आपका चैनल --
ताज़ा खबर
BREAKINGमध्य प्रदेशइंदौर में गर्म दाल से झुलसे युवक की मौत, परिजनों ने डॉक्टरों पर गलत इंजेक्शन लगाने का लगाया आरोप◆BREAKINGदेश-हरपलShashi Tharoor on Rahul Gandhi: विदेश यात्रा पर सवाल पूछने वालों से बोले- मैं Travel Agent नहीं हूं◆BREAKINGवर्ल्ड न्यूज़Badr Agreement: 4 मुस्लिम देशों ने मिलाया हाथ, Defence Industry में बढ़ेगा सहयोग◆BREAKINGस्पोर्ट्सIND vs NZ 1st T20: 7 रन बनाते ही Suryakumar Yadav का रिकॉर्ड तोड़ सकते हैं ईशान किशन◆BREAKINGदेश-हरपलSBI ग्राहकों का डेटा Dark Web पर मिलने से बढ़ी चिंता, जांच में जुटा बैंक◆BREAKINGदेश-हरपलDelhi HighCourt: सौरव दास-आशुतोष रांका ने वापस ली याचिका, Bond की शर्तों पर कोर्ट के सवाल◆BREAKINGबिज़नेसShare Market Update सेंसेक्स की तेजी पर लगा ब्रेक, Auto-Metal Stocks में दबाव◆BREAKINGबिज़नेसGold-Silver Rate सोना लगातार दूसरे दिन हुआ सस्ता, चांदी के दाम भी गिरे◆BREAKINGमध्य प्रदेशइंदौर में गर्म दाल से झुलसे युवक की मौत, परिजनों ने डॉक्टरों पर गलत इंजेक्शन लगाने का लगाया आरोप◆BREAKINGदेश-हरपलShashi Tharoor on Rahul Gandhi: विदेश यात्रा पर सवाल पूछने वालों से बोले- मैं Travel Agent नहीं हूं◆BREAKINGवर्ल्ड न्यूज़Badr Agreement: 4 मुस्लिम देशों ने मिलाया हाथ, Defence Industry में बढ़ेगा सहयोग◆BREAKINGस्पोर्ट्सIND vs NZ 1st T20: 7 रन बनाते ही Suryakumar Yadav का रिकॉर्ड तोड़ सकते हैं ईशान किशन◆BREAKINGदेश-हरपलSBI ग्राहकों का डेटा Dark Web पर मिलने से बढ़ी चिंता, जांच में जुटा बैंक◆BREAKINGदेश-हरपलDelhi HighCourt: सौरव दास-आशुतोष रांका ने वापस ली याचिका, Bond की शर्तों पर कोर्ट के सवाल◆BREAKINGबिज़नेसShare Market Update सेंसेक्स की तेजी पर लगा ब्रेक, Auto-Metal Stocks में दबाव◆BREAKINGबिज़नेसGold-Silver Rate सोना लगातार दूसरे दिन हुआ सस्ता, चांदी के दाम भी गिरे◆

NE

News Elementor

What's Hot

Banner
आपका चैनल --
ताज़ा खबर
BREAKINGमध्य प्रदेशइंदौर में गर्म दाल से झुलसे युवक की मौत, परिजनों ने डॉक्टरों पर गलत इंजेक्शन लगाने का लगाया आरोप◆BREAKINGदेश-हरपलShashi Tharoor on Rahul Gandhi: विदेश यात्रा पर सवाल पूछने वालों से बोले- मैं Travel Agent नहीं हूं◆BREAKINGवर्ल्ड न्यूज़Badr Agreement: 4 मुस्लिम देशों ने मिलाया हाथ, Defence Industry में बढ़ेगा सहयोग◆BREAKINGस्पोर्ट्सIND vs NZ 1st T20: 7 रन बनाते ही Suryakumar Yadav का रिकॉर्ड तोड़ सकते हैं ईशान किशन◆BREAKINGदेश-हरपलSBI ग्राहकों का डेटा Dark Web पर मिलने से बढ़ी चिंता, जांच में जुटा बैंक◆BREAKINGदेश-हरपलDelhi HighCourt: सौरव दास-आशुतोष रांका ने वापस ली याचिका, Bond की शर्तों पर कोर्ट के सवाल◆BREAKINGबिज़नेसShare Market Update सेंसेक्स की तेजी पर लगा ब्रेक, Auto-Metal Stocks में दबाव◆BREAKINGबिज़नेसGold-Silver Rate सोना लगातार दूसरे दिन हुआ सस्ता, चांदी के दाम भी गिरे◆BREAKINGमध्य प्रदेशइंदौर में गर्म दाल से झुलसे युवक की मौत, परिजनों ने डॉक्टरों पर गलत इंजेक्शन लगाने का लगाया आरोप◆BREAKINGदेश-हरपलShashi Tharoor on Rahul Gandhi: विदेश यात्रा पर सवाल पूछने वालों से बोले- मैं Travel Agent नहीं हूं◆BREAKINGवर्ल्ड न्यूज़Badr Agreement: 4 मुस्लिम देशों ने मिलाया हाथ, Defence Industry में बढ़ेगा सहयोग◆BREAKINGस्पोर्ट्सIND vs NZ 1st T20: 7 रन बनाते ही Suryakumar Yadav का रिकॉर्ड तोड़ सकते हैं ईशान किशन◆BREAKINGदेश-हरपलSBI ग्राहकों का डेटा Dark Web पर मिलने से बढ़ी चिंता, जांच में जुटा बैंक◆BREAKINGदेश-हरपलDelhi HighCourt: सौरव दास-आशुतोष रांका ने वापस ली याचिका, Bond की शर्तों पर कोर्ट के सवाल◆BREAKINGबिज़नेसShare Market Update सेंसेक्स की तेजी पर लगा ब्रेक, Auto-Metal Stocks में दबाव◆BREAKINGबिज़नेसGold-Silver Rate सोना लगातार दूसरे दिन हुआ सस्ता, चांदी के दाम भी गिरे◆
ताज़ा खबर
खबरें लोड हो रही हैं...

popular Posts

  • All
  • स्पोर्ट्स
  • वर्ल्ड न्यूज़
  • एंटरटेनमेंट
  • मध्य प्रदेश
  • देश-हरपल
  • राशिफल

इंदौर में गर्म दाल से झुलसे युवक की मौत, परिजनों ने डॉक्टरों पर गलत इंजेक्शन लगाने का लगाया आरोप

इंदौर के एमआईजी क्षेत्र में गर्म दाल से झुलसे 30 वर्षीय युवक की एमवाय अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। मृतक के परिजनों ने डॉक्टरों पर गलत इंजेक्शन लगाने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि इंजेक्शन दिए जाने के बाद युवक को होश नहीं आया और बाद में उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल युवक की मौत के कारणों और इंजेक्शन से उसके संभावित संबंध की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस के मुताबिक, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की वजह स्पष्ट हो सकेगी। गर्म दाल लेकर आते समय झुलस गया था युवक एमआईजी पुलिस के अनुसार, आकाश (30), पिता कन्हैयालाल वर्मा, निवासी सोमनाथ की चाल, रविवार को घर में गर्म दाल से झुलस गया था। हादसे में उसके पैर बुरी तरह जल गए थे। परिजन उसे उपचार के लिए एमवाय अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उसे भर्ती कराया गया था। रिश्तेदारों ने बताया कि आकाश का परिवार एमआईजी मेन रोड पर दाल-पकवान की दुकान चलाता है। दुकान के लिए दाल घर पर ही उबाली जाती है। आकाश घर के ऊपरी कमरे से नीचे दाल लेकर आ रहा था, तभी वह गर्म दाल की चपेट में आकर झुलस गया। इंजेक्शन लगाने के बाद होश नहीं आने का आरोप परिजनों के मुताबिक, मंगलवार रात आकाश दर्द के कारण चिल्ला रहा था। इसी दौरान डॉक्टरों ने उसे इंजेक्शन लगाया। परिवार का आरोप है कि इंजेक्शन देने के बाद आकाश को होश नहीं आया। बुधवार रात डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों के आरोपों के बाद पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि इंजेक्शन और युवक की मौत के बीच कोई संबंध था या नहीं। मामले की जांच के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट महत्वपूर्ण होगी। खुड़ैल में जहर खाने से 46 वर्षीय व्यक्ति की मौत इंदौर के खुड़ैल क्षेत्र में भी एक अन्य मामला सामने आया है। तिल्लोर खुर्द निवासी अजय (46), पिता दयाशंकर, की एमवाय अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, अजय ने जहर खा लिया था। परिजन बुधवार को उसे उपचार के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे थे, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस मामले में भी मर्ग कायम कर जांच की जा रही है।
Read more
Shashi Tharoor

