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CBSE

Cyber Attack से हिला CBSE Portal, फिर भी नहीं रुका सिस्टम — हजारों छात्रों ने किया आवेदन

CBSE (केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड) के रिवैल्यूएशन पोर्टल को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। बोर्ड ने बताया है कि हाल ही में पोर्टल पर साइबर हमलों की कई कोशिशें हुईं, लेकिन मजबूत सुरक्षा सिस्टम की वजह से कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ और पूरा प्लेटफॉर्म सामान्य रूप से चलता रहा। इस बीच छात्रों की तरफ से रिवैल्यूएशन प्रक्रिया को लेकर काफी एक्टिविटी देखने को मिली और अब तक हजारों आवेदन जमा हो चुके हैं। 16,000 से ज्यादा छात्रों ने किया आवेदन CBSE के अनुसार, अब तक 16,000+ छात्र अपने अंकों की वेरिफिकेशन और रिवैल्यूएशन के लिए आवेदन कर चुके हैं।पोर्टल पर भारी ट्रैफिक के बावजूद सिस्टम ने बिना रुके काम किया और आवेदन प्रक्रिया जारी रही। Cyber Attack की कोशिश क्या थी? बोर्ड के मुताबिक पोर्टल पर अचानक: लेकिन CBSE की सिक्योरिटी टीम ने समय रहते स्थिति को संभाल लिया। CBSE का आधिकारिक बयान CBSE ने साफ किया है कि: क्यों जरूरी है यह मामला? आज के समय में CBSE जैसे बड़े एजुकेशन सिस्टम पूरी तरह डिजिटल हो चुके हैं।ऐसे में लाखों छात्रों का डेटा और रिजल्ट सिस्टम पर निर्भर करता है। इस घटना ने एक बार फिर यह दिखाया है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर साइबर सिक्योरिटी कितनी जरूरी है, खासकर जब परीक्षा और रिजल्ट जैसे संवेदनशील डेटा शामिल हों। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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JEE Advanced

JEE Advanced 2026 Top 3: बिहार, दिल्ली और राजस्थान के छात्रों ने मारी बाज़ी

देश की सबसे कठिन इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा JEE Advanced 2026 के नतीजों ने एक बार फिर छात्रों की मेहनत और संघर्ष की कहानी सामने रख दी है। इस साल बिहार के Shubham ने ऑल इंडिया रैंक 1 हासिल कर टॉप किया है। वहीं दिल्ली के Kabir दूसरे स्थान पर रहे और राजस्थान के झुंझुनूं के Jatin ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। यह रिजल्ट सिर्फ रैंकिंग नहीं, बल्कि उन रातों की मेहनत, स्ट्रेस और लगातार पढ़ाई की कहानी भी है, जो इन छात्रों ने इस सफलता तक पहुंचने के लिए की। Bihar का Shubham बना JEE Advanced 2026 Topper (AIR 1) इस साल का सबसे बड़ा आकर्षण बिहार के शुभम रहे, जिन्होंने पूरे देश में पहला स्थान हासिल किया। उनकी सफलता ने एक बार फिर साबित किया कि सही दिशा और मेहनत से किसी भी राज्य का छात्र देश में टॉप कर सकता है। Delhi के Kabir ने हासिल किया Second Rank दिल्ली के कबीर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए AIR 2 हासिल किया। कठिन पेपर और हाई कॉम्पिटिशन के बावजूद उन्होंने लगातार फोकस और स्ट्रॉन्ग स्ट्रेटेजी के साथ यह उपलब्धि हासिल की। Jhunjhunu के Jatin ने किया Third Rank हासिल राजस्थान के झुंझुनूं के जतिन ने AIR 3 हासिल कर अपने शहर और राज्य का नाम रोशन किया। उनकी मेहनत और कंसिस्टेंसी ने उन्हें टॉप 3 में जगह दिलाई। Kota Coaching का फिर दिखा दबदबा इस साल के रिजल्ट में एक बार फिर राजस्थान का कोटा शहर चर्चा में रहा। टॉप-10 में शामिल 6 छात्रों ने अपनी तैयारी राजस्थान से की है। इससे यह साफ है कि कोटा अभी भी JEE और इंजीनियरिंग एंट्रेंस की तैयारी का सबसे बड़ा हब बना हुआ है। छोटे शहरों के छात्रों का बढ़ता कमाल इस बार के रिजल्ट ने यह भी दिखाया है कि अब सफलता सिर्फ बड़े महानगरों तक सीमित नहीं रही। छोटे शहरों के छात्र भी लगातार टॉप रैंक में जगह बना रहे हैं, जो देश के एजुकेशन सिस्टम में बड़ा बदलाव दर्शाता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Education Row: CBSE छात्रों से मिले Rahul Gandhi, OSM विवाद पर केंद्र सरकार को घेरा

Education Crisis: CBSE OSM विवाद के बीच छात्रों से मिले राहुल गांधी नई दिल्ली। CBSE की ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली को लेकर जारी विवाद अब राजनीतिक और शैक्षणिक दोनों स्तरों पर बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है। इसी बीच लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने उन छात्रों से मुलाकात की, जिन्होंने उत्तर पुस्तिकाओं में कथित गड़बड़ियों और मूल्यांकन संबंधी समस्याओं को लेकर आवाज उठाई थी। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर तंज कसते हुए कहा कि वे उन छात्रों से मिलने जा रहे हैं जिन्हें कुछ लोगों ने “एंटी-नेशनल”, “पाकिस्तानी” और “सोरोस एजेंट” तक कह दिया। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर 17 साल के छात्रों को इस तरह के राजनीतिक विशेषणों से क्यों जोड़ा जा रहा है। क्या है पूरा OSM विवाद? CBSE ने इस वर्ष उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम लागू किया था। कई छात्रों और अभिभावकों ने आरोप लगाया कि स्कैन की गई उत्तर पुस्तिकाओं में पेज गायब थे, कुछ उत्तर दिखाई नहीं दे रहे थे और मूल्यांकन पोर्टल में तकनीकी समस्याएं थीं। कांग्रेस और राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि OSM कॉन्ट्रैक्ट देने की प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती गई और पात्रता मानकों में बदलाव कर एक विशेष कंपनी को लाभ पहुंचाया गया। सरकार और CBSE का क्या कहना है? केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan ने माना कि OSM सिस्टम में कुछ तकनीकी समस्याएं सामने आई हैं और उन्हें दूर करने के लिए सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। वहीं CBSE ने राहुल गांधी के आरोपों को “भ्रामक” बताते हुए कहा कि कॉन्ट्रैक्ट पूरी सरकारी प्रक्रिया और General Financial Rules के तहत दिया गया था। बोर्ड के अनुसार सभी प्रक्रियाओं का पालन किया गया और किसी प्रकार की अनियमितता नहीं हुई। छात्रों के भविष्य पर बढ़ी चिंता इस पूरे विवाद के कारण लाखों छात्रों और उनके परिवारों में चिंता का माहौल है। विपक्ष लगातार स्वतंत्र जांच की मांग कर रहा है, जबकि सरकार और CBSE का दावा है कि सभी शिकायतों का समाधान किया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली को लागू करने से पहले व्यापक परीक्षण और तकनीकी तैयारी आवश्यक थी, ताकि छात्रों के परिणामों पर किसी भी तरह का प्रभाव न पड़े। Desh Harpal Analysis यह विवाद केवल एक परीक्षा परिणाम का मामला नहीं रह गया है, बल्कि शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता, तकनीकी विश्वसनीयता और छात्रों के अधिकारों से जुड़ा राष्ट्रीय मुद्दा बन चुका है। आने वाले दिनों में सरकार, CBSE और विपक्ष के बीच यह बहस और तेज हो सकती है।
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Re-NEET 2026 Exam: छात्रों को बड़ी राहत, 21 जून को DTC बसों में मिलेगा फ्री सफर

