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Akhilesh Yadav Attack: अखिलेश यादव का योगी सरकार पर तंज, बोले- ‘सरकार के सिर्फ चार दिन बचे, इसलिए विधानसभा सत्र भी चार दिन का’

Akhilesh Yadav Attack: अखिलेश यादव का योगी सरकार पर तंज, बोले- ‘सरकार के सिर्फ चार दिन बचे, इसलिए विधानसभा सत्र भी चार दिन का’

लखनऊ: समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने विधानसभा सत्र को लेकर राज्य की योगी आदित्यनाथ सरकार पर निशाना साधा है। अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए कहा कि सरकार के अब सिर्फ चार दिन बचे हैं, इसलिए विधानसभा का सत्र भी चार दिन का ही रखा गया है। अखिलेश यादव के इस बयान के बाद यूपी की सियासत में बयानबाजी तेज हो गई है। उन्होंने सरकार के कामकाज और विधानसभा सत्र की अवधि को लेकर सवाल खड़े किए। विधानसभा सत्र को लेकर अखिलेश का तंज अखिलेश यादव ने कहा कि विधानसभा का सत्र महज चार दिन का होना कई सवाल खड़े करता है। उन्होंने इसे सरकार के बचे हुए कार्यकाल से जोड़ते हुए कहा कि जब सरकार के पास सिर्फ चार दिन बचे हैं, तो विधानसभा सत्र भी चार दिन का रखा गया है। उनके इस बयान को आगामी राजनीतिक माहौल से जोड़कर देखा जा रहा है। समाजवादी पार्टी लगातार सरकार की नीतियों और फैसलों को लेकर सवाल उठाती रही है। सरकार पर कामकाज को लेकर सवाल सपा प्रमुख ने सरकार के कामकाज पर भी निशाना साधा। उनका कहना है कि विधानसभा सत्र जनता से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा का अहम मंच होता है। ऐसे में सत्र की अवधि कम होने से विपक्ष को अपनी बात रखने के लिए सीमित समय मिल सकता है। अखिलेश यादव ने सरकार से जनता से जुड़े मुद्दों पर सदन में जवाब देने की मांग भी की। यूपी की राजनीति में बयानबाजी तेज अखिलेश यादव के बयान के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग तेज होने के आसार हैं। विधानसभा सत्र के दौरान कानून-व्यवस्था, रोजगार, महंगाई और विकास से जुड़े मुद्दे उठ सकते हैं। अब देखना होगा कि विधानसभा में विपक्ष किन मुद्दों को प्रमुखता से उठाता है और सरकार की ओर से इन सवालों पर क्या जवाब दिया जाता है। विधानसभा सत्र पर सबकी नजर उत्तर प्रदेश की राजनीति में विधानसभा सत्र को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कम अवधि के इस सत्र में कई अहम मुद्दों पर चर्चा की उम्मीद है।
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Jasprit Bumrah Out: श्रीलंका टेस्ट सीरीज से बाहर हुए जसप्रीत बुमराह, घुटने की चोट ने बढ़ाई टीम इंडिया की चिंता

Jasprit Bumrah Out: श्रीलंका टेस्ट सीरीज से बाहर हुए जसप्रीत बुमराह, घुटने की चोट ने बढ़ाई टीम इंडिया की चिंता

नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम को श्रीलंका के खिलाफ होने वाली टेस्ट सीरीज से पहले बड़ा झटका लगा है। तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह घुटने की चोट से पूरी तरह उबर नहीं पाए हैं। इसी वजह से वह 15 अगस्त से शुरू होने वाली श्रीलंका टेस्ट सीरीज में टीम का हिस्सा नहीं होंगे। बुमराह की गैरमौजूदगी टीम इंडिया के लिए बड़ा नुकसान मानी जा रही है। वह टेस्ट क्रिकेट में भारत के सबसे भरोसेमंद तेज गेंदबाजों में से एक हैं और मुश्किल परिस्थितियों में विकेट निकालने की उनकी क्षमता टीम के लिए काफी अहम रही है। घुटने की चोट से पूरी तरह नहीं उबरे बुमराह जानकारी के मुताबिक बुमराह अभी अपनी चोट से पूरी तरह रिकवर नहीं कर पाए हैं। टीम मैनेजमेंट उनकी फिटनेस को लेकर कोई जल्दबाजी नहीं करना चाहता। ऐसे में उन्हें श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज से आराम देने का फैसला किया गया है। बुमराह की फिटनेस पर टीम इंडिया की मेडिकल टीम लगातार नजर रख रही है। उनका लक्ष्य पूरी तरह फिट होकर मैदान पर वापसी करना है। 15 अगस्त से शुरू होगी टेस्ट सीरीज भारत और श्रीलंका के बीच टेस्ट सीरीज 15 अगस्त से शुरू होने वाली है। सीरीज में बुमराह के नहीं खेलने से भारतीय गेंदबाजी आक्रमण की जिम्मेदारी दूसरे तेज गेंदबाजों पर बढ़ जाएगी। बुमराह की जगह टीम में किस खिलाड़ी को मौका मिलता है, यह भी देखने वाली बात होगी। युवा गेंदबाजों के पास अब खुद को साबित करने का बड़ा अवसर होगा। टीम इंडिया के लिए बड़ा झटका बुमराह की गैरमौजूदगी भारत के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि टेस्ट क्रिकेट में उनका अनुभव और गेंदबाजी दोनों टीम को मजबूती देते हैं। नई गेंद से विकेट लेने के साथ-साथ वह पुरानी गेंद से भी प्रभावी साबित होते हैं। ऐसे में श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में भारतीय टीम को उनके बिना नई रणनीति के साथ उतरना होगा।
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Hardik Pandya Tirupati Visit: हार्दिक पंड्या ने सिर मुंडवाया, तिरुपति बालाजी के किए दर्शन; महिका शर्मा भी दिखीं साथ

Hardik Pandya Tirupati Visit: हार्दिक पंड्या ने सिर मुंडवाया, तिरुपति बालाजी के किए दर्शन; महिका शर्मा भी दिखीं साथ

भारतीय क्रिकेटर हार्दिक पंड्या इन दिनों क्रिकेट मैदान से दूर हैं। इसी बीच वह आंध्र प्रदेश के प्रसिद्ध तिरुपति बालाजी मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने भगवान वेंकटेश्वर के दर्शन किए। इस दौरान हार्दिक का नया लुक भी चर्चा में रहा। उन्होंने सिर मुंडवाया हुआ था। मंदिर दर्शन के दौरान हार्दिक के साथ महिका शर्मा भी नजर आईं। दोनों की तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इस विजिट को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। नए लुक में नजर आए हार्दिक तिरुपति बालाजी के दर्शन के दौरान हार्दिक पंड्या पूरी तरह अलग अंदाज में दिखाई दिए। उन्होंने सिर मुंडवाया हुआ था और मंदिर में धार्मिक परंपराओं के अनुसार दर्शन किए। हार्दिक के फैंस के बीच उनका यह नया लुक तेजी से चर्चा का विषय बन गया। सोशल मीडिया पर लोग उनके मंदिर जाने और नए लुक को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। महिका शर्मा भी दिखीं साथ हार्दिक के साथ महिका शर्मा के नजर आने के बाद दोनों को लेकर भी सोशल मीडिया पर चर्चाएं तेज हो गईं। हालांकि दोनों के रिश्ते को लेकर किसी तरह की आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। इसलिए सोशल मीडिया पर चल रही अटकलों को तथ्य के तौर पर देखना सही नहीं होगा। फिलहाल इतना ही सामने आया है कि दोनों तिरुपति में दर्शन के दौरान साथ नजर आए। IPL के बाद से मैदान से दूर हैं हार्दिक हार्दिक पंड्या IPL के बाद से लगातार क्रिकेट एक्शन में नजर नहीं आए हैं। ऐसे में उनका मंदिर जाना और नया लुक सामने आना फैंस के लिए खास रहा। हार्दिक भारतीय क्रिकेट टीम के प्रमुख ऑलराउंडरों में शामिल रहे हैं और उनके मैदान पर लौटने को लेकर फैंस की नजर बनी हुई है।
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Weather Update: राजस्थान के 24 जिलों में बारिश, अजमेर में सड़कों पर पानी; बिहार में बिजली गिरने से 6 की मौत

