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France

France Tornado Pomas में तूफान ने मचाई तबाही, घरों की छतें उड़ीं

France में सोमवार शाम मौसम ने अचानक करवट ली और कुछ ही मिनटों में Pomas गांव का नजारा बदल गया। तेज तूफान के बीच आए Tornado ने घरों की छतें उड़ा दीं, पेड़ गिरा दिए और कई इमारतों को नुकसान पहुंचाया। इस प्राकृतिक आपदा में 41 लोगों के घायल होने की खबर है, जबकि करीब 300 घरों को नुकसान पहुंचा है। मलबे और टूटे-फूटे सामान से सड़कों के भर जाने के बाद स्थानीय प्रशासन को राहत और बचाव अभियान तेज करना पड़ा। कई परिवारों को अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा। अचानक आया Tornado, लोगों में मची दहशत Aude क्षेत्र के Pomas और आसपास के इलाकों में सोमवार शाम तेज हवाओं के साथ मौसम बिगड़ गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कुछ ही समय में हवा इतनी तेज हो गई कि लोगों को घरों के अंदर सुरक्षित जगह तलाशनी पड़ी। Tornado के गुजरने के बाद कई मकानों की छतों और खिड़कियों को नुकसान पहुंचा। गांव की गलियों में पेड़ और मलबा बिखरा दिखाई दिया। प्रभावित इलाकों में प्रशासन और Emergency Services की टीमें पहुंचीं और नुकसान का जायजा लेना शुरू किया। 41 लोग घायल, कई अस्पताल में भर्ती इस घटना में 41 लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। इनमें से कुछ लोगों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। राहत टीमों ने प्रभावित इलाकों में जाकर लोगों की मदद की और क्षतिग्रस्त इमारतों की सुरक्षा जांच शुरू की। प्रशासन ने लोगों से अपील की कि वे क्षतिग्रस्त मकानों में बिना जांच के वापस न जाएं। कुछ परिवारों के लिए अस्थायी राहत केंद्रों की व्यवस्था भी की गई। 300 घरों को नुकसान, कई छतें उड़ीं Tornado का सबसे ज्यादा असर मकानों पर दिखाई दिया। करीब 300 घर क्षतिग्रस्त हुए हैं। कई घरों की छतों को नुकसान पहुंचा, जबकि खिड़कियां और बाहरी हिस्से भी टूट गए। स्थानीय लोगों के लिए यह अनुभव बेहद डरावना रहा। कई परिवारों ने बताया कि उन्हें कुछ ही मिनटों में समझ नहीं आया कि अचानक इतनी तेज हवा कहां से आ गई। 117 kmph तक पहुंची हवा की रफ्तार मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक आसपास के क्षेत्र में 117 kmph तक की तेज हवाएं दर्ज की गईं। हालांकि, इस आंकड़े को सीधे Tornado की स्पीड बताना सही नहीं होगा। यह आसपास के इलाके में दर्ज तेज हवा की गति है। दक्षिणी फ्रांस में पहले से ही खराब मौसम को लेकर चेतावनी जारी थी। तेज बारिश, गरज-चमक और आंधी ने हालात को और मुश्किल बना दिया। बिजली और सड़क व्यवस्था प्रभावित तूफान के कारण बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हुई। कई इलाकों में पेड़ और मलबा सड़कों पर गिरने से यातायात बाधित हुआ। Emergency teams को रास्ते साफ करने और बिजली व्यवस्था बहाल करने के लिए काम करना पड़ा। खराब मौसम का असर Road और Rail Services पर भी पड़ा। कई जगहों पर यातायात धीमा हुआ और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। Flight Services पर भी पड़ा असर फ्रांस के कई हिस्सों में खराब मौसम के कारण Flight Operations भी प्रभावित हुए। कुछ उड़ानों में देरी हुई, जबकि कुछ सेवाओं को रद्द या प्रभावित करना पड़ा। यात्रियों को एयरपोर्ट जाने से पहले अपनी Flight Status जांचने की सलाह दी गई। यानी Tornado और Storm का असर केवल एक गांव तक सीमित नहीं रहा, बल्कि Transport Network पर भी इसका असर दिखाई दिया। Vuelta a España पर भी मौसम का असर खराब मौसम का असर खेल आयोजनों पर भी पड़ा। Vuelta a España Cycling Race के तीसरे चरण को सुरक्षा कारणों से रोकना पड़ा। तेज बारिश और ओलावृष्टि के बाद आयोजकों ने खिलाड़ियों की सुरक्षा को देखते हुए रेस को रोकने का फैसला किया। राहत कार्य जारी, सामान्य स्थिति बहाल करने की कोशिश फिलहाल प्रशासन प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य में जुटा है। क्षतिग्रस्त मकानों की जांच की जा रही है और सड़कों से मलबा हटाया जा रहा है। Pomas के लोगों के लिए यह शाम लंबे समय तक याद रहने वाली है। कुछ ही मिनटों में तेज हवाओं ने जिस तरह घरों और आसपास के इलाके को प्रभावित किया, उसने पूरे क्षेत्र को हिला दिया। अब प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती प्रभावित परिवारों को सुरक्षित जगह उपलब्ध कराना और बिजली, सड़क व परिवहन व्यवस्था को जल्द से जल्द सामान्य करना है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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तरुण तेजपाल

