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ODI Rankings

India फिर बना ODI Rankings का King, 3 साल से Top पर; New Zealand दे रहा चुनौती

वनडे क्रिकेट में टीम इंडिया (Team India) का दबदबा लगातार बना हुआ है। ICC Men’s ODI Rankings में भारत ने एक बार फिर नंबर-1 की कुर्सी संभाल रखी है। खास बात यह है कि सितंबर 2023 में शीर्ष स्थान हासिल करने के बाद से भारतीय टीम ने अपनी स्थिति लगातार मजबूत रखी है। मौजूदा ICC रैंकिंग में भारत के बाद न्यूजीलैंड दूसरे और ऑस्ट्रेलिया तीसरे स्थान पर है। 2023 में पाकिस्तान को पीछे छोड़कर India बना था नंबर-1 सितंबर 2023 में भारतीय टीम ने पाकिस्तान को पीछे छोड़ते हुए ODI Rankings में पहला स्थान हासिल किया था। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मोहाली वनडे में जीत के बाद भारत 116 रेटिंग पॉइंट्स के साथ टॉप पर पहुंचा था, जबकि पाकिस्तान 115 अंकों के साथ दूसरे नंबर पर था। इसके बाद इंदौर में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दूसरे वनडे में भी भारत ने शानदार प्रदर्शन किया। इस जीत ने टीम इंडिया की नंबर-1 रैंकिंग को और मजबूत कर दिया था। उस दौर में भारत के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी खास थी क्योंकि टीम टेस्ट, ODI और T20I—तीनों फॉर्मेट की ICC Rankings में नंबर-1 बनी थी। 2026 में भी Top पर Team India समय बदला, टीम में बदलाव हुए और कई बड़े मुकाबले आए, लेकिन ODI Rankings में भारत की स्थिति नहीं बदली। ICC के मई 2026 के वार्षिक अपडेट में भारत 118 रेटिंग पॉइंट्स के साथ पहले स्थान पर था। न्यूजीलैंड 113 अंकों के साथ दूसरे और ऑस्ट्रेलिया 109 अंकों के साथ तीसरे नंबर पर था। यानी टॉप पर भारत और उसके पीछे न्यूजीलैंड के बीच मुकाबला काफी दिलचस्प बना हुआ है। आने वाली वनडे सीरीज में टीमों के प्रदर्शन से रैंकिंग में बदलाव की संभावना बनी रहेगी। New Zealand बना रहा है सबसे बड़ी चुनौती न्यूजीलैंड ने भी पिछले कुछ समय में वनडे क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन किया है। ICC की मौजूदा टीम रैंकिंग में वह दूसरे स्थान पर है और उसके 109 रेटिंग पॉइंट्स हैं। भारत और न्यूजीलैंड की टक्कर सिर्फ टीम रैंकिंग तक सीमित नहीं है। खिलाड़ियों की व्यक्तिगत Rankings में भी दोनों टीमों के सितारे लगातार आगे बढ़ रहे हैं। जुलाई 2026 की ICC अपडेट में भारत के शुभमन गिल, विराट कोहली और रोहित शर्मा ODI Batting Rankings में टॉप पोजिशन के करीब पहुंच रहे थे। India की असली ताकत है consistency वनडे में नंबर-1 बनना एक बात है, लेकिन इतने लंबे समय तक उस स्थान पर बने रहना अलग उपलब्धि है। भारत की मौजूदा स्थिति बताती है कि टीम ने अलग-अलग दौर और परिस्थितियों में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है। चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में न्यूजीलैंड के खिलाफ फाइनल जीत भी भारतीय क्रिकेट के हालिया शानदार दौर का हिस्सा रही है। ICC के 2026 वार्षिक अपडेट में भी भारत को ODI Rankings में शीर्ष स्थान मिला हुआ था। अब नजर नंबर-1 की कुर्सी बचाने पर टीम इंडिया के सामने अब चुनौती सिर्फ टॉप पर पहुंचने की नहीं, बल्कि इस जगह को बनाए रखने की है। न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया जैसी टीमें लगातार चुनौती दे रही हैं। ऐसे में आने वाले ODI मुकाबले भारत की रैंकिंग के लिहाज से काफी अहम होंगे। फिलहाल तस्वीर साफ है—Team India ICC ODI Rankings में नंबर-1 है और New Zealand दूसरे स्थान पर। सितंबर 2023 में शुरू हुई भारत की यह बादशाहत करीब तीन साल बाद भी कायम है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Russia Su-57

Russia Su-57 Deal: भारत की नजर 75 Stealth Fighter Jets पर, Modi-Putin Talks से बढ़ी उम्मीद

