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ज्ञानेश कुमार

Supreme Court on CEC: ज्ञानेश कुमार को Suspend करने से इनकार, SIR के 14 फैसलों पर EC को Notice

चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जुड़े मामले में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई हुई। कोर्ट ने फिलहाल CEC को पद से हटाने या सस्पेंड करने का अंतरिम आदेश देने से इनकार कर दिया। हालांकि, Special Intensive Revision (SIR) से जुड़े विवादित फैसलों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। मामले की सुनवाई CJI सूर्यकांत की अगुवाई वाली तीन सदस्यीय बेंच ने की। याचिकाकर्ताओं की ओर से CEC के खिलाफ कई गंभीर सवाल उठाए गए हैं। इनमें सबसे प्रमुख मुद्दा यह है कि क्या चुनाव आयोग के कुछ फैसले तय संवैधानिक प्रक्रिया के तहत सामूहिक रूप से लिए गए थे या नहीं। SIR के 14 फैसलों पर क्यों उठे सवाल? याचिकाओं में दावा किया गया है कि अक्टूबर 2025 से अगस्त 2026 के बीच SIR से जुड़े कम से कम 14 मामलों में चुनाव आयुक्तों के बीच मतभेद सामने आए। याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि कुछ मामलों में अन्य चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों के बावजूद फैसले आगे बढ़ाए गए। वहीं, चुनाव आयोग की ओर से इन दावों पर अलग पक्ष रखा गया है। आयोग का कहना है कि जिन पत्रों और आपत्तियों का हवाला दिया जा रहा है, उनका संदर्भ अलग प्रशासनिक मामलों से था और उन्हें SIR की नीति या IT से जुड़े फैसलों से जोड़ना सही नहीं है। Supreme Court ने CEC को Suspend क्यों नहीं किया? सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल CEC ज्ञानेश कुमार को सस्पेंड करने का आदेश नहीं दिया। कोर्ट ने पहले चुनाव आयोग का जवाब और संबंधित दस्तावेज देखने की जरूरत बताई। अदालत यह भी जानना चाहती है कि जिन फैसलों पर सवाल उठाए गए हैं, वे unanimity यानी सर्वसम्मति से, majority यानी बहुमत से या केवल CEC के स्तर पर लिए गए थे। कोर्ट ने यह भी संकेत दिया कि अगर रिकॉर्ड की जांच में यह सामने आता है कि किसी फैसले में निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं हुआ, तो उस फैसले को वापस लेने पर विचार किया जा सकता है। Form-6 और Election Software का मुद्दा भी उठा इस मामले में सिर्फ SIR ही नहीं, बल्कि चुनावी डेटा और सिस्टम से जुड़े मुद्दे भी उठाए गए हैं। याचिकाओं में Form-6, ECINet और ERONet जैसे चुनावी सिस्टम से जुड़े कथित बदलावों और फैसलों पर भी सवाल किए गए हैं। याचिकाकर्ताओं की मांग है कि इन मामलों से जुड़े रिकॉर्ड, फाइल नोटिंग और तकनीकी जानकारी की जांच की जाए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि फैसले निर्धारित नियमों के मुताबिक लिए गए थे या नहीं। CEC के खिलाफ क्या मांग की गई? याचिकाकर्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट से CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। इसके अलावा SIR से जुड़े विवादित फैसलों की वैधता की जांच और कथित तौर पर एकतरफा लिए गए निर्णयों पर भी सवाल उठाए गए हैं। कुछ याचिकाओं में पूरे मामले की स्वतंत्र जांच की मांग भी की गई है। हालांकि, इन सभी आरोपों और मांगों पर अंतिम फैसला अभी नहीं हुआ है। अब Election Commission को देना होगा जवाब सुप्रीम कोर्ट के नोटिस के बाद अब चुनाव आयोग को अपना पक्ष और संबंधित रिकॉर्ड अदालत के सामने रखना होगा। इसके बाद कोर्ट यह देखेगा कि विवादित फैसलों को लेने में संवैधानिक और कानूनी प्रक्रिया का पालन हुआ था या नहीं। फिलहाल CEC ज्ञानेश कुमार को सस्पेंड करने का कोई आदेश नहीं दिया गया है। इसलिए इस मामले में अगली सुनवाई और चुनाव आयोग का जवाब काफी महत्वपूर्ण होगा। SIR से जुड़ा यह विवाद इसलिए भी अहम है क्योंकि इसका सीधा संबंध मतदाता सूची, चुनावी प्रक्रिया और Election Commission की decision-making process से है। आने वाले दिनों में सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई से यह साफ हो सकता है कि जिन फैसलों पर सवाल उठाए गए हैं, उनमें नियमों का पालन हुआ था या नहीं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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SIR

SIR Protest: CJP नेताओं का Arrest का दावा, 10 अक्टूबर को Jantar Mantar पर बड़ा प्रदर्शन

मतदाता सूची के Special Intensive Revision (SIR) को लेकर विरोध अब और तेज होता नजर आ रहा है। CJP नेताओं ने दावा किया है कि 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर होने वाले प्रदर्शन से पहले सरकार उन्हें गिरफ्तार करने की तैयारी कर रही है। हालांकि, गिरफ्तारी की इस कथित तैयारी को लेकर सरकार या संबंधित एजेंसियों की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। CJP की ओर से 10 अक्टूबर को Jantar Mantar पर Protest का ऐलान किया गया है। संगठन SIR को लेकर अपनी आपत्तियां उठा रहा है और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी कर रहा है। अभिजीत दीपके बोले- गिरफ्तारी से नहीं डरेंगे CJP नेता अभिजीत दीपके ने गिरफ्तारी की आशंका के बीच कहा है कि वे डरने वाले नहीं हैं। उनका कहना है कि अगर उन्हें रोकने या गिरफ्तार करने की कोशिश की जाती है, तब भी SIR के खिलाफ उनका विरोध जारी रहेगा। दीपके ने लोगों से 10 अक्टूबर को दिल्ली पहुंचने की अपील की है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर उन्हें दिल्ली जाने से रास्ते में ही रोक दिया गया, तो जहां रोका जाएगा, वहीं से विरोध दर्ज कराया जाएगा। CJP नेताओं ने क्या दावा किया? CJP के नेताओं की ओर से दावा किया गया है कि अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका, सौरव दास और संगठन से जुड़े कुछ अन्य लोगों को प्रदर्शन से पहले हिरासत में लिया जा सकता है। नेताओं का आरोप है कि उन्हें गिरफ्तार करने की तैयारी की जा रही है। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि संभावित गिरफ्तारी का यह दावा CJP नेताओं की ओर से किया गया है। अभी तक सरकार या पुलिस की तरफ से ऐसी किसी कार्रवाई की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। SIR को लेकर क्यों हो रहा विरोध? Special Intensive Revision यानी SIR के तहत मतदाता सूचियों के सत्यापन और संशोधन को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर बहस चल रही है। CJP का कहना है कि इस प्रक्रिया को लेकर कई सवाल हैं और इन्हीं मुद्दों को लेकर संगठन सड़क पर उतर रहा है। CJP ने SIR के साथ-साथ मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ भी अपनी आपत्तियां जाहिर की हैं। संगठन की ओर से ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की जा रही है। 10 अक्टूबर को Jantar Mantar पर जुटने की तैयारी CJP ने 10 अक्टूबर को दिल्ली के Jantar Mantar पर प्रदर्शन की तैयारी की है। संगठन का कहना है कि देश के अलग-अलग हिस्सों से लोग इस Protest में शामिल होने के लिए दिल्ली पहुंचेंगे। नेताओं का कहना है कि संभावित गिरफ्तारी या किसी तरह की रोक के बावजूद उनका आंदोलन जारी रहेगा। ऐसे में अब सभी की नजर 10 अक्टूबर के प्रदर्शन और उससे पहले होने वाली किसी प्रशासनिक कार्रवाई पर है। फिलहाल, CJP नेताओं के Arrest के दावे की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इस मामले में आगे पुलिस और सरकार की ओर से आने वाले बयान अहम होंगे। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Supreme Court

