ईरान से जुड़े युद्ध तनाव का असर अब Pakistan की अर्थव्यवस्था और आम लोगों की जिंदगी पर साफ दिखाई देने लगा है। तेल सप्लाई चेन में रुकावट और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के बाद पाकिस्तान में पेट्रोल, डीजल, LPG, आटा, दाल और सब्जियों के दाम तेजी से बढ़ गए हैं। हालात ऐसे हो गए हैं कि आम परिवारों का मासिक बजट पूरी तरह बिगड़ चुका है।
पेट्रोल-डीजल ने बढ़ाई हर चीज की कीमत
सरकारी स्तर पर ईंधन की नई कीमतों के बाद petrol 458.40 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर और diesel 520.35 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गया है। इसका सीधा असर ट्रांसपोर्ट और माल ढुलाई पर पड़ा है, जिससे बाजार में रोजमर्रा की लगभग हर चीज महंगी हो गई है। छोटे व्यापारियों से लेकर रिक्शा चालकों तक, हर वर्ग इस बढ़ोतरी का असर महसूस कर रहा है।
LPG 3500 और आटा 2000 ने बिगाड़ा घर का बजट
सबसे ज्यादा मार घर की रसोई पर पड़ी है। कई इलाकों में LPG cylinder 3500 रुपये तक पहुंच गया है, जबकि 20 किलो आटा करीब 2000 रुपये में बिक रहा है। दाल, प्याज और टमाटर जैसी जरूरी चीजों के दाम भी तेजी से बढ़े हैं। कई परिवारों ने गैस बचाने के लिए खाना पकाने का समय कम कर दिया है, जबकि कुछ घरों में अब एक बार ही खाना बन रहा है।
दवाइयों से सब्जियों तक हर चीज महंगी
इस संकट का असर सिर्फ खाने-पीने तक सीमित नहीं है। दवाइयों और मेडिकल सप्लाई की कीमतों में भी उछाल देखा जा रहा है, क्योंकि आयात लागत बढ़ने और डॉलर के मजबूत होने से पाकिस्तान की सप्लाई चेन पर अतिरिक्त दबाव बना है। अस्पतालों और मेडिकल स्टोर्स में भी इसका असर दिखने लगा है।
विदेशी मुद्रा संकट ने बढ़ाई मुश्किल
आर्थिक जानकारों का मानना है कि अगर Middle East में तनाव जल्दी कम नहीं हुआ तो पाकिस्तान में inflation और गंभीर हो सकती है। देश पहले से ही कमजोर विदेशी मुद्रा भंडार, आयात पर निर्भर ऊर्जा व्यवस्था और बढ़ते टैक्स दबाव से जूझ रहा है। ऐसे में यह संकट आम जनता के लिए आने वाले दिनों में और मुश्किलें बढ़ा सकता है।
आम आदमी की थाली और जेब पर सबसे बड़ा असर
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि पाकिस्तान की आम जनता बढ़ती कीमतों के बीच रसोई कैसे चलाए और सफर का खर्च कैसे उठाए। जंग भले सीमाओं से दूर हो, लेकिन उसका सबसे गहरा असर आम आदमी की जेब और थाली पर दिखाई दे रहा है।
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