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UP Assembly Election 2027

UP Assembly Election 2027: ओवैसी का बड़ा बयान, ‘अब्दुल दरी नहीं बिछाएगा, अपना Political Haq लेगा’

UP Assembly Election 2027 को लेकर उत्तर प्रदेश में सियासी हलचल धीरे-धीरे बढ़ने लगी है। नेताओं के दौरे और बयानबाजी के बीच AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने मुस्लिम राजनीतिक भागीदारी को लेकर बड़ा बयान दिया है। बहराइच और श्रावस्ती के दौरे पर पहुंचे ओवैसी ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि अब ‘अब्दुल’ सिर्फ दरी बिछाने और नारे लगाने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि अपना राजनीतिक हक मांगेगा। ओवैसी के इस बयान ने यूपी की चुनावी राजनीति में एक बार फिर Political Representation और मुस्लिम वोटर्स की हिस्सेदारी के मुद्दे को चर्चा में ला दिया है। ‘अब्दुल अब सिर्फ दरी नहीं बिछाएगा’ ओवैसी ने विपक्षी दलों पर आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव के समय मुस्लिम समाज से वोट की उम्मीद की जाती है, लेकिन राजनीतिक हिस्सेदारी देने की बात आने पर उसे पीछे कर दिया जाता है। उन्होंने इसी संदर्भ में ‘अब्दुल’ का उदाहरण दिया। AIMIM प्रमुख का कहना है कि मुस्लिम समाज को केवल चुनावी समर्थन देने वाले वर्ग के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। उसे राजनीति और सत्ता में अपनी हिस्सेदारी के लिए भी आवाज उठानी चाहिए। ओवैसी ने अपने भाषण में कहा कि अब ‘अब्दुल दरी नहीं बिछाएगा’, बल्कि अपने Political Rights और हिस्सेदारी की बात करेगा। सपा और विपक्ष पर ओवैसी का निशाना ओवैसी ने समाजवादी पार्टी समेत विपक्षी दलों पर भी निशाना साधा। उनका आरोप है कि यूपी में मुस्लिमों की अलग राजनीतिक ताकत को मजबूत होते देख कई दल असहज हैं। AIMIM प्रमुख लगातार यह कहते रहे हैं कि मुस्लिम समाज को किसी एक पार्टी के पारंपरिक वोट बैंक के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। उनकी राजनीति का एक प्रमुख मुद्दा राजनीतिक प्रतिनिधित्व रहा है। हालांकि, ओवैसी के इन आरोपों पर संबंधित विपक्षी दलों का पक्ष अलग हो सकता है। इसलिए उनके बयानों को राजनीतिक दावे के तौर पर ही देखा जाना चाहिए। भिनगा सीट से उम्मीदवार का ऐलान श्रावस्ती दौरे के दौरान ओवैसी ने भिनगा विधानसभा सीट से हाजी दद्दन खान को AIMIM का उम्मीदवार घोषित किया। दद्दन खान हाल में बसपा छोड़कर AIMIM में शामिल हुए हैं। उम्मीदवार की घोषणा के साथ ही AIMIM ने यूपी विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी सक्रियता का संकेत दिया है। पार्टी आने वाले समय में दूसरे क्षेत्रों में भी संगठन और उम्मीदवारों को लेकर अपनी रणनीति सामने रख सकती है। गठबंधन पर भी AIMIM का रुख यूपी चुनाव को लेकर ओवैसी पहले ही कह चुके हैं कि बीजेपी को सत्ता में आने से रोकने के लिए उनकी पार्टी विपक्षी दलों के साथ गठबंधन पर विचार कर सकती है। हालांकि, अभी तक किसी बड़े गठबंधन को लेकर अंतिम तस्वीर सामने नहीं आई है। ऐसे में यह देखना अहम होगा कि चुनाव नजदीक आने पर AIMIM किन सीटों पर उम्मीदवार उतारती है और दूसरे राजनीतिक दलों के साथ उसका समीकरण किस दिशा में जाता है। SIR के मुद्दे का भी किया जिक्र ओवैसी ने Special Intensive Revision (SIR) यानी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने दावा किया कि AIMIM इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट गई थी। SIR को लेकर देश के अलग-अलग हिस्सों में राजनीतिक बहस चल रही है। यूपी चुनाव की तैयारियों के बीच मतदाता सूची और वोटर अधिकार से जुड़े मुद्दे भी राजनीतिक चर्चा का हिस्सा बनते जा रहे हैं। UP Election 2027 में AIMIM की क्या रणनीति? असदुद्दीन ओवैसी के लगातार यूपी दौरे और उम्मीदवारों की शुरुआती घोषणाओं से AIMIM की चुनावी सक्रियता दिखाई दे रही है। पार्टी मुस्लिम राजनीतिक प्रतिनिधित्व के साथ-साथ अपने संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने पर जोर दे रही है। फिलहाल यूपी चुनाव में अभी काफी समय है और राजनीतिक समीकरण बदलने की गुंजाइश बनी हुई है। ऐसे में ओवैसी का ‘अब्दुल दरी नहीं बिछाएगा’ वाला बयान आने वाले चुनाव में Muslim Political Representation के मुद्दे को कितना बड़ा बनाता है, यह आगे की राजनीतिक गतिविधियों से साफ होगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Hamam Al-Hammami

Indian Pilot Attack: Hamam Al-Hammami की पुरानी नौकरी से जुड़े चौंकाने वाले दावे, जांच जारी

