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ड्डा का राहुल पर पलटवार: बोले- कांग्रेस बताए अपने राज्यों में पेपर लीक क्यों हुए, सरकार चर्चा को तैयार

पेपर लीक के मुद्दे पर संसद में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। केंद्रीय मंत्री और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि कांग्रेस पहले यह बताए कि उसके शासन वाले राज्यों में पेपर लीक की घटनाएं क्यों हुईं। नड्डा ने कहा कि केंद्र सरकार इस गंभीर विषय पर संसद में विस्तृत चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष इस मुद्दे का राजनीतिकरण कर रहा है, जबकि सरकार दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के पक्ष में है। दरअसल, राहुल गांधी ने हाल ही में दावा किया था कि पिछले 10 वर्षों में देशभर में 152 पेपर लीक की घटनाएं हुई हैं। उन्होंने इसे युवाओं के भविष्य से जुड़ा बड़ा मुद्दा बताते हुए सरकार पर परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित रखने में विफल रहने का आरोप लगाया था। इस पर जवाब देते हुए नड्डा ने कहा कि केवल आंकड़े पेश करने से काम नहीं चलेगा। कांग्रेस को यह भी बताना चाहिए कि जिन राज्यों में उसकी सरकारें रही हैं, वहां भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाएं क्यों हुईं और उन्हें रोकने के लिए क्या कदम उठाए गए। उन्होंने दोहराया कि केंद्र सरकार परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए प्रतिबद्ध है तथा संसद में इस विषय पर सार्थक चर्चा का स्वागत करती है।
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अजमेर में मार्बल व्यापारी पर जानलेवा हमला, CCTV में कैद हुई वारदात

राजस्थान के अजमेर जिले के किशनगढ़ में बुधवार सुबह मार्बल व्यापारी पर चार बदमाशों ने लाठी-डंडों से हमला कर दिया। स्कॉर्पियो से आए हमलावरों ने गोदाम में घुसकर व्यापारी के साथ बेरहमी से मारपीट की। पूरी घटना गोदाम में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। गोदाम में घुसकर किया हमला गांधीनगर थाना क्षेत्र स्थित मार्बल एरिया में बुधवार सुबह करीब 8:20 बजे स्कॉर्पियो में सवार चार युवक गोदाम के बाहर पहुंचे। गोदाम में बैठे मार्बल व्यापारी गोवर्धन पर उन्होंने लाठी-डंडों से हमला कर दिया। व्यापारी ने शुरुआत में हमलावरों का मुकाबला करने की कोशिश की, लेकिन चारों बदमाशों ने उसे घेर लिया और जमीन पर गिराकर लगातार लाठियों से पीटा। वारदात के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। सिर और हाथ में गंभीर चोट हमले में व्यापारी के सिर और हाथ में गंभीर चोटें आईं। घायल अवस्था में उन्हें तत्काल किशनगढ़ के राजकीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। पीड़ित ने दर्ज कराई शिकायत गांधीनगर थाना प्रभारी अनिल शर्मा ने बताया कि पीड़ित व्यापारी की शिकायत पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है। भाई के साथ गोदाम में मौजूद था व्यापारी पीड़ित गोवर्धन ने बताया कि वह बुधवार सुबह अपने भाई के साथ गोदाम में बैठा था। इसी दौरान स्कॉर्पियो में सवार चार युवक पहुंचे और बिना किसी बातचीत के अचानक हमला कर दिया। बदमाशों ने गोदाम के अंदर घुसकर उन्हें नीचे गिराया और लाठियों से बेरहमी से पीटा। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। अधिक खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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जंतर-मंतर के पास छात्रों और पुलिस में फिर झड़प: ACP घायल, आंसू गैस छोड़ी गई

