आपका चैनल --
ताज़ा खबर
BREAKINGप्रदेशUjjain में बनेगी Malakhamb Academy, 111 करोड़ के Project से खिलाड़ियों को मिलेंगी World-Class सुविधाएंBREAKINGदेश-हरपलIndia-Belgium Partnership: जोरावर Tank बना नई दोस्ती की पहचान, कई अहम MoU पर सहमतिBREAKINGदेश-हरपलNepal Flood के बीच बड़ा Earthquake: Tibet में 5.1 Magnitude के झटके, अब तक 1,273 लोगों की मौतBREAKINGमध्य प्रदेशजन्माष्टमी और गोगा नवमी पर इंदौर में ट्रैफिक व्यवस्था बदली, राजबाड़ा जाने से पहले जान लें ये रूटBREAKINGछत्तीसगढ़बिलासपुर हिंसा मामले में फरार राम सिंह का वीडियो आया सामने, कहा- जल्द करूंगा सरेंडरBREAKINGबिज़नेसStock Market Today: Sensex में 100 अंक की तेजी, 76,600 के पार; Banking-Metal Stocks में खरीदारीBREAKINGमध्य प्रदेशगुना की मुस्कान रघुवंशी का महिला हॉकी अकादमी ग्वालियर में चयन, गोलकीपर के रूप में बनाई खास पहचानBREAKINGबिज़नेसGold-Silver Price Today: सोने के भाव में फिर बड़ा Jump, ₹1.54 लाख के करीब पहुंचा 10 ग्राम GoldBREAKINGप्रदेशUjjain में बनेगी Malakhamb Academy, 111 करोड़ के Project से खिलाड़ियों को मिलेंगी World-Class सुविधाएंBREAKINGदेश-हरपलIndia-Belgium Partnership: जोरावर Tank बना नई दोस्ती की पहचान, कई अहम MoU पर सहमतिBREAKINGदेश-हरपलNepal Flood के बीच बड़ा Earthquake: Tibet में 5.1 Magnitude के झटके, अब तक 1,273 लोगों की मौतBREAKINGमध्य प्रदेशजन्माष्टमी और गोगा नवमी पर इंदौर में ट्रैफिक व्यवस्था बदली, राजबाड़ा जाने से पहले जान लें ये रूटBREAKINGछत्तीसगढ़बिलासपुर हिंसा मामले में फरार राम सिंह का वीडियो आया सामने, कहा- जल्द करूंगा सरेंडरBREAKINGबिज़नेसStock Market Today: Sensex में 100 अंक की तेजी, 76,600 के पार; Banking-Metal Stocks में खरीदारीBREAKINGमध्य प्रदेशगुना की मुस्कान रघुवंशी का महिला हॉकी अकादमी ग्वालियर में चयन, गोलकीपर के रूप में बनाई खास पहचानBREAKINGबिज़नेसGold-Silver Price Today: सोने के भाव में फिर बड़ा Jump, ₹1.54 लाख के करीब पहुंचा 10 ग्राम Gold

NE

News Elementor

Banner

Latest Posts

Jitendra Mishra

Operation Sindoor के कमांडर अब Ram Mandir के CEO, Jitendra Mishra की नई भूमिका

राम मंदिर से जुड़ी व्यवस्थाओं को लेकर एक बड़ा प्रशासनिक फैसला सामने आया है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने पूर्व एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा (Jitendra Mishra) को राम मंदिर का पहला Chief Executive Officer (CEO) नियुक्त किया है। भारतीय वायुसेना में लंबे समय तक सेवाएं देने वाले मिश्रा अब अयोध्या में मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्था संभालेंगे। जीतेंद्र मिश्रा का नाम इसलिए भी खास है क्योंकि वह भारतीय वायुसेना की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। वह Western Air Command के प्रमुख रह चुके हैं और Operation Sindoor के दौरान भी पश्चिमी क्षेत्र में वायुसेना की कमान उनके पास थी। देवरिया से Air Force की ऊंची कमान तक का सफर उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के भोपतपुरा गांव से आने वाले जीतेंद्र मिश्रा ने भारतीय वायुसेना में करीब चार दशक का करियर बनाया। सैन्य सेवा के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया और अंत में वायुसेना की शीर्ष कमान में शामिल हुए। उनका सफर इसलिए भी प्रेरणादायक माना जा रहा है कि अब सैन्य जीवन के बाद उन्हें देश के सबसे चर्चित धार्मिक स्थलों में से एक की व्यवस्था की जिम्मेदारी मिली है। Operation Sindoor के दौरान भी संभाली थी कमान जीतेंद्र मिश्रा उस समय Western Air Command का नेतृत्व कर रहे थे, जब Operation Sindoor हुआ। इस दौरान पश्चिमी मोर्चे पर वायुसेना की ऑपरेशनल जिम्मेदारियां बेहद अहम थीं। सैन्य क्षेत्र में उनके अनुभव और बड़े स्तर पर ऑपरेशन को संभालने की क्षमता को देखते हुए राम मंदिर ट्रस्ट की ओर से उन्हें CEO की जिम्मेदारी देना महत्वपूर्ण माना जा रहा है। Ram Mandir CEO के तौर पर क्या होगी जिम्मेदारी? अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण और विस्तार के साथ यहां आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। ऐसे में मंदिर की व्यवस्थाओं को व्यवस्थित तरीके से चलाना अपने आप में बड़ी चुनौती है। CEO के तौर पर जीतेंद्र मिश्रा के सामने मंदिर की administrative management, श्रद्धालुओं की सुविधाएं, अलग-अलग एजेंसियों के बीच coordination और रोजमर्रा के संचालन को बेहतर बनाने जैसी जिम्मेदारियां होंगी। उनका सैन्य अनुभव खास तौर पर बड़े स्तर पर लोगों और संसाधनों के प्रबंधन में काम आ सकता है। ट्रस्ट में professional management पर जोर राम मंदिर ट्रस्ट की ओर से पूर्व वरिष्ठ सैन्य अधिकारी को CEO की जिम्मेदारी दिया जाना मंदिर प्रशासन में professional management की बढ़ती भूमिका का संकेत माना जा रहा है। मंदिर अब केवल एक धार्मिक स्थल नहीं रह गया है। हर दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु अयोध्या पहुंच रहे हैं। ऐसे में सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन, सुविधाएं और प्रशासनिक समन्वय को मजबूत रखना लगातार जरूरी होता जा रहा है। जीतेंद्र मिश्रा के अनुभव से ट्रस्ट को इन व्यवस्थाओं को और बेहतर तरीके से संचालित करने की उम्मीद है। अब अयोध्या में नई भूमिका एक ओर देवरिया के भोपतपुरा गांव से निकलकर भारतीय वायुसेना की शीर्ष जिम्मेदारियों तक पहुंचने वाले जीतेंद्र मिश्रा का सैन्य सफर उल्लेखनीय रहा है, वहीं अब उनकी नई भूमिका भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। Air Marshal से Ram Mandir CEO तक का यह सफर जीतेंद्र मिश्रा के करियर का एक नया अध्याय है। अब नजर इस बात पर होगी कि उनके नेतृत्व में राम मंदिर की प्रशासनिक और श्रद्धालु सुविधाओं से जुड़ी व्यवस्थाओं में किस तरह के बदलाव देखने को मिलते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Uttarakhand

Monsoon चार राज्यों में बारिश का कहर, Uttarakhand में मौतें; Chitrakoot की 400 दुकानें पानी में डूबीं

देश के कई हिस्सों में मानसून अब राहत से ज्यादा परेशानी का कारण बनता दिख रहा है। उत्तराखंड में तेज बारिश, भूस्खलन और नदियों के उफान ने हालात बिगाड़ दिए हैं। वहीं उत्तर प्रदेश में गंगा और यमुना का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। मध्य प्रदेश के चित्रकूट में मंदाकिनी नदी के उफान ने रामघाट इलाके को अपनी चपेट में ले लिया है। दूसरी ओर, उन्नाव में भारी बारिश के बीच Ganga Expressway का हिस्सा फिर धंसने से सड़क निर्माण और जल निकासी व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। Uttarakhand Rain: बारिश ने मचाई तबाही उत्तराखंड (Uttarakhand) में मंगलवार को हुई भारी बारिश ने कई इलाकों में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। भूस्खलन, मकान की दीवार गिरने और तेज बहाव जैसी घटनाओं में कम से कम 7 लोगों की मौत की रिपोर्ट है। अल्मोड़ा में मकान की दीवार गिरने से तीन लोगों की जान गई, जबकि देहरादून में तेज बहाव के कारण एक वाहन के बहने की घटना भी सामने आई। देहरादून-मसूरी हाईवे पर भी भूस्खलन से आवाजाही प्रभावित हुई। मौसम की गंभीर स्थिति को देखते हुए IMD ने बुधवार को देहरादून, नैनीताल और बागेश्वर में Orange Alert जारी किया है। राज्य के बाकी जिलों के लिए Yellow Alert रखा गया है। प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी है। Bihar Flood: नदियों के बढ़ते जलस्तर से बढ़ी चिंता बिहार में भी लगातार बारिश के बीच बाढ़ का खतरा बढ़ रहा है। गंगा समेत प्रमुख नदियों के जलस्तर पर प्रशासन की नजर है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है और संभावित बाढ़ को देखते हुए स्थानीय स्तर पर तैयारियां तेज की जा रही हैं। उत्तर भारत में लगातार बारिश का असर नदियों के जलस्तर पर साफ दिखाई दे रहा है। ऐसे में बिहार के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आने वाले दिनों में स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो सकती है। UP में Ganga Expressway फिर धंसा उत्तर प्रदेश में बारिश का असर अब बड़े सड़क प्रोजेक्ट पर भी दिखाई दे रहा है। उन्नाव में Ganga Expressway के रैंप का एक हिस्सा भारी बारिश के बाद धंस गया। घटना ने एक्सप्रेसवे की मजबूती और बारिश के पानी की निकासी को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। बारिश के दौरान सड़क के नीचे की मिट्टी खिसकने की आशंका जताई जा रही है। फिलहाल संबंधित टीमें मौके पर स्थिति संभालने में जुटी हैं। इस घटना के बाद एक्सप्रेसवे की ड्रेनेज व्यवस्था और निर्माण गुणवत्ता की जांच की मांग भी उठ सकती है। Varanasi में Ganga Warning Mark के पार वाराणसी में गंगा का जलस्तर Warning Mark से ऊपर पहुंच गया है। इसके बाद प्रशासन ने निचले इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है। लगातार बढ़ता जलस्तर बाढ़ की आशंका को मजबूत कर रहा है और प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव की तैयारियां की जा रही हैं। शहर के कुछ निचले हिस्सों में पानी भरने से लोगों की परेशानी बढ़ी है। प्रशासन लोगों से नदी और जलभराव वाले इलाकों में सावधानी बरतने की अपील कर रहा है। Chitrakoot Flood: मंदाकिनी के उफान से 400 दुकानें डूबीं मध्य प्रदेश के चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने से रामघाट और आसपास के इलाकों में बाढ़ जैसे हालात हैं। रिपोर्टों के मुताबिक घाट क्षेत्र की करीब 400 दुकानें पानी में डूब गई हैं। कई निचले इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की कार्रवाई भी की जा रही है। चित्रकूट में नदी का पानी बढ़ने से स्थानीय कारोबारियों को भारी नुकसान की चिंता है। जिन दुकानों पर रोजाना श्रद्धालुओं और पर्यटकों की आवाजाही रहती थी, वहां अब पानी जमा है। इससे स्थानीय व्यापार और सामान्य जनजीवन दोनों प्रभावित हुए हैं। चार राज्यों में बारिश बनी बड़ी चुनौती उत्तराखंड में बारिश और भूस्खलन से जान-माल का नुकसान हुआ है। बिहार में नदियों के बढ़ते जलस्तर से बाढ़ की चिंता है। उत्तर प्रदेश में गंगा-यमुना का पानी बढ़ रहा है और गंगा एक्सप्रेसवे पर सड़क धंसने की घटना सामने आई है। वहीं चित्रकूट में मंदाकिनी के उफान ने सैकड़ों दुकानदारों की मुश्किल बढ़ा दी है। फिलहाल प्रशासन और राहत एजेंसियां संवेदनशील इलाकों पर नजर बनाए हुए हैं। मौसम विभाग के अलर्ट के बीच लोगों को नदी, नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी जा रही है। बारिश का यह दौर सिर्फ मौसम की खबर नहीं है, बल्कि कई इलाकों में लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी और कारोबार पर सीधा असर डाल रहा है। आने वाले दिनों में नदियों के जलस्तर और मौसम की स्थिति पर सभी की नजर बनी रहेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
CJP

