलना राहत और उम्मीद की बड़ी खबर है। बचाव दल अब भी मलबे और प्रभावित इलाकों में संभावित लोगों की तलाश कर रहे हैं। हर गुजरते दिन के साथ उम्मीदें कमजोर जरूर पड़ती हैं, लेकिन इन दो लोगों का जिंदा बचना यह बताता है कि मुश्किल हालात में भी जिंदगी हार नहीं मानती। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Cargo Plane Crash

Amazon Cargo Plane Crash: Landing के दौरान रनवे से फिसला विमान, 5 की गई जान

अमेरिका के मियामी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर रविवार को हुए एक दर्दनाक Cargo Plane Crash ने हर किसी को झकझोर दिया। Amazon Prime Air का Boeing 767-300 विमान लैंडिंग के दौरान रनवे से आगे निकल गया और एयरपोर्ट के आसपास मौजूद कई वाहनों से जा टकराया। टक्कर के बाद विमान में आग लग गई और मौके पर धुएं का बड़ा गुबार दिखाई देने लगा। हादसे में 5 लोगों की मौत हुई है, जबकि 5 लोग घायल हुए हैं। इनमें 3 की हालत गंभीर बताई जा रही है। Landing के दौरान बिगड़ा विमान का संतुलन यह हादसा रविवार दोपहर करीब 2 बजे हुआ। Prime Air Flight 7598 सैन जुआन, प्यूर्टो रिको से मियामी पहुंची थी। लैंडिंग के दौरान विमान रनवे के निर्धारित हिस्से से आगे निकल गया। इसके बाद उसने एयरपोर्ट के पास की सड़क पार की और कई वाहनों को अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर के बाद विमान में आग भड़क उठी। हादसे की तस्वीरों और वीडियो में विमान का अगला हिस्सा जमीन की ओर झुका हुआ और उसके आसपास धुआं उठता नजर आया। राहत दलों के पहुंचने तक स्थिति काफी चुनौतीपूर्ण हो चुकी थी। विमान में फंसे थे Pilot और Co-Pilot हादसे के बाद Rescue Teams ने तुरंत मोर्चा संभाला। अधिकारियों के अनुसार विमान के Pilot और Co-Pilot कॉकपिट में फंस गए थे। जिन वाहनों से विमान टकराया, उनमें भी कुछ लोग फंसे हुए थे। राहतकर्मियों ने लोगों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया। Miami-Dade Fire Rescue की 60 से ज्यादा यूनिट्स और करीब 200 कर्मचारी मौके पर पहुंचे। विमान से Fuel Leak की स्थिति भी सामने आई, जिससे Rescue Operation को और सावधानी से चलाना पड़ा। 5 की मौत, 3 की हालत Critical स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक हादसे में 5 लोगों की जान चली गई, जबकि 5 अन्य घायल हुए। घायलों में 3 की हालत गंभीर है और उन्हें Critical Care की जरूरत बताई गई है। दो अन्य घायलों को भी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अभी तक मृतकों की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है। यह भी जांच का विषय है कि मृतकों में विमान पर सवार लोग शामिल थे या जमीन पर मौजूद लोग। 32 साल पुराना था Boeing 767 हादसे में शामिल विमान Boeing 767-300 Freighter था। रिपोर्टों के अनुसार यह करीब 32 साल पुराना विमान था, जिसे पहले Passenger Aircraft के तौर पर इस्तेमाल किया जाता था और बाद में Cargo विमान में बदला गया। विमान का संचालन North Carolina की कंपनी 21 Air कर रही थी और यह Amazon के लिए उड़ान भर रहा था। विमान सैन जुआन से मियामी आया था। Airport Operations पर पड़ा बड़ा असर हादसे के तुरंत बाद Miami International Airport पर सभी रनवे और Taxiways को कुछ समय के लिए बंद कर दिया गया। इससे बड़ी संख्या में उड़ानों पर असर पड़ा। रिपोर्टों के अनुसार सैकड़ों Flights में Delay और Cancellation की स्थिति बनी। बाद में एयरपोर्ट के कुछ रनवे दोबारा खोल दिए गए और Operations धीरे-धीरे बहाल होने लगे। आखिर क्यों हुआ हादसा? Investigation शुरू फिलहाल हादसे की असली वजह साफ नहीं हुई है। अमेरिका की Federal Aviation Administration (FAA) और National Transportation Safety Board (NTSB) ने जांच शुरू कर दी है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश होगी कि विमान रनवे से क्यों आगे निकल गया और Landing के दौरान किन परिस्थितियों में उसका नियंत्रण प्रभावित हुआ। मौसम, विमान की स्थिति और Landing से जुड़ी परिस्थितियों समेत कई पहलुओं की जांच की जा रही है। Amazon ने हादसे पर दुख जताया है और कहा है कि कंपनी स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर घटना की जानकारी जुटा रही है। फिलहाल जांच एजेंसियों की रिपोर्ट का इंतजार है, जिसके बाद Miami Cargo Plane Crash की पूरी तस्वीर सामने आने की उम्मीद है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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CDS

CDS का बड़ा बयान: War जीतने के लिए Multi-Domain Strategy जरूरी, बदल गया Battlefield

