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SIR Controversy: Rahul Gandhi नहीं झुकेंगे, FIR के बाद बोले- अब Jantar Mantar पर करेंगे Protest

चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को लेकर कांग्रेस और विपक्षी दलों का विरोध प्रदर्शन थमने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार को संसद से चुनाव आयोग की ओर निकला विपक्षी सांसदों का मार्च पुलिस की बैरिकेडिंग के बाद रुक गया। इसके बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई विपक्षी नेता आकाशवाणी भवन परिसर में धरने पर बैठ गए। कई घंटे चले इस विरोध प्रदर्शन के बाद पुलिस ने राहुल गांधी (Rahul Gandhi) और कुछ अन्य नेताओं को हिरासत में लिया। इस पूरे घटनाक्रम के बाद दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य नेताओं के खिलाफ FIR भी दर्ज की है। राहुल गांधी ने किया अगले Protest का ऐलान आकाशवाणी भवन में हुए प्रदर्शन के बाद राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने साफ कर दिया है कि विपक्ष पीछे हटने वाला नहीं है। उन्होंने बताया कि अब जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया जाएगा। विपक्ष की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की जा रही है। Rahul Gandhi ने कहा कि अगर पुलिस को किसी जगह पर प्रदर्शन को लेकर आपत्ति है, तो उन्हें दूसरी जगह दे दी जाए। उनका कहना है कि विपक्ष अपनी बात रखने और विरोध दर्ज कराने से पीछे नहीं हटेगा। ‘मेरे लिए हर FIR एक मेडल है’ FIR दर्ज होने के सवाल पर राहुल गांधी ने सरकार और पुलिस कार्रवाई पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि ‘मेरे लिए हर FIR एक मेडल है।’ राहुल गांधी का यह बयान ऐसे समय आया है, जब आकाशवाणी भवन में प्रदर्शन को लेकर कांग्रेस और दिल्ली पुलिस के बीच विवाद बढ़ गया है। कांग्रेस का कहना है कि विपक्ष चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवाल उठा रहा है और अपनी बात लोकतांत्रिक तरीके से रखना चाहता है। आकाशवाणी भवन में क्यों बैठा था विपक्ष? विपक्षी सांसदों और नेताओं ने संसद से चुनाव आयोग के कार्यालय तक मार्च निकालने की कोशिश की थी। पुलिस ने रास्ते में बैरिकेड लगाकर मार्च को रोक दिया। इसके बाद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कई नेता आकाशवाणी भवन परिसर में पहुंच गए और वहीं धरने पर बैठ गए। प्रदर्शन के दौरान विपक्षी नेताओं ने SIR यानी Special Intensive Revision और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को उठाया। विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची में गड़बड़ियों को लेकर उसकी चिंताओं का समाधान नहीं किया गया है। Rahul Gandhi समेत कई नेताओं पर FIR आकाशवाणी भवन परिसर में प्रवेश और प्रदर्शन को लेकर दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य नेताओं के खिलाफ FIR दर्ज की है। पुलिस की कार्रवाई के बाद कांग्रेस ने इसे लेकर सरकार पर निशाना साधा। वहीं, पुलिस का कहना है कि बिना अनुमति परिसर में प्रवेश और प्रदर्शन से जुड़े नियमों के आधार पर कार्रवाई की गई है। मामले में आगे की जांच जारी है। अब Jantar Mantar पर नजर अब विपक्ष के अगले प्रदर्शन का केंद्र जंतर-मंतर रहने वाला है। राहुल गांधी के ऐलान के बाद इस प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक हलचल बढ़ गई है। विपक्ष जहां CEC के इस्तीफे और SIR को लेकर अपनी मांगों पर कायम है, वहीं सरकार और बीजेपी विपक्ष के आरोपों को खारिज करती रही है। आकाशवाणी भवन के बाद अब जंतर-मंतर पर होने वाला प्रदर्शन इस राजनीतिक विवाद का अगला बड़ा पड़ाव माना जा रहा है। यहां विपक्ष अपनी मांगों को किस तरह उठाता है और सरकार की ओर से क्या प्रतिक्रिया आती है, इस पर सभी की नजर रहेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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SIR

SIR Protest: राहुल-प्रियंका पर FIR, आकाशवाणी भवन में 8 घंटे धरना; खड़गे ने विपक्षी सांसदों को बुलाया

चुनाव आयोग और Special Intensive Revision (SIR) के मुद्दे पर विपक्ष का विरोध प्रदर्शन अब कानूनी कार्रवाई तक पहुंच गया है। दिल्ली के आकाशवाणी भवन परिसर में प्रवेश करने और वहां धरना देने के मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने बिना अनुमति परिसर में प्रवेश किया था। मामला उस समय बढ़ा जब INDIA Bloc के सांसद चुनाव आयोग की ओर मार्च कर रहे थे। विपक्षी नेता SIR को लेकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराने और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार से मुलाकात की मांग कर रहे थे। आकाशवाणी भवन में 8 घंटे तक चला धरना मार्च को पुलिस ने बैरिकेड लगाकर रोक दिया। इसके बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कुछ अन्य विपक्षी नेता आकाशवाणी भवन परिसर में पहुंच गए। यहां नेताओं ने धरना शुरू कर दिया। रिपोर्टों के मुताबिक, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत विपक्षी नेताओं ने करीब 8 घंटे तक परिसर में धरना दिया। इस दौरान उनकी ओर से चुनाव आयोग से मुलाकात और SIR से जुड़े मुद्दों पर बातचीत की मांग की जाती रही। पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारियों से परिसर खाली करने को कहा गया था। इसके बाद पुलिस ने कुछ नेताओं को हिरासत में लिया। बाद में उन्हें छोड़ दिया गया। राहुल-प्रियंका समेत कई लोगों पर FIR आकाशवाणी भवन में प्रवेश को लेकर मिली शिकायत के आधार पर दिल्ली पुलिस ने मामला दर्ज किया है। FIR में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा समेत अन्य नेताओं के नाम शामिल बताए गए हैं। पुलिस के अनुसार, शिकायत में बिना अनुमति परिसर में प्रवेश और प्रदर्शन से जुड़े आरोप लगाए गए हैं। मामले की जांच अब आगे बढ़ाई जा रही है। हालांकि, विपक्ष की ओर से इस कार्रवाई को लेकर अलग रुख सामने आया है और नेताओं ने अपने प्रदर्शन को लोकतांत्रिक विरोध बताया है। SIR को लेकर विपक्ष लगातार उठा रहा सवाल विपक्षी दलों का विरोध Special Intensive Revision यानी SIR को लेकर है। विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया में लोगों के नाम प्रभावित हो सकते हैं और इसको लेकर पर्याप्त स्पष्टता जरूरी है। वहीं, चुनाव आयोग लगातार यह कहता रहा है कि मतदाता सूची को अपडेट करना और पात्र मतदाताओं के नाम सुनिश्चित करना चुनावी प्रक्रिया का हिस्सा है। SIR को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक बहस भी तेज है। खड़गे ने विपक्षी सांसदों को Lunch पर बुलाया इस घटनाक्रम के बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने विपक्षी सांसदों को Lunch पर बुलाया है। बैठक में आकाशवाणी भवन में हुए प्रदर्शन, FIR और SIR के मुद्दे पर आगे की रणनीति पर चर्चा होने की संभावना है। विपक्षी दल आगे भी चुनाव आयोग के सामने अपनी मांगें रखने की तैयारी में हैं। ऐसे में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के खिलाफ FIR ने इस पूरे विवाद को एक नया कानूनी और राजनीतिक मोड़ दे दिया है। फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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SIR

