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Jantar Mantar

Jantar Mantar Case Update: सुप्रीम कोर्ट ने कमेटी बदलने की मांग ठुकराई, जांच रहेगी जारी

जंतर-मंतर (Jantar Mantar) से जुड़े छात्र प्रदर्शन मामले में सुप्रीम कोर्ट ने हाई-पावर्ड कमेटी को लेकर तस्वीर साफ कर दी है। अदालत ने कमेटी के पुनर्गठन और उसके सदस्यों में बदलाव की मांग को स्वीकार नहीं किया। इसका मतलब है कि पहले से बनाई गई पांच सदस्यीय कमेटी ही अब मामले की जांच आगे बढ़ाएगी। इस मामले में प्रदर्शन के दौरान हुई घटनाओं और पुलिस कार्रवाई को लेकर कई सवाल उठाए गए थे। इन्हीं पहलुओं की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट ने 18 अगस्त 2026 को High-Powered Inquiry Committee का गठन किया था। जस्टिस आर. सुभाष रेड्डी की अध्यक्षता में बनी है कमेटी सुप्रीम कोर्ट की ओर से गठित कमेटी की अध्यक्षता पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज जस्टिस आर. सुभाष रेड्डी कर रहे हैं। कमेटी में कुल पांच सदस्य हैं, जिन्हें मामले से जुड़े अलग-अलग पहलुओं की जांच की जिम्मेदारी दी गई है। हाल की सुनवाई में कमेटी के एक सदस्य को लेकर आपत्ति दर्ज कराई गई। याचिकाकर्ता की ओर से सदस्य की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए हितों के टकराव की आशंका जताई गई और कमेटी में बदलाव की मांग की गई। हालांकि, अदालत ने इस मांग को मंजूरी नहीं दी। अब मौजूदा कमेटी ही अपनी तय जिम्मेदारियों के अनुसार जांच करेगी। Protest के दौरान हुई घटनाओं की होगी पड़ताल High-Powered Committee को जंतर-मंतर समेत अन्य स्थानों पर हुए छात्र प्रदर्शनों से जुड़े घटनाक्रम की जांच करनी है। प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा, पुलिस कार्रवाई और सामने आई शिकायतों से जुड़े तथ्यों को जांच के दायरे में रखा गया है। कमेटी संबंधित लोगों की बात सुन सकती है और मामले से जुड़े दस्तावेज या अन्य सामग्री भी देख सकती है। जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट के सामने रखी जाएगी। 17 Metro Stations बंद करने का मामला भी उठा सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई में दिल्ली के 17 मेट्रो स्टेशनों को बंद किए जाने का मुद्दा भी सामने आया। प्रदर्शन के दौरान इन स्टेशनों को बंद रखने के फैसले पर सवाल उठाए गए। इस मुद्दे पर अदालत ने संबंधित पक्षों से जवाब मांगा है। ऐसे में अब जांच और आगे की सुनवाई में मेट्रो स्टेशनों को बंद करने के फैसले से जुड़े कारणों पर भी चर्चा हो सकती है। नाबालिगों की सुरक्षा पर भी हुई बात मामले में सोशल मीडिया पोस्ट से जुड़े दो नाबालिगों की सुरक्षा का मुद्दा भी सुप्रीम कोर्ट के सामने रखा गया। उनकी ओर से कथित धमकियों और पुलिस कार्रवाई को लेकर चिंता जताई गई। अदालत ने मामले से जुड़े लोगों की सुरक्षा के पहलू पर भी ध्यान देने की बात कही है। इससे साफ है कि सुनवाई में केवल प्रदर्शन की घटना ही नहीं, बल्कि उससे जुड़े दूसरे मानवीय पहलुओं पर भी गौर किया जा रहा है। अब कमेटी की Report का इंतजार सुप्रीम कोर्ट के ताजा फैसले के बाद हाई-पावर्ड कमेटी में फिलहाल कोई बदलाव नहीं होगा। कमेटी अपने मौजूदा स्वरूप में जांच जारी रखेगी और अपनी रिपोर्ट अदालत को सौंपेगी। अब सबकी नजर कमेटी की जांच और उसकी रिपोर्ट पर रहेगी। रिपोर्ट सामने आने के बाद सुप्रीम कोर्ट मामले में आगे के निर्देश दे सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Karnataka कांग्रेस विधायक की भतीजी पर बिना काम ₹70 हजार सैलरी लेने का आरोप

Karnataka कांग्रेस विधायक की भतीजी पर बिना काम ₹70 हजार सैलरी लेने का आरोप

Karnataka में कांग्रेस विधायक की भतीजी को लेकर सरकारी नौकरी से जुड़ा एक मामला सामने आया है। आरोप है कि उन्हें बिना नियमित रूप से काम किए हर महीने करीब 70 हजार रुपये की सैलरी मिल रही है। बताया जा रहा है कि वह पिछले करीब 6 महीने से सरकारी क्लीनिक नहीं गईं, जहां उनकी नियुक्ति बताई गई है। मामले में यह भी आरोप लगाया गया है कि सरकारी नौकरी के साथ वह अपनी पढ़ाई भी कर रही हैं। इसको लेकर सरकारी व्यवस्था और नियुक्ति प्रक्रिया पर सवाल उठाए जा रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, संबंधित महिला की नियुक्ति एक सरकारी क्लीनिक में की गई थी। हालांकि, आरोप है कि लंबे समय से वह क्लीनिक में अपनी ड्यूटी पर नहीं पहुंच रही हैं, इसके बावजूद उनका वेतन जारी है। मामला सामने आने के बाद संबंधित विभाग की कार्यप्रणाली और उपस्थिति व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक जांच और उसके निष्कर्ष सामने आने के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल यह मामला राजनीतिक रूप से भी चर्चा में है, क्योंकि महिला का संबंध एक कांग्रेस विधायक के परिवार से बताया जा रहा है। संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया और विभागीय जांच के बाद मामले में आगे की स्थिति साफ होने की उम्मीद है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Rajasthan

