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Bhopal News: जेल पहुंचने के दो दिन बाद बंदी की मौत, पुलिस पर मारपीट का आरोप; चोरी के केस में हुई थी गिरफ्तारी

Bhopal News: जेल पहुंचने के दो दिन बाद बंदी की मौत, पुलिस पर मारपीट का आरोप; चोरी के केस में हुई थी गिरफ्तारी

भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से एक गंभीर मामला सामने आया है। चोरी के मामले में गिरफ्तार किए गए एक बंदी की जेल पहुंचने के करीब दो दिन बाद मौत हो गई। परिजनों ने पुलिस पर मारपीट का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि बंदी की हालत पुलिस हिरासत में बिगड़ी थी और उसके शरीर पर चोट के निशान भी थे। चोरी के मामले में पकड़ा गया था युवक जानकारी के मुताबिक, मृतक को चोरी से जुड़े एक मामले में पुलिस ने गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायिक प्रक्रिया के तहत भोपाल जेल भेजा गया था। जेल पहुंचने के कुछ समय बाद उसकी तबीयत बिगड़ने की बात सामने आई। हालात गंभीर होने पर उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में मातम का माहौल है। पुलिस पर लगाए गए गंभीर आरोप मृतक के परिवार की ओर से आरोप लगाया गया है कि पुलिस की कथित मारपीट के कारण उसकी हालत खराब हुई। परिजनों ने उसके शरीर पर चोट के निशान होने की बात भी कही है। हालांकि, पुलिस की ओर से लगाए गए इन आरोपों पर जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल मामले को लेकर अलग-अलग पहलुओं की जांच की जा रही है। मौत की वजह जांच का विषय बंदी की मौत के बाद जेल प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम और जांच रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होने की उम्मीद है। मामले में अधिकारियों की ओर से उपलब्ध तथ्यों की जांच की जा रही है। यदि जांच में किसी तरह की लापरवाही या नियमों के उल्लंघन की बात सामने आती है, तो उसके आधार पर कार्रवाई की जा सकती है।
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Indore News: कॉल सेंटर कर्मचारी की मौत से मचा हड़कंप, पुलिस ने शुरू की जांच; दवाई बाजार के पास हादसे में भी युवक की मौत

Indore News: कॉल सेंटर कर्मचारी की मौत से मचा हड़कंप, पुलिस ने शुरू की जांच; दवाई बाजार के पास हादसे में भी युवक की मौत

इंदौर: मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में दो अलग-अलग घटनाओं में दो युवकों की मौत का मामला सामने आया है। एक घटना में कॉल सेंटर में काम करने वाले युवक की मौत हुई, जबकि दूसरी घटना दवाई बाजार के पास हुए हादसे से जुड़ी है। दोनों मामलों में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। कॉल सेंटर कर्मचारी की मौत इंदौर में कॉल सेंटर में काम करने वाले एक युवक की मौत के बाद इलाके में चर्चा का माहौल है। घटना की जानकारी पुलिस को युवक की गर्लफ्रेंड की ओर से दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल से जरूरी जानकारी जुटाई है। फिलहाल मौत की परिस्थितियों को लेकर जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना से जुड़ी पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। दवाई बाजार के पास भी युवक की मौत इसी बीच इंदौर के दवाई बाजार के पास एक अन्य हादसे में भी एक युवक की मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। घटना के कारणों और परिस्थितियों की जांच की जा रही है। एक ही शहर में सामने आई इन दो घटनाओं ने लोगों को चिंतित कर दिया है। पुलिस दोनों मामलों में उपलब्ध जानकारी और संबंधित लोगों से पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।
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इंदौर में World Tribal Day पर विशाल रैली, पारंपरिक वेशभूषा में नजर आए हजारों युवा

इंदौर में World Tribal Day पर विशाल रैली, पारंपरिक वेशभूषा में नजर आए हजारों युवा

इंदौर: विश्व आदिवासी दिवस के मौके पर इंदौर में शनिवार को आदिवासी समाज की भव्य रैली निकाली गई। रैली में बड़ी संख्या में युवा और समाज के लोग शामिल हुए। पारंपरिक वेशभूषा में पहुंचे लोगों ने पूरे उत्साह के साथ अपनी संस्कृति और परंपराओं की झलक पेश की। रैली के दौरान शहर का माहौल काफी जीवंत नजर आया। युवा पारंपरिक परिधानों में सजकर पहुंचे और ढोल-नगाड़ों की धुन पर नाचते-गाते दिखाई दिए। कई जगहों पर लोगों ने आदिवासी लोक संस्कृति से जुड़े गीत और नृत्य भी प्रस्तुत किए। पारंपरिक वेशभूषा में पहुंचे युवा विश्व आदिवासी दिवस के कार्यक्रम में युवाओं की खास भागीदारी देखने को मिली। पुरुष और महिलाएं पारंपरिक आदिवासी परिधानों और आभूषणों में नजर आए। रैली में शामिल लोगों ने अपनी संस्कृति, पहचान और परंपराओं को सहेजने का संदेश दिया। रैली के दौरान हाथों में झंडे और बैनर लिए लोग आगे बढ़ते रहे। ढोल-नगाड़ों की आवाज के बीच युवाओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। कई युवा समूह बनाकर पारंपरिक नृत्य करते हुए भी नजर आए। आदिवासी संस्कृति की दिखी खूबसूरत झलक इस आयोजन के जरिए आदिवासी समाज ने अपनी समृद्ध संस्कृति और विरासत को लोगों के सामने रखा। पारंपरिक नृत्य, संगीत, पहनावे और लोक परंपराओं ने रैली को खास बना दिया। विश्व आदिवासी दिवस हर साल आदिवासी समुदायों की संस्कृति, अधिकारों और उनके योगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से मनाया जाता है। इंदौर में आयोजित यह रैली भी इसी भावना को दर्शाती नजर आई।
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MP News: मध्य प्रदेश को मिली 4 नई Direct Flights, बढ़ेगी Air Connectivity; CM बोले- हवाई सफर अब जरूरत

MP News: मध्य प्रदेश को मिली 4 नई Direct Flights, बढ़ेगी Air Connectivity; CM बोले- हवाई सफर अब जरूरत