SIR पर Opposition का बड़ा Protest: Save Democracy March रोका गया, जमीन पर बैठे सांसद

Special Intensive Revision यानी SIR को लेकर चुनाव आयोग और विपक्ष के बीच चल रहा विवाद अब सड़क तक पहुंच गया है। मंगलवार को INDIA ब्लॉक के कई विपक्षी सांसदों ने ‘Save Democracy March’ निकाला। सांसद संसद से चुनाव आयोग के कार्यालय की ओर बढ़ रहे थे, लेकिन रास्ते में पुलिस ने बैरिकेडिंग कर मार्च को रोक दिया। इसके बाद कई सांसद सड़क पर ही बैठ गए और विरोध जताने लगे। विपक्षी सांसदों का कहना है कि वे चुनाव आयोग तक जाकर मतदाता सूची में बदलाव और SIR प्रक्रिया को लेकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराना चाहते हैं। मार्च के मद्देनजर संसद से लेकर चुनाव आयोग कार्यालय तक सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई। जमीन पर बैठे विपक्षी सांसद मार्च के दौरान जैसे ही सांसद आगे बढ़े, सुरक्षा बलों ने उन्हें रोक दिया। रास्ता बंद किए जाने के बाद विपक्षी नेता और सांसद वहीं सड़क पर बैठ गए। इस दौरान SIR के खिलाफ नारेबाजी भी हुई। विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची के Special Intensive Revision में बड़ी संख्या में लोगों के नाम प्रभावित हुए हैं। विपक्षी दल इस पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं। SIR में 13 करोड़ नाम हटने का दावा इस पूरे विवाद का सबसे बड़ा मुद्दा मतदाता सूची से जुड़े करीब 13 करोड़ नामों का है। विपक्ष इस आंकड़े को लेकर चुनाव आयोग से सवाल पूछ रहा है और जानना चाहता है कि इतनी बड़ी संख्या में मतदाताओं को सूची से बाहर करने का आधार क्या रहा। हालांकि, Election Commission ने 13 करोड़ मतदाताओं के नाम सीधे तौर पर डिलीट किए जाने के दावे को भ्रामक बताया है। आयोग के अनुसार, यह आंकड़ा ऐसे मतदाताओं से जुड़ा है जिन्हें मृत, स्थानांतरित, अनुपस्थित या डुप्लीकेट जैसी श्रेणियों में रखा गया है। आयोग ने यह भी कहा है कि पात्र मतदाताओं को दावे और आपत्तियां दर्ज कराने का अवसर दिया गया है। CEC के इस्तीफे की भी मांग SIR को लेकर विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। विपक्षी नेताओं का कहना है कि चुनाव आयोग को इस प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों का स्पष्ट जवाब देना चाहिए। कुछ विपक्षी दल CEC के इस्तीफे की मांग भी कर रहे हैं। दूसरी ओर, चुनाव आयोग लगातार SIR प्रक्रिया का बचाव कर रहा है और उसका कहना है कि मतदाता सूची को अपडेट करना और अपात्र प्रविष्टियों को हटाना चुनावी प्रक्रिया का हिस्सा है। Form 6 को लेकर भी विवाद SIR विवाद के बीच Form 6 में कथित बदलाव का मुद्दा भी सामने आया है। विपक्ष की ओर से इस पर सवाल उठाए गए हैं। मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है और कोर्ट ने Form 6 से जुड़े रिकॉर्ड को देखने की बात कही है। इस मुद्दे ने विपक्ष और चुनाव आयोग के बीच पहले से चल रही तनातनी को और बढ़ा दिया है। आगे भी जारी रह सकता है विरोध ‘Save Democracy March’ को विपक्ष के SIR विरोधी अभियान की कड़ी के तौर पर देखा जा रहा है। विपक्षी दलों ने आने वाले दिनों में अलग-अलग राज्यों और जिलों में भी पदयात्रा, बैठक और प्रदर्शन करने की बात कही है। फिलहाल SIR को लेकर राजनीतिक बहस तेज है। एक तरफ विपक्ष मतदाता सूची में बदलाव को लेकर सवाल उठा रहा है, वहीं चुनाव आयोग प्रक्रिया को नियमों के तहत होने वाला revision बता रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में SIR और voter list का मुद्दा राजनीति के साथ-साथ चुनावी प्रक्रिया को लेकर भी चर्चा के केंद्र में बना रह सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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ज्ञानेश कुमार

Supreme Court on CEC: ज्ञानेश कुमार को Suspend करने से इनकार, SIR के 14 फैसलों पर EC को Notice

चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जुड़े मामले में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई हुई। कोर्ट ने फिलहाल CEC को पद से हटाने या सस्पेंड करने का अंतरिम आदेश देने से इनकार कर दिया। हालांकि, Special Intensive Revision (SIR) से जुड़े विवादित फैसलों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। मामले की सुनवाई CJI सूर्यकांत की अगुवाई वाली तीन सदस्यीय बेंच ने की। याचिकाकर्ताओं की ओर से CEC के खिलाफ कई गंभीर सवाल उठाए गए हैं। इनमें सबसे प्रमुख मुद्दा यह है कि क्या चुनाव आयोग के कुछ फैसले तय संवैधानिक प्रक्रिया के तहत सामूहिक रूप से लिए गए थे या नहीं। SIR के 14 फैसलों पर क्यों उठे सवाल? याचिकाओं में दावा किया गया है कि अक्टूबर 2025 से अगस्त 2026 के बीच SIR से जुड़े कम से कम 14 मामलों में चुनाव आयुक्तों के बीच मतभेद सामने आए। याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि कुछ मामलों में अन्य चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों के बावजूद फैसले आगे बढ़ाए गए। वहीं, चुनाव आयोग की ओर से इन दावों पर अलग पक्ष रखा गया है। आयोग का कहना है कि जिन पत्रों और आपत्तियों का हवाला दिया जा रहा है, उनका संदर्भ अलग प्रशासनिक मामलों से था और उन्हें SIR की नीति या IT से जुड़े फैसलों से जोड़ना सही नहीं है। Supreme Court ने CEC को Suspend क्यों नहीं किया? सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल CEC ज्ञानेश कुमार को सस्पेंड करने का आदेश नहीं दिया। कोर्ट ने पहले चुनाव आयोग का जवाब और संबंधित दस्तावेज देखने की जरूरत बताई। अदालत यह भी जानना चाहती है कि जिन फैसलों पर सवाल उठाए गए हैं, वे unanimity यानी सर्वसम्मति से, majority यानी बहुमत से या केवल CEC के स्तर पर लिए गए थे। कोर्ट ने यह भी संकेत दिया कि अगर रिकॉर्ड की जांच में यह सामने आता है कि किसी फैसले में निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं हुआ, तो उस फैसले को वापस लेने पर विचार किया जा सकता है। Form-6 और Election Software का मुद्दा भी उठा इस मामले में सिर्फ SIR ही नहीं, बल्कि चुनावी डेटा और सिस्टम से जुड़े मुद्दे भी उठाए गए हैं। याचिकाओं में Form-6, ECINet और ERONet जैसे चुनावी सिस्टम से जुड़े कथित बदलावों और फैसलों पर भी सवाल किए गए हैं। याचिकाकर्ताओं की मांग है कि इन मामलों से जुड़े रिकॉर्ड, फाइल नोटिंग और तकनीकी जानकारी की जांच की जाए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि फैसले निर्धारित नियमों के मुताबिक लिए गए थे या नहीं। CEC के खिलाफ क्या मांग की गई? याचिकाकर्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट से CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। इसके अलावा SIR से जुड़े विवादित फैसलों की वैधता की जांच और कथित तौर पर एकतरफा लिए गए निर्णयों पर भी सवाल उठाए गए हैं। कुछ याचिकाओं में पूरे मामले की स्वतंत्र जांच की मांग भी की गई है। हालांकि, इन सभी आरोपों और मांगों पर अंतिम फैसला अभी नहीं हुआ है। अब Election Commission को देना होगा जवाब सुप्रीम कोर्ट के नोटिस के बाद अब चुनाव आयोग को अपना पक्ष और संबंधित रिकॉर्ड अदालत के सामने रखना होगा। इसके बाद कोर्ट यह देखेगा कि विवादित फैसलों को लेने में संवैधानिक और कानूनी प्रक्रिया का पालन हुआ था या नहीं। फिलहाल CEC ज्ञानेश कुमार को सस्पेंड करने का कोई आदेश नहीं दिया गया है। इसलिए इस मामले में अगली सुनवाई और चुनाव आयोग का जवाब काफी महत्वपूर्ण होगा। SIR से जुड़ा यह विवाद इसलिए भी अहम है क्योंकि इसका सीधा संबंध मतदाता सूची, चुनावी प्रक्रिया और Election Commission की decision-making process से है। आने वाले दिनों में सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई से यह साफ हो सकता है कि जिन फैसलों पर सवाल उठाए गए हैं, उनमें नियमों का पालन हुआ था या नहीं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Abhijeet Dipke का Delhi Police पर हमला, 10 अक्टूबर को ‘Jantar Mantar 2.0’ का ऐलान

Abhijeet Dipke का Delhi Police पर हमला, 10 अक्टूबर को ‘Jantar Mantar 2.0’ का ऐलान

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने 10 अक्टूबर को दिल्ली में ‘Jantar Mantar 2.0’ प्रदर्शन का ऐलान किया है। उन्होंने कहा है कि अगर 10 अक्टूबर तक ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते हैं, तो CJP समर्थक दिल्ली पहुंचकर प्रदर्शन करेंगे। Mumbai Protest के बाद Delhi का ऐलान यह घोषणा मुंबई के शिवाजी पार्क में हुए CJP के प्रदर्शन के बाद की गई। वहां दीपके ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई थी। इसके बाद उन्होंने 10 अक्टूबर को दिल्ली में दोबारा बड़े प्रदर्शन की बात कही। दीपके ने सोशल मीडिया पोस्ट में प्रदर्शन को शांतिपूर्ण रखने की बात कही है। उन्होंने दिल्ली पुलिस से भी प्रदर्शन के दौरान शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार का सम्मान करने की अपील की। Delhi Police को लेकर क्या बोले दीपके? दीपके ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि अगर पुलिस प्रदर्शनकारियों को रोकती है, तो जिस जगह उन्हें रोका जाएगा, वहीं विरोध जारी रखने की बात कही गई है। यह उनका दावा और राजनीतिक बयान है; प्रदर्शन की अनुमति और पुलिस की व्यवस्था अलग प्रशासनिक प्रक्रिया का विषय है। क्यों हो रहा है प्रदर्शन? प्रदर्शन के केंद्र में Special Intensive Revision (SIR) और चुनावी प्रक्रिया को लेकर CJP की आपत्तियां हैं। संगठन ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहा है। इन आरोपों और मांगों पर संबंधित संस्थाओं का आधिकारिक पक्ष भी महत्वपूर्ण रहेगा।
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Gyanesh Kumar के खिलाफ Uddhav-Raj Thackeray का Protest, Mumbai में जुटी हजारों की भीड़

Gyanesh Kumar के खिलाफ Uddhav-Raj Thackeray का Protest, Mumbai में जुटी हजारों की भीड़