2013 Rape Case: तरुण तेजपाल को राहत नहीं, Supreme Court ने दिया Surrender का निर्देश

2013 के रेप केस में दोषी ठहराए गए पूर्व तहलका एडिटर तरुण तेजपाल को सुप्रीम कोर्ट से फिलहाल राहत नहीं मिली है। मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने उनकी Surrender से छूट की मांग खारिज कर दी। कोर्ट ने साफ कहा कि उन्हें दो हफ्ते के भीतर सरेंडर करना होगा। तरुण तेजपाल ने बॉम्बे हाईकोर्ट की गोवा बेंच के उस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है, जिसमें उन्हें मामले में दोषी ठहराते हुए 10 साल की कठोर कैद की सजा सुनाई गई थी। अब उनकी अपील पर अगली सुनवाई 22 सितंबर को होगी। Supreme Court ने क्या कहा? सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान तेजपाल की ओर से वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने सरेंडर से राहत देने की मांग की। उनका पक्ष था कि मुख्य अपील पर सुनवाई होने तक तेजपाल को जेल जाने से छूट दी जाए। वहीं, गोवा सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने इसका विरोध किया। सरकार का कहना था कि अदालत के आदेश के मुताबिक पहले सरेंडर किया जाना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल सरेंडर से राहत देने से इनकार कर दिया और दो सप्ताह के अंदर सरेंडर करने का निर्देश दिया। साथ ही सरेंडर सर्टिफिकेट अदालत में दाखिल करने को कहा गया है। 10 साल की सजा के खिलाफ Supreme Court पहुंचे तेजपाल यह मामला 2013 का है। आरोप एक महिला सहकर्मी से जुड़े यौन उत्पीड़न के मामले का है। मामले की सुनवाई के दौरान तेजपाल ने आरोपों से इनकार किया था। 2021 में गोवा की ट्रायल कोर्ट ने उन्हें बरी कर दिया था। इसके बाद गोवा सरकार ने इस फैसले को बॉम्बे हाईकोर्ट में चुनौती दी। 6 अगस्त 2026 को बॉम्बे हाईकोर्ट की गोवा बेंच ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को पलट दिया। हाईकोर्ट ने तेजपाल को दोषी ठहराते हुए उन्हें 10 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई। इसके बाद तेजपाल ने हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। Goa Government ने Life Imprisonment की मांग की मामला यहीं खत्म नहीं हुआ है। गोवा सरकार ने भी सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर तेजपाल की सजा बढ़ाने की मांग की है। सरकार की मांग है कि 10 साल की सजा को बढ़ाकर आजीवन कारावास किया जाए। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट के सामने अब दोषसिद्धि और सजा से जुड़े कई अहम पहलू हैं। अब आगे क्या होगा? सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल तेजपाल को दो हफ्ते के भीतर सरेंडर करने का आदेश दिया है। इसके बाद उनकी मुख्य अपील पर 22 सितंबर को सुनवाई होनी है। यानी आने वाले दिनों में यह मामला एक बार फिर अदालत में केंद्र में रहेगा। तेजपाल की ओर से हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी गई है, जबकि गोवा सरकार सजा बढ़ाने की मांग कर रही है। फिलहाल सबसे अहम बात यही है कि सुप्रीम कोर्ट ने सरेंडर से राहत नहीं दी है और तेजपाल को निर्धारित समय के भीतर कानूनी प्रक्रिया का पालन करना होगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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TRE-4

Patna में TRE-4 Protest तेज: छात्रों और पुलिस में झड़प, Water Cannon का इस्तेमाल; परीक्षा Pattern पर विवाद