दिल्ली के जंतर-मंतर के पास बुधवार रात करीब 8:30 बजे छात्रों और पुलिस के बीच एक बार फिर झड़प हो गई। पुलिस के अनुसार, कनॉट प्लेस के टॉल्स्टॉय मार्ग पर कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पत्थर और बोतलें फेंकी, जिसमें एसीपी कनॉट प्लेस विवेक भगत घायल हो गए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। करीब 15 मिनट तक चली झड़प के बाद हालात सामान्य हो गए। सोशल मीडिया पर सामने आए कुछ वीडियो में प्रदर्शनकारियों के हाथों में लाठियां दिखाई दे रही हैं और पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की व मारपीट होती नजर आ रही है। हालांकि, इन वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। इससे पहले 20 जुलाई को CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) के संसद मार्च के दौरान भी प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव हुआ था। उस दौरान प्रदर्शनकारी संसद गेट के करीब पहुंच गए थे, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें हटाने के लिए बल प्रयोग किया था। इधर, CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सोनम वांगचुक से अनशन समाप्त करने की अपील करते हुए कहा कि देश को उनकी जरूरत है और आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहेगा। उधर, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पश्चिम बंगाल से CRPF की 20 अतिरिक्त कंपनियां दिल्ली भेजने के निर्देश दिए हैं। करीब 2,000 जवानों को कोलकाता से एयरलिफ्ट कर राजधानी लाया गया है। दिल्ली पुलिस ने RAF के एक जवान पर कथित हमले और सरकारी वाहन में तोड़फोड़ के मामले में एफआईआर दर्ज की है। वहीं, दिल्ली हाईकोर्ट ने छात्रों से कथित मारपीट से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान सरकार को संबंधित CCTV फुटेज सुरक्षित रखने के निर्देश दिए हैं। अधिक जानकारी के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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Virat

Virat-Anushka Vrindavan Visit: प्रेमानंदजी महाराज के आश्रम पहुंचे विराट-अनुष्का

भारतीय क्रिकेट के दिग्गज बल्लेबाज Virat Kohli और बॉलीवुड अभिनेत्री Anushka Sharma एक बार फिर अपनी सादगी और आध्यात्मिक जुड़ाव को लेकर चर्चा में हैं। हाल ही में दोनों वृंदावन पहुंचे, जहां उन्होंने Premanand Maharaj से मुलाकात कर आशीर्वाद लिया। इस दौरान उनका सरल अंदाज और श्रद्धा देखकर वहां मौजूद लोग भी प्रभावित हुए। बारिश के बीच बदला रास्ता, लेकिन नहीं बदली श्रद्धा Virat और Anushka जब प्रेमानंदजी महाराज के आश्रम पहुंचे तो मौसम की वजह से रास्ता आसान नहीं था। बारिश के कारण रास्ते में कीचड़ था, लेकिन दोनों ने किसी परेशानी की परवाह किए बिना नंगे पैर पैदल चलकर आश्रम तक पहुंचने का फैसला किया। उनकी यह तस्वीर सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई। फैंस ने विराट-अनुष्का की इस सादगी की जमकर तारीफ की और कहा कि प्रसिद्धि के बावजूद दोनों जमीन से जुड़े हुए नजर आते हैं। आश्रम में करीब एक घंटे तक रुके विराट-अनुष्का जानकारी के मुताबिक, विराट कोहली और अनुष्का शर्मा ने वृंदावन आश्रम में करीब एक घंटे का समय बिताया। इस दौरान दोनों ने प्रेमानंदजी महाराज से बातचीत की और जीवन से जुड़े कई विषयों पर मार्गदर्शन लिया। बताया जा रहा है कि दोनों ने परिवार, आध्यात्मिक शांति और जीवन में सकारात्मक सोच को लेकर चर्चा की। मुलाकात के दौरान विराट और अनुष्का बेहद शांत और सहज नजर आए। आध्यात्मिक यात्राओं को लेकर पहले भी चर्चा में रहे हैं दोनों विराट कोहली और अनुष्का शर्मा इससे पहले भी कई धार्मिक स्थलों पर दर्शन के लिए जा चुके हैं। दोनों अक्सर अपने व्यस्त शेड्यूल के बीच आध्यात्मिक यात्राओं के लिए समय निकालते हैं। अनुष्का और विराट का मानना है कि जीवन में सफलता के साथ-साथ मानसिक शांति भी जरूरी है। यही वजह है कि दोनों समय-समय पर धार्मिक और आध्यात्मिक स्थानों पर जाते दिखाई देते हैं। सोशल मीडिया पर फैंस ने की तारीफ विराट-अनुष्का की वृंदावन यात्रा के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से शेयर की जा रही हैं। फैंस ने उनके इस व्यवहार को विनम्रता और आस्था का उदाहरण बताया। कई लोगों ने कहा कि करोड़ों लोगों के पसंदीदा सितारे होने के बावजूद विराट और अनुष्का की सादगी उन्हें खास बनाती है। Virat-Anushka की यात्रा बनी चर्चा का विषय विराट कोहली और अनुष्का शर्मा की यह वृंदावन यात्रा सिर्फ एक धार्मिक दौरा नहीं बल्कि उनकी आस्था और जीवन के प्रति सोच को भी दर्शाती है। कीचड़ भरे रास्ते पर नंगे पैर चलकर आश्रम पहुंचने का उनका अंदाज लोगों के दिलों को छू गया। फिलहाल, विराट-अनुष्का की प्रेमानंदजी महाराज से मुलाकात सोशल मीडिया और खबरों में लगातार चर्चा का विषय बनी हुई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Parliament में विपक्ष का हंगामा, खड़गे बोले- पहले प्रधानमंत्री इस्तीफा दें, फिर होगी चर्चा