Mumbai में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के नेतृत्व में बड़ा प्रदर्शन हुआ। दोनों नेताओं के समर्थक बड़ी संख्या में सड़क पर उतरे और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर विरोध जताया। मुंबई में हुए इस प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों ने चुनाव व्यवस्था और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर की। Uddhav और Raj Thackeray पहली बार साथ नजर आए इस प्रदर्शन की सबसे खास बात यह रही कि उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे लंबे समय बाद एक ही मंच पर साथ दिखाई दिए। दोनों नेताओं ने चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखी। प्रदर्शन में दोनों पार्टियों के कार्यकर्ताओं के साथ बड़ी संख्या में समर्थक भी शामिल हुए। मुंबई की सड़कों पर भीड़ के कारण सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था के लिए पुलिस को भी अतिरिक्त इंतजाम करने पड़े। तीन दिन में CEC के खिलाफ तीन बड़े प्रदर्शन ज्ञानेश कुमार के खिलाफ पिछले तीन दिनों में तीन बड़े प्रदर्शन होने की बात सामने आई है। अलग-अलग जगहों पर प्रदर्शनकारियों ने चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दे उठाए हैं। मुंबई में हुआ यह प्रदर्शन इसी कड़ी का हिस्सा रहा। प्रदर्शनकारियों की ओर से चुनाव व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग की गई। चुनाव प्रक्रिया को लेकर उठाए सवाल प्रदर्शन के दौरान नेताओं और कार्यकर्ताओं ने चुनाव प्रक्रिया से जुड़े कई सवाल उठाए। उनका कहना है कि मतदाता सूची और चुनाव से जुड़े मामलों में पारदर्शिता जरूरी है। वहीं, इन आरोपों और दावों पर चुनाव आयोग का पक्ष भी महत्वपूर्ण है। किसी भी विवाद में अंतिम स्थिति संबंधित आधिकारिक जांच और तथ्यों के आधार पर ही स्पष्ट होगी।
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Asian Games 2026 Pakistan को हराकर India बना Champion, Cricket में Gold Medal अपने नाम

India vs Pakistan Gold Medal Match एशियन गेम्स 2026 के क्रिकेट फाइनल में भारत और पाकिस्तान के बीच मुकाबला रोमांचक दौर में पहुंच गया है। Gold Medal के लिए खेले जा रहे इस मुकाबले में भारतीय बल्लेबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पाकिस्तान के सामने 212 रन का लक्ष्य रखा है। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 6 विकेट खोकर 211 रन बनाए। अब पाकिस्तान की टीम लक्ष्य का पीछा कर रही है। मुकाबले में हर गेंद के साथ रोमांच बढ़ता जा रहा है। Abhishek Sharma ने संभाला मोर्चा भारत की पारी में Abhishek Sharma ने सबसे ज्यादा प्रभावित किया। उन्होंने शुरुआत से ही पाकिस्तान के गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा और सिर्फ 28 गेंदों में 61 रन की तेज पारी खेली। अभिषेक ने अपनी पारी में 7 छक्के और 3 चौके लगाए। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी ने भारत को शुरुआत में ही अच्छी रफ्तार दे दी। हालांकि बीच के ओवरों में पाकिस्तान ने कुछ विकेट लेकर वापसी करने की कोशिश की। Tilak Varma की शानदार पारी ने बढ़ाया स्कोर भारत के लिए पारी के आखिरी ओवरों में Tilak Varma ने कमाल की बल्लेबाजी की। तिलक ने केवल 22 गेंदों में नाबाद 51 रन बनाए। उनकी पारी में 3 चौके और 4 छक्के शामिल रहे। दूसरी तरफ Shivam Dube ने भी तेजी से रन बनाए और 15 गेंदों पर 27 रन की पारी खेली। दोनों बल्लेबाजों की साझेदारी की बदौलत भारत ने अंतिम ओवरों में तेजी से रन बटोरे और स्कोर 200 के पार पहुंचा दिया। Pakistan के सामने 212 रन का मुश्किल Target 211 रन बनाने के बाद भारत ने पाकिस्तान के सामने 212 रन का लक्ष्य रखा। लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तानी टीम को शुरुआत में ही कुछ झटके लगे। इसके बाद Hasan Nawaz और Saim Ayub ने पारी को संभालने की कोशिश की। पाकिस्तान की टीम तेजी से रन बनाने की कोशिश कर रही है, लेकिन भारत के गेंदबाज लगातार दबाव बनाए हुए हैं। अब मुकाबले का नतीजा इस बात पर निर्भर करेगा कि पाकिस्तान के बल्लेबाज भारतीय गेंदबाजों के खिलाफ कितनी तेजी से रन बना पाते हैं। भारत की नजर Gold Medal पर भारत के लिए यह मुकाबला खास है। टीम ने 2023 के हांगझोउ एशियन गेम्स में पुरुष क्रिकेट का Gold Medal जीता था। ऐसे में भारतीय टीम लगातार दूसरी बार स्वर्ण पदक हासिल करने की कोशिश में है। दूसरी ओर पाकिस्तान की टीम भी फाइनल जीतकर Gold Medal अपने नाम करना चाहेगी। दोनों पड़ोसी देशों के बीच मुकाबला होने के कारण मैदान पर रोमांच के साथ-साथ दर्शकों की नजरें भी पूरी तरह इस मैच पर टिकी हैं। India vs Pakistan Final में बढ़ा रोमांच भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 211/6 का स्कोर बनाया है और पाकिस्तान के सामने 212 रन का Target रखा है। Abhishek Sharma की तेज पारी और Tilak Varma की नाबाद फिफ्टी ने भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। फिलहाल पाकिस्तान लक्ष्य का पीछा कर रहा है और Gold Medal का फैसला मैच खत्म होने के बाद ही होगा। क्रिकेट फैंस की नजरें अब आखिरी ओवरों पर टिकी हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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India vs Pakistan

India vs Pakistan Gold Medal Match: Abhishek-Tilak की Fifty, भारत ने Pakistan को दिया 212 रन का लक्ष्य

