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Share Bazaar Sensex 600 अंक चढ़ा, Nifty 24,500 के पार क्या जारी रहेगी तेजी

हफ्ते की शुरुआत शेयर बाजार के लिए राहत भरी खबर लेकर आई। पिछले कुछ दिनों की उतार-चढ़ाव भरी चाल के बाद आज बाजार में मजबूती साफ नजर आई। BSE Sensex ने करीब 600 अंकों की छलांग लगाई, जबकि Nifty 50 भी 150 से ज्यादा अंकों की तेजी के साथ 24,500 के पार पहुंच गया। सुबह धीमी शुरुआत, फिर पकड़ी रफ्तार दिन की शुरुआत हल्की बढ़त के साथ हुई थी, लेकिन जैसे-जैसे कारोबार आगे बढ़ा, बाजार में खरीदारी तेज होती गई।दोपहर तक लगभग हर सेक्टर में हरियाली दिखने लगी और निवेशकों का भरोसा मजबूत होता गया। आखिर क्यों चढ़ा बाजार? आज की तेजी अचानक नहीं थी, इसके पीछे कई वजहें काम कर रही थीं: किन सेक्टर्स ने दिया साथ? आज की तेजी में सबसे बड़ा योगदान बैंकिंग और फाइनेंशियल शेयरों का रहा। इसके अलावा: इन सभी में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। निवेशकों के लिए संकेत मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर Nifty 24,500 के ऊपर टिकता है, तो आगे और तेजी की गुंजाइश बन सकती है।हालांकि, अंतरराष्ट्रीय हालात अभी भी पूरी तरह स्थिर नहीं हैं, इसलिए बाजार में अचानक उतार-चढ़ाव से इनकार नहीं किया जा सकता। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Stock Market Outlook: अभी बड़ी गिरावट के संकेत नहीं, इन 3 कारणों से बना भरोसा

Stock Market Outlook: अभी बड़ी गिरावट के संकेत नहीं, इन 3 कारणों से बना भरोसा

Stock market को लेकर निवेशकों के मन में अक्सर एक सवाल रहता है—क्या अभी बड़ी गिरावट आने वाली है? फिलहाल संकेत ऐसे नहीं दिख रहे हैं। Nifty 50 और BSE Sensex में स्थिरता बनी हुई है, जिससे बाजार में भरोसा कायम है। बाजार क्यों बना हुआ है मजबूत? विशेषज्ञों के अनुसार, अभी बाजार में घबराने जैसी स्थिति नहीं है। कुछ अहम कारण हैं जो गिरावट को रोक रहे हैं। 1. मजबूत इकोनॉमी का सपोर्ट भारत की अर्थव्यवस्था लगातार मजबूत बनी हुई है। इन वजहों से बाजार को मजबूत आधार मिल रहा है। 2. विदेशी निवेशकों का भरोसा विदेशी निवेशक (FII) फिर से भारतीय बाजार में निवेश कर रहे हैं।जब बड़े निवेशक पैसा लगाते हैं, तो बाजार में स्थिरता और भरोसा बढ़ता है। 3. कंपनियों के अच्छे नतीजे कई बड़ी कंपनियों के तिमाही नतीजे उम्मीद से बेहतर आए हैं।इससे निवेशकों का भरोसा और मजबूत हुआ है और बाजार को गिरने से सहारा मिला है। क्या निवेशकों को सतर्क रहना चाहिए? हालांकि अभी बड़ी गिरावट के संकेत नहीं हैं, लेकिन इन सब पर नजर रखना जरूरी है। निवेशकों के लिए सलाह बाजार में निवेश करते समय जल्दबाजी से बचें।लंबी अवधि का नजरिया रखें और मजबूत कंपनियों में ही निवेश करें।
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Stock Market

