आपका चैनल --
ताज़ा खबर
BREAKINGमध्य प्रदेशइंदौर में हेड कॉन्स्टेबल फिरोज खान की 46 अचल संपत्तियों का खुलासा, बाजार मूल्य 64 करोड़ रुपये से अधिक◆BREAKINGदेश-हरपललाहौल-स्पीति में दर्दनाक सड़क हादसा: चंद्रभागा नदी के किनारे गिरी कार, 3 की मौत; चालक समेत 4 घायल◆BREAKINGदेश-हरपलपरविंदर सिंह झोटा हत्याकांड: पंजाब सरकार की 3 महिला IAS अधिकारियों की कमेटी से बातचीत बेनतीजा, अंतिम संस्कार से इनकार◆BREAKINGदेश-हरपलदशहरे पर PM मोदी और अमित शाह होंगे शामिल, रामलीला स्थलों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम◆BREAKINGदेश-हरपलदिल्ली में 6 नए बायोगैस प्लांट लगेंगे, CM रेखा गुप्ता ने किया गोयला डेयरी प्लांट का उद्घाटन◆BREAKINGछत्तीसगढ़NIT रायपुर के नए कुलसचिव बने अशोक कुमार गुप्ता, 20 साल से अधिक का है प्रशासनिक अनुभव◆BREAKINGBreaking Newsटाइगर श्रॉफ पर फायरिंग के आरोपी 15 घंटे में गिरफ्तार, कोटा रेलवे स्टेशन से पकड़े गए तीनों संदिग्ध◆BREAKINGबिज़नेसदिवाली पर 8 नवंबर को होगी मुहूर्त ट्रेडिंग, BSE-NSE ने जारी किया शेड्यूल; जानें पूरा टाइम टेबल◆BREAKINGमध्य प्रदेशइंदौर में हेड कॉन्स्टेबल फिरोज खान की 46 अचल संपत्तियों का खुलासा, बाजार मूल्य 64 करोड़ रुपये से अधिक◆BREAKINGदेश-हरपललाहौल-स्पीति में दर्दनाक सड़क हादसा: चंद्रभागा नदी के किनारे गिरी कार, 3 की मौत; चालक समेत 4 घायल◆BREAKINGदेश-हरपलपरविंदर सिंह झोटा हत्याकांड: पंजाब सरकार की 3 महिला IAS अधिकारियों की कमेटी से बातचीत बेनतीजा, अंतिम संस्कार से इनकार◆BREAKINGदेश-हरपलदशहरे पर PM मोदी और अमित शाह होंगे शामिल, रामलीला स्थलों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम◆BREAKINGदेश-हरपलदिल्ली में 6 नए बायोगैस प्लांट लगेंगे, CM रेखा गुप्ता ने किया गोयला डेयरी प्लांट का उद्घाटन◆BREAKINGछत्तीसगढ़NIT रायपुर के नए कुलसचिव बने अशोक कुमार गुप्ता, 20 साल से अधिक का है प्रशासनिक अनुभव◆BREAKINGBreaking Newsटाइगर श्रॉफ पर फायरिंग के आरोपी 15 घंटे में गिरफ्तार, कोटा रेलवे स्टेशन से पकड़े गए तीनों संदिग्ध◆BREAKINGबिज़नेसदिवाली पर 8 नवंबर को होगी मुहूर्त ट्रेडिंग, BSE-NSE ने जारी किया शेड्यूल; जानें पूरा टाइम टेबल◆

NE

News Elementor

What's Hot

Banner

Latest Posts

Supreme Court

Supreme Court Decision: धर्म बदलने से क्या खत्म होगा आरक्षण? कोर्ट ने साफ की स्थिति

धर्म बदलने के बाद क्या आरक्षण का लाभ मिलता रहेगा? इस सवाल पर सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु से जुड़े एक अहम मामले में अपना फैसला सुनाया है। अदालत ने मद्रास हाई कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा है। यह मामला उन लोगों से जुड़ा है, जिन्होंने हिंदू धर्म छोड़कर इस्लाम अपनाया और इसके बाद पिछड़ा वर्ग (मुस्लिम) यानी Backward Class (Muslim) श्रेणी में आरक्षण का लाभ लेने का दावा किया था। Supreme Court के फैसले के मुताबिक, केवल इस्लाम अपनाने से कोई व्यक्ति तमिलनाडु की अधिसूचित पिछड़ा वर्ग (मुस्लिम) श्रेणी में अपने आप शामिल नहीं हो सकता। इस फैसले ने धर्म परिवर्तन और आरक्षण की पात्रता से जुड़े कानूनी सवालों को फिर चर्चा में ला दिया है। Supreme Court का क्या है पूरा फैसला? सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु सरकार की याचिका पर सुनवाई करते हुए मद्रास हाई कोर्ट के आदेश को बरकरार रखा। हाई कोर्ट ने राज्य सरकार के उस आदेश को रद्द कर दिया था, जिसमें कुछ समुदायों से इस्लाम अपनाने वाले लोगों को Backward Class (Muslim) श्रेणी में आरक्षण देने की व्यवस्था की गई थी। अदालत के फैसले का मुख्य आधार यह है कि किसी व्यक्ति की पहले की जातिगत पहचान के कारण उसे दूसरी धार्मिक श्रेणी में आरक्षण का पात्र अपने आप नहीं माना जा सकता। संबंधित आरक्षण श्रेणी के लिए निर्धारित कानूनी शर्तों को पूरा करना जरूरी है। इस मामले में फैसला तमिलनाडु की विशिष्ट आरक्षण व्यवस्था से जुड़ा है। इसलिए इसे देश में सभी तरह के आरक्षण पर लागू होने वाले एक समान प्रतिबंध के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। कैसे शुरू हुआ धर्म परिवर्तन और Reservation का मामला? इस विवाद की शुरुआत तमिलनाडु सरकार के 9 मार्च 2024 के सरकारी आदेश से हुई थी। इस आदेश के तहत कुछ ऐसे लोगों को पिछड़ा वर्ग (मुस्लिम) श्रेणी में शामिल करने की व्यवस्था की गई थी, जो पहले पिछड़ा वर्ग, अति पिछड़ा वर्ग, विमुक्त समुदाय या अनुसूचित जाति से संबंधित थे और बाद में उन्होंने इस्लाम अपना लिया था। सरकार के इस फैसले को मद्रास हाई कोर्ट में चुनौती दी गई। 25 जून 2026 को हाई कोर्ट ने सरकारी आदेश को रद्द कर दिया। इसके बाद तमिलनाडु सरकार ने इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की। राज्य सरकार का कहना था कि धर्म परिवर्तन करने से किसी व्यक्ति की सामाजिक और शैक्षणिक पिछड़ेपन से जुड़ी परिस्थितियां जरूरी नहीं कि बदल जाएं। इसी आधार पर सरकार ने अपने आदेश का बचाव किया। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने मद्रास हाई कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा। इसके साथ ही इस मामले में सरकार की चुनौती सफल नहीं रही। क्या धर्म बदलने पर खत्म हो जाएगा SC और OBC Reservation? Supreme Court के फैसले के बाद यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या धर्म परिवर्तन करने वाले लोगों को अब किसी भी तरह का आरक्षण नहीं मिलेगा। लेकिन इस मामले को समझते समय अलग-अलग आरक्षण श्रेणियों के नियमों पर ध्यान देना जरूरी है। यह फैसला मुख्य रूप से तमिलनाडु की Backward Class (Muslim) श्रेणी में पात्रता से संबंधित है। इसका अर्थ यह नहीं है कि अदालत ने सभी धर्म परिवर्तन करने वालों के लिए हर प्रकार के आरक्षण पर एक समान रोक लगा दी है। अनुसूचित जाति (SC), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और राज्य की विशेष पिछड़ा वर्ग श्रेणियों के लिए अलग-अलग कानूनी प्रावधान लागू हो सकते हैं। अनुसूचित जाति के दर्जे से जुड़े नियम Constitution (Scheduled Castes) Order, 1950 में दिए गए हैं। वहीं, अन्य श्रेणियों में पात्रता संबंधित कानूनों और अधिसूचनाओं के अनुसार तय होती है। इसलिए किसी व्यक्ति को आरक्षण मिलेगा या नहीं, यह उसकी संबंधित श्रेणी और उस पर लागू कानूनी प्रावधानों पर निर्भर करता है। तमिलनाडु सरकार की दलील क्यों थी अहम? तमिलनाडु सरकार ने अपने आदेश के समर्थन में सामाजिक और शैक्षणिक पिछड़ेपन का मुद्दा उठाया था। सरकार की दलील थी कि धर्म बदलने से किसी व्यक्ति के सामने मौजूद सामाजिक चुनौतियां अपने आप खत्म नहीं हो जातीं। दूसरी ओर, मामले में सवाल यह था कि क्या पुराने जातिगत दर्जे के आधार पर किसी व्यक्ति को मुस्लिम पिछड़ा वर्ग की अधिसूचित श्रेणी में शामिल किया जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने इस विवाद में संबंधित आरक्षण श्रेणी की पात्रता और कानूनी शर्तों के महत्व को रेखांकित किया है। आम लोगों के लिए क्या है इसका मतलब? इस फैसले का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि आरक्षण का लाभ पाने के लिए केवल धर्म परिवर्तन या पुरानी जातिगत पहचान को पर्याप्त नहीं माना जा सकता। संबंधित श्रेणी के नियमों के तहत पात्रता साबित करना जरूरी है। धर्म परिवर्तन और आरक्षण से जुड़े मामलों में सामाजिक परिस्थितियों के साथ-साथ कानूनी प्रावधानों की भी अहम भूमिका होती है। इसी वजह से किसी एक मामले के फैसले को सभी राज्यों और सभी आरक्षण श्रेणियों पर सीधे लागू मानना सही नहीं होगा। फिलहाल, सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु के इस मामले में मद्रास हाई कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा है। यह फैसला धर्म परिवर्तन के बाद आरक्षण की पात्रता को लेकर चल रही कानूनी बहस में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more

