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अक्षय तृतीया

अक्षय तृतीया 2026 Gold नहीं, ये 1 दान दिलाएगा सुख-समृद्धि और Good Luck

अक्षय तृतीया का दिन हिंदू धर्म में बेहद शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन किया गया हर अच्छा काम—चाहे वो पूजा हो, दान हो या नई शुरुआत—उसका फल कभी खत्म नहीं होता। यही वजह है कि लोग इस दिन को अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के मौके के रूप में देखते हैं। इस साल भी अक्षय तृतीया को लेकर लोगों में खास उत्साह है। जहां एक तरफ बाजारों में सोना-चांदी खरीदने की तैयारी है, वहीं दूसरी ओर धार्मिक मान्यताओं के अनुसार दान-पुण्य करने का महत्व भी काफी बढ़ जाता है। क्यों खास है “Ann Daan”? प्रसिद्ध संत Premanand Maharaj का कहना है कि अगर आप अक्षय तृतीया पर सिर्फ एक काम करना चाहते हैं, तो वो है अन्न दान। उनके अनुसार, जरूरतमंद को भोजन या अनाज देना सबसे बड़ा पुण्य है। उनका मानना है कि जो व्यक्ति इस दिन सच्चे मन से गेहूं, चावल या दाल का दान करता है, उसके घर में कभी अन्न की कमी नहीं होती। ये सिर्फ धार्मिक आस्था नहीं, बल्कि इंसानियत का सबसे सरल और असरदार तरीका भी है। कैसे करें ये आसान उपाय? अक्षय तृतीया के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और भगवान विष्णु व माता लक्ष्मी की पूजा करें। इसके बाद अपनी क्षमता के अनुसार अन्न का दान करें। आप चाहें तो किसी गरीब परिवार को राशन दे सकते हैं या किसी भूखे व्यक्ति को भोजन करा सकते हैं। ध्यान रखने वाली बात ये है कि दान दिखावे के लिए नहीं, बल्कि सच्चे मन से किया जाए—तभी उसका सही फल मिलता है। सिर्फ सोना खरीदना ही नहीं, ये भी करें अक्सर लोग अक्षय तृतीया को सिर्फ गोल्ड खरीदने से जोड़कर देखते हैं, लेकिन इसका असली महत्व दान और अच्छे कर्मों में छिपा है। इस दिन: दिल से किया छोटा काम, बड़ा असर अक्षय तृतीया हमें ये सिखाती है कि छोटे-छोटे अच्छे काम भी जीवन में बड़ा बदलाव ला सकते हैं। अगर आप इस दिन किसी की मदद करते हैं, तो उसका असर सिर्फ सामने वाले पर ही नहीं, बल्कि आपके जीवन पर भी पड़ता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Ram Navami

Ram Navami 2026 सही Date,शुभ मुहूर्त और Puja Samagri पूरी जानकारी

राम नवमी (Ram Navami) हिंदू धर्म का एक अत्यंत पवित्र और महत्वपूर्ण त्योहार है। यह दिन भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है और भक्त इस दिन व्रत, पूजा और आरती करके भगवान की कृपा पाने का प्रयास करते हैं। साल 2026 में राम नवमी की तारीख को लेकर लोगों के बीच थोड़ी कन्फ्यूजन है कि यह 26 मार्च को है या 27 मार्च को। आइए इसे आसान भाषा में समझते हैं। Ram Navami 2026 Date: 26 या 27 मार्च? वर्ष 2026 में राम नवमी 26 मार्च, गुरुवार को पड़ रही है। कई लोग सोचते हैं कि 27 मार्च को मनाना चाहिए, लेकिन हिंदू पंचांग के अनुसार जिस दिन मध्याह्न (दोपहर) में नवमी तिथि आती है, उसी दिन राम नवमी मनाई जाती है, क्योंकि भगवान श्रीराम का जन्म दोपहर में हुआ था। इस कारण 26 मार्च ही मुख्य और शुभ दिन माना जाता है। Shubh Muhurat for Ram Navami 2026 राम नवमी पूजा का सबसे महत्वपूर्ण समय मध्याह्न होता है। इस समय भगवान श्रीराम की पूजा और अभिषेक करना सबसे शुभ माना जाता है। Ram Navami Puja Samagri List राम नवमी की पूजा में निम्न सामग्रियों की आवश्यकता होती है। इन्हें पहले से तैयार करना शुभ माना जाता है: मुख्य सामग्री Ram Navami Puja Vidhi (संक्षेप में) हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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शैलपुत्री

