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नर्मदापुरम में 28 करोड़ की सरकारी मूंग घोटाला: मिट्टी से भरी मिलीं बोरियां, जिला प्रबंधक समेत 3 पर FIR

मध्यप्रदेश के नर्मदापुरम जिले में सरकारी मूंग के भंडारण में बड़े घोटाले का खुलासा हुआ है। जांच में सरकारी मूंग की बोरियों में मिट्टी और अन्य बाहरी पदार्थ मिलाए जाने का मामला सामने आने के बाद वेयरहाउस कॉर्पोरेशन के जिला प्रबंधक सहित तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। मामले में शासन को करीब 28.14 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान है। जांच में मिट्टी से भरी मिलीं बोरियां माखननगर स्थित कनकधारा वेयरहाउस में रखी सरकारी मूंग की शिकायत मिलने पर कलेक्टर सोमेश मिश्रा के निर्देश पर 22 जुलाई को गठित जांच दल ने औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान वेयरहाउस में रखे 23 स्टैक में गंभीर अनियमितताएं मिलीं। कई बोरियों में निर्धारित सीमा से अधिक मिट्टी और अन्य बाहरी पदार्थ पाए गए, जबकि कुछ बोरियां पूरी तरह मिट्टी से भरी हुई थीं। मामला सामने आने के बाद वेयरहाउस को सील कर दिया गया और स्टॉक के नमूने प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे गए। 31 हजार क्विंटल से अधिक सरकारी मूंग प्रभावित जांच रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2023-24 और 2024-25 के दौरान मार्कफेड और नाफेड की करीब 31,298.89 क्विंटल सरकारी मूंग में मिलावट की गई। प्रारंभिक आकलन के अनुसार इससे शासन को लगभग 28.14 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। जिला प्रबंधक समेत तीन लोगों पर FIR जांच रिपोर्ट के आधार पर कनकधारा वेयरहाउस के संचालक तारेश पुरोहित, तत्कालीन शाखा प्रबंधक श्याम होसले और वेयरहाउस कॉर्पोरेशन के जिला प्रबंधक वासुदेव डवडे को लापरवाही और सरकारी संपत्ति के दुरुपयोग का जिम्मेदार माना गया है। जिला विपणन अधिकारी अनिल जैन की शिकायत पर माखननगर थाने में तीनों आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। पहले भी ब्लैकलिस्ट हो चुका था वेयरहाउस जांच में यह भी सामने आया कि जिस कनकधारा वेयरहाउस में यह गड़बड़ी मिली, उसे लगभग एक वर्ष पहले भी अनियमितताओं के कारण ब्लैकलिस्ट किया गया था। उस समय जांच समिति में जिला प्रबंधक वासुदेव डवडे भी शामिल थे। इसके बावजूद दोबारा सरकारी मूंग के भंडारण में गंभीर गड़बड़ी सामने आने से निगरानी व्यवस्था और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। अन्य वेयरहाउसों की भी होगी जांच एसडीएम देवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि किसानों के हितों से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिले के अन्य वेयरहाउसों का भी चरणबद्ध तरीके से निरीक्षण और जांच की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी अनियमितताओं को रोका जा सके। आरोपी वेयरहाउस संचालक अस्पताल में भर्ती एफआईआर में नामजद वेयरहाउस संचालक तारेश पुरोहित फिलहाल एक निजी हार्ट केयर अस्पताल में भर्ती हैं। जानकारी के अनुसार वे पिछले तीन दिनों से उपचाराधीन हैं। अधिक जानकारी और ताज़ा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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ICC ने 2027 वनडे वर्ल्ड कप के 12 मेजबान शहरों का किया ऐलान, 24 साल बाद अफ्रीका में लौटेगा टूर्नामेंट

