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MP Board Second Exam 2026: 10वीं-12वीं की दूसरी परीक्षा 7 मई से, एक हफ्ते में करें आवेदन

MP Board Second Exam 2026: 10वीं-12वीं की दूसरी परीक्षा 7 मई से, एक हफ्ते में करें आवेदन

मध्य प्रदेश के छात्रों के लिए राहत भरी खबर है। माध्यमिक शिक्षा मंडल मध्य प्रदेश (MP Board) ने 10वीं और 12वीं की दूसरी परीक्षा (Second Exam) का टाइम टेबल जारी कर दिया है। जो छात्र किसी कारण से पहली परीक्षा में सफल नहीं हो पाए या अपने अंक सुधारना चाहते हैं, उनके लिए यह एक सुनहरा मौका है। बोर्ड के अनुसार, 10वीं और 12वीं की दूसरी परीक्षा 7 मई 2026 से शुरू होगी। खास बात यह है कि इस परीक्षा में शामिल होने के लिए छात्रों को केवल एक हफ्ते के भीतर आवेदन करना होगा। इसलिए छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे समय पर फॉर्म भर लें, ताकि यह मौका हाथ से न निकल जाए। इस बार बोर्ड ने छात्रों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रक्रिया को आसान बनाया है। परीक्षा का पूरा शेड्यूल बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध रहेगा, जहां से छात्र अपने विषय अनुसार तारीख देख सकते हैं। यह दूसरी परीक्षा उन छात्रों के लिए उम्मीद की नई किरण है, जो पहली बार में सफल नहीं हो पाए। सही तैयारी और आत्मविश्वास के साथ छात्र इस बार अच्छे अंक हासिल कर सकते हैं। महत्वपूर्ण बातें: छात्रों और अभिभावकों से अपील है कि वे समय पर आवेदन करें और परीक्षा की तैयारी में जुट जाएं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Digital Shift या System Failure? SWAYAM-NPTEL Courses में क्यों नहीं बढ़ रही छात्रों की दिलचस्पी

Exclusive story:-भारत में SWAYAM और NPTEL ऑनलाइन कोर्स से डिग्री में क्रेडिट लेने का सिस्टम लागू है, लेकिन छात्र और यूनिवर्सिटीज इसे अपनाने में पीछे क्यों हैं?जानिए पूरी पड़ताल। ऑनलाइन एजुकेशन का बड़ा दावा, लेकिन असर सीमित भारत में उच्च शिक्षा को डिजिटल और लचीला बनाने के लिए सरकार ने SWAYAM और NPTEL प्लेटफॉर्म को बढ़ावा दिया। उद्देश्य साफ था — छात्र अपने कॉलेज के साथ-साथ ऑनलाइन पढ़ाई करके डिग्री का एक बड़ा हिस्सा पूरा कर सकें। नीतियों के अनुसार, छात्र अपनी पढ़ाई का लगभग 40% हिस्सा ऑनलाइन कोर्स के जरिए पूरा कर सकते हैं। लेकिन असल स्थिति यह है कि यह सुविधा मौजूद होने के बावजूद ज्यादातर छात्र इसका फायदा नहीं उठा रहे हैं। सिस्टम मौजूद, लेकिन इस्तेमाल कम देशभर की 400 से ज्यादा यूनिवर्सिटीज इस क्रेडिट सिस्टम से जुड़ चुकी हैं। प्लेटफॉर्म पर हजारों कोर्स भी उपलब्ध हैं। फिर भी, ग्राउंड लेवल पर देखा जाए तो: इससे साफ संकेत मिलता है कि नीति और व्यवहार में बड़ा गैप है। क्रेडिट ट्रांसफर सिस्टम आखिर है क्या? यह सिस्टम छात्रों को यह आज़ादी देता है कि: कागजों पर यह मॉडल काफी मजबूत दिखता है, लेकिन इसे लागू करना उतना आसान नहीं रहा। क्यों नहीं चल पा रहा यह मॉडल? 1. स्टूडेंट्स का कम जुड़ाव कई छात्रों को ये कोर्स अतिरिक्त बोझ लगते हैं। वे इन्हें सीरियसली नहीं लेते या पूरा नहीं कर पाते। 2. यूनिवर्सिटीज का अधूरा इंप्लीमेंटेशन हालांकि कई यूनिवर्सिटीज इस सिस्टम से जुड़ी हैं, लेकिन: 3. टाइमिंग और शेड्यूल का टकराव ऑनलाइन कोर्स और कॉलेज के सेमेस्टर शेड्यूल में तालमेल की कमी है।इस वजह से छात्रों के लिए दोनों को साथ मैनेज करना मुश्किल हो जाता है। 4. इंडस्ट्री-फोकस्ड कोर्स की कमी आज के समय में छात्र ऐसे कोर्स चाहते हैं जो उन्हें नौकरी दिलाने में मदद करें।लेकिन कई ऑनलाइन कोर्स अभी भी पुराने या कम प्रैक्टिकल माने जाते हैं। 5. जानकारी और गाइडेंस का अभाव कई छात्रों को यह तक नहीं पता कि: क्या हो सकता है समाधान? विशेषज्ञों का मानना है कि इस सिस्टम को सफल बनाने के लिए: ✔ कुछ प्रतिशत क्रेडिट को अनिवार्य किया जाए✔ छात्रों को सही गाइडेंस दी जाए✔ इंडस्ट्री से जुड़े नए कोर्स जोड़े जाएं✔ यूनिवर्सिटीज में इसे गंभीरता से लागू किया जाए प्राइवेट प्लेटफॉर्म क्यों आगे हैं? आज के समय में कई छात्र विदेशी और प्राइवेट प्लेटफॉर्म को प्राथमिकता दे रहे हैं। इसके पीछे कारण हैं: यही वजह है कि सरकारी प्लेटफॉर्म होते हुए भी कम्पटीशन बढ़ गया है। भविष्य का रास्ता क्या है? SWAYAM और NPTEL जैसे प्लेटफॉर्म भारत के लिए बहुत बड़ा अवसर हैं, खासकर उन छात्रों के लिए जो: लेकिन अगर इन्हें सही तरीके से लागू नहीं किया गया, तो यह पहल सिर्फ एक अच्छी योजना बनकर रह जाएग डिजिटल एजुकेशन का यह मॉडल भारत की शिक्षा व्यवस्था को बदल सकता है, लेकिन अभी यह अपने शुरुआती संघर्ष के दौर में है। नीतियों से ज्यादा जरूरी है उनका सही क्रियान्वयन — तभी यह पहल सच में एजुकेशन रिवोल्यूशन बन पाएगी।
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Breaking: कोटा फिर गुलजार, एडमिशन सीजन में लौटी रौनक — छात्रों की बाढ़ से भरी ‘कोचिंग सिटी’

