उत्तराखंड में इन दिनों LPG गैस सिलेंडर की किल्लत लोगों की परेशानी बढ़ा रही है। हालात ऐसे बन गए हैं कि जहां आम तौर पर लगभग ₹900 में मिलने वाला घरेलू सिलेंडर अब ब्लैक मार्केट में करीब ₹1800 तक बेचा जा रहा है। गैस की कमी और कालाबाजारी ने आम लोगों के साथ-साथ होटल और रेस्टोरेंट कारोबार को भी बुरी तरह प्रभावित किया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई इलाकों में गैस एजेंसियों पर सिलेंडर आसानी से नहीं मिल पा रहा। मजबूरी में कुछ लोग महंगे दाम पर ब्लैक में सिलेंडर खरीदने को मजबूर हैं। इससे घर का बजट भी बिगड़ रहा है और रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना मुश्किल हो रहा है।
कॉमर्शियल सिलेंडर के दाम भी आसमान पर
गैस संकट का सबसे ज्यादा असर होटल और रेस्टोरेंट पर पड़ा है। कारोबारियों के मुताबिक, कॉमर्शियल सिलेंडर के लिए कुछ जगहों पर करीब ₹4000 तक वसूले जा रहे हैं। इतनी महंगी गैस के साथ कारोबार चलाना आसान नहीं है।
होटल-रेस्टोरेंट के मेन्यू में बड़ी कटौती
महंगी गैस और सीमित सप्लाई के कारण कई होटल और ढाबों ने अपने मेन्यू में भारी बदलाव किया है। कई रेस्टोरेंट मालिकों ने बताया कि उन्हें करीब 70% फूड आइटम मेन्यू से हटाने पड़े हैं। अब वे सिर्फ वही व्यंजन बना रहे हैं जिनमें कम गैस की जरूरत पड़ती है।
एक रेस्टोरेंट संचालक ने बताया कि अगर यही स्थिति कुछ और दिन रही, तो छोटे होटल और ढाबों के लिए कारोबार चलाना मुश्किल हो जाएगा।
आम लोगों और कारोबार दोनों पर असर
गैस की कमी का असर सिर्फ रसोई तक सीमित नहीं है। बाहर खाने की कीमतें बढ़ने की आशंका भी बढ़ रही है। अगर सप्लाई जल्द सामान्य नहीं हुई, तो इसका असर पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है।
स्थानीय लोग और व्यापारी प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि गैस की सप्लाई को जल्द दुरुस्त किया जाए और ब्लैक मार्केटिंग पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके।
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