पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ (Shehbaz Sharif) ने हाल ही में दिए गए बयान में कहा कि “दिल्ली से मुंबई तक भारत इस हार को कभी नहीं भूल पाएगा।” यह बयान मई 2025 के भारत‑पाकिस्तान संघर्ष (India-Pakistan Conflict 2025) के संदर्भ में आया है, जिसमें दोनों देशों के बीच सीमाओं पर तनावपूर्ण हालात देखने को मिले थे।
शहबाज़ शरीफ ने दावा किया कि पाकिस्तानी सेना ने Operation Sindoor में भारत को “अविस्मरणीय सबक” दिया। उन्होंने कहा कि देश की जनता और सेना ने मिलकर इस उपलब्धि को हासिल किया। इसके अलावा, उन्होंने देश में Danish Schools खोलने और शिक्षा के क्षेत्र में सुधार करने की योजना का भी ऐलान किया।
पृष्ठभूमि: India-Pak Conflict 2025
मई 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य संघर्ष (Military Skirmish) हुआ। भारत ने आतंकवाद के आरोपों के बाद सीमावर्ती इलाकों में कार्रवाई की। पाकिस्तान ने बताया कि उसके पास मिसाइलों के जवाब के लिए सिर्फ 30-45 सेकंड का समय था। यह संघर्ष लगभग 87 घंटे तक चला और अमेरिका के मध्यस्थता प्रयासों से 10 मई को ceasefire लागू हुआ।
दोनों देशों ने अपनी-अपनी सफलता का दावा किया। भारतीय अधिकारीयों ने कहा कि पाकिस्तान का दावा कि उसके वायु सेना ने कई भारतीय विमानों को मार गिराया, वास्तविकता से मेल नहीं खाता।
Pakistan PM के बयान पर reactions
शहबाज़ शरीफ का यह बयान क्षेत्रीय राजनीति में हलचल पैदा कर रहा है। विश्लेषकों का कहना है कि इस तरह के कड़े शब्द diplomatic efforts को प्रभावित कर सकते हैं और तनाव को बढ़ावा दे सकते हैं। भारत की तरफ से भी इस पर प्रतिक्रिया आई है, जिसमें पाक द्वारा किए गए दावों को खारिज किया गया।
पाकिस्तान ने भारतीय विमानों के लिए अपना airspace बंद करने का निर्णय 24 जनवरी तक बढ़ा दिया, जिससे दोनों देशों के बीच मौजूदा तनाव का संकेत मिलता है।
शहबाज़ शरीफ का बयान न केवल सैन्य और राजनीतिक दृष्टिकोण दर्शाता है, बल्कि यह India-Pakistan संबंधों में बढ़ते तनाव की ओर भी इशारा करता है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह के बयान क्षेत्रीय स्थिरता और कूटनीतिक प्रयासों के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकते हैं।
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