Breaking: बोर्ड एग्जाम खत्म होते ही कोटा में एडमिशन सीजन ने रफ्तार पकड़ ली है। देशभर से छात्रों की भीड़ उमड़ी, कोचिंग सिटी फिर हुई गुलजार।कोटा फिर गुलजार, एडमिशन सीजन में लौटी रौनक — छात्रों की बाढ़ से भरी ‘कोचिंग सिटी जैसे ही बोर्ड एग्जाम खत्म हुए, JEE और NEET की तैयारी करने वाले छात्रों का रुख कोटा की ओर मुड़ गया। बड़े-बड़े कोचिंग संस्थान जैसे ने नए बैच के लिए एडमिशन प्रोसेस तेज कर दी है। संस्थानों के बाहर लंबी कतारें, हॉस्टल्स में फुल बुकिंग, और PG रूम्स की डिमांड में जबरदस्त उछाल देखने को मिल रहा है। देशभर से उमड़ रहे छात्र उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड और यहां तक कि दक्षिण भारत से भी छात्र बड़ी संख्या में कोटा पहुंच रहे हैं।रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर भीड़ साफ संकेत दे रही है कि कोटा का “एजुकेशन माइग्रेशन” फिर से पीक पर है। स्थानीय इकोनॉमी को मिला बूस्ट छात्रों की बढ़ती संख्या का सीधा फायदा शहर की अर्थव्यवस्था को भी मिल रहा है। कोटा के व्यापारियों के लिए यह सीजन “कमाई का गोल्डन टाइम” माना जा रहा है। हालांकि रौनक के साथ कुछ चिंताएं भी सामने आईबढ़ता स्ट्रेस और कॉम्पिटिश,रहने की महंगी व्यवस्था ,छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य का मुद्दा ,पिछले वर्षों में कोटा में छात्रों के तनाव से जुड़े मामले सामने आने के बाद प्रशासन और कोचिंग संस्थान इस बार ज्यादा सतर्क नजर आ रहे हैं। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि कोटा अभी भी देश का सबसे बड़ा कॉम्पिटिटिव एग्जाम प्रिपरेशन हब बना हुआ है।हालांकि अब ऑनलाइन एजुकेशन के बढ़ते ट्रेंड के बावजूद, कोटा की ऑफलाइन कोचिंग कल्चर की पकड़ अभी भी मजबूत है। कोटा में एडमिशन सीजन की वापसी सिर्फ एक शैक्षणिक गतिविधि नहीं, बल्कि पूरे शहर की लाइफलाइन है।हर साल लाखों सपनों के साथ आने वाले छात्रों के लिए यह शहर उम्मीद, मेहनत और सफलता का प्रतीक बना हुआ है।
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भोपाल की SAGE University Bhopal से जुड़ी बड़ी अपडेट: Admission, Exam Schedule & Student Fest

भोपाल की SAGE University Bhopal से जुड़ी बड़ी अपडेट: Admission, Exam Schedule & Student Fest

भोपाल की SAGE University Bhopal से जुड़ी बड़ी अपडेट सामने आई है, जो स्टूडेंट्स के लिए काफी अहम है। यूनिवर्सिटी में एक तरफ जहां नए एडमिशन शुरू हो चुके हैं, वहीं दूसरी तरफ एग्जाम शेड्यूल और आने वाले बड़े इवेंट्स की तैयारी भी जोरों पर है। जानकारी के मुताबिक, SAGE University ने 2026 बैच के लिए एडमिशन प्रक्रिया शुरू कर दी है। स्टूडेंट्स SAGE Entrance Exam के जरिए आवेदन कर सकते हैं। सीटें सीमित हैं, इसलिए समय रहते आवेदन करना जरूरी बताया जा रहा है। इसके साथ ही यूनिवर्सिटी ने स्प्रिंग सेमेस्टर 2025-26 के एग्जाम शेड्यूल भी जारी कर दिए हैं। अलग-अलग कोर्स जैसे BCA, BBA, BSc, BA और अन्य प्रोग्राम्स के लिए परीक्षा तारीखें घोषित कर दी गई हैं, जिससे स्टूडेंट्स अपनी तैयारी को बेहतर तरीके से प्लान कर सकते हैं। इसी बीच, यूनिवर्सिटी में छात्रों के लिए एक बड़ा इवेंट भी आने वाला है। अप्रैल 2026 में “SAGE Swarnim Student Fest” आयोजित किया जाएगा, जिसमें देशभर से स्टूडेंट्स हिस्सा लेंगे। इस फेस्ट में प्रतियोगिताएं, वर्कशॉप्स और कई क्रिएटिव एक्टिविटीज़ होंगी, जिससे स्टूडेंट्स को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा। यूनिवर्सिटी लगातार एजुकेशन के साथ-साथ स्टूडेंट्स के ओवरऑल डेवलपमेंट पर भी फोकस कर रही है। एडमिशन से लेकर इवेंट्स तक, हर स्तर पर स्टूडेंट्स को बेहतर माहौल देने की कोशिश की जा रही है। ऐसे में जो छात्र भोपाल में अच्छे करियर ऑप्शन की तलाश कर रहे हैं, उनके लिए SAGE University एक बेहतर विकल्प बनकर सामने आ रही है। लेटेस्ट अपडेट्स के लिए Desh Har Pal News Portal से जुड़े रहें। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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PSEB 5th, 8th Result 2026 LIVE: पंजाब बोर्ड जल्द जारी करेगा क्लास 5 और 8 का रिजल्ट, ऐसे करें चेक

PSEB 5th, 8th Result 2026 LIVE: पंजाब बोर्ड जल्द जारी करेगा क्लास 5 और 8 का रिजल्ट, ऐसे करें चेक