Stock Market Today तेजी के साथ Open, Sensex-Nifty में जोरदार उछाल

भारतीय शेयर बाजार ने आज सुबह एक पॉजिटिव नोट पर शुरुआत की। हफ्ते के इस कारोबारी दिन में निवेशकों के चेहरे पर उत्साह साफ नजर आया। शुरुआती कारोबार में BSE Sensex करीब 400 अंकों की तेजी के साथ ऊपर चढ़ा, जबकि Nifty 50 150 अंकों की मजबूती के साथ 24,350 के पार पहुंच गया। सुबह से ही बाजार में खरीदारी का माहौल रहा, जिससे यह साफ हो गया कि निवेशकों का भरोसा अभी भी बना हुआ है। Market Rise: क्यों आई आज इतनी तेजी? आज की तेजी के पीछे सिर्फ एक वजह नहीं, बल्कि कई पॉजिटिव संकेत एक साथ काम कर रहे हैं। सबसे बड़ा असर ग्लोबल मार्केट से आया। अमेरिका और Iran के बीच तनाव कम होने की खबरों से निवेशकों को राहत मिली। इसका सीधा असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा। इसके अलावा, कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आई है, जो भारत जैसे आयात-निर्भर देश के लिए अच्छी खबर मानी जाती है। विदेशी निवेशकों (FII) की लगातार खरीदारी ने भी बाजार को मजबूत सहारा दिया। Sector Wise: किन सेक्टर्स ने पकड़ी रफ्तार? आज का दिन लगभग सभी सेक्टर्स के लिए अच्छा रहा, लेकिन कुछ सेक्टर्स ने खास प्रदर्शन किया: मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी निवेशकों ने दिलचस्पी दिखाई, जिससे बाजार की मजबूती और बढ़ गई। Top Movers: इन शेयरों में दिखी बड़ी हलचल आज कुछ शेयरों ने निवेशकों का खास ध्यान खींचा। तेजी वाले शेयर: गिरावट वाले शेयर: Market Mood: निवेशकों का भरोसा बरकरार आज के ट्रेडिंग सेशन में साफ दिखा कि बाजार का मूड “Risk-On” बना हुआ है। यानी निवेशक अभी भी रिस्क लेने के लिए तैयार हैं। ज्यादातर सेक्टर्स हरे निशान में रहे, जो इस बात का संकेत है कि बाजार में व्यापक खरीदारी हो रही है। आगे क्या करें निवेशक? अगर आप निवेश करते हैं, तो ऐसे समय में जल्दबाजी से बचना जरूरी है। बाजार में तेजी है, लेकिन उतार-चढ़ाव भी बना रह सकता है। एक्सपर्ट मानते हैं कि अगर ग्लोबल हालात स्थिर रहते हैं और कच्चा तेल काबू में रहता है, तो यह तेजी कुछ समय तक जारी रह सकती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Sensex-Nifty Surge बाजार में लौटी रौनक, Auto, IT और Banking Shares ने दिखाई दमदार तेजी

शेयर बाजार में नए सत्र की दमदार शुरुआत भारतीय शेयर बाजार ने नए कारोबारी सत्र की शुरुआत शानदार तेजी के साथ की। बुधवार को Sensex में 1,900 अंकों से ज्यादा की मजबूत बढ़त दर्ज की गई, जबकि Nifty 50 22,900 के अहम स्तर के पार पहुंच गया। दिन की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि सेंसेक्स के सभी 30 शेयर हरे निशान में बंद हुए, जिससे बाजार में चौतरफा मजबूती का संकेत मिला। Auto, IT और Banking Stocks में जोरदार Buying सुबह से ही निवेशकों का रुझान पॉजिटिव नजर आया। खासकर Auto, IT और Banking stocks में तेज खरीदारी ने बाजार की रफ्तार को और मजबूत किया। बड़े बैंकिंग शेयरों में आई तेजी ने इंडेक्स को मजबूत सहारा दिया, वहीं IT सेक्टर में वैल्यू बाइंग और शॉर्ट कवरिंग का असर साफ दिखा। ऑटो शेयरों में भी हालिया गिरावट के बाद निवेशकों ने मौके का फायदा उठाया। Global Cues और Geopolitical राहत से बाजार को मिला सपोर्ट इस rally के पीछे सबसे बड़ा कारण global markets से मिले positive cues और पश्चिम एशिया में तनाव कम होने की उम्मीदें रहीं। पिछले कुछ दिनों से geopolitical concerns की वजह से बाजार दबाव में था, लेकिन हालात में नरमी के संकेत मिलते ही निवेशकों का confidence वापस लौट आया। इसका सीधा असर भारतीय बाजार पर दिखा। Experts की राय: Bottom Fishing और Fresh Buying का असर मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह तेजी सिर्फ एक राहत रैली नहीं, बल्कि मजबूत bottom fishing और fresh institutional buying का भी संकेत है। हाल की गिरावट के बाद कई blue-chip shares आकर्षक valuation पर आ गए थे, जिसका फायदा घरेलू और विदेशी दोनों निवेशकों ने उठाया। Nifty के लिए अगला Support और Resistance क्या? अगर तकनीकी नजरिए से देखें तो Nifty के लिए 22,700–22,800 का स्तर मजबूत support बनता दिख रहा है। वहीं ऊपर की तरफ 23,200–23,400 zone अगला resistance हो सकता है। यदि इंडेक्स इस रेंज के ऊपर टिकता है, तो आने वाले सत्रों में तेजी और मजबूत हो सकती है। निवेशकों के लिए आगे क्या संकेत? कुल मिलाकर आज की तेजी ने निवेशकों के चेहरे पर फिर से मुस्कान ला दी है। पिछले कुछ दिनों की घबराहट के बाद यह उछाल बाजार में भरोसा लौटने का संकेत देता है। अब आगे की दिशा FIIs flow, crude oil prices, global market trend और geopolitical updates तय करेंगे। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Stock Market Rally सेंसेक्स 75,600 पार, Nifty 500 अंक उछला – निवेशकों की वापसी