Shashi Tharoor on Rahul Gandhi: विदेश यात्रा पर सवाल पूछने वालों से बोले- मैं Travel Agent नहीं हूं

राहुल गांधी की विदेश यात्रा को लेकर सियासत गर्म है। BJP के सवालों और मीडिया की चर्चा के बीच कांग्रेस सांसद शशि थरूर (Shashi Tharoor) से जब इस बारे में पूछा गया, तो उन्होंने साफ शब्दों में कहा, “मैं कोई ट्रैवल एजेंट नहीं हूं।” उनके इस जवाब के बाद राहुल गांधी की विदेश यात्रा को लेकर राजनीतिक बहस एक बार फिर चर्चा में आ गई। राहुल गांधी की विदेश यात्रा पर Shashi Tharoor ने क्या कहा? विदेश यात्रा को लेकर पत्रकारों ने शशि थरूर से सवाल किया। इस पर Shashi Tharoor ने कहा कि वह कोई ट्रैवल एजेंट नहीं हैं और उनसे इस तरह का सवाल पूछने का कोई मतलब नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि हर व्यक्ति की अपनी जिम्मेदारियां होती हैं और वह इस मामले पर टिप्पणी नहीं कर सकते। थरूर के जवाब से साफ था कि वह राहुल गांधी के दौरे के बारे में जानकारी देने या उसकी वजह बताने के पक्ष में नहीं थे। हालांकि, उनके बयान के बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गईं। Vietnam जाने की खबर के बीच BJP ने उठाए सवाल मीडिया रिपोर्ट्स में राहुल गांधी के वियतनाम जाने की बात कही गई है। उनकी यात्रा को लेकर BJP ने सवाल उठाते हुए कहा कि जब विपक्ष चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध कर रहा है, तब राहुल गांधी विदेश क्यों गए हैं। BJP ने इस मुद्दे पर सोशल मीडिया के जरिए भी कांग्रेस नेता को घेरा। दूसरी ओर, कांग्रेस नेताओं ने राहुल गांधी की यात्रा को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर आपत्ति जताई। हालांकि, उनके दौरे के उद्देश्य और कार्यक्रम को लेकर आधिकारिक जानकारी स्पष्ट होना जरूरी है। SIR विवाद के बीच क्यों चर्चा में आई राहुल गांधी की यात्रा? राहुल गांधी की विदेश यात्रा ऐसे समय चर्चा में आई है, जब चुनाव आयोग और मतदाता सूची के Special Intensive Revision (SIR) को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है। विपक्षी दलों का आरोप है कि मतदाता सूची में संभावित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। इसी मुद्दे पर INDIA गठबंधन के नेताओं ने चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन किया है। राहुल गांधी भी इस राजनीतिक अभियान में शामिल रहे हैं। ऐसे में उनकी विदेश यात्रा को लेकर BJP ने सवाल खड़े किए हैं। वहीं, कांग्रेस का कहना है कि किसी नेता के निजी दौरे को बेवजह राजनीतिक विवाद का मुद्दा नहीं बनाया जाना चाहिए। कांग्रेस नेताओं ने BJP के सवालों पर क्या कहा? राहुल गांधी की यात्रा को लेकर कांग्रेस नेताओं ने BJP की आलोचना पर जवाब दिया। कांग्रेस नेताओं का तर्क है कि किसी राजनीतिक नेता के विदेश जाने को लेकर सवाल उठाना उचित नहीं है। उनका कहना है कि राहुल गांधी की अनुपस्थिति से चुनाव आयोग के मुद्दे पर विपक्ष का अभियान रुकने वाला नहीं है। इस पूरे विवाद में दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। BJP राहुल गांधी की विदेश यात्रा पर सवाल उठा रही है, जबकि कांग्रेस इसे राजनीतिक मुद्दा बनाने का विरोध कर रही है। Shashi Tharoor के बयान से फिर तेज हुई सियासत शशि थरूर का बयान भले ही छोटा था, लेकिन इसने राहुल गांधी की विदेश यात्रा को लेकर चल रही बहस को फिर से सुर्खियों में ला दिया। उन्होंने न तो यात्रा के उद्देश्य की पुष्टि की और न ही उसके बारे में कोई विस्तृत जानकारी दी। फिलहाल, इस मामले में सबसे अहम सवाल यही है कि राहुल गांधी के दौरे का उद्देश्य क्या था और इस पर आधिकारिक तौर पर क्या जानकारी सामने आती है। तब तक इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी जारी रहने की संभावना है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Badr Agreement

