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इंदौर में पानी बर्बाद करने वालों पर होगी चालानी कार्रवाई, पहले समझाइश फिर बनेगा वीडियो

इंदौर। शहर में पानी की बर्बादी रोकने के लिए नगर निगम अब जागरूकता के साथ सख्ती भी करेगा। घरों में जरूरत से ज्यादा पानी बहाने और पीने योग्य पानी का अनावश्यक इस्तेमाल करने वालों को पहले दो-तीन बार समझाइश दी जाएगी। इसके बाद भी यदि पानी की बर्बादी जारी रही, तो उसका वीडियो बनाकर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार चालानी कार्रवाई की जाएगी। इसी अभियान के तहत महापौर पुष्यमित्र भार्गव सोमवार को शहर की विभिन्न कॉलोनियों और गलियों में पहुंचे। उन्होंने रहवासियों से बातचीत कर पानी का इस्तेमाल जरूरत के मुताबिक करने और इसे बर्बाद नहीं करने की अपील की। पार्श्वनाथ, विनय नगर और जैन कॉलोनी में पहुंचे महापौर महापौर ने पार्श्वनाथ, विनय नगर, जैन कॉलोनी और लोकमान्य नगर में लोगों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में पानी की जरूरत बढ़ जाती है। ऐसे में पानी की बर्बादी का नुकसान आखिरकार शहरवासियों को ही उठाना पड़ता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि हर घर में पानी का इस्तेमाल जरूरत के हिसाब से किया जाए, ताकि भविष्य में जल संकट की स्थिति से बचा जा सके। पहले दो-तीन बार समझाइश, फिर कटेगा चालान महापौर ने अभियान में जुटी एनजीओ की टीम को निर्देश दिए कि पानी बर्बाद करते पाए जाने वाले लोगों को शुरुआत में दो-तीन बार समझाया जाए। इसके बावजूद यदि उनकी आदत में सुधार नहीं होता है, तो पानी की बर्बादी का वीडियो बनाकर नियमानुसार चालानी कार्रवाई की जाए। नगर निगम का उद्देश्य लोगों को पानी बचाने के प्रति जागरूक करना और पानी की अनावश्यक खपत पर रोक लगाना है। RO के वेस्ट पानी को फेंकने के बजाय करें इस्तेमाल महापौर ने घरों में आरओ से निकलने वाले वेस्ट पानी का दोबारा उपयोग करने की सलाह भी दी। उन्होंने कहा कि इस पानी को फेंकने के बजाय पौधों में डालने, गाड़ी धोने और कपड़े धोने जैसे कामों में इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे पीने योग्य पानी की अनावश्यक खपत कम होगी और उपलब्ध जल का बेहतर उपयोग किया जा सकेगा। दीपावली तक चलेगा निगरानी अभियान महापौर ने एनजीओ की टीम को दीपावली तक अभियान का चार्ट तैयार कर नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। जिन स्थानों पर हरी घास दिखाई दे रही है, वहां भी दो-दो दिन की समय-सीमा तय कर घास की कटाई कराने को कहा गया है। इस दौरान जलकार्य प्रभारी अभिषेक शर्मा ‘बबलू’, पार्षद योगेश गेदर और नगर निगम के जोनल अधिकारी मौजूद रहे। नगर निगम का फोकस अब घरों और सार्वजनिक स्थानों पर पानी की बर्बादी रोकने के साथ लोगों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक करने पर है।
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Lula da Silva

Brazil Election Result: Lula da Silva चौथी बार बने राष्ट्रपति, Flavio Bolsonaro को हराया

ब्राजील (Brazil) की राजनीति में लुईज इनासियो लूला दा सिल्वा ( Lula da Silva) ने एक बार फिर अपनी ताकत दिखाई है। राष्ट्रपति चुनाव में जीत दर्ज कर उन्होंने चौथी बार राष्ट्रपति बनने का रिकॉर्ड बनाया है। इस चुनाव में उनका मुकाबला पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो के बेटे फ्लावियो बोल्सोनारो से था। फ्लावियो को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का समर्थक माना जाता है। Lula da Silva की जीत सिर्फ ब्राजील की राजनीति के लिए ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय संबंधों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। भारत समेत कई देशों की नजर इस बात पर रहेगी कि उनके नए कार्यकाल में व्यापार, कूटनीति और BRICS जैसे मंचों पर सहयोग किस दिशा में आगे बढ़ता है। Brazil Election 2026: लूला और फ्लावियो के बीच कड़ा मुकाबला ब्राजील के राष्ट्रपति चुनाव के दूसरे चरण में लूला दा सिल्वा को 51.79% वोट मिले, जबकि फ्लावियो बोल्सोनारो को 48.21% वोट हासिल हुए। दोनों उम्मीदवारों के बीच मुकाबला काफी करीबी रहा। पहले चरण में फ्लावियो ने लूला को पीछे छोड़ दिया था, लेकिन दूसरे चरण में लूला ने बढ़त बनाते हुए जीत हासिल की। इस नतीजे ने साफ कर दिया कि ब्राजील के मतदाता दो अलग-अलग राजनीतिक विचारधाराओं के बीच बंटे हुए हैं। लूला इससे पहले 2003 से 2010 तक दो बार राष्ट्रपति रह चुके हैं। इसके बाद 2023 में उन्होंने तीसरी बार सत्ता संभाली थी। अब उनकी नई जीत ने ब्राजील की राजनीति में उनके लंबे अनुभव और मजबूत जनाधार को फिर चर्चा में ला दिया है। कौन हैं Flavio Bolsonaro, जिन्हें मिली हार? फ्लावियो बोल्सोनारो पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो के बेटे हैं। वह ब्राजील की दक्षिणपंथी राजनीति का प्रमुख चेहरा माने जाते हैं। उनकी राजनीतिक सोच और डोनाल्ड ट्रम्प के प्रति समर्थन ने इस चुनाव को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा में रखा। फ्लावियो ने अपने चुनाव प्रचार में अपराध पर सख्ती, आर्थिक सुधार और अपने पिता की राजनीतिक विचारधारा को आगे बढ़ाने जैसे मुद्दों पर जोर दिया। वहीं, लूला ने सामाजिक कल्याण योजनाओं, गरीब परिवारों की मदद और लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करने की बात कही। महंगाई, रोजगार, आम लोगों के खर्च और सुरक्षा जैसे मुद्दे भी मतदाताओं के फैसले में अहम रहे। हालांकि, फ्लावियो की हार को केवल ट्रम्प के समर्थन से जोड़ना सही नहीं होगा। ब्राजील के मतदाताओं ने कई घरेलू मुद्दों को ध्यान में रखकर मतदान किया। Trump और Brazil के रिश्तों पर क्या पड़ेगा असर? लूला दा सिल्वा की विदेश नीति में ब्राजील की स्वतंत्र भूमिका को खास महत्व दिया जाता है। वह अंतरराष्ट्रीय मामलों में अपने देश के हितों को प्राथमिकता देने की बात करते रहे हैं। अमेरिका और ब्राजील के बीच व्यापार, टैरिफ और कूटनीतिक मुद्दों पर मतभेद सामने आते रहे हैं। ऐसे में लूला की जीत के बाद दोनों देशों के रिश्तों पर नजर बनी रहेगी। हालांकि, अमेरिका ब्राजील का महत्वपूर्ण आर्थिक साझेदार है। इसलिए आने वाले समय में दोनों देशों के बीच बातचीत और व्यापारिक सहयोग की संभावनाएं भी बनी रहेंगी। लूला के लिए चुनौती यह होगी कि वह अपने देश के हितों की रक्षा करते हुए अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ संतुलन बनाए रखें। India-Brazil Relations: भारत के लिए क्यों अहम है लूला की जीत? भारत और ब्राजील के रिश्ते व्यापार, ऊर्जा, कृषि, तकनीक और अंतरराष्ट्रीय सहयोग जैसे कई क्षेत्रों में फैले हुए हैं। दोनों देश BRICS के सदस्य भी हैं, जहां वैश्विक अर्थव्यवस्था और विकासशील देशों के हितों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होती है। लूला की वापसी से भारत-ब्राजील संबंधों में सहयोग के नए अवसर तलाशने की संभावना बनी रह सकती है। भारत के लिए तीन मुद्दे खास रहेंगे: हालांकि, लूला की जीत से भारत को तुरंत कोई बड़ा आर्थिक फायदा होगा, यह कहना अभी जल्दबाजी होगी। इसका वास्तविक असर आने वाले समझौतों और दोनों देशों की नीतियों पर निर्भर करेगा। राष्ट्रपति बनने के बाद Lula के सामने क्या होंगी चुनौतियां? चुनाव जीतना लूला के लिए बड़ी उपलब्धि है, लेकिन अब उनके सामने जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने की चुनौती होगी। महंगाई, घरेलू खर्च, अपराध और आर्थिक विकास जैसे मुद्दों पर लोगों को ठोस नतीजों की उम्मीद रहेगी। इसके अलावा, चुनाव में फ्लावियो को मिले लगभग आधे वोट बताते हैं कि विपक्ष की राजनीतिक ताकत को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। लूला को सरकार चलाने के दौरान अलग-अलग विचारधाराओं के बीच संतुलन बनाना होगा। उनकी नीतियों का असर केवल ब्राजील की अर्थव्यवस्था तक सीमित नहीं रहेगा। पर्यावरण संरक्षण, वैश्विक व्यापार और विकासशील देशों के बीच सहयोग जैसे मुद्दों पर भी उनकी सरकार की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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OBC Reservation