India vs Pakistan Gold Medal Match एशियन गेम्स 2026 के Gold Medal Match में भारत ने पाकिस्तान के सामने 212 रन का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा है। पहले बल्लेबाजी करते हुए भारतीय टीम ने शुरुआत में कुछ विकेट गंवाए, लेकिन Abhishek Sharma और Tilak Varma की शानदार Fifty ने पारी को संभाल लिया। इसके बाद आखिरी 5 ओवर में भारतीय बल्लेबाजों ने 75 रन की तूफानी पारी खेलकर स्कोर को 200 के पार पहुंचा दिया। अब पाकिस्तान के सामने Gold Medal जीतने के लिए 212 रन का लक्ष्य है। भारत ने 18.5 ओवर में 193 रन बना लिए थे। अब पारी का सिर्फ एक ओवर बाकी था और टीम की नजर 200 रन के आंकड़े पर थी। आखिरी कुछ गेंदों में भारतीय बल्लेबाजों ने जिस अंदाज में रन बनाए, उससे मुकाबले का रोमांच और बढ़ गया। Abhishek Sharma ने रखी मजबूत नींव भारत की पारी में Abhishek Sharma ने आक्रामक शुरुआत की। उन्होंने पावरप्ले के दौरान पाकिस्तान के गेंदबाजों पर लगातार प्रहार किए और भारतीय स्कोर को तेजी से आगे बढ़ाया। अभिषेक की बल्लेबाजी ने शुरुआत में ही पाकिस्तान पर दबाव बना दिया। उनके आउट होने के बाद भारत को कुछ समय के लिए झटका जरूर लगा, लेकिन मध्यक्रम ने पारी को संभाल लिया। Tilak Varma और Shivam Dube की आंधी पारी के आखिरी हिस्से में तिलक वर्मा और शिवम दुबे ने मैच का रुख एक बार फिर भारत की ओर मोड़ दिया। दोनों बल्लेबाजों ने तेजी से रन बटोरते हुए बड़े शॉट लगाए। तिलक ने मुश्किल समय में पारी को संभालने के साथ रन गति भी बनाए रखी। वहीं शिवम दुबे ने आते ही आक्रामक अंदाज अपनाया। दोनों की तेज बल्लेबाजी से भारत 200 रन के करीब पहुंच गया। आखिरी ओवर में भारत की नजर 200+ पर 18.5 ओवर के बाद भारत का स्कोर 193/5 था। ऐसे में आखिरी ओवर में टीम के पास 200 रन का आंकड़ा पार करने का मौका था। गोल्ड मेडल मुकाबले में बड़ा स्कोर बनाना भारत के लिए बेहद अहम है, क्योंकि इसके बाद पाकिस्तान के बल्लेबाजों के सामने चुनौतीपूर्ण लक्ष्य होगा। अब सभी की नजरें आखिरी ओवर और भारत के final score पर टिकी थीं। Gold Medal के लिए भारत-पाकिस्तान में कांटे की टक्कर एशियन गेम्स के इस फाइनल मुकाबले में दोनों टीमें Gold Medal के लिए मैदान में हैं। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए तेज शुरुआत के बाद आखिरी ओवरों में भी रन बनाने की रफ्तार बनाए रखी। Abhishek Sharma की तेज शुरुआत के बाद Tilak Varma और Shivam Dube की आक्रामक बल्लेबाजी ने भारतीय पारी को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। अब मुकाबले का अगला बड़ा सवाल यही था कि भारत कितने रन का लक्ष्य पाकिस्तान के सामने रखता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Asian Games 2026

Asian Games 2026: भारत को 18वां Gold, Kumkum Mohod और Pranavi Urs ने रचा इतिहास

Asian Games 2026 में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन लगातार जारी है। शनिवार को भारत के लिए दो बड़ी खुशखबरियां आईं। तीरंदाजी में कुमकुम मोहोड ने महिला Individual Recurve में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया, वहीं प्रणवी उर्स ने Women’s Individual Golf में स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इन दोनों उपलब्धियों के साथ भारत के Gold Medals की संख्या बढ़कर 18 हो गई। कुमकुम मोहोड ने Archery में रचा इतिहास 17 साल की भारतीय तीरंदाज कुमकुम मोहोड ने महिला Individual Recurve के फाइनल में शानदार खेल दिखाया। उनका मुकाबला दक्षिण कोरिया की ओ ये-जिन से हुआ। दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली और मुकाबला 5-5 की बराबरी पर पहुंच गया। इसके बाद शूट-ऑफ में मुकाबला तय हुआ। यहां कुमकुम ने दबाव के बीच बेहतरीन निशाना लगाते हुए 10 अंक हासिल किए। उनकी प्रतिद्वंद्वी 8 अंक ही बना सकीं। इस तरह कुमकुम ने Gold Medal अपने नाम कर लिया। कुमकुम की यह जीत इसलिए भी खास है क्योंकि वह Asian Games के महिला Individual Recurve में Gold जीतने वाली पहली भारतीय महिला तीरंदाज बन गई हैं। उनकी इस उपलब्धि ने भारतीय Archery में एक नया अध्याय जोड़ दिया है। इससे पहले भी कुमकुम इस एशियन गेम्स में शानदार प्रदर्शन कर चुकी हैं। उन्होंने महिला टीम रिकर्व में Gold और Mixed Pair में Silver Medal भी जीता है। Pranavi Urs ने Golf में बनाया नया इतिहास गोल्फ में भी भारत को बड़ी कामयाबी मिली। प्रणवी उर्स ने Women’s Individual Golf में Gold Medal जीतकर इतिहास रच दिया। वह Asian Games में Individual Golf Gold जीतने वाली पहली भारतीय महिला गोल्फर बन गई हैं। प्रणवी ने चार राउंड के खेल में 15-अंडर 265 का स्कोर बनाया। उन्होंने चीन की यिन रुओनिंग और सिंगापुर की शैनन टैन को एक स्ट्रोक से पीछे छोड़ते हुए Gold Medal पर कब्जा किया। फाइनल राउंड में एक समय प्रणवी मुश्किल स्थिति में भी पहुंच गई थीं। तीसरे होल पर ट्रिपल बोगी के बाद उनकी बढ़त कम हो गई थी। लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं छोड़ी और इसके बाद शानदार वापसी करते हुए जरूरी Birdies हासिल कीं। आखिरी होल तक प्रणवी ने अपना संयम बनाए रखा और पार स्कोर के साथ Gold Medal पक्का कर दिया। उनके इस प्रदर्शन ने भारतीय गोल्फ के लिए भी एक यादगार दिन बना दिया। Indian Women’s Golf Team को Silver प्रणवी उर्स की Individual Gold जीत के साथ भारतीय महिला Golf Team ने भी Silver Medal हासिल किया। टीम में प्रणवी उर्स, अदिति अशोक और दीक्षा डागर शामिल थीं। भारतीय टीम ने कुल 14-अंडर 546 का स्कोर बनाया। चीन ने बेहतर स्कोर के साथ Gold हासिल किया, जबकि भारत को Silver Medal से संतोष करना पड़ा। 18 Gold के साथ भारत की शानदार Medal Tally कुमकुम मोहोड और प्रणवी उर्स के Gold Medal ने Asian Games 2026 में भारत के अभियान को और मजबूत कर दिया है। भारत के खाते में अब 18 Gold, 26 Silver और 35 Bronze सहित कुल 79 Medals हो गए हैं। एक ही दिन Archery और Golf में दो ऐतिहासिक Gold जीतना भारतीय खेलों के लिए बड़ी उपलब्धि है। कुमकुम की सटीक निशानेबाजी और प्रणवी की Golf Course पर शानदार वापसी ने इस दिन को भारतीय खेल प्रेमियों के लिए खास बना दिया। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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BSP

Mayawati ने बदली BSP की कमान! ईशान आनंद को मिली National Coordinator की जिम्मेदारी