भोपाल: मध्य प्रदेश में हवाई कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने की दिशा में एक और कदम उठाया गया है। राज्य को चार नई सीधी उड़ानों की सौगात मिली है। इन नई फ्लाइट्स के शुरू होने से प्रदेश के अलग-अलग शहरों के बीच हवाई सफर आसान होने की उम्मीद है। नई उड़ानों के जरिए यात्रियों को आने-जाने के लिए बेहतर विकल्प मिलेंगे। इससे खासकर नौकरी, कारोबार, शिक्षा और पर्यटन के लिए यात्रा करने वाले लोगों को फायदा हो सकता है। चार नई उड़ानों से बढ़ेगी कनेक्टिविटी मध्य प्रदेश में नई सीधी उड़ानों के शुरू होने से एयर कनेक्टिविटी का नेटवर्क और मजबूत होगा। अब यात्रियों को कुछ रूट पर यात्रा के लिए दूसरे शहरों में फ्लाइट बदलने की जरूरत कम हो सकती है। सरकार का फोकस प्रदेश के प्रमुख शहरों को बेहतर हवाई सेवा से जोड़ने पर है। बेहतर कनेक्टिविटी से पर्यटन और व्यापार को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। CM ने कहा- हवाई यात्रा अब लग्जरी नहीं मुख्यमंत्री ने नई उड़ानों की शुरुआत को प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि आज के समय में हवाई यात्रा सिर्फ लग्जरी नहीं रह गई है, बल्कि यह लोगों की जरूरत बनती जा रही है। उन्होंने कहा कि बेहतर एयर कनेक्टिविटी से प्रदेश के लोगों को समय बचाने के साथ-साथ रोजगार, व्यापार और पर्यटन के नए अवसर मिल सकते हैं। यात्रियों और कारोबार को मिलेगा फायदा नई फ्लाइट्स से सबसे बड़ा फायदा उन यात्रियों को मिलने की उम्मीद है, जिन्हें काम या अन्य जरूरी कारणों से कम समय में दूसरे शहरों तक पहुंचना होता है। इसके अलावा पर्यटन क्षेत्र के लिए भी बेहतर हवाई संपर्क महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मध्य प्रदेश अपने पर्यटन स्थलों के लिए जाना जाता है और एयर कनेक्टिविटी बढ़ने से दूसरे राज्यों से आने वाले पर्यटकों की संख्या में इजाफा हो सकता है।
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1857 Revolt: बागी सैनिकों ने घेरा राजमहल, वेतन-भत्तों को लेकर उठी आवाज; बेगम को खुद आना पड़ा सामने

1857 Revolt: बागी सैनिकों ने घेरा राजमहल, वेतन-भत्तों को लेकर उठी आवाज; बेगम को खुद आना पड़ा सामने

भोपाल: साल 1857 का विद्रोह सिर्फ अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ संघर्ष तक सीमित नहीं था, बल्कि उस दौर में कई जगहों पर सैनिकों और शासकों के बीच भी तनाव देखने को मिला। भोपाल में भी 1857 के दौरान ऐसी स्थिति बनी, जब बागी सैनिकों ने राजमहल को घेर लिया और अपने वेतन-भत्तों के भुगतान की मांग को लेकर सत्ता के सामने अपनी नाराजगी जाहिर की। सैनिकों की इस कार्रवाई से राजमहल में हलचल बढ़ गई। मामला इतना गंभीर हो गया कि बेगम को खुद सामने आकर सैनिकों से बातचीत करनी पड़ी। वेतन और भत्तों को लेकर नाराज थे सैनिक बताया जाता है कि उस समय बड़ी संख्या में सैनिक अपने वेतन और भत्तों के भुगतान को लेकर परेशान थे। लंबे समय से भुगतान नहीं होने के कारण सैनिकों में नाराजगी बढ़ती जा रही थी। आखिरकार सैनिकों ने अपनी मांग को लेकर राजमहल का रुख किया। देखते ही देखते महल के आसपास बड़ी संख्या में सैनिक जमा हो गए। यह सत्ता के लिए एक सीधी चुनौती जैसी स्थिति बन गई। राजमहल पहुंची सैनिकों की भीड़ सैनिकों के राजमहल पहुंचने से स्थिति तनावपूर्ण हो गई। उनकी मांग साफ थी कि उनके बकाया वेतन और भत्तों का भुगतान किया जाए। उस समय प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती स्थिति को संभालने और सैनिकों को शांत करने की थी। मामला बिगड़ने से रोकने के लिए बातचीत का रास्ता अपनाया गया। बेगम को खुद आना पड़ा सामने स्थिति को संभालने के लिए बेगम को स्वयं सैनिकों के सामने आना पड़ा। उन्होंने सैनिकों की शिकायतें सुनीं और मामले को शांत करने की कोशिश की। यह घटना बताती है कि 1857 का दौर कितना उथल-पुथल भरा था। उस समय सैनिकों की नाराजगी केवल युद्ध और राजनीतिक घटनाओं तक सीमित नहीं थी, बल्कि वेतन और सुविधाओं जैसे मुद्दे भी उनके असंतोष की बड़ी वजह बन रहे थे।
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Bhopal News: कॉलोनी में बढ़े मॉल और कारोबार, लोगों की बढ़ी परेशानी; बोले- घर से निकलना भी मुश्किल

Bhopal News: कॉलोनी में बढ़े मॉल और कारोबार, लोगों की बढ़ी परेशानी; बोले- घर से निकलना भी मुश्किल

भोपाल: राजधानी भोपाल के एक रिहायशी इलाके में बढ़ती व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर स्थानीय लोगों की परेशानी सामने आई है। लोगों का कहना है कि कॉलोनी में लगातार मॉल और दूसरे व्यावसायिक प्रतिष्ठान बढ़ने से रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है। स्थानीय निवासियों के मुताबिक, पहले जिस इलाके में शांत माहौल और सामान्य आवाजाही रहती थी, वहां अब लोगों की भीड़ और वाहनों की संख्या बढ़ गई है। इसका असर खासतौर पर सड़क पर आने-जाने और पार्किंग व्यवस्था पर पड़ रहा है। लोगों ने बताई अपनी परेशानी इलाके के रहवासियों का कहना है कि बढ़ती भीड़ के कारण कई बार घर से निकलना भी मुश्किल हो जाता है। सड़क पर वाहनों की आवाजाही बढ़ने से जाम जैसी स्थिति बनती है और पार्किंग की समस्या भी लगातार सामने आती है। लोगों का कहना है कि रिहायशी क्षेत्र में व्यावसायिक गतिविधियां बढ़ने से उनकी निजी जिंदगी और आसपास के माहौल पर असर पड़ा है। स्थानीय लोगों की मांग है कि प्रशासन इस पूरे मामले को गंभीरता से देखे और नियमों के मुताबिक कार्रवाई करे। मामला पहुंचा सुप्रीम कोर्ट तक भोपाल के इस इलाके में रिहायशी क्षेत्र और व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर विवाद अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है। कोर्ट के आदेश के बाद इस इलाके को लेकर चर्चा और तेज हो गई है। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि अदालत और प्रशासन के स्तर पर लिए जा रहे फैसलों से उनकी समस्याओं का समाधान निकलेगा। लोगों का कहना है कि विकास जरूरी है, लेकिन इसके साथ रहवासियों की सुविधा और सुरक्षा का भी ध्यान रखा जाना चाहिए।
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Bhopal Police का नया Micro Beat System, ‘Secret Citizens’ रखेंगे अपराधियों पर नजर