Jantar Mantar FIR Case: प्रदर्शनकारियों को SC से राहत, CJP ने Delhi March टाला

जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज FIR को खत्म करने का रास्ता साफ कर दिया है। कोर्ट के इस फैसले के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने 5 सितंबर को प्रस्तावित दिल्ली मार्च भी वापस ले लिया। संगठन ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि वह अब इस मार्च का आयोजन नहीं करेगा। यह पूरा मामला जुलाई में हुए जंतर-मंतर प्रदर्शन से जुड़ा है। प्रदर्शन के दौरान दर्ज FIR को वापस लेना आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगों में शामिल था। बाद में इसी मुद्दे को लेकर CJP ने 5 सितंबर को इंडिया गेट से नई दिल्ली पुलिस मुख्यालय तक मार्च निकालने का ऐलान किया था। सुप्रीम कोर्ट के फैसले से प्रदर्शनकारियों को राहत सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार और संबंधित राज्यों की ओर से प्रदर्शन से जुड़ी FIR वापस लेने को लेकर आवेदन किया गया था। सुनवाई के दौरान इन मामलों को खत्म करने का रास्ता निकाला गया। रिपोर्टों के मुताबिक, दिल्ली में जंतर-मंतर और आसपास हुए प्रदर्शन से संबंधित करीब 13 FIR को आगे नहीं बढ़ाने की बात सामने आई। कुछ ऐसे लोगों के मामले अलग रखे गए हैं, जिनके खिलाफ पहले से गंभीर आपराधिक मामले होने की जानकारी दी गई थी। इस फैसले के बाद आंदोलन से जुड़े प्रदर्शनकारियों को बड़ी कानूनी राहत मिली है। लंबे समय से FIR वापसी की मांग कर रहे संगठन के लिए इसे महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। 5 सितंबर का Delhi March क्यों किया गया था? CJP ने 24 अगस्त को 5 सितंबर को दिल्ली में शांतिपूर्ण मार्च निकालने का ऐलान किया था। प्रस्तावित मार्च इंडिया गेट से नई दिल्ली पुलिस मुख्यालय तक होना था। संगठन का आरोप था कि 25 जुलाई को आंदोलन वापस लेने के दौरान सरकार की ओर से किए गए कुछ आश्वासनों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। CJP ने खास तौर पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज FIR वापस लेने और आंदोलन से जुड़े अन्य मुद्दों पर सरकार से कार्रवाई की मांग की थी। संगठन ने कहा था कि अगर वादे पूरे नहीं हुए तो वह फिर से सड़कों पर उतरेगा। पहले SC ने मार्च पर रोक लगाने से किया था इनकार इस मामले में घटनाक्रम तेजी से बदला। 31 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने CJP के 5 सितंबर के प्रस्तावित मार्च पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। अदालत ने कहा था कि फिलहाल ऐसा कोई ठोस आधार नहीं है जिससे यह माना जाए कि प्रदर्शन के दौरान अनिवार्य रूप से अप्रिय स्थिति पैदा होगी। कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी प्रशासन पर छोड़ी गई थी। लेकिन इसके अगले ही दिन मामला अलग दिशा में चला गया। 1 सितंबर की सुनवाई के दौरान केंद्र के आश्वासन और कोर्ट के आदेश के बाद CJP ने खुद 5 सितंबर के मार्च को वापस लेने की घोषणा कर दी। CJP ने क्यों बदला फैसला? सुप्रीम कोर्ट में CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने बताया कि केंद्र सरकार के सकारात्मक आश्वासन और अदालत के आदेश को देखते हुए संगठन ने मार्च वापस लेने का फैसला किया है। यानी जिस मुद्दे को लेकर दोबारा सड़क पर उतरने की तैयारी थी, उसमें कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद फिलहाल टकराव की स्थिति टल गई है। CJI ने भी सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के सकारात्मक रवैये और बातचीत के महत्व पर जोर दिया। अदालत की टिप्पणी का संदेश साफ था कि खुले मन से बातचीत हो तो विवाद का समाधान निकाला जा सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
SCO Summit

SCO Summit: बिना तय Meeting मिले Modi और Xi Jinping, हाथ मिलाकर हुई बातचीत

SCO Summit 2026 में मंगलवार को उस वक्त सबकी नजरें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग पर टिक गईं, जब दोनों नेता बिना किसी तय Bilateral Meeting के आमने-सामने आए। दोनों ने हाथ मिलाया और कुछ देर बातचीत भी की। यह मुलाकात उस समय हुई, जब SCO नेताओं की Group Photo के लिए सभी नेता एक साथ जुट रहे थे। भारत और चीन के रिश्तों में कई मुद्दों को लेकर उतार-चढ़ाव के बीच मोदी और जिनपिंग की यह छोटी लेकिन अहम मुलाकात चर्चा में आ गई। हालांकि, दोनों नेताओं के बीच अलग से कोई औपचारिक द्विपक्षीय बैठक तय नहीं थी। रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों नेता थोड़ी देर साथ चले और फिर SCO कार्यक्रम के लिए आगे बढ़े। Terrorism पर PM Modi का दो टूक संदेश SCO Summit के मंच से प्रधानमंत्री मोदी ने आतंकवाद को लेकर भारत का रुख एक बार फिर साफ किया। उन्होंने कहा कि इस गंभीर मुद्दे पर देशों को Double Standards नहीं अपनाने चाहिए। आतंकवाद के खिलाफ सभी देशों को एक आवाज में खड़ा होना होगा। मोदी ने कहा कि आतंकवाद को किसी भी देश की Strategic Asset के तौर पर स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने आतंकवाद के पूरे ecosystem को खत्म करने की जरूरत बताई और आतंकियों को पनाह या समर्थन देने वालों के खिलाफ सख्त संदेश देने की बात कही। प्रधानमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया, जब SCO की बैठक में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ भी मौजूद थे। भारत लंबे समय से cross-border terrorism, terror financing और radicalisation के खिलाफ कड़े अंतरराष्ट्रीय सहयोग की मांग करता रहा है। मोदी और जिनपिंग की मुलाकात ने खींचा ध्यान SCO Summit की Group Photo से पहले मोदी और शी जिनपिंग के बीच हुई बातचीत भले ही कुछ समय की रही, लेकिन इसकी तस्वीरें और वीडियो तेजी से चर्चा में आ गए। दोनों नेताओं ने हाथ मिलाया और बातचीत करते हुए कार्यक्रम स्थल की ओर बढ़े। यह मुलाकात इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि SCO जैसे बहुपक्षीय मंच पर भारत और चीन दोनों की महत्वपूर्ण भूमिका है। ऐसे में दोनों नेताओं का सहज अंदाज में मिलना कूटनीतिक नजरिए से भी देखा जा रहा है। Putin से भी मिले PM Modi SCO Summit के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से भी मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय बातचीत में व्यापार, ऊर्जा सुरक्षा, उर्वरक आपूर्ति और क्षेत्रीय हालात जैसे मुद्दे चर्चा में रहे। यूक्रेन और पश्चिम एशिया में जारी संघर्षों पर भी बातचीत हुई। भारत की कोशिश इस Summit में सुरक्षा के साथ-साथ connectivity, energy security और economic cooperation जैसे मुद्दों को आगे बढ़ाने की भी रही। Iran के राष्ट्रपति से भी अहम बातचीत प्रधानमंत्री मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन से भी मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच व्यापार और आर्थिक सहयोग के अलावा क्षेत्रीय तनाव पर चर्चा हुई। मोदी ने संघर्ष के बीच civilians और civilian infrastructure की सुरक्षा तथा समुद्री मार्गों पर freedom of navigation बनाए रखने की जरूरत पर जोर दिया। SCO Summit में भारत की प्राथमिकताएं साफ बिश्केक में हो रहे SCO Summit में भारत ने Security, Connectivity और Opportunity को अपनी प्रमुख प्राथमिकताओं में रखा है। आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई के साथ-साथ terror financing, radicalisation और क्षेत्रीय connectivity जैसे मुद्दे भी चर्चा के केंद्र में हैं। कुल मिलाकर, SCO Summit में PM Modi और Xi Jinping की अचानक हुई मुलाकात भले ही छोटी रही, लेकिन इसने भारत-चीन रिश्तों को लेकर नई चर्चा जरूर छेड़ दी है। वहीं आतंकवाद पर मोदी के सख्त बयान ने यह साफ कर दिया कि भारत इस मुद्दे पर Zero Tolerance और बिना किसी दोहरे मानदंड के साथ आगे बढ़ने की बात करता रहेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
GDP Growth

