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H-1B Visa

US H-1B Visa Investigation: Cognizant पर US की जांच, क्या Indian IT Professionals की बढ़ेगी चिंता?

अमेरिका में H-1B Visa को लेकर एक बड़ी जांच शुरू होने के बाद भारतीय आईटी सेक्टर में हलचल तेज हो गई है। अमेरिकी श्रम विभाग (US Department of Labor) ने H-1B और PERM Visa से जुड़े संभावित फ्रॉड और श्रम कानूनों के उल्लंघन की जांच शुरू की है। इस जांच के दायरे में आईटी दिग्गज Cognizant समेत कई कंपनियां आई हैं। हालांकि, फिलहाल किसी भी कंपनी को दोषी नहीं ठहराया गया है। जांच अभी शुरुआती चरण में है और अधिकारी सभी जरूरी दस्तावेजों व भर्ती प्रक्रियाओं की समीक्षा कर रहे हैं। इसके बावजूद अमेरिका में नौकरी कर रहे भारतीय आईटी प्रोफेशनल्स और H-1B वीजा के लिए आवेदन करने वाले युवाओं के मन में कई सवाल उठने लगे हैं। क्या है पूरा मामला? अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि कहीं कुछ कंपनियां H-1B और PERM Visa Program का गलत इस्तेमाल तो नहीं कर रहीं। जांच में यह देखा जा रहा है कि विदेशी कर्मचारियों की भर्ती के दौरान अमेरिकी श्रम कानूनों का पालन किया गया या नहीं, कर्मचारियों को तय वेतन मिला या नहीं और कहीं अमेरिकी नागरिकों की जगह कम लागत पर विदेशी कर्मचारियों को प्राथमिकता तो नहीं दी गई। बताया जा रहा है कि इस मामले में कई कंपनियों को समन (Subpoena) भेजे गए हैं और भर्ती से जुड़े रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। Cognizant का नाम क्यों आया सामने? भारतीय मूल की वैश्विक आईटी कंपनी Cognizant का नाम भी जांच में शामिल कंपनियों की सूची में है। हालांकि, यह स्पष्ट करना जरूरी है कि अभी तक कंपनी के खिलाफ किसी तरह की अनियमितता साबित नहीं हुई है। जांच का उद्देश्य केवल तथ्यों की पुष्टि करना और यह सुनिश्चित करना है कि सभी कंपनियों ने अमेरिकी नियमों का पालन किया है। Indian IT Professionals पर क्या पड़ सकता है असर? H-1B Visa Approval में हो सकती है देरी यदि अमेरिकी एजेंसियां जांच के दौरान वीजा प्रक्रिया को और सख्त करती हैं, तो नए H-1B आवेदनों की जांच पहले से अधिक विस्तार से हो सकती है। इससे वीजा मंजूरी में अतिरिक्त समय लग सकता है। कंपनियों की Hiring Policy बदल सकती है भविष्य में आईटी कंपनियां वीजा नियमों को देखते हुए अमेरिका में स्थानीय कर्मचारियों की भर्ती बढ़ा सकती हैं। इससे विदेशी कर्मचारियों के लिए अवसरों की रणनीति बदल सकती है। वैध H-1B Holders को फिलहाल घबराने की जरूरत नहीं जो भारतीय प्रोफेशनल्स पहले से वैध H-1B Visa पर अमेरिका में काम कर रहे हैं और जिनके सभी दस्तावेज नियमों के अनुरूप हैं, उन्हें फिलहाल चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। केवल जांच शुरू होने से किसी कर्मचारी का वीजा प्रभावित नहीं होता। Compliance पर रहेगा ज्यादा फोकस अब कंपनियों को भर्ती प्रक्रिया, वेतन भुगतान और इमिग्रेशन नियमों का पालन पहले से अधिक सख्ती से करना पड़ सकता है। इससे पूरी H-1B प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनने की संभावना है। क्या H-1B Visa पर पड़ेगा बड़ा असर? फिलहाल ऐसा कोई संकेत नहीं है कि अमेरिका H-1B Visa Program को बंद करने जा रहा है। यह कार्रवाई केवल कथित धोखाधड़ी और नियमों के उल्लंघन की जांच के लिए की जा रही है। हालांकि, यदि जांच में बड़े स्तर पर अनियमितताएं सामने आती हैं, तो भविष्य में H-1B और PERM Visa से जुड़े नियम और सख्त किए जा सकते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Australia

PM Modi Australia Visit: Trade, Defence और Energy Sector में भारत-ऑस्ट्रेलिया ने किए बड़े समझौते