फ्लाईदुबई की फ्लाइट में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर हुए हमले के मामले में आरोपी सह-पायलट की पहचान हमाम अल-हमामी (Hamam Al-Hammami) के तौर पर हुई है। घटना के बाद से आरोपी की पुरानी नौकरी, उसकी गतिविधियों और कथित कट्टरपंथी विचारों को लेकर जांच तेज हो गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमाम अल-हमामी पहले Oman Air में काम कर चुका था। उसके पुराने रिकॉर्ड को खंगालने पर यह बात सामने आई है कि कंपनी में रहते हुए उसके व्यवहार और कथित चरमपंथी विचारों को लेकर सुरक्षा संबंधी चिंताएं उठी थीं। कॉकपिट में भारतीय कैप्टन पर किया हमला यह मामला उस समय सामने आया जब फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 दुबई से तेल अवीव जा रही थी। रिपोर्ट्स के अनुसार, उड़ान के दौरान सह-पायलट हमाम अल-हमामी ने कॉकपिट में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला कर दिया। घटना के बीच विमान की स्थिति भी कुछ समय के लिए गंभीर हो गई और विमान तेजी से नीचे जाने लगा। हालांकि, कैप्टन ने हालात संभालने की कोशिश की। बाद में विमान को सऊदी अरब के ताबुक एयरपोर्ट की ओर डायवर्ट किया गया, जहां उसकी सुरक्षित लैंडिंग कराई गई। घटना के बाद कैप्टन स्मित मच्छार और आरोपी सह-पायलट को संयुक्त अरब अमीरात ले जाया गया। मामले की जांच अब कई स्तरों पर की जा रही है। Oman Air में भी उठे थे सवाल हमाम अल-हमामी के पुराने करियर को लेकर सामने आई रिपोर्टों ने इस मामले को और गंभीर बना दिया है। बताया गया है कि वह करीब सात साल तक Oman Air से जुड़ा रहा था। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि कंपनी में रहते हुए उसके कथित चरमपंथी विचारों को लेकर सुरक्षा अधिकारियों ने चिंता जताई थी। इसके बाद उसे उड़ान से जुड़ी जिम्मेदारियों से हटाकर दूसरी भूमिका में भेजे जाने की बात भी सामने आई है। हालांकि, इस पूरे मामले में अलग-अलग मीडिया रिपोर्टों में घटनाओं की परिस्थितियों और समय को लेकर अंतर दिखाई देता है। इसलिए इन दावों की आधिकारिक जांच का इंतजार किया जा रहा है। Al-Qaeda से प्रभावित होने का भी दावा हमाम अल-हमामी को लेकर कुछ रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया है कि वह Al-Qaeda की विचारधारा से प्रभावित था। जांच एजेंसियां उसके पुराने सोशल मीडिया अकाउंट्स और ऑनलाइन गतिविधियों की भी पड़ताल कर रही हैं। रिपोर्टों में कथित तौर पर चरमपंथी सामग्री से जुड़े उसके संपर्क और गतिविधियों का जिक्र किया गया है। हालांकि, अभी तक अल-कायदा के साथ उसके सीधे संबंध की स्वतंत्र और अंतिम पुष्टि नहीं हुई है। यही वजह है कि जांच पूरी होने तक इन दावों को आरोप या जांच के एंगल के तौर पर ही देखा जा रहा है। कैसे बचा बड़ा हादसा? फ्लाइट के कॉकपिट में हुई इस घटना के बाद विमान में मौजूद यात्रियों की सुरक्षा सबसे बड़ा सवाल बन गई थी। स्थिति बिगड़ने के बावजूद विमान को संभाला गया और उसे ताबुक में सुरक्षित उतारा गया। कैप्टन स्मित मच्छार की भूमिका को लेकर भी घटना के बाद काफी चर्चा हुई है। हमले के बावजूद विमान को सुरक्षित दिशा में ले जाना और यात्रियों को बचाना इस पूरे घटनाक्रम का अहम हिस्सा रहा। अब जांच में किन सवालों के जवाब तलाशे जा रहे? जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि हमाम अल-हमामी ने विमान के अंदर हमला क्यों किया और क्या इसके पीछे कोई पूर्व योजना थी। इसके साथ ही उसके पुराने रोजगार रिकॉर्ड, कथित कट्टरपंथी गतिविधियों और सुरक्षा जांच से जुड़े पहलुओं की भी समीक्षा की जा रही है। सबसे बड़ा सवाल यह भी है कि अगर उसके पुराने रिकॉर्ड में सुरक्षा संबंधी चिंताएं थीं, तो वह बाद में दूसरी एयरलाइन में पायलट की जिम्मेदारी तक कैसे पहुंचा। फिलहाल मामले की जांच जारी है। Hamam Al-Hammami के कथित कट्टरपंथी संबंधों और Al-Qaeda से जुड़े दावों पर अंतिम तस्वीर जांच पूरी होने के बाद ही साफ होगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Tirupati

Tirupati Pharma Factory में Boiler Blast, 5 कर्मचारियों की मौत; 10 की हालत गंभीर

आंध्र प्रदेश के तिरुपति (Tirupati) जिले से शनिवार को एक बेहद दुखद खबर सामने आई। श्री सिटी के SEZ स्थित TIL Healthcare की फार्मा यूनिट में अचानक बॉयलर फट गया। धमाका इतना तेज था कि फैक्ट्री में काम कर रहे कर्मचारियों के बीच अफरा-तफरी मच गई। हादसे में अब तक 5 कर्मचारियों की मौत की जानकारी सामने आई है, जबकि करीब 10 लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। अचानक हुआ जोरदार Boiler Blast जानकारी के मुताबिक, यह हादसा शनिवार सुबह फैक्ट्री में हुआ। उस समय कर्मचारी अपनी शिफ्ट में काम कर रहे थे। इसी दौरान बॉयलर में अचानक जोरदार धमाका हुआ। विस्फोट के बाद फैक्ट्री परिसर में आग और धुएं का माहौल बन गया। धमाके की आवाज काफी दूर तक सुनाई दी। हादसे के बाद कर्मचारियों में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। कई लोगों ने तुरंत बाहर निकलकर अपनी जान बचाई, जबकि कुछ कर्मचारी हादसे की चपेट में आ गए। Rescue Team ने संभाला मोर्चा घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंचीं। राहत और बचाव दल ने फैक्ट्री के अंदर फंसे लोगों को बाहर निकालने का काम शुरू किया। घायलों को तत्काल आसपास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया। बताया जा रहा है कि करीब 10 घायल कर्मचारियों की हालत गंभीर है। डॉक्टरों की टीम उनका इलाज कर रही है और जरूरत के अनुसार कुछ घायलों को बेहतर इलाज के लिए दूसरे अस्पताल में भेजे जाने की जानकारी सामने आई है। हादसे की वजह अभी सामने नहीं आई फिलहाल यह साफ नहीं हो पाया है कि बॉयलर में विस्फोट आखिर किस वजह से हुआ। क्या यह तकनीकी खराबी थी या फिर किसी दूसरे कारण से यह हादसा हुआ, इसकी जांच की जा रही है। पुलिस और संबंधित विभाग की टीमें घटनास्थल से जानकारी जुटा रही हैं। जांच पूरी होने के बाद ही Boiler Blast की असली वजह सामने आने की उम्मीद है। परिवारों में पसरा मातम हादसे में कर्मचारियों की मौत की खबर मिलते ही उनके परिवारों में मातम पसर गया। फैक्ट्री में काम करने वाले अन्य कर्मचारियों और उनके परिजनों में भी चिंता का माहौल है। आंध्र प्रदेश के मंत्री नारा लोकेश ने हादसे पर दुख जताया है। उन्होंने अधिकारियों को राहत-बचाव कार्य में तेजी लाने और घायलों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। तिरुपति सांसद मद्दिला गुरुमूर्ति ने भी घटना पर शोक व्यक्त किया है। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता घायलों का इलाज और राहत कार्य है। वहीं, इस गंभीर औद्योगिक हादसे की जांच जारी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Guwahati Nightclub

Guwahati Nightclub में हंगामा महिला से मारपीट और बदसलूकी का आरोप, Manager हिरासत में

असम के गुवाहाटी से एक नाइटक्लब (Guwahati Nightclub) में महिला के साथ कथित बदसलूकी और मारपीट का मामला सामने आया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला सुर्खियों में आ गया। वीडियो में दो महिलाएं एक महिला के साथ मारपीट करती दिखाई दे रही हैं। वहीं, क्लब के बाउंसरों पर भी घटना के दौरान उचित कार्रवाई नहीं करने के आरोप लगाए जा रहे हैं। Nightclub में महिला के साथ मारपीट का आरोप मिली जानकारी के मुताबिक, गुवाहाटी के एक नाइटक्लब में किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। विवाद बढ़ने के बाद एक महिला के साथ कथित तौर पर मारपीट की गई। आरोप है कि उसके कपड़े भी उतारे गए और उसके साथ बदसलूकी की गई। वायरल वीडियो में दो महिलाएं कथित तौर पर महिला को लात मारती नजर आ रही हैं। वीडियो सामने आने के बाद घटना को लेकर सोशल मीडिया पर भी लोगों ने सवाल उठाए हैं। बाउंसरों की भूमिका पर भी सवाल इस मामले में नाइटक्लब के बाउंसरों की भूमिका भी जांच के दायरे में है। आरोप है कि जब महिला के साथ मारपीट हो रही थी, तब उसे रोकने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए गए। हालांकि, घटना के पूरे क्रम और इसमें शामिल लोगों की भूमिका को लेकर पुलिस की जांच अभी जारी है। वायरल वीडियो के अलावा मौके पर मौजूद लोगों और क्लब स्टाफ से मिली जानकारी भी जांच में अहम हो सकती है। Club Manager हिरासत में घटना के बाद पुलिस ने नाइटक्लब के मैनेजर को हिरासत में लिया है। उससे घटना को लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि विवाद की शुरुआत किस बात से हुई और मारपीट में कौन-कौन लोग शामिल थे। जांच के दौरान पुलिस वायरल वीडियो और क्लब में लगे CCTV फुटेज की भी जांच कर सकती है। इससे घटना का पूरा क्रम समझने और आरोपों की पुष्टि करने में मदद मिल सकती है। Viral Video के बाद सामने आया मामला बताया जा रहा है कि घटना का वीडियो सामने आने के बाद मामला तेजी से लोगों के बीच पहुंचा। वीडियो में महिला के साथ मारपीट का दृश्य दिखाई दे रहा है, जिसके बाद नाइटक्लब में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि घटना में किसकी क्या भूमिका थी और लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Asian Games 2026

