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UP Board

UP Board Class 10th 12th Result 2026 Result से पहले जान लें Check करने का आसान तरीका

उत्तर प्रदेश के लाखों परिवारों के लिए कल का दिन बेहद अहम होने वाला है। महीनों की मेहनत, परीक्षा का तनाव और रिजल्ट का इंतजार—इन सबका अंत अब होने जा रहा है। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) कल कक्षा 10वीं (High School) और 12वीं (Intermediate) का रिजल्ट जारी करने जा रहा है। इस साल करीब 52 लाख छात्रों ने परीक्षा दी थी, ऐसे में हर घर में उत्सुकता का माहौल है। कोई अपने नंबर को लेकर चिंतित है, तो कोई अपने सपनों के अगले कदम के बारे में सोच रहा है। कब और कैसे जारी होगा UP Board Result? बोर्ड रिजल्ट को प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए जारी करेगा। इसके साथ ही टॉपर्स की लिस्ट, कुल पास प्रतिशत और अन्य जरूरी आंकड़े भी सामने आएंगे। रिजल्ट जारी होते ही इसे आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड कर दिया जाएगा, जहां छात्र अपना स्कोर चेक कर सकेंगे। Step-by-Step: ऐसे करें UP Board Result 2026 चेक वेबसाइट स्लो हो तो घबराएं नहीं हर साल रिजल्ट के समय वेबसाइट पर भारी ट्रैफिक देखने को मिलता है। ऐसे में अगर पेज खुलने में समय लगे, तो थोड़ा इंतजार करें और दोबारा कोशिश करें। जरूरत पड़ने पर SMS के जरिए भी रिजल्ट चेक किया जा सकता है। पास होने के लिए कितने नंबर जरूरी? UP Board में पास होने के लिए हर विषय में कम से कम 33% अंक लाना जरूरी होता है। अगर किसी छात्र के नंबर कम आते हैं, तो उसे कंपार्टमेंट परीक्षा का मौका मिलेगा। मार्कशीट से जुड़ी जरूरी बात ऑनलाइन दिखने वाला रिजल्ट फिलहाल प्रोविजनल होगा। ओरिजिनल मार्कशीट छात्रों को कुछ दिनों बाद अपने स्कूल से मिलेगी, इसलिए उसे सुरक्षित रखना जरूरी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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3 बार NEET में फेल, IIT Madras भी नहीं मिला… फिर भी बने Data Scientist, संजय बी की कहानी है प्रेरणा

3 बार NEET में फेल, IIT Madras भी नहीं मिला… फिर भी बने Data Scientist, संजय बी की कहानी है प्रेरणा

अक्सर जिंदगी में हम कुछ और चाहते हैं, लेकिन मिलता कुछ और है। 3 बार NEET में फेल, IIT Madras भी नहीं मिला ऐसे में कई लोग हार मान लेते हैं, लेकिन कुछ लोग वही रास्ता बदलकर अपनी नई पहचान बना लेते हैं। ऐसी ही प्रेरणादायक कहानी है संजय बी की। डॉक्टर बनने का सपना, लेकिन बार-बार मिली असफलता संजय बी का सपना था डॉक्टर बनने का। इसके लिए उन्होंने NEET परीक्षा की तैयारी की, लेकिन एक बार नहीं, बल्कि लगातार तीन बार फेल हो गए। इतनी बड़ी असफलता के बाद ज्यादातर लोग टूट जाते हैं, लेकिन संजय ने हार नहीं मानी। IIT Madras का सपना भी रह गया अधूरा NEET में सफलता नहीं मिलने के बाद संजय ने इंजीनियरिंग की ओर रुख किया। उनका सपना था कि वो IIT Madras में पढ़ाई करें, लेकिन यहां भी उन्हें सफलता नहीं मिल पाई। लगातार मिल रही नाकामियों ने उनके रास्ते जरूर कठिन बनाए, लेकिन उनका हौसला नहीं तोड़ पाए। बदला रास्ता, मिली नई मंजिल संजय ने अपनी सोच बदली और टेक्नोलॉजी की दुनिया में कदम रखा। उन्होंने डेटा और प्रोग्रामिंग सीखना शुरू किया। धीरे-धीरे उन्होंने खुद को Data Science के क्षेत्र में मजबूत किया। आज हैं सफल Data Scientist कड़ी मेहनत और लगातार सीखने की लगन ने संजय को आज एक सफल Data Scientist बना दिया है। जो सपना डॉक्टर बनने का था, वो पूरा नहीं हुआ, लेकिन उन्होंने अपने लिए एक नई पहचान बना ली—और आज वो लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुके हैं। संजय की कहानी हमें यही सिखाती है कि— हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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JEE Main

JEE Main Result 2026 Declared Students के लिए अगला स्टेप JoSAA Counselling

देशभर के लाखों स्टूडेंट्स के लिए बड़ी खबर सामने आई है। National Testing Agency (NTA) ने JEE Main 2026 Session 2 Result जारी कर दिया है। लंबे इंतजार के बाद जब रिजल्ट आया, तो कई छात्रों के चेहरे पर खुशी दिखी, तो कुछ अब आगे की तैयारी में जुट गए हैं। इस बार रिजल्ट में क्या खास रहा? इस साल भी कॉम्पिटिशन काफी टफ रहा। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 26 छात्रों ने 100 percentile हासिल किया है। अब सभी कैंडिडेट्स अपनी All India Rank (AIR) और स्कोरकार्ड चेक कर सकते हैं, जो उनके एडमिशन का रास्ता तय करेगा। अब अगला स्टेप: JoSAA Counselling 2026 रिजल्ट के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है—अब आगे क्या?तो जवाब है Joint Seat Allocation Authority (JoSAA) काउंसलिंग, जिसके जरिए देश के टॉप इंजीनियरिंग कॉलेजों में एडमिशन मिलता है। कब शुरू होगी काउंसलिंग?एक्सपर्ट्स के मुताबिक, JoSAA Counselling 2026 की शुरुआत 2 जून 2026 (संभावित) से हो सकती है। यह प्रक्रिया आमतौर पर JEE Advanced के रिजल्ट के बाद शुरू होती है, जो 1 जून के आसपास आने की उम्मीद है। JoSAA Counselling Process आसान भाषा में काउंसलिंग पूरी तरह ऑनलाइन होगी और इसमें ये स्टेप शामिल रहेंगे: किसे मिलेगा कौन सा कॉलेज? हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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MATRIX High School: पढ़ाई के साथ भविष्य की तैयारी, दे रहा है शानदार रिजल्ट