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने 2027 वनडे वर्ल्ड कप के लिए 12 मेजबान शहरों की घोषणा कर दी है। क्रिकेट का यह महाकुंभ 4 अक्टूबर से 21 नवंबर 2027 तक दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया की संयुक्त मेजबानी में खेला जाएगा। 24 साल बाद वनडे वर्ल्ड कप की मेजबानी फिर से अफ्रीकी महाद्वीप को मिली है। दक्षिण अफ्रीका के 8 शहरों में होंगे सबसे ज्यादा मुकाबले टूर्नामेंट के अधिकांश मैच दक्षिण अफ्रीका में खेले जाएंगे। यहां जोहानसबर्ग, सेंचुरियन, डरबन, ग्केबेर्हा, कुगोम्पो सिटी, केपटाउन, पार्ल और ब्लोमफोंटेन को मेजबान शहर बनाया गया है। वहीं जिम्बाब्वे के हरारे, बुलावायो और विक्टोरिया फॉल्स, जबकि नामीबिया की राजधानी विंडहोक में भी मुकाबले आयोजित किए जाएंगे। फाइनल मुकाबला जोहानसबर्ग के वांडरर्स स्टेडियम या केपटाउन के न्यूलैंड्स स्टेडियम में आयोजित किया जा सकता है। 24 साल बाद अफ्रीका में लौटेगा वनडे वर्ल्ड कप इससे पहले वर्ष 2003 में दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और केन्या ने संयुक्त रूप से वनडे वर्ल्ड कप की मेजबानी की थी। इसके बाद दक्षिण अफ्रीका 2007 टी-20 वर्ल्ड कप, 2009 चैंपियंस ट्रॉफी और 2023 महिला टी-20 वर्ल्ड कप की सफल मेजबानी कर चुका है। वहीं नामीबिया पहली बार किसी सीनियर ICC टूर्नामेंट की मेजबानी करेगा। हालांकि इस वर्ष उसने जिम्बाब्वे के साथ मिलकर अंडर-19 वर्ल्ड कप का आयोजन किया था। 54 मैचों में से 41 मुकाबले दक्षिण अफ्रीका में संभव 2027 वर्ल्ड कप में कुल 54 मैच खेले जाएंगे। इनमें से कम से कम 41 मुकाबले दक्षिण अफ्रीका, 7 से 10 मैच जिम्बाब्वे और कम से कम तीन मैच नामीबिया में होने की संभावना है। इसके अलावा बेनोनी और पोटचेफस्ट्रूम को वॉर्म-अप मैचों के लिए चुना गया है। यही शहर अगले वर्ष होने वाले वर्ल्ड कप क्वालिफायर की भी मेजबानी कर सकते हैं। विक्टोरिया फॉल्स पहली बार बनेगा वर्ल्ड कप वेन्यू इस बार 12 मेजबान शहरों में विक्टोरिया फॉल्स नया नाम है। यहां लगभग 10 हजार दर्शकों की क्षमता वाला नया स्टेडियम बनाया जा रहा है, जिसके इस वर्ष के अंत तक तैयार होने की उम्मीद है। 14 टीमों के साथ नए फॉर्मेट में खेला जाएगा वर्ल्ड कप ICC ने 2027 वनडे वर्ल्ड कप के लिए नया थ्री-स्टेज फॉर्मेट लागू किया है। टूर्नामेंट में कुल 14 टीमें हिस्सा लेंगी। भारत-पाकिस्तान के बीच तीन मुकाबलों की संभावना नए फॉर्मेट के चलते भारत और पाकिस्तान के बीच अधिकतम तीन मैच खेले जा सकते हैं। यदि दोनों टीमें एक ही ग्रुप में रहती हैं तो पहला मुकाबला ग्रुप स्टेज में होगा। दोनों के सुपर-7 में पहुंचने पर दूसरी भिड़ंत होगी और यदि दोनों सेमीफाइनल या फाइनल तक पहुंचते हैं तो तीसरी बार आमना-सामना संभव है। मेजबान देशों की क्वालिफिकेशन स्थिति ICC के फुल मेंबर होने के कारण दक्षिण अफ्रीका और जिम्बाब्वे सीधे वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई कर चुके हैं। वहीं तीसरे मेजबान नामीबिया को टूर्नामेंट में जगह बनाने के लिए क्वालिफिकेशन प्रक्रिया से गुजरना होगा। यह टूर्नामेंट 2027-31 फ्यूचर टूर्स प्रोग्राम (FTP) का पहला ICC इवेंट भी होगा। अधिक जानकारी और ताज़ा खेल खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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MP में बिल्डिंग परमिशन के नियम आसान: अब नहीं देनी होगी कई NOC, पूरी प्रक्रिया होगी ऑनलाइन