पंजाब स्कूल एजुकेशन बोर्ड (PSEB) जल्द ही क्लास 5 और क्लास 8 का रिजल्ट 2026 जारी करने वाला है। लाखों छात्र और उनके माता-पिता इस रिजल्ट का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। रिजल्ट का दिन हर बच्चे के लिए खास होता है। छोटी क्लास होने के बावजूद यह रिजल्ट बच्चों के आत्मविश्वास को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाता है। बच्चों के साथ-साथ माता-पिता भी इस दिन को लेकर काफी उत्साहित और थोड़े चिंतित नजर आते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, PSEB 5th और 8th का रिजल्ट अप्रैल के पहले या दूसरे हफ्ते में जारी किया जा सकता है। हालांकि, बोर्ड की तरफ से अभी तक आधिकारिक तारीख और समय की घोषणा नहीं की गई है। रिजल्ट जारी होने के बाद छात्र PSEB की आधिकारिक वेबसाइट pseb.ac.in पर जाकर अपना रिजल्ट चेक कर सकेंगे। इसके लिए उन्हें अपना रोल नंबर या अन्य जरूरी जानकारी दर्ज करनी होगी। रिजल्ट देखने के बाद छात्र उसे डाउनलोड या प्रिंट भी कर सकते हैं, ताकि भविष्य में जरूरत पड़ने पर काम आ सके। अगर रिजल्ट चेक करते समय वेबसाइट स्लो हो जाए, तो घबराने की जरूरत नहीं है। ज्यादा ट्रैफिक की वजह से ऐसा होना आम बात है, इसलिए कुछ समय बाद फिर से कोशिश करें। इस समय माता-पिता की जिम्मेदारी है कि वे बच्चों का हौसला बढ़ाएं। चाहे रिजल्ट जैसा भी हो, बच्चों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना सबसे जरूरी है। लेटेस्ट अपडेट और पूरी जानकारी के लिए Desh Har Pal News Portal पर जुड़े रहें। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Haryana Board 12वीं रिजल्ट 2026: 15 मई तक आ सकता है HBSE क्लास 12 का परिणाम

Haryana Board 12वीं रिजल्ट 2026: 15 मई तक आ सकता है HBSE क्लास 12 का परिणाम

Haryana Board of School Education (HBSE) जल्द ही 12वीं कक्षा का रिजल्ट 2026 जारी कर सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, HBSE Class 12 Result 15 मई तक आने की संभावना है। हजारों स्टूडेंट्स इस रिजल्ट का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। परीक्षा के बाद से ही बच्चों और उनके परिवारों में रिजल्ट को लेकर उत्सुकता बनी हुई है। यह समय स्टूडेंट्स के लिए थोड़ा स्ट्रेसफुल जरूर होता है, लेकिन साथ ही उनके भविष्य की नई शुरुआत का भी संकेत देता है। रिजल्ट जारी होने के बाद स्टूडेंट्स HBSE की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर अपना स्कोर चेक कर सकेंगे। इसके लिए उन्हें अपना रोल नंबर और जरूरी डिटेल्स दर्ज करनी होंगी। अगर रिजल्ट के दिन वेबसाइट स्लो हो जाए, तो घबराने की जरूरत नहीं है। ज्यादा ट्रैफिक की वजह से ऐसा अक्सर होता है। थोड़ा इंतजार करें और फिर से कोशिश करें। जो स्टूडेंट्स अपने मार्क्स से संतुष्ट नहीं होंगे, वे री-चेकिंग या री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा, सप्लीमेंट्री एग्जाम का विकल्प भी उपलब्ध रहेगा। इस दौरान पैरेंट्स का सपोर्ट बहुत जरूरी होता है। बच्चों को प्रोत्साहित करें और उन्हें यह समझाएं कि एक रिजल्ट ही सब कुछ नहीं होता, आगे और भी कई मौके मिलते हैं। लेटेस्ट अपडेट और पूरी जानकारी के लिए Desh Har Pal News Portal पर जुड़े रहें। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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CBSE 10वीं रिजल्ट 2026: जल्द जारी हो सकता है परिणाम, छात्रों का इंतजार खत्म होने वाला

CBSE 10वीं रिजल्ट 2026: जल्द जारी हो सकता है परिणाम, छात्रों का इंतजार खत्म होने वाला

देशभर के लाखों छात्रों का इंतजार अब खत्म होने के करीब है। Central Board of Secondary Education (CBSE) जल्द ही 10वीं कक्षा का रिजल्ट जारी कर सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बोर्ड किसी भी समय परिणाम की तारीख और समय की आधिकारिक घोषणा कर सकता है। ऐसे में छात्र और उनके परिवार काफी उत्साहित हैं और लगातार अपडेट पर नजर बनाए हुए हैं। हर साल की तरह इस बार भी छात्र अपना रिजल्ट ऑनलाइन ही देख सकेंगे। इसके लिए उन्हें CBSE की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना रोल नंबर और जरूरी जानकारी दर्ज करनी होगी। रिजल्ट का दिन हर छात्र के लिए खास होता है। कुछ के लिए यह खुशी लेकर आता है तो कुछ के लिए आगे बेहतर करने की प्रेरणा। ऐसे में जरूरी है कि छात्र बिना तनाव के अपने परिणाम को स्वीकार करें और आगे की तैयारी पर ध्यान दें। अब सभी की नजरें CBSE की घोषणा पर टिकी हैं, क्योंकि रिजल्ट कभी भी जारी हो सकता है। हर खबर, हर पल, देश हरपल पर !
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Oracle

Oracle Layoffs 2026 CIA Project से शुरू हुई Company ने India में 12,000 Jobs Cut कीं