OBC Reservation: UPSC के 958 उम्मीदवारों की ट्रेनिंग में देरी, केंद्र ने SC से मांगी राहत

OBC क्रीमीलेयर के नियमों को लेकर चल रही कानूनी उलझन का असर अब UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025 के चयनित उम्मीदवारों पर पड़ रहा है। परीक्षा में सफल हुए 958 उम्मीदवारों का सर्विस अलॉटमेंट और फाउंडेशन ट्रेनिंग अभी तक शुरू नहीं हो सकी है। केंद्र सरकार चाहती है कि सुप्रीम कोर्ट इस मामले में स्पष्ट निर्देश दे, ताकि नियुक्ति की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सके। इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि OBC उम्मीदवारों की क्रीमीलेयर स्थिति तय करने के लिए माता-पिता की आय और उनके पद को किस तरह देखा जाए। सुप्रीम कोर्ट के 11 मार्च 2026 के फैसले के बाद केंद्र सरकार ने पुराने और नए नियमों को लागू करने के तरीके पर स्पष्टीकरण मांगा है। 25 अक्टूबर की रिपोर्टों के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट ने 24 सितंबर को केंद्र की याचिका पर अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था। वहीं, 26 अक्टूबर को सामने आई रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि इस कानूनी विवाद से UPSC CSE 2025 बैच की वरिष्ठता प्रभावित नहीं होगी। हालांकि, सर्विस अलॉटमेंट और ट्रेनिंग शुरू होने की तारीख को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। OBC Creamy Layer विवाद क्या है? OBC Reservation के तहत नॉन-क्रीमीलेयर श्रेणी में आने वाले पात्र उम्मीदवारों को सरकारी नौकरियों में आरक्षण का लाभ मिलता है। वहीं, निर्धारित मानदंडों के तहत क्रीमीलेयर में आने वाले उम्मीदवार इस लाभ के पात्र नहीं होते। विवाद इस बात को लेकर है कि क्रीमीलेयर तय करते समय माता-पिता की सैलरी को किस तरह शामिल किया जाए और उनकी नौकरी के पद तथा सेवा की श्रेणी का कितना महत्व हो। सुप्रीम कोर्ट ने 11 मार्च 2026 को Union of India vs Rohith Nathan मामले में फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया कि OBC क्रीमीलेयर की पहचान केवल माता-पिता की आय के आधार पर नहीं की जा सकती। माता-पिता के पद और उनकी सेवा की श्रेणी जैसे पहलुओं पर भी विचार करना जरूरी है। अदालत ने 8 सितंबर 1993 के सरकारी कार्यालय ज्ञापन और 14 अक्टूबर 2004 के स्पष्टीकरण के बीच संबंध पर भी विचार किया। फैसले के अनुसार, 2004 के स्पष्टीकरण को 1993 के मूल नियमों से अलग करके लागू नहीं किया जा सकता। केंद्र सरकार ने Supreme Court से क्या मांग की? केंद्र सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) ने 24 अगस्त 2026 को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर फैसले को लागू करने के तरीके पर स्पष्ट निर्देश मांगे थे। सरकार का अनुरोध है कि UPSC CSE 2025 के 958 चयनित उम्मीदवारों का सर्विस अलॉटमेंट पहले लागू OBC क्रीमीलेयर मानदंडों के आधार पर पूरा करने की अनुमति दी जाए। केंद्र का कहना है कि परीक्षा का अंतिम परिणाम 6 मार्च 2026 को घोषित हुआ था, जबकि सुप्रीम कोर्ट का फैसला इसके पांच दिन बाद आया। उस समय सर्विस अलॉटमेंट की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई थी। सरकार के सामने चुनौती यह है कि अगर नए फैसले को बिना स्पष्ट दिशा-निर्देशों के पिछली भर्तियों पर भी लागू किया जाता है, तो पहले से नियुक्त अधिकारियों की वरिष्ठता, कैडर और सेवा संबंधी मामलों पर सवाल उठ सकते हैं। इसी कारण केंद्र ने अदालत से यह स्पष्ट करने का अनुरोध किया है कि फैसले को पुरानी भर्तियों और पहले से पूरी हो चुकी चयन प्रक्रियाओं पर किस तरह लागू किया जाए। 958 उम्मीदवारों की IAS-IPS Training क्यों रुकी? UPSC सिविल सेवा परीक्षा के चयनित उम्मीदवारों का फाउंडेशन कोर्स आमतौर पर अगस्त के आखिरी सप्ताह या सितंबर की शुरुआत में शुरू होता है। इस प्रशिक्षण में अधिकारियों को प्रशासन, संविधान, सरकारी नीतियों और सार्वजनिक सेवा से जुड़े विषयों की जानकारी दी जाती है। इस साल OBC क्रीमीलेयर विवाद के कारण 2025 बैच का सर्विस अलॉटमेंट पूरा नहीं हो पाया। इसी वजह से फाउंडेशन कोर्स भी निर्धारित समय पर शुरू नहीं हुआ। केंद्र सरकार के अनुसार, संबंधित विभाग और प्रशिक्षण संस्थान प्रक्रिया शुरू करने के लिए तैयार हैं। लेकिन एक बार सर्विस अलॉटमेंट और कैडर तय होने के बाद उसमें बदलाव करना जटिल हो सकता है। इसलिए सरकार अदालत के निर्देश मिलने से पहले अंतिम निर्णय लेने से बच रही है। यह देरी उन उम्मीदवारों के लिए चिंता का विषय है, जिन्होंने लंबी चयन प्रक्रिया पूरी करने के बाद सिविल सेवाओं में जगह बनाई है। हालांकि, अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि ट्रेनिंग में देरी से इस बैच की वरिष्ठता, ग्रेडेशन या अन्य सेवा शर्तें प्रभावित नहीं होंगी। क्या पुराने अधिकारियों की नौकरी और Seniority पर असर पड़ेगा? इस मामले का असर केवल नए उम्मीदवारों तक सीमित रहने की आशंका नहीं है। केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के सामने यह चिंता भी रखी है कि फैसले को पिछली भर्तियों पर लागू करने से कई पुराने मामलों की दोबारा समीक्षा करनी पड़ सकती है। इसमें प्रमुख रूप से ये मुद्दे शामिल हैं: केंद्र का तर्क है कि यदि पुराने मामलों को दोबारा खोला जाता है, तो कई साल से सेवा कर रहे अधिकारियों की स्थिति पर भी असर पड़ सकता है। हालांकि, अभी यह तय नहीं है कि किन मामलों की समीक्षा होगी। इस पर अंतिम स्थिति अदालत के निर्देशों और सरकार द्वारा लागू किए जाने वाले नियमों से स्पष्ट होगी। OBC Reservation Rules पर फैसले का क्या होगा असर? OBC क्रीमीलेयर का मुद्दा आरक्षण की पात्रता से जुड़ा है, इसलिए इस मामले का प्रभाव भविष्य की सरकारी भर्तियों पर भी पड़ सकता है। सरकार के सामने एक चुनौती ऐसे स्पष्ट मानदंड तैयार करने की है, जिनके आधार पर सरकारी कर्मचारियों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और निजी कंपनियों में कार्यरत माता-पिता के पदों तथा सेवा की स्थिति का आकलन किया जा सके। केंद्र ने यह भी चिंता जताई है कि यदि नियमों की व्याख्या अलग-अलग तरीके से की गई, तो समान परिस्थितियों वाले उम्मीदवारों के साथ अलग व्यवहार होने और नए कानूनी विवाद पैदा होने की आशंका रहेगी। इसलिए सुप्रीम कोर्ट से मांगी गई स्पष्टता केवल 958 उम्मीदवारों के सर्विस अलॉटमेंट तक सीमित नहीं है। इसका संबंध OBC आरक्षण के नियमों को लागू करने और पहले से लिए गए फैसलों की स्थिति स्पष्ट करने से भी है। अब आगे क्या होगा? सुप्रीम कोर्ट ने 24 सितंबर 2026 को केंद्र की याचिका पर सुनवाई के बाद अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था। 26...
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Kharge

