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Tamil Nadu

Tamil Nadu Government का बड़ा ऐलान: महिलाओं की Free यात्रा, परिवारों को मिलेंगे 3 मुफ्त LPG Cylinder

तमिलनाडु (Tamil Nadu) में महिलाओं और आम परिवारों के लिए सरकार ने बड़ी राहत का ऐलान किया है। विधानसभा में मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने ऐसी कई योजनाओं की घोषणा की, जिनका सीधा असर लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी और घरेलू बजट पर पड़ सकता है। इनमें महिलाओं के लिए Free Bus Travel और पात्र परिवारों को हर साल 3 Free LPG Cylinder देने की योजना सबसे ज्यादा चर्चा में है। सरकार के मुताबिक, मुफ्त बस यात्रा का विस्तार 2 अक्टूबर 2026 से किया जाएगा, जबकि मुफ्त LPG सिलेंडर की योजना पोंगल 2027 से शुरू होने की बात कही गई है। 2 अक्टूबर से महिलाओं की Free Bus Travel सुविधा तमिलनाडु में महिलाओं के लिए पहले से चल रही मुफ्त बस यात्रा योजना का अब विस्तार किया जाएगा। सरकार ने इसे 2 अक्टूबर 2026 से लागू करने की घोषणा की है। इसका फायदा महिलाओं के साथ ट्रांसजेंडर यात्रियों को भी मिलने की बात कही गई है। योजना के तहत सरकारी परिवहन की कुछ अतिरिक्त बस सेवाओं को भी मुफ्त यात्रा के दायरे में लाया जाएगा। सबसे खास बात यह है कि इस सुविधा का लाभ लेने के लिए आय की सीमा नहीं होने की जानकारी सामने आई है। यानी पात्र श्रेणी में आने वाली महिलाओं को बार-बार यात्रा करने के लिए अलग से किराया नहीं देना होगा। सरकार का अनुमान है कि इस विस्तार पर हर साल करीब 6,000 करोड़ रुपये खर्च हो सकते हैं। हर साल मिलेंगे 3 Free LPG Cylinder तमिलनाडु सरकार ने महिलाओं और कम आय वाले परिवारों के लिए LPG को लेकर भी बड़ा ऐलान किया है। ‘अन्नापूरणी सुपर सिक्स’ योजना के तहत पात्र परिवारों को हर साल तीन मुफ्त LPG सिलेंडर देने की योजना बनाई गई है। यह योजना पोंगल 2027 से शुरू होने की जानकारी दी गई है। रिपोर्टों के मुताबिक, सालाना 2.5 लाख रुपये से कम आय वाले परिवार इसके लिए पात्र हो सकते हैं। सरकार का अनुमान है कि इस योजना से करीब 1.30 करोड़ परिवारों को फायदा मिल सकता है। इसके लिए सालाना लगभग 4,000 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान बताया गया है। महिलाओं और परिवारों को क्या फायदा होगा? महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा सिर्फ किराये में बचत तक सीमित नहीं है। रोज नौकरी, पढ़ाई, इलाज या दूसरे जरूरी कामों के लिए सफर करने वाली महिलाओं के लिए यह सुविधा महीने के खर्च में अच्छी-खासी राहत दे सकती है। दूसरी ओर, LPG सिलेंडर पर मिलने वाली सहायता सीधे घरेलू बजट को प्रभावित करेगी। खासकर उन परिवारों के लिए, जहां रसोई गैस का खर्च हर महीने की जरूरतों में बड़ा हिस्सा होता है। यही वजह है कि सरकार की इन घोषणाओं को सिर्फ राजनीतिक ऐलान के बजाय महिलाओं और निम्न आय वाले परिवारों के लिए आर्थिक राहत के तौर पर भी देखा जा रहा है। योजनाओं को लेकर आगे क्या? फिलहाल इन घोषणाओं के बाद सबसे ज्यादा नजर इनके implementation और eligibility rules पर रहेगी। सरकार की ओर से विस्तृत दिशानिर्देश जारी होने के बाद यह साफ होगा कि लाभ लेने की प्रक्रिया क्या होगी और किन परिवारों को किस तरह शामिल किया जाएगा। फिलहाल इतना जरूर है कि 2 अक्टूबर से Free Bus Travel और पोंगल 2027 से 3 Free LPG Cylinder की घोषणा ने तमिलनाडु में कल्याणकारी योजनाओं को लेकर चर्चा तेज कर दी है। आम परिवारों के लिए अब नजर इस बात पर है कि ये घोषणाएं जमीन पर कितनी जल्दी और कितनी प्रभावी तरीके से लागू होती हैं।
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Madhepura

Madhepura Temple Incident: सिंहेश्वर मंदिर में बेकाबू हुई भीड़, महिला समेत 8 श्रद्धालु घायल

सावन की आखिरी सोमवारी पर भगवान शिव के दर्शन और जलाभिषेक के लिए मधेपुरा (Madhepura) के प्रसिद्ध सिंहेश्वरनाथ मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतार लगी थी। भक्तों की संख्या बढ़ते-बढ़ते हालात ऐसे हो गए कि मंदिर परिसर में कुछ देर के लिए धक्का-मुक्की शुरू हो गई। बैरिकेडिंग पर भीड़ का दबाव पड़ने से कुछ लोग गिर पड़े और कई श्रद्धालु घायल हो गए। जलाभिषेक के लिए उमड़ी भारी भीड़ सावन के अंतिम सोमवार को शिव मंदिरों में भक्तों की भीड़ आम दिनों के मुकाबले काफी ज्यादा रहती है। सिंहेश्वरनाथ धाम में भी रात से ही श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया था। सुबह होते-होते मंदिर के बाहर और परिसर में लंबी कतारें लग गईं। श्रद्धालु अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे, इसी दौरान भीड़ का दबाव बढ़ गया। आगे जाने की कोशिश में अचानक धक्का-मुक्की होने लगी। कुछ ही पलों में स्थिति बिगड़ती नजर आई और लोगों में अफरा-तफरी फैल गई। बैरिकेडिंग पर गिरी महिला, सिर में लगी चोट धक्का-मुक्की के दौरान बैरिकेडिंग का एक हिस्सा दबाव में आ गया। इसी दौरान एक महिला श्रद्धालु गिरकर बैरिकेडिंग से टकरा गई और उसके सिर में चोट लग गई। अन्य श्रद्धालुओं को भी चोटें आईं। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, इस घटना में करीब 8 लोग घायल हुए हैं। इनमें महिलाएं और बुजुर्ग श्रद्धालु भी शामिल बताए जा रहे हैं। भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश में ड्यूटी पर मौजूद एक पुलिसकर्मी के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है। पुलिस और प्रशासन ने संभाला मोर्चा घटना की सूचना मिलते ही सुरक्षाकर्मियों और पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश शुरू कर दी। लोगों को अलग-अलग कतारों में व्यवस्थित किया गया और अतिरिक्त सुरक्षा बल की मदद ली गई। घायल श्रद्धालुओं को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। कुछ देर की मशक्कत के बाद मंदिर परिसर में स्थिति सामान्य हुई और श्रद्धालुओं का जलाभिषेक फिर शुरू कराया गया। अंतिम सोमवारी के कारण पहले से थी भारी भीड़ सिंहेश्वरनाथ मंदिर में सावन की अंतिम सोमवारी को बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान पहले से था। इसी वजह से प्रशासन की ओर से सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के इंतजाम किए गए थे। इसके बावजूद सुबह अचानक बढ़े भीड़ के दबाव से परेशानी पैदा हो गई। मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं का कहना था कि अंतिम सोमवारी होने के कारण भीड़ काफी ज्यादा थी। ऐसे में कतार को नियंत्रित रखना सुरक्षा व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बन गया। श्रद्धालुओं से धैर्य रखने की अपील घटना के बाद प्रशासन ने श्रद्धालुओं से जल्दबाजी और धक्का-मुक्की से बचने की अपील की। अधिकारियों का कहना है कि भीड़ को व्यवस्थित रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार नजर रखी जा रही है। सावन की आखिरी सोमवारी पर पूजा के लिए उमड़ी इस भीड़ ने एक बार फिर बड़े धार्मिक आयोजनों में Crowd Management और सुरक्षा व्यवस्था की अहमियत सामने ला दी है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है और मंदिर में जलाभिषेक जारी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Monsoon

