America और Iran के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। अमेरिका ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए, जिसके बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए बहरीन और कुवैत की ओर मिसाइलें दाग दीं। इस घटनाक्रम के बाद पूरे मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ गया है।
जानकारी के अनुसार, ईरान की ओर से दागी गई कुछ मिसाइलें जॉर्डन के हवाई क्षेत्र की तरफ भी बढ़ीं। जॉर्डन की सेना ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आठ मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया। अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई से किसी बड़े नुकसान को टाल दिया गया।
अमेरिका का कहना है कि उसके हवाई हमले ईरान की सैन्य क्षमताओं को कमजोर करने और क्षेत्र में अपने सहयोगी देशों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए किए गए। वहीं ईरान ने इन हमलों को अपनी संप्रभुता पर हमला बताते हुए कड़ा जवाब देने की चेतावनी दी है।
बहरीन और कुवैत में सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। कई जगहों पर लोगों से सतर्क रहने और आवश्यक होने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की गई है। क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता बढ़ गई है। कई देशों ने दोनों पक्षों से संयम बरतने और बातचीत के जरिए विवाद का समाधान निकालने की अपील की है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हालात इसी तरह बिगड़ते रहे तो इसका असर पूरे मध्य पूर्व ही नहीं, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था और तेल की कीमतों पर भी पड़ सकता है।
फिलहाल अमेरिका और ईरान दोनों की ओर से सैन्य गतिविधियां तेज हैं और दुनिया की नजरें इस संकट पर बनी हुई हैं। आने वाले दिनों में दोनों देशों के अगले कदम से क्षेत्र की स्थिति और स्पष्ट होगी।
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