Weather Update: राजस्थान के 24 जिलों में बारिश, अजमेर में सड़कों पर पानी; बिहार में बिजली गिरने से 6 की मौत

नई दिल्ली: देश के कई हिस्सों में मानसून का असर लगातार देखने को मिल रहा है। राजस्थान में बारिश के कारण कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। राज्य के 24 जिलों में बारिश दर्ज की गई, जबकि अजमेर में तेज बारिश के बाद कई सड़कों पर पानी भर गया। वहीं, बिहार में मौसम ने चिंता बढ़ा दी है। यहां बिजली गिरने की अलग-अलग घटनाओं में 6 लोगों की मौत की खबर है। दूसरी ओर, केरल और कर्नाटक में बारिश के बीच लैंडस्लाइड की घटनाओं ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। इन घटनाओं में 11 लोगों की जान जाने की जानकारी सामने आई है। राजस्थान में बारिश से कई इलाकों में असर राजस्थान के कई जिलों में बारिश का दौर जारी है। 24 जिलों में बारिश के बाद लोगों को गर्मी से राहत जरूर मिली, लेकिन कई जगह जलभराव की स्थिति बन गई। अजमेर में सड़कों पर पानी भरने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कई इलाकों में वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई और लोगों को पानी के बीच से निकलना पड़ा। बारिश के बाद स्थानीय प्रशासन को भी कई जगह व्यवस्थाओं पर नजर रखनी पड़ रही है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। बिहार में बिजली गिरने से 6 लोगों की मौत बिहार में बारिश के साथ आकाशीय बिजली ने चिंता बढ़ा दी है। अलग-अलग स्थानों पर बिजली गिरने की घटनाओं में 6 लोगों की मौत की खबर सामने आई है। मानसून के दौरान आकाशीय बिजली ग्रामीण और खुले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए बड़ा खतरा बन जाती है। ऐसे में खराब मौसम के दौरान लोगों को खुले मैदान, पेड़ और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी जाती है। केरल और कर्नाटक में लैंडस्लाइड से नुकसान दक्षिण भारत के केरल और कर्नाटक में भी भारी बारिश का असर दिखाई दे रहा है। बारिश के कारण कुछ इलाकों में लैंडस्लाइड की घटनाएं हुईं, जिनमें 11 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है। पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश के कारण सड़कें और संपर्क मार्ग प्रभावित हुए हैं। कई जगह लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और राहत-बचाव का काम भी किया जा रहा है।
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Nepal Violence: सांप्रदायिक हिंसा के बाद नेपाल में हालात सुधरे, कई इलाकों से हटाया कर्फ्यू; शांति के लिए समझौता

Nepal Violence: सांप्रदायिक हिंसा के बाद नेपाल में हालात सुधरे, कई इलाकों से हटाया कर्फ्यू; शांति के लिए समझौता

काठमांडू: नेपाल में हाल ही में हुई सांप्रदायिक हिंसा के बाद अब हालात धीरे-धीरे सामान्य होने लगे हैं। तनाव वाले कई इलाकों में प्रशासन ने कर्फ्यू हटाने का फैसला किया है। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय स्तर पर समझौते और बातचीत का रास्ता अपनाया गया है। हिंसा के बाद प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ा दी थी। लोगों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगाए गए थे, लेकिन स्थिति में सुधार के बाद कुछ इलाकों में राहत दी गई है। कई इलाकों से कर्फ्यू हटाया गया तनाव प्रभावित क्षेत्रों में हालात सामान्य होने के बाद प्रशासन ने चरणबद्ध तरीके से कर्फ्यू हटाना शुरू किया है। इससे स्थानीय लोगों को रोजमर्रा के कामकाज में राहत मिली है। हालांकि संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बलों की मौजूदगी अभी भी बनी हुई है। प्रशासन की कोशिश है कि किसी भी तरह की नई घटना को रोका जा सके और माहौल शांत बना रहे। शांति बहाली के लिए हुआ समझौता हिंसा के बाद तनाव कम करने के लिए संबंधित पक्षों के बीच बातचीत हुई। इसके बाद शांति बनाए रखने को लेकर समझौता किए जाने की जानकारी सामने आई है। समझौते का उद्देश्य लोगों के बीच भरोसा बढ़ाना और इलाके में सामान्य स्थिति बहाल करना है। स्थानीय प्रशासन भी लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से दूर रहने की अपील कर रहा है। सुरक्षा व्यवस्था पर प्रशासन की नजर हिंसा के बाद प्रशासन किसी भी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहता। संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखा गया है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। अधिकारियों का प्रयास है कि बाजार, स्कूल और दूसरे सार्वजनिक स्थानों पर सामान्य गतिविधियां जल्द पूरी तरह शुरू हो सकें। लोगों को शांति बनाए रखने की अपील प्रशासन और स्थानीय प्रतिनिधियों ने लोगों से संयम बरतने की अपील की है। लोगों से कहा गया है कि वे सोशल मीडिया पर फैलने वाली अपुष्ट खबरों और अफवाहों पर भरोसा न करें। कर्फ्यू में ढील और समझौते के बाद उम्मीद है कि नेपाल के प्रभावित इलाकों में स्थिति जल्द पूरी तरह सामान्य हो जाएगी।
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Bhopal News: नगर निगम की कार्रवाई पर उठे सवाल, 10 नंबर की सील दुकान खुलने से नाराज रहवासी सड़क पर उतरे

Bhopal News: नगर निगम की कार्रवाई पर उठे सवाल, 10 नंबर की सील दुकान खुलने से नाराज रहवासी सड़क पर उतरे