मध्यप्रदेश सरकार ने शहरी क्षेत्रों में भवन निर्माण की अनुमति (Building Permission) की प्रक्रिया को और सरल बनाने के लिए बड़ा फैसला लिया है। अब बिल्डिंग परमिशन के लिए विभिन्न विभागों से अनापत्ति प्रमाण-पत्र (NOC) लाने की अनिवार्यता खत्म कर दी गई है। साथ ही पूरी भवन अनुज्ञा प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगी और आवेदन के लिए केवल डिजिटल दस्तावेज ही मान्य होंगे। नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय दुबे द्वारा सभी नगरीय निकायों को जारी निर्देशों के अनुसार, इस व्यवस्था से नागरिकों, निवेशकों, बिल्डर्स और निर्माण एजेंसियों को बड़ी राहत मिलेगी। सरकार का मानना है कि इससे भवन अनुमति प्रक्रिया तेज, पारदर्शी और निवेश-अनुकूल बनेगी, जिससे प्रदेश में Ease of Doing Business को भी बढ़ावा मिलेगा। पूरी प्रक्रिया होगी ऑनलाइन नई व्यवस्था के तहत भवन अनुज्ञा के लिए आवेदन, भवन का नक्शा और अन्य आवश्यक दस्तावेज केवल ऑनलाइन जमा किए जाएंगे। किसी भी स्थिति में हार्ड कॉपी जमा करने की जरूरत नहीं होगी। यदि भूमि स्वामी स्वयं आवेदन करता है तो उसे ऑनलाइन शपथ-पत्र देना होगा। वहीं, अधिकृत कंसल्टेंट के माध्यम से आवेदन करने पर भूमि स्वामी के हस्ताक्षरित शपथ-पत्र की डिजिटल कॉपी अपलोड करनी होगी। इन मामलों में ही लगेगी NOC की जरूरत सरकार ने स्पष्ट किया है कि एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI), राष्ट्रीय स्मारक प्राधिकरण (NMA) और हेरिटेज क्षेत्रों से संबंधित NOC केवल उन्हीं मामलों में आवश्यक होगी, जहां ऑनलाइन GIS आधारित जांच में संबंधित भूखंड प्रतिबंधित या प्रभावित क्षेत्र में पाया जाएगा। अन्य सभी मामलों में इन विभागों की अनापत्ति की जरूरत नहीं होगी। हाउसिंग सोसायटी, बिजली और नजूल विभाग से भी राहत नए निर्देशों के तहत सहकारिता विभाग, गृह निर्माण सहकारी समितियों, बिजली विभाग और नजूल विभाग से मांगी जाने वाली कई अनापत्ति प्रमाण-पत्रों की अनिवार्यता भी समाप्त कर दी गई है। इसके अलावा रक्षा प्रतिष्ठानों, मध्यप्रदेश गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल तथा विकास प्राधिकरणों से जुड़े मामलों में आवेदकों को स्वयं NOC लाने की जरूरत नहीं होगी। आवश्यकता पड़ने पर संबंधित सक्षम प्राधिकारी आवेदन मिलने के सात दिनों के भीतर संबंधित विभाग को प्रकरण भेजेगा और विभाग को 21 दिनों के भीतर अपनी सहमति या आपत्ति दर्ज करनी होगी। तय समय में जवाब नहीं मिलने पर आगे की प्रक्रिया जारी रखी जाएगी। पर्यावरण और फायर NOC के नियम भी हुए आसान नए निर्देशों के अनुसार पर्यावरणीय स्वीकृति अब केवल निर्धारित क्षेत्रफल से बड़े भवनों और परियोजनाओं के लिए ही आवश्यक होगी। इसी तरह वृक्ष कटाई की अनुमति केवल उन्हीं मामलों में ली जाएगी, जहां वास्तव में पेड़ों की कटाई प्रस्तावित होगी। अग्निशमन विभाग (Fire NOC) से संबंधित प्रक्रिया भी राष्ट्रीय भवन संहिता (National Building Code) के प्रावधानों के अनुरूप लागू की जाएगी, जिससे भवन निर्माण अनुमति प्रक्रिया और अधिक सरल एवं पारदर्शी बनेगी। अधिक जानकारी और ताज़ा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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पेपर लीक कानून पास होने के बाद पीएम मोदी का बड़ा संदेश, बोले- पेपर माफिया और गैंग को नहीं बख्शेंगे

संसद के दोनों सदनों से पेपर लीक से जुड़े संशोधन विधेयक के पारित होने के बाद गुरुवार रात करीब 10:40 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो साझा किया। वीडियो में उन्होंने परीक्षा प्रणाली में सुधार, छात्रों के भविष्य की सुरक्षा और पेपर लीक माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कई दशकों से देश के विभिन्न राज्यों और केंद्र सरकारों को पेपर लीक जैसी गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा है। इससे लाखों विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित होता है। उन्होंने कहा कि इसी चुनौती को ध्यान में रखते हुए पूरे देश में शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार और तकनीक के अधिकतम उपयोग की आवश्यकता महसूस की गई है। प्रधानमंत्री ने कहा कि “कोई भी पेपर माफिया, पेपर लीक करने वाली गैंग या देश के बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। हमने संसद में जो वादा किया था, उसे पूरा करते हुए कठोर प्रावधानों वाला विधेयक दोनों सदनों से पारित कराया है।” 2 मिनट 26 सेकेंड के वीडियो को मिली जबरदस्त प्रतिक्रिया प्रधानमंत्री मोदी ने इंस्टाग्राम पर 2 मिनट 26 सेकेंड का वीडियो साझा किया, जिसमें उन्होंने पेपर लीक और परीक्षा सुधार से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखी। वीडियो पोस्ट होने के महज 17 मिनट के भीतर उसे 8 लाख से अधिक लाइक मिल गए, जिससे सोशल मीडिया पर भी इसे व्यापक प्रतिक्रिया मिली। 8 दिनों में चौथा इंस्टाग्राम वीडियो यह पिछले आठ दिनों में प्रधानमंत्री मोदी का इंस्टाग्राम पर साझा किया गया चौथा वीडियो है। इससे पहले रविवार को उन्होंने परीक्षा सुधार के लिए गठित हाईपावर टास्क फोर्स की जानकारी दी थी। उन्होंने बताया था कि छह सदस्यीय इस समिति की अध्यक्षता इंफोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणी कर रहे हैं। यह समिति परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और तकनीक आधारित बनाने के लिए सुझाव देगी। अधिक जानकारी और ताज़ा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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पेपर लीक संशोधन विधेयक राज्यसभा से भी पास, राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद बनेगा कानून