बहुजन समाज पार्टी (BSP) में एक बार फिर बड़ा संगठनात्मक बदलाव हुआ है। पार्टी प्रमुख मायावती ने अपने छोटे भतीजे ईशान आनंद को राष्ट्रीय संयोजक (National Coordinator) की जिम्मेदारी दी है। यह फैसला ऐसे समय में सामने आया है, जब पार्टी में नेतृत्व और संगठन को लेकर लगातार बदलाव देखने को मिल रहे हैं। 23 सितंबर को लखनऊ में BSP की अहम बैठक हुई। इसी बैठक में ईशान आनंद को नई जिम्मेदारी दिए जाने की जानकारी सामने आई। बैठक के दौरान ईशान आनंद अपनी बुआ मायावती और पिता आनंद कुमार के साथ नजर आए। उन्होंने मायावती से आशीर्वाद भी लिया। ईशान आनंद को मिली बड़ी जिम्मेदारी ईशान आनंद, मायावती के छोटे भाई आनंद कुमार के बेटे हैं। हाल के दिनों में पार्टी संगठन में उनकी सक्रियता बढ़ी है। सितंबर की शुरुआत में भी उन्हें उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड को छोड़कर करीब 15 राज्यों में BSP के संगठनात्मक कामकाज की समीक्षा की जिम्मेदारी दी गई थी। अब राष्ट्रीय संयोजक बनाए जाने के बाद पार्टी में उनकी भूमिका और महत्वपूर्ण हो गई है। इस फैसले से साफ है कि मायावती ने संगठन में ईशान आनंद को आगे बढ़ाने का फैसला किया है। आकाश आनंद की जगह ईशान पर भरोसा BSP में यह बदलाव मायावती के बड़े भतीजे आकाश आनंद को लेकर लिए गए फैसलों के बाद आया है। मायावती ने हाल में आकाश आनंद को पार्टी की जिम्मेदारियों से अलग कर दिया था। 20 सितंबर को मायावती ने कहा था कि आकाश आनंद और उनकी बहन दीपिका को पार्टी में कोई जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी। वहीं ईशान आनंद को संगठन में जिम्मेदारी देने की बात कही गई थी। मायावती ने यह भी स्पष्ट किया था कि ईशान आनंद को जिम्मेदारी मिलने का मतलब यह नहीं है कि उन्हें किसी तरह की छूट होगी। अगर वह पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है। 2027 UP Election से पहले संगठन पर फोकस उत्तर प्रदेश में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे समय में BSP का संगठनात्मक ढांचा पार्टी के लिए काफी अहम है। मायावती लगातार पार्टी के नेताओं और संगठन को लेकर फैसले ले रही हैं। ईशान आनंद को राष्ट्रीय संयोजक की जिम्मेदारी मिलना भी इसी संगठनात्मक बदलाव की कड़ी माना जा रहा है। हालांकि, उनकी नई भूमिका को भविष्य के नेतृत्व को लेकर किसी अंतिम फैसले के तौर पर देखना अभी जल्दबाजी होगी। कौन हैं ईशान आनंद? ईशान आनंद, BSP के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आनंद कुमार के बेटे और मायावती के भतीजे हैं। रिपोर्टों के मुताबिक उन्होंने लंदन की Westminster University से कानून की पढ़ाई की है। राजनीति में सक्रिय होने से पहले वह परिवार के कारोबारी कामकाज से भी जुड़े रहे हैं। पिछले कुछ समय में पार्टी के कार्यक्रमों और संगठनात्मक गतिविधियों में उनकी मौजूदगी बढ़ी है। अब राष्ट्रीय संयोजक की जिम्मेदारी मिलने के बाद उनके सामने पार्टी के संगठन को मजबूत करने और विभिन्न राज्यों में कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय की बड़ी जिम्मेदारी होगी। BSP में बदलाव से क्या संकेत? मायावती के ताजा फैसले से BSP के संगठन में नई जिम्मेदारियों का एक नया दौर दिखाई दे रहा है। खासकर उत्तर प्रदेश चुनाव से पहले पार्टी किस तरह अपनी रणनीति और संगठन को आगे बढ़ाती है, इस पर नजर रहेगी। फिलहाल इतना तय है कि ईशान आनंद को BSP में मिली नई जिम्मेदारी ने पार्टी के अंदर नेतृत्व और संगठन को लेकर चर्चा को फिर तेज कर दिया है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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इंदौर में हेड कॉन्स्टेबल फिरोज खान की 46 अचल संपत्तियों का खुलासा, बाजार मूल्य 64 करोड़ रुपये से अधिक

इंदौर में पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय (PTC) में पदस्थ हेड कॉन्स्टेबल (ड्राइवर) फिरोज खान के खिलाफ लोकायुक्त की आय से अधिक संपत्ति मामले की जांच में नए खुलासे हुए हैं। लोकायुक्त के मुताबिक, 19 अक्टूबर तक की जांच में फिरोज खान, उनके परिवार, सहयोगियों और संबंधित फर्म के नाम पर कुल 46 अचल संपत्तियां खरीदे जाने की जानकारी सामने आई है। इन संपत्तियों की अनुमानित वर्तमान बाजार कीमत 64 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है, जबकि इनकी कुल गाइडलाइन कीमत करीब 17.19 करोड़ रुपये बताई गई है। जांच एजेंसी के अनुसार, फिरोज खान और उनसे जुड़े लोगों की चल-अचल संपत्तियों पर अब तक 18.79 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जाने की जानकारी मिली है। लोकायुक्त संपत्तियों के दस्तावेजों, खरीद में इस्तेमाल की गई राशि और संबंधित लोगों की भूमिका का सत्यापन कर रहा है। जांच अभी जारी है। रंगवासा से लसूड़िया मोरी तक जमीन खरीदने की जानकारी जांच के दौरान इंदौर जिले की देपालपुर तहसील के ग्राम रंगवासा में कई कृषि भूमि की रजिस्ट्रियां सामने आई हैं। ये जमीनें वर्ष 2023 और 2024 में अलग-अलग तारीखों पर खरीदी गई थीं। इसके अलावा, जुलाई 2024 में लसूड़िया मोरी क्षेत्र में रेड कारपेट के पीछे 11.771 हेक्टेयर कृषि भूमि खरीदे जाने की जानकारी मिली है। इस जमीन का गाइडलाइन मूल्य करीब 3.85 करोड़ रुपये बताया गया है। लोकायुक्त के मुताबिक, इन जमीनों की खरीद स्पार्कवेव रियलिटी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर की गई। जांच में सामने आया है कि यह फर्म फिरोज खान की पत्नी हिना खान और इंदौर निवासी युवराज पंवार के संयुक्त नाम से संचालित है। एजेंसी फर्म से जुड़े दस्तावेजों और अन्य जानकारियों की भी जांच कर रही है। लोकायुक्त की जांच में अब तक सामने आए आंकड़े लोकायुक्त की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, जांच में अब तक ये आंकड़े सामने आए हैं: ये आंकड़े जांच के दौरान अब तक जुटाई गई जानकारी पर आधारित हैं। संपत्तियों के वास्तविक स्वामित्व, खरीद के लिए इस्तेमाल की गई राशि और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका का सत्यापन किया जा रहा है। 14 अक्टूबर को कई ठिकानों पर हुई थी सर्चिंग लोकायुक्त ने 14 अक्टूबर को फिरोज खान के विभिन्न आवासों और अन्य ठिकानों पर सर्च कार्रवाई की थी। इसके बाद से जांच एजेंसी संपत्तियों, वित्तीय लेन-देन और उनसे जुड़े दस्तावेजों की जानकारी जुटा रही है। जांच में संपत्तियों की खरीद की तारीख, गाइडलाइन मूल्य और अनुमानित बाजार मूल्य का मिलान किया जा रहा है। आय के ज्ञात स्रोतों और संपत्तियों पर किए गए खर्च के बीच संभावित अंतर का आकलन जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल लोकायुक्त की कार्रवाई जारी है और मामले में आगे की जानकारी जांच के निष्कर्षों के आधार पर सामने आएगी।