भारत के IT सेक्टर में आज की सबसे बड़ी खबर Oracle से आई। कंपनी ने भारत में लगभग 12,000 कर्मचारियों की छंटनी की घोषणा की है। यह सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि Oracle ने global restructuring के तहत 20,000 से 30,000 jobs तक कम करने की प्रक्रिया शुरू की है। सबसे ज्यादा असर भारत के बड़े tech hubs जैसे Bengaluru, Hyderabad, Pune और Noida में देखा जा रहा है। CIA Project से शुरू हुई Oracle की कहानी बहुत कम लोग जानते हैं कि Oracle का नाम किसी marketing campaign या product से नहीं आया। 1977 में Larry Ellison, Bob Miner और Ed Oates ने जो database project शुरू किया था, वह CIA के लिए intelligence-grade database system था। इसी project का codename “Oracle” था। बाद में वही नाम कंपनी की पहचान बन गया। यह contrast और भी दिलचस्प है—जहां शुरुआत CIA project से हुई, वहीं आज Oracle AI और cloud infrastructure की दौड़ में तेजी से आगे बढ़ रही है। सुबह 6 बजे आया termination email कई कर्मचारियों ने बताया कि उन्हें सुबह करीब 5–6 बजे termination email मिला। इसमें role खत्म होने की जानकारी सिर्फ कुछ lines में दी गई थी। email के कुछ ही मिनटों बाद system access और internal tools बंद कर दिए गए। कई employees ने सोशल मीडिया पर लिखा कि उन्हें manager या HR की तरफ से कोई personal call नहीं आया। यह sudden job loss उनके लिए सिर्फ professional झटका नहीं, बल्कि emotional और financial shock भी बन गया। India में इतना बड़ा impact क्यों? Oracle के India offices कंपनी का सबसे बड़ा engineering base हैं। इस layoffs round में लगभग 40% workforce प्रभावित हुआ। engineering, cloud, operations, enterprise support, product management और NetSuite teams इस कदम से प्रभावित हैं। इसलिए इसे Indian tech sector के सबसे बड़े layoffs में से एक माना जा रहा है। Oracle क्यों कर रही है इतनी बड़ी restructuring? Oracle फिलहाल AI cloud infrastructure और large-scale data centers में भारी निवेश कर रही है। कंपनी Amazon AWS, Microsoft Azure और Google Cloud के मुकाबले खुद को खड़ा करने की कोशिश कर रही है। Industry experts मानते हैं कि Oracle अब “smaller teams, more automation” मॉडल पर काम कर रही है। जहां पहले बड़े engineering teams की जरूरत होती थी, अब AI और automation tools से वही काम कम लोगों से पूरा किया जा रहा है। Human Impact: हजारों families की कहानी इस layoffs का सबसे भावनात्मक पहलू यह है कि कई employees ने Oracle में 10–20 साल तक काम किया था। कुछ viral posts में long-term employees की medical, financial और family responsibilities सामने आईं। यही वजह है कि यह layoffs सिर्फ corporate restructuring नहीं, बल्कि हजारों families की जिंदगी को प्रभावित करने वाली खबर बन गई है। CIA से AI तक Oracle की shocking journey Oracle की कहानी tech history में rare contrast है। CIA project से जन्मी Oracle अब AI और cloud race के लिए India में 12,000 jobs cut कर रही है — यही इस खबर को powerful और shocking बनाता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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RBSE 12th Result 2026: राजस्थान बोर्ड 12वीं का रिजल्ट जारी, ऐसे करें चेक

RBSE 12th Result 2026: राजस्थान बोर्ड 12वीं का रिजल्ट जारी, ऐसे करें चेक

राजस्थान बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (RBSE) ने क्लास 12वीं का रिजल्ट 2026 जारी कर दिया है। लाखों स्टूडेंट्स जो अपने रिजल्ट का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे, अब आसानी से अपना स्कोर ऑनलाइन चेक कर सकते हैं। ये दिन हर स्टूडेंट के लिए बहुत खास होता है। महीनों की मेहनत, एग्जाम का प्रेशर और फ्यूचर की टेंशन—सब कुछ इस एक रिजल्ट पर आकर टिक जाता है। रिजल्ट आते ही घर में खुशी, राहत और कभी-कभी थोड़ा इमोशनल माहौल भी बन जाता है। स्टूडेंट्स अपना रिजल्ट राजस्थान बोर्ड की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर चेक कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें अपना रोल नंबर और जरूरी डिटेल्स डालनी होंगी। सबमिट करते ही आपका रिजल्ट स्क्रीन पर आ जाएगा, जिसे आप डाउनलोड या प्रिंट भी कर सकते हैं। अगर वेबसाइट स्लो चल रही है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। रिजल्ट के समय ज्यादा ट्रैफिक होने की वजह से ऐसा होता है। थोड़ी देर बाद फिर से कोशिश करें। जो स्टूडेंट्स अपने नंबर से खुश नहीं हैं, वे री-इवैल्यूएशन या सप्लीमेंट्री एग्जाम के लिए अप्लाई कर सकते हैं। याद रखें, एक रिजल्ट आपकी पूरी लाइफ तय नहीं करता। आगे बढ़ने के कई मौके होते हैं। पेरेंट्स को भी चाहिए कि वे अपने बच्चों का हौसला बढ़ाएं और उन्हें आगे के लिए मोटिवेट करें। लेटेस्ट अपडेट्स और ज्यादा जानकारी के लिए Desh Har Pal News Portal पर विजिट करते रहें। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Bihar Board 10th Topper 2026: ज्योति कुमारी ने 97.4% के साथ 4th रैंक हासिल की, समस्तीपुर का नाम रोशन

Bihar Board 10th Topper 2026: ज्योति कुमारी ने 97.4% के साथ 4th रैंक हासिल की, समस्तीपुर का नाम रोशन

Bihar Board 10वीं रिजल्ट 2026 में इस बार समस्तीपुर की रहने वाली ज्योति कुमारी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 97.4% अंक हासिल किए हैं। इसी के साथ उन्होंने पूरे राज्य में चौथा स्थान (4th Rank) प्राप्त किया है। ज्योति की इस सफलता से उनके परिवार और पूरे इलाके में खुशी का माहौल है। एक साधारण परिवार से आने वाली ज्योति ने अपनी मेहनत और लगन से यह मुकाम हासिल किया है। ज्योति ने बताया कि उन्होंने रोजाना नियमित पढ़ाई की और सोशल मीडिया से दूरी बनाकर अपने लक्ष्य पर फोकस किया। उनके माता-पिता ने भी हर कदम पर उनका साथ दिया और हौसला बढ़ाया। उनकी इस उपलब्धि से यह साफ है कि अगर इरादे मजबूत हों, तो कोई भी लक्ष्य मुश्किल नहीं होता। ज्योति अब आगे की पढ़ाई में भी अच्छा करना चाहती हैं और अपने सपनों को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। गांव और स्कूल के लोग भी ज्योति की इस सफलता पर गर्व महसूस कर रहे हैं। यह सफलता उन सभी छात्रों के लिए प्रेरणा है जो मेहनत कर रहे हैं और अपने सपनों को साकार करना चाहते हैं। छात्रों और अभिभावकों के लिए यह एक भावुक और गर्व का पल है, जो यह दिखाता है कि सच्ची मेहनत का फल जरूर मिलता है। ऐसी ही पॉजिटिव और प्रेरणादायक खबरों के लिए जुड़े रहें Desh Har Pal News Portal के साथ। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Bittu Tabahi