India और Australia के रिश्ते एक नए दौर में प्रवेश कर चुके हैं। दोनों देशों के बीच बढ़ता भरोसा अब केवल कूटनीति तक सीमित नहीं है, बल्कि रक्षा, व्यापार, ऊर्जा, तकनीक और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की सुरक्षा जैसे अहम क्षेत्रों तक पहुंच गया है। ऑस्ट्रेलिया में PM Modi और प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज (Anthony Albanese) की मुलाकात के दौरान कई महत्वपूर्ण फैसलों पर सहमति बनी, जिन्हें दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी के लिए बड़ा कदम माना जा रहा है। ऊर्जा सुरक्षा और Clean Energy पर बढ़ेगा सहयोग बैठक में सबसे ज्यादा जोर ऊर्जा सुरक्षा पर दिया गया। भारत की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को देखते हुए ऑस्ट्रेलिया ने यूरेनियम और क्रिटिकल मिनरल्स की सप्लाई को लेकर सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई। इसके साथ ही ग्रीन हाइड्रोजन, सोलर एनर्जी और अन्य स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं में मिलकर काम करने पर भी सहमति बनी। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे भारत के स्वच्छ ऊर्जा मिशन को गति मिलेगी और भविष्य में ऊर्जा के नए विकल्प विकसित करने में मदद मिलेगी। Trade और Investment को मिलेगा नया Boost भारत और ऑस्ट्रेलिया ने आर्थिक साझेदारी को और मजबूत बनाने का फैसला किया है। दोनों नेताओं ने व्यापार बढ़ाने, निवेश को प्रोत्साहित करने और सप्लाई चेन को मजबूत बनाने पर विस्तार से चर्चा की। प्रधानमंत्री मोदी ने ऑस्ट्रेलियाई कंपनियों को भारत में मैन्युफैक्चरिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर, टेक्नोलॉजी और डिजिटल सेक्टर में निवेश के लिए आमंत्रित किया। वहीं ऑस्ट्रेलिया ने भी भारतीय कंपनियों के लिए अपने बाजार में नए अवसर उपलब्ध कराने का भरोसा दिया। Defence Partnership होगी और मजबूत बदलते वैश्विक हालात के बीच दोनों देशों ने रक्षा सहयोग को नई ऊंचाई देने पर सहमति जताई। समुद्री सुरक्षा, संयुक्त सैन्य अभ्यास, रक्षा तकनीक और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए मिलकर काम करने का संकल्प दोहराया गया। दोनों नेताओं ने स्पष्ट किया कि नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था और स्वतंत्र समुद्री मार्ग दोनों देशों की साझा प्राथमिकता हैं। Technology, Education और Innovation पर भी फोकस बैठक में शिक्षा, रिसर्च, डिजिटल टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और स्किल डेवलपमेंट जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। दोनों देशों का मानना है कि भविष्य की अर्थव्यवस्था तकनीक और नवाचार पर आधारित होगी, इसलिए इस क्षेत्र में साझेदारी को और मजबूत बनाया जाएगा। भारतीय समुदाय की अहम भूमिका ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय मूल के लोगों की भूमिका की भी दोनों नेताओं ने सराहना की। प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय समुदाय को दोनों देशों के बीच मजबूत पुल बताते हुए कहा कि उनकी मेहनत और योगदान ने भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों को नई पहचान दी है। भारतीय समुदाय ने भी प्रधानमंत्री मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया, जिससे दोनों देशों के सांस्कृतिक रिश्तों की गहराई साफ दिखाई दी। PM Modi का संदेश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज भारत और ऑस्ट्रेलिया केवल अच्छे मित्र नहीं, बल्कि भरोसेमंद रणनीतिक साझेदार बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि वैश्विक चुनौतियों के इस दौर में दोनों देशों का साथ लोकतांत्रिक मूल्यों, आर्थिक विकास और क्षेत्रीय स्थिरता को नई मजबूती देगा। वहीं प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज ने भी भारत को ऑस्ट्रेलिया का प्रमुख साझेदार बताते हुए कहा कि आने वाले वर्षों में दोनों देशों का सहयोग और व्यापक होगा। क्यों खास है यह मुलाकात? यह बैठक ऐसे समय हुई है जब दुनिया ऊर्जा सुरक्षा, वैश्विक सप्लाई चेन, रक्षा सहयोग और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की स्थिरता जैसे बड़े मुद्दों से जूझ रही है। ऐसे में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच बढ़ती साझेदारी न केवल दोनों देशों के लिए, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर इन समझौतों को तय समय पर लागू किया गया, तो आने वाले वर्षों में भारत और ऑस्ट्रेलिया के रिश्ते पहले से कहीं ज्यादा मजबूत और व्यापक रूप में सामने आएंगे।
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Heavy Rain

Heavy Rain Alert: Maharashtra Flood में 3 हजार LPG Cylinders बहे, MP और Uttarakhand में बारिश बनी आफत

देशभर में मानसून का असर अब गंभीर होता जा रहा है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश (Heavy Rain) ने कई राज्यों में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। महाराष्ट्र में बाढ़ के तेज बहाव में करीब 3 हजार एलपीजी (LPG) सिलेंडर बह जाने की घटना ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। वहीं मध्य प्रदेश में एक युवक उफनती नदी में बह गया, जबकि उत्तराखंड के उत्तरकाशी और टिहरी जिलों में भूस्खलन (Landslide) से लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। Maharashtra Flood: बाढ़ के पानी में बह गए 3 हजार LPG Cylinders महाराष्ट्र के कई जिलों में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। इसी बीच बाढ़ के तेज बहाव में एक गैस एजेंसी के लगभग 3 हजार LPG सिलेंडर बह गए। घटना के बाद प्रशासन, आपदा प्रबंधन विभाग और संबंधित एजेंसी की टीमें सिलेंडरों की तलाश में जुट गई हैं। अधिकारियों ने लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। यदि किसी इलाके में बहकर आया गैस सिलेंडर दिखाई दे, तो उसे छूने या हटाने की कोशिश न करें। इसकी सूचना तुरंत स्थानीय प्रशासन को दें ताकि किसी भी संभावित हादसे से बचा जा सके। Madhya Pradesh: नदी के तेज बहाव में बहा युवक मध्य प्रदेश में लगातार बारिश के चलते कई नदियां और नाले उफान पर हैं। इसी दौरान एक युवक नदी पार करने की कोशिश में तेज बहाव की चपेट में आ गया और देखते ही देखते पानी में बह गया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस, एसडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। युवक की तलाश के लिए रेस्क्यू अभियान जारी है, लेकिन समाचार लिखे जाने तक उसका पता नहीं चल सका था। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बारिश के मौसम में नदी-नालों को पार करने का जोखिम बिल्कुल न उठाएं। Uttarakhand Landslide: उत्तरकाशी और टिहरी में भूस्खलन से नुकसान उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश पहाड़ी इलाकों के लिए मुसीबत बन गई है। उत्तरकाशी और टिहरी जिलों में कई स्थानों पर भूस्खलन हुआ, जिससे एक मकान क्षतिग्रस्त हो गया। कई सड़कें मलबा आने से बंद हो गईं, जिससे स्थानीय लोगों और यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव दल तैनात कर दिए हैं। सड़कों से मलबा हटाने का काम तेजी से किया जा रहा है, जबकि संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। Heavy Rain Alert: कई राज्यों में अभी और बरसेंगे बादल भारतीय मौसम विभाग ने महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड सहित कई राज्यों में अगले कुछ दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। लगातार बारिश के कारण नदियों का जलस्तर और बढ़ सकता है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ का खतरा बना रहेगा। प्रशासन ने लोगों से मौसम की ताजा जानकारी पर नजर रखने, अनावश्यक यात्रा से बचने और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की है। क्या रखें सावधानी? बारिश के इस दौर में थोड़ी-सी लापरवाही बड़ा हादसा बन सकती है। इसलिए कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है— लगातार नजर बनाए हुए है प्रशासन देश के कई हिस्सों में बारिश का दौर अभी थमने वाला नहीं दिख रहा है। प्रशासन संवेदनशील इलाकों पर लगातार निगरानी रखे हुए है और राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिए गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में मौसम का मिजाज और चुनौतीपूर्ण हो सकता है। ऐसे में सतर्क रहना और प्रशासन की सलाह मानना ही सबसे सुरक्षित विकल्प है।
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Punjab Congress

