आपका चैनल --
ताज़ा खबर
BREAKINGदेश-हरपलWeather Alert: 3 राज्यों में बदला मौसम, ओडिशा में 7 की मौत, यूपी में कोहरा और तमिलनाडु में बारिश◆BREAKINGएंटरटेनमेंटMumbai Bomb Threat: अमिताभ बच्चन के बंगले ‘जलसा’ को उड़ाने की धमकी, Bombay HC और BSE भी निशाने पर◆BREAKINGदेश-हरपलDelhi-NCR Pollution: सुप्रीम कोर्ट की दो टूक, ज्यादा पाबंदियों से नहीं सुधरेगी दिल्ली की हवा◆BREAKINGवर्ल्ड न्यूज़Iran का नया Proposal: अमेरिका को भेजीं 7 शर्तें, होर्मुज खोलने से किया इनकार◆BREAKINGधर्म-कर्मDhanteras आज, 6 और 7 नवंबर को खरीदारी के शुभ मुहूर्त◆BREAKINGबिज़नेसStock Market Rally: सेंसेक्स में 700 अंकों का उछाल, FII की खरीदारी से बाजार में लौटी रौनक◆BREAKINGबिज़नेसDhanteras Gold-Silver Price: धनतेरस पर सोना ₹2,300 और चांदी ₹3,000 से ज्यादा सस्ती◆BREAKINGदेश-हरपलOmar Abdullah Government Crisis: उमर सरकार पर संकट के बादल, 25 विधायक नाराज; फारूक अब्दुल्ला ने बुलाई बैठक◆BREAKINGदेश-हरपलWeather Alert: 3 राज्यों में बदला मौसम, ओडिशा में 7 की मौत, यूपी में कोहरा और तमिलनाडु में बारिश◆BREAKINGएंटरटेनमेंटMumbai Bomb Threat: अमिताभ बच्चन के बंगले ‘जलसा’ को उड़ाने की धमकी, Bombay HC और BSE भी निशाने पर◆BREAKINGदेश-हरपलDelhi-NCR Pollution: सुप्रीम कोर्ट की दो टूक, ज्यादा पाबंदियों से नहीं सुधरेगी दिल्ली की हवा◆BREAKINGवर्ल्ड न्यूज़Iran का नया Proposal: अमेरिका को भेजीं 7 शर्तें, होर्मुज खोलने से किया इनकार◆BREAKINGधर्म-कर्मDhanteras आज, 6 और 7 नवंबर को खरीदारी के शुभ मुहूर्त◆BREAKINGबिज़नेसStock Market Rally: सेंसेक्स में 700 अंकों का उछाल, FII की खरीदारी से बाजार में लौटी रौनक◆BREAKINGबिज़नेसDhanteras Gold-Silver Price: धनतेरस पर सोना ₹2,300 और चांदी ₹3,000 से ज्यादा सस्ती◆BREAKINGदेश-हरपलOmar Abdullah Government Crisis: उमर सरकार पर संकट के बादल, 25 विधायक नाराज; फारूक अब्दुल्ला ने बुलाई बैठक◆

PAL-PAL KI KHABAR HAR PAL

[category_slider]

NE

News Elementor

What's Hot

Banner
आपका चैनल --
ताज़ा खबर
BREAKINGदेश-हरपलWeather Alert: 3 राज्यों में बदला मौसम, ओडिशा में 7 की मौत, यूपी में कोहरा और तमिलनाडु में बारिश◆BREAKINGएंटरटेनमेंटMumbai Bomb Threat: अमिताभ बच्चन के बंगले ‘जलसा’ को उड़ाने की धमकी, Bombay HC और BSE भी निशाने पर◆BREAKINGदेश-हरपलDelhi-NCR Pollution: सुप्रीम कोर्ट की दो टूक, ज्यादा पाबंदियों से नहीं सुधरेगी दिल्ली की हवा◆BREAKINGवर्ल्ड न्यूज़Iran का नया Proposal: अमेरिका को भेजीं 7 शर्तें, होर्मुज खोलने से किया इनकार◆BREAKINGधर्म-कर्मDhanteras आज, 6 और 7 नवंबर को खरीदारी के शुभ मुहूर्त◆BREAKINGबिज़नेसStock Market Rally: सेंसेक्स में 700 अंकों का उछाल, FII की खरीदारी से बाजार में लौटी रौनक◆BREAKINGबिज़नेसDhanteras Gold-Silver Price: धनतेरस पर सोना ₹2,300 और चांदी ₹3,000 से ज्यादा सस्ती◆BREAKINGदेश-हरपलOmar Abdullah Government Crisis: उमर सरकार पर संकट के बादल, 25 विधायक नाराज; फारूक अब्दुल्ला ने बुलाई बैठक◆BREAKINGदेश-हरपलWeather Alert: 3 राज्यों में बदला मौसम, ओडिशा में 7 की मौत, यूपी में कोहरा और तमिलनाडु में बारिश◆BREAKINGएंटरटेनमेंटMumbai Bomb Threat: अमिताभ बच्चन के बंगले ‘जलसा’ को उड़ाने की धमकी, Bombay HC और BSE भी निशाने पर◆BREAKINGदेश-हरपलDelhi-NCR Pollution: सुप्रीम कोर्ट की दो टूक, ज्यादा पाबंदियों से नहीं सुधरेगी दिल्ली की हवा◆BREAKINGवर्ल्ड न्यूज़Iran का नया Proposal: अमेरिका को भेजीं 7 शर्तें, होर्मुज खोलने से किया इनकार◆BREAKINGधर्म-कर्मDhanteras आज, 6 और 7 नवंबर को खरीदारी के शुभ मुहूर्त◆BREAKINGबिज़नेसStock Market Rally: सेंसेक्स में 700 अंकों का उछाल, FII की खरीदारी से बाजार में लौटी रौनक◆BREAKINGबिज़नेसDhanteras Gold-Silver Price: धनतेरस पर सोना ₹2,300 और चांदी ₹3,000 से ज्यादा सस्ती◆BREAKINGदेश-हरपलOmar Abdullah Government Crisis: उमर सरकार पर संकट के बादल, 25 विधायक नाराज; फारूक अब्दुल्ला ने बुलाई बैठक◆
ताज़ा खबर
खबरें लोड हो रही हैं...

popular Posts

  • All
  • स्पोर्ट्स
  • वर्ल्ड न्यूज़
  • एंटरटेनमेंट
  • मध्य प्रदेश
  • देश-हरपल
  • राशिफल
Weather

Weather Alert: 3 राज्यों में बदला मौसम, ओडिशा में 7 की मौत, यूपी में कोहरा और तमिलनाडु में बारिश

देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम (Weather) का मिजाज बदल रहा है। कहीं भारी बारिश और भूस्खलन लोगों के लिए मुसीबत बन रहे हैं, तो कहीं घना कोहरा यातायात को प्रभावित कर रहा है। ओडिशा में चक्रवात के बाद हुए भूस्खलन ने कई परिवारों को तबाह कर दिया है। हादसे में अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 6 लोग लापता हैं। वहीं उत्तर प्रदेश के करीब 20 शहरों में शुक्रवार सुबह घना कोहरा छाया रहा। इसका असर रेल यातायात पर भी पड़ा है। दूसरी ओर तमिलनाडु में मौसम विभाग ने कई जिलों में बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। Odisha में Landslide से 7 की मौत, 6 लोग लापता ओडिशा के गंजाम जिले के गिडीपाबली गांव में भूस्खलन से भारी तबाही हुई है। 28 अक्टूबर को आए चक्रवात अर्नब के बाद हुई मूसलाधार बारिश के कारण पहाड़ी से बड़े-बड़े पत्थर, मिट्टी और पेड़ नीचे आ गिरे। इसकी चपेट में गांव के कई मकान आ गए। हादसे के बाद से लगातार राहत और बचाव अभियान चलाया जा रहा है। गुरुवार को बचाव दल ने मलबे से पांच और शव बरामद किए। इससे भूस्खलन में मरने वालों की संख्या बढ़कर 7 हो गई है। लापता 6 लोगों की तलाश अब भी जारी है। बरामद किए गए पांच शव एक ही परिवार के सदस्यों के थे। इनमें पति-पत्नी और उनके तीन बच्चे शामिल हैं। परिवार के सदस्यों की पहचान के बाद प्रशासन ने परिजनों की इच्छा के अनुसार घटनास्थल पर ही अंतिम संस्कार की व्यवस्था की। प्रशासन के मुताबिक, बचाव अभियान में ODRAF, NDRF, दमकल विभाग और रेलवे की टीमें जुटी हुई हैं। करीब 200 से 250 बचावकर्मी अभियान में लगाए गए हैं। मौसम में कुछ सुधार होने से राहत कार्य में तेजी आई है, लेकिन बड़े पत्थरों और दुर्गम रास्तों के कारण अभियान अभी भी चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। इस आपदा में ओडिशा के अन्य इलाकों में हुई मौतों को मिलाकर कुल मृतकों की संख्या 11 तक पहुंचने की जानकारी भी सामने आई है। UP के 20 शहरों में घना कोहरा, 5 ट्रेनें रद्द उत्तर प्रदेश में नवंबर की शुरुआत के साथ ही सुबह और रात के तापमान में गिरावट देखने को मिल रही है। शुक्रवार सुबह प्रदेश के करीब 20 शहरों में घना कोहरा छाया रहा। लखनऊ, बाराबंकी, महाराजगंज, श्रावस्ती और संभल समेत कई इलाकों में विजिबिलिटी कम होने से लोगों को परेशानी हुई। श्रावस्ती में दृश्यता 10 मीटर से भी कम दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई है। सुबह के समय सड़कों पर वाहन चालकों को खास सावधानी बरतनी पड़ी। कोहरे के बीच रेल यात्रियों की परेशानी भी बढ़ी है। मिर्जापुर से जुड़ी जानकारी के मुताबिक, सर्दियों की रेलवे समय-सारणी के तहत पांच ट्रेनों को अगले तीन महीने के लिए रद्द किया गया है। यात्रियों को सलाह है कि स्टेशन पहुंचने से पहले अपनी ट्रेन का स्टेटस और रेलवे की ओर से जारी अपडेट जरूर देख लें। Tamil Nadu के 10 जिलों में Rain Alert दक्षिण भारत के तमिलनाडु में बारिश का दौर जारी है। चेन्नई के क्षेत्रीय मौसम केंद्र ने 6 नवंबर की शुरुआत में 10 जिलों में हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना जताई थी। इन जिलों में कांचीपुरम, तिरुवन्नामलाई, तिरुपत्तूर, वेल्लोर, कृष्णागिरी, धर्मपुरी, इरोड, सलेम, नमक्कल और नीलगिरी शामिल हैं। वहीं 6 नवंबर को राज्य के सात जिलों में भारी बारिश और गरज-चमक की आशंका जताई गई है। इनमें थेनी, डिंडीगुल, मदुरै, तूतीकोरिन, रामनाथपुरम, शिवगंगा और पुदुकोट्टई शामिल हैं। मौसम विभाग के अनुसार, तमिलनाडु में बारिश का असर अगले कुछ दिनों तक बने रहने की संभावना है। शनिवार को भी थेनी, डिंडीगुल और मदुरै में भारी बारिश हो सकती है। रविवार को बारिश का प्रभाव डेल्टा और दक्षिणी जिलों की ओर बढ़ने का अनुमान है। चेन्नई के कुछ हिस्सों में भी गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव और सड़कों पर फिसलन की स्थिति बन सकती है। Madhya Pradesh में भी बढ़ी ठंड, गिरा तापमान मध्य प्रदेश में फिलहाल मौसम शुष्क बना हुआ है, लेकिन रात के तापमान में गिरावट से ठंड का असर बढ़ने लगा है। भोपाल और इंदौर समेत कई शहरों में सुबह और रात के समय ठंड महसूस की जा रही है। शुक्रवार को शाजापुर के पास गिरवर में प्रदेश का न्यूनतम तापमान 11.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इंदौर में न्यूनतम तापमान 12.7 डिग्री और भोपाल में 13.5 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग के अनुसार, 6 से 8 नवंबर के बीच प्रदेश में बारिश की संभावना नहीं है। फिलहाल मौसम साफ और शुष्क रहने का अनुमान है। नवंबर के दूसरे पखवाड़े में ठंड का असर और बढ़ सकता है। लोगों के लिए मौसम विभाग की जरूरी सलाह कुल मिलाकर, 6 नवंबर को देश के कई राज्यों में मौसम का अलग-अलग असर देखने को मिल रहा है। ओडिशा में भूस्खलन के बाद लापता लोगों की तलाश जारी है, उत्तर प्रदेश में कोहरा रेल और सड़क यातायात के लिए परेशानी बन रहा है, जबकि तमिलनाडु में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। वहीं मध्य प्रदेश में धीरे-धीरे सर्दी अपना असर दिखाने लगी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
अमिताभ बच्चन

Mumbai Bomb Threat: अमिताभ बच्चन के बंगले ‘जलसा’ को उड़ाने की धमकी, Bombay HC और BSE भी निशाने पर

Mumbai में एक बार फिर बम की धमकी मिलने से हड़कंप मच गया है। बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन के जुहू स्थित बंगले ‘जलसा’ को बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। चौंकाने वाली बात यह है कि इस बार धमकी के दायरे में सिर्फ अमिताभ बच्चन का घर ही नहीं, बल्कि बॉम्बे हाईकोर्ट (Bombay High Court), बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और महालक्ष्मी रेसकोर्स भी शामिल हैं। 6 नवंबर को सामने आए इस मामले ने मुंबई की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है। धमकी भरा ईमेल मिलने के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। फिलहाल जांच की जा रही है कि यह ईमेल किसने भेजा और इसके पीछे उसका मकसद क्या है। Bombay High Court को मिला धमकी भरा Email मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शुक्रवार को बॉम्बे हाईकोर्ट को एक धमकी भरा ईमेल मिला। इसमें मुंबई के कई महत्वपूर्ण स्थानों को निशाना बनाने की बात कही गई थी। ईमेल में अमिताभ बच्चन का बंगला जलसा, बॉम्बे हाईकोर्ट, BSE और महालक्ष्मी रेसकोर्स का नाम शामिल बताया गया है। इस सूचना के सामने आते ही सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गईं। हालांकि, अभी तक किसी वास्तविक विस्फोटक या हमले की पुष्टि नहीं हुई है। ईमेल भेजने वाले की पहचान और धमकी की गंभीरता का पता लगाने के लिए जांच जारी है। अक्टूबर में भी ‘जलसा’ को मिली थी धमकी अमिताभ बच्चन के बंगले को लेकर यह पहली धमकी नहीं है। इससे पहले 23 अक्टूबर 2026 को भी उनके बंगले जलसा को निशाना बनाने की धमकी मिली थी। उस समय मुंबई की मेयर ऋतु तावड़े के कार्यालय को एक धमकी भरा ईमेल भेजा गया था। इसमें मेयर कार्यालय, कुछ स्कूलों, अमिताभ बच्चन के बंगले और पंजाबी सिंगर दिलजीत दोसांझ के मुंबई कॉन्सर्ट का जिक्र किया गया था। ईमेल में कथित तौर पर खालिस्तान नेशनल आर्मी (KNA) का नाम भी इस्तेमाल किया गया था। हालांकि, किसी संगठन की भूमिका की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई थी। धमकी के बाद बढ़ाई गई थी अमिताभ बच्चन की Security पिछली धमकी के बाद मुंबई पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता बढ़ाई थी। अमिताभ बच्चन के बंगले के आसपास निगरानी भी सख्त की गई थी। पुलिस ने संबंधित स्थानों की जांच की थी, लेकिन उस दौरान कोई संदिग्ध वस्तु मिलने की पुष्टि नहीं हुई थी। 2 नवंबर को अमिताभ बच्चन अपने बंगले जलसा के बाहर हर रविवार की तरह प्रशंसकों से मिलने पहुंचे थे। हालांकि, इस बार सुरक्षा पहले से ज्यादा कड़ी नजर आई। अमिताभ बच्चन बुलेटप्रूफ शीशे के पीछे से अपने प्रशंसकों का अभिवादन करते दिखाई दिए थे। इस दौरान अभिषेक बच्चन भी उनके साथ मौजूद थे। Mumbai में लगातार मिल रही धमकियों से बढ़ी चिंता मुंबई जैसे बड़े शहर में हाईकोर्ट, स्टॉक एक्सचेंज और मशहूर हस्तियों के घरों को धमकी मिलना निश्चित रूप से चिंता का विषय है। खासकर तब, जब कुछ ही दिनों के अंतराल में इसी तरह के मामले सामने आ रहे हों। अब जांच एजेंसियों के सामने यह पता लगाने की चुनौती है कि अलग-अलग धमकी भरे ईमेल के पीछे एक ही व्यक्ति या समूह है अथवा ये अलग-अलग मामले हैं। फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और किसी भी संभावित खतरे को लेकर सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं। हालांकि, अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि धमकी देने वाले का इरादा क्या था। जांच पूरी होने और आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर साफ हो पाएगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Delhi-NCR

Delhi-NCR Pollution: सुप्रीम कोर्ट की दो टूक, ज्यादा पाबंदियों से नहीं सुधरेगी दिल्ली की हवा