Rajasthan Politics: निकाय चुनाव के बाद तेज हुआ जोड़-तोड़, पार्षदों की Resort Politics चर्चा में

राजस्थान (Rajasthan) में निकाय चुनाव खत्म हो चुके हैं, नतीजे भी सामने आ गए हैं, लेकिन सियासी हलचल अभी थमी नहीं है। अब नजरें नगर निगम, नगर परिषद और नगर पालिकाओं में बोर्ड बनाने पर टिक गई हैं। जहां किसी एक दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला, वहां निर्दलीय और बागी पार्षदों की भूमिका अचानक काफी अहम हो गई है। इसी के साथ राजस्थान में एक बार फिर ‘Resort Politics’ यानी पार्षदों की बाड़ेबंदी की चर्चा तेज हो गई है। कई जगह राजनीतिक दल अपने पार्षदों को होटल और रिसॉर्ट में ठहरा रहे हैं। इस बीच कुछ जगहों पर पार्षदों को अपने पक्ष में करने के लिए करोड़ों रुपये की कथित बोली लगाए जाने की चर्चाएं भी सामने आई हैं। हालांकि, इन रकमों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। बोर्ड बनाने के लिए शुरू हुआ नंबर गेम निकाय चुनाव के बाद अब राजनीतिक दलों के सामने सबसे बड़ी चुनौती बहुमत जुटाने की है। जिन निकायों में बीजेपी या कांग्रेस बहुमत से पीछे रह गई हैं, वहां निर्दलीय पार्षदों का समर्थन निर्णायक हो सकता है। यही वजह है कि चुनाव परिणाम आने के तुरंत बाद पार्षदों से संपर्क साधने का दौर शुरू हो गया। कई जगह पार्टी नेतृत्व अपने निर्वाचित पार्षदों को एक साथ रख रहा है, ताकि बोर्ड गठन तक राजनीतिक समीकरण में कोई बड़ा बदलाव न हो। होटल और रिसॉर्ट बने सियासी ठिकाने राजस्थान में Resort Politics कोई नई बात नहीं है। जब भी किसी चुनाव के बाद बहुमत का आंकड़ा उलझता है, तब राजनीतिक दल अपने समर्थक पार्षदों को एक जगह रखने की रणनीति अपनाते हैं। अजमेर समेत कई शहरों में पार्षदों की बाड़ेबंदी की खबरें सामने आई हैं। जयपुर में भी पार्टी उम्मीदवारों को रिसॉर्ट में ठहराने की जानकारी सामने आई। इसका मकसद पार्षदों को एकजुट रखना और विरोधी खेमे की संभावित सेंध को रोकना बताया जा रहा है। निर्दलीय पार्षदों की बढ़ी अहमियत इस पूरे सियासी खेल में सबसे ज्यादा चर्चा निर्दलीय पार्षदों की है। कई जगह मुकाबला इतना करीबी है कि कुछ निर्दलीय पार्षदों का समर्थन पूरे बोर्ड का गणित बदल सकता है। ऐसे में जिन पार्षदों को चुनाव के दौरान ज्यादा महत्व नहीं मिला, वे अब बोर्ड गठन के समय ‘किंगमेकर’ की भूमिका में नजर आ सकते हैं। राजनीतिक दलों के लिए उनका समर्थन हासिल करना इसलिए महत्वपूर्ण हो गया है। करोड़ों की बोली की चर्चा कितनी सच? निकाय चुनाव के बाद सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में पार्षदों को अपने पक्ष में करने के लिए बड़ी रकम की पेशकश की चर्चाएं चल रही हैं। कुछ रिपोर्टों में करोड़ों रुपये तक की कथित बोली लगाए जाने का जिक्र है। हालांकि, किस पार्षद को कितनी रकम की पेशकश हुई, इसका कोई स्वतंत्र और ठोस प्रमाण सार्वजनिक तौर पर सामने नहीं आया है। इसलिए इन दावों को फिलहाल आरोप या राजनीतिक चर्चा के तौर पर ही देखा जा रहा है। 21 सितंबर पर टिकी नजरें अब राजस्थान की स्थानीय राजनीति में अगला बड़ा पड़ाव 21 सितंबर है। इसी दिन कई निकायों में महापौर और चेयरमैन पद के चुनाव होने हैं। इन चुनावों से पहले पार्षदों की बाड़ेबंदी और जोड़-तोड़ की कोशिशें तेज रहने की संभावना है। खासकर उन निकायों में जहां बीजेपी और कांग्रेस के बीच सीटों का अंतर कम है, वहां हर पार्षद का वोट महत्वपूर्ण हो गया है। चुनाव जीतने के बाद भी जारी है सियासी मुकाबला निकाय चुनाव का मतदान और मतगणना भले ही खत्म हो गई हो, लेकिन स्थानीय सत्ता की असली तस्वीर अभी पूरी तरह साफ नहीं हुई है। अब मुकाबला बोर्ड बनाने और बहुमत साबित करने का है। रिसॉर्ट में ठहराए जा रहे पार्षद, निर्दलीयों से संपर्क और करोड़ों की कथित बोली की चर्चाओं ने राजस्थान की स्थानीय राजनीति को फिर सुर्खियों में ला दिया है। आने वाले दिनों में तस्वीर तब साफ होगी, जब महापौर और चेयरमैन चुनाव के नतीजे सामने आएंगे। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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India vs Afghanistan T20

India vs Afghanistan T20: Sanju Samson का तूफान, Rohit Sharma के खास क्लब में शामिल; Afghanistan फिर हारा