Supreme Court की सख्त टिप्पणी: Crime रोकने के लिए सिर्फ Action नहीं, अपराधियों में Fear of Law भी जरूरी

दिल्ली-NCR में महिलाओं के खिलाफ सामने आईं दुष्कर्म की घटनाओं को लेकर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने गंभीर चिंता जताई है। कोर्ट ने कहा कि सिर्फ अपराध होने के बाद कार्रवाई करना पर्याप्त नहीं है। जरूरत इस बात की है कि अपराध करने वालों के मन में कानून का डर हो, ताकि ऐसी घटनाओं को पहले ही रोका जा सके। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-NCR में सामने आईं रेप की तीन घटनाओं का Suo Motu Cognizance लिया है। मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने दिल्ली पुलिस से महिलाओं की सुरक्षा और अपराधों की रोकथाम को लेकर कई सवाल पूछे। अपराधियों में कानून का डर होना जरूरी सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अपराध रोकने के लिए प्रभावी Deterrence जरूरी है। यानी अपराध करने वाले व्यक्ति को यह पता होना चाहिए कि कानून तोड़ने पर उसे गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। कोर्ट की चिंता सिर्फ आरोपियों को पकड़ने तक सीमित नहीं रही। सवाल यह भी है कि पुलिस ऐसी व्यवस्था कैसे बनाए कि अपराध की संभावना को पहले ही कम किया जा सके। CCTV लगाने से ही नहीं रुकेगा Crime कोर्ट ने सार्वजनिक जगहों पर लगे CCTV कैमरों और उनकी निगरानी को लेकर भी सवाल उठाए। अदालत ने जानना चाहा कि अगर किसी इलाके में कैमरे लगे हैं, तो क्या उनकी लगातार निगरानी भी की जाती है? दरअसल, CCTV किसी घटना के बाद आरोपी की पहचान करने में मदद कर सकता है, लेकिन अपराध को होने से पहले रोकने के लिए Active Police Monitoring और तेज Response System जरूरी है। महिलाओं को हर जगह महसूस होनी चाहिए Safety सुप्रीम कोर्ट ने इस बात पर जोर दिया कि दिल्ली में महिलाओं को दिन हो या रात, सड़क पर चलने से लेकर मेट्रो और दूसरे सार्वजनिक स्थानों तक सुरक्षित महसूस होना चाहिए। अदालत ने माना कि सिर्फ घटना के बाद जांच और गिरफ्तारी से समस्या का पूरा समाधान नहीं होगा। पुलिस की मौजूदगी, संवेदनशील इलाकों में निगरानी और समय पर कार्रवाई भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। 3 रेप मामलों पर Supreme Court की नजर सुप्रीम कोर्ट ने 28 सितंबर 2026 को दिल्ली-NCR में हाल में सामने आईं रेप की घटनाओं से जुड़ी मीडिया रिपोर्ट्स का स्वतः संज्ञान लिया था। इसके बाद अदालत ने दिल्ली पुलिस और संबंधित प्रशासन से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जवाब मांगा। कोर्ट की सुनवाई में मुख्य सवाल यही रहा कि महिलाओं के खिलाफ होने वाले गंभीर अपराधों को रोकने के लिए जमीन पर किस तरह की व्यवस्था काम कर रही है और उसमें कहां सुधार की जरूरत है। Prevention पर Court का फोकस सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी का सबसे अहम पहलू अपराध होने के बाद की कार्रवाई के बजाय Crime Prevention पर जोर देना है। अदालत का कहना है कि कानून का डर तभी प्रभावी होगा, जब पुलिस की निगरानी मजबूत हो और अपराध की आशंका वाले स्थानों पर समय रहते कार्रवाई हो। महिलाओं की सुरक्षा को लेकर कोर्ट की यह सुनवाई एक बार फिर यह सवाल सामने लाती है कि सार्वजनिक जगहों को सुरक्षित बनाने के लिए पुलिस, प्रशासन और स्थानीय व्यवस्था के स्तर पर कितनी प्रभावी तैयारी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Weather

Weather Update: लखनऊ में 40 हजार घरों में पानी, बिहार के 466 गांव बाढ़ में; MP में 7 अक्टूबर से Rain Alert