Re-NEET 2026 Exam: छात्रों को बड़ी राहत, 21 जून को DTC बसों में मिलेगा फ्री सफर

दिल्ली में Re-NEET 2026 परीक्षा देने जा रहे छात्रों के लिए अच्छी खबर है। परीक्षा के दिन यानी 21 जून को अभ्यर्थी दिल्ली परिवहन निगम (DTC) की बसों में मुफ्त यात्रा कर सकेंगे। इस फैसले का उद्देश्य छात्रों को परीक्षा केंद्र तक आसानी से पहुंचाने और उनकी यात्रा से जुड़ी परेशानियों को कम करना है। दिल्ली सरकार और परिवहन विभाग की ओर से यह सुविधा विशेष रूप से Re-NEET परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवारों के लिए दी गई है। छात्र अपने एडमिट कार्ड को दिखाकर DTC बसों में बिना टिकट सफर कर सकेंगे। छात्रों को मिलेगा सीधा फायदा परीक्षा के दिन कई छात्रों को लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। ऐसे में मुफ्त बस यात्रा की सुविधा से न केवल उनका खर्च बचेगा, बल्कि समय पर परीक्षा केंद्र पहुंचने में भी मदद मिलेगी। यह फैसला हजारों छात्रों और उनके परिवारों के लिए राहत भरा माना जा रहा है। एडमिट कार्ड होगा जरूरी DTC बसों में मुफ्त यात्रा का लाभ लेने के लिए छात्रों को अपना Re-NEET एडमिट कार्ड साथ रखना होगा। बस में यात्रा के दौरान जरूरत पड़ने पर इसे दिखाना होगा। परीक्षा को लेकर प्रशासन की तैयारी Re-NEET परीक्षा को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से आयोजित कराने के लिए प्रशासन ने विशेष इंतजाम किए हैं। परीक्षा केंद्रों के आसपास यातायात व्यवस्था, सुरक्षा और परिवहन सुविधाओं पर भी खास ध्यान दिया जा रहा है। छात्रों से अपील अधिकारियों ने छात्रों को सलाह दी है कि वे परीक्षा के दिन समय से पहले घर से निकलें और अपने जरूरी दस्तावेज साथ रखें। इससे किसी भी तरह की परेशानी से बचा जा सकेगा। Re-NEET परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए यह सुविधा निश्चित रूप से राहत देने वाली है और उन्हें परीक्षा पर बेहतर तरीके से ध्यान केंद्रित करने में मदद करेगी।
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प्रयागराज में SSC परीक्षा विवाद: सर्वर फेल होने पर छात्रों का हंगामा, हाईवे जाम और तोड़फोड़

prayagraj में SSC परीक्षा विवाद: सर्वर फेल होने पर छात्रों का हंगामा, हाईवे जाम और तोड़फोड़

prayagraj में SSC परीक्षा के दौरान सर्वर फेल होने की वजह से बड़ा हंगामा हो गया। परीक्षा केंद्रों पर अचानक तकनीकी समस्या आने से कई उम्मीदवार परीक्षा नहीं दे सके, जिससे छात्रों में गुस्सा फैल गया। कंप्यूटर और कुर्सियों में तोड़फोड़, हाईवे जाम गुस्साए छात्रों ने परीक्षा केंद्र पर कंप्यूटर, कुर्सियां और अन्य सामान में तोड़फोड़ कर दी।इसके बाद बड़ी संख्या में छात्र सड़कों पर उतर आए और हाईवे जाम कर दिया, जिससे यातायात भी प्रभावित हुआ। आज की परीक्षा रद्द स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने आज होने वाली परीक्षा को रद्द (cancel) करने का फैसला लिया है।अधिकारियों का कहना है कि परीक्षा प्रणाली में आई तकनीकी खराबी की जांच की जा रही है और जल्द ही नई तारीख घोषित की जाएगी। प्रशासन की कार्रवाई और स्थिति घटना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया।प्रशासन ने छात्रों से शांति बनाए रखने की अपील की है और कहा है कि समस्या का समाधान जल्द किया जाएगा।
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ईद के चलते MCU की परीक्षा तारीख बदली, अब 7 जून को होंगे एग्जाम

ईद के चलते MCU की परीक्षा तारीख बदली, अब 7 जून को होंगे एग्जाम

भोपाल स्थित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU) ने 28 मई को होने वाली परीक्षाओं को स्थगित कर दिया है। अब ये परीक्षाएं 7 जून 2026 को आयोजित की जाएंगी। यह फैसला ईद के त्योहार को देखते हुए लिया गया है, ताकि छात्रों को किसी तरह की असुविधा न हो। पुराने एडमिट कार्ड रहेंगे मान्य विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा में शामिल होने के लिए पुराने एडमिट कार्ड ही मान्य रहेंगे।छात्रों को नए एडमिट कार्ड जारी नहीं किए जाएंगे, जिससे उन्हें किसी तरह की अतिरिक्त परेशानी न हो। पीएचडी इंटरव्यू की तारीखों में भी बदलाव केवल परीक्षाएं ही नहीं, बल्कि पीएचडी इंटरव्यू की तारीखों में भी संशोधन किया गया है।नई तारीखों की जानकारी जल्द ही विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी की जाएगी।
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NEET-UG Paper Leak Case: CBI की बड़ी कार्रवाई, पुणे की लेक्चरर गिरफ्तार, फिजिक्स पेपर बांटने का आरोप