Badr Agreement: 4 मुस्लिम देशों ने मिलाया हाथ, Defence Industry में बढ़ेगा सहयोग

पाकिस्तान ने रक्षा क्षेत्र में अपनी साझेदारी बढ़ाने के लिए तुर्किये, कतर और इंडोनेशिया के साथ हाथ मिलाया है। 21 अक्टूबर 2026 को कतर की राजधानी दोहा में चारों देशों ने ‘बद्र (Badr) मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग’ पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते का मकसद रक्षा उद्योग में सहयोग बढ़ाना, तकनीकी जानकारी साझा करना और रिसर्च एवं डेवलपमेंट को बढ़ावा देना है। इस समझौते के बाद पाकिस्तान की रक्षा साझेदारी को लेकर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, इसे सिर्फ हथियार बनाने तक सीमित समझना सही नहीं होगा। इसके तहत रक्षा तकनीक, प्रशिक्षण और औद्योगिक सहयोग जैसे क्षेत्रों में भी काम करने की संभावनाएं हैं। Badr Agreement: क्या है चार देशों के बीच समझौता? Badr Agreement के जरिए पाकिस्तान, तुर्किये, कतर और इंडोनेशिया रक्षा उद्योग में आपसी सहयोग बढ़ाना चाहते हैं। इसका उद्देश्य चारों देशों की क्षमताओं का इस्तेमाल करके रक्षा क्षेत्र में तकनीकी विकास और उत्पादन को बढ़ावा देना है। रक्षा क्षेत्र में इस तरह की साझेदारी से देशों को नई तकनीक सीखने, विशेषज्ञता साझा करने और संयुक्त परियोजनाओं पर काम करने का अवसर मिल सकता है। हालांकि, समझौते के तहत किन हथियारों का निर्माण किया जाएगा, कितना निवेश होगा और परियोजनाएं कब शुरू होंगी, इसकी विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है। Pakistan और Turkiye की बढ़ती Defence Partnership पाकिस्तान और तुर्किये पहले भी रक्षा क्षेत्र में सहयोग करते रहे हैं। दोनों देशों के बीच सैन्य उपकरणों, तकनीकी सहयोग और रक्षा उत्पादन से जुड़े कई विषयों पर साझेदारी रही है। तुर्किये ने पिछले कुछ वर्षों में अपने रक्षा उद्योग को विकसित करने पर जोर दिया है। वहीं, पाकिस्तान भी घरेलू रक्षा उत्पादन और दूसरे देशों के साथ तकनीकी सहयोग बढ़ाने की कोशिश करता रहा है। ऐसे में बद्र समझौता दोनों देशों के मौजूदा सहयोग को आगे बढ़ाने का एक और रास्ता बन सकता है। Qatar और Indonesia की क्या होगी भूमिका? इस समझौते में कतर और इंडोनेशिया की भागीदारी भी अहम है। कतर के पास निवेश की क्षमता है, जबकि इंडोनेशिया दक्षिण-पूर्व एशिया का एक प्रमुख देश है और अपनी रक्षा जरूरतों को पूरा करने के लिए विभिन्न देशों के साथ सहयोग करता है। चारों देश रक्षा उद्योग में अपनी जरूरतों और क्षमताओं के अनुसार सहयोग कर सकते हैं। लेकिन अभी यह स्पष्ट नहीं है कि प्रत्येक देश किस परियोजना में कितना योगदान देगा। इसलिए किसी खास हथियार के संयुक्त निर्माण या बड़े निवेश को लेकर पक्के दावे करना जल्दबाजी होगी। क्या पाकिस्तान मुस्लिम देशों के साथ नया रक्षा नेटवर्क बना रहा है? पाकिस्तान लंबे समय से मुस्लिम बहुल देशों के साथ अपने राजनीतिक, आर्थिक और रक्षा संबंध मजबूत करने की कोशिश करता रहा है। तुर्किये, कतर और इंडोनेशिया के साथ यह समझौता भी इसी व्यापक सहयोग का हिस्सा माना जा सकता है। हालांकि, चार देशों के बीच रक्षा उद्योग में सहयोग का समझौता होना और एक औपचारिक सैन्य गठबंधन बनना दो अलग बातें हैं। बद्र समझौते का घोषित फोकस रक्षा क्षेत्र में साझेदारी है। इसे किसी साझा सैन्य कार्रवाई की गारंटी या किसी देश के खिलाफ गठबंधन के रूप में देखना अभी सही नहीं होगा। India के लिए इस Defence Deal के क्या मायने हैं? भारत के लिए क्षेत्रीय रक्षा सहयोग से जुड़े ऐसे घटनाक्रम पर नजर रखना स्वाभाविक है। भारत और इंडोनेशिया के बीच भी रक्षा संबंध हैं। दोनों देश विभिन्न रक्षा और सुरक्षा मुद्दों पर सहयोग करते रहे हैं। लेकिन पाकिस्तान, तुर्किये, कतर और इंडोनेशिया के इस समझौते को भारत के खिलाफ बनाई गई रणनीति बताने के लिए अभी पर्याप्त सार्वजनिक जानकारी उपलब्ध नहीं है। समझौते का वास्तविक प्रभाव इस बात पर निर्भर करेगा कि आगे कौन-सी परियोजनाएं शुरू होती हैं और चारों देश उन्हें किस तरह लागू करते हैं। आगे क्या होगा? बद्र समझौते के बाद अब नजर इसके अगले चरण पर रहेगी। संयुक्त रक्षा परियोजनाओं, तकनीकी प्रशिक्षण, रिसर्च और उत्पादन से जुड़े फैसले यह तय करेंगे कि यह साझेदारी कितनी आगे बढ़ती है। फिलहाल, समझौते से जुड़ी सभी परियोजनाओं, निवेश और हथियारों की सूची सार्वजनिक रूप से स्पष्ट नहीं है। इसलिए आने वाले समय में चारों देशों की आधिकारिक घोषणाएं इस साझेदारी की दिशा समझने में अहम होंगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
IND vs NZ

IND vs NZ 1st T20: 7 रन बनाते ही Suryakumar Yadav का रिकॉर्ड तोड़ सकते हैं ईशान किशन

भारत और न्यूजीलैंड (IND vs NZ) के बीच टी-20 क्रिकेट का रोमांच एक बार फिर देखने को मिलेगा। दोनों टीमों के बीच पहला T20 मुकाबला आज, 22 अक्टूबर को खेला जाना है। भारतीय टीम जीत के साथ शुरुआत करने के इरादे से मैदान पर उतरेगी, जबकि न्यूजीलैंड अपने घरेलू मैदान पर भारत को कड़ी चुनौती देना चाहेगा। इस मुकाबले में सबकी नजरें ईशान किशन पर रहेंगी, जिनके पास महज 7 रन बनाकर सूर्यकुमार यादव का एक बड़ा रिकॉर्ड तोड़ने का मौका है। India vs New Zealand 1st T20: मैच में क्या होगा खास? भारत और न्यूजीलैंड के बीच होने वाला यह मुकाबला बल्लेबाजी और गेंदबाजी, दोनों लिहाज से दिलचस्प रहने की उम्मीद है। भारतीय टीम के पास ऐसे खिलाड़ी हैं जो कुछ ही ओवरों में मैच का रुख बदल सकते हैं। वहीं, न्यूजीलैंड की टीम भी अपने मैदान पर किसी तरह की ढिलाई नहीं बरतना चाहेगी। भारतीय फैंस को उम्मीद होगी कि टीम के बल्लेबाज शुरुआत से ही लय हासिल करें और गेंदबाज विपक्षी टीम पर दबाव बनाए रखें। सीरीज के पहले मुकाबले में जीत हासिल करना दोनों टीमों के लिए अहम होगा। Ishan Kishan Record: 7 रन बनाते ही रच सकते हैं इतिहास इस मैच की सबसे बड़ी चर्चा ईशान किशन को लेकर है। भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज के पास टी-20 इंटरनेशनल में एक कैलेंडर वर्ष में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले भारतीय बल्लेबाज बनने का मौका है। इसके लिए उन्हें सिर्फ 7 रन की जरूरत बताई जा रही है। फिलहाल सूर्यकुमार यादव इस मामले में भारतीय रिकॉर्ड के धारक हैं। उन्होंने साल 2022 में टी-20 इंटरनेशनल में 1,164 रन बनाए थे। ईशान किशन अगर जरूरी रन बना लेते हैं, तो वह इस रिकॉर्ड को अपने नाम कर सकते हैं। ईशान के लिए यह सिर्फ एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं होगी, बल्कि टीम के लिए भी अच्छी खबर होगी। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी भारत को तेज शुरुआत दिलाने में अहम भूमिका निभा सकती है। Team India की नजर जीत से शुरुआत करने पर भारतीय टीम इस मुकाबले में अपनी बल्लेबाजी और गेंदबाजी के दम पर बेहतर प्रदर्शन करना चाहेगी। ईशान किशन के अलावा अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन, तिलक वर्मा और शिवम दुबे जैसे खिलाड़ियों से भी अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी। हालांकि, न्यूजीलैंड की परिस्थितियों में बल्लेबाजी करना आसान नहीं होता। यहां तेज गेंदबाजों को शुरुआती ओवरों में मदद मिल सकती है। ऐसे में भारतीय बल्लेबाजों को संभलकर शुरुआत करनी होगी और मौका मिलने पर तेजी से रन बनाने होंगे। New Zealand की टीम भी देगी कड़ी चुनौती न्यूजीलैंड को घरेलू परिस्थितियों का फायदा मिल सकता है। टीम के पास अनुभवी बल्लेबाज और उपयोगी गेंदबाज हैं, जो भारतीय खिलाड़ियों को परेशानी में डाल सकते हैं। खास तौर पर शुरुआती ओवरों में भारतीय बल्लेबाजों की परीक्षा हो सकती है। मेजबान टीम की कोशिश रहेगी कि वह भारत के मजबूत बल्लेबाजी क्रम पर दबाव बनाए और मैच में अपनी पकड़ बनाए रखे। ऐसे में मुकाबले का नतीजा इस बात पर भी निर्भर करेगा कि कौन-सी टीम दबाव के क्षणों में बेहतर प्रदर्शन करती है। India vs New Zealand 1st T20: कब और कहां देखें मैच? भारत और न्यूजीलैंड के पहले टी-20 मुकाबले से जुड़ी जानकारी नीचे दी गई है: लाइव टेलीकास्ट और ऑनलाइन स्ट्रीमिंग की जानकारी के लिए आधिकारिक प्रसारणकर्ता के अपडेट जरूर देखें। अब सबकी नजर ईशान किशन पर भारत और न्यूजीलैंड के बीच पहले टी-20 मुकाबले में जीत के साथ ईशान किशन के रिकॉर्ड पर भी सबकी नजर रहेगी। अगर वह 7 रन बनाकर सूर्यकुमार यादव का रिकॉर्ड तोड़ देते हैं, तो यह उनके करियर की एक खास उपलब्धि होगी। अब देखना होगा कि ईशान इस मौके को कितनी अच्छी तरह भुनाते हैं और भारतीय टीम सीरीज की शुरुआत जीत के साथ कर पाती है या नहीं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
SBI

