केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार में एक बार फिर Cabinet Reshuffle को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। सत्ता के गलियारों में संभावित फेरबदल को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। चर्चा है कि सरकार में कुछ मंत्रियों के विभाग बदले जा सकते हैं, कुछ को नई जिम्मेदारी मिल सकती है और कई नए चेहरों को कैबिनेट में शामिल किया जा सकता है।
हालांकि, अभी तक सरकार की ओर से कैबिनेट में बदलाव को लेकर कोई आधिकारिक सूची या घोषणा सामने नहीं आई है। इसलिए सामने आ रही जानकारियों को फिलहाल संभावनाओं और राजनीतिक चर्चाओं के तौर पर ही देखा जा रहा है।
Ashwini Vaishnaw की भूमिका पर सबकी नजर
संभावित Modi Cabinet Reshuffle में केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव का नाम खास तौर पर चर्चा में है। मौजूदा समय में उनके पास कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि फेरबदल हुआ तो उनकी भूमिका में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।
वैष्णव को लेकर कहीं बड़ी जिम्मेदारी दिए जाने की चर्चा है तो कहीं उनके विभागों में फेरबदल की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, इन दावों की पुष्टि तभी होगी जब सरकार की ओर से आधिकारिक फैसला सामने आएगा।
Nitin Gadkari के मंत्रालय को लेकर भी अटकलें
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को लेकर भी संभावित बदलाव की चर्चा ने राजनीतिक हलकों का ध्यान खींचा है। कुछ रिपोर्ट्स में उनके मंत्रालय में बदलाव की संभावना जताई गई है।
गडकरी लंबे समय से सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय संभाल रहे हैं और देश में हाईवे तथा इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कई बड़े प्रोजेक्ट उनके कार्यकाल में आगे बढ़े हैं। ऐसे में अगर उनके विभाग में बदलाव होता है तो यह कैबिनेट फेरबदल का अहम हिस्सा माना जाएगा।
17 नए चेहरों की चर्चा, लेकिन तस्वीर साफ नहीं
कैबिनेट में संभावित बदलाव को लेकर 17 नए चेहरों को शामिल किए जाने की चर्चा भी सामने आई है। हालांकि, अलग-अलग रिपोर्ट्स में नए मंत्रियों की संख्या को लेकर अलग-अलग दावे हैं।
यही वजह है कि फिलहाल 17 नए चेहरों वाली बात को अंतिम सूची मानना सही नहीं होगा। कौन-कौन से नेता मोदी सरकार में मंत्री बनेंगे, यह फैसला बीजेपी नेतृत्व और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंजूरी के बाद ही स्पष्ट होगा।
कई मंत्रियों के विभागों में हो सकता है बदलाव
मोदी सरकार में कुछ वरिष्ठ मंत्रियों के पास एक से ज्यादा मंत्रालयों की जिम्मेदारी है। ऐसे में संभावित फेरबदल के दौरान विभागों का बंटवारा दोबारा किया जा सकता है।
माना जा रहा है कि सरकार प्रशासनिक कामकाज को ज्यादा प्रभावी बनाने के साथ-साथ राजनीतिक और क्षेत्रीय संतुलन पर भी ध्यान दे सकती है। नए चेहरों को मौका देने के साथ कुछ मौजूदा मंत्रियों की जिम्मेदारियों में भी बदलाव संभव है।
Performance भी बन सकता है बड़ा आधार
कैबिनेट में बदलाव की चर्चाओं के बीच मंत्रियों के कामकाज और उनके मंत्रालयों की Performance पर भी नजर होने की बात सामने आ रही है। मंत्रालयों की उपलब्धियां, लंबित योजनाएं और सरकार की प्राथमिकताओं को लेकर उनकी प्रगति जैसे मुद्दे महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
अगर फेरबदल होता है तो यह सिर्फ चेहरों को बदलने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सरकार के अगले चरण की प्राथमिकताओं का संकेत भी दे सकता है।
चुनावी राज्यों को लेकर भी रणनीति
आने वाले विधानसभा चुनावों को देखते हुए कैबिनेट में क्षेत्रीय और राजनीतिक संतुलन भी अहम हो सकता है। बीजेपी और उसके सहयोगी दलों के बीच प्रतिनिधित्व को लेकर भी समीकरण बनाए जाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
खासकर उन राज्यों पर नजर रहेगी जहां आने वाले समय में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में संभावित Cabinet Expansion में नए राजनीतिक चेहरों को जगह मिलने की चर्चा स्वाभाविक रूप से बढ़ गई है।
आधिकारिक ऐलान के बाद ही खुलेगा पूरा पत्ता
फिलहाल मोदी कैबिनेट में फेरबदल को लेकर चर्चाएं जरूर जोर पकड़ रही हैं, लेकिन Vaishnaw को प्रमोशन, Gadkari के मंत्रालय में बदलाव या 17 नए चेहरों जैसे दावों पर आधिकारिक मुहर नहीं लगी है।
इसलिए इन खबरों को अभी संभावित बदलाव के तौर पर ही देखना बेहतर होगा। अगर केंद्र सरकार की ओर से Cabinet Reshuffle का ऐलान होता है, तभी यह साफ होगा कि किस मंत्री की जिम्मेदारी बदली गई और किन नए चेहरों को सरकार में जगह मिली।
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