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खंडवा में वीबी-जीरामजी योजना का शुभारंभ, अब ग्रामीणों को साल में 125 दिन रोजगार की गारंटी

ग्रामीण मजदूरों को अधिक रोजगार और बेहतर आजीविका उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई ‘विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ (वीबी-जीरामजी) योजना का जिला स्तरीय शुभारंभ गुरुवार को खंडवा ब्लॉक के ग्राम बमनगांव आखई में किया गया। कार्यक्रम में जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह ने कहा कि यह योजना ग्रामीण गरीब परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित होगी। उन्होंने बताया कि योजना के तहत अब ग्रामीण परिवारों को साल में 100 दिन की जगह 125 दिन रोजगार की वैधानिक गारंटी मिलेगी, जिससे गांवों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और लोगों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। काम नहीं मिलने पर मिलेगा बेरोजगारी भत्ता मंत्री विजय शाह ने कहा कि यदि किसी पात्र मजदूर को रोजगार मांगने के बावजूद काम नहीं मिलता है, तो उसे बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा। वहीं मजदूरी भुगतान में देरी होने पर प्रत्येक विलंबित दिन के लिए अतिरिक्त मुआवजा भी दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था से ग्रामीणों का रोजगार का अधिकार और अधिक मजबूत एवं प्रभावी बनेगा। साथ ही योजना के लिए पहले की तुलना में अधिक बजट उपलब्ध कराया जाएगा। अब पक्के निर्माण कार्य भी होंगे शामिल सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने कहा कि पुरानी रोजगार गारंटी योजना की कमियों को दूर करते हुए वीबी-जीरामजी योजना लागू की गई है। अब केवल कच्चे कार्य ही नहीं, बल्कि भवन निर्माण, पक्की सड़क, बाउंड्रीवाल और अन्य स्थायी निर्माण कार्य भी इस योजना के तहत किए जा सकेंगे। उन्होंने कहा कि इससे गांवों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। पलायन पर लगेगी रोक मांधाता विधायक नारायण पटेल ने कहा कि रोजगार की कमी के कारण ग्रामीणों को दूसरे राज्यों में पलायन करना पड़ता था। अब 125 दिन रोजगार मिलने से लोगों को अपने गांव में ही काम मिलेगा और पलायन की समस्या कम होगी। महिलाओं की भागीदारी पर विशेष जोर खंडवा विधायक कंचन तनवे ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं से महिलाओं का सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण हुआ है। वीबी-जीरामजी योजना में भी स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को अधिक अवसर दिए जाएंगे, जिससे उनकी आजीविका मजबूत होगी और वे आत्मनिर्भर बन सकेंगी। महापौर अमृता यादव ने कहा कि योजना की राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाएगी, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी और भ्रष्टाचार की संभावना कम होगी। जल संरक्षण और पौधारोपण का संदेश कार्यक्रम के दौरान जनप्रतिनिधियों ने ग्रामीणों से जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण में योगदान देने की अपील की। पंधाना विधायक छाया मोरे ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत प्रत्येक परिवार से कम से कम एक पौधा लगाने और उसकी देखभाल करने का आग्रह किया। कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। वीबी-जीरामजी योजना की प्रमुख विशेषताएं
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TMC

West Bengal Politics: TMC में सियासी भूचाल, अलग हुए गुट का दावा- 58 विधायक हमारे साथ

पश्चिम बंगाल (West Bengal) की राजनीति में एक बार फिर बड़ा सियासी घटनाक्रम सामने आया है। All India Trinamool Congress (TMC) के भीतर अंदरूनी विवाद अब खुलकर सामने आ गया है। पार्टी से अलग हुए बागी गुट ने खुद को “असली TMC” बताते हुए राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। बागी गुट का बड़ा दावा: “हम ही असली TMC” बागी गुट का कहना है कि पार्टी के असली प्रतिनिधि वही हैं और मौजूदा नेतृत्व वैध नहीं है। इस गुट ने दावा किया है कि करीब 58 विधायक पहले ही उनके साथ आ चुके हैं, जिससे संगठन का बड़ा हिस्सा उनके समर्थन में है। चुनाव आयोग से की गई मुलाकात सूत्रों के अनुसार, इस गुट ने हाल ही में Election Commission of India से मुलाकात की और पार्टी की आधिकारिक मान्यता पर जल्द निर्णय लेने की मांग की। उनका कहना है कि लंबे समय से चल रहा आंतरिक मतभेद अब सार्वजनिक हो चुका है, इसलिए स्थिति स्पष्ट की जाए। TMC नेतृत्व की चुप्पी इस पूरे विवाद पर अभी तक ममता बनर्जी या आधिकारिक टीएमसी नेतृत्व की ओर से कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक हलकों में इस चुप्पी को भी चर्चा का विषय माना जा रहा है। राजनीतिक असर की आशंका राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर यह विवाद आगे बढ़ता है, तो पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। टीएमसी, जो राज्य की सबसे मजबूत राजनीतिक ताकतों में से एक है, उसके लिए यह स्थिति चुनौतीपूर्ण साबित हो सकती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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EPFO

