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Nuclear Power

India Nuclear Power भारत की परमाणु ताकत में बड़ा बदलाव, 190 एटमी हथियार तक पहुंचा स्टॉक

भारत की परमाणु क्षमता (Nuclear Power) को लेकर एक अहम रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें दावा किया गया है कि देश ने पहली बार 12 परमाणु बम तैनात किए हैं। साथ ही पिछले दो वर्षों में भारत के कुल परमाणु हथियारों की संख्या 180 से बढ़कर करीब 190 तक पहुंच गई है। यह संख्या पाकिस्तान की तुलना में लगभग 20 अधिक बताई जा रही है। हालांकि यह पूरा आकलन अंतरराष्ट्रीय रक्षा रिपोर्ट्स और थिंक टैंक के अनुमानों पर आधारित है, जिनकी आधिकारिक पुष्टि सरकारें आमतौर पर सार्वजनिक रूप से नहीं करतीं। भारत की न्यूक्लियर क्षमता में लगातार बढ़ोतरी रिपोर्ट्स के अनुसार भारत अपनी रणनीतिक सुरक्षा और डिटरेंस क्षमता को मजबूत करने की दिशा में लगातार कदम बढ़ा रहा है। इसी क्रम में: यह बढ़ोतरी भारत की बदलती सुरक्षा जरूरतों और क्षेत्रीय परिस्थितियों को देखते हुए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। South Asia Nuclear Balance: क्षेत्रीय सुरक्षा पर असर दक्षिण एशिया पहले से ही दुनिया के सबसे संवेदनशील परमाणु क्षेत्रों में गिना जाता है। भारत और पाकिस्तान दोनों के पास परमाणु हथियार होने के कारण यहां का रणनीतिक संतुलन हमेशा चर्चा में रहता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, परमाणु क्षमता में बदलाव से देशों की डिटरेंस पॉलिसी मजबूत होती है, लेकिन इसके साथ ही क्षेत्रीय तनाव और सुरक्षा चुनौतियां भी बढ़ सकती हैं। Nuclear Reports क्या बताते हैं? हर साल कई अंतरराष्ट्रीय रक्षा संस्थान और थिंक टैंक वैश्विक परमाणु हथियारों का अनुमान जारी करते हैं। ये आंकड़े पूरी तरह आधिकारिक नहीं होते, लेकिन दुनिया के सैन्य संतुलन को समझने में अहम भूमिका निभाते हैं। भारत को एक उभरती हुई परमाणु शक्ति के रूप में देखा जाता है, जिसकी क्षमता लगातार बढ़ रही है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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NEET

Education System Crisis: NEET-CBSE Controversy और Voter List Row ने बढ़ाई टेंशन

देश में शिक्षा व्यवस्था और चुनावी प्रक्रिया को लेकर एक बार फिर बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस अध्यक्ष Mallikarjun Kharge ने CBSE और NEET परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और SIR वोटर लिस्ट से नाम हटाए जाने के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरा है। इस पूरे मामले ने अब राजनीतिक तापमान और बढ़ा दिया है। खड़गे ने साफ कहा है कि लगातार सामने आ रही गड़बड़ियों की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए और इसके लिए शिक्षा मंत्री को पद छोड़ना चाहिए। NEET और CBSE Controversy: छात्रों के भविष्य पर सवाल NEET और CBSE परीक्षा प्रणाली को लेकर विपक्ष ने कई गंभीर आरोप लगाए हैं: इन घटनाओं के चलते देशभर में छात्रों और अभिभावकों में नाराजगी देखी जा रही है। SIR Voter List Issue: करोड़ों नाम हटाने का आरोप विपक्ष का आरोप है कि SIR (Special Intensive Revision) प्रक्रिया के दौरान: इस मुद्दे को लेकर विपक्ष इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर सीधा हमला बता रहा है, जबकि सरकार ने इन आरोपों को खारिज किया है। INDIA Bloc का अगला कदम: CJI को Letter की तैयारी इस पूरे विवाद को गंभीर बताते हुए INDIA ब्लॉक ने कहा है कि वे जल्द ही देश के मुख्य न्यायाधीश (CJI) को पत्र लिखेंगे। उनका कहना है कि इस मामले में न्यायिक हस्तक्षेप जरूरी है ताकि पूरी प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच हो सके और सच्चाई सामने आए। Political Heat Rising in India इस पूरे विवाद ने देश की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। विपक्ष सरकार पर लगातार सवाल उठा रहा है, जबकि सत्ता पक्ष इन आरोपों को राजनीतिक बयानबाजी बता रहा है। छात्रों से लेकर मतदाताओं तक, दोनों मुद्दों ने आम लोगों के बीच भी चिंता बढ़ा दी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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TMC

