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Iran Israel में फिर भड़की जंग, मिसाइल हमलों से दहला पश्चिम एशिया

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करीब दो महीने की शांति के बाद Iran और Israel के बीच तनाव अचानक बढ़ गया। शुक्रवार देर रात ईरान ने इजराइल के शहर तेल अवीव पर कई मिसाइलें दागीं, जिसके बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। जवाबी कार्रवाई में इजराइल ने भी ईरान की राजधानी तेहरान और तबरीज शहर को निशाना बनाया।

मिसाइल हमलों के दौरान तेल अवीव में सायरन बजते रहे और लोग अपनी जान बचाने के लिए बंकरों में छिपने को मजबूर हो गए। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में कई जगह धमाकों और धुएं के गुबार दिखाई दिए। आम नागरिकों के बीच डर और बेचैनी का माहौल है।

इजराइल की सेना ने दावा किया है कि उसने ईरान के कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। वहीं ईरान का कहना है कि यह हमला इजराइल की हालिया सैन्य गतिविधियों के जवाब में किया गया है। दोनों देशों के बीच लगातार बढ़ते तनाव ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर हालात जल्द नहीं संभले तो इसका असर सिर्फ पश्चिम एशिया ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया पर पड़ सकता है। कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और वैश्विक व्यापार पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

इस बीच अमेरिका समेत कई देशों ने दोनों देशों से संयम बरतने की अपील की है। संयुक्त राष्ट्र भी लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है। आम लोगों को डर है कि अगर यह संघर्ष और बढ़ा तो हजारों निर्दोष लोगों की जिंदगी खतरे में पड़ सकती है।

पश्चिम एशिया में जारी यह तनाव अब केवल दो देशों की लड़ाई नहीं रह गया है, बल्कि इसका असर पूरी दुनिया की राजनीति और अर्थव्यवस्था पर पड़ता दिखाई दे रहा है।

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Neha Pandey

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Punjab

Punjab Protest: झोटा हत्याकांड पर सड़कों पर उतरे लोग, SHO सस्पेंड; DSP पर कार्रवाई की मांग