Big Political Update: Punjab Congress में नहीं बदलेगा नेतृत्व, Raja Warring ही संभालेंगे कमान

पंजाब कांग्रेस (Punjab Congress) में पिछले कुछ दिनों से प्रदेश अध्यक्ष बदलने की चर्चाएं तेज थीं। राजनीतिक गलियारों में कई तरह के कयास लगाए जा रहे थे कि पार्टी जल्द ही संगठन में बड़ा बदलाव कर सकती है। हालांकि अब कांग्रेस ने इन अटकलों पर पूरी तरह विराम लगा दिया है। पंजाब कांग्रेस के प्रभारी भूपेश बघेल ने साफ कर दिया कि अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ही प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बने रहेंगे। उन्होंने कहा कि फिलहाल नेतृत्व बदलने का कोई फैसला नहीं लिया गया है और पार्टी का पूरा ध्यान संगठन को मजबूत करने पर है। भूपेश बघेल का दो टूक जवाब मीडिया से बातचीत के दौरान भूपेश बघेल ने नेतृत्व परिवर्तन की खबरों को खारिज करते हुए कहा, “ये कोई गुड्डा-गुड्डी का खेल नहीं है कि आज किसी को अध्यक्ष बना दिया जाए और कल उसे हटा दिया जाए।” उनका कहना था कि कांग्रेस में संगठन से जुड़े फैसले सोच-समझकर लिए जाते हैं। किसी भी पद पर बदलाव केवल अफवाहों या चर्चाओं के आधार पर नहीं किया जाता। क्यों उठी थीं बदलाव की चर्चाएं? हाल के दिनों में पंजाब कांग्रेस में संगठनात्मक फेरबदल की खबरें लगातार सामने आ रही थीं। कुछ राजनीतिक हलकों में नए प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर भी चर्चा चल रही थी। इन खबरों के चलते कार्यकर्ताओं और नेताओं के बीच कई तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं। अब भूपेश बघेल के बयान के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि पार्टी फिलहाल किसी भी तरह का नेतृत्व परिवर्तन नहीं करने जा रही है। राजा वडिंग पर हाईकमान का भरोसा कांग्रेस नेतृत्व ने एक बार फिर यह संकेत दिया है कि पार्टी को अमरिंदर सिंह राजा वडिंग के नेतृत्व पर पूरा भरोसा है। संगठन को मजबूत करने, कार्यकर्ताओं को जोड़ने और आगामी राजनीतिक चुनौतियों का सामना करने की जिम्मेदारी फिलहाल उन्हीं के कंधों पर रहेगी। पार्टी का मानना है कि इस समय आंतरिक बदलाव से ज्यादा जरूरी संगठन को मजबूत करना और जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं के साथ संवाद बढ़ाना है। चुनावी तैयारियों पर रहेगा फोकस पंजाब में आने वाले समय में राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने वाली हैं। ऐसे में कांग्रेस संगठन विस्तार, बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और जनता के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है। भूपेश बघेल के बयान के बाद यह साफ हो गया है कि पंजाब कांग्रेस फिलहाल नेतृत्व परिवर्तन के बजाय संगठनात्मक मजबूती को प्राथमिकता दे रही है। इससे राजा वडिंग के अध्यक्ष पद को लेकर चल रही सभी चर्चाओं पर भी विराम लग गया है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Shiv Sena

Hospital Attack: इलाज के विवाद में महिला Doctors और Nurses से मारपीट, Shiv Sena पार्षद पर कार्रवाई

अस्पताल वह जगह होती है जहां मरीज और उनके परिजन इलाज की उम्मीद लेकर पहुंचते हैं। लेकिन जब इलाज के दौरान विवाद हिंसा का रूप ले ले, तो सबसे ज्यादा असर उन डॉक्टरों और नर्सों पर पड़ता है जो दिन-रात लोगों की सेवा में लगे रहते हैं। ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जहां महिला डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ के साथ कथित मारपीट और अभद्र व्यवहार के बाद पूरे अस्पताल में तनाव का माहौल बन गया। घटना के बाद पुलिस ने शिकायत के आधार पर शिवसेना (Shiv Sena) के एक पार्षद समेत कई लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस घटना ने एक बार फिर अस्पतालों में स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा को लेकर बहस छेड़ दी है। इलाज को लेकर शुरू हुआ विवाद प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, अस्पताल में इलाज को लेकर मरीज पक्ष और चिकित्सा स्टाफ के बीच कहासुनी हुई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और आरोप है कि कुछ लोगों ने ड्यूटी पर मौजूद महिला डॉक्टरों और नर्सों के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की। इस दौरान अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। मरीजों और उनके परिजनों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। महिला डॉक्टरों और नर्सों ने की कार्रवाई की मांग घटना के बाद अस्पताल के डॉक्टरों, नर्सों और अन्य कर्मचारियों ने विरोध जताते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। उनका कहना है कि यदि अस्पतालों में स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की गई, तो ऐसी घटनाएं भविष्य में भी दोहराई जा सकती हैं। स्वास्थ्यकर्मियों ने अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और हिंसा करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग उठाई। Shiv Sena पार्षद समेत कई लोगों पर दर्ज हुआ केस पुलिस ने अस्पताल प्रशासन और पीड़ित स्वास्थ्यकर्मियों की शिकायत के आधार पर शिवसेना के एक पार्षद समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। अधिकारियों के अनुसार, घटना की जांच की जा रही है और अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। जांच पूरी होने के बाद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अस्पतालों में सुरक्षा का मुद्दा फिर चर्चा में देश के कई हिस्सों में पिछले कुछ वर्षों के दौरान डॉक्टरों और नर्सों पर हमलों की घटनाएं सामने आती रही हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि अस्पतालों में बेहतर सुरक्षा व्यवस्था, संवेदनशील संवाद और कानून का सख्ती से पालन ही ऐसी घटनाओं को रोकने का प्रभावी तरीका हो सकता है। इस ताजा मामले के बाद भी स्वास्थ्यकर्मी संगठनों ने सरकार और प्रशासन से अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की मांग की है।
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Rao Inderjit Singh के कार्यक्रम से Rewari विधायक की गैरहाजिरी बनी चर्चा का विषय