चैत्र नवरात्रि 2026 Day 1 शैलपुत्री माता की आराधना, व्रत और शुभ मुहूर्त

चैत्र नवरात्रि 2026 का पहला दिन 12 मार्च को मनाया जाएगा। यह नवरात्रि वसंत ऋतु के आगमन और माँ दुर्गा के नौ रूपों की आराधना का शुभ समय है। हर दिन माँ के अलग रूप की पूजा की जाती है, और पहले दिन शैलपुत्री माता की उपासना होती है। शैलपुत्री माता – पहला दिन का महत्व ‘शैलपुत्री’ का अर्थ है “पर्वत की कन्या”। माता शैलपुत्री भगवान शिव और पार्वती की पुत्री हैं। उनके वाहन बैल हैं और हाथ में त्रिशूल और कमल धारण है। शैलपुत्री माता धैर्य, साहस और मानसिक स्थिरता का प्रतीक हैं। उनके आशीर्वाद से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक शक्ति का विकास होता है। शैलपुत्री माता का पूजन और मंत्र व्रत और अनुष्ठान शैलपुत्री माता के दिन विशेष सुझाव हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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चैत्र नवरात्रि 2026

चैत्र नवरात्रि 2026 माँ दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा और व्रत नियम

जानें चैत्र नवरात्रि 2026 की तिथियाँ, महत्व, व्रत नियम और पूजा विधियाँ। यह पर्व सिर्फ भक्ति और श्रद्धा का समय नहीं है, बल्कि जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, समर्पण और आध्यात्मिक शक्ति का प्रतीक भी माना जाता है। चैत्र नवरात्रि 2026 की तारीखें और महत्त्व चैत्र नवरात्रि को वसंत ऋतु में मनाया जाता है और यह नया हिंदू संवत्सर शुरू करने का प्रतीक है। नवरात्रि के अंतिम दिन राम नवमी भी मनाई जाती है, जो भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव का शुभ अवसर है। माँ दुर्गा के नौ रूप और उनके लाभ हर दिन नवरात्रि में माँ दुर्गा के अलग-अलग रूप की पूजा की जाती है, जिनसे विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है। दिन देवी का रूप प्रमुख गुण 1 शैलपुत्री शक्ति और मूल तत्व 2 ब्रह्मचारिणी तप और समर्पण 3 चंद्रघंटा साहस और धैर्य 4 कुश्मांडा आनंद और सृजन शक्ति 5 स्कंदमाता मातृत्व और प्रेम 6 कात्यायनी वीरता और साहस 7 कालरात्रि भय नाश 8 महागौरी पवित्रता और शांति 9 सिद्धिदात्री सिद्धि और सफलता घट स्थापना और पूजा विधि नवरात्रि की शुरुआत घटस्थापना से होती है। घर या मंदिर में कलश स्थापित कर माँ दुर्गा के स्वागत के लिए मंत्रों का उच्चारण किया जाता है। इससे जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और शुभता आती है। व्रत नियम और पूजा के टिप्स इन नियमों का पालन करने से न केवल धार्मिक पुण्य मिलता है, बल्कि शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य भी बेहतर होता है। समाज में नवरात्रि का महत्व नवरात्रि के अवसर पर धार्मिक स्थलों पर विशेष सुरक्षा और भीड़-प्रबंधन की तैयारी की जाती है। श्रद्धालुओं की सुविधा और स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन अतिरिक्त कदम उठाता है। नवरात्रि का संदेश नवरात्रि केवल पूजा और उत्सव नहीं है, बल्कि यह शक्ति, समर्पण और आत्म-नवीनीकरण का पर्व है। माँ दुर्गा के आदर्शों — धैर्य, करुणा, वीरता और शक्ति — को अपनाकर जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Chandra Grahan

Chandra Grahan 2026 भारत में कितने बजे दिखा Lunar Eclipse? जानें Time, Sutak Kaal और पूरी जानकारी

