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Study Abroad अब India में: 15 International Universities को मिली मंजूरी, अगस्त से शुरू हो सकता है पहला बैच

Study Abroad अब India में: 15 International Universities को मिली मंजूरी, अगस्त से शुरू हो सकता है पहला बैच

भारत की higher education system में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। अब छात्रों को विदेश जाकर पढ़ाई करने की जरूरत पहले जैसी नहीं रहेगी। सरकार और UGC ने करीब 15 विदेशी यूनिवर्सिटियों को भारत में कैंपस खोलने की मंजूरी दे दी है। यह कदम NEP 2020 के तहत education को global बनाने की दिशा में काफी अहम माना जा रहा है। अगले कुछ महीनों में कई कैंपस की शुरुआत होने वाली है और रिपोर्ट्स के मुताबिक अगस्त 2026 से पहले बैच की पढ़ाई भी शुरू हो सकती है। भारत में Global Education का नया दौर शुरू अब UK, Australia और अन्य देशों की टॉप यूनिवर्सिटियां भारत में अपने independent campuses खोलेंगी। इसका मतलब यह है कि छात्रों को: सरल शब्दों में कहें तो, “अब विदेश वाली पढ़ाई भारत में ही”। सबसे बड़ा फायदा: कम खर्च में Foreign Degree इस फैसले का सबसे बड़ा फायदा middle-class families को मिलने वाला है। विदेश जाकर पढ़ाई करने की तुलना में: यानी quality education अब ज्यादा affordable हो जाएगी। किन शहरों में खुल सकते हैं कैंपस? हालांकि final list हर university के हिसाब से अलग होगी, लेकिन शुरुआती संकेतों के मुताबिक major cities में campuses आने की संभावना है: कुछ universities पहले ही groundwork शुरू कर चुकी हैं। कौन-कौन सी यूनिवर्सिटियां आ सकती हैं? सूत्रों और रिपोर्ट्स के मुताबिक कुछ बड़ी international universities शामिल हैं: इनका focus mainly professional और industry-oriented courses पर होगा। छात्रों को क्या-क्या मिलेगा? इस बदलाव से students को कई बड़े फायदे मिलेंगे: International Degree in India अब भारत में रहकर ही foreign degree हासिल की जा सकेगी। Global Curriculum AI, Data Science, Business, Engineering जैसे modern courses। Industry Exposure Internships और practical learning पर ज्यादा focus। Safe & Affordable Option विदेश जाने का risk और cost दोनों कम हो जाएंगे। कब से शुरू होगा एडमिशन? भारत के लिए इसका मतलब क्या है? यह सिर्फ education reform नहीं है, बल्कि एक बड़ा shift है: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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TET Paper

TET Paper Leak Update: परीक्षा से 24 घंटे पहले लीक की खबर, महाराष्ट्र में Exam रद्द; जांच तेज

महाराष्ट्र में शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे हजारों युवाओं के लिए बड़ी खबर सामने आई है। रविवार को आयोजित होने वाली Teacher Eligibility Test (TET) Paper से ठीक एक दिन पहले कथित पेपर लीक का मामला सामने आने के बाद राज्य सरकार और शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया। ठाणे पुलिस की कार्रवाई के बाद परीक्षा को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है, जबकि पूरे मामले की जांच तेज कर दी गई है। ठाणे से सामने आया पेपर लीक का मामला पुलिस सूत्रों के मुताबिक, ठाणे में गुप्त सूचना मिली थी कि टीईटी परीक्षा का प्रश्नपत्र कुछ लोगों के पास पहले से पहुंच चुका है। सूचना के आधार पर पुलिस ने छापेमारी की, जहां से कथित प्रश्नपत्र बरामद किया गया। इस कार्रवाई के दौरान कई संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई है। हालांकि, अभी तक यह आधिकारिक रूप से पुष्टि नहीं हुई है कि बरामद किया गया प्रश्नपत्र वही है, जो परीक्षा में इस्तेमाल होने वाला था। इसकी जांच शिक्षा विभाग और संबंधित एजेंसियां कर रही हैं। परीक्षा स्थगित करने का लिया गया फैसला पेपर लीक की आशंका को गंभीर मानते हुए महाराष्ट्र शिक्षा विभाग ने रविवार को होने वाली टीईटी परीक्षा को स्थगित करने का फैसला लिया। विभाग का कहना है कि किसी भी अभ्यर्थी के साथ अन्याय न हो और परीक्षा की निष्पक्षता बनी रहे, इसलिए यह कदम उठाया गया है। नई परीक्षा तिथि का ऐलान जांच पूरी होने के बाद किया जाएगा। विभाग ने उम्मीदवारों से अपील की है कि वे किसी भी अफवाह पर विश्वास न करें और केवल आधिकारिक सूचना का इंतजार करें। जांच में जुटी पुलिस और शिक्षा विभाग फिलहाल ठाणे पुलिस, शिक्षा विभाग और अन्य जांच एजेंसियां मिलकर यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कथित प्रश्नपत्र कहां से लीक हुआ और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं। यदि जांच में यह साबित होता है कि बरामद पेपर असली था, तो आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जांच एजेंसियां इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि क्या यह किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा है या फिर सीमित स्तर पर हुई गड़बड़ी है। हजारों उम्मीदवारों की मेहनत पर लगा ब्रेक टीईटी परीक्षा के लिए राज्यभर से बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। कई उम्मीदवार महीनों से इसकी तैयारी कर रहे थे। परीक्षा स्थगित होने की खबर सामने आते ही सोशल मीडिया पर छात्रों ने निराशा जताई और जल्द नई परीक्षा तिथि घोषित करने की मांग की। कई अभ्यर्थियों का कहना है कि बार-बार होने वाली ऐसी घटनाएं मेहनत करने वाले छात्रों का मनोबल कमजोर करती हैं और भर्ती प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े करती हैं। आगे क्या होगा? अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर है। यदि पेपर लीक की पुष्टि होती है, तो पुलिस पूरे नेटवर्क का खुलासा कर सकती है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं, शिक्षा विभाग नई परीक्षा तिथि की घोषणा आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से करेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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NCERT

NCERT Class 9 New Syllabus: अब SIR और Election Commission के बारे में पढ़ेंगे छात्र

राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने कक्षा 9 की सामाजिक विज्ञान (Social Science) की नई किताब में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। इस बार छात्रों को सिर्फ लोकतंत्र की परिभाषा ही नहीं, बल्कि Election Commission of India (ECI) की भूमिका, Special Intensive Revision (SIR) और भारत की चुनावी प्रक्रिया को भी विस्तार से पढ़ाया जाएगा। नई किताब में भारतीय चुनाव प्रणाली को दुनिया की सबसे बड़ी और ‘बेमिसाल’ लोकतांत्रिक व्यवस्था बताया गया है। यह बदलाव नई शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत तैयार किए गए पाठ्यक्रम का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों को देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था और संवैधानिक संस्थाओं के बारे में व्यावहारिक जानकारी देना है। चुनाव कैसे होते हैं? अब किताब में मिलेगा पूरा जवाब नई NCERT पुस्तक में बताया गया है कि चुनाव केवल वोट डालने की प्रक्रिया नहीं है। इसके पीछे निर्वाचन आयोग की कई अहम जिम्मेदारियां होती हैं। किताब में समझाया गया है कि किस तरह मतदाता सूची तैयार की जाती है, मतदान केंद्र बनाए जाते हैं, चुनाव की निगरानी होती है और पूरे देश में निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित किया जाता है। भारत जैसे विशाल लोकतंत्र में करोड़ों मतदाताओं के बीच चुनाव कराना अपने आप में एक बड़ी प्रशासनिक और संवैधानिक प्रक्रिया है, जिसे पुस्तक में सरल भाषा में समझाया गया है। SIR क्या है? छात्रों को मिलेगी पूरी जानकारी नई किताब में Special Intensive Revision (SIR) को भी शामिल किया गया है। यह निर्वाचन आयोग द्वारा चलाया जाने वाला विशेष अभियान है, जिसका उद्देश्य मतदाता सूची को पूरी तरह अपडेट और सटीक बनाना होता है। इस प्रक्रिया के दौरान— NCERT का मानना है कि छात्रों को यह जानना जरूरी है कि लोकतंत्र की मजबूती केवल मतदान से नहीं, बल्कि सही मतदाता सूची और निष्पक्ष चुनावी व्यवस्था से भी तय होती है। Election Commission की भूमिका भी समझाई जाएगी नई किताब में निर्वाचन आयोग की संवैधानिक शक्तियों और जिम्मेदारियों को भी विस्तार से शामिल किया गया है। इसमें बताया गया है कि आयोग स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने, चुनाव कार्यक्रम घोषित करने, आदर्श आचार संहिता लागू कराने और पूरी चुनावी प्रक्रिया की निगरानी करने का काम करता है। Emergency पर भी जोड़ा गया नया अध्याय NCERT ने कक्षा 9 की नई किताब में 1975-77 के आपातकाल (Emergency) पर भी नया अध्याय जोड़ा है। इसमें उस दौर के राजनीतिक घटनाक्रम, नागरिक अधिकारों पर पड़े प्रभाव और भारतीय लोकतंत्र के सामने आई चुनौतियों को शामिल किया गया है। इसका उद्देश्य छात्रों को देश के लोकतांत्रिक इतिहास के महत्वपूर्ण अध्यायों से परिचित कराना है। बदलाव पर शुरू हुई राजनीतिक बहस नई किताब में SIR, चुनाव आयोग और Emergency जैसे विषय शामिल होने के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा भी तेज हो गई है। कुछ विपक्षी दलों ने इन बदलावों पर सवाल उठाए हैं, जबकि सरकार और शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि छात्रों को लोकतांत्रिक संस्थाओं और भारतीय संविधान की कार्यप्रणाली से परिचित कराना समय की आवश्यकता है। छात्रों के लिए क्यों है यह बदलाव अहम? नई NCERT किताब के जरिए विद्यार्थियों को सिर्फ परीक्षा की तैयारी ही नहीं, बल्कि एक जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में भी जानकारी मिलेगी। इससे वे समझ पाएंगे कि भारत में चुनाव कैसे कराए जाते हैं, निर्वाचन आयोग की भूमिका क्या होती है और लोकतंत्र को मजबूत बनाए रखने में हर नागरिक की क्या जिम्मेदारी है। मुख्य बातें (Highlights) हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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NEET परीक्षा में बड़ा फर्जीवाड़ा: बायोमेट्रिक सिस्टम हैक कर बैठाए गए नकली परीक्षार्थी

NEET परीक्षा में बड़ा फर्जीवाड़ा: बायोमेट्रिक सिस्टम हैक कर बैठाए गए नकली परीक्षार्थी

देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET में फर्जीवाड़े का एक और बड़ा मामला सामने आया है। बिहार पुलिस ने बायोमेट्रिक सिस्टम में सेंध लगाकर असली अभ्यर्थियों की जगह नकली परीक्षार्थियों को परीक्षा में बैठाने वाले एक बड़े सॉल्वर गैंग का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में अब तक 30 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। जांच एजेंसियों के अनुसार, गिरोह ने परीक्षा केंद्रों पर इस्तेमाल होने वाले बायोमेट्रिक सत्यापन सिस्टम को धोखा देने की तकनीक विकसित कर ली थी। इसके जरिए असली उम्मीदवारों की पहचान छिपाकर उनकी जगह दूसरे लोगों को परीक्षा में बैठाया जाता था। बदले में अभ्यर्थियों और उनके परिजनों से लाखों रुपये वसूले जाते थे। पुलिस को प्रारंभिक जांच में पता चला है कि यह नेटवर्क केवल बिहार तक सीमित नहीं था, बल्कि कई राज्यों में सक्रिय था। गिरोह के सदस्य छात्रों को मेडिकल कॉलेज में प्रवेश दिलाने का लालच देकर उनसे मोटी रकम लेते थे। इसके बाद प्रशिक्षित सॉल्वरों को परीक्षा में बैठाया जाता था। अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और मामले में कई और लोगों की संलिप्तता सामने आ सकती है। पुलिस इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों, मोबाइल फोन और दस्तावेजों की भी जांच कर रही है ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके। इस घटना ने देश की परीक्षा प्रणाली और बायोमेट्रिक सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लाखों मेहनती छात्रों और उनके परिवारों के लिए यह मामला चिंता का विषय बन गया है, क्योंकि ऐसी धोखाधड़ी योग्य उम्मीदवारों के भविष्य को प्रभावित करती है। जांच एजेंसियों ने भरोसा दिलाया है कि मामले में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और परीक्षा प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए अतिरिक्त कदम उठाए जाएंगे। अधिक राष्ट्रीय और शिक्षा जगत की खबरों के लिए पढ़ते रहें Deshharpal। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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NEET UG

