Breaking: बोर्ड एग्जाम खत्म होते ही कोटा में एडमिशन सीजन ने रफ्तार पकड़ ली है। देशभर से छात्रों की भीड़ उमड़ी, कोचिंग सिटी फिर हुई गुलजार।कोटा फिर गुलजार, एडमिशन सीजन में लौटी रौनक — छात्रों की बाढ़ से भरी ‘कोचिंग सिटी जैसे ही बोर्ड एग्जाम खत्म हुए, JEE और NEET की तैयारी करने वाले छात्रों का रुख कोटा की ओर मुड़ गया। बड़े-बड़े कोचिंग संस्थान जैसे ने नए बैच के लिए एडमिशन प्रोसेस तेज कर दी है। संस्थानों के बाहर लंबी कतारें, हॉस्टल्स में फुल बुकिंग, और PG रूम्स की डिमांड में जबरदस्त उछाल देखने को मिल रहा है। देशभर से उमड़ रहे छात्र उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड और यहां तक कि दक्षिण भारत से भी छात्र बड़ी संख्या में कोटा पहुंच रहे हैं।रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर भीड़ साफ संकेत दे रही है कि कोटा का “एजुकेशन माइग्रेशन” फिर से पीक पर है। स्थानीय इकोनॉमी को मिला बूस्ट छात्रों की बढ़ती संख्या का सीधा फायदा शहर की अर्थव्यवस्था को भी मिल रहा है। कोटा के व्यापारियों के लिए यह सीजन “कमाई का गोल्डन टाइम” माना जा रहा है। हालांकि रौनक के साथ कुछ चिंताएं भी सामने आईबढ़ता स्ट्रेस और कॉम्पिटिश,रहने की महंगी व्यवस्था ,छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य का मुद्दा ,पिछले वर्षों में कोटा में छात्रों के तनाव से जुड़े मामले सामने आने के बाद प्रशासन और कोचिंग संस्थान इस बार ज्यादा सतर्क नजर आ रहे हैं। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि कोटा अभी भी देश का सबसे बड़ा कॉम्पिटिटिव एग्जाम प्रिपरेशन हब बना हुआ है।हालांकि अब ऑनलाइन एजुकेशन के बढ़ते ट्रेंड के बावजूद, कोटा की ऑफलाइन कोचिंग कल्चर की पकड़ अभी भी मजबूत है। कोटा में एडमिशन सीजन की वापसी सिर्फ एक शैक्षणिक गतिविधि नहीं, बल्कि पूरे शहर की लाइफलाइन है।हर साल लाखों सपनों के साथ आने वाले छात्रों के लिए यह शहर उम्मीद, मेहनत और सफलता का प्रतीक बना हुआ है।
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