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Sagar

Sagar में जहरीली शराब का कहर: 19 मौत, 112 मरीज भर्ती; Liquor Network पर पुलिस का शिकंजा

मध्य प्रदेश के सागर (Sagar) जिले में जहरीली शराब ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। शराब पीने के बाद लोगों की तबीयत बिगड़ने का सिलसिला शुरू हुआ और देखते ही देखते अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ती चली गई। अब तक 19 लोगों की मौत की बात सामने आई है, जबकि 112 मरीज अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती बताए जा रहे हैं। मृतकों में पिता-पुत्र के शामिल होने की जानकारी ने इस घटना को और दर्दनाक बना दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने जांच तेज कर दी है। पुलिस ने लाइसेंसी शराब ठेकेदारों समेत 30 लोगों को नामजद आरोपी बनाया है। इनमें से 10 आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है। अधिकारियों की नजर अब उस पूरे नेटवर्क पर है, जिसके जरिए कथित तौर पर मिलावटी या जहरीली शराब लोगों तक पहुंची। शराब पीने के बाद बिगड़ी लोगों की तबीयत जानकारी के मुताबिक, सागर जिले के बंडा क्षेत्र में कई लोगों ने शराब का सेवन किया था। इसके बाद एक के बाद एक लोगों की तबीयत खराब होने लगी। कुछ लोगों को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया। स्थानीय स्तर पर इलाज के बाद गंभीर मरीजों को बड़े अस्पतालों में रेफर किया गया। अस्पतालों में अचानक मरीजों की संख्या बढ़ने से स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट हो गया। प्रभावित इलाकों में मेडिकल टीमों को भेजकर लोगों की जांच की जा रही है। प्रशासन यह भी पता लगाने में जुटा है कि कितने लोगों ने संदिग्ध शराब का सेवन किया था। 112 मरीजों का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज जहरीली शराब की आशंका के बाद अस्पतालों में भर्ती मरीजों की संख्या लगातार चिंता बढ़ा रही है। 112 लोगों के इलाज की जानकारी सामने आई है। इनमें कुछ मरीजों की हालत गंभीर बताई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रभावित गांवों में पहुंचकर स्थिति पर नजर रख रही हैं। अधिकारियों का फोकस इस बात पर है कि संदिग्ध शराब पीने वाले किसी व्यक्ति की हालत बिगड़ने पर उसे समय रहते अस्पताल पहुंचाया जा सके। पिता-पुत्र की मौत से परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ इस हादसे में पिता-पुत्र की मौत की खबर ने स्थानीय लोगों को झकझोर दिया है। एक ही परिवार के दो सदस्यों की जान जाने से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना के बाद प्रभावित इलाकों में मातम का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्हें अंदाजा नहीं था कि शराब की एक बोतल इतनी बड़ी त्रासदी का कारण बन सकती है। अब लोगों में अवैध और संदिग्ध शराब की बिक्री को लेकर डर भी है और गुस्सा भी। 30 नामजद आरोपियों पर FIR, 10 गिरफ्तार पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए 30 लोगों को नामजद आरोपी बनाया है। इनमें लाइसेंसी शराब कारोबार से जुड़े लोगों के नाम भी शामिल बताए जा रहे हैं। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि शराब की सप्लाई कहां से हुई और इसे किन लोगों तक पहुंचाया गया। अब तक 10 आरोपियों को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी है। पुलिस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में लगी है। जांच में जिस किसी की भूमिका सामने आएगी, उसके खिलाफ कार्रवाई की बात कही गई है। लाइसेंसी ठेकेदारों की भूमिका भी जांच के घेरे में मामले में लाइसेंसी शराब ठेकेदारों के नाम सामने आने के बाद आबकारी विभाग की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। जांच एजेंसियां यह पता कर रही हैं कि यदि शराब की बिक्री वैध दुकानों से हुई थी, तो उसमें मिलावट कैसे पहुंची। अधिकारियों की जिम्मेदारी और संभावित लापरवाही की भी जांच की जा रही है। प्रशासन की कोशिश है कि शराब के स्रोत से लेकर इसकी बिक्री तक पूरी चेन का पता लगाया जाए। जहरीली शराब की सप्लाई का नेटवर्क खंगाल रही पुलिस पुलिस को शक है कि इस मामले के पीछे सिर्फ कुछ स्थानीय लोगों का हाथ नहीं, बल्कि शराब की सप्लाई से जुड़ा बड़ा नेटवर्क भी हो सकता है। जांच एजेंसियां शराब की बोतल, लेबल और सप्लाई चैन से जुड़े हर पहलू की जांच कर रही हैं। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि जहरीली शराब लोगों तक कैसे पहुंची और इस लापरवाही के पीछे कौन जिम्मेदार है। जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में और गिरफ्तारियां होने की संभावना है। प्रशासन की नजर अब हर कड़ी पर सागर की इस घटना ने अवैध और मिलावटी शराब के कारोबार को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस कार्रवाई के साथ-साथ स्वास्थ्य विभाग भी प्रभावित लोगों की निगरानी कर रहा है। प्रशासन का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल परिवार अपनों को खोने के दर्द में हैं और अस्पतालों में भर्ती मरीजों के परिजन उनके जल्द ठीक होने की उम्मीद लगाए बैठे हैं। जांच पूरी होने के बाद ही साफ हो पाएगा कि इस जहरीली शराब की असली सप्लाई कहां से हुई और इस पूरे मामले में किसकी कितनी भूमिका थी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Donald Trump

Donald Trump का Iran पर बड़ा Action, Map पर लगाई अपनी Photo; लिखा- ‘Bye Bye Kharg’