एअर इंडिया की फ्रैंकफर्ट-दिल्ली फ्लाइट की जयपुर में इमरजेंसी लैंडिंग, हाईजैक अलर्ट से मचा हड़कंप

फ्रैंकफर्ट से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट AI-2030 की बुधवार सुबह जयपुर एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। विमान को यह कदम उस समय उठाना पड़ा, जब अहमदाबाद एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को फ्लाइट से हाईजैक अलर्ट का सिग्नल मिला। हालांकि, शुरुआती जांच में सिस्टम की गड़बड़ी के कारण यह संदेश जनरेट होने की आशंका जताई गई है। जानकारी के मुताबिक, अहमदाबाद ATC से मिले अलर्ट को जयपुर ATC के साथ साझा किया गया। इसके करीब 45 मिनट बाद विमान को जयपुर में सुरक्षित उतारा गया। शुरुआती जानकारी के अनुसार, हाईजैक अलर्ट के पीछे तकनीकी या सिस्टम संबंधी गलती हो सकती है। मामले में विस्तृत जांच की जानकारी सामने आना बाकी है। रात 9:45 बजे फ्रैंकफर्ट से भरी थी उड़ान फ्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइट Flightradar24 के मुताबिक, विमान ने 13 अक्टूबर की रात 9:45 बजे फ्रैंकफर्ट से उड़ान भरी थी। इसे 14 अक्टूबर की सुबह 10:40 बजे दिल्ली पहुंचना था, लेकिन हाईजैक अलर्ट मिलने के बाद विमान को जयपुर की ओर डायवर्ट कर दिया गया। 30 सितंबर को फ्लाईदुबई की फ्लाइट में भी मिला था हाईजैक सिग्नल इससे पहले 30 सितंबर को इजराइल जा रही फ्लाईदुबई की एक फ्लाइट से भी हाईजैक कोड 7500 भेजे जाने की खबर सामने आई थी। उस घटना में पायलट द्वारा विमान को हाईजैक करने और क्रैश करने की कोशिश किए जाने का दावा किया गया था। बताया गया कि भारतीय को-पायलट कैप्टन स्मित मच्छर ने स्थिति को संभालते हुए विमान को नुकसान पहुंचाने की कोशिश नाकाम कर दी थी।
Read more
CJP

SIR Controversy जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने पहुंचे CJP नेता, आशुतोष रांका और सौरव दास हिरासत में

दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन को लेकर मंगलवार, 13 अक्टूबर को एक बार फिर तनाव की स्थिति बनी। CJP नेता आशुतोष रांका और सौरव दास को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। दोनों नेता वहां प्रदर्शन करने पहुंचे थे। खास बात यह है कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन को लेकर पाबंदियां लागू होने के बावजूद CJP नेताओं ने पीछे हटने के बजाय इसी जगह पर अपनी बात रखने का फैसला किया। यह पूरा मामला मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर चल रहे विरोध से जुड़ा है। CJP के नेताओं का कहना है कि वे अपनी मांगों को सार्वजनिक रूप से उठाना चाहते हैं। हालांकि, पुलिस की कार्रवाई और प्रदर्शन से संबंधित आदेशों को लेकर स्थिति स्पष्ट करने के लिए आधिकारिक जानकारी जरूरी है। जंतर-मंतर पहुंचे CJP नेता, पुलिस ने लिया हिरासत में मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आशुतोष रांका और सौरव दास मंगलवार को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने पहुंचे थे। यहां प्रदर्शन की अनुमति को लेकर पाबंदियां लागू थीं। इसी दौरान पुलिस ने दोनों नेताओं को हिरासत में ले लिया। CJP नेताओं का रुख है कि वे अपनी मांगों को लेकर इसी जगह पर प्रदर्शन करना चाहते हैं। पार्टी की ओर से विरोध जारी रखने की बात कही गई है। इस घटनाक्रम ने एक बार फिर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति और सार्वजनिक स्थानों पर विरोध दर्ज कराने के अधिकार से जुड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, हिरासत में लिए गए नेताओं की मौजूदा स्थिति और पुलिस की आगे की कार्रवाई को लेकर ताजा आधिकारिक पुष्टि जरूरी है। Jantar Mantar पर Protest Ban क्यों बना मुद्दा? जंतर-मंतर दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों का एक जाना-पहचाना केंद्र रहा है। यहां अलग-अलग राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और नागरिक समूहों ने कई मुद्दों पर अपनी आवाज उठाई है। इसलिए इस जगह पर प्रदर्शन से जुड़ी पाबंदियां लगने की खबर सामने आने के बाद मामला चर्चा में आ गया है। CJP नेताओं ने पाबंदियों के बीच भी जंतर-मंतर पर पहुंचकर प्रदर्शन करने का फैसला किया। दूसरी ओर, पुलिस की कार्रवाई के पीछे अनुमति और कानून-व्यवस्था से जुड़े नियम बताए जा रहे हैं। इस मामले में यह जानना अहम है कि संबंधित आदेश किस तारीख से लागू हुआ, उसमें किन गतिविधियों पर रोक लगाई गई और क्या किसी तरह की अनुमति का विकल्प उपलब्ध है। इन सवालों का जवाब संबंधित सरकारी आदेश और प्रशासन के आधिकारिक पक्ष से ही स्पष्ट होगा। Gyanesh Kumar के इस्तीफे की मांग, SIR पर क्या है विवाद? CJP का विरोध मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग से जुड़ा है। पार्टी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision) यानी SIR की प्रक्रिया पर सवाल उठा रही है। प्रदर्शनकारियों की चिंता है कि मतदाता सूची में नाम हटाए जाने से पात्र मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। इसी मुद्दे पर विपक्ष के कुछ नेताओं ने भी सवाल उठाए हैं। हालांकि, मतदाता सूची में संशोधन की प्रक्रिया के दौरान नाम हटने के अलग-अलग कारण हो सकते हैं। इसलिए इस मुद्दे पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले चुनाव आयोग के आधिकारिक आंकड़ों, संबंधित आदेशों और आपत्तियों की स्थिति को देखना जरूरी है। पहले भी हिरासत में लिए गए थे CJP नेता जंतर-मंतर पर ताजा कार्रवाई से पहले भी CJP नेताओं को हिरासत में लिए जाने की खबर आई थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 10 अक्टूबर को प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके के साथ आशुतोष रांका और सौरव दास को भी हिरासत में लिया गया था। इसके बाद उनकी रिहाई की खबर सामने आई। अब एक बार फिर आशुतोष रांका और सौरव दास को हिरासत में लिए जाने से CJP के प्रदर्शन और प्रशासन के बीच टकराव का मुद्दा चर्चा में है। आगे क्या होगा? फिलहाल, इस मामले में तीन बातें अहम हैं—हिरासत में लिए गए नेताओं की स्थिति, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन को लेकर लागू आदेश और CJP की आगे की रणनीति। एक तरफ प्रशासन को सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए नियमों का पालन कराना होता है, तो दूसरी तरफ शांतिपूर्ण विरोध और अपनी बात रखने का अधिकार भी लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस मामले में आगे क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर सभी की नजर रहेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
राहुल गांधी

