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Peace Talks पर नहीं बनी बात, Putin बोले- अभी नहीं होगी सीधी मुलाकात

रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध के बीच शांति वार्ता को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Putin) को सीधे आमने-सामने बातचीत का प्रस्ताव दिया था, लेकिन रूस ने इस ऑफर को फिलहाल स्वीकार करने से इनकार कर दिया है। क्रेमलिन ने क्या कहा? क्रेमलिन की ओर से कहा गया है कि अभी दोनों नेताओं की सीधी मुलाकात का समय नहीं आया है। रूस का मानना है कि पहले दोनों देशों के अधिकारियों के बीच बातचीत में कुछ ठोस नतीजे निकलने चाहिए, उसके बाद ही राष्ट्रपति स्तर की मीटिंग पर विचार किया जाएगा। लगातार बढ़ रहा है युद्ध का तनाव दरअसल, पिछले कुछ दिनों में रूस और यूक्रेन के बीच तनाव काफी बढ़ गया है। दोनों देशों की तरफ से लगातार ड्रोन और मिसाइल हमलों के दावे किए जा रहे हैं। ऐसे माहौल में जेलेंस्की की शांति वार्ता की पहल को दुनिया उम्मीद की नजर से देख रही थी। दुनिया की नजरें अगले कदम पर यूक्रेन लगातार अमेरिका और यूरोपीय देशों से रूस पर दबाव बनाने की मांग कर रहा है। वहीं कई अंतरराष्ट्रीय नेता चाहते हैं कि दोनों देश बातचीत के जरिए इस लंबे संघर्ष का समाधान निकालें। हालांकि पुतिन के इस फैसले के बाद फिलहाल युद्धविराम की संभावनाएं कमजोर होती नजर आ रही हैं। आगे क्या हो सकता है? राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि अगर जल्द ही कूटनीतिक स्तर पर बातचीत आगे नहीं बढ़ी, तो आने वाले समय में हालात और गंभीर हो सकते हैं। अब दुनिया की नजर इस बात पर टिकी है कि रूस और यूक्रेन के बीच अगला कदम क्या होगा और क्या भविष्य में दोनों नेताओं की मुलाकात संभव हो पाएगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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America-Iran तनाव बढ़ा: अमेरिकी हमले के बाद ईरान ने कुवैत और बहरीन पर दागीं 7 मिसाइलें

America-Iran तनाव बढ़ा: अमेरिकी हमले के बाद ईरान ने कुवैत और बहरीन पर दागीं 7 मिसाइलें

America ने Iran की रडार साइट्स पर बड़ा हमला किया है। इसके जवाब में ईरान ने कुवैत और बहरीन की ओर 7 बैलिस्टिक मिसाइलें दाग दीं। इस हमले के बाद पूरे इलाके में डर और अस्थिरता का माहौल बन गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि लगातार हो रहे हमलों के कारण ईरान की मिसाइल ताकत अब केवल 22% ही बची है। हालांकि ईरान की ओर से इस दावे पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। बताया जा रहा है कि अमेरिका ने ईरान की कई अहम रडार और डिफेंस साइट्स को निशाना बनाया। इन हमलों का मकसद ईरान की सैन्य क्षमता को कमजोर करना था। वहीं जवाबी कार्रवाई करते हुए ईरान ने खाड़ी देशों की ओर मिसाइलें दागीं, जिससे इलाके में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। कुवैत और बहरीन में लोगों के बीच दहशत का माहौल है। कई इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और एयर डिफेंस सिस्टम को सक्रिय कर दिया गया है। स्थानीय नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर दोनों देशों के बीच तनाव इसी तरह बढ़ता रहा, तो इसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और तेल बाजार पर पड़ सकता है। मध्य पूर्व में बढ़ती अशांति से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिंता बढ़ गई है। फिलहाल दुनिया की नजर अमेरिका और ईरान के अगले कदम पर टिकी हुई है। लोग उम्मीद कर रहे हैं कि हालात जल्द सामान्य हों और किसी बड़े युद्ध की स्थिति न बने। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Trump

Trump India Trade Statement: “भारत ने US का फायदा उठाया”, फिर भी बोले – Modi से होगी Deal

अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने भारत-अमेरिका व्यापार को लेकर एक बार फिर बड़ा और चर्चित बयान दिया है। उन्होंने कहा कि भारत ने कई दशकों तक अमेरिका के साथ व्यापार में “फायदा उठाया”, लेकिन अब अमेरिका टैरिफ नीतियों के जरिए अच्छा राजस्व कमा रहा है। इसके बावजूद ट्रम्प ने यह भी साफ किया कि वह भारत के साथ भविष्य में एक बड़ी ट्रेड डील करने के पक्ष में हैं। उनका यह बयान एक बार फिर भारत और अमेरिका के आर्थिक रिश्तों को सुर्खियों में ले आया है। भारत पर ट्रम्प की टिप्पणी क्या है? ट्रम्प ने अपने बयान में भारत-अमेरिका व्यापार संतुलन पर सवाल उठाए। उनके अनुसार: हालांकि, सख्त बयान के बावजूद ट्रम्प ने रिश्तों को पूरी तरह नकारात्मक नहीं बताया। “मोदी की वजह से आगे होगी बड़ी Deal” ट्रम्प ने अपने बयान में यह भी कहा कि वह भारत के साथ बड़े व्यापारिक समझौते के लिए तैयार हैं। उन्होंने इसकी वजह प्रधानमंत्री Narendra Modi के साथ अपने अच्छे संबंधों को बताया। उनके अनुसार: यह बयान राजनीतिक और कूटनीतिक दोनों स्तर पर अहम माना जा रहा है। India-US Trade Relations पर असर भारत और अमेरिका दुनिया की दो बड़ी अर्थव्यवस्थाएं हैं। दोनों देशों के बीच व्यापार लगातार बढ़ रहा है, लेकिन टैरिफ, एक्सपोर्ट और मार्केट एक्सेस को लेकर मतभेद भी समय-समय पर सामने आते रहे हैं। इस बयान के संभावित प्रभाव: राजनीतिक संकेत भी अहम ट्रम्प का बयान केवल आर्थिक नहीं, बल्कि राजनीतिक संदेश भी देता है। एक तरफ उन्होंने भारत पर व्यापार असंतुलन का आरोप लगाया, वहीं दूसरी तरफ मोदी के साथ अपने संबंधों को सकारात्मक बताया। इससे यह संकेत मिलता है कि: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Trump बोले- Iran के सुप्रीम लीडर से मिलकर गर्व होगा

Trump बोले- Iran के सुप्रीम लीडर से मिलकर गर्व होगा

अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने एक बार फिर ईरान को लेकर बड़ा बयान दिया है। ट्रम्प ने कहा कि अगर अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु समझौता (न्यूक्लियर डील) हो जाता है, तो वह ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई से मिलने में गर्व महसूस करेंगे। ट्रम्प का यह बयान ऐसे समय आया है, जब दोनों देशों के बीच लंबे समय से तनाव बना हुआ है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ईरान के यूरेनियम कार्यक्रम को लेकर लगातार नजर बनाए हुए है। ट्रम्प ने यह भी खुलासा किया कि एक समय ऐसा था जब अमेरिका ईरान से यूरेनियम हासिल करने के लिए सेना भेजने पर विचार कर रहा था, लेकिन इसमें काफी बड़ा जोखिम था। ट्रम्प ने क्या कहा? डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि वह हमेशा बातचीत और समझौते के जरिए समाधान निकालने के पक्ष में रहे हैं। उनका मानना है कि अगर सही तरीके से बातचीत हो, तो अमेरिका और ईरान के रिश्तों में सुधार हो सकता है। उन्होंने कहा,“अगर डील होती है और हालात सही रहते हैं, तो ईरान के सुप्रीम लीडर से मिलना मेरे लिए गर्व की बात होगी।” यूरेनियम को लेकर बढ़ी चिंता ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका समेत कई देशों की चिंता लगातार बनी हुई है। अमेरिका को डर है कि ईरान ज्यादा मात्रा में यूरेनियम तैयार कर परमाणु हथियार बनाने की दिशा में आगे बढ़ सकता है। ट्रम्प ने बताया कि अमेरिका ने पहले कई विकल्पों पर विचार किया था। इनमें सैन्य कार्रवाई भी शामिल थी, लेकिन इससे क्षेत्र में बड़ा संघर्ष शुरू होने का खतरा था। यही वजह रही कि उस कदम को आगे नहीं बढ़ाया गया। दुनिया की नजर अमेरिका-ईरान रिश्तों पर अमेरिका और ईरान के बीच रिश्ते पिछले कई सालों से तनावपूर्ण रहे हैं। हालांकि, समय-समय पर बातचीत और समझौते की कोशिशें भी होती रही हैं। ट्रम्प के इस बयान के बाद एक बार फिर दुनिया की नजर दोनों देशों के रिश्तों पर टिक गई है। विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर दोनों देशों के बीच नई परमाणु डील होती है, तो इसका असर पूरी दुनिया की राजनीति और मध्य पूर्व की स्थिति पर पड़ सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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पुतिन