NEET UG 2026: मेडिकल एडमिशन की सबसे मुश्किल लड़ाई, हर सीट पर 36 दावेदार

NEET UG 2026 की तस्वीर इस बार और भी ज्यादा कठिन और चुनौतीपूर्ण नजर आ रही है। मेडिकल कॉलेजों में MBBS एडमिशन पाने के लिए देशभर के लाखों छात्रों के बीच जबरदस्त प्रतिस्पर्धा देखने को मिल रही है। इस साल 22 लाख से अधिक छात्रों ने NEET UG परीक्षा में हिस्सा लिया है, जबकि सरकारी मेडिकल कॉलेजों में सीटों की संख्या पहले की तरह ही सीमित है। यही वजह है कि औसतन एक सरकारी MBBS सीट के लिए करीब 36 छात्र दावेदारी कर रहे हैं।सीटें कम, उम्मीदें ज्यादा सरकारी मेडिकल कॉलेजों में MBBS की सीटें हमेशा से ही कम रही हैं, लेकिन इस बार मुकाबला और भी कठिन हो गया है। कम फीस और बेहतर शिक्षा सुविधाओं के कारण हर छात्र की पहली पसंद सरकारी कॉलेज ही होते हैं। लेकिन सीमित सीटों के कारण हजारों मेहनती छात्रों को हर साल निराशा का सामना करना पड़ता है, जिससे उनके लंबे समय के सपनों पर असर पड़ता है। छात्रों पर मानसिक दबाव बढ़ा इतनी भारी प्रतिस्पर्धा का सीधा असर छात्रों की मानसिक स्थिति पर भी पड़ रहा है। कई छात्र सालों तक दिन-रात मेहनत करते हैं, लेकिन चयन की कोई गारंटी नहीं होती। कोचिंग और परीक्षा के इस बढ़ते प्रेशर ने मेडिकल एंट्रेंस को सिर्फ एक परीक्षा नहीं, बल्कि एक मानसिक चुनौती भी बना दिया है। क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स? शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि देश में मेडिकल सीटों की संख्या बढ़ाना अब समय की जरूरत बन गया है। अगर सीटें बढ़ाई जाती हैं, तो न केवल छात्रों को राहत मिलेगी, बल्कि देश में डॉक्टरों की कमी भी काफी हद तक पूरी हो सकती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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NEET UG Re-Exam

NEET UG Re-Exam 2026: 23 लाख Candidates की आज परीक्षा, Dharmendra Pradhan बोले- बिना डरे दें Exam

लाखों मेडिकल अभ्यर्थियों का इंतजार आखिरकार खत्म हो गया। NEET UG Re-Exam 2026 आज देशभर में आयोजित किया जा रहा है। इस परीक्षा में करीब 22.8 लाख (लगभग 23 लाख) छात्र-छात्राएं शामिल हो रहे हैं। पिछली परीक्षा को लेकर उठे विवाद और पेपर लीक के आरोपों के बाद यह री-एग्जाम कराया जा रहा है। इस बार परीक्षा को पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए सरकार और National Testing Agency (NTA) ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। देशभर के 564 शहरों में बनाए गए 5,440 परीक्षा केंद्रों पर सुबह से ही अभ्यर्थियों की आवाजाही शुरू हो गई। परीक्षा केंद्रों के बाहर सुरक्षा बलों की तैनाती के साथ प्रवेश प्रक्रिया को भी पहले से अधिक सख्त बनाया गया है। मुख्य सुरक्षा व्यवस्थाएं: इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य किसी भी तरह की नकल, पेपर लीक या फर्जी अभ्यर्थियों की संभावना को पूरी तरह खत्म करना है। Candidates के लिए जरूरी Guidelines NTA ने अभ्यर्थियों को सलाह दी है कि वे परीक्षा शुरू होने से काफी पहले केंद्र पर पहुंच जाएं। प्रवेश के समय एडमिट कार्ड और वैध फोटो पहचान पत्र अनिवार्य होगा। उम्मीदवारों को मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ डिवाइस, कैलकुलेटर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान परीक्षा केंद्र के अंदर ले जाने की अनुमति नहीं होगी। निर्धारित ड्रेस कोड का पालन करना भी जरूरी रहेगा। क्यों कराया जा रहा है NEET UG Re-Exam? NEET UG 2026 की पहली परीक्षा के बाद कई राज्यों से पेपर लीक और परीक्षा प्रक्रिया में अनियमितताओं की शिकायतें सामने आई थीं। मामले ने राष्ट्रीय स्तर पर बड़ा विवाद खड़ा कर दिया था। इसके बाद जांच एजेंसियों की कार्रवाई और बढ़ते दबाव के बीच NTA ने दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया, ताकि सभी अभ्यर्थियों को समान अवसर मिल सके। आज लाखों छात्रों के भविष्य का बड़ा दिन देशभर के लाखों परिवारों की उम्मीदें आज इस परीक्षा से जुड़ी हैं। कई छात्रों ने पिछले कुछ हफ्तों में दोबारा तैयारी की और अब वे अपने मेडिकल कॉलेज के सपने को साकार करने के लिए परीक्षा देने जा रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अंतिम समय में तनाव लेने के बजाय शांत मन से प्रश्नपत्र हल करना बेहतर रणनीति होगी। NEET UG Re-Exam 2026: Highlights हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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NEET

Exam Stress in India: NEET की तैयारी कर रहे छात्र ने की आत्महत्या

NEET परीक्षा की तैयारी कर रहे एक छात्र की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। छात्र अपने कमरे में मृत अवस्था में पाया गया, जिसके बाद पूरे क्षेत्र में दुख और सन्नाटा फैल गया। जैसे ही घटना की जानकारी मिली, स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है। सपनों का दबाव या सिस्टम की खामियां? यह घटना सिर्फ एक खबर नहीं है, बल्कि उन हजारों छात्रों की कहानी है जो हर साल बड़े सपनों और उम्मीदों के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। लगातार बढ़ते प्रतिस्पर्धी माहौल, कोचिंग का दबाव और बेहतर प्रदर्शन की दौड़ कई बार छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर भारी पड़ती नजर आती है। विशेषज्ञ लगातार इस बात पर जोर दे रहे हैं कि पढ़ाई के साथ-साथ मानसिक संतुलन और सपोर्ट सिस्टम भी बेहद जरूरी है। परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ घटना के बाद छात्र के परिवार में गहरा शोक है। परिजन इस अचानक हुए हादसे से सदमे में हैं और कुछ भी समझ पाने की स्थिति में नहीं हैं। पूरे इलाके में भी शोक का माहौल है। बढ़ती घटनाओं से उठ रहे बड़े सवाल ऐसी घटनाएं बार-बार सामने आना समाज और शिक्षा व्यवस्था दोनों के लिए चेतावनी है। सवाल यह है कि क्या हम अपने छात्रों पर जरूरत से ज्यादा दबाव डाल रहे हैं? और क्या उनके मानसिक स्वास्थ्य को उतनी प्राथमिकता मिल रही है जितनी मिलनी चाहिए? हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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NEET Re-Exam

NEET Re-Exam 2026: नागपुर छात्र को मिला Abu Dhabi सेंटर, सिस्टम गड़बड़ी से मचा हड़कंप

