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टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में कोटा से 3 संदिग्ध गिरफ्तार, जिम्मेदारी लेने वाले अनिल पंडित का हरियाणा कनेक्शन

मुंबई में अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग के मामले में पुलिस ने तीन संदिग्धों को राजस्थान के कोटा रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया है। इनमें दो हरियाणा के सोनीपत और एक बिहार का रहने वाला बताया गया है। गिरफ्तार किए गए युवकों में रेहान नाम का युवक और एक नाबालिग भी शामिल है। रेहान के पिता के मुताबिक, उनका बेटा वेल्डिंग का काम सीखने के लिए घर से गया था, लेकिन फिर वापस नहीं लौटा। इस मामले में फायरिंग की जिम्मेदारी लेने वाले गैंगस्टर अनिल पंडित का संबंध हरियाणा के पानीपत जिले के रेरकलां गांव से बताया जा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, वह 2022 में नौकरी के लिए दुबई गया था और 2024 में कथित तौर पर डंकी रूट के जरिए अमेरिका पहुंचा। भारत छोड़ने से पहले उसके खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं था, जबकि पानीपत में अब उसके खिलाफ 10 केस दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। रेहान: सोनीपत में मां के साथ रहता था सोनीपत की ईदगाह कॉलोनी निवासी रिशुद्दीन ने बताया कि रेहान उनका बेटा है। रेहान देवडृू गांव में अपनी मां संसीदा और छोटे भाई के साथ रहता था। उसके वैवाहिक जीवन में विवाद चल रहा था और उसकी पत्नी करीब 10 साल से उससे अलग रह रही थी। परिवार के मुताबिक, रेहान कई साल पहले वेल्डिंग का काम सीखने की बात कहकर घर से निकला था। उसके पिता ने बताया कि उन्हें हाल ही में जानकारी मिली कि उनके बेटे का नाम मुंबई में हुई फायरिंग के मामले से जुड़ा है। अनिल पंडित: पिता पुजारी, परिवार करनाल में रह रहा पानीपत जिले के रेरकलां गांव से मिली जानकारी के अनुसार, अनिल पंडित के पिता कृष्ण लाल पुजारी हैं और मां प्रवेश गृहिणी हैं। अनिल तीन भाई-बहनों में सबसे बड़ा है। उसकी मंझली बहन की शादी हो चुकी है, जबकि छोटे भाई का नाम अभिषेक है। बताया गया है कि अनिल के पिता करीब 10 साल पहले गांव में अपना मकान भाइयों को बेचकर वहां से चले गए थे। फिलहाल परिवार करनाल में रहता है, जबकि अनिल के चाचा और ताऊ रेरकलां गांव में ही रहते हैं। अनिल 12वीं तक पढ़ा है। ग्रामीणों को अनिल के विदेश जाने की ज्यादा जानकारी नहीं थी। हालांकि, मीडिया में उसका नाम सामने आने के बाद गांव के लोगों को उसके अमेरिका में होने की जानकारी मिली। दुबई से अमेरिका पहुंचने के बाद लॉरेंस गैंग से जुड़ने का दावा रिपोर्ट के मुताबिक, अनिल पंडित 2022 में नौकरी के लिए दुबई गया था। इसके बाद 2024 में वह कथित तौर पर डंकी रूट के जरिए अमेरिका पहुंचा। आरोप है कि अमेरिका पहुंचने के बाद वह लॉरेंस गैंग से जुड़ गया और हैरी बॉक्सर के संपर्क में आया। अनिल पंडित ने हाल ही में हरियाणवी गायक दिलेर खरकिया की गाड़ी पर हुई फायरिंग की जिम्मेदारी लेने का दावा भी किया था। हालांकि, इन घटनाओं में उसकी भूमिका और गैंग से जुड़े होने के दावों की पुष्टि संबंधित जांच एजेंसियों के निष्कर्षों के आधार पर ही की जा सकेगी। ऑडियो जारी कर टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग की जिम्मेदारी लेने का दावा टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग की घटना के बाद रविवार रात अनिल पंडित के नाम से एक ऑडियो सामने आया। इसमें उसने खुद को लॉरेंस बिश्नोई का छोटा भाई बताते हुए मुंबई में अभिनेता पर हुए हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया। ऑडियो में हरमन संधू का नाम भी लिया गया। ऑडियो में फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोगों और अभिनेता सलमान खान को धमकी देने की बात भी कही गई। इसमें कथित तौर पर कहा गया कि जो लोग लॉरेंस बिश्नोई के खिलाफ बोलेंगे या सलमान खान के साथ काम करेंगे, उन्हें निशाना बनाया जाएगा। इस तरह की धमकियों और जिम्मेदारी लेने के दावों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है। पुलिस जांच में यह पता लगाया जाएगा कि सामने आए ऑडियो का स्रोत क्या है और फायरिंग की घटना में किन लोगों की वास्तविक भूमिका रही है।
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Imran Khan News: भारत छोड़ने के नोटिस के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंचे एक्टर, OCI Card रद्द करने पर मांगा गया जवाब

Imran Khan News: भारत छोड़ने के नोटिस के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंचे एक्टर, OCI Card रद्द करने पर मांगा गया जवाब

नई दिल्ली: अभिनेता Imran Khan ने भारत छोड़ने के नोटिस को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट का रुख किया है। उन्होंने इस नोटिस को गैरकानूनी बताया है। यह मामला उनके Overseas Citizen of India (OCI) कार्ड को रद्द करने की प्रक्रिया से भी जुड़ा है। अधिकारियों की ओर से इस संबंध में अभिनेता से जवाब मांगा गया है। क्या है पूरा मामला? इमरान खान को भारत छोड़ने से संबंधित नोटिस जारी किया गया है। अभिनेता ने इस नोटिस पर आपत्ति जताते हुए इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी है। उनका कहना है कि यह नोटिस गैरकानूनी है। इस मामले में उनके OCI कार्ड को रद्द करने को लेकर भी सवाल उठे हैं। संबंधित अधिकारियों ने इस संबंध में उनसे जवाब मांगा है। अब इस मामले में हाईकोर्ट की सुनवाई और आगे की कानूनी प्रक्रिया पर नजर रहेगी। क्या होता है OCI Card? OCI यानी Overseas Citizen of India कार्ड भारतीय मूल के विदेशी नागरिकों को भारत में रहने और कई सुविधाओं का लाभ लेने के लिए दिया जाता है। हालांकि, यह भारतीय नागरिकता नहीं है। कुछ कानूनी परिस्थितियों में OCI कार्ड रद्द भी किया जा सकता है। आगे क्या होगा? इमरान खान की याचिका पर हाईकोर्ट में होने वाली कार्यवाही से इस मामले की आगे की दिशा स्पष्ट हो सकती है। फिलहाल, अभिनेता ने नोटिस को चुनौती दी है और OCI कार्ड रद्द करने से जुड़े मामले में जवाब मांगे जाने का मुद्दा भी सामने है। इस मामले में अदालत का रुख और संबंधित अधिकारियों की अगली कार्रवाई अहम होगी।
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Weather Update: केदारनाथ में बर्फबारी से बढ़ी ठंड, राजस्थान-महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में बारिश; यूपी में बाढ़ जैसे हालात

Weather Update: केदारनाथ में बर्फबारी से बढ़ी ठंड, राजस्थान-महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में बारिश; यूपी में बाढ़ जैसे हालात