Asian Games 2026: भारत को 18वां Gold, Kumkum Mohod और Pranavi Urs ने रचा इतिहास

Asian Games 2026 में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन लगातार जारी है। शनिवार को भारत के लिए दो बड़ी खुशखबरियां आईं। तीरंदाजी में कुमकुम मोहोड ने महिला Individual Recurve में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया, वहीं प्रणवी उर्स ने Women’s Individual Golf में स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इन दोनों उपलब्धियों के साथ भारत के Gold Medals की संख्या बढ़कर 18 हो गई। कुमकुम मोहोड ने Archery में रचा इतिहास 17 साल की भारतीय तीरंदाज कुमकुम मोहोड ने महिला Individual Recurve के फाइनल में शानदार खेल दिखाया। उनका मुकाबला दक्षिण कोरिया की ओ ये-जिन से हुआ। दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली और मुकाबला 5-5 की बराबरी पर पहुंच गया। इसके बाद शूट-ऑफ में मुकाबला तय हुआ। यहां कुमकुम ने दबाव के बीच बेहतरीन निशाना लगाते हुए 10 अंक हासिल किए। उनकी प्रतिद्वंद्वी 8 अंक ही बना सकीं। इस तरह कुमकुम ने Gold Medal अपने नाम कर लिया। कुमकुम की यह जीत इसलिए भी खास है क्योंकि वह Asian Games के महिला Individual Recurve में Gold जीतने वाली पहली भारतीय महिला तीरंदाज बन गई हैं। उनकी इस उपलब्धि ने भारतीय Archery में एक नया अध्याय जोड़ दिया है। इससे पहले भी कुमकुम इस एशियन गेम्स में शानदार प्रदर्शन कर चुकी हैं। उन्होंने महिला टीम रिकर्व में Gold और Mixed Pair में Silver Medal भी जीता है। Pranavi Urs ने Golf में बनाया नया इतिहास गोल्फ में भी भारत को बड़ी कामयाबी मिली। प्रणवी उर्स ने Women’s Individual Golf में Gold Medal जीतकर इतिहास रच दिया। वह Asian Games में Individual Golf Gold जीतने वाली पहली भारतीय महिला गोल्फर बन गई हैं। प्रणवी ने चार राउंड के खेल में 15-अंडर 265 का स्कोर बनाया। उन्होंने चीन की यिन रुओनिंग और सिंगापुर की शैनन टैन को एक स्ट्रोक से पीछे छोड़ते हुए Gold Medal पर कब्जा किया। फाइनल राउंड में एक समय प्रणवी मुश्किल स्थिति में भी पहुंच गई थीं। तीसरे होल पर ट्रिपल बोगी के बाद उनकी बढ़त कम हो गई थी। लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं छोड़ी और इसके बाद शानदार वापसी करते हुए जरूरी Birdies हासिल कीं। आखिरी होल तक प्रणवी ने अपना संयम बनाए रखा और पार स्कोर के साथ Gold Medal पक्का कर दिया। उनके इस प्रदर्शन ने भारतीय गोल्फ के लिए भी एक यादगार दिन बना दिया। Indian Women’s Golf Team को Silver प्रणवी उर्स की Individual Gold जीत के साथ भारतीय महिला Golf Team ने भी Silver Medal हासिल किया। टीम में प्रणवी उर्स, अदिति अशोक और दीक्षा डागर शामिल थीं। भारतीय टीम ने कुल 14-अंडर 546 का स्कोर बनाया। चीन ने बेहतर स्कोर के साथ Gold हासिल किया, जबकि भारत को Silver Medal से संतोष करना पड़ा। 18 Gold के साथ भारत की शानदार Medal Tally कुमकुम मोहोड और प्रणवी उर्स के Gold Medal ने Asian Games 2026 में भारत के अभियान को और मजबूत कर दिया है। भारत के खाते में अब 18 Gold, 26 Silver और 35 Bronze सहित कुल 79 Medals हो गए हैं। एक ही दिन Archery और Golf में दो ऐतिहासिक Gold जीतना भारतीय खेलों के लिए बड़ी उपलब्धि है। कुमकुम की सटीक निशानेबाजी और प्रणवी की Golf Course पर शानदार वापसी ने इस दिन को भारतीय खेल प्रेमियों के लिए खास बना दिया। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Captain Smit Machchhar

Captain Smit Machchhar हीरो बने भारतीय Pilot, PM मोदी से Netanyahu तक ने की तारीफ