NEET Re-Exam 2026 को लेकर देशभर में परीक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। NTA (नेशनल टेस्टिंग एजेंसी) की ओर से एडमिट कार्ड जारी होते ही कुछ गंभीर गड़बड़ियां सामने आईं, जिससे छात्रों और अभिभावकों में तनाव और चिंता का माहौल बन गया है। सबसे चौंकाने वाला मामला तब सामने आया जब एक छात्र को भारत नहीं बल्कि Abu Dhabi (UAE) परीक्षा केंद्र अलॉट कर दिया गया। नागपुर छात्र को भारत से बाहर मिला परीक्षा केंद्र नागपुर के एक NEET अभ्यर्थी को एडमिट कार्ड में जो परीक्षा केंद्र मिला, वह सीधे अबू धाबी था। इस घटना के बाद परिवार की चिंता और नाराज़गी दोनों बढ़ गई, क्योंकि परीक्षा सिर्फ एक दिन दूर थी। भुवनेश्वर छात्रा का Dehradun सेंटर भी बदला गया इसी तरह भुवनेश्वर की एक छात्रा को पहले Dehradun exam centre अलॉट किया गया था। लेकिन शिकायत और जांच के बाद उसका सेंटर बदल दिया गया। इस तरह की लगातार सामने आ रही गड़बड़ियों ने NEET परीक्षा प्रणाली की तैयारी और पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। NTA की सफाई: “तकनीकी खराबी की वजह से हुई गलती” NTA की ओर से कहा गया है कि यह समस्या system glitch और technical error के कारण हुई है। एजेंसी का दावा है कि: NEET Re-Exam से पहले पूरे देश में मॉक ड्रिल NEET री-एग्जाम 2026 से पहले आज पूरे देश में mocks drill / rehearsal आयोजित की गई। इसका उद्देश्य है: छात्रों और अभिभावकों में बढ़ी चिंता लगातार सामने आ रही इन गलतियों से छात्रों और उनके परिवारों में असमंजस की स्थिति बन गई है। लोगों का कहना है: कई छात्र यह भी कह रहे हैं कि इतनी बड़ी परीक्षा में ऐसी गलतियां “unacceptable” हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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JNCT

JNCT Bhopal में World Environment Day Celebration छात्रों ने वृक्षारोपण का संदेश

भोपाल स्थित Jai Narain College of Technology (JNCT) में World Environment Day के अवसर पर एक भावनात्मक और जागरूकता से भरपूर कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस मौके पर छात्रों ने न सिर्फ गतिविधियों में हिस्सा लिया, बल्कि प्रकृति को बचाने का मजबूत संदेश भी दिया। कैंपस में पूरे दिन “Go Green, Save Earth” का माहौल देखने को मिला, जहां हर गतिविधि में पर्यावरण संरक्षण की झलक साफ नजर आई। Tree Plantation Drive से हुई शुरुआत कार्यक्रम की शुरुआत वृक्षारोपण अभियान से हुई। छात्रों ने कॉलेज परिसर में पौधे लगाए और उन्हें सुरक्षित रखने का संकल्प लिया। कई छात्रों ने कहा कि “एक पौधा आज, एक बेहतर कल की नींव है।” Poster Making Competition में दिखी Creativity छात्रों ने पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। किसी ने प्लास्टिक प्रदूषण पर संदेश दिया तो किसी ने “Save Water, Save Life” जैसे विचारों को अपनी कला के जरिए पेश किया। पूरे हॉल में रंगों और विचारों का सुंदर संगम देखने को मिला। Speech & Debate से उठे गंभीर सवाल भाषण और वाद-विवाद प्रतियोगिता में छात्रों ने पर्यावरण संकट, ग्लोबल वॉर्मिंग और प्रदूषण जैसे मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी। शिक्षकों ने भी छात्रों को छोटे-छोटे कदमों से बड़ा बदलाव लाने की प्रेरणा दी। Quiz और Theme Activities ने बढ़ाई जागरूकता पर्यावरण आधारित क्विज प्रतियोगिता में छात्रों ने उत्साह से हिस्सा लिया। “Planet vs Plastic” और “Go Green, Breathe Green” जैसी थीम पर आधारित गतिविधियों ने सभी को सोचने पर मजबूर कर दिया कि प्रकृति को बचाना अब विकल्प नहीं, जरूरत है। NCC और Students Clubs की सक्रिय भागीदारी कार्यक्रम में NCC और विभिन्न छात्र क्लबों की भागीदारी भी सराहनीय रही। सभी ने मिलकर यह संदेश दिया कि अगर युवा ठान लें, तो पर्यावरण संरक्षण एक बड़ा आंदोलन बन सकता है। एक छोटा कदम, बड़ा बदलाव कार्यक्रम के अंत में सभी छात्रों और शिक्षकों ने मिलकर यह संकल्प लिया कि वे प्लास्टिक का कम उपयोग करेंगे, अधिक पेड़ लगाएंगे और पर्यावरण को स्वच्छ रखने में अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे। यह आयोजन सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि एक भावनात्मक याद दिलाने जैसा था कि धरती को बचाना हम सभी की जिम्मेदारी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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NEET

NEET RE-Exam 2026 Guidelines: ड्रेस कोड से लेकर एग्जाम हॉल तक पूरे नियम जानें

NEET री-एग्जाम को लेकर लाखों छात्रों के बीच तैयारी तेज है, लेकिन इसी बीच National Testing Agency (NTA) ने परीक्षा को लेकर सख्त गाइडलाइन जारी कर दी है। इसमें खासकर ड्रेस कोड और परीक्षा हॉल नियमों पर ज्यादा ध्यान दिया गया है, ताकि एग्जाम पूरी तरह पारदर्शी और नकल-रहित हो सके। छात्रों के लिए यह जरूरी है कि वे परीक्षा सेंटर जाने से पहले सभी नियम अच्छे से समझ लें, क्योंकि छोटी सी गलती भी एंट्री रोक सकती है। NEET Exam Dress Code 2026: क्या पहनना सही रहेगा? NTA ने साफ कहा है कि उम्मीदवारों को सिंपल और हल्के कपड़े पहनकर आना चाहिए: NEET Exam में क्या नहीं पहनना चाहिए? NTA ने कुछ चीजों पर सख्त रोक लगाई है: NEET Exam Hall Rules: क्या लेकर जा सकते हैं? परीक्षा हॉल में सिर्फ जरूरी चीजों की अनुमति है: परीक्षा केंद्र में क्या बिल्कुल मना है? छात्रों के लिए जरूरी सलाह (Important Tips) NEET जैसी बड़ी परीक्षा में छोटी तैयारी भी बड़ा फर्क डालती है:
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Ujjain

Ujjain में बनेगी Malakhamb Academy, 111 करोड़ के Project से खिलाड़ियों को मिलेंगी World-Class सुविधाएं

