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NEET 2026 Controversy: ट्रांसलेशन प्रोसेस से लीक हुआ पेपर? कोर्ट में बड़ा दावा

देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2026 एक बार फिर विवादों के केंद्र में आ गई है। पेपर लीक मामले की जांच कर रही CBI ने कोर्ट में ऐसे खुलासे किए हैं, जिन्होंने छात्रों, अभिभावकों और शिक्षा व्यवस्था सभी को झकझोर दिया है। जांच एजेंसी का दावा है कि प्रश्नपत्र लीक होने के पीछे केवल बाहरी गैंग ही नहीं, बल्कि परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े कुछ अंदरूनी लोग भी शामिल हो सकते हैं। जांच के दौरान सबसे बड़ा शक उस टीम पर गया है, जो प्रश्नपत्र को अलग-अलग भाषाओं में ट्रांसलेट करने का काम कर रही थी। CBI का मानना है कि पेपर ट्रांसलेशन प्रक्रिया के दौरान ही गोपनीय जानकारी बाहर पहुंचाई गई और फिर इसे मोटी रकम लेकर छात्रों तक पहुंचाया गया। कोर्ट में CBI ने क्या बताया? दिल्ली की विशेष अदालत में सुनवाई के दौरान CBI ने कहा कि पेपर लीक का नेटवर्क कई राज्यों तक फैला हुआ था। जांच एजेंसी के अनुसार, कुछ आरोपियों ने मेडिकल सीट दिलाने और अच्छे नंबर लाने का लालच देकर छात्रों और उनके परिवारों से लाखों रुपये वसूले। CBI ने यह भी खुलासा किया कि परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र WhatsApp ग्रुप, निजी चैनलों और कोचिंग नेटवर्क के जरिए शेयर किया गया। जांच में सामने आया है कि कुछ लोगों ने 10 लाख से लेकर 25 लाख रुपये तक की डील की थी। Translation Team पर क्यों बढ़ा शक? सूत्रों के मुताबिक, पेपर को कई भाषाओं में तैयार और ट्रांसलेट किया जाता है। CBI को शक है कि इसी प्रक्रिया के दौरान किसी ने गोपनीय दस्तावेज की कॉपी बाहर निकाली। एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि पेपर सबसे पहले किस स्तर पर लीक हुआ और इसे किन-किन लोगों तक पहुंचाया गया। जांच में पुणे की एक बॉटनी टीचर का नाम भी सामने आया है, जो कथित तौर पर NTA से जुड़ी एक्सपर्ट टीम का हिस्सा थीं। CBI ने उन्हें गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू कर दी है। एजेंसी का दावा है कि इस मामले में कुछ और बड़े नाम भी सामने आ सकते हैं। कई राज्यों में CBI की रेड पेपर लीक मामले की जांच अब दिल्ली, बिहार, राजस्थान, महाराष्ट्र और हरियाणा तक पहुंच चुकी है। CBI ने कई शहरों में छापेमारी कर मोबाइल फोन, लैपटॉप, हार्ड डिस्क और अहम दस्तावेज जब्त किए हैं। जांच एजेंसी डिजिटल चैट, बैंक ट्रांजैक्शन और कॉल रिकॉर्ड्स खंगाल रही है। सूत्र बताते हैं कि कुछ आरोपी छात्रों को “पक्का पेपर” देने का दावा कर रहे थे। हालांकि कई छात्रों के कम नंबर आने के बाद यह भी सामने आया कि कुछ लोगों ने फर्जीवाड़ा कर अभिभावकों से पैसे ठगे। छात्रों और अभिभावकों में बढ़ी चिंता NEET जैसी बड़ी परीक्षा में पेपर लीक की खबर ने लाखों छात्रों की मेहनत पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कई छात्र संगठनों ने परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर विरोध जताया है। सोशल मीडिया पर भी NTA की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। कई अभिभावकों का कहना है कि बच्चे पूरे साल मेहनत करते हैं, लेकिन ऐसे मामलों से उनका भरोसा टूटता जा रहा है। छात्रों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और परीक्षा प्रणाली में बड़े सुधार की मांग की है। अभी और हो सकते हैं बड़े खुलासे CBI का कहना है कि जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में कई और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। एजेंसी अब इस बात की तह तक पहुंचने की कोशिश कर रही है कि पेपर लीक का मास्टरमाइंड कौन था और इस पूरे नेटवर्क में कितने लोग शामिल थे। NEET UG 2026 पेपर लीक मामला अब सिर्फ एक परीक्षा विवाद नहीं, बल्कि देश की शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता से जुड़ा बड़ा मुद्दा बन चुका है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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NEET

NEET Exam Paper Leak Case: प्रोफेसर और Coaching Network की मिलीभगत से हड़कंप

NEET पेपर लीक मामले की जांच अब और गहराती जा रही है। CBI की पूछताछ में ऐसे संकेत मिले हैं कि यह मामला सिर्फ किसी एक व्यक्ति या छोटे गिरोह तक सीमित नहीं था, बल्कि इसमें परीक्षा से जुड़े कुछ अंदरूनी लोग, प्रोफेसर और कोचिंग नेटवर्क की भूमिका भी सामने आ रही है। इस खुलासे ने पूरे सिस्टम की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कैसे शुरू हुआ NEET Paper Leak का पूरा मामला? जांच एजेंसियों के अनुसार, कुछ प्रोफेसरों ने अपने आधिकारिक एक्सेस और संपर्कों का गलत इस्तेमाल करते हुए परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र तक पहुंच बनाई। आरोप है कि इसके बाद पेपर को धीरे-धीरे एक नेटवर्क के जरिए आगे भेजा गया, जिसमें बिचौलिए और कोचिंग से जुड़े लोग भी शामिल थे। इस पूरे मामले ने यह शक और मजबूत कर दिया है कि पेपर लीक अचानक नहीं हुआ, बल्कि यह एक सुनियोजित (planned) तरीके से फैलाया गया नेटवर्क था। Coaching Network और “Secret Classes” का दावा CBI जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ कोचिंग सेंटरों में परीक्षा से पहले खास तरह की “सीक्रेट क्लासेस” चलाने के संकेत मिले हैं। इनमें छात्रों को ऐसे सवालों का अभ्यास कराया गया जो बाद में परीक्षा में पूछे गए। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही की जाएगी, लेकिन इस तरह के दावों ने छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। CBI पूछताछ में क्या-क्या सामने आया? CBI की जांच में अब तक ये प्रमुख बातें सामने आई हैं: Digital Evidence और Chat Records की जांच जारी जांच एजेंसी अब आरोपियों के मोबाइल फोन, चैट हिस्ट्री और बैंक ट्रांजैक्शन की गहराई से जांच कर रही है। माना जा रहा है कि डिजिटल सबूतों से पूरे नेटवर्क की असली कड़ियां जुड़ सकती हैं और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। क्यों गंभीर है यह NEET Paper Leak Case? NEET देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा है, जिसमें लाखों छात्र हर साल शामिल होते हैं। ऐसे में पेपर लीक जैसे मामलों का सामने आना न सिर्फ परीक्षा प्रणाली पर सवाल उठाता है, बल्कि छात्रों के मेहनत और भरोसे को भी झटका देता है। यह मामला सिर्फ एक परीक्षा विवाद नहीं बल्कि पूरे एजुकेशन सिस्टम की विश्वसनीयता से जुड़ा हुआ मुद्दा बन गया है। आगे क्या हो सकता है? CBI इस पूरे नेटवर्क की फंडिंग, कोचिंग सेंटर लिंक और अंदरूनी मिलीभगत की गहराई से जांच कर रही है। आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे और सख्त कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Pune Professor Arrested