आज भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। हफ्तों की अनिश्चितता और उतार-चढ़ाव के बाद बाजार ने ऐसी तेजी दिखाई कि निवेशकों के चेहरे फिर से खिल उठे। सेंसेक्स करीब 1,500 अंक उछलकर 75,600 के पार पहुंच गया, वहीं Nifty भी लगभग 500 अंक की मजबूती के साथ ऊपर चढ़ा। Global Signals से मिला मजबूत सहारा आज की तेजी के पीछे सबसे बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार से आए सकारात्मक संकेत रहे। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने की खबरों ने निवेशकों को राहत दी। इसके साथ ही कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आई, जिससे भारत जैसे देश के लिए आर्थिक दबाव कम होने की उम्मीद बढ़ी। यही वजह है कि बाजार में भरोसा वापस आता दिखा। Banking और Auto Stocks बने हीरो अगर आज के बाजार की बात करें, तो बैंकिंग और ऑटो सेक्टर ने सबसे ज्यादा दम दिखाया।बड़े बैंकिंग शेयरों में खरीदारी बढ़ी, जिससे बाजार को मजबूत सपोर्ट मिला। वहीं ऑटो कंपनियों के शेयर भी तेजी से ऊपर चढ़े। इन सेक्टर्स की वजह से ही बाजार की रफ्तार और तेज हो गई। हर सेक्टर में दिखी Buying आज की खास बात यह रही कि तेजी सिर्फ कुछ शेयरों तक सीमित नहीं थी।रियल्टी, मेटल, मीडिया, बैंकिंग और ऑटो—लगभग हर सेक्टर में खरीदारी देखने को मिली। यह संकेत देता है कि निवेशकों का भरोसा धीरे-धीरे मजबूत हो रहा है और वे फिर से बाजार में पैसा लगाने के लिए तैयार हैं। Short Covering और Fresh Buying का असर पिछले कुछ दिनों की गिरावट के बाद आज बाजार में रिकवरी भी देखने को मिली। कई निवेशकों ने अपनी शॉर्ट पोजिशन कवर की, जिससे तेजी और तेज हो गई। इसके अलावा नए निवेशकों की एंट्री ने भी बाजार को ऊपर धकेलने में मदद की। आगे क्या रह सकता है रुख? हालांकि आज की तेजी ने माहौल सकारात्मक बना दिया है, लेकिन विशेषज्ञ अभी भी सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। वैश्विक घटनाओं और आर्थिक खबरों के कारण बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Stock Market

Stock Market Crash Sensex 1800 अंक गिरा, Nifty 550 Down

23 मार्च 2026 का दिन भारतीय शेयर बाजार (Stock Market) के लिए काफी भारी साबित हुआ। हफ्ते की शुरुआत ही बड़ी गिरावट के साथ हुई, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई। कारोबारी सत्र के दौरान Sensex करीब 1800 अंक टूटकर 72,700 के आसपास पहुंच गया, जबकि Nifty लगभग 550 अंक गिरकर 22,500 के स्तर पर आ गया। इस तेज गिरावट का सबसे बड़ा असर निवेशकों की संपत्ति पर पड़ा—कुछ ही घंटों में करीब ₹11 से ₹13 लाख करोड़ की वैल्यू मिट गई। बाजार में चारों तरफ लाल निशान और घबराहट का माहौल देखने को मिला। क्यों गिरा शेयर बाजार? (Top Reasons Behind Market Fall इस गिरावट के पीछे कोई एक वजह नहीं, बल्कि कई बड़े फैक्टर्स एक साथ काम कर रहे हैं: 1. Global Tension का असरमिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव ने पूरी दुनिया के बाजारों को हिला दिया है। जब भी इस तरह की अनिश्चितता बढ़ती है, निवेशक जोखिम से दूरी बनाते हैं—और इसका सीधा असर शेयर बाजार पर पड़ता है। 2. Crude Oil Prices में उछालकच्चे तेल की कीमतें $110 प्रति बैरल के पार पहुंचना भारत जैसे देश के लिए चिंता की बात है। इससे महंगाई बढ़ने और कंपनियों के खर्च बढ़ने का डर रहता है। 3. Rupee Weakness (कमजोर रुपया)डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर होने से विदेशी निवेशकों का भरोसा कम होता है। यही वजह है कि बाजार से पैसा निकलना तेज हुआ। 4. FII Selling (विदेशी निवेशकों की बिकवाली)Foreign Institutional Investors (FII) लगातार भारतीय बाजार में बिकवाली कर रहे हैं, जिससे गिरावट और तेज हो गई। 5. Global Markets में कमजोरीअमेरिका और एशिया के बाजार पहले से दबाव में थे, जिसका असर भारतीय बाजार पर भी साफ दिखा। 6. Interest Rate Pressureबढ़ती ब्याज दरें और बॉन्ड यील्ड निवेशकों को शेयर बाजार से हटाकर सुरक्षित विकल्पों की ओर ले जा रही हैं। किन सेक्टरों में सबसे ज्यादा गिरावट? आज की गिरावट में कुछ सेक्टर सबसे ज्यादा प्रभावित रहे: कुल मिलाकर, बाजार का मूड पूरी तरह नकारात्मक रहा और ज्यादातर शेयर नुकसान में रहे। निवेशकों के लिए क्या सीख? ऐसे समय में घबराना स्वाभाविक है, लेकिन जल्दबाजी में फैसले लेना नुकसानदायक हो सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Share Market Sensex 1500 Points Down, Nifty में बड़ी गिरावट