SBI ग्राहकों का डेटा Dark Web पर मिलने से बढ़ी चिंता, जांच में जुटा बैंक

देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के ग्राहकों की निजी जानकारी डार्क वेब पर मिलने का मामला सामने आया है। बैंक की शुरुआती जांच में 3,897 ग्राहक रिकॉर्ड में व्यक्तिगत जानकारी उजागर होने की पहचान की गई है। इनमें नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी और पते जैसी जानकारियां शामिल हैं। इस खबर के सामने आने के बाद ग्राहकों की डेटा सिक्योरिटी को लेकर चिंता बढ़ गई है। SBI ने कहा है कि इस घटना से बैंक के सामान्य कामकाज, वित्तीय प्रदर्शन और सेवाओं पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा है। वहीं, डेटा कहां से आया, कितने ग्राहकों की जानकारी प्रभावित हुई और इसके पीछे क्या वजह रही, इन सवालों के जवाब तलाशने के लिए जांच की जा रही है। SBI Data Leak: कैसे सामने आया डेटा लीक का मामला? बैंक के अनुसार, 16 अक्टूबर 2026 को उसे अपने Threat Intelligence Service Provider, Defence Cyber Agency और भारतीय कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम (CERT-In) से डार्क वेब पर ग्राहकों का डेटा उपलब्ध होने की जानकारी मिली थी। इसके बाद SBI ने शुरुआती स्तर पर करीब 3.75 लाख रिकॉर्ड का विश्लेषण किया। इस प्रक्रिया में 3,897 ग्राहक रिकॉर्ड ऐसे मिले, जिनमें व्यक्तिगत पहचान से जुड़ी जानकारी मौजूद थी। हालांकि, डार्क वेब पर मिले सभी रिकॉर्ड के बारे में अभी पूरी जानकारी सामने नहीं आई है। बैंक जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि डेटा कितना वास्तविक है और किस माध्यम से बाहर पहुंचा। ग्राहकों की कौन-सी निजी जानकारी हुई उजागर? शुरुआती जांच में सामने आए रिकॉर्ड में ग्राहकों से जुड़ी कई तरह की जानकारियां शामिल बताई गई हैं। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं: इनमें से कुछ जानकारियों का इस्तेमाल साइबर ठग लोगों को निशाना बनाने के लिए कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, किसी ग्राहक का नाम, मोबाइल नंबर और बैंकिंग से जुड़ी जानकारी पता होने पर ठग खुद को बैंक कर्मचारी बताकर भरोसा जीतने की कोशिश कर सकते हैं। हालांकि, इस मामले में ग्राहकों के बैंक खातों से पैसे निकलने या किसी खास तरह की धोखाधड़ी होने की पुष्टि नहीं हुई है। SBI ने जांच के लिए उठाए जरूरी कदम डेटा लीक की जानकारी मिलने के बाद बैंक ने अपने साइबर सिक्योरिटी प्रोटोकॉल सक्रिय कर दिए। साथ ही, मामले की विस्तृत जांच के लिए CERT-In से सूचीबद्ध एक स्वतंत्र साइबर सुरक्षा एजेंसी को नियुक्त किया गया है। जांच में यह पता लगाने पर ध्यान दिया जा रहा है कि डेटा का स्रोत क्या था, जानकारी कैसे उजागर हुई और इससे ग्राहकों की सुरक्षा पर कितना असर पड़ सकता है। बैंक के अनुसार, जांच के नतीजों के आधार पर जरूरी सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल डेटा लीक के पीछे किसी व्यक्ति या समूह की भूमिका को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। क्या SBI ग्राहकों के बैंक खाते खतरे में हैं? डेटा लीक की खबर सुनकर ग्राहकों के मन में सबसे पहला सवाल यही आता है कि क्या उनके बैंक खाते सुरक्षित हैं? यहां एक बात समझना जरूरी है। ग्राहकों का नाम, मोबाइल नंबर या पता सामने आने का मतलब यह नहीं है कि उनके बैंक खाते भी हैक हो गए हैं। निजी जानकारी का उजागर होना और खाते से पैसे निकलना दो अलग-अलग बातें हैं। SBI ने कहा है कि इस घटना से उसके मुख्य कामकाज और सेवाओं पर कोई महत्वपूर्ण असर नहीं पड़ा है। हालांकि, निजी जानकारी का गलत इस्तेमाल करके फर्जी कॉल, मैसेज और ऑनलाइन ठगी की कोशिश की जा सकती है। इसलिए ग्राहकों को सावधानी बरतने की जरूरत है। Data Leak के बाद ग्राहकों को क्या करना चाहिए? डिजिटल बैंकिंग के दौर में थोड़ी सी लापरवाही भी परेशानी बढ़ा सकती है। ऐसे में SBI ग्राहकों को कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए। 1. OTP और PIN किसी को न बताएं: बैंक अधिकारी बनकर फोन करने वाला व्यक्ति भी आपसे OTP, ATM PIN या CVV मांगे, तो जानकारी साझा न करें। 2. संदिग्ध लिंक से बचें: KYC अपडेट, बैंक खाता बंद होने या रिफंड मिलने के नाम पर आए अनजान लिंक पर क्लिक न करें। 3. बैंक खाते पर नजर रखें: अपने खाते के लेनदेन की नियमित जांच करें। कोई संदिग्ध ट्रांजैक्शन दिखे तो तुरंत बैंक से संपर्क करें। 4. फर्जी कॉल से सावधान रहें: अगर कोई व्यक्ति बैंकिंग जानकारी बताकर आपका भरोसा जीतने की कोशिश करे, तो उसकी पहचान की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करें। 5. साइबर ठगी होने पर शिकायत करें: वित्तीय साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में 1930 हेल्पलाइन या भारत सरकार के आधिकारिक साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। ध्यान रखें कि किसी ठग के पास आपकी कुछ निजी जानकारी होने का मतलब यह नहीं है कि वह बैंक का अधिकृत प्रतिनिधि है। SBI Data Leak मामले में अब आगे क्या होगा? फिलहाल SBI डेटा लीक मामले की जांच जारी है। बैंक यह पता लगाने में जुटा है कि डार्क वेब पर उपलब्ध जानकारी कहां से आई और घटना का वास्तविक दायरा कितना बड़ा है। जांच पूरी होने के बाद ही डेटा लीक की वजह और ग्राहकों पर इसके संभावित प्रभाव को लेकर ज्यादा स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी। तब तक ग्राहकों के लिए अपनी बैंकिंग जानकारी सुरक्षित रखना और संदिग्ध गतिविधियों से सतर्क रहना सबसे जरूरी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Delhi HighCourt

Delhi HighCourt: सौरव दास-आशुतोष रांका ने वापस ली याचिका, Bond की शर्तों पर कोर्ट के सवाल

दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi HighCourt) में बुधवार, 21 अक्टूबर को CJP नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका की याचिका पर सुनवाई हुई। दोनों नेताओं ने स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उनकी न्यायिक हिरासत दो दिन के लिए बढ़ाई गई थी। सुनवाई के दौरान कोर्ट की टिप्पणियों के बाद दोनों ने अपनी याचिका वापस ले ली। जस्टिस सुब्रमणियम प्रसाद की बेंच ने सुनवाई के दौरान सवाल उठाया कि जब इस मामले में दूसरी कानूनी प्रक्रिया अपनाने का विकल्प मौजूद है, तो सीधे हाईकोर्ट का रुख क्यों किया गया। कोर्ट ने दोनों नेताओं की ओर से शांति बनाए रखने के लिए दिए गए बॉन्ड की शर्तों के उल्लंघन के आरोपों पर भी टिप्पणी की। Jantar Mantar Protest Case: क्या है पूरा मामला? सौरव दास और आशुतोष रांका को 13 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के बाद हिरासत में लिया गया था। यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ किया गया था। पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग पार कर उस स्थान पर प्रवेश किया था, जिसे प्रदर्शन स्थल के रूप में पहले ही अधिसूचित सूची से हटा दिया गया था। इसके बाद दोनों नेताओं को न्यायिक हिरासत में भेजा गया। शुरुआत में उनकी हिरासत पांच दिन के लिए तय की गई थी। 19 अक्टूबर को स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट ने उनकी हिरासत दो दिन और बढ़ाने का आदेश दिया था। इसी फैसले को चुनौती देते हुए दोनों ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। Court Remarks: बॉन्ड की शर्तों पर क्या कहा? सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने शांति बनाए रखने के लिए दिए गए बॉन्ड और उसके कथित उल्लंघन को लेकर सवाल उठाए। कोर्ट ने यह भी कहा कि बैरिकेडिंग तोड़ने जैसी घटना के बाद दूसरे लोगों के भी नियमों का उल्लंघन करने की आशंका बढ़ सकती है। दोनों नेताओं की ओर से पेश वकील ने हिरासत बढ़ाने के आदेश और जमानतदारों से जुड़ी प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उनका पक्ष था कि दोनों ने आवश्यक जमानतदार पेश किए थे, इसके बावजूद उन्हें हिरासत में रखा गया। हालांकि, हाईकोर्ट ने मामले में उपलब्ध वैकल्पिक कानूनी उपाय अपनाने की बात कही। इसके बाद दोनों नेताओं की ओर से याचिका वापस लेने का फैसला किया गया। याचिका वापस लेने का क्या मतलब है? सौरव दास और आशुतोष रांका की याचिका वापस लिए जाने का अर्थ यह नहीं है कि हाईकोर्ट ने हिरासत बढ़ाने के आदेश को सही ठहरा दिया है। अदालत ने मामले के गुण-दोष पर कोई अंतिम राय दिए बिना याचिका वापस लेने की अनुमति दी। कोर्ट ने दोनों पक्षों को पहले स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के समक्ष चल रही प्रक्रिया के नतीजे का इंतजार करने और जरूरत पड़ने पर उचित अपीलीय मंच का रुख करने की सलाह दी। इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया और मजिस्ट्रेट के समक्ष होने वाली सुनवाई महत्वपूर्ण रहेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
🏏 LIVE CRICKET
Loading scores...

Trending Now

देश-हरपल

Latest posts

IND vs NZ

IND vs NZ 1st T20: 7 रन बनाते ही Suryakumar Yadav का रिकॉर्ड तोड़ सकते हैं ईशान किशन

भारत और न्यूजीलैंड (IND vs NZ) के बीच टी-20 क्रिकेट का रोमांच एक बार फिर देखने को मिलेगा। दोनों टीमों के बीच पहला T20 मुकाबला आज, 22 अक्टूबर को खेला जाना है। भारतीय टीम जीत के साथ शुरुआत करने के इरादे से मैदान पर उतरेगी, जबकि न्यूजीलैंड अपने घरेलू मैदान पर भारत को कड़ी चुनौती देना चाहेगा। इस मुकाबले में सबकी नजरें ईशान किशन पर रहेंगी, जिनके पास महज 7 रन बनाकर सूर्यकुमार यादव का एक बड़ा रिकॉर्ड तोड़ने का मौका है। India vs New Zealand 1st T20: मैच में क्या होगा खास? भारत और न्यूजीलैंड के बीच होने वाला यह मुकाबला बल्लेबाजी और गेंदबाजी, दोनों लिहाज से दिलचस्प रहने की उम्मीद है। भारतीय टीम के पास ऐसे खिलाड़ी हैं जो कुछ ही ओवरों में मैच का रुख बदल सकते हैं। वहीं, न्यूजीलैंड की टीम भी अपने मैदान पर किसी तरह की ढिलाई नहीं बरतना चाहेगी। भारतीय फैंस को उम्मीद होगी कि टीम के बल्लेबाज शुरुआत से ही लय हासिल करें और गेंदबाज विपक्षी टीम पर दबाव बनाए रखें। सीरीज के पहले मुकाबले में जीत हासिल करना दोनों टीमों के लिए अहम होगा। Ishan Kishan Record: 7 रन बनाते ही रच सकते हैं इतिहास इस मैच की सबसे बड़ी चर्चा ईशान किशन को लेकर है। भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज के पास टी-20 इंटरनेशनल में एक कैलेंडर वर्ष में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले भारतीय बल्लेबाज बनने का मौका है। इसके लिए उन्हें सिर्फ 7 रन की जरूरत बताई जा रही है। फिलहाल सूर्यकुमार यादव इस मामले में भारतीय रिकॉर्ड के धारक हैं। उन्होंने साल 2022 में टी-20 इंटरनेशनल में 1,164 रन बनाए थे। ईशान किशन अगर जरूरी रन बना लेते हैं, तो वह इस रिकॉर्ड को अपने नाम कर सकते हैं। ईशान के लिए यह सिर्फ एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं होगी, बल्कि टीम के लिए भी अच्छी खबर होगी। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी भारत को तेज शुरुआत दिलाने में अहम भूमिका निभा सकती है। Team India की नजर जीत से शुरुआत करने पर भारतीय टीम इस मुकाबले में अपनी बल्लेबाजी और गेंदबाजी के दम पर बेहतर प्रदर्शन करना चाहेगी। ईशान किशन के अलावा अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन, तिलक वर्मा और शिवम दुबे जैसे खिलाड़ियों से भी अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी। हालांकि, न्यूजीलैंड की परिस्थितियों में बल्लेबाजी करना आसान नहीं होता। यहां तेज गेंदबाजों को शुरुआती ओवरों में मदद मिल सकती है। ऐसे में भारतीय बल्लेबाजों को संभलकर शुरुआत करनी होगी और मौका मिलने पर तेजी से रन बनाने होंगे। New Zealand की टीम भी देगी कड़ी चुनौती न्यूजीलैंड को घरेलू परिस्थितियों का फायदा मिल सकता है। टीम के पास अनुभवी बल्लेबाज और उपयोगी गेंदबाज हैं, जो भारतीय खिलाड़ियों को परेशानी में डाल सकते हैं। खास तौर पर शुरुआती ओवरों में भारतीय बल्लेबाजों की परीक्षा हो सकती है। मेजबान टीम की कोशिश रहेगी कि वह भारत के मजबूत बल्लेबाजी क्रम पर दबाव बनाए और मैच में अपनी पकड़ बनाए रखे। ऐसे में मुकाबले का नतीजा इस बात पर भी निर्भर करेगा कि कौन-सी टीम दबाव के क्षणों में बेहतर प्रदर्शन करती है। India vs New Zealand 1st T20: कब और कहां देखें मैच? भारत और न्यूजीलैंड के पहले टी-20 मुकाबले से जुड़ी जानकारी नीचे दी गई है: लाइव टेलीकास्ट और ऑनलाइन स्ट्रीमिंग की जानकारी के लिए आधिकारिक प्रसारणकर्ता के अपडेट जरूर देखें। अब सबकी नजर ईशान किशन पर भारत और न्यूजीलैंड के बीच पहले टी-20 मुकाबले में जीत के साथ ईशान किशन के रिकॉर्ड पर भी सबकी नजर रहेगी। अगर वह 7 रन बनाकर सूर्यकुमार यादव का रिकॉर्ड तोड़ देते हैं, तो यह उनके करियर की एक खास उपलब्धि होगी। अब देखना होगा कि ईशान इस मौके को कितनी अच्छी तरह भुनाते हैं और भारतीय टीम सीरीज की शुरुआत जीत के साथ कर पाती है या नहीं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
SBI

