भोपाल। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिवंगत पिता को लेकर दिए गए बयान के विरोध में भाजपा सोमवार को भोपाल में प्रदर्शन करेगी। भाजपा नेता और कार्यकर्ता रेडक्रॉस हॉस्पिटल के सामने शिवाजी नगर चौराहे पर एकत्रित होंगे। यहां से पैदल मार्च निकालकर प्रदेश कांग्रेस कार्यालय पहुंचेंगे और उसका घेराव करेंगे।
यह विवाद रविवार को पटना में खरगे के भाषण के दौरान दिए गए एक बयान के बाद शुरू हुआ। एक व्यक्ति की टिप्पणी का जवाब देते हुए खरगे ने कहा था, ‘मोदी का बाप भी जाएगा।’ इसके बाद मध्यप्रदेश में भाजपा नेताओं ने कांग्रेस अध्यक्ष और पार्टी नेतृत्व पर निशाना साधा।
शिवराज सिंह चौहान ने सोनिया गांधी और राहुल गांधी से पूछे सवाल
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने खरगे के बयान की आलोचना करते हुए सवाल उठाया कि क्या उन्होंने सोनिया गांधी या राहुल गांधी के इशारे पर इस तरह की टिप्पणी की है। शिवराज ने कहा कि यदि ऐसा नहीं है, तो क्या कांग्रेस खरगे से इस्तीफा लेगी?
उन्होंने कहा कि खरगे जैसे वरिष्ठ नेता से सार्वजनिक जीवन में मर्यादित भाषा की अपेक्षा की जाती है। शिवराज के मुताबिक, भारतीय संस्कृति और परंपरा में दिवंगत आत्मा का सम्मान किया जाता है और राजनीतिक विरोध के दौरान भी भाषा की गरिमा बनाए रखनी चाहिए।
शिवराज ने आरोप लगाया कि कांग्रेस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता को स्वीकार नहीं कर पा रही है। उन्होंने कहा कि इस तरह की बयानबाजी से जनता का समर्थन हासिल नहीं किया जा सकता। उन्होंने कांग्रेस से पूरे मामले पर जवाब देने की मांग की।
हेमंत खंडेलवाल बोले- राजनीतिक मर्यादा का उल्लंघन
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने भी खरगे की टिप्पणी की निंदा की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के पिता को लेकर इस तरह की बात करना राजनीतिक मर्यादा का उल्लंघन है।
खंडेलवाल ने आरोप लगाया कि खरगे पहले भी कई बार विवादित बयान दे चुके हैं। उन्होंने सवाल किया कि खरगे इस तरह की भाषा का इस्तेमाल स्वयं करते हैं या गांधी परिवार के इशारे पर ऐसा करते हैं।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भाषा की मर्यादा बनाए रखने की बात कही
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खरगे की टिप्पणी की कड़े शब्दों में आलोचना की। उन्होंने कहा कि राजनीति में विचारों का मतभेद स्वाभाविक है, लेकिन भाषा और व्यवहार में मर्यादा बनाए रखना जरूरी है।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, राजनीतिक विरोध के दौरान भी गरिमा और शालीनता का ध्यान रखा जाना चाहिए।
रामेश्वर शर्मा ने कांग्रेस पर साधा निशाना
भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने खरगे के बयान को लेकर कांग्रेस पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री के खिलाफ अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल अब पार्टी के वरिष्ठ नेता भी कर रहे हैं।
शर्मा ने कहा कि खरगे लंबे समय से राजनीति में हैं और संसदीय परंपराओं से परिचित हैं। ऐसे में उन्हें अपने शब्दों का ध्यान रखना चाहिए था। उन्होंने कांग्रेस पर लोकतांत्रिक संस्थाओं और संवैधानिक व्यवस्थाओं के प्रति अमर्यादित व्यवहार करने का आरोप भी लगाया।
विश्वास सारंग बोले- लोकतंत्र में ऐसी भाषा का स्थान नहीं
मंत्री विश्वास सारंग ने भी खरगे की टिप्पणी की आलोचना की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के दिवंगत पिता को लेकर इस तरह की टिप्पणी करना उचित नहीं है।
सारंग ने कहा कि राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के बावजूद भाषा की मर्यादा बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने खरगे के बयान को अक्षम्य बताते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस के नेता लगातार राजनीतिक मर्यादाओं का उल्लंघन कर रहे हैं।
भाजपा ने इस बयान के विरोध में भोपाल में प्रदर्शन और प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के घेराव का कार्यक्रम तय किया है। वहीं, इस पूरे विवाद के केंद्र में राजनीतिक बयानबाजी और सार्वजनिक जीवन में भाषा की मर्यादा का मुद्दा है।







































