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Tiger Shroff

Tiger Shroff Firing Case: कोटा में पकड़े गए 3 आरोपी, ट्रेन के General Coach में पुलिस का ऑपरेशन

मुंबई में बॉलीवुड एक्टर टाइगर श्रॉफ (Tiger Shroff) की कार पर फायरिंग की घटना ने सभी को चौंका दिया था। वारदात के बाद आरोपी शहर से निकल गए, लेकिन पुलिस की जांच और लगातार मिल रहे इनपुट के चलते उनकी फरारी ज्यादा लंबी नहीं चल सकी। राजस्थान के कोटा रेलवे स्टेशन पर पुलिस ने ट्रेन के जनरल कोच से तीनों आरोपियों को पकड़ लिया। इस पूरे ऑपरेशन में करीब 15 से 20 मिनट लगे। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों को पकड़ने के लिए मुंबई पुलिस से मिली जानकारी, तकनीकी इनपुट और स्थानीय पुलिस की टीमों ने अहम भूमिका निभाई। अब मुंबई पुलिस इस मामले में हमले की वजह और कथित साजिश की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। Tiger Shroff Firing Case: क्या है पूरा मामला? 18 अक्टूबर 2026 की शाम मुंबई के जुहू इलाके में Tiger Shroff की कार पर फायरिंग की घटना सामने आई थी। पुलिस के अनुसार, बाइक पर सवार हमलावरों ने कार को निशाना बनाते हुए कई राउंड फायर किए। इस घटना में टाइगर श्रॉफ सुरक्षित रहे, जबकि उनके ड्राइवर और एक अन्य व्यक्ति को चोटें आईं। घटना के बाद पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की। मौके से मिले सुराग, आसपास के CCTV फुटेज और संदिग्धों की आवाजाही की जानकारी के आधार पर जांच आगे बढ़ाई गई। पुलिस यह पता लगाने में जुटी कि हमले की योजना किसने बनाई और इसमें किन लोगों की भूमिका थी। मुंबई से सूरत होते हुए कोटा पहुंचे आरोपी जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि घटना के बाद आरोपी मुंबई से बाहर निकल गए थे। रिपोर्टों के मुताबिक, वे सूरत पहुंचे और फिर ट्रेन से जयपुर की ओर जा रहे थे। पुलिस को शक था कि उनका अगला पड़ाव दिल्ली हो सकता है और वहां से वे नेपाल जाने की कोशिश कर सकते हैं। मुंबई पुलिस से मिले इनपुट के बाद कोटा पुलिस ने रेलवे स्टेशन पर तलाश शुरू की। पुणे-जयपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस के जनरल कोच में संदिग्धों की पहचान की गई। इसके बाद अलग-अलग टीमों ने मिलकर कार्रवाई की और तीनों को हिरासत में ले लिया। 15 मिनट में पूरा हुआ Kota Police का ऑपरेशन कोटा पुलिस अधीक्षक तेजस्विनी गौतम के मुताबिक, इस कार्रवाई में स्थानीय पुलिस, साइबर सेल और रेलवे से जुड़ी टीमों ने मिलकर काम किया। पुलिस ने ट्रेन और स्टेशन परिसर में तलाश की। करीब 15 से 20 मिनट के भीतर तीनों संदिग्धों को पकड़ लिया गया। इस कार्रवाई की खास बात यह रही कि पुलिस को मुंबई से मिली जानकारी के आधार पर सीमित समय में संदिग्धों तक पहुंचना था। गिरफ्तारी के बाद तीनों को मुंबई पुलिस के हवाले कर दिया गया, जहां उनसे पूछताछ की गई। कौन हैं Tiger Shroff Firing Case के तीन आरोपी? मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रेहान उर्फ सुक्का, ऋतिक कुर्मी उर्फ रोशन और फूल सिंह के रूप में हुई है। पुलिस इन तीनों की कथित भूमिका, आपसी संपर्क और घटना से जुड़े अन्य लोगों के बारे में पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसियों को यह भी पता लगाना है कि हमले में इस्तेमाल किए गए हथियार कहां से आए और घटना के पीछे क्या मकसद था। पुलिस ने अदालत में हथियार बरामद करने और कथित साजिश की जांच के लिए आरोपियों की हिरासत मांगी थी। Latest Update: 31 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत 21 अक्टूबर 2026 को मुंबई की अदालत ने तीनों आरोपियों को 31 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के जरिए हमले की वजह, हथियारों की बरामदगी और दूसरे संदिग्धों की भूमिका का पता लगाया जाएगा। जांच में कुछ अन्य लोगों के नाम भी सामने आए हैं। पुलिस कथित तौर पर हथियारों की सप्लाई और आरोपियों के संपर्कों की कड़ियां जोड़ रही है। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के जरिए होनी बाकी है। अब पुलिस किन सवालों के जवाब तलाश रही है? टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में पुलिस के सामने कई अहम सवाल हैं। हमले की साजिश किसने रची, आरोपियों को किसने मदद दी और घटना के पीछे असली मकसद क्या था—इन सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। कोटा रेलवे स्टेशन पर हुई गिरफ्तारी ने जांच को आगे बढ़ाने में मदद की है। अब मुंबई पुलिस की पूछताछ और आगे मिलने वाले सबूतों से इस मामले की बाकी कड़ियां स्पष्ट होने की उम्मीद है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Ranbir Kapoor