Punjab में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले सामाजिक कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या के बाद लोगों में गुस्सा है। इसी के विरोध में गुरुवार, 15 अक्टूबर को पंजाब बंद का आह्वान किया गया। राज्य के कई शहरों में बाजार बंद रहे और कुछ जगहों पर स्कूल-कॉलेज भी नहीं खुले। बठिंडा-चंडीगढ़ हाईवे पर प्रदर्शनकारियों ने जाम लगाया। वहीं, झोटा का परिवार न्याय की मांग पर अड़ा है और उसने शव का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है। दूसरी ओर, संबंधित SHO को सस्पेंड किए जाने की खबर सामने आई है। परिवार और प्रदर्शनकारी अब मामले की निष्पक्ष जांच, जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई और नशे के अवैध कारोबार पर सख्ती की मांग कर रहे हैं। Punjab Bandh Today: बाजार बंद, सड़कों पर उतरे लोग परविंदर सिंह झोटा के पिता भीम सिंह ने 15 अक्टूबर को सुबह 6 बजे से शाम 5 बजे तक पंजाब बंद का आह्वान किया था। इस बंद को विभिन्न राजनीतिक दलों, किसान संगठनों और कर्मचारी संगठनों का समर्थन मिला। मानसा, बठिंडा, लुधियाना, जालंधर और अमृतसर समेत कई शहरों में बंद का असर देखने को मिला। कई बाजारों में दुकानें नहीं खुलीं, जबकि कुछ इलाकों में निजी स्कूल और कॉलेज भी बंद रहे। बंद के दौरान आवश्यक सेवाओं को चालू रखने की अपील की गई। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी है। उन्होंने सरकार से इस मामले में गंभीरता से कार्रवाई करने और जांच में पारदर्शिता बनाए रखने की मांग की। बठिंडा-चंडीगढ़ हाईवे पर जाम, यातायात प्रभावित पंजाब बंद के दौरान बठिंडा-चंडीगढ़ हाईवे पर प्रदर्शन के कारण यातायात प्रभावित हुआ। कई जगहों पर लोगों ने सड़क पर उतरकर विरोध जताया। कुछ अन्य मार्गों पर भी जाम की स्थिति बनी। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब तक परिवार को न्याय का भरोसा नहीं मिलता, तब तक उनका आंदोलन जारी रह सकता है। बंद के कारण आम लोगों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ा। परिवार ने शव का अंतिम संस्कार करने से किया इनकार परविंदर सिंह झोटा का शव मानसा के सिविल अस्पताल की मोर्चरी में रखा गया है। परिवार ने मांग की है कि मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से कराई जाए। इसके साथ ही पोस्टमॉर्टम PGIMER चंडीगढ़ में कराने की मांग भी उठाई गई है। झोटा के पिता भीम सिंह का कहना है कि परिवार को न्याय चाहिए और हत्या से जुड़े सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। परिवार ने मुख्यमंत्री भगवंत मान और पंजाब के DGP गौरव यादव के इस्तीफे की मांग भी उठाई है। परिवार का विरोध केवल आरोपी की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है। वह यह जानना चाहता है कि घटना किन परिस्थितियों में हुई और क्या इसमें किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका भी थी। फिलहाल अंतिम संस्कार को लेकर परिवार का रुख सख्त बना हुआ है। Parvinder Singh Jhota Murder Case: मुख्य आरोपी गिरफ्तार परविंदर सिंह झोटा की 13 अक्टूबर को मानसा में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वह नशे के खिलाफ अभियान चलाते थे और कथित तौर पर मेडिकल स्टोरों पर नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री के मुद्दे उठाते थे। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, घटना से पहले झोटा का मेडिकल स्टोर संचालक अश्वनी कुमार के साथ विवाद हुआ था। इसी दौरान गोली चलने से झोटा की मौत हो गई। घटना के समय वह कथित तौर पर फेसबुक लाइव भी कर रहे थे। पुलिस ने मामले के मुख्य आरोपी अश्वनी कुमार को राजस्थान के सालासर से गिरफ्तार किया। अब पुलिस हत्या के पीछे की परिस्थितियों और विवाद के कारणों की जांच कर रही है। मामले में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका होने या साजिश से जुड़े पहलुओं की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। SHO सस्पेंड, DSP पर कार्रवाई की मांग हत्या के बाद पुलिस की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। मामले में मानसा की संबंधित SHO बिएंत कौर को सस्पेंड किए जाने की खबर सामने आई है। वहीं, DSP और अन्य अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जा रही है। परिवार और प्रदर्शनकारी चाहते हैं कि घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच हो और यदि किसी अधिकारी की लापरवाही सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाए। DSP के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश और अन्य विभागीय कदमों की अंतिम स्थिति की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है। फिलहाल इस मामले में पुलिस की जवाबदेही भी विरोध का एक प्रमुख मुद्दा बनी हुई है। आरोपी की दुकान में तोड़फोड़, घर के हिस्से पर बुलडोजर कार्रवाई झोटा की हत्या के बाद मानसा में आक्रोशित लोगों ने आरोपी की मेडिकल दुकान में तोड़फोड़ की। इसके बाद दुकान को नुकसान पहुंचने और आग लगाए जाने की खबरें सामने आईं। प्रशासन ने आरोपी के घर के एक हिस्से को भी गिराया। इन घटनाओं के बीच इलाके में तनाव बढ़ गया और पुलिस को सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करनी पड़ी। प्रशासन के सामने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ प्रदर्शनकारियों की मांगों पर ध्यान देने की चुनौती है। CM भगवंत मान ने जांच और कार्रवाई का भरोसा दिया पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मामले की जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिया है। सरकार की ओर से कहा गया है कि घटना से जुड़े सभी पहलुओं को देखा जाएगा और जांच में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आने पर उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, विपक्षी दलों ने राज्य में कानून-व्यवस्था और नशे के अवैध कारोबार को लेकर सरकार से जवाब मांगा है। झोटा हत्याकांड ने पंजाब में नशे के खिलाफ अभियान चलाने वाले लोगों की सुरक्षा का मुद्दा भी फिर चर्चा में ला दिया है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