Delhi-NCR में प्रदूषण का स्तर लगातार लोगों की चिंता बढ़ा रहा है। सुबह घर से निकलते ही धुंध और स्मॉग का सामना करना पड़ रहा है। कहीं आंखों में जलन है तो कहीं सांस लेने में परेशानी। ऐसे माहौल में सुप्रीम कोर्ट ने प्रदूषण को लेकर ऐसी टिप्पणी की है, जिसने एक बार फिर दिल्ली की एयर क्वालिटी और सरकारी इंतजामों पर चर्चा तेज कर दी है। 6 नवंबर 2026 को प्रदूषण के मामले पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सिर्फ पाबंदियां लगाने और एक के बाद एक आदेश जारी करने से समस्या खत्म नहीं होगी। कोर्ट की टिप्पणी थी कि जितने ज्यादा आदेश दिए जाएंगे, उनके उल्लंघन की आशंका भी उतनी ही बढ़ सकती है। अदालत ने साफ किया कि प्रदूषण से निपटने के लिए केवल कागजी आदेश नहीं, बल्कि जमीन पर असर दिखाने वाले कदम जरूरी हैं। Delhi AQI Today: 391 तक पहुंचा प्रदूषण का स्तर दिल्ली की हवा की स्थिति कितनी खराब है, इसका अंदाजा AQI के आंकड़ों से लगाया जा सकता है। 6 नवंबर को राजधानी का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 391 दर्ज किया गया। यह बेहद खराब श्रेणी में आता है और गंभीर स्तर के काफी करीब है। CPCB के मॉनिटरिंग आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली के 59 निगरानी केंद्रों में से 30 पर AQI गंभीर श्रेणी में पहुंच गया। रोहिणी और IIT दिल्ली सहित कई इलाकों में प्रदूषण का स्तर काफी ज्यादा दर्ज किया गया। इसका असर आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर भी पड़ रहा है। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी परेशानी वाले लोगों को ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है। सुप्रीम कोर्ट ने गाड़ियों के धुएं पर उठाए सवाल सुनवाई के दौरान CJI सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने दिल्ली-NCR में बढ़ते ट्रैफिक और सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारों पर चिंता जताई। कोर्ट ने कहा कि दिल्ली को गाजियाबाद, गुरुग्राम, फरीदाबाद और ग्रेटर नोएडा से जोड़ने वाली सड़कों पर वाहनों का दबाव भी प्रदूषण की बड़ी वजह है। अदालत ने यह भी कहा कि प्रदूषण का सबसे ज्यादा असर उन लोगों पर पड़ता है, जो रोजी-रोटी के लिए सड़कों पर काम करते हैं। इसलिए प्रदूषण रोकने के उपाय बनाते समय गरीब और मेहनतकश लोगों की परेशानियों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। पराली जलाने पर किसानों को सिर्फ आदेश देना काफी नहीं दिल्ली के प्रदूषण की चर्चा हो और पराली का मुद्दा न आए, ऐसा कम ही होता है। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने इस समस्या के समाधान के लिए किसानों को आर्थिक विकल्प देने की जरूरत बताई। कोर्ट का कहना था कि किसानों को केवल पराली न जलाने का निर्देश देने से बात नहीं बनेगी। उन्हें यह भी समझाना होगा कि पराली के दूसरे तरीके से प्रबंधन करने पर उन्हें क्या आर्थिक फायदा मिल सकता है। सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि 5 नवंबर को दिल्ली के प्रदूषण में पराली जलाने की हिस्सेदारी करीब 14 प्रतिशत थी। हालांकि, प्रदूषण के लिए सिर्फ पराली को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। वाहनों, उद्योगों और निर्माण कार्यों से निकलने वाली धूल पर भी नियंत्रण जरूरी है। Delhi NCR में GRAP-2 लागू, फिर भी राहत का इंतजार दिल्ली में प्रदूषण बढ़ने के बाद वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने 2 नवंबर को GRAP-2 के तहत प्रतिबंध लागू किए थे। इसके बावजूद हवा की गुणवत्ता में अपेक्षित सुधार नहीं दिखा। GRAP-2 के तहत कई कदम उठाए गए हैं: इन कदमों का मकसद प्रदूषण के अलग-अलग स्रोतों पर एक साथ नियंत्रण करना है। 20 नवंबर तक Work From Home और Construction पर पाबंदी दिल्ली-NCR में प्रदूषण को देखते हुए 5 से 20 नवंबर तक अतिरिक्त एहतियाती उपाय भी लागू किए गए हैं। दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत, गाजियाबाद और गौतमबुद्ध नगर में सरकारी और निजी कार्यालयों को अधिकतम 50 प्रतिशत कर्मचारियों के साथ काम करने और बाकी कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम देने का निर्देश दिया गया है। इसके अलावा NCR में धूल पैदा करने वाले निर्माण और तोड़फोड़ के कामों पर रोक लगाई गई है। हालांकि, अस्पताल, मेट्रो, रेलवे, एयरपोर्ट, जलापूर्ति और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े जरूरी प्रोजेक्ट को कुछ छूट दी गई है। पुराने वाहनों की Entry पर भी सख्ती दिल्ली में बाहर से आने वाले पुराने वाहनों पर भी प्रतिबंध लागू किए गए हैं। 1 नवंबर से दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड BS-VI से नीचे के पेट्रोल और डीजल वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाई गई है। इलेक्ट्रिक, CNG और BS-VI मानक वाले वाहनों को इस प्रतिबंध से छूट दी गई है। परिवहन विभाग और ट्रैफिक पुलिस की टीमें अलग-अलग बॉर्डर पर वाहनों की जांच कर रही हैं। School बंद होंगे या Hybrid Mode में चलेंगे? प्रदूषण का असर बच्चों पर भी पड़ रहा है। इसी वजह से स्कूल बंद करने या हाइब्रिड मोड में पढ़ाई कराने का मुद्दा भी सुप्रीम कोर्ट में उठा। हालांकि, सुनवाई के दौरान सभी स्कूलों को बंद करने का कोई नया आदेश नहीं दिया गया। इस विषय पर विशेषज्ञों की राय और परिस्थितियों के आधार पर फैसला लेने की जरूरत बताई गई। 16 नवंबर को फिर होगी मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट ने साफ कर दिया है कि दिल्ली के प्रदूषण का समाधान केवल नए प्रतिबंध लगाने में नहीं है। इसके लिए सरकारों को मिलकर ऐसी रणनीति बनानी होगी, जिसका असर लंबे समय तक दिखाई दे। वाहनों का धुआं, पराली जलाना, निर्माण कार्यों की धूल और औद्योगिक प्रदूषण जैसे सभी कारणों पर एक साथ काम करना होगा। अदालत ने इस मामले में अगली सुनवाई 16 नवंबर 2026 को तय की है। फिलहाल दिल्ली के लोगों को साफ हवा के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। सवाल सिर्फ इतना नहीं है कि कितनी पाबंदियां लगाई गईं, बल्कि यह भी है कि जो नियम पहले से मौजूद हैं, उनका पालन आखिर कितनी गंभीरता से कराया जा रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Iran