7.8% GDP Growth से मजबूत हुआ भारत, PM Modi की अपील- जरूरत न हो तो Gold न खरीदें

दुनिया इस वक्त कई तरह के संकटों से जूझ रही है। कहीं युद्ध का असर है तो कहीं आर्थिक अनिश्चितता और महंगाई ने चिंता बढ़ा रखी है। ऐसे माहौल में भारत की अर्थव्यवस्था ने उम्मीद जगाने वाली तस्वीर पेश की है। देश की GDP Growth पहली तिमाही में 7.8% रही। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे देश के करोड़ों लोगों की मेहनत और सामूहिक प्रयास का नतीजा बताया। लेकिन GDP के इस आंकड़े के साथ पीएम मोदी का एक और संदेश लोगों के बीच चर्चा में है। उन्होंने अपील की कि अगर सोना खरीदना जरूरी नहीं है, तो फिलहाल Gold खरीदने से बचें। इसके साथ ही उन्होंने विदेश यात्रा और विदेशों में होने वाली Destination Weddings के बजाय भारत में ही खर्च करने पर जोर दिया। Global Crisis के बीच India की Economy ने दिखाया दम वैश्विक स्तर पर तनाव और अनिश्चितता के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था ने मजबूत प्रदर्शन किया है। अप्रैल-जून तिमाही में GDP Growth 7.8% दर्ज की गई। यह आंकड़ा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि दुनिया के कई हिस्सों में आर्थिक गतिविधियों पर दबाव देखने को मिल रहा है। PM मोदी ने इस प्रदर्शन को केवल सरकारी नीतियों की उपलब्धि के तौर पर नहीं देखा। उन्होंने देशवासियों की मेहनत, कारोबारियों के प्रयास और भारत के सामूहिक संकल्प को इसका बड़ा आधार बताया। यानी आसान शब्दों में कहें तो देश की Economy की यह रफ्तार सिर्फ आंकड़ों की कहानी नहीं है, बल्कि करोड़ों लोगों की रोजमर्रा की मेहनत से भी जुड़ी है। जरूरत नहीं तो Gold खरीदने से बचें प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों से Gold Purchase को लेकर खास अपील की। उनका कहना है कि अगर सोना खरीदना जरूरी नहीं है, तो उसकी खरीद को टाला जा सकता है। भारत में सोने की बड़ी मात्रा विदेशों से आती है। इसलिए गैर-जरूरी Gold Import कम होने से विदेशी मुद्रा पर दबाव घटाने में मदद मिल सकती है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि जरूरत के समय सोना खरीदने पर रोक है। PM की अपील मुख्य तौर पर अनावश्यक खरीदारी को लेकर है। Foreign Trip की जगह India में Tourism PM मोदी ने विदेश यात्रा को लेकर भी लोगों से सोचने की अपील की। उनका जोर है कि छुट्टियां बिताने के लिए हमेशा विदेश जाने की जरूरत नहीं है। भारत में ही ऐसे कई शहर, पहाड़, समुद्र तट और ऐतिहासिक स्थल हैं जिन्हें देखा जा सकता है। अगर भारतीय परिवार देश में ही घूमने-फिरने पर पैसा खर्च करते हैं, तो इसका फायदा स्थानीय होटल, टैक्सी, दुकानदार, गाइड और दूसरे छोटे कारोबारों को मिलता है। इस तरह एक परिवार की यात्रा कई लोगों के लिए कमाई का जरिया बन सकती है। Destination Wedding पर भी PM मोदी का संदेश आजकल विदेशों में Destination Wedding का चलन बढ़ा है। बड़े समारोहों में काफी पैसा दूसरे देशों में खर्च हो जाता है। प्रधानमंत्री मोदी ने इसके बजाय भारत में ही शादी समारोह आयोजित करने की अपील की। देश में होने वाली बड़ी शादियों से होटल, कैटरिंग, इवेंट मैनेजमेंट, डेकोरेशन, ट्रांसपोर्ट और स्थानीय कारोबार से जुड़े लोगों को काम मिलता है। यही वजह है कि ‘Wed in India’ जैसी सोच को घरेलू Economy और Tourism से जोड़कर देखा जा रहा है। Vocal for Local को फिर मिला जोर PM मोदी के संदेश का एक अहम हिस्सा Vocal for Local और Swadeshi भी रहा। उनका कहना है कि भारतीयों को जहां संभव हो, देश में बने Products और Services को प्राथमिकता देनी चाहिए। स्थानीय सामान खरीदने का फायदा सिर्फ दुकानदार तक सीमित नहीं रहता। इससे निर्माता, सप्लायर, ट्रांसपोर्टर और दूसरे छोटे कारोबार भी जुड़े होते हैं। 7.8% Growth से आगे क्या? GDP का 7.8% आंकड़ा निश्चित तौर पर उत्साह बढ़ाने वाला है, लेकिन असली चुनौती इस Growth Momentum को आगे बनाए रखना है। भारत को वैश्विक बाजार की अनिश्चितता, महंगाई, व्यापार से जुड़े बदलाव और भू-राजनीतिक तनाव जैसी चुनौतियों के बीच अपनी घरेलू Economy को मजबूत रखना होगा। ऐसे में PM मोदी की अपील को सिर्फ Gold या Foreign Travel तक सीमित करके देखने के बजाय घरेलू मांग और स्थानीय कारोबार को बढ़ावा देने की बड़ी रणनीति के तौर पर भी समझा जा सकता है। आम लोगों से जुड़ा है PM मोदी का संदेश प्रधानमंत्री का संदेश सुनने में भले ही आर्थिक नीति जैसा लगे, लेकिन इसका असर रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ा है। कहां पैसा खर्च हो रहा है और किस चीज पर खर्च हो रहा है, इसका असर आखिरकार देश की Economy पर पड़ता है। अगर जरूरत का सामान देश में खरीदा जाए, छुट्टियां India में बिताई जाएं और स्थानीय कारोबार को प्राथमिकता मिले, तो पैसा देश के भीतर ही घूमता है। इससे छोटे कारोबार और रोजगार को भी सहारा मिलता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Singer Murder Case में बड़ा एक्शन: पुलिस Encounter में 2 शूटर ढेर

Singer Murder Case में बड़ा एक्शन: पुलिस Encounter में 2 शूटर ढेर

चर्चित Singer Murder Case में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। मामले में शामिल बताए जा रहे दो शूटर पुलिस Encounter में मारे गए। दोनों आरोपी हरियाणा की ओर भागने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस और बदमाशों के बीच करीब 20 राउंड फायरिंग हुई, जिसके बाद दोनों शूटर ढेर हो गए। पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपियों की तलाश लंबे समय से की जा रही थी। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम ने उनका पीछा किया। घेराबंदी के दौरान आरोपियों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में दोनों को गोली लगी। पुलिस ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। हरियाणा भागने की कोशिश में थे आरोपी पुलिस को जानकारी मिली थी कि दोनों आरोपी वारदात के बाद हरियाणा की ओर निकलने की कोशिश कर रहे हैं। इसी आधार पर पुलिस ने उनकी घेराबंदी की। दोनों तरफ से हुई गोलीबारी में करीब 20 राउंड फायर हुए। एनकाउंटर के बाद पुलिस ने मौके से हथियार और अन्य सामान भी बरामद किए हैं। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि हत्याकांड में इन दोनों की क्या भूमिका थी और उनके साथ और कौन-कौन लोग जुड़े हुए थे। बेटे की मौत के बाद पिता को अब भी पूरा इंसाफ का इंतजार सिंगर अंकित की हत्या ने उनके परिवार को अंदर तक तोड़ दिया है। बेटे को खोने का दर्द परिवार के लिए आज भी कम नहीं हुआ है। एनकाउंटर की खबर के बाद अंकित के पिता ने कहा कि उन्हें आधा इंसाफ मिला है, लेकिन आधा इंसाफ अभी बाकी है। पिता का कहना है कि उनके बेटे की हत्या के पीछे जिन लोगों का हाथ है, उन सभी को कानून के सामने लाया जाना चाहिए। सिर्फ शूटरों के मारे जाने से परिवार का दर्द खत्म नहीं होगा। वह चाहते हैं कि हत्याकांड की पूरी साजिश का खुलासा हो और दोषियों को सख्त सजा मिले। पुलिस की जांच जारी दोनों शूटरों के एनकाउंटर के बाद पुलिस अब हत्याकांड से जुड़े अन्य आरोपियों और साजिशकर्ताओं की तलाश में जुटी है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपियों को हथियार और भागने में मदद किसने दी थी। सिंगर हत्याकांड में हुई इस कार्रवाई से जांच को आगे बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है। हालांकि, परिवार की मांग साफ है—बेटे की हत्या के पीछे जो भी लोग हैं, उन सभी तक कानून पहुंचना चाहिए। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Rahul Gandhi

Mallikarjun Kharge Shuddhikaran Row: मंच ‘शुद्ध’ कराने पर बवाल, Rahul Gandhi ने BJP-RSS को घेरा

 उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष Rahul Gandhi मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद कथित तौर पर मंच के ‘शुद्धिकरण’ को लेकर राजनीतिक विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। इस मामले को लेकर Rahul Gandhi ने BJP और RSS पर जातिगत भेदभाव तथा ‘मनुवादी सोच’ को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है। वहीं, BJP ने आरोपों से दूरी बनाते हुए मामले की जांच कराने की बात कही है। क्या है Haldwani Shuddhikaran विवाद? मल्लिकार्जुन खड़गे ने हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस की रैली को संबोधित किया था। रैली के कुछ दिन बाद कथित तौर पर कुछ लोगों ने मैदान में पूजा-पाठ और हवन कर ‘शुद्धिकरण’ किया। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई खड़गे के दलित समुदाय से होने के कारण की गई। पार्टी ने इसे छुआछूत और जातिगत भेदभाव की मानसिकता का उदाहरण बताया है। हालांकि, BJP की ओर से कांग्रेस के आरोपों को खारिज किया गया है। BJP नेताओं का कहना है कि रैली के दौरान लगाए गए कुछ नारों से धार्मिक भावनाएं आहत हुई थीं और इसी वजह से धार्मिक अनुष्ठान किया गया था। BJP ने इस कार्रवाई को खड़गे की जाति से जोड़ने पर भी सवाल उठाए हैं। Mallikarjun Kharge ने राज्यसभा में उठाया मुद्दा मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस मामले को राज्यसभा में भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके भाषण के बाद उस मंच का ‘शुद्धिकरण’ किया गया, जिससे उन्हें बेहद अपमानित महसूस हुआ। खड़गे ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी व्यक्ति को उसकी जाति के आधार पर अपवित्र मानना संविधान की मूल भावना के खिलाफ है। उन्होंने इस मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ Untouchability Act के तहत कार्रवाई और गिरफ्तारी की मांग की। खड़गे का कहना है कि ऐसी घटनाएं केवल किसी एक व्यक्ति का अपमान नहीं हैं, बल्कि देश में सामाजिक समानता और संवैधानिक मूल्यों पर भी सवाल खड़े करती हैं। Rahul Gandhi का BJP-RSS पर हमला हल्द्वानी के इस विवाद पर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कथित ‘शुद्धिकरण’ को दलितों के अपमान से जोड़ते हुए BJP और RSS पर निशाना साधा। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि इस तरह की सोच BJP-RSS की कथित ‘मनुवादी मानसिकता’ को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि संविधान सभी नागरिकों को समान अधिकार देता है और छुआछूत तथा जातिगत भेदभाव के लिए आधुनिक भारत में कोई जगह नहीं होनी चाहिए। कांग्रेस ने इस मुद्दे को सामाजिक न्याय और दलित सम्मान से जोड़ते हुए सरकार से दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। क्या Rahul Gandhi ने SC/ST Act के तहत FIR की मांग की? इस मामले में एक महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार SC/ST Act के तहत FIR दर्ज कराने की स्पष्ट मांग राहुल गांधी की ओर से नहीं बताई गई है। रिपोर्टों में मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा Untouchability Act के तहत मामला दर्ज करने और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग का उल्लेख है। वहीं, राहुल गांधी ने घटना को दलितों के अपमान, जातिगत भेदभाव और कथित मनुवादी सोच से जोड़कर BJP-RSS पर राजनीतिक हमला किया। इसलिए खबर को पेश करते समय राहुल गांधी के बयान और खड़गे की कानूनी कार्रवाई की मांग को अलग-अलग रखना जरूरी है। BJP ने क्या कहा? BJP ने कांग्रेस के आरोपों को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाया है। पार्टी की ओर से कहा गया कि वह किसी भी तरह के भेदभावपूर्ण व्यवहार का समर्थन नहीं करती। केंद्रीय मंत्री और BJP के वरिष्ठ नेता जेपी नड्डा ने मामले की जांच का आश्वासन दिया। BJP नेताओं का कहना है कि घटना के पीछे धार्मिक कारण हो सकते हैं और इसे खड़गे की जाति से जोड़ना उचित नहीं है। अब इस मामले में जांच के परिणाम महत्वपूर्ण होंगे, क्योंकि इसी से यह स्पष्ट हो सकेगा कि कथित ‘शुद्धिकरण’ किसने कराया और इसके पीछे वास्तविक कारण क्या था। कांग्रेस ने राज्यपाल से भी की शिकायत मामले को लेकर कांग्रेस नेताओं ने उत्तराखंड के राज्यपाल से मुलाकात कर कथित ‘शुद्धिकरण’ की निष्पक्ष जांच की मांग भी की है। कांग्रेस का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति की जाति के आधार पर किसी सार्वजनिक स्थान या मंच को ‘अपवित्र’ माना गया है, तो यह गंभीर सामाजिक और संवैधानिक मुद्दा है। Haldwani Row बना Political मुद्दा हल्द्वानी का ‘शुद्धिकरण’ विवाद अब स्थानीय घटना से आगे बढ़कर राष्ट्रीय राजनीति का मुद्दा बन गया है। कांग्रेस इसे Dalit dignity, social equality और constitutional values से जोड़ रही है, जबकि BJP कांग्रेस पर घटना को राजनीतिक मुद्दा बनाने का आरोप लगा रही है। फिलहाल दोनों पक्षों के दावों के बीच इस मामले में जांच और संभावित कानूनी कार्रवाई पर सबकी नजर है। विवाद के आगे बढ़ने के साथ Rahul Gandhi, Mallikarjun Kharge, Haldwani Shuddhikaran Row, FIR और SC/ST Act जैसे मुद्दे राजनीतिक बहस के केंद्र में बने हुए हैं।
Read more
Nepal

Nepal Flood: भोटेकोशी नदी बनी काल, पुल और गाड़ियां बहीं; 9 पुलिसकर्मियों की तलाश जारी

नेपाल (Nepal) के रसुवा जिले से आई तस्वीरों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। तिब्बत की ओर से अचानक आए तेज पानी ने भोटेकोशी नदी का रुख बेहद खतरनाक कर दिया। देखते ही देखते नदी का पानी आसपास के इलाकों में फैल गया और टिमुरे समेत कई जगहों पर भारी नुकसान की खबर सामने आई है। इस हादसे में टिमुरे बॉर्डर आउट पोस्ट पर तैनात 9 सशस्त्र पुलिसकर्मी लापता बताए जा रहे हैं। अचानक बढ़ा भोटेकोशी नदी का जलस्तर बुधवार सुबह भोटेकोशी नदी में अचानक तेज बहाव आया। स्थानीय स्तर पर हालात इतने तेजी से बदले कि लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। शुरुआती जानकारी के मुताबिक बाढ़ का पानी तिब्बत की तरफ से आया और नेपाल के सीमावर्ती इलाकों में तेजी से फैल गया। बाढ़ के कारण टिमुरे बाजार और आसपास के इलाकों में पानी और मलबा पहुंच गया। कई वाहन इसकी चपेट में आए हैं। स्थानीय लोगों के लिए यह स्थिति काफी डरावनी रही, क्योंकि कुछ ही समय में सामान्य नदी का बहाव खतरनाक सैलाब में बदल गया। 9 पुलिसकर्मी हुए लापता इस बाढ़ के बीच सबसे बड़ी चिंता 9 सशस्त्र पुलिसकर्मियों के लापता होने को लेकर है। ये जवान टिमुरे बॉर्डर आउट पोस्ट में तैनात थे। बाढ़ के बाद उनसे संपर्क नहीं हो पाया है। अधिकारियों और सुरक्षा बलों की टीमें लगातार उनकी तलाश में जुटी हैं। हालांकि, प्रभावित क्षेत्र में संचार व्यवस्था बाधित होने की वजह से स्थिति की पूरी जानकारी जुटाने में परेशानी आ रही है। अधिकारियों ने यह भी संभावना जताई है कि कुछ जवान सुरक्षित स्थान पर पहुंच गए हों और नेटवर्क नहीं होने के कारण उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा हो। तीन Police Posts को भी नुकसान बाढ़ का असर केवल आम आबादी तक सीमित नहीं रहा। टिमुरे एरिया पुलिस ऑफिस, स्याफ्रुबेसी पुलिस पोस्ट और रसुवागढ़ी पुलिस पोस्ट को भी नुकसान पहुंचने की जानकारी है। तेज पानी के साथ मलबा आने से सड़क और आसपास के दूसरे बुनियादी ढांचे को भी नुकसान हुआ है। कई जगहों पर आवागमन प्रभावित हुआ है। पुल टूटा, गाड़ियां और सामान बहा भोटेकोशी नदी का बहाव इतना तेज था कि एक पुल के क्षतिग्रस्त होने और बहने की जानकारी सामने आई है। टिमुरे बाजार में कई वाहन भी बाढ़ के पानी की चपेट में आए। स्थानीय स्तर पर सामने आई तस्वीरों और वीडियो में बाढ़ की भयावहता साफ नजर आ रही है। बाजार और सड़क के आसपास पानी का तेज बहाव देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि कुछ ही देर में हालात कितने बिगड़ गए। Rescue Operation में जुटी Nepal Army हादसे के बाद नेपाल सरकार ने Rescue Operation तेज कर दिया है। Nepal Army, Armed Police Force और Nepal Police की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में काम कर रही हैं। बचाव अभियान में हेलीकॉप्टरों की मदद भी ली जा रही है। सुरक्षा बलों का मुख्य फोकस लापता पुलिसकर्मियों की तलाश और प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने पर है। निचले इलाकों के लिए भी Alert भोटेकोशी और त्रिशूली नदी के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। बाढ़ का पानी नीचे की ओर बढ़ने की वजह से नदी किनारे बसे दूसरे इलाकों में भी खतरा बढ़ सकता है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदी और नालों के पास जाने से बचें और स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करें। बारिश से ज्यादा Tibet से आए पानी ने बढ़ाई मुश्किल? बाढ़ की वजह को लेकर शुरुआती जानकारी में तिब्बत क्षेत्र में हुई भारी बारिश को अहम माना जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार नेपाल के रसुवा इलाके में हुई बारिश इस अचानक आई बाढ़ की पूरी वजह नहीं लगती। हालांकि, बाढ़ के वास्तविक कारण और पानी के अचानक बढ़ने की स्थिति का पूरा आकलन अभी किया जा रहा है। अभी कितना नुकसान हुआ, तस्वीर साफ नहीं फिलहाल बाढ़ से हुए कुल नुकसान और संभावित जनहानि का अंतिम आंकड़ा सामने नहीं आया है। प्रभावित इलाकों में संचार और सड़क संपर्क प्रभावित होने से प्रशासन को भी सही जानकारी जुटाने में समय लग रहा है। फिलहाल सबसे बड़ी चिंता लापता 9 पुलिसकर्मियों को लेकर है। राहत और बचाव दल लगातार Search Operation चला रहे हैं। आने वाले घंटों में बाढ़ से हुए नुकसान और लापता लोगों को लेकर स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Pellet Gun