युद्ध का मतलब अब सिर्फ सीमा पर आमने-सामने खड़ी सेनाएं और गोलाबारी नहीं रह गया है। समय के साथ Battlefield का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। जमीन, समुद्र और आसमान के साथ अब Cyber, Space, Drones, Artificial Intelligence और Electronic Warfare भी किसी संघर्ष का अहम हिस्सा बन चुके हैं। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि ने ‘सुरक्षा सभा आजतक’ में भविष्य के युद्ध और भारत के सामने मौजूद सुरक्षा चुनौतियों पर बात करते हुए Multi-Domain Strategy की जरूरत पर जोर दिया। एक ही मोर्चे पर नहीं लड़ा जाएगा अगला युद्ध CDS के मुताबिक आने वाले समय में किसी भी संघर्ष को केवल एक मोर्चे से समझना मुश्किल होगा। युद्ध के दौरान जमीन पर ऑपरेशन के साथ हवा, समुद्र, Space और Cyber Domain में भी गतिविधियां चल सकती हैं। ऐसे माहौल में तीनों सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल और अलग-अलग सैन्य क्षमताओं को एक साथ इस्तेमाल करना बेहद जरूरी हो जाता है। यही Multi-Domain Operations की मूल सोच है। सरल शब्दों में कहें तो भविष्य के युद्ध में जिस देश की सेनाएं और तकनीकी सिस्टम जितनी तेजी से एक-दूसरे से जुड़कर काम करेंगे, उसे उतना ही फायदा मिल सकता है। Technology ने बदल दी Battlefield की तस्वीर आज युद्धक्षेत्र में Drone, Satellite, Sensors और आधुनिक Communication Systems का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है। इससे सैनिकों और कमांडरों को बहुत कम समय में बड़ी मात्रा में जानकारी मिलती है। लेकिन चुनौती सिर्फ Information जुटाने की नहीं है। असली चुनौती यह है कि सही जानकारी को समय पर समझा जाए और उसके आधार पर तुरंत फैसला लिया जाए। यही कारण है कि Artificial Intelligence और Data Analytics भविष्य की सैन्य रणनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। Drone और Precision Weapons ने बढ़ाई चुनौती हाल के वर्षों में दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में हुए संघर्षों ने यह दिखाया है कि छोटे और अपेक्षाकृत कम लागत वाले Drones भी युद्ध की तस्वीर बदल सकते हैं। इसके अलावा Precision Weapons और लंबी दूरी की मारक क्षमता ने महत्वपूर्ण सैन्य और रणनीतिक ठिकानों की सुरक्षा को और चुनौतीपूर्ण बना दिया है। अब सुरक्षा की तैयारी केवल सीमा पर तैनात जवानों तक सीमित नहीं रह सकती। देश के महत्वपूर्ण Infrastructure, Communication Networks और Logistics व्यवस्था को भी मजबूत रखना जरूरी है। Cyber और Space भी बन चुके हैं War Domain आधुनिक युद्ध में Cyber और Space की भूमिका तेजी से बढ़ी है। Communication, Navigation और Surveillance जैसी कई व्यवस्थाएं Space-based Systems पर निर्भर हैं। वहीं Cyber Domain में किसी महत्वपूर्ण Digital System को प्रभावित करने की कोशिश भी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए चुनौती बन सकती है। इसलिए भविष्य की Defence Planning में इन क्षेत्रों को पारंपरिक सैन्य क्षमताओं के साथ जोड़कर देखना जरूरी है। आत्मनिर्भर Defence Industry पर जोर किसी भी बड़े संकट के दौरान हथियारों और जरूरी सैन्य उपकरणों की लगातार उपलब्धता बेहद महत्वपूर्ण होती है। इसके लिए मजबूत Domestic Defence Industry और Supply Chain की जरूरत है। भारत के लिए Aatmanirbhar Defence इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। देश में रक्षा उपकरणों का उत्पादन बढ़ने से जरूरत के समय बाहरी सप्लाई पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है। युद्ध में Logistics भी तय करता है नतीजा किसी ऑपरेशन की सफलता सिर्फ आधुनिक हथियारों से तय नहीं होती। सैनिकों तक समय पर जरूरी सामान पहुंचाना, उपकरणों की Maintenance और लगातार Supply बनाए रखना भी उतना ही अहम है। यानी किसी भी लंबे संघर्ष में Logistics, Technology और Manpower तीनों का मजबूत होना जरूरी है। Human और Machine साथ मिलकर बनाएंगे बढ़त AI और Automation के बढ़ते इस्तेमाल के बावजूद इंसान की भूमिका खत्म नहीं होने वाली। जरूरत ऐसे प्रशिक्षित लोगों की होगी जो आधुनिक Technology को सही तरीके से इस्तेमाल कर सकें। भविष्य की सैन्य क्षमता इस बात पर भी निर्भर करेगी कि इंसान और Machine मिलकर कितनी तेजी और सटीकता से काम कर सकते हैं। बदलते युद्ध के लिए बदलनी होगी तैयारी CDS के संदेश का सार यही है कि भविष्य का युद्ध पहले की तरह सीधा और सीमित नहीं हो सकता। एक साथ कई Domains में चुनौती सामने आ सकती है। इसलिए भारत को अपनी Defence Preparedness में Army, Navy और Air Force के Joint Operations के साथ Cyber, Space, AI, Drones, Electronic Warfare और मजबूत Defence Industry पर भी ध्यान देना होगा। आज की बदलती दुनिया में मजबूत सेना जरूरी है, लेकिन उसके साथ मजबूत Technology, तेज Decision Making और आत्मनिर्भर व्यवस्था भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। यही Multi-Domain Warfare के दौर में भारत की बड़ी जरूरत बनकर सामने आ रही है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Weather

Weather का Double Attack! Uttarakhand में बर्फबारी, Bihar में Flood; Bareilly भी जलमग्न

