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झारखंड

Ramgarh Factory Blast: झारखंड के Iron Plant में बड़ा हादसा, 3 Engineers की मौत

झारखंड के रामगढ़ से शनिवार को एक दर्दनाक औद्योगिक हादसे की खबर सामने आई। यहां एक आयरन फैक्ट्री में जोरदार ब्लास्ट के बाद आग लग गई। हादसे में तीन इंजीनियरों की जान चली गई, जबकि एक मजदूर घायल बताया जा रहा है। घटना के बाद फैक्ट्री परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। अचानक हुआ Blast, आग ने लिया विकराल रूप बताया जा रहा है कि हादसा रामगढ़ के बरकाकाना इलाके में स्थित आयरन फैक्ट्री में हुआ। फैक्ट्री में सामान्य रूप से काम चल रहा था। इसी दौरान पावर प्लांट से तेज धमाके की आवाज आई। कुछ ही देर में वहां आग फैल गई। ब्लास्ट इतना तेज था कि आसपास मौजूद कर्मचारियों में भी दहशत फैल गई। मौके पर मौजूद लोगों ने तत्काल राहत और बचाव की कोशिश शुरू की। सूचना मिलने के बाद दमकल और पुलिस की टीम भी घटनास्थल पर पहुंची। तीन Engineers की मौत, एक Worker घायल हादसे में तीन इंजीनियर बुरी तरह प्रभावित हुए। उन्हें बचाने की कोशिश की गई, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। हादसे में एक मजदूर भी घायल हुआ है, जिसे इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। इस घटना ने फैक्ट्री में काम करने वाले कर्मचारियों और उनके परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। अचानक हुए इस हादसे से फैक्ट्री प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन के सामने भी कई सवाल खड़े हो गए हैं। Blast की वजह अभी साफ नहीं फैक्ट्री में आग और ब्लास्ट आखिर किस वजह से हुआ, इसकी आधिकारिक तस्वीर जांच पूरी होने के बाद ही साफ होगी। शुरुआती स्तर पर तकनीकी खराबी, ओवरहीटिंग या इलेक्ट्रिकल सिस्टम से जुड़ी समस्या जैसी संभावनाओं पर चर्चा हो रही है। हालांकि, जांच एजेंसियां सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर घटना की वजह पता करने में जुटी हैं। हादसे के बाद फैक्ट्री की सुरक्षा व्यवस्था और मशीनरी की स्थिति को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। जांच के बाद सामने आएगी पूरी सच्चाई पुलिस और प्रशासन ने घटनास्थल का जायजा लिया है। हादसे से जुड़े तथ्यों को जुटाया जा रहा है। यह भी देखा जा रहा है कि फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं। फिलहाल सबसे बड़ी चिंता घायल मजदूर के इलाज और मृतकों के परिवारों को जरूरी सहायता उपलब्ध कराने की है। रामगढ़ की इस घटना ने एक बार फिर याद दिलाया है कि बड़े औद्योगिक संयंत्रों में Safety Protocols और नियमित मशीनरी जांच कितनी जरूरी है। Ramgarh Factory Blast की जांच आगे बढ़ने के साथ हादसे की असली वजह और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े अन्य पहलुओं पर स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Nitin Nabin

Nitin Nabin की नई BJP Team की पहली Meeting, Vande Mataram के सभी 6 अंतरे

भारतीय जनता पार्टी की नई टीम के साथ राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन (Nitin Nabin) की पहली अहम बैठक हुई। बैठक की शुरुआत राष्ट्रगीत वंदे मातरम के सभी 6 अंतरों के सामूहिक गायन से हुई। इसके बाद पार्टी संगठन को आगे बढ़ाने, आगामी चुनावों की तैयारियों और युवाओं को BJP से जोड़ने को लेकर मंथन किया गया। नई टीम के गठन के बाद हुई इस बैठक को पार्टी के अगले राजनीतिक रोडमैप के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नेतृत्व ने संगठन को सिर्फ चुनाव के समय सक्रिय रखने के बजाय लगातार जनता के बीच मजबूत संपर्क बनाए रखने पर जोर दिया। चुनावी तैयारियों को समय से पहले गति देने की तैयारी बैठक में आगामी चुनावों को लेकर संगठन की तैयारियों पर चर्चा हुई। पार्टी का फोकस बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर तालमेल बनाने पर रहा। नेताओं और पदाधिकारियों से अपने-अपने क्षेत्रों में जनता के बीच सक्रिय रहने की उम्मीद जताई गई। स्थानीय समस्याओं को समझने और सरकार की योजनाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचाने को भी संगठन की प्राथमिकताओं में शामिल किया गया। Youth Connect पर BJP का खास फोकस बैठक में युवाओं को पार्टी से जोड़ने का मुद्दा भी प्रमुख रहा। BJP अब युवा वर्ग के बीच अपनी पहुंच बढ़ाने के लिए संगठनात्मक गतिविधियों में उनकी भागीदारी बढ़ाने पर जोर दे रही है। युवा कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी देने और उन्हें पार्टी के कार्यक्रमों से जोड़ने की रणनीति आने वाले समय में अहम हो सकती है। सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए युवाओं तक पहुंच बनाने पर भी पार्टी का विशेष ध्यान रहने की उम्मीद है। Vande Mataram के सभी 6 अंतरे, बैठक का खास पल नई टीम की पहली बैठक का सबसे अलग पहलू वंदे मातरम के सभी छह अंतरों का गायन रहा। बैठक में मौजूद नेताओं और पदाधिकारियों ने सामूहिक रूप से राष्ट्रगीत गाया। इससे बैठक की शुरुआत में ही एकजुटता और राष्ट्रभावना का संदेश देने की कोशिश दिखाई दी। नई टीम के सामने बड़ी जिम्मेदारी नितिन नवीन के नेतृत्व में नई BJP टीम के सामने अब संगठन को जमीन पर और मजबूत करने की चुनौती है। आगामी चुनावों की तैयारी, युवा वोटर्स से संवाद और बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं की सक्रियता—ये सभी पार्टी के लिए महत्वपूर्ण मुद्दे रहने वाले हैं। पहली बैठक से साफ है कि BJP का फोकस अब Election Preparation के साथ Organization Strength और Youth Connect पर भी रहेगा। आने वाले दिनों में बैठक में बनी रणनीति को किस तरह जमीन पर लागू किया जाता है, इस पर सभी की नजर रहेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Mayawati

Akhilesh Yadav पर Mayawati का बड़ा हमला, ‘चवन्नी से रुपया’ बयान पर Jat समाज से मांगें माफी

उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बयान ने फिर हलचल बढ़ा दी है। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव की ‘चवन्नी से रुपया’ वाली टिप्पणी को लेकर राष्ट्रीय लोकदल के नेता जयंत चौधरी ने आपत्ति जताई, वहीं अब बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती (Mayawati) ने भी अखिलेश यादव पर सीधा हमला बोला है। मायावती ने कहा कि अखिलेश को जयंत चौधरी के साथ-साथ जाट समाज से भी माफी मांगनी चाहिए। कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद? दरअसल, अखिलेश यादव ने अपने पुराने राजनीतिक सहयोगियों पर निशाना साधते हुए कहा था कि सपा ने कुछ लोगों को ‘चवन्नी से रुपया’ बनाया, लेकिन बाद में वही लोग पार्टी से अलग हो गए। उनके इस बयान को जयंत चौधरी और राष्ट्रीय लोकदल से जोड़कर देखा गया। अखिलेश की टिप्पणी सामने आने के बाद जयंत चौधरी ने भी जवाब दिया। उनका कहना था कि अगर राजनीतिक आलोचना करनी है तो सीधे उनका नाम लिया जाए। पूरे जाट समाज को इस तरह की टिप्पणी से जोड़ना ठीक नहीं है। Mayawati ने अखिलेश को घेरा विवाद बढ़ा तो मायावती ने अखिलेश यादव को निशाने पर ले लिया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन किसी समाज या सम्मानित राजनीतिक परिवार के लिए इस तरह की भाषा का इस्तेमाल उचित नहीं है। मायावती ने अखिलेश से जयंत चौधरी, चौधरी चरण सिंह के परिवार और जाट समाज से माफी मांगने की मांग की। उन्होंने सपा पर आरोप लगाया कि चुनावी जरूरत के हिसाब से पार्टी अपने राजनीतिक सहयोगियों के प्रति रुख बदलती रही है। ‘काम निकलने के बाद बदल जाते हैं रंग’ Mayawati ने सपा की राजनीति पर तंज कसते हुए कहा कि जब किसी सहयोगी से राजनीतिक फायदा लेना होता है तो उसे महत्व दिया जाता है, लेकिन काम निकलने के बाद रवैया बदल जाता है। उन्होंने इसी संदर्भ में ‘गिरगिट की तरह रंग बदलने’ वाली बात कही। उनके इस बयान ने यूपी की सियासत में पहले से चल रही बयानबाजी को और तेज कर दिया है। जयंत चौधरी के समर्थन में उतरीं मायावती मायावती का जयंत चौधरी के समर्थन में खुलकर सामने आना राजनीतिक तौर पर भी चर्चा का विषय बन गया है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जाट समाज का प्रभाव लंबे समय से चुनावी समीकरणों में अहम माना जाता है। ऐसे में अखिलेश यादव की टिप्पणी और उसके बाद मायावती का हमला राजनीतिक मायने रखता है। वहीं, समाजवादी पार्टी की ओर से अखिलेश यादव के बयान को लेकर सफाई भी सामने आई है। पार्टी नेताओं का कहना है कि टिप्पणी का उद्देश्य किसी समाज का अपमान करना नहीं था। 2027 चुनाव से पहले बढ़ेगी सियासी गर्मी? उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव को अभी समय है, लेकिन राजनीतिक दलों के बीच बयानबाजी शुरू हो चुकी है। सपा, RLD और बसपा के बीच बदलते समीकरणों के बीच ‘चवन्नी से रुपया’ विवाद ने एक नई बहस छेड़ दी है। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या अखिलेश यादव मायावती की माफी की मांग पर जवाब देंगे? आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर दोनों पक्षों की ओर से और बयान सामने आ सकते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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FDA

Maharashtra FDA Action: तुकाराम मुंढे का ‘सिंघम’ अंदाज, Hotel से Quick Commerce तक मचा हड़कंप

महाराष्ट्र में इन दिनों Food Safety को लेकर प्रशासन का रुख पहले से कहीं ज्यादा सख्त नजर आ रहा है। FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे के नेतृत्व में चल रही कार्रवाई ने छोटे ढाबों से लेकर बड़े रेस्टोरेंट, क्लब, कैंटीन और Quick Commerce कंपनियों तक को सतर्क कर दिया है। जहां भी खाने की गुणवत्ता, साफ-सफाई या लाइसेंस से जुड़ी गंभीर खामी मिल रही है, वहां FDA कार्रवाई कर रहा है। क्यों चर्चा में है तुकाराम मुंढे का FDA अभियान? तुकाराम मुंढे ने 25 मई 2026 को महाराष्ट्र FDA कमिश्नर का पद संभाला था। इसके बाद खाद्य सुरक्षा जांच को बड़े स्तर पर बढ़ाया गया। मुंढे ने एक बयान में बताया कि करीब दो महीनों में 3,100 से ज्यादा निरीक्षण, लगभग 165 तत्काल लाइसेंस निलंबन और 750 से अधिक सुधार नोटिस जारी किए गए। यही वजह है कि सोशल मीडिया से लेकर आम लोगों के बीच उनके अभियान की चर्चा तेज हो गई है। हालांकि मुंढे खुद इस तरह की ‘सिंघम’ वाली छवि से दूरी बनाते हुए कहते रहे हैं कि विभाग कानून के मुताबिक काम कर रहा है। बड़े नाम भी FDA की नजर से बाहर नहीं महाराष्ट्र FDA की कार्रवाई की खास बात यह है कि जांच का दायरा सिर्फ छोटे कारोबारियों तक सीमित नहीं रहा। मुंबई में McDonald’s समेत कई चर्चित क्लब और रेस्टोरेंट पर कार्रवाई की खबर सामने आई। कुछ जगहों पर स्वच्छता, खाद्य भंडारण और लाइसेंस से जुड़ी गंभीर कमियां मिलने के बाद कार्रवाई की गई। इसके अलावा महाराष्ट्र में Domino’s और Pizza Hut के कुछ आउटलेट भी FDA की कार्रवाई की चपेट में आए। रिपोर्ट के मुताबिक, निरीक्षण के दौरान स्वच्छता से जुड़ी कमियां, कीटों की मौजूदगी और खाद्य उत्पादों पर एक्सपायरी संबंधी खामियां सामने आईं। Quick Commerce कंपनियों पर भी शिकंजा आज के दौर में Blinkit, Zepto और Swiggy Instamart जैसी सेवाओं से लोग रोजमर्रा का सामान घर बैठे मंगाते हैं। ऐसे में FDA ने इनके Dark Stores और Warehouses को भी जांच के दायरे में रखा है। Reuters के मुताबिक, महाराष्ट्र में FDA ने 86 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया और 60 सुधार नोटिस जारी किए। कई वेयरहाउस में स्वच्छता से जुड़ी गंभीर समस्याएं मिलने के बाद लाइसेंस या परमिट पर कार्रवाई की गई। एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक, Blinkit, Zepto और Instamart से जुड़े 14 Food Business Licences निलंबित किए गए। यानी अब ऑनलाइन डिलीवरी के नाम पर भी खाद्य सुरक्षा नियमों से समझौता करना आसान नहीं होगा। कहीं खराब पनीर, कहीं गंदगी ने खोली पोल FDA की हालिया जांच में सामने आए मामले इस अभियान की गंभीरता बताते हैं। छत्रपति संभाजीनगर के एक रेस्टोरेंट में जांच के दौरान कथित तौर पर सड़ा और दुर्गंधयुक्त पनीर इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई। FDA ने इसे गंभीर खाद्य सुरक्षा उल्लंघन माना। मुंबई के कुछ प्रतिष्ठानों में भी मक्खियां, कॉकरोच, असुरक्षित खाद्य भंडारण और दूसरे Hygiene Violations मिलने की रिपोर्ट सामने आई है। इन मामलों में लाइसेंस निलंबित करने जैसी कार्रवाई की गई। स्कूल कैंटीन और कॉलेजों तक पहुंची जांच FDA की नजर अब स्कूलों, कॉलेजों और शैक्षणिक संस्थानों के आसपास मौजूद खाने-पीने की दुकानों पर भी है। तुकाराम मुंढे ने कहा है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले Educational Institutions के आसपास के eateries के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। IIT Bombay की दो हॉस्टल कैंटीन को भी वैध FSSAI लाइसेंस नहीं होने के कारण बंद किए जाने की रिपोर्ट सामने आई। इसके साथ ही FDA ने बच्चों के लिए सुरक्षित और पौष्टिक भोजन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ‘Safe Food For Every Child in Maharashtra’ अभियान भी शुरू किया है। दूध और मिलावट पर भी नजर FDA का अभियान सिर्फ रेस्टोरेंट और कैंटीन तक सीमित नहीं है। दूध में मिलावट और Synthetic Milk Units के खिलाफ भी महाराष्ट्र में कार्रवाई हुई है। जांच का दायरा डेयरी, ट्रांसपोर्टर, डिस्ट्रीब्यूटर, थोक विक्रेता और रिटेलर तक बढ़ाया गया है। यानी सरकार का फोकस सिर्फ उस जगह तक नहीं है जहां खाना तैयार होता है, बल्कि Food Supply Chain के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचने पर है। कार्रवाई पर सवाल भी उठे जहां एक ओर FDA के अभियान को समर्थन मिल रहा है, वहीं कुछ कार्रवाई को लेकर कानूनी सवाल भी सामने आए हैं। बॉम्बे हाईकोर्ट ने कुछ मामलों में FDA के तत्काल लाइसेंस निलंबन के आदेशों पर रोक लगाई या उन्हें पलटा। अदालत ने ऐसे मामलों में वास्तविक स्वास्थ्य जोखिम और उचित प्रक्रिया की जरूरत पर जोर दिया। पुणे की एक मिठाई की दुकान से जुड़े मामले में भी बॉम्बे हाईकोर्ट ने FDA को 5 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया। रिपोर्ट के मुताबिक, दोबारा जांच में प्रतिष्ठान ने 36 में से 35 खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन किया था। इससे साफ है कि Food Safety Enforcement के साथ-साथ कार्रवाई की कानूनी प्रक्रिया भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। CM फडणवीस ने दिया मुंढे को समर्थन महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने FDA के अभियान का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि खाद्य मिलावट स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। सरकार के समर्थन के बाद यह संकेत साफ है कि महाराष्ट्र में Food Safety अभियान फिलहाल रुकने वाला नहीं है। आम लोगों के लिए इसका क्या मतलब? इस पूरी कार्रवाई का सबसे सीधा असर आम ग्राहक पर पड़ता है। जिस होटल, कैंटीन या दुकान से लोग रोज खाना खरीदते हैं, वहां साफ-सफाई और खाद्य गुणवत्ता का सीधा संबंध उनकी सेहत से है। लेकिन इस अभियान की असली सफलता सिर्फ छापेमारी या लाइसेंस निलंबित करने में नहीं होगी। लंबे समय में जरूरी यह है कि कारोबारियों में नियमों का पालन करने की आदत बने और ग्राहकों को सुरक्षित भोजन मिले। फिलहाल महाराष्ट्र में FDA का संदेश बिल्कुल साफ है—चाहे छोटा कारोबार हो या बड़ा ब्रांड, Food Safety Rules से समझौता हुआ तो कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। तुकाराम मुंढे की सख्त कार्यशैली ने इस मुद्दे को फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है और आने वाले दिनों में अभियान का दायरा और बढ़ने के संकेत हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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NSUI