बिहार की राजधानी पटना में TRE-4 Exam को लेकर अभ्यर्थियों का गुस्सा अब सड़कों पर दिखाई दे रहा है। शिक्षक भर्ती परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों का कहना है कि परीक्षा के नियमों में बदलाव से उनकी परेशानी बढ़ गई है। अपनी मांगों को लेकर बड़ी संख्या में अभ्यर्थी प्रदर्शन कर रहे हैं। मंगलवार को प्रदर्शन के दौरान स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई, जब छात्रों ने आगे बढ़ने की कोशिश की और पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए बैरिकेडिंग की। हालात बिगड़ने पर Water Cannon का इस्तेमाल किया गया। प्रदर्शन के दौरान एक छात्रा के घायल होने की भी खबर सामने आई है। TRE-4 Exam Pattern को लेकर सबसे ज्यादा नाराजगी अभ्यर्थियों का मुख्य विरोध BPSC TRE-4 परीक्षा के Pattern को लेकर है। छात्रों की मांग है कि परीक्षा को एक चरण में कराया जाए और भर्ती प्रक्रिया को पहले की तरह सरल एवं स्पष्ट रखा जाए। छात्रों का कहना है कि परीक्षा के नियमों में बदलाव से उनकी तैयारी प्रभावित हो रही है। उनका यह भी कहना है कि प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी में उम्मीदवार महीनों मेहनत करते हैं, इसलिए परीक्षा से जुड़े नियमों में किसी भी बदलाव की जानकारी पहले से स्पष्ट होनी चाहिए। Single Stage Exam और No Negative Marking की मांग प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थी Single Stage Examination की मांग कर रहे हैं। इसके साथ ही वे No Negative Marking की व्यवस्था चाहते हैं। छात्रों का तर्क है कि Negative Marking होने से परीक्षा में प्रश्न हल करने की रणनीति बदल जाएगी। उनका कहना है कि अगर परीक्षा का पैटर्न बदला जा रहा है तो BPSC को अभ्यर्थियों की चिंताओं को भी गंभीरता से सुनना चाहिए। Patna में प्रदर्शन के दौरान बढ़ा तनाव TRE-4 अभ्यर्थियों का प्रदर्शन पटना के गर्दनीबाग इलाके में लंबे समय से चल रहा है। मंगलवार को प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर आगे बढ़ने की कोशिश की। पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोकने की कोशिश की। इसके बाद प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तनाव बढ़ गया। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए Water Cannon का इस्तेमाल किया। इस दौरान धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी। प्रदर्शन के दौरान एक छात्रा के घायल होने की जानकारी सामने आई है। हालांकि चोट की परिस्थितियों को लेकर अलग-अलग दावे हैं, इसलिए इस मामले में आधिकारिक जानकारी का इंतजार करना जरूरी है। BPSC के बयान से भी नाराज हुए छात्र TRE-4 परीक्षा को लेकर विवाद केवल परीक्षा Pattern तक सीमित नहीं है। हाल में BPSC के परीक्षा नियंत्रक की एक टिप्पणी को लेकर भी अभ्यर्थियों में नाराजगी देखने को मिली थी। विवाद बढ़ने के बाद संबंधित अधिकारी की ओर से बयान पर खेद जताया गया। लेकिन छात्रों की नाराजगी पूरी तरह खत्म नहीं हुई। अभ्यर्थियों का कहना है कि उनकी असली चिंता परीक्षा व्यवस्था और भर्ती प्रक्रिया को लेकर है। आंदोलन को मिला राजनीतिक समर्थन TRE-4 अभ्यर्थियों के आंदोलन को राजनीतिक समर्थन भी मिलने लगा है। विपक्षी नेताओं ने छात्रों की मांगों का समर्थन करते हुए सरकार से उनकी समस्याओं का समाधान करने की अपील की है। RJD नेता तेजस्वी यादव ने भी प्रदर्शनकारी छात्रों के समर्थन में सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता से विचार करने की मांग की। छात्रों की मांग साफ, अब सरकार के फैसले का इंतजार प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का कहना है कि वे किसी टकराव के लिए सड़क पर नहीं आए हैं। उनकी मांग सिर्फ इतनी है कि TRE-4 Exam Pattern को लेकर स्थिति साफ की जाए और उम्मीदवारों के हित में फैसला लिया जाए। अब निगाहें बिहार सरकार और BPSC के अगले कदम पर हैं। अगर छात्रों की मांगों पर जल्द कोई स्पष्ट फैसला नहीं आता है, तो आंदोलन और बड़ा रूप ले सकता है। फिलहाल पटना का TRE-4 Protest बिहार में सरकारी शिक्षक भर्ती की तैयारी कर रहे हजारों युवाओं की चिंता को सामने ला रहा है। छात्रों के लिए यह सिर्फ एक परीक्षा नहीं, बल्कि उनके लंबे समय से देखे जा रहे सरकारी नौकरी के सपने से जुड़ा मामला है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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B1/B2 Visa

Trump का बड़ा Immigration Action: 2 लाख तक B1/B2 Visa होंगे रद्द, Asylum वालों पर नजर

अमेरिका जाने का सपना देख रहे लोगों के लिए इमिग्रेशन से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। Trump Administration अब उन विदेशी नागरिकों पर सख्ती बढ़ाने की तैयारी में है, जो Tourist या Business Visa पर अमेरिका पहुंचे और बाद में वहां Asylum (शरण) के लिए आवेदन कर दिया। रिपोर्टों के मुताबिक, ऐसे 2 लाख तक B1/B2 Visa रद्द किए जा सकते हैं। अगर यह योजना बड़े स्तर पर लागू होती है, तो एक साथ इतने वीजा रद्द किए जाने की कार्रवाई अमेरिका की इमिग्रेशन पॉलिसी में असाधारण कदम मानी जाएगी। हालांकि, फिलहाल 2 लाख का आंकड़ा संभावित संख्या है, अंतिम सरकारी आंकड़ा नहीं। Tourist Visa पर अमेरिका गए, फिर Asylum मांगा अमेरिका में B1 और B2 Visa मुख्य रूप से अस्थायी यात्राओं के लिए जारी किए जाते हैं। B1 Visa का इस्तेमाल आमतौर पर Business Travel के लिए होता है, जबकि B2 Visa Tourism, रिश्तेदारों से मिलने या कुछ मेडिकल यात्राओं के लिए दिया जाता है। अमेरिकी प्रशासन की चिंता उन मामलों को लेकर है, जहां कोई व्यक्ति Visitor Visa के जरिए अमेरिका पहुंचने के बाद वहां Asylum Application दाखिल कर देता है। सरकार का मानना है कि कुछ मामलों में अस्थायी यात्रा के लिए मिले वीजा का इस्तेमाल लंबे समय तक अमेरिका में रहने के रास्ते के तौर पर किया जा रहा है। 2 लाख Visa Cancel होने की खबर कितनी सही? यहां सबसे जरूरी बात समझना जरूरी है। 2 लाख वीजा रद्द किए जाने की बात अभी एक संभावित आंकड़ा है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, मामलों की समीक्षा जारी है और वास्तविक संख्या इससे कम या ज्यादा हो सकती है। यानी फिलहाल यह कहना सही नहीं होगा कि अमेरिका ने 2 लाख लोगों के वीजा तुरंत रद्द कर दिए हैं। बल्कि प्रशासन ऐसे मामलों की पहचान और जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ा रहा है। Visa Cancel होने का मतलब Deportation नहीं Visa cancellation को लेकर लोगों के बीच एक बड़ा भ्रम भी है। वीजा रद्द होना और Deportation एक ही बात नहीं है। किसी व्यक्ति का B1/B2 Visa रद्द होने का मतलब यह है कि वह उस वीजा के आधार पर अमेरिका की यात्रा नहीं कर पाएगा। लेकिन अगर उसका Asylum Case पहले से किसी प्रक्रिया में है, तो उसकी इमिग्रेशन स्थिति अलग नियमों के तहत देखी जा सकती है। इसलिए प्रभावित लोगों के लिए आगे की कानूनी और इमिग्रेशन प्रक्रिया बेहद महत्वपूर्ण होगी। Trump Administration क्यों कर रहा है इतनी सख्ती? राष्ट्रपति Donald Trump के प्रशासन ने इमिग्रेशन को अपने प्रमुख एजेंडे में रखा है। सरकार लगातार यह संदेश दे रही है कि अमेरिका में प्रवेश और रहने के नियमों का गलत इस्तेमाल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। Administration का फोकस खास तौर पर उन मामलों पर है, जहां Visitor Visa लेकर अमेरिका पहुंचने के बाद व्यक्ति ऐसी प्रक्रिया शुरू करता है जिससे वह लंबे समय तक देश में रह सके। सरकार का तर्क है कि Asylum System का इस्तेमाल वास्तविक शरण की जरूरत वाले लोगों के लिए होना चाहिए, न कि इमिग्रेशन नियमों से बचने के वैकल्पिक रास्ते के तौर पर। पहले भी हजारों Visa हो चुके हैं Cancel यह कार्रवाई अचानक शुरू हुई प्रक्रिया नहीं है। Trump Administration पहले से ही Visa और Immigration System की जांच कड़ी कर रहा है। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, पिछले करीब 18 महीनों में अलग-अलग कारणों से 1.75 लाख से ज्यादा Visa रद्द किए जा चुके हैं। इनमें आपराधिक मामलों और वीजा नियमों के उल्लंघन से जुड़े मामले भी शामिल हैं। अब अगर B1/B2 Visa वाले Asylum Applicants पर प्रस्तावित कार्रवाई आगे बढ़ती है, तो यह अभियान और बड़ा रूप ले सकता है। आगे क्या होगा? आने वाले समय में अमेरिकी State Department और Department of Homeland Security की जांच और समीक्षा के बाद तस्वीर ज्यादा साफ हो सकती है। प्रभावित लोगों की संख्या भी इसी प्रक्रिया के बाद सामने आएगी। फिलहाल इतना साफ है कि America Visa Rules को लेकर Trump Administration का रुख पहले से ज्यादा सख्त हो चुका है। Tourist और Business Visa पर अमेरिका जाने वालों के लिए यह खबर इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि भविष्य में Visa Screening और Immigration Checks और कड़े होने की संभावना है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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UPI

