आपका चैनल --
ताज़ा खबर
BREAKINGदेश-हरपलभारत को मिली बड़ी सफलता: नीदरलैंड ने लौटाई चोल काल की 1000 साल पुरानी अनमोल धरोहरBREAKINGधर्म-कर्मAdhik Maas 2026: भक्ति का महीना शुरू, जानें शुभ मंत्र और धार्मिक महत्वBREAKINGMore NewsWHO Ebola Warning: कांगो और युगांडा में फैला वायरस, घोषित हुई Health EmergencyBREAKINGवर्ल्ड न्यूज़Hormuz Strait ईरान लगाएगा Ship Traffic Tax, UAE-Oman के साथ बढ़ा तनावBREAKINGदेश-हरपलWest Bengal हावड़ा स्टेशन के बाहर JCB Action, अतिक्रमण पर प्रशासन का बड़ा अभियानBREAKINGमध्य प्रदेशIndore में पैसों के लेन-देन में सुपारी देकर कराया हमला:30 हजार रुपए के बदले मास्क पहनकर की वारदात; 4 आरोपी गिरफ्तारBREAKINGएंटरटेनमेंटतलाक के बाद फिर एक-दूसरे को फॉलो करने लगे Mouni और Suraj Nambiar, पैचअप की चर्चा तेजBREAKINGएंटरटेनमेंटGULLU और KAIRA की जोड़ी ने जीता Splitsvilla 16 का खिताब, इनाम में मिले इतने लाखBREAKINGदेश-हरपलभारत को मिली बड़ी सफलता: नीदरलैंड ने लौटाई चोल काल की 1000 साल पुरानी अनमोल धरोहरBREAKINGधर्म-कर्मAdhik Maas 2026: भक्ति का महीना शुरू, जानें शुभ मंत्र और धार्मिक महत्वBREAKINGMore NewsWHO Ebola Warning: कांगो और युगांडा में फैला वायरस, घोषित हुई Health EmergencyBREAKINGवर्ल्ड न्यूज़Hormuz Strait ईरान लगाएगा Ship Traffic Tax, UAE-Oman के साथ बढ़ा तनावBREAKINGदेश-हरपलWest Bengal हावड़ा स्टेशन के बाहर JCB Action, अतिक्रमण पर प्रशासन का बड़ा अभियानBREAKINGमध्य प्रदेशIndore में पैसों के लेन-देन में सुपारी देकर कराया हमला:30 हजार रुपए के बदले मास्क पहनकर की वारदात; 4 आरोपी गिरफ्तारBREAKINGएंटरटेनमेंटतलाक के बाद फिर एक-दूसरे को फॉलो करने लगे Mouni और Suraj Nambiar, पैचअप की चर्चा तेजBREAKINGएंटरटेनमेंटGULLU और KAIRA की जोड़ी ने जीता Splitsvilla 16 का खिताब, इनाम में मिले इतने लाख

Adhik Maas 2026: भक्ति का महीना शुरू, जानें शुभ मंत्र और धार्मिक महत्व

Table of Content

आज से हिंदू पंचांग का सबसे पवित्र और खास समय Adhik Maas 2026 (Purushottam Maas) शुरू हो गया है। इसे सामान्य भाषा में मलमास भी कहा जाता है, लेकिन धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह कोई अशुभ समय नहीं, बल्कि भगवान विष्णु को समर्पित अत्यंत शुभ महीना माना जाता है।

इस महीने को “पुरुषोत्तम मास” इसलिए कहा जाता है क्योंकि स्वयं भगवान विष्णु ने इसे अपना नाम देकर सम्मानित किया था।

Adhik Maas 2026 क्या है और क्यों खास माना जाता है?