Bhopal Police का नया Micro Beat System, ‘Secret Citizens’ रखेंगे अपराधियों पर नजर

भोपाल: राजधानी भोपाल में अपराध पर लगाम लगाने के लिए पुलिस अपने माइक्रो बीट सिस्टम को और मजबूत करने जा रही है। इसके तहत पुलिस के साथ जुड़े कुछ गोपनीय नागरिक अपने आसपास होने वाली संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी पुलिस तक पहुंचाएंगे। इस व्यवस्था का मकसद यह पता लगाना है कि शहर के किन इलाकों में अपराध पनप रहा है और वहां किस तरह की गतिविधियां बढ़ रही हैं। पुलिस का मानना है कि स्थानीय स्तर पर मिलने वाली जानकारी से अपराध की रोकथाम में मदद मिल सकती है। क्या है Micro Beat System? माइक्रो बीट सिस्टम के तहत पुलिस अपने क्षेत्र को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर वहां की गतिविधियों पर नजर रखती है। संबंधित पुलिसकर्मी अपने इलाके के लोगों और स्थानीय परिस्थितियों को बेहतर तरीके से समझने की कोशिश करते हैं। इससे पुलिस को किसी इलाके में होने वाले बदलाव, संदिग्ध गतिविधियों और अपराध से जुड़े मामलों की जानकारी समय रहते मिल सकती है। गोपनीय नागरिक देंगे पुलिस को जानकारी इस व्यवस्था में कुछ स्थानीय नागरिकों को पुलिस के संपर्क में रखा जाएगा। इन नागरिकों की पहचान गोपनीय रखने की कोशिश की जाएगी, ताकि वे बिना किसी दबाव के अपने क्षेत्र से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी पुलिस तक पहुंचा सकें। पुलिस को उम्मीद है कि स्थानीय लोगों से मिलने वाली ऐसी जानकारी अपराध की घटनाओं को रोकने और संदिग्ध गतिविधियों की पहचान करने में मददगार साबित होगी।
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Gen-Z Vote 2027: 7 राज्यों के चुनाव में बदल सकता है सियासी गणित, पार्टियां बना रहीं नई रणनीति

Gen-Z Vote 2027: 7 राज्यों के चुनाव में बदल सकता है सियासी गणित, पार्टियां बना रहीं नई रणनीति

नई दिल्ली: जेन-जी यानी नई युवा पीढ़ी अब राजनीति में भी चर्चा का बड़ा विषय बनती जा रही है। हाल के जेन-जी आंदोलनों के बाद राजनीतिक दल युवाओं की पसंद और उनकी नाराजगी को लेकर अपनी रणनीति पर नए सिरे से विचार कर रहे हैं। 2027 में सात राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं। चुनावी विश्लेषण में जेन-जी मतदाताओं की भूमिका को अहम बताया जा रहा है। एक अनुमान के मुताबिक, इन चुनावों में करीब 22% वोटर जेन-जी हो सकते हैं। ऐसे में युवा मतदाताओं का रुख कई सीटों पर चुनावी नतीजों को प्रभावित कर सकता है। 5% वोट का बदलाव बदल सकता है समीकरण चुनावी राजनीति में कुछ प्रतिशत वोट का बदलाव भी कई सीटों पर नतीजे बदल सकता है। इसी आधार पर राजनीतिक विश्लेषण में यह चर्चा हो रही है कि अगर जेन-जी वोटर्स का करीब 5% हिस्सा एक पार्टी से दूसरी पार्टी की ओर जाता है, तो कुछ राज्यों में सत्ता का समीकरण बदल सकता है। हालांकि, यह एक चुनावी विश्लेषण है और वास्तविक नतीजे उम्मीदवारों, स्थानीय मुद्दों, गठबंधनों, मतदान प्रतिशत और अन्य सामाजिक-राजनीतिक कारकों पर भी निर्भर करेंगे। पार्टियों का फोकस अब युवा वोटर्स पर जेन-जी की राजनीतिक प्राथमिकताएं पारंपरिक मतदाताओं से कुछ अलग मानी जाती हैं। रोजगार, शिक्षा, महंगाई, डिजिटल सुविधाएं, पारदर्शिता और भविष्य से जुड़े मुद्दे युवा मतदाताओं के लिए महत्वपूर्ण हो सकते हैं। इसी वजह से राजनीतिक दल युवाओं तक पहुंच बनाने के लिए सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म का ज्यादा इस्तेमाल कर रहे हैं। राजनीतिक संदेशों को युवाओं की भाषा और उनके पसंदीदा माध्यमों के अनुसार पेश करने की कोशिश भी बढ़ रही है। 2027 के चुनावों में बढ़ेगी चुनौती 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव कई राजनीतिक दलों के लिए महत्वपूर्ण होंगे। जिन राज्यों में युवा मतदाताओं की संख्या ज्यादा है, वहां पार्टियों को जेन-जी के मुद्दों पर विशेष ध्यान देना पड़ सकता है। युवा वोटर्स अगर बड़ी संख्या में मतदान करते हैं और किसी खास मुद्दे पर एकजुट रुख अपनाते हैं, तो इसका असर कई विधानसभा सीटों पर दिखाई दे सकता है।
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Bangladesh Infiltration: 4800 बांग्लादेशी घुसपैठियों को भेजा गया वापस, लेकिन अब उठे बड़े सवाल; बॉर्डर पर क्यों है सन्नाटा?

Bangladesh Infiltration: 4800 बांग्लादेशी घुसपैठियों को भेजा गया वापस, लेकिन अब उठे बड़े सवाल; बॉर्डर पर क्यों है सन्नाटा?

