देश के कई हिस्सों में लोग तेज गर्मी और उमस से परेशान हैं, लेकिन अब राहत की खबर सामने आ रही है। दक्षिण-पश्चिम मानसून (Monsoon) ने Goa में एंट्री कर ली है और इसके साथ ही बारिश की गतिविधियां तेज होने लगी हैं। हालांकि मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के लोगों को अभी थोड़ा और इंतजार करना पड़ सकता है, क्योंकि मौसम विभाग ने इन राज्यों में मानसून देर से पहुंचने का अनुमान जताया है। उधर Kerala में लगातार हो रही भारी बारिश ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। कई जिलों में रेड अलर्ट जारी किया गया है और सुरक्षा को देखते हुए स्कूल बंद कर दिए गए हैं। Kerala में बारिश का कहर, Wayanad-Kasaragod में Alert Kerala के Wayanad और Kasaragod जिलों में पिछले 24 घंटों से लगातार तेज बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने इन इलाकों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। भारी बारिश और भूस्खलन के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने स्कूलों और कॉलेजों को बंद रखने का फैसला लिया है। इसके अलावा पहाड़ी क्षेत्रों में ट्रेकिंग और पर्यटन गतिविधियों पर भी अस्थायी रोक लगा दी गई है। प्रशासन लोगों से अपील कर रहा है कि बेहद जरूरी होने पर ही घरों से बाहर निकलें। Goa पहुंचा Monsoon, मौसम हुआ सुहाना अरब सागर में बने अनुकूल मौसमीय सिस्टम की वजह से मानसून Goa तक पहुंच चुका है। बारिश शुरू होने के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई है और लोगों को गर्मी से राहत मिली है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले दिनों में मानसून महाराष्ट्र के अन्य हिस्सों में भी तेजी से आगे बढ़ेगा। Goa के बीच और पर्यटन स्थलों पर भी बारिश का असर साफ दिखाई देने लगा है। MP-Chhattisgarh में मानसून की एंट्री में देरी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में फिलहाल प्री-मानसून एक्टिविटी देखने को मिल रही है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर, रायपुर और दुर्ग समेत कई शहरों में बादल छाने, तेज हवाएं चलने और हल्की बारिश का दौर जारी है। हालांकि मौसम विभाग के अनुसार इन राज्यों में मानसून की आधिकारिक एंट्री सामान्य तारीख से कुछ दिन देर से हो सकती है। अगले कुछ दिनों तक आंधी, बिजली गिरने और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है। किसानों की बढ़ी चिंता, बारिश का इंतजार खरीफ फसलों की बुवाई का समय नजदीक आने के साथ किसानों की नजरें मानसून पर टिकी हुई हैं। अच्छी बारिश खेती के लिए बेहद जरूरी मानी जा रही है। कई किसान अब मानसून की स्थायी बारिश शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं ताकि बुवाई का काम समय पर शुरू हो सके। वहीं शहरों में रहने वाले लोग भी लगातार बढ़ रही गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद कर रहे हैं। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि जून के दूसरे सप्ताह से मध्य भारत में बारिश की गतिविधियां और तेज हो सकती हैं। फिलहाल पूरे देश में मानसून की चाल पर नजर बनी हुई है और आने वाले कुछ दिन मौसम के लिहाज से काफी अहम माने जा रहे हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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