देश के कई हिस्सों में मौसम (Weather) ने एक साथ अलग-अलग तस्वीरें दिखानी शुरू कर दी हैं। कहीं पहाड़ों पर बर्फ गिर रही है तो कहीं नदियों का बढ़ता पानी लोगों की परेशानी बढ़ा रहा है। बिहार में बाढ़ से 12 जिलों के 22 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हैं। वहीं उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में बारिश के बीच बर्फबारी हुई है। उत्तर प्रदेश के बरेली में हालात ऐसे बने कि पानी फायर स्टेशन परिसर तक पहुंच गया। Bihar Flood: 12 जिलों में लाखों लोग बाढ़ से प्रभावित बिहार में गंगा समेत कई नदियों का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय और अरवल में बाढ़ का असर देखने को मिल रहा है। रिपोर्टों के मुताबिक इन 12 जिलों में 22.42 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। कई निचले इलाकों में पानी भरने से लोगों का सामान्य जीवन प्रभावित हुआ है। घरों से लेकर सड़क और खेत तक पानी पहुंचने के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में मुश्किलें और बढ़ गई हैं। गंगा ने बढ़ाई पटना की चिंता पटना में गंगा का बढ़ता जलस्तर प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। नदी के आसपास के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम जारी है। बाढ़ प्रभावित परिवारों तक भोजन और जरूरी सामान पहुंचाने के लिए नावों और राहत टीमों की मदद ली जा रही है। NDRF और SDRF की टीमें भी प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव अभियान में जुटी हैं। Uttarakhand Snowfall: बारिश के बीच पहाड़ों पर बर्फ बिहार में जहां बाढ़ लोगों के लिए परेशानी बनी हुई है, वहीं उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में मौसम ने अलग ही रंग दिखाया। बारिश के बीच ऊंचाई वाले क्षेत्रों में Snowfall देखने को मिली। पहाड़ों पर बर्फ की सफेद चादर दिखाई देने के साथ तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। हालांकि लगातार बारिश के कारण कुछ इलाकों में सड़क यातायात और यात्रा को लेकर भी चिंता बनी हुई है। उत्तराखंड में मौसम के इस बदलाव का असर स्थानीय लोगों के साथ-साथ पहाड़ों की यात्रा करने वाले लोगों पर भी पड़ रहा है। प्रशासन की ओर से संवेदनशील इलाकों पर नजर रखी जा रही है। Bareilly Weather: Fire Station में घुसा बारिश का पानी उत्तर प्रदेश के बरेली में भी लगातार बारिश के बाद जलभराव ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। शहर के कई हिस्सों में पानी जमा होने की खबर है। स्थिति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि Fire Station परिसर तक पानी पहुंच गया। जलभराव के कारण लोगों को आने-जाने में परेशानी हुई। निचले इलाकों में रहने वाले परिवारों को भी बारिश के कारण दिक्कतों का सामना करना पड़ा। एक तरफ Snowfall, दूसरी तरफ Flood देश के अलग-अलग हिस्सों का मौसम इस समय बिल्कुल अलग तस्वीर पेश कर रहा है। उत्तराखंड के पहाड़ों पर बर्फबारी जहां सर्द मौसम की दस्तक का अहसास करा रही है, वहीं बिहार में उफनती नदियां हजारों परिवारों के लिए चिंता का कारण बनी हुई हैं। उत्तर प्रदेश में बारिश और जलभराव ने भी लोगों की मुश्किलें बढ़ाई हैं। ऐसे में प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती प्रभावित लोगों तक समय पर राहत पहुंचाने और उन्हें सुरक्षित रखने की है। फिलहाल Bihar Flood, Uttarakhand Snowfall और UP Rain से जुड़े हालात पर प्रशासन और संबंधित विभाग नजर बनाए हुए हैं। लोगों से अपील की जा रही है कि वे मौसम और स्थानीय प्रशासन की एडवाइजरी को ध्यान में रखते हुए ही यात्रा करें और नदी या जलभराव वाले क्षेत्रों के पास जाने से बचें। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Delhi

Delhi PG Accident: एक झटके में मलबे में बदली 5 मंजिला इमारत, 6 की मौत

दक्षिण Delhi के सत्य निकेतन इलाके में रविवार को एक दर्दनाक हादसा हुआ। छात्रों के रहने के लिए इस्तेमाल की जा रही पांच मंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। राहत और बचाव टीमों ने मलबे से कई लोगों को बाहर निकाला, जबकि अब तक 6 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है। घटना के तुरंत बाद दिल्ली पुलिस, फायर ब्रिगेड, NDRF और आपदा प्रबंधन की टीमें मौके पर पहुंचीं। मलबे के नीचे किसी और के दबे होने की आशंका को देखते हुए काफी देर तक Search Operation चलाया गया। रेस्क्यू टीमों ने Sniffer Dogs और Search Cameras की मदद से मलबे के अलग-अलग हिस्सों की जांच की। अचानक भरभराकर गिर गई पूरी बिल्डिंग प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, इमारत गिरने की घटना बेहद अचानक हुई। कुछ ही पलों में पांच मंजिला Building मलबे में बदल गई। हादसे की तस्वीरें और CCTV फुटेज सामने आने के बाद घटना की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है। हादसे की सूचना मिलते ही आसपास के लोग भी मौके पर पहुंच गए। शुरुआत में स्थानीय लोगों ने बचाव दल के साथ मिलकर मलबा हटाने में मदद की। इसके बाद मशीनों और आधुनिक Rescue Equipment की मदद से बचाव अभियान को आगे बढ़ाया गया। Basement में चल रहा था काम, उठे कई सवाल प्रारंभिक जांच में इमारत के Basement में चल रहे निर्माण या तोड़फोड़ के काम को लेकर सवाल उठ रहे हैं। बताया जा रहा है कि हादसे से पहले बेसमेंट में काम चल रहा था। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या निर्माण के दौरान भवन के किसी महत्वपूर्ण हिस्से या Pillar से छेड़छाड़ हुई थी। इमारत की उम्र और उसकी Structural Safety को लेकर भी जांच की जा रही है। हालांकि, अधिकारियों की विस्तृत जांच पूरी होने से पहले हादसे की अंतिम वजह बताना जल्दबाजी होगी। Rescue Teams ने ऐसे शुरू की मलबे में तलाश हादसे के बाद सबसे बड़ी चुनौती मलबे के नीचे फंसे लोगों तक पहुंचना थी। भारी ढांचे के कारण राहतकर्मी बेहद सावधानी से मलबा हटाते रहे। Rescue Dogs और Search Cameras के जरिए उन जगहों की तलाश की गई, जहां किसी व्यक्ति के फंसे होने की संभावना थी। बचावकर्मियों ने मलबे को धीरे-धीरे हटाया, ताकि अगर कोई व्यक्ति अंदर मौजूद हो तो उसे नुकसान न पहुंचे। इस दौरान आसपास के इलाके को भी सुरक्षित किया गया और लोगों को घटनास्थल से दूर रखा गया। Building Owner के खिलाफ FIR हादसे के बाद पुलिस ने मामले में बिल्डिंग मालिक समेत अन्य लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। पुलिस यह जांच कर रही है कि इमारत में चल रहा निर्माण कार्य नियमों के अनुसार था या नहीं और हादसे से पहले भवन की सुरक्षा को लेकर कोई शिकायत या चेतावनी सामने आई थी या नहीं। जांच में Building Plan, निर्माण कार्य और इमारत की Structural Condition से जुड़े पहलुओं को भी शामिल किया जा रहा है। आसपास की Buildings की भी जांच सत्य निकेतन हादसे के बाद प्रशासन ने आसपास की इमारतों की सुरक्षा को लेकर भी कदम उठाए हैं। अधिकारियों की नजर खास तौर पर पुरानी और कमजोर इमारतों पर है। इस हादसे ने दिल्ली में पुराने मकानों को PG और Hostel में बदलकर इस्तेमाल करने तथा उनमें होने वाले निर्माण कार्यों की निगरानी पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल प्रशासन का पूरा ध्यान Rescue Operation पूरा करने और हादसे की सही वजह पता लगाने पर है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि पांच मंजिला इमारत आखिर किन परिस्थितियों में गिरी और इसके लिए जिम्मेदारी किसकी तय होती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Bittu Tabahi