Bihar Politics: Kharge के बयान पर BJP का हमला, राहुल गांधी और खरगे से माफी की मांग

बिहार की राजधानी पटना में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे (Mallikarjun Kharge) के एक बयान को लेकर सियासत गरमा गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर की गई उनकी टिप्पणी पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कड़ी आपत्ति जताई है। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस बयान की आलोचना करते हुए खरगे और राहुल गांधी से माफी मांगने की मांग की है। वहीं, BJP के एक कार्यकर्ता ने मामले में पुलिस से शिकायत भी की है। यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है, जब बिहार में चुनावी प्रक्रिया, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप को लेकर पहले से ही माहौल गर्म है। पटना में मल्लिकार्जुन खरगे ने क्या कहा? मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, यह मामला 25 अक्टूबर 2026 को पटना के बापू सभागार में आयोजित एक कार्यक्रम का है। कार्यक्रम का आयोजन बिहार के पहले मुख्यमंत्री डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की 139वीं जयंती के अवसर पर किया गया था। कार्यक्रम में भाषण के दौरान एक व्यक्ति ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जिक्र करते हुए खरगे को टोका। इसके जवाब में कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, “मोदी का बाप भी जाएगा।” उनके इस बयान के बाद राजनीतिक विवाद शुरू हो गया। BJP नेताओं ने इस टिप्पणी को प्रधानमंत्री के प्रति आपत्तिजनक बताते हुए कांग्रेस नेतृत्व से जवाब मांगा है। Samrat Choudhary का कांग्रेस पर हमला, मांगी माफी बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मल्लिकार्जुन खरगे के बयान पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन नेताओं को सार्वजनिक मंच से बोलते समय भाषा का ध्यान रखना चाहिए। सम्राट चौधरी ने खरगे के साथ राहुल गांधी से भी माफी मांगने की मांग की। BJP का कहना है कि कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व को इस तरह की टिप्पणी पर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए। इस बयान के बाद BJP और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग तेज होने के संकेत मिल रहे हैं। हालांकि, माफी की मांग करना और किसी बयान को लेकर राजनीतिक आपत्ति जताना अलग-अलग बातें हैं। मामले में आगे कांग्रेस की आधिकारिक प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण होगी। BJP कार्यकर्ता ने Police में दी शिकायत खरगे की टिप्पणी के बाद BJP कार्यकर्ता कृष्ण कुमार सिंह ने पटना के कोतवाली थाने में शिकायत दी। शिकायत में बयान पर आपत्ति जताते हुए कार्रवाई की मांग की गई। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, शिकायतकर्ता ने खरगे से 24 घंटे के भीतर माफी मांगने की मांग भी की। घटना के स्थान और संबंधित थाने को लेकर पुलिस स्तर पर आगे की प्रक्रिया की जानकारी सामने आई थी। हालांकि, शिकायत दिए जाने और FIR दर्ज होने में अंतर होता है। उपलब्ध जानकारी के आधार पर इस मामले में किसी अंतिम कानूनी फैसले या आगे की कार्रवाई की पुष्टि नहीं की जा सकती। Amit Shah ने भी कांग्रेस पर साधा निशाना केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी इस विवाद के बीच कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कांग्रेस नेताओं की राजनीतिक बयानबाजी की आलोचना की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर की जाने वाली टिप्पणियों पर सवाल उठाए। BJP का आरोप है कि कांग्रेस नेताओं को राजनीतिक विरोध करते समय मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए। दूसरी ओर, इस विवाद को समझने के लिए खरगे के पूरे भाषण और संबंधित नेताओं की प्रतिक्रियाओं को भी ध्यान में रखना जरूरी है। SIR और चुनावी प्रक्रिया पर भी बोले थे खरगे पटना में अपने संबोधन के दौरान मल्लिकार्जुन खरगे ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी Special Intensive Revision (SIR) का मुद्दा भी उठाया था। खरगे ने चुनावी प्रक्रिया को लेकर सवाल किए और आरोप लगाया कि SIR के दौरान मतदाताओं के नाम हटाए जाने से विपक्ष को नुकसान हो सकता है। उन्होंने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए और विपक्षी दलों से एकजुट होकर मतदान के अधिकार की रक्षा करने की अपील की। गौरतलब है कि मतदाता सूची में गड़बड़ी और चुनावी प्रक्रिया को लेकर लगाए गए ये आरोप कांग्रेस की ओर से उठाए गए सवाल हैं। इन्हें स्वतंत्र रूप से प्रमाणित तथ्य नहीं माना जाना चाहिए। Kharge Statement पर क्यों बढ़ा राजनीतिक विवाद? मल्लिकार्जुन खरगे की टिप्पणी के बाद BJP नेताओं ने इसे प्रधानमंत्री के प्रति अनुचित भाषा का मामला बताया है। वहीं, कांग्रेस और विपक्ष की ओर से चुनावी प्रक्रिया तथा SIR जैसे मुद्दों पर सवाल उठाए जाते रहे हैं। इस पूरे घटनाक्रम में दो बातें अहम हैं—पहली, खरगे के बयान पर BJP की आपत्ति और पुलिस शिकायत; दूसरी, चुनावी प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस की ओर से उठाए गए सवाल। अब इस मामले में कांग्रेस की आधिकारिक प्रतिक्रिया और पुलिस शिकायत पर आगे होने वाली कार्रवाई पर नजर रहेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Virat Kohli-Anushka Sharma: मुंबई में कीर्तन में पहुंचे, VIDEO सोशल मीडिया पर वायरल