West Bengal Politics: TMC में घमासान, 20 सांसदों की बगावत से सियासी हलचल

पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर बड़े राजनीतिक भूचाल के संकेत मिल रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक पार्टी के करीब 20 सांसदों ने लोकसभा स्पीकर को एक संयुक्त पत्र लिखा है, जिससे संगठन में गहरी असहमति और संभावित टूट की चर्चाएं तेज हो गई हैं। यह मामला सिर्फ एक औपचारिक शिकायत नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे पार्टी के भीतर बढ़ते असंतोष और अलग राजनीतिक रास्ता तलाशने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। क्या है पूरा TMC MPs Letter Controversy? सूत्रों के अनुसार, 20 सांसदों ने स्पीकर को भेजे गए पत्र में अपनी अलग राजनीतिक पहचान और गुट को लेकर मांग उठाई है। इस पत्र के बाद सियासी हलकों में यह चर्चा शुरू हो गई है कि क्या ये सांसद आगे चलकर एक नई राजनीतिक इकाई बना सकते हैं। हालांकि अभी तक न तो पार्टी नेतृत्व और न ही सांसदों की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि की गई है। अंदरूनी नाराजगी की वजहें क्या हैं? राजनीतिक जानकार इस घटनाक्रम को अचानक नहीं मान रहे हैं। इसके पीछे कई वजहें बताई जा रही हैं: इन मुद्दों ने कथित तौर पर पार्टी के भीतर तनाव को और बढ़ा दिया है। क्या बनने वाली है नई Party? सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह गुट वास्तव में अलग पार्टी का रूप ले सकता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि: हालांकि यह अभी सिर्फ अटकलों के स्तर पर है। TMC के लिए कितना बड़ा झटका? अगर यह अंदरूनी विवाद बढ़ता है, तो इसका असर तृणमूल कांग्रेस की राजनीतिक ताकत पर पड़ सकता है: राजनीतिक माहौल गर्म दिल्ली से लेकर कोलकाता तक इस खबर ने सियासी माहौल गर्म कर दिया है। विपक्षी दल भी इस घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं, जबकि आम जनता के बीच भी यह चर्चा का विषय बन गया है कि आखिर पार्टी के भीतर चल क्या रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Khan Sir

Khan Sir Update: FIR को लेकर विवाद, कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल

देश के चर्चित शिक्षक और यूट्यूबर खान सर से जुड़े मामले में नया अपडेट सामने आया है। खान सर (Khan Sir) की ओर से अदालत में अग्रिम जमानत याचिका (Anticipatory Bail Application) दाखिल की गई है। यह कदम उस FIR के बाद उठाया गया है, जो उनके खिलाफ दर्ज की गई है। मामले को लेकर उनके वकील ने अदालत में दलील दी कि FIR किसी दबाव या “दूसरे पक्ष की संतुष्टि” के आधार पर दर्ज की गई है। वकील का कहना है कि शिकायत में तथ्यों को सही तरीके से पेश नहीं किया गया है और पूरे मामले को एकतरफा तरीके से दिखाया गया है। वकील ने कोर्ट में क्या कहा? खान सर की ओर से पेश वकील ने कई अहम बातें रखीं, जिनमें शामिल हैं: वकील ने यह भी कहा कि मामला विवादित परिस्थितियों में दर्ज हुआ है और इसमें सभी तथ्यों को ठीक से सामने लाना जरूरी है। अब आगे क्या होगा? अब इस पूरे मामले में अदालत में सुनवाई होनी है। दोनों पक्ष अपनी-अपनी दलीलें पेश करेंगे, जिसके बाद कोर्ट यह तय करेगा कि खान सर को अग्रिम जमानत दी जाए या नहीं। फिलहाल यह केस विचाराधीन है और कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। क्यों चर्चा में है यह केस? खान सर देशभर में अपने पढ़ाने के अनोखे अंदाज और लाखों छात्रों के बीच लोकप्रिय हैं। ऐसे में उनके खिलाफ FIR और जमानत याचिका की खबर ने सोशल मीडिया पर काफी चर्चा बढ़ा दी है। समर्थक भी लगातार मामले पर नजर बनाए हुए हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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TMC

TMC vs BJP: दिल्ली में बड़ी सियासी मुलाकात, भूपेंद्र यादव से बागी TMC नेताओं की मीटिंग से बढ़ी टेंशन

पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर गर्माहट बढ़ गई है। राजधानी दिल्ली में केंद्रीय मंत्री Bhupender Yadav से तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कुछ बागी सांसदों और नेताओं की मुलाकात ने राजनीतिक माहौल को पूरी तरह से गरमा दिया है। इस मुलाकात को सिर्फ एक औपचारिक बातचीत नहीं, बल्कि आने वाले समय में बड़े सियासी बदलाव के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में पश्चिम बंगाल के नेता प्रतिपक्ष Suvendu Adhikari भी मौजूद रहे। शुभेंदु अधिकारी, जो पहले खुद TMC का हिस्सा थे, अब बीजेपी के प्रमुख चेहरों में गिने जाते हैं और लगातार ममता सरकार पर हमलावर रहते हैं। TMC में अंदरूनी असंतोष की चर्चा तेज बताया जा रहा है कि बैठक में शामिल कुछ TMC नेताओं ने पार्टी नेतृत्व के प्रति अपनी नाराजगी भी जताई है। हालांकि अभी तक किसी तरह के आधिकारिक इस्तीफे या पार्टी टूट की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इस मुलाकात ने अंदरूनी खींचतान की चर्चा को और हवा दे दी है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह मुलाकात आने वाले समय में बंगाल की राजनीति की दिशा बदल सकती है। क्या बदल रहे हैं बंगाल के सियासी समीकरण? क्या है आगे की तस्वीर? फिलहाल इस मुलाकात पर किसी भी पक्ष की ओर से आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे बंगाल की सियासत में बड़े बदलाव की शुरुआती दस्तक माना जा रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Congress

