आपका चैनल --
ताज़ा खबर
BREAKINGमध्य प्रदेशइंदौर में ‘Gen Z Protest 2.0’ जारी, CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर अड़े युवा◆BREAKINGदेश-हरपलNeha Bora High Court: ‘न हमने कॉल दिया, न वहां गए’, CJP प्रदर्शन से किया किनारा◆BREAKINGस्पोर्ट्सन्यूजीलैंड क्रिकेट का बड़ा फैसला, MLC में नहीं करेगा निवेश; NZ20 लीग भी टली◆BREAKINGबिज़नेसZomato-Blinkit की पैरेंट कंपनी Eternal लाएगी Dark.ai, सीक्रेट चैट और प्राइवेसी पर होगा फोकस◆BREAKINGबिज़नेसeMudhra में तकनीकी गड़बड़ी की जांच के लिए IT मंत्रालय ने बनाई स्पेशल टीम, सरकार बोली- भारतीय वेबसाइट्स और ऐप सुरक्षित◆BREAKINGबिज़नेसGold Price Today: सोने के दाम में बड़ी गिरावट, 10 ग्राम का भाव ₹1.43 लाख पर◆BREAKINGदेश-हरपलAmit Shah Statement: धरने से कुछ नहीं होगा, जनता के बीच जाएं- विपक्ष को शाह की सलाह◆BREAKINGएंटरटेनमेंटRanbir Kapoor Controversy: सच्चाई और अच्छाई पर गलत बोल गए रणबीर, अब मांगी माफी◆BREAKINGमध्य प्रदेशइंदौर में ‘Gen Z Protest 2.0’ जारी, CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर अड़े युवा◆BREAKINGदेश-हरपलNeha Bora High Court: ‘न हमने कॉल दिया, न वहां गए’, CJP प्रदर्शन से किया किनारा◆BREAKINGस्पोर्ट्सन्यूजीलैंड क्रिकेट का बड़ा फैसला, MLC में नहीं करेगा निवेश; NZ20 लीग भी टली◆BREAKINGबिज़नेसZomato-Blinkit की पैरेंट कंपनी Eternal लाएगी Dark.ai, सीक्रेट चैट और प्राइवेसी पर होगा फोकस◆BREAKINGबिज़नेसeMudhra में तकनीकी गड़बड़ी की जांच के लिए IT मंत्रालय ने बनाई स्पेशल टीम, सरकार बोली- भारतीय वेबसाइट्स और ऐप सुरक्षित◆BREAKINGबिज़नेसGold Price Today: सोने के दाम में बड़ी गिरावट, 10 ग्राम का भाव ₹1.43 लाख पर◆BREAKINGदेश-हरपलAmit Shah Statement: धरने से कुछ नहीं होगा, जनता के बीच जाएं- विपक्ष को शाह की सलाह◆BREAKINGएंटरटेनमेंटRanbir Kapoor Controversy: सच्चाई और अच्छाई पर गलत बोल गए रणबीर, अब मांगी माफी◆

NE

News Elementor

What's Hot

Banner

Latest Posts

WAYAM courses, NPTEL online courses, UGC credit transfer, MOOC India, online education India, SWAYAM portal news, NPTEL credit system

Digital Shift या System Failure? SWAYAM-NPTEL Courses में क्यों नहीं बढ़ रही छात्रों की दिलचस्पी

Exclusive story:-भारत में SWAYAM और NPTEL ऑनलाइन कोर्स से डिग्री में क्रेडिट लेने का सिस्टम लागू है, लेकिन छात्र और यूनिवर्सिटीज इसे अपनाने में पीछे क्यों हैं?जानिए पूरी पड़ताल। ऑनलाइन एजुकेशन का बड़ा दावा, लेकिन असर सीमित भारत में उच्च शिक्षा को डिजिटल और लचीला बनाने के लिए सरकार ने SWAYAM और NPTEL प्लेटफॉर्म को बढ़ावा दिया। उद्देश्य साफ था — छात्र अपने कॉलेज के साथ-साथ ऑनलाइन पढ़ाई करके डिग्री का एक बड़ा हिस्सा पूरा कर सकें। नीतियों के अनुसार, छात्र अपनी पढ़ाई का लगभग 40% हिस्सा ऑनलाइन कोर्स के जरिए पूरा कर सकते हैं। लेकिन असल स्थिति यह है कि यह सुविधा मौजूद होने के बावजूद ज्यादातर छात्र इसका फायदा नहीं उठा रहे हैं। सिस्टम मौजूद, लेकिन इस्तेमाल कम देशभर की 400 से ज्यादा यूनिवर्सिटीज इस क्रेडिट सिस्टम से जुड़ चुकी हैं। प्लेटफॉर्म पर हजारों कोर्स भी उपलब्ध हैं। फिर भी, ग्राउंड लेवल पर देखा जाए तो: इससे साफ संकेत मिलता है कि नीति और व्यवहार में बड़ा गैप है। क्रेडिट ट्रांसफर सिस्टम आखिर है क्या? यह सिस्टम छात्रों को यह आज़ादी देता है कि: कागजों पर यह मॉडल काफी मजबूत दिखता है, लेकिन इसे लागू करना उतना आसान नहीं रहा। क्यों नहीं चल पा रहा यह मॉडल? 1. स्टूडेंट्स का कम जुड़ाव कई छात्रों को ये कोर्स अतिरिक्त बोझ लगते हैं। वे इन्हें सीरियसली नहीं लेते या पूरा नहीं कर पाते। 2. यूनिवर्सिटीज का अधूरा इंप्लीमेंटेशन हालांकि कई यूनिवर्सिटीज इस सिस्टम से जुड़ी हैं, लेकिन: 3. टाइमिंग और शेड्यूल का टकराव ऑनलाइन कोर्स और कॉलेज के सेमेस्टर शेड्यूल में तालमेल की कमी है।इस वजह से छात्रों के लिए दोनों को साथ मैनेज करना मुश्किल हो जाता है। 4. इंडस्ट्री-फोकस्ड कोर्स की कमी आज के समय में छात्र ऐसे कोर्स चाहते हैं जो उन्हें नौकरी दिलाने में मदद करें।लेकिन कई ऑनलाइन कोर्स अभी भी पुराने या कम प्रैक्टिकल माने जाते हैं। 5. जानकारी और गाइडेंस का अभाव कई छात्रों को यह तक नहीं पता कि: क्या हो सकता है समाधान? विशेषज्ञों का मानना है कि इस सिस्टम को सफल बनाने के लिए: ✔ कुछ प्रतिशत क्रेडिट को अनिवार्य किया जाए✔ छात्रों को सही गाइडेंस दी जाए✔ इंडस्ट्री से जुड़े नए कोर्स जोड़े जाएं✔ यूनिवर्सिटीज में इसे गंभीरता से लागू किया जाए प्राइवेट प्लेटफॉर्म क्यों आगे हैं? आज के समय में कई छात्र विदेशी और प्राइवेट प्लेटफॉर्म को प्राथमिकता दे रहे हैं। इसके पीछे कारण हैं: यही वजह है कि सरकारी प्लेटफॉर्म होते हुए भी कम्पटीशन बढ़ गया है। भविष्य का रास्ता क्या है? SWAYAM और NPTEL जैसे प्लेटफॉर्म भारत के लिए बहुत बड़ा अवसर हैं, खासकर उन छात्रों के लिए जो: लेकिन अगर इन्हें सही तरीके से लागू नहीं किया गया, तो यह पहल सिर्फ एक अच्छी योजना बनकर रह जाएग डिजिटल एजुकेशन का यह मॉडल भारत की शिक्षा व्यवस्था को बदल सकता है, लेकिन अभी यह अपने शुरुआती संघर्ष के दौर में है। नीतियों से ज्यादा जरूरी है उनका सही क्रियान्वयन — तभी यह पहल सच में एजुकेशन रिवोल्यूशन बन पाएगी।
Read more
Kota Coaching City, Kota Admission 2026, JEE NEET Coaching Kota, Kota Students Rush, Coaching Hub India