मध्यप्रदेश के मलखंब खिलाड़ियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। प्रदेश सरकार Ujjain में एक ऐसी Malakhamb और Gymnastics Academy विकसित करने की तैयारी में है, जहां खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण के साथ आधुनिक सुविधाएं भी मिलेंगी। खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग के प्रयासों से तैयार किए गए प्रस्ताव के मुताबिक, करीब 20 एकड़ जमीन पर इस अकादमी को विकसित किया जाएगा। अकादमी में खिलाड़ियों के लिए खेल अधोसंरचना, हॉस्टल, आधुनिक उपकरण, फिटनेस सेंटर, फिजियोथेरेपी और खेल विज्ञान से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है। इसका मकसद प्रदेश की युवा मलखंब प्रतिभाओं को कम उम्र से ही बेहतर ट्रेनिंग देकर उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए तैयार करना है। 111 करोड़ रुपये से ज्यादा का प्रस्ताव प्रस्तावित मलखंब एवं जिम्नास्टिक अकादमी के निर्माण पर करीब 86 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। वहीं वर्ष 2026-27 से 2028-29 तक अकादमी के संचालन के लिए लगभग 25.33 करोड़ रुपये का प्रावधान प्रस्तावित किया गया है। इस तरह निर्माण और संचालन को मिलाकर परियोजना की कुल प्रस्तावित लागत करीब 111.33 करोड़ रुपये बताई गई है। खिलाड़ियों को सिर्फ Training नहीं, पूरी सुविधा मिलेगी इस अकादमी की खास बात यह होगी कि खिलाड़ियों को केवल मलखंब की ट्रेनिंग तक सीमित सुविधाएं नहीं मिलेंगी। यहां हॉस्टल, आधुनिक खेल उपकरण, फिटनेस, फिजियोथेरेपी और Sports Science आधारित प्रशिक्षण की व्यवस्था भी प्रस्तावित है। सरकार का जोर ऐसे Training Environment पर है, जहां खिलाड़ियों की तकनीक के साथ उनकी फिटनेस और खेल प्रदर्शन पर भी लगातार काम किया जा सके। 70 खिलाड़ियों को मिलेगा मौका प्रस्ताव के अनुसार अकादमी में कुल 70 खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इनमें: शामिल होंगे। यानी कुल 50 खिलाड़ी बोर्डिंग और 20 खिलाड़ी डे-बोर्डिंग व्यवस्था में रहेंगे। खिलाड़ियों का चयन Talent Search के माध्यम से किए जाने का प्रस्ताव है। Academy शुरू होने से पहले उज्जैन में शुरू होगी Training स्थायी अकादमी की इमारत तैयार होने में समय लगने के दौरान भी खिलाड़ियों की ट्रेनिंग को रोका नहीं जाएगा। वर्ष 2026-27 और 2027-28 में अकादमी को राजमाता खेल परिसर, तानाखेड़ा, उज्जैन में डे-बोर्डिंग मॉडल पर संचालित करने का प्रस्ताव है। इस शुरुआती चरण में कुल 40 खिलाड़ियों को प्रवेश देने की योजना है। इनमें 30 बालक और 10 बालिकाएं शामिल होंगी। उज्जैन से बाहर के चयनित खिलाड़ियों के लिए विभाग की ओर से आवास की व्यवस्था करने का भी प्रस्ताव है। Expert Coaches के साथ Sports Science पर रहेगा फोकस नई अकादमी में खिलाड़ियों को आधुनिक और उच्च तकनीकी प्रशिक्षण देने की तैयारी है। इसके लिए उच्च तकनीकी सलाहकार और विशेषज्ञ प्रशिक्षकों की सेवाएं अनुबंध के आधार पर लेने का प्रावधान प्रस्तावित किया गया है। डे-बोर्डिंग व्यवस्था में खिलाड़ियों को प्रशिक्षकों के साथ फिजियोथेरेपिस्ट और मसाजर की सुविधा भी उपलब्ध कराने की योजना है। इसमें एक महिला फिजियोथेरेपिस्ट और दो मसाजर—एक महिला तथा एक पुरुष—का प्रावधान प्रस्तावित है। मंत्री विश्वास सारंग बोले- प्रतिभाओं को मिलेगा बड़ा मंच खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग के मुताबिक मध्यप्रदेश में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है। जरूरत सिर्फ इतनी है कि इन खिलाड़ियों को सही समय पर आधुनिक सुविधाएं, विशेषज्ञ मार्गदर्शन और बेहतर अवसर मिलें। उन्होंने कहा कि मलखंब मध्यप्रदेश की गौरवशाली खेल परंपरा का हिस्सा है और प्रदेश के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा साबित की है। प्रस्तावित अकादमी के जरिए खिलाड़ियों को शुरुआती उम्र से वैज्ञानिक और तकनीकी प्रशिक्षण देने पर जोर रहेगा। मंत्री के अनुसार लक्ष्य यह है कि मध्यप्रदेश के खिलाड़ी राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी प्रदेश और देश का नाम रोशन करें। Khelo India में MP के Malakhamb खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन मलखंब अकादमी की जरूरत इसलिए भी महसूस की गई क्योंकि मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों ने हाल के वर्षों में राष्ट्रीय स्तर पर अच्छा प्रदर्शन किया है। Khelo India Youth Games 2025, बिहार में मध्यप्रदेश के मलखंब खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 10 पदक जीते। इनमें 7 Gold, 2 Silver और 1 Bronze Medal शामिल रहे। इस प्रदर्शन ने एक बार फिर दिखाया कि प्रदेश में मलखंब की प्रतिभाओं की मजबूत नींव मौजूद है। अब नई अकादमी के जरिए इन खिलाड़ियों को लगातार और बेहतर प्रशिक्षण देने की दिशा में काम किया जा रहा है। उज्जैन बन सकता है Malakhamb Talent Hub अकादमी के संचालन और निगरानी की जिम्मेदारी जिला खेल एवं युवा कल्याण अधिकारी, उज्जैन को देने का प्रस्ताव है। शुरुआत में विभाग में उपलब्ध स्टाफ के जरिए अकादमी की दैनिक गतिविधियां संचालित की जाएंगी। उज्जैन जिले के लिए कुल 12 पद स्वीकृत किए गए हैं। इनमें संभागीय खेल एवं युवा कल्याण अधिकारी, जिला खेल एवं युवा कल्याण अधिकारी, लेखापाल, सहायक ग्रेड-2, सहायक ग्रेड-3 और भृत्य के पद शामिल हैं। खिलाड़ियों के लिए नई उम्मीद उज्जैन में प्रस्तावित Malakhamb Academy सिर्फ एक नई खेल सुविधा नहीं, बल्कि प्रदेश की युवा प्रतिभाओं के लिए आगे बढ़ने का बड़ा रास्ता बन सकती है। अभी जहां खिलाड़ी अलग-अलग स्थानों पर प्रशिक्षण लेते हैं, वहीं भविष्य में उन्हें एक ही जगह पर ट्रेनिंग, फिटनेस, आवास और Sports Science जैसी सुविधाएं मिलने की उम्मीद है। अगर प्रस्तावित योजना अपने स्वरूप में आगे बढ़ती है, तो उज्जैन आने वाले समय में मध्यप्रदेश की मलखंब प्रतिभाओं की नई नर्सरी और प्रमुख Training Hub के रूप में अपनी पहचान बना सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
India-Belgium

India-Belgium Partnership: जोरावर Tank बना नई दोस्ती की पहचान, कई अहम MoU पर सहमति