भारत और रूस के बीच Defence Partnership को लेकर एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। रूस के Su-57 Stealth Fighter Jet को लेकर दोनों देशों के बीच बातचीत आगे बढ़ रही है। खबरों के मुताबिक भारत करीब 75 Su-57 Fighter Jets लेने के विकल्प पर विचार कर सकता है। संभावित सौदे की कीमत करीब ₹1 लाख करोड़ तक बताई जा रही है। हालांकि, अभी तक 75 विमानों की खरीद और इतनी रकम की डील को लेकर कोई अंतिम आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। इस पूरे मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की प्रस्तावित मुलाकात को काफी अहम माना जा रहा है। बातचीत के दौरान Defence Cooperation के साथ Su-57 की बिक्री और Technology Transfer पर भी चर्चा हो सकती है। Su-57 Deal पर क्यों टिकी हैं नजरें? भारत लंबे समय से अपनी Air Force की combat capability को मजबूत करने पर काम कर रहा है। ऐसे में रूस का पांचवीं पीढ़ी का Su-57 Fighter Jet चर्चा में आना स्वाभाविक है। रूस की ओर से भारत को सिर्फ तैयार विमान देने के बजाय Technology Transfer और स्थानीय स्तर पर उत्पादन से जुड़े विकल्पों पर भी बातचीत के संकेत मिले हैं। अगर इस दिशा में कोई समझौता होता है, तो इसका फायदा भारत के Defence Manufacturing Sector को मिल सकता है। 75 Fighter Jets की खबर कितनी सही? सबसे ज्यादा चर्चा 75 Su-57 Jets की संभावित खरीद को लेकर है। कुछ रिपोर्टों में इसकी अनुमानित लागत ₹1 लाख करोड़ तक बताई गई है। लेकिन फिलहाल इसे पक्की Deal मानना सही नहीं होगा। रूस ने Su-57 की बिक्री और तकनीकी सहयोग को लेकर भारत के साथ बातचीत की बात जरूर कही है, लेकिन विमानों की अंतिम संख्या, कीमत और खरीद की शर्तों पर आधिकारिक मुहर नहीं लगी है। यानी अभी कहानी बातचीत के दौर में है और आगे की तस्वीर दोनों देशों की बैठक के बाद ज्यादा साफ हो सकती है। Technology Transfer पर भारत का जोर भारत की Defence Procurement Policy में अब केवल विदेशी हथियार खरीदना ही मुख्य लक्ष्य नहीं है। देश की कोशिश है कि बड़े Defence Deals के साथ तकनीक और Manufacturing Capability भी भारत आए। Su-57 के मामले में भी Technology Transfer का मुद्दा इसलिए महत्वपूर्ण है। अगर रूस भारत में इस विमान से जुड़ी तकनीक और उत्पादन क्षमता विकसित करने में सहयोग करता है, तो इससे भारतीय Aerospace Industry को लंबी अवधि में फायदा हो सकता है। Su-57 कितना खास है? Su-57 रूस का Fifth Generation Fighter Aircraft है। इसे आधुनिक एवियोनिक्स, स्टील्थ डिजाइन, सेंसर और लंबी दूरी की युद्ध क्षमता को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है। भारत के लिए पांचवीं पीढ़ी के Fighter Aircraft की जरूरत इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि भारतीय वायुसेना आने वाले वर्षों में अपने Fighter Squadron को मजबूत करने की कोशिश कर रही है। इसके साथ ही भारत का अपना AMCA यानी Advanced Medium Combat Aircraft Programme भी आगे बढ़ रहा है। मोदी-पुतिन Meeting पर सबकी नजर Su-57 के अलावा भारत और रूस की बातचीत का दायरा काफी बड़ा हो सकता है। Defence Cooperation, Nuclear Energy, Trade और रणनीतिक साझेदारी से जुड़े मुद्दों पर भी दोनों देशों के बीच चर्चा होने की उम्मीद है। ऐसे में अगर Su-57 को लेकर कोई बड़ा ऐलान होता है, तो यह भारत-रूस Defence Relations के लिए अहम पड़ाव साबित हो सकता है। भारत के लिए क्या बदल सकता है? अगर भविष्य में Su-57 की खरीद और Technology Transfer पर सहमति बनती है, तो भारत को एक तरफ आधुनिक Fighter Aircraft मिलेंगे, वहीं दूसरी ओर घरेलू Defence Manufacturing को भी बढ़ावा मिल सकता है। हालांकि, अभी 75 Su-57 Jets और ₹1 लाख करोड़ की कीमत को संभावित प्रस्ताव के तौर पर ही देखना बेहतर है। अंतिम फैसला होने तक इन आंकड़ों में बदलाव संभव है। फिलहाल नजरें मोदी-पुतिन की बैठक पर हैं। अगर बातचीत किसी ठोस समझौते तक पहुंचती है, तो Su-57 Deal भारत की Defence Strategy और भारत-रूस रणनीतिक साझेदारी दोनों के लिए बड़ी खबर बन सकती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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उज्जैन में खड़े हनुमान की प्रतिमा नहीं हिली, IIT इंदौर की टीम ने शुरू की जांच