MATRIX High School: पढ़ाई के साथ भविष्य की तैयारी, दे रहा है शानदार रिजल्ट

आज के समय में सिर्फ किताबों की पढ़ाई ही काफी नहीं है, बल्कि बच्चों को भविष्य के लिए भी तैयार करना जरूरी हो गया है। इसी सोच के साथ MATRIX High School एक ऐसा फ्यूचरिस्टिक शिक्षा मॉडल अपना रहा है, जो छात्रों को पढ़ाई के साथ-साथ उनके करियर के लिए भी मजबूत बना रहा है। स्कूल में आधुनिक तकनीक और नए तरीके से पढ़ाई कराई जाती है, जिससे बच्चे सिर्फ रटने के बजाय समझकर सीखते हैं। यहां छात्रों को उनकी रुचि के अनुसार गाइड किया जाता है, ताकि वे आगे चलकर अपने पसंदीदा क्षेत्र में बेहतर कर सकें। MATRIX High School का यह तरीका अब शानदार रिजल्ट भी दे रहा है। छात्र न केवल अच्छे अंक ला रहे हैं, बल्कि प्रतियोगी परीक्षाओं और अन्य क्षेत्रों में भी अपनी पहचान बना रहे हैं। अभिभावकों का भी कहना है कि इस स्कूल ने उनके बच्चों में आत्मविश्वास और नई सोच विकसित की है। बच्चे अब सिर्फ पढ़ाई तक सीमित नहीं हैं, बल्कि अपने भविष्य को लेकर ज्यादा जागरूक और तैयार नजर आते हैं। हर माता-पिता चाहते हैं कि उनका बच्चा सिर्फ पढ़ाई में ही नहीं, बल्कि जिंदगी में भी आगे बढ़े। MATRIX High School इसी सोच को साकार करने की दिशा में काम कर रहा है, जहां शिक्षा के साथ बच्चों के सपनों को भी महत्व दिया जाता है।
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गांव की बेटी योजना

MP Education छूटी स्कॉलरशिप का अब मिलेगा फायदा प्रतिभा किरण और गांव की बेटी योजना फिर से शुरू

मध्य प्रदेश की बेटियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने “गांव की बेटी” (Gaon Ki Beti) और “प्रतिभा किरण” (Pratibha Kiran) योजना का लाभ न ले पाने वाली छात्राओं को एक और अवसर देने का फैसला किया है। अब वे छात्राएं, जो किसी वजह से पहले आवेदन नहीं कर पाईं या प्रक्रिया अधूरी रह गई थी, फिर से आवेदन कर सकती हैं। फिर शुरू हुआ Scholarship Portal, न छूटे यह मौका सरकार ने स्कॉलरशिप पोर्टल को दोबारा एक्टिव कर दिया है। इस बार छात्राओं को Fresh Application के साथ-साथ Renewal का विकल्प भी दिया गया है। कई बार छोटी-छोटी गलतियों या दस्तावेजों की कमी की वजह से आवेदन रिजेक्ट हो जाते हैं—ऐसी बेटियों के लिए यह फैसला किसी दूसरी उम्मीद से कम नहीं है। Last Date याद रखें गांव की बेटी योजना” (Gaon Ki Beti) और “प्रतिभा किरण” (Pratibha Kiran) योजना आवेदन की अंतिम तारीख 15 मई 2026 तय की गई है। ऐसे में जरूरी है कि छात्राएं जल्द से जल्द अपने दस्तावेज तैयार करके आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें, ताकि इस बार मौका हाथ से न निकल जाए। कौन उठा सकता है फायदा? सिर्फ स्कॉलरशिप नहीं, सपनों का सहारा गांव की बेटी योजना” (Gaon Ki Beti) और “प्रतिभा किरण” (Pratibha Kiran) योजना का मकसद सिर्फ आर्थिक मदद देना नहीं है, बल्कि बेटियों को आगे बढ़ने का हौसला देना भी है। कई परिवारों में आर्थिक तंगी के कारण लड़कियों की पढ़ाई रुक जाती है, लेकिन ऐसी स्कीम्स उनके सपनों को फिर से उड़ान देने का काम करती हैं। क्यों अहम है यह फैसला? मध्य प्रदेश में हर साल बड़ी संख्या में छात्राएं स्कॉलरशिप से वंचित रह जाती हैं। ऐसे में सरकार का यह कदम न सिर्फ शिक्षा को बढ़ावा देगा, बल्कि बेटियों को आत्मनिर्भर बनने की दिशा में भी मजबूत करेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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TCS

Nashik TCS BPO Controversy यौन उत्पीड़न आरोपों के बाद Work From Home का बड़ा फैसला

