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Bada Mangal 2026: 19 Years बाद ज्येष्ठ में 8 बड़े मंगल, इन 4 राशियों पर Money की बरसेगी बारिश

Bada Mangal 2026: 19 Years बाद ज्येष्ठ में 8 बड़े मंगल, इन 4 राशियों पर Money की बरसेगी बारिश

नई दिल्ली: साल 2026 में ज्येष्ठ महीने में एक खास संयोग बन रहा है। करीब 19 years बाद इस बार 8 बड़े मंगल पड़ रहे हैं, जिसे बहुत शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस दौरान Lord Hanuman की पूजा करने से विशेष फल मिलता है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। क्या है बड़ा मंगल का महत्व? ज्येष्ठ महीने के हर मंगलवार को बड़ा मंगल कहा जाता है। इस दिन भक्त Lord Hanuman की पूजा, व्रत और भंडारा करते हैं। माना जाता है कि इससे संकट दूर होते हैं और मनोकामनाएं पूरी होती हैं। 19 साल बाद बन रहा खास योग इस बार ज्येष्ठ महीने में 8 मंगलवार पड़ रहे हैं, जो बहुत दुर्लभ माना जाता है। इससे धार्मिक महत्व और भी बढ़ गया है और लोग खास तैयारी कर रहे हैं। इन 4 राशियों को होगा बड़ा फायदा ज्योतिष के अनुसार इस बार 4 राशियों के लिए यह समय बेहद लाभदायक माना जा रहा है: कैसे करें पूजा? बड़े मंगल के दिन सुबह स्नान कर लाल वस्त्र पहनें और Lord Hanuman को सिंदूर, चमेली का तेल और बूंदी का प्रसाद चढ़ाएं। हनुमान चालीसा का पाठ करना भी शुभ माना जाता है। मान्यता और आस्था यह पर्व सिर्फ पूजा का नहीं, बल्कि सेवा और भक्ति का भी प्रतीक है। कई जगहों पर भंडारे और प्रसाद वितरण किया जाता है, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल होते हैं।
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Kedarnath

Kedarnath Yatra कपाट खुलते ही आस्था का सैलाब, प्रशासन ने जारी किए नए नियम

चारधाम यात्रा का सबसे पवित्र और भावनात्मक पड़ाव माने जाने वाले Kedarnath Dham के कपाट कल श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। लंबे इंतजार के बाद बाबा केदार के दर्शन का समय करीब आ गया है और देशभर से भक्त भारी उत्साह के साथ उत्तराखंड की ओर रवाना हो रहे हैं। पहाड़ों में ठंडी हवाओं के बीच गूंजते “जय बाबा केदार” के जयकारों ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक बना दिया है। मंदिर प्रशासन और स्थानीय लोगों की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। मंदिर में सख्त नियम: मोबाइल ले जाना पूरी तरह मना इस बार सबसे बड़ा बदलाव मंदिर परिसर में मोबाइल फोन पर पूरी तरह प्रतिबंध है। श्रद्धालुओं को गेट पर ही मोबाइल जमा करना होगा और उसके बाद ही प्रवेश मिलेगा। प्रशासन का कहना है कि यह कदम इसलिए लिया गया है ताकि: श्रद्धालुओं की भावनाएं और तैयारियां केदारनाथ यात्रा सिर्फ एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि आस्था और विश्वास का गहरा अनुभव है। कई श्रद्धालु सालभर इस पल का इंतजार करते हैं। कुछ भक्तों के चेहरे पर खुशी है तो कुछ में बाबा के दर्शन की भावुकता साफ झलक रही है। परिवारों के साथ पहुंचे श्रद्धालु कठिन रास्तों और मौसम की परवाह किए बिना बस एक ही भावना लेकर आगे बढ़ रहे हैं—“बाबा केदार के दर्शन”। प्रशासन की अपील और सुरक्षा इंतजाम प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे नियमों का पालन करें और मौसम को ध्यान में रखते हुए यात्रा करें। सुरक्षा के लिए पुलिस और राहत दलों को तैनात किया गया है। साथ ही यात्रियों को सलाह दी गई है: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Akshaya Tritiya 2026: मालव्य और गजकेसरी योग का शुभ संयोग, सिंह-तुला समेत कई राशियों को मिलेगा फायदा