अधिकमास हर 2–3 साल में आता है, जब चंद्र और सौर कैलेंडर के बीच अंतर को संतुलित करने के लिए एक अतिरिक्त महीना जोड़ा जाता है।

धार्मिक मान्यता के अनुसार जब किसी देवता ने इस अतिरिक्त महीने को स्वीकार नहीं किया, तब भगवान विष्णु ने इसे अपनाकर इसे भक्ति और साधना का सर्वोच्च समय बना दिया।

यही कारण है कि इस महीने में भौतिक कार्यों से ज्यादा आध्यात्मिक गतिविधियों को महत्व दिया जाता है।

Purushottam Maas में क्या करना चाहिए (Do’s)

इस पूरे महीने में किए गए अच्छे कर्म कई गुना फल देने वाले माने जाते हैं:

  • भगवान विष्णु की नियमित पूजा और आराधना
  • “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जप
  • तुलसी पूजन और दीपदान
  • जरूरतमंदों को भोजन और वस्त्र दान
  • सत्यनारायण कथा का पाठ या श्रवण
  • सात्विक जीवन और संयम का पालन

अधिकमास में क्या नहीं करना चाहिए (Don’ts)

इस पवित्र अवधि में कुछ कार्यों से बचने की सलाह दी जाती है:

  • विवाह और मांगलिक कार्य
  • गृह प्रवेश
  • नया व्यवसाय शुरू करना
  • बड़े निवेश या नई शुरुआत से बचना

Adhik Maas 2026 के शक्तिशाली मंत्र

इस महीने में मंत्र जप का विशेष महत्व बताया गया है। माना जाता है कि इससे मन शांत होता है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है।

1. विष्णु मंत्र

“ॐ नमो भगवते वासुदेवाय”
रोज 108 बार जप करना अत्यंत फलदायी माना जाता है।

2. महामंत्र

हरे राम हरे राम, राम राम हरे हरे
हरे कृष्ण हरे कृष्ण, कृष्ण कृष्ण हरे हरे

3. शांति मंत्र

“शान्ताकारं भुजगशयनं पद्मनाभं सुरेशम्…”

Adhik Maas 2026 का महत्व (Human Touch)

आज की तेज़ रफ्तार जिंदगी में यह महीना एक तरह से “pause” लेने का मौका देता है। भागदौड़ के बीच कुछ समय अपने मन, विचार और आध्यात्म से जुड़ने का अवसर मिलता है।

कई लोग इस महीने में व्रत रखते हैं, पूजा-पाठ बढ़ाते हैं और अपने जीवन में सरलता लाने की कोशिश करते हैं।

हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

Yukta

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Editor's Picks

भारत

भारत को मिली बड़ी सफलता: नीदरलैंड ने लौटाई चोल काल की 1000 साल पुरानी अनमोल धरोहर

भारत की सांस्कृतिक पहचान को एक बड़ी सफलता मिली है। नीदरलैंड (Netherlands) ने भारत को चोल राजवंश (Chola Dynasty) की करीब 1000 साल पुरानी अनमोल विरासत वापस लौटा दी है। यह ऐतिहासिक धरोहर अब औपचारिक रूप से भारत को सौंपी गई है और प्रधानमंत्री Narendra Modi को यह विरासत प्रदान की गई। यह कदम भारत की उस लंबे समय से चल रही कोशिश का हिस्सा है, जिसके तहत विदेशों में मौजूद प्राचीन भारतीय कलाकृतियों को वापस लाया जा रहा है। क्या है लौटाई गई Chola Heritage? नीदरलैंड से भारत को जो विरासत मिली है, वह दक्षिण भारत के महान चोल साम्राज्य से जुड़ी है। इसमें शामिल हैं: इन मूर्तियों को सिर्फ कलाकृतियां नहीं, बल्कि उस दौर की आध्यात्मिक सोच और कला की गहराई का प्रतीक माना जाता है। चोल साम्राज्य क्यों माना जाता है स्वर्ण युग? चोल राजवंश भारतीय इतिहास का एक ऐसा अध्याय है जिसने कला, संस्कृति और शासन—तीनों में गहरी छाप छोड़ी। इन कलाकृतियों में उस समय की जीवनशैली और धार्मिक आस्था की झलक साफ दिखाई देती है। कैसे लौटी यह ऐतिहासिक विरासत? भारत सरकार पिछले कई वर्षों से विदेशी संग्रहालयों और निजी संग्रहों में मौजूद भारतीय धरोहरों को वापस लाने की कोशिश कर रही है। इसी कड़ी में नीदरलैंड ने सहयोग करते हुए यह ऐतिहासिक कदम उठाया। यह सिर्फ एक डिप्लोमैटिक सफलता नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक पहचान की मजबूत वापसी भी है। क्यों खास है यह वापसी? इस Chola Heritage Return का महत्व सिर्फ ऐतिहासिक नहीं, बल्कि भावनात्मक भी है: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Adhik Maas