NSUI vs ABVP: राहुल गांधी के Pune Event से पहले बढ़ा विवाद, छात्राओं के Registration पर आरोप-प्रत्यारोप

कांग्रेस नेता राहुल गांधी के पुणे दौरे से ठीक पहले छात्र राजनीति में तनाव देखने को मिला। शुक्रवार रात COEP Technological University के हॉस्टल कैंपस में NSUI और ABVP से जुड़े कार्यकर्ताओं के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। मामला राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के Registration से जुड़ा बताया जा रहा है। घटना के बाद पुलिस ने कैंपस में सुरक्षा बढ़ा दी। वहीं, शिकायत के आधार पर यूथ कांग्रेस से जुड़े कई कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इस पूरे घटनाक्रम ने राहुल गांधी के आज होने वाले कार्यक्रम से पहले पुणे की छात्र राजनीति को गर्म कर दिया है। Registration को लेकर शुरू हुआ विवाद विवाद की शुरुआत छात्राओं के राहुल गांधी के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए Registration को लेकर हुई। ABVP का आरोप है कि NSUI और कांग्रेस से जुड़े कार्यकर्ता छात्राओं पर कार्यक्रम के लिए Registration कराने का दबाव बना रहे थे। ABVP कार्यकर्ताओं का कहना है कि इसी मामले की जानकारी लेने के लिए वे हॉस्टल परिसर पहुंचे थे। वहां दोनों पक्षों के बीच बहस हुई और देखते ही देखते स्थिति तनावपूर्ण हो गई। दूसरी ओर, कांग्रेस और NSUI ने ABVP के आरोपों को खारिज किया है। कांग्रेस की ओर से दावा किया गया कि कार्यक्रम का समर्थन करने वाली छात्राओं को ABVP कार्यकर्ताओं की ओर से धमकाया गया। दोनों संगठनों की ओर से घटना को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। पुलिस ने दर्ज किया केस झड़प के बाद पुणे पुलिस ने मामले में कार्रवाई की। ABVP सदस्य की शिकायत के आधार पर यूथ कांग्रेस के करीब 50-60 कार्यकर्ताओं के खिलाफ केस दर्ज किए जाने की बात सामने आई है। घटना के बाद COEP हॉस्टल परिसर में पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और घटनाक्रम से जुड़े लोगों से जानकारी जुटाई जा रही है। फिलहाल परिसर में स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है। आज राहुल गांधी का ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम इस विवाद के बीच राहुल गांधी आज, 22 अगस्त, पुणे में छात्रों से संवाद करेंगे। उनके कार्यक्रम का नाम ‘छात्रों की गूंज’ रखा गया है। इसमें छात्रों से जुड़े मुद्दों, शिक्षा, रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाओं और युवाओं से संबंधित विषयों पर बातचीत होने की उम्मीद है। कार्यक्रम को लेकर पुलिस ने सुरक्षा के खास इंतजाम किए हैं। बड़ी संख्या में छात्रों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए कार्यक्रम स्थल के आसपास भी सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई है। कार्यक्रम से पहले बढ़ा सियासी तापमान राहुल गांधी के कार्यक्रम से कुछ घंटे पहले ही NSUI और ABVP के बीच हुई झड़प ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। एक तरफ ABVP Registration को लेकर दबाव बनाने का आरोप लगा रहा है, तो दूसरी तरफ कांग्रेस छात्राओं को धमकाने का आरोप लगा रही है। फिलहाल पुलिस की जांच के बाद ही यह साफ होगा कि विवाद की शुरुआत किस बात से हुई और झड़प के लिए कौन जिम्मेदार था। लेकिन इतना जरूर है कि राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम से पहले पुणे का यह Campus विवाद चर्चा में आ गया है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Monsoon

Monsoon Update: वाराणसी के सभी घाट डूबे, छत पर Ganga Aarti; Delhi में बारिश

मानसून (Monsoon) ने देश के अलग-अलग हिस्सों में अलग रंग दिखा रखा है। कहीं लगातार बारिश से नदियां उफान पर हैं, तो कहीं बारिश थमते ही गर्मी फिर परेशान करने लगी है। वाराणसी में गंगा का जलस्तर बढ़ने से सभी प्रमुख घाट पानी में डूब गए हैं। हालात ऐसे हैं कि गंगा आरती और अंतिम संस्कार तक के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ रही है। उधर, दिल्ली में अगस्त की बारिश सामान्य आंकड़े से आगे निकल गई है, जबकि राजस्थान में मानसून कमजोर पड़ने के बाद कई इलाकों में तापमान 40 डिग्री के करीब पहुंच रहा है। वाराणसी में Ganga का जलस्तर बढ़ा, घाट हुए जलमग्न वाराणसी में गंगा का पानी लगातार ऊपर आने से घाटों की सीढ़ियां पूरी तरह जलमग्न हो गई हैं। शहर के 84 घाटों पर पानी पहुंचने के बाद सामान्य गतिविधियां प्रभावित हुई हैं। घाटों के आसपास रहने वाले लोगों और श्रद्धालुओं को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। गंगा का पानी बढ़ने का असर सिर्फ घाटों तक सीमित नहीं है। कई निचले इलाकों और आसपास की गलियों में भी पानी पहुंचने लगा है। प्रशासन की ओर से राहत और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर निगरानी बढ़ाई गई है। छत पर हुई Ganga Aarti, बदल गई व्यवस्था वाराणसी की पहचान मानी जाने वाली गंगा आरती पर भी बाढ़ का असर पड़ा है। पानी घाट की सीढ़ियों तक पहुंचने के कारण दशाश्वमेध घाट पर आरती को ऊपर की ओर शिफ्ट करना पड़ा। श्रद्धालुओं के लिए छत से आरती देखने की व्यवस्था की गई। सामान्य दिनों में घाट पर होने वाली आरती का नजारा देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। लेकिन इस बार गंगा का बढ़ा जलस्तर पूरे माहौल को बदल रहा है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए आयोजन स्थल में बदलाव किया गया है। मणिकर्णिका घाट पर भी बदली अंतिम संस्कार की जगह बढ़ते पानी का असर मणिकर्णिका घाट पर भी साफ दिखाई दे रहा है। घाट का निचला हिस्सा पानी में डूबने के कारण अंतिम संस्कार के लिए वैकल्पिक जगह का इस्तेमाल किया जा रहा है। कई मामलों में छत पर अंतिम संस्कार करने की स्थिति बनी है। यह तस्वीर वाराणसी के लोगों के लिए बेहद भावुक कर देने वाली है। जिस घाट पर सदियों से अंतिम संस्कार होते आए हैं, वहां गंगा का पानी पहुंच जाने से पूरी व्यवस्था बदल गई है। पानी बढ़ने के साथ शव लेकर आने वाले परिवारों की मुश्किलें भी बढ़ी हैं। Delhi में August Rainfall ने छुआ सामान्य आंकड़ा राजधानी दिल्ली में इस मानसून अच्छी बारिश देखने को मिली है। अगस्त में अब तक हुई बारिश सामान्य आंकड़े से आगे निकल चुकी है। बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव और ट्रैफिक से जुड़ी परेशानियां भी सामने आती रही हैं। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में आने वाले दिनों में भी बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। ऐसे में लोगों को मौसम अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है। Rajasthan में कमजोर पड़ा Monsoon, गर्मी फिर बढ़ी राजस्थान में मौसम का मिजाज दिल्ली और वाराणसी से अलग है। राज्य के कई हिस्सों में मानसून कमजोर पड़ने के बाद बारिश की गतिविधियां कम हुई हैं। बारिश थमने के साथ धूप तेज हुई और तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिली। कुछ इलाकों में पारा 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंचने से उमस और गर्मी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। हालांकि पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में बारिश की संभावना बनी हुई है, लेकिन पूरे राज्य में मानसून की स्थिति एक जैसी नहीं है। तीन राज्यों में मानसून की तीन अलग तस्वीर फिलहाल उत्तर भारत में मौसम की तस्वीर काफी दिलचस्प है। वाराणसी में Ganga Flood ने घाटों की दिनचर्या बदल दी है, Delhi में August Rainfall सामान्य स्तर से ऊपर पहुंच चुकी है और Rajasthan में कमजोर Monsoon के कारण गर्मी दोबारा असर दिखा रही है। आने वाले दिनों में मौसम का रुख किस ओर जाता है, इस पर सभी की नजर है। खासकर वाराणसी में गंगा के जलस्तर में उतार-चढ़ाव महत्वपूर्ण रहेगा। वहीं दिल्ली और राजस्थान के लोगों के लिए बारिश और तापमान से जुड़े मौसम अपडेट राहत और परेशानी, दोनों की तस्वीर तय करेंगे। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Pellet Gun