देश के कई हिस्सों में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के बाद ठंड बढ़ गई है, वहीं राजस्थान में बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। दूसरी ओर, उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। मौसम में आए इस बदलाव का असर पहाड़ी राज्यों से लेकर मैदानी इलाकों तक दिखाई दे रहा है। कहीं बारिश से राहत मिली है, तो कहीं खेतों और रिहायशी इलाकों में पानी भरने से मुश्किलें बढ़ गई हैं। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, अलग-अलग राज्यों में बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। Kedarnath Weather: पहाड़ों पर बर्फबारी, ठंड बढ़ी उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में हालिया बर्फबारी से तापमान में गिरावट आई है। केदारनाथ समेत पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम ठंडा हो गया है। ऊंचाई वाले इलाकों में बदलते मौसम के कारण यात्रियों और स्थानीय लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। हालांकि, केदारनाथ में तापमान माइनस में पहुंचने के दावे की सटीक पुष्टि के लिए ताजा आधिकारिक मौसम रिपोर्ट देखना जरूरी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के चारधाम पूर्वानुमान में 18 अक्टूबर की सुबह संबंधित मार्गों के लिए कोई चेतावनी दर्ज नहीं थी। Rajasthan Weather: बारिश से तापमान में गिरावट राजस्थान के कई इलाकों में बारिश के बाद मौसम सुहावना हुआ है। जयपुर में शनिवार शाम मध्यम से तेज बारिश के कारण प्रमुख सड़कों पर यातायात प्रभावित हुआ। अलवर, दौसा और सीकर में भी बारिश के साथ गरज-चमक दर्ज की गई। माउंट आबू में न्यूनतम तापमान 15.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बारिश के कारण प्रदेश के कुछ हिस्सों में गर्मी से राहत मिली है और तापमान में गिरावट आई है। Maharashtra Weather: कई जिलों में बारिश की संभावना महाराष्ट्र में भी मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। 17 अक्टूबर के पूर्वानुमान में राज्य के 10 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किए जाने की खबर थी। कोंकण और मराठवाड़ा के कुछ हिस्सों में बारिश तथा कुछ क्षेत्रों में गरज-चमक की संभावना जताई गई थी।
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France Protest: महंगाई के खिलाफ फ्रांस में सड़कों पर उतरे लाखों लोग, पेरिस समेत कई शहरों में आगजनी और लूटपाट

France Protest: महंगाई के खिलाफ फ्रांस में सड़कों पर उतरे लाखों लोग, पेरिस समेत कई शहरों में आगजनी और लूटपाट

France में बढ़ती महंगाई और रोजमर्रा की चीजों की महंगी होती कीमतों के खिलाफ 17 अक्टूबर को बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए। राजधानी पेरिस समेत कई शहरों में हजारों लोग सड़कों पर उतरे। शुरुआत में कई जगह प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहे, लेकिन बाद में कुछ इलाकों में हिंसा भड़क गई। दुकानों में लूटपाट, वाहनों में आगजनी और पुलिस के साथ झड़पों की घटनाएं सामने आईं। प्रदर्शनों में शामिल लोगों की संख्या को लेकर सरकार और आयोजकों के आंकड़ों में अंतर है। फ्रांस के गृह मंत्रालय के मुताबिक, देशभर में करीब 5.5 लाख लोगों ने प्रदर्शन किया, जबकि आयोजकों ने यह संख्या लगभग 8 लाख बताई। महंगाई और बढ़ते खर्च के खिलाफ प्रदर्शन फ्रांस में बढ़ती महंगाई, ईंधन की कीमतों और रोजमर्रा की जरूरतों पर बढ़ते खर्च को लेकर लोगों में नाराजगी है। इन प्रदर्शनों में छात्रों, कर्मचारियों और श्रमिक संगठनों से जुड़े लोगों ने हिस्सा लिया। शिक्षा व्यवस्था में सुधार और सार्वजनिक सेवाओं पर खर्च बढ़ाने की मांग भी उठाई गई। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि बढ़ती कीमतों के बीच आम लोगों के लिए घर का खर्च चलाना मुश्किल होता जा रहा है। इसी नाराजगी के चलते कई शहरों में विरोध प्रदर्शन आयोजित किए गए। पेरिस में राष्ट्रपति भवन के पास तनाव राजधानी पेरिस में प्रदर्शन के दौरान कुछ समूहों ने राष्ट्रपति भवन के आसपास के इलाकों तक पहुंचने की कोशिश की। रिपोर्ट्स के मुताबिक, एलिसी पैलेस से कुछ दूरी पर भी तनाव की स्थिति बनी। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर वस्तुएं फेंकीं। वहीं, शहर के कई हिस्सों में वाहनों और अन्य सामान में आग लगाने की घटनाएं हुईं। सुरक्षा कारणों से कुछ मेट्रो स्टेशनों को भी बंद किया गया। कई शहरों में आगजनी और दुकानों में लूटपाट हिंसा की घटनाएं केवल पेरिस तक सीमित नहीं रहीं। मार्सिले, लियोन, लिली और लिमोज जैसे शहरों में भी तोड़फोड़ और आगजनी की खबरें सामने आईं। लियोन में एक पर्यटन कार्यालय में आग लगा दी गई। मार्सिले और लिली में नगर प्रशासन की इमारतों को निशाना बनाया गया। कई शहरों में दुकानों के शीशे तोड़े गए और सामान लूटे जाने की घटनाएं सामने आईं। हालांकि, इन घटनाओं के बीच बड़ी संख्या में लोग महंगाई के खिलाफ शांतिपूर्ण तरीके से भी प्रदर्शन कर रहे थे। हिंसा और तोड़फोड़ में शामिल लोगों की कार्रवाई ने आम प्रदर्शनकारियों की मांगों से ध्यान हटाने की चिंता भी पैदा की। सैकड़ों गिरफ्तार, सरकार ने हिंसा की निंदा की फ्रांस के अधिकारियों के मुताबिक, शुरुआती आधिकारिक अपडेट में देशभर में करीब 400 लोगों की गिरफ्तारी की जानकारी दी गई। बाद में प्रधानमंत्री सेबेस्टियन लेकॉर्नू ने बताया कि गिरफ्तारियों की संख्या बढ़कर 1,200 हो गई थी और करीब 150 पुलिसकर्मी घायल हुए थे। राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने हिंसा, सरकारी इमारतों पर हमलों और दुकानों में लूटपाट की निंदा की। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और हिंसा करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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Kolkata Stampede: कोलकाता भगदड़ में 19 लोगों की मौत, 5 ICU में भर्ती; शाह अस्पताल पहुंचे

Kolkata Stampede: कोलकाता भगदड़ में 19 लोगों की मौत, 5 ICU में भर्ती; शाह अस्पताल पहुंचे