MP Election Buzz: Congress में अंदरूनी खींचतान या रणनीति? मीनाक्षी का बड़ा बयान

मध्य प्रदेश की राजनीति में चुनावी हलचल अब खुलकर दिखाई देने लगी है। नेताओं के बयान, पार्टी के भीतर की गतिविधियां और लगातार बढ़ती राजनीतिक बयानबाजी ने माहौल को पूरी तरह गरमा दिया है। इसी बीच Congress नेता मीनाक्षी का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने साफ कहा कि कांग्रेस पूरी तरह एकजुट है और आगामी चुनाव में पार्टी मजबूती से जीत दर्ज करेगी। हालांकि, मीनाक्षी के इस बयान के बीच कांग्रेस को एक बड़ा झटका भी लगा है। दिग्विजय सिंह के करीबी माने जाने वाले नेता ज्ञानचंदानी ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया। उनके इस्तीफे ने प्रदेश की राजनीति में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। Meenakshi का भरोसा- Congress मजबूत है मीडिया से बातचीत के दौरान मीनाक्षी ने कहा कि कांग्रेस के सभी कार्यकर्ता और नेता मिलकर चुनाव की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि जनता अब बदलाव चाहती है और कांग्रेस लोगों के मुद्दों को लेकर पूरी ताकत के साथ मैदान में उतर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ नेताओं के पार्टी छोड़ने से संगठन कमजोर नहीं होता। कांग्रेस पहले भी चुनौतियों से उभरी है और इस बार भी जनता का समर्थन पार्टी को मिलेगा। Digvijaya समर्थक Gyanchandani का इस्तीफा बना चर्चा का विषय कांग्रेस के भीतर उस समय हलचल तेज हो गई जब दिग्विजय सिंह समर्थक माने जाने वाले ज्ञानचंदानी ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया। राजनीतिक गलियारों में इसे कांग्रेस के अंदर बढ़ते असंतोष से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह किसी व्यक्ति का निजी फैसला है और पार्टी पर इसका ज्यादा असर नहीं पड़ेगा। संगठन अभी भी पूरी तरह सक्रिय और मजबूत है। Kailash Vijayvargiya ने Congress पर साधा निशाना बीजेपी नेता कैलाश विजयवर्गीय ने कांग्रेस की स्थिति पर तंज कसते हुए कहा कि विकास चाहने वाले लोग बीजेपी के साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बीजेपी सरकार ने लगातार विकास कार्य किए हैं और जनता इन्हीं कामों के आधार पर वोट करेगी। विजयवर्गीय ने कहा कि सड़क, बिजली, पानी और इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में सरकार ने कई बड़े काम किए हैं। उन्होंने कांग्रेस पर केवल बयानबाजी और अंदरूनी राजनीति करने का आरोप लगाया। चुनाव नजदीक, सियासी बयानबाजी तेज जैसे-जैसे मध्य प्रदेश में चुनाव करीब आते जा रहे हैं, वैसे-वैसे नेताओं के बयान और राजनीतिक गतिविधियां भी तेज होती जा रही हैं। कांग्रेस जहां खुद को एकजुट दिखाने में लगी है, वहीं बीजेपी विकास के मुद्दे को लेकर जनता के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने में जुटी हुई है। अब आने वाले दिनों में प्रदेश की राजनीति और भी दिलचस्प होने की उम्मीद है, क्योंकि दोनों बड़ी पार्टियां चुनावी मैदान में पूरी ताकत झोंकने की तैयारी कर रही हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Deepak Prakash

Bihar Political MLC टिकट नहीं मिलने से Deepak Prakash पर संकट, छोड़ना पड़ेगा मंत्री पद?