Pellet Gun Case: राहुल गांधी का धरना रंग लाया, पुलिस ने दर्ज की FIR

पैलेट गन (Pellet Gun) से घायल छात्र के मामले में शुक्रवार को दिल्ली की सियासत गरमा गई। कांग्रेस नेता राहुल गांधी पीड़ित साहिल लोचब को साथ लेकर संसद मार्ग पुलिस स्टेशन पहुंचे और FIR दर्ज करने की मांग की। पुलिस से बातचीत के बाद भी जब कार्रवाई को लेकर स्थिति साफ नहीं हुई तो राहुल गांधी वहीं धरने पर बैठ गए। कुछ देर बाद मामले में FIR दर्ज होने की खबर सामने आई। पीड़ित को साथ लेकर थाने पहुंचे राहुल गांधी राहुल गांधी शुक्रवार को साहिल लोचब के साथ संसद मार्ग पुलिस स्टेशन पहुंचे। साहिल ने आरोप लगाया है कि 20 जुलाई को दिल्ली में हुए प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर पैलेट गन के इस्तेमाल से उन्हें चोट लगी थी। पीड़ित की शिकायत पर FIR दर्ज कराने की मांग को लेकर राहुल गांधी ने पुलिस अधिकारियों से बातचीत की। उनका कहना था कि अगर किसी व्यक्ति के घायल होने की शिकायत सामने आई है तो पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। FIR की मांग पर धरने पर बैठ गए राहुल पुलिस स्टेशन में बातचीत के बाद राहुल गांधी ने FIR दर्ज करने की मांग दोहराई। कार्रवाई में देरी को लेकर उन्होंने वहीं धरना शुरू कर दिया। इस दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा समेत पार्टी के कई नेता भी मौके पर पहुंचे। राहुल गांधी ने कहा कि वह पीड़ित को न्याय दिलाने और मामले में कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित कराने के लिए वहां बैठे हैं। उनके धरने के बाद पुलिस स्टेशन के आसपास सुरक्षा भी बढ़ा दी गई। आखिर क्या है Pellet Gun Case? यह मामला 20 जुलाई को दिल्ली में हुए एक छात्र प्रदर्शन से जुड़ा बताया जा रहा है। साहिल लोचब ने शिकायत में कथित पैलेट गन से घायल होने की बात कही है। घटना को लेकर पुलिस की भूमिका और बल प्रयोग के आरोपों पर भी सवाल उठाए गए हैं। दिल्ली पुलिस की ओर से मामले से जुड़े आरोपों की जांच का पक्ष सामने आया है। वहीं सुप्रीम कोर्ट द्वारा पुलिस और अर्धसैनिक बलों के कथित अत्यधिक बल प्रयोग से जुड़े आरोपों की जांच के लिए हाई-पावर्ड एक्सपर्ट कमेटी गठित किए जाने की बात भी सामने आई है। धरने के बीच सामने आई FIR की जानकारी राहुल गांधी के धरने के बीच शाम को खबर सामने आई कि दिल्ली पुलिस ने साहिल लोचब को लगी पैलेट चोटों के मामले में FIR दर्ज कर ली है। इसके बाद राहुल गांधी की मांग पर पुलिस की कार्रवाई को लेकर चर्चा तेज हो गई। हालांकि, FIR दर्ज होना जांच की शुरुआत है। अब जांच में यह सामने आना बाकी है कि घटना वास्तव में कैसे हुई, पैलेट गन का इस्तेमाल किस परिस्थिति में हुआ और इसके लिए जिम्मेदारी किसकी बनती है। BJP ने राहुल गांधी पर साधा निशाना राहुल गांधी के धरने को लेकर BJP ने भी कांग्रेस पर निशाना साधा। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी पुलिस स्टेशन पर धरना देकर राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं। BJP का कहना है कि मामले से जुड़े आरोपों की जांच पहले से अलग स्तर पर चल रही है। वहीं कांग्रेस का कहना है कि घायल छात्र की शिकायत पर FIR दर्ज होना उसका कानूनी अधिकार है और राहुल गांधी उसी मांग को लेकर पीड़ित के साथ खड़े हुए। अब जांच पर टिकी नजर पैलेट गन मामले में FIR दर्ज होने के बाद अब सबसे ज्यादा नजर पुलिस जांच पर रहेगी। घटना से जुड़े वीडियो, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और मेडिकल रिपोर्ट जैसे साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय हो सकती है। राहुल गांधी के धरने ने इस मामले को राष्ट्रीय राजनीतिक मुद्दा बना दिया है। फिलहाल FIR दर्ज होने के बाद अगला बड़ा सवाल यही है कि जांच में क्या सामने आता है और जिम्मेदारी किस पर तय होती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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IndiGo

