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MP UCC Update: लिव-इन रिलेशनशिप पर नया नियम, 30 दिन में कराना होगा रजिस्ट्रेशन

MP UCC Update: लिव-इन रिलेशनशिप पर नया नियम, 30 दिन में कराना होगा रजिस्ट्रेशन

मध्य प्रदेश में Uniform Civil Code (UCC) को लेकर तेजी से काम आगे बढ़ रहा है। इसी कड़ी में लिव-इन रिलेशनशिप से जुड़े नियमों को लेकर एक अहम प्रस्ताव सामने आया है। प्रस्ताव के अनुसार, यदि कोई कपल लिव-इन रिलेशनशिप में साथ रहना चाहता है, तो उसे 30 दिन के भीतर रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, इस नियम का उद्देश्य संबंधों में पारदर्शिता लाना और कानूनी रिकॉर्ड को मजबूत करना है। रजिस्ट्रेशन नहीं कराने पर क्या होगा? प्रस्तावित नियम के तहत यदि तय समय सीमा के भीतर रजिस्ट्रेशन नहीं कराया जाता है, तो संबंधित कपल को कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि अंतिम नियम लागू होने के बाद ही इसकी विस्तृत प्रक्रिया स्पष्ट होगी। UCC लागू करने की दिशा में कदम मध्य प्रदेश सरकार UCC लागू करने की दिशा में विभिन्न पहलुओं पर विचार कर रही है। इसमें विवाह, परिवार और साथ रहने से जुड़े नियमों को एक समान कानूनी ढांचे में लाने पर चर्चा चल रही है। कानूनी विशेषज्ञों की राय कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे नियमों से रिश्तों में पारदर्शिता बढ़ सकती है, लेकिन इसके सामाजिक प्रभावों पर भी गहन चर्चा जरूरी है। आने वाले दिनों में इस प्रस्ताव पर और स्पष्टता आने की उम्मीद है।
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Mumbai में झमाझम बारिश से मानसून फिर हुआ एक्टिव, देशभर में गर्मी का असर बरकरार

Mumbai में झमाझम बारिश से मानसून फिर हुआ एक्टिव, देशभर में गर्मी का असर बरकरार

Mumbai में तेज बारिश के साथ मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। लंबे इंतजार के बाद मौसम में बदलाव देखने को मिला है और माना जा रहा है कि अब मानसून आगे की ओर बढ़ सकता है। मुंबई में बारिश से मौसम हुआ सुहाना मुंबई में लगातार बारिश के चलते लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है। कई इलाकों में पानी भरने की भी स्थिति बनी, लेकिन तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। सोलापुर के पास 14 दिनों से रुका था मानसून मौसम विभाग के अनुसार मानसून पिछले लगभग 14 दिनों से Solapur के आसपास अटका हुआ था। अब बारिश की गतिविधियों में तेजी आने के बाद इसके आगे बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। 8 राज्यों में 40°C से ऊपर तापमान दूसरी ओर देश के कई हिस्सों में गर्मी अभी भी लोगों को परेशान कर रही है। 8 राज्यों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया है, जिससे हीटवेव जैसी स्थिति बनी हुई है। मौसम विभाग का अनुमान मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले दिनों में मानसून की गति और तेज हो सकती है, जिससे कई राज्यों में बारिश का दायरा बढ़ेगा।
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“कॉकरोच जनता पार्टी” CJP का तीसरे दिन भी प्रदर्शन जारी, अभिजीत ने किसानों और छात्रों से मांगा समर्थन

“कॉकरोच जनता पार्टी” CJP का तीसरे दिन भी प्रदर्शन जारी, अभिजीत ने किसानों और छात्रों से मांगा समर्थन

देश में एक अनोखा प्रदर्शन लगातार चर्चा में बना हुआ है। “कॉकरोच जनता पार्टी” CJP नाम से चल रहा आंदोलन तीसरे दिन भी जारी रहेगा। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे अभिजीत ने अब किसानों और छात्रों से खुलकर समर्थन की अपील की है। प्रदर्शन का तीसरा दिन भी जारी रहेगा आंदोलनकारियों का कहना है कि उनकी मांगों को लेकर सरकार या प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस जवाब नहीं मिला है। इसी वजह से प्रदर्शन को आगे भी जारी रखने का फैसला लिया गया है। किसानों से समर्थन की अपील अभिजीत ने कहा है कि किसानों को इस आंदोलन से जुड़ना चाहिए क्योंकि यह मुद्दा सिर्फ एक वर्ग का नहीं बल्कि पूरे समाज से जुड़ा है। उन्होंने दावा किया कि किसानों का समर्थन आंदोलन को और मजबूत करेगा। छात्रों से भी जुड़ने की अपील उन्होंने छात्रों से भी अपील की है कि वे परीक्षा के बाद इस आंदोलन का हिस्सा बनें। उनका कहना है कि युवाओं की भागीदारी से आंदोलन को नई दिशा मिलेगी।
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Trump vs Meloni: फोटो को लेकर बढ़ा विवाद, इटली PM ने ट्रम्प के दावे को बताया झूठ