India vs Afghanistan T20 के बीच खेले गए दूसरे T20 मुकाबले में टीम इंडिया ने शानदार जीत दर्ज की। मैच में सबसे ज्यादा चर्चा Sanju Samson की रही, जिन्होंने सिर्फ 22 गेंदों में 57 रन बनाकर अफगानिस्तान के गेंदबाजों की मुश्किलें बढ़ा दीं। उनकी इस तेज पारी ने न सिर्फ मैच का रुख बदला, बल्कि उन्हें Rohit Sharma और KL Rahul के खास रिकॉर्ड क्लब में भी पहुंचा दिया। भारत ने इस मुकाबले को 7 विकेट से अपने नाम किया। इसके साथ ही तीन मैचों की T20 सीरीज में टीम इंडिया ने 2-0 की अजेय बढ़त बना ली है। Sanju Samson ने आते ही बदला मैच का रंग लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम को Sanju Samson ने आक्रामक शुरुआत दी। उन्होंने मैदान के चारों तरफ शॉट लगाए और महज 22 गेंदों में अपनी फिफ्टी पूरी कर ली। सैमसन ने अपनी 57 रन की पारी में 7 चौके और 4 छक्के लगाए। उनकी बल्लेबाजी देखकर ऐसा लगा कि वह अफगानिस्तान के गेंदबाजों को कोई मौका देने के मूड में नहीं थे। हालांकि उनकी पारी ज्यादा देर नहीं चली, लेकिन इतने कम समय में उन्होंने मैच पर अपनी छाप छोड़ दी। Rohit Sharma और KL Rahul के क्लब में पहुंचे Samson Sanju Samson के लिए यह मुकाबला रिकॉर्ड के लिहाज से भी खास रहा। उन्होंने T20I में बतौर ओपनर भारत के लिए 1,000 रन पूरे कर लिए। इस उपलब्धि के साथ वह Rohit Sharma और KL Rahul के बाद भारत के तीसरे ऐसे बल्लेबाज बन गए, जिन्होंने T20I में ओपनर के तौर पर 1,000 रन बनाए हैं। यह रिकॉर्ड सैमसन के लिए इसलिए भी खास है क्योंकि लंबे समय से उनकी बल्लेबाजी और टीम में भूमिका को लेकर चर्चा होती रही है। 159 रन के लक्ष्य को भारत ने आसानी से किया हासिल अफगानिस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 159/8 रन बनाए। भारत के सामने 160 रन का लक्ष्य था। टीम इंडिया ने इस लक्ष्य को सिर्फ 14.5 ओवर में 3 विकेट खोकर 163 रन बनाते हुए हासिल कर लिया। भारतीय बल्लेबाजों ने शुरुआत से ही रन बनाने की रफ्तार बनाए रखी और अफगानिस्तान को दबाव से बाहर निकलने का ज्यादा मौका नहीं मिला। Afghanistan के खिलाफ भारत का दबदबा जारी इस हार के साथ अफगानिस्तान के खिलाफ भारत का दबदबा एक बार फिर देखने को मिला। सीरीज के शुरुआती दोनों मुकाबले जीतकर भारत ने 2-0 की बढ़त हासिल कर ली है। अफगानिस्तान के लिए अब तीसरा मुकाबला काफी अहम होगा। टीम की कोशिश हार का सिलसिला रोककर सीरीज का अंत जीत के साथ करने की होगी। वहीं भारत की नजर अब सीरीज में क्लीन स्वीप पर रहेगी। Sanju Samson की पारी बनी मैच की बड़ी Highlight दूसरे T20I में भारत की जीत के कई कारण रहे, लेकिन Sanju Samson की तूफानी पारी सबसे बड़ी Highlight रही। 22 गेंदों में 57 रन ने भारतीय पारी को तेज रफ्तार दी और टीम को लक्ष्य तक पहुंचने में मदद की। सैमसन के रिकॉर्ड और उनकी आक्रामक बल्लेबाजी ने इस मुकाबले को उनके लिए यादगार बना दिया। अब क्रिकेट फैंस की नजरें अगले T20I पर हैं, जहां भारतीय टीम अपनी जीत की लय बरकरार रखना चाहेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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PM Modi

PM Modi Schoolmate Asgar: 8 दिन बाद BJP MLA ने छोड़ा जमीन का कब्जा, Land Dispute में बड़ा Twist