Iran का नया Proposal: अमेरिका को भेजीं 7 शर्तें, होर्मुज खोलने से किया इनकार

अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। एक तरफ दोनों देशों के बीच शांति की कोशिशें चल रही हैं, तो दूसरी तरफ शर्तों को लेकर टकराव लगातार बढ़ रहा है। इसी बीच ईरान ने अमेरिका के सामने सात शर्तों वाला नया प्रस्ताव रख दिया है। तेहरान का साफ कहना है कि जब तक उसकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक बातचीत आगे नहीं बढ़ेगी। इतना ही नहीं, ईरान ने दुनिया के सबसे अहम तेल व्यापारिक रास्तों में शामिल होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को खोलने से भी इनकार कर दिया है। रॉयटर्स की 5 नवंबर 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान ने कतर के जरिए अमेरिका को अपना नया परमाणु प्रस्ताव भेजा है। अमेरिकी प्रशासन फिलहाल इस प्रस्ताव की समीक्षा कर रहा है। ईरान के वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी मोहसेन रेजाई ने रूस दौरे के दौरान कहा कि अमेरिका को पहले उसकी सात शर्तें माननी होंगी। इसके बाद ही बातचीत और होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने पर विचार किया जाएगा। ईरान की 7 शर्तें क्या हैं? Iran की ओर से भेजे गए नए प्रस्ताव की पूरी आधिकारिक सूची सार्वजनिक नहीं की गई है। हालांकि, ईरानी अधिकारियों के बयानों और पहले पेश किए गए सात चरणों वाले प्रस्ताव के आधार पर कुछ प्रमुख मांगें सामने आई हैं। ध्यान देने वाली बात यह है कि ये मांगें अलग-अलग बयानों और पुराने प्रस्तावों से सामने आई हैं। इन्हें नए प्रस्ताव की प्रमाणित आधिकारिक सात-सूत्रीय सूची नहीं माना जाना चाहिए। Hormuz Strait को लेकर ईरान का सख्त रुख होर्मुज जलडमरूमध्य इस पूरे विवाद का सबसे अहम हिस्सा बन गया है। यह समुद्री रास्ता फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है। सामान्य परिस्थितियों में दुनिया के समुद्री रास्ते से होने वाले तेल व्यापार का करीब पांचवां हिस्सा इसी मार्ग से गुजरता है। Iran का कहना है कि अमेरिका जब तक अपनी नौसैनिक नाकेबंदी खत्म नहीं करता और उसकी मांगों पर सहमति नहीं बनती, तब तक होर्मुज में सामान्य आवाजाही बहाल करने का फैसला नहीं लिया जाएगा। हालांकि, ईरान ने इससे पहले मध्यस्थों के सामने एक ऐसा प्रस्ताव भी रखा था, जिसके तहत समझौता होने पर दो दिनों के भीतर होर्मुज को खोलने की संभावना जताई गई थी। यानी रास्ता खोलने का विकल्प पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है, लेकिन इसके लिए ईरान अपनी शर्तों पर समझौता चाहता है। अमेरिका की मांग और ईरान के बीच सबसे बड़ा विवाद अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में सबसे बड़ी रुकावट परमाणु कार्यक्रम बना हुआ है। वॉशिंगटन चाहता है कि किसी भी शुरुआती समझौते में ईरान के यूरेनियम संवर्धन, परमाणु भंडार और अंतरराष्ट्रीय निरीक्षण से जुड़े मुद्दों को शामिल किया जाए। दूसरी तरफ, तेहरान का कहना है कि पहले आर्थिक प्रतिबंधों और समुद्री नाकेबंदी जैसे मुद्दों का समाधान होना चाहिए। उसके बाद ही परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत आगे बढ़ सकती है। यही वजह है कि दोनों देश बातचीत के क्रम को लेकर भी सहमत नहीं हो पा रहे हैं। अमेरिका परमाणु मुद्दे को शुरुआत में शामिल करना चाहता है, जबकि ईरान पहले अपनी शर्तों पर कार्रवाई की मांग कर रहा है। कतर के जरिए जारी है बातचीत, लेकिन नहीं निकला समाधान दोनों देशों के बीच सीधे बातचीत के बजाय कतर के जरिए संदेशों का आदान-प्रदान किया जा रहा है। 2 नवंबर को दोहा में ईरानी प्रतिनिधियों और कतर के मध्यस्थों के बीच बातचीत हुई थी। इस दौरान प्रस्ताव में बदलाव और समझौते के मसौदे पर चर्चा हुई, लेकिन कोई अंतिम सहमति नहीं बन सकी। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि मध्यस्थों के जरिए बातचीत जारी है और अब सब कुछ वॉशिंगटन के रुख पर निर्भर करता है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने भी कहा था कि सितंबर में पेश किए गए सात चरणों वाले प्रस्ताव को छोटा करके तेजी से लागू करने की संभावना पर काम किया जा रहा है। Trump ने सैन्य कार्रवाई का विकल्प रखा खुला अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ समझौते की संभावना को पूरी तरह खारिज नहीं किया है। हालांकि, उन्होंने सैन्य कार्रवाई का विकल्प भी खुला रखा है। इस बीच 3 नवंबर को अमेरिका ने ईरान के क़ेश्म द्वीप पर सीमित सैन्य कार्रवाई की थी। अमेरिकी अधिकारियों ने इसे रक्षात्मक कार्रवाई बताया था। इसके बाद ईरान ने चेतावनी दी कि उस पर दोबारा हमला हुआ तो जवाबी कार्रवाई का दायरा बढ़ सकता है। अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने बातचीत के जरिए समाधान निकलने की उम्मीद जताई है। वहीं, ईरान का कहना है कि वह अपनी शर्तों से पीछे हटने को तैयार नहीं है। चीन और रूस भी बढ़ा रहे कूटनीतिक प्रयास अमेरिका-ईरान तनाव के बीच चीन और रूस भी सक्रिय नजर आ रहे हैं। चीन ने सभी पक्षों से सैन्य कार्रवाई के बजाय राजनीतिक समाधान निकालने की अपील की है। वहीं, रूस ने भी दोबारा सैन्य संघर्ष शुरू होने की आशंका पर चिंता जताई है। कतर के अलावा ओमान और अन्य क्षेत्रीय देश भी तनाव कम करने की कोशिशों में जुटे हैं। इन देशों की चिंता है कि अगर संघर्ष दोबारा बढ़ा तो इसका असर पूरे पश्चिम एशिया की सुरक्षा और व्यापार पर पड़ सकता है। भारत पर क्या पड़ सकता है असर? होर्मुज जलडमरूमध्य में लंबे समय तक रुकावट रहने का असर भारत जैसे तेल आयात करने वाले देशों पर भी पड़ सकता है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर कच्चे तेल का आयात करता है। अगर इस रास्ते से तेल की आपूर्ति प्रभावित होती है, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ सकती हैं। इसका असर आगे चलकर पेट्रोल-डीजल, माल ढुलाई और रोजमर्रा की चीजों की कीमतों पर भी पड़ सकता है। इसके अलावा समुद्री जहाजों के बीमा और परिवहन खर्च में बढ़ोतरी से अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर दबाव आ सकता है। अब आगे क्या होगा? फिलहाल ईरान का प्रस्ताव अमेरिका के पास है और उस पर समीक्षा जारी है। कतर समेत दूसरे मध्यस्थ दोनों देशों के बीच समझौते का रास्ता निकालने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या अमेरिका ईरान की सात शर्तों पर सहमत होगा? या फिर परमाणु कार्यक्रम और होर्मुज को लेकर दोनों देशों के...
Read more
Omar Abdullah

Omar Abdullah Government Crisis: उमर सरकार पर संकट के बादल, 25 विधायक नाराज; फारूक अब्दुल्ला ने बुलाई बैठक

जम्मू-कश्मीर की राजनीति में नेशनल कॉन्फ्रेंस (National Conference) के अंदर चल रही नाराजगी अब खुलकर सामने आने लगी है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला (Omar Abdullah) के लिए मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं, क्योंकि पार्टी के कई विधायक सरकार के कामकाज और कैबिनेट में हुए बदलावों से खुश नहीं हैं। करीब 25 विधायकों ने अपनी मांगें पूरी करने के लिए 14 दिन का अल्टीमेटम दिया है। चेतावनी है कि बात नहीं बनी तो विधायक सरकार से समर्थन वापस लेने या इस्तीफे जैसे कदम उठा सकते हैं। इस बीच 6 नवंबर को पार्टी अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला के श्रीनगर स्थित आवास पर नाराज विधायकों की अहम बैठक हुई। इसमें मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला भी शामिल हुए। हालांकि, सभी 25 विधायक बैठक में मौजूद नहीं थे। India Today के मुताबिक, बैठक में 15 असंतुष्ट विधायक पहुंचे थे। वहीं, Indian Express की रिपोर्ट के अनुसार, इससे पहले 18 नाराज विधायकों ने अलग बैठक की थी। अब सवाल सिर्फ पार्टी के अंदर मतभेद का नहीं, बल्कि उमर अब्दुल्ला सरकार के बहुमत का भी है। 25 विधायकों ने क्यों खोला मोर्चा? नेशनल कॉन्फ्रेंस में असंतोष की सबसे बड़ी वजह 27 अक्टूबर 2026 को हुआ कैबिनेट विस्तार बताया जा रहा है। इस दौरान उमर अब्दुल्ला ने चार नए मंत्रियों को कैबिनेट में जगह दी। इनमें अली मोहम्मद सागर, मीर सैफुल्लाह, शमीमा फिरदौस और अल्ताफ अहमद कल्लू शामिल हैं। इस फेरबदल में पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं को मंत्री पद नहीं मिला। इनमें मुबारक गुल और अब्दुल मजीद लारमी जैसे अनुभवी विधायक भी शामिल हैं। इसके बाद पार्टी के भीतर नाराजगी बढ़ने लगी। विधायकों का आरोप है कि सरकार के बड़े फैसले लेने में उनकी राय नहीं ली जाती। कुछ नेताओं का मानना है कि पार्टी और सरकार के फैसले सीमित लोगों के बीच ही लिए जा रहे हैं। यही वजह है कि अब विधायक नेतृत्व से जवाब मांग रहे हैं। नाराज विधायकों की 3 बड़ी मांगें मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, असंतुष्ट विधायकों ने पार्टी नेतृत्व के सामने तीन प्रमुख मांगें रखी हैं। 1. पूरी कैबिनेट में बदलाव: विधायक मौजूदा मंत्रियों के विभागों और कामकाज की समीक्षा चाहते हैं। उनकी मांग है कि कैबिनेट का नए सिरे से गठन हो और विधायकों की सलाह को महत्व दिया जाए। 2. CM के सलाहकार को हटाने की मांग: विधायक मुख्यमंत्री के सलाहकार नासिर असलम वानी को पद से हटाने की मांग कर रहे हैं। उनका आरोप है कि सरकार के कामकाज में कुछ सलाहकारों का प्रभाव जरूरत से ज्यादा है। 3. विधायकों की शिकायतों का समाधान: असंतुष्ट नेताओं का कहना है कि निर्वाचित विधायकों को सम्मान मिलना चाहिए। सरकार के फैसलों, विभागों के बंटवारे और विकास कार्यों में उनकी भागीदारी सुनिश्चित की जाए। इसके अलावा मंत्रियों की नियुक्ति में पारदर्शिता, वरिष्ठ नेताओं को प्रतिनिधित्व और जम्मू-कश्मीर के संवैधानिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर सरकार का मजबूत रुख भी उनकी मांगों में शामिल है। फारूक अब्दुल्ला के घर बैठक, 15 विधायक पहुंचे 6 नवंबर को श्रीनगर के गुपकर रोड स्थित फारूक अब्दुल्ला के आवास पर हुई बैठक को पार्टी के लिए अहम माना जा रहा है। नाराज विधायक अपनी मांगों को लेकर पार्टी अध्यक्ष से मिले। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला भी बातचीत में शामिल हुए। India Today की रिपोर्ट के मुताबिक, बैठक में 15 असंतुष्ट विधायक पहुंचे। उनके साथ एक निर्दलीय विधायक भी इस पूरे घटनाक्रम से जुड़ा हुआ बताया गया है। हालांकि, उमर अब्दुल्ला ने निर्दलीय विधायक से बातचीत करने से इनकार करते हुए केवल नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायकों से चर्चा करने की बात कही। इससे पहले 5 नवंबर को भी नाराज विधायकों ने बंद कमरे में बैठक कर अपनी रणनीति पर चर्चा की थी। पार्टी के अंदर इस तरह लगातार बैठकें होना बताता है कि मामला केवल कुछ नेताओं की नाराजगी तक सीमित नहीं रह गया है। हालांकि, पार्टी के कुछ नेताओं ने बगावत की खबरों को खारिज किया है। उनका कहना है कि विधायकों के बीच मतभेद हैं, लेकिन इसे पार्टी में टूट कहना सही नहीं होगा। Aga Syed Ruhullah Mehdi के इस्तीफे से बढ़ी परेशानी नेशनल कॉन्फ्रेंस के लिए एक और बड़ा झटका तब लगा, जब श्रीनगर के सांसद आगा सैयद रुहुल्लाह मेहदी ने 3 नवंबर को पार्टी और लोकसभा सदस्यता से इस्तीफा देने का ऐलान किया। रुहुल्लाह ने पार्टी नेतृत्व पर चुनावी वादे पूरे नहीं करने का आरोप लगाया। उनके प्रमुख मुद्दों में अनुच्छेद 370 और 35A की बहाली, जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा, संवैधानिक अधिकारों की सुरक्षा और राजनीतिक बंदियों की रिहाई शामिल हैं। उन्होंने फारूक अब्दुल्ला और उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व पर भी सवाल उठाए। करीब 24 साल तक नेशनल कॉन्फ्रेंस से जुड़े रहने के बाद उनका यह फैसला पार्टी के लिए अहम राजनीतिक घटनाक्रम बन गया। रुहुल्लाह के इस्तीफे और विधायकों की नाराजगी ने पार्टी नेतृत्व के सामने दोहरी चुनौती खड़ी कर दी है। एक तरफ संगठन के अंदर असंतोष है, तो दूसरी तरफ चुनावी वादों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। क्या गिर सकती है उमर अब्दुल्ला सरकार? समझिए पूरा Number Game इस विवाद के बीच सबसे ज्यादा चर्चा जम्मू-कश्मीर विधानसभा में बहुमत के आंकड़ों को लेकर हो रही है। जम्मू-कश्मीर विधानसभा में 90 निर्वाचित सीटें हैं। नेशनल कॉन्फ्रेंस के पास फिलहाल 41 विधायक हैं। कांग्रेस के 6, निर्दलीय के 6 और CPM के एक विधायक के समर्थन से सत्ताधारी गठबंधन की संख्या 54 तक पहुंचती है। विधानसभा में बहुमत के लिए 46 विधायकों का समर्थन जरूरी है। अब अगर 20 नाराज NC विधायक इस्तीफा दे देते हैं और उनके इस्तीफे विधानसभा अध्यक्ष स्वीकार कर लेते हैं, तो विधानसभा की प्रभावी संख्या घटकर 70 रह सकती है। ऐसी स्थिति में बहुमत का आंकड़ा 36 हो जाएगा। वहीं, अगर एक निर्दलीय विधायक भी समर्थन वापस लेता है, तो सत्ताधारी गठबंधन की संख्या 33 तक आ सकती है। इस स्थिति में उमर अब्दुल्ला सरकार बहुमत से नीचे पहुंच सकती है। यही वजह है कि 25 विधायकों की नाराजगी को पार्टी के लिए गंभीर चुनौती माना जा रहा है। हालांकि, यह पूरा गणित संभावित स्थिति पर आधारित है। अभी तक विधायकों के सामूहिक इस्तीफे या समर्थन वापसी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। Anti-Defection Law भी बन सकता है बड़ी चुनौती अगर नाराज विधायक पार्टी छोड़कर किसी दूसरे दल में शामिल होने का फैसला करते हैं, तो...
Read more
India