UPI के 10 साल पूरे: ₹1.78 करोड़ से हजारों करोड़ तक पहुंचा सफर, PM Modi ने किया याद

भारत में आज मोबाइल से चंद सेकंड में पैसे भेजना जितना आसान लगता है, दस साल पहले इसकी कल्पना भी इतनी आम नहीं थी। UPI यानी Unified Payments Interface ने इसी बदलाव को संभव बनाया। साल 2016 में शुरू हुआ UPI अब अपने 10 साल पूरे कर चुका है और इस दौरान इसने भारत के Digital Payment सिस्टम की पूरी तस्वीर बदल दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने UPI की 10वीं वर्षगांठ पर सोशल मीडिया के जरिए इस खास सफर को याद किया। उन्होंने UPI को भारत की डिजिटल तरक्की की एक बड़ी मिसाल बताते हुए इससे जुड़े लोगों के योगदान की सराहना की। ₹1.78 करोड़ से शुरू होकर ₹24,162 करोड़ तक पहुंचा UPI UPI की शुरुआत के समय इसके जरिए होने वाले लेनदेन बेहद कम थे। शुरुआती दौर में इसका सालाना ट्रांजैक्शन करीब ₹1.78 करोड़ था। लेकिन अगले कुछ वर्षों में स्मार्टफोन, इंटरनेट और Digital Banking के बढ़ते इस्तेमाल ने UPI को तेजी से आगे बढ़ाया। आज यही आंकड़ा बढ़कर करीब ₹24,162 करोड़ सालाना ट्रांजैक्शन तक पहुंच गया है। यह बदलाव सिर्फ आंकड़ों की कहानी नहीं है, बल्कि बताता है कि भारतीयों ने डिजिटल पेमेंट को कितनी तेजी से अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में अपनाया। चाय की दुकान से बड़े कारोबार तक पहुंचा QR Payment UPI की असली ताकत उसकी सादगी रही। सड़क किनारे चाय बेचने वाला हो या बड़ा कारोबारी, QR Code ने सभी के लिए डिजिटल भुगतान का रास्ता आसान कर दिया। अब किसी दुकान पर कैश नहीं है तो परेशानी नहीं। मोबाइल निकाला, QR Code स्कैन किया और Payment पूरा। यही सुविधा UPI को आम लोगों के बीच तेजी से लोकप्रिय बनाने में अहम रही। Cashless India की दिशा में बड़ा कदम UPI ने भारत में Cashless Economy को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। छोटे भुगतान से लेकर बड़े लेनदेन तक, डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल लगातार बढ़ा है। खास बात यह है कि इसके लिए ग्राहक को अलग से कोई जटिल प्रक्रिया अपनाने की जरूरत नहीं पड़ती। बैंक अकाउंट और मोबाइल के जरिए भुगतान करना काफी आसान हो गया है। PM Modi ने UPI के सफर को बताया खास UPI के 10 साल पूरे होने के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक खास पोस्ट साझा किया। उन्होंने इस डिजिटल पेमेंट सिस्टम के विकास को भारत की तकनीकी क्षमता और Innovation से जोड़ते हुए इससे जुड़े लोगों की तारीफ की। UPI ने न केवल देश के भीतर भुगतान को आसान बनाया, बल्कि भारत के Digital Public Infrastructure की चर्चा को भी दुनिया तक पहुंचाया है। भारत से बाहर भी बढ़ी UPI की पहचान पिछले कुछ वर्षों में UPI की चर्चा भारत के बाहर भी बढ़ी है। अलग-अलग देशों के साथ Digital Payment Connectivity बढ़ने से भारतीय यात्रियों और कारोबारियों के लिए भी भुगतान के नए रास्ते खुले हैं। इससे भारत के उस मॉडल को भी मजबूती मिली है, जिसमें Technology को आम लोगों की जरूरतों से जोड़कर बड़े स्तर पर इस्तेमाल किया जाता है। 10 साल बाद भी UPI की कहानी जारी 2016 में शुरू हुआ UPI आज करोड़ों लोगों की रोजमर्रा की जरूरत बन चुका है। ₹1.78 करोड़ से ₹24,162 करोड़ तक पहुंचा इसका सफर भारत में Digital Payment Revolution की तस्वीर सामने रखता है। आने वाले समय में UPI को और सुरक्षित, तेज और सुविधाजनक बनाने की दिशा में काम जारी रहने की उम्मीद है। फिलहाल, UPI के 10 साल पूरे होना इस बात का प्रमाण है कि सही Technology जब आम आदमी के हाथ में पहुंचती है, तो बदलाव बहुत बड़े स्तर पर दिखाई देता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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TMC

