हरियाणा के यमुनानगर में हथिनीकुंड बैराज (Hathnikund Barrage) के पास मंगलवार को सेना के Training Exercise के दौरान बड़ा हादसा हो गया। यमुना नदी में अभ्यास के दौरान Army की मोटर बोट में तकनीकी खराबी आ गई और देखते ही देखते जवानों को तेज बहाव वाली नदी में उतरना पड़ा। हादसे के बाद जवानों की तलाश के लिए बड़े स्तर पर Search Operation शुरू किया गया है।
शुरुआती जानकारी के मुताबिक, बोट पर चार जवान सवार थे। इनमें से तीन जवान तैरकर सुरक्षित निकलने में कामयाब रहे, जबकि एक जवान के लापता होने की जानकारी पुलिस और कुछ प्रमुख रिपोर्टों में दी गई है। वहीं, कुछ अन्य रिपोर्टों में दो जवानों के लापता होने की बात कही गई है। ऐसे में लापता जवानों की सही संख्या को लेकर आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।
Technical Fault के बाद बिगड़ा पूरा मामला
बताया जा रहा है कि सेना के जवान हथिनीकुंड बैराज के upstream क्षेत्र में नियमित Training और Mock Drill कर रहे थे। इसी दौरान मोटर बोट में तकनीकी समस्या आई। बोट के नियंत्रण में दिक्कत आने के बाद उसमें सवार जवान पानी में उतर गए।
यमुना के तेज बहाव ने हालात को मुश्किल बना दिया। रिपोर्टों के अनुसार, तीन जवानों ने करीब 600 मीटर तक तैरकर सुरक्षित स्थान तक पहुंचने में सफलता हासिल की। इसके बाद स्थानीय पुलिस और सेना की टीमें तुरंत Search Operation में जुट गईं।
रातभर चला Search Operation
घटना की सूचना मिलते ही सेना के साथ हरियाणा पुलिस और SDRF की टीमें मौके पर पहुंचीं। उत्तर प्रदेश की SDRF टीमों को भी तलाश अभियान में शामिल किया गया है। नदी के तेज बहाव और संभावित downstream क्षेत्र को ध्यान में रखते हुए कई किलोमीटर तक सर्च किया जा रहा है।
हथिनीकुंड बैराज से निकलने वाले पानी के बहाव को कम करने के लिए सिंचाई विभाग से भी मदद ली गई। अधिकारियों का मानना है कि पानी का बहाव नियंत्रित होने से Search and Rescue टीमों को नदी और नहर के हिस्सों में तलाश करने में आसानी होगी।
Helicopter से भी निगरानी
लापता जवानों की तलाश को तेज करने के लिए हवाई निगरानी का भी सहारा लिया गया है। कुछ रिपोर्टों के मुताबिक, downstream इलाके में Indian Air Force के हेलिकॉप्टरों से भी निगरानी की जा रही है। नदी के संभावित बहाव क्षेत्र में लगातार नजर रखी जा रही है।
हादसे ने बढ़ाई चिंता
सेना की Training Exercise के दौरान हुए इस हादसे से इलाके में चिंता का माहौल है। फिलहाल सबसे बड़ा फोकस लापता जवानों को तलाशने पर है। सेना, पुलिस, SDRF और प्रशासन की टीमें मिलकर अभियान चला रही हैं।
हादसे की शुरुआती वजह मोटर बोट में आई तकनीकी खराबी बताई जा रही है। हालांकि, घटना की पूरी परिस्थितियों और सुरक्षा इंतजामों को लेकर विस्तृत जानकारी जांच के बाद ही सामने आने की उम्मीद है।
अभी राहत की बात यह है कि कुछ जवान सुरक्षित बाहर निकल आए हैं। वहीं, लापता जवानों को लेकर Search Operation लगातार जारी है और प्रशासन की टीमें हर संभावित क्षेत्र में तलाश कर रही हैं।
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