आपका चैनल --
ताज़ा खबर
BREAKINGप्रदेशUjjain में बनेगी Malakhamb Academy, 111 करोड़ के Project से खिलाड़ियों को मिलेंगी World-Class सुविधाएंBREAKINGदेश-हरपलIndia-Belgium Partnership: जोरावर Tank बना नई दोस्ती की पहचान, कई अहम MoU पर सहमतिBREAKINGदेश-हरपलNepal Flood के बीच बड़ा Earthquake: Tibet में 5.1 Magnitude के झटके, अब तक 1,273 लोगों की मौतBREAKINGमध्य प्रदेशजन्माष्टमी और गोगा नवमी पर इंदौर में ट्रैफिक व्यवस्था बदली, राजबाड़ा जाने से पहले जान लें ये रूटBREAKINGछत्तीसगढ़बिलासपुर हिंसा मामले में फरार राम सिंह का वीडियो आया सामने, कहा- जल्द करूंगा सरेंडरBREAKINGबिज़नेसStock Market Today: Sensex में 100 अंक की तेजी, 76,600 के पार; Banking-Metal Stocks में खरीदारीBREAKINGमध्य प्रदेशगुना की मुस्कान रघुवंशी का महिला हॉकी अकादमी ग्वालियर में चयन, गोलकीपर के रूप में बनाई खास पहचानBREAKINGबिज़नेसGold-Silver Price Today: सोने के भाव में फिर बड़ा Jump, ₹1.54 लाख के करीब पहुंचा 10 ग्राम GoldBREAKINGप्रदेशUjjain में बनेगी Malakhamb Academy, 111 करोड़ के Project से खिलाड़ियों को मिलेंगी World-Class सुविधाएंBREAKINGदेश-हरपलIndia-Belgium Partnership: जोरावर Tank बना नई दोस्ती की पहचान, कई अहम MoU पर सहमतिBREAKINGदेश-हरपलNepal Flood के बीच बड़ा Earthquake: Tibet में 5.1 Magnitude के झटके, अब तक 1,273 लोगों की मौतBREAKINGमध्य प्रदेशजन्माष्टमी और गोगा नवमी पर इंदौर में ट्रैफिक व्यवस्था बदली, राजबाड़ा जाने से पहले जान लें ये रूटBREAKINGछत्तीसगढ़बिलासपुर हिंसा मामले में फरार राम सिंह का वीडियो आया सामने, कहा- जल्द करूंगा सरेंडरBREAKINGबिज़नेसStock Market Today: Sensex में 100 अंक की तेजी, 76,600 के पार; Banking-Metal Stocks में खरीदारीBREAKINGमध्य प्रदेशगुना की मुस्कान रघुवंशी का महिला हॉकी अकादमी ग्वालियर में चयन, गोलकीपर के रूप में बनाई खास पहचानBREAKINGबिज़नेसGold-Silver Price Today: सोने के भाव में फिर बड़ा Jump, ₹1.54 लाख के करीब पहुंचा 10 ग्राम Gold

NE

News Elementor

Banner

Latest Posts

NEET

NEET की दर्दनाक सच्चाई: 2 दिन में 4 मौतें, छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर बड़ी बहस

देश में मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET को लेकर बढ़ता मानसिक दबाव एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। पिछले 48 घंटों में अलग-अलग राज्यों से सामने आए दर्दनाक मामलों ने न सिर्फ परिवारों को तोड़ दिया, बल्कि पूरे शिक्षा तंत्र की कार्यप्रणाली पर भी बहस छेड़ दी है। गुजरात और तमिलनाडु से सामने आए दर्दनाक मामले गुजरात में एक छात्र की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की खबर सामने आई है। वहीं तमिलनाडु की एक छात्रा ने अपने आखिरी संदेश में दोबारा परीक्षा देने के डर और लगातार बढ़ते मानसिक दबाव का जिक्र किया, जिसने सभी को भावुक कर दिया। इसी दौरान अन्य राज्यों से भी ऐसे ही दुखद मामले सामने आए हैं, जिससे कुल मिलाकर दो दिनों में कम से कम चार छात्रों की मौत की स्थिति बनी है। परिवारों ने बताया— लंबे समय से था तनाव परिजनों का कहना है कि बच्चे लंबे समय से NEET की तैयारी में दिन-रात मेहनत कर रहे थे, लेकिन लगातार बढ़ती प्रतिस्पर्धा, कोचिंग का दबाव और भविष्य की अनिश्चितता उन्हें अंदर ही अंदर तोड़ रही थी। कई माता-पिता ने बताया कि बच्चे तनाव में रहते थे, लेकिन खुलकर अपनी बात साझा नहीं कर पा रहे थे। विशेषज्ञों की चिंता: मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान जरूरी विशेषज्ञों का मानना है कि यह सिर्फ परीक्षा का दबाव नहीं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता की कमी भी एक बड़ा कारण है। छात्रों के लिए समय रहते काउंसलिंग, भावनात्मक सपोर्ट और सुरक्षित माहौल बेहद जरूरी है, ताकि वे दबाव को संभाल सकें। शिक्षा व्यवस्था पर उठ रहे सवाल इन घटनाओं के बाद एक बार फिर यह सवाल उठ रहा है कि क्या हमारी शिक्षा व्यवस्था केवल रैंक और मार्क्स पर ही केंद्रित रह गई है? समाज के कई वर्ग अब मांग कर रहे हैं कि परीक्षा प्रणाली के साथ-साथ छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को भी उतनी ही गंभीरता से लिया जाए। देश में गहराता संकट और बढ़ती चिंता फिलहाल इन मामलों ने पूरे देश को झकझोर दिया है और एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि सफलता की दौड़ में कहीं हम अपने बच्चों को खो तो नहीं रहे हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Rahul Gandhi on Education System: ‘बच्चों को टेंशन देता है मौजूदा सिस्टम’, प्रतियोगी परीक्षाओं पर 5 लाख करोड़ खर्च का दावा

Rahul Gandhi on Education System: ‘बच्चों को टेंशन देता है मौजूदा सिस्टम’, प्रतियोगी परीक्षाओं पर 5 लाख करोड़ खर्च का दावा

लोकसभा में विपक्ष के नेता Rahul Gandhi ने देश की शिक्षा व्यवस्था और प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मौजूदा शिक्षा प्रणाली बच्चों पर अनावश्यक दबाव डालती है और उन्हें कम उम्र से ही तनाव का सामना करना पड़ता है। राहुल गांधी ने दावा किया कि देश में केवल पांच प्रमुख प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी पर हर साल करीब 5 लाख करोड़ रुपये खर्च किए जाते हैं। उनका कहना था कि यह राशि केंद्र सरकार के कई मंत्रालयों के संयुक्त बजट के बराबर है। शिक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल राहुल गांधी ने कहा कि आज का एजुकेशन सिस्टम छात्रों को सीखने और समझने से ज्यादा परीक्षा में सफल होने के लिए तैयार करता है। इसके कारण लाखों छात्र और उनके परिवार मानसिक, आर्थिक और सामाजिक दबाव का सामना करते हैं। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए परिवार अपनी आय का बड़ा हिस्सा कोचिंग, किताबों और अन्य संसाधनों पर खर्च कर देते हैं। इससे छात्रों पर सफलता का दबाव और बढ़ जाता है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी पर बड़ा खर्च राहुल गांधी के अनुसार, इंजीनियरिंग, मेडिकल, सरकारी नौकरी और अन्य प्रमुख प्रवेश एवं भर्ती परीक्षाओं की तैयारी में देशभर के छात्र और परिवार बड़ी रकम खर्च करते हैं। उन्होंने कहा कि यह एक ऐसा आर्थिक बोझ बन चुका है, जिस पर गंभीरता से चर्चा करने की जरूरत है। उन्होंने दावा किया कि इन परीक्षाओं की तैयारी पर होने वाला कुल खर्च करीब 5 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच जाता है, जो कई सरकारी मंत्रालयों के वार्षिक बजट के बराबर है। छात्रों के तनाव पर जताई चिंता राहुल गांधी ने कहा कि परीक्षा आधारित व्यवस्था के कारण छात्रों में तनाव और प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है। उन्होंने ऐसी शिक्षा नीति की जरूरत बताई जो छात्रों की रचनात्मकता, कौशल और वास्तविक सीखने की क्षमता को बढ़ावा दे। उनका कहना था कि शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा पास कराना नहीं, बल्कि युवाओं को जीवन और रोजगार के लिए तैयार करना होना चाहिए।
Read more
Telegram