Trump vs Meloni: फोटो को लेकर बढ़ा विवाद, इटली PM ने ट्रम्प के दावे को बताया झूठ

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donlad trump और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के बीच बयानबाजी का नया विवाद सामने आया है। ट्रम्प ने दावा किया कि मेलोनी उनके साथ फोटो खिंचवाने के लिए बेहद उत्सुक थीं और लगातार उनकी मौजूदगी चाहती थीं। हालांकि, ट्रम्प के इस बयान पर इटली की प्रधानमंत्री ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। मेलोनी ने ट्रम्प के दावे को पूरी तरह झूठा बताते हुए कहा कि उनकी ओर से कही गई बातें वास्तविकता से मेल नहीं खातीं। इस विवाद के बीच इटली के विदेश मंत्री ने भी अमेरिका का प्रस्तावित दौरा रद्द कर दिया, जिससे दोनों देशों के राजनीतिक रिश्तों को लेकर नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला केवल व्यक्तिगत बयानबाजी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके राजनीतिक और कूटनीतिक असर भी देखने को मिल सकते हैं। फिलहाल दोनों पक्ष अपने-अपने दावों पर कायम हैं और यह मुद्दा अंतरराष्ट्रीय राजनीति में चर्चा का विषय बना हुआ है।
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MP Congress Attack on BJP Government: आदिवासियों की 1.26 लाख हेक्टेयर जमीन हस्तांतरण का आरोप, सरकार से मांगा जवाब

MP Congress Attack on BJP Government: आदिवासियों की 1.26 लाख हेक्टेयर जमीन हस्तांतरण का आरोप, सरकार से मांगा जवाब

MP कांग्रेस ने राज्य की भाजपा सरकार पर आदिवासियों के अधिकारों की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। कांग्रेस नेताओं का दावा है कि प्रदेश में आदिवासियों की करीब 1.26 लाख हेक्टेयर जमीन का हस्तांतरण किया गया है, जिससे आदिवासी समुदाय के हित प्रभावित हुए हैं। कांग्रेस ने कहा कि आदिवासी क्षेत्रों में भूमि संरक्षण के लिए बने नियमों का सख्ती से पालन होना चाहिए। पार्टी का आरोप है कि जमीन हस्तांतरण के मामलों में पारदर्शिता की कमी रही है और सरकार को इस विषय पर स्पष्ट जानकारी जनता के सामने रखनी चाहिए। कांग्रेस ने उठाए कई सवाल कांग्रेस नेताओं ने सरकार से पूछा है कि आदिवासियों की जमीन किन परिस्थितियों में हस्तांतरित की गई और इसके लिए क्या कानूनी प्रक्रिया अपनाई गई। पार्टी का कहना है कि आदिवासी समुदाय की जमीन और संसाधनों की सुरक्षा सरकार की जिम्मेदारी है। सरकार से जांच की मांग कांग्रेस ने मामले की विस्तृत जांच कराने और संबंधित आंकड़ों को सार्वजनिक करने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि यदि कहीं नियमों का उल्लंघन हुआ है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। भाजपा की प्रतिक्रिया का इंतजार कांग्रेस के आरोपों के बाद अब भाजपा सरकार की प्रतिक्रिया पर नजरें टिकी हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह मुद्दा आने वाले समय में प्रदेश की राजनीति में चर्चा का बड़ा विषय बन सकता है। आदिवासी अधिकारों पर बढ़ी बहस इस मुद्दे के सामने आने के बाद प्रदेश में आदिवासी अधिकारों, भूमि संरक्षण और विकास परियोजनाओं के बीच संतुलन को लेकर बहस तेज हो गई है। विभिन्न सामाजिक संगठनों ने भी इस मामले में पारदर्शिता और तथ्यों को सार्वजनिक करने की मांग की है।
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Shaheed Air Force Officer Case: ₹21 लाख की सहायता राशि पर विवाद, माता-पिता ने जताई नाराजगी

Shaheed Air Force Officer Case: ₹21 लाख की सहायता राशि पर विवाद, माता-पिता ने जताई नाराजगी

Shaheed Air Force Officer Case : असम में हुए एयरफोर्स विमान हादसे में जान गंवाने वाले एक शहीद अधिकारी के परिवार में अब आर्थिक सहायता राशि को लेकर विवाद सामने आया है। शहीद की पत्नी को ₹21 लाख की सहायता राशि मिलने के बाद उनके माता-पिता ने नाराजगी जाहिर की है और कई गंभीर आरोप लगाए हैं। क्या है पूरा मामला? जानकारी के अनुसार, असम में एयरफोर्स के विमान दुर्घटनाग्रस्त होने से अधिकारी की मौत हो गई थी। हादसे के बाद सरकार और संबंधित संस्थाओं की ओर से आर्थिक सहायता प्रदान की गई। इसी क्रम में शहीद की पत्नी को ₹21 लाख की सहायता राशि दी गई। हालांकि, इस फैसले पर शहीद के माता-पिता ने आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि उनके बेटे ने परिवार की इच्छा के विरुद्ध कोर्ट मैरिज की थी और उन्हें इस संबंध में पूरी जानकारी नहीं दी गई थी। माता-पिता ने लगाए आरोप शहीद के माता-पिता का आरोप है कि उनके बेटे को बहलाकर और प्रभावित करके कोर्ट मैरिज कराई गई थी। उन्होंने कहा कि परिवार को इस विवाह से जुड़े कई पहलुओं की जानकारी बाद में मिली। इसी वजह से वे सहायता राशि के वितरण को लेकर सवाल उठा रहे हैं। पत्नी का पक्ष भी महत्वपूर्ण दूसरी ओर, कानूनी रूप से पत्नी को मृतक की निकटतम परिजन (Next of Kin) माना जाता है। ऐसे मामलों में सरकारी नियमों और कानूनी प्रक्रियाओं के आधार पर सहायता राशि तथा अन्य लाभों का वितरण किया जाता है। प्रशासन और कानूनी प्रक्रिया पर नजर मामला सामने आने के बाद अब लोगों की नजर प्रशासन और संबंधित विभागों की कार्रवाई पर है। यदि परिवार की ओर से कोई औपचारिक शिकायत या कानूनी चुनौती दी जाती है, तो आगे की प्रक्रिया अदालत या संबंधित अधिकारियों के निर्देशों के अनुसार तय हो सकती है।
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Russia-Ukraine War: यूक्रेन ने रूस पर किया सबसे बड़ा ड्रोन हमला, 1000 से ज्यादा ड्रोन और मिसाइलें दागीं