Akshaya Tritiya 2026: मालव्य और गजकेसरी योग का शुभ संयोग, सिंह-तुला समेत कई राशियों को मिलेगा फायदा

Akshaya Tritiya 2026 इस बार बेहद खास मानी जा रही है। इस दिन दो शुभ योग—Malavya Yoga और Gajakesari Yoga—का संयोग बन रहा है। ज्योतिष के अनुसार यह योग सुख, समृद्धि और सफलता देने वाला माना जाता है। किन राशियों को मिलेगा खास लाभ? इस बार खास तौर पर कुछ राशियों के लिए यह दिन बेहद शुभ रहने वाला है: बाकी राशियों का हाल अन्य राशियों के लिए भी यह दिन सामान्य से बेहतर रहेगा। हालांकि कुछ लोगों को खर्चों पर नियंत्रण रखने की सलाह दी जा रही है। क्या करें इस दिन? क्यों खास है यह दिन? अक्षय तृतीया को ऐसा दिन माना जाता है जब किया गया शुभ काम कभी खत्म नहीं होता और उसका फल लगातार मिलता रहता है।
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Shani Nakshatra Parivartan 2026, Vaishakh Amavasya, Saturn Transit India, Lucky Zodiac Signs, Shani Gochar Rashifa

Astrology Update: वैशाख अमावस्या पर शनि का नक्षत्र परिवर्तन, इन 4 राशियों के लिए खुलेंगे किस्मत के दरवाजे

वैशाख अमावस्या के आसपास शनि नक्षत्र परिवर्तन 2026 होने जा रहा है। जानें इसका असर किन राशियों पर पड़ेगा, किनकी किस्मत चमकेगी और क्या कहता है ज्योतिष। वैशाख अमावस्या के खास संयोग के बीच 2026 में शनि देव एक महत्वपूर्ण नक्षत्र परिवर्तन करने जा रहे हैं। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, 17 अप्रैल के आसपास शनि उत्तराभाद्रपद नक्षत्र में प्रवेश करेंगे, जिसका प्रभाव पूरे एक महीने तक रहेगा। ज्योतिष में शनि को कर्मफलदाता माना जाता है, इसलिए उनकी चाल में बदलाव सीधे तौर पर व्यक्ति के करियर, धन और जीवन की दिशा को प्रभावित करता है। क्या है शनि नक्षत्र परिवर्तन और क्यों है खास? वैदिक ज्योतिष के अनुसार शनि लगभग हर 3-4 महीने में नक्षत्र बदलते हैं, लेकिन हर बदलाव का प्रभाव अलग होता है। वैशाख अमावस्या का संयोग क्यों बना खास? वैशाख अमावस्या हिंदू धर्म में पितरों और पुण्य कार्यों के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है। ऐसे समय पर शनि का नक्षत्र बदलना एक कर्म और भाग्य दोनों को प्रभावित करने वाला योग माना जा रहा है। इन 4 राशियों की चमक सकती है किस्मत वृषभ (Taurus) मिथुन (Gemini) मकर (Capricorn) मीन (Pisces) किन क्षेत्रों पर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर? शनि के इस परिवर्तन का असर मुख्य रूप से इन क्षेत्रों में दिख सकता है— शनि का संकेत – मेहनत का मिलेगा फल ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, जब शनि अपनी स्थिति बदलते हैं तो— जो लोग मेहनत कर रहे होते हैं, उन्हें धीरे-धीरे सकारात्मक परिणाम मिलने लगते हैं। यानी यह समय “कर्म आधारित सफलता” का संकेत देता है। क्या रखें सावधानी? हालांकि कुछ राशियों के लिए यह समय अच्छा है, लेकिन— वैशाख अमावस्या के आसपास होने वाला शनि नक्षत्र परिवर्तन 2026 केवल एक ज्योतिषीय घटना नहीं, बल्कि जीवन के कई पहलुओं में बदलाव का संकेत माना जा रहा है। खासकर वृषभ, मिथुन, मकर और मीन राशि वालों के लिए यह समय नए अवसर और राहत लेकर आ सकता है।
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अक्षय तृतीया

