Monsoon की विदाई का दौर शुरू हो चुका है, लेकिन देश के कुछ हिस्सों में बारिश और बाढ़ की परेशानी अभी खत्म नहीं हुई है। बिहार में नदियों का जलस्तर बढ़ने से हजारों परिवार प्रभावित हैं। उत्तर प्रदेश में भी कई गांवों तक बाढ़ का पानी पहुंच गया है। वहीं पहाड़ों पर मौसम ने अचानक करवट ली है और केदारनाथ में तापमान -4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है।
बिहार में बाढ़ से लाखों लोग प्रभावित
बिहार में नेपाल से आने वाले पानी और लगातार बढ़ते नदी के जलस्तर ने कई इलाकों की मुश्किल बढ़ा दी है। राज्य के कई जिलों में बाढ़ का असर देखने को मिल रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक करीब 2 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं।
निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई जगह खेतों में पानी भर गया है और ग्रामीण इलाकों में आने-जाने के रास्ते भी प्रभावित हुए हैं। प्रशासन की टीमें स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और जरूरत के मुताबिक राहत कार्य चलाए जा रहे हैं।
हालांकि मौसम विभाग के अनुसार बिहार में फिलहाल बहुत भारी बारिश का बड़ा अलर्ट नहीं है। आने वाले दिनों में कुछ इलाकों में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है।
UP में भी Flood का असर
उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में नदियों का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। नदी किनारे बसे गांवों में लोगों की चिंता बढ़ गई है। कई जगह सड़कों और संपर्क मार्गों पर पानी आने से आवागमन प्रभावित हुआ है।
प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में राहत और बचाव टीमों को अलर्ट रखा है। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए नावों की मदद ली जा रही है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत शिविर और मेडिकल टीमों की व्यवस्था भी की गई है।
सितंबर के दौरान उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बाढ़ का असर देखने को मिला था। अब मानसून की विदाई के बीच भी कुछ इलाकों में नदियों के बढ़े जलस्तर ने परेशानी बरकरार रखी है।
Kedarnath में -4°C पहुंचा तापमान
मैदानी इलाकों में जहां बाढ़ का पानी लोगों की मुश्किल बढ़ा रहा है, वहीं उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में ठंड तेजी से बढ़ रही है। केदारनाथ में तापमान -4°C तक पहुंचने से वहां सुबह और रात के समय ठिठुरन बढ़ गई है।
ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम बदलने का असर साफ नजर आ रहा है। ठंडी हवाओं के साथ तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। केदारनाथ जाने वाले यात्रियों को भी मौसम को ध्यान में रखते हुए तैयारी करने की सलाह दी जा रही है।
एक तरफ बाढ़, दूसरी तरफ बढ़ती ठंड
अक्टूबर की शुरुआत में देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का अलग रंग देखने को मिल रहा है। बिहार और उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में जहां बाढ़ और बढ़े नदी जलस्तर ने लोगों की परेशानी बढ़ाई है, वहीं उत्तराखंड के पहाड़ों में ठंड दस्तक दे चुकी है।
मानसून की वापसी के साथ आने वाले दिनों में मौसम का मिजाज और बदल सकता है। ऐसे में नदी किनारे रहने वाले लोगों के लिए जलस्तर पर नजर रखना जरूरी है, जबकि पहाड़ी क्षेत्रों में जाने वाले यात्रियों को स्थानीय मौसम अपडेट के बाद ही यात्रा की योजना बनानी चाहिए।
हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