नई दिल्ली। पेपर लीक से जुड़े संशोधन विधेयक को लोकसभा के बाद गुरुवार को राज्यसभा से भी मंजूरी मिल गई। अब यह विधेयक राष्ट्रपति के पास भेजा जाएगा। राष्ट्रपति की स्वीकृति मिलने के बाद यह कानून के रूप में लागू हो जाएगा। राज्यसभा में विधेयक पर चर्चा के दौरान विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह जब विधेयक पर जवाब देने के लिए खड़े हुए, तभी विपक्ष ने सदन से वॉकआउट कर दिया। इससे पहले चर्चा के दौरान राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के सांसद मनोज झा ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) को समाप्त करने की मांग करते हुए तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि NTA को “बंगाल की खाड़ी में फेंक देना चाहिए।” वहीं, भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद अनुराग ठाकुर ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन और सदन की अवमानना का नोटिस सौंपा। अनुराग ठाकुर ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ असंसदीय और अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया तथा गंभीर और निराधार आरोप लगाए। अधिक जानकारी और ताज़ा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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नेपाल के सुनसरी में कांवड़ यात्रा के दौरान हिंसा, 2 की मौत; कई इलाकों में कर्फ्यू

नेपाल के सुनसरी जिले में कांवड़ यात्रा के दौरान तेज आवाज में डीजे बजाने को लेकर शुरू हुआ विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। इस घटना में अब तक दो लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई पुलिसकर्मी और अन्य लोग घायल हुए हैं। हालात को देखते हुए भारतीय सीमा से सटे सुनसरी और सिराहा जिलों के कई इलाकों में कर्फ्यू लागू कर दिया गया है। डीजे की आवाज को लेकर शुरू हुआ विवाद जानकारी के अनुसार, रविवार को कांवड़िए कोसी बैराज से जल लेकर लौट रहे थे। इस दौरान डीजे और लाउडस्पीकर की तेज आवाज पर दूसरे समुदाय के लोगों ने आपत्ति जताई। देखते ही देखते कहासुनी हिंसक झड़प में बदल गई और दोनों पक्षों के बीच पथराव शुरू हो गया। पुलिस की फायरिंग, दो लोगों की मौत स्थिति को नियंत्रित करने पहुंची पुलिस पर भी भीड़ ने पथराव किया, जिसमें एक इंस्पेक्टर सहित आठ पुलिसकर्मी घायल हो गए। पुलिस ने पहले भीड़ को तितर-बितर करने के लिए हवाई फायरिंग की, लेकिन हिंसा नहीं थमी। इसके बाद रात करीब 10:45 बजे पुलिस को गोली चलानी पड़ी। फायरिंग में ओम प्रकाश मेहता की मौके पर मौत हो गई, जबकि घायल जयप्रकाश मेहता ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। घटना के बाद अतिरिक्त पुलिस बल और आर्म्ड पुलिस फोर्स (APF) की टीमें तैनात की गई हैं। तीन साल पहले दी गई थी चेतावनी नेपाल के तराई और मधेश क्षेत्र में बढ़ते सांप्रदायिक तनाव को लेकर सुरक्षा एजेंसियों ने तीन वर्ष पहले ही सरकार को आगाह किया था। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आर्म्ड पुलिस फोर्स (APF) ने अपनी गोपनीय रिपोर्ट में धर्म और जातीय आधार पर लोगों को बांटने की संगठित कोशिशों की चेतावनी दी थी। रिपोर्ट में तत्काल राजनीतिक और प्रशासनिक कदम उठाने की सिफारिश की गई थी, लेकिन अधिकारियों के अनुसार उस समय इस पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। रिपोर्ट में यह भी कहा गया था कि नेपाल को भारत के मणिपुर सहित दक्षिण एशिया के अन्य देशों में हुई सांप्रदायिक घटनाओं से सीख लेकर समय रहते कदम उठाने चाहिए। अधिक जानकारी और ताजा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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ICC ने 2027 वनडे वर्ल्ड कप के 12 मेजबान शहरों का किया ऐलान, 24 साल बाद अफ्रीका में लौटेगा टूर्नामेंट