TMC vs Rebel MPs: 20 सांसदों की Disqualification पर Supreme Court का बड़ा कदम

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 20 बागी सांसदों की सदस्यता को लेकर चल रहा विवाद अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच चुका है। पार्टी की ओर से दायर याचिका पर शीर्ष अदालत ने संबंधित सांसदों को नोटिस जारी किया है। इस घटनाक्रम के बाद राजनीतिक गलियारों में भी हलचल तेज हो गई है। मामला केवल सांसदों की सदस्यता तक सीमित नहीं है। इसके केंद्र में दल-बदल कानून, लोकसभा स्पीकर के अधिकार और अयोग्यता याचिकाओं पर फैसला लेने में हो रही देरी जैसे अहम सवाल भी हैं। 20 सांसदों की Disqualification का क्या है मामला? TMC का आरोप है कि उसके टिकट पर चुनाव जीतने वाले 20 सांसदों ने बाद में पार्टी से अलग रुख अपनाया और दूसरे राजनीतिक संगठन के साथ जाने की कोशिश की। पार्टी ने इसे संविधान की दसवीं अनुसूची यानी Anti-Defection Law के तहत कार्रवाई योग्य बताया है। TMC की ओर से इन सांसदों की सदस्यता खत्म करने की मांग करते हुए लोकसभा स्पीकर के समक्ष अयोग्यता याचिकाएं दाखिल की गई थीं। पार्टी का कहना है कि इन याचिकाओं पर अपेक्षित तेजी से फैसला नहीं हुआ। हालांकि, बागी सांसदों की ओर से अलग दलील रखी गई है। उनका कहना है कि उनका कदम कानूनी राजनीतिक विलय के दायरे में आता है और इसलिए उन्हें दल-बदल कानून के तहत अयोग्य नहीं ठहराया जा सकता। Abhishek Banerjee ने उठाया मामला इस मामले को लेकर TMC के महासचिव और लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी ने पहले लोकसभा स्पीकर से भी जल्द फैसला लेने की मांग की थी। पार्टी की ओर से कहा गया कि अयोग्यता याचिकाओं को लंबे समय तक लंबित रखना उचित नहीं है। जब मामला आगे नहीं बढ़ा तो TMC ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। पार्टी की प्रमुख मांग है कि अयोग्यता याचिकाओं पर Time-Bound Decision लिया जाए। SC के Notice से क्या बदलेगा? सुप्रीम कोर्ट का नोटिस जारी होना फिलहाल यह नहीं बताता कि 20 सांसदों को अयोग्य घोषित कर दिया गया है। अदालत अब संबंधित पक्षों का जवाब सुनकर मामले की कानूनी स्थिति पर विचार करेगी। यही वजह है कि इस मामले में अगली सुनवाई को बेहद अहम माना जा रहा है। अदालत के सामने यह सवाल भी रहेगा कि अयोग्यता याचिकाओं पर फैसला लेने में देरी की स्थिति में न्यायिक हस्तक्षेप की सीमा क्या हो सकती है। Anti-Defection Law पर भी नजर भारत में दल-बदल रोकने के लिए संविधान की दसवीं अनुसूची में प्रावधान किए गए हैं। किसी सांसद के पार्टी बदलने या पार्टी के निर्देशों के खिलाफ जाने की स्थिति में अयोग्यता का सवाल उठ सकता है। हालांकि, कानून में कुछ अपवाद भी मौजूद हैं। TMC और बागी सांसदों के बीच विवाद इसी कानूनी ढांचे की अलग-अलग व्याख्या से जुड़ा हुआ है। इसलिए मामला सिर्फ राजनीतिक लड़ाई नहीं, बल्कि संसदीय कानून के लिहाज से भी महत्वपूर्ण बन गया है। आगे क्या होगा? अब सबकी नजर सुप्रीम कोर्ट की अगली सुनवाई पर है। 20 बागी सांसदों को नोटिस मिलने के बाद मामले में सभी पक्षों की दलीलें सामने आएंगी। इसके बाद अदालत यह तय कर सकती है कि अयोग्यता याचिकाओं को लेकर आगे किस तरह की प्रक्रिया अपनाई जाए। फिलहाल इतना साफ है कि TMC के 20 Rebel MPs का Disqualification Case अब संसद से निकलकर देश की सबसे बड़ी अदालत तक पहुंच चुका है। आने वाले दिनों में इस मामले का राजनीतिक असर जितना महत्वपूर्ण होगा, उतना ही इसकी कानूनी दिशा पर भी नजर रहेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Sri Lanka vs India