महाराष्ट्र के नासिक से आई एक खबर ने देश के कॉर्पोरेट सेक्टर को झकझोर दिया है। Tata Consultancy Services (TCS) के BPO सेंटर में सामने आए गंभीर आरोपों के बाद कंपनी ने बड़ा फैसला लेते हुए ऑफिस को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। फिलहाल सभी कर्मचारियों को घर से काम यानी Work From Home (WFH) करने के निर्देश दिए गए हैं। क्या हुआ नासिक TCS ऑफिस में? पूरा मामला तब सामने आया जब कुछ महिला कर्मचारियों ने ऑफिस के भीतर यौन उत्पीड़न और जबरन धर्म परिवर्तन जैसे गंभीर आरोप लगाए। इन आरोपों ने न सिर्फ कंपनी बल्कि पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए। शिकायतों के बाद मामला पुलिस तक पहुंचा और जांच शुरू हुई। शुरुआती कार्रवाई में कुछ आरोपियों को हिरासत में लिया गया है, जबकि अन्य संदिग्धों से पूछताछ जारी है। कंपनी ने क्यों लिया WFH का फैसला? जैसे-जैसे मामला बढ़ता गया, ऑफिस के बाहर माहौल भी तनावपूर्ण होने लगा। विरोध और संभावित तोड़फोड़ की आशंका को देखते हुए कंपनी ने एहतियातन यह कदम उठाया। कर्मचारियों के मन में क्या चल रहा है? इस घटना के बाद कर्मचारियों में डर और असुरक्षा का माहौल है। कई लोगों का कहना है कि अगर समय पर शिकायतों पर ध्यान दिया जाता, तो शायद मामला इतना बड़ा नहीं बनता। वर्क फ्रॉम होम के फैसले से फिलहाल कर्मचारियों को राहत जरूर मिली है, लेकिन उनके मन में कई सवाल अभी भी बाकी हैं। कॉर्पोरेट सेक्टर के लिए चेतावनी नासिक TCS कांड सिर्फ एक कंपनी की समस्या नहीं है। यह घटना साफ संकेत देती है कि वर्कप्लेस सेफ्टी, महिला सुरक्षा और HR सिस्टम को लेकर कंपनियों को और गंभीर होने की जरूरत है। आगे क्या होगा? जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में और खुलासे हो सकते हैं। कंपनी की आंतरिक जांच भी चल रही है। सभी की नजर अब इस बात पर है कि दोषियों पर क्या कार्रवाई होती है और सिस्टम में क्या बदलाव लाए जाते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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KVS Admission 2026: Class 1 Second Merit List और Lottery Result आज जारी, ऐसे करें चेक

KVS Admission 2026: Class 1 Second Merit List और Lottery Result आज जारी, ऐसे करें चेक

Kendriya Vidyalaya संगठन (KVS) आज कक्षा 1 एडमिशन 2026 के लिए सेकेंड मेरिट लिस्ट और लॉटरी रिजल्ट जारी करने जा रहा है। जिन माता-पिता ने अपने बच्चों का एडमिशन फॉर्म भरा था, उनके लिए आज का दिन काफी अहम है। पहली लिस्ट के बाद अब सेकेंड मेरिट लिस्ट जारी की जा रही है, जिससे उन बच्चों को मौका मिलेगा जिनका नाम पहले चयन में नहीं आया था। कैसे चेक करें KVS Class 1 Result रिजल्ट देखने के लिए पैरेंट्स को ज्यादा परेशानी नहीं होगी। बस ये आसान स्टेप्स फॉलो करें: Lottery System से होता है चयन केंद्रीय विद्यालय में कक्षा 1 में एडमिशन लॉटरी सिस्टम के जरिए किया जाता है। इसका मतलब है कि चयन पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से होता है। हर साल हजारों बच्चे आवेदन करते हैं, लेकिन सीटें सीमित होने की वजह से सभी को एडमिशन मिल पाना संभव नहीं होता। जिनका नाम लिस्ट में आए, वे क्या करें? अगर आपके बच्चे का नाम सेकेंड मेरिट लिस्ट में आ जाता है, तो आपको जल्द से जल्द संबंधित स्कूल में जाकर डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन कराना होगा। जरूरी दस्तावेज: एडमिशन की आखिरी प्रक्रिया डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के बाद ही एडमिशन कन्फर्म होगा। तय समय के अंदर प्रक्रिया पूरी नहीं करने पर सीट किसी दूसरे बच्चे को दी जा सकती है। इसलिए पैरेंट्स को सलाह दी जाती है कि रिजल्ट आते ही तुरंत कार्रवाई करें। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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CBSE 10th Result 2026: 25 लाख से ज्यादा छात्रों का इंतजार खत्म

CBSE 10th Result 2026: 25 लाख से ज्यादा छात्रों का इंतजार खत्म

CBSE बोर्ड के 10वीं के छात्रों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। साल 2026 का रिजल्ट अब जारी हो चुका है और करीब 25 लाख से ज्यादा छात्र अपने परिणाम आसानी से ऑनलाइन चेक कर सकते हैं। लंबे समय से रिजल्ट का इंतजार कर रहे छात्रों के चेहरे पर अब खुशी देखने को मिल रही है। इस बार CBSE ने छात्रों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कई आसान तरीके दिए हैं, जिससे कोई भी छात्र बिना परेशानी के अपना रिजल्ट देख सकता है। छात्र अपना रिजल्ट CBSE की आधिकारिक वेबसाइट, DigiLocker, UMANG ऐप और SMS के जरिए भी चेक कर सकते हैं। इसके लिए आपको केवल अपना रोल नंबर और एडमिट कार्ड की जानकारी डालनी होगी। कई छात्रों और अभिभावकों के लिए यह पल बहुत खास होता है। मेहनत के बाद जब रिजल्ट सामने आता है, तो खुशी और घबराहट दोनों साथ होती हैं। अगर आपका रिजल्ट उम्मीद के मुताबिक नहीं आया है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। यह सिर्फ एक पड़ाव है, आगे और भी मौके मिलेंगे। CBSE ने इस बार रिजल्ट देखने की प्रक्रिया को पहले से ज्यादा आसान और तेज बनाया है, ताकि वेबसाइट पर ज्यादा लोड होने के बावजूद छात्रों को दिक्कत न हो। How to Check Result
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MP Board Result 2026: 10वीं में प्रतिभा, 12वीं में श्लोक और खुशी बने टॉपर