DAVV में शुरू होगा गर्भ संस्कार पर PG डिप्लोमा कोर्स, पहले बैच में 30 विद्यार्थियों को मिलेगा प्रवेश

इंदौर। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (DAVV) गर्भावस्था और मां-बच्चे के स्वास्थ्य से जुड़े विषयों पर नया पाठ्यक्रम शुरू करने की तैयारी कर रहा है। विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ फिजिकल एजुकेशन के अंतर्गत स्कूल ऑफ योगा में गर्भ संस्कार पर पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा (PG Diploma) कोर्स शुरू करने की योजना है। इसे शैक्षणिक सत्र 2026-27 से शुरू करने का प्रस्ताव है। पहले बैच में 30 विद्यार्थियों को प्रवेश देने की योजना बनाई गई है। इस पाठ्यक्रम में भारतीय परंपरा में प्रचलित गर्भ संस्कार की अवधारणा को आधुनिक गर्भावस्था देखभाल से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। विद्यार्थियों को गर्भधारण से लेकर प्रसव तक महिला के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी जाएगी। गर्भावस्था से प्रसव तक की देखभाल की पढ़ाई प्रस्तावित कोर्स में गर्भावस्था के दौरान महिला के शरीर में होने वाले बदलाव, भ्रूण का विकास, संतुलित पोषण और मानसिक स्वास्थ्य जैसे विषय शामिल होंगे। इसके अलावा योग, प्राणायाम, ध्यान और मां तथा गर्भस्थ शिशु के बीच भावनात्मक जुड़ाव से जुड़े पहलुओं को भी पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाने की योजना है। विद्यार्थियों को गर्भावस्था के अलग-अलग चरणों में सुरक्षित शारीरिक गतिविधियों और तनाव प्रबंधन के बारे में भी पढ़ाया जाएगा। इसका उद्देश्य गर्भावस्था के दौरान देखभाल से संबंधित विषयों की व्यवस्थित जानकारी देना है। सैद्धांतिक पढ़ाई के साथ अस्पतालों में प्रशिक्षण गर्भ संस्कार के पीजी डिप्लोमा में कक्षा में पढ़ाई के साथ अस्पतालों में व्यावहारिक प्रशिक्षण देने की भी योजना है। इससे विद्यार्थियों को गर्भावस्था देखभाल से जुड़े व्यावहारिक पहलुओं को समझने का अवसर मिल सकेगा। हालांकि, गर्भावस्था के दौरान योग, व्यायाम, पोषण और अन्य स्वास्थ्य संबंधी उपायों को अपनाने से पहले योग्य चिकित्सक की सलाह जरूरी है। यह पाठ्यक्रम चिकित्सा विशेषज्ञों की देखरेख और निर्धारित स्वास्थ्य मानकों के अनुरूप तैयार किया जाना महत्वपूर्ण होगा। योग से जुड़े तीन सर्टिफिकेट कोर्स भी प्रस्तावित DAVV के स्कूल ऑफ योगा में पीजी डिप्लोमा के साथ तीन सर्टिफिकेट कोर्स शुरू करने की भी तैयारी है। इनमें शामिल हैं: इन पाठ्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को योग, पोषण, प्राकृतिक स्वास्थ्य पद्धतियों और एक्यूप्रेशर से जुड़े विषयों की बुनियादी जानकारी देने की योजना है। विश्वविद्यालय की इस पहल के तहत योग और स्वास्थ्य से जुड़े नए शैक्षणिक विकल्प उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। पाठ्यक्रमों के प्रवेश और संचालन से संबंधित विस्तृत जानकारी विश्वविद्यालय की आधिकारिक घोषणा के बाद स्पष्ट होगी।
Pakistan

Pakistan School Accident: पेशावर में दर्दनाक हादसा, 40 से ज्यादा घायल; राहत-बचाव जारी