Stock Market Crash Today: शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में जोरदार गिरावट देखने को मिली। कारोबार के दौरान BSE Sensex करीब 1500 अंक गिरकर 74,500 के आसपास पहुंच गया, जबकि Nifty 50 में लगभग 500 अंकों की गिरावट दर्ज की गई और यह 23,200 के करीब कारोबार करता दिखाई दिया। अचानक आई इस गिरावट से निवेशकों में चिंता का माहौल बन गया और बाजार में कई सेक्टरों में तेज बिकवाली देखने को मिली। Metal और Banking Stocks पर सबसे ज्यादा दबाव आज के कारोबार में Metal और Banking सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिली। कई बड़े मेटल स्टॉक्स और पब्लिक सेक्टर बैंकों के शेयरों में तेज गिरावट दर्ज की गई, जिससे पूरे बाजार का माहौल नकारात्मक हो गया। इसके अलावा Realty, Auto और Consumer Durables सेक्टर भी दबाव में रहे। हालांकि गिरते बाजार के बीच कुछ निवेशकों ने अपेक्षाकृत सुरक्षित माने जाने वाले FMCG सेक्टर में खरीदारी की, जिससे इस सेक्टर के कुछ शेयरों में स्थिरता देखने को मिली। Global Tension का बाजार पर असर विशेषज्ञों के अनुसार बाजार में गिरावट का एक बड़ा कारण वैश्विक स्तर पर बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव है। मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। ऐसे समय में बड़े निवेशक जोखिम कम करने के लिए शेयर बाजार से पैसा निकालना शुरू कर देते हैं, जिसका असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा। Crude Oil की बढ़ती कीमतों से चिंता अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल ने भी निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। तेल महंगा होने से महंगाई बढ़ने की आशंका रहती है और इसका असर देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। भारत जैसे देश, जो बड़ी मात्रा में तेल आयात करते हैं, वहां इसका प्रभाव बाजार की धारणा पर जल्दी दिखाई देता है। Foreign Investors की बिकवाली शेयर बाजार में गिरावट की एक और बड़ी वजह Foreign Institutional Investors (FII) की लगातार बिकवाली है। पिछले कुछ समय से विदेशी निवेशक भारतीय बाजार से पैसा निकाल रहे हैं, जिससे बाजार में दबाव बना हुआ है। जब बड़े निवेशक बिकवाली करते हैं तो उसका असर पूरे बाजार पर पड़ता है। Rupee Weak और Global Market का असर डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में गिरावट का भी भारतीय बाजार पर असर पड़ा है। अमेरिकी और एशियाई बाजारों में कमजोरी का माहौल देखने को मिला, जिससे घरेलू निवेशकों का भरोसा भी कुछ हद तक प्रभावित हुआ। निवेशकों के लिए क्या संकेत? बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल स्टॉक मार्केट में उतार-चढ़ाव (Volatility) बना रह सकता है। ऐसे समय में निवेशकों को जल्दबाजी में फैसले लेने से बचना चाहिए और लंबी अवधि के निवेश पर ध्यान देना चाहिए। कुल मिलाकर, वैश्विक तनाव, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और कमजोर वैश्विक संकेतों ने मिलकर आज भारतीय शेयर बाजार में यह बड़ी गिरावट पैदा की। आने वाले दिनों में बाजार की दिशा काफी हद तक वैश्विक परिस्थितियों और निवेशकों के भरोसे पर निर्भर करेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Stock Market Fall सेंसेक्स 77,250 पर आया, Nifty भी टूटा; Banking-Auto सेक्टर में बिकवाली