Russia-Ukraine War: यूक्रेन ने रूस पर किया सबसे बड़ा ड्रोन हमला, 1000 से ज्यादा ड्रोन और मिसाइलें दागीं

Russia-Ukraine युद्ध के बीच संघर्ष एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। यूक्रेन ने रूस पर अब तक का सबसे बड़ा ड्रोन हमला करने का दावा किया है। रिपोर्टों के अनुसार, इस बड़े सैन्य अभियान में 1000 से अधिक ड्रोन और कई क्रूज मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया। हमले के बाद रूस के कई क्षेत्रों में सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट पर रखा गया। कुछ इलाकों में हवाई सुरक्षा प्रणालियों को सक्रिय किया गया, जबकि कई उड़ानों और गतिविधियों पर भी असर पड़ने की खबरें सामने आई हैं। युद्ध में नई रणनीति का संकेत विशेषज्ञों का मानना है कि इतने बड़े पैमाने पर ड्रोन और मिसाइलों का इस्तेमाल यह दिखाता है कि युद्ध अब तकनीकी और लंबी दूरी के हमलों के नए चरण में प्रवेश कर चुका है। हाल के महीनों में दोनों देशों ने एक-दूसरे के सैन्य और रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिशें तेज कर दी हैं। जेलेंस्की का सख्त संदेश यूक्रेन के राष्ट्रपति Volodymyr Zelenskyy ने हमले के बाद रूस को चेतावनी भरे अंदाज में जवाब दिया। उन्होंने कहा कि यदि यूक्रेन पर लगातार हमले जारी रहते हैं, तो रूस को भी उसके परिणाम भुगतने होंगे। उनका बयान ऐसे समय आया है जब दोनों देशों के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। रूस की प्रतिक्रिया पर नजर रूसी अधिकारियों ने हमले को लेकर जांच और सुरक्षा समीक्षा शुरू कर दी है। हालांकि, नुकसान और हताहतों को लेकर अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं। स्वतंत्र रूप से सभी दावों की पुष्टि अभी नहीं हो सकी है।
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Telangana Road Accident: मोबाइल पर वीडियो बनाना पड़ा भारी, डिवाइडर से टकराकर बाइक राइडर की मौत

Telangana Road Accident: मोबाइल पर वीडियो बनाना पड़ा भारी, डिवाइडर से टकराकर बाइक राइडर की मौत

Telangana में एक दर्दनाक सड़क हादसे में बाइक सवार युवक की जान चली गई। बताया जा रहा है कि युवक बाइक चलाते समय अपने मोबाइल फोन पर वीडियो बना रहा था। इसी दौरान उसका ध्यान सड़क से हट गया और बाइक अनियंत्रित होकर डिवाइडर से जा टकराई। हादसा इतना गंभीर था कि युवक को गंभीर चोटें आईं। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत मदद की कोशिश की, लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। वीडियो बनाते समय हुआ हादसा प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, युवक बाइक चलाते हुए मोबाइल से वीडियो रिकॉर्ड कर रहा था। इसी दौरान वह सड़क पर बने डिवाइडर को नहीं देख पाया और तेज रफ्तार बाइक सीधे उससे टकरा गई। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि हादसा कुछ ही सेकंड में हुआ और टक्कर काफी जोरदार थी। सोशल मीडिया के लिए जोखिम बन रही लापरवाही पुलिस का कहना है कि वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। हाल के वर्षों में सोशल मीडिया के लिए वीडियो और रील बनाने के दौरान होने वाले हादसों के मामलों में बढ़ोतरी देखी गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि कुछ सेकंड का ध्यान भटकना भी सड़क पर बड़े हादसे का कारण बन सकता है। पुलिस ने लोगों से की अपील हादसे के बाद पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग न करें। चाहे कॉल करना हो, वीडियो बनाना हो या सोशल मीडिया का इस्तेमाल, यह न सिर्फ आपकी बल्कि दूसरों की जान के लिए भी खतरा बन सकता है। अधिकारियों ने कहा कि सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करके ही ऐसे हादसों को रोका जा सकता है।
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G7

G7 Meeting 2026: होर्मुज में भारतीयों की मौत पर PM Modi ने उठाई आवाज, Trump भी रहे मौजूद