उज्जैन: सिंहस्थ की तैयारियों के तहत सड़क चौड़ीकरण के लिए उज्जैन के खड़े हनुमान मंदिर का ढांचा हटाया गया, लेकिन मंदिर में स्थापित हनुमान प्रतिमा को हटाने की कोशिश सफल नहीं हो सकी। जेसीबी और क्रेन की मदद से करीब 10 दिनों तक प्रयास किए गए, लेकिन प्रतिमा अपनी जगह से नहीं हिली। लगातार कोशिशों के बाद अब प्रशासन ने विशेषज्ञों की मदद ली है। IIT इंदौर की टीम ने मंगलवार को मौके पर पहुंचकर विशेष उपकरणों से प्रतिमा और आसपास की जमीन की जांच की। टीम यह पता लगा रही है कि प्रतिमा जमीन के अंदर कितनी गहराई तक है और उसके नीचे या आसपास किस तरह की संरचना मौजूद है। IIT इंदौर की टीम ने करीब दो घंटे की जांच IIT इंदौर के विशेषज्ञों ने करीब दो घंटे तक मंदिर परिसर में जांच की। विशेष उपकरणों के जरिए प्रतिमा की गहराई और आसपास की जमीन की संरचना से जुड़ी जानकारी जुटाई गई है। अब विशेषज्ञ अपनी रिपोर्ट प्रशासन को सौंपेंगे। रिपोर्ट के आधार पर तय होगा कि प्रतिमा को बिना नुकसान पहुंचाए सुरक्षित तरीके से दूसरी जगह ले जाना संभव है या नहीं। नगर निगम कमिश्नर अभिलाष मिश्रा के मुताबिक, मंदिर के पंडित के आग्रह पर IIT इंदौर की टीम को बुलाया गया है। रिपोर्ट मिलने के बाद ही प्रतिमा को हटाने की प्रक्रिया और तारीख तय की जाएगी। सिंहस्थ के लिए सड़क चौड़ीकरण का काम सिंहस्थ की तैयारियों के तहत कंठाल चौराहे से गोपाल मंदिर तक सड़क चौड़ीकरण का काम चल रहा है। सड़क की चौड़ाई करीब 15 मीटर किए जाने की योजना है। इसी दायरे में खड़े हनुमान मंदिर का हिस्सा आ रहा था। प्रतिमा हटाने के लिए नगर निगम की टीम कटर और अन्य मशीनों के साथ पहुंची थी। हालांकि, भक्तों ने इसका विरोध किया। उनका कहना था कि मशीनों या ज्यादा ताकत के इस्तेमाल से प्रतिमा को नुकसान पहुंच सकता है। इसके बाद मंदिर के आसपास बैरिकेडिंग की गई। भक्तों ने निगम कमिश्नर को ज्ञापन देकर विशेषज्ञों से प्रतिमा की जांच कराने की मांग की थी। पुरातत्व विशेषज्ञ के मुताबिक 1000 साल पुरानी हो सकती है प्रतिमा विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन के पुरातत्व विशेषज्ञ प्रो. डॉ. रमण सोलंकी के मुताबिक, प्रतिमा करीब 1000 वर्ष पुरानी हो सकती है। उनका कहना है कि पुराने समय में बड़ी प्रतिमाओं को इंटरलॉक तकनीक से स्थापित किया जाता था और संभव है कि खड़े हनुमान की प्रतिमा भी इसी तकनीक से स्थापित की गई हो। उनके मुताबिक, प्रतिमा मालवा क्षेत्र में मिलने वाले मजबूत बेसाल्ट पत्थर की हो सकती है। परमार वंश और राजा भोज के समय इस तरह के पत्थरों पर कलाकृतियां बनाने की परंपरा रही है। लंबे समय से सिंदूर चढ़ाए जाने के कारण प्रतिमा की मूल बनावट और भाव-भंगिमा भी स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं देती। प्रतिमा नहीं हिली तो भक्तों ने माना भगवान का संकेत प्रतिमा को हटाने की कोशिशों के बावजूद उसके नहीं हिलने की खबर सोशल मीडिया तक पहुंच गई। इसके बाद स्थानीय श्रद्धालुओं, पुजारियों और हिंदू संगठनों में इसे लेकर चर्चा तेज हो गई। कई भक्त इसे भगवान का संकेत और चमत्कार मान रहे हैं। प्रतिमा को हटाने के विरोध में हनुमान चालीसा का पाठ भी किया गया। श्रद्धालुओं के बीच खड़े हनुमान को ‘डॉक्टर हनुमान’ और मंदिर को ‘उज्जैन का एम्स’ कहे जाने की मान्यता है। भक्तों का विश्वास है कि यहां बच्चों और बीमार लोगों की मन्नतें पूरी होती हैं। बच्चों के इलाज से जुड़ी है धार्मिक मान्यता मंदिर के पुजारी महेश बैरागी के मुताबिक, यहां लंबे समय से छोटे बच्चों को झाड़नी देने और ताबीज बांधने की परंपरा है। उनका दावा है कि इससे कई बच्चों को फायदा मिला है। उन्होंने एक बच्चे का उदाहरण देते हुए बताया कि उसका लिवर ट्रांसप्लांट होना था। परिवार बच्चे को एयर एंबुलेंस से दिल्ली ले जाने की कोशिश कर रहा था, लेकिन हर बार उसकी तबीयत बिगड़ जाती थी। इसके बाद परिवार मंदिर आया और बच्चे को भगवान का ताबीज बांधा गया। पुजारी के मुताबिक, इसके बाद बच्चे को एयर एंबुलेंस से दिल्ली ले जाया गया, जहां उसका लिवर ट्रांसप्लांट हुआ। यह पुजारी द्वारा बताई गई घटना और धार्मिक मान्यता है, इसे चिकित्सकीय रूप से मंदिर की प्रक्रिया का परिणाम प्रमाणित नहीं किया गया है। मुस्लिम परिवार भी मन्नत लेकर पहुंचते हैं स्थानीय भक्त शिवेंद्र तिवारी के मुताबिक, मंदिर में मुस्लिम समाज के परिवार भी मन्नत मांगने आते हैं। उनके अनुसार संतान प्राप्ति या बीमारी जैसी समस्याओं को लेकर भी लोग यहां पहुंचते हैं। फिलहाल प्रशासन ने प्रतिमा को हटाने का फैसला विशेषज्ञ रिपोर्ट आने तक रोक दिया है। अब IIT इंदौर की रिपोर्ट के आधार पर तय होगा कि प्रतिमा को सुरक्षित तरीके से दूसरी जगह स्थानांतरित किया जा सकता है या नहीं।
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स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग पर MP के इंटर्न डॉक्टरों का आंदोलन, भोपाल में सड़क पर बैठे

भोपाल:  मध्य प्रदेश में स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर इंटर्न डॉक्टरों का आंदोलन लगातार तीसरे दिन भी जारी है। राजधानी भोपाल में डॉक्टरों का सबसे बड़ा प्रदर्शन कमला पार्क के पास चल रहा है, जहां बड़ी संख्या में इंटर्न डॉक्टर सड़क पर बैठकर विरोध जता रहे हैं। इंटर्न डॉक्टरों के आंदोलन का असर प्रदेश के सरकारी अस्पतालों की स्वास्थ्य सेवाओं पर भी देखने को मिल रहा है। कई अस्पतालों में ओपीडी सेवाएं प्रभावित हुई हैं। डॉक्टरों का कहना है कि मांग पूरी होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। हमीदिया अस्पताल में 12 बजे तक OPD बंद भोपाल के हमीदिया अस्पताल में बुधवार को दोपहर 12 बजे तक ओपीडी सेवाएं बंद रहीं। इस दौरान सीनियर डॉक्टरों ने मरीजों का इलाज किया। अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचे किडनी और लिवर के मरीजों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। बताया गया कि हमीदिया अस्पताल में बुधवार को सिर्फ 2 ऑपरेशन हुए, जबकि सामान्य दिनों में यहां 40 से ज्यादा ऑपरेशन किए जाते हैं। इंटर्न डॉक्टरों की हड़ताल के चलते अस्पताल की नियमित व्यवस्थाओं पर इसका असर पड़ा है। कमला पार्क के पास डॉक्टरों का प्रदर्शन भोपाल में कमला पार्क के पास बड़ी संख्या में इंटर्न डॉक्टर सड़क पर बैठकर प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शन के कारण इलाके में यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हुई है। स्थिति को देखते हुए पुलिस-प्रशासन ने रास्ते को वन-वे कर दिया है। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी प्रदर्शनकारी डॉक्टरों से बातचीत कर रहे हैं, ताकि आंदोलन के कारण आम लोगों को कम से कम परेशानी हो। ‘मांग पूरी होने तक जारी रहेगा प्रदर्शन’ इंटर्न डॉक्टर सौरभ सोनी ने कहा कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। डॉक्टरों का कहना है कि स्टाइपेंड में बढ़ोतरी को लेकर सरकार से लंबे समय से मांग की जा रही है। वहीं, डॉ. शालिनी खन्ना ने बताया कि तेज धूप और गर्मी के कारण प्रदर्शन के दौरान काफी परेशानी हो रही है। हालांकि, खाने-पीने की व्यवस्था को लेकर उन्हें कोई बड़ी दिक्कत नहीं है। उन्होंने बताया कि सीनियर डॉक्टरों, साथी डॉक्टरों और भोपाल के स्थानीय लोगों की ओर से भी प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों के लिए खाना भेजा जा रहा है। फिलहाल इंटर्न डॉक्टरों का आंदोलन जारी है और सरकार के साथ बातचीत के बाद ही आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।
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Punjab