क्रिकेटर विराट कोहली (Virat Kohli) और अभिनेत्री अनुष्का शर्मा (Anushka Sharma) एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार वजह क्रिकेट का मैदान या बॉलीवुड नहीं, बल्कि भक्ति और आध्यात्मिकता है। मुंबई में कृष्ण दास (Krishna Das) के कीर्तन कार्यक्रम में दोनों शामिल हुए। यहां अनुष्का शर्मा भजन के साथ तालियां बजाती नजर आईं, जबकि विराट कोहली भी भक्ति संगीत का आनंद लेते दिखे। कार्यक्रम से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में हैं। Virat Kohli-Anushka Sharma को अक्सर अपने परिवार के साथ समय बिताते और धार्मिक स्थलों पर जाते देखा गया है। वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज से उनकी मुलाकातें भी काफी चर्चा में रही हैं। Mumbai में Krishna Das के Kirtan में पहुंचे विराट-अनुष्का मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, Virat Kohli-Anushka Sharma 25 अक्टूबर को मुंबई में आयोजित कृष्ण दास के लाइव कीर्तन में शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान दोनों एक साथ बैठे दिखाई दिए। अनुष्का भक्ति संगीत में डूबी नजर आईं और तालियां बजाकर कीर्तन में शामिल हुईं। विराट भी उनके साथ कार्यक्रम का आनंद लेते दिखे। इस दौरान कपल का सादगी भरा अंदाज लोगों को पसंद आया। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो को लेकर फैंस अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। हालांकि, वीडियो के सभी विवरणों और कार्यक्रम से जुड़ी जानकारियों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है। कौन हैं Krishna Das, जिनके कीर्तन में शामिल हुए विराट-अनुष्का? कृष्ण दास अमेरिका के मशहूर कीर्तन गायक हैं। उनका असली नाम जेफ्री कैगल है। वह भारतीय मंत्रों और भक्ति संगीत को अपनी खास शैली में पेश करने के लिए दुनियाभर में जाने जाते हैं। कृष्ण दास का भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं से गहरा जुड़ाव रहा है। वह नीम करोली बाबा से भी प्रभावित रहे हैं। उनके कीर्तन में शामिल होने के लिए अलग-अलग देशों से लोग पहुंचते हैं। विराट और अनुष्का का उनके कार्यक्रम में शामिल होना भी इसी आध्यात्मिक जुड़ाव की ओर ध्यान खींचता है। Premanand Maharaj से कई बार मिल चुके हैं विराट और अनुष्का Virat Kohli-Anushka Sharma की वृंदावन यात्राएं पहले भी सुर्खियों में रही हैं। दोनों संत प्रेमानंद महाराज से मिलने के लिए कई बार वृंदावन जा चुके हैं। इन मुलाकातों के वीडियो सामने आने पर सोशल मीडिया पर काफी चर्चा हुई थी। दोनों को संत प्रेमानंद महाराज से बातचीत करते और उनका मार्गदर्शन लेते देखा गया है। रिपोर्ट्स में उनके अब तक करीब आठ बार मुलाकात करने का दावा किया गया है, हालांकि इस संख्या की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है। विराट और अनुष्का की आध्यात्मिक रुचि को देखते हुए मुंबई के कीर्तन में उनकी मौजूदगी को भी इसी सिलसिले से जोड़कर देखा जा रहा है। London में भी Krishna Das के कार्यक्रम में पहुंचे थे दोनों मुंबई के कार्यक्रम से पहले भी विराट कोहली और अनुष्का शर्मा कृष्ण दास के कीर्तन में शामिल हो चुके हैं। जुलाई 2026 में लंदन के यूनियन चैपल में आयोजित उनके कार्यक्रम में दोनों की मौजूदगी की खबरें सामने आई थीं। यह कपल अपनी निजी जिंदगी को आमतौर पर निजी रखना पसंद करता है। इसलिए जब भी दोनों किसी धार्मिक या आध्यात्मिक कार्यक्रम में साथ नजर आते हैं, तो उनकी तस्वीरें और वीडियो चर्चा का विषय बन जाते हैं। विराट-अनुष्का की सादगी ने जीता फैंस का दिल विराट कोहली क्रिकेट की दुनिया के बड़े सितारे हैं और अनुष्का शर्मा बॉलीवुड की जानी-मानी अभिनेत्री हैं। दोनों की व्यस्त जिंदगी के बीच भक्ति संगीत के लिए समय निकालना लोगों का ध्यान खींच रहा है। मुंबई के कीर्तन से सामने आए वीडियो ने एक बार फिर दिखाया कि यह कपल सिर्फ अपने पेशेवर काम ही नहीं, बल्कि निजी आस्था और आध्यात्मिक अनुभवों को भी महत्व देता है। फिलहाल, विराट-अनुष्का का यह वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में बना हुआ है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Defamation Case

Amit Shah Defamation Case: राहुल गांधी दोषमुक्त, 2018 में दर्ज हुआ था मानहानि का केस

कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) को अमित शाह (Amit Shah) पर टिप्पणी से जुड़े मानहानि मामले (Defamation Case) में बड़ी कानूनी राहत मिली है। उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर की MP/MLA कोर्ट ने 26 अक्टूबर 2026 को इस मामले में राहुल गांधी को दोषमुक्त कर दिया। साल 2018 में दर्ज हुई शिकायत पर लंबे समय से सुनवाई चल रही थी। अब अदालत के फैसले के बाद यह मामला एक बार फिर राजनीतिक और कानूनी चर्चा में आ गया है। Rahul Gandhi Case: क्या है पूरा मामला? यह मामला मई 2018 में कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान राहुल गांधी की ओर से दिए गए एक बयान से जुड़ा है। उस समय अमित शाह भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे। राहुल गांधी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अमित शाह का जिक्र करते हुए सोहराबुद्दीन शेख मुठभेड़ मामले को लेकर टिप्पणी की थी। इस बयान के बाद भाजपा नेता विजय मिश्रा ने 4 अगस्त 2018 को राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता का कहना था कि इस टिप्पणी से अमित शाह की छवि को नुकसान पहुंचा है। इसके बाद मामला अदालत पहुंचा और कानूनी प्रक्रिया शुरू हुई। Sultanpur Court Verdict: अदालत ने क्या फैसला सुनाया? करीब आठ साल तक चली कानूनी प्रक्रिया के बाद सुलतानपुर की विशेष MP/MLA अदालत ने 26 अक्टूबर 2026 को राहुल गांधी को दोषमुक्त कर दिया। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, अदालत ने संबंधित टिप्पणी को मानहानिकारक नहीं माना। फैसले के दिन राहुल गांधी अदालत में पेश हुए थे। इस निर्णय से उन्हें 2018 में दर्ज इसी मानहानि मामले में राहत मिली है। हालांकि, इस फैसले को राहुल गांधी के खिलाफ चल रहे अन्य मामलों से जोड़कर नहीं देखना चाहिए, क्योंकि प्रत्येक मामले के तथ्य और कानूनी प्रक्रिया अलग हैं। 2018 से 2026 तक कैसे आगे बढ़ा केस? इस मामले की शुरुआत कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान हुई थी। शिकायत दर्ज होने के बाद अदालत में सुनवाई शुरू हुई और राहुल गांधी को पेश होने के लिए समन जारी किया गया। फरवरी 2024 में राहुल गांधी सुलतानपुर की अदालत में पेश हुए थे, जहां उन्हें जमानत मिली थी। इसके बाद मामले में उनका बयान दर्ज किया गया और आरोपों को लेकर कानूनी कार्यवाही आगे बढ़ी। अक्टूबर 2026 में अदालत ने फैसले के लिए तारीख तय की। आखिरकार 26 अक्टूबर को निर्णय सुनाया गया और राहुल गांधी को दोषमुक्त कर दिया गया। Amit Shah Case: सोहराबुद्दीन मामले से क्या था संबंध? राहुल गांधी के बयान का संदर्भ सोहराबुद्दीन शेख मुठभेड़ मामले से जुड़ा था। इस मामले में अमित शाह को वर्ष 2014 में मुंबई की विशेष CBI अदालत ने आरोपमुक्त कर दिया था। इसके कई साल बाद राहुल गांधी की टिप्पणी को लेकर मानहानि की शिकायत दर्ज हुई। यानी अमित शाह से जुड़े पुराने आपराधिक मामले और राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज मानहानि की शिकायत दो अलग-अलग कानूनी मामले थे। सुलतानपुर कोर्ट का ताजा फैसला राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज मानहानि की शिकायत से संबंधित है। Rahul Gandhi को मिली कानूनी राहत, जानिए आगे क्या? इस फैसले से राहुल गांधी को अमित शाह पर टिप्पणी से जुड़े मामले में राहत मिली है। यह मामला लंबे समय से अदालत में चल रहा था और इसके फैसले का इंतजार किया जा रहा था। अदालत के निर्णय को समझते समय यह ध्यान रखना जरूरी है कि दोषमुक्ति का फैसला इसी मामले तक सीमित है। राहुल गांधी के खिलाफ दूसरे मामलों की स्थिति पर इसका अपने आप कोई असर नहीं माना जा सकता। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Virat Kohli-Anushka Sharma: मुंबई में कीर्तन में पहुंचे, VIDEO सोशल मीडिया पर वायरल

क्रिकेटर विराट कोहली (Virat Kohli) और अभिनेत्री अनुष्का शर्मा (Anushka Sharma) एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार वजह क्रिकेट का मैदान या बॉलीवुड नहीं, बल्कि भक्ति और आध्यात्मिकता है। मुंबई में कृष्ण दास (Krishna Das) के कीर्तन कार्यक्रम में दोनों शामिल हुए। यहां अनुष्का शर्मा भजन के साथ तालियां बजाती नजर आईं, जबकि विराट कोहली भी भक्ति संगीत का आनंद लेते दिखे। कार्यक्रम से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में हैं। Virat Kohli-Anushka Sharma को अक्सर अपने परिवार के साथ समय बिताते और धार्मिक स्थलों पर जाते देखा गया है। वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज से उनकी मुलाकातें भी काफी चर्चा में रही हैं। Mumbai में Krishna Das के Kirtan में पहुंचे विराट-अनुष्का मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, Virat Kohli-Anushka Sharma 25 अक्टूबर को मुंबई में आयोजित कृष्ण दास के लाइव कीर्तन में शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान दोनों एक साथ बैठे दिखाई दिए। अनुष्का भक्ति संगीत में डूबी नजर आईं और तालियां बजाकर कीर्तन में शामिल हुईं। विराट भी उनके साथ कार्यक्रम का आनंद लेते दिखे। इस दौरान कपल का सादगी भरा अंदाज लोगों को पसंद आया। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो को लेकर फैंस अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। हालांकि, वीडियो के सभी विवरणों और कार्यक्रम से जुड़ी जानकारियों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है। कौन हैं Krishna Das, जिनके कीर्तन में शामिल हुए विराट-अनुष्का? कृष्ण दास अमेरिका के मशहूर कीर्तन गायक हैं। उनका असली नाम जेफ्री कैगल है। वह भारतीय मंत्रों और भक्ति संगीत को अपनी खास शैली में पेश करने के लिए दुनियाभर में जाने जाते हैं। कृष्ण दास का भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं से गहरा जुड़ाव रहा है। वह नीम करोली बाबा से भी प्रभावित रहे हैं। उनके कीर्तन में शामिल होने के लिए अलग-अलग देशों से लोग पहुंचते हैं। विराट और अनुष्का का उनके कार्यक्रम में शामिल होना भी इसी आध्यात्मिक जुड़ाव की ओर ध्यान खींचता है। Premanand Maharaj से कई बार मिल चुके हैं विराट और अनुष्का Virat Kohli-Anushka Sharma की वृंदावन यात्राएं पहले भी सुर्खियों में रही हैं। दोनों संत प्रेमानंद महाराज से मिलने के लिए कई बार वृंदावन जा चुके हैं। इन मुलाकातों के वीडियो सामने आने पर सोशल मीडिया पर काफी चर्चा हुई थी। दोनों को संत प्रेमानंद महाराज से बातचीत करते और उनका मार्गदर्शन लेते देखा गया है। रिपोर्ट्स में उनके अब तक करीब आठ बार मुलाकात करने का दावा किया गया है, हालांकि इस संख्या की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है। विराट और अनुष्का की आध्यात्मिक रुचि को देखते हुए मुंबई के कीर्तन में उनकी मौजूदगी को भी इसी सिलसिले से जोड़कर देखा जा रहा है। London में भी Krishna Das के कार्यक्रम में पहुंचे थे दोनों मुंबई के कार्यक्रम से पहले भी विराट कोहली और अनुष्का शर्मा कृष्ण दास के कीर्तन में शामिल हो चुके हैं। जुलाई 2026 में लंदन के यूनियन चैपल में आयोजित उनके कार्यक्रम में दोनों की मौजूदगी की खबरें सामने आई थीं। यह कपल अपनी निजी जिंदगी को आमतौर पर निजी रखना पसंद करता है। इसलिए जब भी दोनों किसी धार्मिक या आध्यात्मिक कार्यक्रम में साथ नजर आते हैं, तो उनकी तस्वीरें और वीडियो चर्चा का विषय बन जाते हैं। विराट-अनुष्का की सादगी ने जीता फैंस का दिल विराट कोहली क्रिकेट की दुनिया के बड़े सितारे हैं और अनुष्का शर्मा बॉलीवुड की जानी-मानी अभिनेत्री हैं। दोनों की व्यस्त जिंदगी के बीच भक्ति संगीत के लिए समय निकालना लोगों का ध्यान खींच रहा है। मुंबई के कीर्तन से सामने आए वीडियो ने एक बार फिर दिखाया कि यह कपल सिर्फ अपने पेशेवर काम ही नहीं, बल्कि निजी आस्था और आध्यात्मिक अनुभवों को भी महत्व देता है। फिलहाल, विराट-अनुष्का का यह वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में बना हुआ है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