भोपाल: राजधानी भोपाल में नगर निगम की कार्रवाई को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। 10 नंबर मार्केट में सील की गई एक दुकान दोबारा खुलने के बाद स्थानीय रहवासी नाराज हो गए। लोगों ने इस मामले को लेकर विरोध जताया और नगर निगम की कार्रवाई पर सवाल खड़े किए। रहवासियों का आरोप है कि जिस दुकान को निगम की ओर से सील किया गया था, वह सीलिंग के बावजूद दोबारा खुल गई। इसके बाद इलाके में चर्चा तेज हो गई कि आखिर निगम की कार्रवाई के बाद दुकान कैसे खुल गई। सड़क पर उतरे रहवासी दुकान खुलने की जानकारी सामने आने के बाद स्थानीय लोगों ने विरोध जताया। रहवासियों का कहना है कि अगर किसी दुकान के खिलाफ नियमों के तहत कार्रवाई की गई है और उसे सील किया गया है, तो फिर उसके दोबारा खुलने की स्थिति में जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। लोगों ने इस मामले में नगर निगम से स्पष्ट जवाब और कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि स्थिति साफ हो सके। कोर्ट में सबूत पेश करने की बात रहवासियों ने मामले को लेकर कोर्ट में सबूत पेश करने की बात कही है। उनका कहना है कि उनके पास कार्रवाई और दुकान से जुड़े दस्तावेज और अन्य सबूत मौजूद हैं, जिन्हें जरूरत पड़ने पर अदालत के सामने रखा जाएगा। स्थानीय लोगों के इस रुख के बाद मामला अब सिर्फ सड़क पर हुए विरोध तक सीमित नहीं रह गया है। यदि मामला अदालत तक पहुंचता है तो वहां दस्तावेजों और संबंधित पक्षों के दावों की भी जांच हो सकती है। निगम की कार्रवाई पर उठे सवाल इस पूरे घटनाक्रम ने नगर निगम की कार्रवाई और उसके पालन को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का मुख्य सवाल यही है कि सीलिंग के बाद दुकान दोबारा कैसे खुली और इसके लिए जिम्मेदार कौन है। फिलहाल स्थानीय रहवासी मामले में स्पष्ट कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। वहीं, पूरे विवाद में नगर निगम और संबंधित दुकान संचालक का पक्ष सामने आने के बाद स्थिति और साफ हो सकेगी।
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CJP Core Member Meet: 5 अगस्त को कॉकरोच जनता पार्टी की अहम बैठक, आगे की रणनीति पर होगा फैसला; बड़े ऐलान की संभावना

CJP Core Member Meet: 5 अगस्त को कॉकरोच जनता पार्टी की अहम बैठक, आगे की रणनीति पर होगा फैसला; बड़े ऐलान की संभावना

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) से जुड़ी एक अहम बैठक 5 अगस्त को होने जा रही है। पार्टी के कोर मेंबर्स इस बैठक में आगे की रणनीति पर चर्चा करेंगे। माना जा रहा है कि बैठक के बाद पार्टी की ओर से कोई बड़ा फैसला या घोषणा सामने आ सकती है। पार्टी से जुड़े नेताओं और कार्यकर्ताओं की नजर इस बैठक पर बनी हुई है। बैठक में संगठन से जुड़े मुद्दों के साथ-साथ आने वाले समय की राजनीतिक रणनीति पर भी विचार होने की संभावना है। 5 अगस्त को होगी अहम बैठक CJP की कोर मेंबर मीटिंग 5 अगस्त को प्रस्तावित है। इस बैठक में पार्टी के प्रमुख सदस्य शामिल होंगे और संगठन से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा करेंगे। बैठक का एजेंडा सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में भी इसे लेकर चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि पार्टी की ओर से बड़े ऐलान को लेकर अभी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है। आगे की रणनीति पर होगा मंथन बैठक में पार्टी की आगामी रणनीति को लेकर विचार-विमर्श किया जाएगा। इसमें संगठन को मजबूत करने, आगे की गतिविधियों और पार्टी की दिशा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हो सकती है। कोर कमेटी की बैठक को पार्टी के लिए अहम माना जा रहा है, क्योंकि ऐसे मंच पर लिए गए फैसलों का असर आगे की गतिविधियों पर दिखाई दे सकता है। बड़े ऐलान की अटकलें CJP की इस बैठक को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा संभावित बड़े ऐलान की है। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि पार्टी बैठक के बाद किस मुद्दे पर घोषणा करेगी। पार्टी की ओर से आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही तस्वीर साफ होगी। फिलहाल कार्यकर्ताओं और समर्थकों की नजर 5 अगस्त की बैठक पर टिकी हुई है। बैठक के बाद साफ होगी पार्टी की दिशा 5 अगस्त की बैठक में होने वाली चर्चा और फैसलों से CJP की आगे की रणनीति को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकती है। पार्टी किस मुद्दे को प्राथमिकता देती है और आगे किस दिशा में बढ़ती है, इसका संकेत बैठक के बाद मिल सकता है। अब देखना होगा कि कोर मेंबर मीटिंग के बाद पार्टी की ओर से कौन-सा फैसला या ऐलान सामने आता है।
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Acharya Samay Sagar Maharaj: MP के राजकीय अतिथि होंगे आचार्य समय सागर महाराज, CM ने भोपाल में किया ऐलान

Acharya Samay Sagar Maharaj: MP के राजकीय अतिथि होंगे आचार्य समय सागर महाराज, CM ने भोपाल में किया ऐलान

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री ने आचार्य समय सागर महाराज को लेकर बड़ा ऐलान किया है। मुख्यमंत्री ने भोपाल में घोषणा की कि आचार्य समय सागर महाराज मध्य प्रदेश के राजकीय अतिथि होंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री ने उन्हें मध्य प्रदेश विधानसभा में आने का निमंत्रण भी दिया। मुख्यमंत्री की इस घोषणा के बाद जैन समाज में खुशी का माहौल है। आचार्य समय सागर महाराज के प्रति श्रद्धा रखने वाले लोगों ने इस फैसले का स्वागत किया है। आचार्य समय सागर महाराज को विधानसभा आने का निमंत्रण भोपाल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने आचार्य समय सागर महाराज को मध्य प्रदेश विधानसभा आने का निमंत्रण दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आचार्य का विधानसभा में आगमन प्रदेश के लिए सम्मान की बात होगी। इस निमंत्रण को धार्मिक और सामाजिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आचार्य समय सागर महाराज अपने आध्यात्मिक संदेश और सादगी के लिए श्रद्धालुओं के बीच विशेष सम्मान रखते हैं। MP के राजकीय अतिथि बनाए जाएंगे मुख्यमंत्री ने घोषणा करते हुए कहा कि आचार्य समय सागर महाराज को मध्य प्रदेश में राजकीय अतिथि का दर्जा दिया जाएगा। इसका मतलब है कि राज्य में उनके प्रवास के दौरान उन्हें सरकारी स्तर पर आवश्यक प्रोटोकॉल और सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। सरकार के इस फैसले को आचार्य के प्रति सम्मान के तौर पर देखा जा रहा है। घोषणा के बाद कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने भी खुशी जताई। भोपाल में हुई महत्वपूर्ण घोषणा आचार्य समय सागर महाराज से जुड़े कार्यक्रम में मुख्यमंत्री की मौजूदगी और राजकीय अतिथि बनाने की घोषणा चर्चा में रही। इस दौरान धार्मिक आस्था के साथ-साथ समाज में नैतिक मूल्यों और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने की जरूरत पर भी बात हुई। मुख्यमंत्री की ओर से विधानसभा आने का निमंत्रण दिए जाने के बाद अब उनके संभावित दौरे को लेकर भी लोगों की नजर बनी हुई है।
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Indonesia Ferry Fire: इंडोनेशिया में फेरी बोट में लगी भीषण आग, जान बचाने समुद्र में कूदे लोग; 5 की मौत, 41 लापता