Stock Market में आज क्यों आई गिरावट? बुधवार को भारतीय शेयर बाजार (Stock Market) में तेज गिरावट देखने को मिली। कारोबार के दौरान BSE Sensex करीब 1000 अंक गिरकर लगभग 77,250 के स्तर पर आ गया, जबकि Nifty 50 करीब 250 अंक टूटकर 24,000 के आसपास कारोबार करता नजर आया। बाजार में गिरावट का दबाव मुख्य रूप से बैंकिंग, ऑटो और वित्तीय शेयरों में तेज बिकवाली के कारण रहा। कमजोर शुरुआत से ही दबाव में रहा बाजार सुबह Stock Market की शुरुआत कमजोर रही और दिनभर उतार-चढ़ाव के बीच निवेशकों में सतर्कता का माहौल बना रहा। बड़े बैंकिंग और ऑटो शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली, जिससे प्रमुख सूचकांक दबाव में रहे। विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक संकेतों और विदेशी निवेशकों की बिकवाली ने बाजार की कमजोरी को और बढ़ाया। अंतरराष्ट्रीय तनाव का बाजार पर असर गिरावट की बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव है। मध्य-पूर्व में जारी तनाव और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। इसके कारण दुनिया भर के बाजारों में दबाव देखा जा रहा है और निवेशक जोखिम वाले निवेश से दूरी बना रहे हैं। कच्चे तेल की कीमतों का भी पड़ा असर इसके अलावा कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव भी बाजार की कमजोरी का एक अहम कारण माना जा रहा है। तेल की कीमतों में बढ़ोतरी से भारत जैसे आयातक देशों पर महंगाई और व्यापार घाटे का दबाव बढ़ सकता है, जिससे निवेशकों की धारणा कमजोर पड़ती है। विदेशी निवेशकों की बिकवाली से बढ़ा दबाव विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली ने भी बाजार को नीचे खींचा है। हाल के सत्रों में विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार से बड़ी मात्रा में पैसा निकाला है, जिससे बाजार में गिरावट का दबाव और बढ़ गया। कुछ सेक्टर में हल्की खरीदारी हालांकि इस गिरावट के बीच कुछ सेक्टर जैसे फार्मा, मेटल और मीडिया में हल्की खरीदारी देखने को मिली, लेकिन यह बढ़त बाजार की कुल कमजोरी को संतुलित करने के लिए पर्याप्त नहीं रही। निवेशकों के लिए क्या है संकेत Stock Market विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता कम नहीं होती और विदेशी निवेशकों की बिकवाली थमती नहीं है, तब तक शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। सरल शब्दों में, वैश्विक तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और विदेशी निवेशकों की बिकवाली के कारण भारतीय शेयर बाजार में आज बड़ी गिरावट देखने को मिली। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Middle East Crisis Iran तनाव से Stock Market Down, Sensex गिरा और Oil Prices चढ़े

मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव ने सोमवार को दुनिया भर के वित्तीय बाजारों को हिला दिया। Iran से जुड़े युद्ध के खतरे और कच्चे तेल की कीमतों में अचानक आई तेजी के कारण ग्लोबल स्टॉक मार्केट में घबराहट का माहौल देखने को मिला। इसका सीधा असर भारत के शेयर बाजार पर भी पड़ा, जहां Sensex करीब 2,100 अंक गिरकर लगभग 76,800 के स्तर पर आ गया। भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट सप्ताह के पहले कारोबारी दिन भारतीय बाजार कमजोर शुरुआत के साथ खुले। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक Sensex 2,000 से ज्यादा अंक टूट गया, जबकि Nifty 50 में भी तेज गिरावट दर्ज की गई। बाजार में अचानक आई इस गिरावट से निवेशकों की संपत्ति में बड़ी कमी आई। कुछ ही घंटों में भारतीय बाजार से लाखों करोड़ रुपये की मार्केट वैल्यू कम हो गई। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि निवेशकों ने बढ़ते भू-राजनीतिक जोखिमों के कारण तेजी से मुनाफावसूली शुरू कर दी। एशियाई बाजारों में भी बड़ी गिरावट भारत ही नहीं, बल्कि एशिया के कई प्रमुख बाजारों में भी तेज गिरावट दर्ज की गई। निवेशकों को डर है कि अगर मध्य-पूर्व में संघर्ष लंबा चला, तो इसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। Oil Prices में तेजी से बढ़ी चिंता मध्य-पूर्व में तनाव बढ़ने का सबसे बड़ा असर क्रूड ऑयल की कीमतों पर दिखा। अंतरराष्ट्रीय बाजार में Brent Crude 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया, जो पिछले कई महीनों का उच्च स्तर माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर संघर्ष बढ़ता है और तेल आपूर्ति प्रभावित होती है, तो कीमतें और ऊपर जा सकती हैं। यही कारण है कि ऊर्जा बाजारों में भी अस्थिरता बढ़ गई है। भारत पर क्यों ज्यादा असर पड़ता है? भारत दुनिया के सबसे बड़े तेल आयातकों में से एक है और अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से मंगाता है। ऐसे में जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल महंगा होता है, तो उसका असर सीधे देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। तेल की कीमतें बढ़ने से: इसी वजह से तेल में तेजी आने पर अक्सर शेयर बाजार में भी दबाव देखने को मिलता है। निवेशकों के लिए क्या संकेत? मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले दिनों में बाजार की दिशा काफी हद तक मध्य-पूर्व के हालात और कच्चे तेल की कीमतों पर निर्भर करेगी। अगर तनाव कम होता है तो बाजार में राहत देखने को मिल सकती है। लेकिन यदि स्थिति बिगड़ती है, तो वैश्विक बाजारों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। फिलहाल निवेशकों के बीच सतर्कता का माहौल है। कई निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं और बाजार में हल्की-फुल्की घबराहट भी दिखाई दे रही है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Stock Market Crash ग्लोबल संकेतों से टूटा भारतीय बाजार, Sensex 500 अंक गिरा, Nifty भी फिसला