Sri Lanka vs India: 503 रन के पहाड़ के सामने श्रीलंका की जुझारू पारी, Pasindu और Kamindu का कमाल

India vs Sri Lanka 2nd Test: कोलंबो टेस्ट में भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए बड़ा स्कोर खड़ा कर श्रीलंका पर दबाव बना दिया है। भारत ने अपनी पहली पारी 503 रन पर 9 विकेट के स्कोर पर घोषित की। इसके बाद श्रीलंका की शुरुआत लड़खड़ाई, लेकिन अब पसिंदु सूरियाबंदरारा और कामिंदु मेंडिस की साझेदारी ने मेजबान टीम को थोड़ी राहत दी है। भारत ने खड़ा किया 503 रन का पहाड़ भारत की पहली पारी की कहानी कई शानदार बल्लेबाजी पारियों से बनी। देवदत्त पडिक्कल ने 117 रन की बेहतरीन पारी खेलकर टीम को मजबूत आधार दिया। इसके बाद ध्रुव जुरेल ने नाबाद 115 रन बनाकर पारी को शानदार अंदाज में आगे बढ़ाया। जुरेल का यह टेस्ट क्रिकेट में दूसरा शतक और विदेश में पहला टेस्ट शतक है। वहीं ऋषभ पंत ने 63 रन की तेज पारी खेलकर भारतीय स्कोर को रफ्तार दी। कप्तान शुभमन गिल ने भी 50 रन बनाए। इन पारियों के दम पर भारत 500 रन के आंकड़े को पार करने में सफल रहा। जुरेल का शतक बना बड़ी कहानी ध्रुव जुरेल की बल्लेबाजी इस पारी की सबसे खास बात रही। वह मुश्किल परिस्थितियों में भी लगातार धैर्य के साथ बल्लेबाजी करते रहे। बारिश और खराब रोशनी के कारण मुकाबला कई बार रुका, लेकिन जुरेल ने अपना फोकस नहीं खोया। जुरेल ने 115 रन की नाबाद पारी में नौ चौके और दो छक्के लगाए। उनकी इस पारी ने भारत को निचले क्रम में एक मजबूत स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। श्रीलंका की शुरुआत रही खराब 503 रन के विशाल स्कोर का पीछा करने उतरी श्रीलंकाई टीम को शुरुआत में ही झटके लगे। प्रसिद्ध कृष्णा और मानव सुथार ने शुरुआती विकेट लेकर मेजबान टीम पर दबाव बना दिया। दूसरे दिन का खेल खत्म होने तक श्रीलंका 8/2 पर था और भारत से 495 रन पीछे था। हालांकि तीसरे दिन श्रीलंका ने अपनी पारी को संभालने की कोशिश की। मौजूदा स्थिति में पसिंदु सूरियाबंदरारा और कामिंदु मेंडिस क्रीज पर टिके हुए हैं। दोनों के बीच अर्धशतकीय साझेदारी ने श्रीलंका को शुरुआती संकट से बाहर निकलने का मौका दिया है। भारत की नजर बड़े दबाव पर भारत के पास अभी भी बड़ी बढ़त है। 503 रन का स्कोर श्रीलंका के सामने बड़ी चुनौती है और भारतीय गेंदबाज लगातार दबाव बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं। अगर टीम इंडिया जल्दी विकेट निकालने में सफल रहती है तो श्रीलंका पर फॉलोऑन का खतरा भी बढ़ सकता है। बारिश से प्रभावित इस टेस्ट में मौसम भी अहम भूमिका निभा रहा है। इसके बावजूद भारतीय टीम ने अब तक मुकाबले पर अपनी पकड़ मजबूत रखी है। सीरीज में भारत पहले ही 1-0 से आगे है, इसलिए दूसरे टेस्ट में भी टीम की नजर जीत के साथ सीरीज अपने नाम करने पर होगी। IND vs SL 2nd Test की मौजूदा तस्वीर साफ है—भारत के पास 503 रन का मजबूत स्कोर है, जबकि श्रीलंका को अब पसिंदु और कामिंदु की साझेदारी से बड़ी पारी की उम्मीद है। मुकाबला जैसे-जैसे आगे बढ़ेगा, यह साझेदारी श्रीलंका के लिए बेहद अहम साबित हो सकती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

शेयर बाजार में गिरावट, सेंसेक्स 100 अंक से ज्यादा टूटा; निफ्टी भी 50 अंक नीचे

भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार, 25 अगस्त को कमजोरी देखने को मिल रही है। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 100 अंक से ज्यादा गिरकर करीब 77,300 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। वहीं निफ्टी भी करीब 50 अंक नीचे 24,150 के आसपास बना हुआ है। बाजार में खासतौर पर ऑटो और मेटल सेक्टर के शेयरों में बिकवाली देखने को मिल रही है। निवेशकों की नजर आज बाजार की दिशा और अलग-अलग सेक्टर के प्रदर्शन पर बनी हुई है। Annu Projects IPO आज से खुला शेयर बाजार की हलचल के बीच Annu Projects का IPO भी आज यानी 25 अगस्त से खुल गया है। कंपनी इस इश्यू के जरिए 175.06 करोड़ रुपए जुटाने की योजना लेकर आई है। IPO में निवेशक 28 अगस्त तक बोली लगा सकेंगे। कंपनी ने IPO के लिए 94 से 99 रुपए प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। एक लॉट में 151 शेयर हैं और अधिकतम प्राइस बैंड के हिसाब से न्यूनतम निवेश करीब 14,949 रुपए बैठता है। कंपनी के शेयरों की संभावित लिस्टिंग 2 सितंबर को BSE और NSE पर हो सकती है।
5-Day Banking