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने 2027 वनडे वर्ल्ड कप के लिए 12 मेजबान शहरों की घोषणा कर दी है। क्रिकेट का यह महाकुंभ 4 अक्टूबर से 21 नवंबर 2027 तक दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया की संयुक्त मेजबानी में खेला जाएगा। 24 साल बाद वनडे वर्ल्ड कप की मेजबानी फिर से अफ्रीकी महाद्वीप को मिली है। दक्षिण अफ्रीका के 8 शहरों में होंगे सबसे ज्यादा मुकाबले टूर्नामेंट के अधिकांश मैच दक्षिण अफ्रीका में खेले जाएंगे। यहां जोहानसबर्ग, सेंचुरियन, डरबन, ग्केबेर्हा, कुगोम्पो सिटी, केपटाउन, पार्ल और ब्लोमफोंटेन को मेजबान शहर बनाया गया है। वहीं जिम्बाब्वे के हरारे, बुलावायो और विक्टोरिया फॉल्स, जबकि नामीबिया की राजधानी विंडहोक में भी मुकाबले आयोजित किए जाएंगे। फाइनल मुकाबला जोहानसबर्ग के वांडरर्स स्टेडियम या केपटाउन के न्यूलैंड्स स्टेडियम में आयोजित किया जा सकता है। 24 साल बाद अफ्रीका में लौटेगा वनडे वर्ल्ड कप इससे पहले वर्ष 2003 में दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और केन्या ने संयुक्त रूप से वनडे वर्ल्ड कप की मेजबानी की थी। इसके बाद दक्षिण अफ्रीका 2007 टी-20 वर्ल्ड कप, 2009 चैंपियंस ट्रॉफी और 2023 महिला टी-20 वर्ल्ड कप की सफल मेजबानी कर चुका है। वहीं नामीबिया पहली बार किसी सीनियर ICC टूर्नामेंट की मेजबानी करेगा। हालांकि इस वर्ष उसने जिम्बाब्वे के साथ मिलकर अंडर-19 वर्ल्ड कप का आयोजन किया था। 54 मैचों में से 41 मुकाबले दक्षिण अफ्रीका में संभव 2027 वर्ल्ड कप में कुल 54 मैच खेले जाएंगे। इनमें से कम से कम 41 मुकाबले दक्षिण अफ्रीका, 7 से 10 मैच जिम्बाब्वे और कम से कम तीन मैच नामीबिया में होने की संभावना है। इसके अलावा बेनोनी और पोटचेफस्ट्रूम को वॉर्म-अप मैचों के लिए चुना गया है। यही शहर अगले वर्ष होने वाले वर्ल्ड कप क्वालिफायर की भी मेजबानी कर सकते हैं। विक्टोरिया फॉल्स पहली बार बनेगा वर्ल्ड कप वेन्यू इस बार 12 मेजबान शहरों में विक्टोरिया फॉल्स नया नाम है। यहां लगभग 10 हजार दर्शकों की क्षमता वाला नया स्टेडियम बनाया जा रहा है, जिसके इस वर्ष के अंत तक तैयार होने की उम्मीद है। 14 टीमों के साथ नए फॉर्मेट में खेला जाएगा वर्ल्ड कप ICC ने 2027 वनडे वर्ल्ड कप के लिए नया थ्री-स्टेज फॉर्मेट लागू किया है। टूर्नामेंट में कुल 14 टीमें हिस्सा लेंगी। भारत-पाकिस्तान के बीच तीन मुकाबलों की संभावना नए फॉर्मेट के चलते भारत और पाकिस्तान के बीच अधिकतम तीन मैच खेले जा सकते हैं। यदि दोनों टीमें एक ही ग्रुप में रहती हैं तो पहला मुकाबला ग्रुप स्टेज में होगा। दोनों के सुपर-7 में पहुंचने पर दूसरी भिड़ंत होगी और यदि दोनों सेमीफाइनल या फाइनल तक पहुंचते हैं तो तीसरी बार आमना-सामना संभव है। मेजबान देशों की क्वालिफिकेशन स्थिति ICC के फुल मेंबर होने के कारण दक्षिण अफ्रीका और जिम्बाब्वे सीधे वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई कर चुके हैं। वहीं तीसरे मेजबान नामीबिया को टूर्नामेंट में जगह बनाने के लिए क्वालिफिकेशन प्रक्रिया से गुजरना होगा। यह टूर्नामेंट 2027-31 फ्यूचर टूर्स प्रोग्राम (FTP) का पहला ICC इवेंट भी होगा। अधिक जानकारी और ताज़ा खेल खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
Women’s Forum

India to Host Women’s Forum 2026: मुंबई में होगा Global Conference, Women Empowerment पर होगा मंथन