MP Board Result 2026: 10वीं में प्रतिभा, 12वीं में श्लोक और खुशी बने टॉपर

MP Board Result 2026 घोषित हो चुका है और इस साल भी छात्रों ने शानदार प्रदर्शन किया है। 10वीं कक्षा में प्रतिभा ने टॉप किया है, जबकि 12वीं में श्लोक और खुशी ने बाजी मारकर प्रदेश का नाम रोशन किया है। टॉपर्स की इस सफलता के पीछे उनकी कड़ी मेहनत, नियमित पढ़ाई और परिवार व शिक्षकों का सहयोग साफ नजर आता है। रिजल्ट आते ही पूरे प्रदेश में खुशी का माहौल है। छात्र-छात्राएं अपने अच्छे अंकों को लेकर उत्साहित हैं, वहीं माता-पिता के चेहरे पर गर्व साफ झलक रहा है। कई छात्रों के लिए यह पल बेहद खास और भावुक भी है, क्योंकि उनकी मेहनत का फल आज उन्हें मिला है। शिक्षकों ने भी टॉपर्स की सराहना करते हुए अन्य छात्रों को उनसे प्रेरणा लेने की सलाह दी है। अगर मेरिट लिस्ट की बात करें तो इस बार भी कई छात्रों ने बेहतरीन अंक हासिल कर अपनी जगह बनाई है। यह रिजल्ट न सिर्फ मेहनत की जीत है, बल्कि यह भी दिखाता है कि सही दिशा में प्रयास करने से सफलता जरूर मिलती है। छात्र अब अपने भविष्य को लेकर नए सपने और योजनाएं बना रहे हैं।
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MP Board Result 2026: बेटियों का जलवा बरकरार, तीसरी बार मारी बाजी

MP Board Result 2026: बेटियों का जलवा बरकरार, तीसरी बार मारी बाजी

MP Board Result 2026 जारी हो चुका है और इस बार भी बेटियों ने अपनी शानदार सफलता से सभी का दिल जीत लिया है। लगातार तीसरे साल लड़कियों ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए “हैट्रिक” बना ली है। इस बार की मेरिट लिस्ट में भी छात्राओं का दबदबा साफ नजर आ रहा है। टॉप रैंक से लेकर पास प्रतिशत तक, हर जगह लड़कियों ने बाजी मारी है। उनकी मेहनत, लगन और अनुशासन ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वे किसी से कम नहीं हैं। वहीं, लड़कों का प्रदर्शन इस बार भी थोड़ा पीछे रह गया। हालांकि कई छात्रों ने अच्छे अंक हासिल किए, लेकिन कुल मिलाकर तुलना में लड़कियां आगे रहीं। मध्य प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में छात्र-छात्राओं और उनके परिवारों में खुशी का माहौल है। कई घरों में यह पल बेहद भावुक रहा, जब बच्चों की मेहनत रंग लाई। शिक्षक भी अपने विद्यार्थियों की सफलता पर गर्व महसूस कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित पढ़ाई, फोकस और मजबूत इरादों के कारण लड़कियां लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं। यह परिणाम समाज में आ रहे सकारात्मक बदलाव को भी दर्शाता है, जहां बेटियां न सिर्फ आगे बढ़ रही हैं, बल्कि हर क्षेत्र में अपनी पहचान भी बना रही हैं।
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Bittu Tabahi

Bittu Tabahi ने बदली सोच, अकेले शुरू किया नदी सफाई अभियान; नगरपालिका भी हुई प्रभावित

नदी में गंदगी देखकर ज्यादातर लोग शिकायत करते हैं, लेकिन मध्य प्रदेश के एक युवक ने शिकायत करने के बजाय खुद कुछ करने की ठानी। स्थानीय स्तर पर ‘बिट्टू तबाही’ (Bittu Tabahi) के नाम से पहचाने जाने वाले इस युवक ने अकेले ही नदी की सफाई का जिम्मा उठा लिया। उनका यह जज्बा अब लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। बिट्टू ने नदी में जमा कचरे और गंदगी को देखकर सफाई अभियान शुरू किया। शुरुआत किसी बड़े इंतजाम या टीम के साथ नहीं हुई। उन्होंने अपने स्तर पर सफाई करना शुरू किया और लगातार इस काम में जुटे रहे। नदी को साफ रखने का लिया संकल्प बिट्टू का मानना है कि नदी सिर्फ पानी का स्रोत नहीं, बल्कि आसपास के लोगों और पर्यावरण के लिए बेहद जरूरी है। इसी सोच के साथ उन्होंने नदी में जमा कचरे को हटाने की पहल की। उनका यह प्रयास धीरे-धीरे स्थानीय लोगों का ध्यान खींचने लगा। लोगों ने देखा कि बिना किसी दबाव या दिखावे के बिट्टू लगातार नदी की सफाई में लगे हुए हैं। नगरपालिका ने भी की पहल की सराहना बिट्टू के लगातार सफाई अभियान की जानकारी नगरपालिका तक पहुंची तो उनके प्रयास की सराहना की गई। एक युवक द्वारा अपने स्तर पर नदी को साफ रखने की कोशिश को अधिकारियों ने सकारात्मक कदम माना। इस पहल ने यह भी दिखाया कि अगर कोई व्यक्ति अपने आसपास के पर्यावरण को लेकर जिम्मेदारी महसूस करे, तो छोटी शुरुआत भी बड़ा संदेश दे सकती है। सोशल मीडिया पर भी चर्चा में आया अभियान बिट्टू का नदी सफाई अभियान अब स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। उनके प्रयास को देखकर दूसरे लोगों में भी स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ाने की उम्मीद है। आज नदियों में बढ़ता कचरा और प्रदूषण बड़ी चुनौती है। ऐसे में बिट्टू की पहल लोगों को यह संदेश देती है कि नदी को साफ रखना सिर्फ प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की भी साझा जिम्मेदारी है। ‘बिट्टू तबाही’ ने दी एक अलग मिसाल बिट्टू की कहानी इसलिए खास है क्योंकि उन्होंने बदलाव का इंतजार नहीं किया, बल्कि खुद बदलाव की शुरुआत करने का फैसला लिया। अकेले शुरू किया गया उनका यह सफाई अभियान अब दूसरों के लिए प्रेरणा बनता दिखाई दे रहा है। कई बार किसी बड़े बदलाव की शुरुआत बड़े अभियान से नहीं, बल्कि एक छोटे से कदम से होती है। बिट्टू का यह प्रयास उसी सोच की मिसाल है—अगर इरादा मजबूत हो, तो एक इंसान भी बदलाव की शुरुआत कर सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
UN