Telegram पर अस्थाई रोक: RE-NEET Exam से पहले सरकार का बड़ा Action

देशभर में होने जा रहे RE-NEET 2026 एग्जाम से पहले केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए मैसेजिंग ऐप Telegram पर अस्थाई रोक लगा दी है। सरकार का कहना है कि कुछ Telegram चैनलों और ग्रुप्स के जरिए फर्जी पेपर लीक, अफवाहें और ऑनलाइन ठगी के मामले लगातार सामने आ रहे थे। इसी वजह से यह फैसला लिया गया है ताकि परीक्षा निष्पक्ष और सुरक्षित तरीके से कराई जा सके। जानकारी के मुताबिक, यह अस्थाई रोक 22 जून 2026 तक लागू रहेगी। वहीं Telegram के message editing फीचर को भी 30 जून तक बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार को शिकायतें मिली थीं कि कुछ लोग पुराने मैसेज एडिट कर उन्हें “पहले से लीक पेपर” बताकर वायरल कर रहे थे। इससे छात्रों और अभिभावकों के बीच डर और भ्रम का माहौल बन गया था। Paper Leak के नाम पर छात्रों से ठगी जांच एजेंसियों के अनुसार कई Telegram चैनल्स छात्रों को कथित “लीक पेपर” देने का दावा कर रहे थे। इसके बदले हजारों से लेकर लाखों रुपये तक मांगे जा रहे थे। कुछ मामलों में छात्रों और अभिभावकों से ऑनलाइन पेमेंट लेने के बाद चैनल गायब भी हो गए। सूत्रों के मुताबिक, कई राज्यों में साइबर सेल और पुलिस ने ऐसे गिरोहों पर कार्रवाई शुरू कर दी है। जांच में यह भी सामने आया कि कुछ चैनल लगातार नए नामों से दोबारा एक्टिव हो रहे थे ताकि कार्रवाई से बचा जा सके। NTA ने छात्रों से की अपील National Testing Agency (NTA) ने छात्रों से किसी भी वायरल मैसेज, स्क्रीनशॉट या सोशल मीडिया पोस्ट पर भरोसा न करने की अपील की है। एजेंसी ने साफ कहा है कि परीक्षा पूरी सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी के बीच आयोजित की जाएगी। NTA ने यह भी कहा कि अगर किसी छात्र को पेपर लीक या फर्जी दावे से जुड़ी जानकारी मिलती है तो तुरंत आधिकारिक पोर्टल या साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत करें। 21 जून को होगा RE-NEET Exam गौरतलब है कि RE-NEET 2026 परीक्षा 21 जून को आयोजित होने वाली है। इस परीक्षा में देशभर के लाखों छात्र शामिल होंगे। ऐसे में सरकार और एजेंसियां किसी भी तरह की गड़बड़ी रोकने के लिए लगातार निगरानी कर रही हैं। सरकार का मानना है कि Telegram पर अस्थाई रोक लगाने से अफवाहों और फर्जी दावों पर काफी हद तक रोक लगेगी। वहीं छात्रों और अभिभावकों को भी सलाह दी गई है कि वे केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें और किसी भी शॉर्टकट के झांसे में न आएं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
NEET Re-Exam Scam: री-एग्जाम का पेपर दिलाने के नाम पर ऑनलाइन ठगी, 1000 से ज्यादा स्टूडेंट्स से लाखों रुपये वसूले

NEET Re-Exam Scam: री-एग्जाम का पेपर दिलाने के नाम पर ऑनलाइन ठगी, 1000 से ज्यादा स्टूडेंट्स से लाखों रुपये वसूले

देशभर में NEET परीक्षा को लेकर चल रही चिंता के बीच एक बड़ा ऑनलाइन ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि कुछ लोगों ने NEET री-एग्जाम का पेपर दिलाने और परीक्षा में मदद कराने के नाम पर 1000 से ज्यादा छात्रों और उनके परिवारों से लाखों रुपये की ठगी की। पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए राजस्थान और बिहार से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। शुरुआती जांच में पता चला है कि आरोपी सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप्स के जरिए छात्रों को निशाना बना रहे थे। कैसे करते थे ठगी? पुलिस के मुताबिक आरोपी खुद को एजेंट या परीक्षा से जुड़े लोगों के रूप में पेश करते थे। वे छात्रों को दावा करते थे कि उनके पास NEET री-एग्जाम का पेपर और परीक्षा से जुड़ी “गुप्त जानकारी” है। इसके बदले छात्रों और अभिभावकों से ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करवाए जाते थे। कई लोगों से हजारों से लेकर लाखों रुपये तक वसूले गए। 1000 से ज्यादा छात्र बने शिकार जांच एजेंसियों के अनुसार, देश के अलग-अलग राज्यों के 1000 से ज्यादा छात्र इस साइबर ठगी का शिकार हुए हैं। आरोपी सोशल मीडिया ग्रुप, टेलीग्राम चैनल और व्हाट्सऐप के जरिए छात्रों तक पहुंचते थे। जैसे ही पैसे मिलते, आरोपी नंबर बंद कर देते या संपर्क खत्म कर देते थे। राजस्थान और बिहार से गिरफ्तारी पुलिस ने डिजिटल ट्रांजैक्शन और मोबाइल लोकेशन की मदद से तीन आरोपियों को राजस्थान और बिहार से गिरफ्तार किया। उनके पास से मोबाइल फोन, बैंक खाते और कई डिजिटल सबूत भी मिले हैं। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस गिरोह में और कितने लोग शामिल हैं।
Read more
Monsoon 2026: Satellite तस्वीरों में गायब हुए मानसूनी बादल, MP-राजस्थान समेत 16 राज्यों में बारिश का इंतजार

Monsoon 2026: Satellite तस्वीरों में गायब हुए मानसूनी बादल, MP-राजस्थान समेत 16 राज्यों में बारिश का इंतजार