Breaking News: NEET UG 2026 पेपर लीक का मास्टरमाइंड निकला पुणे का प्रोफेसर, CBI के खुलासे से मचा हड़कंप

CBI की जांच में NEET UG 2026 पेपर लीक मामले का बड़ा खुलासा हुआ है। पुणे के केमिस्ट्री प्रोफेसर पीवी कुलकर्णी को मास्टरमाइंड बताया गया है। जानिए कैसे लीक हुआ पेपर, कितने राज्यों तक फैला नेटवर्क और अब आगे क्या होगा। NEET UG 2026 Paper Leak: कैसे हुआ देश का सबसे बड़ा एग्जाम स्कैम? देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2026 अब केवल एक परीक्षा नहीं बल्कि देश के सबसे बड़े शिक्षा घोटालों में बदल चुकी है। लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़े इस मामले में अब CBI ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। जांच एजेंसी के अनुसार पुणे के प्रोफेसर पी. वी. कुलकर्णी इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड था, जिसने कथित तौर पर परीक्षा से पहले ही प्रश्नपत्र बाहर पहुंचा दिया। पॉइंट् वाइस समझें पूरा घटनाक्रम 3 मई 2026: परीक्षा और ‘गेस पेपर’ का खेल 3 मई 2026 को देशभर में NEET UG परीक्षा आयोजित हुई। परीक्षा से पहले ही एक कथित “गेस पेपर” व्हाट्सएप ग्रुप्स में वायरल होने लगा। बाद में इसकी फोटोकॉपी भी कई शहरों में बांटी गई। परीक्षा खत्म होते ही सीकर के कुछ छात्रों ने शिकायत की कि वायरल पेपर और असली प्रश्नपत्र में कई सवाल एक जैसे थे। 7 मई: NTA तक पहुंची गड़बड़ी की सूचना 7 मई को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी National Testing Agency को परीक्षा में गड़बड़ी की जानकारी मिली। मामला गंभीर होने पर 8 मई को इसे केंद्रीय एजेंसियों तक पहुंचाया गया। राजस्थान SOG की एंट्री मामले की जांच राजस्थान SOG को सौंपी गई। एडीजी विशाल बंसल के नेतृत्व में टीम ने कई राज्यों में छापेमारी शुरू की। शुरुआती जांच में यह साफ हुआ कि “गेस पेपर” वास्तव में लीक हुआ प्रश्नपत्र था, जिसे संगठित तरीके से फैलाया गया। कई संदिग्धों को हिरासत में लिया गया और मोबाइल चैट, दस्तावेज तथा बैंक ट्रांजैक्शन खंगाले गए। 12 मई: NTA ने परीक्षा रद्द की जांच में लीक के संकेत मजबूत होने के बाद NTA ने 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी। इसके बाद मामला औपचारिक रूप से Central Bureau of Investigation को सौंपा गया। CBI ने एफआईआर दर्ज कर देशभर में जांच शुरू की। 14 मई: गिरफ्तारी का सिलसिला शुरू CBI ने 14 मई को मनीषा वाघमारे और धनंजय लोखंडे को गिरफ्तार किया। इसके बाद जयपुर, गुरुग्राम और नासिक समेत कई शहरों से अन्य आरोपी पकड़े गए। देशभर में छापेमारी के दौरान मोबाइल फोन, लैपटॉप, हार्ड डिस्क और कई दस्तावेज जब्त किए गए। डिजिटल डिवाइस की जांच में कथित चैट, लीक प्रश्नपत्र और पैसों के लेनदेन के इलेक्ट्रॉनिक सबूत मिले हैं। अब इन उपकरणों की फॉरेंसिक जांच जारी है ताकि डिलीट किया गया डेटा भी निकाला जा सके। 16 मई: मास्टरमाइंड पी. वी. कुलकर्णी गिरफ्तार 16 मई को CBI ने पुणे के प्रोफेसर पी. वी. कुलकर्णी को गिरफ्तार कर लिया। जांच में सामने आया कि कुलकर्णी कई वर्षों से NEET प्रश्नपत्र तैयार करने वाले पैनलों से जुड़ा था। CBI के अनुसार अप्रैल 2026 के अंतिम सप्ताह में कुलकर्णी ने कथित तौर पर गोपनीय प्रश्न जुटाए और पुणे स्थित अपने घर पर स्पेशल कोचिंग क्लास आयोजित की। इन क्लासों में छात्रों को प्रश्न, विकल्प और उत्तर तक डिक्टेट किए गए। कैसे फैला पेपर? जांच एजेंसियों के अनुसार: इसके बाद पेपर की कॉपी एक चेन के जरिए आगे बढ़ाई गई: CBI के मुताबिक यश यादव ने कई छात्रों को जोड़कर पैसे वसूलने का नेटवर्क तैयार किया। 10 से 12 लाख में बिके प्रश्न! जांच में सामने आया कि मंगीलाल बीवाल नामक व्यक्ति ने अपने बेटे के लिए लीक प्रश्न खरीदने की डील की थी। यह सौदा 10 से 12 लाख रुपये में तय हुआ। बताया जा रहा है कि करीब 500-600 प्रश्न साझा किए गए ताकि छात्रों के अच्छे अंक सुनिश्चित किए जा सकें। मंगीलाल बीवाल ने यह प्रश्न अपने रिश्तेदारों तक भी पहुंचाए। डिजिटल सबूतों से खुल रहे राज CBI को मिले इलेक्ट्रॉनिक सबूत अब इस केस की सबसे बड़ी कड़ी बन चुके हैं। एजेंसी को मोबाइल चैट, पेमेंट रिकॉर्ड, प्रश्नपत्र की तस्वीरें और कई संदिग्ध फाइलें मिली हैं। फॉरेंसिक टीम अब डिलीट डेटा रिकवर कर रही है, जिससे आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे हो सकते हैं। छात्रों के भविष्य पर बड़ा सवाल करीब 23 लाख छात्रों ने इस साल NEET UG परीक्षा दी थी। अब पेपर लीक के बाद छात्रों और अभिभावकों में भारी नाराजगी है। सोशल मीडिया पर परीक्षा प्रणाली, कोचिंग माफिया और अंदरूनी मिलीभगत को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। सरकार अब परीक्षा प्रणाली में बड़े बदलाव की तैयारी में है और भविष्य में NEET को CBT यानी Computer Based Test मोड में कराने पर विचार किया जा रहा है
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NEET

NEET Exam Update: Offline से Online की तरफ बड़ा कदम

देश की मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET (National Eligibility cum Entrance Test) को लेकर बड़ा बदलाव सामने आने की तैयारी है। ताज़ा अपडेट के अनुसार, सरकार आने वाले समय में परीक्षा सिस्टम को पूरी तरह डिजिटल करने पर विचार कर रही है। यानी NEET Exam 2026 से Online CBT Mode में हो सकता है, जबकि इस साल परीक्षा पहले की तरह 21 जून को ऑफलाइन (Pen-Paper Mode) में ही आयोजित की जाएगी। क्या बदलने वाला है NEET Exam में? सूत्रों के मुताबिक, परीक्षा व्यवस्था को ज्यादा सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है: पेपर लीक विवाद के बाद सख्त कदम हाल के वर्षों में कुछ परीक्षा केंद्रों पर पेपर लीक और गड़बड़ियों के मामले सामने आए थे, जिसके बाद देशभर में छात्रों और अभिभावकों में चिंता बढ़ी थी। इन्हीं घटनाओं को देखते हुए: सरकार का मानना है कि ऑनलाइन परीक्षा से लीक और नकल जैसी समस्याओं पर काफी हद तक रोक लग सकती है। NEET Online Exam क्यों माना जा रहा है जरूरी? विशेषज्ञों के अनुसार अगर NEET को CBT मोड में लाया जाता है तो: छात्रों के लिए क्या बदलेगा? अगर NEET Exam पूरी तरह Online हो जाता है, तो छात्रों को: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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LN Ayurved महाविद्यालय की छात्रा Bharti Patidar को मिला मेधावी छात्र सम्मान, कॉलेज में खुशी का माहौल