मुंबई, 6 मार्च 2026: शुक्रवार सुबह भारतीय शेयर बाजार (Indian Stock Market) की शुरुआत कमजोर रही। वैश्विक बाजारों से मिले नकारात्मक संकेतों के चलते Stock Market खुलते ही दबाव में आ गया। शुरुआती कारोबार में Sensex करीब 500 अंक टूट गया, जबकि Nifty 150 अंकों की गिरावट के साथ ट्रेड करता दिखाई दिया। बाजार में सबसे ज्यादा असर बैंकिंग, आईटी और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के शेयरों पर देखने को मिला। अमेरिकी बाजार की गिरावट का असर दरअसल, गुरुवार को अमेरिका के Dow Jones में बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी। बढ़ती महंगाई की आशंका और वैश्विक अनिश्चितता के कारण निवेशकों ने जमकर बिकवाली की। इसी का असर शुक्रवार सुबह एशियाई बाजारों के साथ-साथ भारतीय बाजार पर भी साफ दिखाई दिया। Middle East Tension से बढ़ी चिंता इसी बीच मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव ने भी निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। खासतौर पर Iran से जुड़ी घटनाओं ने वैश्विक बाजारों में अस्थिरता पैदा कर दी है। जब भी दुनिया में भू-राजनीतिक तनाव बढ़ता है, निवेशक जोखिम भरे एसेट्स से दूरी बनाने लगते हैं और इसका सीधा असर शेयर बाजार पर पड़ता है। Crude Oil की कीमतों में उछाल तनाव बढ़ने के साथ ही Crude Oil की कीमतों में भी तेजी देखने को मिली है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमत 80 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गई है। भारत जैसे देश के लिए यह स्थिति चिंता बढ़ा सकती है, क्योंकि देश अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है। तेल महंगा होने से महंगाई बढ़ने और कंपनियों की लागत बढ़ने का खतरा रहता है। रुपये में कमजोरी भी बनी वजह डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया भी दबाव में नजर आया। जब रुपया कमजोर होता है तो विदेशी निवेशकों की दिलचस्पी बाजार में थोड़ी कम हो जाती है। यही वजह है कि बाजार में सतर्कता का माहौल बना हुआ है। निवेशकों के लिए क्या संकेत? बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि यह गिरावट मुख्य रूप से ग्लोबल फैक्टर्स के कारण है। फिलहाल घबराने की जरूरत नहीं है। अक्सर ऐसी गिरावट लंबे समय के निवेशकों के लिए नए अवसर भी लेकर आती है। यदि आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय हालात स्थिर होते हैं और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आती है, तो बाजार में फिर से तेजी लौट सकती है। फिलहाल निवेशक बाजार की चाल पर नजर बनाए हुए हैं और उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द ही स्थिति में सुधार देखने को मिलेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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MI vs CSK: वानखेड़े में संजू सैमसन का तूफान, 101 रन की धमाकेदार पारी से बनाया यूनिक रिकॉर्ड

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मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए मुकाबले MI vs CSK में एक बार फिर क्रिकेट फैंस को बड़ा रोमांच देखने को मिला। इस मैच में संजू सैमसन ने अपनी बल्लेबाजी से पूरी तरह मैदान पर तूफान मचा दिया। उनकी शानदार पारी ने मैच का रुख ही बदल दिया। 10 चौके और 6 छक्कों से सजी पारी संजू सैमसन ने इस मैच में बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए 10 चौके और 6 गगनचुंबी छक्के लगाए। उन्होंने सिर्फ कुछ ही गेंदों में गेंदबाजों की धज्जियां उड़ा दीं और दर्शकों को खूब एंटरटेन किया। 101 रनों की शानदार शतकीय पारी सैमसन ने 101 रनों की शानदार शतकीय पारी खेली, जो इस मैच की सबसे बड़ी खासियत रही। उनकी यह पारी टीम के लिए बेहद अहम साबित हुई और स्कोर को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। बनाया यूनिक रिकॉर्ड इस विस्फोटक पारी के साथ संजू सैमसन ने एक खास रिकॉर्ड भी अपने नाम किया। वानखेड़े में उनका यह प्रदर्शन लंबे समय तक याद रखा जाएगा, क्योंकि उन्होंने दबाव में आकर बेहतरीन बैटिंग का नमूना पेश किया। वानखेड़े में फैंस का जोश हाई मैच के दौरान स्टेडियम में मौजूद फैंस लगातार सैमसन के शॉट्स पर झूमते नजर आए। हर चौका और छक्का दर्शकों के लिए किसी जश्न से कम नहीं था। मैच का रुख बदलने वाली पारी संजू सैमसन की यह पारी सिर्फ रन बनाने तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसने पूरी मैच की दिशा बदल दी और टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया।
पश्चिम बंगाल में अब तक का सबसे ज्यादा मतदान: BJP या ममता बनर्जी, किसे मिलेगा फायदा?