अक्षय तृतीया 2026 Gold नहीं, ये 1 दान दिलाएगा सुख-समृद्धि और Good Luck

अक्षय तृतीया का दिन हिंदू धर्म में बेहद शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन किया गया हर अच्छा काम—चाहे वो पूजा हो, दान हो या नई शुरुआत—उसका फल कभी खत्म नहीं होता। यही वजह है कि लोग इस दिन को अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के मौके के रूप में देखते हैं। इस साल भी अक्षय तृतीया को लेकर लोगों में खास उत्साह है। जहां एक तरफ बाजारों में सोना-चांदी खरीदने की तैयारी है, वहीं दूसरी ओर धार्मिक मान्यताओं के अनुसार दान-पुण्य करने का महत्व भी काफी बढ़ जाता है। क्यों खास है “Ann Daan”? प्रसिद्ध संत Premanand Maharaj का कहना है कि अगर आप अक्षय तृतीया पर सिर्फ एक काम करना चाहते हैं, तो वो है अन्न दान। उनके अनुसार, जरूरतमंद को भोजन या अनाज देना सबसे बड़ा पुण्य है। उनका मानना है कि जो व्यक्ति इस दिन सच्चे मन से गेहूं, चावल या दाल का दान करता है, उसके घर में कभी अन्न की कमी नहीं होती। ये सिर्फ धार्मिक आस्था नहीं, बल्कि इंसानियत का सबसे सरल और असरदार तरीका भी है। कैसे करें ये आसान उपाय? अक्षय तृतीया के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और भगवान विष्णु व माता लक्ष्मी की पूजा करें। इसके बाद अपनी क्षमता के अनुसार अन्न का दान करें। आप चाहें तो किसी गरीब परिवार को राशन दे सकते हैं या किसी भूखे व्यक्ति को भोजन करा सकते हैं। ध्यान रखने वाली बात ये है कि दान दिखावे के लिए नहीं, बल्कि सच्चे मन से किया जाए—तभी उसका सही फल मिलता है। सिर्फ सोना खरीदना ही नहीं, ये भी करें अक्सर लोग अक्षय तृतीया को सिर्फ गोल्ड खरीदने से जोड़कर देखते हैं, लेकिन इसका असली महत्व दान और अच्छे कर्मों में छिपा है। इस दिन: दिल से किया छोटा काम, बड़ा असर अक्षय तृतीया हमें ये सिखाती है कि छोटे-छोटे अच्छे काम भी जीवन में बड़ा बदलाव ला सकते हैं। अगर आप इस दिन किसी की मदद करते हैं, तो उसका असर सिर्फ सामने वाले पर ही नहीं, बल्कि आपके जीवन पर भी पड़ता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Ram Navami

Ram Navami 2026 सही Date,शुभ मुहूर्त और Puja Samagri पूरी जानकारी

राम नवमी (Ram Navami) हिंदू धर्म का एक अत्यंत पवित्र और महत्वपूर्ण त्योहार है। यह दिन भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है और भक्त इस दिन व्रत, पूजा और आरती करके भगवान की कृपा पाने का प्रयास करते हैं। साल 2026 में राम नवमी की तारीख को लेकर लोगों के बीच थोड़ी कन्फ्यूजन है कि यह 26 मार्च को है या 27 मार्च को। आइए इसे आसान भाषा में समझते हैं। Ram Navami 2026 Date: 26 या 27 मार्च? वर्ष 2026 में राम नवमी 26 मार्च, गुरुवार को पड़ रही है। कई लोग सोचते हैं कि 27 मार्च को मनाना चाहिए, लेकिन हिंदू पंचांग के अनुसार जिस दिन मध्याह्न (दोपहर) में नवमी तिथि आती है, उसी दिन राम नवमी मनाई जाती है, क्योंकि भगवान श्रीराम का जन्म दोपहर में हुआ था। इस कारण 26 मार्च ही मुख्य और शुभ दिन माना जाता है। Shubh Muhurat for Ram Navami 2026 राम नवमी पूजा का सबसे महत्वपूर्ण समय मध्याह्न होता है। इस समय भगवान श्रीराम की पूजा और अभिषेक करना सबसे शुभ माना जाता है। Ram Navami Puja Samagri List राम नवमी की पूजा में निम्न सामग्रियों की आवश्यकता होती है। इन्हें पहले से तैयार करना शुभ माना जाता है: मुख्य सामग्री Ram Navami Puja Vidhi (संक्षेप में) हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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शैलपुत्री