3 मार्च 2026, मंगलवार — होली के रंगों के बीच आसमान में भी एक खास नज़ारा देखने को मिला। इस दिन पूर्ण Chandra Grahan 2026 यानी Lunar Eclipse लगा। देशभर में लोगों के मन में उत्सुकता थी कि भारत में यह ग्रहण कितने बजे दिखेगा और क्या “ब्लड मून” साफ दिखाई देगा। दिन में शुरू हुआ यह खगोलीय आयोजन शाम तक चर्चा का विषय बना रहा। आइए आसान भाषा में समझते हैं पूरी जानकारी। Chandra Grahan 2026 Date and Time in India (IST) यह एक पूर्ण चंद्र ग्रहण (Total Lunar Eclipse) था। पूर्ण अवस्था में चंद्रमा अक्सर लालिमा लिए दिखाई देता है, जिसे आम बोलचाल में “Blood Moon” कहा जाता है। भारत में कब और कितना दिखा Chandra Grahan? भारत में ग्रहण का मुख्य भाग चंद्रमा के उदय से पहले ही हो चुका था। इसलिए अधिकांश शहरों में लोग केवल अंतिम चरण ही देख पाए। पूर्वोत्तर भारत में चंद्रमा थोड़ा पहले उदित हुआ, जिससे वहां ग्रहण कुछ अधिक समय तक नजर आया। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, चंद्र ग्रहण से लगभग 9 घंटे पहले सूतक काल शुरू हो जाता है। इस बार सूतक काल सुबह करीब 6:20 बजे से प्रभावी माना गया। कई मंदिरों के कपाट बंद रहे कैसा दिखा चंद्रमा? (Human Experience) शाम को जब लोग छतों और बालकनियों में पहुंचे, तो चंद्रमा हल्की धुंधली छाया में दिखाई दे रहा था। जिन जगहों पर आसमान साफ था, वहां चंद्रमा का रंग थोड़ा तांबई झलक लिए नजर आया। हालांकि भारत में पूर्ण “Blood Moon” का गहरा लाल रंग साफ तौर पर नहीं दिखा, फिर भी यह अनुभव खास रहा। होली की शाम को आसमान में यह दृश्य कई लोगों के लिए यादगार बन गया। Chandra Grahan 2026 का वैज्ञानिक महत्व पूर्ण चंद्र ग्रहण तब लगता है जब सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा एक सीध में आ जाते हैं और पृथ्वी की छाया पूरी तरह चंद्रमा पर पड़ती है। यह एक प्राकृतिक खगोलीय घटना है और इसे देखने के लिए किसी विशेष उपकरण की जरूरत नहीं होती। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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देवउठनी एकादशी

देवउठनी एकादशी 2025 भगवान विष्णु जागेंगे नींद से, शुरू होंगे सभी शुभ काम

देवउठनी एकादशी 2025 (Dev Uthani Ekadashi 2025) हिंदू धर्म का एक अत्यंत पवित्र पर्व है। इस दिन भगवान विष्णु चार महीने की योगनिद्रा से जागते हैं और इसी के साथ मांगलिक कार्यों की शुरुआत मानी जाती है। इसे प्रबोधिनी एकादशी या देव उठावनी एकादशी भी कहा जाता है। आइए जानते हैं इस दिन का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और तुलसी विवाह की पूरी जानकारी। देवउठनी एकादशी 2025 की तिथि और शुभ मुहूर्त इस वर्ष देवउठनी एकादशी 1 नवंबर 2025 (शनिवार) को मनाई जाएगी। इस दिन भक्त भगवान विष्णु की विशेष पूजा करते हैं और उनसे जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हैं। देवउठनी एकादशी का धार्मिक महत्व हिंदू मान्यता के अनुसार, आषाढ़ शुक्ल एकादशी को भगवान विष्णु क्षीरसागर में शयन करते हैं और कार्तिक शुक्ल एकादशी को जागते हैं। इस चार माह की अवधि को चातुर्मास कहा जाता है, जिसमें कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जाता।देवउठनी एकादशी के दिन जब भगवान विष्णु नींद से जागते हैं, तब से विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन और अन्य शुभ कार्यों की शुरुआत होती है।यह दिन आध्यात्मिक जागृति, नई शुरुआत और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। तुलसी विवाह 2025: तिथि और महत्व देवउठनी एकादशी के अगले दिन यानी 2 नवंबर 2025 (रविवार) को तुलसी विवाह मनाया जाएगा।इस दिन भगवान विष्णु का विवाह तुलसी माता से कराया जाता है। यह शुभ कार्य घर-घर में मनाया जाता है। माना जाता है कि तुलसी विवाह करवाने से जीवन में शांति, प्रेम और समृद्धि आती है तथा विवाह में आ रही रुकावटें दूर होती हैं। देवउठनी एकादशी 2025 पूजा विधि इस दिन से शुरू होते हैं मांगलिक कार्य देवउठनी एकादशी के बाद विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन, नामकरण जैसे सभी शुभ कार्यों की शुरुआत मानी जाती है।यह दिन शुभता, सौभाग्य और नए आरंभ का प्रतीक है। जो लोग भगवान विष्णु और तुलसी माता की भक्ति से पूजा करते हैं, उनके जीवन में धन, यश और वैवाहिक सुख की प्राप्ति होती है। महत्वपूर्ण बातें देवउठनी एकादशी (Dev Uthani Ekadashi 2025) का दिन धर्म, आस्था और आध्यात्मिक जागरण का प्रतीक है। इस दिन भगवान विष्णु के जागरण के साथ ही शुभ कार्यों की शुरुआत होती है। श्रद्धा और भक्ति के साथ इस व्रत को करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, समृद्धि और शांति का संचार होता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Chhath Puja