UP-MP Monsoon Alert: यूपी के 19 जिलों में Flood, काशी में चौकी डूबी; MP के 22 जिलों में Red Alert

मानसून (Monsoon) इस वक्त उत्तर प्रदेश से लेकर मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ तक अपना असर दिखा रहा है। कई इलाकों में लगातार बारिश के बाद नदियों का जलस्तर बढ़ गया है और निचले क्षेत्रों में पानी भरने लगा है। UP के 19 जिलों में बाढ़ जैसे हालात हैं, वहीं वाराणसी में गंगा का पानी बढ़ने से पुलिस चौकी तक प्रभावित हुई है। मध्य प्रदेश में भी मौसम विभाग ने 22 जिलों में भारी बारिश का Alert जारी किया है। छत्तीसगढ़ में बारिश के बीच आकाशीय बिजली गिरने से एक महिला की जान चली गई। UP में 19 जिले बाढ़ की चपेट में उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में पिछले दिनों हुई लगातार बारिश ने हालात मुश्किल कर दिए हैं। नदियों के बढ़ते जलस्तर का असर गांवों और शहरों के निचले इलाकों में दिखाई दे रहा है। कई जगह लोगों को जलभराव और बाढ़ के पानी के बीच रोजमर्रा के काम करने पड़ रहे हैं। प्रशासन की टीमें प्रभावित इलाकों पर नजर बनाए हुए हैं। जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने और राहत सामग्री उपलब्ध कराने की तैयारी भी की गई है। काशी में गंगा का जलस्तर बढ़ा, पुलिस चौकी डूबी वाराणसी में गंगा का जलस्तर बढ़ने के साथ ही घाटों और आसपास के इलाकों में बाढ़ का असर दिखाई देने लगा है। पानी बढ़ने से एक पुलिस चौकी भी इसकी चपेट में आ गई। प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है। राहत शिविरों और बाढ़ चौकियों को तैयार रखा गया है। NDRF, SDRF, जल पुलिस और अन्य राहत एजेंसियों को भी जरूरत के मुताबिक तैनात किया जा रहा है। काशी में गंगा का बढ़ता पानी स्थानीय लोगों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। खासकर नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। MP के 22 जिलों में Heavy Rain का Alert मध्य प्रदेश में भी बारिश का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। मौसम विभाग ने 22 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। कई जिलों में तेज बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की स्थिति बन सकती है। नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, नरसिंहपुर, दमोह, सिवनी, जबलपुर, विदिशा, सागर, रायसेन और मंडला समेत कई जिलों में मौसम खराब रहने का अनुमान है। लगातार बारिश के कारण नदी-नालों का जलस्तर बढ़ सकता है। ऐसे में निचले इलाकों और जलभराव वाले रास्तों पर लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। छत्तीसगढ़ में बिजली गिरने से महिला की मौत छत्तीसगढ़ में बारिश के साथ आकाशीय बिजली भी लोगों के लिए खतरा बनी हुई है। बारिश के दौरान खेत से लौट रही एक महिला पर बिजली गिरने की घटना सामने आई, जिसमें उसकी मौत हो गई। इस घटना ने एक बार फिर मानसून के दौरान Lightning Safety को लेकर चिंता बढ़ा दी है। मौसम खराब होने पर खुले मैदान, खेत और पेड़ के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी जाती है। Weather Alert: अगले कुछ दिन भी महत्वपूर्ण मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक उत्तर और मध्य भारत के कई हिस्सों में बारिश का सिलसिला आगे भी जारी रह सकता है। UP, MP और छत्तीसगढ़ के साथ दूसरे राज्यों में भी कहीं भारी तो कहीं बहुत भारी बारिश देखने को मिल सकती है। ऐसे में प्रशासन के साथ आम लोगों की सतर्कता भी बेहद जरूरी है। नदी और नालों के आसपास जाने से बचना, जलभराव वाले रास्तों पर सावधानी रखना और मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखना जरूरी है। UP से MP तक बारिश ने बढ़ाई चिंता फिलहाल तस्वीर साफ है—UP में बाढ़, MP में Heavy Rain Alert और छत्तीसगढ़ में Lightning Incident ने मानसून की गंभीरता को सामने ला दिया है। आने वाले दिनों में बारिश का रुख क्या रहता है, इस पर प्रशासन और लोगों दोनों की नजर बनी हुई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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NICU

Maharashtra Hospital Fire: अमरावती में NICU बना आग का शिकार, 3 नवजातों की मौत

महाराष्ट्र के अमरावती से सोमवार सुबह एक बेहद दर्दनाक खबर सामने आई। जिला महिला अस्पताल के NICU/नवजात यूनिट में अचानक आग लगने से तीन नवजात बच्चों की मौत हो गई। हादसे के समय यूनिट में कुल 39 बच्चे भर्ती थे। आग की खबर फैलते ही अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई और डॉक्टरों व मेडिकल स्टाफ ने बच्चों को सुरक्षित निकालने के लिए तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। सुबह तड़के NICU में भड़की आग जानकारी के मुताबिक, अस्पताल की तीसरी मंजिल पर स्थित नवजात यूनिट में सुबह करीब 3:30 बजे आग लगी। शुरुआती जानकारी में आग एक ventilator में धमाके या तकनीकी खराबी के बाद लगने की बात सामने आई है। हालांकि, आग की वास्तविक वजह अभी जांच के बाद ही साफ हो पाएगी। आग लगते ही यूनिट में धुआं फैल गया। उस समय वहां कई नवजात बच्चे इलाज और निगरानी में थे। ऐसी स्थिति में मेडिकल स्टाफ के सामने सबसे बड़ी चुनौती बच्चों को जल्द से जल्द सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की थी। 39 में से 36 बच्चों को सुरक्षित निकाला आग की सूचना मिलते ही अस्पताल के डॉक्टर, नर्स और अन्य कर्मचारी हरकत में आ गए। स्टाफ ने बिना समय गंवाए बच्चों को यूनिट से बाहर निकालना शुरू किया। रिपोर्ट के अनुसार, 39 में से 36 नवजातों को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया। कुछ बच्चों की हालत गंभीर बताई गई, जिसके बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में शिफ्ट किया गया। अस्पताल प्रशासन की ओर से प्रभावित बच्चों की लगातार निगरानी की जा रही है। तीन नवजातों की मौत से परिवारों में मातम हादसे में तीन नवजातों की जान चली गई। जिन परिवारों के बच्चे इस हादसे का शिकार हुए, उनके लिए यह पल बेहद मुश्किल है। अस्पताल परिसर में परिजनों की चिंता और दुख का माहौल देखने को मिला। Ventilator Explosion की बात, जांच जारी प्रारंभिक रिपोर्टों में वेंटिलेटर में धमाके को आग की संभावित वजह बताया जा रहा है। हालांकि, इसे अभी अंतिम कारण नहीं माना जा सकता। प्रशासन की जांच के बाद ही पता चलेगा कि आग मेडिकल उपकरण में तकनीकी खराबी के कारण लगी या इसके पीछे कोई दूसरी वजह थी। जांच में अस्पताल की Fire Safety व्यवस्था, मेडिकल उपकरणों की स्थिति और सुरक्षा प्रोटोकॉल समेत कई पहलुओं को देखा जा सकता है। Hospital Fire Safety पर फिर उठे सवाल अमरावती की घटना ने अस्पतालों, खासकर NICU जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में Fire Safety को लेकर चिंता बढ़ा दी है। नवजात बच्चों को अत्यधिक संवेदनशील स्थिति में रखा जाता है और वहां इस्तेमाल होने वाले वेंटिलेटर, वार्मर समेत दूसरे उपकरणों की सुरक्षा बेहद अहम होती है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आग कैसे लगी और क्या समय रहते इसे रोकने या नियंत्रित करने के लिए सभी जरूरी इंतजाम मौजूद थे। जांच पूरी होने के बाद ही हादसे की पूरी तस्वीर सामने आएगी। Amravati Hospital Fire ने कई परिवारों को गहरा सदमा दिया है। तीन नवजातों की मौत के बाद अब अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था और घटना की वजह को लेकर जांच के नतीजों का इंतजार है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Satish Mahana

Satish Mahana Viral Video ने बढ़ाया विवाद, राष्ट्रगान को लेकर आयोजकों ने दी ये सफाई

उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना (Satish Mahana) से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो को लेकर दावा किया जा रहा है कि राष्ट्रगान के दौरान महाना कार्यक्रम स्थल से निकलकर अपनी कार में बैठकर चले गए। वीडियो सामने आते ही राजनीतिक हलकों में भी इसको लेकर सवाल उठने लगे। हालांकि, इस पूरे विवाद की तस्वीर सिर्फ वायरल वीडियो तक सीमित नहीं है। कार्यक्रम के आयोजकों ने सामने आकर अलग जानकारी दी है। उनका कहना है कि जिस जगह महाना मौजूद थे, वहां राष्ट्रगान नहीं बज रहा था। राष्ट्रगान मुख्य सभागार में चल रहा था और उसकी आवाज बाहर तक सुनाई दे रही थी। Viral Video में क्या दिखाई दे रहा है? वायरल वीडियो में सतीश महाना मंच से नीचे उतरते और फिर अपनी कार की तरफ जाते नजर आते हैं। इसी दौरान राष्ट्रगान की आवाज सुनाई देती है। वीडियो के आधार पर सोशल मीडिया पर यह सवाल उठाया गया कि क्या महाना राष्ट्रगान पूरा होने से पहले ही कार्यक्रम से चले गए थे। यही वीडियो अब राजनीतिक बहस का कारण बन गया है। विपक्षी दलों ने भी इस मुद्दे को लेकर बीजेपी और विधानसभा अध्यक्ष पर सवाल खड़े किए हैं। आयोजकों ने बताई पूरी कहानी विवाद बढ़ने के बाद कार्यक्रम के आयोजक वेणु रंजन भदौरिया ने सफाई दी। उन्होंने कहा कि वायरल वीडियो को देखकर गलत धारणा बन रही है। उनके मुताबिक, महाना को जहां गार्ड ऑफ ऑनर दिया जा रहा था, वह जगह मुख्य ऑडिटोरियम से अलग थी। आयोजक का कहना है कि राष्ट्रगान ऑडिटोरियम के अंदर बजाया जा रहा था, जबकि बाहर खड़े लोगों तक उसकी आवाज पहुंच रही थी। इसलिए वीडियो में राष्ट्रगान सुनाई देने के बावजूद यह जरूरी नहीं कि महाना उसी स्थान पर राष्ट्रगान के सामने खड़े थे। Satish Mahana ने भी रखा अपना पक्ष सतीश महाना की ओर से भी मामले पर सफाई सामने आई। उनका कहना है कि उन्होंने राष्ट्रगान के दौरान सम्मान में सलामी दी थी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राष्ट्रगान जिस स्थान पर बजाया जा रहा था, वह उनकी मौजूदगी वाली जगह से अलग था। महाना ने वायरल वीडियो को लेकर उठ रहे सवालों पर नाराजगी भी जताई। उनके मुताबिक, पूरे मामले को जिस तरह सोशल मीडिया पर पेश किया जा रहा है, उससे वास्तविक स्थिति स्पष्ट नहीं होती। Opposition ने साधा निशाना वीडियो वायरल होने के बाद कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने इस मुद्दे को लेकर सतीश महाना पर निशाना साधा। विपक्ष का कहना है कि संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति से राष्ट्रगान के दौरान विशेष सावधानी और सम्मान की अपेक्षा की जाती है। वहीं, दूसरी तरफ आयोजकों की सफाई और महाना के बयान के बाद इस मामले में एक दूसरा पक्ष भी सामने आया है। अब पूरा विवाद इस बात पर टिका है कि राष्ट्रगान वास्तव में किस स्थान पर बज रहा था और वायरल वीडियो किस परिस्थिति में रिकॉर्ड किया गया। सोशल मीडिया पर Viral हुआ मामला सतीश महाना का यह वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं तेजी से आने लगीं। कुछ लोग वीडियो के आधार पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि कुछ यूजर्स आयोजकों की सफाई को अहम मान रहे हैं। फिलहाल इस मामले में वायरल वीडियो, विपक्ष के आरोप और आयोजकों की सफाई—तीनों अलग-अलग दावे सामने हैं। ऐसे में बिना पूरी परिस्थिति जाने किसी एक निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Sridhar Vembu

Drugs और Corruption पर सख्त कानून की जरूरत, Zoho Founder Sridhar Vembu का बड़ा बयान

तमिलनाडु में Corruption और Drugs को लेकर बहस एक बार फिर तेज हो गई है। Zoho के फाउंडर Sridhar Vembu ने राज्य सरकार से इन दोनों समस्याओं पर सख्त रुख अपनाने की अपील की है। उन्होंने Singapore की कड़ी कानून व्यवस्था का उदाहरण देते हुए गंभीर अपराधों में सख्त सजा की जरूरत बताई। वेम्बू के बयान ने इसलिए भी ध्यान खींचा है क्योंकि उन्होंने केवल सजा बढ़ाने की बात नहीं की, बल्कि भ्रष्टाचार रोकने के लिए सरकारी व्यवस्था में कुछ दूसरे बदलावों का सुझाव भी दिया है। Singapore जैसा सख्त कानून क्यों? Sridhar Vembu का मानना है कि भ्रष्टाचार और ड्रग्स जैसी समस्याओं से निपटने के लिए कानून का डर और उसका प्रभावी इस्तेमाल दोनों जरूरी हैं। उन्होंने Singapore और Malaysia की anti-drug policies का उदाहरण देते हुए कहा है कि भारत को भी दूसरे देशों के सफल मॉडल से सीख लेनी चाहिए। उनकी राय में गंभीर मामलों में कड़ी सजा का प्रावधान अपराधियों के लिए बड़ा deterrent बन सकता है। हालांकि, किसी भी ऐसे कानून को लागू करने से पहले कानूनी प्रक्रिया और मौजूदा भारतीय कानूनों को ध्यान में रखना जरूरी होगा। Drugs को लेकर पहले भी चिंता जता चुके हैं Vembu यह पहली बार नहीं है जब Sridhar Vembu ने तमिलनाडु में Drugs की समस्या को लेकर चिंता जाहिर की हो। इससे पहले भी वह ग्रामीण इलाकों तक नशीले पदार्थों की पहुंच को लेकर अपनी चिंता सामने रख चुके हैं। उन्होंने युवाओं और स्कूली बच्चों को नशे से दूर रखने की जरूरत पर जोर दिया था। उनका कहना रहा है कि केवल पुलिस कार्रवाई काफी नहीं है, बल्कि समाज और सरकार दोनों को मिलकर इस समस्या पर काम करना होगा। Corruption पर भी खुलकर बोले Sridhar Vembu तमिलनाडु में Corruption को लेकर भी मुखर रहे हैं। उन्होंने अपने स्कूल से जुड़े अनुभवों का हवाला देते हुए सरकारी मंजूरी की प्रक्रिया में कथित परेशानियों और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। इन बयानों के बाद तमिलनाडु की राजनीति में भी चर्चा शुरू हुई। हालांकि, ऐसे आरोपों को लेकर अलग-अलग पक्षों की अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं रही हैं और हर आरोप को स्वतंत्र रूप से साबित किया जाना जरूरी है। CM Vijay से क्या उम्मीद? वेम्बू का ताजा बयान ऐसे समय आया है जब तमिलनाडु में Drugs, Corruption और Law and Order जैसे मुद्दे राजनीतिक बहस का हिस्सा बने हुए हैं। उनका सुझाव है कि सरकार को केवल कार्रवाई के बाद प्रतिक्रिया देने के बजाय ऐसी व्यवस्था तैयार करनी चाहिए, जिससे अपराध और भ्रष्टाचार को शुरुआत में ही रोका जा सके। यह भी साफ करना जरूरी है कि Sridhar Vembu की मांग को सरकार के फैसले के तौर पर नहीं देखा जा सकता। यह उनकी ओर से दिया गया एक नीतिगत सुझाव है। तमिलनाडु सरकार की ओर से Singapore-style death penalty कानून लागू करने की कोई आधिकारिक घोषणा इससे साबित नहीं होती। सख्त सजा के साथ सिस्टम में सुधार की बात Vembu की बात का एक दूसरा पहलू भी है। उनका मानना है कि भ्रष्टाचार रोकने के लिए केवल सजा बढ़ाना पर्याप्त नहीं होगा। सरकारी अधिकारियों की जिम्मेदारी, पारदर्शिता, बेहतर वेतन और जवाबदेही जैसे मुद्दों पर भी काम करना होगा। यानी उनका फोकस सिर्फ “कड़ी सजा” पर नहीं, बल्कि ऐसी व्यवस्था बनाने पर है जिसमें भ्रष्टाचार करने की गुंजाइश ही कम हो।
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Ganeshotsav