LN Ayurveda महाविद्यालय की छात्रा Bharti Patidar को मिला मेधावी छात्र सम्मान, कॉलेज में खुशी का माहौल

Bhopal स्थित LN Ayurveda महाविद्यालय की छात्रा भारती पाटीदार को उनकी उत्कृष्ट शैक्षणिक उपलब्धि के लिए मेधावी छात्र सम्मान से सम्मानित किया गया। इस उपलब्धि के बाद महाविद्यालय में खुशी और गर्व का माहौल है। छात्रा की मेहनत और लगन को देखते हुए शिक्षकों और सहपाठियों ने भी उन्हें बधाई दी। कॉलेज प्रबंधन ने कहा कि भारती पाटीदार ने लगातार मेहनत और अनुशासन के दम पर यह सम्मान हासिल किया है। उनकी सफलता दूसरे विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा बनेगी। कार्यक्रम के दौरान मेधावी छात्रों को सम्मानित कर उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी गईं। महाविद्यालय के शिक्षकों ने बताया कि आज के समय में प्रतियोगिता लगातार बढ़ रही है, ऐसे में विद्यार्थियों का समर्पण और मेहनत ही उन्हें आगे बढ़ाती है। भारती पाटीदार की उपलब्धि इसी का उदाहरण है। इस अवसर पर कॉलेज के अन्य छात्र-छात्राओं ने भी खुशी जाहिर की और कहा कि ऐसे सम्मान से पढ़ाई के प्रति उत्साह बढ़ता है। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने भारती के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। एल एन आयुर्वेद महाविद्यालय में समय-समय पर विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न शैक्षणिक और प्रेरणात्मक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। अधिक जानकारी और ताजा खबरों के लिए विजिट करें Deshharpal News Portal हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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NEET Leak Update: Beauty Parlour Owner हिरासत में, WhatsApp से छात्रों तक पहुंचा पेपर

देश की सबसे बड़ी मेडिकल एंट्रेंस परीक्षा NEET-UG 2026 एक बार फिर विवादों में घिर गई है। पेपर लीक मामले में जांच तेज हो चुकी है और अब तक 5 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। वहीं महाराष्ट्र के पुणे से एक ब्यूटी पार्लर चलाने वाली महिला को भी हिरासत में लिया गया है। जांच एजेंसियों का मानना है कि यह सिर्फ एक राज्य तक सीमित मामला नहीं, बल्कि कई राज्यों में फैला बड़ा नेटवर्क हो सकता है। राजस्थान पुलिस का बड़ा खुलासा राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने दावा किया है कि “Guess Paper” के नाम पर लीक हुआ प्रश्नपत्र करीब 1000 छात्रों तक पहुंचाया गया। शुरुआती जांच में सामने आया कि इस गेस पेपर के कई सवाल असली NEET परीक्षा से मेल खा रहे थे। पुलिस के मुताबिक, कुछ छात्रों को परीक्षा से पहले ही प्रश्नों की जानकारी दे दी गई थी। यह पेपर WhatsApp, Telegram और निजी ग्रुप्स के जरिए शेयर किया गया। पुणे से ब्यूटीशियन हिरासत में महाराष्ट्र पुलिस ने पुणे से एक महिला को हिरासत में लिया है, जो ब्यूटी पार्लर चलाती है। जांच एजेंसियों को शक है कि महिला का संपर्क पेपर लीक गैंग से था और उसने कुछ छात्रों तक पेपर पहुंचाने में मदद की। महिला के मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य डिजिटल डिवाइस की जांच की जा रही है। पुलिस को कई चैट्स और ट्रांजैक्शन डिटेल्स भी मिली हैं, जिनकी पड़ताल जारी है। लाखों रुपये में बेचा गया पेपर जांच में यह भी सामने आया है कि छात्रों से पेपर दिलाने के नाम पर लाखों रुपये वसूले गए। कुछ जगहों पर 10 लाख से 25 लाख रुपये तक की डील होने की जानकारी मिली है। पुलिस अब पूरे मनी ट्रेल की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल थे और पैसा किन-किन खातों तक पहुंचा। कई राज्यों में फैला नेटवर्क राजस्थान, महाराष्ट्र, हरियाणा और दिल्ली समेत कई राज्यों में जांच एजेंसियां लगातार छापेमारी कर रही हैं। सीकर और जयपुर के कुछ कोचिंग सेंटर भी जांच के दायरे में हैं। सूत्रों के अनुसार, पेपर पहले कुछ चुनिंदा लोगों तक पहुंचाया गया और फिर उसे अलग-अलग ग्रुप्स में तेजी से फैलाया गया। CBI ने संभाली जांच मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार ने जांच CBI को सौंप दी है। CBI की टीम कई राज्यों में आरोपियों से पूछताछ कर रही है और डिजिटल सबूत जुटाए जा रहे हैं। एजेंसियों को आशंका है कि इस पूरे मामले के पीछे एक संगठित रैकेट काम कर रहा था, जो प्रतियोगी परीक्षाओं को निशाना बनाता है। छात्रों और अभिभावकों में चिंता पेपर लीक की खबर सामने आने के बाद छात्रों और अभिभावकों में नाराजगी बढ़ गई है। कई छात्रों का कहना है कि उन्होंने पूरे साल मेहनत की, लेकिन पेपर लीक जैसी घटनाएं मेहनती छात्रों के भविष्य पर सवाल खड़े कर देती हैं। सोशल मीडिया पर भी NEET परीक्षा की पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर लगातार बहस जारी है। अब सभी की नजर CBI जांच पर टिकी है कि इस मामले में आगे और कौन-कौन बड़े नाम सामने आते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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CBSE Board Result 2026: 12वीं में बेटियों का जलवा, 85.20% स्टूडेंट्स हुए पास

देशभर के लाखों छात्रों का इंतजार आखिरकार खत्म हो गया। Central Board of Secondary Education यानी CBSE ने Class 12th Board Result 2026 जारी कर दिया है। इस साल कुल 85.20% छात्र परीक्षा में सफल हुए हैं। रिजल्ट आते ही छात्रों और अभिभावकों के चेहरों पर खुशी देखने को मिली। इस बार भी बेटियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए लड़कों को पीछे छोड़ दिया। बोर्ड के आंकड़ों के मुताबिक लड़कियों का पास प्रतिशत 88.86% रहा, जबकि लड़कों का रिजल्ट 82.13% दर्ज किया गया। ट्रांसजेंडर छात्रों ने भी बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 100% रिजल्ट हासिल किया। Girls Performance ने फिर जीता दिल हर साल की तरह इस बार भी छात्राओं ने पढ़ाई में अपना दबदबा कायम रखा। कई स्कूलों में बेटियों ने टॉप स्कोर हासिल किए हैं। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार मेहनत, बेहतर समय प्रबंधन और ऑनलाइन स्टडी सपोर्ट की वजह से छात्राओं का प्रदर्शन लगातार बेहतर हो रहा है। CBSE ने इस बार भी टॉपर लिस्ट जारी नहीं की है। बोर्ड का कहना है कि छात्रों पर अनावश्यक दबाव और तुलना से बचाने के लिए यह फैसला लिया गया है। ऐसे चेक करें CBSE 12th Result 2026 छात्र अपना रिजल्ट ऑनलाइन आसानी से चेक कर सकते हैं। इसके लिए रोल नंबर, स्कूल नंबर और एडमिट कार्ड आईडी की जरूरत होगी। रिजल्ट इन प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है: कॉलेज एडमिशन की तैयारी शुरू 12वीं का रिजल्ट जारी होने के बाद अब छात्रों की नजर कॉलेज एडमिशन और करियर पर है। देश की कई यूनिवर्सिटी जल्द ही Undergraduate Courses के लिए एडमिशन प्रक्रिया शुरू करने जा रही हैं। ऐसे में छात्रों को जरूरी डॉक्यूमेंट्स तैयार रखने की सलाह दी जा रही है। छात्रों के लिए खास संदेश बोर्ड परीक्षा सिर्फ एक पड़ाव है, मंजिल नहीं। जिन छात्रों का रिजल्ट उम्मीद के मुताबिक नहीं आया है, उन्हें निराश होने की जरूरत नहीं है। आगे भी कई मौके मिलेंगे जहां मेहनत और आत्मविश्वास सफलता दिला सकते हैं। वहीं अच्छे अंक लाने वाले छात्रों के लिए यह मेहनत का फल है, लेकिन सीखने का सफर अभी जारी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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NEET