Pellet Gun Case: राहुल गांधी का धरना रंग लाया, पुलिस ने दर्ज की FIR

पैलेट गन (Pellet Gun) से घायल छात्र के मामले में शुक्रवार को दिल्ली की सियासत गरमा गई। कांग्रेस नेता राहुल गांधी पीड़ित साहिल लोचब को साथ लेकर संसद मार्ग पुलिस स्टेशन पहुंचे और FIR दर्ज करने की मांग की। पुलिस से बातचीत के बाद भी जब कार्रवाई को लेकर स्थिति साफ नहीं हुई तो राहुल गांधी वहीं धरने पर बैठ गए। कुछ देर बाद मामले में FIR दर्ज होने की खबर सामने आई। पीड़ित को साथ लेकर थाने पहुंचे राहुल गांधी राहुल गांधी शुक्रवार को साहिल लोचब के साथ संसद मार्ग पुलिस स्टेशन पहुंचे। साहिल ने आरोप लगाया है कि 20 जुलाई को दिल्ली में हुए प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर पैलेट गन के इस्तेमाल से उन्हें चोट लगी थी। पीड़ित की शिकायत पर FIR दर्ज कराने की मांग को लेकर राहुल गांधी ने पुलिस अधिकारियों से बातचीत की। उनका कहना था कि अगर किसी व्यक्ति के घायल होने की शिकायत सामने आई है तो पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। FIR की मांग पर धरने पर बैठ गए राहुल पुलिस स्टेशन में बातचीत के बाद राहुल गांधी ने FIR दर्ज करने की मांग दोहराई। कार्रवाई में देरी को लेकर उन्होंने वहीं धरना शुरू कर दिया। इस दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा समेत पार्टी के कई नेता भी मौके पर पहुंचे। राहुल गांधी ने कहा कि वह पीड़ित को न्याय दिलाने और मामले में कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित कराने के लिए वहां बैठे हैं। उनके धरने के बाद पुलिस स्टेशन के आसपास सुरक्षा भी बढ़ा दी गई। आखिर क्या है Pellet Gun Case? यह मामला 20 जुलाई को दिल्ली में हुए एक छात्र प्रदर्शन से जुड़ा बताया जा रहा है। साहिल लोचब ने शिकायत में कथित पैलेट गन से घायल होने की बात कही है। घटना को लेकर पुलिस की भूमिका और बल प्रयोग के आरोपों पर भी सवाल उठाए गए हैं। दिल्ली पुलिस की ओर से मामले से जुड़े आरोपों की जांच का पक्ष सामने आया है। वहीं सुप्रीम कोर्ट द्वारा पुलिस और अर्धसैनिक बलों के कथित अत्यधिक बल प्रयोग से जुड़े आरोपों की जांच के लिए हाई-पावर्ड एक्सपर्ट कमेटी गठित किए जाने की बात भी सामने आई है। धरने के बीच सामने आई FIR की जानकारी राहुल गांधी के धरने के बीच शाम को खबर सामने आई कि दिल्ली पुलिस ने साहिल लोचब को लगी पैलेट चोटों के मामले में FIR दर्ज कर ली है। इसके बाद राहुल गांधी की मांग पर पुलिस की कार्रवाई को लेकर चर्चा तेज हो गई। हालांकि, FIR दर्ज होना जांच की शुरुआत है। अब जांच में यह सामने आना बाकी है कि घटना वास्तव में कैसे हुई, पैलेट गन का इस्तेमाल किस परिस्थिति में हुआ और इसके लिए जिम्मेदारी किसकी बनती है। BJP ने राहुल गांधी पर साधा निशाना राहुल गांधी के धरने को लेकर BJP ने भी कांग्रेस पर निशाना साधा। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी पुलिस स्टेशन पर धरना देकर राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं। BJP का कहना है कि मामले से जुड़े आरोपों की जांच पहले से अलग स्तर पर चल रही है। वहीं कांग्रेस का कहना है कि घायल छात्र की शिकायत पर FIR दर्ज होना उसका कानूनी अधिकार है और राहुल गांधी उसी मांग को लेकर पीड़ित के साथ खड़े हुए। अब जांच पर टिकी नजर पैलेट गन मामले में FIR दर्ज होने के बाद अब सबसे ज्यादा नजर पुलिस जांच पर रहेगी। घटना से जुड़े वीडियो, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और मेडिकल रिपोर्ट जैसे साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय हो सकती है। राहुल गांधी के धरने ने इस मामले को राष्ट्रीय राजनीतिक मुद्दा बना दिया है। फिलहाल FIR दर्ज होने के बाद अगला बड़ा सवाल यही है कि जांच में क्या सामने आता है और जिम्मेदारी किस पर तय होती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Independence Day

Vande Mataram से गूंजा Red Fort: Independence Day पर PM Modi ने बताया आत्मनिर्भर भारत का रोडमैप

स्वतंत्रता दिवस (Independence Day) के मौके पर लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के सामने आने वाले वर्षों की दिशा और प्राथमिकताओं को लेकर बड़ा संदेश दिया। अपने संबोधन में उन्होंने आत्मनिर्भर भारत (Atmanirbhar Bharat) पर जोर देते हुए कहा कि अब देश को अपनी जरूरतों के लिए दूसरे देशों पर निर्भर रहने की मानसिकता से बाहर निकलना होगा। प्रधानमंत्री ने पिछले वर्षों में भारत की बदलती तस्वीर का जिक्र करते हुए कहा कि देश ने करीब 12 साल में विकास की रफ्तार को नई दिशा दी है। उन्होंने तकनीक, उत्पादन, अर्थव्यवस्था और देश की बढ़ती वैश्विक भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत अब बड़े लक्ष्य तय करने की स्थिति में पहुंच चुका है। दूसरे देशों पर निर्भर नहीं, अपनी ताकत पर भरोसा पीएम मोदी के भाषण में Self-Reliant India सबसे अहम संदेशों में रहा। उन्होंने कहा कि भारत को अपनी जरूरत की चीजों के लिए बाहरी निर्भरता कम करनी होगी। इसके लिए देश में उत्पादन बढ़ाना, नई तकनीक विकसित करना और युवाओं को अवसर देना जरूरी है। प्रधानमंत्री का जोर इस बात पर रहा कि आत्मनिर्भरता का मतलब दुनिया से अलग होना नहीं, बल्कि अपनी क्षमता इतनी मजबूत करना है कि भारत वैश्विक स्तर पर मजबूती से खड़ा हो सके। 12 साल में बदली देश की रफ्तार प्रधानमंत्री ने बीते 12 वर्षों की विकास यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत ने कई क्षेत्रों में तेजी से प्रगति की है। सड़क, रेलवे, डिजिटल टेक्नोलॉजी, मैन्युफैक्चरिंग और रक्षा उत्पादन जैसे क्षेत्रों में हुए बदलावों को उन्होंने देश की बढ़ती क्षमता से जोड़ा। उन्होंने कहा कि भारत को अब छोटे सपनों तक सीमित रहने की जरूरत नहीं है। देश के सामने बड़े लक्ष्य हैं और उन्हें पूरा करने के लिए पूरी ताकत से काम करना होगा। 2047 तक Viksit Bharat का लक्ष्य लाल किले से प्रधानमंत्री ने Viksit Bharat@2047 के संकल्प को भी दोहराया। भारत की आजादी के 100 साल पूरे होने तक देश को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में है। इस लक्ष्य को हासिल करने में युवाओं की भूमिका को प्रधानमंत्री ने खास तौर पर रेखांकित किया। नई पीढ़ी की ऊर्जा, innovation और technology को भारत के अगले चरण के विकास से जोड़कर देखा गया। पहली बार Red Fort से गूंजा Vande Mataram इस स्वतंत्रता दिवस समारोह की सबसे खास बातों में से एक लाल किले की प्राचीर से पहली बार ‘वंदे मातरम्’ का गायन रहा। राष्ट्रगीत की प्रस्तुति ने समारोह के माहौल को भावनात्मक बना दिया। आजादी के आंदोलन से गहराई से जुड़ा ‘वंदे मातरम्’ जब लाल किले से गूंजा, तो समारोह में मौजूद लोगों के साथ देशभर में इसे देखने-सुनने वालों के लिए भी यह पल खास बन गया। Youth Power को बताया भारत की बड़ी ताकत प्रधानमंत्री मोदी ने विकसित भारत के सपने को देश की युवा शक्ति से जोड़ते हुए युवाओं से innovation, entrepreneurship और technology के क्षेत्र में आगे आने की अपील की। आज का युवा केवल नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि नए अवसर और नए कारोबार पैदा करने वाला भी बन सकता है। भारत की बड़ी युवा आबादी को देश की आर्थिक और तकनीकी ताकत में बदलना आने वाले वर्षों की अहम चुनौती और संभावना दोनों है। आत्मनिर्भरता के साथ दुनिया में मजबूत भूमिका प्रधानमंत्री के संबोधन का सार केवल देश के भीतर विकास तक सीमित नहीं रहा। संदेश यह भी था कि भारत अपनी क्षमताओं को मजबूत करते हुए दुनिया में अपनी भूमिका और बढ़ाए। मैन्युफैक्चरिंग से लेकर टेक्नोलॉजी और रक्षा क्षेत्र तक भारत की घरेलू क्षमता बढ़ाने पर जोर आने वाले समय में भी जारी रहने के संकेत मिले। इसका सीधा असर रोजगार, निवेश और देश की आर्थिक ताकत पर पड़ सकता है। स्वतंत्रता दिवस पर PM Modi का बड़ा संदेश इस बार लाल किले से प्रधानमंत्री मोदी का संदेश तीन बड़े बिंदुओं के आसपास नजर आया—आत्मनिर्भर भारत, तेज विकास और Viksit Bharat@2047। वहीं पहली बार लाल किले से ‘वंदे मातरम्’ की गूंज ने समारोह में देशभक्ति और इतिहास की भावना को और मजबूत किया। देश के सामने अब सवाल केवल विकास की गति का नहीं, बल्कि यह भी है कि भारत अपनी क्षमता का इस्तेमाल कितनी तेजी से करता है। प्रधानमंत्री का संदेश साफ था—भारत को अपनी ताकत पर भरोसा करना होगा और बड़े सपनों को पूरा करने के लिए मिलकर आगे बढ़ना होगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
1 2 3 24