India-Russia Relations: पुतिन बोले- PM मोदी के नेतृत्व में भारत मजबूत और स्वतंत्र देश

दुनिया की बदलती राजनीति के बीच रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का भारत को लेकर दिया गया बयान काफी चर्चा में है। पुतिन ने साफ शब्दों में कहा कि अमेरिका अगर भारत पर दबाव डालने की कोशिश करता है, तो उसका कोई खास असर नहीं होगा। उन्होंने भारत को “महान देश” बताते हुए कहा कि रूस और भारत की दोस्ती मजबूत थी, मजबूत है और आगे भी बनी रहेगी। रूस के राष्ट्रपति का यह बयान ऐसे वक्त आया है, जब भारत एक तरफ अमेरिका के साथ अपने रिश्ते मजबूत कर रहा है, वहीं दूसरी ओर रूस के साथ भी रणनीतिक साझेदारी बनाए हुए है। ‘भारत खुद फैसले लेने वाला देश’ पुतिन ने कहा कि भारत किसी के दबाव में आने वाला देश नहीं है। भारत अपनी विदेश नीति अपने राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखकर तय करता है। यही वजह है कि आज दुनिया के बड़े देश भारत को गंभीरता से लेते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भारत और रूस के बीच वर्षों पुराना भरोसा है, जिसे कोई तीसरा देश कमजोर नहीं कर सकता। US से बढ़ती नजदीकी पर रूस का बड़ा संदेश पिछले कुछ सालों में भारत और अमेरिका के बीच रक्षा, टेक्नोलॉजी और व्यापार के क्षेत्र में सहयोग तेजी से बढ़ा है। लेकिन इसके बावजूद रूस लगातार भारत को अपना करीबी सहयोगी बता रहा है। पुतिन ने संकेत दिए कि भारत और रूस आने वाले समय में ऊर्जा, रक्षा और व्यापार जैसे सेक्टर में नए समझौते कर सकते हैं। खासतौर पर तेल और डिफेंस डील को लेकर दोनों देशों के रिश्ते पहले से ज्यादा मजबूत माने जा रहे हैं। यूक्रेन युद्ध के बाद और बढ़ी भारत की अहमियत यूक्रेन युद्ध के बाद जब पश्चिमी देशों ने रूस पर कई प्रतिबंध लगाए, तब भी भारत ने संतुलित रुख अपनाया। भारत ने अपने हितों को प्राथमिकता देते हुए रूस से तेल खरीद जारी रखी। इसी वजह से रूस कई बार सार्वजनिक मंचों से भारत की तारीफ कर चुका है। पुतिन का ताजा बयान भी इसी भरोसे को दिखाता है। भारत की Foreign Policy क्यों हो रही मजबूत? विशेषज्ञ मानते हैं कि भारत इस समय “Balanced Foreign Policy” पर काम कर रहा है। भारत किसी एक देश पर पूरी तरह निर्भर रहने के बजाय हर बड़े देश के साथ अपने संबंध मजबूत रख रहा है। यही कारण है कि आज भारत अमेरिका, रूस, यूरोप और मध्य पूर्व—सभी के लिए एक अहम साझेदार बन चुका है। दुनिया को क्या संदेश देता है यह बयान? पुतिन का यह बयान सिर्फ दोस्ती दिखाने तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि यह भारत की बढ़ती वैश्विक ताकत का संकेत भी है। इससे साफ होता है कि आने वाले समय में भारत अंतरराष्ट्रीय राजनीति में और बड़ी भूमिका निभा सकता है। भारत की यही स्वतंत्र और संतुलित नीति उसे बाकी देशों से अलग बनाती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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आग का गोला बना Iranian Drone, कुवैत एयरपोर्ट से टकराते ही मचा हड़कंप