Breaking: कोटा फिर गुलजार, एडमिशन सीजन में लौटी रौनक — छात्रों की बाढ़ से भरी ‘कोचिंग सिटी’

Breaking: बोर्ड एग्जाम खत्म होते ही कोटा में एडमिशन सीजन ने रफ्तार पकड़ ली है। देशभर से छात्रों की भीड़ उमड़ी, कोचिंग सिटी फिर हुई गुलजार।कोटा फिर गुलजार, एडमिशन सीजन में लौटी रौनक — छात्रों की बाढ़ से भरी ‘कोचिंग सिटी जैसे ही बोर्ड एग्जाम खत्म हुए, JEE और NEET की तैयारी करने वाले छात्रों का रुख कोटा की ओर मुड़ गया। बड़े-बड़े कोचिंग संस्थान जैसे ने नए बैच के लिए एडमिशन प्रोसेस तेज कर दी है। संस्थानों के बाहर लंबी कतारें, हॉस्टल्स में फुल बुकिंग, और PG रूम्स की डिमांड में जबरदस्त उछाल देखने को मिल रहा है। देशभर से उमड़ रहे छात्र उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड और यहां तक कि दक्षिण भारत से भी छात्र बड़ी संख्या में कोटा पहुंच रहे हैं।रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर भीड़ साफ संकेत दे रही है कि कोटा का “एजुकेशन माइग्रेशन” फिर से पीक पर है। स्थानीय इकोनॉमी को मिला बूस्ट छात्रों की बढ़ती संख्या का सीधा फायदा शहर की अर्थव्यवस्था को भी मिल रहा है। कोटा के व्यापारियों के लिए यह सीजन “कमाई का गोल्डन टाइम” माना जा रहा है। हालांकि रौनक के साथ कुछ चिंताएं भी सामने आईबढ़ता स्ट्रेस और कॉम्पिटिश,रहने की महंगी व्यवस्था ,छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य का मुद्दा ,पिछले वर्षों में कोटा में छात्रों के तनाव से जुड़े मामले सामने आने के बाद प्रशासन और कोचिंग संस्थान इस बार ज्यादा सतर्क नजर आ रहे हैं। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि कोटा अभी भी देश का सबसे बड़ा कॉम्पिटिटिव एग्जाम प्रिपरेशन हब बना हुआ है।हालांकि अब ऑनलाइन एजुकेशन के बढ़ते ट्रेंड के बावजूद, कोटा की ऑफलाइन कोचिंग कल्चर की पकड़ अभी भी मजबूत है। कोटा में एडमिशन सीजन की वापसी सिर्फ एक शैक्षणिक गतिविधि नहीं, बल्कि पूरे शहर की लाइफलाइन है।हर साल लाखों सपनों के साथ आने वाले छात्रों के लिए यह शहर उम्मीद, मेहनत और सफलता का प्रतीक बना हुआ है।
Read more
भोपाल की SAGE University Bhopal से जुड़ी बड़ी अपडेट: Admission, Exam Schedule & Student Fest

भोपाल की SAGE University Bhopal से जुड़ी बड़ी अपडेट: Admission, Exam Schedule & Student Fest

भोपाल की SAGE University Bhopal से जुड़ी बड़ी अपडेट सामने आई है, जो स्टूडेंट्स के लिए काफी अहम है। यूनिवर्सिटी में एक तरफ जहां नए एडमिशन शुरू हो चुके हैं, वहीं दूसरी तरफ एग्जाम शेड्यूल और आने वाले बड़े इवेंट्स की तैयारी भी जोरों पर है। जानकारी के मुताबिक, SAGE University ने 2026 बैच के लिए एडमिशन प्रक्रिया शुरू कर दी है। स्टूडेंट्स SAGE Entrance Exam के जरिए आवेदन कर सकते हैं। सीटें सीमित हैं, इसलिए समय रहते आवेदन करना जरूरी बताया जा रहा है। इसके साथ ही यूनिवर्सिटी ने स्प्रिंग सेमेस्टर 2025-26 के एग्जाम शेड्यूल भी जारी कर दिए हैं। अलग-अलग कोर्स जैसे BCA, BBA, BSc, BA और अन्य प्रोग्राम्स के लिए परीक्षा तारीखें घोषित कर दी गई हैं, जिससे स्टूडेंट्स अपनी तैयारी को बेहतर तरीके से प्लान कर सकते हैं। इसी बीच, यूनिवर्सिटी में छात्रों के लिए एक बड़ा इवेंट भी आने वाला है। अप्रैल 2026 में “SAGE Swarnim Student Fest” आयोजित किया जाएगा, जिसमें देशभर से स्टूडेंट्स हिस्सा लेंगे। इस फेस्ट में प्रतियोगिताएं, वर्कशॉप्स और कई क्रिएटिव एक्टिविटीज़ होंगी, जिससे स्टूडेंट्स को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा। यूनिवर्सिटी लगातार एजुकेशन के साथ-साथ स्टूडेंट्स के ओवरऑल डेवलपमेंट पर भी फोकस कर रही है। एडमिशन से लेकर इवेंट्स तक, हर स्तर पर स्टूडेंट्स को बेहतर माहौल देने की कोशिश की जा रही है। ऐसे में जो छात्र भोपाल में अच्छे करियर ऑप्शन की तलाश कर रहे हैं, उनके लिए SAGE University एक बेहतर विकल्प बनकर सामने आ रही है। लेटेस्ट अपडेट्स के लिए Desh Har Pal News Portal से जुड़े रहें। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
PSEB 5th, 8th Result 2026 LIVE: पंजाब बोर्ड जल्द जारी करेगा क्लास 5 और 8 का रिजल्ट, ऐसे करें चेक