Bittu Tabahi ने बदली सोच, अकेले शुरू किया नदी सफाई अभियान; नगरपालिका भी हुई प्रभावित

नदी में गंदगी देखकर ज्यादातर लोग शिकायत करते हैं, लेकिन मध्य प्रदेश के एक युवक ने शिकायत करने के बजाय खुद कुछ करने की ठानी। स्थानीय स्तर पर ‘बिट्टू तबाही’ (Bittu Tabahi) के नाम से पहचाने जाने वाले इस युवक ने अकेले ही नदी की सफाई का जिम्मा उठा लिया। उनका यह जज्बा अब लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। बिट्टू ने नदी में जमा कचरे और गंदगी को देखकर सफाई अभियान शुरू किया। शुरुआत किसी बड़े इंतजाम या टीम के साथ नहीं हुई। उन्होंने अपने स्तर पर सफाई करना शुरू किया और लगातार इस काम में जुटे रहे। नदी को साफ रखने का लिया संकल्प बिट्टू का मानना है कि नदी सिर्फ पानी का स्रोत नहीं, बल्कि आसपास के लोगों और पर्यावरण के लिए बेहद जरूरी है। इसी सोच के साथ उन्होंने नदी में जमा कचरे को हटाने की पहल की। उनका यह प्रयास धीरे-धीरे स्थानीय लोगों का ध्यान खींचने लगा। लोगों ने देखा कि बिना किसी दबाव या दिखावे के बिट्टू लगातार नदी की सफाई में लगे हुए हैं। नगरपालिका ने भी की पहल की सराहना बिट्टू के लगातार सफाई अभियान की जानकारी नगरपालिका तक पहुंची तो उनके प्रयास की सराहना की गई। एक युवक द्वारा अपने स्तर पर नदी को साफ रखने की कोशिश को अधिकारियों ने सकारात्मक कदम माना। इस पहल ने यह भी दिखाया कि अगर कोई व्यक्ति अपने आसपास के पर्यावरण को लेकर जिम्मेदारी महसूस करे, तो छोटी शुरुआत भी बड़ा संदेश दे सकती है। सोशल मीडिया पर भी चर्चा में आया अभियान बिट्टू का नदी सफाई अभियान अब स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। उनके प्रयास को देखकर दूसरे लोगों में भी स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ाने की उम्मीद है। आज नदियों में बढ़ता कचरा और प्रदूषण बड़ी चुनौती है। ऐसे में बिट्टू की पहल लोगों को यह संदेश देती है कि नदी को साफ रखना सिर्फ प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की भी साझा जिम्मेदारी है। ‘बिट्टू तबाही’ ने दी एक अलग मिसाल बिट्टू की कहानी इसलिए खास है क्योंकि उन्होंने बदलाव का इंतजार नहीं किया, बल्कि खुद बदलाव की शुरुआत करने का फैसला लिया। अकेले शुरू किया गया उनका यह सफाई अभियान अब दूसरों के लिए प्रेरणा बनता दिखाई दे रहा है। कई बार किसी बड़े बदलाव की शुरुआत बड़े अभियान से नहीं, बल्कि एक छोटे से कदम से होती है। बिट्टू का यह प्रयास उसी सोच की मिसाल है—अगर इरादा मजबूत हो, तो एक इंसान भी बदलाव की शुरुआत कर सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Swatantra Bhardwaj

Swatantra Bhardwaj Detained: CJP Protest के बाद स्वतंत्र भारद्वाज हिरासत में

दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए CJP Protest के दौरान एक छात्रा के पिता के साथ कथित मारपीट का मामला अब फिर चर्चा में है। मामले में आरोपी बताए जा रहे सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज (Swatantra Bhardwaj) को दिल्ली पुलिस ने उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में लिया है। यह कार्रवाई संसद मार्ग थाने के बाहर CJP समर्थकों के प्रदर्शन और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग के कुछ घंटे बाद हुई। Parliament Street Police Station के बाहर प्रदर्शन स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर CJP के प्रतिनिधि और समर्थक शुक्रवार को दिल्ली के संसद मार्ग थाने पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से मामले में जल्द कार्रवाई करने और आरोपी को गिरफ्तार करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कुछ राजनीतिक नेता भी वहां पहुंचे। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच बातचीत हुई। रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस ने मामले में कार्रवाई का भरोसा दिया और इसके बाद भारद्वाज को ट्रेस करने के लिए टीमें सक्रिय की गईं। क्या है पूरा मामला? यह विवाद जंतर-मंतर पर CJP के एक प्रदर्शन से जुड़ा है। प्रदर्शन के दौरान छात्रा निशु आजाद के पिता संजय कुमार के साथ कथित तौर पर मारपीट हुई थी। इस मामले में स्वतंत्र भारद्वाज और सूरज कुमार के नाम FIR में शामिल किए गए थे। मामला उस समय और गरमा गया, जब स्वतंत्र भारद्वाज से जुड़े एक Podcast Video की क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुई। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि वीडियो में भारद्वाज ने घटना को लेकर आपत्तिजनक दावे किए थे। इसके बाद उनकी गिरफ्तारी की मांग तेज हो गई। Viral Video ने बढ़ाया विवाद वायरल वीडियो सामने आने के बाद CJP ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। संगठन का कहना था कि वीडियो में कथित तौर पर घटना को लेकर किए गए दावों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। वहीं दिल्ली पुलिस ने राजनीतिक हस्तक्षेप के आरोपों को खारिज किया है। पुलिस के मुताबिक, मामले की जांच कानूनी प्रक्रिया के तहत की जा रही थी और मेडिकल रिपोर्ट में चोट को लेकर सोशल मीडिया पर किए गए कुछ दावों की पुष्टि नहीं हुई थी। Bulandshahr में पुलिस ने पकड़ा पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस की टीमों ने स्वतंत्र भारद्वाज को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में ट्रेस किया। रिपोर्टों में बताया गया कि पुलिस की कार्रवाई से पहले वह वहां से निकलने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन बाद में उन्हें हिरासत में ले लिया गया। यह कार्रवाई उस समय हुई जब संसद मार्ग थाने के बाहर CJP समर्थक स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। इससे मामले में पुलिस की कार्रवाई को लेकर चल रहा विवाद भी फिलहाल एक नए चरण में पहुंच गया है। FIR में SC/ST Act की धाराएं जोड़ने की जानकारी प्रदर्शन के बाद पुलिस की ओर से मामले में SC/ST Act से संबंधित धाराएं जोड़ने की बात सामने आई। पीड़ित की दोबारा मेडिकल जांच कराए जाने की जानकारी भी रिपोर्टों में दी गई है। हालांकि, मामले में अंतिम कानूनी स्थिति जांच और आगे की पुलिस कार्रवाई पर निर्भर करेगी। आरोपों की पुष्टि अदालत की प्रक्रिया में ही होगी। पुलिस के सामने अब आगे की जांच बड़ी चुनौती स्वतंत्र भारद्वाज को हिरासत में लिए जाने के बाद अब पुलिस के सामने वायरल वीडियो, FIR में दर्ज आरोपों, मेडिकल रिपोर्ट और घटना से जुड़े अन्य साक्ष्यों की जांच अहम होगी। फिलहाल इस मामले ने CJP Protest, Delhi Police और Social Media Influencer को लेकर राजनीतिक और सामाजिक बहस को भी तेज कर दिया है। अब देखना होगा कि जांच आगे बढ़ने के बाद पुलिस की ओर से क्या कानूनी कार्रवाई की जाती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Saharanpur

