हरियाणा के Gurugram से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने IVF ट्रीटमेंट की सुरक्षा और भरोसे पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां एक दंपती ने लाखों रुपये खर्च कर IVF तकनीक के जरिए बच्चा पैदा किया, लेकिन बाद में बच्चे के नैन-नक्श परिवार से अलग दिखाई देने पर उन्हें शक हुआ।
जब माता-पिता ने DNA टेस्ट करवाया, तो रिपोर्ट देखकर उनके होश उड़ गए। टेस्ट में पता चला कि बच्चा न तो जैविक रूप से मां से मेल खाता है और न ही पिता से। इसके बाद दंपती ने मामले की शिकायत असिस्टेड रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी (ART) एक्ट अथॉरिटी और संबंधित अस्पताल व IVF सेंटर के खिलाफ दर्ज कराई है।
कैसे सामने आया पूरा मामला?
परिवार के अनुसार, बच्चे के चेहरे और रंग-रूप में काफी अंतर दिख रहा था। शुरुआत में उन्होंने इसे सामान्य माना, लेकिन समय के साथ शक बढ़ता गया। आखिरकार उन्होंने DNA टेस्ट करवाने का फैसला लिया।
रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि बच्चे का DNA दोनों माता-पिता से मेल नहीं खाता। इसके बाद परिवार ने इसे गंभीर लापरवाही और धोखाधड़ी बताते हुए कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी।