Editor's Picks

Ujjain

Ujjain में बनेगी Malakhamb Academy, 111 करोड़ के Project से खिलाड़ियों को मिलेंगी World-Class सुविधाएं

मध्यप्रदेश के मलखंब खिलाड़ियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। प्रदेश सरकार Ujjain में एक ऐसी Malakhamb और Gymnastics Academy विकसित करने की तैयारी में है, जहां खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण के साथ आधुनिक सुविधाएं भी मिलेंगी। खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग के प्रयासों से तैयार किए गए प्रस्ताव के मुताबिक, करीब 20 एकड़ जमीन पर इस अकादमी को विकसित किया जाएगा। अकादमी में खिलाड़ियों के लिए खेल अधोसंरचना, हॉस्टल, आधुनिक उपकरण, फिटनेस सेंटर, फिजियोथेरेपी और खेल विज्ञान से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है। इसका मकसद प्रदेश की युवा मलखंब प्रतिभाओं को कम उम्र से ही बेहतर ट्रेनिंग देकर उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए तैयार करना है। 111 करोड़ रुपये से ज्यादा का प्रस्ताव प्रस्तावित मलखंब एवं जिम्नास्टिक अकादमी के निर्माण पर करीब 86 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। वहीं वर्ष 2026-27 से 2028-29 तक अकादमी के संचालन के लिए लगभग 25.33 करोड़ रुपये का प्रावधान प्रस्तावित किया गया है। इस तरह निर्माण और संचालन को मिलाकर परियोजना की कुल प्रस्तावित लागत करीब 111.33 करोड़ रुपये बताई गई है। खिलाड़ियों को सिर्फ Training नहीं, पूरी सुविधा मिलेगी इस अकादमी की खास बात यह होगी कि खिलाड़ियों को केवल मलखंब की ट्रेनिंग तक सीमित सुविधाएं नहीं मिलेंगी। यहां हॉस्टल, आधुनिक खेल उपकरण, फिटनेस, फिजियोथेरेपी और Sports Science आधारित प्रशिक्षण की व्यवस्था भी प्रस्तावित है। सरकार का जोर ऐसे Training Environment पर है, जहां खिलाड़ियों की तकनीक के साथ उनकी फिटनेस और खेल प्रदर्शन पर भी लगातार काम किया जा सके। 70 खिलाड़ियों को मिलेगा मौका प्रस्ताव के अनुसार अकादमी में कुल 70 खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इनमें: शामिल होंगे। यानी कुल 50 खिलाड़ी बोर्डिंग और 20 खिलाड़ी डे-बोर्डिंग व्यवस्था में रहेंगे। खिलाड़ियों का चयन Talent Search के माध्यम से किए जाने का प्रस्ताव है। Academy शुरू होने से पहले उज्जैन में शुरू होगी Training स्थायी अकादमी की इमारत तैयार होने में समय लगने के दौरान भी खिलाड़ियों की ट्रेनिंग को रोका नहीं जाएगा। वर्ष 2026-27 और 2027-28 में अकादमी को राजमाता खेल परिसर, तानाखेड़ा, उज्जैन में डे-बोर्डिंग मॉडल पर संचालित करने का प्रस्ताव है। इस शुरुआती चरण में कुल 40 खिलाड़ियों को प्रवेश देने की योजना है। इनमें 30 बालक और 10 बालिकाएं शामिल होंगी। उज्जैन से बाहर के चयनित खिलाड़ियों के लिए विभाग की ओर से आवास की व्यवस्था करने का भी प्रस्ताव है। Expert Coaches के साथ Sports Science पर रहेगा फोकस नई अकादमी में खिलाड़ियों को आधुनिक और उच्च तकनीकी प्रशिक्षण देने की तैयारी है। इसके लिए उच्च तकनीकी सलाहकार और विशेषज्ञ प्रशिक्षकों की सेवाएं अनुबंध के आधार पर लेने का प्रावधान प्रस्तावित किया गया है। डे-बोर्डिंग व्यवस्था में खिलाड़ियों को प्रशिक्षकों के साथ फिजियोथेरेपिस्ट और मसाजर की सुविधा भी उपलब्ध कराने की योजना है। इसमें एक महिला फिजियोथेरेपिस्ट और दो मसाजर—एक महिला तथा एक पुरुष—का प्रावधान प्रस्तावित है। मंत्री विश्वास सारंग बोले- प्रतिभाओं को मिलेगा बड़ा मंच खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग के मुताबिक मध्यप्रदेश में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है। जरूरत सिर्फ इतनी है कि इन खिलाड़ियों को सही समय पर आधुनिक सुविधाएं, विशेषज्ञ मार्गदर्शन और बेहतर अवसर मिलें। उन्होंने कहा कि मलखंब मध्यप्रदेश की गौरवशाली खेल परंपरा का हिस्सा है और प्रदेश के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा साबित की है। प्रस्तावित अकादमी के जरिए खिलाड़ियों को शुरुआती उम्र से वैज्ञानिक और तकनीकी प्रशिक्षण देने पर जोर रहेगा। मंत्री के अनुसार लक्ष्य यह है कि मध्यप्रदेश के खिलाड़ी राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी प्रदेश और देश का नाम रोशन करें। Khelo India में MP के Malakhamb खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन मलखंब अकादमी की जरूरत इसलिए भी महसूस की गई क्योंकि मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों ने हाल के वर्षों में राष्ट्रीय स्तर पर अच्छा प्रदर्शन किया है। Khelo India Youth Games 2025, बिहार में मध्यप्रदेश के मलखंब खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 10 पदक जीते। इनमें 7 Gold, 2 Silver और 1 Bronze Medal शामिल रहे। इस प्रदर्शन ने एक बार फिर दिखाया कि प्रदेश में मलखंब की प्रतिभाओं की मजबूत नींव मौजूद है। अब नई अकादमी के जरिए इन खिलाड़ियों को लगातार और बेहतर प्रशिक्षण देने की दिशा में काम किया जा रहा है। उज्जैन बन सकता है Malakhamb Talent Hub अकादमी के संचालन और निगरानी की जिम्मेदारी जिला खेल एवं युवा कल्याण अधिकारी, उज्जैन को देने का प्रस्ताव है। शुरुआत में विभाग में उपलब्ध स्टाफ के जरिए अकादमी की दैनिक गतिविधियां संचालित की जाएंगी। उज्जैन जिले के लिए कुल 12 पद स्वीकृत किए गए हैं। इनमें संभागीय खेल एवं युवा कल्याण अधिकारी, जिला खेल एवं युवा कल्याण अधिकारी, लेखापाल, सहायक ग्रेड-2, सहायक ग्रेड-3 और भृत्य के पद शामिल हैं। खिलाड़ियों के लिए नई उम्मीद उज्जैन में प्रस्तावित Malakhamb Academy सिर्फ एक नई खेल सुविधा नहीं, बल्कि प्रदेश की युवा प्रतिभाओं के लिए आगे बढ़ने का बड़ा रास्ता बन सकती है। अभी जहां खिलाड़ी अलग-अलग स्थानों पर प्रशिक्षण लेते हैं, वहीं भविष्य में उन्हें एक ही जगह पर ट्रेनिंग, फिटनेस, आवास और Sports Science जैसी सुविधाएं मिलने की उम्मीद है। अगर प्रस्तावित योजना अपने स्वरूप में आगे बढ़ती है, तो उज्जैन आने वाले समय में मध्यप्रदेश की मलखंब प्रतिभाओं की नई नर्सरी और प्रमुख Training Hub के रूप में अपनी पहचान बना सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
India-Belgium

India-Belgium Partnership: जोरावर Tank बना नई दोस्ती की पहचान, कई अहम MoU पर सहमति