World Map में बड़ा बदलाव! UN ने Africa के असली Size को दिखाने का रास्ता साफ किया

दुनिया का नक्शा (World Map) देखते हुए शायद ही किसी ने सोचा होगा कि इसमें दिखाई देने वाले देशों और महाद्वीपों का आकार असलियत से अलग भी हो सकता है। लेकिन अब इसी मुद्दे को लेकर संयुक्त राष्ट्र में एक अहम पहल हुई है। UN महासभा ने ऐसे World Map को बढ़ावा देने वाले प्रस्ताव का समर्थन किया है, जिसमें धरती के अलग-अलग हिस्सों को उनके वास्तविक क्षेत्रफल के ज्यादा करीब दिखाने की कोशिश की गई है। इस बदलाव के बाद नक्शे पर Africa पहले से काफी बड़ा दिखाई देगा, जबकि Europe और North America, खासकर US का आकार पुराने नक्शे की तुलना में छोटा नजर आ सकता है। प्रस्ताव को भारी समर्थन मिला, लेकिन अमेरिका ने इसका विरोध किया। पुराने World Map में आखिर समस्या क्या है? दुनिया के स्कूलों और कई नक्शों में लंबे समय से Mercator Projection का इस्तेमाल किया जाता रहा है। इसे 16वीं सदी में Gerardus Mercator ने तैयार किया था। उस समय इसका सबसे बड़ा फायदा समुद्री यात्राओं और Navigation में था। लेकिन Mercator Projection की एक खासियत ही इसकी सबसे बड़ी कमी भी बन गई। इसमें जैसे-जैसे कोई क्षेत्र Equator से दूर जाता है, उसका आकार नक्शे पर ज्यादा बड़ा दिखाई देने लगता है। यही कारण है कि Greenland जैसे इलाके नक्शे पर अपनी वास्तविकता से बहुत बड़े नजर आते हैं। दूसरी तरफ Africa, जो दुनिया के सबसे बड़े महाद्वीपों में से एक है, अपेक्षाकृत छोटा दिखाई देता है। मसलन, सामान्य Mercator Map में Greenland और Africa का आकार देखकर किसी को लग सकता है कि दोनों लगभग बराबर हैं। असल में Africa का क्षेत्रफल Greenland से करीब 14 गुना ज्यादा है। Equal Earth Projection क्यों चर्चा में है? UN के प्रस्ताव में Equal Earth Projection जैसे नक्शों को बढ़ावा देने की बात कही गई है। इस Projection की खासियत यह है कि इसमें अलग-अलग महाद्वीपों के क्षेत्रफल को ज्यादा सही अनुपात में दिखाया जाता है। यानी नक्शे को देखकर Africa का वास्तविक विशाल आकार ज्यादा साफ समझ में आता है। Europe और North America भी Mercator Map की तुलना में छोटे दिखाई देते हैं। हालांकि यहां एक बात समझना जरूरी है—न तो Africa बड़ा हुआ है और न ही Europe या America छोटा। बदलाव सिर्फ उस तरीके में है, जिससे उन्हें नक्शे पर दिखाया जाता है। America ने UN के प्रस्ताव का विरोध क्यों किया? इस प्रस्ताव पर अमेरिका का रुख बाकी देशों से अलग रहा। मतदान के दौरान अमेरिका ने इसके खिलाफ वोट किया। अमेरिकी पक्ष की ओर से यह सवाल उठाया गया कि संयुक्त राष्ट्र को वैश्विक स्तर की बड़ी समस्याओं पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए। वहीं प्रस्ताव के समर्थकों का मानना है कि नक्शा सिर्फ रास्ता या देश की लोकेशन बताने वाला साधन नहीं है। यह लोगों के मन में दुनिया की एक तस्वीर भी बनाता है। अफ्रीकी देशों की तरफ से लंबे समय से यह बात उठती रही है कि पुराने नक्शों में Africa का वास्तविक आकार सही तरीके से सामने नहीं आता। इसी सोच के साथ “Correct the Map” अभियान को आगे बढ़ाया गया। UN के फैसले से क्या सभी Maps बदल जाएंगे? यह मान लेना सही नहीं होगा कि अब अचानक हर जगह नया नक्शा दिखाई देने लगेगा। UN महासभा का यह फैसला कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं है। यानी Google Maps, स्कूल की किताबों, सरकारी दस्तावेजों या दूसरे Digital Platforms को तुरंत अपना नक्शा बदलना जरूरी नहीं है। इसका मकसद देशों, शैक्षणिक संस्थानों, मीडिया और दूसरे संगठनों को ऐसे Map Projections अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है, जो दुनिया के क्षेत्रफल को ज्यादा सही तरीके से दिखाते हों। इसके बावजूद Mercator Projection पूरी तरह खत्म होने की संभावना नहीं है। Navigation और समुद्री यात्राओं जैसी जरूरतों में इसका इस्तेमाल आज भी उपयोगी माना जाता है। India पर क्या असर पड़ेगा? भारत को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इस नए World Map से देश का आकार या सीमा बदल जाएगी? इसका जवाब है—नहीं। भारत की जमीन, क्षेत्रफल और अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर इस प्रस्ताव का कोई असर नहीं पड़ेगा। सिर्फ नक्शे पर भारत और बाकी देशों को दिखाने का अनुपात बदल सकता है। अगर Equal Earth या इसी तरह की Projection का इस्तेमाल ज्यादा बढ़ता है तो आने वाले समय में School Geography Books, Educational Charts, News Graphics और Digital Maps में दुनिया की तस्वीर कुछ अलग दिखाई दे सकती है। भारत के लिए इसका असर मुख्य रूप से शिक्षा और Geography की समझ के स्तर पर होगा। बच्चों और आम लोगों को यह समझने में मदद मिलेगी कि नक्शे पर दिखाई देने वाला आकार हमेशा किसी देश या महाद्वीप के वास्तविक क्षेत्रफल के बराबर नहीं होता। Africa के लिए इसे बड़ी उपलब्धि क्यों माना जा रहा है? इस पूरे विवाद में Africa सबसे ज्यादा चर्चा के केंद्र में है। समर्थकों का कहना है कि सदियों से इस्तेमाल हो रहे नक्शों ने अनजाने में दुनिया के अलग-अलग हिस्सों की एक असंतुलित तस्वीर बना दी है। Africa दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा महाद्वीप है और इसके बावजूद Mercator Map में इसका आकार उसकी वास्तविक विशालता के मुकाबले कम नजर आता है। यही वजह है कि African countries और African Union की ओर से इस मुद्दे को लगातार उठाया गया। उनके लिए यह केवल Map Projection का मामला नहीं, बल्कि दुनिया के सामने Africa की वास्तविक तस्वीर रखने का भी सवाल है। क्या दुनिया सच में बदल गई? नहीं। दुनिया का भूगोल बिल्कुल नहीं बदला है। न कोई नया देश बना है, न किसी देश की सीमा बदली है और न ही Africa का क्षेत्रफल अचानक बढ़ गया है। बदलाव सिर्फ इतना है कि दुनिया को कागज या स्क्रीन पर किस तरह दिखाया जाए, इस पर अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई दिशा सामने आई है। एक तरह से देखें तो यह कहानी हमें यह भी याद दिलाती है कि नक्शा हमेशा पूरी तरह निष्पक्ष तस्वीर नहीं होता। उसे बनाने का तरीका तय करता है कि हमें दुनिया का कौन-सा हिस्सा कितना बड़ा या छोटा दिखाई देगा। आने वाले वर्षों में अगर Equal Earth जैसी projections को ज्यादा अपनाया जाता है, तो संभव है कि नई पीढ़ी के लिए World Map की तस्वीर वही न हो,...
Swatantra Bhardwaj