Adhik Maas 2026: भक्ति का महीना शुरू, जानें शुभ मंत्र और धार्मिक महत्व

आज से हिंदू पंचांग का सबसे पवित्र और खास समय Adhik Maas 2026 (Purushottam Maas) शुरू हो गया है। इसे सामान्य भाषा में मलमास भी कहा जाता है, लेकिन धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह कोई अशुभ समय नहीं, बल्कि भगवान विष्णु को समर्पित अत्यंत शुभ महीना माना जाता है। इस महीने को “पुरुषोत्तम मास” इसलिए कहा जाता है क्योंकि स्वयं भगवान विष्णु ने इसे अपना नाम देकर सम्मानित किया था। Adhik Maas 2026 क्या है और क्यों खास माना जाता है? अधिकमास हर 2–3 साल में आता है, जब चंद्र और सौर कैलेंडर के बीच अंतर को संतुलित करने के लिए एक अतिरिक्त महीना जोड़ा जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार जब किसी देवता ने इस अतिरिक्त महीने को स्वीकार नहीं किया, तब भगवान विष्णु ने इसे अपनाकर इसे भक्ति और साधना का सर्वोच्च समय बना दिया। यही कारण है कि इस महीने में भौतिक कार्यों से ज्यादा आध्यात्मिक गतिविधियों को महत्व दिया जाता है। Purushottam Maas में क्या करना चाहिए (Do’s) इस पूरे महीने में किए गए अच्छे कर्म कई गुना फल देने वाले माने जाते हैं: अधिकमास में क्या नहीं करना चाहिए (Don’ts) इस पवित्र अवधि में कुछ कार्यों से बचने की सलाह दी जाती है: Adhik Maas 2026 के शक्तिशाली मंत्र इस महीने में मंत्र जप का विशेष महत्व बताया गया है। माना जाता है कि इससे मन शांत होता है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है। 1. विष्णु मंत्र “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय”रोज 108 बार जप करना अत्यंत फलदायी माना जाता है। 2. महामंत्र हरे राम हरे राम, राम राम हरे हरेहरे कृष्ण हरे कृष्ण, कृष्ण कृष्ण हरे हरे 3. शांति मंत्र “शान्ताकारं भुजगशयनं पद्मनाभं सुरेशम्…” Adhik Maas 2026 का महत्व (Human Touch) आज की तेज़ रफ्तार जिंदगी में यह महीना एक तरह से “pause” लेने का मौका देता है। भागदौड़ के बीच कुछ समय अपने मन, विचार और आध्यात्म से जुड़ने का अवसर मिलता है। कई लोग इस महीने में व्रत रखते हैं, पूजा-पाठ बढ़ाते हैं और अपने जीवन में सरलता लाने की कोशिश करते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
WHO