Ranbir Kapoor Controversy: सच्चाई और अच्छाई पर गलत बोल गए रणबीर, अब मांगी माफी

बॉलीवुड एक्टर रणबीर कपूर (Ranbir Kapoor) अपने एक बयान को लेकर चर्चा में हैं। दशहरे के मौके पर कोलकाता में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने सच्चाई और अच्छाई को लेकर कुछ ऐसा कह दिया, जिस पर सोशल मीडिया पर सवाल उठने लगे। वीडियो वायरल हुआ तो लोगों ने उन्हें ट्रोल करना शुरू कर दिया। अब रणबीर कपूर ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए माफी मांगी है। उन्होंने सफाई दी कि बोलते समय उनकी जुबान फिसल गई थी और वह कुछ और कहना चाहते थे। दशहरे पर क्या बोल गए रणबीर कपूर? दरअसल, दशहरे के मौके पर Ranbir Kapoor कोलकाता में एक कार्यक्रम में शामिल हुए थे। इस दौरान वह बुराई पर अच्छाई की जीत के संदेश के बारे में बात कर रहे थे। लेकिन अपनी बात रखते समय वह ‘सच्चाई और अच्छाई की जीत’ की जगह उनके अंत होने जैसी बात कह गए। उनके इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। इसके बाद कई यूजर्स ने उनके शब्दों पर सवाल उठाए, तो कुछ ने मजाकिया अंदाज में प्रतिक्रिया दी। मामला इसलिए भी चर्चा में आया क्योंकि रणबीर कपूर अपनी आगामी फिल्म ‘रामायण’ में भगवान राम की भूमिका निभा रहे हैं। ट्रोलिंग के बाद Ranbir Kapoor ने मांगी माफी बयान को लेकर विवाद बढ़ने के बाद रणबीर कपूर ने चेन्नई में आयोजित ‘रामायण’ के म्यूजिकल इवेंट में इस पर सफाई दी। उन्होंने माना कि उस समय बोलते हुए उनकी जुबान फिसल गई थी। Ranbir ने बताया कि वह कहना चाहते थे कि बुराई कितनी भी ताकतवर क्यों न हो, आखिरकार जीत सच्चाई और अच्छाई की ही होती है। लेकिन शब्दों के गलत इस्तेमाल के कारण उनकी बात का अर्थ बदल गया। उन्होंने अपनी गलती के लिए माफी भी मांगी। अभिनेता ने हल्के-फुल्के अंदाज में यह भी समझाया कि कभी-कभी वह कहना कुछ चाहते हैं, लेकिन उनके मुंह से कुछ और निकल जाता है। उनकी इस सफाई के बाद यह साफ हुआ कि उनका इरादा दशहरे के संदेश के उलट बात कहने का नहीं था। Social Media पर क्यों होने लगे Ranbir Kapoor ट्रोल? Ranbir Kapoor का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। कुछ लोगों ने इसे जुबान फिसलने की सामान्य गलती बताया, जबकि कुछ यूजर्स ने सार्वजनिक मंच पर बोलते समय ज्यादा सावधानी बरतने की बात कही। फिल्म ‘रामायण’ में भगवान राम का किरदार निभाने की वजह से भी यह बयान लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया। हालांकि, रणबीर ने ज्यादा देर तक इस मामले पर चुप रहने के बजाय अपनी बात स्पष्ट की और गलती स्वीकार कर ली। Ranbir Kapoor की अपकमिंग फिल्म Ramayana भी चर्चा में रणबीर कपूर इन दिनों निर्देशक नितेश तिवारी की फिल्म ‘रामायण’ को लेकर भी सुर्खियों में हैं। फिल्म में साई पल्लवी माता सीता, यश रावण, सनी देओल हनुमान और रवि दुबे लक्ष्मण की भूमिका में नजर आएंगे। फिल्म के पहले भाग की रिलीज 5 नवंबर 2026 को तय बताई गई है। ऐसे में फिल्म के प्रमोशन के दौरान रणबीर कपूर के बयान ने भी लोगों का ध्यान खींचा है। Ranbir Kapoor Controversy: क्या है पूरा मामला? इस पूरे विवाद की शुरुआत दशहरे के कार्यक्रम में बोले गए गलत शब्दों से हुई। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद रणबीर कपूर को आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। इसके बाद उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि उनकी जुबान फिसल गई थी और वह अच्छाई व सच्चाई की जीत की बात कर रहे थे। फिलहाल, रणबीर कपूर की माफी के बाद इस मामले में उनकी सफाई सामने आ चुकी है। अब दर्शकों की नजर उनकी फिल्म ‘रामायण’ पर है, जिसे लेकर पहले से ही काफी उत्सुकता बनी हुई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Imran Khan

Imran Khan भारत छोड़ने के नोटिस पर विवाद, Akshay Kumar और Adnan Sami की Citizenship भी चर्चा में

बॉलीवुड में किसी अभिनेता की फिल्म हिट हो या फ्लॉप, उससे जुड़ी खबरें अक्सर चर्चा में रहती हैं। लेकिन जब बात नागरिकता की आती है, तो मामला थोड़ा अलग हो जाता है। अभिनेता इमरान खान को भारत छोड़ने का नोटिस मिलने के बाद एक बार फिर अक्षय कुमार, अदनान सामी, आलिया भट्ट और कटरीना कैफ की नागरिकता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। किसी कलाकार का भारत में जन्म लेना, यहां रहना या हिंदी फिल्मों में काम करना उसे अपने आप भारतीय नागरिक नहीं बना देता। वहीं, विदेशी नागरिकता रखने वाले व्यक्ति के भारत में रहने और काम करने के भी कुछ नियम हैं। ऐसे में समझना जरूरी है कि इमरान खान के मामले में क्या सामने आया है और भारत में Citizenship Rules आखिर क्या कहते हैं। Imran Khan को क्यों मिला भारत छोड़ने का नोटिस? मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अभिनेता इमरान खान (Imran Khan) को मुंबई पुलिस ने 28 अक्टूबर 2026 तक भारत छोड़ने का नोटिस दिया है। इमरान खान अमेरिकी नागरिक हैं और उनकी नागरिकता को लेकर यह मामला चर्चा में आया है। यह विवाद 10 अक्टूबर को मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान में हुए विरोध प्रदर्शन से जुड़ा है। प्रदर्शन में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारे लगाए गए थे। इस आंदोलन में इमरान खान की भागीदारी के बाद भाजपा नेता किरीट सोमैया ने उनकी विदेशी नागरिकता का हवाला देते हुए अधिकारियों से कार्रवाई की मांग की थी। इसके बाद इमरान खान को नोटिस जारी किए जाने की खबर सामने आई। हालांकि, किसी व्यक्ति को नोटिस मिलना और उसके खिलाफ किसी आरोप का अंतिम रूप से साबित होना दो अलग-अलग बातें हैं। इस मामले में नोटिस के आधार और आगे की कानूनी प्रक्रिया पर नजर रखना जरूरी होगा। भारत में Citizenship Rules क्या कहते हैं? नागरिकता मुख्य रूप से Citizenship Act, 1955 के तहत तय होती है। कानून में जन्म, वंश, पंजीकरण और देशीयकरण यानी Naturalisation के जरिए नागरिकता प्राप्त करने के प्रावधान हैं। हर रास्ते के लिए अलग-अलग शर्तें निर्धारित हैं। भारत की नागरिकता से जुड़े 5 जरूरी नियम: नागरिकता से जुड़े नियमों की आधिकारिक जानकारी भारत सरकार के Indian Citizenship Online Portal पर उपलब्ध है। OCI Card क्या है और इसके धारकों को कौन-से अधिकार मिलते हैं? OCI का पूरा नाम Overseas Citizen of India है। कई लोग इसे दोहरी नागरिकता समझ लेते हैं, लेकिन यह भारतीय नागरिकता नहीं है। OCI कार्डधारक विदेशी नागरिक ही रहते हैं और उनके पास किसी दूसरे देश का पासपोर्ट होता है। कार्ड के जरिए पात्र लोगों को भारत आने-जाने और रहने सहित कई सुविधाएं मिलती हैं। हालांकि, वे भारतीय नागरिकों की तरह चुनाव में मतदान नहीं कर सकते और न ही संसद या राज्य विधानसभाओं का चुनाव लड़ सकते हैं। कार्डधारकों पर विदेशी नागरिकों और इमिग्रेशन से जुड़े लागू नियम भी प्रभाव डालते हैं। किसी व्यक्ति के मामले में कार्रवाई की वैधता संबंधित कानून और परिस्थितियों के आधार पर तय होती है। क्या विदेशी नागरिक भारत में Protest कर सकते हैं? इमरान खान के मामले के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या विदेशी नागरिक या OCI कार्डधारक भारत में राजनीतिक प्रदर्शन में शामिल हो सकते हैं। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 19 के तहत अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और शांतिपूर्ण तरीके से एकत्र होने जैसे अधिकार भारतीय नागरिकों को प्राप्त हैं, जो कानून के तहत उचित प्रतिबंधों के अधीन हैं। विदेशी नागरिकों को ये अधिकार उसी रूप में प्राप्त नहीं हैं। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि किसी प्रदर्शन में विदेशी नागरिक की मौजूदगी अपने आप गैरकानूनी हो जाती है। मामले की परिस्थितियां, लागू इमिग्रेशन नियम, संबंधित गतिविधि और प्रशासन की कार्रवाई के आधार को समझना जरूरी है। इमरान खान के मामले में भी नोटिस जारी करने का आधार और आगे की कानूनी प्रक्रिया अहम होगी। Citizenship Controversy: इन मामलों से क्या समझें? इमरान खान, अक्षय कुमार, अदनान सामी, आलिया भट्ट और कटरीना कैफ की नागरिकता से जुड़े मामले अलग-अलग हैं। इमरान खान को भारत छोड़ने का नोटिस मिलने की खबर सामने आई है, अक्षय कुमार को 2023 में भारतीय नागरिकता मिली, जबकि अदनान सामी ने 2016 में भारतीय नागरिकता प्राप्त की थी। दूसरी ओर, आलिया भट्ट और कटरीना कैफ के पास ब्रिटिश नागरिकता है। इन सभी मामलों में एक बात समान है—किसी व्यक्ति की लोकप्रियता, जन्मस्थान या भारत में काम करने से उसकी नागरिकता अपने आप तय नहीं होती। इसके लिए कानूनी प्रावधान और आधिकारिक दस्तावेज मायने रखते हैं। इसलिए नागरिकता से जुड़े किसी भी विवाद को समझते समय सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं के बजाय तथ्यों, आधिकारिक जानकारी और लागू कानूनों पर भरोसा करना जरूरी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Amitabh Bachchan