Ganeshotsav से पहले Mumbai में बड़ा हादसा, 22 फीट की प्रतिमा गिरी; 2 की मौत

मुंबई में गणेशोत्सव (Ganeshotsav) की तैयारियों के बीच एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को हिला दिया। भुलेश्वर इलाके में गणेश प्रतिमा के आगमन के दौरान करीब 22 फीट ऊंची मूर्ति अचानक गिर गई। हादसे में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि पांच लोग घायल हुए हैं। घायलों में दो बच्चियां भी शामिल हैं। घटना शनिवार रात की बताई जा रही है। प्रतिमा को पंडाल की ओर ले जाया जा रहा था और वहां मौजूद लोग गणपति बप्पा के स्वागत की तैयारियों में जुटे थे। इसी दौरान अचानक प्रतिमा का सपोर्ट टूट गया और भारी मूर्ति नीचे जा गिरी। देखते ही देखते मौके पर अफरा-तफरी मच गई। कैसे हुआ Mumbai Ganesh Idol Accident? जानकारी के मुताबिक, हादसा भुलेश्वर के डॉ. आत्माराम मर्चेंट रोड, कबूतरखाना और जय अंबे चौक के आसपास हुआ। गणेश प्रतिमा को एक विशेष फ्रेम और सपोर्ट के सहारे ले जाया जा रहा था। इसी दौरान सपोर्ट सिस्टम में गड़बड़ी आने के बाद प्रतिमा का संतुलन बिगड़ गया। प्रारंभिक जानकारी में वेल्डिंग सपोर्ट टूटने की बात सामने आई है। हालांकि फ्रेम के नट-बोल्ट और तकनीकी मजबूती को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। हादसे की असली वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। हादसे में 2 लोगों की मौत, 5 घायल प्रतिमा गिरने से वहां मौजूद कई लोग उसकी चपेट में आ गए। हादसे में दो लोगों की जान चली गई, जबकि पांच लोग घायल बताए जा रहे हैं। घायलों में दो बच्चियां भी हैं, जिनकी उम्र करीब पांच और सात साल बताई गई है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, फायर ब्रिगेड और राहत टीम मौके पर पहुंची। घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। राहत और बचाव के दौरान इलाके में काफी देर तक लोगों की भीड़ जमा रही। तीन हिस्सों में टूट गई विशाल प्रतिमा करीब 22 फीट ऊंची गणेश प्रतिमा गिरने के बाद तीन हिस्सों में टूट गई। इतनी बड़ी प्रतिमा को अचानक गिरते देखकर मौके पर मौजूद लोगों में दहशत फैल गई। गणपति के आगमन की खुशी का माहौल कुछ ही पल में मातम में बदल गया। पुलिस ने मामले में Accidental Death Report (ADR) दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हादसे के पीछे तकनीकी लापरवाही या सपोर्ट सिस्टम में कमी थी या नहीं, इसकी जांच की जा रही है। Ganeshotsav से पहले Safety पर बड़ा सवाल मुंबई में गणेशोत्सव के दौरान बड़ी-बड़ी प्रतिमाओं का आगमन और विसर्जन जुलूस आकर्षण का केंद्र रहता है। ऐसे आयोजनों में भारी प्रतिमाओं को क्रेन, ट्रॉली और विशेष फ्रेम के जरिए ले जाया जाता है। भुलेश्वर की घटना ने इन व्यवस्थाओं की Safety को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों और आयोजकों के लिए यह घटना एक सबक भी है कि विशाल प्रतिमाओं को ले जाने से पहले उनके फ्रेम, वेल्डिंग, सपोर्ट और परिवहन व्यवस्था की अच्छी तरह जांच होनी चाहिए। इसके साथ ही भीड़ को सुरक्षित दूरी पर रखना भी बेहद जरूरी है। खुशी के मौके पर छाया मातम गणेशोत्सव को लेकर मुंबई में हर साल लोगों में खास उत्साह रहता है। भुलेश्वर में भी लोग गणपति बप्पा के आगमन की तैयारी में जुटे थे, लेकिन अचानक हुए इस हादसे ने परिवारों को गहरे दुख में डाल दिया। फिलहाल पुलिस हादसे की पूरी परिस्थितियों की जांच कर रही है। जांच के बाद ही यह साफ होगा कि प्रतिमा का सपोर्ट आखिर क्यों टूटा और इतनी बड़ी दुर्घटना को रोका जा सकता था या नहीं। Mumbai Ganesh Idol Accident ने गणेशोत्सव से पहले सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक जरूरी सवाल जरूर खड़ा कर दिया है—आस्था और उत्सव के साथ लोगों की सुरक्षा को सबसे ऊपर रखना कितना जरूरी है, यह हादसा इसकी गंभीर याद दिलाता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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India vs Sri Lanka

India vs Sri Lanka Test: Team India ने टॉस जीतकर चुनी Batting, 33 साल के Saransh Jain का Debut

भारत और श्रीलंका (India vs Sri Lanka) के बीच दूसरा टेस्ट मुकाबला शुरू हो चुका है। टीम इंडिया ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया है। पहले टेस्ट में 165 रन की शानदार जीत के बाद भारतीय टीम अब सीरीज पर कब्जा जमाने के इरादे से मैदान में उतरी है। मुकाबले की शुरुआत से ही सबसे ज्यादा चर्चा भारत की Playing XI को लेकर है। 33 साल की उम्र में Saransh Jain का Test Debut भारतीय टीम ने दूसरे टेस्ट में मध्य प्रदेश के ऑलराउंडर सारांश जैन को मौका दिया है। 33 साल की उम्र में टेस्ट डेब्यू करना अपने आप में खास है। घरेलू क्रिकेट में लगातार मेहनत और अच्छे प्रदर्शन के बाद सारांश को आखिरकार इंटरनेशनल क्रिकेट में अपनी पहचान बनाने का मौका मिला है। सारांश ऑफ स्पिन गेंदबाजी के साथ निचले क्रम में बल्लेबाजी भी कर सकते हैं। ऐसे में टीम मैनेजमेंट को उनसे गेंद और बल्ले दोनों से उपयोगी योगदान की उम्मीद होगी। उनके लिए यह मुकाबला सिर्फ एक टेस्ट मैच नहीं, बल्कि लंबे इंतजार के बाद मिले मौके को यादगार बनाने का मौका भी है। Kuldeep Yadav को मिला आराम सारांश जैन के Playing XI में आने के बाद कुलदीप यादव को टीम से बाहर रखा गया है। पहले टेस्ट में कुलदीप को गेंदबाजी से ज्यादा प्रभाव छोड़ने का मौका नहीं मिला था। उन्होंने 25 ओवर में एक विकेट हासिल किया था। इसके उलट मानव सुथार ने पहले टेस्ट में शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 10 विकेट चटकाए थे। ऐसे में दूसरे टेस्ट के लिए भारतीय टीम ने अपने स्पिन कॉम्बिनेशन में बदलाव किया है। भारत के सामने Series जीतने का मौका भारत पहले टेस्ट में श्रीलंका को 165 रन से हराकर सीरीज में 1-0 की बढ़त बना चुका है। अब दूसरे टेस्ट में जीत मिलती है तो टीम इंडिया सीरीज 2-0 से अपने नाम कर लेगी। भारतीय बल्लेबाजों पर भी नजर रहेगी। शुभमन गिल और यशस्वी जायसवाल जैसे खिलाड़ियों से बड़ी पारी की उम्मीद है। टीम की बल्लेबाजी मजबूत है और टॉस जीतकर पहले बैटिंग करने से भारत ने स्कोरबोर्ड पर दबाव बनाने की कोशिश शुरू कर दी है। Sri Lanka की मुश्किलें भी बढ़ीं दूसरी तरफ श्रीलंका की टीम चोटों से परेशान है। कुसल मेंडिस और दिनेश चांदीमल दूसरे टेस्ट में उपलब्ध नहीं हैं। दोनों खिलाड़ियों की गैरमौजूदगी से मेजबान टीम की बल्लेबाजी कमजोर हुई है। श्रीलंका के लिए सबसे बड़ी चुनौती भारतीय स्पिन गेंदबाजों का सामना करना होगी। पहले टेस्ट में भारत के स्पिनर्स ने मेजबान बल्लेबाजों को काफी परेशान किया था। अब दूसरे टेस्ट में श्रीलंकाई बल्लेबाजों के सामने एक बार फिर बड़ी परीक्षा होगी। Colombo Test में किसका पलड़ा भारी? टॉस भारत के पक्ष में गया है और टीम ने बिना ज्यादा सोच-विचार के पहले बल्लेबाजी चुन ली। अब निगाहें भारतीय ओपनर्स पर हैं कि वे टीम को कितनी मजबूत शुरुआत दिलाते हैं। वहीं सारांश जैन के लिए यह दिन बेहद खास है। 33 साल की उम्र में मिले Test Debut को वह अपने प्रदर्शन से यादगार बनाना चाहेंगे। भारत के लिए जहां सीरीज जीतने का मौका है, वहीं श्रीलंका के सामने वापसी की चुनौती है। कुल मिलाकर IND vs SL 2nd Test में टॉस, Saransh Jain का Debut और Kuldeep Yadav का बाहर होना मुकाबले की शुरुआत में ही सबसे बड़ी सुर्खियां बन गए हैं। अब असली कहानी मैदान पर भारतीय बल्लेबाजों और श्रीलंकाई गेंदबाजों के प्रदर्शन से तय होगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Monsoon