Monsoon 2026 : देशभर में लोग भीषण गर्मी और उमस से परेशान हैं, लेकिन मानसून की रफ्तार फिलहाल धीमी पड़ती नजर आ रही है। सैटेलाइट तस्वीरों में भारत के ऊपर मानसूनी बादल काफी कम दिखाई दे रहे हैं, जिससे कई राज्यों में बारिश का इंतजार लंबा हो गया है। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक 4 जून से 15 जून के बीच देश में सामान्य से करीब 64% कम बारिश दर्ज की गई है। मध्यप्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ समेत करीब 16 राज्यों में लोग बारिश का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। कई इलाकों में तापमान लगातार बढ़ रहा है और उमस भरी गर्मी लोगों की परेशानी बढ़ा रही है। क्यों कमजोर पड़ा मानसून? मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में फिलहाल कोई मजबूत सिस्टम सक्रिय नहीं है। इसी वजह से मानसूनी हवाओं की गति धीमी हो गई है। सैटेलाइट इमेज में भी देश के बड़े हिस्से में बादलों की कमी साफ नजर आ रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगले कुछ दिनों में मौसम में बदलाव हो सकता है। यदि समुद्र में नया सिस्टम बनता है तो मानसून फिर से सक्रिय हो सकता है और कई राज्यों में अच्छी बारिश देखने को मिल सकती है।
Read more
NEET

NEET Re-Exam 2026: हाई सिक्योरिटी के बीच होगा Exam, NTA ने लागू किए नए Rules

देशभर के लाखों मेडिकल स्टूडेंट्स के लिए NEET Re-Exam 2026 अब सिर्फ एक परीक्षा नहीं बल्कि भरोसे की बड़ी परीक्षा बन चुका है। पिछले दिनों पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ी के आरोपों के बाद National Testing Agency (NTA) ने इस बार सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह बदल दिया है। 21 जून को होने वाले री-एग्जाम को लेकर एजेंसी ने ऐसे इंतजाम किए हैं, जिन्हें अब तक की सबसे सख्त परीक्षा सुरक्षा माना जा रहा है। NTA का दावा है कि इस बार परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी तरह की लापरवाही या पेपर लीक की संभावना को लगभग खत्म कर दिया गया है। छात्रों और अभिभावकों के बीच लगातार बढ़ती चिंता को देखते हुए सरकार भी पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है। Question Paper तैयार करने वालों को रखा गया निगरानी में इस बार सबसे बड़ा बदलाव प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया में किया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पेपर सेट करने वाले एक्सपर्ट्स, ट्रांसलेटर्स और मॉडरेटर्स को परीक्षा तक एक सुरक्षित स्थान पर रखा गया है। उन्हें इंटरनेट, मोबाइल और बाहरी संपर्क से दूर रखा गया है ताकि कोई जानकारी बाहर न जा सके। AI Cameras और Face Verification से होगी निगरानी री-एग्जाम के दौरान परीक्षा केंद्रों पर AI आधारित CCTV कैमरे लगाए जाएंगे। इसके साथ फेस रिकग्निशन और बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन सिस्टम भी लागू किया गया है। हर छात्र की पहचान कई स्तरों पर जांची जाएगी, जिससे फर्जी उम्मीदवारों और नकल के मामलों पर रोक लगाई जा सके। Exam Centres पर होगी सख्त Checking NTA ने सभी परीक्षा केंद्रों पर मल्टी-लेयर सिक्योरिटी लागू की है। छात्रों को एंट्री से पहले कड़ी फ्रिस्किंग से गुजरना होगा। मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ डिवाइस और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स पूरी तरह बैन रहेंगे। इसके अलावा सेंटरों पर अतिरिक्त इनविजिलेटर और निगरानी टीमें भी तैनात रहेंगी। छात्रों को मिलेगा Extra Time री-एग्जाम में छात्रों को इस बार 15 मिनट अतिरिक्त समय दिया जाएगा। पहले परीक्षा की अवधि 3 घंटे थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 3 घंटे 15 मिनट कर दिया गया है। छात्रों का कहना था कि लंबे और कठिन प्रश्नपत्र में समय कम पड़ता है, जिसके बाद यह फैसला लिया गया। Rough Work के लिए बढ़ाई गई Space फिजिक्स और केमिस्ट्री जैसे विषयों में कैलकुलेशन को ध्यान में रखते हुए इस बार प्रश्नपत्र बुकलेट में रफ वर्क के लिए ज्यादा पेज दिए जाएंगे। इससे छात्रों को परीक्षा के दौरान सुविधा मिलेगी और अलग शीट मांगने की जरूरत कम होगी। Fake News और वायरल नोटिस से रहें सावधान सोशल मीडिया पर NEET Re-Exam को लेकर कई फर्जी नोटिस और अफवाहें वायरल हो रही हैं। NTA ने छात्रों को साफ निर्देश दिए हैं कि वे केवल आधिकारिक वेबसाइट और नोटिस पर भरोसा करें। एजेंसी ने कहा है कि गलत जानकारी फैलाने वालों पर कार्रवाई भी की जा सकती है। छात्रों की उम्मीदें फिर बढ़ीं पेपर लीक विवाद के बाद लाखों छात्रों का भरोसा टूट गया था। कई छात्रों ने महीनों की मेहनत और मानसिक दबाव की बात भी कही थी। ऐसे में अब उम्मीद की जा रही है कि नई सुरक्षा व्यवस्था के साथ परीक्षा निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से आयोजित होगी। NEET Re-Exam 2026 को लेकर पूरे देश की नजर अब 21 जून पर टिकी हुई है। छात्रों से लेकर अभिभावकों तक हर कोई चाहता है कि इस बार परीक्षा बिना किसी विवाद के सफलतापूर्वक पूरी हो।
Read more
NIOS 12वीं रिजल्ट 2026 जारी, मिनटों में ऐसे करें डाउनलोड

NIOS 12वीं रिजल्ट 2026 जारी, मिनटों में ऐसे करें डाउनलोड

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग (NIOS) ने कक्षा 12वीं का रिजल्ट 2026 जारी कर दिया है। लंबे समय से अपने परिणाम का इंतजार कर रहे लाखों छात्रों के चेहरे अब खुशी से खिल उठे हैं। छात्र अब आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आसानी से अपना रिजल्ट चेक और डाउनलोड कर सकते हैं। जो छात्र NIOS बोर्ड की 12वीं परीक्षा में शामिल हुए थे, वे अपने एनरोलमेंट नंबर की मदद से रिजल्ट देख सकते हैं। रिजल्ट जारी होने के बाद वेबसाइट पर भारी ट्रैफिक देखने को मिल रहा है, इसलिए छात्रों को थोड़ी धैर्य रखने की सलाह दी गई है। ऐसे करें NIOS 12th Result 2026 डाउनलोड छात्र नीचे दिए गए आसान स्टेप्स को फॉलो करके अपना रिजल्ट डाउनलोड कर सकते हैं- मार्कशीट में ये जानकारी होगी मौजूद रिजल्ट में छात्र का नाम, रोल नंबर, विषयवार अंक, कुल अंक, पास/फेल स्टेटस और अन्य जरूरी जानकारी दी गई होगी। यदि किसी छात्र को अपने अंकों को लेकर कोई समस्या है, तो वह NIOS की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर जानकारी प्राप्त कर सकता है। छात्रों के लिए बड़ी राहत ओपन स्कूलिंग के जरिए पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए यह रिजल्ट बेहद अहम माना जा रहा है। कई छात्र नौकरी, आगे की पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए इस रिजल्ट का इंतजार कर रहे थे। रिजल्ट जारी होने के बाद छात्रों और अभिभावकों में खुशी का माहौल है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
UP Excise Constable Vacancy 2026: यूपी में एक्साइज कॉन्स्टेबल भर्ती शुरू