भारत इस साल एक ऐसे अंतरराष्ट्रीय आयोजन का गवाह बनने जा रहा है, जो देश की वैश्विक पहचान को नई मजबूती देगा। पहली बार प्रतिष्ठित Women’s Forum for the Economy & Society अपनी Global Meeting फ्रांस से बाहर भारत में आयोजित करने जा रहा है। यह सम्मेलन 2 और 3 नवंबर 2026 को मुंबई में होगा और France-India Innovation Year 2026 का अहम हिस्सा रहेगा। इस आयोजन में भारत में फ्रांस का दूतावास और Indo-French Chamber of Commerce and Industry (IFCCI) सहयोगी की भूमिका निभा रहे हैं। सम्मेलन में दुनिया के कई देशों से नीति-निर्माता, उद्योग जगत के दिग्गज, स्टार्टअप लीडर्स, शिक्षाविद और टेक्नोलॉजी विशेषज्ञ शामिल होंगे। 20 साल बाद पहली बार फ्रांस से बाहर Global Meeting पिछले दो दशकों से Women’s Forum दुनिया भर में महिलाओं की भागीदारी, आर्थिक विकास और सामाजिक बदलाव जैसे विषयों पर संवाद का एक प्रमुख मंच रहा है। लेकिन यह पहला मौका होगा जब इसकी सबसे महत्वपूर्ण Global Meeting फ्रांस के बाहर आयोजित की जा रही है। भारत को मेजबानी मिलना इस बात का संकेत है कि वैश्विक स्तर पर देश को नवाचार, डिजिटल विकास और आर्थिक नेतृत्व के नए केंद्र के रूप में देखा जा रहा है। AI, Innovation और Future of Work पर होगी बड़ी चर्चा इस वर्ष सम्मेलन की थीम “The Future of Prosperity: Women, Work and the Forces Reshaping Our World” रखी गई है। सम्मेलन के दौरान विशेषज्ञ इन अहम विषयों पर चर्चा करेंगे— इसके अलावा यह भी विचार किया जाएगा कि तेजी से बदलती तकनीक का लाभ समाज के हर वर्ग तक कैसे पहुंचाया जाए और भविष्य के लिए किस तरह की नीतियां तैयार की जाएं। भारत क्यों बना इस Global Summit का मेजबान? दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल भारत आज डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, स्टार्टअप इकोसिस्टम और टेक्नोलॉजी इनोवेशन के क्षेत्र में लगातार नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है। इन्हीं कारणों से Women’s Forum ने अपनी पहली अंतरराष्ट्रीय Global Meeting के लिए भारत को चुना है। इससे भारत को वैश्विक नीति निर्माण और नवाचार पर होने वाली चर्चाओं में और मजबूत स्थान मिलने की उम्मीद है। भारत-फ्रांस साझेदारी को मिलेगी नई दिशा यह सम्मेलन केवल एक अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम नहीं होगा, बल्कि भारत और फ्रांस के बीच रणनीतिक सहयोग को भी नई गति देगा। उद्योग, सरकार, शिक्षा, तकनीकी संस्थानों और नागरिक समाज के प्रतिनिधि एक ही मंच पर भविष्य की साझेदारियों पर चर्चा करेंगे। विशेषज्ञ इस बात पर भी मंथन करेंगे कि AI आधारित भविष्य में कौन-से कौशल सबसे अधिक जरूरी होंगे और समावेशी आर्थिक विकास को कैसे आगे बढ़ाया जाए। Women’s Forum अध्यक्ष ने क्या कहा? Women’s Forum की अध्यक्ष नैनेट लाफोंड डुफोर ने कहा कि आर्थिक विकास, तकनीकी बदलाव और नवाचार तभी सार्थक होंगे जब समाज के सभी लोगों को समान अवसर मिलेंगे। उनके अनुसार लैंगिक समानता केवल सामाजिक न्याय का विषय नहीं, बल्कि नवाचार, प्रतिस्पर्धा और सतत आर्थिक विकास की मजबूत नींव भी है। फ्रांस के राजदूत का बयान भारत में फ्रांस के राजदूत थियरी माथू ने कहा कि France-India Innovation Year 2026 दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि भविष्य की समृद्धि तभी संभव है, जब महिलाओं और पुरुषों को समान अवसर और बराबर भागीदारी मिले। भारत के लिए क्यों खास है यह आयोजन? मुंबई में होने वाला यह सम्मेलन भारत को वैश्विक नवाचार, महिला नेतृत्व और समावेशी विकास से जुड़े विमर्श के केंद्र में स्थापित करेगा। साथ ही यह आयोजन भारत और फ्रांस के बीच आर्थिक, तकनीकी और सामाजिक सहयोग को और मजबूत बनाने का अवसर भी देगा।
Ramayana

Ramayana Trailer ब्रह्म मुहूर्त में 4:15 AM पर लॉन्च हुआ Trailer, Diwali 2026 पर होगी Grand Release