EPFO Update: Portal और UMANG App ठप, PF Claim से लेकर Passbook तक सभी सेवाएं प्रभावित

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) की ऑनलाइन सेवाएं तय समय के बाद भी पूरी तरह बहाल नहीं हो सकी हैं। गुरुवार को भी लाखों कर्मचारियों और पेंशनधारकों को EPFO Portal और UMANG App पर लॉगिन करने, PF क्लेम दर्ज करने और ई-पासबुक देखने में परेशानी का सामना करना पड़ा। लंबे समय तक सेवाएं बंद रहने से सोशल मीडिया पर भी यूजर्स ने नाराजगी जताई और कई लोगों ने इसे “तारीख पर तारीख” वाला मामला बताया। तय समय के बाद भी शुरू नहीं हुईं EPFO Services EPFO ने पहले जानकारी दी थी कि ऑनलाइन सेवाओं को कुछ समय के लिए बंद रखा जाएगा, क्योंकि संगठन अपने डिजिटल सिस्टम को अपग्रेड कर रहा है। उम्मीद थी कि मेंटेनेंस पूरा होने के बाद सभी सुविधाएं सामान्य हो जाएंगी, लेकिन तकनीकी काम अपेक्षा से अधिक समय लेने के कारण गुरुवार को भी अधिकांश सेवाएं प्रभावित रहीं। इस वजह से जिन कर्मचारियों को तत्काल PF क्लेम करना था या अपने खाते से जुड़ी जानकारी देखनी थी, उन्हें इंतजार करना पड़ा। क्यों किया जा रहा है सिस्टम Upgrade? EPFO के अनुसार, संगठन डेटाबेस कंसोलिडेशन और सॉफ्टवेयर अपग्रेडेशन पर काम कर रहा है। इसका उद्देश्य ऑनलाइन सेवाओं को पहले से अधिक तेज, सुरक्षित और भरोसेमंद बनाना है, ताकि भविष्य में क्लेम प्रोसेसिंग और अन्य डिजिटल सुविधाएं बेहतर तरीके से उपलब्ध कराई जा सकें। हालांकि, इस अपग्रेडेशन के दौरान अस्थायी रूप से कई ऑनलाइन सेवाएं बंद रखी गई हैं। कौन-कौन सी सुविधाएं हैं प्रभावित? सर्वर अपग्रेड के चलते फिलहाल कई जरूरी सेवाएं उपलब्ध नहीं हैं, जिनमें शामिल हैं— इन सेवाओं के बंद रहने से कर्मचारियों के साथ-साथ कंपनियों और HR विभागों का काम भी प्रभावित हुआ है। PF Balance कैसे चेक करें? अगर EPFO Portal या UMANG App काम नहीं कर रहे हैं, तो खाताधारक अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से SMS या Missed Call Service का इस्तेमाल करके PF खाते की बेसिक जानकारी और बैलेंस प्राप्त कर सकते हैं। यह सुविधा फिलहाल वैकल्पिक माध्यम के रूप में उपलब्ध है। EPFO ने क्या कहा? EPFO का कहना है कि तकनीकी अपग्रेडेशन का काम तेजी से पूरा किया जा रहा है। जैसे ही प्रक्रिया पूरी होगी, सभी ऑनलाइन सेवाएं चरणबद्ध तरीके से फिर से शुरू कर दी जाएंगी। संगठन ने सदस्यों से धैर्य रखने की अपील की है और सलाह दी है कि जरूरी काम के लिए कुछ समय बाद दोबारा पोर्टल या ऐप पर प्रयास करें। करोड़ों कर्मचारियों की निगाहें बहाली पर देशभर में करोड़ों कर्मचारी अपनी PF से जुड़ी जरूरतों के लिए EPFO की डिजिटल सेवाओं पर निर्भर हैं। ऐसे में पोर्टल और UMANG App लंबे समय तक बंद रहने से क्लेम, ट्रांसफर और अन्य जरूरी प्रक्रियाएं प्रभावित हुई हैं। अब सभी की नजर इस बात पर है कि सेवाएं पूरी तरह कब तक सामान्य होती हैं। उम्मीद की जा रही है कि अपग्रेडेशन पूरा होने के बाद EPFO का नया सिस्टम पहले की तुलना में अधिक तेज, सुरक्षित और यूजर-फ्रेंडली अनुभव देगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Japan

