पटना में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इसमें वह एक महिला डॉक्टर के सिर से हिजाब/बुरका हटाते दिखाई दे रहे हैं। यह घटना देखते ही देखते राजनीतिक और सामाजिक सुर्खियों में आ गई।
उमर अब्दुल्ला की प्रतिक्रिया
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने नीतीश कुमार की इस हरकत की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि किसी महिला के पहनावे में हस्तक्षेप करना अस्वीकार्य है और यह एक वरिष्ठ नेता के लिए शर्मनाक उदाहरण है। उन्होंने जोर देकर कहा कि लोकतंत्र में व्यक्तिगत और धार्मिक स्वतंत्रता का सम्मान होना चाहिए।
महबूबा मुफ्ती का तीखा हमला
पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने भी इस घटना को लेकर गहरी चिंता जताई। उन्होंने इसे “चौंकाने वाला” बताते हुए कहा कि यह मुस्लिम महिलाओं के सार्वजनिक अपमान जैसा है। मुफ्ती ने सवाल उठाया कि क्या यह उम्र का असर है या फिर ऐसे व्यवहार अब सामान्य माने जाने लगे हैं। उन्होंने संकेत दिया कि नीतीश कुमार को अपने पद पर बने रहने पर विचार करना चाहिए।
राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाएँ
कश्मीर और देश के अन्य हिस्सों से भी इस घटना की कड़ी निंदा की गई है। कई राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों ने इसे महिला की गरिमा, व्यक्तिगत स्वतंत्रता और धार्मिक अधिकारों का उल्लंघन बताया। कुछ नेताओं ने बिहार के मुख्यमंत्री से सार्वजनिक माफी की भी मांग की।
हिजाब विवाद का महत्व
यह विवाद केवल एक वायरल वीडियो तक सीमित नहीं रहा। यह महिलाओं के अधिकार, धार्मिक स्वतंत्रता और सत्ता में बैठे नेताओं के आचरण पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। आने वाले दिनों में इस मामले पर और राजनीतिक बयानबाजी होने की संभावना है।
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