Flydubai की फ्लाइट में हुए खतरनाक घटनाक्रम के बाद भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार (Captain Smit Machchhar) लगातार सुर्खियों में हैं। मुश्किल हालात में जिस तरह उन्होंने धैर्य और सूझबूझ दिखाई, उसकी देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी चर्चा हो रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और RSS समेत कई नेताओं और संगठनों ने स्मित की बहादुरी की सराहना की है। स्मित के लिए यह घटना सिर्फ एक मुश्किल उड़ान नहीं थी। उस वक्त विमान में सैकड़ों लोगों की जिंदगी दांव पर थी और हर फैसला बेहद अहम था। गंभीर स्थिति के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं छोड़ी और यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी। Flydubai Flight में आखिर क्या हुआ था? दुबई से तेल अवीव जा रही Flydubai Flight FZ1073 में उड़ान के दौरान कॉकपिट में गंभीर घटना हुई। रिपोर्टों के मुताबिक, इस दौरान कैप्टन स्मित मच्छार घायल हो गए और विमान अचानक नीचे जाने लगा। हालात बिगड़ने के बावजूद स्मित ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाबी हासिल की। इसके बाद क्रू और अन्य लोगों ने स्थिति को संभालने में मदद की। विमान को आखिरकार सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित उतारा गया। इस फ्लाइट में कुल 174 लोग सवार थे। घटना के बाद स्मित को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। PM मोदी ने की Captain Smit से बात कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी तारीफ की। पीएम मोदी ने उनसे वीडियो कॉल पर बातचीत कर उनकी सेहत का हाल जाना और मुश्किल समय में उनके साहस की सराहना की। बातचीत के दौरान स्मित ने घटना से जुड़े अनुभव प्रधानमंत्री के साथ साझा किए। उन्होंने बताया कि लंबे Flying Experience ने उन्हें उस समय स्थिति को समझने और तेजी से फैसला लेने में मदद की। प्रधानमंत्री ने स्मित के साहस और कर्तव्य के प्रति उनकी प्रतिबद्धता की सराहना करते हुए उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की। Netanyahu ने भी बताया ‘True Hero’ कैप्टन स्मित की बहादुरी की गूंज इजरायल तक पहुंची। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी भारतीय पायलट की तारीफ की। नेतन्याहू ने स्मित को True Hero बताते हुए उनकी बहादुरी को सलाम किया। उनके मुताबिक, संकट की उस घड़ी में स्मित की कार्रवाई बेहद महत्वपूर्ण रही और इससे विमान में मौजूद लोगों की जान बचाने में मदद मिली। यही वजह है कि घटना के बाद स्मित मच्छार को लेकर भारत और इजरायल दोनों जगह लोगों के बीच चर्चा तेज हो गई। RSS और नेताओं ने भी किया सलाम स्मित मच्छार की बहादुरी की तारीफ राजनीतिक गलियारों में भी हुई। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की ओर से भी उनके साहस की सराहना की गई। इसके अलावा अलग-अलग राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी सोशल मीडिया और सार्वजनिक बयानों के जरिए कैप्टन स्मित के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। RJD सांसद मनोज झा समेत कई नेताओं ने संकट के समय उनके साहस और जिम्मेदारी की तारीफ की। खास बात यह रही कि स्मित की तारीफ किसी एक राजनीतिक खेमे तक सीमित नहीं रही। अलग-अलग विचारधारा से जुड़े लोगों ने भी उनकी भूमिका को सराहा। 17 साल का Flying Experience बना ताकत कैप्टन स्मित मच्छार के पास विमान उड़ाने का लंबा अनुभव है। रिपोर्टों के अनुसार, उन्हें करीब 17 साल का Flying Experience है और वह लगभग 11 साल तक SpiceJet से जुड़े रहे। बाद में उन्होंने Flydubai में काम शुरू किया। शायद यही लंबा अनुभव संकट की उस घड़ी में उनके लिए सबसे बड़ी ताकत बना। जब कुछ ही सेकंड में फैसले लेने थे, तब उन्होंने हालात को समझते हुए कदम उठाया। देशभर में हो रही बहादुरी की चर्चा घटना के बाद सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक और सार्वजनिक मंचों तक कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की चर्चा हो रही है। लोग उनके साहस और पेशेवर जिम्मेदारी की तारीफ कर रहे हैं। एक पायलट के लिए हर उड़ान में यात्रियों की सुरक्षा सबसे बड़ी जिम्मेदारी होती है। लेकिन जब खुद पायलट मुश्किल में हो और फिर भी वह स्थिति को संभालने की कोशिश करे, तो ऐसी घटना लोगों के बीच लंबे समय तक चर्चा का विषय बन जाती है। घटना की जांच जारी Flydubai फ्लाइट में हुई इस घटना की जांच जारी है। घटना के पीछे की पूरी वजह और उससे जुड़े अन्य पहलुओं की जांच अधिकारियों द्वारा की जा रही है। इसलिए मामले के सभी तथ्यों के सामने आने का इंतजार किया जा रहा है। फिलहाल कैप्टन स्मित मच्छार की कहानी एक ऐसे भारतीय पायलट की कहानी बन गई है, जिसने मुश्किल समय में हिम्मत नहीं छोड़ी। PM मोदी, Netanyahu, RSS और कई नेताओं की ओर से मिली तारीफ ने उनकी बहादुरी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा में ला दिया है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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दुनिया के सबसे ऊंचे Railway Bridge पर 100 किमी/घंटे की रफ्तार से दौड़ी ट्रेन

दुनिया के सबसे ऊंचे Railway Bridge पर 100 किमी/घंटे की रफ्तार से दौड़ी ट्रेन

जम्मू-कश्मीर की खूबसूरत वादियों में भारतीय रेलवे ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। दुनिया के सबसे ऊंचे Railway Bridge चिनाब रेल ब्रिज पर ट्रेन करीब 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ी। रेलवे ने इसका एक शानदार वीडियो भी सोशल मीडिया पर शेयर किया है, जिसमें ट्रेन को विशाल चिनाब ब्रिज से गुजरते हुए देखा जा सकता है। यह ब्रिज जम्मू-श्रीनगर रेल कनेक्टिविटी के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इसकी ऊंचाई नदी तल से करीब 359 मीटर है, यानी यह पेरिस के मशहूर एफिल टावर से लगभग 35 मीटर ऊंचा है। इतनी ऊंचाई पर ट्रेन का दौड़ना इंजीनियरिंग और भारतीय रेलवे की तकनीकी क्षमता का शानदार उदाहरण माना जा रहा है। जम्मू-श्रीनगर के बीच रेल संपर्क बेहतर होने से यात्रियों को भी बड़ी सुविधा मिलने की उम्मीद है। खासकर पहाड़ी और दुर्गम इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए यह रेल सेवा यात्रा को आसान और तेज बनाने में अहम भूमिका निभा सकती है। चिनाब ब्रिज पर दौड़ती ट्रेन का वीडियो सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींच रहा है। ऊंचे पहाड़ों, गहरी घाटी और विशाल रेलवे पुल के बीच ट्रेन का यह नजारा बेहद खास दिखाई देता है। Desh Har Pal website पर देश-दुनिया की ऐसी ही महत्वपूर्ण खबरों और अपडेट्स के लिए जुड़े रहें। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Monsoon

Bihar-UP Monsoon: बाढ़ ने बढ़ाई लोगों की मुश्किल, मानसून की विदाई के बीच Kedarnath में बढ़ी ठंड

Monsoon की विदाई का दौर शुरू हो चुका है, लेकिन देश के कुछ हिस्सों में बारिश और बाढ़ की परेशानी अभी खत्म नहीं हुई है। बिहार में नदियों का जलस्तर बढ़ने से हजारों परिवार प्रभावित हैं। उत्तर प्रदेश में भी कई गांवों तक बाढ़ का पानी पहुंच गया है। वहीं पहाड़ों पर मौसम ने अचानक करवट ली है और केदारनाथ में तापमान -4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। बिहार में बाढ़ से लाखों लोग प्रभावित बिहार में नेपाल से आने वाले पानी और लगातार बढ़ते नदी के जलस्तर ने कई इलाकों की मुश्किल बढ़ा दी है। राज्य के कई जिलों में बाढ़ का असर देखने को मिल रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक करीब 2 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई जगह खेतों में पानी भर गया है और ग्रामीण इलाकों में आने-जाने के रास्ते भी प्रभावित हुए हैं। प्रशासन की टीमें स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और जरूरत के मुताबिक राहत कार्य चलाए जा रहे हैं। हालांकि मौसम विभाग के अनुसार बिहार में फिलहाल बहुत भारी बारिश का बड़ा अलर्ट नहीं है। आने वाले दिनों में कुछ इलाकों में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। UP में भी Flood का असर उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में नदियों का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। नदी किनारे बसे गांवों में लोगों की चिंता बढ़ गई है। कई जगह सड़कों और संपर्क मार्गों पर पानी आने से आवागमन प्रभावित हुआ है। प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में राहत और बचाव टीमों को अलर्ट रखा है। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए नावों की मदद ली जा रही है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत शिविर और मेडिकल टीमों की व्यवस्था भी की गई है। सितंबर के दौरान उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बाढ़ का असर देखने को मिला था। अब मानसून की विदाई के बीच भी कुछ इलाकों में नदियों के बढ़े जलस्तर ने परेशानी बरकरार रखी है। Kedarnath में -4°C पहुंचा तापमान मैदानी इलाकों में जहां बाढ़ का पानी लोगों की मुश्किल बढ़ा रहा है, वहीं उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में ठंड तेजी से बढ़ रही है। केदारनाथ में तापमान -4°C तक पहुंचने से वहां सुबह और रात के समय ठिठुरन बढ़ गई है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम बदलने का असर साफ नजर आ रहा है। ठंडी हवाओं के साथ तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। केदारनाथ जाने वाले यात्रियों को भी मौसम को ध्यान में रखते हुए तैयारी करने की सलाह दी जा रही है। एक तरफ बाढ़, दूसरी तरफ बढ़ती ठंड अक्टूबर की शुरुआत में देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का अलग रंग देखने को मिल रहा है। बिहार और उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में जहां बाढ़ और बढ़े नदी जलस्तर ने लोगों की परेशानी बढ़ाई है, वहीं उत्तराखंड के पहाड़ों में ठंड दस्तक दे चुकी है। मानसून की वापसी के साथ आने वाले दिनों में मौसम का मिजाज और बदल सकता है। ऐसे में नदी किनारे रहने वाले लोगों के लिए जलस्तर पर नजर रखना जरूरी है, जबकि पहाड़ी क्षेत्रों में जाने वाले यात्रियों को स्थानीय मौसम अपडेट के बाद ही यात्रा की योजना बनानी चाहिए। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Captain Smit Machchhar