IndiGo Website Glitch: एक हफ्ते में दूसरी बार Online Services ठप, यात्री परेशान

इंडिगो (IndiGo) की फ्लाइट से सफर करने की तैयारी कर रहे यात्रियों के लिए शुक्रवार का दिन कुछ परेशान करने वाला रहा। एयरलाइन की Website और App में तकनीकी दिक्कत के चलते कई यूजर्स टिकट बुक नहीं कर पाए। इतना ही नहीं, Web Check-in, Login और Payment जैसी सुविधाएं भी प्रभावित होने की शिकायतें सामने आईं। सबसे ज्यादा चिंता की बात यह है कि एक सप्ताह के भीतर इंडिगो के ऑनलाइन सिस्टम में दूसरी बार परेशानी आई है। इससे यात्रियों में यह सवाल भी उठने लगा है कि आखिर बार-बार रिजर्वेशन सिस्टम में दिक्कत क्यों आ रही है। Flight Search करते ही दिखा ‘No Data Available’ शुक्रवार को कई यात्रियों ने इंडिगो की वेबसाइट पर फ्लाइट सर्च की, लेकिन उन्हें ‘No Data Available’ का मैसेज दिखाई दिया। कुछ यात्रियों के लिए बुकिंग प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी और टिकट खरीदने में परेशानी हुई। सोशल मीडिया पर भी यात्रियों ने अपनी समस्या साझा की। किसी ने Booking अटकने की बात कही तो किसी ने App में Login और Payment से जुड़ी परेशानी बताई। Web Check-in ने भी बढ़ाई परेशानी जिन यात्रियों की फ्लाइट नजदीक थी, उनके लिए समस्या और गंभीर हो गई। कई यूजर्स को Web Check-in पूरा करने में दिक्कत आई। वहीं कुछ यात्रियों ने Payment Confirmation नहीं मिलने की शिकायत की। आमतौर पर यात्री एयरपोर्ट पहुंचने से पहले Web Check-in और Boarding Pass की प्रक्रिया पूरी कर लेते हैं। ऐसे में ऑनलाइन सिस्टम में खराबी होने पर यात्रियों को अतिरिक्त समय और परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इस हफ्ते दूसरी बार क्यों आई दिक्कत? इंडिगो के ऑनलाइन प्लेटफॉर्म में यह समस्या पहली बार नहीं आई। 19 अगस्त को भी Core Reservation Platform में तकनीकी गड़बड़ी सामने आई थी। उस समय भी टिकट बुकिंग और Web Check-in जैसी सेवाएं प्रभावित हुई थीं। एयरलाइन ने तब कहा था कि उसकी टेक्निकल टीम समस्या को दूर करने के लिए काम कर रही है। लेकिन कुछ ही दिनों बाद दोबारा ऐसी स्थिति आने से यात्रियों की चिंता बढ़ गई है। IndiGo ने क्या कहा? इंडिगो के मुताबिक, उसके Core Reservation Platform में intermittent technical issue आया था। कंपनी की टीम अपने टेक्नोलॉजी पार्टनर के साथ मिलकर समस्या को ठीक करने में जुटी थी। एयरलाइन ने यात्रियों से हुई असुविधा के लिए खेद जताया और जरूरत पड़ने पर Contact Centre से सहायता लेने की सलाह दी। यात्रियों के लिए क्या है जरूरी? अगर IndiGo की वेबसाइट या App पर टिकट बुकिंग अथवा Web Check-in नहीं हो रहा है, तो यात्री कुछ समय बाद दोबारा कोशिश कर सकते हैं। जिनकी फ्लाइट जल्द है, उन्हें आखिरी समय तक इंतजार करने के बजाय एयरलाइन की सहायता सेवा से संपर्क करना बेहतर रहेगा। एक ही हफ्ते में दो बार Outage से उठे सवाल इंडिगो के लिए डिजिटल सिस्टम बेहद अहम है, क्योंकि टिकट बुकिंग से लेकर Check-in तक बड़ी संख्या में यात्री ऑनलाइन सुविधाओं पर निर्भर हैं। ऐसे में लगातार दो बार तकनीकी परेशानी सामने आना निश्चित तौर पर एयरलाइन के लिए चिंता का विषय है। फिलहाल यात्रियों की नजर इस बात पर है कि IndiGo इस बार की तकनीकी समस्या का स्थायी समाधान कब तक करती है, ताकि आगे फिर ऐसी परेशानी का सामना न करना पड़े। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Raksha Bandhan

Raksha Bandhan 2026: घर जाने वालों के लिए Good News, रेलवे ने बढ़ाईं Special Trains; चेक करें Timing

रक्षाबंधन (Raksha Bandhan) पर घर जाने वाले यात्रियों के लिए रेलवे ने राहत की तैयारी की है। त्योहार के दौरान ट्रेनों में बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए दिल्ली, मध्य प्रदेश और राजस्थान के बीच Raksha Bandhan Special Trains चलाने का फैसला किया गया है। इससे उन यात्रियों को राहत मिलने की उम्मीद है, जिन्हें नियमित ट्रेनों में कन्फर्म टिकट मिलने में परेशानी हो रही है। रक्षाबंधन इस बार 28 अगस्त को मनाया जाएगा। त्योहार से पहले ही रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की आवाजाही बढ़ने लगी है। भाई-बहन के इस खास त्योहार पर बड़ी संख्या में लोग अपने घर लौटते हैं। इसी को देखते हुए रेलवे ने अतिरिक्त ट्रेनों की व्यवस्था की है। Jabalpur से Delhi के बीच चलेगी Special Train जबलपुर से हजरत निजामुद्दीन के बीच ट्रेन नंबर 01701/01702 चलाई जाएगी। ट्रेन 01701, 29 अगस्त को रात 8:20 बजे जबलपुर से रवाना होगी और अगले दिन दोपहर 2:25 बजे हजरत निजामुद्दीन पहुंचेगी। वापसी में ट्रेन 01702, 30 अगस्त को दोपहर 3:45 बजे हजरत निजामुद्दीन से चलेगी। यह ट्रेन अगले दिन सुबह 9:30 बजे जबलपुर पहुंचेगी। इस रूट पर ट्रेन के प्रमुख ठहरावों में कटनी मुड़वारा, दमोह, सागर, वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी, ग्वालियर, धौलपुर, आगरा कैंट, मथुरा और कोसी कलां शामिल हैं। Kota से Delhi के लिए भी Special Train रेलवे ने कोटा और हजरत निजामुद्दीन के बीच भी स्पेशल ट्रेन की घोषणा की है। ट्रेन नंबर 09803 कोटा से 22, 24 और 26 अगस्त को रात 10:15 बजे रवाना होगी और अगले दिन सुबह 7 बजे हजरत निजामुद्दीन पहुंचेगी। वहीं ट्रेन नंबर 09804 हजरत निजामुद्दीन से 23, 25 और 27 अगस्त को सुबह 9 बजे रवाना होगी। यह ट्रेन शाम 7:35 बजे कोटा पहुंचेगी। त्योहार की भीड़ में यात्रियों को मिलेगी राहत रक्षाबंधन पर ट्रेनों में सीटों की मांग अचानक बढ़ जाती है। कई लोग आखिरी समय तक टिकट की कोशिश करते हैं, जिससे कन्फर्म सीट मिलना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में स्पेशल ट्रेनों का संचालन यात्रियों के लिए एक अतिरिक्त विकल्प देगा। अगर आप भी रक्षाबंधन पर घर जाने की तैयारी कर रहे हैं, तो Train Number, Date, Timing और Seat Availability पहले ही चेक कर लें। यात्रा से पहले रेलवे की आधिकारिक जानकारी से ट्रेन का ताजा शेड्यूल जरूर कन्फर्म करें। यात्रियों के लिए सलाह: त्योहार के समय स्टेशन पर सामान्य दिनों की तुलना में ज्यादा भीड़ हो सकती है। इसलिए घर से निकलने से पहले ट्रेन की स्थिति जांचें और थोड़ा अतिरिक्त समय लेकर स्टेशन पहुंचें। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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JPSC

JPSC Exam Controversy: CGL विवाद के बाद नया Twist, हाईकोर्ट ने परीक्षा रद्द करने पर रोका फैसला

