अन्ना यूनिवर्सिटी (Anna University) में पढ़ने वाली एक 19 वर्षीय छात्रा के साथ हुए रेप केस में चेन्नई की महिला कोर्ट ने कड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने आरोपी ए. ज्ञानसेकरन (A. Gnanasekaran) को 30 साल की सख्त सजा (30 Years Jail) और ₹90,000 जुर्माना (Fine) देने का आदेश दिया है। यह फैसला रेप के खिलाफ तेजी से कार्रवाई और न्याय की मिसाल के तौर पर देखा जा रहा है।
क्या हुआ था Anna University Campus में?
घटना 23 दिसंबर 2024 की है, जब छात्रा अपने पुरुष मित्र के साथ अन्ना यूनिवर्सिटी के परिसर में थी। उसी दौरान आरोपी ए. ज्ञानसेकरन, जो बिरयानी विक्रेता है, वहां आया और दोनों को धमकाया। आरोपी ने छात्रा के दोस्त की पिटाई की और लड़की को जबरन एक सुनसान जगह पर ले जाकर रेप किया।
इतना ही नहीं, आरोपी ने उनके पर्सनल पलों के वीडियो और तस्वीरें भी बनाई, छात्रा की कॉलेज ID कार्ड की फोटो ली और ब्लैकमेल करते हुए वायरल करने की धमकी दी।
कोर्ट में क्या हुआ?
- चेन्नई पुलिस ने घटना के 24 घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
- SIT (Special Investigation Team) ने 60 दिनों के भीतर चार्जशीट दाखिल की।
- कोर्ट ने आरोपी को भारतीय न्याय संहिता (BNS), IT एक्ट और तमिलनाडु महिला उत्पीड़न निषेध अधिनियम के तहत दोषी पाया।
- कोर्ट ने बिना पैरोल के न्यूनतम 30 साल की सज़ा और ₹90,000 जुर्माना सुनाया।
Political विवाद और Public गुस्सा
इस केस ने पूरे तमिलनाडु में जन आक्रोश और राजनीतिक घमासान खड़ा कर दिया। BJP और AIADMK ने DMK सरकार पर आरोप लगाया कि आरोपी के संबंध सत्ताधारी पार्टी से हैं। सोशल मीडिया पर आरोपी की कुछ तस्वीरें वायरल हुईं, जिसमें वह DMK नेताओं के साथ नजर आ रहा है। हालांकि, DMK ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि आरोपी का पार्टी से कोई लेना-देना नहीं है।
हाईकोर्ट का हस्तक्षेप
मद्रास हाईकोर्ट ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई, खासकर एफआईआर में पीड़िता की पहचान उजागर होने को लेकर। कोर्ट ने:
- पीड़िता को ₹25 लाख का मुआवजा देने का आदेश दिया।
- उसके और परिवार को पुलिस सुरक्षा देने का निर्देश दिया।
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