Parliament में विपक्ष का हंगामा, खड़गे बोले- पहले प्रधानमंत्री इस्तीफा दें, फिर होगी चर्चा

Parliament के मानसून सत्र के दौरान मंगलवार को राज्यसभा और लोकसभा में जोरदार हंगामा देखने को मिला। कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने कई मुद्दों को लेकर सरकार को घेरा। इस दौरान राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि पहले प्रधानमंत्री इस्तीफा दें, उसके बाद ही किसी मुद्दे पर चर्चा होगी। सत्र शुरू होने से पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी और पार्टी के कई सांसद काले कपड़े पहनकर संसद पहुंचे। काले कपड़े पहनकर विपक्ष ने सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। संसद परिसर में विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी भी की। राज्यसभा में जैसे ही कार्यवाही शुरू हुई, विपक्षी सांसदों ने अपने मुद्दों को उठाना शुरू कर दिया। हंगामा बढ़ने पर सदन की कार्यवाही बार-बार बाधित हुई। खड़गे ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जनता के सवालों का जवाब देने के बजाय सरकार चर्चा से बच रही है। लोकसभा में भी विपक्ष का विरोध जारी रहा। लगातार शोर-शराबे और नारेबाजी के कारण दोनों सदनों की कार्यवाही सुचारु रूप से नहीं चल सकी। स्थिति को देखते हुए लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही बुधवार तक के लिए स्थगित कर दी गई। संसद का मानसून सत्र लगातार हंगामे की भेंट चढ़ रहा है। विपक्ष विभिन्न मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति अपना रहा है, जबकि सरकार सदन की कार्यवाही चलाने की कोशिश कर रही है। अब सभी की नजर बुधवार को होने वाली कार्यवाही पर रहेगी कि क्या संसद में गतिरोध खत्म होगा या फिर हंगामा जारी रहेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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CJP

CJP Protest टकराव नहीं संवाद चाहता संगठन, सरकार के सामने रखी बातचीत की पेशकश

दिल्ली में जारी CJP Protest के बीच संगठन ने बड़ा बयान देकर सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। CJP ने कहा है कि वह सरकार के साथ बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन इसके लिए एक Neutral Place (निष्पक्ष स्थान) तय किया जाना चाहिए, जहां दोनों पक्ष शांतिपूर्ण माहौल में अपनी बात रख सकें। प्रदर्शन के बीच आए इस बयान को आंदोलन के रुख में अहम बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है। CJP का कहना है कि उसका उद्देश्य टकराव नहीं, बल्कि बातचीत के जरिए समाधान निकालना है। संगठन ने सरकार से अपील की है कि वह संवाद के लिए आगे आए और एक उचित मंच उपलब्ध कराए। CJP ने रखा बातचीत का प्रस्ताव CJP की ओर से कहा गया कि लोकतंत्र में हर मुद्दे का समाधान बातचीत और आपसी सहमति से निकाला जा सकता है। संगठन अपनी मांगों और चिंताओं को सरकार के सामने रखना चाहता है और इसके लिए वह वार्ता के लिए तैयार है। संगठन का कहना है कि बातचीत ऐसी जगह होनी चाहिए, जिसे दोनों पक्ष स्वीकार कर सकें। इससे चर्चा सकारात्मक माहौल में हो पाएगी और किसी भी तरह की गलतफहमी को दूर किया जा सकेगा। Delhi में Protest को देखते हुए सुरक्षा सख्त CJP Protest को देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। प्रशासन ने प्रदर्शन वाले इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया है। अधिकारियों की नजर पूरे घटनाक्रम पर बनी हुई है ताकि कानून व्यवस्था प्रभावित न हो। प्रदर्शन के दौरान यातायात और आम लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए भी कई स्तरों पर तैयारियां की गई हैं। सरकार के जवाब पर टिकी नजर CJP के बातचीत के प्रस्ताव के बाद अब सभी की नजर सरकार की प्रतिक्रिया पर है। अगर दोनों पक्ष बातचीत की मेज पर आते हैं तो लंबे समय से चले आ रहे मुद्दों पर समाधान की संभावना बढ़ सकती है। फिलहाल प्रदर्शन जारी है, लेकिन CJP के नए बयान से बातचीत का रास्ता खुलता दिखाई दे रहा है। आने वाले दिनों में सरकार और संगठन के बीच होने वाली संभावित वार्ता पर सभी की नजर रहेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Ladakh मुद्दे पर गतिरोध जारी: कॉकरोच पार्टी ने सरकार को जंतर-मंतर बुलाया