5-Day Banking का इंतजार खत्म होगा? Bank Unions ने दी Strike की चेतावनी, ग्राहकों पर भी असर

बैंक में काम कराने वाले ग्राहकों के लिए आने वाले दिन थोड़े मुश्किल हो सकते हैं। 5-Day Banking की मांग को लेकर बैंक कर्मचारी संगठनों ने एक बार फिर आंदोलन तेज करने का फैसला किया है। कर्मचारियों की मांग है कि दूसरे और चौथे शनिवार की मौजूदा छुट्टी व्यवस्था को बदलकर हर शनिवार और रविवार को बैंक बंद रखा जाए। बैंक यूनियनों का कहना है कि पांच दिन का बैंकिंग सप्ताह लागू करने का प्रस्ताव लंबे समय से लंबित है। अब इस मुद्दे पर सरकार और बैंक प्रबंधन पर दबाव बनाने के लिए देशभर में प्रदर्शन और हड़ताल की तैयारी की जा रही है। दो साल से फैसले का इंतजार बैंक कर्मचारियों के मुताबिक, मार्च 2024 में हुए 12वें Bipartite Settlement में पांच दिन की बैंकिंग व्यवस्था को लेकर सहमति बनी थी। प्रस्ताव में शनिवार की छुट्टी के बदले सोमवार से शुक्रवार तक रोजाना काम के समय में करीब 40 मिनट बढ़ाने का सुझाव दिया गया था। यानी कर्मचारियों के काम के कुल घंटों में बड़ी कटौती किए बिना शनिवार की छुट्टी देने की योजना है। इसके बावजूद प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी नहीं मिल सकी है। यही वजह है कि बैंक यूनियनों का गुस्सा अब बढ़ता जा रहा है। अभी क्या है Bank Holiday का नियम? फिलहाल बैंकों में हर महीने दूसरे और चौथे शनिवार को छुट्टी रहती है। बाकी शनिवार को बैंक शाखाएं खुलती हैं। रविवार को सामान्य तौर पर बैंक बंद रहते हैं। कर्मचारी संगठनों का तर्क है कि जब अधिकांश सरकारी और निजी संस्थानों में पांच दिन का कार्य सप्ताह लागू है, तो बैंक कर्मचारियों को भी यह सुविधा मिलनी चाहिए। हड़ताल हुई तो Banking Services पर असर बैंक यूनियनों की ओर से आंदोलन आगे बढ़ने पर ग्राहकों को शाखाओं से जुड़े कामों में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। कैश जमा करने, निकासी, चेक से जुड़े काम और अन्य branch-based services प्रभावित हो सकती हैं। हालांकि UPI, ATM, Mobile Banking और Internet Banking जैसी डिजिटल सेवाएं सामान्य रूप से जारी रहने की उम्मीद रहती है। फिर भी हड़ताल के दौरान किसी खास बैंक की सेवाओं पर स्थानीय स्तर पर असर पड़ सकता है। सिर्फ 5-Day Banking ही नहीं, PLI भी मुद्दा बैंक कर्मचारियों की नाराजगी केवल पांच दिन की बैंकिंग व्यवस्था तक सीमित नहीं है। यूनियनों ने Performance Linked Incentive (PLI) से जुड़े मुद्दों पर भी अपनी आपत्ति जताई है। संगठनों का कहना है कि कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए PLI व्यवस्था पर उचित बातचीत होनी चाहिए। इसी के साथ बैंकिंग सेक्टर से जुड़ी अन्य लंबित मांगों को भी आंदोलन में शामिल किया गया है। Bank Customers के लिए क्या जरूरी? अगर हड़ताल की तारीख तय होती है, तो ग्राहकों के लिए बेहतर होगा कि वे जरूरी बैंकिंग काम पहले ही निपटा लें। खासकर कैश, चेक या शाखा में जाकर होने वाले काम को हड़ताल की संभावित तारीखों से पहले पूरा करना सुविधाजनक रहेगा। डिजिटल बैंकिंग का इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों पर असर अपेक्षाकृत कम पड़ सकता है, लेकिन किसी भी जरूरी लेनदेन के लिए बैंक की आधिकारिक सूचना जरूर देखनी चाहिए। अब सरकार के फैसले पर नजर 5-Day Banking का मुद्दा बैंक कर्मचारियों और ग्राहकों दोनों के लिए महत्वपूर्ण बन चुका है। कर्मचारी इसे लंबे समय से लंबित मांग बता रहे हैं, जबकि सरकार और बैंकिंग व्यवस्था के लिए इसका मतलब काम के घंटे, शाखाओं की उपलब्धता और ग्राहक सेवा के बीच संतुलन बनाना है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि सरकार और बैंक प्रबंधन इस मांग पर कब अंतिम फैसला लेते हैं। अगर बातचीत से समाधान नहीं निकला तो बैंक यूनियनों का आंदोलन आने वाले समय में और बड़ा रूप ले सकता है।
Gold