आग का गोला बना Iranian Drone, कुवैत एयरपोर्ट से टकराते ही मचा हड़कंप

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच कुवैत एयरपोर्ट के पास उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक Iranian Drone अचानक एयरपोर्ट परिसर के नजदीक आकर टकरा गया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कुछ ही सेकंड में वहां आग का बड़ा गोला दिखाई देने लगा। धमाके की आवाज सुनते ही आसपास मौजूद लोग डरकर इधर-उधर भागने लगे। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ड्रोन के टकराते ही एयरपोर्ट के एक हिस्से की छत को नुकसान पहुंचा। कई लोगों ने बताया कि धमाका इतना तेज था कि जमीन तक हिलती महसूस हुई। घटना के बाद पूरे इलाके में धुआं फैल गया और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत मौके पर पहुंच गईं। हालांकि, राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी यात्री की मौत की खबर सामने नहीं आई है। कुछ लोगों को हल्की चोटें आई हैं, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। एयरपोर्ट प्रशासन ने तुरंत सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी और कुछ समय के लिए उड़ानों की आवाजाही भी प्रभावित रही। मध्य पूर्व में लगातार बढ़ रहे तनाव के कारण इस तरह की घटनाएं चिंता बढ़ा रही हैं। आम लोगों में डर का माहौल है और लोग लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ऐसे हमले बढ़ते हैं तो इसका असर अंतरराष्ट्रीय हवाई सेवाओं और क्षेत्र की सुरक्षा पर पड़ सकता है। फिलहाल कुवैत प्रशासन मामले की जांच में जुटा है और ड्रोन के हमले से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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अमेरिका में IRAN के खिलाफ संभावित सैन्य कार्रवाई को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। अमेरिकी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में एक प्रस्ताव पास किया गया है

IRAN पर हमले को लेकर अमेरिका में घमासान, संसद की मंजूरी बिना सैन्य कार्रवाई रोकने का प्रस्ताव पास

अमेरिका में IRAN के खिलाफ संभावित सैन्य कार्रवाई को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। अमेरिकी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में एक प्रस्ताव पास किया गया है, जिसमें मांग की गई है कि राष्ट्रपति संसद यानी कांग्रेस की मंजूरी के बिना ईरान के खिलाफ कोई सैन्य कार्रवाई न करें। यह प्रस्ताव ऐसे समय में आया है, जब पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने हाल ही में कहा था कि “जंग का फैसला मेरा होगा।” ट्रम्प के इस बयान के बाद अमेरिका की राजनीति में हलचल बढ़ गई थी। संसद की मंजूरी जरूरी बताई गई प्रस्ताव में कहा गया है कि अमेरिका के संविधान के मुताबिक युद्ध या सैन्य कार्रवाई जैसे बड़े फैसलों में कांग्रेस की भूमिका बेहद अहम है। इसलिए किसी भी देश के खिलाफ युद्ध शुरू करने से पहले संसद की अनुमति लेना जरूरी होना चाहिए। कई सांसदों ने चिंता जताई कि बिना मंजूरी के सैन्य कार्रवाई होने पर अमेरिका एक बड़े संघर्ष में फंस सकता है, जिसका असर पूरी दुनिया पर पड़ेगा। ट्रम्प के बयान से बढ़ी चिंता डोनाल्ड ट्रम्प ने हाल ही में कहा था कि अगर जरूरत पड़ी तो ईरान के खिलाफ कार्रवाई का फैसला वह खुद लेंगे। उनके इस बयान के बाद विपक्षी नेताओं ने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया के खिलाफ बताया। विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने से मध्य पूर्व में हालात और बिगड़ सकते हैं। इसका असर तेल की कीमतों और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है। आम लोगों में भी बढ़ी चिंता अमेरिका और ईरान के बीच लगातार बढ़ते तनाव को लेकर दुनियाभर के लोग चिंतित हैं। लोग नहीं चाहते कि एक और बड़ी जंग शुरू हो, क्योंकि इसका असर सिर्फ दो देशों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरी दुनिया को इसकी कीमत चुकानी पड़ सकती है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि संसद में लाया गया यह प्रस्ताव सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश है, ताकि कोई भी बड़ा सैन्य फैसला जल्दबाजी में न लिया जाए। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Kuwait International Airport

Kuwait International Airport पर बड़ा हमला: Missile और Drone Attack के बाद मचा हड़कंप