चैत्र नवरात्रि 2026 Day 1 शैलपुत्री माता की आराधना, व्रत और शुभ मुहूर्त

चैत्र नवरात्रि 2026 का पहला दिन 12 मार्च को मनाया जाएगा। यह नवरात्रि वसंत ऋतु के आगमन और माँ दुर्गा के नौ रूपों की आराधना का शुभ समय है। हर दिन माँ के अलग रूप की पूजा की जाती है, और पहले दिन शैलपुत्री माता की उपासना होती है। शैलपुत्री माता – पहला दिन का महत्व ‘शैलपुत्री’ का अर्थ है “पर्वत की कन्या”। माता शैलपुत्री भगवान शिव और पार्वती की पुत्री हैं। उनके वाहन बैल हैं और हाथ में त्रिशूल और कमल धारण है। शैलपुत्री माता धैर्य, साहस और मानसिक स्थिरता का प्रतीक हैं। उनके आशीर्वाद से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक शक्ति का विकास होता है। शैलपुत्री माता का पूजन और मंत्र व्रत और अनुष्ठान शैलपुत्री माता के दिन विशेष सुझाव हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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चैत्र नवरात्रि 2026

चैत्र नवरात्रि 2026 माँ दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा और व्रत नियम

जानें चैत्र नवरात्रि 2026 की तिथियाँ, महत्व, व्रत नियम और पूजा विधियाँ। यह पर्व सिर्फ भक्ति और श्रद्धा का समय नहीं है, बल्कि जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, समर्पण और आध्यात्मिक शक्ति का प्रतीक भी माना जाता है। चैत्र नवरात्रि 2026 की तारीखें और महत्त्व चैत्र नवरात्रि को वसंत ऋतु में मनाया जाता है और यह नया हिंदू संवत्सर शुरू करने का प्रतीक है। नवरात्रि के अंतिम दिन राम नवमी भी मनाई जाती है, जो भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव का शुभ अवसर है। माँ दुर्गा के नौ रूप और उनके लाभ हर दिन नवरात्रि में माँ दुर्गा के अलग-अलग रूप की पूजा की जाती है, जिनसे विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है। दिन देवी का रूप प्रमुख गुण 1 शैलपुत्री शक्ति और मूल तत्व 2 ब्रह्मचारिणी तप और समर्पण 3 चंद्रघंटा साहस और धैर्य 4 कुश्मांडा आनंद और सृजन शक्ति 5 स्कंदमाता मातृत्व और प्रेम 6 कात्यायनी वीरता और साहस 7 कालरात्रि भय नाश 8 महागौरी पवित्रता और शांति 9 सिद्धिदात्री सिद्धि और सफलता घट स्थापना और पूजा विधि नवरात्रि की शुरुआत घटस्थापना से होती है। घर या मंदिर में कलश स्थापित कर माँ दुर्गा के स्वागत के लिए मंत्रों का उच्चारण किया जाता है। इससे जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और शुभता आती है। व्रत नियम और पूजा के टिप्स इन नियमों का पालन करने से न केवल धार्मिक पुण्य मिलता है, बल्कि शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य भी बेहतर होता है। समाज में नवरात्रि का महत्व नवरात्रि के अवसर पर धार्मिक स्थलों पर विशेष सुरक्षा और भीड़-प्रबंधन की तैयारी की जाती है। श्रद्धालुओं की सुविधा और स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन अतिरिक्त कदम उठाता है। नवरात्रि का संदेश नवरात्रि केवल पूजा और उत्सव नहीं है, बल्कि यह शक्ति, समर्पण और आत्म-नवीनीकरण का पर्व है। माँ दुर्गा के आदर्शों — धैर्य, करुणा, वीरता और शक्ति — को अपनाकर जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Sara Ali Khan