India Visa Rules: पाकिस्तान-बांग्लादेश से आए 6 समुदायों के लिए बदले नियम, अब लेना होगा Visa

India में रहने वाले पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आए गैर-मुस्लिम अल्पसंख्यकों के लिए इमिग्रेशन नियमों में बदलाव किया गया है। केंद्र सरकार के नए आदेश के बाद अब हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदाय के उन लोगों को भारत में आगे रहने के लिए उचित श्रेणी का वीजा लेना होगा, जिन्हें पहले कुछ शर्तों के तहत पासपोर्ट और वीजा से छूट मिली हुई थी। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 4 नवंबर 2026 को Immigration and Foreigners (Exemption) (Amendment) Order, 2026 जारी किया। यह बदलाव 5 नवंबर को सरकारी गजट में प्रकाशित हुआ। आइए आसान भाषा में समझते हैं कि सरकार ने क्या बदलाव किए हैं और इसका किन लोगों पर असर पड़ेगा। Visa Rules Change: क्या बदला है सरकार ने? 5 बड़ी बातें 1. छह अल्पसंख्यक समुदायों को लेकर बदले नियम नए आदेश में हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदायों को शामिल किया गया है। ये वे समुदाय हैं, जिनके लोगों को पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान में धार्मिक उत्पीड़न या उसके डर के कारण भारत आने पर कुछ विशेष छूट दी गई थी। 2. 31 दिसंबर 2024 तक भारत आने वालों के लिए प्रावधान इस बदलाव का संबंध उन लोगों से है, जो 31 दिसंबर 2024 या उससे पहले भारत पहुंचे थे। इसमें ऐसे लोग भी शामिल हैं जो बिना वैध पासपोर्ट या यात्रा दस्तावेजों के भारत आए थे या जिनके यात्रा दस्तावेजों की वैधता समाप्त हो चुकी थी। 3. अब भारत में रहने के लिए लेना होगा वीजा पहले निर्धारित शर्तों के तहत इन लोगों को पासपोर्ट और वीजा से छूट मिली हुई थी। लेकिन नए संशोधन के अनुसार, भारत में अपना प्रवास जारी रखने के लिए उन्हें उचित श्रेणी का वीजा लेना होगा। हालांकि, आदेश में प्रवेश से संबंधित पहले वाली छूट को पूरी तरह खत्म नहीं किया गया है। 4. नेपाल और भूटान की यात्रा के नियमों में भी बदलाव सरकार ने नेपाल और भूटान जाने वाले भारतीय नागरिकों के लिए भी यात्रा दस्तावेजों से जुड़े प्रावधानों में संशोधन किया है। दोनों देशों के बीच सीधे आने-जाने के लिए निर्धारित पहचान दस्तावेजों का इस्तेमाल किया जा सकेगा। वहीं, किसी तीसरे देश के रास्ते यात्रा करने पर पासपोर्ट और लागू परिस्थितियों में वीजा की जरूरत होगी। 5. कुछ पाकिस्तानी नागरिकों के लिए भी विशेष प्रावधान नए आदेश में उन कुछ पाकिस्तानी नागरिकों के लिए भी प्रावधान किया गया है, जो 31 दिसंबर 2009 या उससे पहले भारत में स्थायी रूप से बसने के इरादे से आए थे। इनमें ऐसे लोग शामिल हैं जो पाकिस्तानी कंप्यूटरीकृत पहचान पत्र (CNIC) नहीं होने के कारण अपना पासपोर्ट रिन्यू नहीं करा पा रहे हैं। हालांकि, भारत में आगे रहने के लिए उन्हें भी उचित वीजा लेना होगा। CAA और नए Visa Rules में क्या अंतर है? सरकार के इस फैसले के बाद नागरिकता संशोधन कानून (CAA) की भी चर्चा हो रही है। हालांकि, दोनों के उद्देश्य और समय-सीमा अलग-अलग हैं। CAA के तहत पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आए हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदाय के पात्र लोगों को भारतीय नागरिकता देने का प्रावधान है। इसके लिए 31 दिसंबर 2014 तक भारत आने समेत अन्य निर्धारित शर्तें पूरी करनी होती हैं। वहीं, नए इमिग्रेशन संशोधन में 31 दिसंबर 2024 तक भारत आए लोगों के वीजा और भारत में रहने से जुड़े नियमों में बदलाव किया गया है। किन लोगों पर पड़ेगा नए नियमों का असर? इस फैसले का असर मुख्य रूप से पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से भारत आए छह गैर-मुस्लिम अल्पसंख्यक समुदायों के उन लोगों पर पड़ेगा, जो पहले मिली विशेष छूट के आधार पर भारत में रह रहे थे। आसान शब्दों में कहें तो सरकार ने पुराने नियमों के तहत मिली कुछ छूटों में बदलाव किया है। अब संबंधित लोगों को भारत में अपना प्रवास जारी रखने के लिए वीजा संबंधी प्रक्रिया पूरी करनी होगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
🏏 LIVE CRICKET
Loading scores...