Punjab Employees Protest खत्म: DA, OPS समेत लंबित मांगों पर सरकार से Agreement

Punjab में सरकारी कर्मचारियों की हड़ताल को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच बातचीत के बाद आंदोलन खत्म करने पर सहमति बन गई है। हड़ताल खत्म होने के साथ ही सरकारी दफ्तरों में कामकाज सामान्य होने की उम्मीद है। कर्मचारी लंबे समय से DA (Dearness Allowance) की लंबित किस्तों, वेतन से जुड़े बकाये और दूसरी सेवा संबंधी मांगों को लेकर सरकार के सामने अपनी बात रख रहे थे। इसी को लेकर कर्मचारियों ने आंदोलन का रास्ता अपनाया था। सरकार और कर्मचारियों के बीच बनी सहमति हड़ताल के दौरान कर्मचारियों और सरकार के बीच तनाव की स्थिति बन गई थी। कर्मचारियों की ओर से लगातार अपनी मांगों को लेकर दबाव बनाया जा रहा था। वहीं सरकार ने भी ड्यूटी से गैरहाजिर रहने वाले कर्मचारियों को लेकर सख्त रुख अपनाया था। बातचीत के बाद सरकार की ओर से कर्मचारियों के खिलाफ जारी किए गए Show Cause Notice और कार्रवाई से जुड़े कदम वापस लेने पर सहमति बनी। इसके बाद कर्मचारी संगठनों ने हड़ताल खत्म करने का फैसला किया। कर्मचारी नेताओं का कहना है कि आंदोलन खत्म जरूर किया गया है, लेकिन उनकी सभी मांगों का अंतिम समाधान अभी बाकी है। इन मुद्दों को लेकर सरकार के साथ आगे भी बातचीत जारी रहेगी। DA की मांग सबसे अहम पंजाब के सरकारी कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में महंगाई भत्ते यानी DA की लंबित किस्तों का भुगतान शामिल है। कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से DA की कई किस्तें बकाया हैं, जिसका सीधा असर उनकी आर्थिक स्थिति पर पड़ रहा है। इसके साथ ही वेतन और भत्तों के बकाये का भुगतान भी कर्मचारी संगठनों की प्राथमिक मांगों में शामिल है। कर्मचारी चाहते हैं कि सरकार इन मामलों में जल्द स्पष्ट फैसला ले। Old Pension Scheme और दूसरी मांगें भी शामिल DA के अलावा कर्मचारी Old Pension Scheme (OPS), ACP योजना, वेतन विसंगतियों को दूर करने और विभिन्न श्रेणियों के कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों को भी उठा रहे हैं। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि इन मांगों पर सरकार के साथ लंबे समय से चर्चा चल रही है। अब हड़ताल खत्म होने के बाद उम्मीद है कि बातचीत के जरिए इन मामलों का समाधान निकलेगा। ‘No Work, No Pay’ को लेकर भी था विवाद हड़ताल के दौरान सरकार की ओर से ‘No Work, No Pay’ को लेकर सख्त रुख अपनाया गया था। यानी जो कर्मचारी ड्यूटी पर मौजूद नहीं रहेंगे, उनके वेतन को लेकर कार्रवाई की जा सकती थी। इस फैसले के बाद कर्मचारियों और सरकार के बीच विवाद और बढ़ गया था। बाद में दोनों पक्ष बातचीत की मेज पर आए और कर्मचारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई को वापस लेने की दिशा में सहमति बनी। अब मुख्यमंत्री से बातचीत पर नजर हड़ताल खत्म होने के बाद अब कर्मचारियों की नजर सरकार के साथ होने वाली अगली बातचीत पर है। कर्मचारी संगठन DA, OPS और बाकी लंबित मांगों को मुख्यमंत्री भगवंत मान के सामने रखेंगे। फिलहाल आंदोलन खत्म होने से आम लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। सरकारी विभागों में रुका हुआ काम फिर से रफ्तार पकड़ सकता है। हालांकि कर्मचारियों की प्रमुख मांगों पर अंतिम फैसला आगामी बैठकों और सरकार के निर्णय के बाद ही साफ होगा। Punjab Employees Strike: आगे क्या? हड़ताल खत्म होने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि DA की लंबित किस्तों, OPS और अन्य मांगों पर सरकार कब तक फैसला लेती है। कर्मचारियों को उम्मीद है कि आंदोलन खत्म करने के बाद सरकार बातचीत को आगे बढ़ाएगी और लंबे समय से लंबित मुद्दों का कोई व्यावहारिक समाधान निकलेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Iran

Iran Missile Attack: 5 Tankers पर US Action के बाद जॉर्डन में US Base पर मिसाइल हमला