UP Excise Constable Vacancy 2026: यूपी में एक्साइज कॉन्स्टेबल भर्ती शुरू

UP में एक्साइज कॉन्स्टेबल (आबकारी सिपाही) भर्ती 2026 के लिए आवेदन प्रक्रिया आज से शुरू हो गई है। इस भर्ती के जरिए 12वीं पास उम्मीदवारों को सरकारी नौकरी पाने का शानदार मौका मिलेगा। लंबे समय से भर्ती का इंतजार कर रहे युवाओं में इसे लेकर काफी उत्साह देखा जा रहा है। इतने पदों पर होगी भर्ती उत्तर प्रदेश आबकारी विभाग की ओर से एक्साइज कॉन्स्टेबल के कई पदों पर भर्ती निकाली गई है। भर्ती प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से पूरी की जाएगी। इच्छुक उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। कौन कर सकता है आवेदन? इस भर्ती के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवार का किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं पास होना जरूरी है। इसके अलावा उम्मीदवार की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम आयु विभाग द्वारा तय नियमों के अनुसार होगी। आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को आयु सीमा में छूट भी दी जाएगी। चयन प्रक्रिया कैसी होगी? उम्मीदवारों का चयन लिखित परीक्षा, फिजिकल टेस्ट और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के आधार पर किया जाएगा। भर्ती में शामिल होने वाले युवाओं को अभी से तैयारी शुरू कर देनी चाहिए ताकि परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन कर सकें। ऐसे करें आवेदन युवाओं के लिए बड़ा अवसर आज के समय में सरकारी नौकरी पाने का सपना हर युवा देखता है। ऐसे में यूपी एक्साइज कॉन्स्टेबल भर्ती उन युवाओं के लिए बड़ा मौका लेकर आई है, जो 12वीं के बाद रोजगार की तलाश कर रहे हैं। समय रहते आवेदन करना जरूरी है, क्योंकि अंतिम तारीख के बाद फॉर्म स्वीकार नहीं किए जाएंगे। सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे भर्ती से जुड़ी हर अपडेट पर नजर बनाए रखें और परीक्षा की तैयारी पूरी मेहनत से करें। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Khan Sir Coaching News, Patna Coaching Controversy,

Exclusive: खान सर की कोचिंग में आखिर हुआ क्या? फायरिंग की खबरों के बीच जांच में नया मोड़

क्या सच में चली थी गोली?”पटना में खान सर की कोचिंग को लेकर सामने आई खबर ने नया मोड़ ले लिया है। पुलिस अब तोड़फोड़, मारपीट और कथित फायरिंग—तीनों एंगल से जांच कर रही है। पूरी रिपोर्ट पढ़ें। पटना के चर्चित शिक्षक Khan Sir की कोचिंग को लेकर मंगलवार रात सामने आई घटनाओं ने पूरे बिहार में चर्चा छेड़ दी है। शुरुआत में फायरिंग की खबरों से हड़कंप मच गया, लेकिन जांच आगे बढ़ने के साथ मामला अब केवल गोलीबारी तक सीमित नहीं दिख रहा है। पुलिस के अनुसार कुछ युवकों ने मुसल्लहपुर हाट स्थित कोचिंग परिसर में घुसकर कथित तौर पर तोड़फोड़ की, पोस्टर फाड़े और विरोध करने पर गार्ड के साथ मारपीट की। घायल गार्ड का इलाज कराया गया है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और सभी पहलुओं की जांच कर रही है। खान सर ने क्या कहा? खान सर ने घटना के पीछे प्रतिद्वंद्वी कोचिंग संस्थानों की भूमिका होने की आशंका जताई है। उनका कहना है कि कम फीस में शिक्षा उपलब्ध कराने के कारण कुछ लोगों को आपत्ति है। हालांकि इन आरोपों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस जांच जारी है। पुलिस क्या जांच कर रही है? पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट होगी। क्यों चर्चा में है यह मामला? मुसल्लहपुर हाट पटना का बड़ा कोचिंग हब माना जाता है, जहां हजारों छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। ऐसे में इस घटना ने छात्रों की सुरक्षा और कोचिंग संस्थानों के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। “
Read more
CBSE

CBSE ऑन-स्क्रीन मार्किंग टेंडर विवाद में बड़ा एक्शन, चेयरमैन-सचिव हटाए गए

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड CBSE एक बड़े प्रशासनिक और तकनीकी संकट के दौर से गुजर रहा है। एक तरफ जहां ऑन-स्क्रीन मार्किंग टेंडर में कथित अनियमितताओं को लेकर सख्त कार्रवाई हुई है, वहीं दूसरी तरफ री-इवैल्यूएशन पोर्टल पर साइबर अटैक की खबर ने छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। ऑन-स्क्रीन मार्किंग टेंडर विवाद: बड़ी कार्रवाई सूत्रों के मुताबिक, ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम से जुड़े टेंडर में गड़बड़ियों और प्रक्रिया में खामियों की शिकायतें सामने आने के बाद सरकार ने कड़ा कदम उठाया है। इसी जांच के तहत CBSE के चेयरमैन और सचिव को उनके पद से हटा दिया गया है। इस कार्रवाई को शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। Re-evaluation Portal पर Cyber Attack, सेवाएं प्रभावित इसी बीच आज CBSE के री-इवैल्यूएशन पोर्टल पर साइबर अटैक की घटना सामने आई, जिससे छात्रों को आवेदन और रिजल्ट से जुड़ी सेवाओं में अस्थायी परेशानी का सामना करना पड़ा। तकनीकी टीम ने तुरंत स्थिति को संभालने की कोशिश शुरू कर दी है। फिलहाल किसी बड़े डेटा लीक की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सुरक्षा को लेकर निगरानी बढ़ा दी गई है। छात्रों की परेशानी और बढ़ी चिंता दो बड़े घटनाक्रम—एक तरफ प्रशासनिक बदलाव और दूसरी तरफ साइबर सुरक्षा में सेंध—ने छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। कई छात्रों को री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया में देरी और तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अभिभावकों का कहना है कि परीक्षा और रिजल्ट सिस्टम में लगातार आ रही समस्याएं भरोसे को कमजोर कर रही हैं। क्या होगा आगे? सरकार ने पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। उम्मीद है कि आने वाले दिनों में ऑन-स्क्रीन मार्किंग टेंडर और साइबर अटैक दोनों मामलों में और स्पष्टता सामने आएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि अब जरूरत है एक मजबूत डिजिटल सुरक्षा ढांचे और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली की, ताकि छात्रों का भरोसा फिर से मजबूत हो सके। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
1 2 3 4 5 12

Editor's Picks

Ujjain

Ujjain में बनेगी Malakhamb Academy, 111 करोड़ के Project से खिलाड़ियों को मिलेंगी World-Class सुविधाएं