Trending Now

देश-हरपल

Latest posts

अमिताभ बच्चन

Mumbai Bomb Threat: अमिताभ बच्चन के बंगले ‘जलसा’ को उड़ाने की धमकी, Bombay HC और BSE भी निशाने पर

Mumbai में एक बार फिर बम की धमकी मिलने से हड़कंप मच गया है। बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन के जुहू स्थित बंगले ‘जलसा’ को बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। चौंकाने वाली बात यह है कि इस बार धमकी के दायरे में सिर्फ अमिताभ बच्चन का घर ही नहीं, बल्कि बॉम्बे हाईकोर्ट (Bombay High Court), बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और महालक्ष्मी रेसकोर्स भी शामिल हैं। 6 नवंबर को सामने आए इस मामले ने मुंबई की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है। धमकी भरा ईमेल मिलने के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। फिलहाल जांच की जा रही है कि यह ईमेल किसने भेजा और इसके पीछे उसका मकसद क्या है। Bombay High Court को मिला धमकी भरा Email मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शुक्रवार को बॉम्बे हाईकोर्ट को एक धमकी भरा ईमेल मिला। इसमें मुंबई के कई महत्वपूर्ण स्थानों को निशाना बनाने की बात कही गई थी। ईमेल में अमिताभ बच्चन का बंगला जलसा, बॉम्बे हाईकोर्ट, BSE और महालक्ष्मी रेसकोर्स का नाम शामिल बताया गया है। इस सूचना के सामने आते ही सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गईं। हालांकि, अभी तक किसी वास्तविक विस्फोटक या हमले की पुष्टि नहीं हुई है। ईमेल भेजने वाले की पहचान और धमकी की गंभीरता का पता लगाने के लिए जांच जारी है। अक्टूबर में भी ‘जलसा’ को मिली थी धमकी अमिताभ बच्चन के बंगले को लेकर यह पहली धमकी नहीं है। इससे पहले 23 अक्टूबर 2026 को भी उनके बंगले जलसा को निशाना बनाने की धमकी मिली थी। उस समय मुंबई की मेयर ऋतु तावड़े के कार्यालय को एक धमकी भरा ईमेल भेजा गया था। इसमें मेयर कार्यालय, कुछ स्कूलों, अमिताभ बच्चन के बंगले और पंजाबी सिंगर दिलजीत दोसांझ के मुंबई कॉन्सर्ट का जिक्र किया गया था। ईमेल में कथित तौर पर खालिस्तान नेशनल आर्मी (KNA) का नाम भी इस्तेमाल किया गया था। हालांकि, किसी संगठन की भूमिका की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई थी। धमकी के बाद बढ़ाई गई थी अमिताभ बच्चन की Security पिछली धमकी के बाद मुंबई पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता बढ़ाई थी। अमिताभ बच्चन के बंगले के आसपास निगरानी भी सख्त की गई थी। पुलिस ने संबंधित स्थानों की जांच की थी, लेकिन उस दौरान कोई संदिग्ध वस्तु मिलने की पुष्टि नहीं हुई थी। 2 नवंबर को अमिताभ बच्चन अपने बंगले जलसा के बाहर हर रविवार की तरह प्रशंसकों से मिलने पहुंचे थे। हालांकि, इस बार सुरक्षा पहले से ज्यादा कड़ी नजर आई। अमिताभ बच्चन बुलेटप्रूफ शीशे के पीछे से अपने प्रशंसकों का अभिवादन करते दिखाई दिए थे। इस दौरान अभिषेक बच्चन भी उनके साथ मौजूद थे। Mumbai में लगातार मिल रही धमकियों से बढ़ी चिंता मुंबई जैसे बड़े शहर में हाईकोर्ट, स्टॉक एक्सचेंज और मशहूर हस्तियों के घरों को धमकी मिलना निश्चित रूप से चिंता का विषय है। खासकर तब, जब कुछ ही दिनों के अंतराल में इसी तरह के मामले सामने आ रहे हों। अब जांच एजेंसियों के सामने यह पता लगाने की चुनौती है कि अलग-अलग धमकी भरे ईमेल के पीछे एक ही व्यक्ति या समूह है अथवा ये अलग-अलग मामले हैं। फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और किसी भी संभावित खतरे को लेकर सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं। हालांकि, अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि धमकी देने वाले का इरादा क्या था। जांच पूरी होने और आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर साफ हो पाएगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Stock Market

Stock Market Rally: सेंसेक्स में 700 अंकों का उछाल, FII की खरीदारी से बाजार में लौटी रौनक

भारतीय शेयर बाजार (Stock Market) के लिए शुक्रवार, 6 नवंबर का दिन काफी शानदार रहा। पिछले कई दिनों से जारी तेजी ने बाजार को एक बार फिर नई ऊंचाई के करीब पहुंचा दिया। सेंसेक्स कारोबार के दौरान 80,000 के स्तर के बेहद करीब पहुंच गया। वहीं निफ्टी ने भी 24,600 का आंकड़ा पार कर लिया। खास बात यह है कि पिछले सात कारोबारी सत्रों में बाजार में 8% से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई है। एक तरफ भारतीय निवेशक बाजार की इस तेजी से उत्साहित हैं, तो दूसरी तरफ अमेरिका, जापान और दक्षिण कोरिया के शेयर बाजारों में भारी गिरावट देखने को मिली। वैश्विक बाजारों में कमजोरी के बावजूद भारतीय शेयर बाजार का मजबूती से आगे बढ़ना निवेशकों के लिए चर्चा का विषय बना हुआ है। Sensex 80,000 के करीब, Nifty में भी जोरदार उछाल शुक्रवार को कारोबार के दौरान सेंसेक्स ने करीब 735 अंकों की छलांग लगाई और 79,959 के स्तर तक पहुंच गया। हालांकि, 80,000 का आंकड़ा पार करने से यह कुछ अंक दूर रह गया। दूसरी ओर निफ्टी 50 भी बढ़त के साथ 24,600 के पार पहुंच गया। इससे पहले गुरुवार को भी बाजार में जबरदस्त खरीदारी हुई थी। सेंसेक्स 2,008 अंक यानी 2.60% की तेजी के साथ 79,310 पर बंद हुआ था। वहीं निफ्टी में करीब 576 अंकों का उछाल आया था। लगातार दूसरे दिन बाजार में मजबूत खरीदारी ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है। 7 दिनों में 8% से ज्यादा चढ़ा Share Market भारतीय शेयर बाजार में पिछले कुछ कारोबारी सत्रों से तेजी का सिलसिला जारी है। बीते छह कारोबारी सत्रों में सेंसेक्स करीब 6,064 अंक चढ़ चुका है। इस दौरान निफ्टी में भी लगभग 8% की बढ़त दर्ज की गई। इस तेजी का असर निवेशकों की संपत्ति पर भी पड़ा है। बाजार पूंजीकरण में लाखों करोड़ रुपये का इजाफा हुआ है। लंबे समय बाद बाजार में ऐसी खरीदारी देखने को मिली है, जिसने निवेशकों के बीच फिर से सकारात्मक माहौल बनाया है। FII की वापसी से बाजार को मिली नई ताकत शेयर बाजार में तेजी की सबसे बड़ी वजह विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी FII की वापसी मानी जा रही है। 5 नवंबर को विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार में करीब 14,975 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की। सितंबर 2024 के बाद यह उनकी सबसे बड़ी एकदिवसीय खरीदारी बताई गई है। दूसरी ओर घरेलू संस्थागत निवेशकों यानी DII ने करीब 10,445 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। इसके बावजूद विदेशी निवेशकों की मजबूत खरीदारी से बाजार में तेजी बनी रही। FII की वापसी को भारतीय शेयर बाजार के लिए अहम संकेत माना जा रहा है। अमेरिकी Stock Market में क्यों मची बिकवाली? भारत में जहां शेयर बाजार ऊपर चढ़ रहा था, वहीं अमेरिका के बाजारों में गुरुवार को भारी गिरावट देखने को मिली। अमेरिकी बाजारों में टेक्नोलॉजी और AI कंपनियों के शेयरों पर सबसे ज्यादा दबाव रहा। निवेशकों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनियों की बढ़ती वैल्यूएशन और भारी निवेश खर्च को लेकर चिंता सता रही है। अमेरिकी बाजारों का प्रदर्शन इस प्रकार रहा: टेक कंपनियों में मुनाफावसूली और AI सेक्टर को लेकर बढ़ती चिंताओं ने अमेरिकी बाजार का माहौल बिगाड़ दिया। जापान और दक्षिण कोरिया के बाजार भी टूटे अमेरिका में आई गिरावट का असर एशियाई बाजारों पर भी दिखाई दिया। शुक्रवार को जापान का Nikkei 225 शुरुआती कारोबार में 5% से ज्यादा गिर गया। वहीं दक्षिण कोरिया का Kospi करीब 8% तक टूट गया। दक्षिण कोरिया के बाजार में तेज गिरावट के कारण कुछ समय के लिए ट्रेडिंग भी रोकनी पड़ी। टेक्नोलॉजी और सेमीकंडक्टर कंपनियों के शेयरों में बिकवाली ने इन बाजारों पर दबाव बढ़ाया। इस तरह एक ही दिन में दुनिया के कई बड़े बाजारों में कमजोरी देखने को मिली, जबकि भारतीय बाजार तेजी के साथ कारोबार करता रहा। इन 5 वजहों से भारतीय बाजार में आई तेजी 1. विदेशी निवेशकों की खरीदारी: FII की वापसी ने बाजार को बड़ा सहारा दिया है। विदेशी निवेशकों की ओर से हजारों करोड़ रुपये की खरीदारी से प्रमुख इंडेक्स में तेजी आई। 2. कच्चे तेल की कीमतों में नरमी: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी भारत के लिए राहत की खबर है। इससे देश के आयात बिल और महंगाई पर दबाव कम होने की उम्मीद रहती है। 3. कंपनियों के बेहतर तिमाही नतीजे: कई बड़ी कंपनियों के नतीजों ने निवेशकों को आकर्षित किया है। खासकर बैंकिंग, ऑटो और IT सेक्टर में खरीदारी देखने को मिली। 4. बड़े शेयरों में खरीदारी: सेंसेक्स और निफ्टी में शामिल बड़ी कंपनियों के शेयरों में तेजी ने बाजार को ऊपर पहुंचाने में मदद की। 5. निवेशकों का बढ़ता भरोसा: लगातार तेजी और विदेशी निवेशकों की वापसी से बाजार में सकारात्मक माहौल बना है। किन शेयरों में दिखी सबसे ज्यादा हलचल? शुक्रवार के शुरुआती कारोबार में महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयरों में 4% से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई। कंपनी के बेहतर तिमाही नतीजों ने निवेशकों का ध्यान खींचा। इसके अलावा टाइटन, HCL टेक्नोलॉजीज, TCS, इंफोसिस और भारती एयरटेल के शेयरों में भी खरीदारी देखने को मिली। वहीं एशियन पेंट्स, पावर ग्रिड, बजाज फाइनेंस और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स के शेयरों में कमजोरी रही। आगे कहां तक जाएगा सेंसेक्स? सेंसेक्स का 80,000 के करीब पहुंचना भारतीय शेयर बाजार के लिए अहम घटनाक्रम है। हालांकि, लगातार सात दिनों की तेजी के बाद निवेशकों को कुछ मुनाफावसूली भी देखने को मिल सकती है। आने वाले दिनों में FII की खरीदारी, अमेरिकी बाजारों की चाल, कच्चे तेल की कीमतें और कंपनियों के तिमाही नतीजे बाजार की दिशा तय करेंगे। फिलहाल भारतीय बाजार ने वैश्विक कमजोरी के बीच अपनी मजबूती दिखाई है। अब निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि सेंसेक्स 80,000 के स्तर को पार कर पाता है या नहीं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Dhanteras