पश्चिम बंगाल में अब तक का सबसे ज्यादा मतदान: BJP या ममता बनर्जी, किसे मिलेगा फायदा?

पश्चिम बंगाल में इस बार चुनावी माहौल काफी गर्म है। वोटिंग के दौरान अब तक का सबसे ज्यादा मतदान दर्ज किया गया है, जिससे राजनीतिक हलचल और बढ़ गई है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि इतने ज्यादा मतदान का फायदा आखिर किसे मिलेगा — भारतीय जनता पार्टी (BJP) को या फिर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (TMC) को? रिकॉर्ड वोटिंग से बढ़ी सियासी टेंशन इस बार मतदान प्रतिशत पिछले सभी चुनावों की तुलना में ज्यादा देखा गया है। कई इलाकों में लोगों ने बड़ी संख्या में वोट डाले, जिससे यह संकेत मिल रहा है कि जनता इस बार बदलाव या फिर मजबूती से वापसी के मूड में है। BJP की उम्मीदें क्या कहती हैं? BJP का मानना है कि ज्यादा मतदान उनके पक्ष में जा सकता है। पार्टी का दावा है कि शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में उन्हें अच्छा समर्थन मिल रहा है। खासकर युवा और पहली बार वोट डालने वाले मतदाताओं पर BJP की नजर है। ममता बनर्जी का मजबूत गढ़ वहीं, ममता बनर्जी और उनकी पार्टी TMC का कहना है कि यह वोटिंग उनके जनाधार की मजबूती को दिखाती है। TMC को भरोसा है कि ग्रामीण इलाकों और महिलाओं का समर्थन उन्हें फिर से सत्ता तक पहुंचा सकता है। जनता का मूड बना सबसे बड़ा फैक्टर राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि सिर्फ ज्यादा वोटिंग से नतीजों का अंदाजा लगाना आसान नहीं है। असली खेल यह है कि यह वोट किस दिशा में गया है — बदलाव के लिए या फिर मौजूदा सरकार को बनाए रखने के लिए। अब निगाहें नतीजों पर अब सभी की नजरें वोटों की गिनती पर टिकी हैं। नतीजे ही तय करेंगे कि बंगाल की सत्ता पर कौन राज करेगा — BJP या फिर ममता बनर्जी की सरकार एक बार फिर वापसी करेगी।
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West Bengal Phase 1 & Tamil Nadu Election 2026: शाम 5 बजे तक बंपर वोटिंग, बंगाल में 89% और तमिलनाडु में 82% मतदान दर्ज

पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण में रिकॉर्ड वोटिंग। शाम 5 बजे तक बंगाल में 89% और तमिलनाडु में 82% मतदान दर्ज, जानें पूरी अपडेट। देश में लोकतंत्र का उत्सव, रिकॉर्ड वोटिंग ने चौंकाया 23 अप्रैल 2026 को देश के दो बड़े राज्यों पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में हुए विधानसभा चुनाव के पहले चरण ने रिकॉर्ड बना दिया।शाम 5 बजे तक पश्चिम बंगाल में 89% और तमिलनाडु में 82% मतदान दर्ज किया गया, जो इस चुनाव को बेहद खास बना रहा है। सुबह से ही दिखा उत्साह, महिलाओं और युवाओं की लंबी कतारें सुबह 7 बजे से शुरू हुई वोटिंग में शुरुआत से ही जबरदस्त उत्साह देखने को मिला।मतदान केंद्रों के बाहर महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों की लंबी कतारें नजर आईं, जिसने लोकतंत्र की ताकत को फिर साबित किया। बंगाल में छुट-पूट हिंसा के बीच भी भारी मतदान जहां एक तरफ रिकॉर्ड वोटिंग हुई, वहीं पश्चिम बंगाल के कुछ इलाकों में हिंसा की घटनाएं भी सामने आईं।मुर्शिदाबाद और कूचबिहार जैसे क्षेत्रों में झड़प, बमबाजी और राजनीतिक तनाव की खबरें आईं। इसके बावजूद सुरक्षा बलों की तैनाती के चलते मतदान प्रक्रिया जारी रही और लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। तमिलनाडु में शांतिपूर्ण मतदान, जनता का भरोसा कायम तमिलनाडु में मतदान पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से हुआ।यहां 234 सीटों पर एक ही चरण में वोटिंग हो रही है और भारी मतदान ने यह संकेत दे दिया है कि जनता बदलाव या स्थिरता—जो भी चाहती है—उसे मजबूती से दर्ज कर रही है। किसके बीच है मुख्य मुकाबला? दोनों राज्यों के नतीजे राष्ट्रीय राजनीति की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे। बड़े नेताओं की अपील का असर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह समेत कई बड़े नेताओं ने मतदाताओं से ज्यादा से ज्यादा मतदान करने की अपील की थी, जिसका असर अब आंकड़ों में साफ दिख रहा है। रिकॉर्ड वोटिंग, अब नतीजों का इंतजार बंपर वोटिंग ने साफ कर दिया है कि इस बार जनता पूरी तरह सक्रिय है।अब सभी की नजरें नतीजों पर टिकी हैं, जो यह तय करेंगे कि किसके हाथ में सत्ता जाएगी।
Bhopal में ‘Samarth-Bharat-Conclave 2026’: युवाओं को स्किल, स्टार्टअप और AI आधारित शिक्षा का दिया बड़ा संदेश

