अमेरिका ने ताइवान के लिए अब तक का सबसे बड़ा हथियार सौदा मंजूर किया है, जिसकी कीमत लगभग $11.1 बिलियन (करीब ₹92,000 करोड़) है। यह कदम Indo-Pacific region में सुरक्षा संतुलन और चीन के साथ बढ़ते तनाव के बीच आया है।
Mega Weapons Package के Highlights
इस पैकेज में शामिल हैं:
- 82 HIMARS रॉकेट सिस्टम – Long-range artillery के लिए
- 420 ATACMS Tactical Missiles – Strategic striking power
- 60 Self-Propelled Howitzers – Modernized artillery
- Loitering Drones और Military Software – Surveillance और precision strike
- Javelin और TOW Anti-Tank Missiles, हेलीकॉप्टर spare parts, और Harpoon missile refurbishing kits
ये हथियार ताइवान की self-defense capability बढ़ाने और किसी भी संभावित खतरे के खिलाफ deterrence मजबूत करने के लिए हैं।
🇹🇼 Taiwan की प्रतिक्रिया
ताइवान ने अमेरिका के इस समर्थन के लिए आभार जताया। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि यह सौदा देश की सुरक्षा और क्षेत्रीय ताकत को और मजबूत करेगा। इसके अलावा ताइवान ने रक्षा बजट में वृद्धि करने और GDP का लगभग 5% रक्षा पर खर्च करने की योजना भी घोषित की है।
🇨🇳 China की प्रतिक्रिया
चीन ने इस हथियार सौदे को सीधे हस्तक्षेप और sovereignty challenge बताया है। बीजिंग ने इस कदम की निंदा की और कहा कि यह regional tension को और बढ़ा सकता है।
क्यों है यह Deal Important?
- Strategic Balance: ताइवान का Indo-Pacific में geopolitical महत्व
- Defense Modernization: Advanced weapons और missile systems के ज़रिए क्षमता में सुधार
- U.S.-China Tension: यह सौदा अमेरिका और चीन के बीच पहले से ही तनावपूर्ण संबंधों को और जटिल बना सकता है
- Taiwan Relations Act: अमेरिका की longstanding policy के अनुसार ताइवान को self-defense support प्रदान करना
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