Swatantra Bhardwaj Detained: CJP Protest के बाद स्वतंत्र भारद्वाज हिरासत में

दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए CJP Protest के दौरान एक छात्रा के पिता के साथ कथित मारपीट का मामला अब फिर चर्चा में है। मामले में आरोपी बताए जा रहे सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज (Swatantra Bhardwaj) को दिल्ली पुलिस ने उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में लिया है। यह कार्रवाई संसद मार्ग थाने के बाहर CJP समर्थकों के प्रदर्शन और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग के कुछ घंटे बाद हुई। Parliament Street Police Station के बाहर प्रदर्शन स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर CJP के प्रतिनिधि और समर्थक शुक्रवार को दिल्ली के संसद मार्ग थाने पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से मामले में जल्द कार्रवाई करने और आरोपी को गिरफ्तार करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कुछ राजनीतिक नेता भी वहां पहुंचे। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच बातचीत हुई। रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस ने मामले में कार्रवाई का भरोसा दिया और इसके बाद भारद्वाज को ट्रेस करने के लिए टीमें सक्रिय की गईं। क्या है पूरा मामला? यह विवाद जंतर-मंतर पर CJP के एक प्रदर्शन से जुड़ा है। प्रदर्शन के दौरान छात्रा निशु आजाद के पिता संजय कुमार के साथ कथित तौर पर मारपीट हुई थी। इस मामले में स्वतंत्र भारद्वाज और सूरज कुमार के नाम FIR में शामिल किए गए थे। मामला उस समय और गरमा गया, जब स्वतंत्र भारद्वाज से जुड़े एक Podcast Video की क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुई। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि वीडियो में भारद्वाज ने घटना को लेकर आपत्तिजनक दावे किए थे। इसके बाद उनकी गिरफ्तारी की मांग तेज हो गई। Viral Video ने बढ़ाया विवाद वायरल वीडियो सामने आने के बाद CJP ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। संगठन का कहना था कि वीडियो में कथित तौर पर घटना को लेकर किए गए दावों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। वहीं दिल्ली पुलिस ने राजनीतिक हस्तक्षेप के आरोपों को खारिज किया है। पुलिस के मुताबिक, मामले की जांच कानूनी प्रक्रिया के तहत की जा रही थी और मेडिकल रिपोर्ट में चोट को लेकर सोशल मीडिया पर किए गए कुछ दावों की पुष्टि नहीं हुई थी। Bulandshahr में पुलिस ने पकड़ा पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस की टीमों ने स्वतंत्र भारद्वाज को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में ट्रेस किया। रिपोर्टों में बताया गया कि पुलिस की कार्रवाई से पहले वह वहां से निकलने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन बाद में उन्हें हिरासत में ले लिया गया। यह कार्रवाई उस समय हुई जब संसद मार्ग थाने के बाहर CJP समर्थक स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। इससे मामले में पुलिस की कार्रवाई को लेकर चल रहा विवाद भी फिलहाल एक नए चरण में पहुंच गया है। FIR में SC/ST Act की धाराएं जोड़ने की जानकारी प्रदर्शन के बाद पुलिस की ओर से मामले में SC/ST Act से संबंधित धाराएं जोड़ने की बात सामने आई। पीड़ित की दोबारा मेडिकल जांच कराए जाने की जानकारी भी रिपोर्टों में दी गई है। हालांकि, मामले में अंतिम कानूनी स्थिति जांच और आगे की पुलिस कार्रवाई पर निर्भर करेगी। आरोपों की पुष्टि अदालत की प्रक्रिया में ही होगी। पुलिस के सामने अब आगे की जांच बड़ी चुनौती स्वतंत्र भारद्वाज को हिरासत में लिए जाने के बाद अब पुलिस के सामने वायरल वीडियो, FIR में दर्ज आरोपों, मेडिकल रिपोर्ट और घटना से जुड़े अन्य साक्ष्यों की जांच अहम होगी। फिलहाल इस मामले ने CJP Protest, Delhi Police और Social Media Influencer को लेकर राजनीतिक और सामाजिक बहस को भी तेज कर दिया है। अब देखना होगा कि जांच आगे बढ़ने के बाद पुलिस की ओर से क्या कानूनी कार्रवाई की जाती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Saharanpur