PSEB 5th, 8th Result 2026 LIVE: पंजाब बोर्ड जल्द जारी करेगा क्लास 5 और 8 का रिजल्ट, ऐसे करें चेक

पंजाब स्कूल एजुकेशन बोर्ड (PSEB) जल्द ही क्लास 5 और क्लास 8 का रिजल्ट 2026 जारी करने वाला है। लाखों छात्र और उनके माता-पिता इस रिजल्ट का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। रिजल्ट का दिन हर बच्चे के लिए खास होता है। छोटी क्लास होने के बावजूद यह रिजल्ट बच्चों के आत्मविश्वास को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाता है। बच्चों के साथ-साथ माता-पिता भी इस दिन को लेकर काफी उत्साहित और थोड़े चिंतित नजर आते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, PSEB 5th और 8th का रिजल्ट अप्रैल के पहले या दूसरे हफ्ते में जारी किया जा सकता है। हालांकि, बोर्ड की तरफ से अभी तक आधिकारिक तारीख और समय की घोषणा नहीं की गई है। रिजल्ट जारी होने के बाद छात्र PSEB की आधिकारिक वेबसाइट pseb.ac.in पर जाकर अपना रिजल्ट चेक कर सकेंगे। इसके लिए उन्हें अपना रोल नंबर या अन्य जरूरी जानकारी दर्ज करनी होगी। रिजल्ट देखने के बाद छात्र उसे डाउनलोड या प्रिंट भी कर सकते हैं, ताकि भविष्य में जरूरत पड़ने पर काम आ सके। अगर रिजल्ट चेक करते समय वेबसाइट स्लो हो जाए, तो घबराने की जरूरत नहीं है। ज्यादा ट्रैफिक की वजह से ऐसा होना आम बात है, इसलिए कुछ समय बाद फिर से कोशिश करें। इस समय माता-पिता की जिम्मेदारी है कि वे बच्चों का हौसला बढ़ाएं। चाहे रिजल्ट जैसा भी हो, बच्चों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना सबसे जरूरी है। लेटेस्ट अपडेट और पूरी जानकारी के लिए Desh Har Pal News Portal पर जुड़े रहें। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Haryana Board 12वीं रिजल्ट 2026: 15 मई तक आ सकता है HBSE क्लास 12 का परिणाम

Haryana Board 12वीं रिजल्ट 2026: 15 मई तक आ सकता है HBSE क्लास 12 का परिणाम

Haryana Board of School Education (HBSE) जल्द ही 12वीं कक्षा का रिजल्ट 2026 जारी कर सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, HBSE Class 12 Result 15 मई तक आने की संभावना है। हजारों स्टूडेंट्स इस रिजल्ट का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। परीक्षा के बाद से ही बच्चों और उनके परिवारों में रिजल्ट को लेकर उत्सुकता बनी हुई है। यह समय स्टूडेंट्स के लिए थोड़ा स्ट्रेसफुल जरूर होता है, लेकिन साथ ही उनके भविष्य की नई शुरुआत का भी संकेत देता है। रिजल्ट जारी होने के बाद स्टूडेंट्स HBSE की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर अपना स्कोर चेक कर सकेंगे। इसके लिए उन्हें अपना रोल नंबर और जरूरी डिटेल्स दर्ज करनी होंगी। अगर रिजल्ट के दिन वेबसाइट स्लो हो जाए, तो घबराने की जरूरत नहीं है। ज्यादा ट्रैफिक की वजह से ऐसा अक्सर होता है। थोड़ा इंतजार करें और फिर से कोशिश करें। जो स्टूडेंट्स अपने मार्क्स से संतुष्ट नहीं होंगे, वे री-चेकिंग या री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा, सप्लीमेंट्री एग्जाम का विकल्प भी उपलब्ध रहेगा। इस दौरान पैरेंट्स का सपोर्ट बहुत जरूरी होता है। बच्चों को प्रोत्साहित करें और उन्हें यह समझाएं कि एक रिजल्ट ही सब कुछ नहीं होता, आगे और भी कई मौके मिलते हैं। लेटेस्ट अपडेट और पूरी जानकारी के लिए Desh Har Pal News Portal पर जुड़े रहें। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
CBSE 10वीं रिजल्ट 2026: जल्द जारी हो सकता है परिणाम, छात्रों का इंतजार खत्म होने वाला

CBSE 10वीं रिजल्ट 2026: जल्द जारी हो सकता है परिणाम, छात्रों का इंतजार खत्म होने वाला

देशभर के लाखों छात्रों का इंतजार अब खत्म होने के करीब है। Central Board of Secondary Education (CBSE) जल्द ही 10वीं कक्षा का रिजल्ट जारी कर सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बोर्ड किसी भी समय परिणाम की तारीख और समय की आधिकारिक घोषणा कर सकता है। ऐसे में छात्र और उनके परिवार काफी उत्साहित हैं और लगातार अपडेट पर नजर बनाए हुए हैं। हर साल की तरह इस बार भी छात्र अपना रिजल्ट ऑनलाइन ही देख सकेंगे। इसके लिए उन्हें CBSE की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना रोल नंबर और जरूरी जानकारी दर्ज करनी होगी। रिजल्ट का दिन हर छात्र के लिए खास होता है। कुछ के लिए यह खुशी लेकर आता है तो कुछ के लिए आगे बेहतर करने की प्रेरणा। ऐसे में जरूरी है कि छात्र बिना तनाव के अपने परिणाम को स्वीकार करें और आगे की तैयारी पर ध्यान दें। अब सभी की नजरें CBSE की घोषणा पर टिकी हैं, क्योंकि रिजल्ट कभी भी जारी हो सकता है। हर खबर, हर पल, देश हरपल पर !
Read more
Oracle