WHO Ebola Warning: कांगो और युगांडा में फैला वायरस, घोषित हुई Health Emergency

अफ्रीका में इबोला वायरस का नया प्रकोप एक बार फिर दुनिया की चिंता बढ़ा रहा है। हालात को देखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इसे Public Health Emergency of International Concern (PHEIC) घोषित कर दिया है, यानी अब यह एक वैश्विक स्वास्थ्य आपात स्थिति बन चुका है। यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो और युगांडा में संक्रमण के मामले तेजी से सामने आ रहे हैं और मौतों की संख्या भी बढ़ रही है। अफ्रीका में कहां फैला है इबोला? ताजा रिपोर्ट्स के अनुसार, संक्रमण के सबसे ज्यादा मामले मध्य और पूर्वी अफ्रीका के दो देशों में मिले हैं: युगांडा में मिले कुछ मरीज हाल ही में कांगो से यात्रा करके आए थे, जिससे क्रॉस-बॉर्डर संक्रमण का खतरा और बढ़ गया है। अब तक क्या है स्थिति? उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक हालात चिंताजनक हैं: इन आंकड़ों ने स्वास्थ्य एजेंसियों को तुरंत कार्रवाई के लिए मजबूर कर दिया है। WHO की चेतावनी क्या कहती है? World Health Organization ने साफ कहा है कि यह स्थिति अब सिर्फ किसी एक देश तक सीमित नहीं है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खतरा बन सकती है। हालांकि WHO ने यह भी स्पष्ट किया है कि फिलहाल यह स्थिति महामारी (pandemic) घोषित नहीं हुई है, लेकिन अगर समय रहते नियंत्रण नहीं किया गया तो हालात बिगड़ सकते हैं। कौन सा वायरस स्ट्रेन जिम्मेदार है? इस बार का प्रकोप Ebola virus disease के Bundibugyo strain से जुड़ा बताया जा रहा है। यह स्ट्रेन अपेक्षाकृत कम पाया जाता है, लेकिन इसे गंभीर और खतरनाक माना जाता है। इबोला कैसे फैलता है? इबोला वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में सीधे संपर्क से फैलता है, खासकर: क्यों बढ़ रही है चिंता? इबोला कोई सामान्य वायरस नहीं है। इसकी वजह से चिंता इसलिए बढ़ जाती है क्योंकि: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Hormuz

Hormuz Strait ईरान लगाएगा Ship Traffic Tax, UAE-Oman के साथ बढ़ा तनाव

मध्य पूर्व से एक बार फिर बड़ी खबर सामने आई है। ईरान ने दुनिया के सबसे अहम समुद्री मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर नया कदम उठाने की तैयारी कर ली है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान यहां एक नया ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम लागू करने के साथ-साथ जहाजों पर “सर्विस टैक्स” लगाने पर भी विचार कर रहा है। इस फैसले को लेकर जहां वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ रही है, वहीं UAE और ओमान के साथ क्षेत्रीय तनाव भी और गहराने की आशंका जताई जा रही है। क्या है ईरान का नया ट्रैफिक सिस्टम प्लान? जानकारी के अनुसार, ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य में: सरल शब्दों में कहा जाए तो इस रूट से गुजरने वाले हर जहाज पर अब अतिरिक्त नियम और खर्च लागू हो सकते हैं। क्यों इतना अहम है Hormuz Strait? Strait of Hormuz सिर्फ एक समुद्री रास्ता नहीं, बल्कि पूरी दुनिया की ऊर्जा सप्लाई की लाइफलाइन माना जाता है। इसी वजह से यहां होने वाली हर हलचल पर पूरी दुनिया की नजर रहती है। UAE और Oman के साथ बढ़ा तनाव ईरान के इस कदम ने क्षेत्रीय तनाव को और हवा दे दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक: हालांकि अभी तक किसी देश की तरफ से आधिकारिक प्रतिक्रिया पूरी तरह स्पष्ट नहीं है, लेकिन हालात पर कड़ी नजर रखी जा रही है। दुनिया पर क्या होगा असर? अगर ईरान यह नया सिस्टम लागू करता है तो इसका असर सिर्फ खाड़ी क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगा: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
West Bengal