देश के कई हिस्सों में अक्टूबर की शुरुआत के साथ मौसम (Weather) का मिजाज तेजी से बदल रहा है। उत्तर प्रदेश और बिहार में बाढ़ ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है, वहीं मध्य प्रदेश में मानसून की विदाई के बाद एक बार फिर बारिश के आसार बन रहे हैं। दूसरी ओर राजस्थान में गर्मी ने तेवर दिखाना शुरू कर दिया है और कई जगह तापमान 40 डिग्री के पार पहुंच गया है। लखनऊ में बाढ़ से हजारों घर प्रभावित उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद निचले इलाकों में पानी भर गया है। कई रिहायशी इलाकों में घरों और सड़कों तक पानी पहुंचने से लोगों को रोजमर्रा के काम में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। फैजुल्लागंज, दौदनगर और गोमती नगर एक्सटेंशन समेत कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। प्रभावित परिवारों के सामने साफ पानी, दवाइयों और जरूरी सामान की समस्या भी खड़ी हो गई है। प्रशासन और राहत टीमों की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में मदद पहुंचाने का काम जारी है। बाढ़ का असर सिर्फ घरों तक सीमित नहीं है। कई जगह सड़कें जलमग्न होने से आवाजाही भी प्रभावित हुई है। ऐसे में लोगों को नदी और जलभराव वाले इलाकों से दूर रहने की सलाह दी जा रही है। बिहार के 466 गांवों में बाढ़ का असर बिहार में भी बाढ़ की स्थिति लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। राज्य के कई जिलों में नदियों का जलस्तर बढ़ने के बाद 466 गांवों के प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है। बाढ़ के कारण ग्रामीण इलाकों में आवागमन और रोजमर्रा की गतिविधियां प्रभावित हुई हैं। राहत और बचाव टीमों की मदद से प्रभावित लोगों तक जरूरी सामान पहुंचाया जा रहा है। प्रशासन की ओर से संवेदनशील इलाकों पर लगातार नजर रखी जा रही है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में बिहार के कुछ हिस्सों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना भी जताई है। ऐसे में पहले से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। MP Weather: 7 अक्टूबर से फिर बदल सकता है मौसम मध्य प्रदेश में मानसून की विदाई के बाद मौसम फिलहाल गर्म बना हुआ है। दिन में तेज धूप के कारण कई शहरों में तापमान बढ़ा है। हालांकि प्रदेश के लोगों को जल्द ही गर्मी से थोड़ी राहत मिल सकती है। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक 7 अक्टूबर से पूर्वी मध्य प्रदेश के कुछ जिलों में बारिश का दौर शुरू हो सकता है। पन्ना, सतना, रीवा, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, शहडोल, डिंडौरी और अनूपपुर सहित कई इलाकों में हल्की बारिश और गरज-चमक के आसार हैं। यानी एक तरफ प्रदेश के कई हिस्सों में दिन के समय गर्मी परेशान कर रही है, तो दूसरी तरफ पूर्वी MP में बारिश की दस्तक से मौसम फिर करवट ले सकता है। Rajasthan में 41°C तक पहुंचा पारा राजस्थान में मानसून की विदाई के बाद गर्मी ने फिर अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। राज्य के कई हिस्सों में दिन का तापमान तेजी से बढ़ा है। पिलानी में अधिकतम तापमान 41°C तक पहुंच गया, जिससे अक्टूबर की शुरुआत में ही गर्मी का असर साफ नजर आ रहा है। जैसलमेर, चूरू, बीकानेर, बाड़मेर और श्रीगंगानगर जैसे इलाकों में भी तापमान सामान्य से ऊपर रहने की स्थिति बनी हुई है। दिन में तेज गर्मी के कारण लोगों को परेशानी हो रही है, जबकि सुबह और रात के समय मौसम अपेक्षाकृत राहत देने वाला बना हुआ है। कहीं बाढ़ तो कहीं गर्मी, मौसम ने बदला रंग देश में इस समय मौसम का मिजाज अलग-अलग नजर आ रहा है। लखनऊ और बिहार में जहां बाढ़ और जलभराव लोगों के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है, वहीं मध्य प्रदेश में बारिश की वापसी के संकेत मिल रहे हैं। राजस्थान में इसके उलट गर्मी का असर बढ़ता जा रहा है। आने वाले दिनों में बारिश, तापमान और नदियों के जलस्तर में होने वाले बदलाव पर सभी की नजर रहेगी। खासकर बाढ़ प्रभावित इलाकों में रहने वाले लोगों को स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की Advisory को गंभीरता से लेने की जरूरत है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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UP Assembly Election 2027

UP Assembly Election 2027: ओवैसी का बड़ा बयान, ‘अब्दुल दरी नहीं बिछाएगा, अपना Political Haq लेगा’

UP Assembly Election 2027 को लेकर उत्तर प्रदेश में सियासी हलचल धीरे-धीरे बढ़ने लगी है। नेताओं के दौरे और बयानबाजी के बीच AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने मुस्लिम राजनीतिक भागीदारी को लेकर बड़ा बयान दिया है। बहराइच और श्रावस्ती के दौरे पर पहुंचे ओवैसी ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि अब ‘अब्दुल’ सिर्फ दरी बिछाने और नारे लगाने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि अपना राजनीतिक हक मांगेगा। ओवैसी के इस बयान ने यूपी की चुनावी राजनीति में एक बार फिर Political Representation और मुस्लिम वोटर्स की हिस्सेदारी के मुद्दे को चर्चा में ला दिया है। ‘अब्दुल अब सिर्फ दरी नहीं बिछाएगा’ ओवैसी ने विपक्षी दलों पर आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव के समय मुस्लिम समाज से वोट की उम्मीद की जाती है, लेकिन राजनीतिक हिस्सेदारी देने की बात आने पर उसे पीछे कर दिया जाता है। उन्होंने इसी संदर्भ में ‘अब्दुल’ का उदाहरण दिया। AIMIM प्रमुख का कहना है कि मुस्लिम समाज को केवल चुनावी समर्थन देने वाले वर्ग के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। उसे राजनीति और सत्ता में अपनी हिस्सेदारी के लिए भी आवाज उठानी चाहिए। ओवैसी ने अपने भाषण में कहा कि अब ‘अब्दुल दरी नहीं बिछाएगा’, बल्कि अपने Political Rights और हिस्सेदारी की बात करेगा। सपा और विपक्ष पर ओवैसी का निशाना ओवैसी ने समाजवादी पार्टी समेत विपक्षी दलों पर भी निशाना साधा। उनका आरोप है कि यूपी में मुस्लिमों की अलग राजनीतिक ताकत को मजबूत होते देख कई दल असहज हैं। AIMIM प्रमुख लगातार यह कहते रहे हैं कि मुस्लिम समाज को किसी एक पार्टी के पारंपरिक वोट बैंक के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। उनकी राजनीति का एक प्रमुख मुद्दा राजनीतिक प्रतिनिधित्व रहा है। हालांकि, ओवैसी के इन आरोपों पर संबंधित विपक्षी दलों का पक्ष अलग हो सकता है। इसलिए उनके बयानों को राजनीतिक दावे के तौर पर ही देखा जाना चाहिए। भिनगा सीट से उम्मीदवार का ऐलान श्रावस्ती दौरे के दौरान ओवैसी ने भिनगा विधानसभा सीट से हाजी दद्दन खान को AIMIM का उम्मीदवार घोषित किया। दद्दन खान हाल में बसपा छोड़कर AIMIM में शामिल हुए हैं। उम्मीदवार की घोषणा के साथ ही AIMIM ने यूपी विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी सक्रियता का संकेत दिया है। पार्टी आने वाले समय में दूसरे क्षेत्रों में भी संगठन और उम्मीदवारों को लेकर अपनी रणनीति सामने रख सकती है। गठबंधन पर भी AIMIM का रुख यूपी चुनाव को लेकर ओवैसी पहले ही कह चुके हैं कि बीजेपी को सत्ता में आने से रोकने के लिए उनकी पार्टी विपक्षी दलों के साथ गठबंधन पर विचार कर सकती है। हालांकि, अभी तक किसी बड़े गठबंधन को लेकर अंतिम तस्वीर सामने नहीं आई है। ऐसे में यह देखना अहम होगा कि चुनाव नजदीक आने पर AIMIM किन सीटों पर उम्मीदवार उतारती है और दूसरे राजनीतिक दलों के साथ उसका समीकरण किस दिशा में जाता है। SIR के मुद्दे का भी किया जिक्र ओवैसी ने Special Intensive Revision (SIR) यानी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने दावा किया कि AIMIM इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट गई थी। SIR को लेकर देश के अलग-अलग हिस्सों में राजनीतिक बहस चल रही है। यूपी चुनाव की तैयारियों के बीच मतदाता सूची और वोटर अधिकार से जुड़े मुद्दे भी राजनीतिक चर्चा का हिस्सा बनते जा रहे हैं। UP Election 2027 में AIMIM की क्या रणनीति? असदुद्दीन ओवैसी के लगातार यूपी दौरे और उम्मीदवारों की शुरुआती घोषणाओं से AIMIM की चुनावी सक्रियता दिखाई दे रही है। पार्टी मुस्लिम राजनीतिक प्रतिनिधित्व के साथ-साथ अपने संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने पर जोर दे रही है। फिलहाल यूपी चुनाव में अभी काफी समय है और राजनीतिक समीकरण बदलने की गुंजाइश बनी हुई है। ऐसे में ओवैसी का ‘अब्दुल दरी नहीं बिछाएगा’ वाला बयान आने वाले चुनाव में Muslim Political Representation के मुद्दे को कितना बड़ा बनाता है, यह आगे की राजनीतिक गतिविधियों से साफ होगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Hamam Al-Hammami