Oracle Layoffs 2026 CIA Project से शुरू हुई Company ने India में 12,000 Jobs Cut कीं

भारत के IT सेक्टर में आज की सबसे बड़ी खबर Oracle से आई। कंपनी ने भारत में लगभग 12,000 कर्मचारियों की छंटनी की घोषणा की है। यह सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि Oracle ने global restructuring के तहत 20,000 से 30,000 jobs तक कम करने की प्रक्रिया शुरू की है। सबसे ज्यादा असर भारत के बड़े tech hubs जैसे Bengaluru, Hyderabad, Pune और Noida में देखा जा रहा है। CIA Project से शुरू हुई Oracle की कहानी बहुत कम लोग जानते हैं कि Oracle का नाम किसी marketing campaign या product से नहीं आया। 1977 में Larry Ellison, Bob Miner और Ed Oates ने जो database project शुरू किया था, वह CIA के लिए intelligence-grade database system था। इसी project का codename “Oracle” था। बाद में वही नाम कंपनी की पहचान बन गया। यह contrast और भी दिलचस्प है—जहां शुरुआत CIA project से हुई, वहीं आज Oracle AI और cloud infrastructure की दौड़ में तेजी से आगे बढ़ रही है। सुबह 6 बजे आया termination email कई कर्मचारियों ने बताया कि उन्हें सुबह करीब 5–6 बजे termination email मिला। इसमें role खत्म होने की जानकारी सिर्फ कुछ lines में दी गई थी। email के कुछ ही मिनटों बाद system access और internal tools बंद कर दिए गए। कई employees ने सोशल मीडिया पर लिखा कि उन्हें manager या HR की तरफ से कोई personal call नहीं आया। यह sudden job loss उनके लिए सिर्फ professional झटका नहीं, बल्कि emotional और financial shock भी बन गया। India में इतना बड़ा impact क्यों? Oracle के India offices कंपनी का सबसे बड़ा engineering base हैं। इस layoffs round में लगभग 40% workforce प्रभावित हुआ। engineering, cloud, operations, enterprise support, product management और NetSuite teams इस कदम से प्रभावित हैं। इसलिए इसे Indian tech sector के सबसे बड़े layoffs में से एक माना जा रहा है। Oracle क्यों कर रही है इतनी बड़ी restructuring? Oracle फिलहाल AI cloud infrastructure और large-scale data centers में भारी निवेश कर रही है। कंपनी Amazon AWS, Microsoft Azure और Google Cloud के मुकाबले खुद को खड़ा करने की कोशिश कर रही है। Industry experts मानते हैं कि Oracle अब “smaller teams, more automation” मॉडल पर काम कर रही है। जहां पहले बड़े engineering teams की जरूरत होती थी, अब AI और automation tools से वही काम कम लोगों से पूरा किया जा रहा है। Human Impact: हजारों families की कहानी इस layoffs का सबसे भावनात्मक पहलू यह है कि कई employees ने Oracle में 10–20 साल तक काम किया था। कुछ viral posts में long-term employees की medical, financial और family responsibilities सामने आईं। यही वजह है कि यह layoffs सिर्फ corporate restructuring नहीं, बल्कि हजारों families की जिंदगी को प्रभावित करने वाली खबर बन गई है। CIA से AI तक Oracle की shocking journey Oracle की कहानी tech history में rare contrast है। CIA project से जन्मी Oracle अब AI और cloud race के लिए India में 12,000 jobs cut कर रही है — यही इस खबर को powerful और shocking बनाता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
RBSE 12th Result 2026: राजस्थान बोर्ड 12वीं का रिजल्ट जारी, ऐसे करें चेक

RBSE 12th Result 2026: राजस्थान बोर्ड 12वीं का रिजल्ट जारी, ऐसे करें चेक

राजस्थान बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (RBSE) ने क्लास 12वीं का रिजल्ट 2026 जारी कर दिया है। लाखों स्टूडेंट्स जो अपने रिजल्ट का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे, अब आसानी से अपना स्कोर ऑनलाइन चेक कर सकते हैं। ये दिन हर स्टूडेंट के लिए बहुत खास होता है। महीनों की मेहनत, एग्जाम का प्रेशर और फ्यूचर की टेंशन—सब कुछ इस एक रिजल्ट पर आकर टिक जाता है। रिजल्ट आते ही घर में खुशी, राहत और कभी-कभी थोड़ा इमोशनल माहौल भी बन जाता है। स्टूडेंट्स अपना रिजल्ट राजस्थान बोर्ड की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर चेक कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें अपना रोल नंबर और जरूरी डिटेल्स डालनी होंगी। सबमिट करते ही आपका रिजल्ट स्क्रीन पर आ जाएगा, जिसे आप डाउनलोड या प्रिंट भी कर सकते हैं। अगर वेबसाइट स्लो चल रही है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। रिजल्ट के समय ज्यादा ट्रैफिक होने की वजह से ऐसा होता है। थोड़ी देर बाद फिर से कोशिश करें। जो स्टूडेंट्स अपने नंबर से खुश नहीं हैं, वे री-इवैल्यूएशन या सप्लीमेंट्री एग्जाम के लिए अप्लाई कर सकते हैं। याद रखें, एक रिजल्ट आपकी पूरी लाइफ तय नहीं करता। आगे बढ़ने के कई मौके होते हैं। पेरेंट्स को भी चाहिए कि वे अपने बच्चों का हौसला बढ़ाएं और उन्हें आगे के लिए मोटिवेट करें। लेटेस्ट अपडेट्स और ज्यादा जानकारी के लिए Desh Har Pal News Portal पर विजिट करते रहें। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Bihar Board 10th Topper 2026: ज्योति कुमारी ने 97.4% के साथ 4th रैंक हासिल की, समस्तीपुर का नाम रोशन

