अगर आप अमेरिका (USA) में पढ़ाई करने की सोच रहे हैं, तो अब वीजा (US Student Visa) पाना पहले से ज्यादा मुश्किल हो सकता है। डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) प्रशासन ने अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए एक नई पॉलिसी लागू की है, जिसके तहत अब सोशल मीडिया वेटिंग (Social Media Vetting) की जाएगी।
अब छात्रों के Facebook, Instagram, X (Twitter), YouTube जैसी सोशल मीडिया प्रोफाइल्स को वीजा अप्रूवल से पहले गहराई से जांचा जाएगा।
क्या होता है Social Media Vetting?
Social Media Vetting का मतलब है वीजा अप्लाई करने वाले छात्रों की ऑनलाइन गतिविधियों की जांच करना। इसमें देखा जाएगा:
- उन्होंने क्या पोस्ट किया है?
- किन अकाउंट्स को फॉलो किया है?
- उनकी सोच और विचारधारा क्या है?
- कहीं उन्होंने ऐसी कोई गतिविधि तो नहीं की जो अमेरिका की सुरक्षा के लिए खतरा हो?
अगर किसी की प्रोफाइल में संदिग्ध कंटेंट पाया गया तो उसका वीजा रिजेक्ट किया जा सकता है।
US Embassy ने क्यों रोके नए Visa Interview Appointments?
US State Department ने दुनिया भर की सभी अमेरिकी एंबेसी और कॉन्सुलेट्स को निर्देश दिया है कि वे फिलहाल नई F, M और J कैटेगरी की वीजा अपॉइंटमेंट्स (Visa Appointments) को अस्थायी रूप से रोक दें।
पहले से तय इंटरव्यू अभी भी होंगे
नई अपॉइंटमेंट्स रुक गई हैं
इस दौरान सोशल मीडिया वेटिंग के लिए नई गाइडलाइंस बनाई जाएंगी
विदेशी छात्र और Universities में बढ़ी चिंता
अमेरिका के टॉप कॉलेज और यूनिवर्सिटीज़ ने चिंता जताई है कि इससे:
- इंटरनेशनल स्टूडेंट्स की संख्या घट सकती है
- आर्थिक नुकसान हो सकता है
- अमेरिका की वैश्विक एजुकेशन छवि पर असर पड़ेगा
छात्रों को डर है कि उनकी सोशल मीडिया एक्टिविटी के आधार पर वीजा रिजेक्ट किया जा सकता है, भले ही उनकी नीयत साफ हो।
ट्रंप प्रशासन की दलील: “सुरक्षा पहले”
अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि:
“हमारे पास यह अधिकार है कि कौन अमेरिका में दाखिल होगा। सोशल मीडिया से हमें लोगों की सोच, इरादे और खतरे का आकलन करने में मदद मिलती है।”
लेकिन आलोचक कह रहे हैं कि यह पॉलिसी freedom of speech और privacy rights का उल्लंघन है।
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