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच कुवैत से एक बेहद चिंताजनक खबर सामने आई है। बुधवार को कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Kuwait International Airport) पर मिसाइल और ड्रोन हमला हुआ, जिसके पीछे ईरान का हाथ होने की आशंका जताई जा रही है। इस हमले में एयरपोर्ट के Terminal-1 को भारी नुकसान पहुंचा है, जबकि कई लोग घायल बताए जा रहे हैं। घटना के बाद पूरे एयरपोर्ट परिसर में इमरजेंसी लागू कर दी गई और सभी फ्लाइट ऑपरेशन अस्थायी रूप से रोक दिए गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हमला इतना तेज था कि एयरपोर्ट परिसर में अचानक धमाकों की आवाज गूंजने लगी। कुछ ही मिनटों में यात्रियों के बीच अफरा-तफरी मच गई। सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया और एयरपोर्ट खाली करवाना शुरू कर दिया। Terminal-1 पर सबसे ज्यादा असर हमले का सबसे बड़ा असर एयरपोर्ट के Terminal-1 पर देखा गया। शुरुआती रिपोर्ट्स के अनुसार टर्मिनल की कई खिड़कियां टूट गईं, छत और दीवारों को भी नुकसान पहुंचा है। रनवे के आसपास भी मलबा फैल गया, जिससे उड़ानों का संचालन प्रभावित हुआ। एयरपोर्ट प्रशासन ने कहा है कि फिलहाल नुकसान का पूरा आकलन किया जा रहा है। इंजीनियरिंग और सुरक्षा टीमें लगातार मौके पर काम कर रही हैं ताकि हालात को जल्द सामान्य किया जा सके। फ्लाइट्स रोकी गईं, यात्रियों में डर का माहौल हमले के तुरंत बाद कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ान भरने वाली और आने वाली सभी फ्लाइट्स रोक दी गईं। कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को दूसरे देशों के एयरपोर्ट की ओर डायवर्ट किया गया। एयरपोर्ट पर मौजूद यात्रियों ने बताया कि लोग अपने परिवारों से संपर्क करने की कोशिश कर रहे थे और हर तरफ डर का माहौल था। कई एयरलाइंस ने एडवाइजरी जारी करते हुए यात्रियों से एयरपोर्ट आने से पहले फ्लाइट स्टेटस चेक करने की अपील की है। Middle East में बढ़ा तनाव यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब Middle East में पहले से ही तनाव चरम पर है। अमेरिका और ईरान के बीच जारी टकराव के कारण खाड़ी देशों में सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी गई है। कुवैत सरकार ने देशभर में हाई अलर्ट जारी कर दिया है और सेना को तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर हालात जल्द नहीं संभले तो इसका असर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों, तेल बाजार और पूरे खाड़ी क्षेत्र की स्थिरता पर पड़ सकता है। दुनिया की नजर Middle East पर कुवैत एयरपोर्ट पर हुआ यह हमला केवल एक देश तक सीमित मामला नहीं माना जा रहा। अंतरराष्ट्रीय समुदाय लगातार इस स्थिति पर नजर बनाए हुए है। कई देशों ने अपने नागरिकों के लिए ट्रैवल एडवाइजरी भी जारी की है। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह हमला Middle East में किसी बड़े संघर्ष की शुरुआत साबित होगा या फिर कूटनीतिक प्रयास हालात को संभाल लेंगे। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Tariff

Trump का नया ‘Tariff Bomb’: India-China समेत 60 देशों पर बढ़ सकता है Import Tax

अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump एक बार फिर अपने सख्त ट्रेड फैसलों को लेकर चर्चा में हैं। नई रिपोर्ट्स के मुताबिक, Trump प्रशासन भारत और चीन समेत करीब 60 देशों पर 10% से 12.5% तक अतिरिक्त Tariff लगाने की तैयारी कर रहा है। इस प्रस्ताव ने दुनियाभर के कारोबारियों और एक्सपोर्ट सेक्टर की चिंता बढ़ा दी है। अमेरिका का कहना है कि कई देश “forced labour” यानी जबरन मजदूरी से बने उत्पादों को रोकने में पूरी तरह सफल नहीं रहे। इसी वजह से नए टैरिफ लागू करने की योजना बनाई गई है। अगर यह फैसला लागू होता है, तो भारत के कई उद्योगों पर सीधा असर पड़ सकता है। क्या है Trump का नया Tariff Plan? अमेरिकी ट्रेड एजेंसी USTR ने Section 301 के तहत एक नई रिपोर्ट जारी की है। इसमें भारत, चीन, जापान, दक्षिण कोरिया और ब्राजील जैसे देशों पर अतिरिक्त शुल्क लगाने का प्रस्ताव रखा गया है। रिपोर्ट के मुताबिक: Trump पहले भी अपने कार्यकाल में चीन के खिलाफ कई बड़े टैरिफ फैसले ले चुके हैं। अब माना जा रहा है कि अमेरिका फिर से “America First” नीति को आक्रामक तरीके से आगे बढ़ाना चाहता है। भारत पर कितना पड़ेगा असर? भारत और अमेरिका के बीच इस समय ट्रेड डील को लेकर बातचीत चल रही है। ऐसे में यह नया टैरिफ प्लान दोनों देशों के व्यापारिक रिश्तों में तनाव बढ़ा सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत के टेक्सटाइल, लेदर, केमिकल और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर पर इसका असर दिखाई दे सकता है। अमेरिका भारतीय उत्पादों के लिए बड़ा बाजार है, इसलिए अतिरिक्त शुल्क से एक्सपोर्ट महंगा हो सकता है। भोपाल के एक एक्सपोर्ट कारोबारी ने कहा कि अगर अमेरिका यह फैसला लागू करता है, तो छोटे और मध्यम उद्योगों पर सबसे ज्यादा दबाव आएगा। खासकर वे कंपनियां जो अमेरिकी बाजार पर निर्भर हैं। चीन फिर अमेरिका के निशाने पर चीन पहले से ही अमेरिका के साथ लंबे समय से ट्रेड वॉर का सामना कर रहा है। अब नए प्रस्ताव में चीन को भी 12.5% अतिरिक्त टैरिफ वाले देशों की सूची में शामिल किया गया है। जानकारों का कहना है कि इससे वैश्विक सप्लाई चेन और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर पर असर पड़ सकता है। अगर अमेरिका और चीन के बीच तनाव बढ़ता है, तो दुनियाभर के बाजारों में अस्थिरता देखने को मिल सकती है। आखिर क्यों उठाया गया यह कदम? अमेरिका का आरोप है कि कई देशों की सप्लाई चेन में forced labour से जुड़े उत्पाद शामिल हैं। Trump प्रशासन इसे अमेरिकी कंपनियों और मजदूरों के लिए नुकसानदायक मान रहा है। हालांकि कई विशेषज्ञ इसे केवल ट्रेड पॉलिटिक्स का हिस्सा भी बता रहे हैं। उनका कहना है कि अमेरिका इस दबाव के जरिए दूसरे देशों से बेहतर ट्रेड शर्तें हासिल करना चाहता है। अभी लागू नहीं हुआ फैसला फिलहाल यह केवल प्रस्ताव है। अमेरिका ने इस पर सार्वजनिक सुझाव और सुनवाई की प्रक्रिया शुरू की है। आने वाले हफ्तों में कंपनियों, व्यापार संगठनों और आम लोगों से राय ली जाएगी। इसके बाद अंतिम फैसला सामने आएगा। अगर यह टैरिफ लागू होता है, तो आने वाले महीनों में भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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IRAN-AMERICA तनाव बढ़ा: कुवैत और बहरीन में अमेरिकी ठिकानों पर हमला