फ्रांस में आयोजित G7 Summit 2026 के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक नेताओं के सामने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और होर्मुज स्ट्रेट (Hormuz Strait) में भारतीय नागरिकों की मौत का मुद्दा मजबूती से उठाया। खास बात यह रही कि जब प्रधानमंत्री मोदी यह बात रख रहे थे, तब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प भी बैठक में मौजूद थे। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में समुद्री सुरक्षा केवल किसी एक देश का विषय नहीं है, बल्कि पूरी दुनिया की आर्थिक स्थिरता और व्यापारिक गतिविधियों से जुड़ा मुद्दा बन चुका है। होर्मुज में भारतीयों की मौत पर जताई चिंता हाल के दिनों में होर्मुज क्षेत्र में बढ़े सैन्य तनाव के बीच कुछ भारतीय नागरिकों और नाविकों की मौत की खबरों ने भारत की चिंता बढ़ा दी है। G7 के वर्किंग सेशन में प्रधानमंत्री मोदी ने इस संवेदनशील मुद्दे का जिक्र करते हुए कहा कि समुद्र में काम करने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना अंतरराष्ट्रीय समुदाय की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि जो लोग समुद्री व्यापार को सुचारु बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं, उन्हें किसी भी तरह के संघर्ष का शिकार नहीं बनना चाहिए। Global Trade पर पड़ रहा है असर प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक मार्गों में से एक है। यहां किसी भी प्रकार का तनाव या अवरोध केवल क्षेत्रीय समस्या नहीं रह जाता, बल्कि इसका असर पूरी दुनिया की सप्लाई चेन, ऊर्जा सुरक्षा और व्यापार पर दिखाई देता है। विशेषज्ञों के अनुसार दुनिया के बड़े हिस्से में पहुंचने वाला कच्चा तेल इसी मार्ग से गुजरता है, इसलिए यहां अस्थिरता वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए चिंता का विषय बन जाती है। संवाद और कूटनीति पर दिया जोर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज दुनिया कई चुनौतियों का सामना कर रही है, लेकिन इन समस्याओं का समाधान युद्ध नहीं बल्कि संवाद और सहयोग में छिपा है। उन्होंने देशों से आपसी विश्वास बढ़ाने और कूटनीतिक रास्तों को प्राथमिकता देने की अपील की। मोदी ने कहा कि वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए यह जरूरी है कि सभी देश मिलकर काम करें और संघर्ष की जगह बातचीत को महत्व दें। ट्रम्प की मौजूदगी में भारत ने रखा अपना पक्ष G7 बैठक में डोनाल्ड ट्रम्प समेत कई बड़े वैश्विक नेता मौजूद थे। ऐसे में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा भारतीय नागरिकों की मौत और समुद्री सुरक्षा का मुद्दा उठाना भारत की सक्रिय कूटनीति का संकेत माना जा रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि भारत ने इस मंच के जरिए साफ संदेश दिया है कि विदेशों में रहने वाले भारतीयों और समुद्री क्षेत्र में कार्यरत नागरिकों की सुरक्षा उसके लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है। G7 Summit में Middle East Crisis रहा प्रमुख मुद्दा इस वर्ष G7 Summit में मध्य पूर्व का तनाव, ऊर्जा सुरक्षा, वैश्विक व्यापार और समुद्री मार्गों की सुरक्षा जैसे विषय चर्चा के केंद्र में रहे। होर्मुज स्ट्रेट को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच भारत ने भी अपने हितों और नागरिकों की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को मजबूती से सामने रखा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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NEET Re-Exam Scam: री-एग्जाम का पेपर दिलाने के नाम पर ऑनलाइन ठगी, 1000 से ज्यादा स्टूडेंट्स से लाखों रुपये वसूले

NEET Re-Exam Scam: री-एग्जाम का पेपर दिलाने के नाम पर ऑनलाइन ठगी, 1000 से ज्यादा स्टूडेंट्स से लाखों रुपये वसूले

देशभर में NEET परीक्षा को लेकर चल रही चिंता के बीच एक बड़ा ऑनलाइन ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि कुछ लोगों ने NEET री-एग्जाम का पेपर दिलाने और परीक्षा में मदद कराने के नाम पर 1000 से ज्यादा छात्रों और उनके परिवारों से लाखों रुपये की ठगी की। पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए राजस्थान और बिहार से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। शुरुआती जांच में पता चला है कि आरोपी सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप्स के जरिए छात्रों को निशाना बना रहे थे। कैसे करते थे ठगी? पुलिस के मुताबिक आरोपी खुद को एजेंट या परीक्षा से जुड़े लोगों के रूप में पेश करते थे। वे छात्रों को दावा करते थे कि उनके पास NEET री-एग्जाम का पेपर और परीक्षा से जुड़ी “गुप्त जानकारी” है। इसके बदले छात्रों और अभिभावकों से ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करवाए जाते थे। कई लोगों से हजारों से लेकर लाखों रुपये तक वसूले गए। 1000 से ज्यादा छात्र बने शिकार जांच एजेंसियों के अनुसार, देश के अलग-अलग राज्यों के 1000 से ज्यादा छात्र इस साइबर ठगी का शिकार हुए हैं। आरोपी सोशल मीडिया ग्रुप, टेलीग्राम चैनल और व्हाट्सऐप के जरिए छात्रों तक पहुंचते थे। जैसे ही पैसे मिलते, आरोपी नंबर बंद कर देते या संपर्क खत्म कर देते थे। राजस्थान और बिहार से गिरफ्तारी पुलिस ने डिजिटल ट्रांजैक्शन और मोबाइल लोकेशन की मदद से तीन आरोपियों को राजस्थान और बिहार से गिरफ्तार किया। उनके पास से मोबाइल फोन, बैंक खाते और कई डिजिटल सबूत भी मिले हैं। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस गिरोह में और कितने लोग शामिल हैं।
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PV Sindhu