Kolkata में भगदड़ की घटना ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। इस हादसे में 19 लोगों की मौत होने की खबर है, जबकि 5 लोग ICU में भर्ती हैं। घटना के बाद प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई तेज हो गई है। मामले में अब तक 7 आरोपियों को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई है। गृह मंत्री अमित शाह भी घायलों का हाल जानने के लिए अस्पताल पहुंचे। वहीं, इस घटना के बाद पंडाल की व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों पर सवाल उठ रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, जिस पंडाल में यह हादसा हुआ, उसे घटना से दो दिन पहले ही राज्य सरकार की ओर से अवॉर्ड दिया गया था। क्या है Kolkata Stampede की वजह? मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 17 अक्टूबर की शाम उत्तर कोलकाता के चोरबागान सार्वजनिक दुर्गा पूजा पंडाल में भारी भीड़ के बीच भगदड़ मची। उस समय बारिश भी हो रही थी। बताया जा रहा है कि प्रवेश और निकास के रास्तों पर भीड़ बढ़ने से स्थिति बिगड़ गई। एक घोषणा के बाद लोगों में घबराहट फैलने की बात भी सामने आई है। हालांकि, हादसे के सही कारणों की जांच जारी है। 7 लोगों की गिरफ्तारी, सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल पुलिस ने मामले में पूजा समिति से जुड़े पदाधिकारियों समेत 7 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें पंडाल निर्माण, भीड़ प्रबंधन और निजी सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े लोग भी शामिल हैं। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि भीड़ को नियंत्रित करने और लोगों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त इंतजाम किए गए थे या नहीं। +1 घायलों से मिले अमित शाह केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी अस्पताल पहुंचकर घायलों से मिले। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी घटना पर दुख जताया और मृतकों के परिजनों तथा घायलों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की है। राज्य सरकार ने भी पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने और घटना की जांच कराने की बात कही है। दो दिन पहले मिला था पंडाल को अवॉर्ड इस हादसे के बाद चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल को लेकर एक और अहम जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, पश्चिम बंगाल सरकार ने घटना से पहले इस पूजा आयोजन को ‘देवी दुर्गा सम्मान 2026’ से सम्मानित किया था। अब हादसे के बाद पंडाल की सुरक्षा व्यवस्था और आयोजन से जुड़े इंतजामों पर सवाल उठ रहे हैं।
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CJP Protest: हिंदू रक्षा दल पर प्रदर्शनकारियों से मारपीट का आरोप, 150 लोगों को भेजने का दावा

CJP Protest: हिंदू रक्षा दल पर प्रदर्शनकारियों से मारपीट का आरोप, 150 लोगों को भेजने का दावा

दिल्ली में CJP (Cockroach Janta Party) के प्रदर्शन के दौरान हुई मारपीट का मामला लगातार चर्चा में है। हिंदू रक्षा दल के प्रमुख भूपेंद्र तोमर उर्फ पिंकी भैया ने प्रदर्शनकारियों पर हमले को लेकर जिम्मेदारी स्वीकार करने संबंधी बयान दिया है। वहीं, रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि CJP के प्रदर्शनकारियों को सबक सिखाने के लिए हिंदू रक्षा दल की ओर से करीब 150 लोगों को भेजने की बात कही गई थी। 10 अक्टूबर को दिल्ली में हुए प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने प्रदर्शनकारियों के साथ मारपीट की। घटना के वीडियो सामने आने के बाद पुलिस की कार्रवाई और मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों की भूमिका पर भी सवाल उठे हैं। प्रदर्शन के दौरान क्या हुआ? दिल्ली के कनॉट प्लेस और MCD सिविक सेंटर के आसपास CJP समर्थकों के प्रदर्शन के दौरान विवाद हुआ। रिपोर्ट्स के मुताबिक, हिंदू रक्षा दल से जुड़े बताए जा रहे कुछ लोगों ने प्रदर्शनकारियों को धमकाया और उनके साथ मारपीट की। कुछ वीडियो में लोगों को प्रदर्शनकारियों पर हमला करते हुए देखा गया। इस घटना के बाद पुलिस ने चार लोगों को हिरासत में लिया था। आरोपियों की पहचान हिंदू रक्षा दल से जुड़े लोगों के रूप में बताई गई। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए मारपीट की शिकायतों और वीडियो की जांच की। हिंदू रक्षा दल प्रमुख ने क्या कहा? हिंदू रक्षा दल के प्रमुख भूपेंद्र तोमर उर्फ पिंकी भैया ने एक इंटरव्यू में प्रदर्शनकारियों पर हुई हिंसा की जिम्मेदारी स्वीकार की। उन्होंने अपने संगठन की कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा कि CJP के प्रदर्शनकारी माहौल खराब कर रहे थे और पुलिस की कार्रवाई से वे संतुष्ट नहीं थे। उन्होंने यह भी कहा कि संगठन अपने कार्यकर्ताओं की कार्रवाई की जिम्मेदारी लेता है। उनके बयान के बाद प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हिंसा को उचित ठहराने के सवाल पर बहस तेज हो गई है। मारपीट करने वाले व्यक्ति का बयान भी चर्चा में घटना से जुड़े एक व्यक्ति का यह बयान भी चर्चा में आया कि पुलिस उससे खुश रहती है। इस टिप्पणी के बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई घटनाओं के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी को लेकर सवाल उठे हैं। हालांकि, किसी व्यक्ति का दावा अपने आप में पुलिस की भूमिका का प्रमाण नहीं है। इस मामले में घटना के वीडियो, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और पुलिस की जांच महत्वपूर्ण हैं।
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Kota

Kota Accident: राजस्थान में खाटूश्याम जा रही MP की ट्रैवलर नाले में गिरी, 8 की मौत

राजस्थान के कोटा (Kota) में शनिवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे ने मध्य प्रदेश के कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया। भोपाल से खाटूश्यामजी के दर्शन के लिए निकले श्रद्धालुओं से भरी टेम्पो ट्रैवलर दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर अनियंत्रित होकर नाले में जा गिरी। हादसे में 8 लोगों की मौत हो गई, जबकि 17 यात्रियों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। यह दुर्घटना 17 अक्टूबर 2026 की सुबह कोटा जिले के सीमलिया थाना क्षेत्र में कराड़िया टोल प्लाजा के पास हुई। हादसे की खबर मिलते ही पुलिस और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंचे। घायलों को निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया। Rajasthan Road Accident: कैसे हुआ हादसा? प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, टेम्पो ट्रैवलर में करीब 25 से 27 लोग सवार थे। सभी मध्य प्रदेश से राजस्थान के खाटूश्यामजी मंदिर में दर्शन करने जा रहे थे। वाहन दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर कराड़िया टोल प्लाजा के पास पहुंचा, तभी चालक का नियंत्रण बिगड़ गया। ट्रैवलर सड़क किनारे लगी सुरक्षा रेलिंग को पार करते हुए पुलिया से नीचे नाले में जा गिरी। टक्कर इतनी तेज थी कि वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। कुछ यात्री अंदर फंस गए, जिन्हें बाहर निकालने के लिए बचाव दल को काफी मशक्कत करनी पड़ी। खिड़कियां तोड़कर निकाले गए यात्री हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। वाहन में फंसे यात्रियों को बाहर निकालने के लिए स्थानीय लोगों और बचाव दल ने मदद की। कई घायलों को खिड़कियों के शीशे तोड़कर बाहर निकाला गया। नाले में पानी और गाद होने के कारण राहत कार्य में परेशानी आई। दुर्घटनाग्रस्त वाहन को निकालने के लिए क्रेन की मदद भी ली गई। इसके बाद घायलों को एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया गया। 8 लोगों की मौत, 17 घायल इस हादसे में अब तक 8 लोगों की मौत की खबर है। शुरुआती रिपोर्ट्स में मृतकों में पांच महिलाओं के शामिल होने की जानकारी दी गई है। घायलों को कोटा के एमबीएस अस्पताल और न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान को लेकर अलग-अलग रिपोर्ट्स में नाम सामने आए हैं। मृतकों और घायलों की अंतिम आधिकारिक सूची के लिए प्रशासन की पुष्टि महत्वपूर्ण है। ड्राइवर को झपकी आने की आशंका हादसे की शुरुआती जांच में चालक को नींद की झपकी आने की आशंका जताई गई है। हालांकि, दुर्घटना की असली वजह की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। पुलिस हादसे के कारणों का पता लगाने में जुटी है। जांच में यह स्पष्ट करने की कोशिश की जाएगी कि वाहन किस वजह से अनियंत्रित हुआ और दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई। घायलों का हाल जानने अस्पताल पहुंचे अधिकारी घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस और प्रशासन सक्रिय हो गए। कोटा के जिला कलेक्टर पीयूष समारिया और आईजी हरेंद्र महावर के अस्पताल पहुंचने की जानकारी भी सामने आई है। अधिकारियों ने घायलों के उपचार और राहत कार्य से जुड़ी स्थिति का जायजा लिया। MP से खाटूश्यामजी दर्शन के लिए निकले थे श्रद्धालु टेम्पो ट्रैवलर में सवार लोग मध्य प्रदेश से धार्मिक यात्रा पर निकले थे। शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक, यात्रियों में भोपाल और बैतूल क्षेत्र के लोग शामिल थे। दर्शन के लिए निकले इन लोगों के साथ हुए हादसे से उनके परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। कोटा में हुआ यह हादसा लंबी दूरी की यात्राओं के दौरान सड़क सुरक्षा और चालक की पर्याप्त नींद के महत्व की याद दिलाता है। फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और घायलों के उपचार से जुड़ी जानकारी पर नजर बनी हुई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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अभिजीत दिपके