Amitabh Bachchan Birthday महानायक के जन्मदिन पर घर के बाहर उमड़ी भीड़, फैंस ने जमकर किया डांस

बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) के लिए उनके फैंस की दीवानगी किसी से छिपी नहीं है। उनकी एक झलक पाने के लिए चाहने वाले घंटों इंतजार करने से भी पीछे नहीं हटते। अभिनेता के जन्मदिन के मौके पर भी कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला, जब उनके घर के बाहर प्रशंसकों की भीड़ जुट गई। कोई हाथों में पोस्टर लेकर पहुंचा, तो किसी ने केक बांटकर खुशी जाहिर की। ढोल-नगाड़ों की धुन पर डांस करते फैंस ने पूरे माहौल को उत्सव में बदल दिया। Amitabh Bachchan Birthday पर फैंस ने मनाया जश्न अमिताभ बच्चन के जन्मदिन पर उनके प्रशंसकों में खासा उत्साह देखने को मिला। अपने पसंदीदा अभिनेता को बधाई देने और उनके प्रति प्यार जताने के लिए फैंस उनके घर के बाहर जमा हुए। इस दौरान कई लोग अमिताभ बच्चन के पोस्टर लेकर पहुंचे और उनके लिए अपनी दीवानगी जाहिर की। जश्न के दौरान केक बांटा गया और ढोल-नगाड़ों की आवाज पर प्रशंसक झूमते नजर आए। फैंस के लिए यह सिर्फ एक अभिनेता का जन्मदिन नहीं, बल्कि उस सितारे का खास दिन है, जिसने सालों से अपनी फिल्मों के जरिए लोगों का मनोरंजन किया है। दशकों से बरकरार है Big B का स्टारडम अमिताभ बच्चन ने हिंदी सिनेमा में अपनी अलग पहचान बनाने के लिए कई यादगार किरदार निभाए हैं। ‘जंजीर’, ‘दीवार’, ‘शोले’, ‘डॉन’ और ‘अग्निपथ’ जैसी फिल्मों ने उन्हें दर्शकों के बीच खास लोकप्रियता दिलाई। उनकी दमदार आवाज, शानदार अभिनय और डायलॉग बोलने का अंदाज आज भी लोगों को पसंद आता है। समय के साथ फिल्मों का दौर बदला, नए कलाकार आए और दर्शकों की पसंद भी बदली, लेकिन अमिताभ बच्चन की लोकप्रियता बनी रही। यही वजह है कि उनके जन्मदिन पर फैंस का उत्साह हर बार सुर्खियों में रहता है। फिल्मों से लेकर KBC तक, हर जगह कायम है अमिताभ का जादू बड़े पर्दे के अलावा अमिताभ बच्चन ने टेलीविजन पर भी अपनी मजबूत पहचान बनाई है। लोकप्रिय क्विज शो ‘कौन बनेगा करोड़पति’ (KBC) के जरिए वह लंबे समय से दर्शकों से जुड़े हुए हैं। शो में उनका बातचीत करने का अंदाज और प्रतियोगियों के साथ सहज व्यवहार लोगों को पसंद आता है। उनकी यही खासियत उन्हें सिर्फ एक फिल्म स्टार नहीं, बल्कि कई पीढ़ियों के पसंदीदा कलाकारों में शामिल करती है। पुराने दौर के दर्शकों से लेकर आज के युवाओं तक, बिग बी के चाहने वालों की कमी नहीं है। फैंस का प्यार बना अमिताभ बच्चन की सबसे बड़ी पहचान अमिताभ बच्चन के घर के बाहर जुटे प्रशंसकों का जश्न उनके लंबे फिल्मी सफर और दर्शकों के साथ उनके जुड़ाव की झलक दिखाता है। पोस्टर लेकर पहुंचना, केक बांटना और ढोल-नगाड़ों पर डांस करना फैंस के उत्साह को बयां करता है। एक कलाकार के लिए दर्शकों का इतना प्यार मिलना खास मायने रखता है। अमिताभ बच्चन ने अपने अभिनय से जो पहचान बनाई है, वह आज भी कायम है। उनके जन्मदिन पर फैंस का यह उत्सव बताता है कि बिग बी का नाम आते ही लोगों के मन में आज भी वही सम्मान और उत्साह उमड़ पड़ता है। Amitabh Bachchan Birthday Celebration की यह तस्वीर एक बार फिर दिखाती है कि बॉलीवुड के महानायक का जादू सिर्फ पर्दे तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके चाहने वालों के दिलों में भी उतनी ही मजबूती से कायम है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Kiara Advani

Kiara Advani-Sidharth Malhotra दूसरी बार बनेंगे Parents, Social Media पर दी Good News

बॉलीवुड की पसंदीदा जोड़ियों में शामिल कियारा आडवाणी (Kiara Advani) और सिद्धार्थ मल्होत्रा (Sidharth Malhotra) ने फैंस को एक बार फिर बड़ी खुशखबरी दी है। कपल ने सोशल मीडिया पर बताया कि वे जल्द ही दूसरी बार माता-पिता बनने वाले हैं। जैसे ही यह खबर सामने आई, फैंस और बॉलीवुड सेलेब्स ने दोनों को बधाई देना शुरू कर दिया। सोशल मीडिया पोस्ट से दी Good News कियारा और सिद्धार्थ ने एक खास सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अपने परिवार में नए सदस्य के आने की जानकारी दी। इस पोस्ट में दोनों ने बेहद प्यारे अंदाज में अपनी खुशी जाहिर की। पोस्ट सामने आते ही यह तेजी से वायरल होने लगी और फैंस के बीच चर्चा शुरू हो गई। कपल ने अपने मैसेज में बताया कि एक बार फिर उन्हें जिंदगी का सबसे बड़ा तोहफा मिलने वाला है। दोनों की इस खुशी में उनके चाहने वाले भी शामिल हो गए हैं। बेटी के बाद अब घर आएगा नन्हा मेहमान कियारा आडवाणी और सिद्धार्थ मल्होत्रा पहले से एक बेटी के माता-पिता हैं। अब उनके परिवार में एक और नन्हा सदस्य जुड़ने वाला है। कपल ने अपनी इस खुशी को जिस सादगी के साथ फैंस के साथ शेयर किया, उसने लोगों का दिल जीत लिया। उनकी पोस्ट पर फैंस लगातार प्यार बरसा रहे हैं। कमेंट सेक्शन में लोग दोनों को नई शुरुआत के लिए शुभकामनाएं दे रहे हैं। Shershaah के सेट से शुरू हुई थी Love Story कियारा और सिद्धार्थ की लव स्टोरी की शुरुआत फिल्म ‘शेरशाह’ के दौरान हुई थी। फिल्म में दोनों की जोड़ी को दर्शकों ने खूब पसंद किया। शूटिंग के दौरान दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और बाद में उनका रिश्ता शादी तक पहुंचा। फरवरी 2023 में दोनों ने राजस्थान के जैसलमेर में शादी की थी। शादी के बाद भी दोनों अपनी पर्सनल लाइफ को काफी हद तक निजी रखते आए हैं। दूसरी बार Parents बनने की खबर से खुश हुए Fans कियारा और सिद्धार्थ की दूसरी बार पैरेंट्स बनने की खबर सोशल मीडिया पर तेजी से ट्रेंड कर रही है। फैंस के लिए यह इसलिए भी खास है क्योंकि दोनों अपनी निजी जिंदगी की झलक बहुत कम शेयर करते हैं। अब नए मेहमान के आने की खबर के साथ ही फैंस की नजर इस बात पर है कि कपल आगे कब और क्या अपडेट शेयर करता है। फिलहाल, कियारा और सिद्धार्थ की इस Good News ने उनके चाहने वालों के चेहरे पर मुस्कान जरूर ला दी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Rajpal Yadav