NEET-UG Paper Leak Case: CBI की बड़ी कार्रवाई, पुणे की लेक्चरर गिरफ्तार, फिजिक्स पेपर बांटने का आरोप

NEET-UG Paper Leak मामले में सीबीआई ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पुणे की एक लेक्चरर को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी का आरोप है कि लेक्चरर ने परीक्षा से पहले फिजिक्स के प्रश्नपत्र कुछ छात्रों तक पहुंचाए थे। इस गिरफ्तारी के बाद मामले में नए खुलासों की संभावना बढ़ गई है। सीबीआई पिछले कई महीनों से देशभर में फैले पेपर लीक नेटवर्क की जांच कर रही है। एजेंसी को शक है कि इस रैकेट में कई राज्यों के लोग और शिक्षा से जुड़े कुछ अन्य व्यक्ति भी शामिल हो सकते हैं। फिजिक्स पेपर लीक करने का आरोप जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी लेक्चरर ने कथित तौर पर छात्रों को फिजिक्स के प्रश्नपत्र उपलब्ध कराए थे। सीबीआई ने तकनीकी और डिजिटल सबूतों के आधार पर यह कार्रवाई की है। फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है। देशभर में फैला था नेटवर्क नीट-यूजी पेपर लीक मामला सामने आने के बाद कई राज्यों में जांच तेज कर दी गई थी। एजेंसियों को आशंका है कि पेपर लीक का नेटवर्क संगठित तरीके से काम कर रहा था। इससे पहले भी कई आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। छात्रों और अभिभावकों में नाराजगी पेपर लीक मामले ने लाखों छात्रों और उनके परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। अभिभावकों का कहना है कि ऐसी घटनाओं से मेहनत करने वाले छात्रों का भविष्य प्रभावित होता है। सोशल मीडिया पर भी मामले को लेकर लगातार प्रतिक्रिया सामने आ रही है।
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UPSC Exam Calendar 2027: यूपीएससी ने 27 भर्तियों का परीक्षा कैलेंडर जारी किया

UPSC Exam Calendar 2027: यूपीएससी ने 27 भर्तियों का परीक्षा कैलेंडर जारी किया

संघ लोक सेवा आयोग यानी Union Public Service Commission (UPSC) ने साल 2027 के लिए अपना वार्षिक परीक्षा कैलेंडर जारी कर दिया है। इस कैलेंडर में सिविल सेवा परीक्षा (IAS), IPS, IFS, NDA, CDS समेत कुल 27 बड़ी भर्ती परीक्षाओं की तारीखों का ऐलान किया गया है। अब लाखों उम्मीदवार अपनी तैयारी को पहले से बेहतर तरीके से प्लान कर सकेंगे। यूपीएससी की ओर से जारी कैलेंडर के मुताबिक, सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा (CSE Prelims) 23 मई 2027 को आयोजित होगी। वहीं, सिविल सेवा मुख्य परीक्षा (Mains) 20 अगस्त 2027 से शुरू होगी और यह पांच दिनों तक चलेगी। इसके अलावा NDA, CDS, इंजीनियरिंग सर्विस, जियो-साइंटिस्ट और अन्य कई महत्वपूर्ण परीक्षाओं की तारीखें भी जारी कर दी गई हैं। आयोग ने साफ किया है कि परिस्थितियों के अनुसार परीक्षा तिथियों में बदलाव भी किया जा सकता है। UPSC 2027 की प्रमुख परीक्षाओं की तारीखें उम्मीदवारों के लिए क्यों जरूरी है यह कैलेंडर? हर साल लाखों युवा यूपीएससी की तैयारी करते हैं। ऐसे में परीक्षा कैलेंडर जारी होने से उम्मीदवारों को अपनी पढ़ाई, टेस्ट सीरीज और रिवीजन की रणनीति बनाने में काफी मदद मिलती है। खासकर वे छात्र जो पहली बार UPSC की तैयारी शुरू कर रहे हैं, उनके लिए यह शेड्यूल बेहद उपयोगी माना जा रहा है। ऐसे डाउनलोड करें UPSC Exam Calendar 2027 उम्मीदवार यूपीएससी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर पूरा परीक्षा कैलेंडर डाउनलोड कर सकते हैं। UPSC Official Website UPSC Exam Calendar Page अधिक जानकारी और शिक्षा जगत की बड़ी खबरों के लिए पढ़ते रहें Deshharpal News Portal हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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CBSE 12वीं स्कैन आंसर शीट डाउनलोड की तारीख बढ़ी, अब 23 मई तक आवेदन का मौका

CBSE 12वीं स्कैन आंसर शीट डाउनलोड की तारीख बढ़ी, अब 23 मई तक आवेदन का मौका

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानी Central Board of Secondary Education (CBSE) ने 12वीं के छात्रों को बड़ी राहत दी है। बोर्ड ने स्कैन कॉपी (स्कैन आंसर शीट) डाउनलोड करने की अंतिम तारीख बढ़ा दी है। अब छात्र 23 मई तक आवेदन कर सकेंगे। पहले इसकी आखिरी तारीख 21 मई तय की गई थी। CBSE की ओर से यह फैसला छात्रों और अभिभावकों की मांग को देखते हुए लिया गया है, ताकि ज्यादा से ज्यादा विद्यार्थी अपनी उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन कॉपी प्राप्त कर सकें। कई छात्रों को तकनीकी दिक्कतों और समय की कमी के कारण आवेदन करने में परेशानी हो रही थी। बोर्ड के अनुसार, जो छात्र अपने परीक्षा परिणाम से संतुष्ट नहीं हैं या अपने दिए गए उत्तरों को दोबारा जांचना चाहते हैं, वे स्कैन आंसर शीट डाउनलोड कर सकते हैं। इससे छात्रों को यह समझने में मदद मिलेगी कि उनकी कॉपी में किस तरह मूल्यांकन किया गया है। CBSE ने छात्रों से अपील की है कि वे अंतिम तारीख का इंतजार न करें और समय रहते आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें। आवेदन ऑनलाइन माध्यम से किया जा सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि स्कैन कॉपी देखने से छात्रों को अपनी गलतियों का पता चलता है और आगे की पढ़ाई में सुधार करने में मदद मिलती है। वहीं, कई अभिभावकों ने बोर्ड के इस फैसले को छात्रों के हित में बताया है। शिक्षा से जुड़ी हर बड़ी अपडेट और खबर के लिए पढ़ते रहें Deshharpal News Portal हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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UP 69000 Teacher Recruitment Protest: कीड़ों की तरह रेंगकर पहुंचे अभ्यर्थी, आरक्षण विवाद पर अनोखा प्रदर्शन