बिहार की सियासत में इन दिनों उपेंद्र कुशवाहा के बेटे और राज्य सरकार में मंत्री दीपक प्रकाश (Deepak Prakash) को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। NDA की ओर से जारी विधान परिषद (MLC) उम्मीदवारों की सूची में नाम नहीं आने के बाद अब उनके मंत्री पद पर सवाल खड़े होने लगे हैं। 6 महीने का नियम बना बड़ी वजह दीपक प्रकाश फिलहाल बिहार सरकार में मंत्री हैं, लेकिन अभी तक वे विधानसभा या विधान परिषद के सदस्य नहीं बन पाए हैं। संविधान के नियम के मुताबिक, किसी भी व्यक्ति को मंत्री बनने के बाद छह महीने के भीतर विधानसभा या विधान परिषद का सदस्य बनना जरूरी होता है। ऐसा नहीं होने पर मंत्री पद छोड़ना पड़ सकता है। इसी नियम को लेकर अब बिहार की राजनीति गर्म हो गई है। माना जा रहा था कि NDA उन्हें विधान परिषद भेज सकती है, लेकिन उम्मीदवारों की सूची आने के बाद तस्वीर बदलती नजर आई। सूची में उनका नाम नहीं होने से राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया। NDA में सीट शेयरिंग बनी वजह? राजनीतिक जानकारों का कहना है कि गठबंधन के अंदर सीट शेयरिंग और राजनीतिक संतुलन की वजह से राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) को ज्यादा जगह नहीं मिल सकी। इसका असर सीधे तौर पर दीपक प्रकाश की दावेदारी पर पड़ा। उधर, उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी लगातार यह दावा कर रही है कि NDA में सबकुछ सामान्य है, लेकिन अंदरखाने चल रही हलचल कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। पार्टी समर्थकों के बीच भी यह सवाल उठ रहा है कि आखिर मंत्री बनाए जाने के बाद अब तक दीपक प्रकाश को सदन में पहुंचाने की रणनीति क्यों तय नहीं हो सकी। क्या निकलेगा कोई नया राजनीतिक रास्ता? सूत्रों की मानें तो आने वाले दिनों में कोई बड़ा राजनीतिक फैसला लिया जा सकता है। कुछ रिपोर्ट्स में यह भी चर्चा है कि परिवार या पार्टी स्तर पर ऐसा रास्ता तलाशा जा रहा है, जिससे दीपक प्रकाश का मंत्री पद बचाया जा सके। हालांकि अभी तक इस पर किसी तरह की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। विपक्ष ने भी साधा निशाना इस पूरे घटनाक्रम ने बिहार की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। विपक्ष भी अब NDA पर निशाना साध रहा है और इसे गठबंधन के अंदर की खींचतान बता रहा है। वहीं, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले कुछ हफ्ते दीपक प्रकाश के राजनीतिक भविष्य के लिए बेहद अहम साबित हो सकते हैं। अब आगे क्या? फिलहाल सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि क्या NDA दीपक प्रकाश को सदन तक पहुंचाने के लिए कोई नया रास्ता निकालेगी या फिर उन्हें मंत्री पद छोड़ना पड़ेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Manipur

Manipur Protest Update: उखरुल में प्रदर्शन हुआ हिंसक, जवानों पर पेट्रोल डालने का आरोप

मणिपुर (Manipur) के उखरुल जिले में रविवार को उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया, जब स्थानीय तंगखुल समुदाय की महिलाओं और असम राइफल्स के जवानों के बीच तीखी झड़प हो गई। विरोध प्रदर्शन के दौरान गुस्साई भीड़ ने सुरक्षा बलों के बनाए बंकर को नुकसान पहुंचाया। वहीं असम राइफल्स ने दावा किया है कि कुछ प्रदर्शनकारियों ने जवानों पर पेट्रोल डालने की कोशिश की। इस घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव बढ़ गया है। स्थानीय संगठनों के अनुसार, झड़प में करीब 22 महिलाएं घायल हुई हैं, जिनमें कई को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। कैसे शुरू हुआ विवाद? जानकारी के मुताबिक, उखरुल में पिछले कुछ दिनों से सुरक्षा बलों की मौजूदगी को लेकर लोगों में नाराजगी थी। इसी मुद्दे को लेकर बड़ी संख्या में महिलाएं प्रदर्शन करने पहुंचीं। शुरुआत में प्रदर्शन शांतिपूर्ण था, लेकिन बाद में हालात बिगड़ गए। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि प्रदर्शनकारियों और जवानों के बीच पहले बहस हुई, जो देखते ही देखते धक्का-मुक्की और झड़प में बदल गई। इसी दौरान भीड़ ने असम राइफल्स के अस्थायी बंकर को तोड़ दिया। Assam Rifles ने क्या कहा? असम राइफल्स की ओर से जारी बयान में कहा गया कि ड्यूटी पर तैनात जवानों को प्रदर्शनकारियों ने घेर लिया था। सुरक्षा बलों का आरोप है कि कुछ महिलाओं ने जवानों पर पेट्रोल डालने की कोशिश की, जिससे हालात और ज्यादा बिगड़ गए। हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि महिलाओं के साथ जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग किया गया। घटना के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। 22 महिलाएं घायल, कई अस्पताल में भर्ती स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, इस झड़प में करीब 22 तंगखुल महिलाएं घायल हुई हैं। कुछ महिलाओं को मामूली चोटें आईं, जबकि कई को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। प्रशासन ने अभी तक घायलों की आधिकारिक संख्या जारी नहीं की है। इलाके में बढ़ा तनाव घटना के बाद उखरुल जिले में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और किसी भी तरह की हिंसा को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। पहले भी हो चुके हैं ऐसे विवाद मणिपुर पिछले लंबे समय से जातीय हिंसा और तनाव की घटनाओं से जूझ रहा है। राज्य के कई हिस्सों में सुरक्षा बलों और स्थानीय समूहों के बीच टकराव की खबरें सामने आती रही हैं। उखरुल की यह ताजा घटना भी राज्य के संवेदनशील माहौल को दिखाती है, जहां हालात अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाए हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Monsoon

Monsoon Alert 2026: 12 राज्यों में बारिश की एंट्री, Delhi Airport पर तूफान से 3 विमान डैमेज