मध्यप्रदेश के मलखंब खिलाड़ियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। प्रदेश सरकार Ujjain में एक ऐसी Malakhamb और Gymnastics Academy विकसित करने की तैयारी में है, जहां खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण के साथ आधुनिक सुविधाएं भी मिलेंगी। खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग के प्रयासों से तैयार किए गए प्रस्ताव के मुताबिक, करीब 20 एकड़ जमीन पर इस अकादमी को विकसित किया जाएगा। अकादमी में खिलाड़ियों के लिए खेल अधोसंरचना, हॉस्टल, आधुनिक उपकरण, फिटनेस सेंटर, फिजियोथेरेपी और खेल विज्ञान से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है। इसका मकसद प्रदेश की युवा मलखंब प्रतिभाओं को कम उम्र से ही बेहतर ट्रेनिंग देकर उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए तैयार करना है। 111 करोड़ रुपये से ज्यादा का प्रस्ताव प्रस्तावित मलखंब एवं जिम्नास्टिक अकादमी के निर्माण पर करीब 86 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। वहीं वर्ष 2026-27 से 2028-29 तक अकादमी के संचालन के लिए लगभग 25.33 करोड़ रुपये का प्रावधान प्रस्तावित किया गया है। इस तरह निर्माण और संचालन को मिलाकर परियोजना की कुल प्रस्तावित लागत करीब 111.33 करोड़ रुपये बताई गई है। खिलाड़ियों को सिर्फ Training नहीं, पूरी सुविधा मिलेगी इस अकादमी की खास बात यह होगी कि खिलाड़ियों को केवल मलखंब की ट्रेनिंग तक सीमित सुविधाएं नहीं मिलेंगी। यहां हॉस्टल, आधुनिक खेल उपकरण, फिटनेस, फिजियोथेरेपी और Sports Science आधारित प्रशिक्षण की व्यवस्था भी प्रस्तावित है। सरकार का जोर ऐसे Training Environment पर है, जहां खिलाड़ियों की तकनीक के साथ उनकी फिटनेस और खेल प्रदर्शन पर भी लगातार काम किया जा सके। 70 खिलाड़ियों को मिलेगा मौका प्रस्ताव के अनुसार अकादमी में कुल 70 खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इनमें: शामिल होंगे। यानी कुल 50 खिलाड़ी बोर्डिंग और 20 खिलाड़ी डे-बोर्डिंग व्यवस्था में रहेंगे। खिलाड़ियों का चयन Talent Search के माध्यम से किए जाने का प्रस्ताव है। Academy शुरू होने से पहले उज्जैन में शुरू होगी Training स्थायी अकादमी की इमारत तैयार होने में समय लगने के दौरान भी खिलाड़ियों की ट्रेनिंग को रोका नहीं जाएगा। वर्ष 2026-27 और 2027-28 में अकादमी को राजमाता खेल परिसर, तानाखेड़ा, उज्जैन में डे-बोर्डिंग मॉडल पर संचालित करने का प्रस्ताव है। इस शुरुआती चरण में कुल 40 खिलाड़ियों को प्रवेश देने की योजना है। इनमें 30 बालक और 10 बालिकाएं शामिल होंगी। उज्जैन से बाहर के चयनित खिलाड़ियों के लिए विभाग की ओर से आवास की व्यवस्था करने का भी प्रस्ताव है। Expert Coaches के साथ Sports Science पर रहेगा फोकस नई अकादमी में खिलाड़ियों को आधुनिक और उच्च तकनीकी प्रशिक्षण देने की तैयारी है। इसके लिए उच्च तकनीकी सलाहकार और विशेषज्ञ प्रशिक्षकों की सेवाएं अनुबंध के आधार पर लेने का प्रावधान प्रस्तावित किया गया है। डे-बोर्डिंग व्यवस्था में खिलाड़ियों को प्रशिक्षकों के साथ फिजियोथेरेपिस्ट और मसाजर की सुविधा भी उपलब्ध कराने की योजना है। इसमें एक महिला फिजियोथेरेपिस्ट और दो मसाजर—एक महिला तथा एक पुरुष—का प्रावधान प्रस्तावित है। मंत्री विश्वास सारंग बोले- प्रतिभाओं को मिलेगा बड़ा मंच खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग के मुताबिक मध्यप्रदेश में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है। जरूरत सिर्फ इतनी है कि इन खिलाड़ियों को सही समय पर आधुनिक सुविधाएं, विशेषज्ञ मार्गदर्शन और बेहतर अवसर मिलें। उन्होंने कहा कि मलखंब मध्यप्रदेश की गौरवशाली खेल परंपरा का हिस्सा है और प्रदेश के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा साबित की है। प्रस्तावित अकादमी के जरिए खिलाड़ियों को शुरुआती उम्र से वैज्ञानिक और तकनीकी प्रशिक्षण देने पर जोर रहेगा। मंत्री के अनुसार लक्ष्य यह है कि मध्यप्रदेश के खिलाड़ी राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी प्रदेश और देश का नाम रोशन करें। Khelo India में MP के Malakhamb खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन मलखंब अकादमी की जरूरत इसलिए भी महसूस की गई क्योंकि मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों ने हाल के वर्षों में राष्ट्रीय स्तर पर अच्छा प्रदर्शन किया है। Khelo India Youth Games 2025, बिहार में मध्यप्रदेश के मलखंब खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 10 पदक जीते। इनमें 7 Gold, 2 Silver और 1 Bronze Medal शामिल रहे। इस प्रदर्शन ने एक बार फिर दिखाया कि प्रदेश में मलखंब की प्रतिभाओं की मजबूत नींव मौजूद है। अब नई अकादमी के जरिए इन खिलाड़ियों को लगातार और बेहतर प्रशिक्षण देने की दिशा में काम किया जा रहा है। उज्जैन बन सकता है Malakhamb Talent Hub अकादमी के संचालन और निगरानी की जिम्मेदारी जिला खेल एवं युवा कल्याण अधिकारी, उज्जैन को देने का प्रस्ताव है। शुरुआत में विभाग में उपलब्ध स्टाफ के जरिए अकादमी की दैनिक गतिविधियां संचालित की जाएंगी। उज्जैन जिले के लिए कुल 12 पद स्वीकृत किए गए हैं। इनमें संभागीय खेल एवं युवा कल्याण अधिकारी, जिला खेल एवं युवा कल्याण अधिकारी, लेखापाल, सहायक ग्रेड-2, सहायक ग्रेड-3 और भृत्य के पद शामिल हैं। खिलाड़ियों के लिए नई उम्मीद उज्जैन में प्रस्तावित Malakhamb Academy सिर्फ एक नई खेल सुविधा नहीं, बल्कि प्रदेश की युवा प्रतिभाओं के लिए आगे बढ़ने का बड़ा रास्ता बन सकती है। अभी जहां खिलाड़ी अलग-अलग स्थानों पर प्रशिक्षण लेते हैं, वहीं भविष्य में उन्हें एक ही जगह पर ट्रेनिंग, फिटनेस, आवास और Sports Science जैसी सुविधाएं मिलने की उम्मीद है। अगर प्रस्तावित योजना अपने स्वरूप में आगे बढ़ती है, तो उज्जैन आने वाले समय में मध्यप्रदेश की मलखंब प्रतिभाओं की नई नर्सरी और प्रमुख Training Hub के रूप में अपनी पहचान बना सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
India-Belgium

India-Belgium Partnership: जोरावर Tank बना नई दोस्ती की पहचान, कई अहम MoU पर सहमति