Flydubai Hero Captain Smit Machchhar: कौन हैं 174 यात्रियों की जान बचाने वाले भारतीय Pilot?

मुश्किल वक्त में इंसान की असली परीक्षा होती है। कुछ ऐसा ही देखने को मिला Flydubai की एक फ्लाइट में, जहां गंभीर हालात के बीच भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार (Captain Smit Machchhar) ने अपनी सूझबूझ और हिम्मत से सैकड़ों लोगों की जिंदगी को खतरे से बाहर निकालने में अहम भूमिका निभाई। इस घटना के बाद स्मित मच्छार का नाम दुनियाभर में चर्चा में है। दुबई से तेल अवीव जा रही Flydubai की फ्लाइट FZ1073 में 174 यात्री सवार थे। उड़ान के दौरान कॉकपिट में अचानक गंभीर स्थिति बन गई। रिपोर्टों के मुताबिक, को-पायलट ने कैप्टन स्मित पर हमला किया। इसके बावजूद स्मित ने हिम्मत नहीं छोड़ी और हालात को संभालने की कोशिश जारी रखी। कौन हैं Captain Smit Machchhar? Captain Smit Machchhar मुंबई के रहने वाले हैं। दिलचस्प बात यह है कि उन्होंने शुरू से पायलट बनने का सपना नहीं देखा था। उनका शुरुआती रुझान परिवार के टेक्सटाइल बिजनेस की ओर था। इसी दिशा में उन्होंने पढ़ाई भी शुरू की थी। बाद में एक Aviation Seminar में हिस्सा लेने के बाद उनकी दिलचस्पी विमानन क्षेत्र में बढ़ी। यहीं से उनके करियर ने नया मोड़ लिया और उन्होंने पायलट बनने का फैसला किया। इसके बाद स्मित ने न्यूजीलैंड में Commercial Pilot Training हासिल की। भारत लौटने के बाद उन्होंने Boeing 737 की ट्रेनिंग पूरी की और 2011 में SpiceJet के साथ अपने करियर की शुरुआत की। आगे चलकर उन्होंने Flydubai ज्वाइन किया। रिपोर्टों के मुताबिक, स्मित के पास 9,750 से ज्यादा उड़ान घंटों का अनुभव है। उनके भाई भी Flydubai में पायलट हैं। Flight FZ1073 में क्या हुआ था? 30 सितंबर 2026 को Flydubai की फ्लाइट FZ1073 दुबई से तेल अवीव के लिए उड़ान भर रही थी। विमान में कुल 174 यात्री थे। उड़ान के दौरान कॉकपिट में ऐसी स्थिति पैदा हुई जिसने यात्रियों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया। रिपोर्टों के अनुसार, को-पायलट ने कैप्टन स्मित पर हमला किया। इस दौरान स्मित गंभीर रूप से घायल हो गए। हालात बेहद मुश्किल थे, लेकिन उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफलता हासिल की। इसके बाद यात्रियों और क्रू के सदस्यों ने स्थिति को नियंत्रित करने में मदद की। विमान की Saudi Arabia के Tabuk में Emergency Landing कराई गई। घटना के बाद कैप्टन स्मित को अस्पताल ले जाया गया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक उनकी हालत स्थिर बताई गई है। स्मित मच्छार के माता-पिता का नाम क्या है? कैप्टन स्मित मच्छार के परिवार को लेकर भी लोगों में काफी उत्सुकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घटना के बाद स्मित के परिवार से फोन पर बातचीत की। उपलब्ध सार्वजनिक जानकारी के अनुसार उनके पिता का नाम भूपेंद्र मच्छार और मां का नाम गीता मच्छार है। प्रधानमंत्री ने परिवार से बातचीत के दौरान स्मित की बहादुरी की सराहना की और उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की। Captain Smit Machchhar की पत्नी का नाम स्मित मच्छार की पत्नी का नाम सोनल बताया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परिवार से बातचीत के दौरान उनकी पत्नी सोनल से भी बात की। स्मित की निजी जिंदगी से जुड़ी बहुत ज्यादा जानकारी सार्वजनिक नहीं है। इसलिए परिवार के बारे में उपलब्ध और पुष्ट जानकारी तक ही सीमित रहना बेहतर है। PM Modi ने भी की बहादुरी की तारीफ कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सराहना की है। उन्होंने परिवार से बातचीत के दौरान स्मित के साहस और सूझबूझ की तारीफ की। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी भारतीय पायलट की बहादुरी को लेकर सार्वजनिक रूप से प्रशंसा की। घटना के बाद स्मित को एक ऐसे Pilot के तौर पर देखा जा रहा है, जिसने बेहद मुश्किल परिस्थिति में यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी। परिवार में भी हैं Pilot स्मित मच्छार के परिवार का Aviation से संबंध भी सामने आया है। रिपोर्टों के मुताबिक उनके भाई भी Flydubai में पायलट हैं। यानी विमानन क्षेत्र से उनका रिश्ता केवल उनके करियर तक सीमित नहीं है, बल्कि परिवार में भी इसकी मजबूत मौजूदगी है। क्यों चर्चा में हैं Captain Smit Machchhar? कैप्टन स्मित मच्छार की कहानी इसलिए खास है क्योंकि एक पायलट के सामने उड़ान के दौरान सबसे बड़ी जिम्मेदारी यात्रियों की सुरक्षा होती है। मुश्किल परिस्थिति में घायल होने के बावजूद उन्होंने हालात को संभालने की कोशिश की। Flydubai की इस घटना में 174 यात्री सुरक्षित बच पाए। इसी वजह से भारत से लेकर इजरायल तक स्मित मच्छार की बहादुरी की चर्चा हो रही है। कैप्टन स्मित मच्छार फिलहाल इलाज के दौर से गुजर रहे हैं। उनके साहस और इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर दिखाया है कि संकट की घड़ी में धैर्य और सही फैसला कितनी बड़ी भूमिका निभा सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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एस जयशंकर का पाकिस्तानी रिपोर्टर पर तंज, बोले- ‘एक आतंकवादी देश मुझसे यह सवाल पूछ रहा है’