INDIA Bloc Protest: राहुल गांधी का सवाल- ‘दिल्ली कैद में क्यों है?’, Supreme Court जाएगा विपक्ष

दिल्ली में चुनाव आयोग और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को लेकर सियासी माहौल गर्म है। सोमवार, 12 अक्टूबर को कांग्रेस समेत INDIA ब्लॉक के नेता सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करने की तैयारी में हैं। राहुल गांधी ने राजधानी में लगाए गए सुरक्षा प्रतिबंधों पर सवाल उठाते हुए पूछा कि आखिर दिल्ली को इस तरह बंद क्यों किया जा रहा है? विपक्ष का कहना है कि मतदाताओं के अधिकारों और चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता से जुड़े सवालों का जवाब मिलना चाहिए। यह पूरा विवाद मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी Special Intensive Revision (SIR) और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका को लेकर है। विपक्षी दल इस मामले में जवाबदेही की मांग कर रहे हैं। वहीं, सुप्रीम कोर्ट में अपनी बात रखने के लिए अब कानूनी रास्ता अपनाने की तैयारी की जा रही है। Rahul Gandhi का सवाल- दिल्ली में इतनी पाबंदियां क्यों? राहुल गांधी ने दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था और लोगों की आवाजाही पर लगे प्रतिबंधों को लेकर सवाल उठाए। विपक्ष का आरोप है कि प्रदर्शन करने और अपनी बात रखने की कोशिश कर रहे लोगों को रोका जा रहा है। कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों का कहना है कि चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों पर सवाल पूछना लोकतांत्रिक अधिकार है। विपक्षी नेता चाहते हैं कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया को लेकर उठ रही शिकायतों पर स्पष्ट जवाब दिया जाए। हालांकि, विपक्ष के आरोपों को अंतिम रूप से प्रमाणित तथ्य नहीं माना जा सकता। इस मामले में चुनाव आयोग का पक्ष और संबंधित कानूनी कार्यवाही भी महत्वपूर्ण है। Supreme Court क्यों पहुंच रहा है INDIA ब्लॉक? INDIA ब्लॉक के नेता चुनाव आयोग से जुड़े विवाद को सुप्रीम कोर्ट के सामने उठाना चाहते हैं। विपक्ष की योजना मार्च के जरिए अदालत तक पहुंचने और अपनी मांगों को लेकर याचिका दायर करने की है। इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी ने मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत से मुलाकात का अनुरोध किया था। रिपोर्ट्स के अनुसार, CJI ने मुलाकात का अनुरोध स्वीकार नहीं किया और संबंधित मुद्दों पर कानूनी प्रक्रिया के तहत अदालत में याचिका दायर करने का रास्ता बताया। इसके बाद विपक्षी नेताओं की नजर सुप्रीम कोर्ट में होने वाली अगली कार्रवाई पर है। याचिका में कौन-सी मांगें रखी जाती हैं और अदालत उन पर क्या विचार करती है, यह आगे की कार्यवाही से स्पष्ट होगा। SIR विवाद क्या है? विपक्ष क्यों उठा रहा सवाल SIR यानी Special Intensive Revision मतदाता सूची की विशेष जांच और संशोधन की प्रक्रिया है। इसका उद्देश्य मतदाता सूची को अपडेट करना होता है, लेकिन इस प्रक्रिया को लेकर विपक्षी दलों ने कई सवाल उठाए हैं। विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए। कांग्रेस सहित INDIA ब्लॉक के नेता मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी कर रहे हैं। दूसरी ओर, चुनाव आयोग की प्रक्रिया और उसके फैसलों को लेकर जारी विवाद में संबंधित तथ्यों को समझना जरूरी है। मतदाता सूची में किसी नाम के जुड़ने या हटने से जुड़े मामलों का आकलन उपलब्ध रिकॉर्ड और निर्धारित नियमों के आधार पर किया जाना चाहिए। Delhi Protest के चलते 6 Metro Stations पर प्रतिबंध INDIA ब्लॉक के मार्च को देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई। दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) की घोषणा के मुताबिक, सोमवार सुबह 6 बजे से शाम 4 बजे तक छह मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार बंद रखने की व्यवस्था की गई थी। इनमें जनपथ, मंडी हाउस, बाराखंबा रोड, केंद्रीय सचिवालय, राजीव चौक और पटेल चौक मेट्रो स्टेशन शामिल थे। सुरक्षा संबंधी इन प्रतिबंधों का असर आम यात्रियों की आवाजाही पर पड़ सकता था। ऐसे में दिल्ली में यात्रा करने वाले लोगों के लिए मेट्रो और ट्रैफिक से जुड़े अपडेट देखना जरूरी है। विपक्ष ने इन प्रतिबंधों को लेकर भी सवाल उठाए हैं। वहीं, सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है। इस मामले में प्रतिबंधों की जरूरत और उनके असर को लेकर अलग-अलग पक्षों की दलीलें सामने आ रही हैं। CJP Protest और हिरासत का मामला भी चर्चा में दिल्ली में प्रदर्शन और हिरासत को लेकर भी पिछले कुछ दिनों से राजनीतिक गतिविधियां तेज रही हैं। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) सहित विभिन्न समूहों ने प्रदर्शन और अनुमति से जुड़े मुद्दे उठाए हैं। प्रदर्शनकारियों की हिरासत, सार्वजनिक परिवहन पर प्रतिबंध और लोगों की आवाजाही को लेकर कानूनी सवाल भी सामने आए हैं। विपक्षी नेताओं ने इन घटनाओं पर आपत्ति जताई है और शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार की बात कही है। इन मामलों में प्रशासन की कार्रवाई और अदालतों के निर्देश महत्वपूर्ण हैं। किसी भी कार्रवाई का मूल्यांकन उसके तथ्यों और कानूनी आधार के अनुसार किया जाना चाहिए। Supreme Court के रुख पर टिकी निगाहें अब इस पूरे घटनाक्रम में सबसे अहम सवाल यह है कि INDIA ब्लॉक के नेता सुप्रीम कोर्ट में अपनी मांगों को किस तरह रखते हैं। विपक्ष चाहता है कि मतदाता सूची से जुड़े आरोपों की जांच हो और चुनाव आयोग की जवाबदेही तय की जाए। वहीं, अदालत में याचिका दायर होने के बाद संबंधित पक्षों की दलीलें और उपलब्ध साक्ष्य मामले की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण होंगे। दिल्ली में INDIA ब्लॉक का मार्च ऐसे समय हो रहा है, जब चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता, मतदाताओं के अधिकार और विरोध-प्रदर्शन की स्वतंत्रता पर बहस तेज है। आने वाले दिनों में सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही और चुनाव आयोग का रुख इस विवाद को लेकर महत्वपूर्ण अपडेट दे सकते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
CJP Protest