Japan PM Meets PM Modi: भारत में Investment बढ़ाने और Semiconductor Mission

भारत (India) और जापान (Japan) के रिश्तों को नई मजबूती देने की दिशा में गुरुवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान के प्रधानमंत्री के बीच महत्वपूर्ण द्विपक्षीय वार्ता हुई। इस बैठक में दोनों देशों ने निवेश, रक्षा सहयोग, सेमीकंडक्टर निर्माण, हाई-टेक टेक्नोलॉजी, सप्लाई चेन और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की सुरक्षा जैसे कई अहम विषयों पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरे की एक और खास बात यह रही कि जापान की वरिष्ठ नेता सनाए ताकाइची पहली बार भारत पहुंचीं। उनकी मौजूदगी को दोनों देशों के बीच बढ़ते रणनीतिक और आर्थिक संबंधों का सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। भारत-जापान साझेदारी को मिलेगा नया विस्तार भारत और जापान लंबे समय से रणनीतिक साझेदार रहे हैं, लेकिन बदलते वैश्विक हालात ने इस रिश्ते को और अधिक महत्वपूर्ण बना दिया है। दोनों देशों का लक्ष्य केवल व्यापार बढ़ाना नहीं, बल्कि तकनीक, रक्षा और भविष्य की अर्थव्यवस्था से जुड़े क्षेत्रों में मिलकर आगे बढ़ना भी है। बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि आने वाले वर्षों में दोनों देशों के बीच सहयोग को और व्यापक बनाया जाएगा, ताकि एशिया-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता और आर्थिक विकास को गति मिल सके। Investment बढ़ाने पर बनी सहमति वार्ता में जापानी कंपनियों के भारत में निवेश बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, रेलवे, इंफ्रास्ट्रक्चर, लॉजिस्टिक्स और ग्रीन एनर्जी जैसे क्षेत्रों में नए अवसरों पर चर्चा हुई। भारत सरकार चाहती है कि अधिक से अधिक जापानी कंपनियां देश में उत्पादन इकाइयां स्थापित करें। इससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और भारतीय विनिर्माण क्षेत्र को भी मजबूती मिलेगी। Semiconductor Sector बना बैठक का प्रमुख एजेंडा आज दुनिया में सेमीकंडक्टर की मांग लगातार बढ़ रही है। भारत इस क्षेत्र में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराना चाहता है, जबकि जापान के पास चिप निर्माण और एडवांस टेक्नोलॉजी का लंबा अनुभव है। इसी वजह से बैठक में सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग, रिसर्च, तकनीकी सहयोग, कुशल मानव संसाधन तैयार करने और मजबूत सप्लाई चेन विकसित करने पर विशेष चर्चा हुई। माना जा रहा है कि आने वाले समय में इस क्षेत्र में दोनों देशों के बीच कई नई परियोजनाएं शुरू हो सकती हैं। Defence Cooperation को मिलेगी नई मजबूती रक्षा क्षेत्र भी इस बैठक का प्रमुख हिस्सा रहा। दोनों नेताओं ने समुद्री सुरक्षा, रक्षा उपकरणों के संयुक्त विकास, सैन्य तकनीक, साइबर सुरक्षा और संयुक्त अभ्यासों को लेकर सहयोग बढ़ाने पर विचार-विमर्श किया। इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति, स्वतंत्र नौवहन और नियम-आधारित व्यवस्था बनाए रखने को लेकर भारत और जापान ने एक बार फिर अपनी साझा प्रतिबद्धता दोहराई। नई टेक्नोलॉजी और Supply Chain पर भी चर्चा कोविड महामारी के बाद वैश्विक सप्लाई चेन को लेकर दुनिया का नजरिया बदल चुका है। ऐसे में भारत और जापान दोनों ही सुरक्षित और भरोसेमंद सप्लाई नेटवर्क विकसित करना चाहते हैं। बैठक में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डिजिटल टेक्नोलॉजी, क्रिटिकल मिनरल्स, स्वच्छ ऊर्जा और उन्नत विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। पहली बार भारत आईं सनाए ताकाइची जापान की वरिष्ठ नेता सनाए ताकाइची का यह पहला भारत दौरा है। आर्थिक सुरक्षा और तकनीकी नीतियों में उनकी अहम भूमिका रही है। माना जा रहा है कि उनकी यह यात्रा भविष्य में भारत-जापान सहयोग को और नई दिशा देने में मददगार साबित हो सकती है। क्यों महत्वपूर्ण है यह बैठक? विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में भारत और जापान की साझेदारी पहले से कहीं अधिक अहम हो गई है। दोनों देश आर्थिक विकास के साथ-साथ तकनीकी आत्मनिर्भरता, सुरक्षित सप्लाई चेन और क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर साझा रणनीति पर आगे बढ़ रहे हैं। यदि इन चर्चाओं के बाद प्रस्तावित योजनाएं जमीन पर उतरती हैं, तो भारत में निवेश बढ़ने के साथ-साथ सेमीकंडक्टर, रक्षा उत्पादन और हाई-टेक उद्योगों को भी बड़ा लाभ मिल सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Mohan Bhagwat