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पुराने स्कूल साथी असगर अली वोरा इन दिनों महाराष्ट्र के एक जमीन विवाद को लेकर चर्चा में हैं। करीब 15 साल से चल रहे इस मामले में उस समय बड़ा मोड़ आया, जब वोरा ने 8 सितंबर को PM मोदी (PM Modi) से मुलाकात कर अपनी जमीन से जुड़ी शिकायत उनके सामने रखी। इसके करीब आठ दिन बाद BJP विधायक नरेंद्र मेहता ने विवादित जमीन का कब्जा छोड़ने और उससे जुड़ी निर्माण अनुमति वापस करने की बात कही है। PM मोदी से मुलाकात के बाद बदला मामला 81 वर्षीय असगर अली वोरा और नरेंद्र मोदी ने गुजरात के वडनगर के BN School में साथ पढ़ाई की थी। वोरा ने प्रधानमंत्री से मुलाकात के दौरान भायंदर ईस्ट के नवघर इलाके में मौजूद जमीन को लेकर चल रहे विवाद की जानकारी दी। वोरा का दावा है कि उन्होंने 1989 में करीब 2,810 वर्ग मीटर जमीन खरीदी थी। उनका कहना है कि उन्होंने जमीन को न तो बेचा और न ही किसी दूसरे व्यक्ति के नाम ट्रांसफर किया। बाद में जमीन से जुड़े दस्तावेजों को लेकर विवाद सामने आया। 15 साल से परेशान थे असगर असगर अली वोरा के मुताबिक, वह पिछले करीब 15 वर्षों से अपनी जमीन के मामले को लेकर अलग-अलग सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगा रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि 2011 में जमीन से जुड़े कथित फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए। उनका यह भी दावा है कि बाद में जमीन को अलग-अलग हिस्सों में दिखाया गया और इससे जुड़े मामलों में बिल्डरों के नाम सामने आए। हालांकि, इन आरोपों से जुड़े दस्तावेजों और कानूनी दावों की अंतिम स्थिति संबंधित जांच और रिकॉर्ड से ही तय होगी। BJP MLA नरेंद्र मेहता ने लिया बड़ा फैसला PM मोदी से मुलाकात के बाद महाराष्ट्र सरकार के स्तर पर भी इस मामले को लेकर बैठक हुई। रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्रीकर परदेशी की अध्यक्षता में मंत्रालय में बैठक हुई। इसके बाद BJP विधायक नरेंद्र मेहता ने Town Planning Department को पत्र देकर विवादित जमीन का कब्जा छोड़ने और Construction Permission वापस करने की जानकारी दी। मेहता ने पुलिस को भी पत्र लिखकर असगर वोरा के खिलाफ पहले दर्ज कराई गई शिकायत वापस लेने की बात कही। उनके अनुसार, दोनों पक्षों के बीच इस मामले में समझौता हुआ है। 1989 में खरीदी थी जमीन, 2015 में FIR वोरा के अनुसार, जमीन खरीदने के कई साल बाद विवाद शुरू हुआ। उन्होंने कथित फर्जीवाड़े को लेकर 2015 में FIR दर्ज कराई थी। उनका आरोप था कि मामले की जांच में अपेक्षित तेजी नहीं दिखाई गई। वोरा ने प्रधानमंत्री के सामने इस पूरे मामले की जांच की मांग रखी थी। रिपोर्टों के मुताबिक, उन्होंने मामले में CBI जांच की मांग भी की थी। अब जमीन विवाद में क्या होगा? नरेंद्र मेहता की ओर से कब्जा छोड़ने और निर्माण अनुमति वापस करने की बात सामने आने के बाद इस पुराने विवाद में नया मोड़ आया है। साथ ही पुलिस शिकायत वापस लेने की जानकारी ने भी मामले को चर्चा में ला दिया है। हालांकि, जमीन के मालिकाना हक, पुराने दस्तावेजों और कथित फर्जीवाड़े से जुड़े सवालों का अंतिम फैसला संबंधित सरकारी रिकॉर्ड और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर ही होगा। फिलहाल सबसे अहम बात यह है कि PM मोदी से असगर अली वोरा की मुलाकात के कुछ ही दिनों बाद विवादित जमीन को लेकर BJP विधायक की ओर से पीछे हटने की बात सामने आई है। इससे करीब डेढ़ दशक पुराने इस Land Dispute पर सबकी नजरें टिक गई हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Donald Trump

Donald Trump Israel Arms Deal: इजराइल को 26 हजार करोड़ के हथियार, 40 हजार Heavy Bombs शामिल

अमेरिका और इजराइल के बीच हथियारों को लेकर एक बार फिर बड़ा समझौता चर्चा में है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प (Donald Trump) का प्रशासन इजराइल को करीब 2.8 अरब डॉलर यानी लगभग 26 हजार करोड़ रुपये के हथियार देने की तैयारी कर रहा है। प्रस्तावित पैकेज में 40 हजार 2,000-पाउंड के भारी बम शामिल बताए गए हैं। Reuters के मुताबिक इस पैकेज की जानकारी अमेरिकी कांग्रेस की संबंधित समितियों को अनौपचारिक तौर पर दी जा चुकी है, लेकिन अभी अंतिम मंजूरी नहीं हुई है। 40 हजार भारी बमों की होगी सप्लाई रिपोर्ट के अनुसार प्रस्तावित पैकेज में करीब 20 हजार MK-84 और 20 हजार BLU-117 बम शामिल हैं। दोनों ही 2,000 पाउंड श्रेणी के बम हैं। यह पैकेज ऐसे समय सामने आया है जब गाजा युद्ध के दौरान भारी हथियारों के इस्तेमाल और आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर लगातार अंतरराष्ट्रीय चर्चा होती रही है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार अभी यह बिक्री प्रक्रिया के चरण में है। कांग्रेस की संबंधित समितियों को इसकी जानकारी दी गई है, जबकि अमेरिकी विदेश विभाग और इजराइली दूतावास की ओर से तत्काल सार्वजनिक टिप्पणी नहीं की गई थी। Biden ने 2024 में क्यों रोकी थी ऐसी सप्लाई? इस प्रस्ताव का एक अहम पहलू यह है कि जो बाइडेन प्रशासन ने मई 2024 में 2,000-पाउंड और 500-पाउंड के कुछ बमों की एक खेप रोक दी थी। उस समय अमेरिका को चिंता थी कि गाजा के घनी आबादी वाले इलाकों, खासकर राफा में ऐसे हथियारों के इस्तेमाल से बड़ी संख्या में नागरिक प्रभावित हो सकते हैं। Reuters की रिपोर्ट के अनुसार उस समय अमेरिका ने करीब 1,800 2,000-पाउंड बम और 1,700 500-पाउंड बम वाली एक खेप को रोका था। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं था कि अमेरिका ने इजराइल को सभी हथियारों की सप्लाई बंद कर दी थी। Trump के प्रस्ताव से फिर उठे सवाल अब ट्रम्प प्रशासन द्वारा इसी श्रेणी के बड़े पैमाने पर बमों की प्रस्तावित बिक्री ने इस पुराने मुद्दे को फिर चर्चा में ला दिया है। Reuters के अनुसार 2,000-पाउंड के बमों को लेकर पहले भी घनी आबादी वाले इलाकों में इनके संभावित प्रभाव पर अमेरिकी अधिकारियों ने चिंता जताई थी। इस प्रस्ताव का समय भी महत्वपूर्ण है क्योंकि गाजा संघर्ष के मानवीय प्रभाव और अमेरिका की इजराइल नीति को लेकर अमेरिका के भीतर तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहस जारी है। Reuters ने अमेरिकी जनमत में इजराइल के लिए अमेरिकी समर्थन को लेकर बदलते रुझानों का भी उल्लेख किया है। अभी डील फाइनल नहीं हुई यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि 26 हजार करोड़ रुपये का यह हथियार पैकेज अभी प्रस्तावित है। रिपोर्टों के अनुसार कांग्रेस की संबंधित समितियों को इसकी जानकारी दी गई है, लेकिन बिक्री की अंतिम प्रक्रिया पूरी होना बाकी है। इसलिए अभी इसे इजराइल को हथियारों की अंतिम डिलीवरी के तौर पर नहीं देखा जा सकता। अगर यह प्रस्ताव मंजूर होता है, तो यह ट्रम्प प्रशासन के तहत इजराइल को अमेरिकी सैन्य सहायता और हथियार बिक्री की नीति में एक महत्वपूर्ण कदम होगा। वहीं, भारी बमों को लेकर नागरिक सुरक्षा से जुड़े सवाल भी आगे चर्चा का बड़ा मुद्दा बने रह सकते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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India vs Afghanistan T20