CJP Tiranga March: अभिजीत दिपके के घर पहुंची दिल्ली पुलिस, कनॉट प्लेस में 25 हजार जवान तैनात

दिल्ली में आज, 16 अक्टूबर को CJP के ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च को लेकर माहौल गर्म है। मार्च से पहले दिल्ली पुलिस अभिजीत दिपके के घर पहुंची। वहीं, कनॉट प्लेस और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इलाके में करीब 25 हजार सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की तैयारी है। इस पूरे घटनाक्रम के बीच अब सबकी नजर इस बात पर है कि CJP का प्रस्तावित मार्च आगे किस तरह बढ़ता है। अभिजीत दिपके के घर पहुंची दिल्ली पुलिस CJP के प्रस्तावित मार्च से पहले दिल्ली पुलिस की टीम अभिजीत दिपके के घर पहुंची। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पुलिस ने उन्हें मार्च को लेकर नोटिस दिया। संगठन की ओर से इस कार्रवाई पर सवाल उठाए गए हैं। CJP का कहना है कि वह अपने नेताओं की गिरफ्तारी के विरोध में तिरंगा मार्च निकालना चाहता है। हालांकि, दिल्ली में लागू प्रतिबंधों और सुरक्षा व्यवस्था के चलते कार्यक्रम को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। Connaught Place में कड़ी सुरक्षा, 25 हजार जवान तैनात ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च को देखते हुए कनॉट प्लेस और आसपास के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। रिपोर्ट्स में करीब 25 हजार पुलिसकर्मियों और सुरक्षा बलों की तैनाती का जिक्र है। सेंट्रल पार्क और आसपास के प्रमुख स्थानों पर भी निगरानी रखी जा रही है। प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिबंधात्मक कदम उठाए हैं। सेंट्रल पार्क को 16 और 17 अक्टूबर को बंद रखने की जानकारी भी सामने आई है। ऐसे में कनॉट प्लेस आने-जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। क्यों हो रहा है CJP का ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च? CJP ने इस मार्च का ऐलान अपने नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका की गिरफ्तारी के विरोध में किया है। संगठन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी उठा रहा है। 13 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान CJP समर्थकों ने बैरिकेडिंग पार कर नारेबाजी की थी। इसके बाद पुलिस ने संगठन के कुछ नेताओं को हिरासत में लिया। इसी कार्रवाई के विरोध में CJP ने तिरंगा मार्च निकालने की घोषणा की। SIR विवाद ने बढ़ाई राजनीतिक हलचल इस पूरे विवाद के पीछे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी Special Intensive Revision (SIR) का मुद्दा भी है। CJP और कुछ विपक्षी समूहों ने मतदाता सूची में बदलावों को लेकर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि इस प्रक्रिया से मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। वहीं, चुनाव आयोग की ओर से मतदाता सूची को लेकर निर्धारित प्रक्रिया के तहत काम किए जाने की बात कही जाती रही है। SIR को लेकर राजनीतिक बहस लगातार जारी है और अब यह विवाद सड़कों पर हो रहे प्रदर्शनों तक पहुंच गया है। दिल्ली में Traffic Advisory, लोगों को सतर्क रहने की सलाह मार्च के चलते कनॉट प्लेस और आसपास के इलाकों में ट्रैफिक प्रभावित होने की आशंका है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे घर से निकलने से पहले यातायात संबंधी अपडेट देख लें और जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करें। दिल्ली पुलिस की प्राथमिकता कानून-व्यवस्था बनाए रखना है, जबकि CJP अपने विरोध प्रदर्शन को लेकर आगे बढ़ना चाहता है। ऐसे में शुक्रवार शाम का घटनाक्रम महत्वपूर्ण रहने वाला है। अब आगे क्या होगा? CJP के ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च को लेकर दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था सख्त है। एक तरफ संगठन अपने नेताओं की गिरफ्तारी और SIR के मुद्दे पर विरोध दर्ज कराना चाहता है, तो दूसरी तरफ प्रशासन कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिबंध लागू कर रहा है। अब देखना होगा कि पुलिस की पाबंदियों के बीच मार्च को लेकर क्या स्थिति बनती है और CJP आगे क्या कदम उठाता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Abhijeet Dipke