UP 69000 Teacher Recruitment Protest: कीड़ों की तरह रेंगकर पहुंचे अभ्यर्थी, आरक्षण विवाद पर अनोखा प्रदर्शन

उत्तर प्रदेश में 69000 शिक्षक भर्ती मामले को लेकर अभ्यर्थियों का विरोध प्रदर्शन लगातार तेज होता जा रहा है। आरक्षण गड़बड़ी और भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के आरोपों के बीच बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने राजधानी लखनऊ में अनोखे तरीके से प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी अभ्यर्थी सड़क पर कीड़ों की तरह रेंगते हुए शिक्षा मंत्री के आवास तक पहुंचे। उनका कहना है कि लंबे समय से न्याय की मांग करने के बावजूद उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, जिसके कारण उन्हें इस तरह विरोध जताने के लिए मजबूर होना पड़ा। क्या है 69000 शिक्षक भर्ती विवाद? 69000 शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को लेकर लंबे समय से आरक्षण नियमों के पालन पर सवाल उठ रहे हैं। अभ्यर्थियों का आरोप है कि चयन प्रक्रिया में आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों के साथ गलत तरीके से सीटों का वितरण किया गया, जिससे हजारों अभ्यर्थियों को नुकसान हुआ। इस मुद्दे पर पहले भी कई बार प्रदर्शन और अदालत में सुनवाई हो चुकी है। अभ्यर्थियों ने लगाए गंभीर आरोप प्रदर्शन कर रहे उम्मीदवारों का कहना है कि सरकार और विभाग लगातार उनकी मांगों को नजरअंदाज कर रहे हैं। कई अभ्यर्थियों ने दावा किया कि भर्ती में आरक्षण नियमों का सही तरीके से पालन नहीं हुआ। उनकी मांग है कि पूरी भर्ती प्रक्रिया की दोबारा समीक्षा की जाए और प्रभावित अभ्यर्थियों को न्याय मिले। पुलिस और प्रशासन रहा अलर्ट प्रदर्शन को देखते हुए शिक्षा मंत्री आवास के आसपास भारी पुलिस बल तैनात किया गया। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग भी की गई। हालांकि प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहा। सोशल मीडिया पर वायरल हुआ प्रदर्शन अभ्यर्थियों के इस अनोखे प्रदर्शन के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। कई लोगों ने प्रदर्शनकारियों के धैर्य और संघर्ष की चर्चा की, जबकि कुछ ने सरकार से जल्द समाधान निकालने की मांग की। मामला फिर गरमाया 69000 शिक्षक भर्ती विवाद पहले भी राजनीतिक मुद्दा बन चुका है। अब एक बार फिर यह मामला चर्चा में है और आने वाले दिनों में इस पर राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो सकती है।
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Nepal

Nepal Flood: दार्चुला में Landslide का खतरा बढ़ा, Trishuli से भारतीय परिवार का Rescue; हजारों Missing

नेपाल (Nepal) में बाढ़ और भूस्खलन से मची तबाही के बाद हालात अभी भी सामान्य नहीं हुए हैं। नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में आई भीषण बाढ़ ने कई इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया। नदियों का जलस्तर बढ़ने, मलबा आने और पहाड़ी इलाकों में Landslide के खतरे ने राहत और बचाव अभियान को और मुश्किल बना दिया है। सबसे चिंता की बात यह है कि हादसे के कई दिन बाद भी हजारों लोगों का पता नहीं चल पाया है। हालांकि, इसी बीच Trishuli क्षेत्र से दो लोगों को नौ दिन बाद जिंदा निकालना राहत और उम्मीद की बड़ी खबर बनकर सामने आया है। दार्चुला में Landslide का खतरा, निचले इलाकों पर नजर नेपाल के पहाड़ी इलाकों में लगातार भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। दार्चुला समेत संवेदनशील क्षेत्रों में प्रशासन की ओर से निचले इलाकों को लेकर सतर्कता बरती जा रही है। पहाड़ों से मलबा आने और नदियों में अचानक पानी बढ़ने की आशंका के बीच लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। बाढ़ से कई सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिससे प्रभावित क्षेत्रों तक राहत पहुंचाना भी चुनौती बना हुआ है। Trishuli से भारतीय नागरिकों का Rescue इस बीच त्रिशूली इलाके से तीन भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाले जाने की खबर सामने आई है। इनमें एक परिवार शामिल है। भारतीय अधिकारियों के मुताबिक, रेस्क्यू किए गए लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया और उनके भारत लौटने की प्रक्रिया में मदद की जा रही है। भारत सरकार नेपाल में फंसे अपने नागरिकों को निकालने के लिए लगातार नेपाली प्रशासन के संपर्क में है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, अब तक 166 भारतीय नागरिकों को Rescue किया गया है, जबकि 275 भारतीयों के लापता होने की जानकारी दी गई है। भारत ने राहत अभियान के लिए करीब 95 टन राहत सामग्री भी भेजी है। 9 दिन बाद Trishuli Tunnel से जिंदा निकले 2 मजदूर नेपाल में चल रहे Rescue Operation की सबसे बड़ी खबर Trishuli-3A Hydropower Project से आई। यहां सुरंग में फंसे संजय साह और कबीर महारजन को करीब नौ दिन बाद सुरक्षित बाहर निकाला गया। दोनों को सुरंग के अंदर काफी गहराई से निकाला गया। बचाव दल ने पहले अंदर से आवाजें सुनीं और फिर संपर्क स्थापित होने के बाद ऑपरेशन तेज किया। आखिरकार दोनों को बाहर निकाल लिया गया। इस घटना ने उन परिवारों में भी उम्मीद जगाई है जिनके अपने लोग अभी तक लापता हैं। राहत दल अब अन्य संभावित Survivors तक पहुंचने की कोशिश में जुटे हैं। 1300 के करीब मौतें, 5 हजार से ज्यादा लोग Missing इस प्राकृतिक आपदा का असर कितना बड़ा है, इसका अंदाजा मृतकों और लापता लोगों की संख्या से लगाया जा सकता है। नेपाल की आपदा प्रबंधन एजेंसी के आंकड़ों के अनुसार 1,294 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी थी और 5,053 लोग अब भी लापता बताए गए हैं। अलग-अलग रिपोर्टों में आंकड़ों में बदलाव देखने को मिल रहा है। कई इलाकों में घरों, सड़कों, पुलों और Hydropower Projects को भारी नुकसान पहुंचा है। बड़ी संख्या में लोग विस्थापित हुए हैं और राहत शिविरों में रह रहे हैं। Rescue Operation अभी भी जारी Trishuli Tunnel से दो लोगों को जिंदा निकाले जाने के बाद Rescue Teams का हौसला बढ़ा है। नेपाल सेना, पुलिस और तकनीकी विशेषज्ञ लगातार प्रभावित इलाकों में Search Operation चला रहे हैं। Hydropower Projects के आसपास अभी भी बड़ी संख्या में लोगों के फंसे होने की आशंका है। मलबा, पानी और क्षतिग्रस्त सुरंगें बचाव अभियान में सबसे बड़ी बाधा बनी हुई हैं। इसके बावजूद टीमें लगातार नए रास्ते तलाश रही हैं। भारत ने नेपाल की मदद बढ़ाई नेपाल की इस मुश्किल घड़ी में भारत ने भी राहत और बचाव अभियान में सहयोग बढ़ाया है। भारतीय विशेषज्ञों और राहत सामग्री को नेपाल भेजा गया है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, भारत की टीमें Rescue, Medical और अन्य जरूरी सेवाओं में सहायता कर रही हैं। फिलहाल नेपाल के सामने सबसे बड़ी चुनौती लापता लोगों की तलाश, प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाना और पहाड़ी इलाकों में नए Landslide और Flood के खतरे से निपटना है। Trishuli Tunnel से नौ दिन बाद दो लोगों का जिंदा निकलना इस त्रासदी के बीच उम्मीद की एक किरण जरूर लेकर आया है। अब Rescue Teams की कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
PM Modi