Kedarnath-Badrinath Row Affidavit Rule पर बवाल, Sara Ali Khan बनीं चर्चा का केंद्र

उत्तराखंड के प्रसिद्ध तीर्थस्थल Kedarnath Temple और Badrinath Temple एक बार फिर चर्चा के केंद्र में हैं। इस बार वजह आस्था, परंपरा और अधिकारों से जुड़ा एक संवेदनशील मुद्दा है, जिसने आम लोगों से लेकर राजनीति तक हलचल मचा दी है। क्या है पूरा मामला? हाल के दिनों में कुछ धार्मिक संगठनों ने यह मांग उठाई कि इन प्रमुख हिंदू तीर्थों में आने वाले गैर-हिंदू श्रद्धालुओं को “सनातन धर्म में आस्था” का एफिडेविट देना चाहिए। उनका कहना है कि इससे मंदिरों की पवित्रता और पारंपरिक मर्यादा बनी रहेगी। यह मुद्दा तब और सुर्खियों में आया जब बॉलीवुड अभिनेत्री Sara Ali Khan का नाम इसमें जुड़ गया। सारा पहले केदारनाथ दर्शन के लिए जा चुकी हैं, और इसी संदर्भ में कुछ लोगों ने सवाल उठाने शुरू कर दिए। आस्था बनाम अधिकार – बहस तेज इस प्रस्ताव ने समाज में एक बड़ी बहस को जन्म दिया है। एक तरफ कुछ लोग इसे धार्मिक परंपराओं की सुरक्षा से जोड़कर देख रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कई लोग इसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता के खिलाफ मान रहे हैं। Indian National Congress (कांग्रेस) ने इस मुद्दे पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी का कहना है कि भारत का संविधान हर नागरिक को अपनी पसंद के धार्मिक स्थल पर जाने की स्वतंत्रता देता है, और इस तरह की शर्तें लगाना भेदभावपूर्ण हो सकता है। क्या सच में लागू हो गया है नया नियम? अभी तक सबसे महत्वपूर्ण बात यही है कि इस तरह का कोई नियम आधिकारिक रूप से लागू नहीं हुआ है। न तो सरकार और न ही मंदिर प्रशासन ने ऐसा कोई आदेश जारी किया है। फिलहाल यह सिर्फ एक मांग है, जिस पर चर्चा और विवाद जारी है। लोगों की भावना क्या कहती है? जमीन पर लोगों की राय भी बंटी हुई नजर आती है। कुछ श्रद्धालु मानते हैं कि तीर्थस्थलों की परंपराओं का सम्मान जरूरी है, वहीं कई लोग कहते हैं कि आस्था दिल से जुड़ी होती है, उसे किसी कागज से साबित नहीं किया जा सकता। केदारनाथ और बद्रीनाथ से जुड़ा यह विवाद सिर्फ एक नियम या प्रस्ताव तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उस संतुलन की तलाश है जहां परंपरा और व्यक्तिगत स्वतंत्रता साथ-साथ चल सकें। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह बहस किस दिशा में जाती है और क्या कोई ठोस फैसला सामने आता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Chandra Grahan

Chandra Grahan 2026 भारत में कितने बजे दिखा Lunar Eclipse? जानें Time, Sutak Kaal और पूरी जानकारी