Indian Pilot Attack: Hamam Al-Hammami की पुरानी नौकरी से जुड़े चौंकाने वाले दावे, जांच जारी

फ्लाईदुबई की फ्लाइट में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर हुए हमले के मामले में आरोपी सह-पायलट की पहचान हमाम अल-हमामी (Hamam Al-Hammami) के तौर पर हुई है। घटना के बाद से आरोपी की पुरानी नौकरी, उसकी गतिविधियों और कथित कट्टरपंथी विचारों को लेकर जांच तेज हो गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमाम अल-हमामी पहले Oman Air में काम कर चुका था। उसके पुराने रिकॉर्ड को खंगालने पर यह बात सामने आई है कि कंपनी में रहते हुए उसके व्यवहार और कथित चरमपंथी विचारों को लेकर सुरक्षा संबंधी चिंताएं उठी थीं। कॉकपिट में भारतीय कैप्टन पर किया हमला यह मामला उस समय सामने आया जब फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 दुबई से तेल अवीव जा रही थी। रिपोर्ट्स के अनुसार, उड़ान के दौरान सह-पायलट हमाम अल-हमामी ने कॉकपिट में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला कर दिया। घटना के बीच विमान की स्थिति भी कुछ समय के लिए गंभीर हो गई और विमान तेजी से नीचे जाने लगा। हालांकि, कैप्टन ने हालात संभालने की कोशिश की। बाद में विमान को सऊदी अरब के ताबुक एयरपोर्ट की ओर डायवर्ट किया गया, जहां उसकी सुरक्षित लैंडिंग कराई गई। घटना के बाद कैप्टन स्मित मच्छार और आरोपी सह-पायलट को संयुक्त अरब अमीरात ले जाया गया। मामले की जांच अब कई स्तरों पर की जा रही है। Oman Air में भी उठे थे सवाल हमाम अल-हमामी के पुराने करियर को लेकर सामने आई रिपोर्टों ने इस मामले को और गंभीर बना दिया है। बताया गया है कि वह करीब सात साल तक Oman Air से जुड़ा रहा था। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि कंपनी में रहते हुए उसके कथित चरमपंथी विचारों को लेकर सुरक्षा अधिकारियों ने चिंता जताई थी। इसके बाद उसे उड़ान से जुड़ी जिम्मेदारियों से हटाकर दूसरी भूमिका में भेजे जाने की बात भी सामने आई है। हालांकि, इस पूरे मामले में अलग-अलग मीडिया रिपोर्टों में घटनाओं की परिस्थितियों और समय को लेकर अंतर दिखाई देता है। इसलिए इन दावों की आधिकारिक जांच का इंतजार किया जा रहा है। Al-Qaeda से प्रभावित होने का भी दावा हमाम अल-हमामी को लेकर कुछ रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया है कि वह Al-Qaeda की विचारधारा से प्रभावित था। जांच एजेंसियां उसके पुराने सोशल मीडिया अकाउंट्स और ऑनलाइन गतिविधियों की भी पड़ताल कर रही हैं। रिपोर्टों में कथित तौर पर चरमपंथी सामग्री से जुड़े उसके संपर्क और गतिविधियों का जिक्र किया गया है। हालांकि, अभी तक अल-कायदा के साथ उसके सीधे संबंध की स्वतंत्र और अंतिम पुष्टि नहीं हुई है। यही वजह है कि जांच पूरी होने तक इन दावों को आरोप या जांच के एंगल के तौर पर ही देखा जा रहा है। कैसे बचा बड़ा हादसा? फ्लाइट के कॉकपिट में हुई इस घटना के बाद विमान में मौजूद यात्रियों की सुरक्षा सबसे बड़ा सवाल बन गई थी। स्थिति बिगड़ने के बावजूद विमान को संभाला गया और उसे ताबुक में सुरक्षित उतारा गया। कैप्टन स्मित मच्छार की भूमिका को लेकर भी घटना के बाद काफी चर्चा हुई है। हमले के बावजूद विमान को सुरक्षित दिशा में ले जाना और यात्रियों को बचाना इस पूरे घटनाक्रम का अहम हिस्सा रहा। अब जांच में किन सवालों के जवाब तलाशे जा रहे? जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि हमाम अल-हमामी ने विमान के अंदर हमला क्यों किया और क्या इसके पीछे कोई पूर्व योजना थी। इसके साथ ही उसके पुराने रोजगार रिकॉर्ड, कथित कट्टरपंथी गतिविधियों और सुरक्षा जांच से जुड़े पहलुओं की भी समीक्षा की जा रही है। सबसे बड़ा सवाल यह भी है कि अगर उसके पुराने रिकॉर्ड में सुरक्षा संबंधी चिंताएं थीं, तो वह बाद में दूसरी एयरलाइन में पायलट की जिम्मेदारी तक कैसे पहुंचा। फिलहाल मामले की जांच जारी है। Hamam Al-Hammami के कथित कट्टरपंथी संबंधों और Al-Qaeda से जुड़े दावों पर अंतिम तस्वीर जांच पूरी होने के बाद ही साफ होगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Tirupati