Indonesia Ferry Fire: इंडोनेशिया में फेरी बोट में लगी भीषण आग, जान बचाने समुद्र में कूदे लोग; 5 की मौत, 41 लापता

इंडोनेशिया में एक फेरी बोट में अचानक आग लगने से बड़ा हादसा हो गया। हादसे के समय नाव में 271 लोग सवार थे। आग लगने के बाद यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई और कई लोगों ने अपनी जान बचाने के लिए समुद्र में छलांग लगा दी। इस हादसे में अब तक 5 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है, जबकि 41 लोग लापता बताए जा रहे हैं। राहत और बचाव दल लापता यात्रियों की तलाश में जुटे हैं। आग लगते ही मची अफरा-तफरी फेरी बोट में आग लगने की खबर फैलते ही यात्रियों में डर का माहौल बन गया। आग और धुएं से बचने के लिए लोग सुरक्षित जगह की तलाश करने लगे। हादसे के सामने आए वीडियो में कुछ यात्रियों को समुद्र में कूदते हुए देखा जा सकता है। कई लोग लाइफ जैकेट के सहारे पानी में नजर आए। घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों और बचाव दल ने यात्रियों को सुरक्षित निकालने की कोशिश शुरू की। 271 लोग थे सवार बताया जा रहा है कि हादसे के समय फेरी में कुल 271 लोग मौजूद थे। इनमें यात्री और चालक दल के सदस्य शामिल थे। हादसे के बाद बड़ी संख्या में लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। हालांकि 41 लोगों के अब तक नहीं मिलने से चिंता बनी हुई है। 5 लोगों की मौत, 41 लापता फेरी में लगी आग के कारण अब तक 5 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। वहीं 41 लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आई है। बचाव दल समुद्र में लापता लोगों की तलाश कर रहा है। अधिकारियों की ओर से मृतकों और लापता लोगों की पहचान की प्रक्रिया भी जारी है। VIDEO में दिखा हादसे का मंजर हादसे से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए हैं। वीडियो में फेरी से धुआं उठता दिखाई देता है और कुछ यात्री समुद्र में कूदते नजर आते हैं। घटना ने इंडोनेशिया में समुद्री यात्राओं की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। फिलहाल हादसे की वजह का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है।
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Piyush Goyal Statement: पीयूष गोयल का राहुल गांधी पर निशाना, बोले- PM मोदी की लोकप्रियता से परेशान हैं; Gen-Z और Paper Leak पर भी कही बात

Piyush Goyal Statement: पीयूष गोयल का राहुल गांधी पर निशाना, बोले- PM मोदी की लोकप्रियता से परेशान हैं; Gen-Z और Paper Leak पर भी कही बात

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता को लेकर बड़ा दावा किया है। गोयल ने कहा कि राहुल गांधी प्रधानमंत्री मोदी की लोकप्रियता से परेशान हैं। पीयूष गोयल ने यह बात ऐसे समय कही है जब देश की राजनीति में युवाओं, खासकर Gen-Z, रोजगार और पेपर लीक जैसे मुद्दों को लेकर लगातार चर्चा हो रही है। PM मोदी की लोकप्रियता को लेकर क्या बोले गोयल? पीयूष गोयल ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता लगातार बनी हुई है और इसी वजह से विपक्ष के नेता परेशान हैं। उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें पीएम मोदी की लोकप्रियता स्वीकार करने में परेशानी हो रही है। गोयल का यह बयान राजनीतिक तौर पर काफी चर्चा में है। हालांकि कांग्रेस की ओर से इस बयान पर प्रतिक्रिया आने के बाद ही दोनों पक्षों की स्थिति और स्पष्ट होगी। Gen-Z को लेकर भी हुई चर्चा पीयूष गोयल ने देश के युवाओं और Gen-Z से जुड़े मुद्दों पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी तेजी से बदलती दुनिया के साथ आगे बढ़ रही है और उसके सामने नए अवसरों के साथ कई चुनौतियां भी हैं। युवाओं की शिक्षा, रोजगार और भविष्य से जुड़े मुद्दे इस समय राजनीतिक बहस का अहम हिस्सा बने हुए हैं। Paper Leak पर क्या बोले? पेपर लीक के मुद्दे पर भी गोयल ने अपनी बात रखी। प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाएं लंबे समय से छात्रों और अभिभावकों के लिए चिंता का विषय रही हैं। इस मुद्दे पर सरकार और विपक्ष के बीच लगातार आरोप-प्रत्यारोप देखने को मिलते रहे हैं। छात्रों की मांग रहती है कि परीक्षाओं की प्रक्रिया को पारदर्शी और सुरक्षित बनाया जाए, ताकि मेहनत करने वाले उम्मीदवारों के साथ अन्याय न हो। राजनीतिक बयानबाजी हुई तेज पीयूष गोयल का यह बयान ऐसे समय आया है जब केंद्र सरकार और विपक्ष के बीच कई मुद्दों पर राजनीतिक बहस जारी है। प्रधानमंत्री मोदी की लोकप्रियता, युवाओं की भूमिका और परीक्षा व्यवस्था जैसे विषयों पर आने वाले दिनों में भी सियासी बयानबाजी देखने को मिल सकती है। फिलहाल गोयल के बयान के बाद राहुल गांधी और कांग्रेस की ओर से आने वाली प्रतिक्रिया पर सबकी नजर रहेगी।
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Nepal Flood: दार्चुला में Landslide का खतरा बढ़ा, Trishuli से भारतीय परिवार का Rescue; हजारों Missing