3 मार्च 2026, मंगलवार — होली के रंगों के बीच आसमान में भी एक खास नज़ारा देखने को मिला। इस दिन पूर्ण Chandra Grahan 2026 यानी Lunar Eclipse लगा। देशभर में लोगों के मन में उत्सुकता थी कि भारत में यह ग्रहण कितने बजे दिखेगा और क्या “ब्लड मून” साफ दिखाई देगा। दिन में शुरू हुआ यह खगोलीय आयोजन शाम तक चर्चा का विषय बना रहा। आइए आसान भाषा में समझते हैं पूरी जानकारी। Chandra Grahan 2026 Date and Time in India (IST) यह एक पूर्ण चंद्र ग्रहण (Total Lunar Eclipse) था। पूर्ण अवस्था में चंद्रमा अक्सर लालिमा लिए दिखाई देता है, जिसे आम बोलचाल में “Blood Moon” कहा जाता है। भारत में कब और कितना दिखा Chandra Grahan? भारत में ग्रहण का मुख्य भाग चंद्रमा के उदय से पहले ही हो चुका था। इसलिए अधिकांश शहरों में लोग केवल अंतिम चरण ही देख पाए। पूर्वोत्तर भारत में चंद्रमा थोड़ा पहले उदित हुआ, जिससे वहां ग्रहण कुछ अधिक समय तक नजर आया। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, चंद्र ग्रहण से लगभग 9 घंटे पहले सूतक काल शुरू हो जाता है। इस बार सूतक काल सुबह करीब 6:20 बजे से प्रभावी माना गया। कई मंदिरों के कपाट बंद रहे कैसा दिखा चंद्रमा? (Human Experience) शाम को जब लोग छतों और बालकनियों में पहुंचे, तो चंद्रमा हल्की धुंधली छाया में दिखाई दे रहा था। जिन जगहों पर आसमान साफ था, वहां चंद्रमा का रंग थोड़ा तांबई झलक लिए नजर आया। हालांकि भारत में पूर्ण “Blood Moon” का गहरा लाल रंग साफ तौर पर नहीं दिखा, फिर भी यह अनुभव खास रहा। होली की शाम को आसमान में यह दृश्य कई लोगों के लिए यादगार बन गया। Chandra Grahan 2026 का वैज्ञानिक महत्व पूर्ण चंद्र ग्रहण तब लगता है जब सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा एक सीध में आ जाते हैं और पृथ्वी की छाया पूरी तरह चंद्रमा पर पड़ती है। यह एक प्राकृतिक खगोलीय घटना है और इसे देखने के लिए किसी विशेष उपकरण की जरूरत नहीं होती। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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China

अमेरिका नहीं China बना India से बड़ा खरीदार – Plan-B का बड़ा कमाल

वैश्विक व्यापार की तस्वीर तेजी से बदल रही है और इसका सीधा फायदा अब भारत को मिल रहा है। जहां पहले उम्मीद थी कि अमेरिका भारत से इस खास प्रोडक्ट का सबसे बड़ा खरीदार बनेगा, वहीं अब चीन (China) ने बाजी मार ली है। China ने भारत से इस प्रोडक्ट की बड़ी मात्रा में खरीद शुरू कर दी है, जिससे एक्सपोर्ट सेक्टर में नई जान आ गई है। सरकार की “Plan-B” रणनीति को इस पूरे बदलाव का अहम कारण माना जा रहा है। क्या है पूरा बदलाव? कुछ समय पहले तक भारत के एक्सपोर्ट में अमेरिका और कुछ यूरोपीय देश ही मुख्य खरीदार थे। लेकिन अब स्थिति बदल रही है। भारत ने अपनी व्यापार नीति को डायवर्सिफाई करते हुए नए बाजारों की ओर कदम बढ़ाया है। इसी बदलाव के तहत चीन के साथ व्यापारिक संबंध मजबूत हुए हैं और अब वह भारत से बड़े पैमाने पर आयात कर रहा है। चीन की बढ़ती डिमांड क्यों अहम है? चीन जैसे बड़े बाजार का भारत से जुड़ना सिर्फ एक सामान्य व्यापारिक लेन-देन नहीं है, बल्कि यह एक बड़ा आर्थिक संकेत है। इससे भारतीय कंपनियों को नए अवसर मिल रहे हैं और एक्सपोर्ट ग्रोथ में तेजी आई है। Government Plan-B कैसे बना गेमचेंजर? भारत सरकार की Plan-B रणनीति का मुख्य उद्देश्य था: इस रणनीति के चलते भारत ने चीन जैसे बड़े बाजारों में अपनी पकड़ बनानी शुरू की है। भारत को क्या फायदा हो रहा है? इस पूरे बदलाव का सीधा असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर दिख रहा है: आगे की तस्वीर कैसी हो सकती है? विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यही ट्रेंड जारी रहा तो भारत आने वाले समय में ग्लोबल सप्लाई चेन का एक बड़ा हिस्सा बन सकता है। चीन जैसे देशों से बढ़ता व्यापार भारत के लिए लंबे समय में बेहद फायदेमंद साबित हो सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Bada Mangal 2026: 19 Years बाद ज्येष्ठ में 8 बड़े मंगल, इन 4 राशियों पर Money की बरसेगी बारिश