झारखंड में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे और भर्ती प्रक्रिया में चयनित अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं को लेकर चल रहे विवाद में झारखंड हाईकोर्ट ने सरकार के परीक्षा और नियुक्तियां रद्द करने के फैसले पर फिलहाल रोक लगा दी है। कोर्ट के इस आदेश के बाद उन उम्मीदवारों को राहत मिली है, जिनके चयन के बाद भी नौकरी पर अनिश्चितता बनी हुई थी। JPSC परीक्षा रद्द करने के फैसले पर High Court का ब्रेक मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने 11वीं और 13वीं JPSC परीक्षा से जुड़ी नियुक्तियों को रद्द करने के राज्य सरकार के फैसले पर रोक लगा दी। इससे चयनित उम्मीदवारों को फिलहाल अपनी नौकरी को लेकर राहत मिली है। रिपोर्टों के मुताबिक, इस फैसले से करीब 450 चयनित अभ्यर्थियों को फायदा हो सकता है। इनमें ऐसे उम्मीदवार भी शामिल हैं, जो चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद सरकारी पदों पर नियुक्त हो चुके हैं। JSSC CGL विवाद के बाद बढ़ी हलचल झारखंड में भर्ती परीक्षाओं को लेकर विवाद पहले से चल रहा था। JSSC CGL समेत कुछ परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक जैसे आरोपों के बाद सरकार ने कई परीक्षाओं की समीक्षा और जांच का फैसला किया। इसके बाद भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने की चर्चा तेज हुई। जिन उम्मीदवारों ने मेहनत से परीक्षा पास की थी, वे सरकार के फैसले से परेशान हो गए। उनका कहना था कि अगर परीक्षा में किसी स्तर पर गड़बड़ी हुई है तो जांच कर दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन सभी अभ्यर्थियों को एक ही नजर से देखना उचित नहीं है। 22 भर्ती परीक्षाओं पर लिया गया था फैसला सरकार की ओर से कथित गड़बड़ियों को लेकर 22 भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने, कुछ परीक्षाओं को स्थगित करने और आयोजित परीक्षाओं की जांच कराने का फैसला लिया गया था। इस फैसले ने हजारों अभ्यर्थियों की चिंता बढ़ा दी। कई उम्मीदवारों का भविष्य सीधे तौर पर इन परीक्षाओं के नतीजों और नियुक्तियों से जुड़ा हुआ है। ऐसे में मामला अदालत तक पहुंच गया। चयनित उम्मीदवारों ने ली High Court की शरण सरकार के फैसले के खिलाफ प्रभावित अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट का रुख किया। उनकी मुख्य चिंता यही थी कि उन्होंने परीक्षा और चयन प्रक्रिया पूरी की है और अब नियुक्ति रद्द होने से उनकी मेहनत पर पानी फिर सकता है। हाईकोर्ट की रोक के बाद फिलहाल इन उम्मीदवारों को कुछ राहत जरूर मिली है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि पूरा विवाद खत्म हो गया है। मामले में आगे की सुनवाई और जांच के बाद ही अंतिम तस्वीर साफ होगी। उम्मीदवारों की नजर अब अगली सुनवाई पर इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा चिंता उन युवाओं की है, जिन्होंने सरकारी नौकरी के लिए वर्षों तक तैयारी की। परीक्षा रद्द होने या नियुक्ति खत्म होने की खबर उनके लिए सिर्फ एक प्रशासनिक फैसला नहीं, बल्कि उनके भविष्य से जुड़ा बड़ा सवाल है। फिलहाल हाईकोर्ट के आदेश ने चयनित अभ्यर्थियों को राहत की सांस लेने का मौका दिया है। अब सबकी नजर आगे होने वाली सुनवाई पर रहेगी। अदालत के अंतिम फैसले और जांच की रिपोर्ट के बाद ही तय होगा कि इन परीक्षाओं और नियुक्तियों का भविष्य क्या होगा। JPSC-JSSC विवाद क्यों अहम है? झारखंड का यह मामला सिर्फ कुछ भर्ती परीक्षाओं तक सीमित नहीं है। इससे सरकारी भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता, परीक्षा व्यवस्था और अभ्यर्थियों के भरोसे से जुड़े सवाल भी सामने आए हैं। उम्मीदवार चाहते हैं कि जांच निष्पक्ष हो और जिन लोगों की गलती सामने आए, कार्रवाई उन्हीं के खिलाफ हो। फिलहाल High Court की रोक के बाद चयनित अभ्यर्थियों को राहत मिली है, लेकिन अंतिम फैसला अभी बाकी है। इसलिए उम्मीदवारों को आगे की कोर्ट सुनवाई और आधिकारिक आदेश पर नजर बनाए रखना जरूरी होगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Sugar

Sugar Rate Hike: त्योहारों से पहले चीनी के दाम बढ़े, Blinkit-Swiggy पर खरीदना हुआ Limited

चीनी (Sugar), जो हर घर की रसोई की रोजमर्रा की जरूरत है, इन दिनों लोगों की जेब पर भारी पड़ रही है। पिछले कुछ हफ्तों में चीनी के दाम तेजी से बढ़े हैं। इसी बीच Blinkit, Swiggy Instamart, BigBasket और D-Mart जैसे रिटेल और क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर चीनी की खरीद को लेकर लिमिट लगाई गई है। कई जगहों पर ग्राहक एक बार में 3 से 5 किलो तक ही चीनी खरीद पा रहे हैं। यानी अगर घर में ज्यादा मात्रा में चीनी खरीदने की जरूरत है, तो एक साथ बड़ी खरीदारी करना अब आसान नहीं है। Sugar Price: एक महीने में तेजी से बढ़े दाम Sugar की कीमतों में हालिया तेजी ने आम परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में चीनी की औसत खुदरा कीमत करीब ₹48 प्रति किलो के आसपास थी, जो अगस्त में बढ़कर ₹55 से ऊपर पहुंच गई। इसके बाद कुछ बाजारों में कीमतें और ऊपर गई हैं। शहर और बाजार के हिसाब से कीमतों में अंतर जरूर है, लेकिन जिस रफ्तार से दाम बढ़े हैं, उसका असर घर के मासिक बजट पर साफ दिखाई दे रहा है। Online Grocery पर क्यों लगाई गई खरीद Limit? Blinkit और Swiggy Instamart जैसे क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर खरीदारी की लिमिट लगाए जाने के पीछे मुख्य वजह उपलब्ध स्टॉक को संतुलित रखना मानी जा रही है। त्योहारी सीजन में चीनी की मांग अचानक बढ़ जाती है। मिठाइयों से लेकर घर में बनने वाले पकवानों तक, इस दौरान चीनी की खपत सामान्य दिनों की तुलना में बढ़ जाती है। ऐसे में कंपनियां ज्यादा मात्रा में खरीदारी को रोककर स्टॉक को ज्यादा ग्राहकों तक पहुंचाने की कोशिश कर रही हैं। हालांकि, यह लिमिट हर जगह एक जैसी नहीं है। कुछ स्थानों पर 5 किलो तक की खरीद की अनुमति है, जबकि कुछ जगहों पर इससे कम मात्रा की सीमा दिखाई दे रही है। चीनी महंगी होने की क्या है वजह? चीनी के दाम बढ़ने के पीछे कई कारण सामने आ रहे हैं। घरेलू उत्पादन में कमी, मौसम से जुड़ी परेशानियां, बढ़ती मांग और बाजार में स्टॉक को लेकर गतिविधियां कीमतों पर दबाव बना रही हैं। त्योहारी सीजन भी इस समय एक बड़ा फैक्टर है। रक्षाबंधन के बाद अब आने वाले त्योहारों में मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने की उम्मीद है। इसका सीधा असर चीनी की खपत पर पड़ सकता है। सरकार ने Duty-Free Sugar Import को दी मंजूरी बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने और घरेलू बाजार में सप्लाई बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने 10 लाख टन कच्ची चीनी के Duty-Free Import की अनुमति दी है। सरकार का लक्ष्य बाजार में पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना और कीमतों पर दबाव कम करना है। इसके अलावा बड़े थोक खरीदारों के लिए चीनी का स्टॉक रखने की सीमा में भी बदलाव किया गया है। इससे बाजार में जरूरत से ज्यादा चीनी जमा करने की गतिविधियों पर रोक लगाने की कोशिश की जा रही है। आम लोगों के लिए क्या मतलब? फिलहाल इसका सबसे सीधा असर उन परिवारों पर पड़ रहा है, जो महीने का राशन एक साथ खरीदते हैं। जहां दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर खरीद सीमा लागू है, वहां लोगों को जरूरत के हिसाब से छोटी मात्रा में चीनी खरीदनी पड़ सकती है। दूसरी तरफ, सरकार की ओर से सप्लाई बढ़ाने के कदमों के बाद बाजार में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है। अगर नई चीनी समय पर बाजार में पहुंचती है और त्योहारी मांग के मुताबिक स्टॉक उपलब्ध रहता है, तो कीमतों में आगे राहत मिल सकती है। Sugar Price पर आगे रहेगी नजर चीनी के बढ़ते दाम इस समय सिर्फ घरेलू बजट का मुद्दा नहीं हैं, बल्कि आने वाले त्योहारी सीजन के लिए भी अहम हैं। सरकार, मिलों और रिटेल कंपनियों के फैसलों पर अब बाजार की नजर रहेगी। फिलहाल ग्राहकों के लिए बेहतर यही है कि जरूरत के मुताबिक ही खरीदारी करें और अलग-अलग दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर कीमतों की तुलना कर लें। आने वाले दिनों में सप्लाई की स्थिति साफ होने के साथ चीनी के दाम में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।
Gold-Silver