India-Belgium के रिश्तों में गुरुवार को एक अहम पड़ाव जुड़ गया। बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर भारत दौरे पर पहुंचे, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक हुई। बातचीत के बाद दोनों देशों ने Defence, Clean Energy, Critical Minerals, Semiconductor, Maritime Cooperation और व्यापार जैसे कई क्षेत्रों में साझेदारी को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बैठक के बाद कहा कि भारत और बेल्जियम के संबंध अब केवल पारंपरिक व्यापार तक सीमित नहीं हैं। दोनों देश अब Defence और Clean Energy जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में भी तेजी से साथ आ रहे हैं। इसी दौरान पीएम मोदी ने जोरावर Tank का भी जिक्र किया। जोरावर Tank ने बढ़ाया Defence Cooperation भारत के लिए पहाड़ी और कठिन इलाकों में इस्तेमाल होने वाला हल्का जोरावर टैंक Defence Sector का अहम प्रोजेक्ट है। पीएम मोदी ने भारत-बेल्जियम सहयोग का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों देश आधुनिक रक्षा उपकरणों के क्षेत्र में साथ काम कर रहे हैं। दोनों देशों के बीच Military Exchanges और Training Cooperation बढ़ाने पर भी सहमति बनी है। इससे भारतीय और बेल्जियम की सेनाओं के बीच संपर्क और अनुभव साझा करने के अवसर बढ़ेंगे। हालांकि, जोरावर टैंक को लेकर इसे सीधे तौर पर कोई अलग Tank Purchase Deal कहना सही नहीं होगा। इस प्रोजेक्ट का उल्लेख दोनों देशों के बढ़ते Defence और Technology Cooperation के उदाहरण के तौर पर किया गया है। Clean Energy में भी नई Partnership Defence के साथ-साथ Green Energy भारत-बेल्जियम सहयोग का एक और बड़ा क्षेत्र बनकर सामने आया है। दोनों देशों ने Renewable Energy के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए समझौता किया है। पीएम मोदी ने आंध्र प्रदेश के काकीनाडा में विकसित हो रहे Green Ammonia Project का भी जिक्र किया। भारत की बढ़ती Clean Energy जरूरतों और बेल्जियम की तकनीकी क्षमता को देखते हुए यह Partnership आने वाले समय में काफी अहम हो सकती है। Critical Minerals और Semiconductor पर नजर आज की Technology Economy में Critical Minerals और Semiconductor की भूमिका लगातार बढ़ रही है। ऐसे में भारत और बेल्जियम ने इन क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ाने का फैसला किया है। दोनों देश Critical Minerals की Processing और Recycling में मिलकर काम करने की दिशा में आगे बढ़ेंगे। वहीं Semiconductor Sector में बेल्जियम की तकनीकी विशेषज्ञता और भारत के बड़े Manufacturing Ecosystem को जोड़ने पर जोर दिया गया है। खास तौर पर बेल्जियम के प्रसिद्ध Research Institute IMEC और भारत के Semiconductor Ecosystem के बीच सहयोग बढ़ाने की संभावना को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 5 साल में Double हो सकता है Bilateral Trade बैठक में आर्थिक रिश्तों को लेकर भी बड़ा लक्ष्य सामने आया। भारत और बेल्जियम अगले पांच वर्षों में Bilateral Trade को दोगुना करने की दिशा में काम करेंगे। भारत और बेल्जियम के बीच व्यापार में Diamond Industry की लंबे समय से बड़ी भूमिका रही है। बेल्जियम का एंटवर्प शहर दुनिया के प्रमुख Diamond Trading Hubs में शामिल है और यहां भारतीय कारोबारियों की भी मजबूत मौजूदगी है। अब दोनों देश इस पुराने व्यापारिक रिश्ते को Defence, Technology, Energy और Critical Minerals जैसे नए क्षेत्रों से जोड़ना चाहते हैं। Maritime और Startup Sector में भी बढ़ेगा सहयोग भारत और बेल्जियम के बीच सहयोग का दायरा केवल Defence और Trade तक नहीं रहेगा। दोनों देशों ने Maritime Sector में Capacity Building और Startups के बीच संपर्क बढ़ाने पर भी सहमति जताई है। इसके अलावा Cybercrime से मुकाबला, Diplomatic Training और अन्य क्षेत्रों में भी सहयोग को मजबूत करने के लिए समझौते किए गए हैं। दोनों देश Migration and Mobility Partnership Agreement को जल्द पूरा करने की दिशा में भी आगे बढ़ रहे हैं। इससे दोनों देशों के बीच छात्रों, Professionals और लोगों के आवागमन से जुड़े अवसरों को बढ़ावा मिल सकता है। Terrorism पर भारत-बेल्जियम का एक सुर बैठक में आतंकवाद और दुनिया में चल रहे विभिन्न संघर्षों पर भी चर्चा हुई। भारत और बेल्जियम ने आतंकवाद के सभी रूपों के खिलाफ अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। पीएम मोदी ने कहा कि दोनों देश Dialogue और Diplomacy के जरिए विवादों के शांतिपूर्ण समाधान में विश्वास रखते हैं। वैश्विक स्तर पर बढ़ती अस्थिरता के बीच भारत और बेल्जियम के बीच रणनीतिक सहयोग को और मजबूत करने पर जोर दिया गया। भारत-बेल्जियम रिश्तों की पुरानी कहानी पीएम मोदी ने दोनों देशों के ऐतिहासिक रिश्तों का भी जिक्र किया। प्रथम विश्व युद्ध के दौरान बेल्जियम में भारतीय सैनिकों के योगदान और बलिदान को याद करते हुए उन्होंने कहा कि भारत और बेल्जियम के संबंध काफी पुराने हैं। बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर की यह पहली आधिकारिक भारत यात्रा है। एंटवर्प के मेयर के तौर पर उनका भारत और भारतीय समुदाय से पहले भी संपर्क रहा है। अब Diamond Trade से आगे बढ़ रही दोस्ती भारत और बेल्जियम की दोस्ती की पहचान लंबे समय तक Diamond Trade से जुड़ी रही है। लेकिन बदलती दुनिया में दोनों देशों के रिश्ते अब एक बड़े दायरे में फैल रहे हैं। जोरावर Tank से Defence Cooperation, Green Energy से Critical Minerals और Semiconductor से Bilateral Trade तक, भारत और बेल्जियम कई नए क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। पीएम मोदी और बार्ट डी वेवर की बैठक को इसी बदलती Partnership की एक अहम कड़ी माना जा रहा है। आने वाले वर्षों में अगर इन समझौतों और सहयोग योजनाओं को जमीन पर तेजी से उतारा जाता है, तो भारत-बेल्जियम संबंध आर्थिक रिश्तों से आगे बढ़कर एक मजबूत Strategic Partnership का रूप ले सकते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Tibet

Nepal Flood के बीच बड़ा Earthquake: Tibet में 5.1 Magnitude के झटके, अब तक 1,273 लोगों की मौत

Nepal-Tibet Flood हिमालयी इलाके में पिछले एक हफ्ते से जारी तबाही के बीच गुरुवार को एक और झटका महसूस किया गया। चीन के तिब्बत (Tibet) क्षेत्र में 5.1 तीव्रता का भूकंप आया। भूकंप ऐसे वक्त आया है, जब नेपाल और तिब्बत में भीषण Flood और Landslide के बाद हजारों लोग लापता हैं और राहत-बचाव अभियान लगातार चल रहा है। 26 अगस्त को नेपाल-चीन सीमा के पास आई विनाशकारी बाढ़ ने देखते ही देखते कई इलाकों की तस्वीर बदल दी थी। घर, सड़कें, पुल और Hydropower Projects मलबे और पानी की चपेट में आ गए। अब तक इस आपदा में नेपाल और तिब्बत को मिलाकर 1,273 लोगों की मौत हो चुकी है। Tibet में 5.1 तीव्रता का Earthquake जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज (GFZ) के अनुसार गुरुवार को तिब्बत में 5.1 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। भूकंप करीब 10 किलोमीटर की गहराई पर आया और इसका क्षेत्र नेपाल तथा भारत की सीमाओं के आसपास बताया गया है। हालांकि शुरुआती रिपोर्टों में इस भूकंप से बड़े पैमाने पर नए नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन पहले से तबाह इलाके में इसके झटके ने लोगों और Rescue Teams की चिंता जरूर बढ़ा दी है। एक हफ्ते पहले आई बाढ़ ने मचाई थी भारी तबाही 26 अगस्त को Bhote Koshi River के आसपास अचानक आई बाढ़ ने नेपाल-चीन सीमा क्षेत्र में भारी तबाही मचाई। अधिकारियों और विशेषज्ञों के मुताबिक इस आपदा के पीछे ग्लेशियर और चट्टानों के खिसकने से पैदा हुआ भारी मलबा और पानी प्रमुख वजह रहा। बाढ़ का तेज बहाव अपने साथ मिट्टी, चट्टान और मलबा लेकर नीचे की ओर आया और रास्ते में आने वाले घरों, सड़कों और पुलों को तबाह करता चला गया। नेपाल के विदेश मंत्रालय ने इस घटना को बेहद असाधारण बताते हुए इसे ‘Himalayan Tsunami’ तक कहा है। तिब्बत की ओर Gyirong Port भी बुरी तरह प्रभावित हुआ था। संपर्क मार्गों को नुकसान पहुंचने से शुरुआती दौर में राहत सामग्री और भारी मशीनरी को प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचाना बड़ी चुनौती बन गया। Nepal-Tibet Disaster में 1,273 लोगों की मौत 3 सितंबर तक सामने आए आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार नेपाल में 1,252 लोगों की मौत हो चुकी है और कम से कम 4,216 लोग अब भी लापता हैं। वहीं चीन के तिब्बत क्षेत्र में 21 लोगों की मौत और 541 लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आई है। इस तरह दोनों क्षेत्रों में मृतकों की संख्या 1,273 हो गई है। नेपाल में सबसे ज्यादा मौतें चितवन, नवलपरासी पूर्व, नवलपरासी पश्चिम और नुवाकोट जैसे जिलों में दर्ज हुई हैं। कई शवों की पहचान अभी बाकी है, जिससे परिवारों की बेचैनी और बढ़ गई है। हजारों लोग अब भी Missing, Tunnel में फंसे लोगों की तलाश सबसे बड़ी चिंता उन लोगों को लेकर है, जिनका अभी तक कोई पता नहीं चल पाया है। नेपाल में हजारों लोगों के लापता होने के अलावा कई Hydropower Projects में काम करने वाले कर्मचारियों के भी फंसे होने की आशंका है। करीब 900 Hydropower workers के अब भी लापता होने की बात सामने आई है। कुछ लोगों के सुरंगों में फंसे होने की आशंका के चलते Rescue Teams भारी मशीनों और अन्य उपकरणों की मदद से मलबा हटाने में जुटी हैं। नेपाल सरकार के मुताबिक भारत, चीन और दक्षिण कोरिया की Tunnel Rescue Teams नेपाली सेना के साथ मिलकर अभियान चला रही हैं। ड्रोन, भारी मशीनरी और अन्य राहत उपकरणों की मदद भी ली जा रही है। हजारों घर हुए तबाह, सामने बड़ी Rebuilding Challenge बाढ़ ने सिर्फ लोगों की जान नहीं ली, बल्कि हजारों परिवारों से उनका घर और रोजी-रोटी भी छीन ली। Reuters की रिपोर्ट के मुताबिक नेपाल में करीब 7,500 घर पूरी तरह तबाह हो चुके हैं और लगभग 20,000 घरों को दोबारा बनाने की जरूरत पड़ सकती है। सड़क और पुल टूटने के कारण कई इलाकों में राहत पहुंचाना अभी भी मुश्किल है। कुछ जगहों पर लोगों को नदी पार करने के लिए अस्थायी साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है। Rescue Operation के बीच नया भूकंप चिंता की वजह राहत और बचाव दल पहले ही बारिश, मलबे, तेज बहाव और अस्थिर पहाड़ी ढलानों से जूझ रहे हैं। ऐसे में तिब्बत में आया नया भूकंप हालात को और संवेदनशील बना सकता है। फिलहाल अधिकारियों की प्राथमिकता लापता लोगों की तलाश और प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाना है। नेपाल सरकार के मुताबिक Search and Rescue Operation अभी भी पूरी क्षमता के साथ जारी है। हिमालयी क्षेत्र की इस त्रासदी ने एक बार फिर दिखाया है कि पहाड़ी इलाकों में प्राकृतिक आपदाएं कितनी तेजी से बड़े संकट में बदल सकती हैं। बाढ़ के बाद भूकंप के झटके ने प्रभावित लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं, लेकिन Rescue Teams अब भी मलबे के बीच जिंदगी की तलाश में जुटी हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