SBI ग्राहकों का डेटा Dark Web पर मिलने से बढ़ी चिंता, जांच में जुटा बैंक

देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के ग्राहकों की निजी जानकारी डार्क वेब पर मिलने का मामला सामने आया है। बैंक की शुरुआती जांच में 3,897 ग्राहक रिकॉर्ड में व्यक्तिगत जानकारी उजागर होने की पहचान की गई है। इनमें नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी और पते जैसी जानकारियां शामिल हैं। इस खबर के सामने आने के बाद ग्राहकों की डेटा सिक्योरिटी को लेकर चिंता बढ़ गई है। SBI ने कहा है कि इस घटना से बैंक के सामान्य कामकाज, वित्तीय प्रदर्शन और सेवाओं पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा है। वहीं, डेटा कहां से आया, कितने ग्राहकों की जानकारी प्रभावित हुई और इसके पीछे क्या वजह रही, इन सवालों के जवाब तलाशने के लिए जांच की जा रही है। SBI Data Leak: कैसे सामने आया डेटा लीक का मामला? बैंक के अनुसार, 16 अक्टूबर 2026 को उसे अपने Threat Intelligence Service Provider, Defence Cyber Agency और भारतीय कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम (CERT-In) से डार्क वेब पर ग्राहकों का डेटा उपलब्ध होने की जानकारी मिली थी। इसके बाद SBI ने शुरुआती स्तर पर करीब 3.75 लाख रिकॉर्ड का विश्लेषण किया। इस प्रक्रिया में 3,897 ग्राहक रिकॉर्ड ऐसे मिले, जिनमें व्यक्तिगत पहचान से जुड़ी जानकारी मौजूद थी। हालांकि, डार्क वेब पर मिले सभी रिकॉर्ड के बारे में अभी पूरी जानकारी सामने नहीं आई है। बैंक जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि डेटा कितना वास्तविक है और किस माध्यम से बाहर पहुंचा। ग्राहकों की कौन-सी निजी जानकारी हुई उजागर? शुरुआती जांच में सामने आए रिकॉर्ड में ग्राहकों से जुड़ी कई तरह की जानकारियां शामिल बताई गई हैं। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं: इनमें से कुछ जानकारियों का इस्तेमाल साइबर ठग लोगों को निशाना बनाने के लिए कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, किसी ग्राहक का नाम, मोबाइल नंबर और बैंकिंग से जुड़ी जानकारी पता होने पर ठग खुद को बैंक कर्मचारी बताकर भरोसा जीतने की कोशिश कर सकते हैं। हालांकि, इस मामले में ग्राहकों के बैंक खातों से पैसे निकलने या किसी खास तरह की धोखाधड़ी होने की पुष्टि नहीं हुई है। SBI ने जांच के लिए उठाए जरूरी कदम डेटा लीक की जानकारी मिलने के बाद बैंक ने अपने साइबर सिक्योरिटी प्रोटोकॉल सक्रिय कर दिए। साथ ही, मामले की विस्तृत जांच के लिए CERT-In से सूचीबद्ध एक स्वतंत्र साइबर सुरक्षा एजेंसी को नियुक्त किया गया है। जांच में यह पता लगाने पर ध्यान दिया जा रहा है कि डेटा का स्रोत क्या था, जानकारी कैसे उजागर हुई और इससे ग्राहकों की सुरक्षा पर कितना असर पड़ सकता है। बैंक के अनुसार, जांच के नतीजों के आधार पर जरूरी सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल डेटा लीक के पीछे किसी व्यक्ति या समूह की भूमिका को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। क्या SBI ग्राहकों के बैंक खाते खतरे में हैं? डेटा लीक की खबर सुनकर ग्राहकों के मन में सबसे पहला सवाल यही आता है कि क्या उनके बैंक खाते सुरक्षित हैं? यहां एक बात समझना जरूरी है। ग्राहकों का नाम, मोबाइल नंबर या पता सामने आने का मतलब यह नहीं है कि उनके बैंक खाते भी हैक हो गए हैं। निजी जानकारी का उजागर होना और खाते से पैसे निकलना दो अलग-अलग बातें हैं। SBI ने कहा है कि इस घटना से उसके मुख्य कामकाज और सेवाओं पर कोई महत्वपूर्ण असर नहीं पड़ा है। हालांकि, निजी जानकारी का गलत इस्तेमाल करके फर्जी कॉल, मैसेज और ऑनलाइन ठगी की कोशिश की जा सकती है। इसलिए ग्राहकों को सावधानी बरतने की जरूरत है। Data Leak के बाद ग्राहकों को क्या करना चाहिए? डिजिटल बैंकिंग के दौर में थोड़ी सी लापरवाही भी परेशानी बढ़ा सकती है। ऐसे में SBI ग्राहकों को कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए। 1. OTP और PIN किसी को न बताएं: बैंक अधिकारी बनकर फोन करने वाला व्यक्ति भी आपसे OTP, ATM PIN या CVV मांगे, तो जानकारी साझा न करें। 2. संदिग्ध लिंक से बचें: KYC अपडेट, बैंक खाता बंद होने या रिफंड मिलने के नाम पर आए अनजान लिंक पर क्लिक न करें। 3. बैंक खाते पर नजर रखें: अपने खाते के लेनदेन की नियमित जांच करें। कोई संदिग्ध ट्रांजैक्शन दिखे तो तुरंत बैंक से संपर्क करें। 4. फर्जी कॉल से सावधान रहें: अगर कोई व्यक्ति बैंकिंग जानकारी बताकर आपका भरोसा जीतने की कोशिश करे, तो उसकी पहचान की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करें। 5. साइबर ठगी होने पर शिकायत करें: वित्तीय साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में 1930 हेल्पलाइन या भारत सरकार के आधिकारिक साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। ध्यान रखें कि किसी ठग के पास आपकी कुछ निजी जानकारी होने का मतलब यह नहीं है कि वह बैंक का अधिकृत प्रतिनिधि है। SBI Data Leak मामले में अब आगे क्या होगा? फिलहाल SBI डेटा लीक मामले की जांच जारी है। बैंक यह पता लगाने में जुटा है कि डार्क वेब पर उपलब्ध जानकारी कहां से आई और घटना का वास्तविक दायरा कितना बड़ा है। जांच पूरी होने के बाद ही डेटा लीक की वजह और ग्राहकों पर इसके संभावित प्रभाव को लेकर ज्यादा स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी। तब तक ग्राहकों के लिए अपनी बैंकिंग जानकारी सुरक्षित रखना और संदिग्ध गतिविधियों से सतर्क रहना सबसे जरूरी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Share Market