Bihar Board 10th Topper 2026: ज्योति कुमारी ने 97.4% के साथ 4th रैंक हासिल की, समस्तीपुर का नाम रोशन

Bihar Board 10वीं रिजल्ट 2026 में इस बार समस्तीपुर की रहने वाली ज्योति कुमारी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 97.4% अंक हासिल किए हैं। इसी के साथ उन्होंने पूरे राज्य में चौथा स्थान (4th Rank) प्राप्त किया है। ज्योति की इस सफलता से उनके परिवार और पूरे इलाके में खुशी का माहौल है। एक साधारण परिवार से आने वाली ज्योति ने अपनी मेहनत और लगन से यह मुकाम हासिल किया है। ज्योति ने बताया कि उन्होंने रोजाना नियमित पढ़ाई की और सोशल मीडिया से दूरी बनाकर अपने लक्ष्य पर फोकस किया। उनके माता-पिता ने भी हर कदम पर उनका साथ दिया और हौसला बढ़ाया। उनकी इस उपलब्धि से यह साफ है कि अगर इरादे मजबूत हों, तो कोई भी लक्ष्य मुश्किल नहीं होता। ज्योति अब आगे की पढ़ाई में भी अच्छा करना चाहती हैं और अपने सपनों को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। गांव और स्कूल के लोग भी ज्योति की इस सफलता पर गर्व महसूस कर रहे हैं। यह सफलता उन सभी छात्रों के लिए प्रेरणा है जो मेहनत कर रहे हैं और अपने सपनों को साकार करना चाहते हैं। छात्रों और अभिभावकों के लिए यह एक भावुक और गर्व का पल है, जो यह दिखाता है कि सच्ची मेहनत का फल जरूर मिलता है। ऐसी ही पॉजिटिव और प्रेरणादायक खबरों के लिए जुड़े रहें Desh Har Pal News Portal के साथ। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
RBSE 10th Result 2026 Declared: राजस्थान बोर्ड 10वीं का रिजल्ट जारी, ऐसे करें चेक

RBSE 10th Result 2026 Declared: राजस्थान बोर्ड 10वीं का रिजल्ट जारी, ऐसे करें चेक

राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) ने कक्षा 10वीं का रिजल्ट 2026 आधिकारिक रूप से जारी कर दिया है। लाखों छात्र जो अपने परिणाम का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे, अब आसानी से ऑनलाइन अपना रिजल्ट चेक कर सकते हैं। यह दिन हर छात्र के लिए बेहद खास होता है। महीनों की मेहनत, देर रात तक पढ़ाई और परीक्षा के तनाव के बाद रिजल्ट का दिन खुशी और घबराहट दोनों लेकर आता है। इस समय माता-पिता भी अपने बच्चों के साथ भावनात्मक रूप से जुड़े होते हैं। छात्र अपना रिजल्ट RBSE की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर चेक कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें अपना रोल नंबर और जरूरी जानकारी दर्ज करनी होगी। जानकारी सबमिट करते ही स्क्रीन पर रिजल्ट दिखाई देगा, जिसे आप डाउनलोड या प्रिंट भी कर सकते हैं। अगर वेबसाइट धीमी चल रही हो तो घबराने की जरूरत नहीं है। रिजल्ट के दिन अधिक ट्रैफिक के कारण ऐसा होना सामान्य बात है। थोड़ी देर बाद फिर से कोशिश करें। जो छात्र अपने अंकों से संतुष्ट नहीं हैं, वे पुनर्मूल्यांकन (Re-evaluation) या सप्लीमेंट्री परीक्षा के लिए आवेदन कर सकते हैं। याद रखें, एक रिजल्ट आपका भविष्य तय नहीं करता। सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ना ही सबसे जरूरी है। माता-पिता को भी चाहिए कि वे इस समय बच्चों का हौसला बढ़ाएं और उन्हें आगे के लिए प्रेरित करें। अधिक अपडेट और जानकारी के लिए Desh Har Pal News Portal पर विजिट करते रहें। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
1 … 6 7 8 9 10 … 12

Trending News

Editor's Picks

इंदौर में ‘Gen Z Protest 2.0’ जारी, CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर अड़े युवा

इंदौर में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर युवाओं का आंदोलन जारी है। 5 अक्टूबर से प्रदर्शन कर रहे युवाओं ने अपने आंदोलन को ‘Gen Z Protest 2.0’ नाम दिया है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पुलिस की कार्रवाई के बावजूद वे अपनी मांग को लेकर पीछे नहीं हटेंगे। 19 अक्टूबर को भंवरकुआं चौराहे पर प्रदर्शन के दौरान कुछ युवाओं ने पेट्रोल डालकर आत्मदाह की कोशिश की थी। हालांकि, पुलिस ने उन्हें समय रहते हिरासत में ले लिया। प्रदर्शनकारियों का दावा है कि इसके बाद उन्हें करीब 24 घंटे तक नजरबंद रखा गया। रिहा होने के बाद युवाओं ने आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है। प्रदर्शन से पहले सोशल मीडिया के जरिए युवाओं से जुटने की अपील की गई थी। आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों के हाथों में संविधान और महात्मा गांधी की तस्वीरें थीं। इसके अलावा, उन्होंने अलग-अलग संदेश लिखी तख्तियों के जरिए अपनी मांगें भी रखीं। 50-60 पुलिसकर्मियों ने हटाया, प्रदर्शनकारी का दावा प्रदर्शनकारी योगित गुप्ता के मुताबिक, 19 अक्टूबर को वह अपने 10 साथियों के साथ भंवरकुआं चौराहे पर पहुंचे थे। उनके पास पेट्रोल से भरी बोतलें थीं और वे आत्मदाह करने की कोशिश कर रहे थे। इसी दौरान करीब 50 से 60 पुलिसकर्मियों ने उन्हें बलपूर्वक वहां से हटा दिया। योगित ने दावा किया कि पुलिस ने उन्हें आत्मदाह करने से रोकने के बाद करीब 24 घंटे तक नजरबंद रखा। उन्होंने कहा कि पुलिस की कार्रवाई के बावजूद उनका आंदोलन खत्म नहीं हुआ है और वे अपनी मांग को लेकर आगे भी प्रदर्शन जारी रखेंगे।
Neha Bora