लाहौल-स्पीति में दर्दनाक सड़क हादसा: चंद्रभागा नदी के किनारे गिरी कार, 3 की मौत; चालक समेत 4 घायल

हिमाचल प्रदेश के जनजातीय जिले लाहौल-स्पीति के तिन्दी क्षेत्र में सोमवार शाम दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। शादी समारोह में शामिल होने जा रहे ग्रामीणों से भरी एक कार अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे चंद्रभागा नदी के किनारे जा गिरी। हादसे में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कार चालक समेत चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। घायलों को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) उदयपुर पहुंचाया गया है। वीर मंदिर के पास मोड़ पर चालक ने खोया नियंत्रण पुलिस जिला मुख्यालय केलांग से मिली जानकारी के अनुसार, हादसा सोमवार शाम करीब 4 बजे हुआ। हरियाणा नंबर की i20 कार में सात लोग सवार होकर तिन्दी गांव से सलग्रां गांव में आयोजित शादी समारोह में शामिल होने जा रहे थे। इनमें छह लोग सलग्रां गांव और एक व्यक्ति भुजुंड गांव का निवासी था। कार जब तिन्दी के समीप वीर मंदिर के पास एक मोड़ पर पहुंची, तो चालक वाहन पर से नियंत्रण खो बैठा। इसके बाद कार सड़क से नीचे गहरी ढांक में गिरते हुए चंद्रभागा नदी के किनारे जा पहुंची। डीएसपी केलांग केडी शर्मा ने बताया कि पुलिस ने मामले में नियमानुसार कार्रवाई शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में चालक की लापरवाही हादसे का संभावित कारण माना जा रहा है। हालांकि, पुलिस सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रही है। पुलिस और प्रशासन ने चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन हादसे की जानकारी मिलते ही पुलिस चौकी तांदी, पुलिस थाना उदयपुर और स्थानीय प्रशासन की टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। बचाव दल ने घायलों को निकालकर CHC उदयपुर पहुंचाया, जहां उनका इलाज जारी है। वहीं, तीनों मृतकों के शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम और अन्य कानूनी कार्रवाई के लिए CHC उदयपुर भेजे गए हैं। हादसे में जान गंवाने वालों के नाम पुलिस के अनुसार, हादसे में जान गंवाने वाले तीनों लोग सलग्रां गांव के निवासी थे। चार लोग घायल, चालक भी शामिल हादसे में घायल चारों लोगों की पहचान इस प्रकार हुई है: घटना के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है। पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है।

परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड: पंजाब सरकार की 3 महिला IAS अधिकारियों की कमेटी से बातचीत बेनतीजा, अंतिम संस्कार से इनकार

पंजाब के मानसा में एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले में परिवार और पंजाब सरकार के बीच गतिरोध बना हुआ है। परिजनों की मांगों पर बातचीत के लिए राज्य सरकार की ओर से गठित तीन महिला IAS अधिकारियों की कमेटी की पहली बैठक सोमवार को बेनतीजा रही। परिवार और एक्शन कमेटी ने साफ कर दिया है कि मांगें पूरी होने तक झोटा का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा और धरना जारी रहेगा। सोमवार को तीनों महिला IAS अधिकारी झोटा के पिता भीम सिंह और पत्नी मनप्रीत कौर से मिलने पहुंचीं। इस दौरान परिवार की ओर से गठित एक्शन कमेटी के सदस्य भी मौजूद रहे। बैठक के बाद कमेटी के सदस्यों ने बताया कि सरकार की ओर से रखे गए प्रस्तावों पर सहमति नहीं बन सकी है। मांगपत्र सौंपा, CBI जांच की मांग पर अड़ा परिवार एक्शन कमेटी के सदस्यों के मुताबिक, सरकार की कमेटी को मांगपत्र सौंप दिया गया है। उन्होंने कहा कि जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक धरना खत्म नहीं किया जाएगा और अंतिम संस्कार भी नहीं होगा। एक्शन कमेटी ने यह भी कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मंगलवार को परिवार से मिलने आ रहे हैं। कमेटी की मांग है कि अमित शाह परिवार से मुलाकात के दौरान मामले की CBI जांच का ऐलान करें। AAP विधायकों को लानत पत्र देने पहुंचे समर्थक, पुलिस से धक्कामुक्की परविंदर सिंह झोटा की हत्या के विरोध में सोमवार को इंसाफ कमेटी, किसान संगठनों और शिरोमणि अकाली दल के नेताओं ने आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायकों के घरों पर लानत पत्र देने का अभियान चलाया। इस दौरान कुछ जगहों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की स्थिति बनी। लुधियाना में AAP विधायक अशोक पराशर पप्पी के घर की ओर जा रहे अकाली नेताओं को पुलिस ने बैरिकेड लगाकर रोक दिया। नेताओं ने बैरिकेड हटाने की कोशिश की, जिसके बाद छह नेताओं को आगे जाने की अनुमति दी गई। वहीं, बठिंडा के तलवंडी साबो में विधायक प्रो. बलजिंदर कौर के घर के बाहर पुलिस और किसान व अकाली नेता आमने-सामने आ गए। प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़कर आगे बढ़ते हुए विधायक की कोठी पर लानत पत्र चिपका दिया। मौड़ मंडी में धरने के दौरान अकाली नेताओं में बहस मौड़ मंडी में विधायक सुखबीर सिंह माइसरखाना के घर के बाहर चल रहे धरने के दौरान भी माहौल गरमा गया। यहां अकाली दल (वारिस पंजाब दे) के हलका इंचार्ज और शिरोमणि अकाली दल (बादल) के एक कार्यकर्ता के बीच तीखी बहस हुई। बताया जा रहा है कि विवाद उस समय शुरू हुआ, जब लक्खा सिधाना केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दौरे को लेकर बयान दे रहे थे। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच पंजाब की अलग-अलग सरकारों के कामकाज, पूर्व अकाली सरकार के फैसलों और भाजपा के साथ गठबंधन जैसे मुद्दों पर बहस हुई। पिता बोले- पत्नी भी एक्शन कमेटी में होंगी शामिल परविंदर सिंह झोटा के पिता भीम सिंह ने कहा कि अब उनकी बहू मनप्रीत कौर खुद एक्शन कमेटी में शामिल होंगी और मीडिया को भी संबोधित करेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि एक्शन कमेटी के कुछ सदस्यों ने पहले अमित शाह के विरोध का ऐलान किया था। भीम सिंह के मुताबिक, यदि गृह मंत्री का विरोध किया जाता है, तो परिवार इसे अपने विरोध के रूप में देखेगा। फिलहाल परिवार अपनी मांगों पर अड़ा हुआ है। सरकार और एक्शन कमेटी के बीच बातचीत में सहमति नहीं बनने से मामले का समाधान निकलने का इंतजार जारी है।

