अफ्रीका में इबोला वायरस का नया प्रकोप एक बार फिर दुनिया की चिंता बढ़ा रहा है। हालात को देखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इसे Public Health Emergency of International Concern (PHEIC) घोषित कर दिया है, यानी अब यह एक वैश्विक स्वास्थ्य आपात स्थिति बन चुका है।
यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो और युगांडा में संक्रमण के मामले तेजी से सामने आ रहे हैं और मौतों की संख्या भी बढ़ रही है।
अफ्रीका में कहां फैला है इबोला?
ताजा रिपोर्ट्स के अनुसार, संक्रमण के सबसे ज्यादा मामले मध्य और पूर्वी अफ्रीका के दो देशों में मिले हैं:
- डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो
- युगांडा
युगांडा में मिले कुछ मरीज हाल ही में कांगो से यात्रा करके आए थे, जिससे क्रॉस-बॉर्डर संक्रमण का खतरा और बढ़ गया है।
अब तक क्या है स्थिति?
उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक हालात चिंताजनक हैं:
- 80 से ज्यादा संदिग्ध मौतें
- 8 मामलों की लैब में पुष्टि
- 200 से अधिक संदिग्ध केस
इन आंकड़ों ने स्वास्थ्य एजेंसियों को तुरंत कार्रवाई के लिए मजबूर कर दिया है।
WHO की चेतावनी क्या कहती है?
World Health Organization ने साफ कहा है कि यह स्थिति अब सिर्फ किसी एक देश तक सीमित नहीं है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खतरा बन सकती है।
हालांकि WHO ने यह भी स्पष्ट किया है कि फिलहाल यह स्थिति महामारी (pandemic) घोषित नहीं हुई है, लेकिन अगर समय रहते नियंत्रण नहीं किया गया तो हालात बिगड़ सकते हैं।
कौन सा वायरस स्ट्रेन जिम्मेदार है?
इस बार का प्रकोप Ebola virus disease के Bundibugyo strain से जुड़ा बताया जा रहा है। यह स्ट्रेन अपेक्षाकृत कम पाया जाता है, लेकिन इसे गंभीर और खतरनाक माना जाता है।
इबोला कैसे फैलता है?
इबोला वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में सीधे संपर्क से फैलता है, खासकर:
- संक्रमित व्यक्ति के शरीर के तरल पदार्थों से
- बिना सुरक्षा के मेडिकल ट्रीटमेंट के दौरान
- संक्रमित वस्तुओं के संपर्क से
क्यों बढ़ रही है चिंता?
इबोला कोई सामान्य वायरस नहीं है। इसकी वजह से चिंता इसलिए बढ़ जाती है क्योंकि:
- संक्रमण तेजी से गंभीर रूप ले सकता है
- इलाज में देरी जानलेवा साबित हो सकती है
- ग्रामीण और कमजोर स्वास्थ्य व्यवस्था वाले इलाकों में यह तेजी से फैलता है
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