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने सोशल मीडिया पर ईरान को लेकर एक के बाद एक कई पोस्ट शेयर कर हलचल बढ़ा दी। करीब एक घंटे के दौरान ट्रंप ने ईरान से जुड़ी 7 पोस्ट कीं। इनमें ईरान का नक्शा, तेल निर्यात, करेंसी और स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के साथ-साथ खार्ग द्वीप का भी जिक्र किया गया। इन पोस्ट में एक तस्वीर ने सबसे ज्यादा ध्यान खींचा। इसमें ईरान के मैप पर ट्रंप की तस्वीर दिखाई गई थी। पोस्ट को लेकर सोशल मीडिया पर भी तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। ‘Bye Bye Kharg’ ने खींचा सबसे ज्यादा ध्यान ट्रंप की पोस्ट सीरीज में Kharg Island को लेकर किया गया संदेश खास चर्चा में रहा। उन्होंने एक ग्राफिक शेयर करते हुए लिखा- “Bye bye, Kharg.” खार्ग द्वीप ईरान के लिए रणनीतिक रूप से बेहद अहम है। यह देश के प्रमुख Oil Export Terminal के तौर पर जाना जाता है। यहां से बड़ी मात्रा में कच्चे तेल के निर्यात की व्यवस्था होती है। ऐसे में खार्ग का नाम सामने आने के बाद ट्रंप के संदेश को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई। ट्रंप इससे पहले भी खार्ग द्वीप को लेकर सोशल मीडिया पर AI-generated तस्वीर और वीडियो शेयर कर चुके हैं। हालांकि सोशल मीडिया पर दिखाई गई तस्वीरों को वास्तविक सैन्य कार्रवाई की पुष्टि नहीं माना जा सकता। Iran की Economy और Currency पर भी निशाना ट्रंप की पोस्ट केवल सैन्य या रणनीतिक मुद्दों तक सीमित नहीं थीं। उन्होंने Iranian currency, inflation और oil exports से जुड़े मुद्दों को भी उठाया। अमेरिकी प्रतिबंधों और क्षेत्रीय तनाव के बीच ईरान की अर्थव्यवस्था पहले से दबाव में है। ट्रंप की पोस्टिंग में इसी आर्थिक स्थिति को लेकर ईरान पर निशाना साधने की कोशिश दिखाई दी। ईरान की ओर से लगातार यह संकेत दिया जाता रहा है कि वह बाहरी दबाव के बावजूद अपनी आर्थिक और रणनीतिक नीतियों को जारी रखेगा। Strait of Hormuz पर बढ़ी दुनिया की चिंता इस पूरे विवाद में Strait of Hormuz सबसे अहम मुद्दों में से एक बन गया है। यह समुद्री रास्ता दुनिया के महत्वपूर्ण Oil Shipping Routes में शामिल है। यहां किसी भी तरह का लंबा व्यवधान अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार पर सीधा असर डाल सकता है। हालिया तनाव के बीच हॉर्मुज से गुजरने वाले Commercial Ships की आवाजाही में कमी की खबरों ने चिंता बढ़ा दी है। अगर स्थिति ज्यादा बिगड़ती है तो इसका असर सिर्फ अमेरिका और ईरान तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि दुनिया के कई देशों में तेल की कीमतों और सप्लाई पर असर पड़ सकता है। Oil Market पर भी पड़ा असर अमेरिका-ईरान तनाव का असर Global Oil Market में भी दिखाई दे रहा है। बाजार की नजर खासतौर पर इस बात पर है कि हॉर्मुज से तेल और अन्य ऊर्जा उत्पादों की आवाजाही कितनी सामान्य रहती है। अगर इस अहम समुद्री मार्ग पर लंबे समय तक तनाव बना रहता है, तो Supply Disruption की आशंका बढ़ सकती है। ऐसी स्थिति में कच्चे तेल की कीमतों पर ऊपर की ओर दबाव देखने को मिल सकता है। पहले भी खार्ग को लेकर पोस्ट कर चुके हैं ट्रंप खार्ग द्वीप को लेकर ट्रंप का यह पहला सोशल मीडिया संदेश नहीं है। इससे पहले भी उन्होंने एक AI-generated वीडियो शेयर किया था, जिसमें खार्ग द्वीप को नुकसान पहुंचने जैसा दृश्य दिखाया गया था। उस समय भी इस पोस्ट ने काफी सुर्खियां बटोरी थीं। अब एक बार फिर “Bye Bye Kharg” लिखकर ट्रंप ने खार्ग को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। आगे क्या होगा? ट्रंप की ताजा पोस्टिंग से साफ है कि अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा तनाव केवल बयानबाजी तक सीमित नहीं है। Oil Export, Economy और Strait of Hormuz जैसे मुद्दे अब इस पूरे विवाद के अहम हिस्से बन चुके हैं। फिलहाल दुनिया की नजर इस बात पर है कि आने वाले दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव किस दिशा में जाता है। अगर हॉर्मुज में स्थिति बिगड़ती है, तो इसका असर Middle East से बाहर भी महसूस किया जा सकता है। ट्रंप के “Bye Bye Kharg” संदेश ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ेगा या आने वाले दिनों में बातचीत के जरिए कोई रास्ता निकलेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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TMC

TMC MP Nadimul Haque पर ED Action, कोलकाता से दिल्ली तक 7 ठिकानों पर Raid

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राज्यसभा सांसद मोहम्मद नदीमुल हक से जुड़े ठिकानों पर सोमवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने छापेमारी की। मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ी जांच के तहत एजेंसी की टीमों ने कोलकाता, दिल्ली और रांची में 7 ठिकानों पर एक साथ तलाशी ली। ED की इस कार्रवाई से पश्चिम बंगाल की राजनीति में भी हलचल बढ़ गई है। तलाशी के दायरे में नदीमुल हक से जुड़े परिसरों के अलावा उर्दू अखबार ‘अखबार-ए-मशरिक’ से जुड़े ठिकाने भी बताए जा रहे हैं। ‘अखबार-ए-मशरिक’ से जुड़े मामले में जांच मोहम्मद नदीमुल हक ‘अखबार-ए-मशरिक’ का संचालन करने वाली कंपनी से जुड़े बताए जाते हैं। ED की जांच में कथित तौर पर कंपनी के वित्तीय लेन-देन और फंडिंग से जुड़े रिकॉर्ड को खंगाला जा रहा है। रिपोर्टों के मुताबिक, मामले की शुरुआत पश्चिम बंगाल के बिधाननगर पुलिस कमिश्नरेट में दर्ज FIR से हुई थी। इसके बाद ED ने मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच आगे बढ़ाई। तीन राज्यों में ED की छापेमारी ED की टीमों ने कोलकाता के साथ-साथ दिल्ली और रांची में भी संबंधित परिसरों की तलाशी ली। कोलकाता के पार्क सर्कस इलाके में स्थित अखबार के कार्यालय में भी एजेंसी के अधिकारियों के पहुंचने की जानकारी सामने आई है। तलाशी के दौरान वित्तीय दस्तावेज, लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड और अन्य जरूरी कागजात की जांच किए जाने की बात कही जा रही है। हालांकि, ED को कार्रवाई में क्या मिला, इसकी पूरी जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं हुई है। फंडिंग और वित्तीय लेन-देन पर नजर जांच एजेंसी कथित तौर पर संदिग्ध वित्तीय लेन-देन और फंडिंग के स्रोतों की पड़ताल कर रही है। जांच का मकसद यह पता लगाना है कि संबंधित पैसों का स्रोत क्या था और उनका इस्तेमाल किस तरह किया गया। मामले में अखबार से जुड़े कुछ अन्य आरोपों की भी जांच की जा रही है। हालांकि, इन आरोपों को अभी जांच का हिस्सा माना जाना चाहिए। किसी भी आरोप के आधार पर संबंधित व्यक्ति को दोषी नहीं माना जा सकता। नदीमुल हक के लिए बढ़ सकती है मुश्किल ED की यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब राजनीतिक गलियारों में केंद्रीय जांच एजेंसियों की कार्रवाई को लेकर पहले से ही बहस चल रही है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि तलाशी के बाद ED आगे क्या कदम उठाती है। फिलहाल जांच जारी है और एजेंसी की ओर से बरामदगी या आगे की कार्रवाई को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी का इंतजार है। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, मामले से जुड़े वित्तीय लेन-देन और आरोपों की तस्वीर भी साफ होने की उम्मीद है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Nepal Flood : 11वें दिन मलबे और सुरंग से मिली जिंदगी, 2 लोग जिंदा रेस्क्यू