Neha Bora High Court: ‘न हमने कॉल दिया, न वहां गए’, CJP प्रदर्शन से किया किनारा

दिल्ली में CJP प्रदर्शन को लेकर विवाद अब अदालत तक पहुंच गया है। 22 अक्टूबर को दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान नेहा बोरा (Neha Bora) ने साफ कहा कि उन्होंने कनॉट प्लेस में हुए प्रदर्शन के लिए न तो कोई कॉल दिया और न ही वह वहां गई थीं। उनके इस बयान के बाद CJP प्रदर्शन और दिल्ली पुलिस की कार्रवाई को लेकर मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। Neha Bora की ओर से अदालत में पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए गए। उनका कहना है कि जिस प्रदर्शन से उन्हें जोड़कर कार्रवाई की गई, उसमें उनकी भूमिका को लेकर लगाए गए आरोप सही नहीं हैं। अब इस मामले में सबकी नजर हाईकोर्ट की सुनवाई और आगे होने वाली कानूनी कार्रवाई पर है। Delhi High Court में नेहा बोरा ने क्या कहा? दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान नेहा बोरा की ओर से दलील दी गई कि उन्होंने 16 अक्टूबर को कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में होने वाले प्रदर्शन का आह्वान नहीं किया था। उन्होंने यह भी कहा कि वह वहां मौजूद नहीं थीं। उनकी ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल शंकरनारायण ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। बचाव पक्ष के मुताबिक, नेहा को हिरासत में लेने की प्रक्रिया और उसके बाद जारी किए गए नोटिस के लिए पर्याप्त आधार नहीं बताया गया। नेहा बोरा ने अदालत में पुलिस की ओर से जारी उस नोटिस को भी चुनौती दी है, जिसमें शांति बनाए रखने के लिए 10 हजार रुपये का निजी मुचलका और एक जमानतदार देने की शर्त रखी गई थी। क्या है Neha Bora और CJP प्रदर्शन का पूरा मामला? यह पूरा विवाद 16 अक्टूबर को दिल्ली में प्रस्तावित ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च से जुड़ा है। इस मार्च के जरिए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर विरोध दर्ज कराने की योजना थी। नेहा बोरा को 16 अक्टूबर को दिल्ली के मंडी हाउस इलाके में हिरासत में लिया गया था। इसके बाद उन्हें रिहा कर दिया गया। बाद में उन्हें शांति बनाए रखने के लिए मुचलका देने से संबंधित नोटिस जारी किया गया। नेहा की ओर से अदालत में कहा गया कि मंडी हाउस में प्रस्तावित सभा और कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में होने वाले प्रदर्शन को एक ही मामला मानकर कार्रवाई करना उचित नहीं है। उन्होंने पुलिस के कदम को चुनौती देते हुए नोटिस की वैधता पर सवाल उठाए हैं। CJP Leaders Update: सौरव दास और आशुतोष रांका को भी मिली राहत CJP प्रदर्शन से जुड़े मामले में सौरव दास और आशुतोष रांका का नाम भी चर्चा में है। दोनों नेताओं को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन से जुड़े मामले में हिरासत में लिया गया था। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, सात दिन की न्यायिक हिरासत के बाद 21 अक्टूबर को दोनों की रिहाई का आदेश दिया गया। इसके लिए उन्हें निजी और जमानती मुचलके भरने तथा निर्धारित शर्तों का पालन करने को कहा गया। दोनों नेताओं की हिरासत और नेहा बोरा की याचिका ने दिल्ली में विरोध-प्रदर्शन की अनुमति, पुलिस की कार्रवाई और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने के अधिकार को लेकर बहस तेज कर दी है। SIR Controversy: क्यों हो रहा है विरोध? मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विपक्षी दलों और कुछ संगठनों ने सवाल उठाए हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इस प्रक्रिया में मतदाताओं के नाम प्रभावित होने की आशंका है। वहीं, चुनाव आयोग की प्रक्रिया और उससे जुड़े विवाद को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी जारी है। CJP से जुड़े प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध दर्ज कराया है। इसी बीच जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति, पुलिस की कार्रवाई और प्रदर्शनकारियों से मुचलका भरवाने जैसे मुद्दे अदालत तक पहुंच गए हैं। अब आगे क्या होगा? दिल्ली हाईकोर्ट में नेहा बोरा की ओर से पुलिस के नोटिस और हिरासत की कार्रवाई पर सवाल उठाए गए हैं। अब इस मामले में अदालत की आगे की कार्यवाही अहम होगी। फिलहाल, उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह दावा नहीं किया जा सकता कि हाईकोर्ट ने नेहा बोरा को सभी आरोपों से मुक्त कर दिया है या पुलिस का नोटिस रद्द कर दिया है। मामले में अंतिम आदेश की पुष्टि होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