Mohan Bhagwat on Partition: ‘उन्होंने घर नहीं, अपनी मातृभूमि चुनी’, RSS प्रमुख का संदेश

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) ने भारत के विभाजन और उसके बाद देश में आए लाखों लोगों को लेकर ऐसा बयान दिया है, जिसकी चर्चा राजनीतिक और सामाजिक दोनों हलकों में हो रही है। उन्होंने कहा कि 1947 के विभाजन के बाद भारत आने वाले लोगों को ‘शरणार्थी’ (Refugees) कहना सही नहीं है, क्योंकि वे किसी दूसरे देश में शरण लेने नहीं आए थे, बल्कि अपने ही देश लौटे थे। भागवत के मुताबिक, इन लोगों ने धन-दौलत, कारोबार और पुश्तैनी घर पीछे छोड़ दिए, लेकिन अपनी संस्कृति, आस्था और राष्ट्रीय पहचान से समझौता नहीं किया। इसलिए उनके संघर्ष को केवल ‘शरणार्थी’ शब्द में नहीं बांधा जा सकता। “उन्होंने संपत्ति नहीं, अपना देश चुना” अपने संबोधन में मोहन भागवत ने कहा कि विभाजन के समय लाखों परिवारों को मजबूरी में अपना सब कुछ छोड़ना पड़ा। इसके बावजूद उन्होंने भारत को इसलिए चुना क्योंकि यह उनकी आस्था, परंपरा और सांस्कृतिक मूल्यों की भूमि थी। उन्होंने कहा कि “इन लोगों ने संपत्ति नहीं, अपना देश चुना। वे यहां इसलिए आए ताकि बिना किसी डर के अपने धर्म का पालन कर सकें और सम्मान के साथ जीवन जी सकें।” सिंधी समाज के योगदान का किया उल्लेख RSS प्रमुख ने सिंधी समाज के संघर्ष और योगदान का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि विभाजन का सबसे गहरा असर जिन समुदायों पर पड़ा, उनमें सिंधी समाज भी शामिल था। लाखों लोगों ने रातों-रात अपना घर-बार छोड़ दिया, लेकिन भारत में नई शुरुआत करते हुए व्यापार, शिक्षा, उद्योग और समाज सेवा के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई। भागवत ने कहा कि आज देश के विकास में इन परिवारों का योगदान किसी से छिपा नहीं है। विभाजन को बताया बड़ी मानवीय त्रासदी अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि भारत का विभाजन केवल सीमाओं का बंटवारा नहीं था, बल्कि करोड़ों लोगों के जीवन को बदल देने वाली त्रासदी थी। लाखों परिवार बिछड़ गए, हजारों लोगों ने अपने प्रियजनों को खोया और करोड़ों लोगों को नए सिरे से जीवन शुरू करना पड़ा। उन्होंने कहा कि इस इतिहास को केवल किताबों तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को इसके बारे में बताना जरूरी है, ताकि समाज में एकता और राष्ट्रीय चेतना मजबूत हो सके। इतिहास से सीख लेने की जरूरत मोहन भागवत ने कहा कि इतिहास को भूलना किसी भी समाज के लिए ठीक नहीं होता। उनका मानना है कि अतीत की घटनाओं से सीख लेकर ही बेहतर भविष्य बनाया जा सकता है। उन्होंने सभी नागरिकों से सामाजिक सौहार्द, सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने का आह्वान किया। बयान क्यों बना चर्चा का विषय? मोहन भागवत का यह बयान ऐसे समय सामने आया है, जब देश में विभाजन, नागरिकता और ऐतिहासिक पहचान जैसे मुद्दों पर लगातार बहस हो रही है। ऐसे में उनका यह कहना कि विभाजन के बाद भारत आए लोगों को शरणार्थी नहीं कहा जाना चाहिए, राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बन गया है। हालांकि, इस मुद्दे पर अलग-अलग राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों की अपनी-अपनी राय है। ऐसे में आने वाले दिनों में इस बयान पर और प्रतिक्रियाएं देखने को मिल सकती हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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IMD

Heavy Rain in Mumbai: IMD का बड़ा Alert, समुद्र किनारे जाने से बचें; Rajasthan में मानसून की एंट्री में देरी