Abhijeet Dipke Detained: दिल्ली में CJP मार्च से पहले अभिजीत दिपके हिरासत में

दिल्ली में CJP के प्रस्तावित ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च से पहले पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके (Abhijeet Dipke) को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। 16 अक्टूबर को कनॉट प्लेस में होने वाले इस कार्यक्रम को लेकर पहले से ही तनाव का माहौल था। पुलिस की कार्रवाई के बाद CJP के प्रदर्शन और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। CJP ने इस मार्च के जरिए राष्ट्रीय ध्वज के साथ अपनी बात रखने और अपने नेताओं की हिरासत का विरोध करने की योजना बनाई थी। दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस ने कानून-व्यवस्था, यातायात और सार्वजनिक सुरक्षा का हवाला देते हुए कार्यक्रम को लेकर प्रतिबंध लागू किए थे। Latest Update: मार्च से पहले अभिजीत दिपके हिरासत में 16 अक्टूबर को प्रस्तावित मार्च से पहले दिल्ली पुलिस ने अभिजीत दिपके के आवास पर पहुंचकर उन्हें कार्यक्रम में शामिल नहीं होने के संबंध में नोटिस दिया। इसके बाद उन्हें हिरासत में ले लिया गया। पुलिस की कार्रवाई ऐसे समय हुई, जब CJP ने कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च आयोजित करने की घोषणा की थी। पार्टी की योजना राष्ट्रीय ध्वज के साथ जुटकर अपनी मांगों को सामने रखने की थी। इस घटनाक्रम के बाद सवाल उठने लगे हैं कि प्रस्तावित मार्च को लेकर आगे क्या कार्रवाई होगी और CJP अपने प्रदर्शन की रणनीति में कोई बदलाव करेगी या नहीं। हिरासत के बाद की कानूनी स्थिति को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने आने पर तस्वीर और स्पष्ट होगी। CJP के ‘Lehra Do Tiranga’ मार्च पर विवाद क्यों? CJP ने 16 अक्टूबर को शाम 5 बजे कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में तिरंगा मार्च आयोजित करने का ऐलान किया था। पार्टी ने समर्थकों से राष्ट्रीय ध्वज के साथ कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की थी। इस मार्च का उद्देश्य अपने नेताओं की हिरासत के खिलाफ आवाज उठाना और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को आगे बढ़ाना बताया गया था। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने इलाके में लागू प्रतिबंधों और संभावित भीड़ को देखते हुए कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी। प्रशासन की चिंता थी कि बड़ी संख्या में लोगों के एकत्र होने से यातायात और आम लोगों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है। Delhi High Court में भी उठा था मार्च का मुद्दा CJP के प्रस्तावित मार्च को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट में भी मामला पहुंचा था। अदालत के सामने कार्यक्रम से जुड़े प्रतिबंधों और सार्वजनिक व्यवस्था को लेकर सवाल रखे गए थे। अदालती कार्यवाही में पुलिस की जिम्मेदारी, सार्वजनिक स्थान पर कार्यक्रम आयोजित करने और स्थानीय लोगों की सुविधाओं जैसे मुद्दे सामने आए। अदालत की ओर से मार्च पर रोक लगाने का आदेश नहीं दिए जाने और कार्यक्रम की स्पष्ट अनुमति मिलने के बीच अंतर समझना जरूरी है। ऐसे मामलों में किसी प्रदर्शन की वैधता और उसके आयोजन की शर्तें संबंधित आदेशों तथा प्रशासनिक प्रतिबंधों पर निर्भर करती हैं। Saurav Das और Ashutosh Ranka की हिरासत का मामला CJP के प्रदर्शन की पृष्ठभूमि में पार्टी के नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका की हिरासत का मामला भी शामिल है। पार्टी ने अपने नेताओं के खिलाफ हुई कार्रवाई का विरोध किया था और उनके समर्थन में तिरंगा मार्च निकालने की घोषणा की थी। CJP का कहना है कि वह अपने मुद्दों को सार्वजनिक रूप से उठाना चाहती है। वहीं, पुलिस की ओर से कानून-व्यवस्था बनाए रखने और लागू प्रतिबंधों का पालन कराने की बात कही गई है। इसी घटनाक्रम के बीच अभिजीत दिपके को हिरासत में लिए जाने से पार्टी के प्रदर्शन को लेकर विवाद और बढ़ गया है। Gyanesh Kumar के इस्तीफे की मांग क्यों कर रही है CJP? CJP के विरोध प्रदर्शन का एक प्रमुख मुद्दा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा है। पार्टी और कुछ अन्य प्रदर्शनकारी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी Special Intensive Revision (SIR) की प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि मतदाता सूची में नाम हटाए जाने की प्रक्रिया से पात्र मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। इस मुद्दे पर निष्कर्ष निकालने के लिए आधिकारिक आंकड़ों, निर्वाचन आयोग की जानकारी और संबंधित मामलों के तथ्यों को देखना जरूरी है। CJP की मांग और प्रशासन की कार्रवाई के बीच यह विवाद अब दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के अधिकार और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी से भी जुड़ गया है। कनॉट प्लेस में सुरक्षा व्यवस्था सख्त प्रस्तावित मार्च को देखते हुए कनॉट प्लेस और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने और यातायात सुचारु रखने के लिए कदम उठाए। सेंट्रल पार्क को 16 और 17 अक्टूबर को बंद रखे जाने की जानकारी भी सामने आई थी। इस फैसले से आम लोगों की आवाजाही और कार्यक्रम के आयोजन को लेकर सवाल उठे। प्रशासन के सामने सार्वजनिक सुरक्षा बनाए रखने की चुनौती है, जबकि CJP अपने मुद्दों को लोगों तक पहुंचाना चाहती है। ऐसे में आगे की कार्रवाई इस मामले में महत्वपूर्ण होगी। Abhijeet Dipke की हिरासत के बाद अब क्या होगा? अभिजीत दिपके की हिरासत के बाद अब CJP के अगले कदम पर नजर रहेगी। पार्टी अपने नेताओं की हिरासत और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर आगे भी आवाज उठा सकती है। फिलहाल, हिरासत के बाद की कानूनी स्थिति और प्रस्तावित मार्च को लेकर आगे का फैसला महत्वपूर्ण है। इस पूरे मामले ने एक बार फिर यह सवाल सामने रखा है कि सार्वजनिक स्थानों पर प्रदर्शन की अनुमति और शांतिपूर्ण तरीके से विरोध जताने के अधिकार के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Supreme Court

Supreme Court Decision: धर्म बदलने से क्या खत्म होगा आरक्षण? कोर्ट ने साफ की स्थिति