India vs Afghanistan T20: Sanju Samson का तूफान, Rohit Sharma के खास क्लब में शामिल; Afghanistan फिर हारा

India vs Afghanistan T20 के बीच खेले गए दूसरे T20 मुकाबले में टीम इंडिया ने शानदार जीत दर्ज की। मैच में सबसे ज्यादा चर्चा Sanju Samson की रही, जिन्होंने सिर्फ 22 गेंदों में 57 रन बनाकर अफगानिस्तान के गेंदबाजों की मुश्किलें बढ़ा दीं। उनकी इस तेज पारी ने न सिर्फ मैच का रुख बदला, बल्कि उन्हें Rohit Sharma और KL Rahul के खास रिकॉर्ड क्लब में भी पहुंचा दिया। भारत ने इस मुकाबले को 7 विकेट से अपने नाम किया। इसके साथ ही तीन मैचों की T20 सीरीज में टीम इंडिया ने 2-0 की अजेय बढ़त बना ली है। Sanju Samson ने आते ही बदला मैच का रंग लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम को Sanju Samson ने आक्रामक शुरुआत दी। उन्होंने मैदान के चारों तरफ शॉट लगाए और महज 22 गेंदों में अपनी फिफ्टी पूरी कर ली। सैमसन ने अपनी 57 रन की पारी में 7 चौके और 4 छक्के लगाए। उनकी बल्लेबाजी देखकर ऐसा लगा कि वह अफगानिस्तान के गेंदबाजों को कोई मौका देने के मूड में नहीं थे। हालांकि उनकी पारी ज्यादा देर नहीं चली, लेकिन इतने कम समय में उन्होंने मैच पर अपनी छाप छोड़ दी। Rohit Sharma और KL Rahul के क्लब में पहुंचे Samson Sanju Samson के लिए यह मुकाबला रिकॉर्ड के लिहाज से भी खास रहा। उन्होंने T20I में बतौर ओपनर भारत के लिए 1,000 रन पूरे कर लिए। इस उपलब्धि के साथ वह Rohit Sharma और KL Rahul के बाद भारत के तीसरे ऐसे बल्लेबाज बन गए, जिन्होंने T20I में ओपनर के तौर पर 1,000 रन बनाए हैं। यह रिकॉर्ड सैमसन के लिए इसलिए भी खास है क्योंकि लंबे समय से उनकी बल्लेबाजी और टीम में भूमिका को लेकर चर्चा होती रही है। 159 रन के लक्ष्य को भारत ने आसानी से किया हासिल अफगानिस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 159/8 रन बनाए। भारत के सामने 160 रन का लक्ष्य था। टीम इंडिया ने इस लक्ष्य को सिर्फ 14.5 ओवर में 3 विकेट खोकर 163 रन बनाते हुए हासिल कर लिया। भारतीय बल्लेबाजों ने शुरुआत से ही रन बनाने की रफ्तार बनाए रखी और अफगानिस्तान को दबाव से बाहर निकलने का ज्यादा मौका नहीं मिला। Afghanistan के खिलाफ भारत का दबदबा जारी इस हार के साथ अफगानिस्तान के खिलाफ भारत का दबदबा एक बार फिर देखने को मिला। सीरीज के शुरुआती दोनों मुकाबले जीतकर भारत ने 2-0 की बढ़त हासिल कर ली है। अफगानिस्तान के लिए अब तीसरा मुकाबला काफी अहम होगा। टीम की कोशिश हार का सिलसिला रोककर सीरीज का अंत जीत के साथ करने की होगी। वहीं भारत की नजर अब सीरीज में क्लीन स्वीप पर रहेगी। Sanju Samson की पारी बनी मैच की बड़ी Highlight दूसरे T20I में भारत की जीत के कई कारण रहे, लेकिन Sanju Samson की तूफानी पारी सबसे बड़ी Highlight रही। 22 गेंदों में 57 रन ने भारतीय पारी को तेज रफ्तार दी और टीम को लक्ष्य तक पहुंचने में मदद की। सैमसन के रिकॉर्ड और उनकी आक्रामक बल्लेबाजी ने इस मुकाबले को उनके लिए यादगार बना दिया। अब क्रिकेट फैंस की नजरें अगले T20I पर हैं, जहां भारतीय टीम अपनी जीत की लय बरकरार रखना चाहेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Gold Price