Rajpal Yadav Court Case: कोर्ट में Emotional हुए एक्टर, बोले- ‘मैं खुद Drama बन गया हूं’, 1.15 करोड़ देने को राजी

बॉलीवुड के जाने-माने कॉमेडियन और एक्टर राजपाल यादव (Rajpal Yadav) एक कानूनी मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट में भावुक नजर आए। सुनवाई के दौरान उन्होंने अपनी स्थिति पर बात करते हुए कहा, “मैं खुद ड्रामा बन गया हूं।” उनकी यह बात सुनकर कोर्ट का माहौल भी कुछ देर के लिए भावुक हो गया। मामले की सुनवाई के दौरान राजपाल यादव ने विवाद को खत्म करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए 1.15 करोड़ रुपये देने पर सहमति जताई। बताया जा रहा है कि यह रकम संबंधित मामले के निपटारे के लिए दी जानी है। कोर्ट में भावुक हुए राजपाल यादव राजपाल यादव अपनी कॉमिक टाइमिंग और मजेदार किरदारों के लिए जाने जाते हैं। लेकिन इस बार वह किसी फिल्मी सीन की वजह से नहीं, बल्कि एक कानूनी मामले को लेकर चर्चा में हैं। कोर्ट में अपनी बात रखते हुए उन्होंने कहा कि हालात ने उन्हें ऐसी स्थिति में ला खड़ा किया है, जहां “मैं खुद ड्रामा बन गया हूं।” उनकी इस टिप्पणी से यह साफ नजर आया कि लंबे समय से चल रहे विवाद का असर उन पर भी पड़ा है। 1.15 करोड़ रुपये देने को तैयार सुनवाई के दौरान राजपाल यादव ने मामले को सुलझाने के लिए 1.15 करोड़ रुपये की रकम देने की सहमति जताई। अब इस भुगतान और मामले के आगे के कानूनी पहलुओं को लेकर कोर्ट की प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी। यह कदम इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि राजपाल यादव ने विवाद को आगे बढ़ाने के बजाय उसे बातचीत और भुगतान के जरिए खत्म करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। फिर चर्चा में आए राजपाल यादव राजपाल यादव ने अपने करियर में कॉमेडी से लेकर गंभीर भूमिकाओं तक दर्शकों का मनोरंजन किया है। ‘भूल भुलैया’, ‘ढोल’, ‘हंगामा’ और ‘फिर हेरा फेरी’ जैसी फिल्मों में उनके किरदार आज भी लोगों को याद हैं। ऐसे में कोर्ट से जुड़ी यह खबर सामने आने के बाद वह एक बार फिर सुर्खियों में हैं। फिलहाल मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया पर सबकी नजर रहेगी। 1.15 करोड़ रुपये के भुगतान को लेकर राजपाल यादव की सहमति के बाद अब यह देखना होगा कि विवाद का अंतिम समाधान किस तरह होता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Kainchi Dham

Kainchi Dham में भक्तों की भारी भीड़, ‘Hanuman Ansh’ Director ने शेयर किया जरूरी Video

उत्तराखंड का प्रसिद्ध कैंची धाम (Kainchi Dham) एक बार फिर श्रद्धालुओं से गुलजार है। बाबा नीब करौरी महाराज के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में भक्त यहां पहुंच रहे हैं। बढ़ती भीड़ के बीच अब श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को लेकर भी लोगों का ध्यान गया है। कैंची धाम में भक्तों की बढ़ती संख्या को देखते हुए वहां पहुंचने वालों से धैर्य रखने और व्यवस्था का पालन करने की अपील की जा रही है। दूर-दराज से आने वाले कई श्रद्धालु परिवार के साथ धाम पहुंचते हैं, ऐसे में भीड़ के दौरान थोड़ी अतिरिक्त सावधानी जरूरी हो जाती है। ‘हनुमान अंश’ के Director ने शेयर किया Video इसी बीच फिल्म ‘हनुमान अंश’ (Kainchi Dham) के डायरेक्टर ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया है। इस वीडियो के जरिए उन्होंने कैंची धाम जाने वाले श्रद्धालुओं को जरूरी सावधानी बरतने का संदेश दिया। उनकी अपील का मकसद यही है कि भक्त दर्शन के साथ अपनी सुरक्षा का भी ध्यान रखें। भीड़ के बीच जल्दबाजी करने के बजाय शांतिपूर्वक आगे बढ़ें और वहां मौजूद व्यवस्था व प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। भारी भीड़ में इन बातों का रखें ध्यान कैंची धाम में जब श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ती है तो आसपास के रास्तों और पार्किंग व्यवस्था पर भी दबाव बढ़ सकता है। ऐसे में धाम जाने वाले लोगों के लिए जरूरी है कि वे यात्रा से पहले स्थिति की जानकारी लें। खासकर बच्चों और बुजुर्गों के साथ आने वाले परिवारों को भीड़ में एक-दूसरे का ध्यान रखना चाहिए। किसी भी तरह की परेशानी होने पर प्रशासन या स्थानीय व्यवस्था की मदद लेना बेहतर रहेगा। Kainchi Dham क्यों है इतना खास? बाबा नीब करौरी महाराज से जुड़ा कैंची धाम देश के प्रमुख आध्यात्मिक स्थलों में गिना जाता है। यहां हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। सोशल मीडिया पर कैंची धाम से जुड़ी तस्वीरें और वीडियो वायरल होने के बाद इसकी लोकप्रियता देश ही नहीं, विदेशों में भी बढ़ी है। इसी आस्था के चलते यहां आने वाले भक्तों की संख्या लगातार चर्चा में रहती है। मौजूदा भीड़ को देखते हुए श्रद्धालुओं के लिए सबसे जरूरी संदेश यही है कि वे जल्दबाजी से बचें, व्यवस्था का सहयोग करें और अपनी यात्रा को सुरक्षित बनाएं। फिल्म ‘हनुमान अंश’ के डायरेक्टर की ओर से शेयर किया गया वीडियो भी इसी ओर ध्यान दिलाता है कि आस्था के साथ सावधानी रखना उतना ही जरूरी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Elvish Yadav

Elvish Yadav Kanpur में Dandiya Night के दौरान हंगामा, फैन ने स्टेज पर की ऐसी हरकत