देश में मानसून अब दो अलग-अलग तस्वीरें पेश कर रहा है। एक तरफ आर्थिक राजधानी मुंबई में लगातार हो रही Heavy Rain ने लोगों की दिनचर्या को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है, तो दूसरी तरफ राजस्थान अब भी मानसून की पहली अच्छी बारिश का इंतजार कर रहा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने मुंबई और आसपास के तटीय इलाकों में अगले 24 से 48 घंटे बेहद अहम बताते हुए लोगों को समुद्र से दूर रहने की सलाह दी है। मौसम विभाग के अनुसार हाई टाइड के दौरान अरब सागर में करीब 15 फीट तक ऊंची लहरें उठ सकती हैं। ऐसे में किसी भी तरह की लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है। प्रशासन ने मछुआरों के साथ-साथ पर्यटकों और स्थानीय लोगों से भी समुद्र किनारे न जाने की अपील की है। मुंबई में बारिश बनी बड़ी चुनौती बुधवार से शुरू हुई तेज बारिश गुरुवार को भी कई इलाकों में जारी रही। शहर के निचले हिस्सों में पानी भरने से सड़क यातायात प्रभावित हुआ। कई जगहों पर लंबा ट्रैफिक जाम देखने को मिला, जबकि लोकल ट्रेन सेवाओं पर भी बारिश का असर पड़ा। ऑफिस जाने वाले कर्मचारियों और स्कूल-कॉलेज के छात्रों को भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। नगर निगम और आपदा प्रबंधन की टीमें लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं। जलभराव वाले इलाकों में पंपिंग मशीनें लगाई गई हैं और जरूरत पड़ने पर राहत एवं बचाव दलों को तुरंत भेजने की तैयारी की गई है। समुद्र में 15 फीट तक उठ सकती हैं लहरें IMD ने चेतावनी दी है कि हाई टाइड के समय समुद्र बेहद उग्र रूप ले सकता है। अनुमान है कि लहरों की ऊंचाई 15 फीट (करीब 4.5 मीटर) तक पहुंच सकती है। इसी वजह से मछुआरों को फिलहाल समुद्र में न उतरने की सलाह दी गई है। वहीं, लोकप्रिय समुद्र तटों पर भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है ताकि किसी तरह की दुर्घटना न हो। Rajasthan में Monsoon की एंट्री क्यों हुई लेट? हर साल जून के आखिर तक मानसून राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में पहुंच जाता है, लेकिन इस बार इसकी रफ्तार धीमी रही। मौसम विभाग का अनुमान है कि राजस्थान में मानसून सामान्य समय से लगभग 7 दिन की देरी से प्रवेश करेगा। हालांकि राहत की बात यह है कि जुलाई के पहले सप्ताह में मानसून तेजी पकड़ सकता है। इसके बाद जयपुर, कोटा, उदयपुर, भरतपुर, अजमेर और आसपास के कई जिलों में अच्छी बारिश होने की संभावना जताई गई है, जिससे किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है। इन राज्यों में भी बारिश का Alert IMD के मुताबिक अगले कुछ दिनों में महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, गुजरात, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और मैदानी क्षेत्रों में जलभराव का खतरा बना हुआ है। क्या करें, क्या न करें? मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें। यदि बहुत जरूरी हो तभी घर से निकलें। समुद्र किनारे सेल्फी लेने या लहरों के करीब जाने से बचें। स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग द्वारा जारी अलर्ट पर लगातार नजर रखें। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Stock Market

Stock Market Rally: IT Shares की वापसी से शेयर बाजार में बहार, Sensex और Nifty दोनों चमके

