भोपाल: राजधानी भोपाल में नगर निगम की कार्रवाई को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। 10 नंबर मार्केट में सील की गई एक दुकान दोबारा खुलने के बाद स्थानीय रहवासी नाराज हो गए। लोगों ने इस मामले को लेकर विरोध जताया और नगर निगम की कार्रवाई पर सवाल खड़े किए।
रहवासियों का आरोप है कि जिस दुकान को निगम की ओर से सील किया गया था, वह सीलिंग के बावजूद दोबारा खुल गई। इसके बाद इलाके में चर्चा तेज हो गई कि आखिर निगम की कार्रवाई के बाद दुकान कैसे खुल गई।
सड़क पर उतरे रहवासी
दुकान खुलने की जानकारी सामने आने के बाद स्थानीय लोगों ने विरोध जताया। रहवासियों का कहना है कि अगर किसी दुकान के खिलाफ नियमों के तहत कार्रवाई की गई है और उसे सील किया गया है, तो फिर उसके दोबारा खुलने की स्थिति में जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।
लोगों ने इस मामले में नगर निगम से स्पष्ट जवाब और कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि स्थिति साफ हो सके।
कोर्ट में सबूत पेश करने की बात
रहवासियों ने मामले को लेकर कोर्ट में सबूत पेश करने की बात कही है। उनका कहना है कि उनके पास कार्रवाई और दुकान से जुड़े दस्तावेज और अन्य सबूत मौजूद हैं, जिन्हें जरूरत पड़ने पर अदालत के सामने रखा जाएगा।
स्थानीय लोगों के इस रुख के बाद मामला अब सिर्फ सड़क पर हुए विरोध तक सीमित नहीं रह गया है। यदि मामला अदालत तक पहुंचता है तो वहां दस्तावेजों और संबंधित पक्षों के दावों की भी जांच हो सकती है।
निगम की कार्रवाई पर उठे सवाल
इस पूरे घटनाक्रम ने नगर निगम की कार्रवाई और उसके पालन को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का मुख्य सवाल यही है कि सीलिंग के बाद दुकान दोबारा कैसे खुली और इसके लिए जिम्मेदार कौन है।
फिलहाल स्थानीय रहवासी मामले में स्पष्ट कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। वहीं, पूरे विवाद में नगर निगम और संबंधित दुकान संचालक का पक्ष सामने आने के बाद स्थिति और साफ हो सकेगी।