Tirupati Pharma Factory में Boiler Blast, 5 कर्मचारियों की मौत; 10 की हालत गंभीर

आंध्र प्रदेश के तिरुपति (Tirupati) जिले से शनिवार को एक बेहद दुखद खबर सामने आई। श्री सिटी के SEZ स्थित TIL Healthcare की फार्मा यूनिट में अचानक बॉयलर फट गया। धमाका इतना तेज था कि फैक्ट्री में काम कर रहे कर्मचारियों के बीच अफरा-तफरी मच गई। हादसे में अब तक 5 कर्मचारियों की मौत की जानकारी सामने आई है, जबकि करीब 10 लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। अचानक हुआ जोरदार Boiler Blast जानकारी के मुताबिक, यह हादसा शनिवार सुबह फैक्ट्री में हुआ। उस समय कर्मचारी अपनी शिफ्ट में काम कर रहे थे। इसी दौरान बॉयलर में अचानक जोरदार धमाका हुआ। विस्फोट के बाद फैक्ट्री परिसर में आग और धुएं का माहौल बन गया। धमाके की आवाज काफी दूर तक सुनाई दी। हादसे के बाद कर्मचारियों में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। कई लोगों ने तुरंत बाहर निकलकर अपनी जान बचाई, जबकि कुछ कर्मचारी हादसे की चपेट में आ गए। Rescue Team ने संभाला मोर्चा घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंचीं। राहत और बचाव दल ने फैक्ट्री के अंदर फंसे लोगों को बाहर निकालने का काम शुरू किया। घायलों को तत्काल आसपास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया। बताया जा रहा है कि करीब 10 घायल कर्मचारियों की हालत गंभीर है। डॉक्टरों की टीम उनका इलाज कर रही है और जरूरत के अनुसार कुछ घायलों को बेहतर इलाज के लिए दूसरे अस्पताल में भेजे जाने की जानकारी सामने आई है। हादसे की वजह अभी सामने नहीं आई फिलहाल यह साफ नहीं हो पाया है कि बॉयलर में विस्फोट आखिर किस वजह से हुआ। क्या यह तकनीकी खराबी थी या फिर किसी दूसरे कारण से यह हादसा हुआ, इसकी जांच की जा रही है। पुलिस और संबंधित विभाग की टीमें घटनास्थल से जानकारी जुटा रही हैं। जांच पूरी होने के बाद ही Boiler Blast की असली वजह सामने आने की उम्मीद है। परिवारों में पसरा मातम हादसे में कर्मचारियों की मौत की खबर मिलते ही उनके परिवारों में मातम पसर गया। फैक्ट्री में काम करने वाले अन्य कर्मचारियों और उनके परिजनों में भी चिंता का माहौल है। आंध्र प्रदेश के मंत्री नारा लोकेश ने हादसे पर दुख जताया है। उन्होंने अधिकारियों को राहत-बचाव कार्य में तेजी लाने और घायलों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। तिरुपति सांसद मद्दिला गुरुमूर्ति ने भी घटना पर शोक व्यक्त किया है। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता घायलों का इलाज और राहत कार्य है। वहीं, इस गंभीर औद्योगिक हादसे की जांच जारी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Guwahati Nightclub

Guwahati Nightclub में हंगामा महिला से मारपीट और बदसलूकी का आरोप, Manager हिरासत में

असम के गुवाहाटी से एक नाइटक्लब (Guwahati Nightclub) में महिला के साथ कथित बदसलूकी और मारपीट का मामला सामने आया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला सुर्खियों में आ गया। वीडियो में दो महिलाएं एक महिला के साथ मारपीट करती दिखाई दे रही हैं। वहीं, क्लब के बाउंसरों पर भी घटना के दौरान उचित कार्रवाई नहीं करने के आरोप लगाए जा रहे हैं। Nightclub में महिला के साथ मारपीट का आरोप मिली जानकारी के मुताबिक, गुवाहाटी के एक नाइटक्लब में किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। विवाद बढ़ने के बाद एक महिला के साथ कथित तौर पर मारपीट की गई। आरोप है कि उसके कपड़े भी उतारे गए और उसके साथ बदसलूकी की गई। वायरल वीडियो में दो महिलाएं कथित तौर पर महिला को लात मारती नजर आ रही हैं। वीडियो सामने आने के बाद घटना को लेकर सोशल मीडिया पर भी लोगों ने सवाल उठाए हैं। बाउंसरों की भूमिका पर भी सवाल इस मामले में नाइटक्लब के बाउंसरों की भूमिका भी जांच के दायरे में है। आरोप है कि जब महिला के साथ मारपीट हो रही थी, तब उसे रोकने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए गए। हालांकि, घटना के पूरे क्रम और इसमें शामिल लोगों की भूमिका को लेकर पुलिस की जांच अभी जारी है। वायरल वीडियो के अलावा मौके पर मौजूद लोगों और क्लब स्टाफ से मिली जानकारी भी जांच में अहम हो सकती है। Club Manager हिरासत में घटना के बाद पुलिस ने नाइटक्लब के मैनेजर को हिरासत में लिया है। उससे घटना को लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि विवाद की शुरुआत किस बात से हुई और मारपीट में कौन-कौन लोग शामिल थे। जांच के दौरान पुलिस वायरल वीडियो और क्लब में लगे CCTV फुटेज की भी जांच कर सकती है। इससे घटना का पूरा क्रम समझने और आरोपों की पुष्टि करने में मदद मिल सकती है। Viral Video के बाद सामने आया मामला बताया जा रहा है कि घटना का वीडियो सामने आने के बाद मामला तेजी से लोगों के बीच पहुंचा। वीडियो में महिला के साथ मारपीट का दृश्य दिखाई दे रहा है, जिसके बाद नाइटक्लब में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि घटना में किसकी क्या भूमिका थी और लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Asian Games 2026