PV Sindhu Victory: मुश्किल दौर के बाद शानदार Comeback, विराट Kohli को दिया जीत का Credit

भारतीय बैडमिंटन की स्टार खिलाड़ी पीवी सिंधु (PV Sindhu) ने आखिरकार दो साल के लंबे इंतजार को खत्म करते हुए इंटरनेशनल बैडमिंटन में दमदार वापसी की है। शानदार प्रदर्शन के दम पर उन्होंने खिताब अपने नाम किया और जीत के बाद ऐसा खुलासा किया, जिसने खेल प्रेमियों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। सिंधु ने कहा कि इस कमबैक के पीछे सिर्फ मेहनत ही नहीं, बल्कि विराट कोहली (Virat Kohli) की एक सलाह ने भी बड़ी भूमिका निभाई। PV Sindhu ने बताया कि जब उनका करियर मुश्किल दौर से गुजर रहा था, तब विराट कोहली से हुई बातचीत ने उन्हें मानसिक रूप से मजबूत बनने की प्रेरणा दी। उसी बातचीत के बाद उन्होंने अपने खेल और सोचने के तरीके में बदलाव किया, जिसका नतीजा अब खिताब के रूप में सामने आया है। संघर्ष के दौर में मिली विराट की सीख पीवी सिंधु पिछले कुछ समय से चोट, खराब फॉर्म और लगातार हार जैसी चुनौतियों का सामना कर रही थीं। कई बड़े टूर्नामेंट में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं हो पाया, जिससे उन पर सवाल भी उठने लगे थे। इसी दौरान उनकी मुलाकात विराट कोहली से हुई। सिंधु के मुताबिक, विराट ने उन्हें सलाह दी कि किसी भी खिलाड़ी के लिए सबसे जरूरी उसकी मानसिक मजबूती होती है। उन्होंने कहा कि परिणाम की चिंता छोड़कर अपने खेल पर पूरा ध्यान देना चाहिए। यह बात सिंधु के मन में बैठ गई और उन्होंने उसी दिशा में खुद को तैयार करना शुरू किया। बदली सोच, बदल गए नतीजे सिंधु का कहना है कि पहले वह जीत-हार को लेकर जरूरत से ज्यादा सोचती थीं। लेकिन अब उन्होंने अपना पूरा फोकस सिर्फ बेहतर प्रदर्शन पर रखा। यही बदलाव उनके खेल में भी साफ दिखाई दिया। हालिया टूर्नामेंट में उन्होंने पूरे आत्मविश्वास के साथ मुकाबले खेले। कठिन परिस्थितियों में भी संयम बनाए रखा और निर्णायक मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन करते हुए करीब दो साल बाद इंटरनेशनल खिताब जीत लिया। दो साल बाद फिर बनीं चैंपियन यह खिताब सिंधु के लिए सिर्फ एक ट्रॉफी नहीं, बल्कि संघर्ष के बाद मिली बड़ी सफलता है। पिछले दो वर्षों में उन्होंने कई उतार-चढ़ाव देखे, लेकिन हार नहीं मानी। लगातार मेहनत, फिटनेस पर काम और मानसिक तैयारी ने उन्हें फिर से जीत की राह पर पहुंचा दिया। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि यह जीत आने वाले बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों से पहले भारतीय बैडमिंटन के लिए भी सकारात्मक संकेत है। सोशल मीडिया पर वायरल हुआ सिंधु का बयान खिताब जीतने के बाद जब सिंधु ने सार्वजनिक रूप से विराट कोहली का जिक्र किया, तो सोशल मीडिया पर उनकी बातें तेजी से वायरल हो गईं। फैंस ने विराट की सोच और सिंधु की ईमानदारी दोनों की जमकर तारीफ की। कई लोगों ने लिखा कि महान खिलाड़ी सिर्फ मैदान पर ही नहीं, बल्कि अपने अनुभव और शब्दों से भी दूसरों को आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। खिलाड़ियों के लिए बड़ा संदेश पीवी सिंधु की कहानी यह बताती है कि किसी भी खिलाड़ी की सफलता सिर्फ शारीरिक फिटनेस पर निर्भर नहीं होती। मानसिक मजबूती, सही मार्गदर्शन और खुद पर भरोसा भी उतना ही जरूरी होता है। कभी-कभी एक छोटी-सी सलाह पूरे करियर की दिशा बदल सकती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Sikkim

Sikkim Rain 10 लोगों की मौत के बाद तेज हुआ Rescue Operation, PM Modi ने CM Tamang से की बात