Ramayana Trailer Release भारतीय सिनेमा की सबसे चर्चित फिल्मों में शामिल ‘रामायण’ (Ramayana) का इंतजार कर रहे दर्शकों के लिए बड़ी खुशखबरी है। फिल्म का आधिकारिक ट्रेलर आखिरकार रिलीज कर दिया गया है। खास बात यह रही कि मेकर्स ने ट्रेलर लॉन्च के लिए ब्रह्म मुहूर्त यानी सुबह 4:15 बजे का समय चुना। धार्मिक महत्व वाले इस समय पर दुनिया भर में ट्रेलर रिलीज किया गया, जिसने रिलीज होते ही सोशल Media पर जबरदस्त चर्चा बटोर ली। भव्य विजुअल्स ने जीता दर्शकों का दिल ट्रेलर की शुरुआत से ही इसकी भव्यता साफ दिखाई देती है। शानदार VFX, विशाल सेट, दमदार बैकग्राउंड म्यूजिक और सिनेमैटोग्राफी दर्शकों को रामायण की दुनिया में ले जाती है। भगवान श्रीराम, माता सीता, रावण और अन्य प्रमुख किरदारों की पहली झलक ने फैंस का उत्साह कई गुना बढ़ा दिया है। ट्रेलर देखने के बाद सोशल मीडिया पर हजारों यूजर्स ने इसे भारतीय सिनेमा के लिए एक नया विजुअल बेंचमार्क बताया। कई लोगों का कहना है कि फिल्म का स्केल अब तक की सबसे बड़ी भारतीय फिल्मों में से एक नजर आ रहा है। दमदार Star Cast बनी चर्चा का केंद्र फिल्म में रणबीर कपूर भगवान श्रीराम की भूमिका निभा रहे हैं, जबकि साई पल्लवी माता सीता के किरदार में नजर आएंगी। यश रावण की भूमिका में दिखाई देंगे। इसके अलावा सनी देओल भगवान हनुमान और रवि दुबे लक्ष्मण के किरदार में अहम भूमिका निभा रहे हैं। स्टारकास्ट के नए लुक और किरदारों की प्रस्तुति को दर्शकों ने काफी पसंद किया है। पहले मिले फीडबैक के बाद दिखे बड़े बदलाव फिल्म के शुरुआती ग्लिम्प्स के दौरान VFX और कुछ किरदारों के डिजाइन को लेकर सोशल मीडिया पर मिली प्रतिक्रियाओं के बाद मेकर्स ने कई तकनीकी बदलाव किए। नए ट्रेलर में बेहतर Visual Effects, कलर ग्रेडिंग और राक्षसों के डिजाइन देखने को मिले हैं। यही वजह है कि ट्रेलर को पहले की तुलना में ज्यादा सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। Diwali 2026 पर रिलीज होगा पहला पार्ट मेकर्स पहले ही घोषणा कर चुके हैं कि ‘रामायण: पार्ट-1’ दिवाली 2026 के मौके पर दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज होगी। फिल्म को दो भागों में तैयार किया जा रहा है और इसे भारतीय सिनेमा की सबसे महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में गिना जा रहा है। ट्रेलर के बाद दर्शकों की उम्मीदें और बढ़ गई हैं। अब सभी की निगाहें फिल्म की रिलीज डेट पर टिकी हैं। सोशल Media पर ट्रेंड कर रहा Ramayana Trailer ट्रेलर रिलीज होने के कुछ ही समय बाद #RamayanaTrailer, #Ramayana, #RanbirKapoor और #Yash जैसे हैशटैग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर ट्रेंड करने लगे। फैंस फिल्म की भव्यता, बैकग्राउंड स्कोर और कलाकारों के लुक की जमकर तारीफ कर रहे हैं। अगर ट्रेलर को मिली प्रतिक्रिया को संकेत माना जाए, तो ‘रामायण’ सिर्फ एक फिल्म नहीं बल्कि भारतीय सिनेमा का एक ऐसा अनुभव बन सकती है, जिसका इंतजार दर्शक लंबे समय तक करते रहेंगे। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Indian Hockey Team