West Bengal हावड़ा स्टेशन के बाहर JCB Action, अतिक्रमण पर प्रशासन का बड़ा अभियान

पश्चिम बंगाल (West Bengal) के हावड़ा रेलवे स्टेशन क्षेत्र में प्रशासन ने अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी और सख्त कार्रवाई की है। देर रात चलाए गए इस अभियान में जेसीबी मशीनों की मदद से स्टेशन के बाहर बने अवैध ठेले, दुकानों और फुटपाथ पर किए गए कब्जों को हटाया गया। लंबे समय से थी शिकायतें और जाम की समस्या यह कार्रवाई अचानक नहीं थी, बल्कि लंबे समय से मिल रही शिकायतों और बढ़ती भीड़भाड़ को देखते हुए की गई। हावड़ा स्टेशन देश के सबसे व्यस्त रेलवे स्टेशनों में से एक है, और इसके बाहर लगातार बढ़ते अतिक्रमण की वजह से यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। कई बार ट्रैफिक जाम और पैदल चलने वालों के लिए रास्ता तक बंद हो जाता था। आधी रात चला प्रशासन का अभियान इसी स्थिति को सुधारने के लिए प्रशासन ने देर रात बुलडोजर और जेसीबी के साथ अभियान चलाया, ताकि दिन के समय लोगों की आवाजाही प्रभावित न हो। कार्रवाई के दौरान रेलवे प्रशासन और पुलिस बल मौके पर मौजूद रहे और पूरे क्षेत्र को कुछ समय के लिए घेराबंदी में लिया गया। स्थानीय लोगों को मिली राहत स्थानीय लोगों के अनुसार, स्टेशन के बाहर लंबे समय से अस्थायी दुकानें और अवैध निर्माण खड़े हो गए थे, जिनकी वजह से रोजाना परेशानी बढ़ती जा रही थी। अब इस कार्रवाई के बाद इलाके में काफी राहत महसूस की जा रही है और रास्ते पहले से अधिक साफ और खुला नजर आ रहा है। आगे भी जारी रहेंगे अभियान प्रशासन ने साफ कर दिया है कि यह सिर्फ एक बार की कार्रवाई नहीं है। आने वाले समय में भी ऐसे अतिक्रमण विरोधी अभियान जारी रहेंगे, ताकि रेलवे स्टेशन और उसके आसपास का इलाका पूरी तरह व्यवस्थित और सुरक्षित रखा जा सके। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

About Me

देशहरपल सिर्फ खबरों का मंच नहीं, बल्कि आपकी आवाज़ को सामने लाने का एक सशक्त माध्यम भी है। यहां आपको ताज़ातरीन खबरों के साथ-साथ नौकरी, शिक्षा, और नए भारत की बदलती आर्थिक तस्वीर पर उपयोगी और भरोसेमंद जानकारी मिलेगी।

Phone: +91 9406783569, +91 755 484 8829
Email: support@deshharpal.com
Address : A-23 Sakshi Bunglow Trilanga Near Aura Mall Bhopal M.P

Recent Posts

  • All Post
  • Breaking News
  • Education
  • More News
  • Web Story
  • एंटरटेनमेंट
  • देश-हरपल
  • धर्म-कर्म
  • प्रदेश
  • बिज़नेस
  • वर्ल्ड न्यूज़
  • वीडियो
  • स्पोर्ट्स
    •   Back
    • एक्सक्लूसिव
    • Editorial
    •   Back
    • सोच-विचार
    • हेल्थ
    • ट्रैवल
    • कल्चर
    • एनवायरनमेंट
    • Impact Feature
    •   Back
    • IPL 2026
    • T20 वर्ल्ड कप
    •   Back
    • राशिफल
    • पंचांग
    • पर्व-त्यौहार
    • पूजा-पाठ
    • चैत्र नवरात्रि 2025
    •   Back
    • मध्य प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    •   Back
    • टीवी
    • वेब-सीरीज
    • फिल्म रिव्यू
    • बॉलीवुड
    •   Back
    • लाइफस्टाइल
    •   Back
    • स्टॉक-मार्केट

© 2023 Deshharpal. All Rights Reserved.