दुनिया इस वक्त कई तरह के संकटों से जूझ रही है। कहीं युद्ध का असर है तो कहीं आर्थिक अनिश्चितता और महंगाई ने चिंता बढ़ा रखी है। ऐसे माहौल में भारत की अर्थव्यवस्था ने उम्मीद जगाने वाली तस्वीर पेश की है। देश की GDP Growth पहली तिमाही में 7.8% रही। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे देश के करोड़ों लोगों की मेहनत और सामूहिक प्रयास का नतीजा बताया। लेकिन GDP के इस आंकड़े के साथ पीएम मोदी का एक और संदेश लोगों के बीच चर्चा में है। उन्होंने अपील की कि अगर सोना खरीदना जरूरी नहीं है, तो फिलहाल Gold खरीदने से बचें। इसके साथ ही उन्होंने विदेश यात्रा और विदेशों में होने वाली Destination Weddings के बजाय भारत में ही खर्च करने पर जोर दिया। Global Crisis के बीच India की Economy ने दिखाया दम वैश्विक स्तर पर तनाव और अनिश्चितता के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था ने मजबूत प्रदर्शन किया है। अप्रैल-जून तिमाही में GDP Growth 7.8% दर्ज की गई। यह आंकड़ा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि दुनिया के कई हिस्सों में आर्थिक गतिविधियों पर दबाव देखने को मिल रहा है। PM मोदी ने इस प्रदर्शन को केवल सरकारी नीतियों की उपलब्धि के तौर पर नहीं देखा। उन्होंने देशवासियों की मेहनत, कारोबारियों के प्रयास और भारत के सामूहिक संकल्प को इसका बड़ा आधार बताया। यानी आसान शब्दों में कहें तो देश की Economy की यह रफ्तार सिर्फ आंकड़ों की कहानी नहीं है, बल्कि करोड़ों लोगों की रोजमर्रा की मेहनत से भी जुड़ी है। जरूरत नहीं तो Gold खरीदने से बचें प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों से Gold Purchase को लेकर खास अपील की। उनका कहना है कि अगर सोना खरीदना जरूरी नहीं है, तो उसकी खरीद को टाला जा सकता है। भारत में सोने की बड़ी मात्रा विदेशों से आती है। इसलिए गैर-जरूरी Gold Import कम होने से विदेशी मुद्रा पर दबाव घटाने में मदद मिल सकती है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि जरूरत के समय सोना खरीदने पर रोक है। PM की अपील मुख्य तौर पर अनावश्यक खरीदारी को लेकर है। Foreign Trip की जगह India में Tourism PM मोदी ने विदेश यात्रा को लेकर भी लोगों से सोचने की अपील की। उनका जोर है कि छुट्टियां बिताने के लिए हमेशा विदेश जाने की जरूरत नहीं है। भारत में ही ऐसे कई शहर, पहाड़, समुद्र तट और ऐतिहासिक स्थल हैं जिन्हें देखा जा सकता है। अगर भारतीय परिवार देश में ही घूमने-फिरने पर पैसा खर्च करते हैं, तो इसका फायदा स्थानीय होटल, टैक्सी, दुकानदार, गाइड और दूसरे छोटे कारोबारों को मिलता है। इस तरह एक परिवार की यात्रा कई लोगों के लिए कमाई का जरिया बन सकती है। Destination Wedding पर भी PM मोदी का संदेश आजकल विदेशों में Destination Wedding का चलन बढ़ा है। बड़े समारोहों में काफी पैसा दूसरे देशों में खर्च हो जाता है। प्रधानमंत्री मोदी ने इसके बजाय भारत में ही शादी समारोह आयोजित करने की अपील की। देश में होने वाली बड़ी शादियों से होटल, कैटरिंग, इवेंट मैनेजमेंट, डेकोरेशन, ट्रांसपोर्ट और स्थानीय कारोबार से जुड़े लोगों को काम मिलता है। यही वजह है कि ‘Wed in India’ जैसी सोच को घरेलू Economy और Tourism से जोड़कर देखा जा रहा है। Vocal for Local को फिर मिला जोर PM मोदी के संदेश का एक अहम हिस्सा Vocal for Local और Swadeshi भी रहा। उनका कहना है कि भारतीयों को जहां संभव हो, देश में बने Products और Services को प्राथमिकता देनी चाहिए। स्थानीय सामान खरीदने का फायदा सिर्फ दुकानदार तक सीमित नहीं रहता। इससे निर्माता, सप्लायर, ट्रांसपोर्टर और दूसरे छोटे कारोबार भी जुड़े होते हैं। 7.8% Growth से आगे क्या? GDP का 7.8% आंकड़ा निश्चित तौर पर उत्साह बढ़ाने वाला है, लेकिन असली चुनौती इस Growth Momentum को आगे बनाए रखना है। भारत को वैश्विक बाजार की अनिश्चितता, महंगाई, व्यापार से जुड़े बदलाव और भू-राजनीतिक तनाव जैसी चुनौतियों के बीच अपनी घरेलू Economy को मजबूत रखना होगा। ऐसे में PM मोदी की अपील को सिर्फ Gold या Foreign Travel तक सीमित करके देखने के बजाय घरेलू मांग और स्थानीय कारोबार को बढ़ावा देने की बड़ी रणनीति के तौर पर भी समझा जा सकता है। आम लोगों से जुड़ा है PM मोदी का संदेश प्रधानमंत्री का संदेश सुनने में भले ही आर्थिक नीति जैसा लगे, लेकिन इसका असर रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ा है। कहां पैसा खर्च हो रहा है और किस चीज पर खर्च हो रहा है, इसका असर आखिरकार देश की Economy पर पड़ता है। अगर जरूरत का सामान देश में खरीदा जाए, छुट्टियां India में बिताई जाएं और स्थानीय कारोबार को प्राथमिकता मिले, तो पैसा देश के भीतर ही घूमता है। इससे छोटे कारोबार और रोजगार को भी सहारा मिलता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!