CJP Protest अभिजीत दिपके समेत 3 नेताओं को Bail, कोर्ट ने रिहाई का दिया आदे

दिल्ली में CJP प्रदर्शन (CJP Protest) से पहले हिरासत में लिए गए अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को कोर्ट से राहत मिली है। कोर्ट ने तीनों को जमानत देते हुए रिहा करने का आदेश दिया। इस घटनाक्रम के बाद दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन और पुलिस की कार्रवाई एक बार फिर चर्चा में आ गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, तीनों को 10 अक्टूबर को दिल्ली में होने वाले प्रदर्शन में शामिल होने के लिए पहुंचने के दौरान हिरासत में लिया गया था। वे विमान से दिल्ली पहुंचे थे। इसके बाद पुलिस की कार्रवाई और उनकी हिरासत को लेकर सवाल उठने लगे। CJP Protest से पहले क्यों हिरासत में लिए गए थे तीनों? अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को CJP के प्रस्तावित प्रदर्शन से जोड़कर हिरासत में लिया गया था। यह प्रदर्शन दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित किया जाना था। प्रदर्शन से जुड़ी प्रमुख मांगों में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर आपत्तियां शामिल थीं। संगठन ने मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाया था। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि और उनसे जुड़े तथ्यों को संबंधित आधिकारिक रिकॉर्ड के आधार पर ही देखा जाना चाहिए। विमान से दिल्ली पहुंचते ही हुई कार्रवाई रिपोर्ट्स के अनुसार, तीनों नेता विमान से दिल्ली पहुंचे थे। इसी दौरान पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। इस कार्रवाई के बाद CJP के प्रदर्शन को लेकर हलचल बढ़ गई। संगठन की ओर से यह भी संकेत दिया गया था कि यदि प्रमुख सदस्यों को हिरासत में लिया जाता है, तो दूसरे सदस्य प्रदर्शन की जिम्मेदारी संभाल सकते हैं। इस घटनाक्रम ने प्रदर्शन से पहले पुलिस की कार्रवाई और विरोध दर्ज कराने के अधिकार को लेकर बहस को फिर तेज कर दिया। Court से मिली राहत, रिहाई का आदेश हिरासत में लिए गए तीनों नेताओं के लिए कोर्ट का आदेश राहत लेकर आया। उपलब्ध मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट कोर्ट ने अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को जमानत देते हुए रिहा करने का आदेश दिया। हालांकि, जमानत और रिहाई से जुड़ी शर्तों की जानकारी के लिए कोर्ट के आधिकारिक आदेश को देखना जरूरी है। इस आदेश को मामले का अंतिम फैसला मानना भी सही नहीं होगा। CJP Protest और SIR का मुद्दा फिर चर्चा में CJP का प्रस्तावित प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त और SIR प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित था। मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर उठाए गए सवालों के बीच तीन सदस्यों की हिरासत और फिर कोर्ट से मिली राहत ने मामले को और चर्चा में ला दिया है। फिलहाल, इस घटनाक्रम में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को कोर्ट से राहत मिली है। मामले से जुड़ी आगे की जानकारी और कोर्ट के आदेश की शर्तें सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
CJP Protest

CJP Protest 2026: दिल्ली में प्रदर्शन से पहले सख्ती, दीपके-ध्रुव राठी समेत कई लोग हिरासत में

CJP Protest दिल्ली में 10 अक्टूबर को प्रस्तावित कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन से पहले पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी। प्रदर्शन से पहले पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके समेत कई नेताओं और समर्थकों को हिरासत में लिए जाने की खबर सामने आई। यूट्यूबर ध्रुव राठी को भी गुरुग्राम में हिरासत में लिए जाने की जानकारी मिली। इस बीच दिल्ली में मेट्रो और ट्रेन सेवाओं पर भी असर पड़ा। यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी Special Intensive Revision (SIR) को लेकर किया जाना था। प्रदर्शनकारियों ने चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची में नाम हटाए जाने को लेकर सवाल उठाए हैं। CJP Protest: दीपके समेत कई नेताओं को हिरासत में लेने की खबर मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके और पार्टी से जुड़े सौरव दास व आशुतोष रांका को दिल्ली पहुंचने के बाद हिरासत में लिया गया। वहीं, यूट्यूबर ध्रुव राठी को गुरुग्राम के सेक्टर-56 स्थित उनके घर से हिरासत में लिए जाने की खबर सामने आई। प्रदर्शन से पहले पुलिस ने राजधानी में सुरक्षा बढ़ा दी थी। कई इलाकों में बैरिकेडिंग की गई और प्रमुख स्थानों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती बढ़ाई गई। पार्टी के समर्थकों को रोकने के लिए भी कई जगह कार्रवाई की गई। 600 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लेने का दावा मीडिया रिपोर्ट्स में प्रदर्शन से पहले बड़ी संख्या में लोगों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी दी गई। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट में कम से कम 600 लोगों को हिरासत में लेने की बात कही गई, जबकि रॉयटर्स की रिपोर्ट में पुलिस सूत्र के हवाले से सुबह करीब 200 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने का उल्लेख है। दोनों रिपोर्टों में बताए गए आंकड़ों का समय और दायरा अलग हो सकता है। इसलिए हिरासत में लिए गए लोगों की कुल संख्या को लेकर आधिकारिक पुष्टि महत्वपूर्ण है। Delhi Metro Update: कई स्टेशनों के गेट बंद CJP के प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली मेट्रो की सेवाओं पर भी असर पड़ा। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 45 मेट्रो स्टेशनों पर प्रवेश और निकास द्वार बंद किए गए। इनमें राजीव चौक, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट, नई दिल्ली, पटेल चौक, मंडी हाउस, जनपथ और कश्मीरी गेट जैसे प्रमुख स्टेशन शामिल थे। इन पाबंदियों के कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। मेट्रो से सफर करने वाले लोगों के लिए स्टेशन जाने से पहले संबंधित अपडेट देखना जरूरी हो गया। Train Cancellation: 250 से ज्यादा ट्रेनों पर असर दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था के बीच रेल यातायात भी प्रभावित हुआ। मीडिया रिपोर्ट्स में शनिवार को 250 से अधिक ट्रेनों के रद्द होने की जानकारी दी गई। इनमें लंबी दूरी की मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों के साथ लोकल ट्रेनें भी शामिल थीं। हालांकि, सभी ट्रेनें केवल CJP प्रदर्शन के कारण रद्द हुईं या इसके पीछे अन्य परिचालन संबंधी कारण भी थे, इसकी पुष्टि के लिए रेलवे की आधिकारिक जानकारी देखना जरूरी है। यात्रियों को अपनी ट्रेन का स्टेटस जांचने के बाद ही स्टेशन पहुंचने की सलाह दी गई। आखिर क्यों हो रहा है CJP का प्रदर्शन? CJP के प्रदर्शन की मुख्य वजह मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर उठाए गए सवाल हैं। प्रदर्शनकारी समूहों का आरोप है कि मतदाता सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया में पात्र मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। दूसरी ओर, चुनाव आयोग और बीजेपी ने चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोपों को खारिज किया है। चुनाव आयोग का कहना है कि मतदाता सूची को सही रखने के लिए सत्यापन की प्रक्रिया जरूरी है। इस मुद्दे पर राजनीतिक दलों और चुनाव आयोग के बीच मतभेद बने हुए हैं। ऐसे में CJP का प्रदर्शन चुनावी प्रक्रिया और मतदाता अधिकारों को लेकर चल रही बहस का हिस्सा बन गया है। प्रदर्शन से पहले पुलिस की सख्ती, समर्थकों से शांति की अपील प्रदर्शन से पहले दिल्ली पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा बढ़ाई। राजधानी के संवेदनशील इलाकों में बैरिकेडिंग की गई और सार्वजनिक स्थानों पर निगरानी तेज की गई। वहीं, CJP ने अपने समर्थकों से शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने और किसी भी तरह की हिंसा या संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से बचने की अपील की। पार्टी ने सोशल मीडिया पर अपुष्ट जानकारी साझा नहीं करने की सलाह भी दी। हिरासत और परिवहन पाबंदियों पर नजर CJP Protest 2026 से पहले हुई हिरासत की कार्रवाई और मेट्रो-रेल सेवाओं पर असर ने दिल्ली में राजनीतिक माहौल को गर्म कर दिया है। एक तरफ पुलिस सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर सतर्क है, तो दूसरी तरफ प्रदर्शनकारी SIR और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दे उठा रहे हैं। अब इस घटनाक्रम में हिरासत में लिए गए लोगों की स्थिति, परिवहन सेवाओं की बहाली और प्रदर्शन को लेकर प्रशासन के अगले कदम महत्वपूर्ण होंगे। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
CJI

CJI on CJP Protest: दिल्ली में Metro और Train Services पर पाबंदी, सुप्रीम कोर्ट ने जताई चिंता