Asian Games 2026: भारत को 18वां Gold, Kumkum Mohod और Pranavi Urs ने रचा इतिहास

Asian Games 2026 में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन लगातार जारी है। शनिवार को भारत के लिए दो बड़ी खुशखबरियां आईं। तीरंदाजी में कुमकुम मोहोड ने महिला Individual Recurve में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया, वहीं प्रणवी उर्स ने Women’s Individual Golf में स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इन दोनों उपलब्धियों के साथ भारत के Gold Medals की संख्या बढ़कर 18 हो गई। कुमकुम मोहोड ने Archery में रचा इतिहास 17 साल की भारतीय तीरंदाज कुमकुम मोहोड ने महिला Individual Recurve के फाइनल में शानदार खेल दिखाया। उनका मुकाबला दक्षिण कोरिया की ओ ये-जिन से हुआ। दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली और मुकाबला 5-5 की बराबरी पर पहुंच गया। इसके बाद शूट-ऑफ में मुकाबला तय हुआ। यहां कुमकुम ने दबाव के बीच बेहतरीन निशाना लगाते हुए 10 अंक हासिल किए। उनकी प्रतिद्वंद्वी 8 अंक ही बना सकीं। इस तरह कुमकुम ने Gold Medal अपने नाम कर लिया। कुमकुम की यह जीत इसलिए भी खास है क्योंकि वह Asian Games के महिला Individual Recurve में Gold जीतने वाली पहली भारतीय महिला तीरंदाज बन गई हैं। उनकी इस उपलब्धि ने भारतीय Archery में एक नया अध्याय जोड़ दिया है। इससे पहले भी कुमकुम इस एशियन गेम्स में शानदार प्रदर्शन कर चुकी हैं। उन्होंने महिला टीम रिकर्व में Gold और Mixed Pair में Silver Medal भी जीता है। Pranavi Urs ने Golf में बनाया नया इतिहास गोल्फ में भी भारत को बड़ी कामयाबी मिली। प्रणवी उर्स ने Women’s Individual Golf में Gold Medal जीतकर इतिहास रच दिया। वह Asian Games में Individual Golf Gold जीतने वाली पहली भारतीय महिला गोल्फर बन गई हैं। प्रणवी ने चार राउंड के खेल में 15-अंडर 265 का स्कोर बनाया। उन्होंने चीन की यिन रुओनिंग और सिंगापुर की शैनन टैन को एक स्ट्रोक से पीछे छोड़ते हुए Gold Medal पर कब्जा किया। फाइनल राउंड में एक समय प्रणवी मुश्किल स्थिति में भी पहुंच गई थीं। तीसरे होल पर ट्रिपल बोगी के बाद उनकी बढ़त कम हो गई थी। लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं छोड़ी और इसके बाद शानदार वापसी करते हुए जरूरी Birdies हासिल कीं। आखिरी होल तक प्रणवी ने अपना संयम बनाए रखा और पार स्कोर के साथ Gold Medal पक्का कर दिया। उनके इस प्रदर्शन ने भारतीय गोल्फ के लिए भी एक यादगार दिन बना दिया। Indian Women’s Golf Team को Silver प्रणवी उर्स की Individual Gold जीत के साथ भारतीय महिला Golf Team ने भी Silver Medal हासिल किया। टीम में प्रणवी उर्स, अदिति अशोक और दीक्षा डागर शामिल थीं। भारतीय टीम ने कुल 14-अंडर 546 का स्कोर बनाया। चीन ने बेहतर स्कोर के साथ Gold हासिल किया, जबकि भारत को Silver Medal से संतोष करना पड़ा। 18 Gold के साथ भारत की शानदार Medal Tally कुमकुम मोहोड और प्रणवी उर्स के Gold Medal ने Asian Games 2026 में भारत के अभियान को और मजबूत कर दिया है। भारत के खाते में अब 18 Gold, 26 Silver और 35 Bronze सहित कुल 79 Medals हो गए हैं। एक ही दिन Archery और Golf में दो ऐतिहासिक Gold जीतना भारतीय खेलों के लिए बड़ी उपलब्धि है। कुमकुम की सटीक निशानेबाजी और प्रणवी की Golf Course पर शानदार वापसी ने इस दिन को भारतीय खेल प्रेमियों के लिए खास बना दिया। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Captain Smit Machchhar

Captain Smit Machchhar हीरो बने भारतीय Pilot, PM मोदी से Netanyahu तक ने की तारीफ

Flydubai की फ्लाइट में हुए खतरनाक घटनाक्रम के बाद भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार (Captain Smit Machchhar) लगातार सुर्खियों में हैं। मुश्किल हालात में जिस तरह उन्होंने धैर्य और सूझबूझ दिखाई, उसकी देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी चर्चा हो रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और RSS समेत कई नेताओं और संगठनों ने स्मित की बहादुरी की सराहना की है। स्मित के लिए यह घटना सिर्फ एक मुश्किल उड़ान नहीं थी। उस वक्त विमान में सैकड़ों लोगों की जिंदगी दांव पर थी और हर फैसला बेहद अहम था। गंभीर स्थिति के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं छोड़ी और यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी। Flydubai Flight में आखिर क्या हुआ था? दुबई से तेल अवीव जा रही Flydubai Flight FZ1073 में उड़ान के दौरान कॉकपिट में गंभीर घटना हुई। रिपोर्टों के मुताबिक, इस दौरान कैप्टन स्मित मच्छार घायल हो गए और विमान अचानक नीचे जाने लगा। हालात बिगड़ने के बावजूद स्मित ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाबी हासिल की। इसके बाद क्रू और अन्य लोगों ने स्थिति को संभालने में मदद की। विमान को आखिरकार सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित उतारा गया। इस फ्लाइट में कुल 174 लोग सवार थे। घटना के बाद स्मित को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। PM मोदी ने की Captain Smit से बात कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी तारीफ की। पीएम मोदी ने उनसे वीडियो कॉल पर बातचीत कर उनकी सेहत का हाल जाना और मुश्किल समय में उनके साहस की सराहना की। बातचीत के दौरान स्मित ने घटना से जुड़े अनुभव प्रधानमंत्री के साथ साझा किए। उन्होंने बताया कि लंबे Flying Experience ने उन्हें उस समय स्थिति को समझने और तेजी से फैसला लेने में मदद की। प्रधानमंत्री ने स्मित के साहस और कर्तव्य के प्रति उनकी प्रतिबद्धता की सराहना करते हुए उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की। Netanyahu ने भी बताया ‘True Hero’ कैप्टन स्मित की बहादुरी की गूंज इजरायल तक पहुंची। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी भारतीय पायलट की तारीफ की। नेतन्याहू ने स्मित को True Hero बताते हुए उनकी बहादुरी को सलाम किया। उनके मुताबिक, संकट की उस घड़ी में स्मित की कार्रवाई बेहद महत्वपूर्ण रही और इससे विमान में मौजूद लोगों की जान बचाने में मदद मिली। यही वजह है कि घटना के बाद स्मित मच्छार को लेकर भारत और इजरायल दोनों जगह लोगों के बीच चर्चा तेज हो गई। RSS और नेताओं ने भी किया सलाम स्मित मच्छार की बहादुरी की तारीफ राजनीतिक गलियारों में भी हुई। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की ओर से भी उनके साहस की सराहना की गई। इसके अलावा अलग-अलग राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी सोशल मीडिया और सार्वजनिक बयानों के जरिए कैप्टन स्मित के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। RJD सांसद मनोज झा समेत कई नेताओं ने संकट के समय उनके साहस और जिम्मेदारी की तारीफ की। खास बात यह रही कि स्मित की तारीफ किसी एक राजनीतिक खेमे तक सीमित नहीं रही। अलग-अलग विचारधारा से जुड़े लोगों ने भी उनकी भूमिका को सराहा। 17 साल का Flying Experience बना ताकत कैप्टन स्मित मच्छार के पास विमान उड़ाने का लंबा अनुभव है। रिपोर्टों के अनुसार, उन्हें करीब 17 साल का Flying Experience है और वह लगभग 11 साल तक SpiceJet से जुड़े रहे। बाद में उन्होंने Flydubai में काम शुरू किया। शायद यही लंबा अनुभव संकट की उस घड़ी में उनके लिए सबसे बड़ी ताकत बना। जब कुछ ही सेकंड में फैसले लेने थे, तब उन्होंने हालात को समझते हुए कदम उठाया। देशभर में हो रही बहादुरी की चर्चा घटना के बाद सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक और सार्वजनिक मंचों तक कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की चर्चा हो रही है। लोग उनके साहस और पेशेवर जिम्मेदारी की तारीफ कर रहे हैं। एक पायलट के लिए हर उड़ान में यात्रियों की सुरक्षा सबसे बड़ी जिम्मेदारी होती है। लेकिन जब खुद पायलट मुश्किल में हो और फिर भी वह स्थिति को संभालने की कोशिश करे, तो ऐसी घटना लोगों के बीच लंबे समय तक चर्चा का विषय बन जाती है। घटना की जांच जारी Flydubai फ्लाइट में हुई इस घटना की जांच जारी है। घटना के पीछे की पूरी वजह और उससे जुड़े अन्य पहलुओं की जांच अधिकारियों द्वारा की जा रही है। इसलिए मामले के सभी तथ्यों के सामने आने का इंतजार किया जा रहा है। फिलहाल कैप्टन स्मित मच्छार की कहानी एक ऐसे भारतीय पायलट की कहानी बन गई है, जिसने मुश्किल समय में हिम्मत नहीं छोड़ी। PM मोदी, Netanyahu, RSS और कई नेताओं की ओर से मिली तारीफ ने उनकी बहादुरी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा में ला दिया है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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न्यूयॉर्क एयरपोर्ट पर मोहम्मद यूनुस का विरोध, प्रदर्शनकारियों ने लगाए गंभीर आरोप; वीडियो वायरल