नेपाल (Nepal) में बाढ़ और भूस्खलन से मची तबाही के बाद हालात अभी भी सामान्य नहीं हुए हैं। नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में आई भीषण बाढ़ ने कई इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया। नदियों का जलस्तर बढ़ने, मलबा आने और पहाड़ी इलाकों में Landslide के खतरे ने राहत और बचाव अभियान को और मुश्किल बना दिया है। सबसे चिंता की बात यह है कि हादसे के कई दिन बाद भी हजारों लोगों का पता नहीं चल पाया है। हालांकि, इसी बीच Trishuli क्षेत्र से दो लोगों को नौ दिन बाद जिंदा निकालना राहत और उम्मीद की बड़ी खबर बनकर सामने आया है। दार्चुला में Landslide का खतरा, निचले इलाकों पर नजर नेपाल के पहाड़ी इलाकों में लगातार भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। दार्चुला समेत संवेदनशील क्षेत्रों में प्रशासन की ओर से निचले इलाकों को लेकर सतर्कता बरती जा रही है। पहाड़ों से मलबा आने और नदियों में अचानक पानी बढ़ने की आशंका के बीच लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। बाढ़ से कई सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिससे प्रभावित क्षेत्रों तक राहत पहुंचाना भी चुनौती बना हुआ है। Trishuli से भारतीय नागरिकों का Rescue इस बीच त्रिशूली इलाके से तीन भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाले जाने की खबर सामने आई है। इनमें एक परिवार शामिल है। भारतीय अधिकारियों के मुताबिक, रेस्क्यू किए गए लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया और उनके भारत लौटने की प्रक्रिया में मदद की जा रही है। भारत सरकार नेपाल में फंसे अपने नागरिकों को निकालने के लिए लगातार नेपाली प्रशासन के संपर्क में है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, अब तक 166 भारतीय नागरिकों को Rescue किया गया है, जबकि 275 भारतीयों के लापता होने की जानकारी दी गई है। भारत ने राहत अभियान के लिए करीब 95 टन राहत सामग्री भी भेजी है। 9 दिन बाद Trishuli Tunnel से जिंदा निकले 2 मजदूर नेपाल में चल रहे Rescue Operation की सबसे बड़ी खबर Trishuli-3A Hydropower Project से आई। यहां सुरंग में फंसे संजय साह और कबीर महारजन को करीब नौ दिन बाद सुरक्षित बाहर निकाला गया। दोनों को सुरंग के अंदर काफी गहराई से निकाला गया। बचाव दल ने पहले अंदर से आवाजें सुनीं और फिर संपर्क स्थापित होने के बाद ऑपरेशन तेज किया। आखिरकार दोनों को बाहर निकाल लिया गया। इस घटना ने उन परिवारों में भी उम्मीद जगाई है जिनके अपने लोग अभी तक लापता हैं। राहत दल अब अन्य संभावित Survivors तक पहुंचने की कोशिश में जुटे हैं। 1300 के करीब मौतें, 5 हजार से ज्यादा लोग Missing इस प्राकृतिक आपदा का असर कितना बड़ा है, इसका अंदाजा मृतकों और लापता लोगों की संख्या से लगाया जा सकता है। नेपाल की आपदा प्रबंधन एजेंसी के आंकड़ों के अनुसार 1,294 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी थी और 5,053 लोग अब भी लापता बताए गए हैं। अलग-अलग रिपोर्टों में आंकड़ों में बदलाव देखने को मिल रहा है। कई इलाकों में घरों, सड़कों, पुलों और Hydropower Projects को भारी नुकसान पहुंचा है। बड़ी संख्या में लोग विस्थापित हुए हैं और राहत शिविरों में रह रहे हैं। Rescue Operation अभी भी जारी Trishuli Tunnel से दो लोगों को जिंदा निकाले जाने के बाद Rescue Teams का हौसला बढ़ा है। नेपाल सेना, पुलिस और तकनीकी विशेषज्ञ लगातार प्रभावित इलाकों में Search Operation चला रहे हैं। Hydropower Projects के आसपास अभी भी बड़ी संख्या में लोगों के फंसे होने की आशंका है। मलबा, पानी और क्षतिग्रस्त सुरंगें बचाव अभियान में सबसे बड़ी बाधा बनी हुई हैं। इसके बावजूद टीमें लगातार नए रास्ते तलाश रही हैं। भारत ने नेपाल की मदद बढ़ाई नेपाल की इस मुश्किल घड़ी में भारत ने भी राहत और बचाव अभियान में सहयोग बढ़ाया है। भारतीय विशेषज्ञों और राहत सामग्री को नेपाल भेजा गया है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, भारत की टीमें Rescue, Medical और अन्य जरूरी सेवाओं में सहायता कर रही हैं। फिलहाल नेपाल के सामने सबसे बड़ी चुनौती लापता लोगों की तलाश, प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाना और पहाड़ी इलाकों में नए Landslide और Flood के खतरे से निपटना है। Trishuli Tunnel से नौ दिन बाद दो लोगों का जिंदा निकलना इस त्रासदी के बीच उम्मीद की एक किरण जरूर लेकर आया है। अब Rescue Teams की कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
PM Modi

Teachers Day 2026: PM Modi ने Award-Winning Teachers से की बात, Public Speaking पर भी हुई चर्चा

शिक्षक सिर्फ किताबों का ज्ञान नहीं देते, बल्कि बच्चों के अंदर आत्मविश्वास और बेहतर सोच भी पैदा करते हैं। Teachers’ Day से पहले PM Modi ने National Teachers’ Award 2026 के लिए चुने गए शिक्षकों और educators से मुलाकात की। इस दौरान पढ़ाई के तरीकों से लेकर बच्चों की बदलती आदतों तक कई मुद्दों पर बातचीत हुई। मुलाकात के दौरान माहौल काफी सहज नजर आया। प्रधानमंत्री मोदी ने शिक्षकों से उनके अनुभव जानने के साथ यह भी समझने की कोशिश की कि वे बच्चों को पढ़ाई से जोड़ने के लिए किस तरह के नए तरीके अपना रहे हैं। PM Modi ने पूछा- Public से कैसे करें बात? बातचीत के दौरान Public Speaking और लोगों के सामने अपनी बात रखने का मुद्दा भी सामने आया। प्रधानमंत्री मोदी ने इस बारे में सवाल किया तो एक महिला Teacher ने सीधा जवाब दिया कि लोगों के सामने प्रभावी तरीके से बात करने के लिए सबसे जरूरी चीज Confidence यानी आत्मविश्वास है। उनकी यह बात छोटी जरूर थी, लेकिन Public Speaking को लेकर एक बड़ा संदेश देती है। किसी भी मंच पर अपनी बात रखने के लिए केवल जानकारी होना ही काफी नहीं है, बल्कि उसे भरोसे और स्पष्टता के साथ सामने रखना भी जरूरी है। Teachers ने PM Modi को बताए अपने Innovative Ideas प्रधानमंत्री मोदी ने Award-winning Teachers से उनके Teaching Experience और Classroom में अपनाए जा रहे नए प्रयोगों के बारे में भी जाना। शिक्षकों ने बताया कि वे बच्चों के लिए पढ़ाई को आसान और दिलचस्प बनाने के लिए अलग-अलग तरीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं। आज के समय में सिर्फ किताब और ब्लैकबोर्ड तक सीमित पढ़ाई बच्चों को हमेशा आकर्षित नहीं करती। ऐसे में कई शिक्षक Technology, Practical Activities और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े उदाहरणों की मदद से विषयों को समझाने की कोशिश कर रहे हैं। बच्चों में Screen Addiction को लेकर भी चर्चा PM Modi ने बच्चों में बढ़ते Screen Time और Digital Addiction को लेकर भी शिक्षकों से चर्चा की। उन्होंने बच्चों को खेल, Physical Activities और रचनात्मक कामों से जोड़ने की जरूरत पर जोर दिया। साथ ही युवा छात्रों में नशे की समस्या को लेकर शिक्षकों को सतर्क रहने की बात भी कही गई। प्रधानमंत्री ने शिक्षकों की भूमिका को केवल Classroom तक सीमित नहीं माना। बच्चों के व्यवहार, उनकी आदतों और मानसिक-सामाजिक विकास में भी शिक्षक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। 5 सितंबर को 48 Teachers को National Award Teachers’ Day के मौके पर 5 सितंबर 2026 को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 48 स्कूल शिक्षकों को National Teachers’ Awards प्रदान करेंगी। इन शिक्षकों का चयन देशभर से एक निर्धारित और पारदर्शी प्रक्रिया के जरिए किया गया है। National Teachers’ Awards का मकसद ऐसे शिक्षकों को पहचान और सम्मान देना है, जिन्होंने पढ़ाई को बेहतर बनाने के साथ विद्यार्थियों पर सकारात्मक प्रभाव डाला है। यह पुरस्कार हर साल Teachers’ Day पर शिक्षकों के योगदान को सम्मानित करने के लिए दिए जाते हैं। PM Modi की Teachers से मुलाकात का संदेश प्रधानमंत्री और शिक्षकों की इस मुलाकात में एक बात साफ तौर पर सामने आई—एक अच्छा Teacher सिर्फ पाठ नहीं पढ़ाता, बल्कि बच्चों को जीवन के लिए तैयार करता है। चाहे Public Speaking में Confidence की बात हो या Classroom में नए Teaching Methods अपनाने की, बदलते समय के साथ शिक्षकों की भूमिका भी लगातार व्यापक हो रही है। Teachers’ Day से पहले हुई यह मुलाकात इसी बदलाव और शिक्षकों के योगदान को रेखांकित करती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Ujjain