हिमालयी राज्य Sikkim एक बार फिर प्राकृतिक आपदा की चपेट में है। लगातार हो रही भारी बारिश ने कई इलाकों में हालात बेहद गंभीर बना दिए हैं। जगह-जगह हुए भूस्खलन (Landslide) और बारिश से जुड़ी घटनाओं में अब तक 10 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। कई लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं, जबकि सैकड़ों लोग प्रभावित हुए हैं। प्रशासन, सेना, एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमें लगातार राहत एवं बचाव अभियान में जुटी हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग से फोन पर बात कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली और केंद्र की ओर से हरसंभव मदद का भरोसा दिया। लगातार बारिश से बढ़ा संकट पिछले कुछ दिनों से Sikkim में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। पहाड़ी इलाकों में कई स्थानों पर बड़े पैमाने पर भूस्खलन हुआ, जिससे सड़कें ध्वस्त हो गईं और कई गांवों का संपर्क मुख्य मार्गों से टूट गया। बारिश के कारण कई राष्ट्रीय और राज्य राजमार्ग बंद हो गए हैं। कई स्थानों पर बिजली और संचार सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं, जिससे राहत कार्यों में अतिरिक्त चुनौतियां सामने आ रही हैं। 10 लोगों की मौत, कई अब भी लापता राज्य सरकार के अनुसार, राहत अभियान के दौरान अब तक 10 शव बरामद किए जा चुके हैं। कई लोग अब भी लापता हैं और उनके मलबे में फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। बचाव दल लगातार प्रभावित इलाकों में सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं। खराब मौसम और लगातार बारिश के बावजूद राहत कार्य बिना रुके जारी है। युद्धस्तर पर चल रहा रेस्क्यू ऑपरेशन प्रभावित क्षेत्रों में NDRF, SDRF, भारतीय सेना, आईटीबीपी और स्थानीय प्रशासन की संयुक्त टीमें राहत एवं बचाव अभियान चला रही हैं। भारी मशीनों और आधुनिक उपकरणों की मदद से मलबा हटाया जा रहा है। साथ ही फंसे हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि जब तक सभी लापता लोगों का पता नहीं चल जाता, तब तक रेस्क्यू ऑपरेशन जारी रहेगा। PM Modi ने CM Tamang से की बातचीत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग से फोन पर बात कर राज्य के हालात की जानकारी ली। उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और कहा कि केंद्र सरकार राहत, बचाव और पुनर्वास कार्यों में हरसंभव सहयोग करेगी। प्रधानमंत्री ने संबंधित एजेंसियों को राज्य सरकार के साथ लगातार समन्वय बनाए रखने के निर्देश भी दिए हैं। Amit Shah ने भी दिया हरसंभव सहायता का भरोसा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी मुख्यमंत्री तमांग से बातचीत कर राहत कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि गृह मंत्रालय स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त सहायता तुरंत उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने एनडीआरएफ और अन्य केंद्रीय एजेंसियों को राहत कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने की उच्चस्तरीय समीक्षा मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आपात बैठक कर प्रभावित जिलों की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राहत सामग्री, भोजन, दवाइयां और आवश्यक सुविधाएं बिना किसी देरी के प्रभावित लोगों तक पहुंचाई जाएं। राज्य सरकार ने विस्थापित परिवारों के लिए अस्थायी राहत शिविर भी तैयार किए हैं। मृतकों के परिजनों को मिलेगा मुआवजा राज्य सरकार ने आपदा में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। इसके साथ ही केंद्र सरकार ने भी राष्ट्रीय आपदा राहत मानकों के तहत हरसंभव वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिया है। IMD ने जारी किया Heavy Rain Alert भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने सिक्किम और आसपास के पहाड़ी इलाकों में अगले कुछ दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में न जाएं और केवल सरकारी सलाह का पालन करें। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Rahul Gandhi

Rahul Gandhi on Paper Leak: संसद में बहस की मांग तेज, Kharge ने कहा- सरकार चर्चा से बच रही है