India-Belgium के रिश्तों में गुरुवार को एक अहम पड़ाव जुड़ गया। बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर भारत दौरे पर पहुंचे, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक हुई। बातचीत के बाद दोनों देशों ने Defence, Clean Energy, Critical Minerals, Semiconductor, Maritime Cooperation और व्यापार जैसे कई क्षेत्रों में साझेदारी को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बैठक के बाद कहा कि भारत और बेल्जियम के संबंध अब केवल पारंपरिक व्यापार तक सीमित नहीं हैं। दोनों देश अब Defence और Clean Energy जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में भी तेजी से साथ आ रहे हैं। इसी दौरान पीएम मोदी ने जोरावर Tank का भी जिक्र किया। जोरावर Tank ने बढ़ाया Defence Cooperation भारत के लिए पहाड़ी और कठिन इलाकों में इस्तेमाल होने वाला हल्का जोरावर टैंक Defence Sector का अहम प्रोजेक्ट है। पीएम मोदी ने भारत-बेल्जियम सहयोग का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों देश आधुनिक रक्षा उपकरणों के क्षेत्र में साथ काम कर रहे हैं। दोनों देशों के बीच Military Exchanges और Training Cooperation बढ़ाने पर भी सहमति बनी है। इससे भारतीय और बेल्जियम की सेनाओं के बीच संपर्क और अनुभव साझा करने के अवसर बढ़ेंगे। हालांकि, जोरावर टैंक को लेकर इसे सीधे तौर पर कोई अलग Tank Purchase Deal कहना सही नहीं होगा। इस प्रोजेक्ट का उल्लेख दोनों देशों के बढ़ते Defence और Technology Cooperation के उदाहरण के तौर पर किया गया है। Clean Energy में भी नई Partnership Defence के साथ-साथ Green Energy भारत-बेल्जियम सहयोग का एक और बड़ा क्षेत्र बनकर सामने आया है। दोनों देशों ने Renewable Energy के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए समझौता किया है। पीएम मोदी ने आंध्र प्रदेश के काकीनाडा में विकसित हो रहे Green Ammonia Project का भी जिक्र किया। भारत की बढ़ती Clean Energy जरूरतों और बेल्जियम की तकनीकी क्षमता को देखते हुए यह Partnership आने वाले समय में काफी अहम हो सकती है। Critical Minerals और Semiconductor पर नजर आज की Technology Economy में Critical Minerals और Semiconductor की भूमिका लगातार बढ़ रही है। ऐसे में भारत और बेल्जियम ने इन क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ाने का फैसला किया है। दोनों देश Critical Minerals की Processing और Recycling में मिलकर काम करने की दिशा में आगे बढ़ेंगे। वहीं Semiconductor Sector में बेल्जियम की तकनीकी विशेषज्ञता और भारत के बड़े Manufacturing Ecosystem को जोड़ने पर जोर दिया गया है। खास तौर पर बेल्जियम के प्रसिद्ध Research Institute IMEC और भारत के Semiconductor Ecosystem के बीच सहयोग बढ़ाने की संभावना को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 5 साल में Double हो सकता है Bilateral Trade बैठक में आर्थिक रिश्तों को लेकर भी बड़ा लक्ष्य सामने आया। भारत और बेल्जियम अगले पांच वर्षों में Bilateral Trade को दोगुना करने की दिशा में काम करेंगे। भारत और बेल्जियम के बीच व्यापार में Diamond Industry की लंबे समय से बड़ी भूमिका रही है। बेल्जियम का एंटवर्प शहर दुनिया के प्रमुख Diamond Trading Hubs में शामिल है और यहां भारतीय कारोबारियों की भी मजबूत मौजूदगी है। अब दोनों देश इस पुराने व्यापारिक रिश्ते को Defence, Technology, Energy और Critical Minerals जैसे नए क्षेत्रों से जोड़ना चाहते हैं। Maritime और Startup Sector में भी बढ़ेगा सहयोग भारत और बेल्जियम के बीच सहयोग का दायरा केवल Defence और Trade तक नहीं रहेगा। दोनों देशों ने Maritime Sector में Capacity Building और Startups के बीच संपर्क बढ़ाने पर भी सहमति जताई है। इसके अलावा Cybercrime से मुकाबला, Diplomatic Training और अन्य क्षेत्रों में भी सहयोग को मजबूत करने के लिए समझौते किए गए हैं। दोनों देश Migration and Mobility Partnership Agreement को जल्द पूरा करने की दिशा में भी आगे बढ़ रहे हैं। इससे दोनों देशों के बीच छात्रों, Professionals और लोगों के आवागमन से जुड़े अवसरों को बढ़ावा मिल सकता है। Terrorism पर भारत-बेल्जियम का एक सुर बैठक में आतंकवाद और दुनिया में चल रहे विभिन्न संघर्षों पर भी चर्चा हुई। भारत और बेल्जियम ने आतंकवाद के सभी रूपों के खिलाफ अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। पीएम मोदी ने कहा कि दोनों देश Dialogue और Diplomacy के जरिए विवादों के शांतिपूर्ण समाधान में विश्वास रखते हैं। वैश्विक स्तर पर बढ़ती अस्थिरता के बीच भारत और बेल्जियम के बीच रणनीतिक सहयोग को और मजबूत करने पर जोर दिया गया। भारत-बेल्जियम रिश्तों की पुरानी कहानी पीएम मोदी ने दोनों देशों के ऐतिहासिक रिश्तों का भी जिक्र किया। प्रथम विश्व युद्ध के दौरान बेल्जियम में भारतीय सैनिकों के योगदान और बलिदान को याद करते हुए उन्होंने कहा कि भारत और बेल्जियम के संबंध काफी पुराने हैं। बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर की यह पहली आधिकारिक भारत यात्रा है। एंटवर्प के मेयर के तौर पर उनका भारत और भारतीय समुदाय से पहले भी संपर्क रहा है। अब Diamond Trade से आगे बढ़ रही दोस्ती भारत और बेल्जियम की दोस्ती की पहचान लंबे समय तक Diamond Trade से जुड़ी रही है। लेकिन बदलती दुनिया में दोनों देशों के रिश्ते अब एक बड़े दायरे में फैल रहे हैं। जोरावर Tank से Defence Cooperation, Green Energy से Critical Minerals और Semiconductor से Bilateral Trade तक, भारत और बेल्जियम कई नए क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। पीएम मोदी और बार्ट डी वेवर की बैठक को इसी बदलती Partnership की एक अहम कड़ी माना जा रहा है। आने वाले वर्षों में अगर इन समझौतों और सहयोग योजनाओं को जमीन पर तेजी से उतारा जाता है, तो भारत-बेल्जियम संबंध आर्थिक रिश्तों से आगे बढ़कर एक मजबूत Strategic Partnership का रूप ले सकते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Tibet

Nepal Flood के बीच बड़ा Earthquake: Tibet में 5.1 Magnitude के झटके, अब तक 1,273 लोगों की मौत