Kanpur में आयोजित डांडिया नाइट में उस वक्त माहौल अचानक बदल गया, जब सोशल मीडिया स्टार एल्विश यादव (Elvish Yadav) के पास एक फैन स्टेज पर पहुंच गया। फैन ने कथित तौर पर एल्विश की जैकेट खींच दी। इस दौरान मंच पर मौजूद एल्विश का एक दोस्त भी नीचे गिर गया। घटना के बाद कुछ देर के लिए कार्यक्रम स्थल पर अफरा-तफरी जैसी स्थिति देखने को मिली। यह मामला कानपुर के मोतीझील ग्राउंड में आयोजित रांगीलो रास एंटरटेनमेंट फेस्टिवल और डांडिया नाइट का है। कार्यक्रम में एल्विश यादव के अलावा सिंगर गुनगुन गुप्ता भी पहुंची थीं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए थे और एल्विश के पहुंचने के बाद फैंस का उत्साह और बढ़ गया। स्टेज पर अचानक पहुंचा Fan कार्यक्रम के दौरान एल्विश यादव मंच पर मौजूद थे। इसी बीच एक फैन सुरक्षा घेरे को पार करते हुए स्टेज तक पहुंच गया। सामने आई जानकारी के अनुसार, उसने एल्विश की जैकेट खींचने की कोशिश की। अचानक हुई इस घटना से मंच पर मौजूद लोगों में हलचल मच गई। इसी दौरान एल्विश के साथ मौजूद एक दोस्त के मंच से नीचे गिरने की बात भी सामने आई है। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। करीब 2 हजार लोगों के पहुंचने की जानकारी कानपुर में हुए इस Entertainment Festival में करीब 2 हजार लोगों के शामिल होने की जानकारी सामने आई है। कार्यक्रम शाम से शुरू हुआ था और एल्विश यादव व गुनगुन गुप्ता रात करीब 10 बजे कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे। एल्विश के मंच पर आते ही फैंस ने जमकर उत्साह दिखाया। म्यूजिक, डीजे और डांडिया के बीच कार्यक्रम का माहौल काफी जोश से भरा हुआ था। लवकेश कटारिया भी रहे मौजूद कार्यक्रम में एल्विश यादव की टीम से जुड़े लवकेश कटारिया समेत कई चर्चित चेहरे भी मौजूद थे। आयोजन में लाइव म्यूजिक, डीजे, ढोल और डांडिया के साथ सेलिब्रिटी अपीयरेंस रखा गया था। स्टेज पर फैन के पहुंचने का वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में है। हालांकि, वायरल वीडियो को लेकर किए जा रहे सभी दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए वीडियो में नजर आने वाली घटना से आगे की जानकारी को आधिकारिक पुष्टि के बाद ही सही माना जाना चाहिए। कानपुर की यह डांडिया नाइट जहां म्यूजिक और सेलिब्रिटी अपीयरेंस के लिए आयोजित की गई थी, वहीं एल्विश यादव के साथ हुई इस अचानक घटना के कारण भी चर्चा में आ गई। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Nushrratt Bharuccha की Surgery होगी, Bollywood की इन Actresses ने भी झेले गंभीर हादसे

Nushrratt Bharuccha की Surgery होगी, Bollywood की इन Actresses ने भी झेले गंभीर हादसे

बॉलीवुड एक्ट्रेस Nushrratt Bharuccha की सर्जरी होने की खबर सामने आई है। अभिनेत्री की सेहत को लेकर यह अपडेट सामने आने के बाद उनके फैंस के बीच चिंता बढ़ गई है। हालांकि, सर्जरी से जुड़ी पूरी जानकारी और उनकी मौजूदा स्थिति को लेकर आधिकारिक अपडेट का इंतजार है। इसी बीच बॉलीवुड की कुछ ऐसी अभिनेत्रियों के पुराने हादसे भी चर्चा में आ गए हैं, जिन्होंने मुश्किल समय का सामना किया और बाद में अपनी जिंदगी और करियर को फिर से संभाला। अनु अग्रवाल 29 दिन तक कोमा में थीं फिल्म आशिकी से लोकप्रिय हुईं अभिनेत्री अनु अग्रवाल वर्ष 1999 में एक सड़क हादसे का शिकार हुई थीं। हादसे के बाद उनकी हालत बेहद गंभीर हो गई थी और वह करीब 29 दिनों तक कोमा में रहीं। इस हादसे के बाद उन्हें लंबे समय तक इलाज और रिकवरी से गुजरना पड़ा। उनकी जिंदगी में आए इस मुश्किल दौर ने उनके करियर पर भी गहरा असर डाला। महिमा चौधरी के चेहरे से निकाले गए कांच के टुकड़े अभिनेत्री महिमा चौधरी भी एक गंभीर सड़क हादसे का सामना कर चुकी हैं। हादसे के दौरान कार की विंडस्क्रीन टूट गई थी और कांच के टुकड़ों से उनके चेहरे पर चोट लगी थी। इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उनके चेहरे से कांच के टुकड़े निकाले थे। इस हादसे के बाद महिमा ने भी लंबे समय तक स्वास्थ्य और करियर से जुड़ी चुनौतियों का सामना किया। Nushrratt Bharuccha की Surgery पर नजर अब नुसरत भरूचा की सर्जरी की खबर ने एक बार फिर बॉलीवुड सितारों की सेहत और हादसों से जुड़ी कहानियों को चर्चा में ला दिया है। फैंस अभिनेत्री के जल्द ठीक होने की उम्मीद कर रहे हैं। उनकी सर्जरी और स्वास्थ्य को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद स्थिति और साफ होगी।
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Mika Singh ने Diljit Dosanjh पर उठाए सवाल, ‘Border 2’ Promotion को लेकर बोले- क्यों नहीं किया प्रमोट?

Mika Singh ने Diljit Dosanjh पर उठाए सवाल, ‘Border 2’ Promotion को लेकर बोले- क्यों नहीं किया प्रमोट?

सिंगर Mika Singh ने अभिनेता और सिंगर Diljit Dosanjh को लेकर सवाल उठाए हैं। मीका सिंह ने दावा किया कि दिलजीत ने फिल्म ‘Border 2’ के प्रमोशन में हिस्सा नहीं लिया, जबकि उन्होंने पाकिस्तानी एक्ट्रेस के साथ बनी एक फिल्म को प्रमोट किया था। मीका सिंह के इस बयान के बाद सोशल मीडिया और फिल्म इंडस्ट्री में इस मुद्दे को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि, दिलजीत दोसांझ की ओर से इस बयान पर कोई प्रतिक्रिया सामने आई है या नहीं, इसकी पुष्टि आधिकारिक तौर पर होना बाकी है। Mika Singh ने क्या कहा? मीका सिंह ने दिलजीत के प्रमोशनल फैसलों पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर उन्होंने किसी फिल्म को प्रमोट किया है तो फिर ‘Border 2’ के प्रमोशन से दूरी क्यों बनाई? मीका के मुताबिक, ‘Border 2’ भारतीय सेना और देश से जुड़े विषय पर आधारित फिल्म है। ऐसे में उन्होंने दिलजीत के प्रमोशन को लेकर सवाल उठाया। पाकिस्तानी Actress वाली फिल्म का किया Promotion? मीका सिंह ने अपने बयान में एक ऐसी फिल्म का भी जिक्र किया, जिसमें पाकिस्तानी अभिनेत्री के काम करने की बात कही गई। उनका सवाल था कि दिलजीत ने उस प्रोजेक्ट को प्रमोट किया, लेकिन ‘Border 2’ के लिए ऐसा नहीं किया। हालांकि, किसी कलाकार के किसी फिल्म को प्रमोट करने या न करने के पीछे कई व्यक्तिगत और पेशेवर कारण हो सकते हैं। इसलिए केवल प्रमोशनल गतिविधियों के आधार पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना सही नहीं होगा। ‘Border 2’ को लेकर पहले से चर्चा ‘Border 2’ को लेकर दर्शकों के बीच पहले से काफी उत्सुकता है। फिल्म को भारत-पाकिस्तान युद्ध की पृष्ठभूमि से जुड़ी कहानी के तौर पर देखा जा रहा है। दिलजीत दोसांझ फिल्म का हिस्सा हैं और उनके किरदार को लेकर भी दर्शकों में दिलचस्पी बनी हुई है। अब Diljit Dosanjh के जवाब का इंतजार मीका सिंह के बयान के बाद अब नजर दिलजीत दोसांझ की प्रतिक्रिया पर है। अगर दिलजीत इस मामले पर अपनी तरफ से कोई सफाई या जवाब देते हैं, तो विवाद को लेकर तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।
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बिलासपुर केंद्रीय जेल से 19 बंदी रिहा, 15 से 16 साल की सजा काटने के बाद मिली मुक्ति