Nepal में आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। हादसे के 11वें दिन उस वक्त लोगों की उम्मीद फिर जगी, जब बचाव दल ने दो लोगों को जिंदा बाहर निकाल लिया। इनमें एक 64 साल की महिला भी शामिल है, जो अपने घर के मलबे के नीचे फंसी हुई थी। बचाव दल ने एक चीनी नागरिक को भी सुरक्षित बाहर निकाला। वह करीब 740 फीट लंबी सुरंग में फंसा हुआ था। कई दिनों तक सुरंग के अंदर जिंदगी और मौत के बीच जूझने के बाद आखिरकार उसे सुरक्षित निकाल लिया गया। मलबे में दबी थी 64 साल की महिला बचाव अभियान के दौरान टीम को एक घर के मलबे में महिला के जिंदा होने का पता चला। करीब 64 साल की महिला को काफी मशक्कत के बाद मलबे से बाहर निकाला गया। इतने दिनों तक मलबे के बीच जिंदा रहने की खबर ने बचावकर्मियों और आसपास मौजूद लोगों को भावुक कर दिया। महिला को बाहर निकालने के बाद तुरंत प्राथमिक उपचार दिया गया और अस्पताल पहुंचाया गया। उसकी हालत पर डॉक्टर लगातार नजर बनाए हुए हैं। 740 फीट लंबी सुरंग में फंसा था चीनी नागरिक बाढ़ और भूस्खलन के कारण कई इलाकों में रास्ते और सुरंगें बंद हो गई थीं। इसी दौरान एक चीनी नागरिक करीब 740 फीट लंबी सुरंग में फंस गया था। बचाव दल ने लंबे और चुनौतीपूर्ण अभियान के बाद उसे सुरंग से बाहर निकाल लिया। रेस्क्यू के दौरान टीम को कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा, लेकिन लगातार प्रयास जारी रहे। आखिरकार बचाव अभियान सफल हुआ और उसकी जान बचाई जा सकी। 11 दिन बाद भी जारी है जिंदगी की तलाश नेपाल में प्राकृतिक आपदा के बाद कई परिवार अपनों की तलाश में हैं। ऐसे में 11वें दिन दो लोगों का जिंदा मिलना राहत और उम्मीद की बड़ी खबर है। बचाव दल अब भी मलबे और प्रभावित इलाकों में संभावित लोगों की तलाश कर रहे हैं। हर गुजरते दिन के साथ उम्मीदें कमजोर जरूर पड़ती हैं, लेकिन इन दो लोगों का जिंदा बचना यह बताता है कि मुश्किल हालात में भी जिंदगी हार नहीं मानती। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Cargo Plane Crash