Rao Inderjit Singh के कार्यक्रम से Rewari विधायक की गैरहाजिरी बनी चर्चा का विषय

केंद्रीय मंत्री Rao Inderjit Singh के एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम में Rewari के विधायक की गैरहाजिरी ने कई तरह के सवाल खड़े कर दिए हैं। राजनीतिक गलियारों में इसे लेकर अलग-अलग चर्चाएं चल रही हैं। स्थानीय लोगों और राजनीतिक जानकारों का मानना है कि किसी बड़े नेता के सार्वजनिक कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक की अनुपस्थिति केवल एक सामान्य घटना नहीं मानी जाती। ऐसे मौके पर जनता की नजरें भी नेताओं की एकजुटता और संगठनात्मक अनुशासन पर टिकी रहती हैं। इसी वजह से राव इंद्रजीत सिंह के मंच से विधायक की गैरमौजूदगी को लेकर यह चर्चा शुरू हो गई है कि क्या पार्टी के भीतर समन्वय पहले जैसा मजबूत नहीं रहा या इसके पीछे कोई अन्य कारण है। हालांकि विधायक की गैरहाजिरी को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि चुनावी माहौल में इस तरह की घटनाएं विपक्ष को सवाल उठाने का मौका देती हैं, वहीं पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच भी कई तरह की चर्चाएं शुरू हो जाती हैं। अब सभी की नजर इस बात पर है कि विधायक की गैरहाजिरी के पीछे वास्तविक कारण क्या था और पार्टी नेतृत्व इस पूरे मामले पर क्या प्रतिक्रिया देता है। आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Ram Mandir

Ayodhya Ram Mandir Scam? CCTV में कैद हुई चोरी, 500 रुपये से करोड़ों तक पहुंचा मामला

Ayodhya Ram Mandir Donation Theft: अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी का मामला हर दिन नए खुलासे कर रहा है। शुरुआत कुछ सौ रुपये की चोरी से हुई, लेकिन अब जांच करोड़ों रुपये के चढ़ावे तक पहुंच गई है। इस पूरे घटनाक्रम ने मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था, CCTV मॉनिटरिंग और चढ़ावे की पारदर्शिता को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस, स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट मामले की हर कड़ी जोड़ने में जुटे हैं। 500 रुपये से शुरू हुई कहानी, जांच करोड़ों तक पहुंची जांच में सामने आया है कि शुरुआती दिनों में चढ़ावे में से 500 या 1000 रुपये जैसी छोटी रकम निकाली जाती थी। कम राशि होने के कारण किसी का ध्यान इस ओर नहीं गया। धीरे-धीरे यही तरीका आदत में बदल गया और कथित तौर पर बड़ी रकम गायब होने लगी। अधिकारियों का मानना है कि समय रहते मामला सामने नहीं आता तो नुकसान और बढ़ सकता था। CCTV Footage बना सबसे बड़ा सबूत पूरे मामले में सबसे अहम भूमिका CCTV फुटेज ने निभाई। जांच के दौरान कुछ कर्मचारियों की गतिविधियां संदिग्ध दिखाई दीं। फुटेज में कथित रूप से चढ़ावे की नकदी जेब में रखते हुए लोग नजर आए। इसके बाद पुलिस ने साक्ष्य जुटाए और कार्रवाई तेज कर दी। इन्हीं सबूतों के आधार पर गिरफ्तार तीन आरोपियों को जेल से रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि चोरी कितने समय से चल रही थी और इसमें कितने लोग शामिल थे। क्या CCTV निगरानी में लापरवाही बनी वजह? राम मंदिर जैसे संवेदनशील और देशभर की आस्था से जुड़े स्थान पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम होने के बावजूद यह मामला सामने आने से कई सवाल खड़े हुए हैं। सूत्रों के मुताबिक कैमरे तो लगे थे, लेकिन उनकी नियमित मॉनिटरिंग और निगरानी व्यवस्था में कमी का फायदा आरोपियों ने उठाया। इसी वजह से मंदिर प्रशासन अब CCTV सिस्टम, सुरक्षा प्रोटोकॉल और नकदी प्रबंधन की पूरी प्रक्रिया की समीक्षा कर रहा है। करोड़ों के चढ़ावे की सुरक्षा पर बढ़ी चिंता राम मंदिर में हर दिन हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। त्योहारों और विशेष अवसरों पर चढ़ावे की राशि कई गुना बढ़ जाती है। ऐसे में इस घटना ने यह बहस भी शुरू कर दी है कि धार्मिक संस्थानों में नकदी के प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को और आधुनिक बनाने की जरूरत है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि चोरी केवल नकदी तक सीमित थी या इसके पीछे कोई संगठित नेटवर्क भी काम कर रहा था। Champat Rai ने जांच पूरी होने तक साधी चुप्पी राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि जांच पूरी होने और SIT की रिपोर्ट आने के बाद ही विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी। उन्होंने कहा कि फिलहाल किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी और जांच एजेंसियों को अपना काम करने दिया जाना चाहिए। पुलिस और SIT की जांच जारी फिलहाल पुलिस, SIT और संबंधित एजेंसियां CCTV फुटेज, वित्तीय रिकॉर्ड और कर्मचारियों से पूछताछ के आधार पर पूरे मामले की जांच कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। उधर, मंदिर प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में काम शुरू कर चुका है। भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों, इसके लिए निगरानी व्यवस्था को तकनीकी रूप से और प्रभावी बनाने की तैयारी की जा रही है. हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Traffic Rule