UP Bulldozer Action: Saharanpur कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर चला बुलडोजर, मायावती-इकरा हसन ने उठाए सवाल

Saharanpur उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर की मस्जिद को लेकर चल रहा विवाद अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। अदालत के आदेश के बाद प्रशासन ने शनिवार को मस्जिद के खिलाफ Bulldozer Action शुरू कर दिया। कार्रवाई की खबर फैलते ही इलाके में हलचल बढ़ गई और राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर भी शुरू हो गया। कलेक्ट्रेट परिसर और आसपास के इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई। किसी तरह की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई अदालत के आदेश के अनुपालन में की जा रही है। कोर्ट के फैसले के बाद प्रशासन का एक्शन कलेक्ट्रेट परिसर में बनी मस्जिद को लेकर जमीन के स्वामित्व और निर्माण की वैधता पर काफी समय से विवाद चल रहा था। प्रशासन का दावा है कि मस्जिद सरकारी जमीन पर बनी है और निर्माण को अवैध माना गया है। मामला पहले सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत में पहुंचा। जुलाई में अदालत ने मस्जिद को हटाने का आदेश दिया था। इसके साथ ही संबंधित पक्ष पर करीब 6.41 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति लगाए जाने की बात भी सामने आई थी। इस फैसले को जिला अदालत में चुनौती दी गई थी। 4 सितंबर को जिला जज की अदालत ने सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश को बरकरार रखते हुए अपील खारिज कर दी। इसके बाद प्रशासन ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की। इकरा हसन को सहारनपुर जाने से रोका मस्जिद पर कार्रवाई की जानकारी मिलने के बाद कैराना से समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन सहारनपुर जाने की कोशिश कर रही थीं। लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे जाने से रोक दिया। इकरा हसन और पुलिस अधिकारियों के बीच इस दौरान तीखी बहस भी हुई। इसका वीडियो सामने आने के बाद मामला सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गया। बाद में उनके आवास के बाहर पुलिस बल तैनात किए जाने की भी खबर सामने आई। इकरा हसन ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें सहारनपुर जाने से रोका जा रहा है। उनका कहना था कि वह मौके पर जाकर हालात देखना चाहती थीं। मायावती ने सरकार से कार्रवाई रोकने को कहा सहारनपुर मस्जिद विवाद पर बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सरकार से कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की और मामले को संवेदनशील बताते हुए सावधानी से कदम उठाने की बात कही। मायावती ने कहा कि ऐसे मामलों में किसी भी तरह का तनाव बढ़ने से रोकना जरूरी है। उन्होंने लोगों से भी शांति और भाईचारा बनाए रखने की अपील की। इमरान मसूद बोले- हाईकोर्ट जाएंगे सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने प्रशासन की कार्रवाई का विरोध किया है। उनका कहना है कि मस्जिद की जमीन और उससे जुड़े दस्तावेजों को लेकर उनका पक्ष अलग है। जिला अदालत से राहत नहीं मिलने के बाद मसूद ने मामले को हाईकोर्ट ले जाने की बात कही है। उनका कहना है कि आगे की कानूनी लड़ाई अदालत में लड़ी जाएगी और उपलब्ध दस्तावेजों को वहां रखा जाएगा। प्रशासन और विपक्ष के दावे अलग-अलग पूरे विवाद में प्रशासन और मस्जिद पक्ष के दावे अलग हैं। प्रशासन जहां निर्माण को सरकारी जमीन पर हुआ अवैध निर्माण बता रहा है, वहीं मस्जिद से जुड़े लोग और कुछ विपक्षी नेता इस दावे पर सवाल उठा रहे हैं। यही वजह है कि मामला सिर्फ बुलडोजर कार्रवाई तक सीमित नहीं रहा। अब इसकी गूंज राजनीतिक मंच से लेकर अदालत तक सुनाई दे रही है। आगे क्या होगा? सहारनपुर कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर हुई कार्रवाई के बाद अब सबकी नजर आगे की कानूनी प्रक्रिया पर है। इमरान मसूद की ओर से हाईकोर्ट जाने की बात कही गई है। ऐसे में आने वाले दिनों में अदालत में इस मामले को लेकर क्या रुख सामने आता है, यह महत्वपूर्ण होगा। फिलहाल प्रशासन की कार्रवाई के बाद सहारनपुर में राजनीतिक माहौल गर्म है। एक तरफ अधिकारी कोर्ट के आदेश के पालन की बात कह रहे हैं, तो दूसरी ओर विपक्ष इसे लेकर सरकार पर सवाल उठा रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Vishwas Sarang

Vishwas Sarang को बहनों का बेशुमार प्यार, Narela Rakshabandhan Mahotsav में बना नया उत्साह