दिल्ली में 10 अक्टूबर को प्रस्तावित CJP प्रदर्शन से पहले राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली के 57 मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार बंद करने का फैसला लिया गया, वहीं रेलवे ने भी कुछ ट्रेनों के संचालन में बदलाव किए हैं। इस बीच, मेट्रो सेवाओं पर लगाए गए प्रतिबंधों का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया। सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने सरकार और प्रशासन को नसीहत देते हुए कहा कि सुरक्षा के नाम पर ऐसे कदम नहीं उठाए जाने चाहिए, जिनसे आम लोगों को बेवजह परेशानी हो। CJI सूर्यकांत ने क्यों कहा- मक्खी मारने के लिए हथौड़ा न चलाएं? मेट्रो स्टेशनों को बंद करने और सार्वजनिक परिवहन पर प्रतिबंध लगाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने चिंता जताई। CJI सूर्यकांत ने कहा कि किसी समस्या से निपटने के लिए उठाए जाने वाले कदम जरूरत के मुताबिक होने चाहिए। सुरक्षा बनाए रखना जरूरी है, लेकिन इसके लिए आम लोगों की आवाजाही को अनावश्यक रूप से बाधित करना उचित नहीं है। अदालत ने इस बात पर भी जोर दिया कि दिल्ली और आसपास के इलाकों से हर दिन हजारों लोग नौकरी, पढ़ाई और दूसरे जरूरी कामों के लिए सफर करते हैं। ऐसे में मेट्रो सेवाओं पर व्यापक प्रतिबंध लगने से उनकी दिनचर्या प्रभावित हो सकती है। सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद मेट्रो स्टेशनों को बंद रखने के फैसले और सुरक्षा व्यवस्था पर नए सिरे से विचार किए जाने की जरूरत सामने आई है। Delhi Metro Update: 57 मेट्रो स्टेशनों पर प्रतिबंध CJP के प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा कारणों से DMRC से 57 मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार बंद करने का अनुरोध किया था। इस व्यवस्था को 9 अक्टूबर की रात 9 बजे से लागू करने और अगले आदेश तक जारी रखने की बात कही गई। प्रभावित स्टेशनों में राजीव चौक, नई दिल्ली, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट, मंडी हाउस, आईटीओ, दिल्ली गेट, कश्मीरी गेट, खान मार्केट, हौज खास और सुप्रीम कोर्ट जैसे प्रमुख स्टेशन शामिल हैं। मेट्रो के प्रवेश और निकास द्वार बंद होने से यात्रियों को स्टेशन में आने-जाने में परेशानी हो सकती है। हालांकि, प्रभावित स्टेशनों पर इंटरचेंज की सुविधा और ट्रेनों के संचालन से जुड़े नियम अलग-अलग हो सकते हैं। यात्रियों को सफर से पहले DMRC की आधिकारिक एडवाइजरी जरूर देखनी चाहिए। Delhi Railway Update: कई ट्रेनों के संचालन में बदलाव प्रदर्शन के मद्देनजर रेलवे ने भी सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए कुछ ट्रेनों के संचालन में बदलाव किए हैं। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन और हजरत निजामुद्दीन स्टेशन से संबंधित कुछ मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों को रद्द करने या उनके समय में बदलाव की जानकारी सामने आई है। इसका असर दिल्ली आने-जाने वाले यात्रियों पर पड़ सकता है। खासकर दूसरे शहरों से ट्रेन के जरिए राजधानी पहुंचने वाले लोगों को अपनी यात्रा की योजना पहले से बनानी चाहिए। रेलवे स्टेशन जाने से पहले संबंधित ट्रेन का नंबर डालकर उसका ताजा स्टेटस जांचना बेहतर रहेगा। इससे स्टेशन पहुंचने के बाद होने वाली परेशानी से बचा जा सकता है। CJP Protest 2026: प्रदर्शनकारी क्यों कर रहे हैं विरोध? कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का ऐलान किया है। इस प्रदर्शन का प्रमुख मुद्दा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी Special Intensive Revision (SIR) को लेकर उठे सवाल हैं। प्रदर्शनकारी मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। उनका आरोप है कि SIR की प्रक्रिया के कारण मतदाता सूची से नाम हटने और योग्य मतदाताओं के अधिकार प्रभावित होने की आशंका है। दूसरी ओर, निर्वाचन आयोग मतदाता सूची के सत्यापन की प्रक्रिया को चुनावी व्यवस्था का हिस्सा मानता है। इस मुद्दे पर राजनीतिक दलों और विभिन्न संगठनों के बीच बहस जारी है। दिल्ली पुलिस ने प्रस्तावित प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार किया है। इसके बावजूद प्रदर्शनकारियों ने आंदोलन जारी रखने की बात कही है। इसी वजह से राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन सतर्क है। Delhi Traffic Advisory: आम लोगों को किन बातों का रखना चाहिए ध्यान? दिल्ली में मेट्रो और रेल सेवाओं पर संभावित प्रतिबंधों के कारण यात्रियों को अपनी यात्रा की योजना सावधानी से बनानी चाहिए। सुरक्षा और आम लोगों की सुविधा के बीच संतुलन जरूरी दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर उठे इस मामले ने एक अहम सवाल खड़ा किया है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन को सुरक्षा संबंधी कदम उठाने पड़ते हैं, लेकिन उनका असर आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर भी पड़ता है। सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी इसी संतुलन की जरूरत को रेखांकित करती है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि अधिकारी मेट्रो और रेल सेवाओं पर लगाए गए प्रतिबंधों की समीक्षा के बाद क्या फैसला लेते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
New Market

Bhopal New Market Fire न्यू मार्केट में भड़की भीषण आग, 25 फीट तक उठीं लपटें

राजधानी Bhopal के सबसे व्यस्त बाजारों में शामिल न्यू मार्केट (New Market) में गुरुवार को अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने तेज रूप ले लिया और करीब 25 फीट ऊंची लपटें उठने लगीं। आग से निकलने वाला काला धुआं करीब 2 किलोमीटर दूर तक दिखाई दिया, जिसके बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आग की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का काम शुरू किया। दमकलकर्मी आग को आसपास की दुकानों और दूसरे हिस्सों तक फैलने से रोकने में जुटे रहे। आग लगते ही मची हलचल न्यू मार्केट में आग की खबर फैलते ही आसपास मौजूद लोगों और दुकानदारों में हलचल बढ़ गई। दूर से उठता धुआं और ऊंची लपटें देखकर बड़ी संख्या में लोग मौके की ओर जमा होने लगे। सुरक्षा को देखते हुए आसपास के लोगों को आग वाले हिस्से से दूर रखने की कोशिश की गई। फिलहाल आग किस दुकान या हिस्से में लगी और इसकी वजह क्या थी, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। आग पर पूरी तरह काबू पाने के बाद ही नुकसान का सही आकलन हो सकेगा। Fire Brigade ने संभाला मोर्चा घटना की जानकारी मिलते ही दमकल की गाड़ियां न्यू मार्केट पहुंचीं। फायर ब्रिगेड की टीम ने आग बुझाने के साथ ही यह भी कोशिश की कि लपटें आसपास के दुकानों और बाजार के दूसरे हिस्सों तक न पहुंचें। अभी तक आग की घटना में किसी के हताहत होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासन और फायर ब्रिगेड की टीम स्थिति पर नजर बनाए हुए है। New Market Fire से सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल भोपाल का न्यू मार्केट शहर के प्रमुख shopping areas में से एक है और यहां दिनभर बड़ी संख्या में लोग आते-जाते हैं। ऐसे में बाजार में आग लगने की घटना ने Fire Safety व्यवस्था को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है। आग बुझने और जांच पूरी होने के बाद ही पता चलेगा कि घटना की असली वजह क्या थी और दुकानों को कितना नुकसान हुआ। फिलहाल सभी की नजर फायर ब्रिगेड की कार्रवाई और प्रशासन की अगली जानकारी पर है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Nana Patekar Death

Nana Patekar Death: दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का निधन, 75 की उम्र में कार्डियक अरेस्ट ने ली जान