NEET Exam News Hindi: क्या फिर से देना होगा एग्जाम? जानें सभी जरूरी जवाब

NEET UG परीक्षा को लेकर आई रद्द या स्थगित होने की खबर ने लाखों मेडिकल स्टूडेंट्स को परेशान कर दिया है। हर कोई यही जानना चाहता है कि अब आगे क्या होगा—क्या फिर से फॉर्म भरना होगा, नई परीक्षा कब होगी और तैयारी पर क्या असर पड़ेगा। आइए इसे आसान और साफ भाषा में समझते हैं। NEET Exam क्यों हुआ Cancel / Postpone? NEET जैसी बड़ी मेडिकल एंट्रेंस परीक्षा कई वजहों से प्रभावित हो सकती है, जैसे: इन सभी मामलों में अंतिम फैसला NTA (National Testing Agency) द्वारा लिया जाता है। क्या दोबारा करना होगा NEET Application? यह सबसे बड़ा सवाल है। अगर परीक्षा सिर्फ postpone (स्थगित) हुई है: अगर परीक्षा पूरी तरह cancel और re-conduct होती है: NEET Exam New Date कब आएगी? क्या New Admit Card मिलेगा? हाँ, अगर परीक्षा दोबारा होती है: क्या Exam Fee फिर से देनी होगी? छात्रों को अब क्या करना चाहिए? यह समय घबराने का नहीं है, बल्कि संभलकर तैयारी करने का है: क्या Syllabus या Exam Pattern बदलेगा? हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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NEET UG

NEET UG 2026 Update: Paper Leak की आशंका से देशभर में हंगामा, NTA पर सवाल

देश की सबसे बड़ी मेडिकल एंट्रेंस परीक्षा NEET UG 2026 एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गई है। पेपर लीक की आशंका ने लाखों छात्रों और उनके परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। सोशल मीडिया से लेकर कोचिंग संस्थानों तक हर जगह एक ही सवाल चर्चा में है — क्या NEET UG 2026 दोबारा कराया जाएगा? राजस्थान से शुरू हुई जांच अब कई राज्यों तक पहुंच चुकी है। वहीं, छात्रों के बीच गुस्सा और डर दोनों देखने को मिल रहा है। महीनों की तैयारी के बाद परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों को अब अपने भविष्य की चिंता सताने लगी है। वायरल “Guess Paper” से बढ़ा विवाद दरअसल, परीक्षा के कुछ घंटों बाद सोशल मीडिया और कुछ टेलीग्राम ग्रुप्स पर एक कथित “Guess Paper” वायरल हुआ। दावा किया गया कि इसमें मौजूद कई सवाल असली NEET UG 2026 पेपर से मेल खाते हैं। शुरुआती जांच में 100 से ज्यादा प्रश्न समान होने की बात सामने आई है। यही नहीं, कुछ रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया कि लगभग 600 अंकों तक के सवाल मिलते-जुलते पाए गए। इसके बाद पेपर लीक की आशंका और गहरी हो गई। राजस्थान SOG की जांच में कई संदिग्ध हिरासत में मामले की गंभीरता को देखते हुए राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने जांच शुरू कर दी है। अब तक 20 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा चुकी है। जांच एजेंसियों को शक है कि यह नेटवर्क सिर्फ एक राज्य तक सीमित नहीं, बल्कि कई राज्यों में फैला हो सकता है। सूत्रों के मुताबिक, कुछ कोचिंग कनेक्शन और ऑनलाइन ग्रुप्स भी जांच के दायरे में हैं। हालांकि अभी तक किसी बड़े आरोपी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। NEET UG 2026 रद्द होगा या नहीं? सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या परीक्षा रद्द होगी? फिलहाल National Testing Agency (NTA) ने NEET UG 2026 को रद्द करने का कोई आधिकारिक ऐलान नहीं किया है। NTA का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही आगे का फैसला लिया जाएगा। लेकिन छात्रों और अभिभावकों के बीच असमंजस लगातार बढ़ रहा है। कई छात्र सोशल Media पर दोबारा परीक्षा कराने की मांग कर रहे हैं, जबकि कुछ का कहना है कि इससे मेहनती छात्रों पर अतिरिक्त दबाव पड़ेगा। CBI जांच की मांग तेज विपक्षी दलों और छात्र संगठनों ने मामले की CBI जांच की मांग तेज कर दी है। कई नेताओं ने कहा कि अगर पेपर लीक साबित होता है तो यह देश की परीक्षा प्रणाली पर बड़ा सवाल होगा। पिछले साल NEET विवाद के बाद सरकार पहले ही आलोचनाओं का सामना कर चुकी है। ऐसे में इस बार एजेंसियों पर निष्पक्ष और तेज जांच का दबाव बढ़ गया है। छात्रों की मेहनत और मानसिक दबाव NEET जैसी परीक्षा के लिए छात्र सालों तक मेहनत करते हैं। कई अभ्यर्थी रोज 10-12 घंटे पढ़ाई कर मेडिकल कॉलेज में एडमिशन का सपना देखते हैं। ऐसे में पेपर लीक जैसी खबरें छात्रों का मनोबल तोड़ देती हैं। भोपाल की एक छात्रा ने कहा, “हमने पूरी ईमानदारी से परीक्षा दी, लेकिन अब लग रहा है कि मेहनत का कोई मतलब ही नहीं बचा।” आगे क्या? फिलहाल पूरा मामला जांच के अधीन है। आने वाले दिनों में SOG, NTA और केंद्र सरकार की रिपोर्ट के बाद बड़ा फैसला लिया जा सकता है। अगर जांच में बड़े स्तर पर गड़बड़ी साबित होती है, तो NEET UG 2026 को लेकर कड़ा कदम उठाया जा सकता है। देशभर के लाखों छात्रों की नजर अब जांच एजेंसियों और सरकार के अगले फैसले पर टिकी हुई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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NEET

NEET UG 2026 Big Scam Claim: गेस पेपर से मिले 140 सवाल, परीक्षा पर उठे सवाल

NEET UG 2026 परीक्षा को लेकर देशभर में हलचल मच गई है। सोशल मीडिया और कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि इस बार परीक्षा में “पेपर लीक” का मामला सामने आया है। वजह यह बताई जा रही है कि एक कथित गेस पेपर के कई सवाल असली प्रश्न पत्र से मिलते-जुलते पाए गए हैं। हालांकि, अभी तक आधिकारिक तौर पर पेपर लीक की पुष्टि नहीं हुई है और जांच जारी है। कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद? मामला तब सामने आया जब राजस्थान समेत कुछ राज्यों में जांच एजेंसियों को एक संदिग्ध गेस पेपर मिला। इसके बाद दावा किया गया कि: जांच एजेंसियां एक्टिव, कई लोग हिरासत में पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए राजस्थान SOG (Special Operations Group) ने जांच तेज कर दी है: NTA का आधिकारिक रुख नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने साफ किया है कि: क्या सच में NEET UG 2026 पेपर लीक हुआ? अभी इस सवाल का जवाब साफ नहीं है। छात्रों के लिए जरूरी संदेश इस पूरे मामले में छात्रों को घबराने की जरूरत नहीं है: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Nepal