Pakistan के पेशावर में गुरुवार को एक दर्दनाक हादसा सामने आया। यहां एक निजी स्कूल की छत गिरने से 21 लोगों की मौत की खबर है। मृतकों में 20 बच्चे और एक महिला टीचर शामिल हैं। हादसे में 40 से ज्यादा लोग घायल भी हुए हैं। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। बच्चों को मलबे से निकालने और घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए राहत एवं बचाव अभियान चलाया गया। Peshawar School Accident: अचानक गिरी स्कूल की छत मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह हादसा पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत की राजधानी पेशावर की देर कॉलोनी में हुआ। यहां एक निजी स्कूल की छत अचानक गिर गई। उस समय स्कूल में बच्चे और स्टाफ मौजूद थे। छत गिरने से कई लोग मलबे में दब गए। हादसे की खबर मिलते ही स्थानीय प्रशासन और बचाव दल मौके पर पहुंचे। मलबा हटाकर लोगों को बाहर निकालने का काम शुरू किया गया। इस दौरान घायलों को जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की गई। 20 बच्चों और महिला टीचर की मौत इस हादसे में 20 बच्चों और एक महिला टीचर समेत 21 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है। शुरुआती रिपोर्टों में मृतकों की संख्या अलग-अलग बताई गई थी, लेकिन बाद में सामने आए आंकड़ों में मौत का आंकड़ा बढ़ गया। इस घटना ने बच्चों के परिवारों को गहरे दुख में डाल दिया है। स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। हालांकि, मृतकों और घायलों की संख्या से जुड़ी अंतिम आधिकारिक पुष्टि के लिए प्रशासन की विस्तृत जानकारी का इंतजार करना जरूरी है। 40 से ज्यादा घायल, अस्पताल में इलाज जारी हादसे में घायल हुए 40 से ज्यादा लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया। पेशावर के लेडी रीडिंग अस्पताल में घायलों के इलाज की जानकारी रिपोर्टों में सामने आई है। अस्पताल में घायलों को जरूरी चिकित्सा सहायता दी जा रही है। दूसरी ओर, बचाव दल ने घटनास्थल पर मलबा हटाने का काम किया। ऐसे हादसों में शुरुआती समय बेहद अहम होता है, क्योंकि मलबे में फंसे लोगों को जल्द बाहर निकालना जरूरी होता है। Pakistan School Accident: कैसे गिरी छत? जांच के बाद होगा खुलासा फिलहाल स्कूल की छत गिरने की असली वजह स्पष्ट नहीं है। यह पता लगाने के लिए जांच जरूरी है कि इमारत की हालत कैसी थी और निर्माण में सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं। जांच पूरी होने के बाद ही हादसे के कारणों को लेकर स्थिति साफ हो सकेगी। इस घटना ने एक बार फिर स्कूलों की इमारतों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्कूल ऐसी जगह हैं, जहां बच्चे दिन का बड़ा हिस्सा बिताते हैं। ऐसे में भवन की नियमित जांच, समय पर मरम्मत और सुरक्षा नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है। स्कूलों की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल पेशावर का यह हादसा केवल एक इमारत के गिरने की घटना नहीं है, बल्कि बच्चों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला भी है। स्कूल प्रशासन और संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि बच्चों को सुरक्षित माहौल मिले और इमारतों की स्थिति की समय-समय पर जांच की जाए। फिलहाल, इस हादसे में जान गंवाने वाले बच्चों और महिला टीचर के परिवारों के लिए यह बेहद मुश्किल समय है। राहत एवं बचाव कार्य और घायलों के इलाज से जुड़ी आगे की जानकारी पर सभी की नजर बनी हुई है।