Desh Harpal | Entertainment News हिंदी और मराठी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का 75 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। गुरुवार सुबह गोवा स्थित उनके घर पर तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक उनकी मौत गंभीर कार्डियक अरेस्ट के कारण हुई। नाना पाटेकर के निधन की पुष्टि उनके बेटे मल्हार पाटेकर ने की है। उन्होंने बताया कि वह गोवा पहुंच रहे हैं और परिवार की ओर से विस्तृत जानकारी बाद में साझा की जाएगी। 45 मिनट तक डॉक्टरों ने बचाने की कोशिश की मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक नाना पाटेकर को गंभीर कार्डियक अरेस्ट के बाद अस्पताल पहुंचाया गया। मेडिकल टीम ने करीब 45 मिनट तक CPR देकर उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन उन्हें होश में नहीं लाया जा सका। अस्पताल से जुड़ी जानकारी के अनुसार सुबह करीब 5:20 बजे उनकी मौत की पुष्टि हुई। मामले में मेडिको-लीगल प्रक्रिया शुरू की गई है और पोस्टमार्टम कराया जाएगा। चार दशक से ज्यादा का रहा फिल्मी सफर नाना पाटेकर उन कलाकारों में शामिल रहे, जिन्होंने अपने अभिनय के लिए किसी खास तरह की छवि पर निर्भर रहने के बजाय अलग-अलग तरह के किरदारों को पर्दे पर उतारा। उन्होंने 1978 में ‘गमन’ से अपने फिल्मी सफर की शुरुआत की थी। इसके बाद ‘परिंदा’, ‘क्रांतिवीर’, ‘अग्निसाक्षी’, ‘अब तक छप्पन’, ‘अपहरण’, ‘वेलकम’ और ‘नटसम्राट’ जैसी फिल्मों में उनके अभिनय को दर्शकों ने याद रखा। नाना पाटेकर अभिनेता के साथ-साथ निर्देशक और लेखक के रूप में भी सक्रिय रहे। उनके लंबे करियर में हिंदी और मराठी सिनेमा दोनों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। राष्ट्रीय पुरस्कार और पद्मश्री से हुए सम्मानित नाना पाटेकर को उनके अभिनय के लिए कई प्रतिष्ठित पुरस्कार मिले। उन्हें तीन राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और कई फिल्मफेयर पुरस्कारों से सम्मानित किया गया था। भारत सरकार ने वर्ष 2013 में उन्हें पद्मश्री से भी सम्मानित किया। उनके अभिनय की खासियत यह रही कि वे बड़े पर्दे पर किरदार को केवल निभाते नहीं थे, बल्कि उसे अपनी आवाज, संवाद अदायगी और भाव-भंगिमा से अलग पहचान देते थे। फिल्मों से आगे भी बनाई अलग पहचान नाना पाटेकर का सार्वजनिक जीवन सिर्फ फिल्मों तक सीमित नहीं रहा। किसानों और सामाजिक मुद्दों से जुड़े कार्यों को लेकर भी वे लगातार चर्चा में रहे। हाल के वर्षों में भी उनके सामाजिक कार्यों और जरूरतमंद परिवारों की मदद से जुड़ी खबरें सामने आती रही थीं। नाना पाटेकर के निधन की खबर सामने आने के बाद फिल्म जगत और उनके प्रशंसकों के बीच शोक की लहर है। करीब पांच दशक लंबे करियर में उन्होंने कई ऐसे किरदार दिए, जिन्हें भारतीय सिनेमा के यादगार अभिनय में गिना जाता है। नोट: नाना पाटेकर के निधन से जुड़ी यह खबर शुरुआती उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। परिवार की ओर से विस्तृत बयान सामने आने के बाद खबर को अपडेट किया जाएगा।
Read more

Rahul-Priyanka Protest: ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सड़क पर उतरा विपक्ष, लगातार दूसरे दिन हिरासत

मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को लेकर कांग्रेस और विपक्ष का विरोध प्रदर्शन बुधवार को लगातार दूसरे दिन भी जारी रहा। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा समेत INDIA ब्लॉक के कई नेताओं ने दिल्ली में प्रदर्शन किया। जंतर-मंतर की ओर बढ़ रहे विपक्षी नेताओं को पुलिस ने रोक दिया, जिसके बाद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कई नेताओं को हिरासत में लिया गया। इस पूरे विवाद की जड़ Special Intensive Revision (SIR) के तहत मतदाता सूची में किए जा रहे संशोधन और चुनावी प्रक्रिया को लेकर विपक्ष की आपत्तियां हैं। विपक्ष का आरोप है कि वोटर लिस्ट में बदलाव को लेकर कई सवाल हैं और चुनाव आयोग को इनका जवाब देना चाहिए। वहीं, चुनाव आयोग ने विपक्ष के आरोपों पर अपना पक्ष रखा है और कहा है कि मुलाकात को लेकर तय प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए। राहुल गांधी बोले- ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक जारी रहेगा Protest प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी ने साफ कहा कि उनका आंदोलन CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक जारी रहेगा। राहुल गांधी ने CEC की नियुक्ति को लेकर भी सवाल उठाए और इसे लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई। उनके मुताबिक यह मुद्दा सिर्फ किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि देश की चुनावी व्यवस्था और लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जुड़ा है। हालांकि, CEC की नियुक्ति को अवैध बताना राहुल गांधी और विपक्ष का राजनीतिक दावा है। इसे स्वतंत्र तथ्य के तौर पर स्थापित नहीं किया गया है। करीब 300 विपक्षी सांसदों के साथ Jantar Mantar की ओर बढ़े नेता बुधवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की ओर से विपक्षी नेताओं के लिए लंच का आयोजन किया गया। इसके बाद INDIA ब्लॉक के नेता और सांसद जंतर-मंतर की ओर बढ़े। रिपोर्टों के मुताबिक करीब 300 विपक्षी सांसद इस प्रदर्शन में शामिल होने वाले थे। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रास्ते में रोकने के लिए बैरिकेड लगाए थे। जब नेता आगे बढ़ने की कोशिश करने लगे तो पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेना शुरू कर दिया। इस दौरान राहुल गांधी और प्रियंका गांधी भी सड़क पर बैठ गए। कुछ समय बाद पुलिस उन्हें वहां से ले गई। मंगलवार को भी हिरासत में लिए गए थे राहुल-प्रियंका इससे एक दिन पहले मंगलवार को भी राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा ने INDIA ब्लॉक के नेताओं के साथ चुनाव आयोग की ओर मार्च किया था। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को चुनाव आयोग के कार्यालय तक पहुंचने से रोक दिया था। इसके बाद राहुल और प्रियंका गांधी समेत कुछ नेता आकाशवाणी भवन परिसर में बैठ गए। कई घंटे चले इस घटनाक्रम के बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया था। SIR और Voter List को लेकर है पूरा विवाद विपक्ष का विरोध SIR यानी Special Intensive Revision और मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को लेकर है। विपक्षी दलों का कहना है कि वोटर लिस्ट में बदलाव से जुड़े सवालों का समाधान जरूरी है और चुनाव आयोग को इस मामले में जवाब देना चाहिए। इसी वजह से CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई जा रही है। दूसरी तरफ चुनाव आयोग ने कहा है कि मंगलवार शाम 4 बजे तक किसी राजनीतिक दल ने औपचारिक रूप से मुलाकात का अनुरोध नहीं किया था। आयोग के अनुसार बाद में उसे जानकारी मिली कि विपक्षी सांसद मिलना चाहते हैं। आयोग ने यह भी कहा कि सामान्य प्रोटोकॉल के तहत ऐसी बैठक चुनाव आयोग के परिसर में होती है और उसने ज्ञापन लेने के लिए एक वरिष्ठ अधिकारी भेजने का प्रस्ताव दिया था। BJP ने कांग्रेस के Protest पर उठाए सवाल इस बीच बीजेपी नेताओं ने कांग्रेस और विपक्ष के प्रदर्शन की आलोचना की है। बीजेपी नेताओं ने आरोप लगाया कि कांग्रेस चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था पर सवाल उठाकर राजनीतिक माहौल को गर्म कर रही है। बीजेपी ने राहुल गांधी से प्रदर्शन के बजाय चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को निर्धारित संस्थागत प्रक्रिया के जरिए उठाने की बात कही है। फिलहाल दिल्ली में CEC ज्ञानेश कुमार को लेकर विपक्ष का आंदोलन जारी है। राहुल गांधी और कांग्रेस की मांग है कि ज्ञानेश कुमार पद से इस्तीफा दें, जबकि चुनाव आयोग ने SIR और बैठक से जुड़े मुद्दों पर अपना पक्ष रखा है। आने वाले दिनों में यह विवाद संसद और देश की राजनीति में और चर्चा का विषय बन सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
1 2 3 4 … 29

Trending News

Editor's Picks

इंदौर में हेड कॉन्स्टेबल फिरोज खान की 46 अचल संपत्तियों का खुलासा, बाजार मूल्य 64 करोड़ रुपये से अधिक