Gold-Silver Price Today: सोने की चमक बरकरार, ₹1.63 लाख के पार पहुंचा भाव; चांदी नरम

सोने (Gold) की कीमतों में तेजी का सिलसिला सोमवार, 24 अगस्त को भी जारी रहा। हफ्ते के पहले कारोबारी दिन Gold Price में करीब ₹1,983 की बढ़ोतरी दर्ज की गई और 24 कैरेट सोने का भाव ₹1.63 लाख प्रति 10 ग्राम के आसपास पहुंच गया। दूसरी ओर, Silver Price में हल्की नरमी देखने को मिली और चांदी करीब ₹297 टूटकर ₹2.46 लाख प्रति किलो के स्तर पर आ गई। MCX पर शुरुआती कारोबार में सोने का भाव करीब ₹1,63,000 से ₹1,63,500 प्रति 10 ग्राम के आसपास रहा। वहीं चांदी करीब ₹2.46 लाख प्रति किलो पर कारोबार करती नजर आई। अगस्त में सोना करीब ₹20 हजार महंगा अगस्त का महीना सोने के लिए काफी मजबूत साबित हो रहा है। पिछले कुछ कारोबारी सत्रों में तेजी इतनी तेज रही कि महज चार दिनों में सोने के भाव में करीब ₹8,200 से ₹8,400 प्रति 10 ग्राम की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। महीने की शुरुआत के मुकाबले सोने की कीमत में करीब ₹20 हजार तक का अंतर देखने को मिल रहा है। लगातार बढ़ते भाव ने उन लोगों की चिंता बढ़ा दी है, जो आने वाले दिनों में शादी या किसी दूसरे पारिवारिक कार्यक्रम के लिए सोना खरीदने की तैयारी कर रहे हैं। चांदी में क्यों आई गिरावट? जहां सोने ने सोमवार को तेजी दिखाई, वहीं चांदी में कुछ मुनाफावसूली देखने को मिली। कारोबार के दौरान चांदी करीब ₹2.46 लाख प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंची। पिछले कुछ सत्रों में तेजी के बाद निवेशकों की ओर से मुनाफा वसूली किए जाने को इसकी एक वजह माना जा रहा है। हालांकि, चांदी अभी भी ऊंचे स्तरों पर बनी हुई है। इसलिए बाजार में छोटी अवधि के उतार-चढ़ाव के बावजूद कीमती धातुओं पर निवेशकों की नजर लगातार बनी हुई है। Gold Rate बढ़ने की बड़ी वजह क्या है? अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की तेजी का असर भारतीय बाजार पर भी साफ दिखाई दे रहा है। Reuters के मुताबिक, सोमवार को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोना तीन महीने से ज्यादा के उच्च स्तर पर पहुंच गया। कमजोर अमेरिकी डॉलर ने सोने को सपोर्ट दिया है। इसके अलावा अमेरिकी महंगाई के आगामी आंकड़े और फेडरल रिजर्व के चेयर के बयान को लेकर बाजार में उत्सुकता है। ब्याज दरों को लेकर आने वाले संकेत सोने की आगे की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। Global Tension से भी सोने को सपोर्ट दुनियाभर में आर्थिक और भू-राजनीतिक अनिश्चितता के बीच निवेशक सुरक्षित निवेश की तलाश करते हैं। मौजूदा समय में अमेरिका-ईरान तनाव और अन्य वैश्विक घटनाक्रमों ने बाजार की चिंता बढ़ाई है। ऐसे माहौल में सोने की मांग को सहारा मिल सकता है। यही वजह है कि डॉलर की चाल, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड, महंगाई के आंकड़े और फेड की नीतियों पर आने वाले संकेतों को सोने के बाजार के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आगे कैसा रहेगा Gold-Silver का भाव? आने वाले दिनों में सोने और चांदी के भाव में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। अमेरिकी आर्थिक आंकड़े, फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर संकेत, डॉलर की स्थिति और वैश्विक तनाव बाजार की दिशा तय करने वाले प्रमुख कारक रहेंगे। फिलहाल सोना मजबूत तेजी के साथ ऊंचे स्तर पर है, जबकि चांदी में आज थोड़ी नरमी आई है। ऐसे में खरीदारी करने वालों के लिए रोजाना के भाव पर नजर रखना जरूरी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Sensex में 100 अंक से ज्यादा की गिरावट, NIFTY भी फिसला

Sensex में 100 अंक से ज्यादा की गिरावट, NIFTY भी फिसला

भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को कारोबार की शुरुआत कमजोरी के साथ हुई। Sensex 100 अंक से ज्यादा गिरकर करीब 77,350 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया। वहीं, निफ्टी में भी करीब 50 अंकों की गिरावट दर्ज की गई। शुरुआती कारोबार में बैंकिंग और IT सेक्टर के शेयरों में दबाव देखने को मिला। इन सेक्टर के कई प्रमुख शेयरों में बिकवाली के चलते बाजार की चाल कमजोर रही। निवेशकों की नजर अब बाजार की आगे की दिशा पर बनी हुई है। विशेषज्ञों के मुताबिक, वैश्विक बाजारों के संकेत और घरेलू स्तर पर आने वाली आर्थिक खबरें आगे के कारोबार को प्रभावित कर सकती हैं। हालांकि, बाजार में गिरावट के बावजूद कुछ चुनिंदा शेयरों में खरीदारी देखने को मिल रही है। ऐसे में निवेशकों के लिए आज का कारोबारी सत्र उतार-चढ़ाव भरा रह सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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