देशभर में मानसून (Monsoon) अब पूरी तरह एक्टिव होता नजर आ रहा है। कई राज्यों में तेज बारिश, आंधी और ओलावृष्टि ने मौसम का मिजाज बदल दिया है। जहां मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली, वहीं राजस्थान में ओलों और तेज हवाओं ने मुश्किलें बढ़ा दीं। दूसरी तरफ दिल्ली में आए तेज तूफान का असर एयरपोर्ट तक पहुंच गया, जहां Air India के तीन विमान क्षतिग्रस्त हो गए। 12 राज्यों तक पहुंचा मानसून, मौसम हुआ सुहाना भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है और अब तक 12 राज्यों में दस्तक दे चुका है। कई इलाकों में लगातार बारिश होने से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। लोगों को लंबे समय बाद गर्मी से राहत महसूस हुई। मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों में मानसून और तेजी से आगे बढ़ सकता है, जिससे उत्तर भारत के कई राज्यों में अच्छी बारिश देखने को मिलेगी। MP और UP में बारिश से मिली राहत मध्य प्रदेश के भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर और ग्वालियर समेत कई शहरों में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। कई जगहों पर बादल गरजे और मौसम अचानक ठंडा हो गया। लोग घरों से बाहर निकलकर बारिश का आनंद लेते नजर आए। उत्तर प्रदेश में भी लखनऊ, कानपुर, वाराणसी और प्रयागराज सहित कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। गर्मी से परेशान लोगों के चेहरे पर राहत साफ दिखाई दी। हालांकि कुछ इलाकों में जलभराव की समस्या भी सामने आई। राजस्थान में आंधी और ओलावृष्टि से बढ़ी परेशानी राजस्थान में मौसम ने अलग ही रूप दिखाया। जयपुर, बीकानेर, अजमेर और नागौर सहित कई जिलों में तेज धूलभरी आंधी चली। कुछ इलाकों में ओले गिरने की खबरें भी सामने आई हैं। तेज हवाओं के कारण पेड़ गिर गए और बिजली सप्लाई भी प्रभावित हुई। किसानों को फसलों के नुकसान की चिंता सताने लगी है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए अलर्ट जारी किया है। Delhi Airport पर तूफान का बड़ा असर राजधानी दिल्ली में रविवार शाम अचानक मौसम बिगड़ गया। तेज आंधी और बारिश के दौरान हवा की रफ्तार करीब 100 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच गई। इसका असर सीधे IGI Airport पर देखने को मिला। जानकारी के अनुसार तेज हवाओं की वजह से एयरपोर्ट पर मौजूद लोहे के स्टैंड उड़कर Air India के तीन विमानों से टकरा गए। इस घटना में विमानों को नुकसान पहुंचा है। घटना के बाद एयरपोर्ट अधिकारियों ने जांच शुरू कर दी है। खराब मौसम की वजह से कई फ्लाइट्स लेट हुईं और यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। अगले कुछ दिनों तक जारी रहेगा बारिश का दौर IMD ने दिल्ली, राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और आसपास के कई राज्यों में तेज बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने लोगों को सावधानी बरतने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार मानसून सामान्य से बेहतर रह सकता है, जिससे किसानों और आम लोगों दोनों को फायदा मिलने की उम्मीद है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Abhijeet Deepke

‘मैं हूं कॉकरोच’ Campaign हुआ तेज, Abhijeet Deepke करेंगे अलग-अलग राज्यों का दौरा

दिल्ली के जंतर-मंतर से शुरू हुआ ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ का आंदोलन अब देश के कई राज्यों तक पहुंचने की तैयारी में है। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके (Abhijeet Deepke) ने ऐलान किया है कि आने वाले दिनों में देशभर में प्रदर्शन किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि वे खुद अलग-अलग शहरों में जाकर लोगों से मुलाकात करेंगे और इस अभियान को आगे बढ़ाएंगे। पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ लगातार चर्चा में बनी हुई है। जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के बाद इस संगठन का नाम तेजी से वायरल हुआ। प्रदर्शन के दौरान “मैं हूं कॉकरोच” जैसे पोस्टर और नारे लोगों के बीच चर्चा का विषय बने रहे। 13 जून तक शिक्षामंत्री के इस्तीफे की मांग अभिजीत दीपके ने शिक्षा मंत्रालय पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर सरकार जवाब नहीं दे रही है। उन्होंने मांग की कि 13 जून तक शिक्षामंत्री इस्तीफा दें। अगर ऐसा नहीं हुआ तो आंदोलन को और बड़ा किया जाएगा। दीपके का कहना है कि यह सिर्फ एक विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि युवाओं की आवाज उठाने की कोशिश है। उन्होंने दावा किया कि देशभर से छात्रों और युवाओं का समर्थन उन्हें मिल रहा है। अलग-अलग राज्यों में जाएंगे अभिजीत दीपके अभिजीत दीपके ने कहा कि वे जल्द ही कई राज्यों और शहरों का दौरा करेंगे। पार्टी की टीम भी अलग-अलग जगहों पर प्रदर्शन और सभाओं की तैयारी में जुट गई है। उन्होंने समर्थकों से शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन में शामिल होने की अपील की है। उनका कहना है कि आंदोलन अब सिर्फ सोशल मीडिया तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे जमीन पर भी मजबूत किया जाएगा। बॉलीवुड और सोशल मीडिया से मिला सपोर्ट ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ को लेकर सोशल मीडिया पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोग इसे युवाओं की नई आवाज बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे राजनीतिक स्टंट मान रहे हैं। इस बीच बॉलीवुड अभिनेत्री ऋचा चड्ढा समेत कुछ चर्चित चेहरों ने भी इस आंदोलन के समर्थन में पोस्ट शेयर किए हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम, एक्स और यूट्यूब पर इस आंदोलन से जुड़े वीडियो और पोस्ट तेजी से वायरल हो रहे हैं। अभिजीत दीपके भी लगातार अपने समर्थकों से ऑनलाइन जुड़े हुए हैं। क्यों चर्चा में है ‘Cockroach Janata Party’? राजनीतिक जानकारों का मानना है कि सोशल मीडिया के दौर में अलग अंदाज वाले आंदोलन तेजी से लोगों का ध्यान खींचते हैं। ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ भी इसी वजह से अचानक चर्चा में आई है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि 13 जून तक सरकार की तरफ से क्या प्रतिक्रिया आती है और यह आंदोलन आने वाले दिनों में कितना बड़ा रूप लेता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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अमेरिका-ईरान Peace Agreement से दुनिया में हलचल, 19 जून को हो सकता है ऐतिहासिक ऐलान