नई दिल्ली: भारत से करीब 4,800 बांग्लादेशी नागरिकों को वापस भेजे जाने की खबर के बाद अब इस पूरी प्रक्रिया को लेकर सवाल उठ रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि इतनी बड़ी संख्या में लोगों को वापस भेजा गया, लेकिन सीमा पर इसका असर दिखाई नहीं दे रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, जिन लोगों को वापस भेजे जाने की बात कही जा रही है, उन्हें रखने के लिए बनाए गए होल्डिंग सेंटर भी अब खाली नजर आ रहे हैं। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर इन लोगों को सीमा पार कैसे भेजा गया और वे फिलहाल कहां हैं? बॉर्डर पर नहीं दिखी बड़ी हलचल इतनी बड़ी संख्या में लोगों को वापस भेजे जाने के दावे के बावजूद सीमा क्षेत्र में किसी बड़ी आवाजाही की जानकारी सामने नहीं आई है। बॉर्डर पर भी सामान्य स्थिति नजर आने की बात कही जा रही है। इस वजह से पूरी प्रक्रिया को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। खासकर यह जानना जरूरी हो गया है कि 4,800 लोगों की वापसी का रिकॉर्ड किस तरह दर्ज किया गया और उन्हें किस रास्ते से वापस भेजा गया। होल्डिंग सेंटर भी खाली मामले में एक और सवाल होल्डिंग सेंटर को लेकर है। जिन केंद्रों में ऐसे लोगों को अस्थायी तौर पर रखा जाता था, वहां भी अब बड़ी संख्या में लोग मौजूद नहीं हैं। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि अगर हजारों लोगों को वापस भेजा गया, तो उनकी सीमा पार आवाजाही का आधिकारिक रिकॉर्ड क्या है और संबंधित एजेंसियों के पास इसकी क्या जानकारी है। बांग्लादेश ने बताया सिर्फ 73 लोगों का आंकड़ा मामले को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा इसलिए हो रही है क्योंकि बांग्लादेश की ओर से अलग आंकड़ा सामने आने की बात कही जा रही है। रिपोर्ट के अनुसार, बांग्लादेश ने बताया कि उसके यहां केवल 73 लोग ही पहुंचे। भारत में बताए जा रहे आंकड़े और बांग्लादेश की ओर से सामने आए आंकड़े में बड़ा अंतर दिखाई देता है। इसी वजह से इस पूरी प्रक्रिया और आंकड़ों की पुष्टि को लेकर सवाल उठ रहे हैं। अब रिकॉर्ड और प्रक्रिया पर नजर मामले में सबसे अहम बात यह है कि भारत से वापस भेजे गए लोगों की संख्या, उनकी पहचान और सीमा पार भेजने की प्रक्रिया का आधिकारिक रिकॉर्ड क्या कहता है। जब तक संबंधित एजेंसियों की ओर से विस्तृत जानकारी सामने नहीं आती, तब तक अलग-अलग आंकड़ों को लेकर बनी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो सकती।
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Iran News: सुप्रीम लीडर मुजतबा का जंग के बाद पहला Video सामने आया, लोगों से बात करते दिखे

Iran News: सुप्रीम लीडर मुजतबा का जंग के बाद पहला Video सामने आया, लोगों से बात करते दिखे

ईरान: ईरान के सुप्रीम लीडर मुजतबा अली खामेनेई का युद्ध के बाद पहला वीडियो सामने आने की खबर है। वीडियो में वह लोगों के बीच बातचीत करते नजर आ रहे हैं। यह वीडियो ऐसे समय सामने आया है, जब उनकी सेहत को लेकर कई तरह के दावे और अटकलें सोशल मीडिया पर चल रही थीं। वीडियो में लोगों से बात करते दिखे मुजतबा सामने आए वीडियो में मुजतबा लोगों से बातचीत करते हुए दिखाई दे रहे हैं। युद्ध के बाद उनकी सार्वजनिक मौजूदगी को लेकर लगातार चर्चा हो रही थी। ऐसे में वीडियो सामने आने के बाद उनके समर्थकों के बीच भी इसे लेकर प्रतिक्रिया देखने को मिली। हालांकि, वीडियो कब और कहां रिकॉर्ड किया गया, इसे लेकर आधिकारिक तौर पर पूरी जानकारी सामने आना बाकी है। मौत को लेकर किए जा रहे थे दावे पिछले कुछ समय से मुजतबा की सेहत को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह के दावे किए जा रहे थे। कुछ रिपोर्टों और पोस्ट में उनकी जल्द मौत होने की आशंका तक जताई जा रही थी। हालांकि, ऐसे दावों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है। किसी व्यक्ति की सेहत या मौत से जुड़ी जानकारी की पुष्टि आधिकारिक स्रोतों से होने के बाद ही उसे अंतिम तथ्य माना जा सकता है।
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Ujjain

Ujjain में बनेगी Malakhamb Academy, 111 करोड़ के Project से खिलाड़ियों को मिलेंगी World-Class सुविधाएं