नरेला विधानसभा क्षेत्र में चल रहे Rakshabandhan Mahotsav 2026 में रविवार को भाई-बहन के रिश्ते की खूबसूरत तस्वीर देखने को मिली। वार्ड नंबर 36, 37 और 70 में आयोजित कार्यक्रम के पांचवें दिन 24 हजार 604 बहनों ने मंत्री Vishwas Sarang को रक्षासूत्र बांधा। बहनों ने राखी बांधकर उनके प्रति स्नेह और आशीर्वाद जताया। कार्यक्रम में पहुंचते ही मंत्री विश्वास सारंग का स्थानीय लोगों और कार्यकर्ताओं ने जोरदार स्वागत किया। ढोल-ताशों और DJ की गूंज के बीच उन्हें बग्गी से मुख्य कार्यक्रम स्थल तक ले जाया गया। इस दौरान आतिशबाजी भी हुई। मंच पर पहुंचने के बाद सारंग ने बहनों पर पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया। बहनों के प्यार को बताया अपनी ताकत रक्षाबंधन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विश्वास सारंग ने कहा कि रक्षाबंधन केवल राखी बांधने का पर्व नहीं, बल्कि भाई-बहन के बीच विश्वास, स्नेह और अपनत्व का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि हर साल बड़ी संख्या में बहनों का प्यार और आशीर्वाद मिलना उनके लिए सौभाग्य की बात है। कार्यक्रम में पहुंचीं बहनों से उन्होंने राखी बंधवाई और उनका आशीर्वाद लिया। सारंग ने कहा कि लाखों बहनों का स्नेह और विश्वास ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। चौथे दिन भी उमड़ा था बहनों का सैलाब नरेला रक्षाबंधन महोत्सव के चौथे दिन भी बड़ी संख्या में बहनें कार्यक्रम में पहुंची थीं। उस दिन 31,117 बहनों ने मंत्री विश्वास सारंग को रक्षासूत्र बांधा था। आयोजकों के अनुसार, पिछले साल के महोत्सव में कुल 1 लाख 84 हजार 632 बहनों ने रक्षासूत्र बांधा था। इस बार भी लगातार बढ़ रही भागीदारी को देखते हुए पिछले साल का आंकड़ा पार होने की उम्मीद जताई जा रही है। 7 सितंबर को इन दो वार्डों में होगा आयोजन नरेला रक्षाबंधन महोत्सव का अगला चरण 7 सितंबर 2026 को होगा। इस दिन दो वार्डों में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में भी बड़ी संख्या में बहनों के शामिल होने की उम्मीद है। महोत्सव के जरिए रक्षाबंधन के पारंपरिक रिश्ते को सामाजिक जुड़ाव और भाईचारे के भाव से जोड़ने की कोशिश की जा रही है। नरेला क्षेत्र में लगातार कई दिनों से चल रहे इस आयोजन में बहनों की बड़ी भागीदारी देखने को मिल रही है। पांचवें दिन 24,604 रक्षासूत्र बांधे जाने के साथ महोत्सव का उत्साह और बढ़ गया है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
CM रेखा गुप्ता

Satya Niketan हादसे पर CM रेखा गुप्ता का बड़ा फैसला, Deputy Commissioner समेत 5 Suspend

दिल्ली के सत्य निकेतन में हुए दर्दनाक बिल्डिंग हादसे ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है। पांच मंजिला इमारत के अचानक गिरने से अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है। हादसे के बाद CM रेखा गुप्ता ने जिम्मेदारी तय करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। MCD के साउथ जोन के डिप्टी कमिश्नर समेत 5 अधिकारियों को Suspend कर दिया गया है। सरकार के इस एक्शन के बाद नगर निगम के कामकाज और इमारतों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मामले में सख्त रुख अपनाते हुए अधिकारियों को लापरवाही सामने आने पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। हादसे के बाद MCD में बड़ा Action सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना के बाद MCD ने पांच अधिकारियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की है। इनमें साउथ जोन के डिप्टी कमिश्नर सहित इंजीनियरिंग विभाग से जुड़े अधिकारी शामिल हैं। जांच का मुख्य फोकस इस बात पर है कि इमारत की हालत को लेकर पहले कोई शिकायत या नोटिस जारी हुआ था या नहीं और निर्माण या मरम्मत के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन किया जा रहा था या नहीं। PG के तौर पर इस्तेमाल हो रही थी इमारत बताया जा रहा है कि जिस बिल्डिंग का हिस्सा ढहा, उसका इस्तेमाल PG accommodation के तौर पर किया जा रहा था। हादसे के समय वहां कई लोग मौजूद थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, इमारत गिरते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई। धूल का गुबार उठ गया और लोग मदद के लिए मौके पर पहुंचने लगे। इसके बाद दिल्ली फायर सर्विस, NDRF और अन्य बचाव दलों ने मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालने का काम शुरू किया। 7 लोगों की मौत, कई घायल रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान मलबे से कई लोगों को बाहर निकाला गया। हादसे में अब तक 7 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि घायलों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। हादसे के बाद आसपास के लोगों में भी डर का माहौल है। स्थानीय स्तर पर दूसरी पुरानी और कमजोर इमारतों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। Building Owner भी पुलिस की गिरफ्त में मामले में पुलिस ने बिल्डिंग के मालिक हरिराम के खिलाफ केस दर्ज किया है। पुलिस ने उसकी तलाश के लिए कई टीमें लगाई थीं। बाद में उसे भिवाड़ी से गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई। पुलिस अब हादसे से जुड़े दस्तावेज, बिल्डिंग की स्थिति और निर्माण या मरम्मत से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है। जांच के आधार पर आगे और लोगों पर कार्रवाई हो सकती है। आसपास की इमारतों की भी जांच सत्य निकेतन हादसे के बाद MCD ने आसपास की इमारतों की स्थिति को लेकर भी जांच शुरू की है। अधिकारियों की नजर खास तौर पर उन भवनों पर है जो पुराने हैं या जिनमें निर्माण और मरम्मत का काम चल रहा है। इस घटना ने दिल्ली में old buildings, PG और construction safety को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर इमारत में पहले से कोई खामी थी, तो उसे समय रहते क्यों नहीं रोका गया? सरकार के Action से उठे कई सवाल MCD के पांच अधिकारियों का निलंबन सरकार की ओर से उठाया गया बड़ा कदम माना जा रहा है। हालांकि, असली तस्वीर जांच पूरी होने के बाद ही साफ होगी। सत्य निकेतन की इस घटना ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि जांच में हादसे की असली वजह क्या सामने आती है और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ आगे क्या कार्रवाई होती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
CM House