America और Iran के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। अमेरिकी सेना की कार्रवाई के बाद ईरान ने भी जवाबी हमला किया है। अमेरिका ने ईरान से जुड़े पांच Oil Tankers को निशाना बनाया, जिसके बाद ईरान ने जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकाने के पास करीब 20 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। इस घटनाक्रम ने पश्चिम एशिया में पहले से बने तनाव को और बढ़ा दिया है। खासकर Strait of Hormuz में बढ़ती सैन्य गतिविधियों को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ रही है। अमेरिका ने 5 ईरानी Oil Tankers को बनाया निशाना अमेरिकी सेना के अनुसार, ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) की ओर से अमेरिकी नौसेना के एक युद्धपोत को निशाना बनाने की कोशिश की गई थी। अमेरिकी पक्ष का कहना है कि जहाज पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया गया, लेकिन अमेरिकी डिफेंस सिस्टम ने खतरे को नाकाम कर दिया। इसके बाद अमेरिकी सेना ने ईरान से जुड़े पांच Oil Tankers के खिलाफ कार्रवाई की। अमेरिका का दावा है कि इन जहाजों का इस्तेमाल ईरान के IRGC और उससे जुड़े नेटवर्क के लिए आर्थिक गतिविधियों में किया जा रहा था। अमेरिकी कार्रवाई से पहले जहाजों पर मौजूद लोगों को सुरक्षित स्थान पर जाने के निर्देश दिए जाने की बात भी सामने आई है। ईरान का जवाब, US Military Base पर 20 मिसाइलें अमेरिका की कार्रवाई के बाद ईरान ने देर नहीं की और जवाबी हमला किया। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने जॉर्डन के Al-Azraq क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकाने को निशाना बनाकर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। जॉर्डन के अधिकारियों के मुताबिक, करीब 20 मिसाइलें दागी गईं। इनमें से 18 को एयर डिफेंस सिस्टम ने हवा में ही रोक लिया, जबकि दो मिसाइलें आबादी से दूर इलाकों में गिरीं। अब तक उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस हमले में अमेरिकी सैनिकों के हताहत होने की पुष्टि नहीं हुई है। Strait of Hormuz पर भी बढ़ा दबाव इस पूरे घटनाक्रम में Strait of Hormuz सबसे अहम जगह बनकर सामने आया है। ईरान ने दावा किया है कि उसने यहां से गुजर रहे कई जहाजों को निशाना बनाया। हॉर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री तेल मार्गों में शामिल है। दुनिया के बड़े हिस्से का Oil Supply इसी रास्ते से होकर गुजरता है। ऐसे में अगर यहां लंबे समय तक तनाव बना रहता है तो इसका असर International Oil Market पर पड़ सकता है। Crude Oil की कीमतों पर नजर अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ने के साथ ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों को लेकर चिंता बढ़ गई है। बाजार की सबसे बड़ी चिंता यही है कि अगर हॉर्मुज में जहाजों की आवाजाही बाधित हुई तो Supply Chain पर दबाव पड़ सकता है। इसका असर आगे चलकर भारत समेत कई देशों में पेट्रोल-डीजल और दूसरी पेट्रोलियम आधारित चीजों की कीमतों पर भी पड़ सकता है। Middle East में Conflict बढ़ने का खतरा अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता टकराव अब सिर्फ दोनों देशों तक सीमित नहीं दिखाई दे रहा। जॉर्डन और हॉर्मुज जैसे इलाकों में सैन्य गतिविधियां बढ़ने से पूरे Middle East में Conflict फैलने की आशंका बनी हुई है। ईरान समर्थित संगठनों की गतिविधियों ने भी स्थिति को और जटिल बना दिया है। ऐसे में आने वाले दिनों में अमेरिका और ईरान की अगली रणनीति पर दुनिया की नजर रहेगी। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या दोनों देश तनाव कम करने की दिशा में कोई कदम उठाएंगे या फिर सैन्य कार्रवाई का यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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India फिर बना ODI Rankings का King, 3 साल से Top पर; New Zealand दे रहा चुनौती

वनडे क्रिकेट में टीम इंडिया (Team India) का दबदबा लगातार बना हुआ है। ICC Men’s ODI Rankings में भारत ने एक बार फिर नंबर-1 की कुर्सी संभाल रखी है। खास बात यह है कि सितंबर 2023 में शीर्ष स्थान हासिल करने के बाद से भारतीय टीम ने अपनी स्थिति लगातार मजबूत रखी है। मौजूदा ICC रैंकिंग में भारत के बाद न्यूजीलैंड दूसरे और ऑस्ट्रेलिया तीसरे स्थान पर है। 2023 में पाकिस्तान को पीछे छोड़कर India बना था नंबर-1 सितंबर 2023 में भारतीय टीम ने पाकिस्तान को पीछे छोड़ते हुए ODI Rankings में पहला स्थान हासिल किया था। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मोहाली वनडे में जीत के बाद भारत 116 रेटिंग पॉइंट्स के साथ टॉप पर पहुंचा था, जबकि पाकिस्तान 115 अंकों के साथ दूसरे नंबर पर था। इसके बाद इंदौर में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दूसरे वनडे में भी भारत ने शानदार प्रदर्शन किया। इस जीत ने टीम इंडिया की नंबर-1 रैंकिंग को और मजबूत कर दिया था। उस दौर में भारत के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी खास थी क्योंकि टीम टेस्ट, ODI और T20I—तीनों फॉर्मेट की ICC Rankings में नंबर-1 बनी थी। 2026 में भी Top पर Team India समय बदला, टीम में बदलाव हुए और कई बड़े मुकाबले आए, लेकिन ODI Rankings में भारत की स्थिति नहीं बदली। ICC के मई 2026 के वार्षिक अपडेट में भारत 118 रेटिंग पॉइंट्स के साथ पहले स्थान पर था। न्यूजीलैंड 113 अंकों के साथ दूसरे और ऑस्ट्रेलिया 109 अंकों के साथ तीसरे नंबर पर था। यानी टॉप पर भारत और उसके पीछे न्यूजीलैंड के बीच मुकाबला काफी दिलचस्प बना हुआ है। आने वाली वनडे सीरीज में टीमों के प्रदर्शन से रैंकिंग में बदलाव की संभावना बनी रहेगी। New Zealand बना रहा है सबसे बड़ी चुनौती न्यूजीलैंड ने भी पिछले कुछ समय में वनडे क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन किया है। ICC की मौजूदा टीम रैंकिंग में वह दूसरे स्थान पर है और उसके 109 रेटिंग पॉइंट्स हैं। भारत और न्यूजीलैंड की टक्कर सिर्फ टीम रैंकिंग तक सीमित नहीं है। खिलाड़ियों की व्यक्तिगत Rankings में भी दोनों टीमों के सितारे लगातार आगे बढ़ रहे हैं। जुलाई 2026 की ICC अपडेट में भारत के शुभमन गिल, विराट कोहली और रोहित शर्मा ODI Batting Rankings में टॉप पोजिशन के करीब पहुंच रहे थे। India की असली ताकत है consistency वनडे में नंबर-1 बनना एक बात है, लेकिन इतने लंबे समय तक उस स्थान पर बने रहना अलग उपलब्धि है। भारत की मौजूदा स्थिति बताती है कि टीम ने अलग-अलग दौर और परिस्थितियों में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है। चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में न्यूजीलैंड के खिलाफ फाइनल जीत भी भारतीय क्रिकेट के हालिया शानदार दौर का हिस्सा रही है। ICC के 2026 वार्षिक अपडेट में भी भारत को ODI Rankings में शीर्ष स्थान मिला हुआ था। अब नजर नंबर-1 की कुर्सी बचाने पर टीम इंडिया के सामने अब चुनौती सिर्फ टॉप पर पहुंचने की नहीं, बल्कि इस जगह को बनाए रखने की है। न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया जैसी टीमें लगातार चुनौती दे रही हैं। ऐसे में आने वाले ODI मुकाबले भारत की रैंकिंग के लिहाज से काफी अहम होंगे। फिलहाल तस्वीर साफ है—Team India ICC ODI Rankings में नंबर-1 है और New Zealand दूसरे स्थान पर। सितंबर 2023 में शुरू हुई भारत की यह बादशाहत करीब तीन साल बाद भी कायम है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Sugar