Bada Mangal 2026: 19 Years बाद ज्येष्ठ में 8 बड़े मंगल, इन 4 राशियों पर Money की बरसेगी बारिश

नई दिल्ली: साल 2026 में ज्येष्ठ महीने में एक खास संयोग बन रहा है। करीब 19 years बाद इस बार 8 बड़े मंगल पड़ रहे हैं, जिसे बहुत शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस दौरान Lord Hanuman की पूजा करने से विशेष फल मिलता है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। क्या है बड़ा मंगल का महत्व? ज्येष्ठ महीने के हर मंगलवार को बड़ा मंगल कहा जाता है। इस दिन भक्त Lord Hanuman की पूजा, व्रत और भंडारा करते हैं। माना जाता है कि इससे संकट दूर होते हैं और मनोकामनाएं पूरी होती हैं। 19 साल बाद बन रहा खास योग इस बार ज्येष्ठ महीने में 8 मंगलवार पड़ रहे हैं, जो बहुत दुर्लभ माना जाता है। इससे धार्मिक महत्व और भी बढ़ गया है और लोग खास तैयारी कर रहे हैं। इन 4 राशियों को होगा बड़ा फायदा ज्योतिष के अनुसार इस बार 4 राशियों के लिए यह समय बेहद लाभदायक माना जा रहा है: कैसे करें पूजा? बड़े मंगल के दिन सुबह स्नान कर लाल वस्त्र पहनें और Lord Hanuman को सिंदूर, चमेली का तेल और बूंदी का प्रसाद चढ़ाएं। हनुमान चालीसा का पाठ करना भी शुभ माना जाता है। मान्यता और आस्था यह पर्व सिर्फ पूजा का नहीं, बल्कि सेवा और भक्ति का भी प्रतीक है। कई जगहों पर भंडारे और प्रसाद वितरण किया जाता है, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल होते हैं।
कॉन्सर्ट में ‘धुरंधर’ सिंगर पर फैंस भड़के, LipSync के आरोप के बाद सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग तेज

कॉन्सर्ट में ‘धुरंधर’ सिंगर पर फैंस भड़के, LipSync के आरोप के बाद सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग तेज

एक बड़े कॉन्सर्ट के दौरान मशहूर सिंगर धुरंधर को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। फैंस ने आरोप लगाया कि सिंगर ने लाइव गाने की जगह LipSync किया, जिससे दर्शकों में नाराज़गी देखने को मिली। क्या हुआ कॉन्सर्ट में? कॉन्सर्ट के दौरान सिंगर ने मंच पर शानदार एंट्री की और परफॉर्मेंस शुरू की। लेकिन कुछ ही देर में दर्शकों को शक हुआ कि गाना लाइव नहीं गाया जा रहा। कई फैंस का कहना है कि सिंगर सिर्फ गाने के साथ होंठ हिला रही थीं। परफॉर्मेंस के दौरान अलग अंदाज़ परफॉर्मेंस के बीच सिंगर ने खुद पर पानी डालकर और जोश में झूमकर माहौल बनाने की कोशिश की। हालांकि, यह अंदाज़ कुछ लोगों को पसंद आया, लेकिन कई फैंस को लगा कि यह असली गायकी से ध्यान हटाने की कोशिश है। सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग कॉन्सर्ट के वीडियो वायरल होते ही सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई। कई यूज़र्स ने सिंगर की आलोचना की और कहा कि फैंस टिकट खरीदकर लाइव सिंगिंग सुनने आते हैं, न कि लिप सिंक देखने। फैंस की मिली-जुली प्रतिक्रिया जहां कुछ फैंस ने सिंगर का समर्थन किया और इसे सिर्फ एक एंटरटेनमेंट शो बताया, वहीं कई लोगों ने इसे फैंस के साथ धोखा करार दिया। क्या कहती है इंडस्ट्री? म्यूजिक इंडस्ट्री में कभी-कभी लिप सिंक का इस्तेमाल होता है, खासकर बड़े शो में। लेकिन फैंस की उम्मीद हमेशा लाइव परफॉर्मेंस की ही रहती है।
‘दो साल में दूसरी Maternity Leave संभव’, इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