Monsoon MP में 6 महीने पुरानी सड़क बही, UP में Flood का कहर; Varanasi से Uttarkashi तक हाहाकार

देश के कई हिस्सों में मानसून (Monsoon) की तेज बारिश अब लोगों के लिए परेशानी का सबब बनती जा रही है। मध्य प्रदेश में महज छह महीने पहले बनी सड़क बारिश के पानी में बह गई, तो उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में बाढ़ का पानी घरों और सड़कों तक पहुंच गया है। वाराणसी में गंगा का जलस्तर बढ़ने से घाट और आसपास के इलाके प्रभावित हैं। वहीं उत्तराखंड के उत्तरकाशी में बारिश और भूस्खलन के कारण हाईवे पर आवाजाही प्रभावित हुई है। MP में छह महीने पहले बनी सड़क पानी में बही मध्य प्रदेश में भारी बारिश के बीच सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं। छह महीने पहले तैयार हुई सड़क बारिश का दबाव नहीं झेल पाई और पानी के तेज बहाव में बह गई। सड़क के साथ पुलिया के डूबने से आसपास के लोगों की मुश्किलें और बढ़ गईं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क के बह जाने से रोजमर्रा का आवागमन प्रभावित हुआ है। इतनी कम अवधि में सड़क के खराब होने से निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। अब लोगों की नजर प्रशासन की जांच और आगे होने वाली कार्रवाई पर है। UP में Flood से बढ़ी परेशानी उत्तर प्रदेश में भी लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर ने कई इलाकों की चिंता बढ़ा दी है। कई जिलों के गांव बाढ़ की चपेट में हैं। निचले इलाकों में पानी भरने से लोगों को घर से बाहर निकलने और जरूरी सामान जुटाने में परेशानी हो रही है। प्रशासन की ओर से प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य चलाए जा रहे हैं। संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर रखने के साथ लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। Varanasi में गंगा का जलस्तर बढ़ा वाराणसी में गंगा का पानी बढ़ने का असर घाटों पर साफ दिखाई दे रहा है। कई घाट पानी में डूब चुके हैं और तटवर्ती इलाकों में भी बाढ़ का असर पहुंच रहा है। पानी बढ़ने के कारण धार्मिक गतिविधियों पर भी असर पड़ा है। गंगा आरती के स्थान में बदलाव करना पड़ा है। जिन घाटों पर आम दिनों में श्रद्धालुओं की भीड़ नजर आती है, वहां अब पानी का दबाव दिखाई दे रहा है। स्थानीय लोगों के लिए यह सिर्फ बारिश नहीं, बल्कि रोजमर्रा की जिंदगी में आई बड़ी परेशानी है। कई परिवार पानी बढ़ने की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। Uttarkashi में Highway पर संकट उत्तराखंड के उत्तरकाशी में लगातार बारिश के बीच पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन की घटनाओं ने मुश्किल बढ़ाई है। कई स्थानों पर सड़क पर मलबा आने से यातायात प्रभावित हुआ है। हाईवे पर आवाजाही बाधित होने से यात्रियों के साथ-साथ स्थानीय लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पहाड़ों में बारिश के दौरान सड़क पर मलबा और पत्थर गिरने का खतरा बना रहता है, इसलिए प्रशासन की ओर से संवेदनशील मार्गों पर निगरानी बढ़ाई जा रही है। बारिश ने बढ़ाई लोगों की चिंता MP से लेकर UP और Uttarakhand तक बारिश का असर अलग-अलग रूपों में दिखाई दे रहा है। कहीं सड़क और पुलिया पानी में बह रही है, कहीं बाढ़ का पानी घरों तक पहुंच रहा है और कहीं पहाड़ों में भूस्खलन के कारण रास्ते बंद हो रहे हैं। मानसून के इस दौर में प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने और संपर्क मार्गों को जल्द बहाल करने की है। वहीं लोगों से भी नदी किनारे, निचले इलाकों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में सावधानी बरतने की अपील की जा रही है। Monsoon Alert: सावधानी जरूरी बारिश का दौर जारी रहने की स्थिति में नदियों और नालों के आसपास जाने से बचना जरूरी है। पहाड़ी रास्तों पर सफर करने वाले लोगों को निकलने से पहले Route Status की जानकारी लेनी चाहिए। मौसम में सुधार होने तक थोड़ी सी सावधानी किसी बड़ी परेशानी से बचा सकती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Kharge

Sugar Import पर सियासत तेज: Kharge बोले- भारत में चीनी की कमी, फिर कैसा Atmanirbhar Bharat?