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में एक पाकिस्तानी रिपोर्टर के सवाल पर तीखी प्रतिक्रिया दी। रिपोर्टर ने उनसे पूछा था कि दक्षिण एशिया आखिर कब तक नई दिल्ली, काबुल और इस्लामाबाद से फैलने वाले आतंकवाद का सामना करता रहेगा। इस पर जयशंकर ने जवाब दिया, “एक आतंकवादी देश मुझसे यह सवाल पूछ रहा है।” जवाब देने के बाद विदेश मंत्री मुस्कुराए और वहां से चले गए। UN मुख्यालय में मीडिया से बातचीत संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में जयशंकर मीडिया के सवालों का जवाब दे रहे थे। इस दौरान भारत की विदेश नीति, वैश्विक सुरक्षा और आतंकवाद के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय प्रयासों समेत कई मुद्दों पर चर्चा हुई। समुद्री जहाजों पर हमलों का मुद्दा उठाया प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जयशंकर ने खाड़ी, लाल सागर और ब्लैक सी में व्यापारिक जहाजों पर बढ़ते हमलों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि समुद्री रास्तों पर होने वाले हमले अब कभी-कभार होने वाली घटनाएं नहीं रह गए हैं। ऐसे हमले वैश्विक व्यापार और लोगों की सुरक्षा के लिए चिंता का विषय हैं। 3 महीने में भारतीयों की मौत और एक लापता जयशंकर ने समुद्री जहाजों पर हुए हमलों का जिक्र करते हुए भारतीय नागरिकों के प्रभावित होने की घटनाएं भी बताईं।
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मां कूष्मांडा

Navratri 2026: चौथे दिन मां कूष्मांडा की पूजा, जानें कथा, भोग और मंत्र

नवरात्रि के चौथे दिन मां कूष्मांडा की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यताओं में उन्हें सृष्टि की रचनात्मक ऊर्जा से जोड़ा जाता है। माना जाता है कि उनकी आराधना से भक्तों को उत्साह, सकारात्मकता और नई शुरुआत की प्रेरणा मिलती है। मां कूष्मांडा की पौराणिक कथा पौराणिक मान्यता के अनुसार, जब चारों ओर अंधकार था, तब मां कूष्मांडा ने अपनी दिव्य मुस्कान से ब्रह्मांड की रचना की। इसी कारण उन्हें सृष्टि की आदिशक्ति के रूप में पूजा जाता है। यह कथा सृजन और ऊर्जा के महत्त्व को दर्शाती है। मां का स्वरूप और महत्त्व पूजा विधि मंत्र: ॐ देवी कूष्माण्डायै नमः। भोग: मां को मालपुआ या मीठे फल अर्पित करने की परंपरा कुछ क्षेत्रों में प्रचलित है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Gandhinagar

Gandhinagar Municipal Election: भाजपा को बहुमत, कांग्रेस को फायदा; AAP को एक भी सीट नहीं

Gandhinagar Municipal Election गुजरात की राजधानी गांधीनगर के नगर निगम चुनाव में भाजपा ने एक बार फिर अपना दबदबा कायम रखा है। 44 सीटों वाले नगर निगम में भाजपा ने 38 सीटें जीतकर बहुमत हासिल किया। वहीं, कांग्रेस 5 सीटों के साथ दूसरे नंबर पर रही, जबकि आम आदमी पार्टी (AAP) इस बार अपना खाता भी नहीं खोल पाई। एक सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार ने जीत दर्ज की। 13 अक्टूबर को सामने आए चुनाव परिणामों में भाजपा के लिए राहत की बात यह रही कि नगर निगम की सत्ता उसके पास बनी रही। हालांकि, पिछली बार के मुकाबले पार्टी की सीटें कम हुई हैं। दूसरी ओर, कांग्रेस ने अपनी सीटों की संख्या बढ़ाकर स्थानीय राजनीति में अपनी मौजूदगी मजबूत की है। Gandhinagar Election Result: BJP को 38, कांग्रेस को मिलीं 5 सीटें गांधीनगर नगर निगम की 44 सीटों के लिए 11 अक्टूबर को मतदान हुआ था। चुनाव में अलग-अलग राजनीतिक दलों के उम्मीदवारों ने अपनी किस्मत आजमाई। मतगणना के बाद भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर सामने आई। पार्टीवार नतीजे इस प्रकार रहे: इन आंकड़ों से साफ है कि भाजपा ने नगर निगम में बहुमत बनाए रखा है। वहीं, कांग्रेस को मिली पांच सीटें और AAP का खाता नहीं खुलना इस चुनाव के प्रमुख नतीजे रहे। पिछली बार से BJP की सीटें घटीं, कांग्रेस ने बढ़ाई ताकत गांधीनगर नगर निगम के पिछले चुनाव अक्टूबर 2021 में हुए थे। उस समय भाजपा ने 44 में से 41 सीटों पर जीत दर्ज की थी। कांग्रेस को दो सीटें मिली थीं, जबकि आम आदमी पार्टी ने भी एक सीट हासिल की थी। इस बार तस्वीर में कुछ बदलाव देखने को मिला। भाजपा की सीटें 41 से घटकर 38 रह गईं, जबकि कांग्रेस दो से बढ़कर पांच सीटों तक पहुंच गई। AAP पिछले चुनाव में मिली अपनी एकमात्र सीट भी नहीं बचा सकी। यानी भाजपा ने अपनी सत्ता कायम रखी, लेकिन कांग्रेस ने पिछली बार के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन किया। इन नतीजों ने गांधीनगर की स्थानीय राजनीति में दोनों प्रमुख दलों की स्थिति को फिर चर्चा में ला दिया है। Ward No. 6 Result: कांग्रेस ने चारों सीटों पर दर्ज की जीत गांधीनगर नगर निगम चुनाव में वार्ड नंबर 6 का परिणाम भी खास रहा। यहां कांग्रेस ने सभी चार सीटों पर जीत दर्ज की। वार्ड नंबर 7 में भी कांग्रेस को एक सीट मिली, जबकि बाकी तीन सीटों पर भाजपा के उम्मीदवार विजयी रहे। इसके अलावा, वार्ड नंबर 2 में निर्दलीय उम्मीदवार दीपिका वाघेला ने जीत हासिल की। यह परिणाम दिखाता है कि भाजपा को कुल मिलाकर स्पष्ट बहुमत मिलने के बावजूद कुछ वार्डों में मुकाबला अलग रहा। Gandhinagar Municipal Election: कितना रहा मतदान? गांधीनगर नगर निगम चुनाव में 59.25 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। चुनाव के लिए 11 वार्डों की 44 सीटों पर कुल 130 उम्मीदवार मैदान में थे। 11 अक्टूबर को मतदान के बाद 13 अक्टूबर को मतगणना हुई। नतीजे सामने आने के साथ ही यह स्पष्ट हो गया कि भाजपा नगर निगम में अपना बहुमत बरकरार रखने में सफल रही है। Gujarat Civic Polls: थारा और ओखा में भी BJP को बढ़त गुजरात के स्थानीय निकाय चुनावों में गांधीनगर के अलावा थारा और ओखा नगरपालिका के नतीजे भी चर्चा में रहे। थारा नगरपालिका की 24 सीटों में भाजपा ने 19 सीटें जीतीं, जबकि कांग्रेस को पांच सीटें मिलीं। वहीं, ओखा नगरपालिका में मतदान वाली 32 सीटों में भाजपा ने 29 और कांग्रेस ने तीन सीटों पर जीत दर्ज की। ओखा में चार अन्य सीटें भाजपा पहले ही निर्विरोध जीत चुकी थी। इस तरह गांधीनगर, थारा और ओखा के चुनाव परिणामों में भाजपा ने अपनी स्थिति बनाए रखी। हालांकि, गांधीनगर में कांग्रेस की सीटें बढ़ना भी इन नतीजों का एक अहम पहलू रहा। Gandhinagar Election Result 2026: आगे किस पर रहेगी नजर? चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद अब गांधीनगर नगर निगम में नई परिषद के गठन और महापौर के चयन की प्रक्रिया पर नजर रहेगी। महापौर पद को लेकर अंतिम स्थिति संबंधित आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगी। फिलहाल, चुनाव का सबसे बड़ा नतीजा यही है कि भाजपा ने 38 सीटों के साथ नगर निगम में अपना बहुमत बरकरार रखा है। कांग्रेस को पिछले चुनाव के मुकाबले तीन सीटों का फायदा हुआ, जबकि AAP इस बार एक भी सीट हासिल नहीं कर सकी। गांधीनगर के ये नतीजे स्थानीय निकाय की राजनीति में भाजपा की स्थिति और कांग्रेस की बढ़ी हुई सीटों, दोनों को सामने रखते हैं। आने वाले समय में नगर निगम के फैसलों और नई परिषद के कामकाज पर लोगों की नजर रहेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
UPI