दशहरे पर PM मोदी और अमित शाह होंगे शामिल, रामलीला स्थलों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम

राजधानी दिल्ली में विजयादशमी का पर्व धूमधाम से मनाने की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस बार दशहरे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अलग-अलग रामलीला आयोजनों में शामिल होंगे। दोनों नेताओं के आगमन को देखते हुए आयोजन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूर्वी दिल्ली में इंद्रप्रस्थ रामलीला समिति के कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। वहीं, अमित शाह लाल किला स्थित माधवदास पार्क में श्री धार्मिक रामलीला समिति के आयोजन में शिरकत करेंगे। दोनों नेता प्रतीकात्मक रूप से धनुष से बाण चलाकर रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन करेंगे। इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना है। दिल्ली पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट प्रधानमंत्री और गृह मंत्री की मौजूदगी को देखते हुए दिल्ली पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर रहेंगी। आयोजन स्थलों पर बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की जाएगी। इसके साथ ही भीड़ प्रबंधन और यातायात व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। दर्शकों की संभावित भीड़ को देखते हुए आसपास की सड़कों पर यातायात प्रतिबंध और रूट डायवर्जन लागू किए जा सकते हैं। लोगों को आयोजन स्थलों पर जाने से पहले यातायात संबंधी दिशा-निर्देशों की जानकारी लेने की सलाह दी गई है। डिजिटल आतिशबाजी और हाईटेक पुतले होंगे आकर्षण दिल्ली की प्रमुख रामलीला समितियों ने दशहरा उत्सव को भव्य बनाने के लिए विशेष तैयारियां की हैं। इस बार डिजिटल आतिशबाजी, आधुनिक तकनीक से तैयार विशाल पुतले और भव्य मंचन दर्शकों के लिए खास आकर्षण होंगे। रामलीला आयोजनों में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की उम्मीद है। आयोजन समितियां उत्सव को यादगार बनाने के साथ-साथ दर्शकों की सुविधा और सुरक्षा के लिए भी तैयारियां कर रही हैं। Desh Har Pal वेबसाइट पर देश-दुनिया, राजनीति और त्योहारों से जुड़ी ताजा खबरों के लिए पढ़ते रहें।

दिल्ली में 6 नए बायोगैस प्लांट लगेंगे, CM रेखा गुप्ता ने किया गोयला डेयरी प्लांट का उद्घाटन

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को कैबिनेट मंत्री आशीष सूद के साथ गोयला डेयरी में 200 मीट्रिक टन प्रतिदिन क्षमता वाले बायोगैस प्लांट का उद्घाटन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने दिल्ली में 6 और बायोगैस प्लांट स्थापित करने की घोषणा की। साथ ही डेयरी कॉलोनियों में जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए 50 करोड़ रुपये देने का ऐलान किया। मुख्यमंत्री के मुताबिक, इस पहल का उद्देश्य डेयरी से निकलने वाले गोबर का उचित निस्तारण करना, प्रदूषण कम करना और पशुपालकों को अतिरिक्त आय का अवसर देना है। रोज 200 टन गोबर से बनेगी कंप्रेस्ड बायोगैस मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि गोयला डेयरी में प्रतिदिन करीब 200 टन गोबर निकलता है। उचित निस्तारण नहीं होने पर इसके नालियों के माध्यम से यमुना तक पहुंचने का खतरा बना रहता है। नए बायोगैस प्लांट में गोबर से प्रतिदिन लगभग 14 हजार घन मीटर कच्ची बायोगैस और 5.6 टन कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) तैयार की जाएगी। तैयार गैस की आपूर्ति पाइपलाइन के जरिए इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) को की जाएगी। कार्यक्रम में दिल्ली की महापौर प्रवेश वाही, उपमहापौर डॉ. मोनिका पंत और विधायक संदीप सहरावत सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। नांगली प्लांट में 55 हजार टन गोबर का निस्तारण मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले डेढ़ साल में 200-200 टन प्रतिदिन क्षमता वाले तीन बायोगैस संयंत्र शुरू किए जा चुके हैं। सितंबर 2025 में शुरू हुए नांगली प्लांट में एक साल के भीतर करीब 55 हजार टन गोबर का निस्तारण किया गया। सरकार की योजना दिल्ली में ऐसे और संयंत्र स्थापित कर डेयरी क्षेत्रों में गोबर के प्रबंधन को बेहतर बनाने की है। इससे कचरे के रूप में जमा होने वाले गोबर का इस्तेमाल ऊर्जा उत्पादन के लिए किया जा सकेगा। पशुपालकों को गोबर के मिलेंगे 67 पैसे प्रति किलो इस परियोजना के तहत संबंधित एजेंसी डेयरी संचालकों से 67 पैसे प्रति किलो की दर से गोबर खरीदेगी। इससे पशुपालकों को गोबर से अतिरिक्त कमाई होगी और उसके निस्तारण की समस्या भी कम हो सकेगी। इसके अलावा, डेयरी कॉलोनियों में जल निकासी व्यवस्था सुधारने के लिए घोषित 50 करोड़ रुपये से स्थानीय स्तर पर सफाई और जलभराव से जुड़ी समस्याओं को दूर करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

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