Amazon Cargo Plane Crash: Landing के दौरान रनवे से फिसला विमान, 5 की गई जान

अमेरिका के मियामी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर रविवार को हुए एक दर्दनाक Cargo Plane Crash ने हर किसी को झकझोर दिया। Amazon Prime Air का Boeing 767-300 विमान लैंडिंग के दौरान रनवे से आगे निकल गया और एयरपोर्ट के आसपास मौजूद कई वाहनों से जा टकराया। टक्कर के बाद विमान में आग लग गई और मौके पर धुएं का बड़ा गुबार दिखाई देने लगा। हादसे में 5 लोगों की मौत हुई है, जबकि 5 लोग घायल हुए हैं। इनमें 3 की हालत गंभीर बताई जा रही है। Landing के दौरान बिगड़ा विमान का संतुलन यह हादसा रविवार दोपहर करीब 2 बजे हुआ। Prime Air Flight 7598 सैन जुआन, प्यूर्टो रिको से मियामी पहुंची थी। लैंडिंग के दौरान विमान रनवे के निर्धारित हिस्से से आगे निकल गया। इसके बाद उसने एयरपोर्ट के पास की सड़क पार की और कई वाहनों को अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर के बाद विमान में आग भड़क उठी। हादसे की तस्वीरों और वीडियो में विमान का अगला हिस्सा जमीन की ओर झुका हुआ और उसके आसपास धुआं उठता नजर आया। राहत दलों के पहुंचने तक स्थिति काफी चुनौतीपूर्ण हो चुकी थी। विमान में फंसे थे Pilot और Co-Pilot हादसे के बाद Rescue Teams ने तुरंत मोर्चा संभाला। अधिकारियों के अनुसार विमान के Pilot और Co-Pilot कॉकपिट में फंस गए थे। जिन वाहनों से विमान टकराया, उनमें भी कुछ लोग फंसे हुए थे। राहतकर्मियों ने लोगों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया। Miami-Dade Fire Rescue की 60 से ज्यादा यूनिट्स और करीब 200 कर्मचारी मौके पर पहुंचे। विमान से Fuel Leak की स्थिति भी सामने आई, जिससे Rescue Operation को और सावधानी से चलाना पड़ा। 5 की मौत, 3 की हालत Critical स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक हादसे में 5 लोगों की जान चली गई, जबकि 5 अन्य घायल हुए। घायलों में 3 की हालत गंभीर है और उन्हें Critical Care की जरूरत बताई गई है। दो अन्य घायलों को भी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अभी तक मृतकों की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है। यह भी जांच का विषय है कि मृतकों में विमान पर सवार लोग शामिल थे या जमीन पर मौजूद लोग। 32 साल पुराना था Boeing 767 हादसे में शामिल विमान Boeing 767-300 Freighter था। रिपोर्टों के अनुसार यह करीब 32 साल पुराना विमान था, जिसे पहले Passenger Aircraft के तौर पर इस्तेमाल किया जाता था और बाद में Cargo विमान में बदला गया। विमान का संचालन North Carolina की कंपनी 21 Air कर रही थी और यह Amazon के लिए उड़ान भर रहा था। विमान सैन जुआन से मियामी आया था। Airport Operations पर पड़ा बड़ा असर हादसे के तुरंत बाद Miami International Airport पर सभी रनवे और Taxiways को कुछ समय के लिए बंद कर दिया गया। इससे बड़ी संख्या में उड़ानों पर असर पड़ा। रिपोर्टों के अनुसार सैकड़ों Flights में Delay और Cancellation की स्थिति बनी। बाद में एयरपोर्ट के कुछ रनवे दोबारा खोल दिए गए और Operations धीरे-धीरे बहाल होने लगे। आखिर क्यों हुआ हादसा? Investigation शुरू फिलहाल हादसे की असली वजह साफ नहीं हुई है। अमेरिका की Federal Aviation Administration (FAA) और National Transportation Safety Board (NTSB) ने जांच शुरू कर दी है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश होगी कि विमान रनवे से क्यों आगे निकल गया और Landing के दौरान किन परिस्थितियों में उसका नियंत्रण प्रभावित हुआ। मौसम, विमान की स्थिति और Landing से जुड़ी परिस्थितियों समेत कई पहलुओं की जांच की जा रही है। Amazon ने हादसे पर दुख जताया है और कहा है कि कंपनी स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर घटना की जानकारी जुटा रही है। फिलहाल जांच एजेंसियों की रिपोर्ट का इंतजार है, जिसके बाद Miami Cargo Plane Crash की पूरी तस्वीर सामने आने की उम्मीद है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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CDS

CDS का बड़ा बयान: War जीतने के लिए Multi-Domain Strategy जरूरी, बदल गया Battlefield

युद्ध का मतलब अब सिर्फ सीमा पर आमने-सामने खड़ी सेनाएं और गोलाबारी नहीं रह गया है। समय के साथ Battlefield का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। जमीन, समुद्र और आसमान के साथ अब Cyber, Space, Drones, Artificial Intelligence और Electronic Warfare भी किसी संघर्ष का अहम हिस्सा बन चुके हैं। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि ने ‘सुरक्षा सभा आजतक’ में भविष्य के युद्ध और भारत के सामने मौजूद सुरक्षा चुनौतियों पर बात करते हुए Multi-Domain Strategy की जरूरत पर जोर दिया। एक ही मोर्चे पर नहीं लड़ा जाएगा अगला युद्ध CDS के मुताबिक आने वाले समय में किसी भी संघर्ष को केवल एक मोर्चे से समझना मुश्किल होगा। युद्ध के दौरान जमीन पर ऑपरेशन के साथ हवा, समुद्र, Space और Cyber Domain में भी गतिविधियां चल सकती हैं। ऐसे माहौल में तीनों सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल और अलग-अलग सैन्य क्षमताओं को एक साथ इस्तेमाल करना बेहद जरूरी हो जाता है। यही Multi-Domain Operations की मूल सोच है। सरल शब्दों में कहें तो भविष्य के युद्ध में जिस देश की सेनाएं और तकनीकी सिस्टम जितनी तेजी से एक-दूसरे से जुड़कर काम करेंगे, उसे उतना ही फायदा मिल सकता है। Technology ने बदल दी Battlefield की तस्वीर आज युद्धक्षेत्र में Drone, Satellite, Sensors और आधुनिक Communication Systems का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है। इससे सैनिकों और कमांडरों को बहुत कम समय में बड़ी मात्रा में जानकारी मिलती है। लेकिन चुनौती सिर्फ Information जुटाने की नहीं है। असली चुनौती यह है कि सही जानकारी को समय पर समझा जाए और उसके आधार पर तुरंत फैसला लिया जाए। यही कारण है कि Artificial Intelligence और Data Analytics भविष्य की सैन्य रणनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। Drone और Precision Weapons ने बढ़ाई चुनौती हाल के वर्षों में दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में हुए संघर्षों ने यह दिखाया है कि छोटे और अपेक्षाकृत कम लागत वाले Drones भी युद्ध की तस्वीर बदल सकते हैं। इसके अलावा Precision Weapons और लंबी दूरी की मारक क्षमता ने महत्वपूर्ण सैन्य और रणनीतिक ठिकानों की सुरक्षा को और चुनौतीपूर्ण बना दिया है। अब सुरक्षा की तैयारी केवल सीमा पर तैनात जवानों तक सीमित नहीं रह सकती। देश के महत्वपूर्ण Infrastructure, Communication Networks और Logistics व्यवस्था को भी मजबूत रखना जरूरी है। Cyber और Space भी बन चुके हैं War Domain आधुनिक युद्ध में Cyber और Space की भूमिका तेजी से बढ़ी है। Communication, Navigation और Surveillance जैसी कई व्यवस्थाएं Space-based Systems पर निर्भर हैं। वहीं Cyber Domain में किसी महत्वपूर्ण Digital System को प्रभावित करने की कोशिश भी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए चुनौती बन सकती है। इसलिए भविष्य की Defence Planning में इन क्षेत्रों को पारंपरिक सैन्य क्षमताओं के साथ जोड़कर देखना जरूरी है। आत्मनिर्भर Defence Industry पर जोर किसी भी बड़े संकट के दौरान हथियारों और जरूरी सैन्य उपकरणों की लगातार उपलब्धता बेहद महत्वपूर्ण होती है। इसके लिए मजबूत Domestic Defence Industry और Supply Chain की जरूरत है। भारत के लिए Aatmanirbhar Defence इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। देश में रक्षा उपकरणों का उत्पादन बढ़ने से जरूरत के समय बाहरी सप्लाई पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है। युद्ध में Logistics भी तय करता है नतीजा किसी ऑपरेशन की सफलता सिर्फ आधुनिक हथियारों से तय नहीं होती। सैनिकों तक समय पर जरूरी सामान पहुंचाना, उपकरणों की Maintenance और लगातार Supply बनाए रखना भी उतना ही अहम है। यानी किसी भी लंबे संघर्ष में Logistics, Technology और Manpower तीनों का मजबूत होना जरूरी है। Human और Machine साथ मिलकर बनाएंगे बढ़त AI और Automation के बढ़ते इस्तेमाल के बावजूद इंसान की भूमिका खत्म नहीं होने वाली। जरूरत ऐसे प्रशिक्षित लोगों की होगी जो आधुनिक Technology को सही तरीके से इस्तेमाल कर सकें। भविष्य की सैन्य क्षमता इस बात पर भी निर्भर करेगी कि इंसान और Machine मिलकर कितनी तेजी और सटीकता से काम कर सकते हैं। बदलते युद्ध के लिए बदलनी होगी तैयारी CDS के संदेश का सार यही है कि भविष्य का युद्ध पहले की तरह सीधा और सीमित नहीं हो सकता। एक साथ कई Domains में चुनौती सामने आ सकती है। इसलिए भारत को अपनी Defence Preparedness में Army, Navy और Air Force के Joint Operations के साथ Cyber, Space, AI, Drones, Electronic Warfare और मजबूत Defence Industry पर भी ध्यान देना होगा। आज की बदलती दुनिया में मजबूत सेना जरूरी है, लेकिन उसके साथ मजबूत Technology, तेज Decision Making और आत्मनिर्भर व्यवस्था भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। यही Multi-Domain Warfare के दौर में भारत की बड़ी जरूरत बनकर सामने आ रही है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Gold Rate Today: सोने की कीमत ₹2409 गिरी, चांदी भी ₹3967 सस्ती

