संसद के मानसून सत्र (Monsoon Session) में सियासी गर्मी लगातार बढ़ती जा रही है। विपक्ष ने अपने विरोध प्रदर्शन को और तेज करते हुए मंगलवार को संसद परिसर में शक्ति प्रदर्शन किया। INDIA गठबंधन के लगभग सभी सांसद काले कपड़ों में संसद पहुंचे और केंद्र सरकार के खिलाफ एकजुटता दिखाई। इस दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने विरोध प्रदर्शन की अगुवाई की।
विपक्ष का कहना है कि देश से जुड़े कई अहम मुद्दों पर संसद में खुलकर चर्चा नहीं हो रही है। इसी को लेकर सांसदों ने संसद परिसर में प्रदर्शन किया और सरकार से जवाब देने की मांग उठाई।
PM आवास मार्च के बाद Protest हुआ और तेज
संसद में विरोध प्रदर्शन से पहले विपक्षी दल प्रधानमंत्री आवास की ओर मार्च निकाल चुके हैं। हालांकि सुरक्षा व्यवस्था के चलते उन्हें रास्ते में रोक दिया गया था। इसके बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत कई विपक्षी नेताओं ने सड़क पर धरना दिया। विपक्ष ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का मुद्दा बताते हुए सरकार पर सवाल उठाए थे।
अब उसी विरोध का दूसरा चरण संसद परिसर में देखने को मिला, जहां विपक्ष ने काले कपड़े पहनकर अपना संदेश देने की कोशिश की।
Black Dress में दिखी विपक्ष की एकजुटता
मंगलवार सुबह कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, डीएमके, तृणमूल कांग्रेस, शिवसेना (यूबीटी), आरजेडी और INDIA गठबंधन के अन्य दलों के सांसद काले कपड़ों में संसद पहुंचे। नेताओं ने संसद परिसर में नारेबाजी की और सरकार से विभिन्न राष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा कराने की मांग दोहराई।
राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अखिलेश यादव पूरे प्रदर्शन के दौरान सांसदों के बीच मौजूद रहे। तीनों नेताओं ने विपक्षी दलों के साथ मिलकर सरकार के खिलाफ एकजुटता का संदेश दिया।
किन मुद्दों को लेकर सरकार पर निशाना?
विपक्ष का आरोप है कि बेरोजगारी, महंगाई, कानून-व्यवस्था, चुनाव प्रक्रिया और अन्य महत्वपूर्ण राष्ट्रीय विषयों पर संसद में पर्याप्त चर्चा नहीं हो रही है। विपक्ष चाहता है कि इन मुद्दों पर सरकार सदन में विस्तृत जवाब दे।
दूसरी ओर सरकार का कहना है कि वह संसदीय नियमों के तहत हर विषय पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन लगातार हंगामे से सदन की कार्यवाही प्रभावित हो रही है।
संसद की कार्यवाही पर पड़ा असर
विपक्ष के प्रदर्शन का असर संसद की कार्यवाही पर भी दिखाई दिया। लोकसभा और राज्यसभा में कई बार हंगामा हुआ, जिसके चलते कार्यवाही बाधित रही। दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बनने से मानसून सत्र के शुरुआती दिनों में राजनीतिक तनाव लगातार बना हुआ है।
आगे क्या होगा?
INDIA गठबंधन ने साफ संकेत दिए हैं कि यदि उनकी मांगों पर सरकार सकारात्मक रुख नहीं अपनाती है तो संसद के भीतर और बाहर विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। ऐसे में आने वाले दिनों में मानसून सत्र के और अधिक हंगामेदार रहने की संभावना है। राजनीतिक नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि सरकार और विपक्ष के बीच गतिरोध कब खत्म होगा और संसद की कार्यवाही सामान्य रूप से चल पाएगी।
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