CM House March पर Police का पहरा, Hamidia में Intern Doctors से धक्का-मुक्की

अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे इंटर्न डॉक्टर सोमवार को मुख्यमंत्री आवास (CM House) की ओर बढ़ रहे थे। लेकिन हमीदिया अस्पताल के पास पुलिस ने उनका रास्ता रोक दिया। डॉक्टरों को आगे जाने से रोकने के लिए पुलिस ने आसपास के रास्तों पर बैरिकेडिंग कर दी। इस दौरान डॉक्टरों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी। प्रदर्शन को देखते हुए हमीदिया अस्पताल परिसर और आसपास बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। हालात बिगड़ने की आशंका को देखते हुए मौके पर Water Cannon भी तैयार रखा गया। CM House की तरफ मार्च करना चाहते थे डॉक्टर इंटर्न डॉक्टर अपनी मांगों को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित करना चाहते हैं। इसी सिलसिले में डॉक्टरों ने मुख्यमंत्री आवास तक मार्च करने का फैसला किया। डॉक्टरों का समूह हमीदिया अस्पताल से आगे बढ़ने लगा तो पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक दिया। पुलिस की Barricading के बाद डॉक्टरों ने मौके पर नारेबाजी शुरू कर दी। आगे बढ़ने की कोशिश के दौरान दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। पुलिस लगातार प्रदर्शनकारियों को निर्धारित स्थान से आगे नहीं जाने के लिए समझाती रही। चारों तरफ से रास्ते किए गए बंद प्रदर्शन को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने हमीदिया के आसपास कई रास्तों को बंद कर दिया। बैरिकेड लगाकर आवाजाही को नियंत्रित किया गया। मौके पर अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की भी तैनाती की गई, ताकि भीड़ को संभाला जा सके। Water Cannon की मौजूदगी से साफ था कि प्रशासन किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी में था। हालांकि, डॉक्टरों का प्रदर्शन अपनी मांगों को लेकर जारी रहा। मांगों पर सरकार से जवाब चाहते हैं Intern Doctors प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों का कहना है कि वे अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाना चाहते हैं। CM House तक मार्च के जरिए उनका उद्देश्य सीधे सरकार का ध्यान अपनी समस्याओं की ओर खींचना था। फिलहाल पुलिस ने डॉक्टरों को मुख्यमंत्री आवास की ओर जाने से रोक दिया है। हमीदिया अस्पताल के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है और स्थिति पर पुलिस लगातार नजर बनाए हुए है। इस पूरे घटनाक्रम के बीच सबसे ज्यादा चर्चा डॉक्टरों की मांगों और सरकार की ओर से संभावित बातचीत को लेकर है। अब देखना होगा कि प्रदर्शन के बाद प्रशासन और इंटर्न डॉक्टरों के बीच क्या समाधान निकलता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Gold

Gold Rate Today: सोने की कीमत ₹2409 गिरी, चांदी भी ₹3967 सस्ती

सोना खरीदने वालों के लिए सोमवार को बाजार से थोड़ी राहत की खबर आई। हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोने (Gold) और चांदी (Silver) दोनों के भाव में गिरावट दर्ज की गई। आपके दिए बाजार आंकड़ों के मुताबिक सोना करीब ₹2,409 और चांदी करीब ₹3,967 सस्ती हुई है। इसके बाद 10 ग्राम सोने का भाव करीब ₹1.52 लाख, जबकि एक किलो चांदी करीब ₹2.35 लाख के आसपास पहुंच गई। हालांकि, अलग-अलग बाजार, शुद्धता और कारोबार के समय के हिसाब से रेट में अंतर हो सकता है। सोमवार को एक अन्य बाजार रिपोर्ट में 24 कैरेट सोने का भाव ₹1,52,590 प्रति 10 ग्राम और चांदी ₹2,36,240 प्रति किलो बताया गया। सोने के भाव में फिर आई नरमी पिछले कुछ समय से रिकॉर्ड ऊंचाई के आसपास कारोबार कर रहा Gold सोमवार को दबाव में नजर आया। घरेलू बाजार में भी इसकी कीमत में कमजोरी देखने को मिली। MCX पर अक्टूबर गोल्ड फ्यूचर्स में भी गिरावट दर्ज की गई। 24 कैरेट सोने का भाव करीब ₹1.52 लाख प्रति 10 ग्राम के आसपास बना हुआ है। वहीं 22 कैरेट सोने की कीमत इससे कम है। अगर आप ज्वेलरी खरीदने का मन बना रहे हैं तो ध्यान रखें कि दुकान पर मिलने वाला अंतिम रेट बाजार भाव से अलग हो सकता है। Silver Price Today: चांदी भी हुई सस्ती सोने के साथ चांदी में भी कमजोरी रही। चांदी करीब ₹3,967 प्रति किलो सस्ती होने के बाद लगभग ₹2.35 लाख प्रति किलो के स्तर पर आ गई है। हालांकि, सोमवार के अलग-अलग बाजार अपडेट में चांदी का भाव करीब ₹2.36 लाख प्रति किलो भी बताया गया है। इससे साफ है कि कारोबार के समय के साथ कीमतों में बदलाव हो रहा है। आखिर क्यों गिर रहे हैं सोना और चांदी? कीमती धातुओं में इस गिरावट का कनेक्शन सीधे ग्लोबल मार्केट से जुड़ा है। अमेरिका के रोजगार आंकड़े उम्मीद से मजबूत रहने के बाद वहां Federal Reserve की ब्याज दरों को लेकर बाजार की उम्मीदें बदली हैं। मजबूत अमेरिकी जॉब डेटा के बाद सितंबर में ब्याज दर बढ़ने की संभावना को लेकर दांव बढ़े हैं। इसका असर सोने पर पड़ा और अंतरराष्ट्रीय बाजार में Spot Gold करीब 0.7% नीचे आया। वहीं Silver में भी लगभग 1% की गिरावट दर्ज की गई। अब आगे क्या होगा? अब बाजार की नजर अमेरिका से आने वाले महंगाई के आंकड़ों पर है। इस सप्ताह PPI और CPI जैसे महत्वपूर्ण आंकड़े जारी होने हैं। इनसे Federal Reserve की अगली ब्याज दर नीति को लेकर तस्वीर और साफ हो सकती है। यही वजह है कि आने वाले दिनों में Gold और Silver में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है। निवेशकों के साथ-साथ शादी या त्योहार के लिए खरीदारी करने वाले लोगों की भी बाजार पर नजर बनी हुई है। Gold खरीदते समय सिर्फ भाव न देखें अगर आप आज सोना खरीदने की तैयारी कर रहे हैं तो सिर्फ 10 ग्राम का बाजार भाव देखकर फैसला न लें। 22K या 24K purity, GST, making charges और ज्वेलर के अन्य शुल्क अंतिम कीमत को बदल सकते हैं। अलग-अलग शहरों और ज्वेलर्स के बीच भी रेट में अंतर हो सकता है। इसलिए खरीदारी से पहले अपने स्थानीय ज्वेलर से उसी समय का ताजा रेट जरूर पता करें। बाजार में तेजी से बदलाव होने के कारण सुबह और शाम के भाव में भी अंतर देखने को मिल सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Sagar