Bittu Tabahi ने बदली सोच, अकेले शुरू किया नदी सफाई अभियान; नगरपालिका भी हुई प्रभावित

नदी में गंदगी देखकर ज्यादातर लोग शिकायत करते हैं, लेकिन मध्य प्रदेश के एक युवक ने शिकायत करने के बजाय खुद कुछ करने की ठानी। स्थानीय स्तर पर ‘बिट्टू तबाही’ (Bittu Tabahi) के नाम से पहचाने जाने वाले इस युवक ने अकेले ही नदी की सफाई का जिम्मा उठा लिया। उनका यह जज्बा अब लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। बिट्टू ने नदी में जमा कचरे और गंदगी को देखकर सफाई अभियान शुरू किया। शुरुआत किसी बड़े इंतजाम या टीम के साथ नहीं हुई। उन्होंने अपने स्तर पर सफाई करना शुरू किया और लगातार इस काम में जुटे रहे। नदी को साफ रखने का लिया संकल्प बिट्टू का मानना है कि नदी सिर्फ पानी का स्रोत नहीं, बल्कि आसपास के लोगों और पर्यावरण के लिए बेहद जरूरी है। इसी सोच के साथ उन्होंने नदी में जमा कचरे को हटाने की पहल की। उनका यह प्रयास धीरे-धीरे स्थानीय लोगों का ध्यान खींचने लगा। लोगों ने देखा कि बिना किसी दबाव या दिखावे के बिट्टू लगातार नदी की सफाई में लगे हुए हैं। नगरपालिका ने भी की पहल की सराहना बिट्टू के लगातार सफाई अभियान की जानकारी नगरपालिका तक पहुंची तो उनके प्रयास की सराहना की गई। एक युवक द्वारा अपने स्तर पर नदी को साफ रखने की कोशिश को अधिकारियों ने सकारात्मक कदम माना। इस पहल ने यह भी दिखाया कि अगर कोई व्यक्ति अपने आसपास के पर्यावरण को लेकर जिम्मेदारी महसूस करे, तो छोटी शुरुआत भी बड़ा संदेश दे सकती है। सोशल मीडिया पर भी चर्चा में आया अभियान बिट्टू का नदी सफाई अभियान अब स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। उनके प्रयास को देखकर दूसरे लोगों में भी स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ाने की उम्मीद है। आज नदियों में बढ़ता कचरा और प्रदूषण बड़ी चुनौती है। ऐसे में बिट्टू की पहल लोगों को यह संदेश देती है कि नदी को साफ रखना सिर्फ प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की भी साझा जिम्मेदारी है। ‘बिट्टू तबाही’ ने दी एक अलग मिसाल बिट्टू की कहानी इसलिए खास है क्योंकि उन्होंने बदलाव का इंतजार नहीं किया, बल्कि खुद बदलाव की शुरुआत करने का फैसला लिया। अकेले शुरू किया गया उनका यह सफाई अभियान अब दूसरों के लिए प्रेरणा बनता दिखाई दे रहा है। कई बार किसी बड़े बदलाव की शुरुआत बड़े अभियान से नहीं, बल्कि एक छोटे से कदम से होती है। बिट्टू का यह प्रयास उसी सोच की मिसाल है—अगर इरादा मजबूत हो, तो एक इंसान भी बदलाव की शुरुआत कर सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
UN