बिलासपुर केंद्रीय जेल में लंबे समय से बंद 19 पुरुष बंदियों को शुक्रवार को रिहा कर दिया गया। ये बंदी 15 से 16 साल तक जेल में सजा काट चुके थे। सजा की अवधि पूरी होने के बावजूद शासन स्तर से माफी संबंधी स्वीकृति नहीं मिलने के कारण उनकी रिहाई लंबित थी। जेल महानिदेशक हिमांशु गुप्ता के निरीक्षण के दौरान यह मामला सामने आया था। इसके बाद संबंधित बंदियों के प्रकरणों की समीक्षा की गई और रिहाई का प्रस्ताव शासन को भेजा गया। स्वीकृति मिलने के बाद सभी 19 बंदियों को जेल से रिहा कर दिया गया। बंदियों से बातचीत में सामने आई थी समस्या केंद्रीय जेल के निरीक्षण के दौरान जेल महानिदेशक हिमांशु गुप्ता ने बंदियों से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनी थीं। इस दौरान कुछ बंदियों ने बताया कि वे अपनी सजा की अवधि पूरी कर चुके हैं, लेकिन माफी संबंधी स्वीकृति नहीं मिलने के कारण उनकी रिहाई नहीं हो पा रही है। मामले की जानकारी मिलने के बाद संबंधित बंदियों के आचरण और जेल के अभिलेखों की जांच कराई गई। परीक्षण के दौरान अच्छे आचरण वाले और अधिक उम्र के बंदियों के प्रकरणों पर विचार करते हुए रिहाई के प्रस्ताव तैयार किए गए और शासन को भेजे गए। परिवार के बीच लौटकर नई शुरुआत का अवसर शासन से स्वीकृति मिलने के बाद शुक्रवार को 19 पुरुष बंदियों की रिहाई की प्रक्रिया पूरी की गई। लंबे समय तक जेल में रहने के बाद अब ये बंदी अपने परिवारों के बीच लौट सकेंगे और समाज की मुख्यधारा से जुड़कर नई शुरुआत कर सकेंगे। रिहाई के दौरान केंद्रीय जेल अधीक्षक खोमेश मंडावी, जेलर विजयानंद सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों के अनुसार, सभी 19 बंदियों को शासन के निर्देश पर रिहा किया गया है।

ग्वालियर के दारुल कुरआन मदरसे पर कार्रवाई की मांग, 4 दिन में तालाबंदी का अल्टीमेटम

ग्वालियर के एजी ऑफिस स्थित ‘दारुल कुरआन’ मदरसे में मध्य प्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग की टीम के निरीक्षण के बाद विवाद बढ़ गया है। मदरसे में बच्चों की देखरेख, साफ-सफाई और जरूरी दस्तावेजों को लेकर सामने आई कथित अनियमितताओं के विरोध में राष्ट्रीय सनातन सेना ने प्रदर्शन किया। संगठन ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर सख्त कार्रवाई की मांग की है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि चार दिन के भीतर मदरसे पर ताला नहीं लगाया गया, तो उसके कार्यकर्ता खुद तालाबंदी करेंगे। संगठन के पदाधिकारियों ने बच्चों के साथ किसी भी तरह की गलत हरकत सामने आने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग भी की। निरीक्षण के दौरान मिले थे 26 बच्चे शुक्रवार को मध्य प्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. निवेदिता ने बाल कल्याण समिति (CWC) की टीम के साथ मदरसे का औचक निरीक्षण किया था। मौके पर 4 से 14 वर्ष की उम्र के 8 बच्चियां और 18 बच्चे मिले थे। इस तरह कुल 26 बच्चे मौजूद थे। निरीक्षण के दौरान बताया गया कि रजिस्टर्ड 15 बच्चियों में से मौके पर केवल 8 मौजूद थीं। खबर के अनुसार, कुछ बच्चियों को पिछले रास्ते से बाहर भेजे जाने की आशंका भी जताई गई। हालांकि, इस संबंध में जांच के निष्कर्ष सामने आना बाकी हैं। टीम के मुताबिक, मदरसा प्रबंधन मौके पर मान्यता और पंजीकरण से जुड़े जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। बच्चों की सुरक्षा और संस्थान के संचालन से संबंधित पहलुओं की जांच की जा रही है। रसोई और टॉयलेट में मिली गंदगी निरीक्षण के दौरान टीम को रसोईघर और टॉयलेट में गंदगी मिली। रिपोर्ट के अनुसार, कुछ जगहों पर दरवाजे भी नहीं थे। बच्चों के सोने की व्यवस्था पर भी सवाल उठे। बताया गया कि 42 पंजीकृत बच्चों के लिए एक छोटे हॉल में पलंग के बजाय पतली चादरों पर सोने की व्यवस्था थी। इन स्थितियों को लेकर बाल अधिकारों और बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही बुनियादी सुविधाओं पर सवाल उठाए गए हैं। राष्ट्रीय सनातन सेना ने की सख्त कार्रवाई की मांग राष्ट्रीय सनातन सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष भगवती शुक्ला ने मदरसे में कथित अनियमितताओं पर नाराजगी जताते हुए कार्रवाई की मांग की। संगठन ने आरोप लगाया कि ऐसे संस्थानों में बच्चों को भड़काऊ शिक्षा दी जा रही है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है। फिलहाल, मदरसे के संचालन, निर्माण, जमीन और फंडिंग के स्रोतों से जुड़े पहलुओं की जांच किए जाने की जानकारी सामने आई है। मामले में जांच एजेंसियों की आगे की कार्रवाई और आधिकारिक निष्कर्षों पर नजर रहेगी।
Vishwas Sarang

Vishwas Sarang खेड़ापति हनुमान मंदिर पहुंचे मंत्री, कॉरिडोर और दशहरा मैदान का लिया जायजा