Traffic Rule Break करना पड़ेगा महंगा! DL Suspend होगा, Driving Test और Training के बाद मिलेगी राहत

अगर आप गाड़ी चलाते समय ट्रैफिक नियमों (Traffic Rules ) को नजरअंदाज करते हैं, तो अब यह आदत भारी पड़ सकती है। सड़क सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए सरकार ट्रैफिक नियमों को लेकर सख्ती बढ़ाने की तैयारी में है। नए प्रस्तावों के तहत बार-बार नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों का Driving License (DL) सस्पेंड किया जा सकता है। इतना ही नहीं, लाइसेंस दोबारा चालू कराने के लिए दो दिन की अनिवार्य ट्रेनिंग पूरी करनी होगी और कुछ मामलों में दोबारा Driving Test भी देना पड़ सकता है। इस कदम का उद्देश्य केवल जुर्माना वसूलना नहीं, बल्कि लोगों को जिम्मेदार और सुरक्षित ड्राइविंग के लिए प्रेरित करना है। एक साल में कई बार नियम तोड़ने वालों पर रहेगी नजर सरकार के प्रस्ताव के अनुसार, यदि कोई चालक एक वर्ष के भीतर बार-बार गंभीर ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। ऐसे मामलों में परिवहन विभाग चालक के रिकॉर्ड की समीक्षा करेगा और जरूरत पड़ने पर उसका ड्राइविंग लाइसेंस अस्थायी रूप से निलंबित किया जा सकता है। हालांकि, लाइसेंस सस्पेंड करने से पहले संबंधित अधिकारी चालक को अपना पक्ष रखने का अवसर भी देंगे। दो दिन की Road Safety Training होगी जरूरी यदि किसी चालक का लाइसेंस सस्पेंड होता है, तो उसे सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त ट्रेनिंग सेंटर में दो दिन का Road Safety Training Program पूरा करना होगा। इस दौरान सुरक्षित ड्राइविंग, ट्रैफिक नियमों और सड़क पर जिम्मेदार व्यवहार से जुड़ी जानकारी दी जाएगी। सरकार का मानना है कि केवल जुर्माना लगाने से आदतन नियम तोड़ने वालों की सोच नहीं बदलती। इसलिए अब जागरूकता और प्रशिक्षण पर भी बराबर जोर दिया जाएगा। Driving Test दोबारा देना पड़ सकता है नए नियमों में यह भी प्रस्तावित है कि जिन चालकों का रिकॉर्ड लगातार खराब रहा है, उन्हें लाइसेंस रिन्यू कराने के समय दोबारा Driving Test देना पड़ सकता है। यदि वे टेस्ट में सफल होते हैं, तभी उनका लाइसेंस दोबारा वैध माना जाएगा। इस व्यवस्था का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि सड़क पर केवल प्रशिक्षित और जिम्मेदार चालक ही वाहन चलाएं। 45 दिन के भीतर निपटाना होगा चालान नई व्यवस्था के तहत ट्रैफिक चालान मिलने के बाद वाहन चालक के पास उसे जमा करने या चुनौती देने के लिए 45 दिन का समय होगा। यदि इस अवधि में कोई कार्रवाई नहीं होती, तो संबंधित कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकती है। सड़क हादसों को कम करने पर सरकार का फोकस देश में हर साल बड़ी संख्या में सड़क दुर्घटनाएं होती हैं, जिनमें तेज रफ्तार, रेड लाइट जंप करना, गलत दिशा में वाहन चलाना और मोबाइल फोन का इस्तेमाल जैसी लापरवाहियां प्रमुख कारण बनती हैं। सरकार का मानना है कि सख्त नियमों और बेहतर प्रशिक्षण से सड़क हादसों में कमी लाई जा सकती है। वाहन चालकों के लिए क्या है संदेश? अगर आप सुरक्षित तरीके से वाहन चलाते हैं और ट्रैफिक नियमों का पालन करते हैं, तो आपको किसी तरह की चिंता करने की जरूरत नहीं है। लेकिन अगर बार-बार नियम तोड़ने की आदत है, तो अब सिर्फ चालान भरकर बचना आसान नहीं होगा। इसलिए सीट बेल्ट लगाएं, हेलमेट पहनें, तय गति सीमा का पालन करें और ट्रैफिक नियमों का सम्मान करें। यही आपकी और दूसरों की सुरक्षा का सबसे बेहतर तरीका है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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PM Modi

Political Twist: PM Modi के ‘दोस्त अखिलेश’ बयान के 3 महीने बाद फिर चर्चा में Akhilesh Yadav

उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। करीब तीन महीने पहले PM Modi ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव को “दोस्त अखिलेश” कहकर संबोधित किया था। उस समय इस टिप्पणी ने राजनीतिक गलियारों में काफी चर्चा बटोरी थी। अब एक बार फिर वही बयान सुर्खियों में है, क्योंकि हाल के दिनों में अखिलेश यादव के कुछ बयानों को लेकर भाजपा उन पर “यू-टर्न” लेने का आरोप लगा रही है। कैसे शुरू हुई ‘दोस्त अखिलेश’ की चर्चा? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन के दौरान सहज अंदाज में अखिलेश यादव के लिए “दोस्त अखिलेश” शब्द का इस्तेमाल किया था। इस बयान के बाद राजनीतिक विश्लेषकों ने इसे अलग-अलग नजरिए से देखा। कुछ ने इसे संसदीय शिष्टाचार बताया, जबकि कुछ ने इसके राजनीतिक संकेत तलाशने की कोशिश की। अब क्यों उठ रहे हैं U-Turn के सवाल? भाजपा नेताओं का दावा है कि जिन मुद्दों पर अखिलेश यादव पहले एक अलग रुख अपनाते थे, अब उन्हीं विषयों पर उनके बयान बदलते दिखाई दे रहे हैं। इसी आधार पर भाजपा लगातार उन पर “यू-टर्न” लेने का आरोप लगा रही है। वहीं समाजवादी पार्टी इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर रही है। पार्टी का कहना है कि उसका रुख हमेशा जनता के हित, संविधान और सामाजिक न्याय के मुद्दों पर स्पष्ट रहा है। सपा का आरोप है कि भाजपा राजनीतिक लाभ लेने के लिए ऐसे मुद्दों को उछाल रही है। चुनावी माहौल में बढ़ी सियासी तल्खी उत्तर प्रदेश में जैसे-जैसे चुनावी गतिविधियां तेज हो रही हैं, वैसे-वैसे राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप भी बढ़ते जा रहे हैं। भाजपा और समाजवादी पार्टी दोनों एक-दूसरे के पुराने बयानों और फैसलों को लेकर सवाल उठा रही हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह जुबानी जंग और तेज हो सकती है। जनता की नजर अब अगले कदम पर फिलहाल “दोस्त अखिलेश” वाला बयान और उसके बाद उठे “यू-टर्न” के आरोप प्रदेश की राजनीति में चर्चा का विषय बने हुए हैं। हालांकि, इन आरोपों और जवाबी दावों के बीच अंतिम फैसला जनता को ही करना है। आने वाले समय में दोनों दल इस मुद्दे पर अपनी राजनीतिक रणनीति और अधिक आक्रामक तरीके से सामने रख सकते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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छत्तीसगढ़ विधानसभा में कांग्रेस लाएगी अविश्वास प्रस्ताव, 14 जुलाई को सरकार को घेरेगा विपक्ष

छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में कांग्रेस सरकार के खिलाफ बड़ा राजनीतिक कदम उठाने जा रही है। पार्टी ने तय किया है कि 14 जुलाई को विधानसभा में सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया जाएगा। रविवार को नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत के सरकारी निवास पर हुई कांग्रेस विधायक दल की बैठक में इस प्रस्ताव पर सहमति बनी। बैठक के बाद महंत ने कहा कि कांग्रेस को मौजूदा सरकार पर भरोसा नहीं है, इसलिए सदन में अविश्वास प्रस्ताव लाया जाएगा। करीब दो घंटे चली कांग्रेस विधायक दल की बैठक नेता प्रतिपक्ष के सरकारी बंगले पर कांग्रेस विधायक दल की बैठक करीब दो घंटे तक चली। इससे पहले लगभग डेढ़ घंटे तक पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने विधानसभा सत्र की रणनीति पर अलग से चर्चा की। इसके बाद विधायक दल की बैठक में सरकार को घेरने की अंतिम रणनीति तय की गई। चरणदास महंत बोले- सरकार के वादे झूठे साबित हुए बैठक के बाद चरणदास महंत ने कहा कि कांग्रेस का सरकार पर से विश्वास उठ चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपने वादे पूरे करने में विफल रही है। प्रदेश में भ्रष्टाचार बढ़ा है और आम जनता बिजली संकट, महंगाई, किसानों की समस्याओं तथा कानून-व्यवस्था जैसे कई मुद्दों से परेशान है। इन्हीं मुद्दों को लेकर कांग्रेस सदन में सरकार को घेरने की तैयारी कर रही है। नकटी गांव के मुद्दे पर भी होगा स्थगन प्रस्ताव कांग्रेस विधायक दल की बैठक में नकटी गांव का मामला भी प्रमुखता से उठा। पार्टी ने इस मुद्दे पर विधानसभा में स्थगन प्रस्ताव लाने का फैसला किया है। चरणदास महंत ने कहा कि कांग्रेस इस मामले को पूरी मजबूती के साथ सदन में उठाएगी। जरूरत पड़ने पर सदन के भीतर विरोध प्रदर्शन भी किया जाएगा। सदन के साथ सड़क पर भी आंदोलन नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि विधानसभा का मानसून सत्र भले ही केवल पांच दिनों का हो, लेकिन कांग्रेस सरकार को हर महत्वपूर्ण मुद्दे पर घेरने का प्रयास करेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी केवल सदन तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि जनता के मुद्दों को लेकर सड़क पर भी संघर्ष जारी रखेगी। सरकार देगी 1033 सवालों के जवाब इस बार विधानसभा सचिवालय में कुल 1033 प्रश्न लगाए गए हैं। इनमें 36 विधायकों ने नियमों के तहत अधिकतम 20-20 प्रश्न लगाए हैं। दिलचस्प बात यह है कि सवाल पूछने वालों में विपक्ष के साथ-साथ सत्ता पक्ष के विधायक भी शामिल हैं। ऐसे में मानसून सत्र के दौरान कई अहम मुद्दों पर सरकार को जवाब देना होगा। क्या होता है अविश्वास प्रस्ताव? अविश्वास प्रस्ताव किसी एक मंत्री के खिलाफ नहीं, बल्कि पूरी सरकार के खिलाफ लाया जाता है। विपक्ष सरकार की नीतियों, फैसलों या जनहित के मुद्दों को आधार बनाकर यह प्रस्ताव पेश करता है। यदि प्रस्ताव स्वीकार होता है तो सदन में सरकार के कामकाज पर विस्तृत चर्चा होती है। इसके बाद मतदान कराया जाता है, जिससे यह तय होता है कि सरकार के पास सदन का बहुमत और विश्वास कायम है या नहीं। छत्तीसगढ़ और देशभर की ताजा खबरों के लिए विजिट करें –deshharpal.com

भोपाल में डेढ़ साल के मासूम का अपहरण, बोरे में भरकर ले जा रहा था पड़ोसी, लोगों ने बचाई जान