Ladakh मुद्दे पर गतिरोध जारी: कॉकरोच पार्टी ने सरकार को जंतर-मंतर बुलाया

Ladakh से जुड़े मुद्दों को लेकर राजधानी दिल्ली में चल रहे आंदोलन के बीच राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। कॉकरोच पार्टी ने केंद्र सरकार से सीधे जंतर-मंतर आकर प्रदर्शनकारियों से बातचीत करने की मांग की है। वहीं पार्टी प्रमुख दीपके ने सामाजिक कार्यकर्ता और पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक से अपना अनशन समाप्त करने की अपील की है। दीपके का कहना है कि यदि सरकार वास्तव में समाधान चाहती है तो उसे प्रदर्शनकारियों के बीच आकर उनकी बातें सुननी चाहिए। उन्होंने कहा कि बातचीत के जरिए ही इस विवाद का स्थायी हल निकल सकता है। दूसरी ओर, लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे सोनम वांगचुक का अनशन जारी है। दीपके ने उनसे आग्रह किया कि वे अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए अनशन समाप्त करें, ताकि बातचीत की प्रक्रिया आगे बढ़ सके। दिल्ली में सुरक्षा बढ़ी, 16 मेट्रो स्टेशन बंद आंदोलन को देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। एहतियात के तौर पर दिल्ली मेट्रो के 16 स्टेशनों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। इन स्टेशनों पर यात्रियों की एंट्री और एग्जिट पर रोक लगाई गई है, जबकि कुछ स्थानों पर केवल इंटरचेंज की सुविधा उपलब्ध है। दिल्ली पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले ट्रैफिक और मेट्रो से जुड़ी ताजा जानकारी जरूर जांच लें। कई इलाकों में ट्रैफिक डायवर्जन भी लागू किया गया है, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। लद्दाख की मांगों पर टिकी निगाहें लद्दाख के लोगों की प्रमुख मांगों में क्षेत्र को संवैधानिक सुरक्षा, राज्य का दर्जा और स्थानीय लोगों के अधिकारों की रक्षा शामिल है। इन मांगों को लेकर लगातार आंदोलन जारी है और अब सभी की नजर सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच होने वाली संभावित बातचीत पर टिकी हुई है। फिलहाल, आंदोलन और सुरक्षा व्यवस्थाओं के कारण दिल्ली के कई इलाकों में सामान्य जनजीवन प्रभावित हो रहा है। उम्मीद की जा रही है कि बातचीत के जरिए जल्द ही इस गतिरोध का समाधान निकलेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Kalyan Banerjee

Parliament Monsoon Session: Kalyan Banerjee Suspended, संसद में बढ़ा Political विवाद

तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद कल्याण बनर्जी (Kalyan Banerjee) को लेकर संसद में बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। लोकसभा ने उन्हें पूरे मानसून सत्र (Monsoon Session) के लिए निलंबित कर दिया है। अब कल्याण बनर्जी इस सत्र की आगे की किसी भी कार्यवाही में हिस्सा नहीं ले पाएंगे। यह कार्रवाई सदन में उनके कथित व्यवहार और टिप्पणियों को लेकर की गई, जिसे लेकर सत्ता पक्ष ने कड़ी आपत्ति जताई थी। लोकसभा में अनुशासन और सदन की गरिमा बनाए रखने के लिए यह फैसला लिया गया। सदन में टिप्पणी को लेकर बढ़ा विवाद संसद की कार्यवाही के दौरान कल्याण बनर्जी की एक टिप्पणी को लेकर विवाद शुरू हुआ। आरोप लगाया गया कि उनकी भाषा सदन की मर्यादा के अनुरूप नहीं थी। इस मुद्दे को लेकर लोकसभा में हंगामा हुआ और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग उठी। सत्ता पक्ष ने कहा कि संसद देश का सर्वोच्च लोकतांत्रिक मंच है और यहां सांसदों से जिम्मेदार व्यवहार की उम्मीद की जाती है। वहीं विपक्ष ने इस कार्रवाई को लेकर अपनी आपत्ति जताई और इसे राजनीतिक दबाव से जोड़कर देखा। Lok Sabha का सख्त फैसला, Monsoon Session से बाहर हुए Kalyan Banerjee मामले की गंभीरता को देखते हुए लोकसभा ने कल्याण बनर्जी के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की। इसके बाद वह मानसून सत्र की बची हुई अवधि में सदन की कार्यवाही का हिस्सा नहीं बन सकेंगे। संसदीय नियमों के तहत सदन की गरिमा को बनाए रखने के लिए समय-समय पर ऐसे कदम उठाए जाते रहे हैं। इस बार कार्रवाई TMC सांसद कल्याण बनर्जी पर हुई है, जिससे राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। TMC के लिए बड़ा झटका, विपक्ष की रणनीति पर असर कल्याण बनर्जी TMC के वरिष्ठ नेताओं में शामिल हैं और लोकसभा में पार्टी की आवाज को मजबूती से रखने वाले सांसदों में गिने जाते हैं। उनके निलंबन के बाद संसद में TMC की रणनीति पर भी असर पड़ सकता है। मानसून सत्र पहले से ही कई मुद्दों को लेकर हंगामेदार बना हुआ है। ऐसे में एक प्रमुख विपक्षी सांसद का निलंबन सरकार और विपक्ष के बीच चल रही राजनीतिक खींचतान को और बढ़ा सकता है। संसद के बाहर भी जारी रहेगी सियासी बहस कल्याण बनर्जी के निलंबन के बाद अब यह मामला संसद के बाहर भी राजनीतिक बहस का मुद्दा बन सकता है। विपक्ष जहां कार्रवाई को लेकर सवाल उठा सकता है, वहीं सरकार इसे सदन की गरिमा और अनुशासन से जुड़ा फैसला बता रही है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Anantnag

Kashmir Terror Attack: Anantnag में आतंकियों ने Police Team को बनाया निशाना

जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग (Anantnag) जिले से एक बार फिर आतंकी हमले की खबर सामने आई है। Anantnag के व्यस्त लाल चौक इलाके में आतंकियों ने पुलिस टीम को निशाना बनाते हुए फायरिंग कर दी। इस हमले में जम्मू-कश्मीर पुलिस के एक हेड कॉन्स्टेबल की मौत हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और आतंकियों की तलाश के लिए सुरक्षाबलों ने बड़ा Search Operation शुरू कर दिया है। लाल चौक में अचानक हुई आतंकी फायरिंग मिली जानकारी के अनुसार, अनंतनाग के लाल चौक इलाके में पुलिसकर्मी अपनी ड्यूटी निभा रहे थे। इसी दौरान आतंकियों ने अचानक उन पर गोलीबारी शुरू कर दी। हमले में हेड कॉन्स्टेबल गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इस घटना के बाद इलाके में कुछ समय के लिए तनाव का माहौल बन गया। पुलिस और सुरक्षाबलों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए पूरे क्षेत्र को घेर लिया और आतंकियों की तलाश शुरू कर दी। Security Forces ने संभाला मोर्चा, Search Operation तेज आतंकी हमले के बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं। सुरक्षाबलों की संयुक्त टीमें लाल चौक और आसपास के इलाकों में तलाशी अभियान चला रही हैं। सुरक्षाबल संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं और आतंकियों के भागने के संभावित रास्तों की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि हमले में शामिल आतंकियों को पकड़ने के लिए अभियान लगातार जारी है। शहीद पुलिसकर्मी को दी जा रही श्रद्धांजलि इस हमले में हेड कॉन्स्टेबल की शहादत के बाद पुलिस विभाग और उनके परिवार में दुख का माहौल है। साथी जवानों ने अपने सहयोगी को याद करते हुए श्रद्धांजलि दी है। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने साफ किया है कि आतंक फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। Anantnag Attack के बाद घाटी में बढ़ी सुरक्षा Anantnag आतंकी हमले के बाद घाटी के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस, सेना और सुरक्षा एजेंसियां लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं। यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब सुरक्षाबल जम्मू-कश्मीर में आतंकी नेटवर्क को कमजोर करने के लिए लगातार अभियान चला रहे हैं। सुरक्षा एजेंसियां अब हमले के पीछे की साजिश और इसमें शामिल लोगों की जानकारी जुटाने में लगी हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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CJI Surya Kant

Cockroach Police Action Case: SC में नहीं चली याचिका, CJI Surya Kant की सख्त टिप्पणी से मचा हड़कंप

सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को एक अनोखे मामले की सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया CJI Surya Kant ने सख्त टिप्पणी की। कॉकरोचों से जुड़ी कथित पुलिस कार्रवाई के खिलाफ दायर याचिका पर Supreme Court ने सुनवाई करने से इनकार कर दिया। सुनवाई के दौरान जब याचिकाकर्ता ने वीडियो दिखाने की बात कही तो CJI Surya Kant ने कहा कि अदालत के पास ऐसे वीडियो देखने का समय नहीं है। CJI सूर्यकांत ने साफ शब्दों में कहा कि कोर्ट का समय बेहद कीमती है और इसे ऐसे मामलों में खर्च नहीं किया जा सकता। उन्होंने याचिकाकर्ता को सलाह दी कि अदालत में आने से पहले यह देखना जरूरी है कि मामला वास्तव में न्यायिक हस्तक्षेप के योग्य है या नहीं। क्या है Cockroach Police Action Case? यह मामला कॉकरोचों को लेकर की गई कथित पुलिस कार्रवाई से जुड़ा था। याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की थी। याचिका के समर्थन में कुछ वीडियो और घटनाओं का हवाला दिया गया था। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से कोर्ट के सामने वीडियो पेश करने की कोशिश की गई, लेकिन CJI सूर्यकांत ने इसे देखने से इनकार कर दिया। CJI Surya Kant ने क्यों लगाई फटकार? मामले की सुनवाई करते हुए CJI सूर्यकांत ने कहा कि Supreme Court के सामने देशभर के कई गंभीर और महत्वपूर्ण मामले लंबित हैं। ऐसे में अदालत का समय उन मामलों में लगाया जाना चाहिए, जहां लोगों के अधिकारों और न्याय से जुड़े बड़े मुद्दे शामिल हों। उन्होंने कहा कि हर मामले में वीडियो या अन्य सामग्री देखने के लिए कोर्ट के पास पर्याप्त समय नहीं होता। अदालत में आने वाली हर याचिका की गंभीरता और जरूरत को समझना जरूरी है। सोशल मीडिया पर भी चर्चा में आया मामला कॉकरोचों से जुड़े इस केस ने सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींचा। कई यूजर्स ने इसे असामान्य मामला बताया, जबकि कुछ लोगों ने CJI सूर्यकांत की टिप्पणी को न्यायपालिका के बढ़ते काम के दबाव से जोड़कर देखा। Supreme Court का संदेश इस मामले के जरिए सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि अदालतों का समय बेहद महत्वपूर्ण है। न्यायपालिका का उद्देश्य गंभीर मामलों में प्रभावी न्याय देना है, इसलिए जरूरी है कि अदालत में वही मामले लाए जाएं जिनमें वास्तविक कानूनी जरूरत हो। CJI सूर्यकांत की टिप्पणी के बाद Cockroach Case, Supreme Court Hearing और Court Time Management को लेकर चर्चा तेज हो गई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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ड्डा का राहुल पर पलटवार: बोले- कांग्रेस बताए अपने राज्यों में पेपर लीक क्यों हुए, सरकार चर्चा को तैयार

पेपर लीक के मुद्दे पर संसद में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। केंद्रीय मंत्री और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि कांग्रेस पहले यह बताए कि उसके शासन वाले राज्यों में पेपर लीक की घटनाएं क्यों हुईं। नड्डा ने कहा कि केंद्र सरकार इस गंभीर विषय पर संसद में विस्तृत चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष इस मुद्दे का राजनीतिकरण कर रहा है, जबकि सरकार दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के पक्ष में है। दरअसल, राहुल गांधी ने हाल ही में दावा किया था कि पिछले 10 वर्षों में देशभर में 152 पेपर लीक की घटनाएं हुई हैं। उन्होंने इसे युवाओं के भविष्य से जुड़ा बड़ा मुद्दा बताते हुए सरकार पर परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित रखने में विफल रहने का आरोप लगाया था। इस पर जवाब देते हुए नड्डा ने कहा कि केवल आंकड़े पेश करने से काम नहीं चलेगा। कांग्रेस को यह भी बताना चाहिए कि जिन राज्यों में उसकी सरकारें रही हैं, वहां भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाएं क्यों हुईं और उन्हें रोकने के लिए क्या कदम उठाए गए। उन्होंने दोहराया कि केंद्र सरकार परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए प्रतिबद्ध है तथा संसद में इस विषय पर सार्थक चर्चा का स्वागत करती है।