Sugar Rate Hike: त्योहारों से पहले चीनी के दाम बढ़े, Blinkit-Swiggy पर खरीदना हुआ Limited

चीनी (Sugar), जो हर घर की रसोई की रोजमर्रा की जरूरत है, इन दिनों लोगों की जेब पर भारी पड़ रही है। पिछले कुछ हफ्तों में चीनी के दाम तेजी से बढ़े हैं। इसी बीच Blinkit, Swiggy Instamart, BigBasket और D-Mart जैसे रिटेल और क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर चीनी की खरीद को लेकर लिमिट लगाई गई है। कई जगहों पर ग्राहक एक बार में 3 से 5 किलो तक ही चीनी खरीद पा रहे हैं। यानी अगर घर में ज्यादा मात्रा में चीनी खरीदने की जरूरत है, तो एक साथ बड़ी खरीदारी करना अब आसान नहीं है। Sugar Price: एक महीने में तेजी से बढ़े दाम Sugar की कीमतों में हालिया तेजी ने आम परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में चीनी की औसत खुदरा कीमत करीब ₹48 प्रति किलो के आसपास थी, जो अगस्त में बढ़कर ₹55 से ऊपर पहुंच गई। इसके बाद कुछ बाजारों में कीमतें और ऊपर गई हैं। शहर और बाजार के हिसाब से कीमतों में अंतर जरूर है, लेकिन जिस रफ्तार से दाम बढ़े हैं, उसका असर घर के मासिक बजट पर साफ दिखाई दे रहा है। Online Grocery पर क्यों लगाई गई खरीद Limit? Blinkit और Swiggy Instamart जैसे क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर खरीदारी की लिमिट लगाए जाने के पीछे मुख्य वजह उपलब्ध स्टॉक को संतुलित रखना मानी जा रही है। त्योहारी सीजन में चीनी की मांग अचानक बढ़ जाती है। मिठाइयों से लेकर घर में बनने वाले पकवानों तक, इस दौरान चीनी की खपत सामान्य दिनों की तुलना में बढ़ जाती है। ऐसे में कंपनियां ज्यादा मात्रा में खरीदारी को रोककर स्टॉक को ज्यादा ग्राहकों तक पहुंचाने की कोशिश कर रही हैं। हालांकि, यह लिमिट हर जगह एक जैसी नहीं है। कुछ स्थानों पर 5 किलो तक की खरीद की अनुमति है, जबकि कुछ जगहों पर इससे कम मात्रा की सीमा दिखाई दे रही है। चीनी महंगी होने की क्या है वजह? चीनी के दाम बढ़ने के पीछे कई कारण सामने आ रहे हैं। घरेलू उत्पादन में कमी, मौसम से जुड़ी परेशानियां, बढ़ती मांग और बाजार में स्टॉक को लेकर गतिविधियां कीमतों पर दबाव बना रही हैं। त्योहारी सीजन भी इस समय एक बड़ा फैक्टर है। रक्षाबंधन के बाद अब आने वाले त्योहारों में मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने की उम्मीद है। इसका सीधा असर चीनी की खपत पर पड़ सकता है। सरकार ने Duty-Free Sugar Import को दी मंजूरी बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने और घरेलू बाजार में सप्लाई बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने 10 लाख टन कच्ची चीनी के Duty-Free Import की अनुमति दी है। सरकार का लक्ष्य बाजार में पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना और कीमतों पर दबाव कम करना है। इसके अलावा बड़े थोक खरीदारों के लिए चीनी का स्टॉक रखने की सीमा में भी बदलाव किया गया है। इससे बाजार में जरूरत से ज्यादा चीनी जमा करने की गतिविधियों पर रोक लगाने की कोशिश की जा रही है। आम लोगों के लिए क्या मतलब? फिलहाल इसका सबसे सीधा असर उन परिवारों पर पड़ रहा है, जो महीने का राशन एक साथ खरीदते हैं। जहां दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर खरीद सीमा लागू है, वहां लोगों को जरूरत के हिसाब से छोटी मात्रा में चीनी खरीदनी पड़ सकती है। दूसरी तरफ, सरकार की ओर से सप्लाई बढ़ाने के कदमों के बाद बाजार में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है। अगर नई चीनी समय पर बाजार में पहुंचती है और त्योहारी मांग के मुताबिक स्टॉक उपलब्ध रहता है, तो कीमतों में आगे राहत मिल सकती है। Sugar Price पर आगे रहेगी नजर चीनी के बढ़ते दाम इस समय सिर्फ घरेलू बजट का मुद्दा नहीं हैं, बल्कि आने वाले त्योहारी सीजन के लिए भी अहम हैं। सरकार, मिलों और रिटेल कंपनियों के फैसलों पर अब बाजार की नजर रहेगी। फिलहाल ग्राहकों के लिए बेहतर यही है कि जरूरत के मुताबिक ही खरीदारी करें और अलग-अलग दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर कीमतों की तुलना कर लें। आने वाले दिनों में सप्लाई की स्थिति साफ होने के साथ चीनी के दाम में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।
Gold-Silver