Chhath Puja 2025 Special सूर्य देव की आराधना और आस्था का सबसे पवित्र पर्व

Chhath Puja 2025 आने वाली है, और पूरे भारत में श्रद्धा, आस्था और उत्साह का माहौल बन चुका है। यह पर्व सिर्फ पूजा नहीं, बल्कि प्रकृति, सूर्य देव और जल के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक है।बिहार, झारखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश और नेपाल के तराई इलाकों में शुरू हुई यह परंपरा अब पूरे देश और विदेशों में मनाई जाती है। Chhath Puja 2025 चार दिन तक चलने वाला यह पर्व – नहाय खाय, खरना, संध्या अर्घ्य और उषा अर्घ्य – शुद्धता और तपस्या का प्रतीक माना जाता है। छठ पूजा का महत्व (Chhath Puja Significance) छठ पूजा सूर्य देव और छठी मैया की आराधना का पर्व है। ऐसा माना जाता है कि सूर्य की उपासना करने से जीवन में ऊर्जा, स्वास्थ्य और समृद्धि आती है।यह पर्व हमें प्रकृति और मानव के बीच सामंजस्य की याद दिलाता है। छठी मैया (ऊषा देवी) को संतान, स्वास्थ्य और समृद्धि की देवी माना जाता है। इस दिन व्रती महिलाएं अपने परिवार की खुशहाली और समाज की भलाई के लिए कठोर व्रत रखती हैं। Chhath Puja Vidhi (छठ पूजा की विधि) इन चार दिनों में व्रती पूर्ण संयम, पवित्रता और श्रद्धा से सभी विधियां निभाते हैं। Eco-Friendly Message of Chhath Puja (प्रकृति संग आस्था का मेल) छठ पूजा का एक बड़ा संदेश है प्रकृति और पर्यावरण का सम्मान।इस दिन घाटों, नदियों और तालाबों की सफाई की जाती है। पूजा में केवल प्राकृतिक सामग्रियों जैसे बांस की टोकरी, केला, नारियल, और दीपक का प्रयोग होता है — जिससे यह पर्व सस्टेनेबल लिविंग का उदाहरण बनता है। भक्ति गीत और छठ घाटों की रौनक (Chhath Puja Songs & Celebration) छठ के दौरान गली-गली में गूंजते हैं पारंपरिक गीत —“केलवा जे केरवा, लहराए हो… छठी मईया आइलें अंगना हो…”दीपों की रोशनी और भक्ति गीतों से सजा माहौल हर किसी के दिल को छू जाता है।लोग अपने पूरे परिवार के साथ घाटों पर जाकर सूर्य देव को अर्घ्य देते हैं और एकता का संदेश फैलाते हैं। छठ पूजा का संदेश (Spiritual Message of Chhath Puja) छठ पूजा सिखाती है कि सच्ची आस्था और तपस्या से कोई भी मनोकामना पूरी हो सकती है।यह पर्व नारी शक्ति, त्याग और सादगी का प्रतीक है।सूर्य देव से प्रार्थना की जाती है कि सभी के जीवन में उज्ज्वलता, समृद्धि और सुख-शांति बनी रहे। Chhath Puja 2025 सिर्फ एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि यह भारतीय संस्कृति की आत्मा है — जहाँ सूर्य, जल, वायु और मनुष्य के बीच अटूट संबंध झलकता है।इस छठ पर्व पर आइए हम सब छठी मैया और सूर्य देव से प्रार्थना करें कि हमारे घरों में हमेशा उजाला और खुशियाँ बनी रहें। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Bhai Dooj