राजधानी भोपाल के छोला स्थित श्री खेड़ापति हनुमान मंदिर को आने वाले समय में नई पहचान मिलने जा रही है। करीब 100 करोड़ रुपये की लागत से यहां भव्य श्री खेड़ापति हनुमान लोक कॉरिडोर विकसित किया जा रहा है। मंत्री विश्वास सारंग (Vishwas Sarang) ने रावतपुरा सरकार के साथ मंदिर में दर्शन किए और प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की। इसके बाद उन्होंने मंदिर परिसर में चल रहे निर्माण कार्यों और छोला दशहरा मैदान का निरीक्षण कर अधिकारियों से परियोजना की प्रगति की जानकारी ली। इस परियोजना का मकसद सिर्फ मंदिर परिसर का विस्तार करना नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं को बेहतर दर्शन व्यवस्था, आधुनिक सुविधाएं और धार्मिक वातावरण उपलब्ध कराना भी है। योजना को ‘विरासत भी और विकास भी’ की भावना के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। 100 करोड़ रुपये से बदलेगा खेड़ापति हनुमान मंदिर का स्वरूप श्री खेड़ापति हनुमान लोक कॉरिडोर को लगभग 21 एकड़ क्षेत्र में विकसित करने की योजना है। जुलाई 2026 में प्रकाशित परियोजना संबंधी रिपोर्टों के अनुसार, इसके निर्माण में राजस्थान के व्हाइट मार्बल और प्राचीन नागर शैली की वास्तुकला का इस्तेमाल किया जाना है। मंत्री विश्वास सारंग ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्य तय समय सीमा में पूरा किया जाए और गुणवत्ता से किसी तरह का समझौता न हो। साथ ही मंदिर के पुराने गर्भगृह की मूल संरचना और धार्मिक स्वरूप को सुरक्षित रखने पर भी जोर दिया गया है। सुंदरकांड की झलक से सजेगा भव्य कॉरिडोर हनुमान लोक कॉरिडोर की खास बात यह होगी कि इसमें सुंदरकांड से जुड़े प्रसंगों की झलक देखने को मिलेगी। इससे मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को दर्शन के साथ धार्मिक और सांस्कृतिक अनुभव भी मिलेगा। कॉरिडोर को पारंपरिक वास्तुकला और आधुनिक निर्माण के मेल से विकसित करने की योजना है। इससे मंदिर परिसर की सुंदरता बढ़ने के साथ भोपाल की धार्मिक पहचान को भी नई मजबूती मिलने की उम्मीद है। श्रद्धालुओं को मिलेंगी ये आधुनिक सुविधाएं परियोजना के तहत श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कई तरह के विकास कार्य प्रस्तावित हैं। इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य खासतौर पर धार्मिक आयोजनों और त्योहारों के दौरान श्रद्धालुओं को होने वाली परेशानियों को कम करना है। Chhola Dussehra Maidan का भी होगा विकास मंत्री विश्वास सारंग ((Vishwas Sarang)) ने छोला दशहरा मैदान का भी निरीक्षण किया। योजना के तहत मैदान के खुले स्वरूप को बनाए रखते हुए सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए जरूरी सुविधाएं विकसित की जानी हैं। यहां दर्शक दीर्घा, मंच और दशहरा जैसे आयोजनों के लिए आवश्यक अधोसंरचना तैयार करने की योजना है। इससे बड़े धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन में बेहतर व्यवस्थाएं उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है। स्थानीय लोगों और कारोबारियों का भी रखा जाएगा ध्यान निर्माण कार्यों के दौरान श्रद्धालुओं के साथ स्थानीय रहवासियों और व्यापारियों की सुविधाओं का ध्यान रखने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों से कहा गया है कि यातायात व्यवस्था सुचारु रहे और लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। परियोजना से संबंधित पूर्व में प्रकाशित जानकारी में दर्शक दीर्घा के नीचे 100 से अधिक दुकानों के निर्माण का प्रस्ताव भी सामने आया था। इसका उद्देश्य स्थानीय व्यापार को बढ़ावा देना और रोजगार के नए अवसर पैदा करना है। Bhopal की धार्मिक पहचान को मिलेगी नई पहचान श्री खेड़ापति हनुमान मंदिर भोपाल के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है। ऐसे में कॉरिडोर का विकास शहर के धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। परियोजना पूरी होने के बाद मंदिर परिसर में दर्शन व्यवस्था और सार्वजनिक आयोजनों के लिए सुविधाओं में सुधार होने की उम्मीद है। हालांकि, निर्माण पूरा होने की निश्चित तारीख और वर्तमान प्रगति की ताजा आधिकारिक स्थिति की पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती है। कुल मिलाकर, श्री खेड़ापति हनुमान लोक कॉरिडोर भोपाल में आस्था और आधुनिक विकास को जोड़ने वाली एक महत्वपूर्ण परियोजना है। अब श्रद्धालुओं को इंतजार है कि यह भव्य परिसर कब पूरी तरह तैयार होकर उनके लिए नई सुविधाओं के साथ खुलेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Philippines

Philippines Plane Crash: ट्रेनिंग के दौरान बड़ा हादसा, 4 पायलटों की गई जान

फिलीपींस (Philippines) से एक दुखद खबर सामने आई है। यहां ट्रेनिंग के दौरान वायुसेना के दो सैन्य विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गए। इस हादसे में चार पायलटों की मौत हो गई। घटना के बाद फिलीपींस एयर फोर्स ने एहतियात के तौर पर SF-260 ट्रेनिंग विमानों की उड़ान पर रोक लगा दी है। वहीं, दुर्घटना की असली वजह जानने के लिए जांच शुरू कर दी गई है। Philippines Plane Crash: कहां और कब हुआ हादसा? यह हादसा 23 अक्टूबर 2026 को फिलीपींस के बटांगस प्रांत के लिपा शहर में स्थित फर्नांडो एयर बेस के पास हुआ। वायुसेना के अनुसार, दुर्घटना स्थानीय समयानुसार दोपहर करीब 3:51 बजे हुई। दोनों विमान ट्रेनिंग फ्लाइट पर थे। शुरुआती मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया कि उड़ान के दौरान दोनों विमान हवा में टकरा गए, जिसके बाद वे दुर्घटनाग्रस्त हो गए। हालांकि, टक्कर किन परिस्थितियों में हुई और इसके पीछे क्या वजह थी, इसकी आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है। हादसे में चार पायलटों की मौत इस दुर्घटना में दोनों विमानों में सवार चारों पायलटों की जान चली गई। इस खबर के सामने आने के बाद वायुसेना ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई। अधिकारियों ने परिवारों को जरूरी सहायता देने की बात भी कही है। वायुसेना के मुताबिक, हादसा एयर बेस की सीमा के भीतर हुआ। शुरुआती जानकारी के अनुसार, जमीन पर मौजूद किसी अन्य व्यक्ति के हताहत होने की सूचना नहीं है। दुर्घटना के बाद SF-260 विमानों की उड़ान पर रोक हादसे के बाद फिलीपींस एयर फोर्स ने एहतियाती कदम उठाते हुए SF-260 ट्रेनिंग विमानों के पूरे बेड़े की उड़ानें अस्थायी रूप से रोक दी हैं। जांच के दौरान इन विमानों को उड़ान भरने की अनुमति नहीं होगी। इस फैसले का उद्देश्य दुर्घटना की वजह का पता लगाना और विमानों की सुरक्षा से जुड़े पहलुओं की जांच करना है। फिलहाल तकनीकी खराबी, मानवीय चूक या किसी अन्य कारण की पुष्टि नहीं हुई है। जांच के नतीजे आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। पहले भी हो चुका है SF-260 विमान हादसा फिलीपींस में SF-260 विमान से जुड़ी दुर्घटना पहले भी सामने आ चुकी है। मई 2026 में उत्तरी फिलीपींस के बेंगुएट प्रांत में एक ट्रेनिंग विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ था। उस हादसे में दो सैन्य पायलटों की मौत हुई थी। ताजा दुर्घटना के बाद सैन्य ट्रेनिंग विमानों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, दोनों घटनाओं के बीच किसी संबंध की पुष्टि नहीं हुई है। जांच के बाद सामने आएगी हादसे की वजह फिलीपींस एयर फोर्स ने दुर्घटना की जांच शुरू कर दी है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि दोनों विमान किस परिस्थिति में दुर्घटनाग्रस्त हुए और क्या इसमें किसी तकनीकी समस्या की भूमिका थी। फिलहाल सबसे अहम बात यह है कि हादसे में चार पायलटों की जान चली गई है। वायुसेना ने संबंधित विमानों की उड़ान रोक दी है और जांच पूरी होने के बाद ही दुर्घटना के कारणों को लेकर विस्तृत जानकारी सामने आने की उम्मीद है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Yogi Adityanath