UP Bulldozer Action: Saharanpur कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर चला बुलडोजर, मायावती-इकरा हसन ने उठाए सवाल

Saharanpur उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर की मस्जिद को लेकर चल रहा विवाद अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। अदालत के आदेश के बाद प्रशासन ने शनिवार को मस्जिद के खिलाफ Bulldozer Action शुरू कर दिया। कार्रवाई की खबर फैलते ही इलाके में हलचल बढ़ गई और राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर भी शुरू हो गया। कलेक्ट्रेट परिसर और आसपास के इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई। किसी तरह की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई अदालत के आदेश के अनुपालन में की जा रही है। कोर्ट के फैसले के बाद प्रशासन का एक्शन कलेक्ट्रेट परिसर में बनी मस्जिद को लेकर जमीन के स्वामित्व और निर्माण की वैधता पर काफी समय से विवाद चल रहा था। प्रशासन का दावा है कि मस्जिद सरकारी जमीन पर बनी है और निर्माण को अवैध माना गया है। मामला पहले सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत में पहुंचा। जुलाई में अदालत ने मस्जिद को हटाने का आदेश दिया था। इसके साथ ही संबंधित पक्ष पर करीब 6.41 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति लगाए जाने की बात भी सामने आई थी। इस फैसले को जिला अदालत में चुनौती दी गई थी। 4 सितंबर को जिला जज की अदालत ने सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश को बरकरार रखते हुए अपील खारिज कर दी। इसके बाद प्रशासन ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की। इकरा हसन को सहारनपुर जाने से रोका मस्जिद पर कार्रवाई की जानकारी मिलने के बाद कैराना से समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन सहारनपुर जाने की कोशिश कर रही थीं। लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे जाने से रोक दिया। इकरा हसन और पुलिस अधिकारियों के बीच इस दौरान तीखी बहस भी हुई। इसका वीडियो सामने आने के बाद मामला सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गया। बाद में उनके आवास के बाहर पुलिस बल तैनात किए जाने की भी खबर सामने आई। इकरा हसन ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें सहारनपुर जाने से रोका जा रहा है। उनका कहना था कि वह मौके पर जाकर हालात देखना चाहती थीं। मायावती ने सरकार से कार्रवाई रोकने को कहा सहारनपुर मस्जिद विवाद पर बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सरकार से कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की और मामले को संवेदनशील बताते हुए सावधानी से कदम उठाने की बात कही। मायावती ने कहा कि ऐसे मामलों में किसी भी तरह का तनाव बढ़ने से रोकना जरूरी है। उन्होंने लोगों से भी शांति और भाईचारा बनाए रखने की अपील की। इमरान मसूद बोले- हाईकोर्ट जाएंगे सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने प्रशासन की कार्रवाई का विरोध किया है। उनका कहना है कि मस्जिद की जमीन और उससे जुड़े दस्तावेजों को लेकर उनका पक्ष अलग है। जिला अदालत से राहत नहीं मिलने के बाद मसूद ने मामले को हाईकोर्ट ले जाने की बात कही है। उनका कहना है कि आगे की कानूनी लड़ाई अदालत में लड़ी जाएगी और उपलब्ध दस्तावेजों को वहां रखा जाएगा। प्रशासन और विपक्ष के दावे अलग-अलग पूरे विवाद में प्रशासन और मस्जिद पक्ष के दावे अलग हैं। प्रशासन जहां निर्माण को सरकारी जमीन पर हुआ अवैध निर्माण बता रहा है, वहीं मस्जिद से जुड़े लोग और कुछ विपक्षी नेता इस दावे पर सवाल उठा रहे हैं। यही वजह है कि मामला सिर्फ बुलडोजर कार्रवाई तक सीमित नहीं रहा। अब इसकी गूंज राजनीतिक मंच से लेकर अदालत तक सुनाई दे रही है। आगे क्या होगा? सहारनपुर कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर हुई कार्रवाई के बाद अब सबकी नजर आगे की कानूनी प्रक्रिया पर है। इमरान मसूद की ओर से हाईकोर्ट जाने की बात कही गई है। ऐसे में आने वाले दिनों में अदालत में इस मामले को लेकर क्या रुख सामने आता है, यह महत्वपूर्ण होगा। फिलहाल प्रशासन की कार्रवाई के बाद सहारनपुर में राजनीतिक माहौल गर्म है। एक तरफ अधिकारी कोर्ट के आदेश के पालन की बात कह रहे हैं, तो दूसरी ओर विपक्ष इसे लेकर सरकार पर सवाल उठा रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Nepal