Nepal Flood: दार्चुला में Landslide का खतरा बढ़ा, Trishuli से भारतीय परिवार का Rescue; हजारों Missing

नेपाल (Nepal) में बाढ़ और भूस्खलन से मची तबाही के बाद हालात अभी भी सामान्य नहीं हुए हैं। नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में आई भीषण बाढ़ ने कई इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया। नदियों का जलस्तर बढ़ने, मलबा आने और पहाड़ी इलाकों में Landslide के खतरे ने राहत और बचाव अभियान को और मुश्किल बना दिया है। सबसे चिंता की बात यह है कि हादसे के कई दिन बाद भी हजारों लोगों का पता नहीं चल पाया है। हालांकि, इसी बीच Trishuli क्षेत्र से दो लोगों को नौ दिन बाद जिंदा निकालना राहत और उम्मीद की बड़ी खबर बनकर सामने आया है। दार्चुला में Landslide का खतरा, निचले इलाकों पर नजर नेपाल के पहाड़ी इलाकों में लगातार भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। दार्चुला समेत संवेदनशील क्षेत्रों में प्रशासन की ओर से निचले इलाकों को लेकर सतर्कता बरती जा रही है। पहाड़ों से मलबा आने और नदियों में अचानक पानी बढ़ने की आशंका के बीच लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। बाढ़ से कई सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिससे प्रभावित क्षेत्रों तक राहत पहुंचाना भी चुनौती बना हुआ है। Trishuli से भारतीय नागरिकों का Rescue इस बीच त्रिशूली इलाके से तीन भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाले जाने की खबर सामने आई है। इनमें एक परिवार शामिल है। भारतीय अधिकारियों के मुताबिक, रेस्क्यू किए गए लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया और उनके भारत लौटने की प्रक्रिया में मदद की जा रही है। भारत सरकार नेपाल में फंसे अपने नागरिकों को निकालने के लिए लगातार नेपाली प्रशासन के संपर्क में है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, अब तक 166 भारतीय नागरिकों को Rescue किया गया है, जबकि 275 भारतीयों के लापता होने की जानकारी दी गई है। भारत ने राहत अभियान के लिए करीब 95 टन राहत सामग्री भी भेजी है। 9 दिन बाद Trishuli Tunnel से जिंदा निकले 2 मजदूर नेपाल में चल रहे Rescue Operation की सबसे बड़ी खबर Trishuli-3A Hydropower Project से आई। यहां सुरंग में फंसे संजय साह और कबीर महारजन को करीब नौ दिन बाद सुरक्षित बाहर निकाला गया। दोनों को सुरंग के अंदर काफी गहराई से निकाला गया। बचाव दल ने पहले अंदर से आवाजें सुनीं और फिर संपर्क स्थापित होने के बाद ऑपरेशन तेज किया। आखिरकार दोनों को बाहर निकाल लिया गया। इस घटना ने उन परिवारों में भी उम्मीद जगाई है जिनके अपने लोग अभी तक लापता हैं। राहत दल अब अन्य संभावित Survivors तक पहुंचने की कोशिश में जुटे हैं। 1300 के करीब मौतें, 5 हजार से ज्यादा लोग Missing इस प्राकृतिक आपदा का असर कितना बड़ा है, इसका अंदाजा मृतकों और लापता लोगों की संख्या से लगाया जा सकता है। नेपाल की आपदा प्रबंधन एजेंसी के आंकड़ों के अनुसार 1,294 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी थी और 5,053 लोग अब भी लापता बताए गए हैं। अलग-अलग रिपोर्टों में आंकड़ों में बदलाव देखने को मिल रहा है। कई इलाकों में घरों, सड़कों, पुलों और Hydropower Projects को भारी नुकसान पहुंचा है। बड़ी संख्या में लोग विस्थापित हुए हैं और राहत शिविरों में रह रहे हैं। Rescue Operation अभी भी जारी Trishuli Tunnel से दो लोगों को जिंदा निकाले जाने के बाद Rescue Teams का हौसला बढ़ा है। नेपाल सेना, पुलिस और तकनीकी विशेषज्ञ लगातार प्रभावित इलाकों में Search Operation चला रहे हैं। Hydropower Projects के आसपास अभी भी बड़ी संख्या में लोगों के फंसे होने की आशंका है। मलबा, पानी और क्षतिग्रस्त सुरंगें बचाव अभियान में सबसे बड़ी बाधा बनी हुई हैं। इसके बावजूद टीमें लगातार नए रास्ते तलाश रही हैं। भारत ने नेपाल की मदद बढ़ाई नेपाल की इस मुश्किल घड़ी में भारत ने भी राहत और बचाव अभियान में सहयोग बढ़ाया है। भारतीय विशेषज्ञों और राहत सामग्री को नेपाल भेजा गया है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, भारत की टीमें Rescue, Medical और अन्य जरूरी सेवाओं में सहायता कर रही हैं। फिलहाल नेपाल के सामने सबसे बड़ी चुनौती लापता लोगों की तलाश, प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाना और पहाड़ी इलाकों में नए Landslide और Flood के खतरे से निपटना है। Trishuli Tunnel से नौ दिन बाद दो लोगों का जिंदा निकलना इस त्रासदी के बीच उम्मीद की एक किरण जरूर लेकर आया है। अब Rescue Teams की कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
PM Modi

Teachers Day 2026: PM Modi ने Award-Winning Teachers से की बात, Public Speaking पर भी हुई चर्चा