बांग्लादेश के पूर्व मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस को अमेरिका के न्यूयॉर्क एयरपोर्ट पर विरोध का सामना करना पड़ा। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में कुछ लोग उन्हें घेरकर नारे लगाते और सवाल पूछते नजर आ रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने यूनुस को ‘आतंकवादी’ कहा और बांग्लादेश में हिंसा तथा लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाने के आरोप लगाए। वीडियो के मुताबिक, विरोध कर रहे लोगों ने यूनुस से सवाल किया कि वह न्यूयॉर्क क्यों आए हैं और उन्हें वापस लौट जाना चाहिए। स्थिति को देखते हुए यूनुस और उनकी सहयोगी लामिया मोर्शेद को एयरपोर्ट के अंदर वापस ले जाया गया। प्रदर्शनकारियों ने लगाए हजारों मौतों और गिरफ्तारियों के आरोप प्रदर्शनकारियों ने मोहम्मद यूनुस पर बांग्लादेश में हजारों पुलिसकर्मियों की मौत के लिए जिम्मेदार होने का आरोप लगाया। उन्होंने देश में करीब दो लाख लोगों की गिरफ्तारी का दावा भी किया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती है और विरोध करने वालों की पहचान भी स्पष्ट नहीं हुई है। बांग्लादेश के एक मीडिया संस्थान की रिपोर्ट में प्रदर्शनकारियों को पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग का समर्थक बताया गया है। बांग्लादेश सरकार ने कार्रवाई की बात कही बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान के सलाहकार जाहेद उर रहमान ने मंगलवार को कहा कि न्यूयॉर्क एयरपोर्ट पर मोहम्मद यूनुस का घेराव करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने इस घटना को ‘अवामी लीग का आतंक’ बताया। जाहेद ने विदेशों में रह रहे अवामी लीग के सदस्यों को चेतावनी भी दी। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ किस कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी। यूनुस के कार्यकाल में हिंसा और गिरफ्तारियों को लेकर विवाद शेख हसीना की सरकार गिरने के बाद 8 अगस्त 2024 को मोहम्मद यूनुस ने बांग्लादेश की अंतरिम सरकार का नेतृत्व संभाला था। उनके कार्यकाल के दौरान देश में हिंसा, अल्पसंख्यकों पर हमलों और गिरफ्तारियों को लेकर सवाल उठते रहे। अवामी लीग ने आरोप लगाया था कि यूनुस सरकार ने उसके नेताओं और समर्थकों को निशाना बनाया। वहीं, मानवाधिकार संगठनों ने हिंसा और हिरासत में कथित दुर्व्यवहार के मामलों की निष्पक्ष जांच और जवाबदेही तय करने की मांग की थी। शेख हसीना की सरकार गिरने के बाद करीब डेढ़ साल सत्ता में रहे यूनुस अगस्त 2024 में शेख हसीना की सरकार गिरने के बाद मोहम्मद यूनुस ने अंतरिम सरकार की कमान संभाली थी। इस दौरान उनकी सरकार और अवामी लीग के बीच राजनीतिक टकराव जारी रहा। बांग्लादेश के एक विशेष ट्रिब्यूनल ने 2025 में शेख हसीना की गैरमौजूदगी में मुकदमा चलाने के बाद उन्हें मौत की सजा सुनाई थी। यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के दौरान अवामी लीग पर प्रतिबंध लगाया गया और भारत से शेख हसीना को बांग्लादेश प्रत्यर्पित करने की मांग भी की गई।

Apple ने लॉन्च किया HomeView स्मार्ट डिस्प्ले, ₹39,900 से शुरू कीमत; HomePod Mini 2 और नए Apple TV 4K से भी उठा पर्दा

Apple ने स्मार्ट होम बाजार में अपनी मौजूदगी बढ़ाने के लिए नया स्मार्ट डिस्प्ले ‘HomeView’ लॉन्च किया है। इसकी शुरुआती कीमत ₹39,900 बताई गई है। न्यूयॉर्क में आयोजित ‘Welcome Home’ इवेंट में कंपनी ने HomePod Mini 2 और नए Apple TV 4K समेत कई स्मार्ट होम डिवाइस भी पेश किए। इन गैजेट्स में होम ऑटोमेशन, एंटरटेनमेंट, सिक्योरिटी और AI से जुड़े फीचर्स दिए गए हैं। कंपनी का लक्ष्य Amazon और Google जैसी कंपनियों के साथ स्मार्ट होम बाजार में अपनी जगह मजबूत करना है। दी गई जानकारी के मुताबिक, HomeView और Apple TV 4K की एडवांस बुकिंग शुरू हो गई है। इनकी डिलीवरी 13 नवंबर से मिलने की बात कही गई है, जबकि HomePod Mini 2 की डिलीवरी 30 अक्टूबर से शुरू होगी। HomeView: 7 इंच की स्क्रीन, वीडियो कॉल और स्मार्ट होम कंट्रोल Apple HomeView इस नए कलेक्शन का प्रमुख डिवाइस है। इसमें नीचे स्पीकर और ऊपर 7 इंच की टचस्क्रीन दी गई है। इसे टेबल पर रखा जा सकता है या दीवार पर लगाया जा सकता है। इसमें A18 प्रोसेसर दिया गया है। इसकी मदद से यूजर घर की लाइट और पंखे नियंत्रित करने, वीडियो कॉल करने, गाने सुनने और फिल्में देखने जैसे काम कर सकेंगे। Apple HomeView के प्रमुख फीचर्स HomePod Mini 2: गानों के साथ बदलेगी लाइट Apple ने HomePod Mini 2 स्मार्ट स्पीकर भी पेश किया है। इसमें S10 प्रोसेसर और ‘Sound Glow’ नाम की लाइटिंग सुविधा दी गई है। बताया गया है कि म्यूजिक के हिसाब से स्पीकर की लाइटों के रंग बदलेंगे। इसकी कीमत ₹18,900 रखी गई है। यह गुलाबी, नीले, हरे, सफेद और मिडनाइट कलर में उपलब्ध होगा। कंपनी के मुताबिक, नए प्रोसेसर से कनेक्टिविटी और डिवाइस के प्रदर्शन में सुधार होगा। नया Apple TV 4K: आवाज से कंट्रोल करने की सुविधा नया Apple TV 4K टीवी देखने के अनुभव को अधिक सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से पेश किया गया है। दी गई जानकारी के अनुसार, इसमें दूर से आवाज पहचानने वाले माइक्रोफोन हैं, जिनकी मदद से यूजर बिना रिमोट उठाए वॉइस कमांड से फिल्म या शो चला सकेंगे। अगर रिमोट खो जाए, तो iPhone के Find My फीचर की मदद से उसकी लोकेशन पता करने की सुविधा भी दी गई है। Apple HomePod स्पीकर्स के साथ इस्तेमाल करने पर यह ऑडियो सेटिंग्स को उनके अनुरूप समायोजित कर बेहतर साउंड अनुभव देने में मदद कर सकता है। हालांकि, Apple TV 4K की भारत में कीमत की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं बताई गई है। स्मार्ट होम बाजार में Apple की नई पहल HomeView, HomePod Mini 2 और Apple TV 4K के जरिए Apple घर के अलग-अलग स्मार्ट डिवाइस को एक ही इकोसिस्टम से जोड़ने पर जोर दे रहा है। होम ऑटोमेशन, सिक्योरिटी और AI सुविधाओं के मेल से कंपनी Amazon और Google के साथ प्रतिस्पर्धा बढ़ाना चाहती है।

