क्या है पूरा मामला?
अगर आप बाहर खाना खाने जाते हैं, तो यह खबर आपके लिए काफी अहम है। हाल के दिनों में कई होटल और रेस्टोरेंट अपने बिल में “LPG Charge” या “Gas Crisis Charge” जोड़कर ग्राहकों से अतिरिक्त पैसे वसूल रहे थे। इस पर लगातार शिकायतें मिलने के बाद सरकार ने अब सख्त कदम उठाया है।
सरकार ने क्या कहा?
Department of Consumer Affairs ने साफ निर्देश जारी करते हुए कहा है कि होटल और रेस्टोरेंट अपने किचन से जुड़े खर्च—जैसे LPG या फ्यूल कॉस्ट—को अलग से बिल में नहीं जोड़ सकते।
सरकार के अनुसार, ये सभी खर्च पहले से ही खाने-पीने की कीमत (menu price) में शामिल होने चाहिए।
क्यों लिया गया यह फैसला?
कई शहरों से शिकायतें सामने आई थीं कि ग्राहकों से 5% तक “Gas Crisis Charge” वसूला जा रहा है।
इससे ग्राहकों को न सिर्फ अतिरिक्त बोझ उठाना पड़ रहा था, बल्कि बिल में पारदर्शिता भी खत्म हो रही थी।
इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने इसे “अनुचित व्यापार प्रथा” मानते हुए सख्ती दिखाई है।
नियम तोड़ने पर क्या होगा?
अगर कोई होटल या रेस्टोरेंट अब भी LPG या फ्यूल चार्ज अलग से वसूलता है, तो उसके खिलाफ उपभोक्ता संरक्षण कानून के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
सरकार ने साफ कर दिया है कि ग्राहकों के साथ इस तरह की चालाकी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
ग्राहकों को क्या ध्यान रखना चाहिए?
जब भी आप किसी रेस्टोरेंट में जाएं, तो बिल को ध्यान से जरूर देखें:
- सिर्फ वही चार्ज दें जो मेन्यू में पहले से लिखा हो
- GST या वैध टैक्स ही स्वीकार करें
- “LPG Charge” या “Fuel Charge” दिखे तो सवाल जरूर उठाएं
शिकायत कैसे करें?
अगर आपसे गलत तरीके से चार्ज वसूला जाता है, तो आप:
- नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन पर शिकायत कर सकते हैं
- या उपभोक्ता आयोग में मामला दर्ज कर सकते हैं
हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