शिक्षक सिर्फ किताबों का ज्ञान नहीं देते, बल्कि बच्चों के अंदर आत्मविश्वास और बेहतर सोच भी पैदा करते हैं। Teachers’ Day से पहले PM Modi ने National Teachers’ Award 2026 के लिए चुने गए शिक्षकों और educators से मुलाकात की। इस दौरान पढ़ाई के तरीकों से लेकर बच्चों की बदलती आदतों तक कई मुद्दों पर बातचीत हुई। मुलाकात के दौरान माहौल काफी सहज नजर आया। प्रधानमंत्री मोदी ने शिक्षकों से उनके अनुभव जानने के साथ यह भी समझने की कोशिश की कि वे बच्चों को पढ़ाई से जोड़ने के लिए किस तरह के नए तरीके अपना रहे हैं। PM Modi ने पूछा- Public से कैसे करें बात? बातचीत के दौरान Public Speaking और लोगों के सामने अपनी बात रखने का मुद्दा भी सामने आया। प्रधानमंत्री मोदी ने इस बारे में सवाल किया तो एक महिला Teacher ने सीधा जवाब दिया कि लोगों के सामने प्रभावी तरीके से बात करने के लिए सबसे जरूरी चीज Confidence यानी आत्मविश्वास है। उनकी यह बात छोटी जरूर थी, लेकिन Public Speaking को लेकर एक बड़ा संदेश देती है। किसी भी मंच पर अपनी बात रखने के लिए केवल जानकारी होना ही काफी नहीं है, बल्कि उसे भरोसे और स्पष्टता के साथ सामने रखना भी जरूरी है। Teachers ने PM Modi को बताए अपने Innovative Ideas प्रधानमंत्री मोदी ने Award-winning Teachers से उनके Teaching Experience और Classroom में अपनाए जा रहे नए प्रयोगों के बारे में भी जाना। शिक्षकों ने बताया कि वे बच्चों के लिए पढ़ाई को आसान और दिलचस्प बनाने के लिए अलग-अलग तरीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं। आज के समय में सिर्फ किताब और ब्लैकबोर्ड तक सीमित पढ़ाई बच्चों को हमेशा आकर्षित नहीं करती। ऐसे में कई शिक्षक Technology, Practical Activities और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े उदाहरणों की मदद से विषयों को समझाने की कोशिश कर रहे हैं। बच्चों में Screen Addiction को लेकर भी चर्चा PM Modi ने बच्चों में बढ़ते Screen Time और Digital Addiction को लेकर भी शिक्षकों से चर्चा की। उन्होंने बच्चों को खेल, Physical Activities और रचनात्मक कामों से जोड़ने की जरूरत पर जोर दिया। साथ ही युवा छात्रों में नशे की समस्या को लेकर शिक्षकों को सतर्क रहने की बात भी कही गई। प्रधानमंत्री ने शिक्षकों की भूमिका को केवल Classroom तक सीमित नहीं माना। बच्चों के व्यवहार, उनकी आदतों और मानसिक-सामाजिक विकास में भी शिक्षक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। 5 सितंबर को 48 Teachers को National Award Teachers’ Day के मौके पर 5 सितंबर 2026 को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 48 स्कूल शिक्षकों को National Teachers’ Awards प्रदान करेंगी। इन शिक्षकों का चयन देशभर से एक निर्धारित और पारदर्शी प्रक्रिया के जरिए किया गया है। National Teachers’ Awards का मकसद ऐसे शिक्षकों को पहचान और सम्मान देना है, जिन्होंने पढ़ाई को बेहतर बनाने के साथ विद्यार्थियों पर सकारात्मक प्रभाव डाला है। यह पुरस्कार हर साल Teachers’ Day पर शिक्षकों के योगदान को सम्मानित करने के लिए दिए जाते हैं। PM Modi की Teachers से मुलाकात का संदेश प्रधानमंत्री और शिक्षकों की इस मुलाकात में एक बात साफ तौर पर सामने आई—एक अच्छा Teacher सिर्फ पाठ नहीं पढ़ाता, बल्कि बच्चों को जीवन के लिए तैयार करता है। चाहे Public Speaking में Confidence की बात हो या Classroom में नए Teaching Methods अपनाने की, बदलते समय के साथ शिक्षकों की भूमिका भी लगातार व्यापक हो रही है। Teachers’ Day से पहले हुई यह मुलाकात इसी बदलाव और शिक्षकों के योगदान को रेखांकित करती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Ujjain

Ujjain में बनेगी Malakhamb Academy, 111 करोड़ के Project से खिलाड़ियों को मिलेंगी World-Class सुविधाएं

मध्यप्रदेश के मलखंब खिलाड़ियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। प्रदेश सरकार Ujjain में एक ऐसी Malakhamb और Gymnastics Academy विकसित करने की तैयारी में है, जहां खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण के साथ आधुनिक सुविधाएं भी मिलेंगी। खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग के प्रयासों से तैयार किए गए प्रस्ताव के मुताबिक, करीब 20 एकड़ जमीन पर इस अकादमी को विकसित किया जाएगा। अकादमी में खिलाड़ियों के लिए खेल अधोसंरचना, हॉस्टल, आधुनिक उपकरण, फिटनेस सेंटर, फिजियोथेरेपी और खेल विज्ञान से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है। इसका मकसद प्रदेश की युवा मलखंब प्रतिभाओं को कम उम्र से ही बेहतर ट्रेनिंग देकर उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए तैयार करना है। 111 करोड़ रुपये से ज्यादा का प्रस्ताव प्रस्तावित मलखंब एवं जिम्नास्टिक अकादमी के निर्माण पर करीब 86 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। वहीं वर्ष 2026-27 से 2028-29 तक अकादमी के संचालन के लिए लगभग 25.33 करोड़ रुपये का प्रावधान प्रस्तावित किया गया है। इस तरह निर्माण और संचालन को मिलाकर परियोजना की कुल प्रस्तावित लागत करीब 111.33 करोड़ रुपये बताई गई है। खिलाड़ियों को सिर्फ Training नहीं, पूरी सुविधा मिलेगी इस अकादमी की खास बात यह होगी कि खिलाड़ियों को केवल मलखंब की ट्रेनिंग तक सीमित सुविधाएं नहीं मिलेंगी। यहां हॉस्टल, आधुनिक खेल उपकरण, फिटनेस, फिजियोथेरेपी और Sports Science आधारित प्रशिक्षण की व्यवस्था भी प्रस्तावित है। सरकार का जोर ऐसे Training Environment पर है, जहां खिलाड़ियों की तकनीक के साथ उनकी फिटनेस और खेल प्रदर्शन पर भी लगातार काम किया जा सके। 70 खिलाड़ियों को मिलेगा मौका प्रस्ताव के अनुसार अकादमी में कुल 70 खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इनमें: शामिल होंगे। यानी कुल 50 खिलाड़ी बोर्डिंग और 20 खिलाड़ी डे-बोर्डिंग व्यवस्था में रहेंगे। खिलाड़ियों का चयन Talent Search के माध्यम से किए जाने का प्रस्ताव है। Academy शुरू होने से पहले उज्जैन में शुरू होगी Training स्थायी अकादमी की इमारत तैयार होने में समय लगने के दौरान भी खिलाड़ियों की ट्रेनिंग को रोका नहीं जाएगा। वर्ष 2026-27 और 2027-28 में अकादमी को राजमाता खेल परिसर, तानाखेड़ा, उज्जैन में डे-बोर्डिंग मॉडल पर संचालित करने का प्रस्ताव है। इस शुरुआती चरण में कुल 40 खिलाड़ियों को प्रवेश देने की योजना है। इनमें 30 बालक और 10 बालिकाएं शामिल होंगी। उज्जैन से बाहर के चयनित खिलाड़ियों के लिए विभाग की ओर से आवास की व्यवस्था करने का भी प्रस्ताव है। Expert Coaches के साथ Sports Science पर रहेगा फोकस नई अकादमी में खिलाड़ियों को आधुनिक और उच्च तकनीकी प्रशिक्षण देने की तैयारी है। इसके लिए उच्च तकनीकी सलाहकार और विशेषज्ञ प्रशिक्षकों की सेवाएं अनुबंध के आधार पर लेने का प्रावधान प्रस्तावित किया गया है। डे-बोर्डिंग व्यवस्था में खिलाड़ियों को प्रशिक्षकों के साथ फिजियोथेरेपिस्ट और मसाजर की सुविधा भी उपलब्ध कराने की योजना है। इसमें एक महिला फिजियोथेरेपिस्ट और दो मसाजर—एक महिला तथा एक पुरुष—का प्रावधान प्रस्तावित है। मंत्री विश्वास सारंग बोले- प्रतिभाओं को मिलेगा बड़ा मंच खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग के मुताबिक मध्यप्रदेश में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है। जरूरत सिर्फ इतनी है कि इन खिलाड़ियों को सही समय पर आधुनिक सुविधाएं, विशेषज्ञ मार्गदर्शन और बेहतर अवसर मिलें। उन्होंने कहा कि मलखंब मध्यप्रदेश की गौरवशाली खेल परंपरा का हिस्सा है और प्रदेश के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा साबित की है। प्रस्तावित अकादमी के जरिए खिलाड़ियों को शुरुआती उम्र से वैज्ञानिक और तकनीकी प्रशिक्षण देने पर जोर रहेगा। मंत्री के अनुसार लक्ष्य यह है कि मध्यप्रदेश के खिलाड़ी राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी प्रदेश और देश का नाम रोशन करें। Khelo India में MP के Malakhamb खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन मलखंब अकादमी की जरूरत इसलिए भी महसूस की गई क्योंकि मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों ने हाल के वर्षों में राष्ट्रीय स्तर पर अच्छा प्रदर्शन किया है। Khelo India Youth Games 2025, बिहार में मध्यप्रदेश के मलखंब खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 10 पदक जीते। इनमें 7 Gold, 2 Silver और 1 Bronze Medal शामिल रहे। इस प्रदर्शन ने एक बार फिर दिखाया कि प्रदेश में मलखंब की प्रतिभाओं की मजबूत नींव मौजूद है। अब नई अकादमी के जरिए इन खिलाड़ियों को लगातार और बेहतर प्रशिक्षण देने की दिशा में काम किया जा रहा है। उज्जैन बन सकता है Malakhamb Talent Hub अकादमी के संचालन और निगरानी की जिम्मेदारी जिला खेल एवं युवा कल्याण अधिकारी, उज्जैन को देने का प्रस्ताव है। शुरुआत में विभाग में उपलब्ध स्टाफ के जरिए अकादमी की दैनिक गतिविधियां संचालित की जाएंगी। उज्जैन जिले के लिए कुल 12 पद स्वीकृत किए गए हैं। इनमें संभागीय खेल एवं युवा कल्याण अधिकारी, जिला खेल एवं युवा कल्याण अधिकारी, लेखापाल, सहायक ग्रेड-2, सहायक ग्रेड-3 और भृत्य के पद शामिल हैं। खिलाड़ियों के लिए नई उम्मीद उज्जैन में प्रस्तावित Malakhamb Academy सिर्फ एक नई खेल सुविधा नहीं, बल्कि प्रदेश की युवा प्रतिभाओं के लिए आगे बढ़ने का बड़ा रास्ता बन सकती है। अभी जहां खिलाड़ी अलग-अलग स्थानों पर प्रशिक्षण लेते हैं, वहीं भविष्य में उन्हें एक ही जगह पर ट्रेनिंग, फिटनेस, आवास और Sports Science जैसी सुविधाएं मिलने की उम्मीद है। अगर प्रस्तावित योजना अपने स्वरूप में आगे बढ़ती है, तो उज्जैन आने वाले समय में मध्यप्रदेश की मलखंब प्रतिभाओं की नई नर्सरी और प्रमुख Training Hub के रूप में अपनी पहचान बना सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
India-Belgium