Gold-Silver Price: त्योहार से पहले मिली राहत, सोना-चांदी के दाम में बड़ी गिरावट

Gold-Silver Price Today: रक्षाबंधन की खरीदारी के बीच सोना और चांदी खरीदने वालों के लिए बाजार से राहत वाली खबर आई है। 27 अगस्त 2026 को सोने और चांदी दोनों के भाव में गिरावट दर्ज की गई। 24 कैरेट सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम सस्ता होकर ₹1,58,477 पर आ गया। वहीं, 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 घटकर करीब ₹2,40,168 रह गया। त्योहार से ठीक पहले कीमतों में आई इस कमी से उन लोगों को थोड़ी राहत मिल सकती है, जो राखी के मौके पर बहन या परिवार के लिए सोने-चांदी की ज्वेलरी खरीदने का मन बना रहे हैं। Gold Price Today: सोने के भाव में ₹2,860 की गिरावट 27 अगस्त को 24 कैरेट सोने की कीमत में अच्छी-खासी गिरावट देखने को मिली। IBJA आधारित आंकड़ों के अनुसार, सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम टूटकर ₹1,58,477 पर पहुंच गया। वहीं, 23 कैरेट सोना करीब ₹1,57,842, 22 कैरेट सोना लगभग ₹1,45,165 और 18 कैरेट सोना करीब ₹1,18,858 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर रहा। हालांकि, यहां एक बात ध्यान रखना जरूरी है कि शहर और ज्वेलर के हिसाब से Gold Rate थोड़ा अलग हो सकता है। ज्वेलरी खरीदते समय मेकिंग चार्ज और दूसरे शुल्क भी जुड़ते हैं। Silver Price Today: चांदी भी हुई ₹2,791 सस्ती सोने के साथ चांदी की कीमत में भी गिरावट आई है। 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 कम होकर करीब ₹2,40,168 पर आ गया। चांदी में पिछले दिनों तेजी देखने को मिली थी, इसलिए मौजूदा गिरावट के बावजूद इसका भाव काफी ऊंचे स्तर पर बना हुआ है। त्योहारों और शादी-ब्याह के सीजन में चांदी की मांग बढ़ने से इसकी कीमत पर भी असर पड़ सकता है। Raksha Bandhan से पहले क्यों खास है Gold-Silver Price? रक्षाबंधन के मौके पर लोग सिर्फ राखी और मिठाई ही नहीं खरीदते, बल्कि कई परिवार इस दिन सोने या चांदी की छोटी ज्वेलरी खरीदना भी पसंद करते हैं। ऐसे में त्योहार से एक दिन पहले Gold और Silver के दाम में आई गिरावट खरीदारों के लिए अच्छी खबर मानी जा रही है। अगर आप भी खरीदारी की तैयारी कर रहे हैं तो बाजार में जाने से पहले अपने शहर का ताजा रेट जरूर देख लें। ऑनलाइन दिखने वाला IBJA या बुलियन रेट और ज्वेलरी शॉप का अंतिम बिल एक जैसा होना जरूरी नहीं है। सोना खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान सोने की ज्वेलरी खरीदते समय केवल Gold Rate देखना काफी नहीं है। बिल बनते समय मेकिंग चार्ज, GST और अन्य शुल्क जुड़ सकते हैं। इसलिए खरीदारी से पहले ज्वेलर से पूरी कीमत का ब्रेकअप मांगना बेहतर रहेगा। साथ ही, सोने की शुद्धता के लिए BIS Hallmark जरूर जांचें। इससे आपको खरीदे जा रहे सोने की शुद्धता के बारे में भरोसा मिलता है। आगे क्या हो सकता है Gold और Silver का भाव? सोने और चांदी की कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर की चाल, ब्याज दरों की उम्मीद और निवेशकों की खरीदारी जैसे कई फैक्टर कीमती धातुओं के भाव को प्रभावित करते हैं। इसलिए आज आई गिरावट को देखकर यह तय नहीं किया जा सकता कि आने वाले दिनों में कीमतें लगातार नीचे जाएंगी। बाजार की चाल बदलने में ज्यादा समय नहीं लगता। Gold-Silver Price Today का सीधा अपडेट रक्षाबंधन से पहले 24 कैरेट Gold करीब ₹2,860 सस्ता होकर ₹1,58,477 प्रति 10 ग्राम और Silver करीब ₹2,791 गिरकर ₹2,40,168 प्रति किलो पर आ गई है। अगर आप आज सोना या चांदी खरीदने जा रहे हैं, तो अंतिम खरीदारी से पहले अपने स्थानीय बाजार का लेटेस्ट रेट जरूर जांचें।
Share Market

Share Market Today: Sensex 77,250 के करीब, Nifty भी टूटा; जानें बाजार में क्यों आई गिरावट

भारतीय शेयर बाजार (Indian Share Market) में गुरुवार, 27 अगस्त को कारोबार के दौरान उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में Sensex और Nifty बढ़त के साथ खुले, लेकिन कुछ ही देर बाद बाजार की चाल बदल गई। बिकवाली बढ़ने से दोनों प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में पहुंच गए। सुबह 10:30 बजे Sensex 123.89 अंक की गिरावट के साथ 77,349.05 पर था, जबकि Nifty 24.60 अंक टूटकर 24,183.15 पर कारोबार कर रहा था। Sensex-Nifty पर बढ़ा दबाव गुरुवार की शुरुआत बाजार के लिए सकारात्मक रही। Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से निवेशकों को कुछ राहत मिली, लेकिन यह बढ़त ज्यादा देर टिक नहीं पाई। Nifty 24,200 के स्तर के नीचे चला गया, वहीं Sensex भी शुरुआती बढ़त गंवाकर कमजोर हो गया। इससे पहले सुबह 10:13 बजे Reuters के आंकड़ों में Sensex 77,379.50 और Nifty 24,191.85 पर था। यानी उस समय दोनों इंडेक्स में हल्की गिरावट दर्ज की जा रही थी। FMCG और Media Shares में बिकवाली सेक्टोरल कारोबार की बात करें तो FMCG शेयरों पर दबाव नजर आया। शुरुआती कारोबार में Nifty FMCG इंडेक्स भी लाल निशान में था। इसके साथ ही Media शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली। सुबह 10:30 बजे Nifty Media करीब 0.60 फीसदी नीचे 1,601.30 पर कारोबार कर रहा था। Media इंडेक्स इससे पहले लगातार दो कारोबारी सत्रों में बढ़त दर्ज कर चुका था। ऐसे में आज की गिरावट को कुछ हद तक मुनाफावसूली से भी जोड़कर देखा जा रहा है। HDFC Bank बना बाजार पर दबाव का बड़ा कारण आज बाजार में HDFC Bank का प्रदर्शन भी निवेशकों के रडार पर रहा। शेयर में करीब 1 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। Reuters के मुताबिक, अमेरिका में बैंक और उसके दो वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ दायर एक securities lawsuit की खबर के बाद शेयर पर दबाव बढ़ा। Upstox के अनुसार, HDFC Bank में बिकवाली के चलते Sensex दिन के ऊपरी स्तर से करीब 300 अंक नीचे आया, जबकि Nifty 24,200 के महत्वपूर्ण स्तर के नीचे फिसल गया। Global Market से मिले-जुले संकेत भारतीय बाजार को एक तरफ Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से सहारा मिला। Brent crude करीब 87.4 डॉलर प्रति बैरल तक आ गया था। ईरान और ओमान के बीच Strait of Hormuz को लेकर बातचीत आगे बढ़ने की खबरों से तेल आपूर्ति को लेकर चिंता कुछ कम हुई है। दूसरी ओर, अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों को लेकर बनी चिंता ने निवेशकों को थोड़ा सतर्क रखा। यही वजह रही कि एशियाई बाजारों में मजबूती के बावजूद भारतीय बाजार में तेजी टिक नहीं सकी। निवेशकों की नजर अब बाजार की अगली चाल पर फिलहाल घरेलू बाजार में तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है। एक तरफ कच्चे तेल में नरमी और मजबूत ग्लोबल टेक्नोलॉजी संकेत सकारात्मक हैं, तो दूसरी तरफ HDFC Bank जैसे बड़े शेयरों में कमजोरी और सेक्टोरल बिकवाली बाजार पर दबाव बना रही है। ऐसे माहौल में Sensex और Nifty की आगे की दिशा, 24,200 के आसपास Nifty की चाल और प्रमुख सेक्टर्स में खरीदारी-बिकवाली पर निवेशकों की नजर रहेगी। बाजार में उतार-चढ़ाव को देखते हुए किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय लेना बेहतर है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
IND vs SL