Gold Price Today: सोना ₹888 हुआ सस्ता, Silver Rate में भी गिरावट; चांदी ₹10 हजार नीचे

अगर आप सोना या चांदी खरीदने का मन बना रहे हैं, तो आज के भाव आपके लिए राहत लेकर आए हैं। मंगलवार को Gold Price और Silver Price में गिरावट दर्ज की गई। चांदी का भाव ₹1,270 प्रति किलो कम होकर करीब ₹2.28 लाख प्रति किलो पर आ गया। वहीं, 10 ग्राम सोने की कीमत भी ₹888 घट गई है। सबसे खास बात यह है कि चांदी इस महीने अब तक करीब ₹10 हजार प्रति किलो सस्ती हो चुकी है। लगातार महंगे होते दामों के बीच यह गिरावट खरीदारों के लिए बड़ी खबर है। Silver Price Today: चांदी में फिर आई गिरावट चांदी की कीमत में आज ₹1,270 प्रति किलो की कमी आई। इसके बाद इसका भाव करीब ₹2.28 लाख प्रति किलो रह गया है। इस महीने चांदी के रेट में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। अब तक करीब ₹10 हजार की गिरावट के बाद बाजार में खरीदारी करने वाले लोगों की नजर आगे के रेट पर टिकी है। चांदी का इस्तेमाल सिर्फ गहने बनाने में ही नहीं होता, बल्कि इंडस्ट्री और निवेश के लिए भी इसकी मांग रहती है। इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में होने वाला बदलाव सीधे इसके घरेलू भाव पर असर डालता है। Gold Price Today: 10 ग्राम सोना ₹888 सस्ता चांदी के साथ आज सोने के भाव में भी नरमी देखने को मिली। 10 ग्राम सोना ₹888 सस्ता हुआ है। हालांकि, कीमतों में गिरावट के बावजूद सोना अभी भी ऊंचे स्तर पर कारोबार कर रहा है। सोने के दाम कम होने से उन लोगों को थोड़ी राहत मिल सकती है, जो शादी, त्योहार या किसी खास मौके के लिए Gold Jewellery खरीदने की तैयारी कर रहे हैं। इस महीने चांदी क्यों हुई ₹10 हजार सस्ती? चांदी की कीमतों में आई गिरावट के पीछे कई बाजार संकेत काम करते हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार की चाल, डॉलर की कीमत, निवेशकों की खरीद-बिक्री और औद्योगिक मांग जैसे फैक्टर Silver Rate को प्रभावित करते हैं। इसी वजह से चांदी के भाव में रोजाना बदलाव देखने को मिलता है। फिलहाल इस महीने करीब ₹10 हजार की गिरावट बाजार में चर्चा का विषय बनी हुई है। Gold-Silver खरीदने वालों के लिए जरूरी बात अगर आप आज सोना या चांदी खरीदने की सोच रहे हैं, तो सिर्फ बाजार भाव देखकर फैसला न लें। ज्वेलरी खरीदते समय Purity, Making Charges और GST को भी ध्यान में रखना जरूरी है। साथ ही, अलग-अलग शहरों और ज्वेलर्स के यहां रेट में थोड़ा अंतर हो सकता है। इसलिए खरीदारी से पहले अपने स्थानीय बाजार का ताजा भाव जरूर चेक करें। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Oracle

Oracle Layoffs 2026: सुबह 4 बजे बंद हुआ System Access, 6 बजे आया Job जाने का Email