Nepal-Tibet Flood हिमालयी इलाके में पिछले एक हफ्ते से जारी तबाही के बीच गुरुवार को एक और झटका महसूस किया गया। चीन के तिब्बत (Tibet) क्षेत्र में 5.1 तीव्रता का भूकंप आया। भूकंप ऐसे वक्त आया है, जब नेपाल और तिब्बत में भीषण Flood और Landslide के बाद हजारों लोग लापता हैं और राहत-बचाव अभियान लगातार चल रहा है। 26 अगस्त को नेपाल-चीन सीमा के पास आई विनाशकारी बाढ़ ने देखते ही देखते कई इलाकों की तस्वीर बदल दी थी। घर, सड़कें, पुल और Hydropower Projects मलबे और पानी की चपेट में आ गए। अब तक इस आपदा में नेपाल और तिब्बत को मिलाकर 1,273 लोगों की मौत हो चुकी है। Tibet में 5.1 तीव्रता का Earthquake जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज (GFZ) के अनुसार गुरुवार को तिब्बत में 5.1 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। भूकंप करीब 10 किलोमीटर की गहराई पर आया और इसका क्षेत्र नेपाल तथा भारत की सीमाओं के आसपास बताया गया है। हालांकि शुरुआती रिपोर्टों में इस भूकंप से बड़े पैमाने पर नए नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन पहले से तबाह इलाके में इसके झटके ने लोगों और Rescue Teams की चिंता जरूर बढ़ा दी है। एक हफ्ते पहले आई बाढ़ ने मचाई थी भारी तबाही 26 अगस्त को Bhote Koshi River के आसपास अचानक आई बाढ़ ने नेपाल-चीन सीमा क्षेत्र में भारी तबाही मचाई। अधिकारियों और विशेषज्ञों के मुताबिक इस आपदा के पीछे ग्लेशियर और चट्टानों के खिसकने से पैदा हुआ भारी मलबा और पानी प्रमुख वजह रहा। बाढ़ का तेज बहाव अपने साथ मिट्टी, चट्टान और मलबा लेकर नीचे की ओर आया और रास्ते में आने वाले घरों, सड़कों और पुलों को तबाह करता चला गया। नेपाल के विदेश मंत्रालय ने इस घटना को बेहद असाधारण बताते हुए इसे ‘Himalayan Tsunami’ तक कहा है। तिब्बत की ओर Gyirong Port भी बुरी तरह प्रभावित हुआ था। संपर्क मार्गों को नुकसान पहुंचने से शुरुआती दौर में राहत सामग्री और भारी मशीनरी को प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचाना बड़ी चुनौती बन गया। Nepal-Tibet Disaster में 1,273 लोगों की मौत 3 सितंबर तक सामने आए आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार नेपाल में 1,252 लोगों की मौत हो चुकी है और कम से कम 4,216 लोग अब भी लापता हैं। वहीं चीन के तिब्बत क्षेत्र में 21 लोगों की मौत और 541 लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आई है। इस तरह दोनों क्षेत्रों में मृतकों की संख्या 1,273 हो गई है। नेपाल में सबसे ज्यादा मौतें चितवन, नवलपरासी पूर्व, नवलपरासी पश्चिम और नुवाकोट जैसे जिलों में दर्ज हुई हैं। कई शवों की पहचान अभी बाकी है, जिससे परिवारों की बेचैनी और बढ़ गई है। हजारों लोग अब भी Missing, Tunnel में फंसे लोगों की तलाश सबसे बड़ी चिंता उन लोगों को लेकर है, जिनका अभी तक कोई पता नहीं चल पाया है। नेपाल में हजारों लोगों के लापता होने के अलावा कई Hydropower Projects में काम करने वाले कर्मचारियों के भी फंसे होने की आशंका है। करीब 900 Hydropower workers के अब भी लापता होने की बात सामने आई है। कुछ लोगों के सुरंगों में फंसे होने की आशंका के चलते Rescue Teams भारी मशीनों और अन्य उपकरणों की मदद से मलबा हटाने में जुटी हैं। नेपाल सरकार के मुताबिक भारत, चीन और दक्षिण कोरिया की Tunnel Rescue Teams नेपाली सेना के साथ मिलकर अभियान चला रही हैं। ड्रोन, भारी मशीनरी और अन्य राहत उपकरणों की मदद भी ली जा रही है। हजारों घर हुए तबाह, सामने बड़ी Rebuilding Challenge बाढ़ ने सिर्फ लोगों की जान नहीं ली, बल्कि हजारों परिवारों से उनका घर और रोजी-रोटी भी छीन ली। Reuters की रिपोर्ट के मुताबिक नेपाल में करीब 7,500 घर पूरी तरह तबाह हो चुके हैं और लगभग 20,000 घरों को दोबारा बनाने की जरूरत पड़ सकती है। सड़क और पुल टूटने के कारण कई इलाकों में राहत पहुंचाना अभी भी मुश्किल है। कुछ जगहों पर लोगों को नदी पार करने के लिए अस्थायी साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है। Rescue Operation के बीच नया भूकंप चिंता की वजह राहत और बचाव दल पहले ही बारिश, मलबे, तेज बहाव और अस्थिर पहाड़ी ढलानों से जूझ रहे हैं। ऐसे में तिब्बत में आया नया भूकंप हालात को और संवेदनशील बना सकता है। फिलहाल अधिकारियों की प्राथमिकता लापता लोगों की तलाश और प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाना है। नेपाल सरकार के मुताबिक Search and Rescue Operation अभी भी पूरी क्षमता के साथ जारी है। हिमालयी क्षेत्र की इस त्रासदी ने एक बार फिर दिखाया है कि पहाड़ी इलाकों में प्राकृतिक आपदाएं कितनी तेजी से बड़े संकट में बदल सकती हैं। बाढ़ के बाद भूकंप के झटके ने प्रभावित लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं, लेकिन Rescue Teams अब भी मलबे के बीच जिंदगी की तलाश में जुटी हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

जन्माष्टमी और गोगा नवमी पर इंदौर में ट्रैफिक व्यवस्था बदली, राजबाड़ा जाने से पहले जान लें ये रूट