भारतीय शेयर बाजार (Stock Market) ने गुरुवार को शानदार बढ़त के साथ कारोबार का समापन किया। दिनभर खरीदारी का माहौल बना रहा और इसकी सबसे बड़ी वजह आईटी (IT) सेक्टर में आई जबरदस्त तेजी रही। लंबे समय बाद टेक कंपनियों के शेयरों में मजबूत रिकवरी देखने को मिली, जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा और बाजार ने ऊंचे स्तर पर क्लोजिंग दी। कारोबार समाप्त होने पर बीएसई सेंसेक्स 579.48 अंक की बढ़त के साथ 77,502.12 पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई निफ्टी 50, 169.85 अंक चढ़कर 24,175.70 के स्तर पर पहुंच गया। बाजार में अधिकांश सेक्टर हरे निशान में बंद हुए, लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा आईटी शेयरों की रही। IT Shares में आई जोरदार खरीदारी पिछले कुछ दिनों से दबाव झेल रहे आईटी शेयरों में गुरुवार को जबरदस्त वापसी देखने को मिली। निवेशकों ने टेक कंपनियों में खुलकर खरीदारी की, जिसके चलते Nifty IT Index में करीब 4 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई। विश्लेषकों का मानना है कि हालिया गिरावट के बाद कई आईटी कंपनियों के शेयर आकर्षक वैल्यूएशन पर पहुंच गए थे। इसी वजह से निवेशकों ने दोबारा खरीदारी शुरू की, जिसका सीधा असर पूरे बाजार पर देखने को मिला। इन दिग्गज कंपनियों के शेयरों ने दिखाई ताकत आज के कारोबार में देश की प्रमुख आईटी कंपनियों के शेयरों ने शानदार प्रदर्शन किया। इन शेयरों की तेजी ने सेंसेक्स और निफ्टी दोनों को नई मजबूती दी। केवल IT नहीं, इन सेक्टरों ने भी दिया साथ आईटी सेक्टर के अलावा बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज, ऑटो और चुनिंदा मिडकैप शेयरों में भी खरीदारी देखने को मिली। इससे बाजार की चौड़ाई मजबूत रही और अधिकांश शेयर बढ़त के साथ बंद हुए। मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी अच्छी तेजी दर्ज की गई, जिससे यह संकेत मिला कि निवेशकों का भरोसा केवल बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं है। बाजार में तेजी की बड़ी वजह क्या रही? मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार गुरुवार की तेजी के पीछे कई सकारात्मक संकेत रहे। इन सभी कारणों ने मिलकर शेयर बाजार में शानदार रैली को जन्म दिया। निवेशकों के लिए आगे क्या हैं संकेत? अब निवेशकों की नजर कंपनियों के पहली तिमाही (Q1) के नतीजों, वैश्विक आर्थिक संकेतों, अमेरिकी बाजार, कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर रहेगी। यदि आईटी सेक्टर में खरीदारी का रुख बना रहता है, तो आने वाले कारोबारी सत्रों में भी बाजार सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ सकता है। हालांकि, बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा तेजी के बीच निवेशकों को जल्दबाजी से बचना चाहिए और मजबूत फंडामेंटल वाली कंपनियों में ही चरणबद्ध तरीके से निवेश करना बेहतर रणनीति हो सकती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Gold

Gold Silver Update: आज चमके सोना-चांदी के दाम, लेकिन पिछले महीने के मुकाबले अब भी सस्ते

अगर आप सोना या चांदी खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो आपके लिए यह खबर अहम है। गुरुवार को सर्राफा बाजार में दोनों कीमती धातुओं की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखने को मिला। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, सोने की कीमत में ₹1,748 की बढ़ोतरी हुई, जबकि चांदी ₹3,863 महंगी हो गई। हालांकि, आज की इस तेजी के बावजूद पिछले एक महीने का ट्रेंड कुछ अलग कहानी बयां करता है। बीते महीने की तुलना में सोना (Gold) करीब ₹13 हजार और चांदी (Silver) लगभग ₹34 हजार तक सस्ती बनी हुई है। यानी हालिया तेजी के बाद भी खरीदारों के लिए कीमतें पहले के रिकॉर्ड स्तर से नीचे हैं। आज कितना महंगा हुआ सोना और चांदी? गुरुवार को जारी ताजा भाव के मुताबिक— कारोबारियों का कहना है कि घरेलू बाजार में खरीदारी बढ़ने और अंतरराष्ट्रीय बाजार से मिले सकारात्मक संकेतों के चलते कीमतों में यह उछाल देखने को मिला। एक महीने पहले के मुकाबले अब भी सस्ता है Gold-Silver आज भले ही बाजार में तेजी लौटी हो, लेकिन पिछले एक महीने के आंकड़े बताते हैं कि कीमती धातुओं में अब भी बड़ी गिरावट बनी हुई है। यही वजह है कि कई निवेशक इसे लंबी अवधि के निवेश के लिए एक बेहतर अवसर के रूप में भी देख रहे हैं। आखिर क्यों बदलती रहती हैं Gold और Silver की कीमतें? सोने और चांदी की कीमतें सिर्फ घरेलू मांग से तय नहीं होतीं। इनके पीछे कई अंतरराष्ट्रीय और आर्थिक कारण भी होते हैं, जैसे— इन सभी कारणों का सीधा असर भारतीय सर्राफा बाजार की कीमतों पर पड़ता है। क्या अभी खरीदना सही रहेगा? बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। ऐसे में यदि आप निवेश के उद्देश्य से खरीदारी करना चाहते हैं, तो एकमुश्त निवेश करने के बजाय चरणबद्ध तरीके से खरीदारी करना बेहतर विकल्प हो सकता है। इससे बाजार में होने वाले उतार-चढ़ाव का जोखिम कम किया जा सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
July New Rules Updates : 1 जुलाई से लागू हुए 8 बड़े बदलाव