न्यूजीलैंड क्रिकेट का बड़ा फैसला, MLC में नहीं करेगा निवेश; NZ20 लीग भी टली

न्यूजीलैंड क्रिकेट बोर्ड ने अमेरिका की मेजर लीग क्रिकेट (MLC) में निवेश नहीं करने का फैसला किया है। बोर्ड ने 2027 सीजन से पहले लीग की नई टीम शुरू करने के लिए अमेरिकी कंपनी ट्रू नॉर्थ स्पोर्ट्स (TNS) वेंचर्स के साथ साझेदारी की थी। हालांकि, अब न्यूजीलैंड क्रिकेट घरेलू क्रिकेट और अपने संसाधनों पर ध्यान केंद्रित करना चाहता है। मेजर लीग क्रिकेट में न्यूजीलैंड के कई प्रमुख खिलाड़ी हिस्सा लेते रहे हैं। इनमें रचिन रवींद्र, फिन एलन, डेवोन कॉनवे, टिम सेफर्ट और लॉकी फर्ग्यूसन जैसे नाम शामिल हैं। अप्रैल 2025 में हुई थी साझेदारी की घोषणा न्यूजीलैंड क्रिकेट ने अप्रैल 2025 में TNS वेंचर्स के साथ साझेदारी की घोषणा की थी। इस समझौते के तहत बोर्ड को 2027 में MLC की प्रस्तावित दो नई टीमों में से एक को शुरू करने और संचालित करने में सहयोग देना था। इसके लिए न्यूजीलैंड क्रिकेट को हाई-परफॉर्मेंस और संचालन से जुड़ी सहायता उपलब्ध करानी थी। हालांकि, अब बोर्ड ने इस योजना से पीछे हटने का निर्णय लिया है। न्यूजीलैंड क्रिकेट ने कहा- अभी सही समय नहीं न्यूजीलैंड क्रिकेट के CEO ज्योफ एलॉट ने कहा कि उन्हें इस साझेदारी के उद्देश्य और महत्वाकांक्षा पर भरोसा है। उनके मुताबिक, अमेरिकी बाजार में क्रिकेट के विस्तार की काफी संभावनाएं हैं, लेकिन विस्तृत आकलन के बाद बोर्ड को लगता है कि फिलहाल इस दिशा में आगे बढ़ने का सही समय नहीं है। एलॉट ने TNS और MLC के सह-संस्थापक समीर मेहता तथा विजय श्रीनिवासन का अवसर तलाशने में सहयोग के लिए आभार जताया। उन्होंने यह भी कहा कि न्यूजीलैंड क्रिकेट भविष्य में दोनों के साथ संपर्क बनाए रखेगा। न्यूजीलैंड की NZ20 टी-20 लीग भी टली न्यूजीलैंड में प्रस्तावित पुरुष और महिला टी-20 लीग NZ20 की शुरुआत भी टाल दी गई है। इस लीग की योजना मौजूदा सुपर स्मैश टूर्नामेंट की जगह एक नई प्रतियोगिता शुरू करने की थी। पहले NZ20 को जनवरी 2027 में शुरू करने की योजना थी, लेकिन अब इसकी शुरुआत दिसंबर 2027 तक के लिए टाल दी गई है। इससे न्यूजीलैंड क्रिकेट की घरेलू टी-20 प्रतियोगिता की योजनाओं में भी बदलाव हुआ है।

Zomato-Blinkit की पैरेंट कंपनी Eternal लाएगी Dark.ai, सीक्रेट चैट और प्राइवेसी पर होगा फोकस

जोमैटो और ब्लिंकइट की पैरेंट कंपनी एटरनल (Eternal) आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया में नया कदम उठाने की तैयारी कर रही है। कंपनी के प्रमुख दीपिंदर गोयल ने ‘Dark.ai’ नाम के नए AI ऐप के बारे में जानकारी दी है। इसका मुख्य फोकस यूजर्स की प्राइवेसी और संवेदनशील बातचीत की सुरक्षा पर होगा। गोयल के मुताबिक, इस ऐप को इस तरह तैयार किया जा रहा है कि लोग अपनी निजी बातें, गोपनीय विचार, रिसर्च और जटिल सवाल बिना किसी झिझक के साझा कर सकें। फिलहाल कंपनी के कर्मचारी इसकी टेस्टिंग कर रहे हैं। डेटा सुरक्षा पर जोर, कंपनी भी नहीं पढ़ पाएगी चैट दीपिंदर गोयल ने बताया कि Dark.ai को कंपनी के अपने कंप्यूटर सिस्टम और सुरक्षित तकनीक पर चलाने की योजना है। इसमें एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन जैसी सुरक्षा व्यवस्था का इस्तेमाल किए जाने की बात कही गई है, ताकि बातचीत को अनधिकृत रूप से पढ़े जाने से बचाया जा सके। ऐप में एक विशेष मेमोरी सिस्टम भी होगा, जिस पर यूजर का नियंत्रण रहेगा। इसके जरिए यूजर अपनी जरूरत के अनुसार पुरानी बातचीत से जुड़ी जानकारी को सुरक्षित रख सकेंगे या हटा सकेंगे। हालांकि, ऐप की सुरक्षा व्यवस्था और डेटा प्रबंधन से जुड़े सभी तकनीकी विवरण अभी सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। इसलिए कंपनी के दावों की वास्तविक सीमा लॉन्च के समय उपलब्ध जानकारी से स्पष्ट होगी। स्टार्टअप, वैज्ञानिकों और रिसर्चर्स के लिए होगा उपयोगी Dark.ai को खास तौर पर उन लोगों और संस्थानों को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है, जिन्हें संवेदनशील जानकारियों के साथ काम करना पड़ता है। इनमें स्टार्टअप संस्थापक, वैज्ञानिक, रिसर्चर्स, बड़ी कंपनियां और सरकारी कार्यालय शामिल हैं। गोयल के मुताबिक, इस AI को केवल यूजर को खुश करने के लिए जवाब देने के बजाय तथ्यों के आधार पर उत्तर देने के लिए तैयार किया जाएगा। इसका उद्देश्य ऐसा सिस्टम बनाना है, जो यूजर की बातों से सहमत होने के बजाय अपनी समझ के अनुसार जवाब दे। मौजूदा AI ऐप्स की प्राइवेसी पर उठाए सवाल गोयल ने मौजूदा AI प्लेटफॉर्म्स पर डेटा सुरक्षा और प्राइवेसी को लेकर चिंता जताई। उनका कहना है कि कई सेवाओं में यूजर डेटा सेव न करने का विकल्प चुनने के बाद भी बैकएंड पर जानकारी के प्रबंधन को लेकर स्पष्टता की कमी महसूस हो सकती है। उन्होंने कहा कि आम AI ऐप्स इस्तेमाल करते समय यूजर्स के मन में यह आशंका बनी रह सकती है कि उनकी बातचीत कोई पढ़ सकता है। उनके मुताबिक, इसी तरह का डर और अविश्वास लोगों को AI का पूरी क्षमता से इस्तेमाल करने से रोक सकता है। Dark.ai के जरिए कंपनी इस चिंता को कम करने और यूजर्स को निजी बातचीत के लिए अधिक सुरक्षित माहौल देने की कोशिश कर रही है। इसी साल लॉन्च की तैयारी, कीमत पर फैसला नहीं कंपनी की ओर से ऐप की लॉन्चिंग को लेकर इसी साल की तैयारी का संकेत दिया गया है। हालांकि, इसके काम करने की गति, इस्तेमाल किए जाने वाले AI मॉडल और अन्य तकनीकी विशेषताओं की विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है। ऐप मुफ्त होगा या इसके लिए सब्सक्रिप्शन लेना पड़ेगा, इस बारे में भी कंपनी ने कोई जानकारी नहीं दी है। इससे होने वाली संभावित कमाई को लेकर भी फिलहाल स्थिति स्पष्ट नहीं है। फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म जोमैटो और क्विक कॉमर्स सेवा ब्लिंकइट के बाद AI सॉफ्टवेयर क्षेत्र में एटरनल का यह संभावित कदम कंपनी के कारोबार के विस्तार की दिशा में अहम हो सकता है।

eMudhra में तकनीकी गड़बड़ी की जांच के लिए IT मंत्रालय ने बनाई स्पेशल टीम, सरकार बोली- भारतीय वेबसाइट्स और ऐप सुरक्षित