इंदौर। जन्माष्टमी और गोगा नवमी के दौरान राजबाड़ा और आसपास के इलाकों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए इंदौर यातायात पुलिस ने 4 और 5 सितंबर को विशेष ट्रैफिक व्यवस्था लागू की है। इस दौरान कई प्रमुख मार्गों पर वाहनों की आवाजाही और पार्किंग पर रोक रहेगी, जबकि कुछ रास्तों पर ट्रैफिक डायवर्ट किया जाएगा। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे भीड़भाड़ वाले इलाकों में वाहन लेकर जाने से बचें और निर्धारित पार्किंग स्थलों का ही इस्तेमाल करें। 4 सितंबर को मंदिरों में उमड़ेगी भीड़ जन्माष्टमी के मौके पर 4 सितंबर को राजबाड़ा क्षेत्र के बांके बिहारी मंदिर, गोपाल मंदिर और यशोदा माता मंदिर सहित अन्य धार्मिक स्थलों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इसके अलावा नरसिंह बाजार स्थित द्वारकाधीश मंदिर, गोराकुंड चौराहे के जानकीनाथ मंदिर और छीपाबाकल क्षेत्र में मटकी फोड़ प्रतियोगिताओं का आयोजन होगा। इन कार्यक्रमों में प्रतियोगियों और दर्शकों की भीड़ को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने विशेष इंतजाम किए हैं। 5 सितंबर को गोगा नवमी के चलते भी राजबाड़ा और आसपास के क्षेत्रों में यातायात का दबाव बढ़ सकता है। राजबाड़ा क्षेत्र में इन रास्तों पर रहेगा प्रतिबंध सिटी बसों के रूट में भी बदलाव मृगनयनी और फ्रूट मार्केट की ओर से राजबाड़ा आने वाली सिटी बसें शाम 5 बजे के बाद राजबाड़ा नहीं जा सकेंगी। इनका संचालन संजय सेतु की ओर से किया जाएगा। वहीं कलेक्ट्रेट और हरसिद्धि की ओर से आने वाली सिटी बसें हरसिद्धि मंदिर चौराहे से आगे राजबाड़ा की ओर नहीं जा सकेंगी। बड़ा गणपति से एमजी रोड होते हुए राजबाड़ा जाने वाले वाहन चालकों को सुभाष मार्ग का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है। एयरपोर्ट जाने वालों के लिए ये रास्ते रहेंगे बेहतर त्योहार के दौरान राजबाड़ा क्षेत्र में ट्रैफिक दबाव को देखते हुए एयरपोर्ट जाने वाले यात्री वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल कर सकते हैं। कलेक्ट्रेट- महूनाका-गंगवाल-एयरपोर्ट मार्ग के अलावा विजयनगर-सुपर कॉरिडोर-बिजासन मार्ग से भी एयरपोर्ट पहुंचा जा सकता है। इन रास्तों से भी कर सकते हैं आवाजाही नगर निगम की ओर से आने वाले वाहन चालक शिवालय-भागीरथपुरा टी-पोलो ग्राउंड होते हुए परिवर्तित मार्ग का उपयोग कर सकते हैं। नंदलालपुरा, गुरुद्वारा चौराहा और अन्य भीड़भाड़ वाले इलाकों में जाने से बचने की सलाह दी गई है। जरूरत के अनुसार ट्रैफिक को संजय सेतु-चंद्रभागा-हरसिद्धि-जेएनबी-महू नाका मार्ग से संचालित किया जा सकता है। व्यावसायिक वाहनों पर भी रहेगी रोक बाजारों में भीड़ और ट्रैफिक दबाव को देखते हुए दोपहर बाद से व्यावसायिक वाहन, सिटी बस और ऑटो रिक्शा राजबाड़ा से सुभाष चौक, सराफा और बर्तन बाजार की ओर नहीं जा सकेंगे। निर्धारित पार्किंग स्थल श्रद्धालुओं के लिए प्रमुख पार्किंग स्थल इस प्रकार हैं: आपातकालीन सेवाओं से जुड़े वाहनों पर यह प्रतिबंध लागू नहीं होगा। जरूरत के अनुसार बदले जा सकते हैं रूट यातायात पुलिस के मुताबिक भीड़ और ट्रैफिक की स्थिति को देखते हुए समय-समय पर व्यवस्था में बदलाव किया जा सकता है। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त डायवर्शन भी लागू किया जाएगा। यातायात पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे धार्मिक आयोजनों के दौरान अनावश्यक रूप से वाहन लेकर भीड़ वाले क्षेत्रों में न जाएं, निर्धारित पार्किंग का इस्तेमाल करें और ट्रैफिक व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करें।

बिलासपुर हिंसा मामले में फरार राम सिंह का वीडियो आया सामने, कहा- जल्द करूंगा सरेंडर

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में हुई हिंसा के मामले में पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। पुलिस दोनों पक्षों के आरोपियों की तलाश कर रही है और अब तक 20 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इसी बीच मामले में फरार आरोपी राम सिंह का सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आया है। वीडियो में राम सिंह ने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा है कि वह अपने धर्म के लिए लड़ने की वजह से आरोपी बनाया जा रहा है। उसने यह भी कहा कि वह जल्द ही पुलिस के सामने सरेंडर करेगा। साथ ही राम सिंह ने जेल में अपनी जान को खतरा होने की आशंका भी जताई है। राम सिंह ने वीडियो में पुलिस पर उसे टारगेट करने का आरोप लगाया है। हालांकि, उसके इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। दोनों पक्षों के 20 आरोपी गिरफ्तार पुलिस के मुताबिक, मामले में अब तक दोनों पक्षों के 20 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें सोहेल खान गुट के 17 और ठाकुर राम सिंह गुट के 3 आरोपी शामिल हैं। कुछ आरोपी अभी भी फरार हैं, जिनकी तलाश के लिए पुलिस की टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। यह पूरा मामला सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र का है। पुलिस CCTV फुटेज और सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो की भी जांच कर रही है, ताकि हिंसा, पथराव, मारपीट, तोड़फोड़ और भीड़ को उकसाने में शामिल लोगों की पहचान की जा सके। CCTV में कट्टा लहराते नजर आया सोहेल पुलिस ने हिंसा के मामले में गिरफ्तार आरोपी सोहेल खान समेत 6 आरोपियों का पैदल जुलूस निकाला था। इसी बीच सोहेल का एक CCTV फुटेज सामने आया है, जिसमें वह हाथ में हथियार लहराते हुए दिखाई दे रहा है। पुलिस का कहना है कि फुटेज में सोहेल द्वारा हवाई फायरिंग किए जाने की भी बात सामने आई है। इस वीडियो की जांच पुलिस द्वारा की जा रही है। सोहेल से एयर पिस्टल और देशी कट्टा बरामद गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने सोहेल खान, अब्दुल रज्जाक मकवाना, अरबाज खान, नुमान अली, शेख सुल्तान और मोहम्मद मुस्तकीन से पूछताछ की। पुलिस के अनुसार, सोहेल की निशानदेही पर उसके घर से एयर पिस्टल और देशी कट्टा बरामद किया गया है। पुलिस के मुताबिक, सोहेल के खिलाफ पहले से कई मामले दर्ज हैं। एसएसपी रजनेश सिंह ने बताया कि कोतवाली थाना क्षेत्र के निगरानी बदमाश सोहेल के खिलाफ 20 मामले दर्ज हैं। राम सिंह और उसके भाई के घर पुलिस की दबिश राम सिंह और उसके भाई की तलाश में पुलिस ने देर रात उनके घरों पर भी दबिश दी। हालांकि, पुलिस को दोनों जगहों से कोई सुराग नहीं मिला। पुलिस को आशंका है कि राम सिंह और उसके साथी बिलासपुर, रायपुर या आसपास के ग्रामीण इलाकों में छिपे हो सकते हैं। उनकी तलाश में पुलिस की टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर कार्रवाई कर रही हैं। अब राम सिंह के सोशल मीडिया वीडियो के बाद उसके सरेंडर करने की बात सामने आई है। पुलिस की नजर उसकी अगली गतिविधियों पर है और उसके ठिकाने की तलाश भी जारी है।

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