July New Rules Updates : 1 जुलाई से लागू हुए 8 बड़े बदलाव

हर महीने की पहली तारीख की तरह 1 July से भी देशभर में कई नए नियम लागू हो गए हैं। इन बदलावों का सीधा असर आम लोगों की जेब, यात्रा और रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ेगा। कहीं राहत मिली है तो कहीं खर्च बढ़ गया है। आइए आसान भाषा में जानते हैं कि जुलाई में कौन-कौन से बड़े बदलाव हुए हैं। 1. कॉमर्शियल गैस सिलेंडर हुआ 180 रुपये तक सस्ता तेल कंपनियों ने 19 किलो वाले कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में करीब 180 रुपये की कटौती की है। इससे होटल, रेस्टोरेंट और छोटे कारोबारियों को राहत मिलेगी। हालांकि, घरेलू 14.2 किलो वाले एलपीजी सिलेंडर की कीमत में कोई बदलाव नहीं किया गया है। 2. पासपोर्ट बनवाना हुआ महंगा अगर आप नया पासपोर्ट बनवाने की तैयारी कर रहे हैं, तो अब आपको पहले के मुकाबले ज्यादा शुल्क देना होगा। सरकार ने पासपोर्ट सेवा से जुड़े कुछ शुल्कों में बढ़ोतरी की है। इसलिए आवेदन करने से पहले नई फीस जरूर जांच लें। 3. बिना टिकट ट्रेन में सफर करना पड़ेगा भारी अब बिना टिकट ट्रेन में यात्रा करने वालों पर रेलवे सख्ती करेगा। नए नियमों के तहत ऐसे यात्रियों पर पहले की तुलना में दोगुना जुर्माना लगाया जाएगा। रेलवे का उद्देश्य टिकट चोरी रोकना और यात्रियों में नियमों का पालन सुनिश्चित करना है। 4. बैंकिंग और डिजिटल सेवाओं में भी बदलाव जुलाई से कुछ बैंकों और डिजिटल पेमेंट सेवाओं के नियमों में भी बदलाव किए गए हैं। इनमें न्यूनतम बैलेंस, चार्जेज और कुछ ऑनलाइन सेवाओं से जुड़े नियम शामिल हो सकते हैं। ग्राहकों को अपने बैंक की नई गाइडलाइन जरूर देखनी चाहिए। 5. क्रेडिट कार्ड के नियमों में बदलाव कुछ प्रमुख बैंकों ने अपने क्रेडिट कार्ड से जुड़े रिवॉर्ड पॉइंट, शुल्क और अन्य सुविधाओं में बदलाव किया है। यदि आप नियमित रूप से क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते हैं, तो नई शर्तों की जानकारी जरूर लें। 6. जीएसटी से जुड़े नए प्रावधान लागू जुलाई से जीएसटी प्रणाली में भी कुछ नए बदलाव लागू हुए हैं। इनका असर खासतौर पर कारोबारियों और व्यापारियों पर पड़ेगा। समय पर नए नियमों का पालन करना जरूरी होगा। 7. निवेशकों के लिए नए दिशा-निर्देश शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड में निवेश करने वालों के लिए भी कुछ नए नियम लागू किए गए हैं। निवेश से पहले संबंधित संस्थाओं की नई गाइडलाइन पढ़ना बेहतर रहेगा। 8. जरूरी दस्तावेज समय पर अपडेट करें सरकार समय-समय पर दस्तावेजों और सेवाओं से जुड़े नियमों में बदलाव करती रहती है। ऐसे में पासपोर्ट, बैंक अकाउंट, टिकट बुकिंग या अन्य सरकारी सेवाओं का उपयोग करने से पहले नए नियमों की जानकारी लेना आपके लिए फायदेमंद रहेगा। आम लोगों के लिए क्या है सबसे जरूरी? जुलाई में लागू हुए इन बदलावों का असर सीधे आम लोगों की जेब और दैनिक जीवन पर पड़ेगा। जहां कॉमर्शियल गैस सिलेंडर सस्ता होने से कारोबारियों को राहत मिलेगी, वहीं पासपोर्ट की बढ़ी फीस और बिना टिकट यात्रा पर दोगुना जुर्माना लोगों के खर्च को बढ़ा सकता है। इसलिए नए नियमों की जानकारी रखना और उनका पालन करना बेहद जरूरी है। देश और प्रदेश की ऐसी ही महत्वपूर्ण और भरोसेमंद खबरों के लिए जुड़े रहें Deshharpal News के साथ। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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UPI Global Launch: Piyush Goyal की मौजूदगी में ग्रीस में हुआ डिजिटल पेमेंट सिस्टम शुरू