इंदौर में पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय (PTC) में पदस्थ हेड कॉन्स्टेबल (ड्राइवर) फिरोज खान के खिलाफ लोकायुक्त की आय से अधिक संपत्ति मामले की जांच में नए खुलासे हुए हैं। लोकायुक्त के मुताबिक, 19 अक्टूबर तक की जांच में फिरोज खान, उनके परिवार, सहयोगियों और संबंधित फर्म के नाम पर कुल 46 अचल संपत्तियां खरीदे जाने की जानकारी सामने आई है। इन संपत्तियों की अनुमानित वर्तमान बाजार कीमत 64 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है, जबकि इनकी कुल गाइडलाइन कीमत करीब 17.19 करोड़ रुपये बताई गई है। जांच एजेंसी के अनुसार, फिरोज खान और उनसे जुड़े लोगों की चल-अचल संपत्तियों पर अब तक 18.79 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जाने की जानकारी मिली है। लोकायुक्त संपत्तियों के दस्तावेजों, खरीद में इस्तेमाल की गई राशि और संबंधित लोगों की भूमिका का सत्यापन कर रहा है। जांच अभी जारी है। रंगवासा से लसूड़िया मोरी तक जमीन खरीदने की जानकारी जांच के दौरान इंदौर जिले की देपालपुर तहसील के ग्राम रंगवासा में कई कृषि भूमि की रजिस्ट्रियां सामने आई हैं। ये जमीनें वर्ष 2023 और 2024 में अलग-अलग तारीखों पर खरीदी गई थीं। इसके अलावा, जुलाई 2024 में लसूड़िया मोरी क्षेत्र में रेड कारपेट के पीछे 11.771 हेक्टेयर कृषि भूमि खरीदे जाने की जानकारी मिली है। इस जमीन का गाइडलाइन मूल्य करीब 3.85 करोड़ रुपये बताया गया है। लोकायुक्त के मुताबिक, इन जमीनों की खरीद स्पार्कवेव रियलिटी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर की गई। जांच में सामने आया है कि यह फर्म फिरोज खान की पत्नी हिना खान और इंदौर निवासी युवराज पंवार के संयुक्त नाम से संचालित है। एजेंसी फर्म से जुड़े दस्तावेजों और अन्य जानकारियों की भी जांच कर रही है। लोकायुक्त की जांच में अब तक सामने आए आंकड़े लोकायुक्त की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, जांच में अब तक ये आंकड़े सामने आए हैं: ये आंकड़े जांच के दौरान अब तक जुटाई गई जानकारी पर आधारित हैं। संपत्तियों के वास्तविक स्वामित्व, खरीद के लिए इस्तेमाल की गई राशि और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका का सत्यापन किया जा रहा है। 14 अक्टूबर को कई ठिकानों पर हुई थी सर्चिंग लोकायुक्त ने 14 अक्टूबर को फिरोज खान के विभिन्न आवासों और अन्य ठिकानों पर सर्च कार्रवाई की थी। इसके बाद से जांच एजेंसी संपत्तियों, वित्तीय लेन-देन और उनसे जुड़े दस्तावेजों की जानकारी जुटा रही है। जांच में संपत्तियों की खरीद की तारीख, गाइडलाइन मूल्य और अनुमानित बाजार मूल्य का मिलान किया जा रहा है। आय के ज्ञात स्रोतों और संपत्तियों पर किए गए खर्च के बीच संभावित अंतर का आकलन जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल लोकायुक्त की कार्रवाई जारी है और मामले में आगे की जानकारी जांच के निष्कर्षों के आधार पर सामने आएगी।

लाहौल-स्पीति में दर्दनाक सड़क हादसा: चंद्रभागा नदी के किनारे गिरी कार, 3 की मौत; चालक समेत 4 घायल

हिमाचल प्रदेश के जनजातीय जिले लाहौल-स्पीति के तिन्दी क्षेत्र में सोमवार शाम दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। शादी समारोह में शामिल होने जा रहे ग्रामीणों से भरी एक कार अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे चंद्रभागा नदी के किनारे जा गिरी। हादसे में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कार चालक समेत चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। घायलों को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) उदयपुर पहुंचाया गया है। वीर मंदिर के पास मोड़ पर चालक ने खोया नियंत्रण पुलिस जिला मुख्यालय केलांग से मिली जानकारी के अनुसार, हादसा सोमवार शाम करीब 4 बजे हुआ। हरियाणा नंबर की i20 कार में सात लोग सवार होकर तिन्दी गांव से सलग्रां गांव में आयोजित शादी समारोह में शामिल होने जा रहे थे। इनमें छह लोग सलग्रां गांव और एक व्यक्ति भुजुंड गांव का निवासी था। कार जब तिन्दी के समीप वीर मंदिर के पास एक मोड़ पर पहुंची, तो चालक वाहन पर से नियंत्रण खो बैठा। इसके बाद कार सड़क से नीचे गहरी ढांक में गिरते हुए चंद्रभागा नदी के किनारे जा पहुंची। डीएसपी केलांग केडी शर्मा ने बताया कि पुलिस ने मामले में नियमानुसार कार्रवाई शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में चालक की लापरवाही हादसे का संभावित कारण माना जा रहा है। हालांकि, पुलिस सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रही है। पुलिस और प्रशासन ने चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन हादसे की जानकारी मिलते ही पुलिस चौकी तांदी, पुलिस थाना उदयपुर और स्थानीय प्रशासन की टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। बचाव दल ने घायलों को निकालकर CHC उदयपुर पहुंचाया, जहां उनका इलाज जारी है। वहीं, तीनों मृतकों के शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम और अन्य कानूनी कार्रवाई के लिए CHC उदयपुर भेजे गए हैं। हादसे में जान गंवाने वालों के नाम पुलिस के अनुसार, हादसे में जान गंवाने वाले तीनों लोग सलग्रां गांव के निवासी थे। चार लोग घायल, चालक भी शामिल हादसे में घायल चारों लोगों की पहचान इस प्रकार हुई है: घटना के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है। पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है।

परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड: पंजाब सरकार की 3 महिला IAS अधिकारियों की कमेटी से बातचीत बेनतीजा, अंतिम संस्कार से इनकार

पंजाब के मानसा में एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले में परिवार और पंजाब सरकार के बीच गतिरोध बना हुआ है। परिजनों की मांगों पर बातचीत के लिए राज्य सरकार की ओर से गठित तीन महिला IAS अधिकारियों की कमेटी की पहली बैठक सोमवार को बेनतीजा रही। परिवार और एक्शन कमेटी ने साफ कर दिया है कि मांगें पूरी होने तक झोटा का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा और धरना जारी रहेगा। सोमवार को तीनों महिला IAS अधिकारी झोटा के पिता भीम सिंह और पत्नी मनप्रीत कौर से मिलने पहुंचीं। इस दौरान परिवार की ओर से गठित एक्शन कमेटी के सदस्य भी मौजूद रहे। बैठक के बाद कमेटी के सदस्यों ने बताया कि सरकार की ओर से रखे गए प्रस्तावों पर सहमति नहीं बन सकी है। मांगपत्र सौंपा, CBI जांच की मांग पर अड़ा परिवार एक्शन कमेटी के सदस्यों के मुताबिक, सरकार की कमेटी को मांगपत्र सौंप दिया गया है। उन्होंने कहा कि जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक धरना खत्म नहीं किया जाएगा और अंतिम संस्कार भी नहीं होगा। एक्शन कमेटी ने यह भी कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मंगलवार को परिवार से मिलने आ रहे हैं। कमेटी की मांग है कि अमित शाह परिवार से मुलाकात के दौरान मामले की CBI जांच का ऐलान करें। AAP विधायकों को लानत पत्र देने पहुंचे समर्थक, पुलिस से धक्कामुक्की परविंदर सिंह झोटा की हत्या के विरोध में सोमवार को इंसाफ कमेटी, किसान संगठनों और शिरोमणि अकाली दल के नेताओं ने आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायकों के घरों पर लानत पत्र देने का अभियान चलाया। इस दौरान कुछ जगहों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की स्थिति बनी। लुधियाना में AAP विधायक अशोक पराशर पप्पी के घर की ओर जा रहे अकाली नेताओं को पुलिस ने बैरिकेड लगाकर रोक दिया। नेताओं ने बैरिकेड हटाने की कोशिश की, जिसके बाद छह नेताओं को आगे जाने की अनुमति दी गई। वहीं, बठिंडा के तलवंडी साबो में विधायक प्रो. बलजिंदर कौर के घर के बाहर पुलिस और किसान व अकाली नेता आमने-सामने आ गए। प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़कर आगे बढ़ते हुए विधायक की कोठी पर लानत पत्र चिपका दिया। मौड़ मंडी में धरने के दौरान अकाली नेताओं में बहस मौड़ मंडी में विधायक सुखबीर सिंह माइसरखाना के घर के बाहर चल रहे धरने के दौरान भी माहौल गरमा गया। यहां अकाली दल (वारिस पंजाब दे) के हलका इंचार्ज और शिरोमणि अकाली दल (बादल) के एक कार्यकर्ता के बीच तीखी बहस हुई। बताया जा रहा है कि विवाद उस समय शुरू हुआ, जब लक्खा सिधाना केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दौरे को लेकर बयान दे रहे थे। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच पंजाब की अलग-अलग सरकारों के कामकाज, पूर्व अकाली सरकार के फैसलों और भाजपा के साथ गठबंधन जैसे मुद्दों पर बहस हुई। पिता बोले- पत्नी भी एक्शन कमेटी में होंगी शामिल परविंदर सिंह झोटा के पिता भीम सिंह ने कहा कि अब उनकी बहू मनप्रीत कौर खुद एक्शन कमेटी में शामिल होंगी और मीडिया को भी संबोधित करेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि एक्शन कमेटी के कुछ सदस्यों ने पहले अमित शाह के विरोध का ऐलान किया था। भीम सिंह के मुताबिक, यदि गृह मंत्री का विरोध किया जाता है, तो परिवार इसे अपने विरोध के रूप में देखेगा। फिलहाल परिवार अपनी मांगों पर अड़ा हुआ है। सरकार और एक्शन कमेटी के बीच बातचीत में सहमति नहीं बनने से मामले का समाधान निकलने का इंतजार जारी है।