पाकिस्तान के पेशावर में गुरुवार को एक दर्दनाक हादसा सामने आया। यहां एक निजी स्कूल की छत गिरने से 21 लोगों की मौत की खबर है। मृतकों में 20 बच्चे और एक महिला टीचर शामिल हैं। हादसे में 40 से ज्यादा लोग घायल भी हुए हैं। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। बच्चों को मलबे से निकालने और घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए राहत एवं बचाव अभियान चलाया गया। Peshawar School Accident: अचानक गिरी स्कूल की छत मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह हादसा पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत की राजधानी पेशावर की देर कॉलोनी में हुआ। यहां एक निजी स्कूल की छत अचानक गिर गई। उस समय स्कूल में बच्चे और स्टाफ मौजूद थे। छत गिरने से कई लोग मलबे में दब गए। हादसे की खबर मिलते ही स्थानीय प्रशासन और बचाव दल मौके पर पहुंचे। मलबा हटाकर लोगों को बाहर निकालने का काम शुरू किया गया। इस दौरान घायलों को जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की गई। 20 बच्चों और महिला टीचर की मौत इस हादसे में 20 बच्चों और एक महिला टीचर समेत 21 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है। शुरुआती रिपोर्टों में मृतकों की संख्या अलग-अलग बताई गई थी, लेकिन बाद में सामने आए आंकड़ों में मौत का आंकड़ा बढ़ गया। इस घटना ने बच्चों के परिवारों को गहरे दुख में डाल दिया है। स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। हालांकि, मृतकों और घायलों की संख्या से जुड़ी अंतिम आधिकारिक पुष्टि के लिए प्रशासन की विस्तृत जानकारी का इंतजार करना जरूरी है। 40 से ज्यादा घायल, अस्पताल में इलाज जारी हादसे में घायल हुए 40 से ज्यादा लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया। पेशावर के लेडी रीडिंग अस्पताल में घायलों के इलाज की जानकारी रिपोर्टों में सामने आई है। अस्पताल में घायलों को जरूरी चिकित्सा सहायता दी जा रही है। दूसरी ओर, बचाव दल ने घटनास्थल पर मलबा हटाने का काम किया। ऐसे हादसों में शुरुआती समय बेहद अहम होता है, क्योंकि मलबे में फंसे लोगों को जल्द बाहर निकालना जरूरी होता है। Pakistan School Accident: कैसे गिरी छत? जांच के बाद होगा खुलासा फिलहाल स्कूल की छत गिरने की असली वजह स्पष्ट नहीं है। यह पता लगाने के लिए जांच जरूरी है कि इमारत की हालत कैसी थी और निर्माण में सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं। जांच पूरी होने के बाद ही हादसे के कारणों को लेकर स्थिति साफ हो सकेगी। इस घटना ने एक बार फिर स्कूलों की इमारतों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्कूल ऐसी जगह हैं, जहां बच्चे दिन का बड़ा हिस्सा बिताते हैं। ऐसे में भवन की नियमित जांच, समय पर मरम्मत और सुरक्षा नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है। स्कूलों की सुरक्षा पर...
Delhi