IND vs SL: भारत के खिलाफ श्रीलंका का शानदार Comeback, दूसरी पारी में 229/6 का स्कोर

IND vs SL 2nd Test: भारत और श्रीलंका के बीच कोलंबो में खेला जा रहा दूसरा टेस्ट अब अपने आखिरी पड़ाव पर पहुंच गया है। पहली पारी में बड़ी बढ़त हासिल करने के बाद भारतीय टीम को उम्मीद थी कि मैच जल्द खत्म हो जाएगा, लेकिन फॉलोऑन खेलने उतरी श्रीलंकाई टीम ने आखिरी दम तक मुकाबला जिंदा रखा है। चौथे दिन बारिश के कारण खेल जल्दी रोकना पड़ा और उस समय श्रीलंका का स्कोर 229/6 था। श्रीलंका अब भारत से 16 रन आगे है। उसके चार विकेट बाकी हैं। ऐसे में पांचवें दिन भारत की नजरें जल्द से जल्द बाकी विकेट हासिल करने पर होंगी, जबकि मेजबान टीम अपनी बढ़त को जितना संभव हो उतना बड़ा करना चाहेगी। भारत ने पहली पारी में बनाया था 503 रन भारतीय टीम ने पहली पारी में शानदार बल्लेबाजी करते हुए 503/9 रन बनाकर पारी घोषित की थी। देवदत्त पडिक्कल ने बेहतरीन शतक लगाते हुए 117 रन बनाए, जबकि ध्रुव जुरेल ने नाबाद 115 रन की पारी खेली। भारत के बड़े स्कोर के सामने श्रीलंका की पहली पारी ज्यादा देर नहीं टिक सकी और पूरी टीम 290 रन पर ऑलआउट हो गई। भारत को पहली पारी में 213 रन की बड़ी बढ़त मिली। इसके बाद भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने बिना ज्यादा समय गंवाए श्रीलंका को Follow-On देने का फैसला किया। Follow-On में श्रीलंका ने बदला अंदाज दूसरी पारी में श्रीलंका के बल्लेबाजों पर दबाव साफ दिखाई दे रहा था, लेकिन टीम ने धीरे-धीरे मैच में वापसी शुरू कर दी। पसिंदु सूरियाबंडारा और कामिंदु मेंडिस ने भारतीय गेंदबाजों का सामना करते हुए तीसरे विकेट के लिए 115 रन की साझेदारी की। कामिंदु मेंडिस ने 55 रन बनाए, जबकि सूरियाबंडारा 92 रन की शानदार पारी खेलकर श्रीलंका को मजबूत स्थिति में ले गए। उनकी बल्लेबाजी में आत्मविश्वास नजर आया और कुछ समय के लिए ऐसा लगा कि मेजबान टीम भारत को मुश्किल में डाल सकती है। भारतीय गेंदबाजों ने फिर कराई वापसी श्रीलंका की अच्छी साझेदारी टूटने के बाद भारत ने फिर दबाव बनाना शुरू कर दिया। मनव सुथार ने सूरियाबंडारा को 92 रन पर आउट कर भारत को अहम सफलता दिलाई। इसके बाद कामिंदु मेंडिस भी 55 रन बनाकर आउट हो गए। सरांश जैन ने निरोशन डिकवेला का विकेट हासिल किया, जबकि मनव सुथार ने केशरा नुवान्था को भी पवेलियन भेज दिया। लगातार विकेट गिरने से श्रीलंका की उम्मीदों को झटका लगा। हालांकि टीम ने पूरी तरह हार नहीं मानी और दिन का खेल खत्म होने तक स्कोर को 229/6 तक पहुंचा दिया। बारिश ने फिर बिगाड़ा खेल चौथे दिन का सबसे बड़ा ट्विस्ट बारिश रही। मौसम खराब होने के कारण मुकाबला समय से पहले रोकना पड़ा। उस वक्त श्रीलंका 229/6 के स्कोर पर था और भारत के खिलाफ उसकी बढ़त 16 रन हो चुकी थी। सोनल दिनुषा और केशरा नुवान्था क्रीज पर मौजूद थे। अब श्रीलंका की कोशिश होगी कि पांचवें दिन शुरुआत में विकेट बचाकर ज्यादा से ज्यादा रन जोड़े। Team India की नजरें जल्द जीत पर मौजूदा स्थिति भारत के पक्ष में है। श्रीलंका के सिर्फ चार विकेट बाकी हैं और बढ़त भी अभी बहुत बड़ी नहीं है। भारतीय गेंदबाज अगर शुरुआत में ही विकेट निकाल लेते हैं तो श्रीलंका को कम स्कोर पर रोकना संभव होगा। भारत की कोशिश होगी कि श्रीलंका की दूसरी पारी खत्म करने के बाद मिले छोटे लक्ष्य को जल्द हासिल कर मैच अपने नाम किया जाए। वहीं श्रीलंका के लिए हर अतिरिक्त रन अब बेहद महत्वपूर्ण है। पांचवें दिन क्या होगा? पांचवें दिन मुकाबला पूरी तरह गेंदबाजों और श्रीलंकाई निचले क्रम के बीच दिखाई दे सकता है। अगर श्रीलंका 100-150 रन की बढ़त बनाने में सफल रहता है तो भारत के सामने लक्ष्य थोड़ा चुनौतीपूर्ण हो सकता है। लेकिन अगर भारतीय स्पिनर्स ने शुरुआत में ही विकेट निकाल लिए, तो मैच जल्दी खत्म होने की संभावना बढ़ जाएगी। IND vs SL 2nd Test में फिलहाल भारत का पलड़ा भारी है, लेकिन श्रीलंका के Fightback ने मैच में थोड़ा रोमांच जरूर पैदा कर दिया है। अब सभी की नजरें पांचवें दिन के खेल और बारिश पर टिकी हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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