Bhai Dooj 2025 शुभ मुहूर्त भाई-बहन के रिश्ते को मजबूत करने का त्योहार

Bhai Dooj भारत के प्रमुख त्योहारों में से एक है, जो भाई-बहन के अटूट प्रेम और स्नेह का प्रतीक है। यह त्योहार भाई और बहन के रिश्ते को मजबूत करने और परिवार में खुशियों का माहौल बनाने का अवसर है। इस साल भाई दूज 23 अक्टूबर 2025 को मनाया जाएगा, जो दीपावली के दूसरे दिन पड़ता है। भाई दूज का महत्व Bhai Dooj का मुख्य महत्व भाई-बहन के रिश्ते में विश्वास, सुरक्षा और प्यार को दर्शाना है। इस दिन बहन अपने भाई के लिए टिका, आरती, और मीठा भोजन तैयार करती है, जबकि भाई उसकी लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना करता है। यह त्योहार बताता है कि चाहे भाई दूर ही क्यों न हो, बहन का प्यार और आशीर्वाद हमेशा उसके साथ रहता है। भाई दूज 2025 की परंपराएं Bhai Dooj शुभ मुहूर्त 2025 इस समय बहन अपने भाई को टिका करके उसका आशीर्वाद ले सकती है। Bhai Dooj की खास बातें भाई दूज 2025 का पर्व आपके रिश्तों को मजबूत करने और परिवार में खुशियों की लहर लाने का सबसे अच्छा मौका है।
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Govardhan Puja

Govardhan Puja 2025 दिवाली के बाद का खास पर्व और पूजा का महत्व

Govardhan Puja 2025, दिवाली के अगले दिन मनाया जाने वाला एक प्रमुख हिन्दू त्योहार है। इसे अन्नकूट पूजा या इंदिरा पूजा भी कहा जाता है। यह पर्व भगवान कृष्ण और उनकी लीला, विशेषकर गोवर्धन पर्वत उठाने की कथा, के लिए प्रसिद्ध है। गोवर्धन पूजा की कहानी (Govardhan Puja Story in Hindi) पौराणिक कथाओं के अनुसार, जब भगवान कृष्ण ने गोकुलवासियों को समझाया कि केवल प्रकृति और गोवर्धन पर्वत की पूजा करनी चाहिए, न कि केवल इन्द्रदेव की, तब इन्द्रदेव क्रोधित होकर भारी वर्षा करने लगे। तब भगवान कृष्ण ने गोवर्धन पर्वत अपने छोटे अंगूठे पर उठाकर गोकुलवासियों और उनके पशुओं की रक्षा की। इस घटना के बाद से हर साल Govardhan Puja मनाई जाती है, जो भक्ति, प्रेम और प्रकृति संरक्षण का संदेश देती है। Govardhan Puja कब और कैसे मनाई जाती है? गोवर्धन पूजा का आध्यात्मिक और सामाजिक महत्व Govardhan Puja केवल भगवान कृष्ण की भक्ति का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह प्रकृति संरक्षण और सामाजिक समरसता का संदेश भी देती है। अन्नकूट बनाकर गांव और शहर के लोग मिलकर भोजन करते हैं और जरूरतमंदों में दान वितरित करते हैं। Govardhan Puja 2025 प्रेम, भक्ति और प्राकृतिक संतुलन का पर्व है। मिट्टी के गोवर्धन पर्वत का निर्माण कर, अन्नकूट चढ़ाकर और गायों की सेवा करके हम अपने जीवन में सुख, समृद्धि और स्वास्थ्य की प्राप्ति कर सकते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Laxmi Pooja