जन्माष्टमी और गोगा नवमी पर इंदौर में ट्रैफिक व्यवस्था बदली, राजबाड़ा जाने से पहले जान लें ये रूट

इंदौर। जन्माष्टमी और गोगा नवमी के दौरान राजबाड़ा और आसपास के इलाकों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए इंदौर यातायात पुलिस ने 4 और 5 सितंबर को विशेष ट्रैफिक व्यवस्था लागू की है। इस दौरान कई प्रमुख मार्गों पर वाहनों की आवाजाही और पार्किंग पर रोक रहेगी, जबकि कुछ रास्तों पर ट्रैफिक डायवर्ट किया जाएगा। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे भीड़भाड़ वाले इलाकों में वाहन लेकर जाने से बचें और निर्धारित पार्किंग स्थलों का ही इस्तेमाल करें। 4 सितंबर को मंदिरों में उमड़ेगी भीड़ जन्माष्टमी के मौके पर 4 सितंबर को राजबाड़ा क्षेत्र के बांके बिहारी मंदिर, गोपाल मंदिर और यशोदा माता मंदिर सहित अन्य धार्मिक स्थलों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इसके अलावा नरसिंह बाजार स्थित द्वारकाधीश मंदिर, गोराकुंड चौराहे के जानकीनाथ मंदिर और छीपाबाकल क्षेत्र में मटकी फोड़ प्रतियोगिताओं का आयोजन होगा। इन कार्यक्रमों में प्रतियोगियों और दर्शकों की भीड़ को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने विशेष इंतजाम किए हैं। 5 सितंबर को गोगा नवमी के चलते भी राजबाड़ा और आसपास के क्षेत्रों में यातायात का दबाव बढ़ सकता है। राजबाड़ा क्षेत्र में इन रास्तों पर रहेगा प्रतिबंध सिटी बसों के रूट में भी बदलाव मृगनयनी और फ्रूट मार्केट की ओर से राजबाड़ा आने वाली सिटी बसें शाम 5 बजे के बाद राजबाड़ा नहीं जा सकेंगी। इनका संचालन संजय सेतु की ओर से किया जाएगा। वहीं कलेक्ट्रेट और हरसिद्धि की ओर से आने वाली सिटी बसें हरसिद्धि मंदिर चौराहे से आगे राजबाड़ा की ओर नहीं जा सकेंगी। बड़ा गणपति से एमजी रोड होते हुए राजबाड़ा जाने वाले वाहन चालकों को सुभाष मार्ग का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है। एयरपोर्ट जाने वालों के लिए ये रास्ते रहेंगे बेहतर त्योहार के दौरान राजबाड़ा क्षेत्र में ट्रैफिक दबाव को देखते हुए एयरपोर्ट जाने वाले यात्री वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल कर सकते हैं। कलेक्ट्रेट- महूनाका-गंगवाल-एयरपोर्ट मार्ग के अलावा विजयनगर-सुपर कॉरिडोर-बिजासन मार्ग से भी एयरपोर्ट पहुंचा जा सकता है। इन रास्तों से भी कर सकते हैं आवाजाही नगर निगम की ओर से आने वाले वाहन चालक शिवालय-भागीरथपुरा टी-पोलो ग्राउंड होते हुए परिवर्तित मार्ग का उपयोग कर सकते हैं। नंदलालपुरा, गुरुद्वारा चौराहा और अन्य भीड़भाड़ वाले इलाकों में जाने से बचने की सलाह दी गई है। जरूरत के अनुसार ट्रैफिक को संजय सेतु-चंद्रभागा-हरसिद्धि-जेएनबी-महू नाका मार्ग से संचालित किया जा सकता है। व्यावसायिक वाहनों पर भी रहेगी रोक बाजारों में भीड़ और ट्रैफिक दबाव को देखते हुए दोपहर बाद से व्यावसायिक वाहन, सिटी बस और ऑटो रिक्शा राजबाड़ा से सुभाष चौक, सराफा और बर्तन बाजार की ओर नहीं जा सकेंगे। निर्धारित पार्किंग स्थल श्रद्धालुओं के लिए प्रमुख पार्किंग स्थल इस प्रकार हैं: आपातकालीन सेवाओं से जुड़े वाहनों पर यह प्रतिबंध लागू नहीं होगा। जरूरत के अनुसार बदले जा सकते हैं रूट यातायात पुलिस के मुताबिक भीड़ और ट्रैफिक की स्थिति को देखते हुए समय-समय पर व्यवस्था में बदलाव किया जा सकता है। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त डायवर्शन भी लागू किया जाएगा। यातायात पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे धार्मिक आयोजनों के दौरान अनावश्यक रूप से वाहन लेकर भीड़ वाले क्षेत्रों में न जाएं, निर्धारित पार्किंग का इस्तेमाल करें और ट्रैफिक व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करें।

बिलासपुर हिंसा मामले में फरार राम सिंह का वीडियो आया सामने, कहा- जल्द करूंगा सरेंडर

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में हुई हिंसा के मामले में पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। पुलिस दोनों पक्षों के आरोपियों की तलाश कर रही है और अब तक 20 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इसी बीच मामले में फरार आरोपी राम सिंह का सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आया है। वीडियो में राम सिंह ने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा है कि वह अपने धर्म के लिए लड़ने की वजह से आरोपी बनाया जा रहा है। उसने यह भी कहा कि वह जल्द ही पुलिस के सामने सरेंडर करेगा। साथ ही राम सिंह ने जेल में अपनी जान को खतरा होने की आशंका भी जताई है। राम सिंह ने वीडियो में पुलिस पर उसे टारगेट करने का आरोप लगाया है। हालांकि, उसके इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। दोनों पक्षों के 20 आरोपी गिरफ्तार पुलिस के मुताबिक, मामले में अब तक दोनों पक्षों के 20 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें सोहेल खान गुट के 17 और ठाकुर राम सिंह गुट के 3 आरोपी शामिल हैं। कुछ आरोपी अभी भी फरार हैं, जिनकी तलाश के लिए पुलिस की टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। यह पूरा मामला सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र का है। पुलिस CCTV फुटेज और सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो की भी जांच कर रही है, ताकि हिंसा, पथराव, मारपीट, तोड़फोड़ और भीड़ को उकसाने में शामिल लोगों की पहचान की जा सके। CCTV में कट्टा लहराते नजर आया सोहेल पुलिस ने हिंसा के मामले में गिरफ्तार आरोपी सोहेल खान समेत 6 आरोपियों का पैदल जुलूस निकाला था। इसी बीच सोहेल का एक CCTV फुटेज सामने आया है, जिसमें वह हाथ में हथियार लहराते हुए दिखाई दे रहा है। पुलिस का कहना है कि फुटेज में सोहेल द्वारा हवाई फायरिंग किए जाने की भी बात सामने आई है। इस वीडियो की जांच पुलिस द्वारा की जा रही है। सोहेल से एयर पिस्टल और देशी कट्टा बरामद गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने सोहेल खान, अब्दुल रज्जाक मकवाना, अरबाज खान, नुमान अली, शेख सुल्तान और मोहम्मद मुस्तकीन से पूछताछ की। पुलिस के अनुसार, सोहेल की निशानदेही पर उसके घर से एयर पिस्टल और देशी कट्टा बरामद किया गया है। पुलिस के मुताबिक, सोहेल के खिलाफ पहले से कई मामले दर्ज हैं। एसएसपी रजनेश सिंह ने बताया कि कोतवाली थाना क्षेत्र के निगरानी बदमाश सोहेल के खिलाफ 20 मामले दर्ज हैं। राम सिंह और उसके भाई के घर पुलिस की दबिश राम सिंह और उसके भाई की तलाश में पुलिस ने देर रात उनके घरों पर भी दबिश दी। हालांकि, पुलिस को दोनों जगहों से कोई सुराग नहीं मिला। पुलिस को आशंका है कि राम सिंह और उसके साथी बिलासपुर, रायपुर या आसपास के ग्रामीण इलाकों में छिपे हो सकते हैं। उनकी तलाश में पुलिस की टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर कार्रवाई कर रही हैं। अब राम सिंह के सोशल मीडिया वीडियो के बाद उसके सरेंडर करने की बात सामने आई है। पुलिस की नजर उसकी अगली गतिविधियों पर है और उसके ठिकाने की तलाश भी जारी है।

About Me

देशहरपल सिर्फ खबरों का मंच नहीं, बल्कि आपकी आवाज़ को सामने लाने का एक सशक्त माध्यम भी है। यहां आपको ताज़ातरीन खबरों के साथ-साथ नौकरी, शिक्षा, और नए भारत की बदलती आर्थिक तस्वीर पर उपयोगी और भरोसेमंद जानकारी मिलेगी।

Phone: +91 9406783569, +91 755 484 8829
Email: support@deshharpal.com
Address : A-23 Sakshi Bunglow Trilanga Near Aura Mall Bhopal M.P

Recent Posts

  • All Post
  • Breaking News
  • Education
  • More News
  • Web Story
  • एंटरटेनमेंट
  • देश-हरपल
  • धर्म-कर्म
  • प्रदेश
  • बिज़नेस
  • वर्ल्ड न्यूज़
  • वीडियो
  • स्पोर्ट्स
    •   Back
    • एक्सक्लूसिव
    • Editorial
    •   Back
    • IPL 2026
    • T20 वर्ल्ड कप
    • FIFA 2026
    •   Back
    • सोच-विचार
    • हेल्थ
    • ट्रैवल
    • कल्चर
    • एनवायरनमेंट
    • Impact Feature
    •   Back
    • राशिफल
    • पंचांग
    • पर्व-त्यौहार
    • पूजा-पाठ
    • चैत्र नवरात्रि 2025
    •   Back
    • मध्य प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    •   Back
    • टीवी
    • वेब-सीरीज
    • फिल्म रिव्यू
    • बॉलीवुड
    •   Back
    • लाइफस्टाइल
    •   Back
    • स्टॉक-मार्केट

© 2023 Deshharpal. All Rights Reserved.