मध्यप्रदेश के मलखंब खिलाड़ियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। प्रदेश सरकार Ujjain में एक ऐसी Malakhamb और Gymnastics Academy विकसित करने की तैयारी में है, जहां खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण के साथ आधुनिक सुविधाएं भी मिलेंगी। खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग के प्रयासों से तैयार किए गए प्रस्ताव के मुताबिक, करीब 20 एकड़ जमीन पर इस अकादमी को विकसित किया जाएगा। अकादमी में खिलाड़ियों के लिए खेल अधोसंरचना, हॉस्टल, आधुनिक उपकरण, फिटनेस सेंटर, फिजियोथेरेपी और खेल विज्ञान से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है। इसका मकसद प्रदेश की युवा मलखंब प्रतिभाओं को कम उम्र से ही बेहतर ट्रेनिंग देकर उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए तैयार करना है। 111 करोड़ रुपये से ज्यादा का प्रस्ताव प्रस्तावित मलखंब एवं जिम्नास्टिक अकादमी के निर्माण पर करीब 86 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। वहीं वर्ष 2026-27 से 2028-29 तक अकादमी के संचालन के लिए लगभग 25.33 करोड़ रुपये का प्रावधान प्रस्तावित किया गया है। इस तरह निर्माण और संचालन को मिलाकर परियोजना की कुल प्रस्तावित लागत करीब 111.33 करोड़ रुपये बताई गई है। खिलाड़ियों को सिर्फ Training नहीं, पूरी सुविधा मिलेगी इस अकादमी की खास बात यह होगी कि खिलाड़ियों को केवल मलखंब की ट्रेनिंग तक सीमित सुविधाएं नहीं मिलेंगी। यहां हॉस्टल, आधुनिक खेल उपकरण, फिटनेस, फिजियोथेरेपी और Sports Science आधारित प्रशिक्षण की व्यवस्था भी प्रस्तावित है। सरकार का जोर ऐसे Training Environment पर है, जहां खिलाड़ियों की तकनीक के साथ उनकी फिटनेस और खेल प्रदर्शन पर भी लगातार काम किया जा सके। 70 खिलाड़ियों को मिलेगा मौका प्रस्ताव के अनुसार अकादमी में कुल 70 खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इनमें: शामिल होंगे। यानी कुल 50 खिलाड़ी बोर्डिंग और 20 खिलाड़ी डे-बोर्डिंग व्यवस्था में रहेंगे। खिलाड़ियों का चयन Talent Search के माध्यम से किए जाने का प्रस्ताव है। Academy शुरू होने से पहले उज्जैन में शुरू होगी Training स्थायी अकादमी की इमारत तैयार होने में समय लगने के दौरान भी खिलाड़ियों की ट्रेनिंग को रोका नहीं जाएगा। वर्ष 2026-27 और 2027-28 में अकादमी को राजमाता खेल परिसर, तानाखेड़ा, उज्जैन में डे-बोर्डिंग मॉडल पर संचालित करने का प्रस्ताव है। इस शुरुआती चरण में कुल 40 खिलाड़ियों को प्रवेश देने की योजना है। इनमें 30 बालक और 10 बालिकाएं शामिल होंगी। उज्जैन से बाहर के चयनित खिलाड़ियों के लिए विभाग की ओर से आवास की व्यवस्था करने का भी प्रस्ताव है। Expert Coaches के साथ Sports Science पर रहेगा फोकस नई अकादमी में खिलाड़ियों को आधुनिक और उच्च तकनीकी प्रशिक्षण देने की तैयारी है। इसके लिए उच्च तकनीकी सलाहकार और विशेषज्ञ प्रशिक्षकों की सेवाएं अनुबंध के आधार पर लेने का प्रावधान प्रस्तावित किया गया है। डे-बोर्डिंग व्यवस्था में खिलाड़ियों को प्रशिक्षकों के साथ फिजियोथेरेपिस्ट और मसाजर की सुविधा भी उपलब्ध कराने की योजना है। इसमें एक महिला फिजियोथेरेपिस्ट और दो मसाजर—एक महिला तथा एक पुरुष—का प्रावधान प्रस्तावित है। मंत्री विश्वास सारंग बोले- प्रतिभाओं को मिलेगा बड़ा मंच खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग के मुताबिक मध्यप्रदेश में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है। जरूरत सिर्फ इतनी है कि इन खिलाड़ियों को सही समय पर आधुनिक सुविधाएं, विशेषज्ञ मार्गदर्शन और बेहतर अवसर मिलें। उन्होंने कहा कि मलखंब मध्यप्रदेश की गौरवशाली खेल परंपरा का हिस्सा है और प्रदेश के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा साबित की है। प्रस्तावित अकादमी के जरिए खिलाड़ियों को शुरुआती उम्र से वैज्ञानिक और तकनीकी प्रशिक्षण देने पर जोर रहेगा। मंत्री के अनुसार लक्ष्य यह है कि मध्यप्रदेश के खिलाड़ी राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी प्रदेश और देश का नाम रोशन करें। Khelo India में MP के Malakhamb खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन मलखंब अकादमी की जरूरत इसलिए भी महसूस की गई क्योंकि मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों ने हाल के वर्षों में राष्ट्रीय स्तर पर अच्छा प्रदर्शन किया है। Khelo India Youth Games 2025, बिहार में मध्यप्रदेश के मलखंब खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 10 पदक जीते। इनमें 7 Gold, 2 Silver और 1 Bronze Medal शामिल रहे। इस प्रदर्शन ने एक बार फिर दिखाया कि प्रदेश में मलखंब की प्रतिभाओं की मजबूत नींव मौजूद है। अब नई अकादमी के जरिए इन खिलाड़ियों को लगातार और बेहतर प्रशिक्षण देने की दिशा में काम किया जा रहा है। उज्जैन बन सकता है Malakhamb Talent Hub अकादमी के संचालन और निगरानी की जिम्मेदारी जिला खेल एवं युवा कल्याण अधिकारी, उज्जैन को देने का प्रस्ताव है। शुरुआत में विभाग में उपलब्ध स्टाफ के जरिए अकादमी की दैनिक गतिविधियां संचालित की जाएंगी। उज्जैन जिले के लिए कुल 12 पद स्वीकृत किए गए हैं। इनमें संभागीय खेल एवं युवा कल्याण अधिकारी, जिला खेल एवं युवा कल्याण अधिकारी, लेखापाल, सहायक ग्रेड-2, सहायक ग्रेड-3 और भृत्य के पद शामिल हैं। खिलाड़ियों के लिए नई उम्मीद उज्जैन में प्रस्तावित Malakhamb Academy सिर्फ एक नई खेल सुविधा नहीं, बल्कि प्रदेश की युवा प्रतिभाओं के लिए आगे बढ़ने का बड़ा रास्ता बन सकती है। अभी जहां खिलाड़ी अलग-अलग स्थानों पर प्रशिक्षण लेते हैं, वहीं भविष्य में उन्हें एक ही जगह पर ट्रेनिंग, फिटनेस, आवास और Sports Science जैसी सुविधाएं मिलने की उम्मीद है। अगर प्रस्तावित योजना अपने स्वरूप में आगे बढ़ती है, तो उज्जैन आने वाले समय में मध्यप्रदेश की मलखंब प्रतिभाओं की नई नर्सरी और प्रमुख Training Hub के रूप में अपनी पहचान बना सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
India-Belgium

India-Belgium Partnership: जोरावर Tank बना नई दोस्ती की पहचान, कई अहम MoU पर सहमति

