America ने Iran की रडार साइट्स पर बड़ा हमला किया है। इसके जवाब में ईरान ने कुवैत और बहरीन की ओर 7 बैलिस्टिक मिसाइलें दाग दीं। इस हमले के बाद पूरे इलाके में डर और अस्थिरता का माहौल बन गया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि लगातार हो रहे हमलों के कारण ईरान की मिसाइल ताकत अब केवल 22% ही बची है। हालांकि ईरान की ओर से इस दावे पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
बताया जा रहा है कि अमेरिका ने ईरान की कई अहम रडार और डिफेंस साइट्स को निशाना बनाया। इन हमलों का मकसद ईरान की सैन्य क्षमता को कमजोर करना था। वहीं जवाबी कार्रवाई करते हुए ईरान ने खाड़ी देशों की ओर मिसाइलें दागीं, जिससे इलाके में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है।
कुवैत और बहरीन में लोगों के बीच दहशत का माहौल है। कई इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और एयर डिफेंस सिस्टम को सक्रिय कर दिया गया है। स्थानीय नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर दोनों देशों के बीच तनाव इसी तरह बढ़ता रहा, तो इसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और तेल बाजार पर पड़ सकता है। मध्य पूर्व में बढ़ती अशांति से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिंता बढ़ गई है।
फिलहाल दुनिया की नजर अमेरिका और ईरान के अगले कदम पर टिकी हुई है। लोग उम्मीद कर रहे हैं कि हालात जल्द सामान्य हों और किसी बड़े युद्ध की स्थिति न बने।
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