डिजिटल सुरक्षा सेवाएं देने वाली कंपनी ई-मुद्रा (eMudhra) में तकनीकी गड़बड़ी सामने आने के बाद आईटी मंत्रालय ने मामले की जांच के लिए विशेष टीम गठित की है। सरकार के मुताबिक, इस गड़बड़ी का असर कंपनी के विदेशी कारोबार तक सीमित है। भारतीय वेबसाइट्स और ऐप्स की सुरक्षा प्रभावित होने की बात सामने नहीं आई है। सरकार ने सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों से सावधान रहने की अपील की है। मामले की जांच साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों की मदद से की जा रही है, ताकि गड़बड़ी की वजह और उसके संभावित प्रभाव का पता लगाया जा सके। eMudhra दो तरह की डिजिटल सुरक्षा सेवाएं देती है ई-मुद्रा का कारोबार मुख्य रूप से दो क्षेत्रों में फैला है। पहला, भारत में डिजिटल सिग्नेचर और eSign सेवाएं देना। दूसरा, विदेशी वेबसाइट्स के लिए डिजिटल सुरक्षा प्रमाणपत्र जारी करना। कंपनी से जुड़ी जानकारी के मुताबिक, हालिया तकनीकी गड़बड़ी उसके विदेशी कारोबार से संबंधित डिजिटल सर्टिफिकेट्स में सामने आई। भारतीय डिजिटल सिग्नेचर और eSign सेवाओं पर इसका असर होने की जानकारी नहीं दी गई है। सिस्टम की खराबी से बने कमजोर सुरक्षा कोड ई-मुद्रा के मुताबिक, सिस्टम में तकनीकी खराबी के कारण कुछ कमजोर सुरक्षा कोड बन गए थे। एक साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ ने इस समस्या के बारे में एप्पल, गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और मोजिला जैसी बड़ी टेक कंपनियों को अलर्ट किया। चिंता जताई गई कि इन कमजोर कोड का फायदा उठाकर साइबर हमलावर सुरक्षा प्रमाणपत्रों की विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचा सकते हैं। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह नहीं कहा जा सकता कि इन कोड का इस्तेमाल करके वास्तव में कोई हमला हुआ था। गूगल और मोजिला ने प्रभावित सर्टिफिकेट्स पर की कार्रवाई तकनीकी गड़बड़ी की जानकारी मिलने के बाद ब्राउजर कंपनियों ने प्रभावित सुरक्षा प्रमाणपत्रों के खिलाफ कदम उठाए। इन कदमों का उद्देश्य प्रभावित प्रमाणपत्रों के इस्तेमाल से जुड़े जोखिम को सीमित करना है। eMudhra का दावा- ग्राहक का डेटा चोरी नहीं हुआ ई-मुद्रा ने कहा है कि उसका मुख्य सिस्टम सुरक्षित है और किसी ग्राहक का डेटा चोरी नहीं हुआ है। कंपनी के अनुसार, जिस विदेशी कारोबार में गड़बड़ी सामने आई, उससे उसकी कुल कमाई का लगभग 1 प्रतिशत हिस्सा आता है। कंपनी प्रभावित विदेशी ग्राहकों को नए और सुरक्षित डिजिटल सर्टिफिकेट उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में भी जुटी है, ताकि उनकी सेवाएं जारी रह सकें। सरकार ने अफवाहों से बचने की अपील की आईटी मंत्रालय ने कहा है कि मामले की जांच की जा रही है और सोशल मीडिया पर चल रही अपुष्ट खबरों के आधार पर घबराने की जरूरत नहीं है। सरकार की साइबर सुरक्षा टीम और विशेषज्ञ तकनीकी पहलुओं की पड़ताल कर रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद मामले से जुड़ी विस्तृत जानकारी सामने आने की उम्मीद है। फिलहाल, गड़बड़ी के वास्तविक दायरे और संभावित प्रभाव को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।

About Me

देशहरपल सिर्फ खबरों का मंच नहीं, बल्कि आपकी आवाज़ को सामने लाने का एक सशक्त माध्यम भी है। यहां आपको ताज़ातरीन खबरों के साथ-साथ नौकरी, शिक्षा, और नए भारत की बदलती आर्थिक तस्वीर पर उपयोगी और भरोसेमंद जानकारी मिलेगी।

Phone: +91 9406783569, +91 755 484 8829
Email: support@deshharpal.com
Address : A-23 Sakshi Bunglow Trilanga Near Aura Mall Bhopal M.P

Recent Posts

  • All Post
  • Breaking News
  • Education
  • More News
  • Web Story
  • एंटरटेनमेंट
  • देश-हरपल
  • धर्म-कर्म
  • प्रदेश
  • बिज़नेस
  • वर्ल्ड न्यूज़
  • वीडियो
  • स्पोर्ट्स
    •   Back
    • एक्सक्लूसिव
    • Editorial
    •   Back
    • IPL 2026
    • T20 वर्ल्ड कप
    • FIFA 2026
    •   Back
    • सोच-विचार
    • हेल्थ
    • ट्रैवल
    • कल्चर
    • एनवायरनमेंट
    • Impact Feature
    •   Back
    • राशिफल
    • पंचांग
    • पर्व-त्यौहार
    • पूजा-पाठ
    • चैत्र नवरात्रि 2025
    •   Back
    • मध्य प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    •   Back
    • टीवी
    • वेब-सीरीज
    • फिल्म रिव्यू
    • बॉलीवुड
    •   Back
    • लाइफस्टाइल
    •   Back
    • स्टॉक-मार्केट

© 2023 Deshharpal. All Rights Reserved.