नेपाल प्रीमियर लीग से पहले पाकिस्तानी खिलाड़ियों को झटका, PCB ने NOC पर लगाई रोक

नई दिल्ली। नेपाल प्रीमियर लीग (NPL) शुरू होने से ठीक पहले पाकिस्तानी खिलाड़ियों की भागीदारी पर अनिश्चितता बढ़ गई है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने लीग में खेलने वाले अपने खिलाड़ियों के नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) की अनुमति रोक दी है। लीग की शुरुआत 26 अक्टूबर से होनी है, ऐसे में इस फैसले से पाकिस्तानी खिलाड़ियों की भागीदारी प्रभावित हो सकती है। ESPN की रिपोर्ट के मुताबिक, PCB प्रत्येक खिलाड़ी के लिए करीब 25 हजार अमेरिकी डॉलर की फीस मांग सकता है। हालांकि, इस रकम की मांग को लेकर PCB की ओर से लिखित सूचना जारी होने की पुष्टि नहीं हुई है। क्या है NOC और विदेशी लीग में क्यों जरूरी? NOC यानी नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट किसी खिलाड़ी को दूसरे देश की लीग में खेलने के लिए उसके राष्ट्रीय क्रिकेट बोर्ड की ओर से दी जाने वाली अनुमति है। विदेशी टी-20 लीग में किसी फ्रेंचाइजी के साथ अनुबंध करना ही पर्याप्त नहीं होता। खिलाड़ी को अपने बोर्ड की शर्तें पूरी करनी होती हैं और आवश्यक अनुमति भी लेनी पड़ती है। NOC नहीं मिलने की स्थिति में खिलाड़ी के लिए संबंधित लीग में खेलना मुश्किल हो सकता है। किन पाकिस्तानी खिलाड़ियों पर पड़ सकता है असर? रिपोर्ट में पाकिस्तान के कई खिलाड़ियों के नाम शामिल हैं, जिनकी NPL में भागीदारी प्रभावित हो सकती है। इनमें शामिल हैं: इनमें साहिबजादा फरहान पाकिस्तान की टी-20 टीम के कप्तान हैं। हुसैन तलत और इफ्तिखार अहमद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेल चुके हैं, जबकि हसन अली और उसामा मीर गेंदबाजी के लिए जाने जाते हैं। रिपोर्ट के अनुसार, कुछ पाकिस्तानी खिलाड़ी पहले ही नेपाल पहुंच चुके हैं। ऐसे में NOC को लेकर अंतिम फैसला उनके लीग में खेलने की स्थिति तय करने में अहम होगा। PCB की नई कॉन्ट्रैक्ट व्यवस्था से क्या है संबंध? PCB ने इस साल केंद्रीय अनुबंध प्रणाली में बदलाव करते हुए टेस्ट क्रिकेट और सीमित ओवरों के क्रिकेट के बीच अंतर किया था। इसका उद्देश्य खिलाड़ियों के प्रारूप के अनुसार अनुबंध और उपलब्धता को व्यवस्थित करना था। इस व्यवस्था के तहत टी-20 विशेषज्ञ खिलाड़ियों को, अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं से टकराव नहीं होने पर, विदेशी टी-20 लीग में खेलने के अधिक अवसर मिलने की उम्मीद थी। हालांकि, NPL के लिए NOC रोके जाने के पीछे PCB की आधिकारिक वजह और प्रत्येक खिलाड़ी पर लागू होने वाली शर्तें स्पष्ट नहीं हैं। इसलिए यह कहना जल्दबाजी होगी कि सभी सूचीबद्ध खिलाड़ी लीग से बाहर हो जाएंगे। 26 अक्टूबर से शुरू होनी है नेपाल प्रीमियर लीग नेपाल प्रीमियर लीग का आयोजन 26 अक्टूबर से 21 नवंबर तक होना है। आठ टीमों वाली इस टी-20 लीग के मुकाबले काठमांडू में खेले जाने हैं। अब सबकी नजर PCB के अगले फैसले पर है। यदि खिलाड़ियों को समय पर NOC नहीं मिलता, तो उनकी भागीदारी पर असर पड़ सकता है। फिलहाल इस मामले में आधिकारिक स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार है।

अगले हफ्ते 5 कंपनियों के IPO, ₹2,600 करोड़ जुटाने की तैयारी; जानें प्राइस बैंड और तारीखें