Indian Hockey Team Jersey Controversy: Orange Jersey पर मचा बवाल

भारतीय हॉकी टीम (Indian Hockey Team) की नई Orange Jersey इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। टीम के पारंपरिक Blue Color को लेकर विवाद शुरू हो गया है। पूर्व भारतीय हॉकी कप्तान रास्किन्हा ने जर्सी के रंग में बदलाव पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि नीला रंग भारतीय हॉकी की पहचान रहा है और इससे खिलाड़ियों व फैंस की भावनाएं जुड़ी हुई हैं। वहीं, Hockey India ने इस मामले पर सफाई देते हुए कहा है कि नई जर्सी का चुनाव खिलाड़ियों की पसंद और उनकी जरूरतों को ध्यान में रखकर किया गया है। संस्था का कहना है कि रंग बदलने का मतलब भारतीय हॉकी की पुरानी पहचान को खत्म करना नहीं है। Blue Jersey से जुड़ी है भारतीय हॉकी की यादें भारतीय हॉकी टीम की नीली जर्सी लंबे समय से देश की खेल पहचान का हिस्सा रही है। मैदान पर जब खिलाड़ी नीले रंग की जर्सी पहनकर उतरते हैं तो फैंस के बीच एक अलग ही जुड़ाव देखने को मिलता है। रास्किन्हा का कहना है कि जर्सी का रंग सिर्फ कपड़े का एक हिस्सा नहीं होता, बल्कि वह देश की भावनाओं और खेल की विरासत को भी दर्शाता है। उनके अनुसार, नीला रंग भारतीय हॉकी के गौरवशाली इतिहास से जुड़ा हुआ है। Hockey India ने बताया बदलाव का कारण हॉकी इंडिया के अध्यक्ष ने Orange Jersey को लेकर उठ रहे सवालों पर कहा कि खिलाड़ियों की राय को महत्व दिया गया है। उन्होंने बताया कि टीम की सुविधा, आत्मविश्वास और खिलाड़ियों की पसंद को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय हॉकी की पहचान सिर्फ जर्सी के रंग से नहीं, बल्कि खिलाड़ियों के प्रदर्शन, मेहनत और उपलब्धियों से बनती है। Social Media पर फैंस की अलग-अलग राय नई Orange Jersey को लेकर सोशल मीडिया पर भी बहस देखने को मिल रही है। कुछ फैंस ने इसे नया और आकर्षक बदलाव बताया, जबकि कई लोगों का मानना है कि भारतीय टीम की पारंपरिक Blue Jersey को ही प्राथमिकता मिलनी चाहिए। कई खेल प्रेमियों का कहना है कि टीम की जर्सी देश की भावनाओं से जुड़ी होती है, इसलिए ऐसे बदलावों को लेकर लोगों की प्रतिक्रिया स्वाभाविक है। क्या Orange Jersey बनेगी नई पहचान? भारतीय खेल टीमों की जर्सी हमेशा से चर्चा में रही हैं। समय के साथ डिजाइन और रंगों में बदलाव होते रहे हैं, लेकिन पुरानी यादें और भावनाएं भी अपनी जगह बनाए रखती हैं। अब सबकी नजर इस बात पर होगी कि भारतीय हॉकी टीम नई Orange Jersey के साथ मैदान पर कैसा प्रदर्शन करती है। अगर टीम शानदार नतीजे हासिल करती है, तो यही रंग आने वाले समय में भारतीय हॉकी की नई पहचान भी बन सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
सोने

Bullion Market Update: सोने में फिर तेजी, ₹177 बढ़कर ₹1.42 लाख पहुंचा भाव; Silver Rate फिसला

देश के सर्राफा बाजार में एक बार फिर Gold Price Today चर्चा में है। सोने की कीमतों में लगातार तेजी जारी है और गुरुवार को इसके भाव में ₹177 प्रति 10 ग्राम की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इस उछाल के बाद सोना करीब ₹1.42 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया है। वहीं, चांदी के दाम में हल्की गिरावट देखने को मिली है। Silver Rate Today में ₹789 प्रति किलो की कमी आई, जिसके बाद चांदी करीब ₹2.17 लाख रुपए प्रति किलो पर आ गई। सोने की चमक बरकरार, 2026 में ₹9 हजार तक बढ़े भाव सोना इस साल निवेशकों की पहली पसंद बना हुआ है। साल की शुरुआत से अब तक सोने की कीमतों में करीब ₹9 हजार रुपए प्रति 10 ग्राम की बढ़ोतरी हो चुकी है। लगातार बढ़ती कीमतों के पीछे घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार के कई फैक्टर काम कर रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच निवेशक सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने को प्राथमिकता दे रहे हैं। यही वजह है कि मांग बढ़ने के साथ सोने के भाव में भी तेजी देखने को मिल रही है। Silver Price Update: चांदी हुई सस्ती, लेकिन मांग मजबूत जहां सोने की कीमतों में तेजी देखने को मिली, वहीं चांदी के बाजार में थोड़ी नरमी आई है। चांदी का भाव ₹789 प्रति किलो गिरकर ₹2.17 लाख रुपए प्रति किलो पर पहुंच गया है। हालांकि, चांदी की लंबी अवधि की मांग मजबूत बनी हुई है। सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स और इंडस्ट्रियल सेक्टर में चांदी के बढ़ते इस्तेमाल के कारण निवेशकों की नजर इस पर भी बनी हुई है। Gold Rate बढ़ने के पीछे क्या हैं कारण? सोने की कीमतों में तेजी के पीछे कई अहम वजहें मानी जा रही हैं— शादी और त्योहारों की खरीदारी पर असर सोने के लगातार महंगे होने का असर आम ग्राहकों पर भी दिखाई दे रहा है। खासतौर पर शादी-विवाह और त्योहारों के सीजन में ज्वेलरी खरीदने वालों को अब ज्यादा बजट तैयार करना पड़ सकता है। हालांकि, निवेश के लिहाज से सोना अभी भी लोगों के बीच पसंदीदा विकल्प बना हुआ है। वहीं, चांदी में आई गिरावट को कुछ निवेशक खरीदारी के मौके के रूप में भी देख रहे हैं। Gold-Silver Market पर निवेशकों की नजर फिलहाल Gold Rate Today ₹1.42 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के आसपास बना हुआ है, जबकि Silver Price Today करीब ₹2.17 लाख रुपए प्रति किलो है। बाजार जानकारों का कहना है कि आने वाले दिनों में भी सोने और चांदी की कीमतों में वैश्विक संकेतों के आधार पर उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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