IRAN-AMERICA तनाव बढ़ा: कुवैत और बहरीन में अमेरिकी ठिकानों पर हमला

IRAN ने कुवैत और बहरीन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर हमला किया। हालांकि अमेरिका का दावा है कि उसकी एयर डिफेंस सिस्टम ने सभी हमलों को नाकाम कर दिया और किसी तरह का बड़ा नुकसान नहीं हुआ। इस घटना के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। कुवैत और बहरीन में रहने वाले लोगों के बीच डर और चिंता का माहौल बन गया है। कई जगहों पर रातभर सायरन बजते रहे और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर रहीं। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, हमले के जवाब में अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट के पास स्थित एक ईरानी आइलैंड को निशाना बनाकर कार्रवाई की। बताया जा रहा है कि यह इलाका रणनीतिक रूप से बेहद अहम माना जाता है। फिलहाल दोनों देशों की ओर से लगातार बयानबाजी जारी है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर हालात इसी तरह बिगड़ते रहे तो इसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। खासतौर पर कच्चे तेल की सप्लाई और कीमतों पर बड़ा असर देखने को मिल सकता है, क्योंकि होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में शामिल है। इस बीच संयुक्त राष्ट्र समेत कई देशों ने दोनों देशों से संयम बरतने की अपील की है। आम लोगों को डर है कि कहीं यह तनाव बड़े युद्ध का रूप न ले ले। मध्य पूर्व में बढ़ते इस तनाव पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है। आने वाले दिनों में अमेरिका और ईरान के अगले कदम हालात तय करेंगे। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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अमरनाथ यात्रा 2026: हाईटेक सुरक्षा कवच में होगी बाबा बर्फानी की यात्रा