Yogi Adityanath जिस जमीन पर था भू-माफिया का कब्जा, वहां अब बना फॉरेंसिक साइंस इंस्टीट्यूट

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने भू-माफिया से सरकारी जमीन वापस लेने की कहानी सुनाते हुए बताया कि जिस जमीन को कभी कब्जे से मुक्त कराना मुश्किल हो रहा था, आज उसी पर स्टेट फॉरेंसिक साइंस इंस्टीट्यूट (State Forensic Science Institute) बनाया गया है। इस उदाहरण के जरिए उन्होंने प्रदेश में जमीनों को कब्जे से मुक्त कराने, कानून-व्यवस्था और विकास कार्यों का जिक्र किया। सीएम योगी ने यह बात 15 जून 2026 को लखनऊ में आयोजित डिजिटल डेमोक्रेसी डायलॉग ‘त्रिवेणी’ के समापन सत्र में कही। उन्होंने बताया कि सरकारी जमीन को वापस लेकर उसका इस्तेमाल एक महत्वपूर्ण संस्थान बनाने के लिए किया गया। कैसे भू-माफिया के कब्जे में पहुंची सरकारी जमीन? लखनऊ के सरोजनी नगर इलाके में स्थित इस जमीन का मामला कई साल पुराना है। रिपोर्टों के मुताबिक, करीब 57 एकड़ जमीन वर्ष 1955 में एक ट्रैक्टर कंपनी को 10 साल की लीज पर दी गई थी। लीज की अवधि पूरी होने के बाद जमीन ग्राम सभा के नाम दर्ज की गई। बाद में जमीन के दस्तावेजों में कथित हेराफेरी कर उसे दूसरे नाम पर दर्ज कराने के आरोप सामने आए। जांच में जमीन को वक्फ संपत्ति के रूप में दर्ज कराने और फिर रियल एस्टेट कंपनियों के बीच हस्तांतरित करने से जुड़े आरोपों की पड़ताल की गई। मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर शिकायतें हुईं। इसके बाद प्रशासन और पुलिस ने दस्तावेजों की जांच शुरू की। जमीन के स्वामित्व और कथित अवैध हस्तांतरण का मामला प्रशासनिक कार्रवाई तक पहुंचा। 2015 में वापस मिली जमीन, फिर शुरू हुई संस्थान बनाने की तैयारी उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, 17 दिसंबर 2015 को जिला प्रशासन ने जमीन को कब्जे से मुक्त कराया। इस मामले में एफआईआर भी दर्ज की गई थी। कथित अनियमितताओं की जांच के दौरान राजस्व विभाग के अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आई। जमीन वापस मिलने के बाद इसके इस्तेमाल को लेकर योजना बनाई गई। आगे चलकर इसी जगह उत्तर प्रदेश स्टेट फॉरेंसिक साइंस इंस्टीट्यूट स्थापित करने का फैसला हुआ। यह मामला इसलिए भी चर्चा में आया, क्योंकि जमीन को लेकर विवाद और कब्जे की शिकायतों के बाद उसका इस्तेमाल सार्वजनिक उद्देश्य के लिए किए जाने की योजना बनी। ₹200 करोड़ की लागत से बना Forensic Science Institute लखनऊ के सरोजनी नगर में इस संस्थान की आधारशिला 1 अगस्त 2021 को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रखी थी। इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे। शुरुआती रिपोर्टों में परियोजना की लागत करीब 200 करोड़ रुपये बताई गई थी। संस्थान का उद्देश्य फॉरेंसिक विज्ञान के क्षेत्र में विशेषज्ञ तैयार करना और पुलिस व जांच एजेंसियों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ना है। यहां वैज्ञानिक जांच, साइबर सुरक्षा और अपराध से जुड़े साक्ष्यों के विश्लेषण पर विशेष ध्यान दिया जाता है। आज के समय में आपराधिक मामलों की जांच केवल गवाहों और बयानों तक सीमित नहीं है। डीएनए जांच, डिजिटल साक्ष्य और दूसरे वैज्ञानिक तरीकों की मदद से जांच को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। ऐसे संस्थान इसी जरूरत को पूरा करने में अहम भूमिका निभाते हैं। CM Yogi ने क्यों सुनाया जमीन का यह किस्सा? मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस उदाहरण के जरिए बताया कि सरकारी जमीन को कब्जे से मुक्त कराकर उसका इस्तेमाल विकास कार्यों में किया जा सकता है। उनके बयान का मुख्य संदेश यह था कि जिस जमीन पर कभी कब्जे की समस्या थी, उसी पर अब शिक्षा और आधुनिक तकनीक से जुड़ा संस्थान बनाया गया है। सीएम योगी ने इसे प्रदेश में कानून-व्यवस्था सुधारने और भू-माफिया के खिलाफ कार्रवाई से जोड़कर पेश किया। उन्होंने उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास, डिफेंस कॉरिडोर और ब्रह्मोस मिसाइल निर्माण जैसी परियोजनाओं का भी उल्लेख किया। हालांकि, जमीन से जुड़े आरोपों और कानूनी दावों को समझने के लिए प्रशासनिक रिकॉर्ड तथा जांच के निष्कर्ष महत्वपूर्ण हैं। भू-माफिया से मुक्त जमीन पर आवास योजना भी चर्चा में उत्तर प्रदेश में कब्जे से मुक्त कराई गई जमीनों का सार्वजनिक इस्तेमाल हाल के महीनों में भी चर्चा में रहा है। अक्टूबर 2026 में प्रयागराज के कसारी-मसारी इलाके में माफिया अतीक अहमद से जुड़ी बताई गई जमीन पर आवासीय परियोजना की शुरुआत की खबर सामने आई। 15 अक्टूबर 2026 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पद्मलोक आवास योजना के तहत 602 फ्लैटों की परियोजना का भूमि पूजन किया। परियोजना की लागत 191 करोड़ रुपये से अधिक बताई गई। इसी दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पीपलगांव में बने 556 घरों के लाभार्थियों को चाबियां सौंपने की जानकारी भी सामने आई। इन परियोजनाओं को राज्य सरकार जमीन के इस्तेमाल को आम लोगों के आवास और विकास से जोड़ने के उदाहरण के तौर पर पेश कर रही है। सरकारी जमीन से संस्थान तक, क्या है इस खबर का महत्व? लखनऊ के फॉरेंसिक साइंस इंस्टीट्यूट की कहानी में जमीन का पुराना विवाद, प्रशासनिक कार्रवाई और सार्वजनिक उपयोग के लिए संस्थान बनाने की प्रक्रिया शामिल है। यह मामला दिखाता है कि सरकारी जमीन को लेकर विवाद सुलझने के बाद उसका इस्तेमाल शिक्षा और वैज्ञानिक जांच जैसी जरूरतों के लिए किया जा सकता है। सीएम योगी के बयान ने इस पुराने मामले को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है। अब यह कहानी सिर्फ जमीन वापस लेने तक सीमित नहीं है, बल्कि इस बात पर भी ध्यान खींचती है कि सरकारी संपत्ति का इस्तेमाल किस तरह सार्वजनिक सुविधाओं के निर्माण में किया जा सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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