अपनी मांगों को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे CJP के प्रवक्ता अभिजीत दीपके ने आखिरकार अपना आंदोलन खत्म कर दिया। CJP की ओर से दावा किया गया कि सरकार ने उन्हें बातचीत के लिए मिलने का न्योता दिया है। इसके बाद अभिजीत दीपके ने अपनी Hunger Strike (भूख हड़ताल) समाप्त करने का फैसला लिया।
कई दिनों से जारी इस विरोध प्रदर्शन के दौरान अभिजीत दीपके अपनी मांगों को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित कर रहे थे। उनका कहना था कि लोकतंत्र में अपनी बात रखने और समस्याओं के समाधान के लिए संवाद सबसे प्रभावी माध्यम है।
Government Meeting के आश्वासन के बाद खत्म हुआ Protest
CJP प्रवक्ता के मुताबिक, सरकार की ओर से बातचीत का प्रस्ताव मिलने के बाद भूख हड़ताल खत्म की गई। संगठन का मानना है कि अब चर्चा के जरिए उठाए गए मुद्दों पर आगे बढ़ने का रास्ता खुलेगा।
अभिजीत दीपके ने आंदोलन खत्म करने के बाद उम्मीद जताई कि सरकार के साथ होने वाली बैठक में उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विरोध का उद्देश्य किसी से टकराव नहीं, बल्कि अपनी आवाज जिम्मेदार लोगों तक पहुंचाना था।
समर्थकों में दिखा उत्साह, बातचीत पर टिकी नजरें
अभिजीत दीपके के समर्थन में कई लोग आंदोलन से जुड़े रहे। समर्थकों ने शांतिपूर्ण तरीके से उनकी मांगों का समर्थन किया और सरकार से समाधान निकालने की अपील की।
अब सबकी नजर आने वाली Government Meeting और बातचीत की प्रक्रिया पर है। माना जा रहा है कि बैठक के बाद ही साफ होगा कि सरकार और CJP के बीच किन मुद्दों पर सहमति बनती है।
आंदोलन से बातचीत तक का सफर
अभिजीत दीपके की भूख हड़ताल खत्म होने के बाद यह मामला अब बातचीत के दौर में पहुंच गया है। CJP का कहना है कि वह आगे भी लोकतांत्रिक तरीके से अपने मुद्दे उठाता रहेगा।
सरकार की ओर से मिले बातचीत के संकेत को आंदोलनकारियों के लिए एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है। अब आगे की दिशा बैठक और चर्चा के परिणामों पर निर्भर करेगी।
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