Delhi-NCR Weather Update: दिल्ली में धूल भरी आंधी के बाद बारिश का Alert, ओले गिरने की संभावना

Delhi-NCR में मौसम का मिजाज बदल गया है। कई इलाकों में धूल भरी आंधी चलने के बाद अब बारिश और ओलावृष्टि की संभावना ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। मौसम में इस बदलाव से तापमान में गिरावट आ सकती है, जिससे लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। मौसम विभाग (IMD) ने 15 अक्टूबर को दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने का पूर्वानुमान जताया है। कुछ स्थानों पर ओले गिरने की भी आशंका है। ऐसे में लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने और सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। Delhi Weather Today: तेज हवाओं के साथ बारिश का अनुमान दिल्ली-NCR में मौसम बदलने के पीछे पश्चिमी विक्षोभ से जुड़ी गतिविधियां अहम मानी जा रही हैं। इसके प्रभाव से आसमान में बादल छाने, गरज-चमक होने और कई जगह बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। तेज झोंकों के दौरान यह गति 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहने की आशंका है। ऐसे में खुले स्थानों पर रहने वाले लोगों और वाहन चालकों को खास सावधानी बरतने की जरूरत है। Delhi-NCR Rain Alert: किन इलाकों में दिखेगा असर? दिल्ली के साथ नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में भी मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। अलग-अलग इलाकों में बारिश की तीव्रता अलग रह सकती है। कुछ जगहों पर गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने और ओले गिरने की आशंका भी जताई गई है। हालांकि, हर इलाके में एक जैसी बारिश होना जरूरी नहीं है। इसलिए घर से निकलने से पहले स्थानीय मौसम अपडेट जरूर देख लें। तापमान में गिरावट से मिलेगी राहत? अक्टूबर के महीने में दिल्ली-NCR में मौसम आमतौर पर धीरे-धीरे सुहावना होने लगता है। ऐसे में बारिश और बादलों के कारण तापमान में गिरावट आ सकती है। इससे दिन की गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, बारिश के बाद उमस और स्थानीय मौसम की स्थिति के आधार पर लोगों को अलग-अलग अनुभव हो सकता है। तापमान में कितनी गिरावट आएगी, यह आने वाले दिनों के मौसम पर निर्भर करेगा। आंधी और बारिश के दौरान इन बातों का रखें ध्यान मौसम में अचानक बदलाव के दौरान छोटी-सी लापरवाही भी परेशानी बढ़ा सकती है। इसलिए कुछ जरूरी सावधानियां अपनाना बेहतर रहेगा। 16 अक्टूबर से मौसम में बदलाव की उम्मीद मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 16 अक्टूबर से उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों में बारिश की गतिविधियां कम हो सकती हैं। इसके बाद दिल्ली-NCR में भी मौसम धीरे-धीरे सामान्य होने की संभावना है। हालांकि, स्थानीय परिस्थितियों के कारण पूर्वानुमान में बदलाव हो सकता है। फिलहाल दिल्ली-NCR के लोगों के लिए जरूरी है कि वे मौसम को हल्के में न लें। बारिश से राहत जरूर मिल सकती है, लेकिन तेज हवाओं, बिजली चमकने और ओलावृष्टि की आशंका के बीच सतर्क रहना सबसे बेहतर होगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Supreme Court Decision: धर्म बदलने से क्या खत्म होगा आरक्षण? कोर्ट ने साफ की स्थिति