UPI Charges Update: ₹2,000 से ज्यादा के पेमेंट पर 0.4% फीस, दिवाली तक टला फैसला

UPI Transaction Charges में डिजिटल पेमेंट करने वाले दुकानदारों और कारोबारियों के लिए UPI चार्ज से जुड़ा अहम अपडेट सामने आया है। ₹2,000 से ज्यादा के चुनिंदा मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर 0.4% फीस लगाने की व्यवस्था 15 अक्टूबर 2026 से लागू होनी थी, लेकिन त्योहारी सीजन को देखते हुए इसे दिवाली तक टालने की जानकारी सामने आई है। इससे त्योहारों के दौरान डिजिटल पेमेंट करने वाले कारोबारियों को फिलहाल राहत मिल सकती है। हालांकि, इस फैसले से जुड़ी नई तारीख और लागू होने वाली शर्तों की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है। इसलिए ग्राहकों और दुकानदारों को किसी भी बदलाव से पहले संबंधित दिशानिर्देशों पर ध्यान देना चाहिए। UPI Payment Charges: क्या है पूरा मामला? आज देश में छोटी दुकानों से लेकर बड़े शोरूम तक UPI के जरिए भुगतान किया जाता है। सब्जी खरीदने से लेकर ऑनलाइन शॉपिंग और बड़े बिलों का भुगतान करने तक, QR कोड स्कैन करना लोगों की रोजमर्रा की आदत बन चुका है। इसी बीच ₹2,000 से ज्यादा के कुछ मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर 0.4% मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लगाने की चर्चा है। यह व्यवस्था 15 अक्टूबर से लागू होने वाली थी, लेकिन दिवाली के दौरान बाजार में बढ़ने वाली खरीदारी और डिजिटल लेनदेन को देखते हुए इसे आगे बढ़ाने की बात कही गई है। यहां समझना जरूरी है कि MDR का संबंध कारोबारी भुगतान से है। इसका मतलब यह नहीं है कि हर UPI यूजर को पैसे भेजने या प्राप्त करने पर अतिरिक्त फीस देनी होगी। क्या PhonePe और Google Pay से पेमेंट करना होगा महंगा? UPI चार्ज की खबर सामने आने के बाद कई लोगों के मन में सवाल है कि क्या PhonePe, Google Pay और दूसरे UPI ऐप से भुगतान करने पर अब अतिरिक्त पैसे देने होंगे। फिलहाल आम ग्राहकों को यह समझना चाहिए कि प्रस्तावित मर्चेंट चार्ज और व्यक्ति से व्यक्ति के बीच होने वाले UPI ट्रांसफर अलग-अलग हैं। सामान्य P2P ट्रांजैक्शन पर इस तरह का MDR लागू नहीं होता। इसी तरह, निर्धारित नियमों के तहत आने वाले छोटे मूल्य के मर्चेंट ट्रांजैक्शन भी इस चार्ज से बाहर रह सकते हैं। इसलिए यह मान लेना सही नहीं होगा कि ₹2,000 से अधिक का हर UPI पेमेंट महंगा हो जाएगा। दुकानदारों को क्यों मिल सकती है राहत? दिवाली के समय बाजारों में ग्राहकों की भीड़ बढ़ जाती है। कपड़े, मिठाई, इलेक्ट्रॉनिक्स, मोबाइल और घरेलू सामान की दुकानों पर डिजिटल पेमेंट का इस्तेमाल भी तेजी से बढ़ता है। ऐसे में ट्रांजैक्शन चार्ज से जुड़े फैसले को आगे बढ़ाने से कारोबारियों को त्योहार के दौरान भुगतान व्यवस्था में बदलाव के लिए अतिरिक्त समय मिल सकता है। खासकर छोटे दुकानदारों के लिए यह मुद्दा महत्वपूर्ण है, क्योंकि उनके कारोबार में UPI पेमेंट की बड़ी भूमिका होती है। हालांकि, चार्ज किस पर और किन शर्तों के तहत लागू होगा, यह संबंधित आधिकारिक नियमों पर निर्भर करेगा। UPI Transaction Fee: कब लागू होगा नया नियम? ₹2,000 से अधिक के पात्र मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर 0.4% फीस से जुड़े फैसले को दिवाली तक टालने की खबर सामने आई है। लेकिन नई लागू तारीख और अंतिम नियमों की पुष्टि आधिकारिक घोषणा से ही की जानी चाहिए। इसलिए ग्राहकों और कारोबारियों को फिलहाल किसी भी अपुष्ट जानकारी के आधार पर यह नहीं मानना चाहिए कि सभी UPI पेमेंट पर चार्ज लगने वाला है। UPI यूजर्स के लिए जरूरी सलाह UPI ने देश में डिजिटल भुगतान को आसान और तेज बनाया है। ऐसे में चार्ज से जुड़ी किसी भी नई व्यवस्था का असर समझने के लिए यह जानना जरूरी है कि नियम किस प्रकार के ट्रांजैक्शन पर लागू होता है। आम यूजर्स को अपने सामान्य डिजिटल पेमेंट को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है। वहीं, दुकानदारों को किसी भी संभावित चार्ज के बारे में अपने बैंक या पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर से जानकारी लेनी चाहिए। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
SIR

Patna SIR Protest: पटना में छात्रों का हंगामा, बैरिकेडिंग तोड़ी; छात्राओं को खींचकर ले जाने का आरोप