Teachers Day 2026: PM Modi ने Award-Winning Teachers से की बात, Public Speaking पर भी हुई चर्चा

शिक्षक सिर्फ किताबों का ज्ञान नहीं देते, बल्कि बच्चों के अंदर आत्मविश्वास और बेहतर सोच भी पैदा करते हैं। Teachers’ Day से पहले PM Modi ने National Teachers’ Award 2026 के लिए चुने गए शिक्षकों और educators से मुलाकात की। इस दौरान पढ़ाई के तरीकों से लेकर बच्चों की बदलती आदतों तक कई मुद्दों पर बातचीत हुई। मुलाकात के दौरान माहौल काफी सहज नजर आया। प्रधानमंत्री मोदी ने शिक्षकों से उनके अनुभव जानने के साथ यह भी समझने की कोशिश की कि वे बच्चों को पढ़ाई से जोड़ने के लिए किस तरह के नए तरीके अपना रहे हैं। PM Modi ने पूछा- Public से कैसे करें बात? बातचीत के दौरान Public Speaking और लोगों के सामने अपनी बात रखने का मुद्दा भी सामने आया। प्रधानमंत्री मोदी ने इस बारे में सवाल किया तो एक महिला Teacher ने सीधा जवाब दिया कि लोगों के सामने प्रभावी तरीके से बात करने के लिए सबसे जरूरी चीज Confidence यानी आत्मविश्वास है। उनकी यह बात छोटी जरूर थी, लेकिन Public Speaking को लेकर एक बड़ा संदेश देती है। किसी भी मंच पर अपनी बात रखने के लिए केवल जानकारी होना ही काफी नहीं है, बल्कि उसे भरोसे और स्पष्टता के साथ सामने रखना भी जरूरी है। Teachers ने PM Modi को बताए अपने Innovative Ideas प्रधानमंत्री मोदी ने Award-winning Teachers से उनके Teaching Experience और Classroom में अपनाए जा रहे नए प्रयोगों के बारे में भी जाना। शिक्षकों ने बताया कि वे बच्चों के लिए पढ़ाई को आसान और दिलचस्प बनाने के लिए अलग-अलग तरीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं। आज के समय में सिर्फ किताब और ब्लैकबोर्ड तक सीमित पढ़ाई बच्चों को हमेशा आकर्षित नहीं करती। ऐसे में कई शिक्षक Technology, Practical Activities और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े उदाहरणों की मदद से विषयों को समझाने की कोशिश कर रहे हैं। बच्चों में Screen Addiction को लेकर भी चर्चा PM Modi ने बच्चों में बढ़ते Screen Time और Digital Addiction को लेकर भी शिक्षकों से चर्चा की। उन्होंने बच्चों को खेल, Physical Activities और रचनात्मक कामों से जोड़ने की जरूरत पर जोर दिया। साथ ही युवा छात्रों में नशे की समस्या को लेकर शिक्षकों को सतर्क रहने की बात भी कही गई। प्रधानमंत्री ने शिक्षकों की भूमिका को केवल Classroom तक सीमित नहीं माना। बच्चों के व्यवहार, उनकी आदतों और मानसिक-सामाजिक विकास में भी शिक्षक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। 5 सितंबर को 48 Teachers को National Award Teachers’ Day के मौके पर 5 सितंबर 2026 को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 48 स्कूल शिक्षकों को National Teachers’ Awards प्रदान करेंगी। इन शिक्षकों का चयन देशभर से एक निर्धारित और पारदर्शी प्रक्रिया के जरिए किया गया है। National Teachers’ Awards का मकसद ऐसे शिक्षकों को पहचान और सम्मान देना है, जिन्होंने पढ़ाई को बेहतर बनाने के साथ विद्यार्थियों पर सकारात्मक प्रभाव डाला है। यह पुरस्कार हर साल Teachers’ Day पर शिक्षकों के योगदान को सम्मानित करने के लिए दिए जाते हैं। PM Modi की Teachers से मुलाकात का संदेश प्रधानमंत्री और शिक्षकों की इस मुलाकात में एक बात साफ तौर पर सामने आई—एक अच्छा Teacher सिर्फ पाठ नहीं पढ़ाता, बल्कि बच्चों को जीवन के लिए तैयार करता है। चाहे Public Speaking में Confidence की बात हो या Classroom में नए Teaching Methods अपनाने की, बदलते समय के साथ शिक्षकों की भूमिका भी लगातार व्यापक हो रही है। Teachers’ Day से पहले हुई यह मुलाकात इसी बदलाव और शिक्षकों के योगदान को रेखांकित करती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Ujjain

Ujjain में बनेगी Malakhamb Academy, 111 करोड़ के Project से खिलाड़ियों को मिलेंगी World-Class सुविधाएं