Share Market Update सेंसेक्स की तेजी पर लगा ब्रेक, Auto-Metal Stocks में दबाव

शेयर बाजार (Share Market) में तेजी देखकर खरीदारी करने वाले निवेशकों के लिए बुधवार का कारोबार थोड़ा निराशाजनक रहा। 21 अक्टूबर को भारतीय शेयर बाजार ने शुरुआत में अच्छी बढ़त बनाई, लेकिन दोपहर तक तस्वीर बदल गई। सेंसेक्स दिन के उच्चतम स्तर से करीब 1,200 अंक नीचे आ गया और 73,500 के आसपास कारोबार करने लगा। ऑटो और मेटल शेयरों में बिकवाली ने बाजार की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया। शुरुआती कारोबार में खरीदारी का माहौल था, लेकिन जैसे-जैसे कारोबार आगे बढ़ा, निवेशकों ने मुनाफा निकालना शुरू कर दिया। इसके चलते सेंसेक्स और निफ्टी दोनों पर दबाव देखने को मिला। बाजार में गिरावट के बीच निवेशकों की नजर अब वैश्विक संकेतों, कच्चे तेल की कीमतों और कंपनियों के तिमाही नतीजों पर है। Sensex और Nifty में गिरावट, शुरुआती तेजी पड़ी फीकी बुधवार को बाजार की शुरुआत सकारात्मक रुख के साथ हुई थी। कुछ बड़े शेयरों में खरीदारी से प्रमुख इंडेक्स को सहारा मिला। हालांकि, ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली शुरू होने के बाद सेंसेक्स अपनी बढ़त बरकरार नहीं रख सका। दिन के उच्चतम स्तर से करीब 1,200 अंक की गिरावट ने बाजार में जारी उतार-चढ़ाव को उजागर किया। निफ्टी पर भी दबाव देखने को मिला। निवेशक फिलहाल बाजार में बड़े दांव लगाने के बजाय कारोबार से जुड़े संकेतों को समझने की कोशिश कर रहे हैं। Auto और Metal Stocks में क्यों बढ़ी बिकवाली? बाजार की गिरावट में ऑटो और मेटल सेक्टर के शेयरों की कमजोरी चर्चा में रही। इन सेक्टरों में बिकवाली से निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई। ऑटो कंपनियों के शेयरों पर नजर रखने वाले निवेशकों के लिए वाहन बिक्री, मांग और उत्पादन लागत जैसे पहलू अहम हैं। वहीं, मेटल कंपनियों के प्रदर्शन पर वैश्विक मांग, धातुओं की कीमतों और औद्योगिक गतिविधियों का असर पड़ता है। हालांकि, पूरे सेक्टर को एक ही नजर से देखना सही नहीं होगा। अलग-अलग कंपनियों के शेयरों में उनकी वित्तीय स्थिति और कारोबार के आधार पर अलग-अलग चाल देखने को मिल सकती है। Crude Oil Price में तेजी से बढ़ी चिंता अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल भी भारतीय शेयर बाजार के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। तेल महंगा होने से भारत के आयात बिल पर दबाव बढ़ सकता है। इसका असर महंगाई, परिवहन खर्च और कई कंपनियों की लागत पर पड़ सकता है। अगर कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनी रहती हैं, तो इससे कुछ कंपनियों के मुनाफे पर असर पड़ने की आशंका रहती है। इसी वजह से निवेशक वैश्विक घटनाक्रम और तेल बाजार की चाल पर नजर रख रहे हैं। IT Stocks और Reliance पर भी निवेशकों की नजर जहां ऑटो और मेटल शेयरों में दबाव देखने को मिला, वहीं आईटी सेक्टर और रिलायंस इंडस्ट्रीज से जुड़े घटनाक्रम भी बाजार की चर्चा में रहे। आईटी कंपनियों के तिमाही नतीजे और कारोबार की संभावनाएं निवेशकों के लिए अहम हैं। इसके अलावा, जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO से जुड़ी गतिविधियों पर भी बाजार की नजर बनी हुई है। हालांकि, किसी एक कंपनी में खरीदारी या तेजी से पूरे बाजार की दिशा तय नहीं होती। सेंसेक्स और निफ्टी पर कई बड़े शेयरों और सेक्टरों का संयुक्त असर पड़ता है। Share Market में गिरावट की 4 बड़ी वजहें निवेशक अब किन बातों पर रखें नजर? आने वाले कारोबारी सत्रों में कच्चे तेल की कीमतें, विदेशी निवेशकों की गतिविधियां, वैश्विक बाजारों का रुख और कंपनियों के तिमाही नतीजे अहम रहेंगे। इन संकेतों से बाजार की दिशा को समझने में मदद मिल सकती है, हालांकि बाजार की चाल का सटीक अनुमान लगाना संभव नहीं है। निवेशकों के लिए जरूरी है कि वे केवल एक दिन की तेजी या गिरावट देखकर जल्दबाजी में फैसला न लें। निवेश से पहले कंपनी के प्रदर्शन, अपनी जोखिम क्षमता और निवेश की अवधि को ध्यान में रखना बेहतर रहता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Gold-Silver Rate

Gold-Silver Rate सोना लगातार दूसरे दिन हुआ सस्ता, चांदी के दाम भी गिरे

Gold-Silver Rate में गिरावट ने सर्राफा बाजार का ध्यान खींचा है। बीते दो दिनों में सोना करीब ₹2,300 सस्ता होने की खबर है। वहीं, चांदी के दाम में भी लगभग ₹5,000 की कमी दर्ज की गई है। ऐसे में जो लोग त्योहारों या शादी के लिए गहने खरीदने की तैयारी कर रहे हैं, उनकी नजर अब सोने-चांदी के नए भाव पर है। आपके दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, 10 ग्राम सोने की कीमत घटकर करीब ₹1.44 लाख रह गई है। हालांकि, 21 अक्टूबर 2026 को सामने आए ताजा बाजार अपडेट में सोने और चांदी के भाव अलग-अलग स्तर पर दर्ज किए गए। इसलिए खरीदारी से पहले आज का रेट जरूर जांच लें। Gold Price Today: 10 ग्राम सोने का भाव कितना है? 21 अक्टूबर के बाजार अपडेट के अनुसार, सोने की कीमतों में कमजोरी देखने को मिली। सुबह करीब 11:25 बजे उपलब्ध एक रिपोर्ट के मुताबिक, 10 ग्राम सोना ₹669 सस्ता होकर ₹1,45,850 पर पहुंच गया। इससे पिछले कारोबारी सत्र में इसका भाव ₹1,46,519 था। वहीं, एक अन्य बाजार अपडेट में 24 कैरेट सोने की कीमत ₹1,46,220 प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई। अलग-अलग रिपोर्टों में कीमतों का अंतर अपडेट के समय और बाजार के आधार पर हो सकता है। सोने की कीमतों में आई इस गिरावट से उन लोगों को कुछ राहत मिल सकती है, जो लंबे समय से गहने खरीदने के लिए सही मौके का इंतजार कर रहे हैं। हालांकि, केवल एक-दो दिन के भाव देखकर खरीदारी का फैसला करना सही नहीं होगा। Silver Price Today: चांदी भी हुई सस्ती सोने के साथ चांदी की कीमत में भी गिरावट देखने को मिली। 21 अक्टूबर की एक रिपोर्ट के अनुसार, एक किलो चांदी का भाव ₹2,11,485 से घटकर ₹2,09,050 पर आ गया। यानी कीमत में ₹2,435 की कमी दर्ज की गई। वहीं, कुछ खुदरा बाजारों में चांदी का भाव करीब ₹2.30 लाख प्रति किलो बताया गया। यह अंतर बाजार और कीमत अपडेट के तरीके के कारण हो सकता है। इसलिए अपने शहर के सर्राफा बाजार से ताजा भाव की पुष्टि करना जरूरी है। चांदी का इस्तेमाल सिर्फ गहने बनाने में ही नहीं, बल्कि बर्तन, सिक्के और कई औद्योगिक उत्पादों में भी होता है। यही वजह है कि इसके दाम में होने वाले बदलाव पर खरीदारों और कारोबारियों की नजर बनी रहती है। Gold-Silver Rate क्यों गिर रहे हैं? सोने और चांदी की कीमतों पर घरेलू मांग के साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार का भी असर पड़ता है। डॉलर की मजबूती, रुपये की विनिमय दर, ब्याज दरों को लेकर उम्मीदें और वैश्विक आर्थिक हालात कीमतों में उतार-चढ़ाव ला सकते हैं। 21 अक्टूबर की बाजार रिपोर्ट के मुताबिक, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से महंगाई को लेकर चिंता बढ़ी है। निवेशक अमेरिकी फेडरल रिजर्व की आगामी बैठक से मिलने वाले संकेतों का भी इंतजार कर रहे हैं। इन परिस्थितियों का असर कीमती धातुओं की कीमतों पर देखने को मिल रहा है। हालांकि, सोने और चांदी के भाव में गिरावट की वजह केवल एक कारक नहीं है। बाजार में निवेशकों की खरीद-बिक्री और अंतरराष्ट्रीय घटनाएं भी कीमतों की दिशा तय करती हैं। क्या अभी सोना-चांदी खरीदना सही रहेगा? अगर आप त्योहार, शादी या किसी पारिवारिक कार्यक्रम के लिए गहने खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो अलग-अलग दुकानों के भाव की तुलना करना फायदेमंद रहेगा। लेकिन यह जरूरी नहीं कि आज कीमत कम हुई है तो आने वाले दिनों में भी गिरावट जारी रहेगी। खरीदारी के समय इन बातों का ध्यान रखें: Gold-Silver Price: अलग-अलग शहरों में भाव क्यों बदलते हैं? दिल्ली, मुंबई, भोपाल, इंदौर और दूसरे शहरों में सोने-चांदी की कीमतों में अंतर हो सकता है। स्थानीय बाजार की परिस्थितियां, कारोबारी मार्जिन और आभूषण बनाने के शुल्क अंतिम कीमत को प्रभावित करते हैं। इसके अलावा, ऑनलाइन दिखाई देने वाला बुलियन रेट और ज्वेलरी शॉप पर मिलने वाली कीमत एक जैसी होना जरूरी नहीं है। इसलिए खरीदारी से पहले स्थानीय ज्वेलर से कीमत की पुष्टि करना बेहतर रहेगा। आज के Gold-Silver Rate पर एक नजर 21 अक्टूबर 2026 को उपलब्ध अलग-अलग बाजार अपडेट के अनुसार: ये दरें अलग-अलग बाजारों और अपडेट के समय के आधार पर हैं। इन्हें एक ही बाजार की समान दर न मानें। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Para Asian Games

