बेंगलुरु, 5 जून | देश हरपल
आईपीएल 2025 (IPL 2025) में RCB की जीत का जश्न बुधवार को बेंगलुरु के M. Chinnaswamy Stadium में एक भयावह हादसे में बदल गया, जब भारी भीड़ के कारण मची भगदड़ में 11 लोगों की मौत हो गई और 30 से अधिक घायल हो गए। कर्नाटक हाई कोर्ट ने लिया Suo Motu Cognizance
गुरुवार को कर्नाटक हाई कोर्ट ने इस दर्दनाक हादसे पर स्वतः संज्ञान लेते हुए सरकार से जवाब तलब किया। कोर्ट की पीठ में कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश वी. कामेश्वर राव और न्यायमूर्ति सीएम जोशी शामिल थे।
सरकार बनाम डिप्टी CM का आंकड़ा
राज्य सरकार की ओर से पेश हुए महाधिवक्ता शशिकिरण शेट्टी ने कोर्ट को बताया कि स्टेडियम और उसके आसपास 1000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात थे, जिसमें Commissioner, DCP और ACP जैसे अधिकारी शामिल थे।
वहीं, डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने बुधवार को दावा किया था कि 5000 पुलिसकर्मी ड्यूटी पर मौजूद थे।
“हम कोई प्रतिकूल रुख नहीं अपना रहे हैं। अदालत जो भी निर्देश देगी, हम उसे मानेंगे।” – महाधिवक्ता शशिकिरण शेट्टी
क्या फेल हुई Crowd Management?
आरसीबी ने पुलिस की अनुमति के बिना विक्ट्री परेड के बारे में एक सोशल मीडिया पोस्ट किया था और एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में फ्री एंट्री पास की घोषणा की थी. सूत्रों की मानें तो इसी सोशल मीडिया पोस्ट के बाद स्टेडियम के बाहर भीड़ बढ़ गई और बाद में भगदड़ हो गयी
सरकार ने यह भी बताया कि स्टेडियम के बाहर Water Tankers, Ambulance और Command Control Vehicles भी लगाए गए थे। लेकिन जब 2.5 लाख से ज्यादा लोग पहुंच गए, तो हालात बेकाबू हो गए।
स्टेडियम की क्षमता मात्र 35,000 है, और आमतौर पर सिर्फ 30,000 टिकट बिकते हैं।
कई लोग यह सोचकर पहुंचे थे कि शायद स्टेडियम में Free Entry है, जिससे भीड़ और बेकाबू हो गई।
हाई कोर्ट का बड़ा सवाल
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि:
“जश्न मनाने के इरादे से त्रासदी हुई है। हम यह जानना चाहते हैं कि क्या यह रोकी जा सकती थी, और भविष्य में इससे बचने के लिए क्या कदम उठाए जाएं।“
इस मामले में कर्नाटक क्रिकेट एसोसिएशन (KCA) और RCB मैनेजमेंट को भी नोटिस दिया जाएगा
Celebration or Negligence?
इस हादसे ने एक बार फिर से बड़ी आयोजनों में भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था की कमजोरियों को उजागर कर दिया है। सवाल सिर्फ आंकड़ों का नहीं है, बल्कि जिम्मेदारी और पारदर्शिता का भी है।
अब देखना यह है कि कोर्ट की सख्ती के बाद क्या कर्नाटक सरकार और क्रिकेट प्रशासन भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कोई ठोस कदम उठाते हैं या नहीं।