देशभर में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों ने लाखों छात्रों की चिंता बढ़ा दी है। अब यह मुद्दा संसद तक पहुंच चुका है। विपक्ष का कहना है कि यह केवल परीक्षा प्रणाली की खामी नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य से जुड़ा गंभीर राष्ट्रीय सवाल है। इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने मंगलवार को लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात कर सदन में विस्तृत चर्चा कराने की मांग की। Rahul Gandhi ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले लाखों युवा वर्षों की मेहनत के बाद परीक्षा देते हैं, लेकिन पेपर लीक की घटनाएं उनके सपनों और भरोसे दोनों को नुकसान पहुंचा रही हैं। उनका मानना है कि संसद में इस विषय पर खुली चर्चा होनी चाहिए ताकि सरकार अपनी जिम्मेदारी और आगे की कार्ययोजना स्पष्ट कर सके। Speaker से मुलाकात, संसद में चर्चा की मांग लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात के दौरान राहुल गांधी ने विपक्ष की ओर से मांग रखी कि पेपर लीक जैसे संवेदनशील मुद्दे पर सदन में चर्चा के लिए समय निर्धारित किया जाए। उन्होंने कहा कि संसद देश की जनता की आवाज है और करोड़ों छात्रों की चिंता को गंभीरता से सुना जाना चाहिए। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि युवाओं के भविष्य से जुड़े इस मुद्दे पर राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर चर्चा होनी चाहिए, ताकि परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और भरोसेमंद बनाया जा सके। Kharge का आरोप- विपक्ष को बोलने का मौका नहीं कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष को सदन में अपनी बात रखने का पूरा अवसर नहीं दिया जा रहा है। खड़गे ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में सभापति को पत्र लिखकर विपक्ष को पेपर लीक समेत अन्य जनहित के मुद्दों पर बोलने का समय देने की मांग की है। उनका कहना है कि विपक्ष लगातार युवाओं, बेरोजगारी और परीक्षा प्रणाली से जुड़े सवाल उठाना चाहता है, लेकिन इन विषयों पर चर्चा से बचने की कोशिश की जा रही है। क्यों बढ़ रही है पेपर लीक पर चिंता? बीते कुछ वर्षों में विभिन्न राज्यों और राष्ट्रीय स्तर की कई भर्ती व प्रवेश परीक्षाओं में पेपर लीक के मामले सामने आए हैं। कई परीक्षाएं रद्द करनी पड़ीं, जबकि लाखों उम्मीदवारों को दोबारा परीक्षा देने के लिए मजबूर होना पड़ा। इससे छात्रों का समय, आर्थिक संसाधन और मानसिक संतुलन तीनों प्रभावित हुए हैं। इसी वजह से विपक्ष इस मुद्दे को संसद में प्रमुखता से उठा रहा है। दूसरी ओर सरकार का कहना है कि पेपर लीक रोकने के लिए सख्त कानून बनाए गए हैं और दोषियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। संसद में बढ़ सकता है राजनीतिक टकराव पेपर लीक को लेकर सरकार और विपक्ष आमने-सामने दिखाई दे रहे हैं। विपक्ष का कहना है कि जब तक इस विषय पर सदन में चर्चा नहीं होगी और सरकार स्पष्ट जवाब नहीं देगी, तब तक वह इस मुद्दे को लगातार उठाता रहेगा। ऐसे में आने वाले दिनों में संसद के दोनों सदनों में इस मुद्दे पर तीखी बहस देखने को मिल सकती है। छात्रों की निगाहें संसद पर देशभर के लाखों अभ्यर्थी अब संसद की कार्यवाही पर नजर बनाए हुए हैं। उनकी उम्मीद है कि राजनीतिक बहस से आगे बढ़कर परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए ठोस फैसले लिए जाएंगे। छात्रों का मानना है कि बार-बार होने वाले पेपर लीक पर स्थायी समाधान समय की सबसे बड़ी जरूरत है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Pentagon

America vs Iran: Pentagon ने पहली बार मानी 100 सैनिकों के घायल होने की बात

America-Iran War लगातार गंभीर होता जा रहा है। अब अमेरिका ने पहली बार आधिकारिक तौर पर स्वीकार किया है कि हाल के ईरानी हमलों में उसके 100 अमेरिकी सैनिक घायल हुए हैं। अमेरिकी रक्षा विभाग Pentagon ने कहा कि सुरक्षा कारणों और सैन्य अभियानों की संवेदनशीलता को देखते हुए इस जानकारी को तुरंत सार्वजनिक नहीं किया गया था। वहीं, इस खुलासे के बाद अमेरिका ने जवाबी कार्रवाई तेज करते हुए ईरान के 9 शहरों में एयरस्ट्राइक की है। इन घटनाओं ने पूरे मध्य पूर्व में तनाव को नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है। Pentagon ने देर से क्यों दी जानकारी? पेंटागन के मुताबिक, घायल सैनिकों की संख्या पहले इसलिए साझा नहीं की गई क्योंकि इससे चल रहे सैन्य अभियानों और क्षेत्र में तैनात जवानों की सुरक्षा पर असर पड़ सकता था। अधिकारियों का कहना है कि अधिकतर सैनिकों को विस्फोटों के कारण सिर और शरीर पर हल्की चोटें आई थीं। कई जवान इलाज के बाद दोबारा अपनी ड्यूटी पर लौट चुके हैं, जबकि कुछ अभी भी मेडिकल निगरानी में हैं। अमेरिकी अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि जानकारी छिपाने का उद्देश्य नहीं था, बल्कि सैन्य सुरक्षा को प्राथमिकता देना जरूरी था। America ने Iran के 9 शहरों पर किया बड़ा हमला घायल सैनिकों की पुष्टि के बाद अमेरिका ने ईरान के खिलाफ जवाबी कार्रवाई को और तेज कर दिया। अमेरिकी सेना ने ईरान के 9 शहरों में मौजूद कई अहम सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। इन हमलों में मिसाइल लॉन्च साइट्स, ड्रोन बेस, हथियार भंडार, कमांड सेंटर और एयर डिफेंस सिस्टम को लक्ष्य बनाया गया। अमेरिकी रक्षा अधिकारियों का दावा है कि इन एयरस्ट्राइक का मकसद भविष्य में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर होने वाले हमलों को रोकना और ईरान की सैन्य क्षमता को कमजोर करना है। लगातार बढ़ रहा है Middle East का तनाव पिछले कुछ दिनों से अमेरिका और ईरान के बीच लगातार जवाबी हमले हो रहे हैं। ईरान समर्थित समूहों द्वारा अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाए जाने के बाद अमेरिका ने कई चरणों में हवाई कार्रवाई की है। ताजा एयरस्ट्राइक को इसी अभियान का हिस्सा माना जा रहा है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दोनों देशों के बीच सैन्य टकराव इसी तरह जारी रहा तो इसका असर पूरे Middle East की सुरक्षा व्यवस्था पर पड़ सकता है। दुनिया की नजर America-Iran Conflict पर अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष को लेकर दुनिया भर के देशों की चिंता भी बढ़ गई है। कई देशों ने दोनों पक्षों से संयम बरतने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यह संघर्ष लंबा खिंचता है तो इसका असर केवल मध्य पूर्व तक सीमित नहीं रहेगा। वैश्विक तेल बाजार, समुद्री व्यापार और अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था भी इससे प्रभावित हो सकती है। खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ता तनाव ऊर्जा आपूर्ति के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है। आगे क्या हो सकता है? फिलहाल अमेरिका ने साफ संकेत दिए हैं कि यदि उसके सैनिकों या सैन्य ठिकानों पर दोबारा हमला होता है तो जवाब पहले से अधिक सख्त होगा। वहीं, ईरान ने भी अमेरिकी एयरस्ट्राइक की आलोचना करते हुए उचित जवाब देने की चेतावनी दी है। ऐसे में पूरी दुनिया की नजर अब इस बात पर है कि आने वाले दिनों में यह टकराव और बढ़ता है या फिर कूटनीतिक प्रयास दोनों देशों के बीच तनाव कम करने में सफल होते हैं। फिलहाल Middle East में हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं और हर नई सैन्य कार्रवाई वैश्विक राजनीति के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर भी असर डाल सकती है. हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Sonam Wangchuk