प्राइमरी मार्केट में अगले हफ्ते निवेशकों को कई कंपनियों के IPO में पैसा लगाने का मौका मिलने वाला है। EAAA इंडिया अल्टरनेटिव्स, BLS पॉलिमर्स, MK संस फाइन ज्वैल्स, SFC एनवायरनमेंटल टेक्नोलॉजीज और बॉम्बे कोटेड एंड स्पेशल स्टील्स सहित पांच कंपनियां अपने पब्लिक इश्यू ला रही हैं। इनके जरिए कुल मिलाकर करीब ₹2,600 करोड़ जुटाने की योजना है। इन कंपनियों के कारोबार अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट, पॉलिमर्स, ज्वेलरी रिटेल, वेस्टवॉटर ट्रीटमेंट और स्टील प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों से जुड़े हैं। IPO से जुटाई जाने वाली रकम का इस्तेमाल कारोबार विस्तार, वर्किंग कैपिटल और कर्ज चुकाने में किया जाएगा। कुछ इश्यू में मौजूदा निवेशक अपनी हिस्सेदारी भी बेचेंगे। 1. EAAA इंडिया अल्टरनेटिव्स का ₹1,200 करोड़ का IPO एडेलवाइस फाइनेंशियल सर्विसेज की सब्सिडियरी EAAA इंडिया अल्टरनेटिव्स का IPO 26 अक्टूबर को खुलेगा और 28 अक्टूबर को बंद होगा। इस IPO के तहत एडेलवाइस ग्रुप अपनी हिस्सेदारी बेचेगा। इसलिए इश्यू से मिलने वाली रकम कंपनी के बजाय शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर को मिलेगी। कंपनी के मुताबिक, एंकर निवेशकों से करीब ₹360 करोड़ जुटाए जा चुके हैं। 2. SFC एनवायरनमेंटल टेक्नोलॉजीज का ₹668 करोड़ का IPO वेस्टवॉटर ट्रीटमेंट सॉल्यूशंस देने वाली SFC एनवायरनमेंटल टेक्नोलॉजीज का IPO 29 अक्टूबर को बंद होगा। फ्रेश इश्यू से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल कर्ज चुकाने और वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने के लिए किया जाएगा। OFS से मिलने वाली रकम संबंधित शेयर बेचने वालों को मिलेगी। 3. MK संस फाइन ज्वैल्स का ₹275.4 करोड़ का IPO ज्वेलरी रिटेलर MK संस फाइन ज्वैल्स लिमिटेड का IPO 28 अक्टूबर को खुलेगा और 30 अक्टूबर को बंद होगा। कंपनी इस रकम का इस्तेमाल महाराष्ट्र में नया शोरूम खोलने, गुजरात के शोरूम के विस्तार से जुड़ी इन्वेंट्री जरूरतों को पूरा करने, कर्ज चुकाने और सामान्य कॉर्पोरेट खर्चों के लिए करेगी। 4. BLS पॉलिमर्स का ₹255 करोड़ का IPO BLS पॉलिमर्स लिमिटेड का IPO 27 अक्टूबर से 29 अक्टूबर तक सब्सक्रिप्शन के लिए खुला रहेगा। कंपनी जुटाई गई रकम में से ₹77.56 करोड़ मैन्युफैक्चरिंग सुविधा के विस्तार और उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर खर्च करेगी। इसके अलावा ₹89.5 करोड़ वर्किंग कैपिटल की जरूरतों के लिए रखे गए हैं। बची हुई रकम सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों पर खर्च की जाएगी। 5. बॉम्बे कोटेड एंड स्पेशल स्टील्स का ₹183.1 करोड़ का IPO बॉम्बे कोटेड एंड स्पेशल स्टील्स लिमिटेड का IPO 29 अक्टूबर को खुलेगा और 2 नवंबर को बंद होगा। कंपनी के मुताबिक, जुटाई गई रकम में से ₹125 करोड़ कर्ज चुकाने और ₹15.7 करोड़ सीमेंस फाइनेंशियल सर्विसेज के साथ मौजूदा लीज एग्रीमेंट के तहत कैपिटल इक्विपमेंट के अधिग्रहण की लागत के वित्तपोषण में इस्तेमाल किए जाएंगे। बाकी रकम सामान्य कॉर्पोरेट जरूरतों के लिए होगी। नवंबर में भी कई IPO आने की तैयारी मर्चेंट बैंकरों के मुताबिक, गुजरात विक्ट्री फॉर्जिंग, माइलस्टोन गियर्स, अवाडा इलेक्ट्रो, स्वरा बेबी प्रोडक्ट्स, इंटीग्रिस मेडटेक और AGS हेल्थ जैसी कंपनियां भी IPO लाने की तैयारी कर रही हैं। इनके प्राइस बैंड और लॉन्च प्लान की घोषणा 5 नवंबर तक होने की उम्मीद जताई गई है। हालांकि, इन कंपनियों के IPO की तारीखों और शर्तों की पुष्टि आधिकारिक घोषणाओं के बाद ही होगी। प्राइमरी मार्केट में बढ़ी गतिविधियां दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, 2026 में अब तक 104 कंपनियां IPO के जरिए ₹1.4 लाख करोड़ से ज्यादा जुटा चुकी हैं। इससे प्राइमरी मार्केट में कंपनियों की फंड जुटाने की गतिविधियों का अंदाजा मिलता है। लेख में जियो प्लेटफॉर्म्स के ₹30,213 करोड़ के इश्यू का भी उल्लेख है। निवेशकों को किसी भी IPO में आवेदन करने से पहले कंपनी का रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP), वित्तीय स्थिति, जोखिम और वैल्यूएशन देखना चाहिए। फ्रेश इश्यू और OFS में क्या अंतर है? फ्रेश इश्यू: कंपनी नए शेयर जारी करती है। इससे मिलने वाली रकम सीधे कंपनी को मिलती है, जिसका इस्तेमाल कारोबार विस्तार, कर्ज चुकाने या अन्य व्यावसायिक जरूरतों के लिए किया जा सकता है। ऑफर फॉर सेल (OFS): इसमें मौजूदा प्रमोटर या निवेशक अपने शेयर बेचते हैं। इससे मिलने वाली रकम कंपनी को नहीं, बल्कि शेयर बेचने वाले निवेशकों को मिलती है। निवेश से पहले ध्यान दें: IPO में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। केवल इश्यू साइज या लोकप्रियता देखकर निवेश का फैसला न करें; कंपनी की वित्तीय स्थिति, कारोबार की संभावनाएं और जोखिम जरूर समझें।