मध्यप्रदेश के मलखंब खिलाड़ियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। प्रदेश सरकार Ujjain में एक ऐसी Malakhamb और Gymnastics Academy विकसित करने की तैयारी में है, जहां खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण के साथ आधुनिक सुविधाएं भी मिलेंगी। खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग के प्रयासों से तैयार किए गए प्रस्ताव के मुताबिक, करीब 20 एकड़ जमीन पर इस अकादमी को विकसित किया जाएगा। अकादमी में खिलाड़ियों के लिए खेल अधोसंरचना, हॉस्टल, आधुनिक उपकरण, फिटनेस सेंटर, फिजियोथेरेपी और खेल विज्ञान से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है। इसका मकसद प्रदेश की युवा मलखंब प्रतिभाओं को कम उम्र से ही बेहतर ट्रेनिंग देकर उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए तैयार करना है। 111 करोड़ रुपये से ज्यादा का प्रस्ताव प्रस्तावित मलखंब एवं जिम्नास्टिक अकादमी के निर्माण पर करीब 86 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। वहीं वर्ष 2026-27 से 2028-29 तक अकादमी के संचालन के लिए लगभग 25.33 करोड़ रुपये का प्रावधान प्रस्तावित किया गया है। इस तरह निर्माण और संचालन को मिलाकर परियोजना की कुल प्रस्तावित लागत करीब 111.33 करोड़ रुपये बताई गई है। खिलाड़ियों को सिर्फ Training नहीं, पूरी सुविधा मिलेगी इस अकादमी की खास बात यह होगी कि खिलाड़ियों को केवल मलखंब की ट्रेनिंग तक सीमित सुविधाएं नहीं मिलेंगी। यहां हॉस्टल, आधुनिक खेल उपकरण, फिटनेस, फिजियोथेरेपी और Sports Science आधारित प्रशिक्षण की व्यवस्था भी प्रस्तावित है। सरकार का जोर ऐसे Training Environment पर है, जहां खिलाड़ियों की तकनीक के साथ उनकी फिटनेस और खेल प्रदर्शन पर भी लगातार काम किया जा सके। 70 खिलाड़ियों को मिलेगा मौका प्रस्ताव के अनुसार अकादमी में कुल 70 खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इनमें: शामिल होंगे। यानी कुल 50 खिलाड़ी बोर्डिंग और 20 खिलाड़ी डे-बोर्डिंग व्यवस्था में रहेंगे। खिलाड़ियों का चयन Talent Search के माध्यम से किए जाने का प्रस्ताव है। Academy शुरू होने से पहले उज्जैन में शुरू होगी Training स्थायी अकादमी की इमारत तैयार होने में समय लगने के दौरान भी खिलाड़ियों की ट्रेनिंग को रोका नहीं जाएगा। वर्ष 2026-27 और 2027-28 में अकादमी को राजमाता खेल परिसर, तानाखेड़ा, उज्जैन में डे-बोर्डिंग मॉडल पर संचालित करने का प्रस्ताव है। इस शुरुआती चरण में कुल 40 खिलाड़ियों को प्रवेश देने की योजना है। इनमें 30 बालक और 10 बालिकाएं शामिल होंगी। उज्जैन से बाहर के चयनित खिलाड़ियों के लिए विभाग की ओर से आवास की व्यवस्था करने का भी प्रस्ताव है। Expert Coaches के साथ Sports Science पर रहेगा फोकस नई अकादमी में खिलाड़ियों को आधुनिक और उच्च तकनीकी प्रशिक्षण देने की तैयारी है। इसके लिए उच्च तकनीकी सलाहकार और विशेषज्ञ प्रशिक्षकों की सेवाएं अनुबंध के आधार पर लेने का प्रावधान प्रस्तावित किया गया है। डे-बोर्डिंग व्यवस्था में खिलाड़ियों को प्रशिक्षकों के साथ फिजियोथेरेपिस्ट और मसाजर की सुविधा भी उपलब्ध कराने की योजना है। इसमें एक महिला फिजियोथेरेपिस्ट और दो मसाजर—एक महिला तथा एक पुरुष—का प्रावधान प्रस्तावित है। मंत्री विश्वास सारंग बोले- प्रतिभाओं को मिलेगा बड़ा मंच खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग के मुताबिक मध्यप्रदेश में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है। जरूरत सिर्फ इतनी है कि इन खिलाड़ियों को सही समय पर आधुनिक सुविधाएं, विशेषज्ञ मार्गदर्शन और बेहतर अवसर मिलें। उन्होंने कहा कि मलखंब मध्यप्रदेश की गौरवशाली खेल परंपरा का हिस्सा है और प्रदेश के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा साबित की है। प्रस्तावित अकादमी के जरिए खिलाड़ियों को शुरुआती उम्र से वैज्ञानिक और तकनीकी प्रशिक्षण देने पर जोर रहेगा। मंत्री के अनुसार लक्ष्य यह है कि मध्यप्रदेश के खिलाड़ी राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी प्रदेश और देश का नाम रोशन करें। Khelo India में MP के Malakhamb खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन मलखंब अकादमी की जरूरत इसलिए भी महसूस की गई क्योंकि मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों ने हाल के वर्षों में राष्ट्रीय स्तर पर अच्छा प्रदर्शन किया है। Khelo India Youth Games 2025, बिहार में मध्यप्रदेश के मलखंब खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 10 पदक जीते। इनमें 7 Gold, 2 Silver और 1 Bronze Medal शामिल रहे। इस प्रदर्शन ने एक बार फिर दिखाया कि प्रदेश में मलखंब की प्रतिभाओं की मजबूत नींव मौजूद है। अब नई अकादमी के जरिए इन खिलाड़ियों को लगातार और बेहतर प्रशिक्षण देने की दिशा में काम किया जा रहा है। उज्जैन बन सकता है Malakhamb Talent Hub अकादमी के संचालन और निगरानी की जिम्मेदारी जिला खेल एवं युवा कल्याण अधिकारी, उज्जैन को देने का प्रस्ताव है। शुरुआत में विभाग में उपलब्ध स्टाफ के जरिए अकादमी की दैनिक गतिविधियां संचालित की जाएंगी। उज्जैन जिले के लिए कुल 12 पद स्वीकृत किए गए हैं। इनमें संभागीय खेल एवं युवा कल्याण अधिकारी, जिला खेल एवं युवा कल्याण अधिकारी, लेखापाल, सहायक ग्रेड-2, सहायक ग्रेड-3 और भृत्य के पद शामिल हैं। खिलाड़ियों के लिए नई उम्मीद उज्जैन में प्रस्तावित Malakhamb Academy सिर्फ एक नई खेल सुविधा नहीं, बल्कि प्रदेश की युवा प्रतिभाओं के लिए आगे बढ़ने का बड़ा रास्ता बन सकती है। अभी जहां खिलाड़ी अलग-अलग स्थानों पर प्रशिक्षण लेते हैं, वहीं भविष्य में उन्हें एक ही जगह पर ट्रेनिंग, फिटनेस, आवास और Sports Science जैसी सुविधाएं मिलने की उम्मीद है। अगर प्रस्तावित योजना अपने स्वरूप में आगे बढ़ती है, तो उज्जैन आने वाले समय में मध्यप्रदेश की मलखंब प्रतिभाओं की नई नर्सरी और प्रमुख Training Hub के रूप में अपनी पहचान बना सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
India-Belgium