Gold-Silver Price: त्योहार से पहले मिली राहत, सोना-चांदी के दाम में बड़ी गिरावट

Gold-Silver Price Today: रक्षाबंधन की खरीदारी के बीच सोना और चांदी खरीदने वालों के लिए बाजार से राहत वाली खबर आई है। 27 अगस्त 2026 को सोने और चांदी दोनों के भाव में गिरावट दर्ज की गई। 24 कैरेट सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम सस्ता होकर ₹1,58,477 पर आ गया। वहीं, 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 घटकर करीब ₹2,40,168 रह गया। त्योहार से ठीक पहले कीमतों में आई इस कमी से उन लोगों को थोड़ी राहत मिल सकती है, जो राखी के मौके पर बहन या परिवार के लिए सोने-चांदी की ज्वेलरी खरीदने का मन बना रहे हैं। Gold Price Today: सोने के भाव में ₹2,860 की गिरावट 27 अगस्त को 24 कैरेट सोने की कीमत में अच्छी-खासी गिरावट देखने को मिली। IBJA आधारित आंकड़ों के अनुसार, सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम टूटकर ₹1,58,477 पर पहुंच गया। वहीं, 23 कैरेट सोना करीब ₹1,57,842, 22 कैरेट सोना लगभग ₹1,45,165 और 18 कैरेट सोना करीब ₹1,18,858 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर रहा। हालांकि, यहां एक बात ध्यान रखना जरूरी है कि शहर और ज्वेलर के हिसाब से Gold Rate थोड़ा अलग हो सकता है। ज्वेलरी खरीदते समय मेकिंग चार्ज और दूसरे शुल्क भी जुड़ते हैं। Silver Price Today: चांदी भी हुई ₹2,791 सस्ती सोने के साथ चांदी की कीमत में भी गिरावट आई है। 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 कम होकर करीब ₹2,40,168 पर आ गया। चांदी में पिछले दिनों तेजी देखने को मिली थी, इसलिए मौजूदा गिरावट के बावजूद इसका भाव काफी ऊंचे स्तर पर बना हुआ है। त्योहारों और शादी-ब्याह के सीजन में चांदी की मांग बढ़ने से इसकी कीमत पर भी असर पड़ सकता है। Raksha Bandhan से पहले क्यों खास है Gold-Silver Price? रक्षाबंधन के मौके पर लोग सिर्फ राखी और मिठाई ही नहीं खरीदते, बल्कि कई परिवार इस दिन सोने या चांदी की छोटी ज्वेलरी खरीदना भी पसंद करते हैं। ऐसे में त्योहार से एक दिन पहले Gold और Silver के दाम में आई गिरावट खरीदारों के लिए अच्छी खबर मानी जा रही है। अगर आप भी खरीदारी की तैयारी कर रहे हैं तो बाजार में जाने से पहले अपने शहर का ताजा रेट जरूर देख लें। ऑनलाइन दिखने वाला IBJA या बुलियन रेट और ज्वेलरी शॉप का अंतिम बिल एक जैसा होना जरूरी नहीं है। सोना खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान सोने की ज्वेलरी खरीदते समय केवल Gold Rate देखना काफी नहीं है। बिल बनते समय मेकिंग चार्ज, GST और अन्य शुल्क जुड़ सकते हैं। इसलिए खरीदारी से पहले ज्वेलर से पूरी कीमत का ब्रेकअप मांगना बेहतर रहेगा। साथ ही, सोने की शुद्धता के लिए BIS Hallmark जरूर जांचें। इससे आपको खरीदे जा रहे सोने की शुद्धता के बारे में भरोसा मिलता है। आगे क्या हो सकता है Gold और Silver का भाव? सोने और चांदी की कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर की चाल, ब्याज दरों की उम्मीद और निवेशकों की खरीदारी जैसे कई फैक्टर कीमती धातुओं के भाव को प्रभावित करते हैं। इसलिए आज आई गिरावट को देखकर यह तय नहीं किया जा सकता कि आने वाले दिनों में कीमतें लगातार नीचे जाएंगी। बाजार की चाल बदलने में ज्यादा समय नहीं लगता। Gold-Silver Price Today का सीधा अपडेट रक्षाबंधन से पहले 24 कैरेट Gold करीब ₹2,860 सस्ता होकर ₹1,58,477 प्रति 10 ग्राम और Silver करीब ₹2,791 गिरकर ₹2,40,168 प्रति किलो पर आ गई है। अगर आप आज सोना या चांदी खरीदने जा रहे हैं, तो अंतिम खरीदारी से पहले अपने स्थानीय बाजार का लेटेस्ट रेट जरूर जांचें।
Raksha Bandhan

Raksha Bandhan 2026: राखी बांधने से पहले जान लें Bhadra का समय, ये है शुभ Muhurat

Raksha Bandhan 2026: भाई-बहन के रिश्ते में प्यार, अपनापन और थोड़ी-सी नोकझोंक हमेशा बनी रहती है। इन्हीं खूबसूरत रिश्तों को सेलिब्रेट करने वाला रक्षाबंधन इस बार 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा। राखी को लेकर इस बार एक सवाल काफी लोगों के मन में है—27 अगस्त या 28 अगस्त, आखिर किस दिन भाई की कलाई पर राखी बांधना शुभ रहेगा? पंचांग के अनुसार सावन पूर्णिमा 27 अगस्त की सुबह शुरू होगी और 28 अगस्त की सुबह तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर रक्षाबंधन 28 अगस्त को मनाया जाएगा। Raksha Bandhan 2026 Date: 27 या 28 अगस्त? रक्षाबंधन सावन मास की पूर्णिमा तिथि पर मनाया जाता है। इस साल पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त की सुबह करीब 9 बजे के बाद शुरू होकर 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे तक रहेगी। चूंकि 28 अगस्त को सूर्योदय के समय पूर्णिमा तिथि मौजूद रहेगी, इसलिए इसी दिन रक्षाबंधन मनाने की परंपरा रहेगी। यानी बहनें 28 अगस्त को भाई की कलाई पर राखी बांध सकती हैं। Rakhi Shubh Muhurat 2026: इस समय बांधें राखी 28 अगस्त को राखी बांधने के लिए सुबह का समय शुभ माना जा रहा है। उपलब्ध पंचांग गणना के अनुसार सुबह करीब 5:57 बजे से 9:48 बजे तक राखी बांधने का समय बताया गया है। हालांकि, शुभ मुहूर्त में शहर के सूर्योदय और स्थानीय पंचांग के अनुसार थोड़ा अंतर हो सकता है। इसलिए अगर आप किसी खास शहर में हैं, तो वहां के पंचांग से समय जरूर मिला लें। Bhadra Kaal: इस बार नहीं होगी बड़ी परेशानी रक्षाबंधन पर भद्रा का विशेष ध्यान रखा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भद्रा के दौरान राखी बांधना शुभ नहीं माना जाता। यही वजह है कि हर साल राखी बांधने से पहले लोग भद्रा समाप्त होने का इंतजार करते हैं। इस बार राहत की बात यह है कि 28 अगस्त को राखी बांधने के प्रमुख समय में भद्रा का प्रभाव नहीं रहेगा। ऐसे में बहनों को राखी बांधने के लिए भद्रा खत्म होने का लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। Raksha Bandhan 2026: एक नजर में पूरी जानकारी जानकारी विवरण रक्षाबंधन 28 अगस्त 2026, शुक्रवार पर्व सावन पूर्णिमा पूर्णिमा शुरुआत 27 अगस्त की सुबह पूर्णिमा समाप्त 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे राखी बांधने का शुभ समय सुबह करीब 5:57 से 9:48 बजे तक भद्रा 28 अगस्त के प्रमुख राखी मुहूर्त में नहीं Rakhi बांधने की पूजा विधि रक्षाबंधन के दिन सुबह स्नान करके भगवान का ध्यान करें और पूजा की तैयारी करें। राखी की थाली में रोली या कुमकुम, अक्षत, दीपक, फूल, मिठाई और राखी रखें। भाई को आसन पर बैठाकर पहले तिलक लगाएं। इसके बाद अक्षत लगाकर आरती करें और शुभ मुहूर्त में उसकी कलाई पर राखी बांधें। फिर मिठाई खिलाकर भाई के सुखी और खुशहाल जीवन की कामना करें। भाई भी बहन को प्यार और सम्मान के साथ उपहार देता है और हर परिस्थिति में उसके साथ खड़े रहने का संकल्प करता है। Raksha Bandhan का असली मतलब क्या है? राखी का धागा देखने में भले ही छोटा हो, लेकिन इसके पीछे छिपी भावना बहुत बड़ी है। बचपन में एक-दूसरे से लड़ने वाले भाई-बहन जब बड़े होते हैं तो यही रिश्ता सबसे मजबूत सहारा बन जाता है। रक्षाबंधन इसी भरोसे और अपनापन को फिर से महसूस करने का दिन है। इसलिए इस बार राखी बांधते समय सिर्फ मुहूर्त ही नहीं, बल्कि उस रिश्ते की मिठास को भी याद रखें, जो जिंदगी के हर पड़ाव पर साथ चलती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Kanpur