Nepal Flood: दार्चुला में Landslide का खतरा बढ़ा, Trishuli से भारतीय परिवार का Rescue; हजारों Missing

नेपाल (Nepal) में बाढ़ और भूस्खलन से मची तबाही के बाद हालात अभी भी सामान्य नहीं हुए हैं। नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में आई भीषण बाढ़ ने कई इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया। नदियों का जलस्तर बढ़ने, मलबा आने और पहाड़ी इलाकों में Landslide के खतरे ने राहत और बचाव अभियान को और मुश्किल बना दिया है। सबसे चिंता की बात यह है कि हादसे के कई दिन बाद भी हजारों लोगों का पता नहीं चल पाया है। हालांकि, इसी बीच Trishuli क्षेत्र से दो लोगों को नौ दिन बाद जिंदा निकालना राहत और उम्मीद की बड़ी खबर बनकर सामने आया है। दार्चुला में Landslide का खतरा, निचले इलाकों पर नजर नेपाल के पहाड़ी इलाकों में लगातार भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। दार्चुला समेत संवेदनशील क्षेत्रों में प्रशासन की ओर से निचले इलाकों को लेकर सतर्कता बरती जा रही है। पहाड़ों से मलबा आने और नदियों में अचानक पानी बढ़ने की आशंका के बीच लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। बाढ़ से कई सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिससे प्रभावित क्षेत्रों तक राहत पहुंचाना भी चुनौती बना हुआ है। Trishuli से भारतीय नागरिकों का Rescue इस बीच त्रिशूली इलाके से तीन भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाले जाने की खबर सामने आई है। इनमें एक परिवार शामिल है। भारतीय अधिकारियों के मुताबिक, रेस्क्यू किए गए लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया और उनके भारत लौटने की प्रक्रिया में मदद की जा रही है। भारत सरकार नेपाल में फंसे अपने नागरिकों को निकालने के लिए लगातार नेपाली प्रशासन के संपर्क में है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, अब तक 166 भारतीय नागरिकों को Rescue किया गया है, जबकि 275 भारतीयों के लापता होने की जानकारी दी गई है। भारत ने राहत अभियान के लिए करीब 95 टन राहत सामग्री भी भेजी है। 9 दिन बाद Trishuli Tunnel से जिंदा निकले 2 मजदूर नेपाल में चल रहे Rescue Operation की सबसे बड़ी खबर Trishuli-3A Hydropower Project से आई। यहां सुरंग में फंसे संजय साह और कबीर महारजन को करीब नौ दिन बाद सुरक्षित बाहर निकाला गया। दोनों को सुरंग के अंदर काफी गहराई से निकाला गया। बचाव दल ने पहले अंदर से आवाजें सुनीं और फिर संपर्क स्थापित होने के बाद ऑपरेशन तेज किया। आखिरकार दोनों को बाहर निकाल लिया गया। इस घटना ने उन परिवारों में भी उम्मीद जगाई है जिनके अपने लोग अभी तक लापता हैं। राहत दल अब अन्य संभावित Survivors तक पहुंचने की कोशिश में जुटे हैं। 1300 के करीब मौतें, 5 हजार से ज्यादा लोग Missing इस प्राकृतिक आपदा का असर कितना बड़ा है, इसका अंदाजा मृतकों और लापता लोगों की संख्या से लगाया जा सकता है। नेपाल की आपदा प्रबंधन एजेंसी के आंकड़ों के अनुसार 1,294 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी थी और 5,053 लोग अब भी लापता बताए गए हैं। अलग-अलग रिपोर्टों में आंकड़ों में बदलाव देखने को मिल रहा है। कई इलाकों में घरों, सड़कों, पुलों और Hydropower Projects को भारी नुकसान पहुंचा है। बड़ी संख्या में लोग विस्थापित हुए हैं और राहत शिविरों में रह रहे हैं। Rescue Operation अभी भी जारी Trishuli Tunnel से दो लोगों को जिंदा निकाले जाने के बाद Rescue Teams का हौसला बढ़ा है। नेपाल सेना, पुलिस और तकनीकी विशेषज्ञ लगातार प्रभावित इलाकों में Search Operation चला रहे हैं। Hydropower Projects के आसपास अभी भी बड़ी संख्या में लोगों के फंसे होने की आशंका है। मलबा, पानी और क्षतिग्रस्त सुरंगें बचाव अभियान में सबसे बड़ी बाधा बनी हुई हैं। इसके बावजूद टीमें लगातार नए रास्ते तलाश रही हैं। भारत ने नेपाल की मदद बढ़ाई नेपाल की इस मुश्किल घड़ी में भारत ने भी राहत और बचाव अभियान में सहयोग बढ़ाया है। भारतीय विशेषज्ञों और राहत सामग्री को नेपाल भेजा गया है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, भारत की टीमें Rescue, Medical और अन्य जरूरी सेवाओं में सहायता कर रही हैं। फिलहाल नेपाल के सामने सबसे बड़ी चुनौती लापता लोगों की तलाश, प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाना और पहाड़ी इलाकों में नए Landslide और Flood के खतरे से निपटना है। Trishuli Tunnel से नौ दिन बाद दो लोगों का जिंदा निकलना इस त्रासदी के बीच उम्मीद की एक किरण जरूर लेकर आया है। अब Rescue Teams की कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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