Bhopal के तुलसी नगर सेकंड स्टॉप पर भोपाल नगर निगम का नया मुख्यालय बनकर तैयार हो गया है। 43 करोड़ रुपए की लागत से बने इस भवन का नाम ‘अटल भवन’ रखा गया है। गुरुवार को मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने इसका लोकार्पण किया। अब शहरवासियों को नगर निगम के अलग-अलग कामों के लिए कई जगह भटकना नहीं पड़ेगा। निगम के ज्यादातर विभाग एक ही बिल्डिंग में काम करेंगे। प्रदेश की पहली जियोथर्मल तकनीक वाली नगरीय बिल्डिंग नगर निगम का यह नया मुख्यालय प्रदेश की पहली ऐसी नगरीय निकाय बिल्डिंग है, जिसमें जियोथर्मल तकनीक का उपयोग किया गया है। परिसर में लगाए गए सोलर पैनलों से करीब 300 किलोवाट बिजली तैयार होगी। लोकार्पण के साथ ही नीमच जिले में भोपाल निगम द्वारा स्थापित 10.5 मेगावॉट सोलर प्रोजेक्ट का भी शुभारंभ किया गया। एक जगह मिलेंगी सभी सुविधाएं नई बिल्डिंग में जनसुविधा केंद्र बनाया गया है, जहां नागरिकों को सभी विभागों से जुड़ी जानकारी और सेवाएं एक ही स्थान पर मिलेंगी। यहां बिल्डिंग परमिशन, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, विवाह पंजीयन, जल कार्य, सीवेज, राजस्व, स्वच्छ भारत मिशन, स्वास्थ्य, आईटी और स्मार्ट सिटी समेत कई विभाग संचालित होंगे। अभी अलग-अलग जगह चल रहे थे ऑफिस अब तक नगर निगम की कई शाखाएं शहर के अलग-अलग इलाकों में संचालित हो रही थीं। आईएसबीटी, माता मंदिर, शाहपुरा और फतेहगढ़ समेत कई जगहों पर विभागों के ऑफिस थे। नए मुख्यालय के शुरू होने से कामकाज आसान होने की उम्मीद है। नई बिल्डिंग में सामने आईं कुछ खामियां करीब 5 एकड़ जमीन पर बनी इस बिल्डिंग में कुछ कमियां भी सामने आई हैं। सबसे बड़ी कमी मीटिंग हॉल को लेकर बताई जा रही है। करोड़ों रुपए खर्च होने के बावजूद मीटिंग हॉल नहीं बनाया गया। अब इसके लिए पास की 0.25 एकड़ जमीन मांगी गई है, जिस पर करीब 10 करोड़ रुपए खर्च होंगे। ग्रीन कॉन्सेप्ट पर तैयार हुआ भवन ‘अटल भवन’ को ग्रीन बिल्डिंग कॉन्सेप्ट पर तैयार किया गया है। परिसर में सोलर पैनल लगाए गए हैं। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि पैनलों की दिशा उत्तर-दक्षिण होने से बिजली उत्पादन प्रभावित हो सकता है। किस फ्लोर पर कौन-सा विभाग? अधिक जानकारी और ताजा अपडेट्स के लिए विजिट करें www.deshharpal.com
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