India-Belgium के रिश्तों में गुरुवार को एक अहम पड़ाव जुड़ गया। बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर भारत दौरे पर पहुंचे, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक हुई। बातचीत के बाद दोनों देशों ने Defence, Clean Energy, Critical Minerals, Semiconductor, Maritime Cooperation और व्यापार जैसे कई क्षेत्रों में साझेदारी को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बैठक के बाद कहा कि भारत और बेल्जियम के संबंध अब केवल पारंपरिक व्यापार तक सीमित नहीं हैं। दोनों देश अब Defence और Clean Energy जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में भी तेजी से साथ आ रहे हैं। इसी दौरान पीएम मोदी ने जोरावर Tank का भी जिक्र किया। जोरावर Tank ने बढ़ाया Defence Cooperation भारत के लिए पहाड़ी और कठिन इलाकों में इस्तेमाल होने वाला हल्का जोरावर टैंक Defence Sector का अहम प्रोजेक्ट है। पीएम मोदी ने भारत-बेल्जियम सहयोग का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों देश आधुनिक रक्षा उपकरणों के क्षेत्र में साथ काम कर रहे हैं। दोनों देशों के बीच Military Exchanges और Training Cooperation बढ़ाने पर भी सहमति बनी है। इससे भारतीय और बेल्जियम की सेनाओं के बीच संपर्क और अनुभव साझा करने के अवसर बढ़ेंगे। हालांकि, जोरावर टैंक को लेकर इसे सीधे तौर पर कोई अलग Tank Purchase Deal कहना सही नहीं होगा। इस प्रोजेक्ट का उल्लेख दोनों देशों के बढ़ते Defence और Technology Cooperation के उदाहरण के तौर पर किया गया है। Clean Energy में भी नई Partnership Defence के साथ-साथ Green Energy भारत-बेल्जियम सहयोग का एक और बड़ा क्षेत्र बनकर सामने आया है। दोनों देशों ने Renewable Energy के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए समझौता किया है। पीएम मोदी ने आंध्र प्रदेश के काकीनाडा में विकसित हो रहे Green Ammonia Project का भी जिक्र किया। भारत की बढ़ती Clean Energy जरूरतों और बेल्जियम की तकनीकी क्षमता को देखते हुए यह Partnership आने वाले समय में काफी अहम हो सकती है। Critical Minerals और Semiconductor पर नजर आज की Technology Economy में Critical Minerals और Semiconductor की भूमिका लगातार बढ़ रही है। ऐसे में भारत और बेल्जियम ने इन क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ाने का फैसला किया है। दोनों देश Critical Minerals की Processing और Recycling में मिलकर काम करने की दिशा में आगे बढ़ेंगे। वहीं Semiconductor Sector में बेल्जियम की तकनीकी विशेषज्ञता और भारत के बड़े Manufacturing Ecosystem को जोड़ने पर जोर दिया गया है। खास तौर पर बेल्जियम के प्रसिद्ध Research Institute IMEC और भारत के Semiconductor Ecosystem के बीच सहयोग बढ़ाने की संभावना को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 5 साल में Double हो सकता है Bilateral Trade बैठक में आर्थिक रिश्तों को लेकर भी बड़ा लक्ष्य सामने आया। भारत और बेल्जियम अगले पांच वर्षों में Bilateral Trade को दोगुना करने की दिशा में काम करेंगे। भारत और बेल्जियम के बीच व्यापार में Diamond Industry की लंबे समय से बड़ी भूमिका रही है। बेल्जियम का एंटवर्प शहर दुनिया के प्रमुख Diamond Trading Hubs में शामिल है और यहां भारतीय कारोबारियों की भी मजबूत मौजूदगी है। अब दोनों देश इस पुराने व्यापारिक रिश्ते को Defence, Technology, Energy और Critical Minerals जैसे नए क्षेत्रों से जोड़ना चाहते हैं। Maritime और Startup Sector में भी बढ़ेगा सहयोग भारत और बेल्जियम के बीच सहयोग का दायरा केवल Defence और Trade तक नहीं रहेगा। दोनों देशों ने Maritime Sector में Capacity Building और Startups के बीच संपर्क बढ़ाने पर भी सहमति जताई है। इसके अलावा Cybercrime से मुकाबला, Diplomatic Training और अन्य क्षेत्रों में भी सहयोग को मजबूत करने के लिए समझौते किए गए हैं। दोनों देश Migration and Mobility Partnership Agreement को जल्द पूरा करने की दिशा में भी आगे बढ़ रहे हैं। इससे दोनों देशों के बीच छात्रों, Professionals और लोगों के आवागमन से जुड़े अवसरों को बढ़ावा मिल सकता है। Terrorism पर भारत-बेल्जियम का एक सुर बैठक में आतंकवाद और दुनिया में चल रहे विभिन्न संघर्षों पर भी चर्चा हुई। भारत और बेल्जियम ने आतंकवाद के सभी रूपों के खिलाफ अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। पीएम मोदी ने कहा कि दोनों देश Dialogue और Diplomacy के जरिए विवादों के शांतिपूर्ण समाधान में विश्वास रखते हैं। वैश्विक स्तर पर बढ़ती अस्थिरता के बीच भारत और बेल्जियम के बीच रणनीतिक सहयोग को और मजबूत करने पर जोर दिया गया। भारत-बेल्जियम रिश्तों की पुरानी कहानी पीएम मोदी ने दोनों देशों के ऐतिहासिक रिश्तों का भी जिक्र किया। प्रथम विश्व युद्ध के दौरान बेल्जियम में भारतीय सैनिकों के योगदान और बलिदान को याद करते हुए उन्होंने कहा कि भारत और बेल्जियम के संबंध काफी पुराने हैं। बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर की यह पहली आधिकारिक भारत यात्रा है। एंटवर्प के मेयर के तौर पर उनका भारत और भारतीय समुदाय से पहले भी संपर्क रहा है। अब Diamond Trade से आगे बढ़ रही दोस्ती भारत और बेल्जियम की दोस्ती की पहचान लंबे समय तक Diamond Trade से जुड़ी रही है। लेकिन बदलती दुनिया में दोनों देशों के रिश्ते अब एक बड़े दायरे में फैल रहे हैं। जोरावर Tank से Defence Cooperation, Green Energy से Critical Minerals और Semiconductor से Bilateral Trade तक, भारत और बेल्जियम कई नए क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। पीएम मोदी और बार्ट डी वेवर की बैठक को इसी बदलती Partnership की एक अहम कड़ी माना जा रहा है। आने वाले वर्षों में अगर इन समझौतों और सहयोग योजनाओं को जमीन पर तेजी से उतारा जाता है, तो भारत-बेल्जियम संबंध आर्थिक रिश्तों से आगे बढ़कर एक मजबूत Strategic Partnership का रूप ले सकते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Tibet

Nepal Flood के बीच बड़ा Earthquake: Tibet में 5.1 Magnitude के झटके, अब तक 1,273 लोगों की मौत