India-Belgium के रिश्तों में गुरुवार को एक अहम पड़ाव जुड़ गया। बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर भारत दौरे पर पहुंचे, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक हुई। बातचीत के बाद दोनों देशों ने Defence, Clean Energy, Critical Minerals, Semiconductor, Maritime Cooperation और व्यापार जैसे कई क्षेत्रों में साझेदारी को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बैठक के बाद कहा कि भारत और बेल्जियम के संबंध अब केवल पारंपरिक व्यापार तक सीमित नहीं हैं। दोनों देश अब Defence और Clean Energy जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में भी तेजी से साथ आ रहे हैं। इसी दौरान पीएम मोदी ने जोरावर Tank का भी जिक्र किया। जोरावर Tank ने बढ़ाया Defence Cooperation भारत के लिए पहाड़ी और कठिन इलाकों में इस्तेमाल होने वाला हल्का जोरावर टैंक Defence Sector का अहम प्रोजेक्ट है। पीएम मोदी ने भारत-बेल्जियम सहयोग का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों देश आधुनिक रक्षा उपकरणों के क्षेत्र में साथ काम कर रहे हैं। दोनों देशों के बीच Military Exchanges और Training Cooperation बढ़ाने पर भी सहमति बनी है। इससे भारतीय और बेल्जियम की सेनाओं के बीच संपर्क और अनुभव साझा करने के अवसर बढ़ेंगे। हालांकि, जोरावर टैंक को लेकर इसे सीधे तौर पर कोई अलग Tank Purchase Deal कहना सही नहीं होगा। इस प्रोजेक्ट का उल्लेख दोनों देशों के बढ़ते Defence और Technology Cooperation के उदाहरण के तौर पर किया गया है। Clean Energy में भी नई Partnership Defence के साथ-साथ Green Energy भारत-बेल्जियम सहयोग का एक और बड़ा क्षेत्र बनकर सामने आया है। दोनों देशों ने Renewable Energy के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए समझौता किया है। पीएम मोदी ने आंध्र प्रदेश के काकीनाडा में विकसित हो रहे Green Ammonia Project का भी जिक्र किया। भारत की बढ़ती Clean Energy जरूरतों और बेल्जियम की तकनीकी क्षमता को देखते हुए यह Partnership आने वाले समय में काफी अहम हो सकती है। Critical Minerals और Semiconductor पर नजर आज की Technology Economy में Critical Minerals और Semiconductor की भूमिका लगातार बढ़ रही है। ऐसे में भारत और बेल्जियम ने इन क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ाने का फैसला किया है। दोनों देश Critical Minerals की Processing और Recycling में मिलकर काम करने की दिशा में आगे बढ़ेंगे। वहीं Semiconductor Sector में बेल्जियम की तकनीकी विशेषज्ञता और भारत के बड़े Manufacturing Ecosystem को जोड़ने पर जोर दिया गया है। खास तौर पर बेल्जियम के प्रसिद्ध Research Institute IMEC और भारत के Semiconductor Ecosystem के बीच सहयोग बढ़ाने की संभावना को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 5 साल में Double हो सकता है Bilateral Trade बैठक में आर्थिक रिश्तों को लेकर भी बड़ा लक्ष्य सामने आया। भारत और बेल्जियम अगले पांच वर्षों में Bilateral Trade को दोगुना करने की दिशा में काम करेंगे। भारत और बेल्जियम के बीच व्यापार में Diamond Industry की लंबे समय से बड़ी भूमिका रही है। बेल्जियम का एंटवर्प शहर दुनिया के प्रमुख Diamond Trading Hubs में शामिल है और यहां भारतीय कारोबारियों की भी मजबूत मौजूदगी है। अब दोनों देश इस पुराने व्यापारिक रिश्ते को Defence, Technology, Energy और Critical Minerals जैसे नए क्षेत्रों से जोड़ना चाहते हैं। Maritime और Startup Sector में भी बढ़ेगा सहयोग भारत और बेल्जियम के बीच सहयोग का दायरा केवल Defence और Trade तक नहीं रहेगा। दोनों देशों ने Maritime Sector में Capacity Building और Startups के बीच संपर्क बढ़ाने पर भी सहमति जताई है। इसके अलावा Cybercrime से मुकाबला, Diplomatic Training और अन्य क्षेत्रों में भी सहयोग को मजबूत करने के लिए समझौते किए गए हैं। दोनों देश Migration and Mobility Partnership Agreement को जल्द पूरा करने की दिशा में भी आगे बढ़ रहे हैं। इससे दोनों देशों के बीच छात्रों, Professionals और लोगों के आवागमन से जुड़े अवसरों को बढ़ावा मिल सकता है। Terrorism पर भारत-बेल्जियम का एक सुर बैठक में आतंकवाद और दुनिया में चल रहे विभिन्न संघर्षों पर भी चर्चा हुई। भारत और बेल्जियम ने आतंकवाद के सभी रूपों के खिलाफ अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। पीएम मोदी ने कहा कि दोनों देश Dialogue और Diplomacy के जरिए विवादों के शांतिपूर्ण समाधान में विश्वास रखते हैं। वैश्विक स्तर पर बढ़ती अस्थिरता के बीच भारत और बेल्जियम के बीच रणनीतिक सहयोग को और मजबूत करने पर जोर दिया गया। भारत-बेल्जियम रिश्तों की पुरानी कहानी पीएम मोदी ने दोनों देशों के ऐतिहासिक रिश्तों का भी जिक्र किया। प्रथम विश्व युद्ध के दौरान बेल्जियम में भारतीय सैनिकों के योगदान और बलिदान को याद करते हुए उन्होंने कहा कि भारत और बेल्जियम के संबंध काफी पुराने हैं। बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर की यह पहली आधिकारिक भारत यात्रा है। एंटवर्प के मेयर के तौर पर उनका भारत और भारतीय समुदाय से पहले भी संपर्क रहा है। अब Diamond Trade से आगे बढ़ रही दोस्ती भारत और बेल्जियम की दोस्ती की पहचान लंबे समय तक Diamond Trade से जुड़ी रही है। लेकिन बदलती दुनिया में दोनों देशों के रिश्ते अब एक बड़े दायरे में फैल रहे हैं। जोरावर Tank से Defence Cooperation, Green Energy से Critical Minerals और Semiconductor से Bilateral Trade तक, भारत और बेल्जियम कई नए क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। पीएम मोदी और बार्ट डी वेवर की बैठक को इसी बदलती Partnership की एक अहम कड़ी माना जा रहा है। आने वाले वर्षों में अगर इन समझौतों और सहयोग योजनाओं को जमीन पर तेजी से उतारा जाता है, तो भारत-बेल्जियम संबंध आर्थिक रिश्तों से आगे बढ़कर एक मजबूत Strategic Partnership का रूप ले सकते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Tibet

Nepal Flood के बीच बड़ा Earthquake: Tibet में 5.1 Magnitude के झटके, अब तक 1,273 लोगों की मौत