टेक इंडस्ट्री में एक बार फिर बड़े पैमाने पर Layoffs की खबर ने कर्मचारियों की चिंता बढ़ा दी है। अमेरिकी टेक कंपनी Oracle में नई छंटनी शुरू होने की रिपोर्ट सामने आई है। इस बार जिस तरीके से कुछ कर्मचारियों को नौकरी से हटाया गया, उसने लोगों को और ज्यादा हैरान कर दिया। रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ कर्मचारियों का System Access सुबह करीब 4 बजे ही बंद कर दिया गया। इसके बाद Slack समेत दूसरे ऑफिस सिस्टम से भी उनका कनेक्शन टूट गया। करीब दो घंटे बाद सुबह 6 बजे उन्हें कंपनी की ओर से Email मिला, जिसमें बताया गया कि उनकी नौकरी खत्म की जा रही है और वही दिन उनका आखिरी Working Day है। पहले System बंद हुआ, फिर मिला Layoff का Email इस पूरी घटना में सबसे ज्यादा चर्चा उस तरीके की हो रही है, जिस तरह कर्मचारियों को इसकी जानकारी मिली। रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रभावित कर्मचारियों के Federated Login ने सुबह करीब 4 बजे काम करना बंद कर दिया। इसके कुछ समय बाद उनके Slack Sessions भी डिस्कनेक्ट हो गए। कई कर्मचारियों को तब तक यह समझ नहीं आया कि आखिर हुआ क्या है। इसके बाद सुबह करीब 6 बजे कंपनी का Email पहुंचा और उन्हें पता चला कि उनकी भूमिका अब खत्म हो चुकी है। यानी कर्मचारियों को पहले ही कंपनी के डिजिटल सिस्टम से बाहर कर दिया गया और बाद में उन्हें आधिकारिक तौर पर नौकरी जाने की जानकारी मिली। Email में कहा गया- आज ही आखिरी Working Day कर्मचारियों को भेजे गए संदेश में कंपनी ने Organizational Changes और Business Needs का हवाला देते हुए उनकी भूमिका खत्म करने की जानकारी दी। कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रभावित कर्मचारियों को Severance Package भी दिया जाएगा। इसमें बेस सैलरी और कंपनी में काम करने की अवधि के आधार पर भुगतान शामिल होने की बात सामने आई है। हालांकि, Oracle ने इस नई Layoff Round में कुल कितने कर्मचारियों को नौकरी से निकाला है, इसका सटीक आंकड़ा सार्वजनिक नहीं किया है। Oracle में पहले भी हो चुकी है बड़ी छंटनी Oracle में इससे पहले भी कर्मचारियों की संख्या कम करने के कदम सामने आ चुके हैं। कंपनी ने पिछले वित्त वर्ष में भी बड़ी संख्या में कर्मचारियों को प्रभावित किया था। नई छंटनी ऐसे समय में सामने आई है, जब Oracle अपने Cloud और Artificial Intelligence (AI) Business को तेजी से बढ़ाने में लगी है। कंपनी Data Centers और AI Infrastructure पर भारी रकम खर्च कर रही है। AI और Cloud पर बढ़ता खर्च Oracle का फोकस इस समय AI और Cloud Computing पर काफी ज्यादा है। AI की बढ़ती मांग को देखते हुए कंपनी Data Center Capacity बढ़ाने में बड़ा निवेश कर रही है। कंपनी के Capital Expenditure में भी काफी बढ़ोतरी हुई है। आने वाले समय में Oracle की ओर से AI Infrastructure और Cloud Services पर और ज्यादा खर्च किए जाने की उम्मीद है। ऐसे में कर्मचारियों की छंटनी और दूसरी तरफ AI Infrastructure में भारी निवेश के बीच का अंतर भी चर्चा का विषय बन गया है। Restructuring पर भी बड़ा खर्च Oracle की Restructuring योजना की लागत भी बढ़ी है। रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी ने Restructuring से जुड़ी अनुमानित लागत में और रकम जोड़ने की बात कही है। कंपनी का कहना है कि बदलती Business Priorities के हिसाब से संगठन में बदलाव जरूरी हैं। लेकिन कर्मचारियों के लिए अचानक नौकरी खत्म होना निश्चित तौर पर बड़ा झटका है। क्या India में भी पड़ेगा असर? Oracle की नई Layoff Round के बाद भारत में काम कर रहे कर्मचारियों को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। Oracle का भारत में बड़ा Development और Technology Workforce है। फिलहाल India में इस नई छंटनी के असर को लेकर कंपनी की तरफ से कोई स्पष्ट आधिकारिक घोषणा सामने नहीं आई है। इसलिए भारत में कितने कर्मचारियों पर असर पड़ेगा, इसे लेकर अभी किसी निश्चित आंकड़े पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। टेक सेक्टर में Jobs को लेकर बढ़ी चिंता Oracle का मामला अकेला नहीं है। पिछले कुछ समय से टेक इंडस्ट्री में कंपनियां अपने Workforce को नए सिरे से व्यवस्थित कर रही हैं। AI के बढ़ते इस्तेमाल, Cloud Services की मांग और लागत कम करने की कोशिशों ने कंपनियों की Hiring और Workforce Strategy को काफी बदल दिया है। Oracle के मामले में भी एक तरफ AI और Cloud पर अरबों डॉलर का निवेश हो रहा है, वहीं दूसरी तरफ कर्मचारियों की संख्या कम की जा रही है। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि Oracle Layoffs 2026 का यह दौर कितना बड़ा होगा और क्या आने वाले दिनों में कंपनी की तरफ से और कर्मचारियों की छंटनी की जाएगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Salman Khan ने एंटीलिया में लिया बप्पा का आशीर्वाद

Salman Khan ने एंटीलिया में लिया बप्पा का आशीर्वाद

अभिनेता Salman Khan ने भी मुकेश अंबानी के घर एंटीलिया पहुंचकर बप्पा का आशीर्वाद लिया। इस दौरान उन्होंने भगवान गणेश को फूल अर्पित किए और तिलक लगवाकर पूजा-अर्चना की। सलमान खान का बप्पा के प्रति यह खास अंदाज लोगों को काफी पसंद आया। गणपति दर्शन के दौरान वह पारंपरिक अंदाज में नजर आए और पूरे भक्तिभाव के साथ पूजा में शामिल हुए। सिद्धार्थ मल्होत्रा और कियारा आडवाणी ने भी किए दर्शन सलमान खान के अलावा अभिनेता सिद्धार्थ मल्होत्रा और कियारा आडवाणी भी एंटीलिया पहुंचे। दोनों ने भगवान गणेश के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। गणेश उत्सव के मौके पर बॉलीवुड सितारों की मौजूदगी ने समारोह की रौनक और बढ़ा दी। राधिका मर्चेंट की भक्तिमय परफॉर्मेंस ने बांधा समां इस खास आयोजन में राधिका मर्चेंट की भक्तिमय परफॉर्मेंस भी आकर्षण का केंद्र रही। उनकी प्रस्तुति ने पूरे माहौल को आध्यात्मिक और खुशनुमा बना दिया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने भी इस प्रस्तुति का आनंद लिया। गणेश उत्सव के दौरान एंटीलिया में हर साल की तरह इस बार भी भक्ति और सितारों का खूबसूरत संगम देखने को मिला। बॉलीवुड की कई चर्चित हस्तियों के पहुंचने से यह आयोजन सोशल मीडिया पर भी चर्चा में रहा। मुंबई में गणेश उत्सव की रौनक के बीच बॉलीवुड के कई सितारे भगवान गणेश के दर्शन के लिए एंटीलिया पहुंचे। अभिनेता सलमान खान ने भी मुकेश अंबानी के घर एंटीलिया पहुंचकर बप्पा का आशीर्वाद लिया। इस दौरान उन्होंने भगवान गणेश को फूल अर्पित किए और तिलक लगवाकर पूजा-अर्चना की। सलमान खान का बप्पा के प्रति यह खास अंदाज लोगों को काफी पसंद आया। गणपति दर्शन के दौरान वह पारंपरिक अंदाज में नजर आए और पूरे भक्तिभाव के साथ पूजा में शामिल हुए। सिद्धार्थ मल्होत्रा और कियारा आडवाणी ने भी किए दर्शन सलमान खान के अलावा अभिनेता सिद्धार्थ मल्होत्रा और कियारा आडवाणी भी एंटीलिया पहुंचे। दोनों ने भगवान गणेश के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। गणेश उत्सव के मौके पर बॉलीवुड सितारों की मौजूदगी ने समारोह की रौनक और बढ़ा दी। राधिका मर्चेंट की भक्तिमय परफॉर्मेंस ने बांधा समां इस खास आयोजन में राधिका मर्चेंट की भक्तिमय परफॉर्मेंस भी आकर्षण का केंद्र रही। उनकी प्रस्तुति ने पूरे माहौल को आध्यात्मिक और खुशनुमा बना दिया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने भी इस प्रस्तुति का आनंद लिया। गणेश उत्सव के दौरान एंटीलिया में हर साल की तरह इस बार भी भक्ति और सितारों का खूबसूरत संगम देखने को मिला। बॉलीवुड की कई चर्चित हस्तियों के पहुंचने से यह आयोजन सोशल मीडिया पर भी चर्चा में रहा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
UPI