World Map में बड़ा बदलाव! UN ने Africa के असली Size को दिखाने का रास्ता साफ किया

दुनिया का नक्शा (World Map) देखते हुए शायद ही किसी ने सोचा होगा कि इसमें दिखाई देने वाले देशों और महाद्वीपों का आकार असलियत से अलग भी हो सकता है। लेकिन अब इसी मुद्दे को लेकर संयुक्त राष्ट्र में एक अहम पहल हुई है। UN महासभा ने ऐसे World Map को बढ़ावा देने वाले प्रस्ताव का समर्थन किया है, जिसमें धरती के अलग-अलग हिस्सों को उनके वास्तविक क्षेत्रफल के ज्यादा करीब दिखाने की कोशिश की गई है। इस बदलाव के बाद नक्शे पर Africa पहले से काफी बड़ा दिखाई देगा, जबकि Europe और North America, खासकर US का आकार पुराने नक्शे की तुलना में छोटा नजर आ सकता है। प्रस्ताव को भारी समर्थन मिला, लेकिन अमेरिका ने इसका विरोध किया। पुराने World Map में आखिर समस्या क्या है? दुनिया के स्कूलों और कई नक्शों में लंबे समय से Mercator Projection का इस्तेमाल किया जाता रहा है। इसे 16वीं सदी में Gerardus Mercator ने तैयार किया था। उस समय इसका सबसे बड़ा फायदा समुद्री यात्राओं और Navigation में था। लेकिन Mercator Projection की एक खासियत ही इसकी सबसे बड़ी कमी भी बन गई। इसमें जैसे-जैसे कोई क्षेत्र Equator से दूर जाता है, उसका आकार नक्शे पर ज्यादा बड़ा दिखाई देने लगता है। यही कारण है कि Greenland जैसे इलाके नक्शे पर अपनी वास्तविकता से बहुत बड़े नजर आते हैं। दूसरी तरफ Africa, जो दुनिया के सबसे बड़े महाद्वीपों में से एक है, अपेक्षाकृत छोटा दिखाई देता है। मसलन, सामान्य Mercator Map में Greenland और Africa का आकार देखकर किसी को लग सकता है कि दोनों लगभग बराबर हैं। असल में Africa का क्षेत्रफल Greenland से करीब 14 गुना ज्यादा है। Equal Earth Projection क्यों चर्चा में है? UN के प्रस्ताव में Equal Earth Projection जैसे नक्शों को बढ़ावा देने की बात कही गई है। इस Projection की खासियत यह है कि इसमें अलग-अलग महाद्वीपों के क्षेत्रफल को ज्यादा सही अनुपात में दिखाया जाता है। यानी नक्शे को देखकर Africa का वास्तविक विशाल आकार ज्यादा साफ समझ में आता है। Europe और North America भी Mercator Map की तुलना में छोटे दिखाई देते हैं। हालांकि यहां एक बात समझना जरूरी है—न तो Africa बड़ा हुआ है और न ही Europe या America छोटा। बदलाव सिर्फ उस तरीके में है, जिससे उन्हें नक्शे पर दिखाया जाता है। America ने UN के प्रस्ताव का विरोध क्यों किया? इस प्रस्ताव पर अमेरिका का रुख बाकी देशों से अलग रहा। मतदान के दौरान अमेरिका ने इसके खिलाफ वोट किया। अमेरिकी पक्ष की ओर से यह सवाल उठाया गया कि संयुक्त राष्ट्र को वैश्विक स्तर की बड़ी समस्याओं पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए। वहीं प्रस्ताव के समर्थकों का मानना है कि नक्शा सिर्फ रास्ता या देश की लोकेशन बताने वाला साधन नहीं है। यह लोगों के मन में दुनिया की एक तस्वीर भी बनाता है। अफ्रीकी देशों की तरफ से लंबे समय से यह बात उठती रही है कि पुराने नक्शों में Africa का वास्तविक आकार सही तरीके से सामने नहीं आता। इसी सोच के साथ “Correct the Map” अभियान को आगे बढ़ाया गया। UN के फैसले से क्या सभी Maps बदल जाएंगे? यह मान लेना सही नहीं होगा कि अब अचानक हर जगह नया नक्शा दिखाई देने लगेगा। UN महासभा का यह फैसला कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं है। यानी Google Maps, स्कूल की किताबों, सरकारी दस्तावेजों या दूसरे Digital Platforms को तुरंत अपना नक्शा बदलना जरूरी नहीं है। इसका मकसद देशों, शैक्षणिक संस्थानों, मीडिया और दूसरे संगठनों को ऐसे Map Projections अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है, जो दुनिया के क्षेत्रफल को ज्यादा सही तरीके से दिखाते हों। इसके बावजूद Mercator Projection पूरी तरह खत्म होने की संभावना नहीं है। Navigation और समुद्री यात्राओं जैसी जरूरतों में इसका इस्तेमाल आज भी उपयोगी माना जाता है। India पर क्या असर पड़ेगा? भारत को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इस नए World Map से देश का आकार या सीमा बदल जाएगी? इसका जवाब है—नहीं। भारत की जमीन, क्षेत्रफल और अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर इस प्रस्ताव का कोई असर नहीं पड़ेगा। सिर्फ नक्शे पर भारत और बाकी देशों को दिखाने का अनुपात बदल सकता है। अगर Equal Earth या इसी तरह की Projection का इस्तेमाल ज्यादा बढ़ता है तो आने वाले समय में School Geography Books, Educational Charts, News Graphics और Digital Maps में दुनिया की तस्वीर कुछ अलग दिखाई दे सकती है। भारत के लिए इसका असर मुख्य रूप से शिक्षा और Geography की समझ के स्तर पर होगा। बच्चों और आम लोगों को यह समझने में मदद मिलेगी कि नक्शे पर दिखाई देने वाला आकार हमेशा किसी देश या महाद्वीप के वास्तविक क्षेत्रफल के बराबर नहीं होता। Africa के लिए इसे बड़ी उपलब्धि क्यों माना जा रहा है? इस पूरे विवाद में Africa सबसे ज्यादा चर्चा के केंद्र में है। समर्थकों का कहना है कि सदियों से इस्तेमाल हो रहे नक्शों ने अनजाने में दुनिया के अलग-अलग हिस्सों की एक असंतुलित तस्वीर बना दी है। Africa दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा महाद्वीप है और इसके बावजूद Mercator Map में इसका आकार उसकी वास्तविक विशालता के मुकाबले कम नजर आता है। यही वजह है कि African countries और African Union की ओर से इस मुद्दे को लगातार उठाया गया। उनके लिए यह केवल Map Projection का मामला नहीं, बल्कि दुनिया के सामने Africa की वास्तविक तस्वीर रखने का भी सवाल है। क्या दुनिया सच में बदल गई? नहीं। दुनिया का भूगोल बिल्कुल नहीं बदला है। न कोई नया देश बना है, न किसी देश की सीमा बदली है और न ही Africa का क्षेत्रफल अचानक बढ़ गया है। बदलाव सिर्फ इतना है कि दुनिया को कागज या स्क्रीन पर किस तरह दिखाया जाए, इस पर अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई दिशा सामने आई है। एक तरह से देखें तो यह कहानी हमें यह भी याद दिलाती है कि नक्शा हमेशा पूरी तरह निष्पक्ष तस्वीर नहीं होता। उसे बनाने का तरीका तय करता है कि हमें दुनिया का कौन-सा हिस्सा कितना बड़ा या छोटा दिखाई देगा। आने वाले वर्षों में अगर Equal Earth जैसी projections को ज्यादा अपनाया जाता है, तो संभव है कि नई पीढ़ी के लिए World Map की तस्वीर वही न हो,...
Swatantra Bhardwaj