राजधानी भोपाल के बागसेवनिया थाना क्षेत्र में पुरानी रंजिश के चलते एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। पड़ोसी युवक ने बदला लेने की नीयत से डेढ़ साल के मासूम बच्चे का अपहरण कर उसे बोरे में भर लिया। हालांकि, बच्चे के रोने की आवाज सुनकर आसपास मौजूद लोगों ने समय रहते उसे बचा लिया। घटना के बाद लोगों ने आरोपी को पकड़कर उसकी पिटाई की और पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। घर के बाहर खेल रहे बच्चे को उठाया पुलिस के मुताबिक, बागमुगालिया निवासी रश्मि अहिरवार (27) अपने दो बच्चों और सास-ससुर के साथ रहती हैं। उनके पति का पहले ही निधन हो चुका है। शनिवार सुबह उनका डेढ़ वर्षीय बेटा घर के बाहर खेल रहा था। इसी दौरान पड़ोस में रहने वाला अरुण वहां पहुंचा और बच्चे को उठाकर एक बोरे में भर लिया। इसके बाद वह मासूम को लेकर वहां से निकलने लगा। बच्चे के रोने से खुली साजिश रास्ते में बोरे के अंदर से बच्चे के रोने की आवाज सुनकर आसपास मौजूद लोगों को शक हुआ। लोगों ने आरोपी को रोककर बोरा खुलवाया तो उसके अंदर मासूम सुरक्षित मिला। यह देखते ही लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया और उसकी जमकर पिटाई कर दी। बाद में पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद आरोपी को हिरासत में ले लिया गया। पुरानी रंजिश के चलते रची थी साजिश पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसकी बच्चे की मां से पुरानी रंजिश थी। इसी दुश्मनी का बदला लेने के लिए उसने मासूम का अपहरण करने की योजना बनाई थी। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपहरण सहित अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। मामले की जांच जारी पुलिस का कहना है कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि वारदात में कोई और व्यक्ति शामिल था या नहीं। भोपाल समेत मध्य प्रदेश की ताजा खबरों के लिए विजिट करें –deshharpal.com

मध्यप्रदेश पुलिस में 168 अधिकारियों को मिला प्रमोशन, सूबेदार और कार्यवाहक RI बने रक्षित निरीक्षक

मध्यप्रदेश पुलिस विभाग में लंबे समय से पदोन्नति का इंतजार कर रहे अधिकारियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। पुलिस मुख्यालय ने प्रदेश के 168 सूबेदार और कार्यवाहक रक्षित निरीक्षकों (RI) को पदोन्नत कर नियमित रक्षित निरीक्षक (RI) बना दिया है। पुलिस महानिरीक्षक (प्रशासन) हरिनारायणाचारी मिश्र द्वारा जारी आदेश के बाद यह पदोन्नति लागू कर दी गई है। इससे प्रदेशभर के पुलिस अधिकारियों को बड़ी राहत मिली है। GAD के निर्देश के बाद शुरू हुई प्रक्रिया यह पदोन्नति प्रक्रिया 30 जून 2026 को मध्यप्रदेश के सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) द्वारा जारी पत्र और ‘मध्यप्रदेश लोक सेवा पदोन्नति नियम-2025’ के तहत शुरू की गई। आदेश के अनुसार, सभी पदोन्नत अधिकारियों को फिलहाल रक्षित निरीक्षक के रिक्त पदों पर अगले आदेश तक अस्थायी रूप से पदस्थ किया गया है। मिलेगा लेवल-10 का वेतनमान प्रमोशन पाने वाले अधिकारियों को मध्यप्रदेश वेतन पुनरीक्षण नियम-2017 के तहत पे मैट्रिक्स लेवल-10 का लाभ मिलेगा। यह वेतनमान 9300-34800 रुपये + 4200 रुपये ग्रेड पे के अनुसार कार्यभार ग्रहण करने की तारीख से प्रभावी होगा। इन मामलों में नहीं मिलेगी कार्यमुक्ति पुलिस मुख्यालय ने स्पष्ट किया है कि यह सभी पदोन्नतियां सुप्रीम कोर्ट में लंबित विशेष अनुमति याचिका (SLP) क्रमांक 13954/2016 तथा भविष्य में न्यायालयों द्वारा दिए जाने वाले फैसलों के अधीन रहेंगी। साथ ही, पदोन्नत अधिकारियों को नियम-13 के तहत वेतन निर्धारण के लिए आदेश जारी होने के एक महीने के भीतर अपना विकल्प प्रस्तुत करना होगा। विभागीय जांच वाले अधिकारियों पर रोक पुलिस मुख्यालय ने सभी इकाई प्रमुखों को निर्देश दिए हैं कि यदि कोई अधिकारी निलंबित है, विभागीय जांच का सामना कर रहा है, किसी आपराधिक मामले में आरोप-पत्र (चार्जशीट) दाखिल हो चुका है या उसने अनिवार्य प्रशिक्षण पूरा नहीं किया है, तो उसे किसी भी स्थिति में कार्यमुक्त नहीं किया जाएगा। मुख्यालय ने स्पष्ट किया है कि ऐसे मामलों में संबंधित अधिकारियों की रिलीविंग नियमों के अनुसार ही की जाएगी। मध्यप्रदेश और देशभर की ताजा खबरों के लिए विजिट करें –deshharpal.com

बिलासपुर में मछली चोरी का वीडियो बनाना पड़ा भारी, चौकीदार की पीट-पीटकर हत्या, 3 लोग हिरासत में