UPI Payment: सरकार का बड़ा फैसला, ₹2,000 तक Transaction रहेगा Free

UPI से पेमेंट करने वालों के लिए सरकार ने बड़ी राहत दी है। पिछले कुछ दिनों से UPI Payment पर चार्ज लगने की चर्चाओं के बीच सरकार ने साफ कर दिया है कि ₹2,000 तक के UPI पेमेंट पर कोई चार्ज नहीं लिया जाएगा। यानी चाय-नाश्ते से लेकर किराने के सामान तक, रोजमर्रा के छोटे भुगतान पहले की तरह आसानी से किए जा सकेंगे। हालांकि, मामला सिर्फ ₹2,000 तक सीमित नहीं है। इससे ज्यादा के बड़े पेमेंट को लेकर आगे Merchant Charges यानी MDR की व्यवस्था देखने को मिल सकती है। अभी इस पर कोई तय दर या नया चार्ज लागू नहीं किया गया है। ₹2,000 तक UPI Payment पर नहीं लगेगा Charge सरकार के नए आदेश के बाद यह बात स्पष्ट हो गई है कि ₹2,000 तक के UPI Transactions पर बैंक या पेमेंट सिस्टम से जुड़ी संस्थाएं कोई सीधा या अप्रत्यक्ष शुल्क नहीं लगा सकतीं। इसका सीधा फायदा आम लोगों को मिलेगा। कोई ग्राहक दुकान पर ₹200, ₹800 या ₹2,000 का सामान खरीदता है और UPI से भुगतान करता है, तो उसके ऊपर अलग से पेमेंट चार्ज नहीं जोड़ा जाएगा। ₹2,000 से ज्यादा के Payment पर क्या होगा? यहीं पर सबसे ज्यादा confusion है। सरकार ने फिलहाल यह नहीं कहा है कि ₹2,000 से ज्यादा का UPI Payment करते ही ग्राहक के खाते से कोई फीस कटने लगेगी। बल्कि बड़े Merchant Transactions पर भविष्य में Merchant Discount Rate यानी MDR लागू करने की संभावना रखी गई है। इसकी दर कितनी होगी, किन कारोबारियों पर लागू होगी और इसे कब से शुरू किया जाएगा, इस पर अभी अंतिम फैसला होना बाकी है। इसलिए फिलहाल ₹2,000 से ऊपर के हर UPI Payment पर चार्ज लगने की बात कहना सही नहीं होगा। दुकानदारों के लिए भी अहम फैसला UPI आज छोटे दुकानदारों से लेकर बड़े कारोबारियों तक के लिए Payment का सबसे आसान माध्यम बन चुका है। ग्राहक QR Code स्कैन करता है और कुछ सेकंड में भुगतान हो जाता है। छोटे कारोबारियों के लिए ₹2,000 तक के पेमेंट पर चार्ज नहीं लगने की व्यवस्था राहत देने वाली है। वहीं बड़े कारोबारियों के लिए भविष्य में Merchant Fee को लेकर नई व्यवस्था सामने आ सकती है। RuPay Debit Card को लेकर भी राहत सरकार ने छोटे डिजिटल पेमेंट को लेकर सिर्फ UPI तक ही बात सीमित नहीं रखी है। ₹2,000 तक के RuPay Debit Card Transactions पर भी शुल्क नहीं लगाने की स्थिति स्पष्ट की गई है। इससे डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने और लोगों को Cashless Payment की तरफ बनाए रखने की सरकार की कोशिश साफ दिखाई देती है। UPI Users को अभी क्या समझना चाहिए? आसान भाषा में कहें तो फिलहाल UPI इस्तेमाल करने वालों के लिए कोई बड़ा झटका नहीं है। ₹2,000 तक का UPI Payment बिना अतिरिक्त चार्ज के जारी रहेगा। अगर आप ₹2,000 से ज्यादा का भुगतान करते हैं, तो भी अभी कोई तय UPI Fee लागू नहीं हुई है। भविष्य में बड़े Merchant Payments पर MDR की व्यवस्था आती है या नहीं और आती है तो उसका बोझ किस पर पड़ेगा, इसकी तस्वीर आगे साफ होगी। UPI ने पिछले कुछ वर्षों में भारत में डिजिटल पेमेंट की तस्वीर ही बदल दी है। ऐसे में सरकार का मौजूदा फैसला छोटे और रोजमर्रा के पेमेंट को आसान बनाए रखने की दिशा में अहम माना जा रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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