Amarnath यात्रा 2026: हाईटेक सुरक्षा कवच में होगी बाबा बर्फानी की यात्रा

Amarnath यात्रा 2026 को लेकर इस बार सुरक्षा व्यवस्था पहले से ज्यादा मजबूत और हाईटेक बनाई जा रही है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने बालटाल मार्ग से लेकर पवित्र अमरनाथ गुफा तक CCTV कैमरों का बड़ा नेटवर्क तैयार किया है। अब यात्रा मार्ग के हर कदम पर नजर रखी जाएगी, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके। प्रशासन के अनुसार, यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में सुरक्षा एजेंसियां इस बार तकनीक का सहारा लेकर पूरी यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने में जुटी हैं। पहाड़ी रास्तों, संवेदनशील इलाकों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर विशेष कैमरे लगाए जा रहे हैं, जो 24 घंटे निगरानी करेंगे। सिर्फ CCTV ही नहीं, बल्कि कंट्रोल रूम से लाइव मॉनिटरिंग की भी व्यवस्था की गई है। सुरक्षा बलों और प्रशासन की टीमें हर गतिविधि पर नजर रखेंगी। अगर कहीं भी कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई देती है, तो तुरंत अलर्ट जारी किया जाएगा। यात्रियों की सुविधा के लिए मेडिकल टीम, आपदा राहत दल और हेल्प सेंटर भी तैनात किए जाएंगे। प्रशासन का कहना है कि इस बार यात्रा को सुरक्षित, व्यवस्थित और श्रद्धालुओं के लिए आसान बनाने पर विशेष फोकस किया जा रहा है। हर साल की तरह इस बार भी देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा अमरनाथ के दर्शन के लिए पहुंचेंगे। ऐसे में हाईटेक सुरक्षा व्यवस्था श्रद्धालुओं को भरोसा और सुरक्षित माहौल देने का काम करेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Himachal में भूकंप के तीन झटकों से दहशत, कई मकान क्षतिग्रस्त; पालमपुर में अस्पताल की छत गिरी

Himachal में भूकंप के तीन झटकों से दहशत, कई मकान क्षतिग्रस्त; पालमपुर में अस्पताल की छत गिरी

Himachal Pradesh में शुक्रवार देर रात और शनिवार सुबह भूकंप के तीन तेज झटकों ने लोगों में दहशत फैला दी। लगातार आए झटकों से लोग डरकर अपने घरों से बाहर निकल आए। कई इलाकों में मकानों में दरारें आ गईं, जबकि कुछ जगहों पर दीवारें और छतें भी क्षतिग्रस्त हो गईं। सबसे ज्यादा असर कांगड़ा और पालमपुर इलाके में देखने को मिला। पालमपुर के एक सरकारी अस्पताल की छत का हिस्सा अचानक गिर गया। हादसे के समय अस्पताल में मरीज और स्टाफ मौजूद थे। गनीमत रही कि किसी की जान नहीं गई, लेकिन लोगों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने बताया कि पहला झटका महसूस होते ही घरों में रखे सामान हिलने लगे। कई लोग डर के कारण पूरी रात घरों के बाहर खुले मैदानों और सड़कों पर बिताने को मजबूर हुए। बच्चों और बुजुर्गों में खासा डर देखने को मिला। प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और प्रभावित इलाकों का निरीक्षण शुरू किया। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और सतर्क रहें। जिन मकानों में दरारें आई हैं, वहां रहने वाले परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा रहा है। भूकंप के झटकों के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। लोग लगातार प्रशासन से अपडेट ले रहे हैं और किसी बड़े नुकसान की आशंका को लेकर चिंतित हैं। मौसम विभाग और आपदा प्रबंधन विभाग हालात पर नजर बनाए हुए हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
CJI Surya Kant

CJI Surya Kant London Event Row: विदेश में लेक्चर के बीच विवाद, भारत का सख्त रुख

लंदन में आयोजित एक अकादमिक कार्यक्रम के दौरान भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत (CJI Surya Kant) के लेक्चर में कथित तौर पर हंगामे की स्थिति बन गई। इस घटना के बाद भारत में कड़ी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है और इसे संस्थागत गरिमा के खिलाफ बताया जा रहा है। London Event में आखिर हुआ क्या? रिपोर्ट्स के अनुसार, लंदन के एक विश्वविद्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम में CJI सूर्यकांत “AI, लोकतंत्र और अंतरराष्ट्रीय कानून” जैसे विषय पर संबोधन दे रहे थे। इसी दौरान कुछ लोगों ने बीच-बीच में सवाल उठाकर और आपत्ति जताकर कार्यक्रम में बाधा डालने की कोशिश की। कुछ देर के लिए माहौल असहज हो गया, हालांकि बाद में कार्यक्रम फिर से सामान्य रूप से आगे बढ़ा। भारत की सख्त प्रतिक्रिया इस घटना के बाद भारत की ओर से तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। भारतीय उच्चायोग ने इसे “असभ्य और अनुचित व्यवहार” बताया और कहा कि ऐसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इस तरह की हरकतें स्वीकार्य नहीं हैं। सरकारी और कूटनीतिक स्तर पर यह संदेश दिया गया कि न्यायपालिका जैसे संवेदनशील संस्थानों से जुड़े कार्यक्रमों में अनुशासन और मर्यादा बनाए रखना बेहद जरूरी है। Freedom of Speech vs Institutional Respect इस पूरे मामले ने एक बार फिर बहस छेड़ दी है कि: कुछ जानकारों का मानना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सवाल उठाना स्वाभाविक है, लेकिन उसे व्यवस्थित और सम्मानजनक तरीके से किया जाना चाहिए। सोशल मीडिया पर भी चर्चा तेज जैसे ही घटना से जुड़े वीडियो सामने आए, सोशल मीडिया पर बहस शुरू हो गई।कुछ लोगों ने इसे अभिव्यक्ति की आज़ादी बताया, तो कुछ ने इसे “अशोभनीय व्यवहार” करार दिया। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Nepal जा रही टूरिस्ट बस डंपर से टकराई, चालक समेत 12 यात्री घायल