Nepal-Tibet Flood हिमालयी इलाके में पिछले एक हफ्ते से जारी तबाही के बीच गुरुवार को एक और झटका महसूस किया गया। चीन के तिब्बत (Tibet) क्षेत्र में 5.1 तीव्रता का भूकंप आया। भूकंप ऐसे वक्त आया है, जब नेपाल और तिब्बत में भीषण Flood और Landslide के बाद हजारों लोग लापता हैं और राहत-बचाव अभियान लगातार चल रहा है। 26 अगस्त को नेपाल-चीन सीमा के पास आई विनाशकारी बाढ़ ने देखते ही देखते कई इलाकों की तस्वीर बदल दी थी। घर, सड़कें, पुल और Hydropower Projects मलबे और पानी की चपेट में आ गए। अब तक इस आपदा में नेपाल और तिब्बत को मिलाकर 1,273 लोगों की मौत हो चुकी है। Tibet में 5.1 तीव्रता का Earthquake जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज (GFZ) के अनुसार गुरुवार को तिब्बत में 5.1 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। भूकंप करीब 10 किलोमीटर की गहराई पर आया और इसका क्षेत्र नेपाल तथा भारत की सीमाओं के आसपास बताया गया है। हालांकि शुरुआती रिपोर्टों में इस भूकंप से बड़े पैमाने पर नए नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन पहले से तबाह इलाके में इसके झटके ने लोगों और Rescue Teams की चिंता जरूर बढ़ा दी है। एक हफ्ते पहले आई बाढ़ ने मचाई थी भारी तबाही 26 अगस्त को Bhote Koshi River के आसपास अचानक आई बाढ़ ने नेपाल-चीन सीमा क्षेत्र में भारी तबाही मचाई। अधिकारियों और विशेषज्ञों के मुताबिक इस आपदा के पीछे ग्लेशियर और चट्टानों के खिसकने से पैदा हुआ भारी मलबा और पानी प्रमुख वजह रहा। बाढ़ का तेज बहाव अपने साथ मिट्टी, चट्टान और मलबा लेकर नीचे की ओर आया और रास्ते में आने वाले घरों, सड़कों और पुलों को तबाह करता चला गया। नेपाल के विदेश मंत्रालय ने इस घटना को बेहद असाधारण बताते हुए इसे ‘Himalayan Tsunami’ तक कहा है। तिब्बत की ओर Gyirong Port भी बुरी तरह प्रभावित हुआ था। संपर्क मार्गों को नुकसान पहुंचने से शुरुआती दौर में राहत सामग्री और भारी मशीनरी को प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचाना बड़ी चुनौती बन गया। Nepal-Tibet Disaster में 1,273 लोगों की मौत 3 सितंबर तक सामने आए आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार नेपाल में 1,252 लोगों की मौत हो चुकी है और कम से कम 4,216 लोग अब भी लापता हैं। वहीं चीन के तिब्बत क्षेत्र में 21 लोगों की मौत और 541 लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आई है। इस तरह दोनों क्षेत्रों में मृतकों की संख्या 1,273 हो गई है। नेपाल में सबसे ज्यादा मौतें चितवन, नवलपरासी पूर्व, नवलपरासी पश्चिम और नुवाकोट जैसे जिलों में दर्ज हुई हैं। कई शवों की पहचान अभी बाकी है, जिससे परिवारों की बेचैनी और बढ़ गई है। हजारों लोग अब भी Missing, Tunnel में फंसे लोगों की तलाश सबसे बड़ी चिंता उन लोगों को लेकर है, जिनका अभी तक कोई पता नहीं चल पाया है। नेपाल में हजारों लोगों के लापता होने के अलावा कई Hydropower Projects में काम करने वाले कर्मचारियों के भी फंसे होने की आशंका है। करीब 900 Hydropower workers के अब भी लापता होने की बात सामने आई है। कुछ लोगों के सुरंगों में फंसे होने की आशंका के चलते Rescue Teams भारी मशीनों और अन्य उपकरणों की मदद से मलबा हटाने में जुटी हैं। नेपाल सरकार के मुताबिक भारत, चीन और दक्षिण कोरिया की Tunnel Rescue Teams नेपाली सेना के साथ मिलकर अभियान चला रही हैं। ड्रोन, भारी मशीनरी और अन्य राहत उपकरणों की मदद भी ली जा रही है। हजारों घर हुए तबाह, सामने बड़ी Rebuilding Challenge बाढ़ ने सिर्फ लोगों की जान नहीं ली, बल्कि हजारों परिवारों से उनका घर और रोजी-रोटी भी छीन ली। Reuters की रिपोर्ट के मुताबिक नेपाल में करीब 7,500 घर पूरी तरह तबाह हो चुके हैं और लगभग 20,000 घरों को दोबारा बनाने की जरूरत पड़ सकती है। सड़क और पुल टूटने के कारण कई इलाकों में राहत पहुंचाना अभी भी मुश्किल है। कुछ जगहों पर लोगों को नदी पार करने के लिए अस्थायी साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है। Rescue Operation के बीच नया भूकंप चिंता की वजह राहत और बचाव दल पहले ही बारिश, मलबे, तेज बहाव और अस्थिर पहाड़ी ढलानों से जूझ रहे हैं। ऐसे में तिब्बत में आया नया भूकंप हालात को और संवेदनशील बना सकता है। फिलहाल अधिकारियों की प्राथमिकता लापता लोगों की तलाश और प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाना है। नेपाल सरकार के मुताबिक Search and Rescue Operation अभी भी पूरी क्षमता के साथ जारी है। हिमालयी क्षेत्र की इस त्रासदी ने एक बार फिर दिखाया है कि पहाड़ी इलाकों में प्राकृतिक आपदाएं कितनी तेजी से बड़े संकट में बदल सकती हैं। बाढ़ के बाद भूकंप के झटके ने प्रभावित लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं, लेकिन Rescue Teams अब भी मलबे के बीच जिंदगी की तलाश में जुटी हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

जन्माष्टमी और गोगा नवमी पर इंदौर में ट्रैफिक व्यवस्था बदली, राजबाड़ा जाने से पहले जान लें ये रूट

इंदौर। जन्माष्टमी और गोगा नवमी के दौरान राजबाड़ा और आसपास के इलाकों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए इंदौर यातायात पुलिस ने 4 और 5 सितंबर को विशेष ट्रैफिक व्यवस्था लागू की है। इस दौरान कई प्रमुख मार्गों पर वाहनों की आवाजाही और पार्किंग पर रोक रहेगी, जबकि कुछ रास्तों पर ट्रैफिक डायवर्ट किया जाएगा। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे भीड़भाड़ वाले इलाकों में वाहन लेकर जाने से बचें और निर्धारित पार्किंग स्थलों का ही इस्तेमाल करें। 4 सितंबर को मंदिरों में उमड़ेगी भीड़ जन्माष्टमी के मौके पर 4 सितंबर को राजबाड़ा क्षेत्र के बांके बिहारी मंदिर, गोपाल मंदिर और यशोदा माता मंदिर सहित अन्य धार्मिक स्थलों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इसके अलावा नरसिंह बाजार स्थित द्वारकाधीश मंदिर, गोराकुंड चौराहे के जानकीनाथ मंदिर और छीपाबाकल क्षेत्र में मटकी फोड़ प्रतियोगिताओं का आयोजन होगा। इन कार्यक्रमों में प्रतियोगियों और दर्शकों की भीड़ को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने विशेष इंतजाम किए हैं। 5 सितंबर को गोगा नवमी के चलते भी राजबाड़ा और आसपास के क्षेत्रों में यातायात का दबाव बढ़ सकता है। राजबाड़ा क्षेत्र में इन रास्तों पर रहेगा प्रतिबंध सिटी बसों के रूट में भी बदलाव मृगनयनी और फ्रूट मार्केट की ओर से राजबाड़ा आने वाली सिटी बसें शाम 5 बजे के बाद राजबाड़ा नहीं जा सकेंगी। इनका संचालन संजय सेतु की ओर से किया जाएगा। वहीं कलेक्ट्रेट और हरसिद्धि की ओर से आने वाली सिटी बसें हरसिद्धि मंदिर चौराहे से आगे राजबाड़ा की ओर नहीं जा सकेंगी। बड़ा गणपति से एमजी रोड होते हुए राजबाड़ा जाने वाले वाहन चालकों को सुभाष मार्ग का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है। एयरपोर्ट जाने वालों के लिए ये रास्ते रहेंगे बेहतर त्योहार के दौरान राजबाड़ा क्षेत्र में ट्रैफिक दबाव को देखते हुए एयरपोर्ट जाने वाले यात्री वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल कर सकते हैं। कलेक्ट्रेट- महूनाका-गंगवाल-एयरपोर्ट मार्ग के अलावा विजयनगर-सुपर कॉरिडोर-बिजासन मार्ग से भी एयरपोर्ट पहुंचा जा सकता है। इन रास्तों से भी कर सकते हैं आवाजाही नगर निगम की ओर से आने वाले वाहन चालक शिवालय-भागीरथपुरा टी-पोलो ग्राउंड होते हुए परिवर्तित मार्ग का उपयोग कर सकते हैं। नंदलालपुरा, गुरुद्वारा चौराहा और अन्य भीड़भाड़ वाले इलाकों में जाने से बचने की सलाह दी गई है। जरूरत के अनुसार ट्रैफिक को संजय सेतु-चंद्रभागा-हरसिद्धि-जेएनबी-महू नाका मार्ग से संचालित किया जा सकता है। व्यावसायिक वाहनों पर भी रहेगी रोक बाजारों में भीड़ और ट्रैफिक दबाव को देखते हुए दोपहर बाद से व्यावसायिक वाहन, सिटी बस और ऑटो रिक्शा राजबाड़ा से सुभाष चौक, सराफा और बर्तन बाजार की ओर नहीं जा सकेंगे। निर्धारित पार्किंग स्थल श्रद्धालुओं के लिए प्रमुख पार्किंग स्थल इस प्रकार हैं: आपातकालीन सेवाओं से जुड़े वाहनों पर यह प्रतिबंध लागू नहीं होगा। जरूरत के अनुसार बदले जा सकते हैं रूट यातायात पुलिस के मुताबिक भीड़ और ट्रैफिक की स्थिति को देखते हुए समय-समय पर व्यवस्था में बदलाव किया जा सकता है। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त डायवर्शन भी लागू किया जाएगा। यातायात पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे धार्मिक आयोजनों के दौरान अनावश्यक रूप से वाहन लेकर भीड़ वाले क्षेत्रों में न जाएं, निर्धारित पार्किंग का इस्तेमाल करें और ट्रैफिक व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करें।