Laxmi Pooja 2025 Diwali पर घर में समृद्धि और खुशियों का त्यौहार

दिवाली या दीपावली, भारत का सबसे बड़ा और आनंदमय त्यौहार है। यह अंधकार पर प्रकाश, दुख पर सुख और कठिनाई पर समृद्धि की जीत का प्रतीक है। दिवाली के मुख्य दिन Laxmi Pooja का विशेष महत्व है। इस दिन घर और व्यापार में मां लक्ष्मी की पूजा कर समृद्धि और खुशहाली का आशीर्वाद प्राप्त किया जाता है। Laxmi Pooja का महत्व Laxmi Pooja सिर्फ धन पाने के लिए नहीं, बल्कि घर में सकारात्मक ऊर्जा, सुख और समृद्धि लाने के लिए मनाई जाती है। मान्यता है कि मां लक्ष्मी उन्हीं घरों में आती हैं जो साफ-सुथरे, व्यवस्थित और श्रद्धाभाव से भरे हों। इसलिए दिवाली से पहले घर की सफाई और सजावट बहुत जरूरी है। Diwali 2025 में Laxmi Pooja का शुभ मुहूर्त इस वर्ष Laxmi Pooja 20 अक्टूबर 2025 को मनाई जाएगी।शुभ मुहूर्त: 7.08 P.M बजे से 8.18 P.M बजे तक।इस समय पूजा करने से मां लक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त होती है और घर में धन-संपत्ति बढ़ती है। दिवाली और Laxmi Pooja की प्रमुख रीतियाँ दिवाली का संदेश दिवाली सिर्फ धन और समृद्धि का त्यौहार नहीं है। यह अच्छाई, सकारात्मकता और ज्ञान की जीत का प्रतीक भी है। इस दिवाली अपने जीवन में खुशियाँ और प्रेम फैलाना उतना ही महत्वपूर्ण है जितना कि धन-संपत्ति बढ़ाना। Diwali 2025 हमें यह सिखाते हैं कि खुशहाल जीवन के लिए घर और मन की सफाई और सकारात्मक सोच आवश्यक है। इस दिवाली घर में उजाला और जीवन में खुशियाँ लाएँ। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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China

अमेरिका नहीं China बना India से बड़ा खरीदार – Plan-B का बड़ा कमाल

वैश्विक व्यापार की तस्वीर तेजी से बदल रही है और इसका सीधा फायदा अब भारत को मिल रहा है। जहां पहले उम्मीद थी कि अमेरिका भारत से इस खास प्रोडक्ट का सबसे बड़ा खरीदार बनेगा, वहीं अब चीन (China) ने बाजी मार ली है। China ने भारत से इस प्रोडक्ट की बड़ी मात्रा में खरीद शुरू कर दी है, जिससे एक्सपोर्ट सेक्टर में नई जान आ गई है। सरकार की “Plan-B” रणनीति को इस पूरे बदलाव का अहम कारण माना जा रहा है। क्या है पूरा बदलाव? कुछ समय पहले तक भारत के एक्सपोर्ट में अमेरिका और कुछ यूरोपीय देश ही मुख्य खरीदार थे। लेकिन अब स्थिति बदल रही है। भारत ने अपनी व्यापार नीति को डायवर्सिफाई करते हुए नए बाजारों की ओर कदम बढ़ाया है। इसी बदलाव के तहत चीन के साथ व्यापारिक संबंध मजबूत हुए हैं और अब वह भारत से बड़े पैमाने पर आयात कर रहा है। चीन की बढ़ती डिमांड क्यों अहम है? चीन जैसे बड़े बाजार का भारत से जुड़ना सिर्फ एक सामान्य व्यापारिक लेन-देन नहीं है, बल्कि यह एक बड़ा आर्थिक संकेत है। इससे भारतीय कंपनियों को नए अवसर मिल रहे हैं और एक्सपोर्ट ग्रोथ में तेजी आई है। Government Plan-B कैसे बना गेमचेंजर? भारत सरकार की Plan-B रणनीति का मुख्य उद्देश्य था: इस रणनीति के चलते भारत ने चीन जैसे बड़े बाजारों में अपनी पकड़ बनानी शुरू की है। भारत को क्या फायदा हो रहा है? इस पूरे बदलाव का सीधा असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर दिख रहा है: आगे की तस्वीर कैसी हो सकती है? विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यही ट्रेंड जारी रहा तो भारत आने वाले समय में ग्लोबल सप्लाई चेन का एक बड़ा हिस्सा बन सकता है। चीन जैसे देशों से बढ़ता व्यापार भारत के लिए लंबे समय में बेहद फायदेमंद साबित हो सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Bada Mangal 2026: 19 Years बाद ज्येष्ठ में 8 बड़े मंगल, इन 4 राशियों पर Money की बरसेगी बारिश