Swatantra Bhardwaj Detained: CJP Protest के बाद स्वतंत्र भारद्वाज हिरासत में

दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए CJP Protest के दौरान एक छात्रा के पिता के साथ कथित मारपीट का मामला अब फिर चर्चा में है। मामले में आरोपी बताए जा रहे सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज (Swatantra Bhardwaj) को दिल्ली पुलिस ने उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में लिया है। यह कार्रवाई संसद मार्ग थाने के बाहर CJP समर्थकों के प्रदर्शन और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग के कुछ घंटे बाद हुई। Parliament Street Police Station के बाहर प्रदर्शन स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर CJP के प्रतिनिधि और समर्थक शुक्रवार को दिल्ली के संसद मार्ग थाने पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से मामले में जल्द कार्रवाई करने और आरोपी को गिरफ्तार करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कुछ राजनीतिक नेता भी वहां पहुंचे। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच बातचीत हुई। रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस ने मामले में कार्रवाई का भरोसा दिया और इसके बाद भारद्वाज को ट्रेस करने के लिए टीमें सक्रिय की गईं। क्या है पूरा मामला? यह विवाद जंतर-मंतर पर CJP के एक प्रदर्शन से जुड़ा है। प्रदर्शन के दौरान छात्रा निशु आजाद के पिता संजय कुमार के साथ कथित तौर पर मारपीट हुई थी। इस मामले में स्वतंत्र भारद्वाज और सूरज कुमार के नाम FIR में शामिल किए गए थे। मामला उस समय और गरमा गया, जब स्वतंत्र भारद्वाज से जुड़े एक Podcast Video की क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुई। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि वीडियो में भारद्वाज ने घटना को लेकर आपत्तिजनक दावे किए थे। इसके बाद उनकी गिरफ्तारी की मांग तेज हो गई। Viral Video ने बढ़ाया विवाद वायरल वीडियो सामने आने के बाद CJP ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। संगठन का कहना था कि वीडियो में कथित तौर पर घटना को लेकर किए गए दावों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। वहीं दिल्ली पुलिस ने राजनीतिक हस्तक्षेप के आरोपों को खारिज किया है। पुलिस के मुताबिक, मामले की जांच कानूनी प्रक्रिया के तहत की जा रही थी और मेडिकल रिपोर्ट में चोट को लेकर सोशल मीडिया पर किए गए कुछ दावों की पुष्टि नहीं हुई थी। Bulandshahr में पुलिस ने पकड़ा पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस की टीमों ने स्वतंत्र भारद्वाज को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में ट्रेस किया। रिपोर्टों में बताया गया कि पुलिस की कार्रवाई से पहले वह वहां से निकलने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन बाद में उन्हें हिरासत में ले लिया गया। यह कार्रवाई उस समय हुई जब संसद मार्ग थाने के बाहर CJP समर्थक स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। इससे मामले में पुलिस की कार्रवाई को लेकर चल रहा विवाद भी फिलहाल एक नए चरण में पहुंच गया है। FIR में SC/ST Act की धाराएं जोड़ने की जानकारी प्रदर्शन के बाद पुलिस की ओर से मामले में SC/ST Act से संबंधित धाराएं जोड़ने की बात सामने आई। पीड़ित की दोबारा मेडिकल जांच कराए जाने की जानकारी भी रिपोर्टों में दी गई है। हालांकि, मामले में अंतिम कानूनी स्थिति जांच और आगे की पुलिस कार्रवाई पर निर्भर करेगी। आरोपों की पुष्टि अदालत की प्रक्रिया में ही होगी। पुलिस के सामने अब आगे की जांच बड़ी चुनौती स्वतंत्र भारद्वाज को हिरासत में लिए जाने के बाद अब पुलिस के सामने वायरल वीडियो, FIR में दर्ज आरोपों, मेडिकल रिपोर्ट और घटना से जुड़े अन्य साक्ष्यों की जांच अहम होगी। फिलहाल इस मामले ने CJP Protest, Delhi Police और Social Media Influencer को लेकर राजनीतिक और सामाजिक बहस को भी तेज कर दिया है। अब देखना होगा कि जांच आगे बढ़ने के बाद पुलिस की ओर से क्या कानूनी कार्रवाई की जाती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Saharanpur

UP Bulldozer Action: Saharanpur कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर चला बुलडोजर, मायावती-इकरा हसन ने उठाए सवाल

Saharanpur उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर की मस्जिद को लेकर चल रहा विवाद अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। अदालत के आदेश के बाद प्रशासन ने शनिवार को मस्जिद के खिलाफ Bulldozer Action शुरू कर दिया। कार्रवाई की खबर फैलते ही इलाके में हलचल बढ़ गई और राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर भी शुरू हो गया। कलेक्ट्रेट परिसर और आसपास के इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई। किसी तरह की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई अदालत के आदेश के अनुपालन में की जा रही है। कोर्ट के फैसले के बाद प्रशासन का एक्शन कलेक्ट्रेट परिसर में बनी मस्जिद को लेकर जमीन के स्वामित्व और निर्माण की वैधता पर काफी समय से विवाद चल रहा था। प्रशासन का दावा है कि मस्जिद सरकारी जमीन पर बनी है और निर्माण को अवैध माना गया है। मामला पहले सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत में पहुंचा। जुलाई में अदालत ने मस्जिद को हटाने का आदेश दिया था। इसके साथ ही संबंधित पक्ष पर करीब 6.41 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति लगाए जाने की बात भी सामने आई थी। इस फैसले को जिला अदालत में चुनौती दी गई थी। 4 सितंबर को जिला जज की अदालत ने सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश को बरकरार रखते हुए अपील खारिज कर दी। इसके बाद प्रशासन ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की। इकरा हसन को सहारनपुर जाने से रोका मस्जिद पर कार्रवाई की जानकारी मिलने के बाद कैराना से समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन सहारनपुर जाने की कोशिश कर रही थीं। लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे जाने से रोक दिया। इकरा हसन और पुलिस अधिकारियों के बीच इस दौरान तीखी बहस भी हुई। इसका वीडियो सामने आने के बाद मामला सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गया। बाद में उनके आवास के बाहर पुलिस बल तैनात किए जाने की भी खबर सामने आई। इकरा हसन ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें सहारनपुर जाने से रोका जा रहा है। उनका कहना था कि वह मौके पर जाकर हालात देखना चाहती थीं। मायावती ने सरकार से कार्रवाई रोकने को कहा सहारनपुर मस्जिद विवाद पर बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सरकार से कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की और मामले को संवेदनशील बताते हुए सावधानी से कदम उठाने की बात कही। मायावती ने कहा कि ऐसे मामलों में किसी भी तरह का तनाव बढ़ने से रोकना जरूरी है। उन्होंने लोगों से भी शांति और भाईचारा बनाए रखने की अपील की। इमरान मसूद बोले- हाईकोर्ट जाएंगे सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने प्रशासन की कार्रवाई का विरोध किया है। उनका कहना है कि मस्जिद की जमीन और उससे जुड़े दस्तावेजों को लेकर उनका पक्ष अलग है। जिला अदालत से राहत नहीं मिलने के बाद मसूद ने मामले को हाईकोर्ट ले जाने की बात कही है। उनका कहना है कि आगे की कानूनी लड़ाई अदालत में लड़ी जाएगी और उपलब्ध दस्तावेजों को वहां रखा जाएगा। प्रशासन और विपक्ष के दावे अलग-अलग पूरे विवाद में प्रशासन और मस्जिद पक्ष के दावे अलग हैं। प्रशासन जहां निर्माण को सरकारी जमीन पर हुआ अवैध निर्माण बता रहा है, वहीं मस्जिद से जुड़े लोग और कुछ विपक्षी नेता इस दावे पर सवाल उठा रहे हैं। यही वजह है कि मामला सिर्फ बुलडोजर कार्रवाई तक सीमित नहीं रहा। अब इसकी गूंज राजनीतिक मंच से लेकर अदालत तक सुनाई दे रही है। आगे क्या होगा? सहारनपुर कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर हुई कार्रवाई के बाद अब सबकी नजर आगे की कानूनी प्रक्रिया पर है। इमरान मसूद की ओर से हाईकोर्ट जाने की बात कही गई है। ऐसे में आने वाले दिनों में अदालत में इस मामले को लेकर क्या रुख सामने आता है, यह महत्वपूर्ण होगा। फिलहाल प्रशासन की कार्रवाई के बाद सहारनपुर में राजनीतिक माहौल गर्म है। एक तरफ अधिकारी कोर्ट के आदेश के पालन की बात कह रहे हैं, तो दूसरी ओर विपक्ष इसे लेकर सरकार पर सवाल उठा रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Nepal