अजमेर में मार्बल व्यापारी पर जानलेवा हमला, CCTV में कैद हुई वारदात

राजस्थान के अजमेर जिले के किशनगढ़ में बुधवार सुबह मार्बल व्यापारी पर चार बदमाशों ने लाठी-डंडों से हमला कर दिया। स्कॉर्पियो से आए हमलावरों ने गोदाम में घुसकर व्यापारी के साथ बेरहमी से मारपीट की। पूरी घटना गोदाम में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। गोदाम में घुसकर किया हमला गांधीनगर थाना क्षेत्र स्थित मार्बल एरिया में बुधवार सुबह करीब 8:20 बजे स्कॉर्पियो में सवार चार युवक गोदाम के बाहर पहुंचे। गोदाम में बैठे मार्बल व्यापारी गोवर्धन पर उन्होंने लाठी-डंडों से हमला कर दिया। व्यापारी ने शुरुआत में हमलावरों का मुकाबला करने की कोशिश की, लेकिन चारों बदमाशों ने उसे घेर लिया और जमीन पर गिराकर लगातार लाठियों से पीटा। वारदात के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। सिर और हाथ में गंभीर चोट हमले में व्यापारी के सिर और हाथ में गंभीर चोटें आईं। घायल अवस्था में उन्हें तत्काल किशनगढ़ के राजकीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। पीड़ित ने दर्ज कराई शिकायत गांधीनगर थाना प्रभारी अनिल शर्मा ने बताया कि पीड़ित व्यापारी की शिकायत पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है। भाई के साथ गोदाम में मौजूद था व्यापारी पीड़ित गोवर्धन ने बताया कि वह बुधवार सुबह अपने भाई के साथ गोदाम में बैठा था। इसी दौरान स्कॉर्पियो में सवार चार युवक पहुंचे और बिना किसी बातचीत के अचानक हमला कर दिया। बदमाशों ने गोदाम के अंदर घुसकर उन्हें नीचे गिराया और लाठियों से बेरहमी से पीटा। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। अधिक खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com

BPCL को जून तिमाही में ₹3,962 करोड़ का घाटा, कच्चे तेल की महंगाई से बिगड़े नतीजे

भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) ने वित्त वर्ष 2026-27 की जून तिमाही (Q1) के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी को इस तिमाही में ₹3,962 करोड़ का शुद्ध घाटा हुआ है। पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी ने ₹6,124 करोड़ का मुनाफा कमाया था, जबकि मार्च तिमाही में ₹3,191 करोड़ का लाभ दर्ज किया गया था। 23% बढ़ा कंपनी का रेवेन्यू घाटे के बावजूद BPCL का परिचालन से राजस्व (Revenue from Operations) बढ़कर ₹1.59 लाख करोड़ पहुंच गया। यह पिछले साल की समान तिमाही के ₹1.29 लाख करोड़ के मुकाबले करीब 23% अधिक है। वहीं, मार्च तिमाही के ₹1.35 लाख करोड़ की तुलना में इसमें करीब 18% की वृद्धि दर्ज की गई। कच्चे तेल की महंगाई बनी घाटे की वजह कंपनी के अनुसार, अमेरिका-ईरान तनाव के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गईं। इसके साथ ही शिपिंग (भाड़ा) और इंश्योरेंस लागत भी बढ़ गई। हालांकि, बढ़ी हुई लागत का पूरा बोझ पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कीमतों में नहीं डाला जा सका, जिससे कंपनी की लाभप्रदता प्रभावित हुई और तिमाही घाटे में बदल गई। शेयर में गिरावट नतीजों के बाद BPCL का शेयर 3% की गिरावट के साथ ₹309 पर बंद हुआ। BPCL के बारे में भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) देश की प्रमुख सरकारी तेल कंपनियों में शामिल है। इसकी स्थापना 24 जनवरी 1976 को हुई थी। कंपनी मुंबई, कोच्चि, नुमालीगढ़ और बीना में रिफाइनरियों का संचालन करती है, जिनकी कुल रिफाइनिंग क्षमता 40 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष से अधिक है। BPCL पेट्रोल, डीजल, एलपीजी, लुब्रिकेंट्स और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों के रिफाइनिंग व वितरण का कार्य करती है। अधिक खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com

फ्रांस की पर्यावरण मंत्री मोनिक बारबू का इस्तीफा, विवादित कृषि बिल के विरोध में छोड़ा पद