India-Belgium Partnership: जोरावर Tank बना नई दोस्ती की पहचान, कई अहम MoU पर सहमति

India-Belgium के रिश्तों में गुरुवार को एक अहम पड़ाव जुड़ गया। बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर भारत दौरे पर पहुंचे, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक हुई। बातचीत के बाद दोनों देशों ने Defence, Clean Energy, Critical Minerals, Semiconductor, Maritime Cooperation और व्यापार जैसे कई क्षेत्रों में साझेदारी को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बैठक के बाद कहा कि भारत और बेल्जियम के संबंध अब केवल पारंपरिक व्यापार तक सीमित नहीं हैं। दोनों देश अब Defence और Clean Energy जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में भी तेजी से साथ आ रहे हैं। इसी दौरान पीएम मोदी ने जोरावर Tank का भी जिक्र किया। जोरावर Tank ने बढ़ाया Defence Cooperation भारत के लिए पहाड़ी और कठिन इलाकों में इस्तेमाल होने वाला हल्का जोरावर टैंक Defence Sector का अहम प्रोजेक्ट है। पीएम मोदी ने भारत-बेल्जियम सहयोग का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों देश आधुनिक रक्षा उपकरणों के क्षेत्र में साथ काम कर रहे हैं। दोनों देशों के बीच Military Exchanges और Training Cooperation बढ़ाने पर भी सहमति बनी है। इससे भारतीय और बेल्जियम की सेनाओं के बीच संपर्क और अनुभव साझा करने के अवसर बढ़ेंगे। हालांकि, जोरावर टैंक को लेकर इसे सीधे तौर पर कोई अलग Tank Purchase Deal कहना सही नहीं होगा। इस प्रोजेक्ट का उल्लेख दोनों देशों के बढ़ते Defence और Technology Cooperation के उदाहरण के तौर पर किया गया है। Clean Energy में भी नई Partnership Defence के साथ-साथ Green Energy भारत-बेल्जियम सहयोग का एक और बड़ा क्षेत्र बनकर सामने आया है। दोनों देशों ने Renewable Energy के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए समझौता किया है। पीएम मोदी ने आंध्र प्रदेश के काकीनाडा में विकसित हो रहे Green Ammonia Project का भी जिक्र किया। भारत की बढ़ती Clean Energy जरूरतों और बेल्जियम की तकनीकी क्षमता को देखते हुए यह Partnership आने वाले समय में काफी अहम हो सकती है। Critical Minerals और Semiconductor पर नजर आज की Technology Economy में Critical Minerals और Semiconductor की भूमिका लगातार बढ़ रही है। ऐसे में भारत और बेल्जियम ने इन क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ाने का फैसला किया है। दोनों देश Critical Minerals की Processing और Recycling में मिलकर काम करने की दिशा में आगे बढ़ेंगे। वहीं Semiconductor Sector में बेल्जियम की तकनीकी विशेषज्ञता और भारत के बड़े Manufacturing Ecosystem को जोड़ने पर जोर दिया गया है। खास तौर पर बेल्जियम के प्रसिद्ध Research Institute IMEC और भारत के Semiconductor Ecosystem के बीच सहयोग बढ़ाने की संभावना को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 5 साल में Double हो सकता है Bilateral Trade बैठक में आर्थिक रिश्तों को लेकर भी बड़ा लक्ष्य सामने आया। भारत और बेल्जियम अगले पांच वर्षों में Bilateral Trade को दोगुना करने की दिशा में काम करेंगे। भारत और बेल्जियम के बीच व्यापार में Diamond Industry की लंबे समय से बड़ी भूमिका रही है। बेल्जियम का एंटवर्प शहर दुनिया के प्रमुख Diamond Trading Hubs में शामिल है और यहां भारतीय कारोबारियों की भी मजबूत मौजूदगी है। अब दोनों देश इस पुराने व्यापारिक रिश्ते को Defence, Technology, Energy और Critical Minerals जैसे नए क्षेत्रों से जोड़ना चाहते हैं। Maritime और Startup Sector में भी बढ़ेगा सहयोग भारत और बेल्जियम के बीच सहयोग का दायरा केवल Defence और Trade तक नहीं रहेगा। दोनों देशों ने Maritime Sector में Capacity Building और Startups के बीच संपर्क बढ़ाने पर भी सहमति जताई है। इसके अलावा Cybercrime से मुकाबला, Diplomatic Training और अन्य क्षेत्रों में भी सहयोग को मजबूत करने के लिए समझौते किए गए हैं। दोनों देश Migration and Mobility Partnership Agreement को जल्द पूरा करने की दिशा में भी आगे बढ़ रहे हैं। इससे दोनों देशों के बीच छात्रों, Professionals और लोगों के आवागमन से जुड़े अवसरों को बढ़ावा मिल सकता है। Terrorism पर भारत-बेल्जियम का एक सुर बैठक में आतंकवाद और दुनिया में चल रहे विभिन्न संघर्षों पर भी चर्चा हुई। भारत और बेल्जियम ने आतंकवाद के सभी रूपों के खिलाफ अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। पीएम मोदी ने कहा कि दोनों देश Dialogue और Diplomacy के जरिए विवादों के शांतिपूर्ण समाधान में विश्वास रखते हैं। वैश्विक स्तर पर बढ़ती अस्थिरता के बीच भारत और बेल्जियम के बीच रणनीतिक सहयोग को और मजबूत करने पर जोर दिया गया। भारत-बेल्जियम रिश्तों की पुरानी कहानी पीएम मोदी ने दोनों देशों के ऐतिहासिक रिश्तों का भी जिक्र किया। प्रथम विश्व युद्ध के दौरान बेल्जियम में भारतीय सैनिकों के योगदान और बलिदान को याद करते हुए उन्होंने कहा कि भारत और बेल्जियम के संबंध काफी पुराने हैं। बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर की यह पहली आधिकारिक भारत यात्रा है। एंटवर्प के मेयर के तौर पर उनका भारत और भारतीय समुदाय से पहले भी संपर्क रहा है। अब Diamond Trade से आगे बढ़ रही दोस्ती भारत और बेल्जियम की दोस्ती की पहचान लंबे समय तक Diamond Trade से जुड़ी रही है। लेकिन बदलती दुनिया में दोनों देशों के रिश्ते अब एक बड़े दायरे में फैल रहे हैं। जोरावर Tank से Defence Cooperation, Green Energy से Critical Minerals और Semiconductor से Bilateral Trade तक, भारत और बेल्जियम कई नए क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। पीएम मोदी और बार्ट डी वेवर की बैठक को इसी बदलती Partnership की एक अहम कड़ी माना जा रहा है। आने वाले वर्षों में अगर इन समझौतों और सहयोग योजनाओं को जमीन पर तेजी से उतारा जाता है, तो भारत-बेल्जियम संबंध आर्थिक रिश्तों से आगे बढ़कर एक मजबूत Strategic Partnership का रूप ले सकते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Tibet