Bhopal में ‘Samarth-Bharat-Conclave 2026’: युवाओं को स्किल, स्टार्टअप और AI आधारित शिक्षा का दिया बड़ा संदेश

Bhopal के कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में आयोजित ‘Samarth-Bharat-Conclave 2026’ में स्किल डेवलपमेंट, स्टार्टअप और AI आधारित शिक्षा पर जोर दिया गया। AISECT और Scope Global University की पहल। राजधानी भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में ‘समर्थ भारत कॉन्क्लेव 2026’ का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन AISECT और Scope Global University द्वारा संयुक्त रूप से किया गया, जिसमें स्किल डेवलपमेंट, स्टार्टअप और इनोवेशन को लेकर बड़े स्तर पर चर्चा हुई।र्यक्रम में मुख्य रूप से श्री संतोष चौबे (Chairman AISECT & Chancellor, Rabindranath Tagore University, Bhopal) उपस्थित रहे।वहीं विशेष अतिथि के रूप में श्री राव उदय प्रताप सिंह, स्कूल शिक्षा मंत्री, मध्यप्रदेश सरकार ने शिरकत की। दोनों ही नेताओं ने युवाओं को आत्मनिर्भर बनने और स्किल आधारित शिक्षा अपनाने का संदेश दिया।कॉन्क्लेव में AI (Artificial Intelligence) और एक्सपीरिएंशियल लर्निंग को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण MoU (समझौता) किया गया।यह MoU AISECT Group of Universities और Wadhwani Foundation के बीच हुआ, जिसका उद्देश्य इंडस्ट्री के अनुसार AI आधारित शिक्षा और स्किल डेवलपमेंट को मजबूत करना है। इस पहल को “विकसित भारत” की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।कार्यक्रम में Entrepreneur of the Year Awards भी दिए गए, जिनके माध्यम से नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने वाले लोगों को सम्मानित किया गया। पुरस्कार इन श्रेणियों में प्रदान किए गए: ETC ServicesAISECT Seva KendraPlacements & ApprenticeshipSponsored Programs में Quality TrainingBrainy Bear Pre-school इन अवॉर्ड्स के जरिए उन लोगों को पहचान दी गई, जो देश में रोजगार और उद्यमिता को नई दिशा दे रहे हैं।युवाओं को मिला स्टार्टअप और रोजगार का मंत्र कॉन्क्लेव में विशेषज्ञों ने युवाओं को स्टार्टअप शुरू करने, डिजिटल स्किल्स सीखने और नई तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित किया।बताया गया कि आने वाला समय स्किल और इनोवेशन का है, जहां केवल डिग्री नहीं बल्कि कौशल ही सफलता की कुंजी बनेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
MI vs CSK

Mumbai Indians vs Chennai Super Kings आज का मैच बना फैंस के लिए सबसे बड़ा सरप्राइज

इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में आज क्रिकेट फैंस को एक बार फिर से सबसे बड़े मुकाबलों में से एक देखने को मिलने वाला है। Mumbai Indians (MI) और Chennai Super Kings (CSK) के बीच यह भिड़ंत सिर्फ एक मैच नहीं, बल्कि भावनाओं, प्रतिष्ठा और पुराने राइवलरी की टक्कर है। फैंस के बीच इस मुकाबले को लेकर खासा उत्साह है, क्योंकि MI और CSK जब भी आमने-सामने आते हैं, मैच आखिरी ओवर तक रोमांच बनाए रखता है। MI vs CSK: क्यों खास है यह मुकाबला? Mumbai Indians और Chennai Super Kings को IPL की दो सबसे सफल और बड़ी टीमों में गिना जाता है। आज का मैच प्रीव्यू आज के मुकाबले में दोनों टीमों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिल सकती है। पिच रिपोर्ट और मैच कंडीशन पिच बल्लेबाजों के लिए मददगार मानी जा रही है, जिससे बड़ा स्कोर देखने को मिल सकता है। कौन है आज का फेवरेट? अगर मौजूदा फॉर्म और टीम बैलेंस की बात करें तो: इसलिए यह कहना मुश्किल है कि जीत किसके हाथ लगेगी, मुकाबला पूरी तरह 50-50 है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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