बिहार की राजधानी पटना (Patna) में SIR (Special Intensive Revision) के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान माहौल तनावपूर्ण हो गया। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के विरोध में सड़क पर उतरे छात्रों और प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग तोड़ दी। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की खबर सामने आई। वहीं, पुलिस की गाड़ी की चाबी लेकर भागने और प्रदर्शन कर रही छात्राओं को खींचकर ले जाने के आरोपों ने भी इस मामले को चर्चा में ला दिया है। प्रदर्शन की इन घटनाओं के बीच अब पुलिस की कार्रवाई और SIR की प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों पर सबकी नजर है। Patna में SIR के खिलाफ प्रदर्शन, सड़क पर उतरे छात्र पटना में SIR के विरोध में छात्रों और विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों की नाराजगी मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया को लेकर है। उनका कहना है कि इस प्रक्रिया में पारदर्शिता जरूरी है, ताकि किसी भी पात्र मतदाता का नाम गलती से मतदाता सूची से न हटे। SIR यानी Special Intensive Revision का उद्देश्य मतदाता सूची की विशेष जांच और उसे अपडेट करना है। हालांकि, इस प्रक्रिया को लेकर विपक्षी दलों और कुछ संगठनों ने सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया निष्पक्ष तरीके से होनी चाहिए। Protest के दौरान टूटी बैरिकेडिंग, पुलिस से टकराव प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए बैरिकेडिंग की थी। रिपोर्टों के मुताबिक, कुछ प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग तोड़ दी। इसके बाद मौके पर तनाव बढ़ गया और पुलिस के साथ टकराव की स्थिति बन गई। इसी दौरान पुलिस की गाड़ी की चाबी लेकर भागने की घटना भी सामने आई है। हालांकि, इस घटना की परिस्थितियों और इसमें शामिल लोगों के बारे में आधिकारिक पुष्टि जरूरी है। छात्राओं को खींचकर ले जाने का आरोप पटना में हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि प्रदर्शन कर रही कुछ छात्राओं को पुलिसकर्मी खींचकर वहां से ले गए। इस घटना को लेकर प्रदर्शनकारियों के साथ पुलिस के व्यवहार पर चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि, छात्राओं की संख्या, उन्हें हिरासत में लिए जाने की स्थिति और इस मामले में पुलिस का पक्ष स्पष्ट होने के बाद ही घटनाक्रम की पूरी जानकारी सामने आएगी। क्या है SIR और क्यों हो रहा है इसका विरोध? SIR का पूरा नाम Special Intensive Revision है। यह मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया है, जिसके तहत मतदाताओं के विवरण की जांच की जाती है और सूची को अपडेट किया जाता है। इस प्रक्रिया का विरोध कर रहे संगठनों की प्रमुख चिंता यह है कि जांच के दौरान किसी पात्र मतदाता का नाम गलत तरीके से नहीं हटना चाहिए। उनका जोर पारदर्शिता, सही दस्तावेजों और मतदाताओं को अपनी शिकायत दर्ज कराने का उचित अवसर देने पर है। वहीं, मतदाता सूची को अपडेट करना चुनावी प्रक्रिया का अहम हिस्सा है। ऐसे में इस मुद्दे पर स्पष्ट दिशा-निर्देश और शिकायतों का समय पर समाधान महत्वपूर्ण माना जा रहा है। Patna Protest के बाद पुलिस की कार्रवाई पर नजर पटना में SIR के खिलाफ हुए इस प्रदर्शन के बाद अब पुलिस की कार्रवाई और घटनास्थल से सामने आने वाले तथ्यों पर नजर रहेगी। बैरिकेडिंग तोड़ने, पुलिस की गाड़ी की चाबी लेकर भागने और छात्राओं को खींचकर ले जाने के आरोपों की पुष्टि के लिए आधिकारिक बयान और उपलब्ध वीडियो अहम होंगे। फिलहाल, इस घटना से जुड़ी सभी जानकारियों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है। मामले में पुलिस का आधिकारिक पक्ष और हिरासत से जुड़ी जानकारी सामने आने के बाद स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Stock Market

Stock Market Today: सेंसेक्स 600 अंक उछला, Nifty में 200 अंकों की तेजी; IT और Banking Stocks में खरीदारी

भारतीय शेयर बाजार (Stock Market) में मंगलवार, 13 अक्टूबर को कारोबार के दौरान अच्छी तेजी देखने को मिली। शुरुआती उतार-चढ़ाव के बाद सेंसेक्स ने जोरदार वापसी की और 600 अंकों से ज्यादा की बढ़त दर्ज की। वहीं, निफ्टी भी करीब 200 अंक चढ़ गया। IT और बैंकिंग शेयरों में खरीदारी बढ़ने से बाजार को सहारा मिला। सुबह करीब 10 बजे BSE Sensex 72,500 के ऊपर कारोबार कर रहा था, जबकि NSE Nifty 50 भी 22,500 के पार पहुंच गया। बाजार में आई इस तेजी से निवेशकों को राहत मिली। हालांकि, कई शेयरों में बिकवाली जारी रहने से बाजार की तस्वीर पूरी तरह एक जैसी नहीं रही। Sensex-Nifty में तेजी, निवेशकों को मिली राहत शेयर बाजार में मंगलवार को खरीदारी का माहौल मजबूत होता दिखाई दिया। सेंसेक्स करीब 660 अंक चढ़कर 72,585 के आसपास पहुंच गया। दूसरी ओर, निफ्टी में लगभग 202 अंकों की बढ़त दर्ज की गई और यह 22,565 के स्तर के करीब कारोबार करता नजर आया। पिछले सत्रों में बाजार पर दबाव देखने को मिला था। ऐसे में प्रमुख सूचकांकों में आई इस तेजी ने निवेशकों को कुछ राहत दी। हालांकि, बाजार में आगे भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। IT Stocks में सबसे ज्यादा हलचल मंगलवार को IT सेक्टर के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। HCL Technologies और Tata Consultancy Services (TCS) के शेयरों में मजबूत बढ़त दर्ज की गई। इसके अलावा Infosys और Tech Mahindra के शेयरों पर भी निवेशकों की नजर रही। IT कंपनियों के तिमाही नतीजों और कारोबार से जुड़े अपडेट का असर शेयरों पर दिखाई दिया। खासकर HCLTech के नतीजों से जुड़ी सकारात्मक खबरों ने सेक्टर में खरीदारी को बढ़ावा दिया। IT शेयरों में आई तेजी ने सेंसेक्स और निफ्टी को ऊपर ले जाने में अहम भूमिका निभाई। Banking Stocks ने भी दिया बाजार का साथ IT शेयरों के साथ बैंकिंग और फाइनेंशियल सेक्टर में भी निवेशकों ने दिलचस्पी दिखाई। HDFC Bank, State Bank of India (SBI), Bajaj Finance और Bajaj Finserv जैसे शेयरों में खरीदारी देखने को मिली। बैंकिंग शेयरों में बढ़त का असर बाजार के प्रमुख सूचकांकों पर भी पड़ा। हालांकि, सभी सेक्टरों में एक जैसी तेजी नहीं रही। कुछ शेयरों में कमजोरी बनी रही, जिससे पता चलता है कि निवेशक चुनिंदा कंपनियों में ही पैसा लगा रहे थे। रुपये की मजबूती से बाजार को सहारा शेयर बाजार के अलावा मुद्रा बाजार में भी हलचल देखने को मिली। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये में मजबूती से निवेशकों की धारणा को कुछ समर्थन मिला। रुपये की चाल पर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के कदमों, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और डॉलर की वैश्विक स्थिति का असर पड़ता है। हालांकि, आने वाले दिनों में रुपये की दिशा काफी हद तक कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक आर्थिक हालात पर निर्भर करेगी। महंगाई और कच्चे तेल पर भी रहेगी नजर बाजार में तेजी के बावजूद निवेशकों की चिंताएं पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं। खुदरा महंगाई, कच्चे तेल की कीमतें, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और अंतरराष्ट्रीय बाजारों का रुख आने वाले दिनों में शेयर बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। ऐसे समय में कंपनियों के तिमाही नतीजे भी महत्वपूर्ण हैं। बेहतर नतीजे पेश करने वाली कंपनियों के शेयरों में खरीदारी बढ़ सकती है, जबकि कमजोर प्रदर्शन करने वाले शेयरों पर दबाव बना रह सकता है। निवेशकों के लिए क्या है संकेत? सेंसेक्स और निफ्टी में आई तेजी बाजार के लिए राहत की खबर है, लेकिन इसे लगातार तेजी की गारंटी नहीं माना जा सकता। बाजार में निवेश करने से पहले कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन, शेयर की कीमत और उससे जुड़े जोखिमों को समझना जरूरी है। कुल मिलाकर, 13 अक्टूबर को IT और बैंकिंग शेयरों में खरीदारी के दम पर भारतीय शेयर बाजार ने मजबूती दिखाई। अब निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि बाजार अपनी बढ़त को कितना बरकरार रखता है और आने वाले कारोबारी सत्रों में वैश्विक संकेत किस तरह असर डालते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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