Kanpur Plane Crash: अचानक नीचे गिरा Training Plane, दो पायलटों की मौत

उत्तर प्रदेश के कानपुर (Kanpur) से गुरुवार को एक बेहद दुखद खबर सामने आई। गंगा बैराज के पास नत्थूपुरवा गांव के नजदीक एक Twin-Engine Training Aircraft खेत में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में सवार इंस्ट्रक्टर पायलट और ट्रेनी पायलट की मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और रेस्क्यू टीमों ने इलाके को घेरकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। Training Flight के दौरान हुआ हादसा मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक विमान ट्रेनिंग उड़ान पर था और इसी दौरान हादसे का शिकार हो गया। यह चार सीटों वाला ट्विन-इंजन विमान था। शुरुआती जानकारी में बताया गया कि विमान नीचे गिरने से पहले आसपास के लोगों ने तेज आवाज सुनी थी। हालांकि, उस आवाज की वजह क्या थी, इसे लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि विमान गंगा बैराज के करीब नत्थूपुरवा गांव के पास खुले खेत में गिरा। हादसा आबादी वाले इलाके से कुछ दूरी पर हुआ, जिसके बाद स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। हादसे के बाद मची अफरा-तफरी विमान के खेत में गिरने की सूचना मिलते ही पुलिस और इमरजेंसी टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। दुर्घटनाग्रस्त विमान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था और उसका मलबा खेत में बिखरा मिला। पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित किया और दोनों पायलटों को मलबे से बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। शुरुआती रिपोर्टों में एक पायलट की मौत और दूसरे के गंभीर रूप से घायल होने की जानकारी सामने आई थी। बाद में पुलिस अधिकारियों के हवाले से दोनों पायलटों की मौत की पुष्टि हुई। Crash की असली वजह अभी सामने नहीं आई कानपुर Plane Crash की वजह फिलहाल साफ नहीं है। शुरुआती स्तर पर विमान के अचानक नियंत्रण खोने और नीचे गिरने की बात सामने आई है, लेकिन तकनीकी खराबी, इंजन से जुड़ी समस्या या किसी अन्य कारण की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। अधिकारियों की ओर से दुर्घटना की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। विमान के मलबे, उड़ान से जुड़ी जानकारी और घटनास्थल से मिले सबूतों की जांच के बाद ही Crash की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी। Aviation Safety पर फिर उठे सवाल कानपुर में हुआ यह हादसा Flight Training के दौरान सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल खड़े करता है। हालांकि, अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि हादसा किस वजह से हुआ और क्या इसके पीछे कोई तकनीकी या संचालन संबंधी कारण था। फिलहाल प्रशासन की टीमें घटनास्थल पर मौजूद हैं और मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है। कानपुर विमान हादसे से जुड़ी नई जानकारी जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगी। Kanpur Plane Crash Latest Update: गंगा बैराज के पास Training Aircraft के क्रैश होने से दो पायलटों की मौत ने इलाके में शोक का माहौल पैदा कर दिया है। हादसे की पूरी तस्वीर जांच के बाद ही साफ होगी।
Share Market

Share Market Today: Sensex 77,250 के करीब, Nifty भी टूटा; जानें बाजार में क्यों आई गिरावट

भारतीय शेयर बाजार (Indian Share Market) में गुरुवार, 27 अगस्त को कारोबार के दौरान उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में Sensex और Nifty बढ़त के साथ खुले, लेकिन कुछ ही देर बाद बाजार की चाल बदल गई। बिकवाली बढ़ने से दोनों प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में पहुंच गए। सुबह 10:30 बजे Sensex 123.89 अंक की गिरावट के साथ 77,349.05 पर था, जबकि Nifty 24.60 अंक टूटकर 24,183.15 पर कारोबार कर रहा था। Sensex-Nifty पर बढ़ा दबाव गुरुवार की शुरुआत बाजार के लिए सकारात्मक रही। Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से निवेशकों को कुछ राहत मिली, लेकिन यह बढ़त ज्यादा देर टिक नहीं पाई। Nifty 24,200 के स्तर के नीचे चला गया, वहीं Sensex भी शुरुआती बढ़त गंवाकर कमजोर हो गया। इससे पहले सुबह 10:13 बजे Reuters के आंकड़ों में Sensex 77,379.50 और Nifty 24,191.85 पर था। यानी उस समय दोनों इंडेक्स में हल्की गिरावट दर्ज की जा रही थी। FMCG और Media Shares में बिकवाली सेक्टोरल कारोबार की बात करें तो FMCG शेयरों पर दबाव नजर आया। शुरुआती कारोबार में Nifty FMCG इंडेक्स भी लाल निशान में था। इसके साथ ही Media शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली। सुबह 10:30 बजे Nifty Media करीब 0.60 फीसदी नीचे 1,601.30 पर कारोबार कर रहा था। Media इंडेक्स इससे पहले लगातार दो कारोबारी सत्रों में बढ़त दर्ज कर चुका था। ऐसे में आज की गिरावट को कुछ हद तक मुनाफावसूली से भी जोड़कर देखा जा रहा है। HDFC Bank बना बाजार पर दबाव का बड़ा कारण आज बाजार में HDFC Bank का प्रदर्शन भी निवेशकों के रडार पर रहा। शेयर में करीब 1 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। Reuters के मुताबिक, अमेरिका में बैंक और उसके दो वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ दायर एक securities lawsuit की खबर के बाद शेयर पर दबाव बढ़ा। Upstox के अनुसार, HDFC Bank में बिकवाली के चलते Sensex दिन के ऊपरी स्तर से करीब 300 अंक नीचे आया, जबकि Nifty 24,200 के महत्वपूर्ण स्तर के नीचे फिसल गया। Global Market से मिले-जुले संकेत भारतीय बाजार को एक तरफ Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से सहारा मिला। Brent crude करीब 87.4 डॉलर प्रति बैरल तक आ गया था। ईरान और ओमान के बीच Strait of Hormuz को लेकर बातचीत आगे बढ़ने की खबरों से तेल आपूर्ति को लेकर चिंता कुछ कम हुई है। दूसरी ओर, अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों को लेकर बनी चिंता ने निवेशकों को थोड़ा सतर्क रखा। यही वजह रही कि एशियाई बाजारों में मजबूती के बावजूद भारतीय बाजार में तेजी टिक नहीं सकी। निवेशकों की नजर अब बाजार की अगली चाल पर फिलहाल घरेलू बाजार में तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है। एक तरफ कच्चे तेल में नरमी और मजबूत ग्लोबल टेक्नोलॉजी संकेत सकारात्मक हैं, तो दूसरी तरफ HDFC Bank जैसे बड़े शेयरों में कमजोरी और सेक्टोरल बिकवाली बाजार पर दबाव बना रही है। ऐसे माहौल में Sensex और Nifty की आगे की दिशा, 24,200 के आसपास Nifty की चाल और प्रमुख सेक्टर्स में खरीदारी-बिकवाली पर निवेशकों की नजर रहेगी। बाजार में उतार-चढ़ाव को देखते हुए किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय लेना बेहतर है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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