IRAN में चल रहे युद्ध और उससे भारत पर पड़ने वाले असर को लेकर सोमवार को संसद में जोरदार हंगामा देखने को मिला। विपक्ष ने इस मुद्दे पर संसद में विस्तृत चर्चा की मांग की, जबकि सरकार का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
लोकसभा में जैसे ही कार्यवाही शुरू हुई, विपक्षी सांसदों ने ईरान युद्ध के मुद्दे पर चर्चा कराने की मांग उठाई। उनका कहना था कि इस संघर्ष का असर भारतीयों और देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है, इसलिए सरकार को साफ स्थिति बतानी चाहिए। इसी मांग को लेकर सदन में काफी शोर-शराबा हुआ।
वहीं राज्यसभा में भी यही मुद्दा उठा। विपक्ष ने चर्चा की मांग करते हुए वॉकआउट कर दिया। विपक्षी नेताओं का कहना है कि सरकार को इस गंभीर अंतरराष्ट्रीय स्थिति पर संसद को भरोसे में लेना चाहिए।
इस बीच विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि सरकार पहले से ही सतर्क है। उन्होंने बताया कि खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों को जनवरी महीने में ही संभावित खतरे को लेकर अलर्ट जारी कर दिया गया था।
जयशंकर ने कहा कि सरकार लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और विदेशों में रहने वाले भारतीयों की सुरक्षा हमारी पहली प्राथमिकता है। जरूरत पड़ने पर उन्हें सुरक्षित वापस लाने के लिए भी सभी जरूरी इंतजाम किए जाएंगे।
गौरतलब है कि ईरान में बढ़ते तनाव और युद्ध जैसी स्थिति के कारण पूरे गल्फ क्षेत्र में चिंता का माहौल है। वहां बड़ी संख्या में भारतीय काम करते हैं, इसलिए भारत सरकार भी इस मामले को गंभीरता से देख रही है।
सरकार का कहना है कि भारतीय दूतावासों के जरिए लगातार संपर्क बनाए रखा जा रहा है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत मदद पहुंचाई जा सके।
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