सोना खरीदने वालों के लिए सोमवार को बाजार से थोड़ी राहत की खबर आई। हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोने (Gold) और चांदी (Silver) दोनों के भाव में गिरावट दर्ज की गई। आपके दिए बाजार आंकड़ों के मुताबिक सोना करीब ₹2,409 और चांदी करीब ₹3,967 सस्ती हुई है। इसके बाद 10 ग्राम सोने का भाव करीब ₹1.52 लाख, जबकि एक किलो चांदी करीब ₹2.35 लाख के आसपास पहुंच गई। हालांकि, अलग-अलग बाजार, शुद्धता और कारोबार के समय के हिसाब से रेट में अंतर हो सकता है। सोमवार को एक अन्य बाजार रिपोर्ट में 24 कैरेट सोने का भाव ₹1,52,590 प्रति 10 ग्राम और चांदी ₹2,36,240 प्रति किलो बताया गया। सोने के भाव में फिर आई नरमी पिछले कुछ समय से रिकॉर्ड ऊंचाई के आसपास कारोबार कर रहा Gold सोमवार को दबाव में नजर आया। घरेलू बाजार में भी इसकी कीमत में कमजोरी देखने को मिली। MCX पर अक्टूबर गोल्ड फ्यूचर्स में भी गिरावट दर्ज की गई। 24 कैरेट सोने का भाव करीब ₹1.52 लाख प्रति 10 ग्राम के आसपास बना हुआ है। वहीं 22 कैरेट सोने की कीमत इससे कम है। अगर आप ज्वेलरी खरीदने का मन बना रहे हैं तो ध्यान रखें कि दुकान पर मिलने वाला अंतिम रेट बाजार भाव से अलग हो सकता है। Silver Price Today: चांदी भी हुई सस्ती सोने के साथ चांदी में भी कमजोरी रही। चांदी करीब ₹3,967 प्रति किलो सस्ती होने के बाद लगभग ₹2.35 लाख प्रति किलो के स्तर पर आ गई है। हालांकि, सोमवार के अलग-अलग बाजार अपडेट में चांदी का भाव करीब ₹2.36 लाख प्रति किलो भी बताया गया है। इससे साफ है कि कारोबार के समय के साथ कीमतों में बदलाव हो रहा है। आखिर क्यों गिर रहे हैं सोना और चांदी? कीमती धातुओं में इस गिरावट का कनेक्शन सीधे ग्लोबल मार्केट से जुड़ा है। अमेरिका के रोजगार आंकड़े उम्मीद से मजबूत रहने के बाद वहां Federal Reserve की ब्याज दरों को लेकर बाजार की उम्मीदें बदली हैं। मजबूत अमेरिकी जॉब डेटा के बाद सितंबर में ब्याज दर बढ़ने की संभावना को लेकर दांव बढ़े हैं। इसका असर सोने पर पड़ा और अंतरराष्ट्रीय बाजार में Spot Gold करीब 0.7% नीचे आया। वहीं Silver में भी लगभग 1% की गिरावट दर्ज की गई। अब आगे क्या होगा? अब बाजार की नजर अमेरिका से आने वाले महंगाई के आंकड़ों पर है। इस सप्ताह PPI और CPI जैसे महत्वपूर्ण आंकड़े जारी होने हैं। इनसे Federal Reserve की अगली ब्याज दर नीति को लेकर तस्वीर और साफ हो सकती है। यही वजह है कि आने वाले दिनों में Gold और Silver में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है। निवेशकों के साथ-साथ शादी या त्योहार के लिए खरीदारी करने वाले लोगों की भी बाजार पर नजर बनी हुई है। Gold खरीदते समय सिर्फ भाव न देखें अगर आप आज सोना खरीदने की तैयारी कर रहे हैं तो सिर्फ 10 ग्राम का बाजार भाव देखकर फैसला न लें। 22K या 24K purity, GST, making charges और ज्वेलर के अन्य शुल्क अंतिम कीमत को बदल सकते हैं। अलग-अलग शहरों और ज्वेलर्स के बीच भी रेट में अंतर हो सकता है। इसलिए खरीदारी से पहले अपने स्थानीय ज्वेलर से उसी समय का ताजा रेट जरूर पता करें। बाजार में तेजी से बदलाव होने के कारण सुबह और शाम के भाव में भी अंतर देखने को मिल सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Stock Market