रसोई में इस्तेमाल होने वाली चीनी की कीमतों में तेजी ने त्योहारों से पहले आम परिवारों का बजट बिगाड़ना शुरू कर दिया है। बाजार में बढ़ते दामों को लेकर अब सियासत भी तेज हो गई है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने चीनी की कीमतों और घरेलू स्टॉक को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं। खड़गे (Kharge ) ने सरकार पर निशाना साधते हुए पूछा कि जब भारत दुनिया के बड़े चीनी उत्पादक और निर्यातक देशों में शामिल है, तो घरेलू जरूरतों के लिए Sugar Import की नौबत क्यों आई? उन्होंने इसे सरकार के ‘आत्मनिर्भर भारत’ के दावे से जोड़ते हुए कई सवाल उठाए। तीन महीने में चीनी के दाम में बड़ा उछाल Kharge का दावा है कि पिछले तीन महीनों में चीनी की कीमत करीब 40 फीसदी तक बढ़ी है। हाल के दिनों में भी खुदरा बाजार में कीमतों में तेजी देखी गई है। त्योहारों के नजदीक आने के साथ चीनी की मांग बढ़ने की संभावना है, ऐसे में आम लोगों की चिंता और बढ़ गई है। चीनी की कीमत बढ़ने का असर सिर्फ चाय की प्याली तक सीमित नहीं है। मिठाई, बेकरी और कई खाद्य उत्पादों की लागत भी इससे प्रभावित होती है। यही वजह है कि कीमतों में मामूली बढ़ोतरी भी सीधे घरेलू बजट पर असर डालती है। Kharge ने सरकार से पूछे 3 बड़े सवाल मल्लिकार्जुन खड़गे ने चीनी की उपलब्धता और कीमतों को लेकर सरकार से तीन अहम सवाल किए हैं। पहला सवाल: भारत में चीनी का स्टॉक नौ साल के निचले स्तर तक कैसे पहुंच गया? दूसरा सवाल: जब देश चीनी का प्रमुख उत्पादक है, तो सरकार को निर्यात पर रोक लगाने और 10 लाख टन कच्ची चीनी के Duty-Free Import की अनुमति क्यों देनी पड़ी? तीसरा सवाल: अगर घरेलू बाजार में चीनी की उपलब्धता को लेकर दबाव है, तो E20 और Ethanol Policy की समीक्षा क्यों नहीं की जा रही? खड़गे का तर्क है कि अगर गन्ने और उससे जुड़े संसाधनों का इस्तेमाल एथेनॉल उत्पादन में बढ़ रहा है, तो इसका असर चीनी की उपलब्धता पर भी देखा जाना चाहिए। सरकार ने Ethanol Policy को बताया जिम्मेदार नहीं विपक्ष के आरोपों के बीच केंद्र सरकार ने चीनी की कीमतों में बढ़ोतरी के लिए एथेनॉल उत्पादन को मुख्य वजह मानने से इनकार किया है। सरकार का कहना है कि मौजूदा तेजी के पीछे कई दूसरे कारण हैं। सरकार के मुताबिक इस साल चीनी उत्पादन में कमी की आशंका है। खराब मौसम और गन्ने की पैदावार पर पड़े असर ने भी स्थिति को प्रभावित किया है। इसके अलावा त्योहारों के दौरान मांग बढ़ने और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में बदलाव का असर घरेलू बाजार पर पड़ा है। 10 लाख टन Raw Sugar Import का फैसला बढ़ती कीमतों पर काबू पाने और घरेलू बाजार में पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने के लिए केंद्र ने 10 लाख टन Raw Sugar के Duty-Free Import की अनुमति दी है। सरकार की कोशिश है कि अतिरिक्त सप्लाई बाजार में पहुंचे और कीमतों पर दबाव कम हो। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब घरेलू स्टॉक और उत्पादन को लेकर लगातार चर्चा हो रही है। Stock Limit से जमाखोरी पर भी नजर चीनी की कीमतों को नियंत्रित रखने के लिए सरकार ने Stock Limit से जुड़े कदम भी उठाए हैं। इसका उद्देश्य बाजार में जरूरत से ज्यादा स्टॉक जमा करने और कृत्रिम कमी पैदा होने की संभावना को कम करना है। सरकार की नजर खास तौर पर त्योहारों से पहले बाजार की स्थिति पर है। मांग बढ़ने के दौरान अगर सप्लाई सामान्य रहती है, तो कीमतों पर दबाव कम किया जा सकता है। खराब मौसम और कम उत्पादन भी बड़ी वजह सरकार के मुताबिक इस साल चीनी उत्पादन पर मौसम का असर पड़ा है। महाराष्ट्र, कर्नाटक और गुजरात जैसे प्रमुख गन्ना उत्पादक राज्यों में परिस्थितियों का प्रभाव उत्पादन पर पड़ा है। यही वजह है कि केंद्र और विपक्ष के बीच इस मुद्दे पर अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं। विपक्ष जहां कीमतों और Import को लेकर सरकार की नीतियों पर सवाल उठा रहा है, वहीं सरकार उत्पादन में कमी और बाजार की परिस्थितियों को मुख्य वजह बता रही है। आम आदमी के लिए सबसे बड़ा सवाल—चीनी कब सस्ती होगी? इस पूरे विवाद के बीच आम लोगों की नजर एक ही बात पर है—चीनी की कीमत आखिर कब नीचे आएगी? त्योहारों का मौसम सामने है और मिठाई से लेकर घर की रोजमर्रा की चाय तक, चीनी की जरूरत हर परिवार में है। ऐसे में सरकार के सामने चुनौती सिर्फ राजनीतिक आरोपों का जवाब देना नहीं, बल्कि बाजार में पर्याप्त सप्लाई बनाए रखते हुए कीमतों को काबू में रखना भी है। फिलहाल Sugar Price Hike, Duty-Free Import और Ethanol Policy को लेकर राजनीतिक बहस तेज है। आने वाले दिनों में आयातित चीनी की सप्लाई और सरकारी कदमों का बाजार पर असर इस कहानी की अगली तस्वीर तय करेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Sugar

Sugar Rate Hike: त्योहारों से पहले चीनी के दाम बढ़े, Blinkit-Swiggy पर खरीदना हुआ Limited

चीनी (Sugar), जो हर घर की रसोई की रोजमर्रा की जरूरत है, इन दिनों लोगों की जेब पर भारी पड़ रही है। पिछले कुछ हफ्तों में चीनी के दाम तेजी से बढ़े हैं। इसी बीच Blinkit, Swiggy Instamart, BigBasket और D-Mart जैसे रिटेल और क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर चीनी की खरीद को लेकर लिमिट लगाई गई है। कई जगहों पर ग्राहक एक बार में 3 से 5 किलो तक ही चीनी खरीद पा रहे हैं। यानी अगर घर में ज्यादा मात्रा में चीनी खरीदने की जरूरत है, तो एक साथ बड़ी खरीदारी करना अब आसान नहीं है। Sugar Price: एक महीने में तेजी से बढ़े दाम Sugar की कीमतों में हालिया तेजी ने आम परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में चीनी की औसत खुदरा कीमत करीब ₹48 प्रति किलो के आसपास थी, जो अगस्त में बढ़कर ₹55 से ऊपर पहुंच गई। इसके बाद कुछ बाजारों में कीमतें और ऊपर गई हैं। शहर और बाजार के हिसाब से कीमतों में अंतर जरूर है, लेकिन जिस रफ्तार से दाम बढ़े हैं, उसका असर घर के मासिक बजट पर साफ दिखाई दे रहा है। Online Grocery पर क्यों लगाई गई खरीद Limit? Blinkit और Swiggy Instamart जैसे क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर खरीदारी की लिमिट लगाए जाने के पीछे मुख्य वजह उपलब्ध स्टॉक को संतुलित रखना मानी जा रही है। त्योहारी सीजन में चीनी की मांग अचानक बढ़ जाती है। मिठाइयों से लेकर घर में बनने वाले पकवानों तक, इस दौरान चीनी की खपत सामान्य दिनों की तुलना में बढ़ जाती है। ऐसे में कंपनियां ज्यादा मात्रा में खरीदारी को रोककर स्टॉक को ज्यादा ग्राहकों तक पहुंचाने की कोशिश कर रही हैं। हालांकि, यह लिमिट हर जगह एक जैसी नहीं है। कुछ स्थानों पर 5 किलो तक की खरीद की अनुमति है, जबकि कुछ जगहों पर इससे कम मात्रा की सीमा दिखाई दे रही है। चीनी महंगी होने की क्या है वजह? चीनी के दाम बढ़ने के पीछे कई कारण सामने आ रहे हैं। घरेलू उत्पादन में कमी, मौसम से जुड़ी परेशानियां, बढ़ती मांग और बाजार में स्टॉक को लेकर गतिविधियां कीमतों पर दबाव बना रही हैं। त्योहारी सीजन भी इस समय एक बड़ा फैक्टर है। रक्षाबंधन के बाद अब आने वाले त्योहारों में मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने की उम्मीद है। इसका सीधा असर चीनी की खपत पर पड़ सकता है। सरकार ने Duty-Free Sugar Import को दी मंजूरी बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने और घरेलू बाजार में सप्लाई बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने 10 लाख टन कच्ची चीनी के Duty-Free Import की अनुमति दी है। सरकार का लक्ष्य बाजार में पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना और कीमतों पर दबाव कम करना है। इसके अलावा बड़े थोक खरीदारों के लिए चीनी का स्टॉक रखने की सीमा में भी बदलाव किया गया है। इससे बाजार में जरूरत से ज्यादा चीनी जमा करने की गतिविधियों पर रोक लगाने की कोशिश की जा रही है। आम लोगों के लिए क्या मतलब? फिलहाल इसका सबसे सीधा असर उन परिवारों पर पड़ रहा है, जो महीने का राशन एक साथ खरीदते हैं। जहां दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर खरीद सीमा लागू है, वहां लोगों को जरूरत के हिसाब से छोटी मात्रा में चीनी खरीदनी पड़ सकती है। दूसरी तरफ, सरकार की ओर से सप्लाई बढ़ाने के कदमों के बाद बाजार में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है। अगर नई चीनी समय पर बाजार में पहुंचती है और त्योहारी मांग के मुताबिक स्टॉक उपलब्ध रहता है, तो कीमतों में आगे राहत मिल सकती है। Sugar Price पर आगे रहेगी नजर चीनी के बढ़ते दाम इस समय सिर्फ घरेलू बजट का मुद्दा नहीं हैं, बल्कि आने वाले त्योहारी सीजन के लिए भी अहम हैं। सरकार, मिलों और रिटेल कंपनियों के फैसलों पर अब बाजार की नजर रहेगी। फिलहाल ग्राहकों के लिए बेहतर यही है कि जरूरत के मुताबिक ही खरीदारी करें और अलग-अलग दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर कीमतों की तुलना कर लें। आने वाले दिनों में सप्लाई की स्थिति साफ होने के साथ चीनी के दाम में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।
Gold-Silver