धर्म बदलने के बाद क्या आरक्षण का लाभ मिलता रहेगा? इस सवाल पर सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु से जुड़े एक अहम मामले में अपना फैसला सुनाया है। अदालत ने मद्रास हाई कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा है। यह मामला उन लोगों से जुड़ा है, जिन्होंने हिंदू धर्म छोड़कर इस्लाम अपनाया और इसके बाद पिछड़ा वर्ग (मुस्लिम) यानी Backward Class (Muslim) श्रेणी में आरक्षण का लाभ लेने का दावा किया था। Supreme Court के फैसले के मुताबिक, केवल इस्लाम अपनाने से कोई व्यक्ति तमिलनाडु की अधिसूचित पिछड़ा वर्ग (मुस्लिम) श्रेणी में अपने आप शामिल नहीं हो सकता। इस फैसले ने धर्म परिवर्तन और आरक्षण की पात्रता से जुड़े कानूनी सवालों को फिर चर्चा में ला दिया है। Supreme Court का क्या है पूरा फैसला? सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु सरकार की याचिका पर सुनवाई करते हुए मद्रास हाई कोर्ट के आदेश को बरकरार रखा। हाई कोर्ट ने राज्य सरकार के उस आदेश को रद्द कर दिया था, जिसमें कुछ समुदायों से इस्लाम अपनाने वाले लोगों को Backward Class (Muslim) श्रेणी में आरक्षण देने की व्यवस्था की गई थी। अदालत के फैसले का मुख्य आधार यह है कि किसी व्यक्ति की पहले की जातिगत पहचान के कारण उसे दूसरी धार्मिक श्रेणी में आरक्षण का पात्र अपने आप नहीं माना जा सकता। संबंधित आरक्षण श्रेणी के लिए निर्धारित कानूनी शर्तों को पूरा करना जरूरी है। इस मामले में फैसला तमिलनाडु की विशिष्ट आरक्षण व्यवस्था से जुड़ा है। इसलिए इसे देश में सभी तरह के आरक्षण पर लागू होने वाले एक समान प्रतिबंध के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। कैसे शुरू हुआ धर्म परिवर्तन और Reservation का मामला? इस विवाद की शुरुआत तमिलनाडु सरकार के 9 मार्च 2024 के सरकारी आदेश से हुई थी। इस आदेश के तहत कुछ ऐसे लोगों को पिछड़ा वर्ग (मुस्लिम) श्रेणी में शामिल करने की व्यवस्था की गई थी, जो पहले पिछड़ा वर्ग, अति पिछड़ा वर्ग, विमुक्त समुदाय या अनुसूचित जाति से संबंधित थे और बाद में उन्होंने इस्लाम अपना लिया था। सरकार के इस फैसले को मद्रास हाई कोर्ट में चुनौती दी गई। 25 जून 2026 को हाई कोर्ट ने सरकारी आदेश को रद्द कर दिया। इसके बाद तमिलनाडु सरकार ने इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की। राज्य सरकार का कहना था कि धर्म परिवर्तन करने से किसी व्यक्ति की सामाजिक और शैक्षणिक पिछड़ेपन से जुड़ी परिस्थितियां जरूरी नहीं कि बदल जाएं। इसी आधार पर सरकार ने अपने आदेश का बचाव किया। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने मद्रास हाई कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा। इसके साथ ही इस मामले में सरकार की चुनौती सफल नहीं रही। क्या धर्म बदलने पर खत्म हो जाएगा SC और OBC Reservation? Supreme Court के फैसले के बाद यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या धर्म परिवर्तन करने वाले लोगों को अब किसी भी तरह का आरक्षण नहीं मिलेगा। लेकिन इस मामले को समझते समय अलग-अलग आरक्षण श्रेणियों के नियमों पर ध्यान देना जरूरी है। यह फैसला मुख्य रूप से तमिलनाडु की Backward Class (Muslim) श्रेणी में पात्रता से संबंधित है। इसका अर्थ यह नहीं है कि अदालत ने सभी धर्म परिवर्तन करने वालों के लिए हर प्रकार के आरक्षण पर एक समान रोक लगा दी है। अनुसूचित जाति (SC), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और राज्य की विशेष पिछड़ा वर्ग श्रेणियों के लिए अलग-अलग कानूनी प्रावधान लागू हो सकते हैं। अनुसूचित जाति के दर्जे से जुड़े नियम Constitution (Scheduled Castes) Order, 1950 में दिए गए हैं। वहीं, अन्य श्रेणियों में पात्रता संबंधित कानूनों और अधिसूचनाओं के अनुसार तय होती है। इसलिए किसी व्यक्ति को आरक्षण मिलेगा या नहीं, यह उसकी संबंधित श्रेणी और उस पर लागू कानूनी प्रावधानों पर निर्भर करता है। तमिलनाडु सरकार की दलील क्यों थी अहम? तमिलनाडु सरकार ने अपने आदेश के समर्थन में सामाजिक और शैक्षणिक पिछड़ेपन का मुद्दा उठाया था। सरकार की दलील थी कि धर्म बदलने से किसी व्यक्ति के सामने मौजूद सामाजिक चुनौतियां अपने आप खत्म नहीं हो जातीं। दूसरी ओर, मामले में सवाल यह था कि क्या पुराने जातिगत दर्जे के आधार पर किसी व्यक्ति को मुस्लिम पिछड़ा वर्ग की अधिसूचित श्रेणी में शामिल किया जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने इस विवाद में संबंधित आरक्षण श्रेणी की पात्रता और कानूनी शर्तों के महत्व को रेखांकित किया है। आम लोगों के लिए क्या है इसका मतलब? इस फैसले का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि आरक्षण का लाभ पाने के लिए केवल धर्म परिवर्तन या पुरानी जातिगत पहचान को पर्याप्त नहीं माना जा सकता। संबंधित श्रेणी के नियमों के तहत पात्रता साबित करना जरूरी है। धर्म परिवर्तन और आरक्षण से जुड़े मामलों में सामाजिक परिस्थितियों के साथ-साथ कानूनी प्रावधानों की भी अहम भूमिका होती है। इसी वजह से किसी एक मामले के फैसले को सभी राज्यों और सभी आरक्षण श्रेणियों पर सीधे लागू मानना सही नहीं होगा। फिलहाल, सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु के इस मामले में मद्रास हाई कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा है। यह फैसला धर्म परिवर्तन के बाद आरक्षण की पात्रता को लेकर चल रही कानूनी बहस में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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दिवाली पर 8 नवंबर को होगी मुहूर्त ट्रेडिंग, BSE-NSE ने जारी किया शेड्यूल; जानें पूरा टाइम टेबल

दिवाली और लक्ष्मी पूजन के अवसर पर 8 नवंबर को भारतीय शेयर बाजार में स्पेशल मुहूर्त ट्रेडिंग होगी। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने इसके लिए सर्कुलर जारी कर ट्रेडिंग का समय निर्धारित किया है। इस बार लगातार दूसरे साल मुहूर्त ट्रेडिंग का आयोजन दोपहर में किया जाएगा। जारी शेड्यूल के मुताबिक, मुख्य ट्रेडिंग सेशन दोपहर 2:20 बजे से शाम 3:30 बजे तक चलेगा। इस दौरान निवेशक इक्विटी, कमोडिटी डेरिवेटिव्स, करेंसी डेरिवेटिव्स, इक्विटी फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस और सिक्योरिटीज लेंडिंग एंड बॉरोइंग (SLB) जैसे सेगमेंट में कारोबार कर सकेंगे। मुहूर्त ट्रेडिंग का पूरा टाइम टेबल BSE और NSE की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार, मुहूर्त ट्रेडिंग से जुड़े अलग-अलग सेशन इस प्रकार होंगे। मुहूर्त ट्रेडिंग के दौरान सामान्य कारोबारी दिनों की तरह बाजार खुला नहीं रहता, बल्कि एक्सचेंज निर्धारित समय के लिए विशेष ट्रेडिंग सेशन आयोजित करते हैं। लगातार दूसरे साल दोपहर में होगी ट्रेडिंग भारतीय शेयर बाजार में दिवाली पर मुहूर्त ट्रेडिंग की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है। आमतौर पर यह विशेष सत्र शाम के समय आयोजित किया जाता है, लेकिन लगातार दूसरे साल इसे दोपहर में रखा गया है। पिछले साल भी मुहूर्त ट्रेडिंग दोपहर 1:45 बजे से 2:45 बजे तक हुई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, मार्केट पार्टिसिपेंट्स के अनुरोध पर एक्सचेंजों ने इस बार भी दोपहर का समय निर्धारित किया है। प्री-ओपन सेशन में ऑर्डर देने के नियम रेगुलर प्री-ओपन सेशन के दौरान निवेशकों को ऑर्डर देने और उनमें बदलाव करने के लिए अलग-अलग समय मिलेगा। IPO और रिलिस्टेड शेयरों के लिए अलग समय IPO और दोबारा लिस्ट किए गए शेयरों के लिए स्पेशल प्री-ओपन सेशन दोपहर 2:05 बजे से 2:50 बजे तक निर्धारित किया गया है। इसके आखिरी 10 मिनट में रैंडम क्लोजर होगा। इन शेयरों में कंटीन्यूअस ट्रेडिंग दोपहर 3:05 बजे से शाम 3:30 बजे तक चलेगी। वहीं, इलिक्विड सिक्योरिटीज के लिए एक्सचेंज कॉल ऑक्शन सेशन आयोजित करेंगे। NSE पर ऑर्डर एंट्री दोपहर 2:25 बजे से 3:10 बजे तक होगी। इस प्रक्रिया में आखिरी मिनट के दौरान रैंडम क्लोजर शामिल रहेगा। इसके बाद ऑर्डर मैचिंग की जाएगी। क्या होती है मुहूर्त ट्रेडिंग? मुहूर्त ट्रेडिंग दिवाली के अवसर पर आयोजित होने वाला विशेष शेयर बाजार सत्र है। इसे भारतीय परंपरा में नए वित्तीय वर्ष और शुभ शुरुआत से जोड़कर देखा जाता है। इस दौरान कई निवेशक प्रतीकात्मक रूप से शेयर खरीदते हैं और नए संवत की शुरुआत करते हैं। हालांकि, मुहूर्त ट्रेडिंग भी सामान्य शेयर बाजार कारोबार की तरह जोखिम के अधीन होती है। केवल शुभ समय को देखते हुए निवेश करने के बजाय कंपनी की स्थिति, निवेश के उद्देश्य और जोखिम को ध्यान में रखना जरूरी है।