X पर अब लाइक बटन दबाकर भेज सकेंगे $1 की टिप, मस्क ने नए फीचर का किया ऐलान

नई दिल्ली। इलॉन मस्क सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X को फाइनेंशियल सर्विसेज से जोड़ने की दिशा में एक और कदम उठा रहे हैं। मस्क ने ऐलान किया है कि X पर यूजर्स लाइक बटन को लॉन्ग-प्रेस करके किसी यूजर या क्रिएटर को 1 डॉलर की टिप भेज सकेंगे। यह पेमेंट कंपनी के फाइनेंशियल प्लेटफॉर्म X मनी के जरिए किया जाएगा। मस्क ने X पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी। उन्होंने लिखा कि X मनी के माध्यम से किसी को भी 1 डॉलर भेजने के लिए लाइक बटन पर लॉन्ग-प्रेस करने का विकल्प जोड़ा जा रहा है। कैसे काम करेगा नया टिपिंग फीचर? इस फीचर के जरिए यूजर्स किसी पोस्ट के लेखक या क्रिएटर को सीधे आर्थिक मदद दे सकेंगे। इसके लिए लाइक बटन को कुछ देर तक दबाना होगा। इसके बाद X मनी के पेमेंट सिस्टम के जरिए 1 डॉलर ट्रांसफर करने का विकल्प मिलेगा। इस व्यवस्था का मकसद क्रिएटर्स को सपोर्ट करने की प्रक्रिया आसान बनाना है, ताकि यूजर्स को अलग से पेमेंट ऐप या लंबी प्रक्रिया का सहारा न लेना पड़े। हालांकि, X ने अभी तक इस फीचर के लॉन्च की तारीख और इसकी उपलब्धता से जुड़ी शर्तों की जानकारी नहीं दी है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि यूजर्स 1 डॉलर की तय रकम को बदल सकेंगे या भविष्य में अलग-अलग रकम भेजने के विकल्प भी मिलेंगे। क्या है X मनी और इसमें कौन-सी सुविधाएं हैं? X मनी, X का फाइनेंशियल सर्विस प्लेटफॉर्म है। इसके जरिए यूजर्स के बीच पैसे ट्रांसफर करने, डिपॉजिट अकाउंट और X-ब्रांडेड वीजा डेबिट कार्ड जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है। इसका पेमेंट और बैंकिंग इंफ्रास्ट्रक्चर क्रॉस रिवर बैंक के साथ जुड़ा है। X मनी खुद बैंक नहीं है, बल्कि बैंकिंग पार्टनर के माध्यम से वित्तीय सेवाएं उपलब्ध कराने वाला प्लेटफॉर्म है। इससे जुड़ी सुविधाओं में पात्र डिपॉजिट पर ब्याज, खरीदारी पर कैशबैक और डेबिट कार्ड को Apple Pay से कनेक्ट करने जैसे विकल्प शामिल हैं। इन सुविधाओं की उपलब्धता यूजर की पात्रता और लागू शर्तों पर निर्भर करती है। X को ‘एवरीथिंग ऐप’ बनाना चाहते हैं मस्क इलॉन मस्क लंबे समय से X को सिर्फ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म तक सीमित नहीं रखना चाहते। उनका लक्ष्य इसे ‘एवरीथिंग ऐप’ यानी सुपर ऐप के रूप में विकसित करना है, जहां सोशल मीडिया, मैसेजिंग और वित्तीय सेवाएं एक ही जगह मिल सकें। X मनी के जरिए टिप भेजने का फीचर इसी रणनीति का हिस्सा है। अगर यह सुविधा व्यापक स्तर पर शुरू होती है, तो क्रिएटर्स को अपने कंटेंट के जरिए सीधे आर्थिक सहयोग पाने का एक और माध्यम मिल सकता है। भारत में कब शुरू होगा X मनी? X ने भारत में X मनी या नए टिपिंग फीचर को लॉन्च करने की कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की है। फिलहाल भारतीय यूजर्स के लिए इसकी उपलब्धता को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। भारत में पहले से ही UPI आधारित डिजिटल पेमेंट का बड़ा नेटवर्क मौजूद है। ऐसे में X मनी को भारत में वित्तीय सेवाएं शुरू करने के लिए देश के लागू बैंकिंग, भुगतान और नियामकीय नियमों का पालन करना होगा। क्या होता है ‘एवरीथिंग ऐप’? एवरीथिंग ऐप या सुपर ऐप ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म होता है, जिसमें एक ही ऐप के जरिए कई तरह की सेवाएं इस्तेमाल की जा सकती हैं। इनमें सोशल मीडिया, मैसेजिंग, डिजिटल पेमेंट, शॉपिंग और बैंकिंग जैसी सुविधाएं शामिल हो सकती हैं। चीन का WeChat इसका प्रमुख उदाहरण है, जहां मैसेजिंग के साथ भुगतान और कई अन्य डिजिटल सेवाएं भी मिलती हैं। मस्क X को भी इसी तरह का बहुउद्देशीय प्लेटफॉर्म बनाना चाहते हैं।

हरमनप्रीत और दीप्ति के शतक, भारत ने जिम्बाब्वे को दिया 329 रन का टारगेट

वडोदरा। भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरे वनडे मुकाबले में शानदार बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 6 विकेट पर 328 रन बनाए। वडोदरा के कोटांबी स्टेडियम में रविवार को टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की ओर से कप्तान हरमनप्रीत कौर और दीप्ति शर्मा ने शतक लगाए। दोनों के बीच छठे विकेट के लिए 153 रन की अहम साझेदारी हुई। भारत की शुरुआत खराब, 19 रन पर गिरे 2 विकेट भारतीय टीम की शुरुआत बेहद खराब रही। स्मृति मंधाना पारी की चौथी गेंद पर बिना खाता खोले आउट हो गईं। इसके बाद शेफाली वर्मा भी 8 रन बनाकर पवेलियन लौट गईं। तीसरे ओवर में भारत का स्कोर 19 रन पर 2 विकेट हो गया। मुश्किल समय में प्रतीका रावल और हरमनप्रीत कौर ने पारी को संभाला। दोनों ने संभलकर बल्लेबाजी करते हुए टीम को शुरुआती झटकों से उबारा। प्रतीका रावल ने 67 गेंदों पर 61 रन बनाए। उनकी पारी में 4 चौके और 2 छक्के शामिल रहे। वह 22.2 ओवर में 143 रन के स्कोर पर आउट हुईं। हरमनप्रीत कौर ने 121 गेंदों पर बनाए 126 रन कप्तान हरमनप्रीत कौर ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 121 गेंदों पर 126 रन बनाए। उन्होंने अपनी पारी में 15 चौके लगाए। यह उनके वनडे करियर का आठवां शतक रहा। हालांकि, पारी के दौरान उनके तीन कैच भी छूटे। हरमनप्रीत का विकेट 46.2 ओवर में गिरा। उस समय भारतीय टीम 301 रन बना चुकी थी। पारी के बाद उन्होंने कहा कि लंबे समय बाद धूप में खेलना आसान नहीं था। उन्होंने बताया कि जब दूसरे छोर पर बल्लेबाज अच्छी लय में रन बना रही हो, तो स्ट्राइक बदलते रहना और साझेदारी को आगे बढ़ाना जरूरी होता है। दीप्ति शर्मा ने 86 गेंदों में जड़ा शतक छठे नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरीं दीप्ति शर्मा ने 86 गेंदों पर 106 रन की पारी खेली। उन्होंने 15 चौके लगाए। दीप्ति ने 37 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया और पारी के आखिरी ओवर में चौका लगाकर वनडे करियर का दूसरा शतक पूरा किया। दीप्ति ने हरमनप्रीत के साथ मिलकर भारतीय पारी को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। दोनों ने पांचवें विकेट के लिए 137 गेंदों पर 153 रन की साझेदारी की। इस दौरान दोनों ने विकेट बचाने के साथ रन गति भी बनाए रखी। दीप्ति शर्मा ने बनाए तीन रिकॉर्ड आखिरी 10 ओवर में बने 72 रन भारतीय टीम ने आखिरी 10 ओवर में 72 रन जोड़े और इस दौरान 2 विकेट गंवाए। हरमनप्रीत के आउट होने के बाद ऋचा घोष भी ज्यादा देर नहीं टिक सकीं। वह 9 गेंदों पर 7 रन बनाकर 47.6 ओवर में आउट हुईं। भारत ने निर्धारित 50 ओवर में 6 विकेट पर 328 रन बनाकर जिम्बाब्वे के सामने 329 रन का लक्ष्य रखा। दोनों टीमों की प्लेइंग-11 भारत: प्रतीका रावल, स्मृति मंधाना (कप्तान), शेफाली वर्मा, हरमनप्रीत कौर, तेजल हसब्निस, दीप्ति शर्मा, ऋचा घोष (विकेटकीपर), श्री चरणी, जिंतिमणि कलिता, सयाली सतघरे और वैष्णवी शर्मा। जिम्बाब्वे: मोडेस्टर मुपाचिकवा (विकेटकीपर), लोरिन फिरी, चिपो मुगेरी-तिरिपानो, बिलव्ड बिजा, जोसेफिन नकोमो (कप्तान), न्याशा ग्वांजुरा, चिएद्जा धुरुरु, मिशेल मावुंगा, नोमवेलो सिबांडा, तेंदाई मकुशा और ओलिंडर चारे।

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