Nepal जा रही टूरिस्ट बस डंपर से टकराई, चालक समेत 12 यात्री घायल

उत्तर प्रदेश के अयोध्या जिले में शुक्रवार सुबह एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। Nepal जा रही एक टूरिस्ट बस सामने चल रहे डंपर से टकरा गई। हादसे में बस चालक समेत करीब एक दर्जन यात्री घायल हो गए। हादसे के बाद लखनऊ-अयोध्या मार्ग पर करीब डेढ़ घंटे तक यातायात प्रभावित रहा और सड़क पर लंबा जाम लग गया। जानकारी के मुताबिक, बस में सवार यात्री नेपाल घूमने जा रहे थे। सुबह के समय तेज रफ्तार में चल रही बस अचानक अनियंत्रित होकर डंपर से भिड़ गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बस का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे के बाद यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर घायलों को बस से बाहर निकाला और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस और एंबुलेंस टीम ने घायलों को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। कुछ यात्रियों को मामूली चोटें आई हैं, जबकि चालक समेत कुछ लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। हादसे के चलते लखनऊ-अयोध्या हाईवे पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। पुलिस ने क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त बस और डंपर को सड़क से हटवाया, जिसके बाद करीब डेढ़ घंटे बाद यातायात सामान्य हो सका। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि अगर समय रहते स्थानीय लोग मदद के लिए नहीं पहुंचते, तो हादसा और भी बड़ा हो सकता था। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

‘तुम प्रेग्नेंट कैसे हो सकती हो?’: ट्विशा से समर्थ के सवाल पर टिकी सीबीआई जांच, प्रेग्नेंसी टर्मिनेट विवाद में नए खुलासे

प्रेग्नेंसी टर्मिनेट विवाद मामले में सीबीआई की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। अब एजेंसी की नजर ट्विशा और समर्थ के बीच हुई बातचीत पर है। जांच के दौरान कुछ ऐसे चैट और बातचीत सामने आई हैं, जिन्होंने इस केस को नया मोड़ दे दिया है। समर्थ ने पूछा- यह बच्चा किसका है? सूत्रों के मुताबिक, समर्थ ने ट्विशा से सवाल किया था कि वह प्रेग्नेंट कैसे हो सकती है और यह बच्चा आखिर किसका है। बताया जा रहा है कि इसी बातचीत के बाद दोनों के रिश्तों में तनाव बढ़ गया था। सीबीआई अब इन्हीं सवालों और बातचीत को जांच का अहम हिस्सा मान रही है। डिजिटल सबूत खंगाल रही सीबीआई जांच एजेंसी कॉल रिकॉर्ड, चैट्स और अन्य डिजिटल सबूतों की बारीकी से जांच कर रही है। मामले से जुड़े कई लोगों से पूछताछ भी जारी है। अधिकारियों का मानना है कि दोनों के बीच हुई बातचीत से केस के कई अहम पहलुओं का खुलासा हो सकता है। मानसिक दबाव के एंगल पर भी जांच सीबीआई यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या ट्विशा पर किसी तरह का मानसिक दबाव बनाया गया था। प्रेग्नेंसी टर्मिनेट कराने के पीछे किन परिस्थितियों ने भूमिका निभाई, इस पहलू पर भी जांच की जा रही है। सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस यह मामला सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी लोगों की प्रतिक्रियाएं लगातार सामने आ रही हैं। रिश्तों में भरोसा, जिम्मेदारी और महिलाओं के अधिकारों को लेकर बहस तेज हो गई है। हालांकि परिवार और करीबी लोग फिलहाल खुलकर कुछ भी कहने से बच रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद सामने आएगी सच्चाई सीबीआई अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी जारी है और सभी मेडिकल व डिजिटल रिकॉर्ड्स की गहराई से जांच की जा रही है। एजेंसी का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सकेगी। अधिक जानकारी के लिए इस मामले से जुड़ी हर बड़ी अपडेट और ताजा खबरें पढ़ने के लिए विजिट करें www.deshharpal.com

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