Gold-Silver Price: त्योहार से पहले मिली राहत, सोना-चांदी के दाम में बड़ी गिरावट

Gold-Silver Price Today: रक्षाबंधन की खरीदारी के बीच सोना और चांदी खरीदने वालों के लिए बाजार से राहत वाली खबर आई है। 27 अगस्त 2026 को सोने और चांदी दोनों के भाव में गिरावट दर्ज की गई। 24 कैरेट सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम सस्ता होकर ₹1,58,477 पर आ गया। वहीं, 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 घटकर करीब ₹2,40,168 रह गया। त्योहार से ठीक पहले कीमतों में आई इस कमी से उन लोगों को थोड़ी राहत मिल सकती है, जो राखी के मौके पर बहन या परिवार के लिए सोने-चांदी की ज्वेलरी खरीदने का मन बना रहे हैं। Gold Price Today: सोने के भाव में ₹2,860 की गिरावट 27 अगस्त को 24 कैरेट सोने की कीमत में अच्छी-खासी गिरावट देखने को मिली। IBJA आधारित आंकड़ों के अनुसार, सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम टूटकर ₹1,58,477 पर पहुंच गया। वहीं, 23 कैरेट सोना करीब ₹1,57,842, 22 कैरेट सोना लगभग ₹1,45,165 और 18 कैरेट सोना करीब ₹1,18,858 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर रहा। हालांकि, यहां एक बात ध्यान रखना जरूरी है कि शहर और ज्वेलर के हिसाब से Gold Rate थोड़ा अलग हो सकता है। ज्वेलरी खरीदते समय मेकिंग चार्ज और दूसरे शुल्क भी जुड़ते हैं। Silver Price Today: चांदी भी हुई ₹2,791 सस्ती सोने के साथ चांदी की कीमत में भी गिरावट आई है। 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 कम होकर करीब ₹2,40,168 पर आ गया। चांदी में पिछले दिनों तेजी देखने को मिली थी, इसलिए मौजूदा गिरावट के बावजूद इसका भाव काफी ऊंचे स्तर पर बना हुआ है। त्योहारों और शादी-ब्याह के सीजन में चांदी की मांग बढ़ने से इसकी कीमत पर भी असर पड़ सकता है। Raksha Bandhan से पहले क्यों खास है Gold-Silver Price? रक्षाबंधन के मौके पर लोग सिर्फ राखी और मिठाई ही नहीं खरीदते, बल्कि कई परिवार इस दिन सोने या चांदी की छोटी ज्वेलरी खरीदना भी पसंद करते हैं। ऐसे में त्योहार से एक दिन पहले Gold और Silver के दाम में आई गिरावट खरीदारों के लिए अच्छी खबर मानी जा रही है। अगर आप भी खरीदारी की तैयारी कर रहे हैं तो बाजार में जाने से पहले अपने शहर का ताजा रेट जरूर देख लें। ऑनलाइन दिखने वाला IBJA या बुलियन रेट और ज्वेलरी शॉप का अंतिम बिल एक जैसा होना जरूरी नहीं है। सोना खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान सोने की ज्वेलरी खरीदते समय केवल Gold Rate देखना काफी नहीं है। बिल बनते समय मेकिंग चार्ज, GST और अन्य शुल्क जुड़ सकते हैं। इसलिए खरीदारी से पहले ज्वेलर से पूरी कीमत का ब्रेकअप मांगना बेहतर रहेगा। साथ ही, सोने की शुद्धता के लिए BIS Hallmark जरूर जांचें। इससे आपको खरीदे जा रहे सोने की शुद्धता के बारे में भरोसा मिलता है। आगे क्या हो सकता है Gold और Silver का भाव? सोने और चांदी की कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर की चाल, ब्याज दरों की उम्मीद और निवेशकों की खरीदारी जैसे कई फैक्टर कीमती धातुओं के भाव को प्रभावित करते हैं। इसलिए आज आई गिरावट को देखकर यह तय नहीं किया जा सकता कि आने वाले दिनों में कीमतें लगातार नीचे जाएंगी। बाजार की चाल बदलने में ज्यादा समय नहीं लगता। Gold-Silver Price Today का सीधा अपडेट रक्षाबंधन से पहले 24 कैरेट Gold करीब ₹2,860 सस्ता होकर ₹1,58,477 प्रति 10 ग्राम और Silver करीब ₹2,791 गिरकर ₹2,40,168 प्रति किलो पर आ गई है। अगर आप आज सोना या चांदी खरीदने जा रहे हैं, तो अंतिम खरीदारी से पहले अपने स्थानीय बाजार का लेटेस्ट रेट जरूर जांचें।
Raksha Bandhan

Raksha Bandhan 2026: राखी बांधने से पहले जान लें Bhadra का समय, ये है शुभ Muhurat

Raksha Bandhan 2026: भाई-बहन के रिश्ते में प्यार, अपनापन और थोड़ी-सी नोकझोंक हमेशा बनी रहती है। इन्हीं खूबसूरत रिश्तों को सेलिब्रेट करने वाला रक्षाबंधन इस बार 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा। राखी को लेकर इस बार एक सवाल काफी लोगों के मन में है—27 अगस्त या 28 अगस्त, आखिर किस दिन भाई की कलाई पर राखी बांधना शुभ रहेगा? पंचांग के अनुसार सावन पूर्णिमा 27 अगस्त की सुबह शुरू होगी और 28 अगस्त की सुबह तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर रक्षाबंधन 28 अगस्त को मनाया जाएगा। Raksha Bandhan 2026 Date: 27 या 28 अगस्त? रक्षाबंधन सावन मास की पूर्णिमा तिथि पर मनाया जाता है। इस साल पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त की सुबह करीब 9 बजे के बाद शुरू होकर 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे तक रहेगी। चूंकि 28 अगस्त को सूर्योदय के समय पूर्णिमा तिथि मौजूद रहेगी, इसलिए इसी दिन रक्षाबंधन मनाने की परंपरा रहेगी। यानी बहनें 28 अगस्त को भाई की कलाई पर राखी बांध सकती हैं। Rakhi Shubh Muhurat 2026: इस समय बांधें राखी 28 अगस्त को राखी बांधने के लिए सुबह का समय शुभ माना जा रहा है। उपलब्ध पंचांग गणना के अनुसार सुबह करीब 5:57 बजे से 9:48 बजे तक राखी बांधने का समय बताया गया है। हालांकि, शुभ मुहूर्त में शहर के सूर्योदय और स्थानीय पंचांग के अनुसार थोड़ा अंतर हो सकता है। इसलिए अगर आप किसी खास शहर में हैं, तो वहां के पंचांग से समय जरूर मिला लें। Bhadra Kaal: इस बार नहीं होगी बड़ी परेशानी रक्षाबंधन पर भद्रा का विशेष ध्यान रखा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भद्रा के दौरान राखी बांधना शुभ नहीं माना जाता। यही वजह है कि हर साल राखी बांधने से पहले लोग भद्रा समाप्त होने का इंतजार करते हैं। इस बार राहत की बात यह है कि 28 अगस्त को राखी बांधने के प्रमुख समय में भद्रा का प्रभाव नहीं रहेगा। ऐसे में बहनों को राखी बांधने के लिए भद्रा खत्म होने का लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। Raksha Bandhan 2026: एक नजर में पूरी जानकारी जानकारी विवरण रक्षाबंधन 28 अगस्त 2026, शुक्रवार पर्व सावन पूर्णिमा पूर्णिमा शुरुआत 27 अगस्त की सुबह पूर्णिमा समाप्त 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे राखी बांधने का शुभ समय सुबह करीब 5:57 से 9:48 बजे तक भद्रा 28 अगस्त के प्रमुख राखी मुहूर्त में नहीं Rakhi बांधने की पूजा विधि रक्षाबंधन के दिन सुबह स्नान करके भगवान का ध्यान करें और पूजा की तैयारी करें। राखी की थाली में रोली या कुमकुम, अक्षत, दीपक, फूल, मिठाई और राखी रखें। भाई को आसन पर बैठाकर पहले तिलक लगाएं। इसके बाद अक्षत लगाकर आरती करें और शुभ मुहूर्त में उसकी कलाई पर राखी बांधें। फिर मिठाई खिलाकर भाई के सुखी और खुशहाल जीवन की कामना करें। भाई भी बहन को प्यार और सम्मान के साथ उपहार देता है और हर परिस्थिति में उसके साथ खड़े रहने का संकल्प करता है। Raksha Bandhan का असली मतलब क्या है? राखी का धागा देखने में भले ही छोटा हो, लेकिन इसके पीछे छिपी भावना बहुत बड़ी है। बचपन में एक-दूसरे से लड़ने वाले भाई-बहन जब बड़े होते हैं तो यही रिश्ता सबसे मजबूत सहारा बन जाता है। रक्षाबंधन इसी भरोसे और अपनापन को फिर से महसूस करने का दिन है। इसलिए इस बार राखी बांधते समय सिर्फ मुहूर्त ही नहीं, बल्कि उस रिश्ते की मिठास को भी याद रखें, जो जिंदगी के हर पड़ाव पर साथ चलती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Kanpur