Stock Market Today: Sensex में 100 अंक की तेजी, 76,600 के पार; Banking-Metal Stocks में खरीदारी

शेयर बाजार (Stock Market) में गुरुवार को एक बार फिर रौनक लौटती दिखाई दी। लगातार तीन कारोबारी सत्रों की कमजोरी के बाद Sensex और Nifty ने बढ़त के साथ कारोबार शुरू किया। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स करीब 100 अंक चढ़कर 76,600 के आसपास पहुंच गया। वहीं निफ्टी भी 24,000 के करीब कारोबार करता नजर आया। बाजार की इस तेजी में खासतौर पर Banking और Metal Stocks का योगदान रहा। निवेशकों ने चुनिंदा बैंकिंग और मेटल शेयरों में खरीदारी की, जिससे प्रमुख इंडेक्स को सहारा मिला। Banking Stocks में खरीदारी से बाजार को सपोर्ट गुरुवार के कारोबार में बैंकिंग शेयरों पर निवेशकों का भरोसा मजबूत नजर आया। Bank Nifty से जुड़े कई शेयरों में खरीदारी देखने को मिली। बड़े बैंकिंग शेयरों में आई मजबूती का असर पूरे बाजार के सेंटीमेंट पर पड़ा। बाजार जानकारों के मुताबिक, हाल की गिरावट के बाद कुछ शेयरों में खरीदारी का मौका नजर आने से निवेशकों की दिलचस्पी वापस लौटी है। हालांकि बाजार में उतार-चढ़ाव अभी भी बना हुआ है। Metal Stocks भी चमके Banking के साथ Metal Sector के शेयरों में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली। मेटल कंपनियों के शेयरों में बढ़त ने बाजार की तेजी को और मजबूती दी। निवेशकों की नजर अब वैश्विक बाजारों के संकेतों के साथ-साथ कमोडिटी कीमतों और कंपनियों के प्रदर्शन पर भी बनी हुई है। Metal Stocks में आगे भी कारोबार का रुख इन संकेतों से प्रभावित हो सकता है। Nifty 24,000 के आसपास Sensex की बढ़त के साथ Nifty 50 में भी मजबूती देखने को मिली। इंडेक्स 24,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर के आसपास कारोबार करता रहा। बाजार के लिए यह स्तर काफी अहम माना जा रहा है। अगर निफ्टी इस स्तर के ऊपर मजबूती बनाए रखता है, तो बाजार में सकारात्मक सेंटीमेंट और मजबूत हो सकता है। दूसरी ओर, कमजोरी आने पर निवेशक एक बार फिर सतर्क रुख अपना सकते हैं। IT Stocks में मिला-जुला कारोबार जहां Banking और Metal शेयरों में खरीदारी का माहौल रहा, वहीं कुछ IT Stocks में दबाव देखने को मिला। यानी बाजार में तेजी सभी सेक्टरों में एक जैसी नहीं रही। इससे साफ है कि निवेशक फिलहाल चुनिंदा शेयरों पर फोकस कर रहे हैं और हर सेक्टर में एक साथ बड़ी खरीदारी नहीं हो रही। आगे किन चीजों पर रहेगी नजर? अब बाजार की नजर Global Cues, Crude Oil Prices, रुपये की चाल और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर रहेगी। इसके अलावा अमेरिकी बाजारों और एशियाई बाजारों के संकेत भी भारतीय शेयर बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। फिलहाल तीन दिन की गिरावट के बाद बाजार में आई तेजी ने निवेशकों को थोड़ी राहत जरूर दी है। हालांकि आगे की चाल को लेकर तस्वीर पूरी तरह साफ होने में अभी वक्त लग सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Gold-Silver Price Today

Gold-Silver Price Today: सोने के भाव में फिर बड़ा Jump, ₹1.54 लाख के करीब पहुंचा 10 ग्राम Gold