‘दो साल में दूसरी Maternity Leave संभव’, इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

महिलाओं के हक में एक अहम फैसले में Allahabad High Court ने कहा है कि अगर जरूरत हो, तो महिला कर्मचारी दो साल के अंदर दूसरी Maternity Leave भी ले सकती है। इस फैसले से कामकाजी महिलाओं को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। क्या है पूरा मामला? मामला एक महिला कर्मचारी की छुट्टी से जुड़ा था, जिसे दूसरी बार मातृत्व अवकाश लेने में दिक्कत आ रही थी। इस पर कोर्ट ने साफ किया कि कानून महिलाओं के स्वास्थ्य और बच्चे की देखभाल को प्राथमिकता देता है। कोर्ट ने क्या कहा? Allahabad High Court ने अपने आदेश में कहा कि मातृत्व अवकाश का उद्देश्य मां और बच्चे दोनों की भलाई है। ऐसे में इसे सीमित सोच के साथ नहीं देखा जाना चाहिए। महिलाओं के लिए क्यों है अहम? यह फैसला उन महिलाओं के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, जो कम समय के अंतर में दो बच्चों की प्लानिंग करती हैं। अब उन्हें छुट्टी को लेकर ज्यादा चिंता नहीं करनी पड़ेगी। काम और परिवार के बीच संतुलन कोर्ट का यह फैसला कामकाजी महिलाओं को अपने परिवार और करियर के बीच बेहतर संतुलन बनाने में मदद करेगा। साथ ही यह संदेश भी देता है कि महिलाओं के अधिकारों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। समाज पर क्या असर पड़ेगा? विशेषज्ञ मानते हैं कि इस तरह के फैसले महिलाओं को और सशक्त बनाते हैं और कार्यस्थल पर उनके अधिकारों को मजबूत करते हैं।
शांति वार्ता पर ब्रेक! JD Vance का पाकिस्तान दौरा टला, ईरान ने अमेरिका पर साधा निशाना

शांति वार्ता पर ब्रेक! JD Vance का पाकिस्तान दौरा टला, ईरान ने अमेरिका पर साधा निशाना

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रही शांति कोशिशों को बड़ा झटका लगा है। अमेरिका के नेता JD Vance का प्रस्तावित पाकिस्तान दौरा फिलहाल टाल दिया गया है। इस बीच ईरान ने अमेरिका पर तीखा हमला बोलते हुए उसे ‘समुद्री डकैत’ तक कह दिया है। क्यों टला वेंस का पाकिस्तान दौरा? सूत्रों के अनुसार, JD Vance का Pakistan दौरा शांति वार्ता को आगे बढ़ाने के लिए अहम माना जा रहा था। लेकिन अचानक इसे स्थगित कर दिया गया। इससे दोनों देशों के बीच बातचीत की प्रक्रिया पर असर पड़ सकता है। ईरान का अमेरिका पर बड़ा आरोप इस पूरे घटनाक्रम के बीच Iran ने United States पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ईरान का कहना है कि अमेरिका समुद्र में उसकी गतिविधियों में दखल दे रहा है, जिसे उसने ‘समुद्री डकैती’ जैसा बताया। बढ़ता तनाव, मुश्किल होती शांति एक तरफ जहां शांति वार्ता की उम्मीदें थीं, वहीं अब हालात और तनावपूर्ण होते नजर आ रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर बातचीत जल्द शुरू नहीं हुई, तो इसका असर पूरे क्षेत्र की स्थिरता पर पड़ सकता है। क्या है आगे का रास्ता? फिलहाल सभी की नजर इस बात पर है कि क्या अमेरिका और पाकिस्तान के बीच वार्ता दोबारा शुरू होगी या नहीं। साथ ही ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ता विवाद भी अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई चुनौती बन सकता है।

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