बिलासपुर हिंसा मामले में फरार राम सिंह का वीडियो आया सामने, कहा- जल्द करूंगा सरेंडर

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में हुई हिंसा के मामले में पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। पुलिस दोनों पक्षों के आरोपियों की तलाश कर रही है और अब तक 20 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इसी बीच मामले में फरार आरोपी राम सिंह का सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आया है। वीडियो में राम सिंह ने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा है कि वह अपने धर्म के लिए लड़ने की वजह से आरोपी बनाया जा रहा है। उसने यह भी कहा कि वह जल्द ही पुलिस के सामने सरेंडर करेगा। साथ ही राम सिंह ने जेल में अपनी जान को खतरा होने की आशंका भी जताई है। राम सिंह ने वीडियो में पुलिस पर उसे टारगेट करने का आरोप लगाया है। हालांकि, उसके इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। दोनों पक्षों के 20 आरोपी गिरफ्तार पुलिस के मुताबिक, मामले में अब तक दोनों पक्षों के 20 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें सोहेल खान गुट के 17 और ठाकुर राम सिंह गुट के 3 आरोपी शामिल हैं। कुछ आरोपी अभी भी फरार हैं, जिनकी तलाश के लिए पुलिस की टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। यह पूरा मामला सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र का है। पुलिस CCTV फुटेज और सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो की भी जांच कर रही है, ताकि हिंसा, पथराव, मारपीट, तोड़फोड़ और भीड़ को उकसाने में शामिल लोगों की पहचान की जा सके। CCTV में कट्टा लहराते नजर आया सोहेल पुलिस ने हिंसा के मामले में गिरफ्तार आरोपी सोहेल खान समेत 6 आरोपियों का पैदल जुलूस निकाला था। इसी बीच सोहेल का एक CCTV फुटेज सामने आया है, जिसमें वह हाथ में हथियार लहराते हुए दिखाई दे रहा है। पुलिस का कहना है कि फुटेज में सोहेल द्वारा हवाई फायरिंग किए जाने की भी बात सामने आई है। इस वीडियो की जांच पुलिस द्वारा की जा रही है। सोहेल से एयर पिस्टल और देशी कट्टा बरामद गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने सोहेल खान, अब्दुल रज्जाक मकवाना, अरबाज खान, नुमान अली, शेख सुल्तान और मोहम्मद मुस्तकीन से पूछताछ की। पुलिस के अनुसार, सोहेल की निशानदेही पर उसके घर से एयर पिस्टल और देशी कट्टा बरामद किया गया है। पुलिस के मुताबिक, सोहेल के खिलाफ पहले से कई मामले दर्ज हैं। एसएसपी रजनेश सिंह ने बताया कि कोतवाली थाना क्षेत्र के निगरानी बदमाश सोहेल के खिलाफ 20 मामले दर्ज हैं। राम सिंह और उसके भाई के घर पुलिस की दबिश राम सिंह और उसके भाई की तलाश में पुलिस ने देर रात उनके घरों पर भी दबिश दी। हालांकि, पुलिस को दोनों जगहों से कोई सुराग नहीं मिला। पुलिस को आशंका है कि राम सिंह और उसके साथी बिलासपुर, रायपुर या आसपास के ग्रामीण इलाकों में छिपे हो सकते हैं। उनकी तलाश में पुलिस की टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर कार्रवाई कर रही हैं। अब राम सिंह के सोशल मीडिया वीडियो के बाद उसके सरेंडर करने की बात सामने आई है। पुलिस की नजर उसकी अगली गतिविधियों पर है और उसके ठिकाने की तलाश भी जारी है।

About Me

देशहरपल सिर्फ खबरों का मंच नहीं, बल्कि आपकी आवाज़ को सामने लाने का एक सशक्त माध्यम भी है। यहां आपको ताज़ातरीन खबरों के साथ-साथ नौकरी, शिक्षा, और नए भारत की बदलती आर्थिक तस्वीर पर उपयोगी और भरोसेमंद जानकारी मिलेगी।

Phone: +91 9406783569, +91 755 484 8829
Email: support@deshharpal.com
Address : A-23 Sakshi Bunglow Trilanga Near Aura Mall Bhopal M.P

Recent Posts

  • All Post
  • Breaking News
  • Education
  • More News
  • Web Story
  • एंटरटेनमेंट
  • देश-हरपल
  • धर्म-कर्म
  • प्रदेश
  • बिज़नेस
  • वर्ल्ड न्यूज़
  • वीडियो
  • स्पोर्ट्स
    •   Back
    • एक्सक्लूसिव
    • Editorial
    •   Back
    • IPL 2026
    • T20 वर्ल्ड कप
    • FIFA 2026
    •   Back
    • सोच-विचार
    • हेल्थ
    • ट्रैवल
    • कल्चर
    • एनवायरनमेंट
    • Impact Feature
    •   Back
    • राशिफल
    • पंचांग
    • पर्व-त्यौहार
    • पूजा-पाठ
    • चैत्र नवरात्रि 2025
    •   Back
    • मध्य प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    •   Back
    • टीवी
    • वेब-सीरीज
    • फिल्म रिव्यू
    • बॉलीवुड
    •   Back
    • लाइफस्टाइल
    •   Back
    • स्टॉक-मार्केट

© 2023 Deshharpal. All Rights Reserved.