Ujjain में बनेगी Malakhamb Academy, 111 करोड़ के Project से खिलाड़ियों को मिलेंगी World-Class सुविधाएं

मध्यप्रदेश के मलखंब खिलाड़ियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। प्रदेश सरकार Ujjain में एक ऐसी Malakhamb और Gymnastics Academy विकसित करने की तैयारी में है, जहां खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण के साथ आधुनिक सुविधाएं भी मिलेंगी। खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग के प्रयासों से तैयार किए गए प्रस्ताव के मुताबिक, करीब 20 एकड़ जमीन पर इस अकादमी को विकसित किया जाएगा। अकादमी में खिलाड़ियों के लिए खेल अधोसंरचना, हॉस्टल, आधुनिक उपकरण, फिटनेस सेंटर, फिजियोथेरेपी और खेल विज्ञान से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है। इसका मकसद प्रदेश की युवा मलखंब प्रतिभाओं को कम उम्र से ही बेहतर ट्रेनिंग देकर उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए तैयार करना है। 111 करोड़ रुपये से ज्यादा का प्रस्ताव प्रस्तावित मलखंब एवं जिम्नास्टिक अकादमी के निर्माण पर करीब 86 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। वहीं वर्ष 2026-27 से 2028-29 तक अकादमी के संचालन के लिए लगभग 25.33 करोड़ रुपये का प्रावधान प्रस्तावित किया गया है। इस तरह निर्माण और संचालन को मिलाकर परियोजना की कुल प्रस्तावित लागत करीब 111.33 करोड़ रुपये बताई गई है। खिलाड़ियों को सिर्फ Training नहीं, पूरी सुविधा मिलेगी इस अकादमी की खास बात यह होगी कि खिलाड़ियों को केवल मलखंब की ट्रेनिंग तक सीमित सुविधाएं नहीं मिलेंगी। यहां हॉस्टल, आधुनिक खेल उपकरण, फिटनेस, फिजियोथेरेपी और Sports Science आधारित प्रशिक्षण की व्यवस्था भी प्रस्तावित है। सरकार का जोर ऐसे Training Environment पर है, जहां खिलाड़ियों की तकनीक के साथ उनकी फिटनेस और खेल प्रदर्शन पर भी लगातार काम किया जा सके। 70 खिलाड़ियों को मिलेगा मौका प्रस्ताव के अनुसार अकादमी में कुल 70 खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इनमें: शामिल होंगे। यानी कुल 50 खिलाड़ी बोर्डिंग और 20 खिलाड़ी डे-बोर्डिंग व्यवस्था में रहेंगे। खिलाड़ियों का चयन Talent Search के माध्यम से किए जाने का प्रस्ताव है। Academy शुरू होने से पहले उज्जैन में शुरू होगी Training स्थायी अकादमी की इमारत तैयार होने में समय लगने के दौरान भी खिलाड़ियों की ट्रेनिंग को रोका नहीं जाएगा। वर्ष 2026-27 और 2027-28 में अकादमी को राजमाता खेल परिसर, तानाखेड़ा, उज्जैन में डे-बोर्डिंग मॉडल पर संचालित करने का प्रस्ताव है। इस शुरुआती चरण में कुल 40 खिलाड़ियों को प्रवेश देने की योजना है। इनमें 30 बालक और 10 बालिकाएं शामिल होंगी। उज्जैन से बाहर के चयनित खिलाड़ियों के लिए विभाग की ओर से आवास की व्यवस्था करने का भी प्रस्ताव है। Expert Coaches के साथ Sports Science पर रहेगा फोकस नई अकादमी में खिलाड़ियों को आधुनिक और उच्च तकनीकी प्रशिक्षण देने की तैयारी है। इसके लिए उच्च तकनीकी सलाहकार और विशेषज्ञ प्रशिक्षकों की सेवाएं अनुबंध के आधार पर लेने का प्रावधान प्रस्तावित किया गया है। डे-बोर्डिंग व्यवस्था में खिलाड़ियों को प्रशिक्षकों के साथ फिजियोथेरेपिस्ट और मसाजर की सुविधा भी उपलब्ध कराने की योजना है। इसमें एक महिला फिजियोथेरेपिस्ट और दो मसाजर—एक महिला तथा एक पुरुष—का प्रावधान प्रस्तावित है। मंत्री विश्वास सारंग बोले- प्रतिभाओं को मिलेगा बड़ा मंच खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग के मुताबिक मध्यप्रदेश में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है। जरूरत सिर्फ इतनी है कि इन खिलाड़ियों को सही समय पर आधुनिक सुविधाएं, विशेषज्ञ मार्गदर्शन और बेहतर अवसर मिलें। उन्होंने कहा कि मलखंब मध्यप्रदेश की गौरवशाली खेल परंपरा का हिस्सा है और प्रदेश के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा साबित की है। प्रस्तावित अकादमी के जरिए खिलाड़ियों को शुरुआती उम्र से वैज्ञानिक और तकनीकी प्रशिक्षण देने पर जोर रहेगा। मंत्री के अनुसार लक्ष्य यह है कि मध्यप्रदेश के खिलाड़ी राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी प्रदेश और देश का नाम रोशन करें। Khelo India में MP के Malakhamb खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन मलखंब अकादमी की जरूरत इसलिए भी महसूस की गई क्योंकि मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों ने हाल के वर्षों में राष्ट्रीय स्तर पर अच्छा प्रदर्शन किया है। Khelo India Youth Games 2025, बिहार में मध्यप्रदेश के मलखंब खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 10 पदक जीते। इनमें 7 Gold, 2 Silver और 1 Bronze Medal शामिल रहे। इस प्रदर्शन ने एक बार फिर दिखाया कि प्रदेश में मलखंब की प्रतिभाओं की मजबूत नींव मौजूद है। अब नई अकादमी के जरिए इन खिलाड़ियों को लगातार और बेहतर प्रशिक्षण देने की दिशा में काम किया जा रहा है। उज्जैन बन सकता है Malakhamb Talent Hub अकादमी के संचालन और निगरानी की जिम्मेदारी जिला खेल एवं युवा कल्याण अधिकारी, उज्जैन को देने का प्रस्ताव है। शुरुआत में विभाग में उपलब्ध स्टाफ के जरिए अकादमी की दैनिक गतिविधियां संचालित की जाएंगी। उज्जैन जिले के लिए कुल 12 पद स्वीकृत किए गए हैं। इनमें संभागीय खेल एवं युवा कल्याण अधिकारी, जिला खेल एवं युवा कल्याण अधिकारी, लेखापाल, सहायक ग्रेड-2, सहायक ग्रेड-3 और भृत्य के पद शामिल हैं। खिलाड़ियों के लिए नई उम्मीद उज्जैन में प्रस्तावित Malakhamb Academy सिर्फ एक नई खेल सुविधा नहीं, बल्कि प्रदेश की युवा प्रतिभाओं के लिए आगे बढ़ने का बड़ा रास्ता बन सकती है। अभी जहां खिलाड़ी अलग-अलग स्थानों पर प्रशिक्षण लेते हैं, वहीं भविष्य में उन्हें एक ही जगह पर ट्रेनिंग, फिटनेस, आवास और Sports Science जैसी सुविधाएं मिलने की उम्मीद है। अगर प्रस्तावित योजना अपने स्वरूप में आगे बढ़ती है, तो उज्जैन आने वाले समय में मध्यप्रदेश की मलखंब प्रतिभाओं की नई नर्सरी और प्रमुख Training Hub के रूप में अपनी पहचान बना सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
India-Belgium