धर्म बदलने के बाद क्या आरक्षण का लाभ मिलता रहेगा? इस सवाल पर सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु से जुड़े एक अहम मामले में अपना फैसला सुनाया है। अदालत ने मद्रास हाई कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा है। यह मामला उन लोगों से जुड़ा है, जिन्होंने हिंदू धर्म छोड़कर इस्लाम अपनाया और इसके बाद पिछड़ा वर्ग (मुस्लिम) यानी Backward Class (Muslim) श्रेणी में आरक्षण का लाभ लेने का दावा किया था। Supreme Court के फैसले के मुताबिक, केवल इस्लाम अपनाने से कोई व्यक्ति तमिलनाडु की अधिसूचित पिछड़ा वर्ग (मुस्लिम) श्रेणी में अपने आप शामिल नहीं हो सकता। इस फैसले ने धर्म परिवर्तन और आरक्षण की पात्रता से जुड़े कानूनी सवालों को फिर चर्चा में ला दिया है। Supreme Court का क्या है पूरा फैसला? सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु सरकार की याचिका पर सुनवाई करते हुए मद्रास हाई कोर्ट के आदेश को बरकरार रखा। हाई कोर्ट ने राज्य सरकार के उस आदेश को रद्द कर दिया था, जिसमें कुछ समुदायों से इस्लाम अपनाने वाले लोगों को Backward Class (Muslim) श्रेणी में आरक्षण देने की व्यवस्था की गई थी। अदालत के फैसले का मुख्य आधार यह है कि किसी व्यक्ति की पहले की जातिगत पहचान के कारण उसे दूसरी धार्मिक श्रेणी में आरक्षण का पात्र अपने आप नहीं माना जा सकता। संबंधित आरक्षण श्रेणी के लिए निर्धारित कानूनी शर्तों को पूरा करना जरूरी है। इस मामले में फैसला तमिलनाडु की विशिष्ट आरक्षण व्यवस्था से जुड़ा है। इसलिए इसे देश में सभी तरह के आरक्षण पर लागू होने वाले एक समान प्रतिबंध के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। कैसे शुरू हुआ धर्म परिवर्तन और Reservation का मामला? इस विवाद की शुरुआत तमिलनाडु सरकार के 9 मार्च 2024 के सरकारी आदेश से हुई थी। इस आदेश के तहत कुछ ऐसे लोगों को पिछड़ा वर्ग (मुस्लिम) श्रेणी में शामिल करने की व्यवस्था की गई थी, जो पहले पिछड़ा वर्ग, अति पिछड़ा वर्ग, विमुक्त समुदाय या अनुसूचित जाति से संबंधित थे और बाद में उन्होंने इस्लाम अपना लिया था। सरकार के इस फैसले को मद्रास हाई कोर्ट में चुनौती दी गई। 25 जून 2026 को हाई कोर्ट ने सरकारी आदेश को रद्द कर दिया। इसके बाद तमिलनाडु सरकार ने इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की। राज्य सरकार का कहना था कि धर्म परिवर्तन करने से किसी व्यक्ति की सामाजिक और शैक्षणिक पिछड़ेपन से जुड़ी परिस्थितियां जरूरी नहीं कि बदल जाएं। इसी आधार पर सरकार ने अपने आदेश का बचाव किया। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने मद्रास हाई कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा। इसके साथ ही इस मामले में सरकार की चुनौती सफल नहीं रही। क्या धर्म बदलने पर खत्म हो जाएगा SC और OBC Reservation? Supreme Court के फैसले के बाद यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या धर्म परिवर्तन करने वाले लोगों को अब किसी भी तरह का आरक्षण नहीं मिलेगा। लेकिन इस मामले को समझते समय अलग-अलग आरक्षण श्रेणियों के नियमों पर ध्यान देना जरूरी है। यह फैसला मुख्य रूप से तमिलनाडु की Backward Class (Muslim) श्रेणी में पात्रता से संबंधित है। इसका अर्थ यह नहीं है कि अदालत ने सभी धर्म परिवर्तन करने वालों के लिए हर प्रकार के आरक्षण पर एक समान रोक लगा दी है। अनुसूचित जाति (SC), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और राज्य की विशेष पिछड़ा वर्ग श्रेणियों के लिए अलग-अलग कानूनी प्रावधान लागू हो सकते हैं। अनुसूचित जाति के दर्जे से जुड़े नियम Constitution (Scheduled Castes) Order, 1950 में दिए गए हैं। वहीं, अन्य श्रेणियों में पात्रता संबंधित कानूनों और अधिसूचनाओं के अनुसार तय होती है। इसलिए किसी व्यक्ति को आरक्षण मिलेगा या नहीं, यह उसकी संबंधित श्रेणी और उस पर लागू कानूनी प्रावधानों पर निर्भर करता है। तमिलनाडु सरकार की दलील क्यों थी अहम? तमिलनाडु सरकार ने अपने आदेश के समर्थन में सामाजिक और शैक्षणिक पिछड़ेपन का मुद्दा उठाया था। सरकार की दलील थी कि धर्म बदलने से किसी व्यक्ति के सामने मौजूद सामाजिक चुनौतियां अपने आप खत्म नहीं हो जातीं। दूसरी ओर, मामले में सवाल यह था कि क्या पुराने जातिगत दर्जे के आधार पर किसी व्यक्ति को मुस्लिम पिछड़ा वर्ग की अधिसूचित श्रेणी में शामिल किया जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने इस विवाद में संबंधित आरक्षण श्रेणी की पात्रता और कानूनी शर्तों के महत्व को रेखांकित किया है। आम लोगों के लिए क्या है इसका मतलब? इस फैसले का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि आरक्षण का लाभ पाने के लिए केवल धर्म परिवर्तन या पुरानी जातिगत पहचान को पर्याप्त नहीं माना जा सकता। संबंधित श्रेणी के नियमों के तहत पात्रता साबित करना जरूरी है। धर्म परिवर्तन और आरक्षण से जुड़े मामलों में सामाजिक परिस्थितियों के साथ-साथ कानूनी प्रावधानों की भी अहम भूमिका होती है। इसी वजह से किसी एक मामले के फैसले को सभी राज्यों और सभी आरक्षण श्रेणियों पर सीधे लागू मानना सही नहीं होगा। फिलहाल, सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु के इस मामले में मद्रास हाई कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा है। यह फैसला धर्म परिवर्तन के बाद आरक्षण की पात्रता को लेकर चल रही कानूनी बहस में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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