Dhanteras Gold-Silver Price: धनतेरस पर सोना ₹2,300 और चांदी ₹3,000 से ज्यादा सस्ती

धनतेरस पर सोना या चांदी खरीदने का प्लान बना रहे हैं, तो आपके लिए अच्छी खबर है। त्योहार के मौके पर कीमती धातुओं की कीमतों में गिरावट देखने को मिली है। शुक्रवार, 6 नवंबर को सोने का भाव 2,300 रुपये से ज्यादा टूटकर करीब 1.42 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। वहीं, चांदी की कीमत में भी 3,000 रुपये से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई और इसका भाव करीब 1.84 लाख रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया। इस साल सोने-चांदी की कीमतों ने निवेशकों और आम खरीदारों को कई बार चौंकाया है। जनवरी में रिकॉर्ड ऊंचाई छूने के बाद अब दोनों धातुओं के भाव में बड़ी गिरावट आई है। ऐसे में धनतेरस पर खरीदारी की तैयारी कर रहे लोगों के मन में एक ही सवाल है कि क्या सोना-चांदी खरीदने का यह सही मौका है? Gold Price Today: सोने के भाव में ₹2,300 से ज्यादा की गिरावट MCX पर शुक्रवार को दिसंबर डिलीवरी वाले सोने की कीमत में अच्छी-खासी गिरावट देखने को मिली। सोने का पिछला बंद भाव 1,44,095 रुपये प्रति 10 ग्राम था। शुक्रवार को कारोबार शुरू होते ही भाव नीचे आ गया। कारोबार के दौरान सोना करीब 2,339 रुपये यानी 1.62% गिरकर 1,41,756 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। दिन के कारोबार में इसका निचला स्तर 1,41,718 रुपये दर्ज किया गया। इस गिरावट से उन लोगों को कुछ राहत मिल सकती है, जो धनतेरस पर सोने के गहने या सिक्के खरीदने का इंतजार कर रहे थे। Silver Price Today: चांदी भी ₹3,000 से ज्यादा सस्ती सोने के साथ चांदी की कीमतों में भी कमजोरी रही। MCX पर दिसंबर डिलीवरी वाली चांदी का पिछला बंद भाव 1,87,140 रुपये प्रति किलो था। शुक्रवार को यह 1,85,499 रुपये पर खुली। इसके बाद चांदी करीब 3,139 रुपये गिरकर 1,84,001 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई। कारोबार के दौरान इसका निचला स्तर 1,83,700 रुपये दर्ज किया गया। चांदी की कीमतों में आई इस गिरावट से त्योहार के लिए चांदी के सिक्के, बर्तन और अन्य सामान खरीदने वालों को राहत मिल सकती है। जनवरी के रिकॉर्ड से कितना नीचे आ गया सोना-चांदी? साल 2026 की शुरुआत सोने और चांदी के लिए काफी शानदार रही थी। दोनों धातुओं ने लगातार तेजी दिखाते हुए नए रिकॉर्ड बनाए। लेकिन अब तस्वीर बदलती नजर आ रही है। यानी इस साल रिकॉर्ड तेजी देखने के बाद अब सोने-चांदी के बाजार में बड़ी गिरावट दर्ज की जा रही है। Gold-Silver Price क्यों गिर रहे हैं? सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट के पीछे सिर्फ एक वजह नहीं है। अंतरराष्ट्रीय बाजार से मिल रहे संकेतों का असर भारतीय बाजार पर भी पड़ रहा है। 1. डॉलर की मजबूती: अमेरिकी डॉलर मजबूत होने से सोने और चांदी की मांग पर दबाव पड़ता है। डॉलर महंगा होने पर दूसरी मुद्राओं में इन धातुओं को खरीदना मुश्किल हो जाता है। 2. निवेशकों की मुनाफावसूली: रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के बाद कई निवेशक मुनाफा निकाल रहे हैं। लगातार बिकवाली से कीमतों में गिरावट बढ़ी है। 3. अमेरिकी ब्याज दरों का असर: निवेशक अमेरिकी फेडरल रिजर्व के अगले फैसले पर नजर बनाए हुए हैं। ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता का असर सोने की कीमतों पर पड़ रहा है। 4. कच्चे तेल और महंगाई की चिंता: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और महंगाई से जुड़े संकेत भी निवेशकों की रणनीति बदल रहे हैं। आगे Gold और Silver के भाव का क्या रहेगा रुख? आने वाले दिनों में सोने-चांदी की कीमतों की दिशा काफी हद तक डॉलर की चाल, अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों और फेडरल रिजर्व के फैसलों पर निर्भर करेगी। MCX में सोने के लिए 1,41,760 रुपये के आसपास सपोर्ट और 1,45,690 रुपये के आसपास रेजिस्टेंस का स्तर अहम माना जा रहा है। वहीं, चांदी के लिए 1,84,230 रुपये का सपोर्ट और 1,90,500 रुपये का रेजिस्टेंस महत्वपूर्ण हो सकता है। हालांकि, ये तकनीकी स्तर हैं, कीमतों में आगे तेजी या गिरावट की गारंटी नहीं देते। Dhanteras Shopping: सोना-चांदी खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान धनतेरस पर सोना खरीदना शुभ माना जाता है। ऐसे में कीमतों में गिरावट देखकर खरीदारी का मन बन रहा है, तो जल्दबाजी करने के बजाय कुछ जरूरी बातें जरूर जांच लें। कुल मिलाकर, धनतेरस पर सोने और चांदी की कीमतों में आई गिरावट खरीदारों के लिए राहत की खबर है। हालांकि, जनवरी के रिकॉर्ड भाव से नीचे आने के बावजूद कीमतें अभी भी काफी ऊंचे स्तर पर हैं। ऐसे में खरीदारी करने से पहले अपने शहर के सर्राफा बाजार का ताजा भाव जरूर पता कर लें। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

पूर्व हॉकी खिलाड़ी एम.एम. सोमैया के घर चोरी, 1980 मॉस्को ओलंपिक का गोल्ड मेडल ले गए चोर; 3.53 लाख का सामान पार