फ्रांस की पर्यावरण मंत्री मोनिक बारबू ने विवादित कृषि विधेयक के विरोध में इस्तीफा देने का ऐलान कर दिया है। इस बिल में दो प्रतिबंधित कीटनाशकों के सीमित इस्तेमाल और सिंचाई के लिए बड़े जलाशय बनाने की अनुमति देने का प्रावधान है। वैज्ञानिकों और पर्यावरणविदों का कहना है कि इससे मधुमक्खियों, जैव विविधता और पर्यावरण को गंभीर नुकसान हो सकता है। एसोसिएटेड प्रेस (AP) के अनुसार, बारबू बुधवार को राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को अपना इस्तीफा सौंपेंगी। उन्होंने कहा कि सरकार ने पर्यावरण संरक्षण के अपने वादों से पीछे हटते हुए ऐसे प्रावधानों को मंजूरी दी, जिनका वह लगातार विरोध करती रही थीं। बिल के दो विवादित प्रावधान 1. प्रतिबंधित कीटनाशकों को मंजूरीविधेयक में एसेटामिप्रिड और फ्लुपाइराडीफ्यूरोन जैसे प्रतिबंधित कीटनाशकों के सीमित उपयोग की अनुमति दी गई है। इनका इस्तेमाल चुकंदर, सेब और चेरी जैसी फसलों में किया जा सकेगा। पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि ये रसायन मधुमक्खियों और अन्य परागण करने वाले कीड़ों के लिए बेहद हानिकारक हैं, जिससे कृषि उत्पादन और पारिस्थितिकी तंत्र दोनों प्रभावित हो सकते हैं। 2. सिंचाई के लिए बड़े जलाशयों की अनुमतिबिल में किसानों को सिंचाई के लिए बड़े जलाशय और कृत्रिम तालाब बनाने की प्रक्रिया आसान करने का भी प्रावधान है। पर्यावरणविदों का तर्क है कि इससे भूजल और नदियों पर अतिरिक्त दबाव पड़ेगा और गर्मियों में जल संकट बढ़ सकता है। संसद से पास हुआ विधेयक फ्रांस की संसद में मंगलवार को पेश किए गए इस विधेयक को सीनेट ने 214 के मुकाबले 111 मतों से पारित कर दिया। सरकार का कहना है कि यह कानून किसानों की बढ़ती लागत और घटती आय को देखते हुए लाया गया है, ताकि वे यूरोप के अन्य देशों के किसानों के साथ प्रतिस्पर्धा कर सकें। बारबू ने जताई नाराजगी मोनिक बारबू ने कहा कि विवादित प्रावधान आखिरी समय में बिल में जोड़े गए और उन्हें हटाने पर सरकार ने कोई गंभीर चर्चा नहीं की। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि पिछले नौ महीनों में उन्होंने जंगलों, स्वच्छ जल, साफ हवा और जैव विविधता की रक्षा के लिए काम किया, लेकिन अब वह अपने उद्देश्यों को पूरा करने की स्थिति में नहीं हैं। पहले भी विवादों में रहा कीटनाशक एसेटामिप्रिड और फ्लुपाइराडीफ्यूरोन नियोनिकोटिनॉइड समूह के कीटनाशक हैं। फ्रांस ने 2018 में एसेटामिप्रिड पर प्रतिबंध लगाया था। इससे पहले भी इस प्रतिबंध को हटाने की कोशिश हुई थी, लेकिन फ्रांस की सर्वोच्च अदालत ने पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य पर संभावित खतरे का हवाला देते हुए अनुमति देने से इनकार कर दिया था। अधिक खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com

इंदौर में छात्र आंदोलन को मिला कांग्रेस का समर्थन, दिग्विजय सिंह और जीतू पटवारी धरने में पहुंचे

इंदौर के टंट्याभील चौराहे पर चल रहे छात्र आंदोलन को बुधवार रात कांग्रेस का खुला समर्थन मिला। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी धरना स्थल पहुंचे और छात्रों के बीच बैठकर उनके आंदोलन में शामिल हुए। इस दौरान कांग्रेस नेताओं और प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की। टंट्याभील चौराहे पर पिछले कई दिनों से छात्र शिक्षा व्यवस्था, कथित पेपर लीक और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन और सोनम वांगचुक को हिरासत में लिए जाने के बाद इंदौर में भी आंदोलन तेज हो गया है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में छात्र धरना स्थल पर पहुंचकर अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे हैं। बुधवार रात दिग्विजय सिंह और जीतू पटवारी ने छात्रों के बीच बैठकर आंदोलन का समर्थन किया। उनके साथ शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे सहित कई कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी धरने में शामिल हुए। दिग्विजय सिंह ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस पिछले 25 दिनों से यह मांग उठा रही है और उन्होंने स्वयं 21 जून को भी इस मुद्दे पर अपनी बात रखी थी। छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहेगा। अधिक जानकारी के लिए विजिट करें:deshharpal.com

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