रायपुर में 6 जगह होगा रावण दहन, खारून नदी में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन पर प्रतिबंध

रायपुर में दशहरा और दुर्गा प्रतिमा विसर्जन को लेकर नगर निगम ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। 20 अक्टूबर को शहर में 6 स्थानों पर रावण दहन किया जाएगा। वहीं, पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए खारून नदी में सीधे दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन करने पर प्रतिबंध रहेगा। प्रतिमाओं को नदी के पास बनाए गए निर्धारित विसर्जन कुंड में ही विसर्जित करना होगा। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) और छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा ने अधिकारियों की समिति गठित की है। समिति को विसर्जन स्थलों पर जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है। रावणभाठा और WRS कॉलोनी में होंगे प्रमुख आयोजन दशहरा पर रावण दहन के प्रमुख आयोजन रावणभाठा और WRS कॉलोनी में होंगे। इसके अलावा चौबे कॉलोनी, राजेंद्र नगर, शंकर नगर और रामकुंड में स्वामी विवेकानंद आश्रम के पास भी रावण दहन किया जाएगा। नगर निगम ने त्योहार के दौरान व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने और पर्यावरण संबंधी निर्देशों का पालन कराने के लिए संबंधित अधिकारियों को जरूरी इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं। विसर्जन के 24 घंटे के भीतर हटाना होगा मलबा नगर निगम के निर्देशों के मुताबिक, प्रतिमा विसर्जन से पहले पूजन सामग्री को अलग करके निर्धारित स्थान पर रखना होगा। विसर्जन कुंड में जमा मलबा, बांस-बल्लियां और अन्य सामग्री 24 घंटे के भीतर बाहर निकालनी होगी, ताकि पानी प्रदूषित न हो। इसके साथ ही ध्वनि और वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए जिला प्रशासन और रायपुर पुलिस कमिश्नरेट के साथ समन्वय बनाकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। विसर्जन कुंड पर रोशनी, फायर ब्रिगेड और चिकित्सा सुविधा की व्यवस्था निगम आयुक्त संबित मिश्रा ने दशहरा आयोजन और विसर्जन कुंड की व्यवस्थाओं के लिए अधिकारियों की समिति बनाई है। इसमें अपर आयुक्त विनोद पांडेय, उपायुक्त स्वास्थ्य जसदेव सिंह बाबरा, जोन-2 के कमिश्नर संतोष पांडेय, जोन-5 के कमिश्नर राकेश शर्मा और जोन-6 की कमिश्नर प्रीति सिंह सहित इंजीनियरिंग और जल विभाग के अधिकारी शामिल हैं। समिति की जिम्मेदारी विसर्जन स्थलों पर शामियाना, रोशनी, माइक, फायर ब्रिगेड और चिकित्सा सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करना है। नगर निगम ने अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ सभी जरूरी इंतजाम प्राथमिकता से पूरे करने के निर्देश दिए हैं।

टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में कोटा से 3 संदिग्ध गिरफ्तार, जिम्मेदारी लेने वाले अनिल पंडित का हरियाणा कनेक्शन

मुंबई में अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग के मामले में पुलिस ने तीन संदिग्धों को राजस्थान के कोटा रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया है। इनमें दो हरियाणा के सोनीपत और एक बिहार का रहने वाला बताया गया है। गिरफ्तार किए गए युवकों में रेहान नाम का युवक और एक नाबालिग भी शामिल है। रेहान के पिता के मुताबिक, उनका बेटा वेल्डिंग का काम सीखने के लिए घर से गया था, लेकिन फिर वापस नहीं लौटा। इस मामले में फायरिंग की जिम्मेदारी लेने वाले गैंगस्टर अनिल पंडित का संबंध हरियाणा के पानीपत जिले के रेरकलां गांव से बताया जा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, वह 2022 में नौकरी के लिए दुबई गया था और 2024 में कथित तौर पर डंकी रूट के जरिए अमेरिका पहुंचा। भारत छोड़ने से पहले उसके खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं था, जबकि पानीपत में अब उसके खिलाफ 10 केस दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। रेहान: सोनीपत में मां के साथ रहता था सोनीपत की ईदगाह कॉलोनी निवासी रिशुद्दीन ने बताया कि रेहान उनका बेटा है। रेहान देवडृू गांव में अपनी मां संसीदा और छोटे भाई के साथ रहता था। उसके वैवाहिक जीवन में विवाद चल रहा था और उसकी पत्नी करीब 10 साल से उससे अलग रह रही थी। परिवार के मुताबिक, रेहान कई साल पहले वेल्डिंग का काम सीखने की बात कहकर घर से निकला था। उसके पिता ने बताया कि उन्हें हाल ही में जानकारी मिली कि उनके बेटे का नाम मुंबई में हुई फायरिंग के मामले से जुड़ा है। अनिल पंडित: पिता पुजारी, परिवार करनाल में रह रहा पानीपत जिले के रेरकलां गांव से मिली जानकारी के अनुसार, अनिल पंडित के पिता कृष्ण लाल पुजारी हैं और मां प्रवेश गृहिणी हैं। अनिल तीन भाई-बहनों में सबसे बड़ा है। उसकी मंझली बहन की शादी हो चुकी है, जबकि छोटे भाई का नाम अभिषेक है। बताया गया है कि अनिल के पिता करीब 10 साल पहले गांव में अपना मकान भाइयों को बेचकर वहां से चले गए थे। फिलहाल परिवार करनाल में रहता है, जबकि अनिल के चाचा और ताऊ रेरकलां गांव में ही रहते हैं। अनिल 12वीं तक पढ़ा है। ग्रामीणों को अनिल के विदेश जाने की ज्यादा जानकारी नहीं थी। हालांकि, मीडिया में उसका नाम सामने आने के बाद गांव के लोगों को उसके अमेरिका में होने की जानकारी मिली। दुबई से अमेरिका पहुंचने के बाद लॉरेंस गैंग से जुड़ने का दावा रिपोर्ट के मुताबिक, अनिल पंडित 2022 में नौकरी के लिए दुबई गया था। इसके बाद 2024 में वह कथित तौर पर डंकी रूट के जरिए अमेरिका पहुंचा। आरोप है कि अमेरिका पहुंचने के बाद वह लॉरेंस गैंग से जुड़ गया और हैरी बॉक्सर के संपर्क में आया। अनिल पंडित ने हाल ही में हरियाणवी गायक दिलेर खरकिया की गाड़ी पर हुई फायरिंग की जिम्मेदारी लेने का दावा भी किया था। हालांकि, इन घटनाओं में उसकी भूमिका और गैंग से जुड़े होने के दावों की पुष्टि संबंधित जांच एजेंसियों के निष्कर्षों के आधार पर ही की जा सकेगी। ऑडियो जारी कर टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग की जिम्मेदारी लेने का दावा टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग की घटना के बाद रविवार रात अनिल पंडित के नाम से एक ऑडियो सामने आया। इसमें उसने खुद को लॉरेंस बिश्नोई का छोटा भाई बताते हुए मुंबई में अभिनेता पर हुए हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया। ऑडियो में हरमन संधू का नाम भी लिया गया। ऑडियो में फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोगों और अभिनेता सलमान खान को धमकी देने की बात भी कही गई। इसमें कथित तौर पर कहा गया कि जो लोग लॉरेंस बिश्नोई के खिलाफ बोलेंगे या सलमान खान के साथ काम करेंगे, उन्हें निशाना बनाया जाएगा। इस तरह की धमकियों और जिम्मेदारी लेने के दावों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है। पुलिस जांच में यह पता लगाया जाएगा कि सामने आए ऑडियो का स्रोत क्या है और फायरिंग की घटना में किन लोगों की वास्तविक भूमिका रही है।