Sagar में जहरीली शराब का कहर: 19 मौत, 112 मरीज भर्ती; Liquor Network पर पुलिस का शिकंजा

मध्य प्रदेश के सागर (Sagar) जिले में जहरीली शराब ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। शराब पीने के बाद लोगों की तबीयत बिगड़ने का सिलसिला शुरू हुआ और देखते ही देखते अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ती चली गई। अब तक 19 लोगों की मौत की बात सामने आई है, जबकि 112 मरीज अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती बताए जा रहे हैं। मृतकों में पिता-पुत्र के शामिल होने की जानकारी ने इस घटना को और दर्दनाक बना दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने जांच तेज कर दी है। पुलिस ने लाइसेंसी शराब ठेकेदारों समेत 30 लोगों को नामजद आरोपी बनाया है। इनमें से 10 आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है। अधिकारियों की नजर अब उस पूरे नेटवर्क पर है, जिसके जरिए कथित तौर पर मिलावटी या जहरीली शराब लोगों तक पहुंची। शराब पीने के बाद बिगड़ी लोगों की तबीयत जानकारी के मुताबिक, सागर जिले के बंडा क्षेत्र में कई लोगों ने शराब का सेवन किया था। इसके बाद एक के बाद एक लोगों की तबीयत खराब होने लगी। कुछ लोगों को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया। स्थानीय स्तर पर इलाज के बाद गंभीर मरीजों को बड़े अस्पतालों में रेफर किया गया। अस्पतालों में अचानक मरीजों की संख्या बढ़ने से स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट हो गया। प्रभावित इलाकों में मेडिकल टीमों को भेजकर लोगों की जांच की जा रही है। प्रशासन यह भी पता लगाने में जुटा है कि कितने लोगों ने संदिग्ध शराब का सेवन किया था। 112 मरीजों का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज जहरीली शराब की आशंका के बाद अस्पतालों में भर्ती मरीजों की संख्या लगातार चिंता बढ़ा रही है। 112 लोगों के इलाज की जानकारी सामने आई है। इनमें कुछ मरीजों की हालत गंभीर बताई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रभावित गांवों में पहुंचकर स्थिति पर नजर रख रही हैं। अधिकारियों का फोकस इस बात पर है कि संदिग्ध शराब पीने वाले किसी व्यक्ति की हालत बिगड़ने पर उसे समय रहते अस्पताल पहुंचाया जा सके। पिता-पुत्र की मौत से परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ इस हादसे में पिता-पुत्र की मौत की खबर ने स्थानीय लोगों को झकझोर दिया है। एक ही परिवार के दो सदस्यों की जान जाने से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना के बाद प्रभावित इलाकों में मातम का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्हें अंदाजा नहीं था कि शराब की एक बोतल इतनी बड़ी त्रासदी का कारण बन सकती है। अब लोगों में अवैध और संदिग्ध शराब की बिक्री को लेकर डर भी है और गुस्सा भी। 30 नामजद आरोपियों पर FIR, 10 गिरफ्तार पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए 30 लोगों को नामजद आरोपी बनाया है। इनमें लाइसेंसी शराब कारोबार से जुड़े लोगों के नाम भी शामिल बताए जा रहे हैं। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि शराब की सप्लाई कहां से हुई और इसे किन लोगों तक पहुंचाया गया। अब तक 10 आरोपियों को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी है। पुलिस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में लगी है। जांच में जिस किसी की भूमिका सामने आएगी, उसके खिलाफ कार्रवाई की बात कही गई है। लाइसेंसी ठेकेदारों की भूमिका भी जांच के घेरे में मामले में लाइसेंसी शराब ठेकेदारों के नाम सामने आने के बाद आबकारी विभाग की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। जांच एजेंसियां यह पता कर रही हैं कि यदि शराब की बिक्री वैध दुकानों से हुई थी, तो उसमें मिलावट कैसे पहुंची। अधिकारियों की जिम्मेदारी और संभावित लापरवाही की भी जांच की जा रही है। प्रशासन की कोशिश है कि शराब के स्रोत से लेकर इसकी बिक्री तक पूरी चेन का पता लगाया जाए। जहरीली शराब की सप्लाई का नेटवर्क खंगाल रही पुलिस पुलिस को शक है कि इस मामले के पीछे सिर्फ कुछ स्थानीय लोगों का हाथ नहीं, बल्कि शराब की सप्लाई से जुड़ा बड़ा नेटवर्क भी हो सकता है। जांच एजेंसियां शराब की बोतल, लेबल और सप्लाई चैन से जुड़े हर पहलू की जांच कर रही हैं। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि जहरीली शराब लोगों तक कैसे पहुंची और इस लापरवाही के पीछे कौन जिम्मेदार है। जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में और गिरफ्तारियां होने की संभावना है। प्रशासन की नजर अब हर कड़ी पर सागर की इस घटना ने अवैध और मिलावटी शराब के कारोबार को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस कार्रवाई के साथ-साथ स्वास्थ्य विभाग भी प्रभावित लोगों की निगरानी कर रहा है। प्रशासन का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल परिवार अपनों को खोने के दर्द में हैं और अस्पतालों में भर्ती मरीजों के परिजन उनके जल्द ठीक होने की उम्मीद लगाए बैठे हैं। जांच पूरी होने के बाद ही साफ हो पाएगा कि इस जहरीली शराब की असली सप्लाई कहां से हुई और इस पूरे मामले में किसकी कितनी भूमिका थी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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