कई सालों से तनाव और टकराव के बीच उलझे अमेरिका और ईरान के रिश्तों में अब नरमी के संकेत दिखाई देने लगे हैं। दोनों देशों के बीच चल रही बातचीत के बाद Peace Deal के ड्राफ्ट पर डिजिटल साइन होने की खबर सामने आई है। अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस समझौते की औपचारिक घोषणा 19 जून को स्विट्जरलैंड में की जा सकती है। इस खबर के सामने आते ही दुनिया भर में राजनीतिक और आर्थिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। माना जा रहा है कि अगर यह डील पूरी तरह सफल होती है तो इसका असर सिर्फ मध्य पूर्व ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर भी दिखाई देगा। डिजिटल साइन के बाद बढ़ी उम्मीदें रिपोर्ट्स के अनुसार अमेरिका और ईरान के वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने शुरुआती समझौते पर इलेक्ट्रॉनिक तरीके से सहमति जताई है। हालांकि अभी कुछ तकनीकी और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर अंतिम बातचीत बाकी है। सूत्रों की मानें तो इस बातचीत में कतर और पाकिस्तान जैसे देशों ने अहम भूमिका निभाई है। पिछले कुछ महीनों से दोनों देशों के बीच बैकडोर डिप्लोमेसी लगातार जारी थी, जिसके बाद अब यह बड़ा कदम सामने आया है। क्या-क्या शामिल है इस Peace Deal में? इस प्रस्तावित समझौते में कई अहम बिंदुओं पर चर्चा हुई है। इनमें युद्धविराम को मजबूत करना, स्ट्रेट ऑफ हॉरमुज में समुद्री आवाजाही को सामान्य बनाना और ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम पर नई शर्तों के साथ बातचीत शुरू करना शामिल है। इसके अलावा दोनों देशों के बीच अगले 60 दिनों तक तकनीकी स्तर पर चर्चा जारी रखने की भी बात कही जा रही है। जानकारों का मानना है कि यह कदम भविष्य में बड़े कूटनीतिक बदलाव का रास्ता खोल सकता है। ₹28 लाख करोड़ के Economic Package की चर्चा इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा चर्चा अमेरिका की ओर से ईरान को दिए जाने वाले संभावित आर्थिक राहत पैकेज को लेकर हो रही है। कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि अमेरिका करीब 300 अरब डॉलर यानी लगभग ₹28 लाख करोड़ तक की आर्थिक मदद, निवेश या फ्रीज की गई संपत्तियों को रिलीज कर सकता है। हालांकि अभी तक इस रकम की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। अमेरिकी प्रशासन की तरफ से भी साफ कहा गया है कि अंतिम फैसला बातचीत पूरी होने के बाद ही सामने आएगा। दुनिया की नजर 19 जून की बैठक पर अगर 19 जून को यह समझौता औपचारिक रूप लेता है तो इसे पिछले कई दशकों में अमेरिका और ईरान के बीच सबसे बड़ा डिप्लोमैटिक बदलाव माना जाएगा। अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों का कहना है कि इससे मध्य पूर्व में तनाव कम हो सकता है और वैश्विक तेल बाजार को भी राहत मिल सकती है। तेल व्यापार से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि स्ट्रेट ऑफ हॉरमुज में स्थिरता आने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों पर सकारात्मक असर पड़ सकता है। वहीं निवेशकों को भी वैश्विक व्यापार में सुधार की उम्मीद दिखाई दे रही है। अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ विवाद हालांकि माहौल सकारात्मक जरूर दिख रहा है, लेकिन दोनों देशों के बीच कई मुद्दों पर मतभेद अब भी बने हुए हैं। ईरान जहां प्रतिबंधों में पूरी राहत चाहता है, वहीं अमेरिका सुरक्षा और न्यूक्लियर निगरानी को लेकर सख्त शर्तों पर अड़ा हुआ है। ऐसे में 19 जून की बैठक दोनों देशों के रिश्तों के लिए बेहद अहम मानी जा रही है। अब पूरी दुनिया की नजर इसी बात पर टिकी है कि क्या यह Peace Deal वास्तव में इतिहास बदल पाएगी या फिर बातचीत एक बार फिर अधूरी रह जाएगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Telegram पर अस्थाई रोक: RE-NEET Exam से पहले सरकार का बड़ा Action