Gold-Silver Price Today सोना खरीदने वालों के लिए एक बार फिर जेब पर बोझ बढ़ गया है। गुरुवार को घरेलू बाजार में सोने और चांदी दोनों की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला। 24 कैरेट सोना एक दिन में ₹2,549 महंगा होकर करीब ₹1.54 लाख प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया। दूसरी तरफ चांदी की कीमत भी ₹4,420 बढ़कर करीब ₹2.33 लाख प्रति किलो हो गई। कीमती धातुओं में आई इस तेजी ने बाजार में हलचल बढ़ा दी है। खासकर उन लोगों की नजर अब सोने के अगले भाव पर है, जो आने वाले दिनों में शादी-ब्याह या किसी दूसरे समारोह के लिए ज्वेलरी खरीदने की तैयारी कर रहे हैं। एक महीने में करीब ₹11 हजार चढ़ा सोना सोने की कीमत में सिर्फ आज ही तेजी नहीं आई है। पिछले करीब एक महीने के दौरान भी इसके भाव में अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिली है। मौजूदा स्तर को देखें तो 10 ग्राम सोना करीब ₹11 हजार तक महंगा हो चुका है। सोने में लगातार मजबूती के पीछे घरेलू मांग के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार की हलचल भी अहम मानी जा रही है। वैश्विक स्तर पर निवेशकों का रुझान सुरक्षित निवेश की तरफ बढ़ने पर सोने को अक्सर फायदा मिलता है। Silver Price ने भी पकड़ी रफ्तार सोने के साथ चांदी की चमक भी बढ़ी है। गुरुवार को चांदी के भाव में ₹4,420 प्रति किलो का उछाल दर्ज किया गया। इसके बाद चांदी करीब ₹2.33 लाख प्रति किलो के स्तर पर पहुंच गई। चांदी में आई यह तेजी भी बाजार के लिए खास है, क्योंकि इसका इस्तेमाल सिर्फ ज्वेलरी में ही नहीं बल्कि इंडस्ट्रियल सेक्टर में भी बड़े पैमाने पर होता है। इसलिए इसकी कीमत पर निवेश मांग के साथ औद्योगिक मांग का भी असर पड़ता है। MCX पर भी Gold-Silver में तेजी घरेलू वायदा बाजार यानी MCX पर भी सोने और चांदी में मजबूती दिखाई दी। सुबह के कारोबार में गोल्ड करीब ₹1.54 लाख प्रति 10 ग्राम और सिल्वर करीब ₹2.38 लाख प्रति किलो के आसपास कारोबार करती नजर आई। हालांकि MCX का भाव और सराफा बाजार का रेट एक जैसा नहीं होता। दोनों बाजारों में कारोबार का समय, कॉन्ट्रैक्ट और अन्य परिस्थितियों के कारण कीमतों में अंतर रह सकता है। आखिर क्यों महंगा हो रहा है सोना? सोने की कीमतों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की चाल, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड, ब्याज दरों की उम्मीद और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों से काफी असर पड़ता है। जब बाजार में आर्थिक या भू-राजनीतिक अनिश्चितता बढ़ती है, तो निवेशक अक्सर सोने को अपेक्षाकृत सुरक्षित विकल्प मानते हैं। इससे इसकी मांग बढ़ सकती है और कीमतों को सहारा मिल सकता है। फिलहाल बाजार की नजर अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों और वहां की मौद्रिक नीति को लेकर बनने वाली तस्वीर पर भी है। इन संकेतों का असर आने वाले दिनों में Gold Price पर दिखाई दे सकता है। ज्वेलरी खरीदने से पहले ये बात जरूर जानें अगर आप सोना खरीदने की सोच रहे हैं तो सिर्फ आज का Gold Rate देखकर फैसला न करें। ज्वेलरी की कीमत में सोने के भाव के अलावा मेकिंग चार्ज, GST और अन्य शुल्क भी शामिल हो सकते हैं। साथ ही 22 कैरेट और 24 कैरेट सोने के भाव अलग होते हैं। खरीदारी करते समय हॉलमार्क और शुद्धता की जांच करना भी जरूरी है। Gold-Silver Price: आगे क्या? सोना फिलहाल ऊंचे स्तरों पर कारोबार कर रहा है और चांदी में भी मजबूत तेजी दिखाई दे रही है। ऐसे में दोनों धातुओं की कीमत आगे किस दिशा में जाती है, यह घरेलू मांग के साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार के संकेतों पर निर्भर करेगा। फिलहाल इतना जरूर है कि Gold-Silver Rate में आई ताजा तेजी ने खरीदारों की चिंता बढ़ा दी है। जिन लोगों को शादी या किसी खास मौके के लिए गहने खरीदने हैं, उनके लिए आने वाले दिनों के भाव पर नजर रखना काफी अहम रहेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Silver

Gold-Silver Rate में बड़ा बदलाव! चांदी ₹9,000 और सोना ₹4,500 तक टूटा

सोना (Gold) और चांदी (Silver) खरीदने वालों के लिए इन दिनों बाजार का रुख थोड़ा बदलता नजर आ रहा है। लगातार तेजी के बाद दोनों precious metals की कीमतों में गिरावट देखने को मिली है। रिपोर्टों के मुताबिक, पिछले दो कारोबारी दिनों में चांदी करीब ₹9,000 प्रति किलो तक सस्ती हुई, जबकि सोने के भाव में भी लगभग ₹4,500 तक की कमी दर्ज की गई। कीमती धातुओं के दाम में आई इस गिरावट के बीच PM Modi की Gold खरीदारी को लेकर की गई अपील भी चर्चा में है। हालांकि, बाजार के जानकारों के मुताबिक सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट को केवल इस अपील से जोड़ना सही नहीं होगा। अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर की स्थिति, ब्याज दरों की उम्मीद और वैश्विक तनाव जैसे कई factors कीमतों को प्रभावित करते हैं। Silver Price में तेज गिरावट चांदी में हालिया गिरावट ने निवेशकों को खास तौर पर चौंकाया है। कुछ ही कारोबारी सत्रों में इसकी कीमत में हजारों रुपये की कमी आई है। रिपोर्ट के अनुसार, 1 सितंबर को चांदी करीब ₹6,780 प्रति किलो तक नीचे आई थी। चांदी की कीमत पर घरेलू मांग के साथ-साथ international market का भी असर पड़ता है। इसलिए वैश्विक स्तर पर कीमतों में कमजोरी आने पर भारतीय बाजार में भी इसका असर दिखाई देता है। Gold Price भी हुआ कमजोर चांदी के साथ सोने के भाव में भी गिरावट आई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना तीन सप्ताह से ज्यादा के निचले स्तर तक पहुंच गया। रिपोर्टों के अनुसार, Spot Gold करीब 4,321 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार करता दिखा। बाजार में अमेरिकी interest rates को लेकर बदलती उम्मीदों का भी असर सोने पर पड़ा है। आमतौर पर ब्याज दरें बढ़ने की संभावना बढ़ती है तो सोने जैसी बिना ब्याज वाली asset की मांग पर दबाव आ सकता है। PM Modi की Gold खरीदारी टालने की अपील क्यों? सोने की कीमतों के बीच PM Modi की Gold खरीदारी को लेकर अपील एक बार फिर चर्चा में है। प्रधानमंत्री पहले भी लोगों से गैर-जरूरी सोने की खरीदारी को कुछ समय के लिए टालने की अपील कर चुके हैं। इसके पीछे बड़ी वजह देश का Gold Import Bill और विदेशी मुद्रा पर पड़ने वाला दबाव है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से सोना मंगाकर पूरा करता है। ऐसे में Gold Import बढ़ने पर देश से बड़ी मात्रा में foreign exchange बाहर जाता है। रिपोर्टों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का Gold Import Bill करीब 72 अरब डॉलर रहा। क्या PM Modi की अपील से Gold-Silver सस्ता हुआ? यह सवाल इस समय सबसे ज्यादा पूछा जा रहा है। लेकिन सोने और चांदी की कीमतों में आई गिरावट को केवल प्रधानमंत्री की अपील का असर मानना सही नहीं होगा। International market में चल रही हलचल, अमेरिकी monetary policy, डॉलर की चाल, महंगाई और पश्चिम एशिया की स्थिति जैसे कई factors कीमती धातुओं के भाव तय करते हैं। हालिया रिपोर्टों में भी सोने की कीमतों पर अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर बनी उम्मीदों और पश्चिम एशिया के तनाव के असर का उल्लेख किया गया है। यानी PM Modi की अपील ने Gold को लेकर चर्चा जरूर बढ़ाई है, लेकिन बाजार में कीमतों की गिरावट के पीछे कई आर्थिक और वैश्विक कारण एक साथ काम कर रहे हैं। Jewellery Market पर भी नजर सोने की खरीदारी को लेकर अपील के बीच jewellery industry भी बाजार की स्थिति पर नजर बनाए हुए है। अगर ग्राहक कुछ समय के लिए Gold खरीदने से दूरी बनाते हैं तो इसका असर ज्वैलरी कारोबार पर पड़ सकता है। खासकर त्योहारों और शादी के सीजन में सोने की मांग काफी महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में ज्वैलर्स के लिए आने वाले दिनों में Gold demand एक अहम factor रहने वाला है। आगे कैसी रहेगी Gold-Silver की चाल? अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या सोना और चांदी आगे भी सस्ते होंगे या फिर दोबारा तेजी लौटेगी। इसका जवाब कई global factors पर निर्भर करेगा। अमेरिकी interest rate policy, डॉलर की मजबूती, crude oil prices, global inflation और geopolitical tensions आने वाले दिनों में Gold-Silver Price की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। इसलिए अगर आप सोना या चांदी खरीदने की तैयारी कर रहे हैं, तो केवल एक दिन की गिरावट देखकर फैसला लेने के बजाय बाजार के ताजा भाव और आगे के trend पर नजर रखना जरूरी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Disha Salian