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के रतनपुर थाना क्षेत्र में मछली चोरी का वीडियो बनाने और उसका विरोध करने का मामला खूनी वारदात में बदल गया। शनिवार रात आरोपियों ने पहले चौकीदार की बाइक को स्कॉर्पियो से टक्कर मारी, फिर लाठी-डंडों से हमला कर उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने मामले में तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। स्कॉर्पियो से बाइक को मारी टक्कर पुलिस के अनुसार, घटना शनिवार रात करीब 9 बजे नवागांव कैंप जाने वाले रास्ते पर हुई। खूंटाघाट बांध में चौकीदारी करने वाले तिरिथराम यादव अपने साथी श्याम सिंह पोर्ते के साथ बाइक से ड्यूटी पर जा रहे थे। इसी दौरान स्कॉर्पियो में सवार आरोपी वहां पहुंचे और उनकी बाइक को टक्कर मार दी, जिससे दोनों सड़क पर गिर गए। खेत तक दौड़ाकर की बेरहमी से पिटाई बाइक से गिरने के बाद आरोपियों ने दोनों पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। जान बचाने के लिए तिरिथराम यादव खेत की ओर भागे, लेकिन आरोपी उनके पीछे दौड़ पड़े। आरोपियों ने उन्हें पकड़कर बेरहमी से पीटा। गंभीर चोटों के कारण तिरिथराम यादव की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, श्याम सिंह पोर्ते किसी तरह आरोपियों के चंगुल से बचकर भाग निकले और अपनी जान बचाई। मछली चोरी का विरोध बना हत्या की वजह पुलिस जांच में सामने आया है कि तिरिथराम यादव और श्याम सिंह पोर्ते खूंटाघाट बांध में चौकीदारी करते थे। आरोप है कि गोलू धीवर और अनिश धीवर लंबे समय से वहां अवैध रूप से मछली चोरी करते थे। तिरिथराम ने चोरी का विरोध किया था और आरोपियों का वीडियो भी बनाया था। इसी दौरान आरोपियों ने उनका मोबाइल फोन तोड़ दिया था। तभी से दोनों पक्षों के बीच रंजिश चली आ रही थी। पहले भी दर्ज हुई थी शिकायत रतनपुर थाना प्रभारी नीलेश पांडेय ने बताया कि मोबाइल तोड़ने की शिकायत पहले भी थाने में दर्ज कराई गई थी। उस समय आरोपियों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई थी। साथी ने बताई पूरी वारदात घटना के प्रत्यक्षदर्शी श्याम सिंह पोर्ते ने पुलिस को बताया कि शनिवार रात जब वे दोनों नवागांव कैंप की ओर जा रहे थे, तभी गोलू धीवर, अनिश धीवर और उनके अन्य साथी स्कॉर्पियो से पहुंचे। आरोपियों ने जान से मारने की नीयत से बाइक को टक्कर मारी। इसके बाद अनिश ने श्याम सिंह को पकड़ लिया, जबकि गोलू ने डंडे से दोनों पर हमला कर दिया। तिरिथराम जान बचाकर भागे, लेकिन आरोपी उन्हें पकड़कर पीटते रहे, जिससे उनकी मौत हो गई। हत्या का मामला दर्ज, आरोपियों की तलाश जारी पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। श्याम सिंह पोर्ते की शिकायत पर रतनपुर थाने में हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है। फिलहाल तीन संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि वारदात में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। छत्तीसगढ़ और देशभर की ताजा खबरों के लिए विजिट करें –deshharpal.com

भोपाल: थार हटाने के विवाद में किसान को मारी गोली, लाइसेंसी रिवॉल्वर छीनकर किया फायर, 3 आरोपी गिरफ्तार

भोपाल के मिसरोद थाना क्षेत्र स्थित सागर रॉयल होम्स में शनिवार देर रात गेट पर खड़ी थार हटाने को लेकर शुरू हुआ मामूली विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। रास्ता साफ करने के लिए हॉर्न बजाने पर तीन युवक भड़क गए। बाद में उन्होंने एक किसान के साथ मारपीट की, उसकी लाइसेंसी रिवॉल्वर छीन ली और दो राउंड फायर कर दिए। फायरिंग में एक गोली किसान के बाएं पैर में घुटने के नीचे लगी, जिससे हड्डी में फ्रैक्चर हो गया। दूसरी गोली निशाने से चूक गई। पुलिस ने हत्या के प्रयास समेत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। हॉर्न बजाने पर शुरू हुआ विवाद मिसरोद थाना प्रभारी विमलेश राय के अनुसार, सागर रॉयल होम्स निवासी 33 वर्षीय हरीश कुमार राय खेती-किसानी का काम करते हैं। शनिवार देर रात करीब 1 से 2 बजे के बीच वह अपनी स्कॉर्पियो से घर लौट रहे थे। मुख्य गेट पर हर्षित पटेल की थार खड़ी थी, जिसमें हर्षित, अनुभव चौबे और लोकेश रघुवंशी बैठे हुए थे। कई बार हॉर्न बजाने के बाद भी जब रास्ता खाली नहीं हुआ तो हरीश दूसरे गेट से होकर पार्किंग में चले गए। पार्किंग में की मारपीट, फिर छीन ली रिवॉल्वर पुलिस के मुताबिक, तीनों युवक भी थार लेकर पार्किंग में पहुंच गए। वहां गेट पर वाहन खड़ा करने को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर तीनों युवकों ने गाली-गलौज करते हुए डंडों से हरीश की पिटाई कर दी। इसी दौरान हर्षित ने हरीश की लाइसेंसी रिवॉल्वर छीन ली और दो गोलियां चला दीं। एक गोली हरीश के बाएं पैर में लगी, जबकि दूसरी गोली मिस हो गई। मौके से मिले दो खाली कारतूस घटना की सूचना मिलते ही मिसरोद पुलिस मौके पर पहुंची। एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लैब) की टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और वहां से दो खाली कारतूस बरामद किए। घायल हरीश कुमार राय को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। तीनों आरोपी गिरफ्तार, भेजे गए जेल पुलिस ने मामले में हर्षित पटेल (21), अनुभव चौबे (19) और लोकेश रघुवंशी (24) को गिरफ्तार कर लिया है। तीनों आरोपी निजी कंपनियों में कार्यरत बताए जा रहे हैं। आरोपियों को अदालत में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है। भोपाल समेत मध्य प्रदेश की ताजा खबरों के लिए विजिट करें –deshharpal.com

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