Nepal Flood: दार्चुला में Landslide का खतरा बढ़ा, Trishuli से भारतीय परिवार का Rescue; हजारों Missing

नेपाल (Nepal) में बाढ़ और भूस्खलन से मची तबाही के बाद हालात अभी भी सामान्य नहीं हुए हैं। नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में आई भीषण बाढ़ ने कई इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया। नदियों का जलस्तर बढ़ने, मलबा आने और पहाड़ी इलाकों में Landslide के खतरे ने राहत और बचाव अभियान को और मुश्किल बना दिया है। सबसे चिंता की बात यह है कि हादसे के कई दिन बाद भी हजारों लोगों का पता नहीं चल पाया है। हालांकि, इसी बीच Trishuli क्षेत्र से दो लोगों को नौ दिन बाद जिंदा निकालना राहत और उम्मीद की बड़ी खबर बनकर सामने आया है। दार्चुला में Landslide का खतरा, निचले इलाकों पर नजर नेपाल के पहाड़ी इलाकों में लगातार भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। दार्चुला समेत संवेदनशील क्षेत्रों में प्रशासन की ओर से निचले इलाकों को लेकर सतर्कता बरती जा रही है। पहाड़ों से मलबा आने और नदियों में अचानक पानी बढ़ने की आशंका के बीच लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। बाढ़ से कई सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिससे प्रभावित क्षेत्रों तक राहत पहुंचाना भी चुनौती बना हुआ है। Trishuli से भारतीय नागरिकों का Rescue इस बीच त्रिशूली इलाके से तीन भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाले जाने की खबर सामने आई है। इनमें एक परिवार शामिल है। भारतीय अधिकारियों के मुताबिक, रेस्क्यू किए गए लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया और उनके भारत लौटने की प्रक्रिया में मदद की जा रही है। भारत सरकार नेपाल में फंसे अपने नागरिकों को निकालने के लिए लगातार नेपाली प्रशासन के संपर्क में है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, अब तक 166 भारतीय नागरिकों को Rescue किया गया है, जबकि 275 भारतीयों के लापता होने की जानकारी दी गई है। भारत ने राहत अभियान के लिए करीब 95 टन राहत सामग्री भी भेजी है। 9 दिन बाद Trishuli Tunnel से जिंदा निकले 2 मजदूर नेपाल में चल रहे Rescue Operation की सबसे बड़ी खबर Trishuli-3A Hydropower Project से आई। यहां सुरंग में फंसे संजय साह और कबीर महारजन को करीब नौ दिन बाद सुरक्षित बाहर निकाला गया। दोनों को सुरंग के अंदर काफी गहराई से निकाला गया। बचाव दल ने पहले अंदर से आवाजें सुनीं और फिर संपर्क स्थापित होने के बाद ऑपरेशन तेज किया। आखिरकार दोनों को बाहर निकाल लिया गया। इस घटना ने उन परिवारों में भी उम्मीद जगाई है जिनके अपने लोग अभी तक लापता हैं। राहत दल अब अन्य संभावित Survivors तक पहुंचने की कोशिश में जुटे हैं। 1300 के करीब मौतें, 5 हजार से ज्यादा लोग Missing इस प्राकृतिक आपदा का असर कितना बड़ा है, इसका अंदाजा मृतकों और लापता लोगों की संख्या से लगाया जा सकता है। नेपाल की आपदा प्रबंधन एजेंसी के आंकड़ों के अनुसार 1,294 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी थी और 5,053 लोग अब भी लापता बताए गए हैं। अलग-अलग रिपोर्टों में आंकड़ों में बदलाव देखने को मिल रहा है। कई इलाकों में घरों, सड़कों, पुलों और Hydropower Projects को भारी नुकसान पहुंचा है। बड़ी संख्या में लोग विस्थापित हुए हैं और राहत शिविरों में रह रहे हैं। Rescue Operation अभी भी जारी Trishuli Tunnel से दो लोगों को जिंदा निकाले जाने के बाद Rescue Teams का हौसला बढ़ा है। नेपाल सेना, पुलिस और तकनीकी विशेषज्ञ लगातार प्रभावित इलाकों में Search Operation चला रहे हैं। Hydropower Projects के आसपास अभी भी बड़ी संख्या में लोगों के फंसे होने की आशंका है। मलबा, पानी और क्षतिग्रस्त सुरंगें बचाव अभियान में सबसे बड़ी बाधा बनी हुई हैं। इसके बावजूद टीमें लगातार नए रास्ते तलाश रही हैं। भारत ने नेपाल की मदद बढ़ाई नेपाल की इस मुश्किल घड़ी में भारत ने भी राहत और बचाव अभियान में सहयोग बढ़ाया है। भारतीय विशेषज्ञों और राहत सामग्री को नेपाल भेजा गया है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, भारत की टीमें Rescue, Medical और अन्य जरूरी सेवाओं में सहायता कर रही हैं। फिलहाल नेपाल के सामने सबसे बड़ी चुनौती लापता लोगों की तलाश, प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाना और पहाड़ी इलाकों में नए Landslide और Flood के खतरे से निपटना है। Trishuli Tunnel से नौ दिन बाद दो लोगों का जिंदा निकलना इस त्रासदी के बीच उम्मीद की एक किरण जरूर लेकर आया है। अब Rescue Teams की कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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