Sushant की पूर्व Manager Disha Salian की मौत की CBI जांच, Bombay HC का बड़ा Order

मुंबई की चर्चित दिशा सालियान डेथ केस में अब एक नया मोड़ आ गया है। Bombay High Court ने दिशा सालियान (Disha Salian) की मौत की जांच CBI को सौंपने का आदेश दिया है। अदालत के इस फैसले के बाद करीब छह साल पुराने मामले की जांच एक बार फिर नए सिरे से शुरू होगी। दिशा सालियान की मौत 8 जून 2020 को मुंबई की एक इमारत की 14वीं मंजिल से गिरने के बाद हुई थी। वह अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर थीं। दिशा की मौत के महज छह दिन बाद, 14 जून 2020 को सुशांत सिंह राजपूत की भी मौत हो गई थी। दोनों घटनाओं के बीच कम समय का अंतर होने की वजह से दिशा की मौत लंबे समय से चर्चा में रही है। पिता ने CBI जांच की मांग की थी दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान ने बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख करते हुए मामले की स्वतंत्र जांच की मांग की थी। उन्होंने मुंबई पुलिस की जांच पर सवाल उठाते हुए FIR दर्ज करने और मामले को CBI को सौंपने की मांग की थी। याचिका में दिशा की मौत की परिस्थितियों को लेकर कई सवाल उठाए गए थे। हालांकि, इन दावों की पुष्टि होना अभी बाकी है। अदालत के आदेश का मतलब भी किसी व्यक्ति को दोषी ठहराना नहीं है। अब इन तमाम पहलुओं की जांच CBI करेगी। पहले Mumbai Police ने क्या कहा था? दिशा की मौत के बाद मुंबई पुलिस ने Accidental Death Report (ADR) दर्ज की थी। पुलिस की ओर से की गई जांच में उनकी मौत को आत्महत्या माना गया था। लेकिन परिवार की ओर से लगातार सवाल उठाए जाने के बाद मामला अदालत तक पहुंचा। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने जांच की प्रक्रिया और FIR दर्ज नहीं किए जाने को लेकर पुलिस से सवाल किए थे। Court में उठे थे कई सवाल मामले की सुनवाई के दौरान अदालत के सामने घटनास्थल, मेडिकल रिकॉर्ड और पुलिस जांच से जुड़े कई मुद्दे आए। कोर्ट ने यह जानने की कोशिश की कि परिवार की ओर से संदेह जताए जाने के बावजूद मामले में FIR क्यों दर्ज नहीं की गई। अदालत ने जांच से जुड़े रिकॉर्ड और उपलब्ध सामग्री को भी गंभीरता से देखा। इसके बाद कोर्ट ने मामले की आगे की जांच CBI से कराने का फैसला सुनाया। सुशांत सिंह राजपूत से कनेक्शन के कारण मामला रहा चर्चा में दिशा सालियान का नाम सुशांत सिंह राजपूत केस के साथ भी लगातार जोड़ा जाता रहा है। इसकी सबसे बड़ी वजह दोनों की मौत के बीच सिर्फ छह दिन का अंतर था। हालांकि, दोनों मामलों के बीच किसी आपराधिक संबंध की पुष्टि अपने आप नहीं हो जाती। अब CBI की जांच में यह स्पष्ट करने की कोशिश होगी कि दिशा की मौत किन परिस्थितियों में हुई थी और क्या मामले में कोई ऐसा पहलू है, जिसकी पहले जांच नहीं हो सकी। अब CBI के सामने क्या चुनौती होगी? हाईकोर्ट के आदेश के बाद CBI मामले से जुड़े पुराने रिकॉर्ड, मेडिकल दस्तावेज, पुलिस की जांच रिपोर्ट और संबंधित लोगों के बयान देख सकती है। जरूरत पड़ने पर एजेंसी नए सिरे से भी जांच कर सकती है। सबसे अहम सवाल यही रहेगा कि जांच के दौरान क्या कोई नया सबूत सामने आता है या नहीं। अदालत ने भी साफ किया है कि किसी व्यक्ति को केवल आरोपों के आधार पर आरोपी नहीं माना जा सकता। इसके लिए जांच में पर्याप्त सबूत सामने आना जरूरी होगा। छह साल बाद फिर खुलेगा मामला दिशा सालियान की मौत को छह साल से ज्यादा समय बीत चुका है, लेकिन इस मामले को लेकर सवाल पूरी तरह खत्म नहीं हुए थे। अब Bombay High Court के CBI जांच के आदेश ने केस को एक नया मोड़ दे दिया है। आने वाले समय में CBI की जांच से यह पता चल सकेगा कि दिशा सालियान की मौत वास्तव में किन परिस्थितियों में हुई और पहले की जांच में कोई महत्वपूर्ण पहलू छूटा था या नहीं। फिलहाल, CBI जांच शुरू होना इस मामले में नया अध्याय है। अंतिम सच जांच एजेंसी की रिपोर्ट और सामने आने वाले सबूतों से ही स्पष्ट होगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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