Bada Mangal 2026: 19 Years बाद ज्येष्ठ में 8 बड़े मंगल, इन 4 राशियों पर Money की बरसेगी बारिश

नई दिल्ली: साल 2026 में ज्येष्ठ महीने में एक खास संयोग बन रहा है। करीब 19 years बाद इस बार 8 बड़े मंगल पड़ रहे हैं, जिसे बहुत शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस दौरान Lord Hanuman की पूजा करने से विशेष फल मिलता है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। क्या है बड़ा मंगल का महत्व? ज्येष्ठ महीने के हर मंगलवार को बड़ा मंगल कहा जाता है। इस दिन भक्त Lord Hanuman की पूजा, व्रत और भंडारा करते हैं। माना जाता है कि इससे संकट दूर होते हैं और मनोकामनाएं पूरी होती हैं। 19 साल बाद बन रहा खास योग इस बार ज्येष्ठ महीने में 8 मंगलवार पड़ रहे हैं, जो बहुत दुर्लभ माना जाता है। इससे धार्मिक महत्व और भी बढ़ गया है और लोग खास तैयारी कर रहे हैं। इन 4 राशियों को होगा बड़ा फायदा ज्योतिष के अनुसार इस बार 4 राशियों के लिए यह समय बेहद लाभदायक माना जा रहा है: कैसे करें पूजा? बड़े मंगल के दिन सुबह स्नान कर लाल वस्त्र पहनें और Lord Hanuman को सिंदूर, चमेली का तेल और बूंदी का प्रसाद चढ़ाएं। हनुमान चालीसा का पाठ करना भी शुभ माना जाता है। मान्यता और आस्था यह पर्व सिर्फ पूजा का नहीं, बल्कि सेवा और भक्ति का भी प्रतीक है। कई जगहों पर भंडारे और प्रसाद वितरण किया जाता है, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल होते हैं।
कॉन्सर्ट में ‘धुरंधर’ सिंगर पर फैंस भड़के, LipSync के आरोप के बाद सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग तेज

कॉन्सर्ट में ‘धुरंधर’ सिंगर पर फैंस भड़के, LipSync के आरोप के बाद सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग तेज

एक बड़े कॉन्सर्ट के दौरान मशहूर सिंगर धुरंधर को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। फैंस ने आरोप लगाया कि सिंगर ने लाइव गाने की जगह LipSync किया, जिससे दर्शकों में नाराज़गी देखने को मिली। क्या हुआ कॉन्सर्ट में? कॉन्सर्ट के दौरान सिंगर ने मंच पर शानदार एंट्री की और परफॉर्मेंस शुरू की। लेकिन कुछ ही देर में दर्शकों को शक हुआ कि गाना लाइव नहीं गाया जा रहा। कई फैंस का कहना है कि सिंगर सिर्फ गाने के साथ होंठ हिला रही थीं। परफॉर्मेंस के दौरान अलग अंदाज़ परफॉर्मेंस के बीच सिंगर ने खुद पर पानी डालकर और जोश में झूमकर माहौल बनाने की कोशिश की। हालांकि, यह अंदाज़ कुछ लोगों को पसंद आया, लेकिन कई फैंस को लगा कि यह असली गायकी से ध्यान हटाने की कोशिश है। सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग कॉन्सर्ट के वीडियो वायरल होते ही सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई। कई यूज़र्स ने सिंगर की आलोचना की और कहा कि फैंस टिकट खरीदकर लाइव सिंगिंग सुनने आते हैं, न कि लिप सिंक देखने। फैंस की मिली-जुली प्रतिक्रिया जहां कुछ फैंस ने सिंगर का समर्थन किया और इसे सिर्फ एक एंटरटेनमेंट शो बताया, वहीं कई लोगों ने इसे फैंस के साथ धोखा करार दिया। क्या कहती है इंडस्ट्री? म्यूजिक इंडस्ट्री में कभी-कभी लिप सिंक का इस्तेमाल होता है, खासकर बड़े शो में। लेकिन फैंस की उम्मीद हमेशा लाइव परफॉर्मेंस की ही रहती है।
‘दो साल में दूसरी Maternity Leave संभव’, इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