Delhi High Court on Sonam Wangchuk: Medanta Shift का आदेश, Health को लेकर बढ़ी चिंता

लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता और पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) की सेहत को लेकर चल रही चिंताओं के बीच सोमवार को दिल्ली हाईकोर्ट ने अहम फैसला सुनाया। अदालत ने निर्देश दिया कि उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधाओं के लिए सफदरजंग अस्पताल से मेदांता अस्पताल स्थानांतरित किया जाए। पिछले चार दिनों से वांगचुक सफदरजंग अस्पताल में भर्ती हैं और डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है। दूसरी ओर, जंतर-मंतर पर उनके समर्थन में प्रदर्शन लगातार जारी है। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए नारेबाजी की और आंदोलन को शांतिपूर्ण तरीके से जारी रखने की बात कही। हाईकोर्ट ने क्यों दिया Medanta शिफ्ट करने का आदेश? Sonam Wangchuk की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। सुनवाई के दौरान अदालत के सामने मेडिकल रिपोर्ट और डॉक्टरों की राय रखी गई। इसके बाद कोर्ट ने माना कि बेहतर इलाज और विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए उन्हें मेदांता अस्पताल भेजा जाना उचित होगा। अदालत ने संबंधित अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि इलाज की प्रक्रिया में किसी प्रकार की देरी या बाधा न आए। चार दिन से Safdarjung Hospital में भर्ती सोनम वांगचुक पिछले चार दिनों से दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती हैं। डॉक्टर लगातार उनकी सेहत पर नजर बनाए हुए हैं। अस्पताल सूत्रों के अनुसार, उनकी स्थिति स्थिर है, लेकिन विशेषज्ञों की सलाह को देखते हुए उन्हें अधिक उन्नत चिकित्सा सुविधा वाले अस्पताल में शिफ्ट करने का निर्णय लिया गया। Jantar Mantar पर समर्थकों का प्रदर्शन जारी वांगचुक के समर्थन में जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में लोग जुटे हैं। प्रदर्शन में छात्रों, सामाजिक संगठनों और विभिन्न समूहों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस कार्रवाई का विरोध करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखना हर नागरिक का अधिकार है। प्रदर्शन स्थल पर कई बार पुलिस के खिलाफ नारे भी लगाए गए। हालांकि सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात रहे और पूरे इलाके पर नजर रखी गई। आखिर क्यों चर्चा में हैं Sonam Wangchuk? सोनम वांगचुक लंबे समय से लद्दाख के संवैधानिक अधिकारों, पर्यावरण संरक्षण और हिमालयी पारिस्थितिकी से जुड़े मुद्दों को उठाते रहे हैं। हाल के दिनों में उनका आंदोलन और स्वास्थ्य, दोनों ही राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बने हुए हैं। उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद कई सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों ने बेहतर इलाज की मांग की थी। हाईकोर्ट के ताजा आदेश को इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आगे क्या होगा? हाईकोर्ट के आदेश के बाद अब सोनम वांगचुक को मेदांता अस्पताल में स्थानांतरित किया जाएगा, जहां विशेषज्ञ डॉक्टर उनकी विस्तृत जांच और आगे का इलाज करेंगे। वहीं, जंतर-मंतर पर जारी प्रदर्शन को लेकर प्रशासन भी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। आने वाले दिनों में उनकी स्वास्थ्य रिपोर्ट और आंदोलन से जुड़े घटनाक्रम पर सभी की नजर रहेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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