दशहरे पर PM मोदी और अमित शाह होंगे शामिल, रामलीला स्थलों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम

राजधानी दिल्ली में विजयादशमी का पर्व धूमधाम से मनाने की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस बार दशहरे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अलग-अलग रामलीला आयोजनों में शामिल होंगे। दोनों नेताओं के आगमन को देखते हुए आयोजन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूर्वी दिल्ली में इंद्रप्रस्थ रामलीला समिति के कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। वहीं, अमित शाह लाल किला स्थित माधवदास पार्क में श्री धार्मिक रामलीला समिति के आयोजन में शिरकत करेंगे। दोनों नेता प्रतीकात्मक रूप से धनुष से बाण चलाकर रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन करेंगे। इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना है। दिल्ली पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट प्रधानमंत्री और गृह मंत्री की मौजूदगी को देखते हुए दिल्ली पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर रहेंगी। आयोजन स्थलों पर बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की जाएगी। इसके साथ ही भीड़ प्रबंधन और यातायात व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। दर्शकों की संभावित भीड़ को देखते हुए आसपास की सड़कों पर यातायात प्रतिबंध और रूट डायवर्जन लागू किए जा सकते हैं। लोगों को आयोजन स्थलों पर जाने से पहले यातायात संबंधी दिशा-निर्देशों की जानकारी लेने की सलाह दी गई है। डिजिटल आतिशबाजी और हाईटेक पुतले होंगे आकर्षण दिल्ली की प्रमुख रामलीला समितियों ने दशहरा उत्सव को भव्य बनाने के लिए विशेष तैयारियां की हैं। इस बार डिजिटल आतिशबाजी, आधुनिक तकनीक से तैयार विशाल पुतले और भव्य मंचन दर्शकों के लिए खास आकर्षण होंगे। रामलीला आयोजनों में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की उम्मीद है। आयोजन समितियां उत्सव को यादगार बनाने के साथ-साथ दर्शकों की सुविधा और सुरक्षा के लिए भी तैयारियां कर रही हैं। Desh Har Pal वेबसाइट पर देश-दुनिया, राजनीति और त्योहारों से जुड़ी ताजा खबरों के लिए पढ़ते रहें।

दिल्ली में 6 नए बायोगैस प्लांट लगेंगे, CM रेखा गुप्ता ने किया गोयला डेयरी प्लांट का उद्घाटन

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को कैबिनेट मंत्री आशीष सूद के साथ गोयला डेयरी में 200 मीट्रिक टन प्रतिदिन क्षमता वाले बायोगैस प्लांट का उद्घाटन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने दिल्ली में 6 और बायोगैस प्लांट स्थापित करने की घोषणा की। साथ ही डेयरी कॉलोनियों में जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए 50 करोड़ रुपये देने का ऐलान किया। मुख्यमंत्री के मुताबिक, इस पहल का उद्देश्य डेयरी से निकलने वाले गोबर का उचित निस्तारण करना, प्रदूषण कम करना और पशुपालकों को अतिरिक्त आय का अवसर देना है। रोज 200 टन गोबर से बनेगी कंप्रेस्ड बायोगैस मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि गोयला डेयरी में प्रतिदिन करीब 200 टन गोबर निकलता है। उचित निस्तारण नहीं होने पर इसके नालियों के माध्यम से यमुना तक पहुंचने का खतरा बना रहता है। नए बायोगैस प्लांट में गोबर से प्रतिदिन लगभग 14 हजार घन मीटर कच्ची बायोगैस और 5.6 टन कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) तैयार की जाएगी। तैयार गैस की आपूर्ति पाइपलाइन के जरिए इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) को की जाएगी। कार्यक्रम में दिल्ली की महापौर प्रवेश वाही, उपमहापौर डॉ. मोनिका पंत और विधायक संदीप सहरावत सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। नांगली प्लांट में 55 हजार टन गोबर का निस्तारण मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले डेढ़ साल में 200-200 टन प्रतिदिन क्षमता वाले तीन बायोगैस संयंत्र शुरू किए जा चुके हैं। सितंबर 2025 में शुरू हुए नांगली प्लांट में एक साल के भीतर करीब 55 हजार टन गोबर का निस्तारण किया गया। सरकार की योजना दिल्ली में ऐसे और संयंत्र स्थापित कर डेयरी क्षेत्रों में गोबर के प्रबंधन को बेहतर बनाने की है। इससे कचरे के रूप में जमा होने वाले गोबर का इस्तेमाल ऊर्जा उत्पादन के लिए किया जा सकेगा। पशुपालकों को गोबर के मिलेंगे 67 पैसे प्रति किलो इस परियोजना के तहत संबंधित एजेंसी डेयरी संचालकों से 67 पैसे प्रति किलो की दर से गोबर खरीदेगी। इससे पशुपालकों को गोबर से अतिरिक्त कमाई होगी और उसके निस्तारण की समस्या भी कम हो सकेगी। इसके अलावा, डेयरी कॉलोनियों में जल निकासी व्यवस्था सुधारने के लिए घोषित 50 करोड़ रुपये से स्थानीय स्तर पर सफाई और जलभराव से जुड़ी समस्याओं को दूर करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

About Me

देशहरपल सिर्फ खबरों का मंच नहीं, बल्कि आपकी आवाज़ को सामने लाने का एक सशक्त माध्यम भी है। यहां आपको ताज़ातरीन खबरों के साथ-साथ नौकरी, शिक्षा, और नए भारत की बदलती आर्थिक तस्वीर पर उपयोगी और भरोसेमंद जानकारी मिलेगी।

Phone: +91 9406783569, +91 755 484 8829
Email: support@deshharpal.com
Address : A-23 Sakshi Bunglow Trilanga Near Aura Mall Bhopal M.P

Recent Posts

  • All Post
  • Breaking News
  • Education
  • More News
  • Web Story
  • एंटरटेनमेंट
  • देश-हरपल
  • धर्म-कर्म
  • प्रदेश
  • बिज़नेस
  • वर्ल्ड न्यूज़
  • वीडियो
  • स्पोर्ट्स
    •   Back
    • एक्सक्लूसिव
    • Editorial
    •   Back
    • IPL 2026
    • T20 वर्ल्ड कप
    • FIFA 2026
    •   Back
    • सोच-विचार
    • हेल्थ
    • ट्रैवल
    • कल्चर
    • एनवायरनमेंट
    • Impact Feature
    •   Back
    • राशिफल
    • पंचांग
    • पर्व-त्यौहार
    • पूजा-पाठ
    • चैत्र नवरात्रि 2025
    •   Back
    • मध्य प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    •   Back
    • टीवी
    • वेब-सीरीज
    • फिल्म रिव्यू
    • बॉलीवुड
    •   Back
    • लाइफस्टाइल
    •   Back
    • स्टॉक-मार्केट

© 2023 Deshharpal. All Rights Reserved.