Nepal Flood के बीच बड़ा Earthquake: Tibet में 5.1 Magnitude के झटके, अब तक 1,273 लोगों की मौत

Nepal-Tibet Flood हिमालयी इलाके में पिछले एक हफ्ते से जारी तबाही के बीच गुरुवार को एक और झटका महसूस किया गया। चीन के तिब्बत (Tibet) क्षेत्र में 5.1 तीव्रता का भूकंप आया। भूकंप ऐसे वक्त आया है, जब नेपाल और तिब्बत में भीषण Flood और Landslide के बाद हजारों लोग लापता हैं और राहत-बचाव अभियान लगातार चल रहा है। 26 अगस्त को नेपाल-चीन सीमा के पास आई विनाशकारी बाढ़ ने देखते ही देखते कई इलाकों की तस्वीर बदल दी थी। घर, सड़कें, पुल और Hydropower Projects मलबे और पानी की चपेट में आ गए। अब तक इस आपदा में नेपाल और तिब्बत को मिलाकर 1,273 लोगों की मौत हो चुकी है। Tibet में 5.1 तीव्रता का Earthquake जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज (GFZ) के अनुसार गुरुवार को तिब्बत में 5.1 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। भूकंप करीब 10 किलोमीटर की गहराई पर आया और इसका क्षेत्र नेपाल तथा भारत की सीमाओं के आसपास बताया गया है। हालांकि शुरुआती रिपोर्टों में इस भूकंप से बड़े पैमाने पर नए नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन पहले से तबाह इलाके में इसके झटके ने लोगों और Rescue Teams की चिंता जरूर बढ़ा दी है। एक हफ्ते पहले आई बाढ़ ने मचाई थी भारी तबाही 26 अगस्त को Bhote Koshi River के आसपास अचानक आई बाढ़ ने नेपाल-चीन सीमा क्षेत्र में भारी तबाही मचाई। अधिकारियों और विशेषज्ञों के मुताबिक इस आपदा के पीछे ग्लेशियर और चट्टानों के खिसकने से पैदा हुआ भारी मलबा और पानी प्रमुख वजह रहा। बाढ़ का तेज बहाव अपने साथ मिट्टी, चट्टान और मलबा लेकर नीचे की ओर आया और रास्ते में आने वाले घरों, सड़कों और पुलों को तबाह करता चला गया। नेपाल के विदेश मंत्रालय ने इस घटना को बेहद असाधारण बताते हुए इसे ‘Himalayan Tsunami’ तक कहा है। तिब्बत की ओर Gyirong Port भी बुरी तरह प्रभावित हुआ था। संपर्क मार्गों को नुकसान पहुंचने से शुरुआती दौर में राहत सामग्री और भारी मशीनरी को प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचाना बड़ी चुनौती बन गया। Nepal-Tibet Disaster में 1,273 लोगों की मौत 3 सितंबर तक सामने आए आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार नेपाल में 1,252 लोगों की मौत हो चुकी है और कम से कम 4,216 लोग अब भी लापता हैं। वहीं चीन के तिब्बत क्षेत्र में 21 लोगों की मौत और 541 लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आई है। इस तरह दोनों क्षेत्रों में मृतकों की संख्या 1,273 हो गई है। नेपाल में सबसे ज्यादा मौतें चितवन, नवलपरासी पूर्व, नवलपरासी पश्चिम और नुवाकोट जैसे जिलों में दर्ज हुई हैं। कई शवों की पहचान अभी बाकी है, जिससे परिवारों की बेचैनी और बढ़ गई है। हजारों लोग अब भी Missing, Tunnel में फंसे लोगों की तलाश सबसे बड़ी चिंता उन लोगों को लेकर है, जिनका अभी तक कोई पता नहीं चल पाया है। नेपाल में हजारों लोगों के लापता होने के अलावा कई Hydropower Projects में काम करने वाले कर्मचारियों के भी फंसे होने की आशंका है। करीब 900 Hydropower workers के अब भी लापता होने की बात सामने आई है। कुछ लोगों के सुरंगों में फंसे होने की आशंका के चलते Rescue Teams भारी मशीनों और अन्य उपकरणों की मदद से मलबा हटाने में जुटी हैं। नेपाल सरकार के मुताबिक भारत, चीन और दक्षिण कोरिया की Tunnel Rescue Teams नेपाली सेना के साथ मिलकर अभियान चला रही हैं। ड्रोन, भारी मशीनरी और अन्य राहत उपकरणों की मदद भी ली जा रही है। हजारों घर हुए तबाह, सामने बड़ी Rebuilding Challenge बाढ़ ने सिर्फ लोगों की जान नहीं ली, बल्कि हजारों परिवारों से उनका घर और रोजी-रोटी भी छीन ली। Reuters की रिपोर्ट के मुताबिक नेपाल में करीब 7,500 घर पूरी तरह तबाह हो चुके हैं और लगभग 20,000 घरों को दोबारा बनाने की जरूरत पड़ सकती है। सड़क और पुल टूटने के कारण कई इलाकों में राहत पहुंचाना अभी भी मुश्किल है। कुछ जगहों पर लोगों को नदी पार करने के लिए अस्थायी साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है। Rescue Operation के बीच नया भूकंप चिंता की वजह राहत और बचाव दल पहले ही बारिश, मलबे, तेज बहाव और अस्थिर पहाड़ी ढलानों से जूझ रहे हैं। ऐसे में तिब्बत में आया नया भूकंप हालात को और संवेदनशील बना सकता है। फिलहाल अधिकारियों की प्राथमिकता लापता लोगों की तलाश और प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाना है। नेपाल सरकार के मुताबिक Search and Rescue Operation अभी भी पूरी क्षमता के साथ जारी है। हिमालयी क्षेत्र की इस त्रासदी ने एक बार फिर दिखाया है कि पहाड़ी इलाकों में प्राकृतिक आपदाएं कितनी तेजी से बड़े संकट में बदल सकती हैं। बाढ़ के बाद भूकंप के झटके ने प्रभावित लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं, लेकिन Rescue Teams अब भी मलबे के बीच जिंदगी की तलाश में जुटी हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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