India-Belgium Partnership: जोरावर Tank बना नई दोस्ती की पहचान, कई अहम MoU पर सहमति

India-Belgium के रिश्तों में गुरुवार को एक अहम पड़ाव जुड़ गया। बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर भारत दौरे पर पहुंचे, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक हुई। बातचीत के बाद दोनों देशों ने Defence, Clean Energy, Critical Minerals, Semiconductor, Maritime Cooperation और व्यापार जैसे कई क्षेत्रों में साझेदारी को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बैठक के बाद कहा कि भारत और बेल्जियम के संबंध अब केवल पारंपरिक व्यापार तक सीमित नहीं हैं। दोनों देश अब Defence और Clean Energy जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में भी तेजी से साथ आ रहे हैं। इसी दौरान पीएम मोदी ने जोरावर Tank का भी जिक्र किया। जोरावर Tank ने बढ़ाया Defence Cooperation भारत के लिए पहाड़ी और कठिन इलाकों में इस्तेमाल होने वाला हल्का जोरावर टैंक Defence Sector का अहम प्रोजेक्ट है। पीएम मोदी ने भारत-बेल्जियम सहयोग का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों देश आधुनिक रक्षा उपकरणों के क्षेत्र में साथ काम कर रहे हैं। दोनों देशों के बीच Military Exchanges और Training Cooperation बढ़ाने पर भी सहमति बनी है। इससे भारतीय और बेल्जियम की सेनाओं के बीच संपर्क और अनुभव साझा करने के अवसर बढ़ेंगे। हालांकि, जोरावर टैंक को लेकर इसे सीधे तौर पर कोई अलग Tank Purchase Deal कहना सही नहीं होगा। इस प्रोजेक्ट का उल्लेख दोनों देशों के बढ़ते Defence और Technology Cooperation के उदाहरण के तौर पर किया गया है। Clean Energy में भी नई Partnership Defence के साथ-साथ Green Energy भारत-बेल्जियम सहयोग का एक और बड़ा क्षेत्र बनकर सामने आया है। दोनों देशों ने Renewable Energy के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए समझौता किया है। पीएम मोदी ने आंध्र प्रदेश के काकीनाडा में विकसित हो रहे Green Ammonia Project का भी जिक्र किया। भारत की बढ़ती Clean Energy जरूरतों और बेल्जियम की तकनीकी क्षमता को देखते हुए यह Partnership आने वाले समय में काफी अहम हो सकती है। Critical Minerals और Semiconductor पर नजर आज की Technology Economy में Critical Minerals और Semiconductor की भूमिका लगातार बढ़ रही है। ऐसे में भारत और बेल्जियम ने इन क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ाने का फैसला किया है। दोनों देश Critical Minerals की Processing और Recycling में मिलकर काम करने की दिशा में आगे बढ़ेंगे। वहीं Semiconductor Sector में बेल्जियम की तकनीकी विशेषज्ञता और भारत के बड़े Manufacturing Ecosystem को जोड़ने पर जोर दिया गया है। खास तौर पर बेल्जियम के प्रसिद्ध Research Institute IMEC और भारत के Semiconductor Ecosystem के बीच सहयोग बढ़ाने की संभावना को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 5 साल में Double हो सकता है Bilateral Trade बैठक में आर्थिक रिश्तों को लेकर भी बड़ा लक्ष्य सामने आया। भारत और बेल्जियम अगले पांच वर्षों में Bilateral Trade को दोगुना करने की दिशा में काम करेंगे। भारत और बेल्जियम के बीच व्यापार में Diamond Industry की लंबे समय से बड़ी भूमिका रही है। बेल्जियम का एंटवर्प शहर दुनिया के प्रमुख Diamond Trading Hubs में शामिल है और यहां भारतीय कारोबारियों की भी मजबूत मौजूदगी है। अब दोनों देश इस पुराने व्यापारिक रिश्ते को Defence, Technology, Energy और Critical Minerals जैसे नए क्षेत्रों से जोड़ना चाहते हैं। Maritime और Startup Sector में भी बढ़ेगा सहयोग भारत और बेल्जियम के बीच सहयोग का दायरा केवल Defence और Trade तक नहीं रहेगा। दोनों देशों ने Maritime Sector में Capacity Building और Startups के बीच संपर्क बढ़ाने पर भी सहमति जताई है। इसके अलावा Cybercrime से मुकाबला, Diplomatic Training और अन्य क्षेत्रों में भी सहयोग को मजबूत करने के लिए समझौते किए गए हैं। दोनों देश Migration and Mobility Partnership Agreement को जल्द पूरा करने की दिशा में भी आगे बढ़ रहे हैं। इससे दोनों देशों के बीच छात्रों, Professionals और लोगों के आवागमन से जुड़े अवसरों को बढ़ावा मिल सकता है। Terrorism पर भारत-बेल्जियम का एक सुर बैठक में आतंकवाद और दुनिया में चल रहे विभिन्न संघर्षों पर भी चर्चा हुई। भारत और बेल्जियम ने आतंकवाद के सभी रूपों के खिलाफ अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। पीएम मोदी ने कहा कि दोनों देश Dialogue और Diplomacy के जरिए विवादों के शांतिपूर्ण समाधान में विश्वास रखते हैं। वैश्विक स्तर पर बढ़ती अस्थिरता के बीच भारत और बेल्जियम के बीच रणनीतिक सहयोग को और मजबूत करने पर जोर दिया गया। भारत-बेल्जियम रिश्तों की पुरानी कहानी पीएम मोदी ने दोनों देशों के ऐतिहासिक रिश्तों का भी जिक्र किया। प्रथम विश्व युद्ध के दौरान बेल्जियम में भारतीय सैनिकों के योगदान और बलिदान को याद करते हुए उन्होंने कहा कि भारत और बेल्जियम के संबंध काफी पुराने हैं। बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर की यह पहली आधिकारिक भारत यात्रा है। एंटवर्प के मेयर के तौर पर उनका भारत और भारतीय समुदाय से पहले भी संपर्क रहा है। अब Diamond Trade से आगे बढ़ रही दोस्ती भारत और बेल्जियम की दोस्ती की पहचान लंबे समय तक Diamond Trade से जुड़ी रही है। लेकिन बदलती दुनिया में दोनों देशों के रिश्ते अब एक बड़े दायरे में फैल रहे हैं। जोरावर Tank से Defence Cooperation, Green Energy से Critical Minerals और Semiconductor से Bilateral Trade तक, भारत और बेल्जियम कई नए क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। पीएम मोदी और बार्ट डी वेवर की बैठक को इसी बदलती Partnership की एक अहम कड़ी माना जा रहा है। आने वाले वर्षों में अगर इन समझौतों और सहयोग योजनाओं को जमीन पर तेजी से उतारा जाता है, तो भारत-बेल्जियम संबंध आर्थिक रिश्तों से आगे बढ़कर एक मजबूत Strategic Partnership का रूप ले सकते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Tibet