रायपुर में नौकरी छोड़ने की बात पर कैशियर से मारपीट का आरोप, रेस्टोरेंट मालिक और मैनेजर पर FIR

रायपुर में नौकरी छोड़ने की बात कहने पर रेस्टोरेंट के कैशियर के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। कर्मचारी का आरोप है कि उसने रेस्टोरेंट मालिक से कैश का हिसाब करने को कहा और अगले दिन से ड्यूटी पर नहीं आने की बात कही। इससे नाराज होकर मालिक ने मैनेजर के साथ मिलकर उसकी पिटाई कर दी। मारपीट में कर्मचारी के गाल, गले और पीठ पर चोटें आई हैं। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। रात 1:40 बजे कैश के हिसाब को लेकर हुआ विवाद शिकायत के मुताबिक, पीड़ित उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले के बारा थाना क्षेत्र के बवंधर गांव का रहने वाला है। वह बीएससी कर चुका है और रायपुर स्थित गुलाटी बाय एमपीएस किचन रेस्टोरेंट में कैशियर के पद पर काम करता है। घटना 18 अक्टूबर की दरम्यानी रात करीब 1:40 बजे की बताई गई है। रेस्टोरेंट बंद होने के दौरान कर्मचारी ने मालिक विशाल गुलाटी से कैश का हिसाब करने को कहा। उसने यह भी बताया कि वह अगले दिन से ड्यूटी पर नहीं आएगा। आरोप है कि इस बात पर मालिक नाराज हो गया और उसने मैनेजर पारस टंडन को बुलाकर कर्मचारी को ऑफिस में ले जाने के लिए कहा। गाली देने से मना करने पर मारपीट का आरोप कर्मचारी के मुताबिक, ऑफिस में मालिक ने बिना हिसाब किए नौकरी छोड़ने की बात को लेकर उसे अश्लील गालियां दीं। जब उसने गाली देने से मना किया, तो आरोप है कि विशाल गुलाटी और मैनेजर पारस टंडन ने उसे जान से मारने की धमकी दी और हाथ-मुक्कों से पीटना शुरू कर दिया। पीड़ित ने शिकायत में बताया कि मारपीट के दौरान उसके गाल, गले और पीठ पर चोटें आईं। घटना के समय रेस्टोरेंट में काम करने वाले हरिश और बिट्टू भी वहां मौजूद थे। कर्मचारी ने पुलिस से दोनों आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने दर्ज की FIR, जांच जारी पीड़ित की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल मामले में लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है। आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।

ऑफिस में घंटों बैठकर काम करने से बढ़ सकता है गर्दन और कमर दर्द, हर 30-45 मिनट में लें ब्रेक

लगातार कई घंटे तक कुर्सी पर बैठकर कंप्यूटर पर काम करना गर्दन और रीढ़ की हड्डी से जुड़ी समस्याओं का कारण बन सकता है। गलत पॉश्चर, लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठे रहना और शारीरिक गतिविधियों की कमी से गर्दन व कमर दर्द की परेशानी बढ़ सकती है। इससे बचने के लिए हर 30 से 45 मिनट में 5 मिनट का ब्रेक लेना, बैठने की मुद्रा सही रखना और नियमित एक्सरसाइज करना जरूरी है। ये बातें ईपीएफओ के क्षेत्रीय कार्यालय इंदौर में रीढ़ की हड्डी के स्वास्थ्य और देखभाल पर आयोजित संगोष्ठी में स्पाइन सर्जन डॉ. प्रसाद पाटगांवकर ने कहीं। उन्होंने लंबे समय तक टेबल-कुर्सी पर बैठकर काम करने से होने वाली समस्याओं और उनसे बचाव के उपायों की जानकारी दी। कार्यक्रम में क्षेत्रीय आयुक्त रमेश कुमार और अतिरिक्त आयुक्त मोहम्मद शेख भी मौजूद रहे। सही पॉश्चर से कम हो सकता है गर्दन और कमर दर्द का खतरा विशेषज्ञों ने बताया कि ऑफिस में काम करते समय बैठने की मुद्रा का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। कंप्यूटर स्क्रीन को आंखों के स्तर पर रखना चाहिए और गर्दन को ज्यादा झुकाकर काम करने से बचना चाहिए। कीबोर्ड और माउस का इस्तेमाल करते समय हाथों को पर्याप्त सहारा देना भी जरूरी है। इसके अलावा, कमर को सहारा देने वाली लंबर सपोर्ट कुर्सी और आर्म सपोर्ट वाली कुर्सी का इस्तेमाल करने से बैठने की स्थिति बेहतर बनाए रखने में मदद मिल सकती है। लंबे समय तक एक ही मुद्रा में बैठे रहने के बजाय बीच-बीच में उठकर चलना भी फायदेमंद हो सकता है। रोज 20 मिनट एक्सरसाइज करने की सलाह संगोष्ठी में फिजियोथेरेपिस्ट रेहान फ्रांसिस ने सरल व्यायाम और रोजमर्रा की शारीरिक गतिविधियों के जरिए रीढ़ की हड्डी को स्वस्थ रखने के तरीके बताए। उन्होंने गर्दन, कमर और कोर मसल्स को मजबूत बनाने वाली एक्सरसाइज को दिनचर्या में शामिल करने पर जोर दिया। विशेषज्ञों ने सलाह दी कि योग और एक्सरसाइज की शुरुआत धीरे-धीरे करनी चाहिए। अचानक बहुत ज्यादा व्यायाम करने से बचना चाहिए, ताकि शरीर पर अनावश्यक दबाव न पड़े। रीढ़ की हड्डी के स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना उद्देश्य कार्यक्रम का उद्देश्य रीढ़ की हड्डी के स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना और कामकाजी लोगों को गर्दन व कमर से जुड़ी समस्याओं से बचाव के उपाय बताना था। अंत में कौशलेंद्र सिंह सेंगर ने अतिथियों, विशेषज्ञों और कार्यक्रम में उपस्थित लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।

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