India-Belgium Partnership: जोरावर Tank बना नई दोस्ती की पहचान, कई अहम MoU पर सहमति

India-Belgium के रिश्तों में गुरुवार को एक अहम पड़ाव जुड़ गया। बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर भारत दौरे पर पहुंचे, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक हुई। बातचीत के बाद दोनों देशों ने Defence, Clean Energy, Critical Minerals, Semiconductor, Maritime Cooperation और व्यापार जैसे कई क्षेत्रों में साझेदारी को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बैठक के बाद कहा कि भारत और बेल्जियम के संबंध अब केवल पारंपरिक व्यापार तक सीमित नहीं हैं। दोनों देश अब Defence और Clean Energy जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में भी तेजी से साथ आ रहे हैं। इसी दौरान पीएम मोदी ने जोरावर Tank का भी जिक्र किया। जोरावर Tank ने बढ़ाया Defence Cooperation भारत के लिए पहाड़ी और कठिन इलाकों में इस्तेमाल होने वाला हल्का जोरावर टैंक Defence Sector का अहम प्रोजेक्ट है। पीएम मोदी ने भारत-बेल्जियम सहयोग का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों देश आधुनिक रक्षा उपकरणों के क्षेत्र में साथ काम कर रहे हैं। दोनों देशों के बीच Military Exchanges और Training Cooperation बढ़ाने पर भी सहमति बनी है। इससे भारतीय और बेल्जियम की सेनाओं के बीच संपर्क और अनुभव साझा करने के अवसर बढ़ेंगे। हालांकि, जोरावर टैंक को लेकर इसे सीधे तौर पर कोई अलग Tank Purchase Deal कहना सही नहीं होगा। इस प्रोजेक्ट का उल्लेख दोनों देशों के बढ़ते Defence और Technology Cooperation के उदाहरण के तौर पर किया गया है। Clean Energy में भी नई Partnership Defence के साथ-साथ Green Energy भारत-बेल्जियम सहयोग का एक और बड़ा क्षेत्र बनकर सामने आया है। दोनों देशों ने Renewable Energy के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए समझौता किया है। पीएम मोदी ने आंध्र प्रदेश के काकीनाडा में विकसित हो रहे Green Ammonia Project का भी जिक्र किया। भारत की बढ़ती Clean Energy जरूरतों और बेल्जियम की तकनीकी क्षमता को देखते हुए यह Partnership आने वाले समय में काफी अहम हो सकती है। Critical Minerals और Semiconductor पर नजर आज की Technology Economy में Critical Minerals और Semiconductor की भूमिका लगातार बढ़ रही है। ऐसे में भारत और बेल्जियम ने इन क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ाने का फैसला किया है। दोनों देश Critical Minerals की Processing और Recycling में मिलकर काम करने की दिशा में आगे बढ़ेंगे। वहीं Semiconductor Sector में बेल्जियम की तकनीकी विशेषज्ञता और भारत के बड़े Manufacturing Ecosystem को जोड़ने पर जोर दिया गया है। खास तौर पर बेल्जियम के प्रसिद्ध Research Institute IMEC और भारत के Semiconductor Ecosystem के बीच सहयोग बढ़ाने की संभावना को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 5 साल में Double हो सकता है Bilateral Trade बैठक में आर्थिक रिश्तों को लेकर भी बड़ा लक्ष्य सामने आया। भारत और बेल्जियम अगले पांच वर्षों में Bilateral Trade को दोगुना करने की दिशा में काम करेंगे। भारत और बेल्जियम के बीच व्यापार में Diamond Industry की लंबे समय से बड़ी भूमिका रही है। बेल्जियम का एंटवर्प शहर दुनिया के प्रमुख Diamond Trading Hubs में शामिल है और यहां भारतीय कारोबारियों की भी मजबूत मौजूदगी है। अब दोनों देश इस पुराने व्यापारिक रिश्ते को Defence, Technology, Energy और Critical Minerals जैसे नए क्षेत्रों से जोड़ना चाहते हैं। Maritime और Startup Sector में भी बढ़ेगा सहयोग भारत और बेल्जियम के बीच सहयोग का दायरा केवल Defence और Trade तक नहीं रहेगा। दोनों देशों ने Maritime Sector में Capacity Building और Startups के बीच संपर्क बढ़ाने पर भी सहमति जताई है। इसके अलावा Cybercrime से मुकाबला, Diplomatic Training और अन्य क्षेत्रों में भी सहयोग को मजबूत करने के लिए समझौते किए गए हैं। दोनों देश Migration and Mobility Partnership Agreement को जल्द पूरा करने की दिशा में भी आगे बढ़ रहे हैं। इससे दोनों देशों के बीच छात्रों, Professionals और लोगों के आवागमन से जुड़े अवसरों को बढ़ावा मिल सकता है। Terrorism पर भारत-बेल्जियम का एक सुर बैठक में आतंकवाद और दुनिया में चल रहे विभिन्न संघर्षों पर भी चर्चा हुई। भारत और बेल्जियम ने आतंकवाद के सभी रूपों के खिलाफ अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। पीएम मोदी ने कहा कि दोनों देश Dialogue और Diplomacy के जरिए विवादों के शांतिपूर्ण समाधान में विश्वास रखते हैं। वैश्विक स्तर पर बढ़ती अस्थिरता के बीच भारत और बेल्जियम के बीच रणनीतिक सहयोग को और मजबूत करने पर जोर दिया गया। भारत-बेल्जियम रिश्तों की पुरानी कहानी पीएम मोदी ने दोनों देशों के ऐतिहासिक रिश्तों का भी जिक्र किया। प्रथम विश्व युद्ध के दौरान बेल्जियम में भारतीय सैनिकों के योगदान और बलिदान को याद करते हुए उन्होंने कहा कि भारत और बेल्जियम के संबंध काफी पुराने हैं। बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर की यह पहली आधिकारिक भारत यात्रा है। एंटवर्प के मेयर के तौर पर उनका भारत और भारतीय समुदाय से पहले भी संपर्क रहा है। अब Diamond Trade से आगे बढ़ रही दोस्ती भारत और बेल्जियम की दोस्ती की पहचान लंबे समय तक Diamond Trade से जुड़ी रही है। लेकिन बदलती दुनिया में दोनों देशों के रिश्ते अब एक बड़े दायरे में फैल रहे हैं। जोरावर Tank से Defence Cooperation, Green Energy से Critical Minerals और Semiconductor से Bilateral Trade तक, भारत और बेल्जियम कई नए क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। पीएम मोदी और बार्ट डी वेवर की बैठक को इसी बदलती Partnership की एक अहम कड़ी माना जा रहा है। आने वाले वर्षों में अगर इन समझौतों और सहयोग योजनाओं को जमीन पर तेजी से उतारा जाता है, तो भारत-बेल्जियम संबंध आर्थिक रिश्तों से आगे बढ़कर एक मजबूत Strategic Partnership का रूप ले सकते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Tibet