Nepal-Tibet Flood हिमालयी इलाके में पिछले एक हफ्ते से जारी तबाही के बीच गुरुवार को एक और झटका महसूस किया गया। चीन के तिब्बत (Tibet) क्षेत्र में 5.1 तीव्रता का भूकंप आया। भूकंप ऐसे वक्त आया है, जब नेपाल और तिब्बत में भीषण Flood और Landslide के बाद हजारों लोग लापता हैं और राहत-बचाव अभियान लगातार चल रहा है। 26 अगस्त को नेपाल-चीन सीमा के पास आई विनाशकारी बाढ़ ने देखते ही देखते कई इलाकों की तस्वीर बदल दी थी। घर, सड़कें, पुल और Hydropower Projects मलबे और पानी की चपेट में आ गए। अब तक इस आपदा में नेपाल और तिब्बत को मिलाकर 1,273 लोगों की मौत हो चुकी है। Tibet में 5.1 तीव्रता का Earthquake जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज (GFZ) के अनुसार गुरुवार को तिब्बत में 5.1 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। भूकंप करीब 10 किलोमीटर की गहराई पर आया और इसका क्षेत्र नेपाल तथा भारत की सीमाओं के आसपास बताया गया है। हालांकि शुरुआती रिपोर्टों में इस भूकंप से बड़े पैमाने पर नए नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन पहले से तबाह इलाके में इसके झटके ने लोगों और Rescue Teams की चिंता जरूर बढ़ा दी है। एक हफ्ते पहले आई बाढ़ ने मचाई थी भारी तबाही 26 अगस्त को Bhote Koshi River के आसपास अचानक आई बाढ़ ने नेपाल-चीन सीमा क्षेत्र में भारी तबाही मचाई। अधिकारियों और विशेषज्ञों के मुताबिक इस आपदा के पीछे ग्लेशियर और चट्टानों के खिसकने से पैदा हुआ भारी मलबा और पानी प्रमुख वजह रहा। बाढ़ का तेज बहाव अपने साथ मिट्टी, चट्टान और मलबा लेकर नीचे की ओर आया और रास्ते में आने वाले घरों, सड़कों और पुलों को तबाह करता चला गया। नेपाल के विदेश मंत्रालय ने इस घटना को बेहद असाधारण बताते हुए इसे ‘Himalayan Tsunami’ तक कहा है। तिब्बत की ओर Gyirong Port भी बुरी तरह प्रभावित हुआ था। संपर्क मार्गों को नुकसान पहुंचने से शुरुआती दौर में राहत सामग्री और भारी मशीनरी को प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचाना बड़ी चुनौती बन गया। Nepal-Tibet Disaster में 1,273 लोगों की मौत 3 सितंबर तक सामने आए आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार नेपाल में 1,252 लोगों की मौत हो चुकी है और कम से कम 4,216 लोग अब भी लापता हैं। वहीं चीन के तिब्बत क्षेत्र में 21 लोगों की मौत और 541 लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आई है। इस तरह दोनों क्षेत्रों में मृतकों की संख्या 1,273 हो गई है। नेपाल में सबसे ज्यादा मौतें चितवन, नवलपरासी पूर्व, नवलपरासी पश्चिम और नुवाकोट जैसे जिलों में दर्ज हुई हैं। कई शवों की पहचान अभी बाकी है, जिससे परिवारों की बेचैनी और बढ़ गई है। हजारों लोग अब भी Missing, Tunnel में फंसे लोगों की तलाश सबसे बड़ी चिंता उन लोगों को लेकर है, जिनका अभी तक कोई पता नहीं चल पाया है। नेपाल में हजारों लोगों के लापता होने के अलावा कई Hydropower Projects में काम करने वाले कर्मचारियों के भी फंसे होने की आशंका है। करीब 900 Hydropower workers के अब भी लापता होने की बात सामने आई है। कुछ लोगों के सुरंगों में फंसे होने की आशंका के चलते Rescue Teams भारी मशीनों और अन्य उपकरणों की मदद से मलबा हटाने में जुटी हैं। नेपाल सरकार के मुताबिक भारत, चीन और दक्षिण कोरिया की Tunnel Rescue Teams नेपाली सेना के साथ मिलकर अभियान चला रही हैं। ड्रोन, भारी मशीनरी और अन्य राहत उपकरणों की मदद भी ली जा रही है। हजारों घर हुए तबाह, सामने बड़ी Rebuilding Challenge बाढ़ ने सिर्फ लोगों की जान नहीं ली, बल्कि हजारों परिवारों से उनका घर और रोजी-रोटी भी छीन ली। Reuters की रिपोर्ट के मुताबिक नेपाल में करीब 7,500 घर पूरी तरह तबाह हो चुके हैं और लगभग 20,000 घरों को दोबारा बनाने की जरूरत पड़ सकती है। सड़क और पुल टूटने के कारण कई इलाकों में राहत पहुंचाना अभी भी मुश्किल है। कुछ जगहों पर लोगों को नदी पार करने के लिए अस्थायी साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है। Rescue Operation के बीच नया भूकंप चिंता की वजह राहत और बचाव दल पहले ही बारिश, मलबे, तेज बहाव और अस्थिर पहाड़ी ढलानों से जूझ रहे हैं। ऐसे में तिब्बत में आया नया भूकंप हालात को और संवेदनशील बना सकता है। फिलहाल अधिकारियों की प्राथमिकता लापता लोगों की तलाश और प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाना है। नेपाल सरकार के मुताबिक Search and Rescue Operation अभी भी पूरी क्षमता के साथ जारी है। हिमालयी क्षेत्र की इस त्रासदी ने एक बार फिर दिखाया है कि पहाड़ी इलाकों में प्राकृतिक आपदाएं कितनी तेजी से बड़े संकट में बदल सकती हैं। बाढ़ के बाद भूकंप के झटके ने प्रभावित लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं, लेकिन Rescue Teams अब भी मलबे के बीच जिंदगी की तलाश में जुटी हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

जन्माष्टमी और गोगा नवमी पर इंदौर में ट्रैफिक व्यवस्था बदली, राजबाड़ा जाने से पहले जान लें ये रूट