Nepal Flood के बीच बड़ा Earthquake: Tibet में 5.1 Magnitude के झटके, अब तक 1,273 लोगों की मौत

Nepal-Tibet Flood हिमालयी इलाके में पिछले एक हफ्ते से जारी तबाही के बीच गुरुवार को एक और झटका महसूस किया गया। चीन के तिब्बत (Tibet) क्षेत्र में 5.1 तीव्रता का भूकंप आया। भूकंप ऐसे वक्त आया है, जब नेपाल और तिब्बत में भीषण Flood और Landslide के बाद हजारों लोग लापता हैं और राहत-बचाव अभियान लगातार चल रहा है। 26 अगस्त को नेपाल-चीन सीमा के पास आई विनाशकारी बाढ़ ने देखते ही देखते कई इलाकों की तस्वीर बदल दी थी। घर, सड़कें, पुल और Hydropower Projects मलबे और पानी की चपेट में आ गए। अब तक इस आपदा में नेपाल और तिब्बत को मिलाकर 1,273 लोगों की मौत हो चुकी है। Tibet में 5.1 तीव्रता का Earthquake जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज (GFZ) के अनुसार गुरुवार को तिब्बत में 5.1 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। भूकंप करीब 10 किलोमीटर की गहराई पर आया और इसका क्षेत्र नेपाल तथा भारत की सीमाओं के आसपास बताया गया है। हालांकि शुरुआती रिपोर्टों में इस भूकंप से बड़े पैमाने पर नए नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन पहले से तबाह इलाके में इसके झटके ने लोगों और Rescue Teams की चिंता जरूर बढ़ा दी है। एक हफ्ते पहले आई बाढ़ ने मचाई थी भारी तबाही 26 अगस्त को Bhote Koshi River के आसपास अचानक आई बाढ़ ने नेपाल-चीन सीमा क्षेत्र में भारी तबाही मचाई। अधिकारियों और विशेषज्ञों के मुताबिक इस आपदा के पीछे ग्लेशियर और चट्टानों के खिसकने से पैदा हुआ भारी मलबा और पानी प्रमुख वजह रहा। बाढ़ का तेज बहाव अपने साथ मिट्टी, चट्टान और मलबा लेकर नीचे की ओर आया और रास्ते में आने वाले घरों, सड़कों और पुलों को तबाह करता चला गया। नेपाल के विदेश मंत्रालय ने इस घटना को बेहद असाधारण बताते हुए इसे ‘Himalayan Tsunami’ तक कहा है। तिब्बत की ओर Gyirong Port भी बुरी तरह प्रभावित हुआ था। संपर्क मार्गों को नुकसान पहुंचने से शुरुआती दौर में राहत सामग्री और भारी मशीनरी को प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचाना बड़ी चुनौती बन गया। Nepal-Tibet Disaster में 1,273 लोगों की मौत 3 सितंबर तक सामने आए आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार नेपाल में 1,252 लोगों की मौत हो चुकी है और कम से कम 4,216 लोग अब भी लापता हैं। वहीं चीन के तिब्बत क्षेत्र में 21 लोगों की मौत और 541 लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आई है। इस तरह दोनों क्षेत्रों में मृतकों की संख्या 1,273 हो गई है। नेपाल में सबसे ज्यादा मौतें चितवन, नवलपरासी पूर्व, नवलपरासी पश्चिम और नुवाकोट जैसे जिलों में दर्ज हुई हैं। कई शवों की पहचान अभी बाकी है, जिससे परिवारों की बेचैनी और बढ़ गई है। हजारों लोग अब भी Missing, Tunnel में फंसे लोगों की तलाश सबसे बड़ी चिंता उन लोगों को लेकर है, जिनका अभी तक कोई पता नहीं चल पाया है। नेपाल में हजारों लोगों के लापता होने के अलावा कई Hydropower Projects में काम करने वाले कर्मचारियों के भी फंसे होने की आशंका है। करीब 900 Hydropower workers के अब भी लापता होने की बात सामने आई है। कुछ लोगों के सुरंगों में फंसे होने की आशंका के चलते Rescue Teams भारी मशीनों और अन्य उपकरणों की मदद से मलबा हटाने में जुटी हैं। नेपाल सरकार के मुताबिक भारत, चीन और दक्षिण कोरिया की Tunnel Rescue Teams नेपाली सेना के साथ मिलकर अभियान चला रही हैं। ड्रोन, भारी मशीनरी और अन्य राहत उपकरणों की मदद भी ली जा रही है। हजारों घर हुए तबाह, सामने बड़ी Rebuilding Challenge बाढ़ ने सिर्फ लोगों की जान नहीं ली, बल्कि हजारों परिवारों से उनका घर और रोजी-रोटी भी छीन ली। Reuters की रिपोर्ट के मुताबिक नेपाल में करीब 7,500 घर पूरी तरह तबाह हो चुके हैं और लगभग 20,000 घरों को दोबारा बनाने की जरूरत पड़ सकती है। सड़क और पुल टूटने के कारण कई इलाकों में राहत पहुंचाना अभी भी मुश्किल है। कुछ जगहों पर लोगों को नदी पार करने के लिए अस्थायी साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है। Rescue Operation के बीच नया भूकंप चिंता की वजह राहत और बचाव दल पहले ही बारिश, मलबे, तेज बहाव और अस्थिर पहाड़ी ढलानों से जूझ रहे हैं। ऐसे में तिब्बत में आया नया भूकंप हालात को और संवेदनशील बना सकता है। फिलहाल अधिकारियों की प्राथमिकता लापता लोगों की तलाश और प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाना है। नेपाल सरकार के मुताबिक Search and Rescue Operation अभी भी पूरी क्षमता के साथ जारी है। हिमालयी क्षेत्र की इस त्रासदी ने एक बार फिर दिखाया है कि पहाड़ी इलाकों में प्राकृतिक आपदाएं कितनी तेजी से बड़े संकट में बदल सकती हैं। बाढ़ के बाद भूकंप के झटके ने प्रभावित लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं, लेकिन Rescue Teams अब भी मलबे के बीच जिंदगी की तलाश में जुटी हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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