भारत की डिजिटल पेमेंट क्रांति अब सीमाओं से बाहर निकलकर तेजी से दुनिया में अपनी जगह बना रही है। यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस यानी National Payments Corporation of India (NPCI) ने एक और बड़ा कदम उठाते हुए UPI को अब ग्रीस में भी शुरू कर दिया है। इस लॉन्च के बाद भारतीय यात्री अब सिर्फ मोबाइल से ही विदेश में आसानी से पेमेंट कर सकेंगे। इस खास मौके पर केंद्रीय मंत्री Piyush Goyal की मौजूदगी में लाइव डेमो भी दिखाया गया, जिसमें यह समझाया गया कि कैसे एक भारतीय पर्यटक QR कोड स्कैन करके तुरंत भुगतान कर सकता है। Greece में UPI लॉन्च से क्या बदलेगा? ग्रीस में UPI शुरू होने के बाद भारतीयों के लिए विदेश यात्रा और भी आसान हो गई है। अब कैश या इंटरनेशनल कार्ड रखने की जरूरत काफी हद तक कम हो जाएगी। यह कदम खासकर उन लाखों भारतीयों के लिए बड़ी राहत है जो हर साल यूरोप यात्रा करते हैं। अब तक किन देशों में चल रही है UPI सर्विस? ग्रीस के जुड़ने के साथ UPI अब करीब 10 देशों में अपनी सेवाएं दे रहा है। इनमें शामिल हैं: यह साफ दिखाता है कि भारत की डिजिटल पेमेंट तकनीक अब global acceptance की ओर बढ़ रही है। Digital India को मिला बड़ा ग्लोबल बूस्ट UPI का यह अंतरराष्ट्रीय विस्तार भारत के Digital India मिशन के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। इससे: Live Demo में क्या दिखाया गया? लॉन्च इवेंट में Piyush Goyal ने खुद इस सिस्टम का लाइव डेमो देखा। इसमें दिखाया गया कि कैसे एक साधारण QR कोड स्कैन करके कुछ ही सेकंड में पेमेंट पूरा किया जा सकता है। यह डेमो इस बात का सबूत था कि UPI अब सिर्फ भारत तक सीमित नहीं रहा, बल्कि एक global digital payment system बन चुका है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Gold-Silver Update: सोने की कीमत में गिरावट, चांदी ने बनाया नया रिकॉर्ड, जानें ताजा Rate

Gold Silver Price Today: अगर आप सोना (Gold) या चांदी (Silver) खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो आपके लिए अच्छी खबर है। मंगलवार को सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई, जबकि चांदी ने एक बार फिर तेज उछाल के साथ नया रिकॉर्ड स्तर छू लिया। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, 24 कैरेट सोने का भाव ₹1,039 प्रति 10 ग्राम घट गया है। वहीं, चांदी ₹3,690 महंगी होकर करीब ₹2.24 लाख प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंच गई। Gold Price Today: सोने के दाम में मिली राहत लगातार उतार-चढ़ाव के बीच मंगलवार को सोने की कीमतों में गिरावट देखने को मिली। 24 कैरेट शुद्ध सोना करीब ₹1,40,090 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता नजर आया। कीमतों में आई इस कमी से उन लोगों को राहत मिल सकती है, जो शादी, त्योहार या निवेश के लिए सोना खरीदने का इंतजार कर रहे थे। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कमजोर रुख, डॉलर की चाल और निवेशकों की मुनाफावसूली के कारण सोने की कीमतों पर दबाव बना हुआ है। Silver Price Today: चांदी ने दिखाई जबरदस्त तेजी जहां सोना सस्ता हुआ, वहीं चांदी ने निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। 999 शुद्धता वाली चांदी की कीमत में ₹3,690 प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिसके बाद इसका भाव करीब ₹2,24,000 प्रति किलो पहुंच गया। विशेषज्ञों का मानना है कि सोलर एनर्जी, इलेक्ट्रॉनिक्स और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में बढ़ती मांग के चलते चांदी की कीमतों को मजबूती मिल रही है। 18K, 22K और 24K Gold Rate आज के अनुमानित सोने के भाव इस प्रकार हैं— ध्यान दें: अलग-अलग शहरों, ज्वेलर्स और मेकिंग चार्ज के कारण अंतिम कीमतों में थोड़ा अंतर हो सकता है। आखिर क्यों बदल रहे हैं Gold और Silver के भाव? सोने और चांदी की कीमतें सिर्फ घरेलू मांग पर निर्भर नहीं करतीं। इनके भाव अंतरराष्ट्रीय बाजार, अमेरिकी डॉलर की स्थिति, ब्याज दरों, केंद्रीय बैंकों की नीतियों और वैश्विक आर्थिक घटनाओं से भी प्रभावित होते हैं। इस समय वैश्विक बाजार में सोने पर दबाव बना हुआ है, जबकि औद्योगिक मांग बढ़ने से चांदी लगातार मजबूती दिखा रही है। इसी वजह से दोनों की कीमतों में अलग-अलग रुख देखने को मिल रहा है। क्या अभी सोना खरीदना सही रहेगा? यदि आप लंबे समय के निवेश या आभूषण खरीदने की सोच रहे हैं, तो कीमतों में आई यह गिरावट आपके लिए अच्छा मौका हो सकती है। वहीं, चांदी में तेजी को देखते हुए निवेशकों को बाजार की दिशा पर नजर बनाए रखनी चाहिए। किसी भी बड़े निवेश से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर रहेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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