Kanpur Plane Crash: अचानक नीचे गिरा Training Plane, दो पायलटों की मौत

उत्तर प्रदेश के कानपुर (Kanpur) से गुरुवार को एक बेहद दुखद खबर सामने आई। गंगा बैराज के पास नत्थूपुरवा गांव के नजदीक एक Twin-Engine Training Aircraft खेत में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में सवार इंस्ट्रक्टर पायलट और ट्रेनी पायलट की मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और रेस्क्यू टीमों ने इलाके को घेरकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। Training Flight के दौरान हुआ हादसा मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक विमान ट्रेनिंग उड़ान पर था और इसी दौरान हादसे का शिकार हो गया। यह चार सीटों वाला ट्विन-इंजन विमान था। शुरुआती जानकारी में बताया गया कि विमान नीचे गिरने से पहले आसपास के लोगों ने तेज आवाज सुनी थी। हालांकि, उस आवाज की वजह क्या थी, इसे लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि विमान गंगा बैराज के करीब नत्थूपुरवा गांव के पास खुले खेत में गिरा। हादसा आबादी वाले इलाके से कुछ दूरी पर हुआ, जिसके बाद स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। हादसे के बाद मची अफरा-तफरी विमान के खेत में गिरने की सूचना मिलते ही पुलिस और इमरजेंसी टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। दुर्घटनाग्रस्त विमान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था और उसका मलबा खेत में बिखरा मिला। पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित किया और दोनों पायलटों को मलबे से बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। शुरुआती रिपोर्टों में एक पायलट की मौत और दूसरे के गंभीर रूप से घायल होने की जानकारी सामने आई थी। बाद में पुलिस अधिकारियों के हवाले से दोनों पायलटों की मौत की पुष्टि हुई। Crash की असली वजह अभी सामने नहीं आई कानपुर Plane Crash की वजह फिलहाल साफ नहीं है। शुरुआती स्तर पर विमान के अचानक नियंत्रण खोने और नीचे गिरने की बात सामने आई है, लेकिन तकनीकी खराबी, इंजन से जुड़ी समस्या या किसी अन्य कारण की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। अधिकारियों की ओर से दुर्घटना की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। विमान के मलबे, उड़ान से जुड़ी जानकारी और घटनास्थल से मिले सबूतों की जांच के बाद ही Crash की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी। Aviation Safety पर फिर उठे सवाल कानपुर में हुआ यह हादसा Flight Training के दौरान सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल खड़े करता है। हालांकि, अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि हादसा किस वजह से हुआ और क्या इसके पीछे कोई तकनीकी या संचालन संबंधी कारण था। फिलहाल प्रशासन की टीमें घटनास्थल पर मौजूद हैं और मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है। कानपुर विमान हादसे से जुड़ी नई जानकारी जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगी। Kanpur Plane Crash Latest Update: गंगा बैराज के पास Training Aircraft के क्रैश होने से दो पायलटों की मौत ने इलाके में शोक का माहौल पैदा कर दिया है। हादसे की पूरी तस्वीर जांच के बाद ही साफ होगी।
Share Market

Share Market Today: Sensex 77,250 के करीब, Nifty भी टूटा; जानें बाजार में क्यों आई गिरावट

भारतीय शेयर बाजार (Indian Share Market) में गुरुवार, 27 अगस्त को कारोबार के दौरान उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में Sensex और Nifty बढ़त के साथ खुले, लेकिन कुछ ही देर बाद बाजार की चाल बदल गई। बिकवाली बढ़ने से दोनों प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में पहुंच गए। सुबह 10:30 बजे Sensex 123.89 अंक की गिरावट के साथ 77,349.05 पर था, जबकि Nifty 24.60 अंक टूटकर 24,183.15 पर कारोबार कर रहा था। Sensex-Nifty पर बढ़ा दबाव गुरुवार की शुरुआत बाजार के लिए सकारात्मक रही। Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से निवेशकों को कुछ राहत मिली, लेकिन यह बढ़त ज्यादा देर टिक नहीं पाई। Nifty 24,200 के स्तर के नीचे चला गया, वहीं Sensex भी शुरुआती बढ़त गंवाकर कमजोर हो गया। इससे पहले सुबह 10:13 बजे Reuters के आंकड़ों में Sensex 77,379.50 और Nifty 24,191.85 पर था। यानी उस समय दोनों इंडेक्स में हल्की गिरावट दर्ज की जा रही थी। FMCG और Media Shares में बिकवाली सेक्टोरल कारोबार की बात करें तो FMCG शेयरों पर दबाव नजर आया। शुरुआती कारोबार में Nifty FMCG इंडेक्स भी लाल निशान में था। इसके साथ ही Media शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली। सुबह 10:30 बजे Nifty Media करीब 0.60 फीसदी नीचे 1,601.30 पर कारोबार कर रहा था। Media इंडेक्स इससे पहले लगातार दो कारोबारी सत्रों में बढ़त दर्ज कर चुका था। ऐसे में आज की गिरावट को कुछ हद तक मुनाफावसूली से भी जोड़कर देखा जा रहा है। HDFC Bank बना बाजार पर दबाव का बड़ा कारण आज बाजार में HDFC Bank का प्रदर्शन भी निवेशकों के रडार पर रहा। शेयर में करीब 1 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। Reuters के मुताबिक, अमेरिका में बैंक और उसके दो वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ दायर एक securities lawsuit की खबर के बाद शेयर पर दबाव बढ़ा। Upstox के अनुसार, HDFC Bank में बिकवाली के चलते Sensex दिन के ऊपरी स्तर से करीब 300 अंक नीचे आया, जबकि Nifty 24,200 के महत्वपूर्ण स्तर के नीचे फिसल गया। Global Market से मिले-जुले संकेत भारतीय बाजार को एक तरफ Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से सहारा मिला। Brent crude करीब 87.4 डॉलर प्रति बैरल तक आ गया था। ईरान और ओमान के बीच Strait of Hormuz को लेकर बातचीत आगे बढ़ने की खबरों से तेल आपूर्ति को लेकर चिंता कुछ कम हुई है। दूसरी ओर, अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों को लेकर बनी चिंता ने निवेशकों को थोड़ा सतर्क रखा। यही वजह रही कि एशियाई बाजारों में मजबूती के बावजूद भारतीय बाजार में तेजी टिक नहीं सकी। निवेशकों की नजर अब बाजार की अगली चाल पर फिलहाल घरेलू बाजार में तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है। एक तरफ कच्चे तेल में नरमी और मजबूत ग्लोबल टेक्नोलॉजी संकेत सकारात्मक हैं, तो दूसरी तरफ HDFC Bank जैसे बड़े शेयरों में कमजोरी और सेक्टोरल बिकवाली बाजार पर दबाव बना रही है। ऐसे माहौल में Sensex और Nifty की आगे की दिशा, 24,200 के आसपास Nifty की चाल और प्रमुख सेक्टर्स में खरीदारी-बिकवाली पर निवेशकों की नजर रहेगी। बाजार में उतार-चढ़ाव को देखते हुए किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय लेना बेहतर है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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