80वें स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए विकास, सुरक्षा, युवा शक्ति और महिला सशक्तिकरण को लेकर कई अहम बातें कहीं। अपने संबोधन में पीएम मोदी ने ‘दिमागी नक्सल’ शब्द का इस्तेमाल करते हुए ऐसी विचारधाराओं से सतर्क रहने की बात कही, वहीं महिला आरक्षण को लेकर राजनीतिक दलों से मिलकर आगे बढ़ने की अपील की। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश ने हथियारबंद नक्सलवाद के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल की है, लेकिन वैचारिक स्तर पर चुनौती को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने समाज से ऐसे लोगों को पहचानने और अलग-थलग करने की बात कही, जिन्हें वे ‘दिमागी नक्सल’ कहते हैं। महिला आरक्षण पर राजनीति छोड़ने की अपील पीएम मोदी के भाषण में Women Reservation भी प्रमुख मुद्दा रहा। उन्होंने राजनीतिक दलों से आग्रह किया कि महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण देने की व्यवस्था को जल्द लागू करने की दिशा में सहयोग किया जाए। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस मुद्दे पर राजनीतिक श्रेय की चिंता किए बिना महिलाओं को उनका अधिकार मिलना चाहिए। उन्होंने विपक्ष समेत सभी दलों से साथ आने की अपील की। Youth Power पर बड़ा फोकस प्रधानमंत्री ने युवाओं को भारत के भविष्य की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए कई घोषणाएं कीं। उन्होंने अगले एक साल में 1 करोड़ युवाओं को AI Training देने की बात कही। इसके अलावा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए Free Online Coaching की पहल का भी ऐलान किया। पीएम मोदी ने युवाओं के सपनों को गति देने के लिए 1 लाख करोड़ रुपये के फंड का भी जिक्र किया। उनका संदेश साफ था कि युवा केवल नौकरी तलाशने वाले नहीं, बल्कि देश के विकास में नेतृत्व करने वाले बनें। 2047 तक Viksit Bharat का रोडमैप स्वतंत्रता दिवस के संबोधन में Viksit Bharat@2047 प्रधानमंत्री के भाषण का बड़ा केंद्र रहा। उन्होंने भारत को आर्थिक, तकनीकी और औद्योगिक रूप से मजबूत बनाने की जरूरत पर जोर दिया। पीएम मोदी ने विकास के लिए ‘शक्ति की सप्त धारा’ का विजन सामने रखा, जिसमें मैन्युफैक्चरिंग, कृषि एवं फूड प्रोसेसिंग, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन, इंफ्रास्ट्रक्चर, डिफेंस प्रोडक्शन तथा ग्रीन और ब्लू इकोनॉमी जैसे क्षेत्रों पर जोर दिया गया। Self-Reliance और Make in India पर जोर प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को अपनी जरूरतों के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। उन्होंने आत्मनिर्भर भारत, Make in India और Vocal for Local को आगे बढ़ाने की अपील की। सेमीकंडक्टर, ऊर्जा सुरक्षा, परमाणु ऊर्जा और घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को उन्होंने भविष्य के भारत के लिए महत्वपूर्ण बताया। देश की एकता और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश पीएम मोदी ने अपने संबोधन में देश की एकता को मजबूत रखने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि विकास की यात्रा तभी सफल होगी, जब समाज मिलकर आगे बढ़े और देश के हित को प्राथमिकता दे। बाढ़ और भूस्खलन जैसी प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित परिवारों के प्रति भी प्रधानमंत्री ने संवेदना जताई और मुश्किल समय में उनके साथ खड़े रहने का भरोसा दिया। PM Modi Speech का बड़ा संदेश क्या रहा? लाल किले से प्रधानमंत्री का भाषण कई मुद्दों को एक साथ जोड़ता नजर आया। एक तरफ दिमागी नक्सल को लेकर चेतावनी और दूसरी तरफ Women Reservation पर सभी दलों से सहयोग की अपील रही। इसके साथ ही AI, Youth Power, आत्मनिर्भरता और 2047 के विकसित भारत का विजन भी भाषण में प्रमुखता से सामने आया। पीएम मोदी के संदेश का फोकस यही रहा कि भारत को आने वाले वर्षों में मजबूत बनाने के लिए युवा शक्ति, महिला भागीदारी, तकनीक, आत्मनिर्भरता और राष्ट्रीय एकता को साथ लेकर चलना होगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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