देशभर में होने जा रहे RE-NEET 2026 एग्जाम से पहले केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए मैसेजिंग ऐप Telegram पर अस्थाई रोक लगा दी है। सरकार का कहना है कि कुछ Telegram चैनलों और ग्रुप्स के जरिए फर्जी पेपर लीक, अफवाहें और ऑनलाइन ठगी के मामले लगातार सामने आ रहे थे। इसी वजह से यह फैसला लिया गया है ताकि परीक्षा निष्पक्ष और सुरक्षित तरीके से कराई जा सके। जानकारी के मुताबिक, यह अस्थाई रोक 22 जून 2026 तक लागू रहेगी। वहीं Telegram के message editing फीचर को भी 30 जून तक बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार को शिकायतें मिली थीं कि कुछ लोग पुराने मैसेज एडिट कर उन्हें “पहले से लीक पेपर” बताकर वायरल कर रहे थे। इससे छात्रों और अभिभावकों के बीच डर और भ्रम का माहौल बन गया था। Paper Leak के नाम पर छात्रों से ठगी जांच एजेंसियों के अनुसार कई Telegram चैनल्स छात्रों को कथित “लीक पेपर” देने का दावा कर रहे थे। इसके बदले हजारों से लेकर लाखों रुपये तक मांगे जा रहे थे। कुछ मामलों में छात्रों और अभिभावकों से ऑनलाइन पेमेंट लेने के बाद चैनल गायब भी हो गए। सूत्रों के मुताबिक, कई राज्यों में साइबर सेल और पुलिस ने ऐसे गिरोहों पर कार्रवाई शुरू कर दी है। जांच में यह भी सामने आया कि कुछ चैनल लगातार नए नामों से दोबारा एक्टिव हो रहे थे ताकि कार्रवाई से बचा जा सके। NTA ने छात्रों से की अपील National Testing Agency (NTA) ने छात्रों से किसी भी वायरल मैसेज, स्क्रीनशॉट या सोशल मीडिया पोस्ट पर भरोसा न करने की अपील की है। एजेंसी ने साफ कहा है कि परीक्षा पूरी सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी के बीच आयोजित की जाएगी। NTA ने यह भी कहा कि अगर किसी छात्र को पेपर लीक या फर्जी दावे से जुड़ी जानकारी मिलती है तो तुरंत आधिकारिक पोर्टल या साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत करें। 21 जून को होगा RE-NEET Exam गौरतलब है कि RE-NEET 2026 परीक्षा 21 जून को आयोजित होने वाली है। इस परीक्षा में देशभर के लाखों छात्र शामिल होंगे। ऐसे में सरकार और एजेंसियां किसी भी तरह की गड़बड़ी रोकने के लिए लगातार निगरानी कर रही हैं। सरकार का मानना है कि Telegram पर अस्थाई रोक लगाने से अफवाहों और फर्जी दावों पर काफी हद तक रोक लगेगी। वहीं छात्रों और अभिभावकों को भी सलाह दी गई है कि वे केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें और किसी भी शॉर्टकट के झांसे में न आएं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
NEET Re-Exam Scam: री-एग्जाम का पेपर दिलाने के नाम पर ऑनलाइन ठगी, 1000 से ज्यादा स्टूडेंट्स से लाखों रुपये वसूले

NEET Re-Exam Scam: री-एग्जाम का पेपर दिलाने के नाम पर ऑनलाइन ठगी, 1000 से ज्यादा स्टूडेंट्स से लाखों रुपये वसूले

देशभर में NEET परीक्षा को लेकर चल रही चिंता के बीच एक बड़ा ऑनलाइन ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि कुछ लोगों ने NEET री-एग्जाम का पेपर दिलाने और परीक्षा में मदद कराने के नाम पर 1000 से ज्यादा छात्रों और उनके परिवारों से लाखों रुपये की ठगी की। पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए राजस्थान और बिहार से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। शुरुआती जांच में पता चला है कि आरोपी सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप्स के जरिए छात्रों को निशाना बना रहे थे। कैसे करते थे ठगी? पुलिस के मुताबिक आरोपी खुद को एजेंट या परीक्षा से जुड़े लोगों के रूप में पेश करते थे। वे छात्रों को दावा करते थे कि उनके पास NEET री-एग्जाम का पेपर और परीक्षा से जुड़ी “गुप्त जानकारी” है। इसके बदले छात्रों और अभिभावकों से ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करवाए जाते थे। कई लोगों से हजारों से लेकर लाखों रुपये तक वसूले गए। 1000 से ज्यादा छात्र बने शिकार जांच एजेंसियों के अनुसार, देश के अलग-अलग राज्यों के 1000 से ज्यादा छात्र इस साइबर ठगी का शिकार हुए हैं। आरोपी सोशल मीडिया ग्रुप, टेलीग्राम चैनल और व्हाट्सऐप के जरिए छात्रों तक पहुंचते थे। जैसे ही पैसे मिलते, आरोपी नंबर बंद कर देते या संपर्क खत्म कर देते थे। राजस्थान और बिहार से गिरफ्तारी पुलिस ने डिजिटल ट्रांजैक्शन और मोबाइल लोकेशन की मदद से तीन आरोपियों को राजस्थान और बिहार से गिरफ्तार किया। उनके पास से मोबाइल फोन, बैंक खाते और कई डिजिटल सबूत भी मिले हैं। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस गिरोह में और कितने लोग शामिल हैं।
Raja Raghuvanshi Case: सोनम का राजा के परिवार को जवाब, बोलीं- ‘नेपाल नहीं भागी, अभी शिलॉन्ग में हूं’