भारत के पूर्व हॉकी खिलाड़ी एम.एम. सोमैया के बेंगलुरु स्थित घर में चोरी का मामला सामने आया है। चोर उनके घर से 1980 मॉस्को ओलंपिक में जीता गया गोल्ड मेडल समेत कई अंतरराष्ट्रीय पदक और कीमती सामान लेकर फरार हो गए। 28 अक्टूबर की रात हुई इस वारदात के दौरान 67 वर्षीय सोमैया अपने परिवार के साथ कोडागु गए हुए थे। पुलिस ने चोरी हुए सामान की कुल कीमत करीब 3.53 लाख रुपए आंकी है। चोर ओलंपिक गोल्ड के अलावा 1982 एशियन गेम्स का सिल्वर मेडल, 1986 एशियन गेम्स का ब्रॉन्ज मेडल और 1982 चैंपियंस ट्रॉफी का ब्रॉन्ज मेडल भी ले गए। इसके साथ ही सोने के गहने, चांदी के सामान और 30 हजार रुपए नकद चोरी हुए हैं। पड़ोसी ने दी चोरी की सूचना, CCTV में दिखे दो संदिग्ध चोरी का खुलासा तब हुआ, जब एक पड़ोसी ने सोमैया के घर का दरवाजा खुला देखा। इसके बाद उसने उन्हें इसकी सूचना दी। पड़ोसी के घर में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगालने पर रात करीब 2:34 बजे दो संदिग्ध घर में घुसते दिखाई दिए। इनमें से एक ने नीली और दूसरे ने लाल रंग की शर्ट पहन रखी थी। पुलिस मामले की जांच कर रही है। 1980 में 16 साल बाद भारत ने जीता था ओलंपिक गोल्ड मॉस्को ओलंपिक का गोल्ड मेडल भारतीय हॉकी के इतिहास में बेहद खास स्थान रखता है। भारत ने इससे पहले 1964 के टोक्यो ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीता था। इसके बाद 1980 में भारतीय टीम ने 16 साल के अंतराल के बाद एक बार फिर ओलंपिक गोल्ड अपने नाम किया था। इससे पहले भारत 1928 से 1956 तक लगातार छह ओलंपिक गोल्ड जीतकर विश्व हॉकी में अपना दबदबा कायम कर चुका था। मॉस्को ओलंपिक के फाइनल में भारत ने स्पेन को 4-3 से हराया था। इस मुकाबले में सुरिंदर सिंह सोढ़ी ने दो गोल किए, जबकि मोहम्मद शाहिद और एम.के. कौशिक ने एक-एक गोल कर भारत को चैंपियन बनाया। इंटरनेशनल डेब्यू के साथ ही जीता ओलंपिक गोल्ड एम.एम. सोमैया का पूरा नाम मानेयापांडा मुथन्ना सोमैया है। उनका जन्म 8 मई 1959 को कर्नाटक के मर्कारा (अब मदिकेरी) में हुआ था। उनके पिता बॉम्बे हॉकी एसोसिएशन के सदस्य थे। सोमैया बचपन से ही हॉकी में रुचि रखते थे। पांच साल की उम्र से हॉकी देखना शुरू किया और 12 साल की उम्र में खुद खेलना शुरू कर दिया। बाद में माइकल सालदान्हा ने उन्हें महिंद्रा एंड महिंद्रा की टीम में खेलने का मौका दिया। 1975 से वह बॉम्बे की जूनियर और सीनियर राष्ट्रीय चैंपियनशिप टीमों का हिस्सा बनने लगे। 1980 के मॉस्को ओलंपिक में उन्होंने अंतरराष्ट्रीय हॉकी में डेब्यू किया और अपने पहले ही बड़े टूर्नामेंट में ओलंपिक गोल्ड जीत लिया। एस्ट्रो टर्फ पर खेलने के लिए बजरी के मैदान पर की थी तैयारी 1980 मॉस्को ओलंपिक में भारतीय टीम के सामने एस्ट्रो टर्फ पर खेलने की बड़ी चुनौती थी। यह कृत्रिम घास से बना मैदान होता है, जहां गेंद प्राकृतिक घास के मुकाबले अधिक तेजी से चलती है। उस दौर में भारतीय खिलाड़ी ज्यादातर प्राकृतिक घास के मैदानों पर खेलने के आदी थे। इस चुनौती से निपटने के लिए कोच बालकृष्ण सिंह ने बेंगलुरु में बजरी के मैदान पर खिलाड़ियों को अभ्यास कराया था। इसका उद्देश्य उन्हें तेज सतह पर खेलने के लिए तैयार करना था। सोमैया ने भी बाद में बताया था कि एस्ट्रो टर्फ पर खेलना उनके लिए बिल्कुल नया अनुभव था। तीन ओलंपिक में किया भारत का प्रतिनिधित्व, 1988 में बने कप्तान मॉस्को ओलंपिक के बाद एम.एम. सोमैया ने 1984 के लॉस एंजिलिस और 1988 के सियोल ओलंपिक में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया। 1988 में उन्हें भारतीय हॉकी टीम की कप्तानी सौंपी गई थी। उन्होंने अपने करियर में दो हॉकी वर्ल्ड कप, दो एशियन गेम्स, दो एशिया कप और तीन चैंपियंस ट्रॉफी टूर्नामेंट में भी देश का प्रतिनिधित्व किया। खेल के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए उन्हें अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।

WPL 2027 का आगाज 14 जनवरी से, पहले मैच में भिड़ेंगी RCB और मुंबई इंडियंस; 7 फरवरी को होगा फाइनल

विमेंस प्रीमियर लीग (WPL) के नए सीजन का आगाज 14 जनवरी को होने जा रहा है। टूर्नामेंट का पहला मुकाबला डिफेंडिंग चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) और दो बार की चैंपियन मुंबई इंडियंस (MI) के बीच खेला जाएगा। वडोदरा इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में होने वाला यह मुकाबला शाम 7:30 बजे शुरू होगा। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने इस सीजन के लिए वडोदरा और मुंबई को मेजबान शहर चुना है। टूर्नामेंट के शुरुआती 11 मुकाबले 14 से 24 जनवरी तक वडोदरा में खेले जाएंगे। इसके बाद 26 जनवरी से मुंबई में लीग के बाकी मैच होंगे। लीग स्टेज का आखिरी मुकाबला 3 फरवरी को दिल्ली कैपिटल्स और यूपी वॉरियर्स के बीच खेला जाएगा। वहीं, एलिमिनेटर 5 फरवरी और खिताबी मुकाबला 7 फरवरी को होगा। 25 दिन में खेले जाएंगे 22 मुकाबले WPL में कुल पांच टीमें हिस्सा लेंगी। लीग स्टेज में प्रत्येक टीम बाकी चार टीमों के खिलाफ दो-दो मुकाबले खेलेगी। इस तरह लीग चरण में कुल 20 मैच होंगे। इसके बाद एलिमिनेटर और फाइनल सहित टूर्नामेंट में कुल 22 मुकाबले खेले जाएंगे। पूरा सीजन 25 दिनों में संपन्न होगा। UP वॉरियर्स की शुरुआत गुजरात जायंट्स से यूपी वॉरियर्स अपना पहला मुकाबला 15 जनवरी को गुजरात जायंट्स के खिलाफ खेलेगी। हालिया नीलामी में यूपी की टीम ने कई बड़े खिलाड़ियों को खरीदकर सुर्खियां बटोरी थीं। टीम ने ऑस्ट्रेलिया की सोफी मोलिन्यू को 1.10 करोड़ रुपए में खरीदा। इसके अलावा ग्रेस हैरिस को भी दोबारा अपनी टीम में शामिल किया। वहीं, दिल्ली कैपिटल्स अपना पहला मैच 16 जनवरी को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ खेलेगी। दिल्ली की टीम अब तक चार बार WPL के फाइनल में पहुंच चुकी है, लेकिन उसे पहली ट्रॉफी का इंतजार है। ऑक्शन में 25 खिलाड़ियों पर लगी बोली 28 अक्टूबर को हुए WPL के पांचवें सीजन के ऑक्शन में कुल 25 खिलाड़ियों को खरीदा गया। इनमें 18 भारतीय और 7 विदेशी खिलाड़ी शामिल रहीं। ऑस्ट्रेलिया की सोफी मोलिन्यूक्स नीलामी की सबसे महंगी खिलाड़ियों में रहीं। यूपी वॉरियर्स ने उन्हें 1.10 करोड़ रुपए में अपनी टीम में शामिल किया। भारतीय ऑलराउंडर स्नेह राणा को भी यूपी ने 30 लाख रुपए में खरीदा। वहीं, किरण नवगिरे को दिल्ली कैपिटल्स ने 75 लाख रुपए और जी कमलिनी को गुजरात जायंट्स ने 40 लाख रुपए में खरीदा।

Trending News

Top News

About Me

देशहरपल सिर्फ खबरों का मंच नहीं, बल्कि आपकी आवाज़ को सामने लाने का एक सशक्त माध्यम भी है। यहां आपको ताज़ातरीन खबरों के साथ-साथ नौकरी, शिक्षा, और नए भारत की बदलती आर्थिक तस्वीर पर उपयोगी और भरोसेमंद जानकारी मिलेगी।

Phone: +91 9406783569, +91 755 484 8829
Email: support@deshharpal.com
Address : A-23 Sakshi Bunglow Trilanga Near Aura Mall Bhopal M.P

Recent Posts

  • All Post
  • Breaking News
  • Education
  • More News
  • Web Story
  • एंटरटेनमेंट
  • देश-हरपल
  • धर्म-कर्म
  • प्रदेश
  • बिज़नेस
  • वर्ल्ड न्यूज़
  • वीडियो
  • स्पोर्ट्स
    •   Back
    • एक्सक्लूसिव
    • Editorial
    •   Back
    • IPL 2026
    • T20 वर्ल्ड कप
    • FIFA 2026
    •   Back
    • सोच-विचार
    • हेल्थ
    • ट्रैवल
    • कल्चर
    • एनवायरनमेंट
    • Impact Feature
    •   Back
    • राशिफल
    • पंचांग
    • पर्व-त्यौहार
    • पूजा-पाठ
    • चैत्र नवरात्रि 2025
    •   Back
    • मध्य प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    •   Back
    • टीवी
    • वेब-सीरीज
    • फिल्म रिव्यू
    • बॉलीवुड
    •   Back
    • लाइफस्टाइल
    •   Back
    • स्टॉक-मार्केट

© 2023 Deshharpal. All Rights Reserved.