Nepal Flood के बीच बड़ा Earthquake: Tibet में 5.1 Magnitude के झटके, अब तक 1,273 लोगों की मौत

Nepal-Tibet Flood हिमालयी इलाके में पिछले एक हफ्ते से जारी तबाही के बीच गुरुवार को एक और झटका महसूस किया गया। चीन के तिब्बत (Tibet) क्षेत्र में 5.1 तीव्रता का भूकंप आया। भूकंप ऐसे वक्त आया है, जब नेपाल और तिब्बत में भीषण Flood और Landslide के बाद हजारों लोग लापता हैं और राहत-बचाव अभियान लगातार चल रहा है। 26 अगस्त को नेपाल-चीन सीमा के पास आई विनाशकारी बाढ़ ने देखते ही देखते कई इलाकों की तस्वीर बदल दी थी। घर, सड़कें, पुल और Hydropower Projects मलबे और पानी की चपेट में आ गए। अब तक इस आपदा में नेपाल और तिब्बत को मिलाकर 1,273 लोगों की मौत हो चुकी है। Tibet में 5.1 तीव्रता का Earthquake जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज (GFZ) के अनुसार गुरुवार को तिब्बत में 5.1 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। भूकंप करीब 10 किलोमीटर की गहराई पर आया और इसका क्षेत्र नेपाल तथा भारत की सीमाओं के आसपास बताया गया है। हालांकि शुरुआती रिपोर्टों में इस भूकंप से बड़े पैमाने पर नए नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन पहले से तबाह इलाके में इसके झटके ने लोगों और Rescue Teams की चिंता जरूर बढ़ा दी है। एक हफ्ते पहले आई बाढ़ ने मचाई थी भारी तबाही 26 अगस्त को Bhote Koshi River के आसपास अचानक आई बाढ़ ने नेपाल-चीन सीमा क्षेत्र में भारी तबाही मचाई। अधिकारियों और विशेषज्ञों के मुताबिक इस आपदा के पीछे ग्लेशियर और चट्टानों के खिसकने से पैदा हुआ भारी मलबा और पानी प्रमुख वजह रहा। बाढ़ का तेज बहाव अपने साथ मिट्टी, चट्टान और मलबा लेकर नीचे की ओर आया और रास्ते में आने वाले घरों, सड़कों और पुलों को तबाह करता चला गया। नेपाल के विदेश मंत्रालय ने इस घटना को बेहद असाधारण बताते हुए इसे ‘Himalayan Tsunami’ तक कहा है। तिब्बत की ओर Gyirong Port भी बुरी तरह प्रभावित हुआ था। संपर्क मार्गों को नुकसान पहुंचने से शुरुआती दौर में राहत सामग्री और भारी मशीनरी को प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचाना बड़ी चुनौती बन गया। Nepal-Tibet Disaster में 1,273 लोगों की मौत 3 सितंबर तक सामने आए आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार नेपाल में 1,252 लोगों की मौत हो चुकी है और कम से कम 4,216 लोग अब भी लापता हैं। वहीं चीन के तिब्बत क्षेत्र में 21 लोगों की मौत और 541 लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आई है। इस तरह दोनों क्षेत्रों में मृतकों की संख्या 1,273 हो गई है। नेपाल में सबसे ज्यादा मौतें चितवन, नवलपरासी पूर्व, नवलपरासी पश्चिम और नुवाकोट जैसे जिलों में दर्ज हुई हैं। कई शवों की पहचान अभी बाकी है, जिससे परिवारों की बेचैनी और बढ़ गई है। हजारों लोग अब भी Missing, Tunnel में फंसे लोगों की तलाश सबसे बड़ी चिंता उन लोगों को लेकर है, जिनका अभी तक कोई पता नहीं चल पाया है। नेपाल में हजारों लोगों के लापता होने के अलावा कई Hydropower Projects में काम करने वाले कर्मचारियों के भी फंसे होने की आशंका है। करीब 900 Hydropower workers के अब भी लापता होने की बात सामने आई है। कुछ लोगों के सुरंगों में फंसे होने की आशंका के चलते Rescue Teams भारी मशीनों और अन्य उपकरणों की मदद से मलबा हटाने में जुटी हैं। नेपाल सरकार के मुताबिक भारत, चीन और दक्षिण कोरिया की Tunnel Rescue Teams नेपाली सेना के साथ मिलकर अभियान चला रही हैं। ड्रोन, भारी मशीनरी और अन्य राहत उपकरणों की मदद भी ली जा रही है। हजारों घर हुए तबाह, सामने बड़ी Rebuilding Challenge बाढ़ ने सिर्फ लोगों की जान नहीं ली, बल्कि हजारों परिवारों से उनका घर और रोजी-रोटी भी छीन ली। Reuters की रिपोर्ट के मुताबिक नेपाल में करीब 7,500 घर पूरी तरह तबाह हो चुके हैं और लगभग 20,000 घरों को दोबारा बनाने की जरूरत पड़ सकती है। सड़क और पुल टूटने के कारण कई इलाकों में राहत पहुंचाना अभी भी मुश्किल है। कुछ जगहों पर लोगों को नदी पार करने के लिए अस्थायी साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है। Rescue Operation के बीच नया भूकंप चिंता की वजह राहत और बचाव दल पहले ही बारिश, मलबे, तेज बहाव और अस्थिर पहाड़ी ढलानों से जूझ रहे हैं। ऐसे में तिब्बत में आया नया भूकंप हालात को और संवेदनशील बना सकता है। फिलहाल अधिकारियों की प्राथमिकता लापता लोगों की तलाश और प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाना है। नेपाल सरकार के मुताबिक Search and Rescue Operation अभी भी पूरी क्षमता के साथ जारी है। हिमालयी क्षेत्र की इस त्रासदी ने एक बार फिर दिखाया है कि पहाड़ी इलाकों में प्राकृतिक आपदाएं कितनी तेजी से बड़े संकट में बदल सकती हैं। बाढ़ के बाद भूकंप के झटके ने प्रभावित लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं, लेकिन Rescue Teams अब भी मलबे के बीच जिंदगी की तलाश में जुटी हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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