इंदौर। जन्माष्टमी और गोगा नवमी के दौरान राजबाड़ा और आसपास के इलाकों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए इंदौर यातायात पुलिस ने 4 और 5 सितंबर को विशेष ट्रैफिक व्यवस्था लागू की है। इस दौरान कई प्रमुख मार्गों पर वाहनों की आवाजाही और पार्किंग पर रोक रहेगी, जबकि कुछ रास्तों पर ट्रैफिक डायवर्ट किया जाएगा। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे भीड़भाड़ वाले इलाकों में वाहन लेकर जाने से बचें और निर्धारित पार्किंग स्थलों का ही इस्तेमाल करें। 4 सितंबर को मंदिरों में उमड़ेगी भीड़ जन्माष्टमी के मौके पर 4 सितंबर को राजबाड़ा क्षेत्र के बांके बिहारी मंदिर, गोपाल मंदिर और यशोदा माता मंदिर सहित अन्य धार्मिक स्थलों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इसके अलावा नरसिंह बाजार स्थित द्वारकाधीश मंदिर, गोराकुंड चौराहे के जानकीनाथ मंदिर और छीपाबाकल क्षेत्र में मटकी फोड़ प्रतियोगिताओं का आयोजन होगा। इन कार्यक्रमों में प्रतियोगियों और दर्शकों की भीड़ को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने विशेष इंतजाम किए हैं। 5 सितंबर को गोगा नवमी के चलते भी राजबाड़ा और आसपास के क्षेत्रों में यातायात का दबाव बढ़ सकता है। राजबाड़ा क्षेत्र में इन रास्तों पर रहेगा प्रतिबंध सिटी बसों के रूट में भी बदलाव मृगनयनी और फ्रूट मार्केट की ओर से राजबाड़ा आने वाली सिटी बसें शाम 5 बजे के बाद राजबाड़ा नहीं जा सकेंगी। इनका संचालन संजय सेतु की ओर से किया जाएगा। वहीं कलेक्ट्रेट और हरसिद्धि की ओर से आने वाली सिटी बसें हरसिद्धि मंदिर चौराहे से आगे राजबाड़ा की ओर नहीं जा सकेंगी। बड़ा गणपति से एमजी रोड होते हुए राजबाड़ा जाने वाले वाहन चालकों को सुभाष मार्ग का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है। एयरपोर्ट जाने वालों के लिए ये रास्ते रहेंगे बेहतर त्योहार के दौरान राजबाड़ा क्षेत्र में ट्रैफिक दबाव को देखते हुए एयरपोर्ट जाने वाले यात्री वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल कर सकते हैं। कलेक्ट्रेट- महूनाका-गंगवाल-एयरपोर्ट मार्ग के अलावा विजयनगर-सुपर कॉरिडोर-बिजासन मार्ग से भी एयरपोर्ट पहुंचा जा सकता है। इन रास्तों से भी कर सकते हैं आवाजाही नगर निगम की ओर से आने वाले वाहन चालक शिवालय-भागीरथपुरा टी-पोलो ग्राउंड होते हुए परिवर्तित मार्ग का उपयोग कर सकते हैं। नंदलालपुरा, गुरुद्वारा चौराहा और अन्य भीड़भाड़ वाले इलाकों में जाने से बचने की सलाह दी गई है। जरूरत के अनुसार ट्रैफिक को संजय सेतु-चंद्रभागा-हरसिद्धि-जेएनबी-महू नाका मार्ग से संचालित किया जा सकता है। व्यावसायिक वाहनों पर भी रहेगी रोक बाजारों में भीड़ और ट्रैफिक दबाव को देखते हुए दोपहर बाद से व्यावसायिक वाहन, सिटी बस और ऑटो रिक्शा राजबाड़ा से सुभाष चौक, सराफा और बर्तन बाजार की ओर नहीं जा सकेंगे। निर्धारित पार्किंग स्थल श्रद्धालुओं के लिए प्रमुख पार्किंग स्थल इस प्रकार हैं: आपातकालीन सेवाओं से जुड़े वाहनों पर यह प्रतिबंध लागू नहीं होगा। जरूरत के अनुसार बदले जा सकते हैं रूट यातायात पुलिस के मुताबिक भीड़ और ट्रैफिक की स्थिति को देखते हुए समय-समय पर व्यवस्था में बदलाव किया जा सकता है। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त डायवर्शन भी लागू किया जाएगा। यातायात पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे धार्मिक आयोजनों के दौरान अनावश्यक रूप से वाहन लेकर भीड़ वाले क्षेत्रों में न जाएं, निर्धारित पार्किंग का इस्तेमाल करें और ट्रैफिक व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करें।

बिलासपुर हिंसा मामले में फरार राम सिंह का वीडियो आया सामने, कहा- जल्द करूंगा सरेंडर

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में हुई हिंसा के मामले में पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। पुलिस दोनों पक्षों के आरोपियों की तलाश कर रही है और अब तक 20 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इसी बीच मामले में फरार आरोपी राम सिंह का सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आया है। वीडियो में राम सिंह ने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा है कि वह अपने धर्म के लिए लड़ने की वजह से आरोपी बनाया जा रहा है। उसने यह भी कहा कि वह जल्द ही पुलिस के सामने सरेंडर करेगा। साथ ही राम सिंह ने जेल में अपनी जान को खतरा होने की आशंका भी जताई है। राम सिंह ने वीडियो में पुलिस पर उसे टारगेट करने का आरोप लगाया है। हालांकि, उसके इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। दोनों पक्षों के 20 आरोपी गिरफ्तार पुलिस के मुताबिक, मामले में अब तक दोनों पक्षों के 20 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें सोहेल खान गुट के 17 और ठाकुर राम सिंह गुट के 3 आरोपी शामिल हैं। कुछ आरोपी अभी भी फरार हैं, जिनकी तलाश के लिए पुलिस की टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। यह पूरा मामला सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र का है। पुलिस CCTV फुटेज और सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो की भी जांच कर रही है, ताकि हिंसा, पथराव, मारपीट, तोड़फोड़ और भीड़ को उकसाने में शामिल लोगों की पहचान की जा सके। CCTV में कट्टा लहराते नजर आया सोहेल पुलिस ने हिंसा के मामले में गिरफ्तार आरोपी सोहेल खान समेत 6 आरोपियों का पैदल जुलूस निकाला था। इसी बीच सोहेल का एक CCTV फुटेज सामने आया है, जिसमें वह हाथ में हथियार लहराते हुए दिखाई दे रहा है। पुलिस का कहना है कि फुटेज में सोहेल द्वारा हवाई फायरिंग किए जाने की भी बात सामने आई है। इस वीडियो की जांच पुलिस द्वारा की जा रही है। सोहेल से एयर पिस्टल और देशी कट्टा बरामद गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने सोहेल खान, अब्दुल रज्जाक मकवाना, अरबाज खान, नुमान अली, शेख सुल्तान और मोहम्मद मुस्तकीन से पूछताछ की। पुलिस के अनुसार, सोहेल की निशानदेही पर उसके घर से एयर पिस्टल और देशी कट्टा बरामद किया गया है। पुलिस के मुताबिक, सोहेल के खिलाफ पहले से कई मामले दर्ज हैं। एसएसपी रजनेश सिंह ने बताया कि कोतवाली थाना क्षेत्र के निगरानी बदमाश सोहेल के खिलाफ 20 मामले दर्ज हैं। राम सिंह और उसके भाई के घर पुलिस की दबिश राम सिंह और उसके भाई की तलाश में पुलिस ने देर रात उनके घरों पर भी दबिश दी। हालांकि, पुलिस को दोनों जगहों से कोई सुराग नहीं मिला। पुलिस को आशंका है कि राम सिंह और उसके साथी बिलासपुर, रायपुर या आसपास के ग्रामीण इलाकों में छिपे हो सकते हैं। उनकी तलाश में पुलिस की टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर कार्रवाई कर रही हैं। अब राम सिंह के सोशल मीडिया वीडियो के बाद उसके सरेंडर करने की बात सामने आई है। पुलिस की नजर उसकी अगली गतिविधियों पर है और उसके ठिकाने की तलाश भी जारी है।

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