कॉकरोच जनता पार्टी के आशुतोष रांका और सौरव दास तिहाड़ जेल भेजे गए, अजिंक्य शिंदे को मिली जमानत

दिल्ली में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के तीन सदस्यों के मामले में अदालत ने फैसला सुनाया है। स्पेशल कोर्ट ने आशुतोष रांका और सौरव दास को 5 दिन की न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेज दिया, जबकि अजिंक्य शिंदे को निजी मुचलके पर रिहा करने का आदेश दिया। जानकारी के मुताबिक, तीनों को मंगलवार सुबह जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया गया था। बाद में रात करीब 3 बजे उन्हें एहतियातन गिरफ्तार किया गया। बुधवार सुबह तीनों को स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया, जहां आशुतोष रांका और सौरव दास को न्यायिक हिरासत में भेजने का फैसला हुआ। राहुल गांधी ने गिरफ्तारी पर उठाए सवाल इस कार्रवाई को लेकर राहुल गांधी ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जंतर-मंतर पर तिरंगा लहराना कोई अपराध नहीं है। उन्होंने युवाओं को जेल भेजे जाने को कायरता बताया और कार्रवाई पर सवाल उठाए। किन आरोपों में हुई कार्रवाई? CJP की लीगल टीम की प्रमुख रत्ना सिंह के मुताबिक, तीनों के खिलाफ बिना अनुमति जंतर-मंतर में प्रवेश करने, बॉन्ड की शर्तों का उल्लंघन करने और सरकारी कामकाज में बाधा डालने के आरोप लगाए गए हैं। उन्होंने बताया कि आशुतोष रांका और सौरव दास को इससे पहले 10 अक्टूबर को भी फ्लाइट से हिरासत में लिया गया था। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

एअर इंडिया की फ्रैंकफर्ट-दिल्ली फ्लाइट की जयपुर में इमरजेंसी लैंडिंग, हाईजैक अलर्ट से मचा हड़कंप

फ्रैंकफर्ट से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट AI-2030 की बुधवार सुबह जयपुर एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। विमान को यह कदम उस समय उठाना पड़ा, जब अहमदाबाद एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को फ्लाइट से हाईजैक अलर्ट का सिग्नल मिला। हालांकि, शुरुआती जांच में सिस्टम की गड़बड़ी के कारण यह संदेश जनरेट होने की आशंका जताई गई है। जानकारी के मुताबिक, अहमदाबाद ATC से मिले अलर्ट को जयपुर ATC के साथ साझा किया गया। इसके करीब 45 मिनट बाद विमान को जयपुर में सुरक्षित उतारा गया। शुरुआती जानकारी के अनुसार, हाईजैक अलर्ट के पीछे तकनीकी या सिस्टम संबंधी गलती हो सकती है। मामले में विस्तृत जांच की जानकारी सामने आना बाकी है। रात 9:45 बजे फ्रैंकफर्ट से भरी थी उड़ान फ्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइट Flightradar24 के मुताबिक, विमान ने 13 अक्टूबर की रात 9:45 बजे फ्रैंकफर्ट से उड़ान भरी थी। इसे 14 अक्टूबर की सुबह 10:40 बजे दिल्ली पहुंचना था, लेकिन हाईजैक अलर्ट मिलने के बाद विमान को जयपुर की ओर डायवर्ट कर दिया गया। 30 सितंबर को फ्लाईदुबई की फ्लाइट में भी मिला था हाईजैक सिग्नल इससे पहले 30 सितंबर को इजराइल जा रही फ्लाईदुबई की एक फ्लाइट से भी हाईजैक कोड 7500 भेजे जाने की खबर सामने आई थी। उस घटना में पायलट द्वारा विमान को हाईजैक करने और क्रैश करने की कोशिश किए जाने का दावा किया गया था। बताया गया कि भारतीय को-पायलट कैप्टन स्मित मच्छर ने स्थिति को संभालते हुए विमान को नुकसान पहुंचाने की कोशिश नाकाम कर दी थी।
मां कूष्मांडा

Navratri 2026: चौथे दिन मां कूष्मांडा की पूजा, जानें कथा, भोग और मंत्र

नवरात्रि के चौथे दिन मां कूष्मांडा की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यताओं में उन्हें सृष्टि की रचनात्मक ऊर्जा से जोड़ा जाता है। माना जाता है कि उनकी आराधना से भक्तों को उत्साह, सकारात्मकता और नई शुरुआत की प्रेरणा मिलती है। मां कूष्मांडा की पौराणिक कथा पौराणिक मान्यता के अनुसार, जब चारों ओर अंधकार था, तब मां कूष्मांडा ने अपनी दिव्य मुस्कान से ब्रह्मांड की रचना की। इसी कारण उन्हें सृष्टि की आदिशक्ति के रूप में पूजा जाता है। यह कथा सृजन और ऊर्जा के महत्त्व को दर्शाती है। मां का स्वरूप और महत्त्व पूजा विधि मंत्र: ॐ देवी कूष्माण्डायै नमः। भोग: मां को मालपुआ या मीठे फल अर्पित करने की परंपरा कुछ क्षेत्रों में प्रचलित है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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