‘दो साल में दूसरी Maternity Leave संभव’, इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

महिलाओं के हक में एक अहम फैसले में Allahabad High Court ने कहा है कि अगर जरूरत हो, तो महिला कर्मचारी दो साल के अंदर दूसरी Maternity Leave भी ले सकती है। इस फैसले से कामकाजी महिलाओं को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। क्या है पूरा मामला? मामला एक महिला कर्मचारी की छुट्टी से जुड़ा था, जिसे दूसरी बार मातृत्व अवकाश लेने में दिक्कत आ रही थी। इस पर कोर्ट ने साफ किया कि कानून महिलाओं के स्वास्थ्य और बच्चे की देखभाल को प्राथमिकता देता है। कोर्ट ने क्या कहा? Allahabad High Court ने अपने आदेश में कहा कि मातृत्व अवकाश का उद्देश्य मां और बच्चे दोनों की भलाई है। ऐसे में इसे सीमित सोच के साथ नहीं देखा जाना चाहिए। महिलाओं के लिए क्यों है अहम? यह फैसला उन महिलाओं के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, जो कम समय के अंतर में दो बच्चों की प्लानिंग करती हैं। अब उन्हें छुट्टी को लेकर ज्यादा चिंता नहीं करनी पड़ेगी। काम और परिवार के बीच संतुलन कोर्ट का यह फैसला कामकाजी महिलाओं को अपने परिवार और करियर के बीच बेहतर संतुलन बनाने में मदद करेगा। साथ ही यह संदेश भी देता है कि महिलाओं के अधिकारों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। समाज पर क्या असर पड़ेगा? विशेषज्ञ मानते हैं कि इस तरह के फैसले महिलाओं को और सशक्त बनाते हैं और कार्यस्थल पर उनके अधिकारों को मजबूत करते हैं।
शांति वार्ता पर ब्रेक! JD Vance का पाकिस्तान दौरा टला, ईरान ने अमेरिका पर साधा निशाना

शांति वार्ता पर ब्रेक! JD Vance का पाकिस्तान दौरा टला, ईरान ने अमेरिका पर साधा निशाना

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रही शांति कोशिशों को बड़ा झटका लगा है। अमेरिका के नेता JD Vance का प्रस्तावित पाकिस्तान दौरा फिलहाल टाल दिया गया है। इस बीच ईरान ने अमेरिका पर तीखा हमला बोलते हुए उसे ‘समुद्री डकैत’ तक कह दिया है। क्यों टला वेंस का पाकिस्तान दौरा? सूत्रों के अनुसार, JD Vance का Pakistan दौरा शांति वार्ता को आगे बढ़ाने के लिए अहम माना जा रहा था। लेकिन अचानक इसे स्थगित कर दिया गया। इससे दोनों देशों के बीच बातचीत की प्रक्रिया पर असर पड़ सकता है। ईरान का अमेरिका पर बड़ा आरोप इस पूरे घटनाक्रम के बीच Iran ने United States पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ईरान का कहना है कि अमेरिका समुद्र में उसकी गतिविधियों में दखल दे रहा है, जिसे उसने ‘समुद्री डकैती’ जैसा बताया। बढ़ता तनाव, मुश्किल होती शांति एक तरफ जहां शांति वार्ता की उम्मीदें थीं, वहीं अब हालात और तनावपूर्ण होते नजर आ रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर बातचीत जल्द शुरू नहीं हुई, तो इसका असर पूरे क्षेत्र की स्थिरता पर पड़ सकता है। क्या है आगे का रास्ता? फिलहाल सभी की नजर इस बात पर है कि क्या अमेरिका और पाकिस्तान के बीच वार्ता दोबारा शुरू होगी या नहीं। साथ ही ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ता विवाद भी अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई चुनौती बन सकता है।

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