Raja Raghuvanshi Case: सोनम का राजा के परिवार को जवाब, बोलीं- ‘नेपाल नहीं भागी, अभी शिलॉन्ग में हूं’

Raja Raghuvanshi Case: सोनम का राजा के परिवार को जवाब, बोलीं- ‘नेपाल नहीं भागी, अभी शिलॉन्ग में हूं’ केस में नया मोड़ सामने आया है। मामले में चर्चा में चल रहीं सोनम ने पहली बार खुलकर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने राजा के परिवार के आरोपों पर जवाब देते हुए कहा कि वह नेपाल नहीं भागीं, बल्कि अभी भी शिलॉन्ग में ही मौजूद हैं। सोनम का यह बयान ऐसे समय में आया है जब सोशल मीडिया और परिवार की ओर से लगातार सवाल उठाए जा रहे थे कि वह अचानक कहां गायब हो गईं। ‘मैं शिलॉन्ग में हूं, कहीं नहीं भागी’ मीडिया से बातचीत में सोनम ने कहा कि उनके खिलाफ कई गलत बातें फैलाई जा रही हैं। उन्होंने साफ कहा कि वह नेपाल नहीं गई हैं और फिलहाल शिलॉन्ग में रह रही हैं। उन्होंने कहा कि मामले को लेकर बेवजह अफवाहें उड़ाई जा रही हैं, जिससे उनकी छवि खराब हो रही है। खर्चों को लेकर पूछे गए सवाल जब सोनम से पूछा गया कि वह शिलॉन्ग में रहने और बाकी खर्चों का इंतजाम कैसे कर रही हैं, तो उन्होंने इस सवाल का सीधा जवाब देने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, “मैं इस बारे में कुछ नहीं बताऊंगी।” उनके इस जवाब के बाद मामले को लेकर चर्चा और तेज हो गई है। परिवार लगातार उठा रहा सवाल राजा के परिवार की ओर से पहले भी कई सवाल उठाए गए थे। परिवार का आरोप है कि मामले में कई बातें अभी साफ नहीं हुई हैं और जांच पूरी पारदर्शिता से होनी चाहिए। वहीं, सोनम लगातार खुद को निर्दोष बता रही हैं और कह रही हैं कि उनके खिलाफ गलत माहौल बनाया जा रहा है।
Jaipur News: ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के फाउंडर को मंच पर मारे थप्पड़, प्रदर्शन में हंगामा; कई मोबाइल चोरी

Jaipur News: ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के फाउंडर को मंच पर मारे थप्पड़, प्रदर्शन में हंगामा; कई मोबाइल चोरी

राजस्थान की राजधानी Jaipur में उस समय बड़ा हंगामा हो गया, जब ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के फाउंडर के साथ मंच पर मारपीट की घटना सामने आई। कार्यक्रम के दौरान कुछ लोगों ने उन्हें थप्पड़ मार दिए, जिसके बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, विवाद बढ़ने पर प्रदर्शनकारी और समर्थक आपस में भिड़ गए। इस दौरान धक्का-मुक्की और मारपीट भी हुई। कार्यक्रम स्थल पर मौजूद कई लोगों ने आरोप लगाया कि हंगामे के बीच उनके मोबाइल फोन भी चोरी हो गए। कार्यक्रम के दौरान बिगड़ा माहौल बताया जा रहा है कि कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। शुरुआत में सब कुछ सामान्य था, लेकिन अचानक कुछ लोगों और पार्टी समर्थकों के बीच बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते मामला हाथापाई तक पहुंच गया। इसी दौरान ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के फाउंडर को मंच पर थप्पड़ मारने की घटना हुई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। समर्थकों के बीच हुई झड़प घटना के बाद पार्टी समर्थक और विरोधी गुट आमने-सामने आ गए। कई लोगों के बीच जमकर बहस और धक्का-मुक्की हुई। मौके पर मौजूद लोगों ने माहौल शांत कराने की कोशिश की, लेकिन कुछ देर तक कार्यक्रम स्थल पर तनाव बना रहा। कई लोगों ने मोबाइल चोरी की शिकायत की हंगामे के बीच कई लोगों ने अपने मोबाइल फोन गायब होने की शिकायत की है। भीड़ और अफरा-तफरी का फायदा उठाकर चोरों ने वारदात को अंजाम दिया होने की आशंका जताई जा रही है।

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