Para Asian Games भारत को 3 Gold, Shot Put और High Jump में खिलाड़ियों ने दिखाया दम

Asian Para Games 2026 में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन जारी है। जापान के आइची-नागोया में हो रहे इस खेल आयोजन में भारत ने एथलेटिक्स और तीरंदाजी में कई पदक जीतकर देश का मान बढ़ाया। शॉट पुट में भारतीय खिलाड़ियों ने तीनों पदक अपने नाम किए, वहीं हाई जंप में भी गोल्ड और सिल्वर मेडल भारत के खाते में आए। इस प्रदर्शन की खास बात यह रही कि भारतीय खिलाड़ियों ने अलग-अलग स्पर्धाओं में अपनी मेहनत और दमखम दिखाया। सचिन खिलारी, प्रवीण कुमार और आयुष वर्मा ने गोल्ड मेडल जीतकर सुर्खियां बटोरीं। इनके अलावा दूसरे खिलाड़ियों ने भी सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल जीतकर भारत की पदक तालिका में योगदान दिया। Shot Put में भारत का क्लीन स्वीप, सचिन खिलारी ने जीता Gold पुरुषों की शॉट पुट F46 स्पर्धा में सचिन सरजेराव खिलारी ने 15.87 मीटर का थ्रो करके गोल्ड मेडल जीता। उन्होंने अपने आखिरी प्रयास में यह दूरी हासिल की और गेम्स रिकॉर्ड भी बनाया। इस मुकाबले में भारत का प्रदर्शन और भी खास रहा। मोहम्मद यासिर ने 15.06 मीटर के थ्रो के साथ सिल्वर मेडल जीता, जबकि परवीन ने 14.94 मीटर के थ्रो के साथ ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। इस तरह इस स्पर्धा के तीनों पदक भारतीय खिलाड़ियों के खाते में आए। एक ही इवेंट में गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज जीतना भारत के लिए बड़ी उपलब्धि रही। High Jump में प्रवीण कुमार ने बनाया रिकॉर्ड हाई जंप में प्रवीण कुमार ने 2.05 मीटर की छलांग लगाकर गोल्ड मेडल जीता। उनके इस प्रदर्शन ने भारतीय दल को एक और बड़ी सफलता दिलाई। प्रवीण ने शानदार छलांग के साथ गेम्स रिकॉर्ड भी बनाया। इसी स्पर्धा में भारत के बंटी ने 1.92 मीटर की छलांग लगाकर सिल्वर मेडल हासिल किया। इस तरह हाई जंप में भी भारत को दो पदक मिले। आयुष वर्मा के नाम भी Gold Medal पुरुषों की शॉट पुट F53 स्पर्धा में आयुष वर्मा ने 8.16 मीटर का थ्रो करके गोल्ड मेडल जीता। उन्होंने अपने पांचवें प्रयास में यह दूरी हासिल की। आयुष के लिए यह प्रतियोगिता का दूसरा पदक रहा। इससे पहले वह जैवलिन थ्रो में ब्रॉन्ज मेडल जीत चुके थे। लगातार दो स्पर्धाओं में पदक जीतना उनके शानदार प्रदर्शन को दिखाता है। भाग्यश्री जाधव ने जीता Silver, अनभव चौधरी को Bronze महिलाओं की शॉट पुट F34 स्पर्धा में भाग्यश्री जाधव ने 8.19 मीटर का थ्रो करके सिल्वर मेडल जीता। वहीं, पुरुषों की 100 मीटर T35 दौड़ में अनभव चौधरी ने 12.72 सेकंड का समय निकालकर ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। इन पदकों के साथ भारतीय खिलाड़ियों ने एथलेटिक्स में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई। मैदान पर उनकी मेहनत का नतीजा पदकों के रूप में देखने को मिला। Archery में शीतल देवी और पायल नाग की जोड़ी को Silver तीरंदाजी में शीतल देवी और पायल नाग की जोड़ी ने महिला कंपाउंड डबल्स स्पर्धा में सिल्वर मेडल जीता। फाइनल मुकाबले में भारतीय जोड़ी को चीन की टीम से हार का सामना करना पड़ा। हालांकि, गोल्ड नहीं मिल सका, लेकिन दोनों खिलाड़ियों ने सिल्वर मेडल जीतकर भारत की पदक संख्या में इजाफा किया। Asian Para Games में भारत का शानदार प्रदर्शन एशियन पैरा गेम्स में भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन लगातार चर्चा में है। एथलेटिक्स से लेकर तीरंदाजी तक, खिलाड़ी अलग-अलग स्पर्धाओं में पदक जीत रहे हैं। गोल्ड मेडल के साथ सिल्वर और ब्रॉन्ज की उपलब्धियां भी भारतीय दल के लिए अहम हैं। सचिन खिलारी का रिकॉर्ड बनाने वाला थ्रो, प्रवीण कुमार की शानदार छलांग और आयुष वर्मा का गोल्ड मेडल इस दिन की बड़ी उपलब्धियों में शामिल रहे। अब भारतीय खेल प्रेमियों की नजरें आगामी मुकाबलों पर हैं, जहां खिलाड़ियों से एक बार फिर अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी। भारतीय खिलाड़ियों की यह सफलता बताती है कि मेहनत, लगन और हौसले के दम पर वे अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का नाम रोशन कर रहे हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

Trending News

Top News

About Me

देशहरपल सिर्फ खबरों का मंच नहीं, बल्कि आपकी आवाज़ को सामने लाने का एक सशक्त माध्यम भी है। यहां आपको ताज़ातरीन खबरों के साथ-साथ नौकरी, शिक्षा, और नए भारत की बदलती आर्थिक तस्वीर पर उपयोगी और भरोसेमंद जानकारी मिलेगी।

Phone: +91 9406783569, +91 755 484 8829
Email: support@deshharpal.com
Address : A-23 Sakshi Bunglow Trilanga Near Aura Mall Bhopal M.P

Recent Posts

  • All Post
  • Breaking News
  • Education
  • More News
  • Web Story
  • एंटरटेनमेंट
  • देश-हरपल
  • धर्म-कर्म
  • प्रदेश
  • बिज़नेस
  • वर्ल्ड न्यूज़
  • वीडियो
  • स्पोर्ट्स
    •   Back
    • एक्सक्लूसिव
    • Editorial
    •   Back
    • IPL 2026
    • T20 वर्ल्ड कप
    • FIFA 2026
    •   Back
    • सोच-विचार
    • हेल्थ
    • ट्रैवल
    • कल्चर
    • एनवायरनमेंट
    • Impact Feature
    •   Back
    • राशिफल
    • पंचांग
    • पर्व-त्यौहार
    • पूजा-पाठ
    • चैत्र नवरात्रि 2025
    •   Back
    • मध्य प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    •   Back
    • टीवी
    • वेब-सीरीज
    • फिल्म रिव्यू
    • बॉलीवुड
    •   Back
    • लाइफस्टाइल
    •   Back
    • स्टॉक-मार्केट

© 2023 Deshharpal. All Rights Reserved.